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तीन वर्षों में छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्या दोगुनी, 17 से बढ़कर हुई 35– मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर छत्तीसगढ़ में बाघों की संख्या पिछले तीन वर्षों में दोगुनी हो गई है। वर्ष 2022 में जहां बाघों की संख्या 17 थी, वहीं अप्रैल 2025 के सर्वेक्षण में यह बढ़कर 35 हो गई। यह जानकारी आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में सम्पन्न छत्तीसगढ़ राज्य वन्यजीव कल्याण बोर्ड की 15वीं बैठक में दी गई।  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक में कहा कि छत्तीसगढ़ में वन्य प्राणियों का संरक्षण और संवर्धन हमारी प्राथमिकता है। हमारा राज्य वन संपदा और वन्य प्राणियों के मामले में अत्यंत समृद्ध है। इन्हें सुरक्षित और विकसित करने के लिए सरकार पूर्णतः प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने राज्य में बाघों की संख्या में तीन वर्षों के भीतर हुई दोगुनी वृद्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि बाघों की संख्या 17 से बढ़कर 35 होना इस बात का प्रमाण है कि छत्तीसगढ़ में वन्यजीव संरक्षण की दिशा में संतोषजनक कार्य हुआ है। उन्होंने कहा कि अब हमें अन्य वन्यजीवों के संरक्षण और संवर्धन की दिशा में भी ठोस प्रयास करने होंगे। छत्तीसगढ़ के कई इलाके ऐसे हैं जिन्हें वन्यजीव संरक्षण के माध्यम से विकसित किया जा सकता है। जशपुर जिले के नीमगांव में बड़ी संख्या में प्रवासी पक्षी आते हैं। यहां प्रवासी पक्षियों के संरक्षण और संवर्धन हेतु आवश्यक कार्य किए जाने की आवश्यकता है। इसी तरह अन्य क्षेत्रों की पहचान कर उनका भी विकास किया जाना चाहिए। इससे न केवल पर्यटन बढ़ेगा बल्कि रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। बोर्ड के उपाध्यक्ष एवं वनमंत्री केदार कश्यप ने अपने उद्बोधन में कहा कि राज्य में बाघों की संख्या के साथ-साथ अन्य वन्य प्राणियों के संरक्षण और संवर्धन में भी वृद्धि हुई है तथा उनके रहवासों में सुधार के प्रयास जारी हैं। आगे इसके और बेहतर परिणाम जनता के सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि आज पारित प्रस्ताव जनहित के महत्वपूर्ण कार्य हैं, जो शांति का वातावरण स्थापित करने में सहायक होंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया गया है कि वन्यजीवों एवं जैव विविधता को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे। बोर्ड के सदस्य सचिव अरुण कुमार पांडेय, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) द्वारा विभागीय उपलब्धियों और एजेण्डा पर प्रस्तुतीकरण दिया गया। सदस्य सचिव ने बताया कि राज्य में सर्वाधिक बाघ अचानकमार टाइगर रिज़र्व में हैं। राज्य वन्यजीव बोर्ड की 14वीं बैठक में पारित निर्णय के परिप्रेक्ष्य में राष्ट्रीय व्याघ्र संरक्षण प्राधिकरण, नई दिल्ली द्वारा उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व और गुरु घासीदास तमोर पिंगला टाइगर रिज़र्व में मध्यप्रदेश से बाघ एवं बाघिन के ट्रांसलोकेशन की अनुमति मिल चुकी है। शीघ्र ही ट्रांसलोकेशन की कार्यवाही पूर्ण की जाएगी। उन्होंने बताया कि राजकीय पशु वनभैंसा की संख्या बढ़ाने के लिए विभाग द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। असम से लाए गए वनभैंसों की संख्या में वृद्धि हो रही है। इसी प्रकार राजकीय पक्षी पहाड़ी मैना के संरक्षण हेतु भी विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। “मैना मित्र” नामक समूह का गठन किया गया है, जो मैना के संरक्षण और उनके रहवास की निगरानी करता है। टाइगर रिज़र्व और कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए अन्य सुविधाएं विस्तारित की जा रही हैं, जिससे समीपवर्ती ग्रामवासियों को रोजगार मिलेगा और वन्यजीव संरक्षण में भी सहयोग प्राप्त होगा। बैठक में वन्यजीव संरक्षण और संवर्धन हेतु गश्ती मार्ग निर्माण तथा संरक्षित क्षेत्र के युक्तियुक्तकरण के प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई। उदंती-सीतानदी टाइगर रिज़र्व, गरियाबंद अंतर्गत धवलपुर से कुकरार तक सड़क निर्माण कार्य; मिशन अमृत योजना के तहत पाइपलाइन विस्तार कार्य; तथा कवर्धा वनमंडल में इंटरनेट सुविधा के लिए ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछाने की अनुमति प्रदान की गई। इससे वन क्षेत्रों में निवासरत ग्रामीणों को मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी उपलब्ध होगी, शासकीय योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को डिजिटल भुगतान की सुविधा मिलेगी, ग्रामीणों के सामाजिक-आर्थिक विकास में सुधार होगा और क्षेत्रीय अमलों के लिए सूचना संप्रेषण मजबूत होगा। बैठक में राज्य वन्यजीव कल्याण बोर्ड के सदस्यों ने वन्यजीव संरक्षण के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए। बैठक में विधायक धर्मजीत सिंह, विधायक चैतराम अटामी, मुख्य सचिव अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग श्रीमती ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही. श्रीनिवास राव, सचिव वन अमरनाथ प्रसाद तथा अन्य माननीय सदस्य और गैर-शासकीय संस्थाओं के प्रख्यात वन्यजीव विशेषज्ञ उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में अगले शैक्षणिक सत्र से 200 बच्चों को लाभ दिलाने की महत्वपूर्ण घोषणा

