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हाईकोर्ट में होगी CM योगी बायोपिक की प्रीव्यू, जज तय करेंगे रिलीज का निर्णय

मुंबई  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीवन पर आधारित फिल्म ‘अजेय: द अनटोल्ड स्टोरी’ को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट ने खुद फिल्म देखने का फैसला किया है. कोर्ट इस सप्ताह के अंत मे फिल्म देखेगी और सोमवार को आदेश सुनाएगी. बॉम्बे हाई कोर्ट ने गुरुवार को कहा कि वह फिल्म ‘अजेय: द अनटोल्ड स्टोरी’ को देखने के बाद ही फिल्म निर्माताओं द्वारा दायर याचिका पर फैसला करेगा, जिसमें सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) द्वारा फिल्म को प्रमाणित करने से इनकार करने को चुनौती दी गई है. यह फिल्म ‘द मोंक हू बिकेम चीफ मिनिस्टर’ किताब से प्रेरित है और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जीवन पर आधारित बताई जा रही है. जज ने सीबीएफसी से क्या कहा? जस्टिस रेवती मोहिते डेरे और न्यायमूर्ति नीला गोखले की पीठ ने गुरुवार को फिल्म निर्माताओं को निर्देश दिया कि वे फिल्म की एक प्रति कोर्ट में जमा करें, जिसमें CBFC द्वारा चिह्नित किए गए दृश्यों या हिस्सों को स्पष्ट रूप से अंकित किया गया हो. फिल्म जिस किताब पर आधारित है, उसकी एक प्रति पहले ही कोर्ट को सौंपी जा चुकी है. 7 अगस्त के एक पूर्व आदेश में कोर्ट ने CBFC को निर्देश दिया था कि वे फिल्म देखें और 11 अगस्त तक अपनी आपत्तियों को फिल्म निर्माताओं के साथ साझा करें ताकि वे आवश्यक बदलाव कर सकें. सेंसर बोर्ड को क्या दिक्कत? CBFC की एग्जामिनिंग कमेटी ने 11 अगस्त को 29 आपत्तियां लिस्ट की गई थीं. हालांकि फिल्म निर्माताओं ने 12 अगस्त तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी या कोई बदलाव प्रस्तावित नहीं किया. इसलिए CBFC की रिवाइजिंग कमेटी ने फिल्म देखने का निर्णय लिया. रिवाइजिंग कमेटी ने पहले की 8 आपत्तियों को हटा दिया, लेकिन अंततः 17 अगस्त को प्रमाणन को अस्वीकार कर दिया. सोमवार (18 अगस्त) को फिल्म निर्माताओं ने अपनी याचिका में संशोधन करने की अनुमति मांगी ताकि रिवाइजिंग कमेटी के अस्वीकार आदेश को चुनौती दी जा सके. कोर्ट ने फिर आज यानी गुरुवार को सुनवाई के लिए मामला तय किया. पहले यह तय करने के लिए कि संशोधित याचिका स्वीकार्य है या नहीं यह देखते हुए कि सिनेमैटोग्राफ एक्ट के तहत एक अपील तंत्र उपलब्ध है. सेंसर बोर्ड का क्या है कहना? CBFC की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभय खंडेपरकर ने कोर्ट को बताया कि बोर्ड ने पूरी प्रक्रिया के दौरान प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन किया है और फिल्म निर्माताओं के पास अभी भी सिनेमैटोग्राफ एक्ट के तहत हाई कोर्ट में अपील करने का उपाय है. हालांकि, फिल्म निर्माताओं ने तर्क दिया कि याचिका इस कोर्ट के समक्ष स्वीकार्य है. उनके लिए पेश वरिष्ठ अधिवक्ता रवि कदम ने तर्क दिया कि CBFC रिवाइजिंग कमेटी का अस्वीकार न केवल फिल्म निर्माता के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करता है, बल्कि CBFC ने उन्हें फिल्म रिलीज से पहले एक निजी व्यक्ति (योगी आदित्यनाथ) से NOC प्राप्त करने का निर्देश देकर अपने अधिकार क्षेत्र से परे कार्य किया है. कोर्ट ने इस मामले में सेंसर बोर्ड से क्या कहा? फिल्म निर्माताओं के वकील ने दलील दी कि वे एक निजी व्यक्ति के मौलिक अधिकारों के संरक्षक नहीं हैं. कोर्ट ने भी देखा कि भले ही एक वैकल्पिक उपाय मौजूद हो, कोर्ट के रिट अधिकार क्षेत्र को खारिज नहीं किया जा सकता. इसने मामले के प्रबंधन और शुरुआत से ही प्राकृतिक न्याय को बनाए रखने में विफल रहने के लिए CBFC की कड़ी आलोचना की. कोर्ट ने कहा कि आपको यह शुरुआत में ही करना चाहिए था… आपने प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का पालन कब किया? यह एक अभ्यास है जो आपको हर फिल्म के लिए करना चाहिए था… आप इसे करने में विफल रहे हैं. मामले की अगली सुनवाई 25 अगस्त को होगी.

त्यौहारी सीजन से पहले सरकार ने दी आम जनता को राहत, 12% और 28% वाले GST स्लैब खत्म