रायपुर : अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए खुला बेहतर शिक्षा का रास्ता – मुख्यमंत्री साय मुख्यमंत्री ने अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में अगले शैक्षणिक सत्र से 200 बच्चों को लाभ दिलाने की महत्वपूर्ण घोषणा मुख्यमंत्री साय ने अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना का किया शुभारंभ, चयनित बच्चों का किया सम्मान रायपुर मुख्यमंत्री ने "अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना" में अगले शैक्षणिक सत्र से 200 बच्चों को लाभ दिलाने की महत्वपूर्ण घोषणामुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने  राजधानी स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में श्रम विभाग द्वारा श्रमिक बच्चों के लिए संचालित "अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना" का शुभारंभ किया। उन्होंने चयनित बच्चों का सम्मान करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना से निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए बेहतर शिक्षा का मार्ग प्रशस्त हुआ है। साय ने घोषणा की कि अगले शैक्षणिक सत्र से इस योजना का लाभ 200 बच्चों को मिलेगा।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि श्रमिक अनेक समाज के हित के लिए कार्य करता है, परंतु अपने परिवार के लिए बहुत कम समय, संसाधन, ऊर्जा और ध्यान दे पाता है। उनके भी सपने होते हैं कि उनके घर के बच्चे पढ़-लिखकर बेहतर जीवन जिएँ, ताकि भविष्य में मजदूर का बेटा-बेटी केवल मजदूरी न करे, बल्कि समाज के साथ कदम से कदम मिलाकर आईएएस, आईपीएस, डॉक्टर, इंजीनियर, चार्टर्ड अकाउंटेंट, वकील और राजनेता बने।इन्हीं बातों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की गारंटी के अंतर्गत श्रमिक बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से हमारी सरकार ने छत्तीसगढ़ में "अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना" प्रारंभ की है। इसके तहत प्रदेश के श्रमिकों के बच्चों को कक्षा छठवीं से बारहवीं तक श्रेष्ठ आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा प्राप्त होगी। इनका पूरा खर्च श्रम विभाग द्वारा वहन किया जाएगा। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से कार्यक्रम के दौरान निर्माण श्रमिकों एवं उनके बच्चों ने मिलकर योजना का शुभारंभ पर प्रसन्नता जाहिर करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना से अब हम अपने बच्चों के भविष्य को लेकर निश्चिंत हो गए हैं। इस योजना के माध्यम से बच्चों को अच्छी शिक्षा और भविष्य सँवारने का सुनहरा अवसर मिल गया है। हमारे लिए यह एक सपना था, जो अब पूरा हो गया है। मुख्यमंत्री साय ने श्रमिकों से चर्चा करते हुए कहा कि निर्माण श्रमिकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह योजना लागू की गई है। योजना के तहत चालू वर्ष में 100 निर्माण श्रमिकों के बच्चों को 14 निजी आवासीय विद्यालयों में निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराई जाएगी। इन विद्यालयों में सीबीएसई और आईसीएसई पाठ्यक्रम के माध्यम से बच्चों की पढ़ाई कराई जाएगी। श्रम मंत्री लखन लाल देवांगन ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज श्रम विभाग के सहयोग से श्रमिक परिवारों के 100 बच्चों का दाखिला प्रदेश के 14 निजी आवासीय विद्यालयों में कराया गया है। सरकार की सोच है कि श्रमिक का बच्चा केवल श्रमिक न रहकर अधिकारी बने और देश की सेवा करे। उन्होंने बताया कि श्रम विभाग द्वारा श्रमिकों के बच्चों के लिए निःशुल्क कोचिंग योजना भी संचालित की जा रही है, जिसके निश्चित ही दूरगामी परिणाम सामने आएँगे। श्रम मंत्री देवांगन ने आगे कहा कि श्रम विभाग के अंतर्गत तीन मंडल संचालित हैं, जिनमें लगभग 70 से अधिक योजनाएँ चलाई जा रही हैं। राज्य सरकार द्वारा पिछले 20 माह में लगभग 600 करोड़ रुपये का लाभ श्रमिकों को डीबीटी के माध्यम से पहुँचाया गया है। उन्होंने योजना के तहत चयनित बच्चों को शुभकामनाएँ देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने कहा कि श्रद्धेय अटल जी के संकल्पों को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सुशासन की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है। राज्य में लगभग 30 लाख से अधिक पंजीकृत श्रमिक हैं, जिनके बच्चे अच्छे विद्यालयों में नहीं पढ़ पाते थे। उनके लिए "अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना" किसी वरदान से कम नहीं है। इस योजना से श्रमिकों के बच्चों को बेहतर विद्यालयों में पढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने चयनित बच्चों एवं अभिभावकों को शुभकामनाएँ दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस मौके पर श्रम विभाग के सचिव हिम शिखर गुप्ता ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर संयुक्त सचिव श्रीमती फरिहा आलम, श्रम कल्याण मंडल के सचिव गिरीश रामटेके सहित बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे एवं उनके अभिभावक उपस्थित थे।

पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटवा चेक-बाउंस केस में नहीं हुए हाजिर, कोर्ट ने जारी किया अरेस्ट वारंट

रायसेन  मध्य प्रदेश के पूर्व सीएम सुंदरलाल पटवा के भतीजे और रायसेन जिले की भोजपुर सीट से बीजेपी एमएलए सुरेंद्र पटवा की मुश्किलें बढ़ गई है। उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है। यह वारंट इंदौर की विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट ने जारी किया है। उन पर चेक बाउंस के कई मामले चल रहे हैं। कोर्ट ने सुरेंद्र पटवा को गिरफ्तार कर 24 सितंबर को कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है। यह आदेश सीबीआई और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) को भेजा गया है। पटवा के खिलाफ यह वारंट तीसरी बार जारी हुआ है। इससे पहले भी कोर्ट ने 29 अगस्त 2025 को वारंट जारी किया था। इसमें 8 सितंबर को पेश होना था। लेकिन वह नहीं गए। इसके बाद 9 सितंबर को गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इस मामले में दर्ज हुआ मामला दरअसल, यह कार्रवाई चेक बाउंस से जुड़े मामले में की गई है। इस मामले में सुरेंद्र पटवा के अलावा उनकी पत्नी मोनिका पटवा और फर्म 'पटवा इंटरप्राइजेस' के खिलाफ भी केस दर्ज है। पटवा इंटरप्राइजेस ने इंदौर की एक फर्म से 67.5 लाख रुपए का कर्ज लिया था। इस कर्ज के भुगतान के लिए पटवा ने 10-10 लाख रुपए के चेक दिए थे। लेकिन बाद में बाउंस हो गए। बार-बार नोटिस भेजे जाने के बाद भी कोर्ट में पेश नही हुए। 10 दिन के भीतर दूसरा वारंट जारी विधायक सुरेंद्र पटवार के खिलाफ इंदौर की विशेष एमपी/एमएलए कोर्ट ने वारंट जारी किया है. CBI ने सुरेंद्र पटवा के खिलाफ FIR दर्ज कराई है. बीजेपी विधायक सुरेंद्र पटवा के SBI समेत कई बैंकों में फर्जी खातों की जानकारी मिली थी. पटवा के खिलाफ 10 दिनों के भीतर दूसरी बार वारंट जारी किया गया है. इससे पहले 29 अगस्त को पहला वारंट जारी किया गया था. इसके मुताबिक बीजेपी विधायक पटवा को 8 सितंबर को पेश होना था, लेकिन कोर्ट में पेश नहीं हुए. पेश न होने पर 9 सितंबर 2025 को पटवा के खिलाफ फिर से वारंट जारी किया गया है. पटवा के खिलाफ लगभग 100 के करीब चेक बाउंस के मामले जिला कोर्ट में चल रहे हैं. सुप्रीम कोर्ट भी लग चुका है झटका पटवा पर कई फर्जी बैंक अकाउंट खोलने का आरोप है. करीब 7 साल पहले कोर्ट ने उनके खिलाफ कुर्की का भी आदेश जारी किया था. इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा था. उस समय सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट का आदेश पलटते हुए एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे. कौन हैं सुरेंद्र पटवा? सुरेंद्र पटवा मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा के भतीजे हैं. वे रायसेन जिले की भोजपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं. इसके साथ ही शिवराज सरकार में पर्यटन मंत्री भी रह चुके हैं. उनकी गितनी बीजेपी के दिग्गज नेताओं में की जाती है. सीबीआई और ईओडब्ल्यू को आदेश बार बार आदेश के बाद पेश नहीं होने पर विशेष न्यायाधीश सुरेश कुमार गुप्ता ने पटवा के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। कोर्ट ने सीबीआई और ईओडब्ल्यू को आदेश दिया है कि वे पटवा को गिरफ्तार कर अदालत में पेश करें। कोर्ट की तरफ जारी आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि आरोपी कोर्ट में 16 सितंबर को उपस्थित नहीं होता है तो बिना जमानत के गिरफ्तार किया जाएगा। इस मामले की अगली सुनवाई 24 सितंबर को होगी। पूर्व सीएम के भतीजे हैं विधायक विधायक पटवा पूर्व मुख्यमंत्री सुंदरलाल पटवा के भतीजे हैं और भोजपुर सीट से कई बार विधायक रह चुके हैं। वे शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व वाली सरकार में पर्यटन और संस्कृति मंत्री भी रह चुके हैं। इस घटनाक्रम ने मध्य प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सीबीआई और ईओडब्ल्यू इस गिरफ्तारी वारंट को कैसे तामील करती है। इस मामले में आगे क्या होता है, इस पर सभी की नजरें बनी हुई हैं।

सीएम योगी ने दी यूपी के पहले मुख्यमंत्री पंडित गोविंद वल्लभ पंत की 138वीं जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि

यूपी के विकास को सकारात्मक कदम उठाए पंडित पंत ने : मुख्यमंत्री सीएम योगी ने दी यूपी के पहले मुख्यमंत्री पंडित गोविंद वल्लभ पंत की 138वीं जयंती पर भावभीनी श्रद्धांजलि सीएम ने सराहा पंडित पंत की पहल, कहा- राज्य के विकास को दिया नई दिशा गोरखपुर, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री और देश के गृहमंत्री रहे भारत रत्न, पंडित गोविंद वल्लभ पंत की 138वीं जयंती के अवसर पर अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। गोरखनाथ मंदिर के कार्यालय परिसर में पंडित पंत के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद की चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में पंडित पंत जी ने उत्तर प्रदेश के विकास के विकास के लिए सकारात्मक कदम उठाए।  सीएम योगी ने प्रदेश सरकार और प्रदेश की 25 करोड़ जनता की तरफ से पंडित गोविंद वल्लभ पंत की जयंती पर उनकी पावन स्मृतियों को नमन किया और उन्हें भारत मां का सच्चा सपूत बताते हुए श्रद्धाजंलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंत जी का जन्म उत्तराखंड के अल्मोड़ा में हुआ था। देश की आजादी के आंदोलन में उन्होंने बढ़चढ़कर भाग लिया। वह महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे। भारत के स्वतंत्र होने के बाद तत्कालीन संयुक्त प्रांत और प्रथम आम चुनाव के बाद यूपी के पहले मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया।   प्रथम मुख्यमंत्री होने के नाते उत्तर प्रदेश के विकास की कार्ययोजना बनाने में पंत जी की अविस्मरणीय भूमिका रही। सैकड़ों वर्ष की गुलामी के चलते उस समय काफी चुनौतियां थीं। व्यवस्था अस्त व्यस्त थी लेकिन उसे ठीक करने और यूपी को विकास के अग्रणी पायदान पर पहुंचाने के लिए पंडित गोविंद वल्लभ पंत ने सकारात्मक कदम उठाए थे। यूपी के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा देने के बाद पंत जी को 1954 में देश के गृहमंत्री के रूप में सेवा करने का अवसर मिला। इस पद पर रहते हुए उन्होंने राजभाषा सूत्र देने के साथ ही सरदार वल्लभ भाई पटेल द्वारा देश की एकता और अखंडता के लिए किए गए प्रयासों को आगे बढ़ाया।