नई दिल्ली  महंगाई के मोर्चे पर आम आदमी को बड़ी राहत देने की तैयारी है। जीएसटी स्लैब की संख्या घटाकर दो यानी 5% और 18% कर दी जाएगी।12% और 28% वाले स्लैब को पूरी तरह से खत्म कर दिया जाएगा। बता दें कि आज 21 अगस्त 2025 को हुई बैठक में ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) ने केंद्र सरकार का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया, जिसमें मौजूदा चार GST स्लैब (5%, 12%, 18%, 28%) को केवल दो—5% और 18% में बदलने की बात कही गई है। इस प्रस्ताव में 12% और 28% स्लैब को पूरी तरह से समाप्त करने की सिफारिश की गई है। बता दें कि इससे आम लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। 12% स्लैब में आने वाले अधिकतर सामान और सेवाएं 5% में आ जाएंगी, जबकि 28% स्लैब की लगभग 90% वस्तुएं और सेवाएं 18% में आ जाएंगी। केवल तंबाकू, पान मसाला जैसे सिन गुड्स पर ऊंची दरें जारी रहेंगी। जीएसटी मीटिंग में ऐलान संभव केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ मंत्रिसमूह की बैठक में बिहार के उप-मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा, "हमने भारत सरकार के 12% और 28% के जीएसटी स्लैब को खत्म करने के दो प्रस्तावों का समर्थन किया है।" सम्राट चौधरी ने कहा कि सभी ने केंद्र द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर सुझाव दिए। कुछ राज्यों की टिप्पणियां भी थीं। इसे जीएसटी काउंसिल को भेज दिया गया है। अब आगे का फैसला काउंसिल करेगी। केंद्र सरकार द्वारा 2 स्लैब समाप्त करने के प्रस्ताव पर विचार-विमर्श किया गया और उसका समर्थन किया गया। हमने केंद्र सरकार द्वारा 12% और 28% के जीएसटी स्लैब को समाप्त करने के दो प्रस्तावों का समर्थन किया है।" क्या होगा सस्ता – जानिए 12% स्लैब से 5% स्लैब में आने वाले सामान 12% वाले टैक्स स्लैब को खत्म करके उन्हें 5% में लाने का मतलब है कि इन पर लगने वाला टैक्स लगभग 7% कम हो जाएगा। इससे ये चीजें सस्ती हो जाएंगी- • कपड़े और रेडीमेड गारमेंट्स (₹1,000 से ऊपर के कपड़े भी अब सस्ते हो सकते हैं) • जूते-चप्पल • प्रिंटिंग और स्टेशनरी आइटम्स • काफी सारे प्रोसेस्ड फूड प्रोडक्ट्स • होम अप्लायंसेज की कुछ कैटेगरी (जिन पर 12% लगता था) इस बदलाव का सीधा असर मध्यम वर्ग और आम उपभोक्ता पर पड़ेगा क्योंकि रोजाना इस्तेमाल वाली कई चीजें इस श्रेणी में आती हैं। 2. 28% स्लैब से 18% स्लैब में आने वाले सामान 28% स्लैब की लगभग 90% चीज़ों को 18% में लाने का मतलब है कि इनकी कीमत पर टैक्स का बोझ 10% कम हो जाएगा। इससे निम्न चीज़ें सस्ती हो सकती हैं- • टू-व्हीलर और कारें (खासकर छोटे वाहन और एंट्री-लेवल मॉडल) • सीमेंट और बिल्डिंग मटेरियल (हाउसिंग और रियल एस्टेट सेक्टर को बड़ा फायदा) • कंज़्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे फ्रिज, वॉशिंग मशीन, एयर कंडीशनर, टीवी आदि • कुछ पैकेज्ड फूड और बेवरेजेस • पेंट्स और वार्निश इससे न केवल उपभोक्ता को राहत मिलेगी बल्कि रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल सेक्टर की बिक्री में भी तेजी आ सकती है।  

मध्य प्रदेश में अगले 24 घंटे अहम, 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

भोपाल  मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में फिर से मानसून सक्रिय हो गया है। मानसून की सक्रियता की वजह से कई जिलों में झमाझम बारिश हो रही है। राजधानी भोपाल में भी सुबह से बादल छाए हुए हैं। साथ ही रात में बारिश भी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में एक मजबूत सिस्टम सक्रिय है। गुरुवार को मौसम विभाग ने प्रदेश के 12 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। 2 से 4 इंच तक बारिश यहां हो सकती है।मप्र में अब तक औसत 32.4 इंच बारिश हो चुकी है, जो मानसूनी कोटे की 87 प्रतिशत है। प्रदेश से एक मानसून ट्रफ के गुजरने के चलते बुधवार को भी बारिश का दौर रहा। कई जिलों में पानी गिरा। वहीं, गुरुवार को कुल 12 जिलों में भारी बारिश का यलो अलर्ट है। इन 12 जिलों में अलर्ट जारी मौसम विभाग ने गुरुवार को 12 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर शामिल हैं। यहां ढाई से साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। नर्मदापुरम में तवा डैम के 13 गेटों में से 7 गेट आज भी खुले हुए हैं। कल बुधवार सुबह 6:30 बजे से डैम के 5 गेट खोले गए थे। उसके बाद 2 और गेट खोल दिए गए। रतलाम में केदारेश्वर महादेव मंदिर का झरना सीजन में तीसरी बार बह निकला। मंदिर परिसर में पानी ही पानी हो गया। डिंडौरी और शिवपुरी में भी सुबह से बारिश हो रही है। इससे पहले बुधवार को रतलाम, दमोह में भारी बारिश हुई। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर-उज्जैन समेत 30 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। जिन जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान बारिश होने की संभावना है, उनमें नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर जिले शामिल हैं। यहां ढाई से साढ़े 4 इंच पानी गिर सकता है। 21 अगस्त को भारी बारिश का यलो अलर्ट मौसम विभाग की मानें तो, 21 अगस्त को एमपी के नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, श्योपुर, उमरिया, शहडोल, डिंडौरी और अनूपपुर में भारी बारिश(Heavy Rain) का यलो अलर्ट जारी किया है। यहां अगले 24 घंटे में साढ़े 4 इंच तक पानी गिर सकता है। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिश का अलर्ट है। 22 और 23 अगस्त को भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के मुताबिक, 22 अगस्त को एमपी के नीमच, मंदसौर, रतलाम, आगर-मालवा, राजगढ़, गुनी, शिवपुरी, श्योपुर, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। वहीं प्रदेश के अन्य जिलों में गरज-चमक और हल्की बारिशHeavy Rain) का यलो अलर्ट है। वहीं 23 अगस्त को ग्वालियर मुरैना, श्योपुर, भिंड, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश(Heavy Rain) का यलो अलर्ट जारी किया गया है। क्यों हो रही तेज बारिश? मौसम विभाग ने बताया कि इस समय मानसून ट्रफ बैतूल और मंडला से गुजर रही है. इसके अलावा, दो साइक्लोनिक सकुर्लेशन सिस्टम का असर भी प्रदेश के मौसम पर पड़ रहा है. यही वजह है कि लगातार तेज बारिश का दौर जारी है. यहां हल्की बारिश की संभावना इसके अलावा, मध्य प्रदेश के अन्य जिलों में भी हल्की बारिश होने की संभावना है। मध्य प्रदेश में अब तक औसत 32.4 इंच बारिश हो चुकी है, जो सामान्य से 87 प्रतिशत अधिक है। मौसम विभाग ने 22 और 23 अगस्त को भी कई जिलों में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। रतलाम में सबसे अधिक बारिश वहीं, बुधवार को रतलाम में 3 इंच बारिश हुई। प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी रहा। रतलाम में 9 घंटे में लगभग 3 इंच बारिश हुई, जिससे सड़कों पर पानी भर गया। दमोह में ढाई इंच बारिश दर्ज की गई। इसी तरह इंदौर, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, भोपाल, नरसिंहपुर, उज्जैन, बैतूल, टीकमगढ़, छतरपुर, रायसेन, नर्मदापुरम, शाजापुर, आगर-मालवा, छिंदवाड़ा, जबलपुर, रीवा, सागर, सतना, सीधी, नरसिंहपुर, उमरिया, बालाघाट, राजगढ़, विदिशा, देवास में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के अनुसार, बैतूल और मंडला से एक मानसून ट्रफ गुजर रही है। इसके साथ ही, दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी बने हुए हैं। इस वजह से प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी बारिश की संभावना जताई है। एमपी में झमाझम बारिश से हाल बेहाल, प्रदेश में अब तक 32.4 इंच बारिश दर्ज मौसम विभाग ने 22 और 23 अगस्त को भी प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई है. राजधानी भोपाल में भी बुधवार को झमाझम बारिश देखने को मिली थी, जिससे निचली बस्तियों में पानी भर गया और जगह-जगह ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई. प्रदेश में अब तक 32.4 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है. यह सामान्य औसत से करीब 87% है. अगर आने वाले दिनों में इसी तरह बारिश होती रही तो जल्दी ही प्रदेश का बारिश का पूरा कोटा पूरा हो जाएगा.