सीएम योगी का खास नजरिया: गोसेवा करते हुए भवानी और भोलू को किया दुलारा, पुंज को खिलाया गुड़

सीएम योगी ने की गोसेवा,भवानी और भोलू को दुलारा, पुंज को भी खिलाया गुड़ सीएम योगी का खास नजरिया: गोसेवा करते हुए भवानी और भोलू को किया दुलारा, पुंज को खिलाया गुड़ सीएम योगी ने किया प्यार भरा काम, गायों भवानी, भोलू और पुंज के साथ बिताए खास पल गोरखपुर  गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पशु-पक्षी प्रेम जगजाहिर है। इसका एक नजारा बुधवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में एक बार दिखा। प्रातःकाल मंदिर परिसर भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने गोशाला में गोसेवा की और मोर को भी गुड़ खिलाया।  गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान गोसेवा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की दिनचर्या का अभिन्न हिस्सा है। इसी क्रम में बुधवार सुबह भी उन्होंने मंदिर की गोशाला में समय बिताया और गोसेवा की। मुख्यमंत्री ने गोवंश को गुड़ खिलाया और गोशाला के कार्यकर्ताओं को देखभाल के लिए जरूरी निर्देश दिए। गोसेवा के दौरान उन्होंने पिछले साल आंध्र प्रदेश के येलेश्वरम स्थित गोशाला से गोरखनाथ मंदिर लाए गए नादिपथि मिनिएचर नस्ल (पुंगनूर नस्ल की नवोन्नत ब्रीड) के गोवंश भवानी और भोलू को खूब दुलारा। गोवंश के ये नाम सीएम योगी ने ही रखे हैं। उन्होंने भवानी और भोलू को गुड़ भी खिलाया। सीएम योगी के स्नेह से गोवंश भाव विह्वल दिख रहे थे। मंदिर की गोशाला में एक मोर भी विचरण करता है। उसका नाम पुंज रखा गया है। विगत कई माह से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब गोशाला में होते हैं तो पुंज उनके पास आ जाता है। मुख्यमंत्री उसे भी खूब स्नेह और भोजन देते हैं। बुधवार को भी उन्होंने पुंज को दुलारा और अपने हाथों से उसे गुड़ खिलाया।

परिवहन, विभाग राजस्व बढ़ाने निगरानी प्रणाली को करें और अधिक मजबूत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सड़क दुर्घटना पर रोक लगाने के लिए अंतरविभागीय बैठक हो नियमित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव परिवहन, विभाग राजस्व बढ़ाने निगरानी प्रणाली को करें और अधिक मजबूत: मुख्यमंत्री डॉ. यादव सड़क हादसों पर लगेगा ब्रेक, CM डॉ. यादव ने दिए नियमित अंतरविभागीय बैठक के निर्देश बस स्टॉप पर यात्रियों को बुनियादी सुविधाएं देने पर दें ध्यान मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा इंदौर से होगी शुरू मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने परिवहन विभाग की बैठक में दिए निर्देश भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में सड़क दुर्घटना पर रोक लगाने के लिए अंतरविभागीय बैठक नियमित रूप से हो। सड़कों पर सुरक्षा से जुड़ी कमियां पाए जाने पर उन्हें तत्काल दूर किया जाए। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि सड़क पर बने बस स्टॉप पर नागरिकों को साफ-सफाई के साथ आवश्यक सुविधाएं मिलें। परिवहन विभाग की राजस्व संग्रह निगरानी प्रणाली को और मजबूत किए जाने के निर्देश भी दिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंगलवार को मंत्रालय में हुई परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिए। मुख्य सचिव अनुराग जैन भी मौजूद थे।  मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा जल्द हो शुरू, मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने दिए निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा इंदौर से जल्द शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परिवहन सेवा में यात्रियों की सुविधाओं और किफायती किराये पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परिवहन सेवा में इलेक्ट्रिकल व्हीकल और उससे जुड़े अधोसंरचना के कार्य को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कहा कि परिवहन सेवा के लिए बनाए गए नियमों का सख्ती से पालन हो, यह सुनिश्चित किया जाए। बैठक में जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा शीघ्र प्रारंभ की जा रही है। इसकी शुरूआत बसों की आवाजाही के प्रदेश के सबसे बड़े केंद्र इंदौर नगर से होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बसों में शहरों एवं गांवों के नाम फ्रंट ग्लास पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किए जाएं। साथ ही बस स्टॉप पर भी गांव और नगरों के नाम अनिवार्य रूप से लिखवाए जाएं। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए वाहनों की गति सीमा पर नियंत्रण किया जाना बेहद जरूरी है। इसी के साथ गाड़ी चलाने वाले व्यक्ति के पास आवश्यक कागजों की वैधता की जांच भी नियमित हो। परिवहन विभाग में बेहतर प्रबंधन के लिए अधिकारी-कर्मचारियों के प्रशिक्षण पर भी जोर दिया। परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बताया कि विभाग के आधुनिकीकरण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। परिवहन अमले को उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए जा रहे हैं। नशे की हालत मं  गाड़ी चलाने वाले ड्राइवरों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाही की जा रही है। परिवहन से प्रदेश में बढ़ा है 6 प्रतिशत राजस्व बैठक में बताया गया कि इस वर्ष 16 लाख 60 हजार वाहनों का पंजीयन किया गया है। इसमें 2 लाख 58 हजार से अधिक इलेक्ट्रिकल व्हीकल का पंजीयन किया गया है। प्रदेश में ऑन रोड वाहनों की संख्या एक करोड़ 80 लाख के करीब है। परिवहन से प्राप्त होने वाली राजस्व आय में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्ष 2024-25 में 4 हजार 874 करोड़ रुपए की राजस्व आय हुई है। इसमें पिछले वर्ष के मुकाबले लगभग 6 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। बैठक में राजस्व वृद्धि के किए जाने वाले उपायों पर भी चर्चा की गई। बैठक में बताया गया कि राजस्व संग्रह में विशेष तौर पर चालान से प्राप्त की जाने वाली राशि के अधिकार प्रधान आरक्षक को सौंपे जाने की भी अधिसूचना शीघ्र जारी की जाएगी। बैठक में कैश लेस उपचार योजना, राहवीर योजना का लाभ अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को मिले इसके लिए नागरिकों में जागरूकता अभियान चलाने संबंध में भी चर्चा हुई। बैठक में प्रदूषण नियंत्रण के लिए विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी गई। परिवहन सचिव मनीष सिंह ने बताया कि उज्जैन जिले में सार्वजनिक बस संचालन का विस्तृत सर्वे पूरा कर लिया गया है। जबलपुर और इंदौर में रूट सर्वे और श्रेणीवार संचालित बसों की संख्या का अनुमान और आवश्यक सर्वे भी लगभग पूरा किया जा चुका है। बैठक में बताया गया कि 6 बिंदुओं पर प्राथमिकता पूर्वक ध्यान दिया जा रहा है। इनमें संस्थागत व्यवस्था एवं स्टॉफ, नियम एवं करों में संशोधन, रूट सर्वे एवं स्कीम की अधिसूचना, आईटी प्लेटफार्म एवं एजेंसी का चयन, परिवहन अधोसंरचना की योजना और ऑपरेटर से चर्चा एवं कैपेसिटी बिल्डिंग पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। बैठक में परिवहन आयुक्त विवेक शर्मा एवं विभागीय अधिकारी मौजूद थे।   मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रमुख निर्देश     बसों के संचालन में और यात्रियों को बेहतर सेवाएं देने नई तकनीक का प्रयोग करें।     बसों के साथ ही बस स्टैंड और बस स्टॉप पर स्वच्छता रहे। वातावरण सुविधाजनक हो।     यात्री बसों का बीमा अनिवार्य हो। सभी कार्य नियमों के अंतर्गत हों, पारदर्शिता रहे।     दिव्यांग यात्रियों का विशेष ध्यान रखा जाए।     बसें फिट हों, स्टॉफ का व्यवहार अच्छा हो।     अप-डाउनर्स को भी आवश्यक सुविधाएं दी जाएं।     बड़े शहरों की तरह कस्बों, गांवों के नाम मार्ग के किनारे बोर्ड पर अंकित किए जाएं।  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बसहवा का किया भूमि पूजन व शिलान्यास