चार प्‍वाइंट में समझिए सीएम नीतीश ने जेपी आंदोलनकारियों की पेंशन दोगुनी कर कैसे बनाई मजबूत छवि

लोकतंत्र रक्षक’ की छवि मजबूत करने में जुटे नीतीश, जानिए क्या है पूरी स्ट्रैटजी चार प्‍वाइंट में समझिए सीएम नीतीश ने जेपी आंदोलनकारियों की पेंशन दोगुनी कर कैसे बनाई मजबूत छवि चुनाव से पहले नीतीश का बड़ा दांव! जेपी सेनानियों की पेंशन दोगुनी, विपक्ष पर दबाव पटना आपातकाल को 50 साल पूरे होने के मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बड़ा राजनीतिक दांव चला है। उन्होंने जयप्रकाश नारायण आंदोलन से जुड़े सेनानियों की पेंशन राशि को दोगुना कर दी है। अब एक माह से छह माह तक जेल में रहे आंदोलनकारियों को 15 हजार और छह माह से अधिक समय तक जेल में रहे सेनानियों को 30 हजार रुपये मासिक पेंशन दी जाएगी।  सामाजिक असर भी डालेगा ये फैसला  इस फैसले पर कैबिनेट की ओर से मंजूर कर लिया गया है। साथ ही इसे 1 अगस्त से लागू कर भी दिया गया। इतना ही नहीं, यदि किसी सेनानी का निधन हो जाता है तो उनकी पत्नी/पति या आश्रित को भी यह पेंशन मिलती रहेगी। यानी यह योजना केवल आंदोलनकारियों तक सीमित नहीं बल्कि उनके परिवार तक असर डालेगी। समझिए राजनीतिक मायने गौर करने वाली बात ये है कि बिहार में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। दो महीने के भीतर आचार संहिता भी लग जाएगी। ऐसे में सीएम नीतीश कुमार लगातार ऐसे फैसले ले रहे हैं, जो उन्‍हें सीधे राजनीतिक लाभ पहुंचाने वाला हो। जो ऐसे में यह फैसला भी सीधे-सीधे राजनीतिक लाभ पहुंचाने वाला माना जा रहा है। 1 जेपी सेनानियों का सीधा वोट बैंक  बिहार में करीब साढ़े तीन हजार की संख्या में जेपी आंदोलनकारी हैं। इसके अलावा उनके परिवार वाले आज भी मौजूद हैं। उनके सम्मान और पेंशन राशि को दोगुना करना नीतीश को इस वर्ग का अटूट समर्थन दिला सकता है। 2 ‘लोकतंत्र रक्षक’ छवि का मजबूत होना  नीतीश कुमार खुद जेपी आंदोलन की उपज हैं। ऐसे में यह कदम उन्हें लोकतंत्र के सच्चे रक्षक और जेपी की विरासत को आगे बढ़ाने वाले नेता के रूप में प्रोजेक्ट करता है। यह उनकी साख को पुराने वोटरों और नए युवाओं दोनों में मजबूत करता है। 3 भाजपा और कांग्रेस पर दबाव आपातकाल की याद दिलाकर नीतीश कुमार अप्रत्यक्ष रूप से कांग्रेस को घेरने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। वहीं, भले ही प्रदेश में बीजेपी ओर जेडीयू के गठबंधन वाली सरकार है। मगर, भाजपा के सामने यह चुनौती होगी कि वह नीतीश की इस ‘जेपी कार्ड’ को कैसे काटे! ये अलग बात है कि भाजपा भी जेपी आंदोलन को अपनी राजनीतिक पृष्ठभूमि मानती रही है। लेकिन महत्‍वपूर्ण बात ये है कि जेपी आंदोलन से जुड़े क्रांतिकारियों का पेंशन दोगुना कर नीतीश कुमार ने आंदोलन का क्रेडिट और अपनी जन नायक नेता के रूप में तो जरूर मजबूत की है। 4 वरिष्ठ नागरिकों और पारिवारिक वोटरों पर असर  चूंकि इस पेंशन योजना का लाभ आश्रितों को भी मिलेगा, इसका असर हजारों परिवारों तक होगा। जो सिर्फ एक वर्ग नहीं, बल्कि उनके पूरे सामाजिक-परिवारिक दायरे में नीतीश के लिए सकारात्मक माहौल भी बनाएगा। चुनावी मास्टरस्ट्रोक! नई ऊंचाई पर काबिज हुए नीतीश विशेषज्ञ मानते हैं कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ऐसा फैसला लेना महज एक ‘वेलफेयर स्टेप’ नहीं है, बल्कि यह एक सोचा-समझा राजनीतिक कदम है। यह न सिर्फ जेपी सेनानियों बल्कि पूरे राज्य में "लोकतंत्र के रक्षक" की भावना को जगाने वाले कदम के रूप में देखा जा रहा है। इससे नीतीश कुमार विपक्ष के मुकाबले एक नैतिक ऊंचाई पर खड़े दिखेंगे। जेपी सेनानियों की पेंशन दोगुनी कर नीतीश कुमार ने जहां लोकतंत्र के सिपाहियों का मान बढ़ाया है, वहीं इस कदम से चुनावी समीकरण भी उनके पक्ष में जाते नजर आ रहे हैं।