शिक्षण संस्थान केवल अक्षर ज्ञान का माध्यम नहीं, बल्कि बालक के सर्वांगीण विकास की आधारशिला हैः मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बसहवा का किया भूमि पूजन व शिलान्यास मुख्यमंत्री ने पौधरोपण व पुस्तक का किया विमोचन   पड़ोस की आग नहीं बुझाई तो हमें भी उसकी चपेट में आना होगाः सीएम योगी  जब पैसा विदेशी कंपनी के पास जाता है तो इसका मुनाफा पहलगाम जैसी आतंकी वारदात में होता हैः योगी  समाज का नेतृत्व और मार्गदर्शन कर रहे शिशु मंदिर से निकले छात्रः सीएम  विदेशियों ने भारत को लूटकर अर्जित किया, जबकि भारत ने पुरुषार्थ से समृद्धि को बनायाः मुख्यमंत्री  बोले-दो दिन में छह हजार युवाओं को दिया नियुक्ति पत्र  सुहेलदेव को हम भूल गए और सालार मसूद को पूजने लगेः योगी बस्ती/लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की शिक्षा कैसी होनी चाहिए। आजादी के पांच साल के बाद जब तत्कालीन सरकारें इस दिशा में प्रयास नहीं कर पाईं, तब नाना जी ने गोरखपुर से इस प्रयास को बढ़ाया था। उसके पीछे का ध्येय था कि भारत, भारतीयता, परंपरा,  संस्कृति और मातृभाव से ओतप्रोत ऐसे शिक्षण संस्थान की स्थापना आवश्यक है, जो देश को फिर से विश्व गुरु के रूप में स्थापित करने में योगदान दे सके। इसकी शुरूआत शिक्षा के मंदिरों से ही होती है। शिक्षण संस्थान केवल अक्षर ज्ञान के माध्यम ही नहीं, बल्कि बालक के सर्वांगीण विकास की आधारशिला हैं। शिक्षा यदि संस्कार, मूल्यों-आदर्शों, मातृभूमि, महापुरुषों, राष्ट्रीयता के प्रति समर्पण का भाव पैदा नहीं कर पा रही है तो वह कुशिक्षा और भटकाव है। आजादी के तत्काल बाद उसका समाधान सरस्वती शिशु मंदिर से प्रारंभ हुआ।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को सरस्वती विद्या मंदिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बसहवा का भूमि पूजन, शिलान्यास, पौधरोपण व पुस्तक का विमोचन भी किया। आरएसएस के तत्कालीन प्रचारक नाना जी देशमुख के नेतृत्व में सरस्वती शिशु मंदिर की पहली शाखा गोरखपुर में स्थापित की गई थी। विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान के मातृभूमि होने का सौभाग्य गोरक्ष प्रांत को प्राप्त है। विद्या भारती के अंतर्गत संचालित हजारों शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थान राष्ट्र निर्माण के जिस अभियान के साथ जुड़े हैं, उसकी ताकत देश-दुनिया समझती है।  शिशु मंदिर से निकले छात्र समाज का नेतृत्व भी कर रहे और मार्गदर्शन भी सीएम योगी ने कहा कि पाठ्यक्रम सरकार तैयार करती है। सरकार सहयोग करे या न करे। बिना सरकार की सहायता के अपने दम और स्वयंसेवकों के सहयोग से भारतीयता के प्रति अनुराग रखने वाले नागरिकों के माध्यम से सरस्वती शिशु मंदिर ने इस कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। गोरखपुर के पक्कीबाग में जब पहला सरस्वती शिशु मंदिर स्थापित हुआ तो उस समय मात्र पांच छात्र थे, लेकिन आज शिशु मंदिर के 12 हजार विद्यालय हैं। यह संस्थान बच्चों के अंदर भारत व भारतीयता के प्रति नागरिक के रूप में कर्तव्यों का बोध कराने और सुयोग्य नागरिक बनाने के लिए राष्ट्रीय दायित्व का ईमानदारी से निर्वहन कर रहा है। सरस्वती शिशु मंदिर से निकले छात्र समाज को नेतृत्व भी दे रहे और मार्गदर्शन भी कर रहे हैं।   शिक्षा से होती देश के समर्थ, आत्मनिर्भर व शक्तिशाली होने की शुरुआत   सीएम योगी ने कहा कि देश के समर्थ, आत्मनिर्भर व शक्तिशाली होने की शुरुआत शिक्षा से होती है। दुनिया में समृद्धि की चर्चा होती है तो पहला पैरामीटर शिक्षा, फिर स्वास्थ्य, उसके बाद कृषि-जल संसाधन, तब कौशल विकास व रोजगार होता है। फिर पर्यावरण को ध्यान में रखकर विकास की बात होती है। यह पैरामीटर तय करते हैं कि समग्र विकास के लक्ष्य को प्राप्त कर सकेंगे। इस मंशा के साथ जब कोई अभियान बढ़ता है तो वह न केवल देशहित, बल्कि मानवता का मार्ग भी प्रशस्त करता है। आज का कार्यक्रम सुयोग्य नागरिकों को गढ़ने, तलाशने और तराशने का महत्वपूर्ण मंच शुरू करने जा रहा है। इसके माध्यम से भारत के सुयोग्य नागरिक विकसित करने का मंच विकसित हो रहा है।  बिना प्लानिंग कार्य करने से चूक जाते हैं सीएम ने कहा कि जब बिना किसी प्लानिंग कार्य करते हैं तो चूक जाते हैं। हर व्यवस्था, प्रबंधन, सरकार, कॉरपोरेट घराना वर्ष भर की योजना बनाता है, फिर लघु, मध्यम व दीर्घ अवधि के कार्यक्रम तय करता है। इसके माध्यम से आगे के लक्ष्यों को प्राप्त करके हम भी सशक्त होंगे और भावी पीढ़ी, संस्थान को भी समर्थ भी बना पाएंगे। सरकार हर साल बजट प्रस्तुत करती है। इसमें विजन होता है कि एक वर्ष, फिर पांच वर्ष, दस वर्ष, 25 वर्ष की योजना क्या होगी। भारत की आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष पर पीएम मोदी ने आगामी 25 वर्ष की कार्ययोजना तैयार करने को कहा।  भारत को विकसित बनाने के लिए पंच प्रण को जीवन का हिस्सा बनाने को कहा।   विरासत का करना होगा सम्मान सीएम ने कहा कि विरासत का सम्मान करना होगा। हमारे पूर्वजों (1953 में श्यामा प्रसाद मुखर्जी) ने संकल्प लिया था कि एक देश में दो विधान, दो निशान, दो प्रधान नहीं चलेंगे। कश्मीर में शेष भारत का कानून लागू करने का शंखनाद किया था। उन्हें बलिदान भी देना पड़ा। 1952 में कांग्रेस ने बाबा साहेब के न चाहने के बावजूद जबरन लागू किया, लेकिन पीएम मोदी ने डॉ. मुखर्जी के संकल्प को साकार कर आतंकवाद व भारत विरोधी गतिविधियों-साजिशों को समाप्त करके कश्मीर को भारत के कानून के साथ जोड़ा। 500 वर्ष का इंतजार समाप्त हुआ और अयोध्या में रामललाा के मंदिर का निर्माण हुआ। विपक्षी दल चाहते थे कि यह नहीं होना चाहिए। सीएम ने कहा कि प्रभु श्रीराम आदर्श व भारतीयता के प्रतीक है। जब महर्षि वाल्मिकी ने नारद जी से पूछा कि मुझे कुछ लिखना है, ऐसा कौन सा आदर्श है। तब उन्होंने कहा कि इस धरती पर एक ही चरित्र है, आप श्रीराम पर लिखें। हमें महर्षि वाल्मीकि, प्रभु राम,  श्रीकृष्ण की परंपरा पर गौरव की अनुभूति है। भारत और भारतीयता के लिए जिन महापुरुषों व स्वतंत्र भारत में सीमाओं की रक्षा करते हुए जिन्होंने बलिदान दिया, वे सभी हमारे आदर्श हैं। उनका सम्मान और विरासत का संरक्षण करना हर भारतीय का दायित्व है।  विदेशियों ने भारत को लूटकर अर्जित किया, जबकि भारत ने पुरुषार्थ से समृद्धि को बनाया सीएम ने गुलामी के अंशों को सर्वथा समाप्त करने पर भी चर्चा की। बोले कि गुलामी की मानसिकता देश … Read more

PAK में पकड़ा गया बड़ा नेटवर्क, ऑपरेशन सिंदूर में मिले 11 भारतीय सिम कार्ड

नई दिल्ली दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े एक जासूसी मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है. इस कार्रवाई में नेपाल के नागरिक प्रभात कुमार चौरसिया को गिरफ्तार किया गया है. चौरसिया पर आरोप है कि वह भारतीय सिम कार्ड्स नेपाल के रास्ते पाकिस्तान भेज रहा था, जिन्हें जैश-ए-मोहम्मद के गढ़ बहावलपुर और लाहौर में व्हाट्सऐप पर एक्टिव किया गया था. सूत्रों के मुताबिक, 28 अगस्त 2025 को टीम को पुख्ता इनपुट मिला कि ISI से जुड़ा व्यक्ति लक्ष्मी नगर में मौजूद है. तुरंत कार्रवाई करते हुए स्पेशल सेल ने उसे दबोच लिया. जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने आधार कार्ड का इस्तेमाल कर कुल 16 सिम कार्ड खरीदे थे, जिनमें से 11 पाकिस्तान में एक्टिव पाए गए. इन सिम कार्ड्स का इस्तेमाल पाकिस्तान से बैठे एजेंट्स भारतीय सेना से जुड़ी संवेदनशील जानकारियां निकालने के लिए कर रहे थे. बरामदगी के दौरान पुलिस को आरोपी के पास से कई डिजिटल डिवाइस और सिम कार्ड्स के खाली पैकेट मिले हैं. पूछताछ में पता चला कि प्रभात का संपर्क 2024 में ISI एजेंट्स से एक नेपाली माध्यम के जरिए हुआ. उसे अमेरिका का वीजा दिलाने का लालच दिया गया और बदले में कहा गया कि वह भारत से सिम कार्ड्स उपलब्ध कराए और रक्षा से जुड़ी जानकारी जुटाए. पाकिस्तान में इस्तेमाल किए जा रहे थे भारतीय नंबर आरोपी ने लातूर में बने अपने आधार कार्ड का इस्तेमाल कर बिहार और महाराष्ट्र से सिम खरीदे और नेपाल के रास्ते इन्हें ISI एजेंट्स तक पहुंचाया. पाकिस्तान में बैठे एजेंट्स इन्हीं भारतीय नंबरों पर व्हाट्सऐप बनाकर भारत के खिलाफ जासूसी गतिविधियां चला रहे थे. आईएसआई के संपर्क में था आरोपी आरोपी प्रभात का जन्म 1982 में नेपाल में हुआ और उसने शुरुआती पढ़ाई नेपाल व बिहार के मोतिहारी से की. बाद में फार्मा सेक्टर में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव और एरिया मैनेजर की नौकरी की. 2017 में उसने काठमांडू में लॉजिस्टिक्स कंपनी शुरू की, लेकिन घाटे में डूबने के बाद विदेश जाने की चाहत में ISI के संपर्क में आ गया. स्पेशल सेल ने उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2)/152 के तहत मामला दर्ज किया है और अब उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है.

जनता दर्शन में सीएम योगी ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं

कब्जामुक्त कराएं जमीन, दबंगों को सिखाएं कानूनी सबक : मुख्यमंत्री जनता दर्शन में सीएम योगी ने सुनीं 200 लोगों की समस्याएं सबकी खुशहाली सरकार का संकल्प,नहीं होने देंगे किसी के साथ अन्याय : मुख्यमंत्री  पैसे की कमी से नही रुकेगा किसी का भी इलाज : सीएम योगी गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया है कि गरीबों की जमीन पर यदि किसी ने कब्जा किया है तो तत्काल जमीन को कब्जामुक्त कराने के साथ दबंगों को कानूनी सबक सिखाया जाए। किसी जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले, कमजोरों को उजाड़ने वाले बख्शे न जाएं। उनके खिलाफ विधि सम्मत कड़ा एक्शन लिया जाए। सरकार किसी के भी साथ अन्याय नहीं होने देने और हर व्यक्ति के जीवन में खुशहाली लाने को संकल्पित है।  सीएम योगी बुधवार सुबह गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में लोगों की समस्याएं सुन रहे थे। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार के बाहर कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों तक वह खुद पहुंचे और एक-एक करके सबकी समस्याएं सुनीं। इस दौरान करीब 200 लोगों से मुलाकात कर उन्होंने सबको आश्वस्त किया कि किसी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। सबके प्रार्थना पत्रों को संबंधित अधिकारियों को संदर्भित करते हुए त्वरित और संतुष्टिपरक निस्तारण का निर्देश देने के साथ सीएम ने लोगों को भरोसा दिलाया कि सरकार हर पीड़ित की समस्या का समाधान कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है। जनता दर्शन में एक महिला ने दबंगों द्वारा जमीन कब्जा किए जाने की शिकायत की। इस पर मुख्यमंत्री ने पास में मौजूद प्रशासन व पुलिस के अफसरों को निर्देशित किया कि जमीन कब्जा की शिकायत पर त्वरित एक्शन लिया जाए। जमीन कब्जामुक्त होनी चाहिए यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी दबंग किसी की जमीन पर कब्जा न करने पाए।  मुख्यमंत्री के समक्ष जनता दर्शन में कई लोग इलाज के लिए आर्थिक सहायता की गुहार लेकर पहुंचे थे। सीएम योगी ने उन्हें आश्वस्त किया कि सरकार इलाज के लिए भरपूर मदद करेगी। उनके प्रार्थना पत्रों को अधिकारियों को हस्तगत करते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इलाज से जुड़ी इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण करा कर शासन में उपलब्ध कराया जाए। राजस्व व पुलिस से जुड़े मामलों को उन्होंने पूरी पारदर्शिता वह निष्पक्षता के साथ निस्तारित करने का निर्देश देते हुए कहा कि किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील व्यवहार अपनाते हुए उसकी मदद की जाए।  बच्ची का एडमिशन कराओ, स्कूल में सबकुछ फ्री है जनता दर्शन में कुछ लोगों के साथ उनके बच्चे भी आए थे। मुख्यमंत्री ने उन्हें दुलारकर आशीर्वाद दिया। उनका नाम और स्कूल जाने के बारे में पूछा और अपने हाथों से चॉकलेट देते हुए खूब पढ़ने के लिए प्रेरित किया। जनता दर्शन में अपनी बच्ची के साथ आई एक महिला को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समझाया कि बच्ची का स्कूल में एडमिशन कराओ। स्कूल में सबकुछ फ्री है।