एटा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर किया करारा वार

पहले मुगलों ने लूटा, अंग्रेजों ने तबाह किया, फिर कांग्रेस-सपा ने पहचान मिटाई : सीएम योगी एटा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर किया करारा वार  सीएम बोले- कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की नीयत कभी सबके विकास की नहीं रही इन्होंने साथ तो सबका लिया, लेकिन विकास सिर्फ अपने परिवार का कियाः मुख्यमंत्री  मुख्यमंत्री ने कहा- डबल इंजन सरकार ने माफिया के अड्डे को बनाया निवेश का हब डबल इंजन सरकार की साफ नीयत, स्पष्ट नीति और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की वजह से उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचाः सीएम   मुख्यमंत्री ने एटा में 750 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित श्री सीमेंट प्लांट का किया उद्घाटन एटा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर करारा वार करते हुए कहा कि पहले भारत को मुगलों ने लूटा, फिर अंग्रेजों ने तबाह किया और जो कुछ बचा रह गया, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने तबाही का नया मंजर पैदा कर देश के सामने पहचान का संकट खड़ा कर दिया। आज डबल इंजन सरकार की साफ नीयत, स्पष्ट नीति और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की वजह से उत्तर प्रदेश विकास की नई ऊंचाइयों पर पहुंचा है। सीएम योगी ये यह बातें जनपद एटा में 750 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित श्री सीमेंट प्लांट के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहीं।  कांग्रेस-सपा पर सीधा हमला सीएम योगी ने कहा कि कांग्रेस हो या समाजवादी पार्टी, इनकी नीयत कभी सबके विकास की नहीं रही। इन्होंने साथ तो सबका लिया, लेकिन विकास सिर्फ अपने परिवार का किया। इनके समय में न व्यापारी सुरक्षित था, न बेटी सुरक्षित थी। यही वजह रही कि देश और प्रदेश पिछड़ते चले गए। उन्होंने कहा कि आज मोदी सरकार और डबल इंजन की यूपी सरकार ने सबका साथ, सबका विकास के मंत्र से देश और प्रदेश को नई पहचान दी है। माफिया का गढ़ अब बना निवेश का केंद्र सीएम योगी ने कहा कि 8-9 साल पहले एटा की पहचान अपराध और माफिया के गढ़ के रूप में थी। गरीबों की जमीन पर कब्जा होता था, उनकी सुनवाई नहीं होती थी। जब नागरिक की संपत्ति ही सुरक्षित न हो, तब सरकार उसके कल्याण के लिए क्या करेगी? यही स्थिति तब थी। लेकिन आज एटा बेहतरीन कानून व्यवस्था और निवेश की नई पहचान बना है। उन्होंने कहा कि सरकार के स्तर पर जवाहरपुर थर्मल पावर प्लांट से 1500 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है और उसके बगल में श्री सीमेंट परिवार ने 750 करोड़ रुपये का नया प्लांट लगाया है। इससे 500 लोगों को प्रत्यक्ष और 3000 से अधिक लोगों को अप्रत्यक्ष रोजगार मिला है। रोजगार और व्यापार के नए अवसर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निवेश से सिर्फ सीधे रोजगार ही नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट, व्यापार और डिस्ट्रीब्यूशन चैनल से जुड़े हजारों लोगों को भी काम का अवसर मिला है। यही है आत्मनिर्भर भारत की नींव, यही है विकसित भारत की आधारशिला। सीएम योगी ने कांग्रेस काल को याद करते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब सीमेंट कंट्रोल से मिलता था। अगर पहुंच है तो एक बोरा मिल जाएगा, वरना चोरी-छिपे खरीदना पड़ता था। घर बनाना मुश्किल था। यही कांग्रेस की नीयत और नीति थी। विकास कैसे होता?  भारत की अर्थव्यवस्था की कहानी सीएम योगी ने कहा कि भारत 17वीं–18वीं सदी में दुनिया की नंबर-1 अर्थव्यवस्था था। 1947 से 1960 तक छठे स्थान पर रहा, लेकिन कांग्रेस और समाजवादी पार्टी की नीतियों ने इसे 2014 तक 11वें स्थान पर पहुंचा दिया। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने “सबका साथ, सबका विकास” का मंत्र दिया और आज भारत चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है। अगले दो वर्षों में यह तीसरे स्थान पर होगा। दुनिया के सामने भारत का नया गौरवशाली चेहरा उभरेगा। योगी ने कहा कि 2017 में जब उनकी सरकार बनी तो उत्तर प्रदेश देश की सातवीं अर्थव्यवस्था था। आज यूपी दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। यह तब हुआ जब सत्ता पोषित गुंडों-माफिया पर कार्रवाई हुई, दंगाइयों के खिलाफ कठोर कदम उठे और निवेशकों में विश्वास पैदा हुआ। 45 लाख करोड़ का निवेश, 60 लाख युवाओं को रोजगार सीएम ने कहा कि यूपी अब तक 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आकर्षित कर चुका है, जिनमें से 15 लाख करोड़ जमीनी धरातल पर उतारे गए हैं। इससे अब तक 60 लाख युवाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने बताया कि हाल ही में पुलिस बल में 60,244 युवाओं की भर्ती हुई है, जिसमें एटा के भी युवा शामिल हैं। नौकरी बिना भेदभाव, बिना चेहरा देखे, सिर्फ योग्यता के आधार पर दी जा रही है।  साथ ही मुख्यमंत्री युवा योजना के तहत 70,000 युवाओं को ब्याज और गारंटी मुक्त ऋण तथा मार्जिन मनी दी गई है ताकि वे अपना उद्यम स्थापित कर सकें। ओडीओपी से एटा की परंपरागत पहचान सीएम ने कहा कि आज एटा की पहचान न सिर्फ सीमेंट और पावर प्लांट से है, बल्कि अपने परंपरागत उद्यम जलेसर के घंटा और घुंघरू से भी है। देवस्थान की पूजा और संगीत की महफिल, दोनों जलेसर के बिना अधूरी हैं। सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी ने 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य रखा है। इसी कड़ी में यूपी को भी विकसित करना होगा। विधानसभा और विधान परिषद में 24 घंटे लगातार बहस हुई, सेक्टर और थीम तय किए गए। अब विशेषज्ञ हर जिले में जाकर युवाओं को तैयार करेंगे और जनता के सुझावों से रोडमैप बनेगा। ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र सीएम ने कहा कि श्री सीमेंट सिर्फ उद्योग नहीं, बल्कि राष्ट्रीय उत्तरदायित्व भी निभा रहा है। अकेले एटा यूनिट ने अब तक 183 शहीद परिवारों को मुफ्त सीमेंट उपलब्ध कराया है। सीएम योगी ने कहा कि जब भारतीय जवानों ने ऑपरेशन सिंदूर में अपने शौर्य और पराक्रम से दुश्मनों के दांत खट्टे कर दिए, तो यह तभी संभव हुआ जब पूरा देश एकजुट खड़ा रहा। श्री सीमेंट का योगदान इसी राष्ट्रीय भावना को मजबूत करता है। उन्होंने बताया कि बुलंदशहर और एटा के बाद, चित्रकूट में श्री सीमेंट ने 40 मेगावाट का ग्रीन एनर्जी प्लांट लगाया है। सरकार ने उन्हें ओपन एक्सेस की सुविधा दी है ताकि वहां बनी बिजली का उपयोग यहीं हो सके। सीएम ने श्री सीमेंट को … Read more

सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेश को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए प्रदेश के 27 जिलों में चलाया जा रहा जागरूकता कार्यक्रम

योगी सरकार रात्रि चौपाल, नुक्कड़ नाटक और एमडीए यात्रा से फालेरिया काे दे रही मात   सीएम योगी के निर्देश पर प्रदेश को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए प्रदेश के 27 जिलों में चलाया जा रहा जागरूकता कार्यक्रम सीएम की अपील, अभियान से जुड़े प्रदेश का हर नागरिक, खुद खाएं दवा और दूसरों को भी करें प्रेरित  प्रधान लगा रहे रात्रि चौपाल तो बच्चे नुक्कड़ नाटक से फैला हरे जागरूकता, अभियान से ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ी स्वास्थ्य जागरूकता  लखनऊ  योगी सरकार प्रदेश को फाइलेरिया मुक्त बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी के तहत योगी सरकार के निर्देश पर  फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सर्वजन दवा सेवन (एमडीए) अभियान के तहत 27 जिलों में व्यापक जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की देखरेख में यह अभियान जनमानस को फाइलेरिया से बचाव के उपायों और दवा सेवन के महत्व के प्रति जागरूक कर रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेशवासी शत-प्रतिशत दवा का सेवन करें। इसके लिए विभिन्न माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है, जिसमें रात्रि चौपाल, नुक्कड़ नाटक और एमडीए यात्रा प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग और जनहित के क्षेत्र में काम करने वाली संस्थाओं की मदद से भी ग्रामीण क्षेत्रों में फाइलेरिया के बारे में जानकारी दी जा रही है। बता दें कि फाइलेरिया उन्मूलन योगी सरकार की  प्राथमिकता में शामिल है। यही वजह है कि प्रदेश में लोगों को फाइलेरिया के प्रति जागरूक करने के लिए प्रशासनिक प्रयासों के साथ-साथ जनभागीदारी भी बढ़ाई जा रही है। योगी सरकार ने इस अभियान के जरिए राज्य के हर कोने में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया है। रात्रि चौपाल लगा फाइलेरिया के बारे में कर रहे जागरुक मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप कानपुर, रायबरेली समेत कई जिलों में प्रधान रात्रि चौपाल के माध्यम से ग्रामीणों को फाइलेरिया के बारे में जागरूक कर रहे हैं। इस दौरान जनप्रतिनिधि और स्वास्थ्य कार्यकर्ता लोगों से सीधे संवाद कर उन्हें यह समझा रहे हैं कि फाइलेरिया के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं को दवाओं के सेवन से रोका जा सकता है। कानपुर के बिधनु ब्लॉक के मटियारा गांव में पीएसपी सदस्य प्रधान राहुल चौबे और फाइलेरिया रोगी राकेश ने कई दिनों से रात्रि चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों को वीडियो के माध्यम से फाइलेरिया के बारे में बताया और दवाइयों के सेवन का महत्व बताया। इसी तरह सरसौल ब्लॉक के तिलशहरी बुजुर्ग गांव में सीएचओ आशीष ने लोगों की भ्रांतियां दूर करते हुए उन्हें दवा लेने के फायदे समझाए। घाटमपुर आयुष्मान आरोग्य मंदिर में भी पीएसपी सदस्य प्रधान जयनारायण सिंह और पंचायत सहायक ने लोगों को दवा खाने के लिए प्रेरित किया। नुक्कड़ नाटक से बच्च्चे बता रहे दवा के फायदे फाइलेरिया के प्रति नवयुवकों को जागरूक करने के लिए रायबरेली के राजदुलारी तालुकेदारी इंटर कॉलेज के छात्रों ने नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया। कक्षा 12 की छह छात्राओं ने शिक्षकों और पीएसपी सदस्यों के सहयोग से प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। नाटक में एक फाइलेरिया रोगी की यात्रा और उस व्यक्ति के परिवार द्वारा सामना किए गए संघर्षों को दर्शाया गया। नाटक में यह संदेश दिया गया कि साधारण दवाइयां वर्षों की पीड़ा से लोगों की जान बचा सकती हैं और इससे फाइलेरिया से बचाव संभव है। अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए एमडीए यात्रा भी निकाली गई। इस यात्रा के जरिए पीएसपी सदस्यों ने जनमानस को फाइलेरिया के बारे में जागरूक किया। यात्रा का पहला चरण उन्नाव से रायबरेली तक रहा, जहां पीएसपी सदस्यों ने स्थानीय लोगों से गहन चर्चा की और फाइलेरिया के प्रति जागरूक किया। इस यात्रा के दौरान ग्राम प्रधान, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, आशा कार्यकर्ता, संगिनी, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और स्वयंसेवक सक्रिय रूप से शामिल हुए। एमडीए यात्रा का दूसरा चरण बाराबंकी से सीतापुर के लिए रवाना हुआ। अभियान से ग्रामीण इलाकों में बढ़ी स्वास्थ्य जागरूकता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने अभियान को सफल बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता से कार्य कर रहा है। इसके लिए योगी सरकार द्वारा जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अभियान की सफलता के लिए जनसहयोग को आवश्यक बताया है और प्रदेश के हर नागरिक से अपील की है कि वे फाइलेरिया उन्मूलन अभियान में अपनी भूमिका निभाएं और दवाइयां जरूर खाएं। राज्य फाइलेरिया अधिकारी डॉ. ए.के. चौधरी ने इस पहल को सराहते हुए कहा कि अभियान के तहत अब तक काफी सफलता प्राप्त हुई है, और उम्मीद जताई है कि इस बार एमडीए अभियान में हम शत-प्रतिशत लोगों को दवा खाने में सफल होंगे। अभियान से न केवल फाइलेरिया की समस्या को समाप्त करने की दिशा में काम हो रहा है, बल्कि प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता भी बढ़ रही है। इस प्रयास को हर नागरिक का समर्थन मिल रहा है और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है, जिससे फाइलेरिया जैसी गंभीर समस्या का समाधान किया जा सकेगा।    

हर महीने 10 हजार डॉग बाइट केस, इंदौर में 9 साल में दोगुनी हुई घटनाएं

इंदौर इंदौर में आवारा कुत्तों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। रोजाना 150 से ज्यादा लोग कुत्तों के हमले (डॉग बाइट) के मामलों में अस्पताल पहुंच रहे हैं। इस गंभीर समस्या पर सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए कार्रवाई शुरू की है। कोर्ट के इस कदम से शहरवासियों में राहत की उम्मीद जगी है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने आदेश का स्वागत करते हुए इंदौर के लिए भी ऐसे ही निर्देश जारी करने की मांग की है। नगर निगम शेल्टर हाउस बनाकर कुत्तों को वहां स्थानांतरित करने की तैयारी कर रहा है। लाल अस्पताल के डॉक्टर आशुतोष शर्मा ने बताया कि रोज 150 से अधिक केस आ रहे हैं और यह घटते बढ़ते रहते हैं। प्रशासन ने कई अस्पतालों में डॉग बाइट के इंजेक्शन की व्यवस्था की है लेकिन मामले तेजी से बढ़ते ही जा रहे हैं।   इंदौर डॉग बाइट के मामले में प्रदेश में तीसरे पायदान पर है। यहां हर रोज औसतन 134 लोगों को कुत्ते अपना निशाना बना रहे हैं। एक दिन पहले ही बीएसएफ के छह जवानों को एक पागल कुत्ते ने अपना शिकार बनाया। शहर में हर महीने लगभग 10 हजार लोगों को स्ट्रीट डॉग शिकार बना रहे हैं। सिर्फ इंदौर के प्रमुख हुकुम चंद पॉलीक्लिनिक के आंकड़ों की बात करें तो औसतन 4 हजार 20 लोगों को आवारा कुत्तों ने शिकार बनाया है। यानी रोजाना 134 लोगों पर स्ट्रीट डॉग ने हमला किया है। 2 साल पहले 2023 में यह आंकड़ा कम था। 2023 तक हर महीने स्ट्रीट डॉग इंदौर में एवरेज 3 हजार 600 और रोजाना 120 लोगों को अपना शिकार बना रहे थे। अब यह आंकड़ा लगातार बढ़ता जा रहा है। हुकुम चंद पॉलीक्लिनिक (लाल अस्पताल) से मिले आंकड़ों के अनुसार इंदौर में जनवरी से लेकर जुलाई 2025 तक 28 हजार 142 लोगों को स्ट्रीट डॉग अपना शिकार बना चुके है। इसमें 28 अन्य वेक्सिन सेंटर और 350 नर्सिंग व प्राइवेट हॉस्पिटल का डेटा शामिल नहीं है। 9 साल में स्ट्रीट डॉग की संख्या दोगुनी इंदौर की अधिकांश कॉलोनियों और चौराहों पर देर रात निकलना अब और खतरनाक हो चुका है। पिछले 9 साल में स्ट्रीट डॉग के काटने की संख्या दोगुनी हो गई है। वहीं हर साल स्ट्रीट डॉग के शिकार लोगों की संख्या में 20% तक की बढ़ोतरी हो रही है। इनके काटने के बाद लोग एंटी रैबीज वैक्सीन लगाने के लिए एमटीएच स्थित हुकुम चंद पॉलीक्लिनिक पहुंचते हैं। आंकड़ों के अनुसार 1 जनवरी 2025 से 31 जुलाई 2025 तक इंदौर में 28 हजार 142 लोग आवारा कुत्तों के हमले से घायल हुए हैं। जबकि 9 साल पहले 2016 में यह आंकड़ा 20 हजार 455 था। यानी 2016 में सालभर में जितने स्ट्रीट डॉग ने लोगों को शिकार बनाया था उससे 8 हजार ज्यादा लोगों को 2025 में स्ट्रीट डॉग सिर्फ 7 महीने में ही अपना शिकार बना चुके हैं। इस हिसाब से देखा जाए तो 9 साल में इंदौर में डॉग बाइट के केस डबल हो गए हैं। इंदौर तीसरे, रतलाम पहले पायदान पर इंदौर डॉग बाइट के मामले में प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) द्वारा राष्ट्रीय रैबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत भारत सरकार के निर्देश पर मध्य प्रदेश के 6 बड़े शहरों इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और रतलाम में डाग बाइट्स के मामलों का सर्वे किया गया। यह सर्वे साल 2024 और जनवरी से जून 2025 के मध्य में किया गया है। इस सर्वे की रिपोर्ट के अनुसार छह शहरों में राजधानी भोपाल में डाग बाइट्स के सबसे कम मामले दर्ज हुए, जबकि रतलाम इस मामले में पहले स्थान पर रहा। वहीं उज्जैन दूसरे, इंदौर तीसरे, जबलपुर चौथे और ग्वालियर पांचवें स्थान पर रहा। खास बात यह है कि एनएचएम की रिपोर्ट के अनुसार जनवरी 2025 से जून 2025 तक इंदौर में 30 हजार 304 लोगों स्ट्रीट डॉग अपना शिकार बना चुके है। इंदौर में भी डॉग्स के लिए शेल्टर होम महापौर पुष्यमित्र भार्गव का कहना है "सुप्रीम कोर्ट का यह निर्देश केवल दिल्ली-एनसीआर के लिए है. इंदौर नगर निगम सुप्रीम कोर्ट में इंटरवेंशन एप्लिकेशन दायर करेगा. इंदौर की स्थिति भी न्यायालय के समक्ष रखी जाएगी. सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया जाएगा कि इंदौर जैसे बड़े शहरों के लिए भी ऐसे ही दिशा-निर्देश जारी किए जाएं. इसके लिए नगर निगम शेल्टर हाउस बनाकर वहां डॉग्स को शिफ्ट करने के लिए पूरी तरह तैयार है." इंदौर में डॉग बाइट के मामले इसलिए बढ़े दरअसल, इंदौर में डॉग्स द्वारा आम लोगों को काटने के मामले इसलिए भी अन्य शहरों की तुलना में ज्यादा है क्योंकि यहां सार्वजनिक स्थानों पर भोजन सामग्री अथवा कचरा डालना प्रतिबंधित है. ऐसी स्थिति में डॉग्स को आहार मिल पाना आमतौर पर मुश्किल रहता है, यही स्थिति अन्य मांसाहारी पक्षियों और पशुओं के साथ है. कई बार इस स्थिति में डॉग्स ज्यादा उग्र होने के कारण लोगों पर हमले कर देते हैं. इंदौर में हाल ही में एक बच्चे पर डॉगी के झुंड ने ऐसी ही स्थिति में हमला कर दिया था, जबकि परीक्षा देने जा रही एक छात्रा को घायल कर दिया था. 30 हजार डॉग्स की नसबंदी बड़ी चुनौती दरअसल, इंदौर में प्रतिदिन 600 से 800 लोगों को प्रतिदिन डॉगी के काटने के चलते बीते दिनों इंदौर जिला प्रशासन ने इनकी नसबंदी का अभियान चलाने के निर्देश दिए. इसमें नगर निगम के अलावा स्वयंसेवी संगठन ओर पशुपालन विभाग की टीम को मैदान में उतारा था, जो प्रतिदिन शहर में 25 से 30 नसबंदी कर पा रही है. हालांकि जिला प्रशासन ने 175 नसबंदी प्रतिदिन का टारगेट तय किया है, लेकिन नगर निगम की टीम इतनी संख्या में डॉग्स को पकड़ पाने की स्थिति में भी नहीं है. डॉग बाइट के मामले में इंदौर प्रदेश में तीसरे नंबर पर गौरतलब है कि मध्य प्रदेश में डॉग द्वारा काटने की घटनाओं को लेकर हाल ही में नेशनल हेल्थ मिशन की एक रिपोर्ट आई है. इसके अनुसार भोपाल डॉग बाइट्स के मामले में 6वें नंबर पर है. वहीं अन्य 5 जिलों में भोपाल से ज्यादा डॉग बाइट के मामले सामने आए है. नेशनल हेल्थ मिशन ने राष्ट्रीय रेबीज नियंत्रण कार्यक्रम के तहत मध्य प्रदेश के 6 शहरों में सर्वे किया था. इस सर्वे में इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन और … Read more