जिस वोट चोरी पर कांग्रेस मचा रही हंगामा, उसी को रोकने वाले SIR का कर रही विरोध- उप मुख्यमंत्री शर्मा

कांग्रेस का विरोध गलत: वोट चोरी रोकने के लिए चल रहे SIR को क्यों मान रही पार्टी गलत कदम- उप मुख्यमंत्री शर्मा  जिस वोट चोरी पर कांग्रेस मचा रही हंगामा, उसी को रोकने वाले SIR का कर रही विरोध- उप मुख्यमंत्री शर्मा  SIR पर कांग्रेस का विरोध सवालों के घेरे में, वोट चोरी रोकने की पहल पर उठाए सवाल- उप मुख्यमंत्री शर्मा  रायपुर  छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री/गृह मंत्री विजय शर्मा ने बिलासपुर में हुई कांग्रेस की रैली को दोहरे राजनीतिक मापदंड का परिचायक बताते हुए कहा है कि जिस वोट चोरी के नाम पर कांग्रेस के लोग हंगामा कर रहे हैं, उसे दुरुस्त करने के लिए चल रहे एसआईआर का विरोध कांग्रेस को नहीं करना चाहिए।  नया रायपुर स्थित सर्किट हाउस में पत्रकारों के सम्बोधित करते हुए श्री शर्मा ने ऐसे अनेक नामों का दस्तावेजों के साथ जिक्र किया जिन्होंने गलत जानकारी देकर कवर्धा और राजधानी रायपुर के ही विधानसभा क्षेत्रों के दो-दो पोलिंग बूथ पर दो-दो अलग एपिक नम्बर्स के साथ मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराया है। इन सारे मामलों को लेकर न्यायालय जाएंगे। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि यह सब पिछली भूपेश सरकार के मंत्री रहे मो. अकबर के इशारे पर हुआ। अब कांग्रेस वोट चोरी के मामले में उल्टा चोर कोतवाल को डाँटे वाली कहावत को चरितार्थ कर रही है। हैरत की बात तो यह है कि इनमें से अनेक उम्रदराज लोगों ने फर्स्ट टाइम वोटर का फॉर्म जमा किया! एसआईआर का विरोध कर रही कांग्रेस को यह स्पष्ट करना चाहिए कि आखिर वह रैली, प्रदर्शन, नारेबाजी के जरिए करना क्या चाह रही है? कांग्रेस एक तरफ वोट चोरी रोकने की बात कह रही है, वहीं दूसरी तरफ वह मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण के लिए चल रहे एसआईआर का विरोध कर रही है। अब कांग्रेस बताए कि एसआईआर का विरोध करके वह वोट चोरी को कैसे रोक सकती है? प्रदेश की राजधानी के एक मकान में 350 मतदाताओं के नाम सूची में इरादतन दर्ज कराए जाने की बात कहते हुए श्री शर्मा ने कहा कि एसआईआर का विरोध करके कांग्रेस तो खुद कठघरे में है। खुद प्रदेश कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट भी मानते हैं कि वोट चोरी की बात कहना अपनी हार का इल्जाम खुद पर लेने से बचना है। हारे हुए लोगों को धरातल पर मेहनत करनी चाहिए। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि गलत ढंग से मतदाता सूचियों में नाम दर्ज कराने वाले लोगों के विरुद्ध चुनाव आयोग में शिकायत की गई है और अब उनके खिलाफ एफआईआर कराई जाएगी, दण्डात्मक कार्रवाई कराई जाएगी। श्री शर्मा ने नसीहत दी कि कांग्रेस को छत्तीसगढ़ में यह रैली रोकर आत्ममंथन करना चाहिए। कांग्रेस नेता राहुल गांधी एसआईआर को लेकर देश को गुमराह करके गलत कर रहे हैं। गलत ढंग से जो लोग मतदाता बने हैं, देश में घुस आए हैं, उन्हें निकाल बाहर करना होगा।  इस दौरान मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, विधायक मोतीलाल साहू, भाजपा प्रदेश मीडिया संयोजक हेमंत पाणिग्रही मौजूद रहे।