मोहन सरकार की सख्ती, भोपाल में मछली परिवार की कोठी पर चलेगा बुलडोजर

भोपाल प्रदेश की राजधानी भोपाल में मछली परिवार की अवैध संपत्तियों को ध्वस्त किया जा रहा है. जिनके सदस्यों पर 'लव जिहाद' और ड्रग सिंडिकेट चलाने के आरोप लगे हैं.राजधानी भोपाल में लव जिहाद और छात्र-छात्राओं को ड्रग्स सप्लाई करने के मामले में घिरे रसूखदार मछली परिवार पर कार्रवाई का सिलसिला जारी है। गुरुवार को मछली परिवार का रसूख कही जाने वाली तीन मंजिला कोठी को जमींदोज करने भारी पुलिस बल के साथ प्रशाशन के अधिकारी पहुंचे। स्थानीय लोगों ने मछली परिवार के साथ मिलकर भारी हंगामा किया, स्थिति तनाव की बनी हुई है। करीब छह हजार वर्ग फीट में तीन मंजिला कोठी का निर्माण तीन दशक पहले किया गया था। अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन की कीमत 10 करोड़ रुपये बताई जा रही है। विवाद को देखते हुए यहां सुबह से ही बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।  मोहन सरकार के निर्देश पर आज कोकता हथाईखेड़ा में जिला प्रशासन और पुलिस बल मौके पर पहुंच चुका है. मछली परिवार की अवैध संपत्तियों को ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा रही है, जिनके सदस्यों पर लव जिहाद और ड्रग सिंडिकेट के गंभीर आरोप हैं. इससे  कुछ दिन पहले मछली परिवार के अवैध रूप से बने फार्म हाउस को ध्वस्त किया गया था और अब मछली परिवार की एक प्रमुख संपत्ति को कड़ी सुरक्षा के बीच जमींदोज किया जा रहा है.  सुप्रीम कोर्ट ने एक गाइडलाइन जारी की थी। इसके तहत रिहायशी इलाकों में बिना पूर्व सूचना के कार्रवाई नहीं की जा सकती है। इस गाइडलाइन को देखते हुए प्रशासन ने कार्रवाई को कुछ दिनों के लिए रोक दिया था। साथ ही प्रशासन ने सारिक मछली और उसके भाइयों को कोठी खाली करने के लिए नोटिस जारी किया था। बताया जा रहा है कि मछली परिवार सुनवाई के दौरान कोठी और जमीन से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके पहले आरोपियों के कोकता में बने कारखाना, मदरसा, फार्म हाउस, मुर्गी फार्म, वेयर हाउस को जमींदोज करने की कार्रवाई की गई थी। उस समय सौ करोड़ रुपये जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया था, जो प्रदेश की सबसे बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है। सुबह तक कार्रवाई को रखा गोपनीय जानकारी अनुसार कागजों में पूरी तरह पुख्ता होने के बाद गुरुवार को कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। इसके पहले बुधवार देर रात तक अफसरों के बीच बैठकें हुईं। इस दौरान अवैध निर्माणों को तोड़ने की रणनीति तैयार की गई। इसे पूरी तरह गोपनीय रखा गया। गुरुवार को कोठी पर एक्शन के लिए कोकता पुलिस चौकी पर तीनों ही विभागों का अमले को बुलाया गया। यहां से मौके पर टीम के पहुंचते ही कार्रवाई शुरू की गई। इस दौरान अफसरों के मोबाइल की घंटियां बराबर बजती रहीं। खबर लिखे जाने तक निर्माणों को ढहाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई थी। कोठी से था मछली परिवार का रसूख   बताया जा रहा है कि मछली परिवार का यहां खासा दबदबा है। सरकारी जमीन होने के बाद भी यहां मनचाहा निर्माण किया गया। करीब छह हजार वर्ग फीट जमीन पर बनी तीन मंजिला कोठी इस परिवार की शान थी। यहां नेता से लेकर अफसरों तक का आना-जाना था। कोठी से ही परिवार पूरी गतिविधियां संचालित करता था। इन लोगों ने रेस्टोरेंट, शॉपिंग काम्प्लेक्स, मदरसा, शादी हॉल, मैरिज गार्डन, फार्म हाउस सहित कई अन्य निर्माण कर लिए थे। फार्म हाउस में बड़ी-बड़ी पार्टियां आयोजित होती थीं, जिसमें बड़ी-बड़ी हस्तियां भी शिरकत करती थीं। इस परिवार का रसूख इतना था कि कभी इनके इन अवैध निर्माणों की जांच तक नहीं हुई। लव जिहाद और ड्रग्स का मामला सामने आने के बाद एक-एक कर इनके द्वारा खड़ी की गई इमारतों को जमींदोज कर दिया गया। साथ ही तीन-चार दशकों से चला आ रहा रसूख भी मिट्टी में मिल गया। अभी तक मछली की इन प्रॉपर्टी पर हुई कार्रवाई     शकील अहमद पिता शरीफ अहमद का फार्म हाउस अनंतपुरा कोकता     सारिक पिता शरीफ अहमद का वेयर हाउस 40000 वर्ग फिट अनंतपुरा कोकता     शकील अहमद पिता शरीफ अहमद का सुमन फार्म शासकीय भूमि पर अनंतपुरा कोकता     इरशाद अहमद पिता सरफराज मोहम्मद खान द्वारा कारखाना शासकीय भूमि अनंतपुरा कोकता     अता उल रहमान पिता मुफ्ती रईस अहमद खान द्वारा शासकीय भूमि पर अवैध मदरसा का निर्माण।     सारिक अहमद उर्फ मछली, सोहेल अहमद, शफीक अहमद की शासकीय जमीन पर बनी तीन मंजिला कोठी। मछली परिवार का साम्राज्य ध्वस्त. ड्रग्स केस में शाहवर मछली और उसके भतीजे यासीन को क्राइम ब्रांच ने गैमन मॉल के पास से घेराबंदी कर गिरफ्तार किया था. तलाशी में उनके पास से तीन ग्राम एमडी ड्रग, एक देशी पिस्टल बरामद हुई थी. आरोपी राजस्थान से भी ड्रग लाते थे. सड़क के रास्ते नशे का सामान लाया जाता था. इसके बाद भोपाल के अलग-अलग पब और लाउंज में पुराने और भरोसेमंद फिक्स कस्टमरों तक ड्रग्स पहुंचाई जाती थी. सूबे के मुखिया मोहन यादव ने 'लव जिहाद' और ड्रग्स माफिया को लेकर पिछले दिनों बड़ा बयान दिया था. कहा था कि महिलाओं पर कुदृष्टि डालने वाले, ड्रग माफिया और लव जिहादियों को किसी भी स्थिति में नहीं छोड़ा जाएगा. लव जिहाद हो या ड्रग माफिया, इनके माध्यम से जो भी आपराधिक गतिविधियां की जा रही हैं, उन पर सख्त कार्रवाई करते हुए शिकंजा कसा जा रहा है. सीएम ने कहा कि राज्य सरकार किसी अपराधी को छोड़ने वाली नहीं है. सबको एक-एक कर ठिकाने लगाएंगे. सभी प्रकार के अपराधों पर अंकुश लगाते हुए बहन-बेटियों को हर संभव सुरक्षा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार संकल्पित है. 

सीएम विष्णु देव साय ने सूरजपुर में 211 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण व भूमिपूजन किया

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने सूरजपुर जिले के तिलसिवां में आयोजित छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव कार्यक्रम का वर्चुअल रूप से शुभारंभ किया और 211 करोड़ से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमि पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने सूरजपुर के नए बस स्टैंड स्थित अटल परिसर में भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी की आदमकद प्रतिमा का अनावरण किया तथा किसान मेला सह जैविक मेला का वर्चुअली शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री साय ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर हम सभी रजत जयंती वर्ष मना रहे हैं। यह अवसर छत्तीसगढ़ की गौरवशाली यात्रा का प्रतीक है। बीते 25 वर्षों में राज्य ने विकास के अनेक आयामों को स्पर्श किया है और अब हमें नए संकल्पों के साथ आगे बढ़ना है। उन्होंने सभी नागरिकों से एकजुट होकर प्रदेश को प्रगति की नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने का आह्वान किया।  मुख्यमंत्री साय ने स्व. अटल बिहारी वाजपेयी को स्मरण करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता अटल जी को नमन करता हूँ। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण कर यहां के लोगों को नई पहचान दी। वे देश और प्रदेश के युवाओं के लिए सदैव प्रेरणा स्रोत रहेंगे। मुख्यमंत्री ने वाजपेयी जी के राजनीतिक जीवन, काव्य प्रतिभा और राष्ट्रहित में किए गए कार्यों का भी स्मरण किया। मुख्यमंत्री साय ने राज्य सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि विगत 20 महीनों में मोदी की गारंटी के तहत अनेक जनकल्याणकारी कदम उठाए गए हैं। इनमें धान की खरीदी 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से, 70 लाख महिलाओं को महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता, तेंदूपत्ता संग्राहकों को पुनः चरण पादुका वितरण, किसानों को धान बोनस, 5 लाख 62 हजार भूमिहीन कृषि मजदूरों को 10 हजार रुपये की आर्थिक मदद, श्रद्धालुओं के लिए रामलला दर्शन योजना, बुजुर्गों के लिए 19 तीर्थ स्थलों की यात्रा और अटल डिजिटल सेवा केंद्रों की स्थापना शामिल है।  मुख्यमंत्री साय ने नक्सल उन्मूलन पर बोलते हुए कहा कि देश के गृहमंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में प्रदेश से नक्सलवाद समाप्त करने के प्रयास तेज गति से चल रहे हैं और मार्च 2026 तक बस्तर से नक्सलवाद पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि कुख्यात नक्सली बसवराजू का सफाया किया गया है तथा बड़ी संख्या में सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने वर्चुअल माध्यम से सभा को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य ने स्थापना के 25 वर्षों में विकास की नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं। उन्होंने अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा के अनावरण पर उपस्थित सभी लोगों को बधाई और शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी जी की ही देन है। उन्हीं के द्वारा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की शुरुआत की गई, जिससे गांव-गांव को मुख्य मार्ग से जोड़ा गया और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि  छत्तीसगढ़ सरकार निरंतर जनहित एवं बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध है। सड़क, पुल-पुलियों, पेयजल आपूर्ति और शहरी विकास के क्षेत्र में हुए कार्यों से न केवल ग्रामीण अंचलों में कनेक्टिविटी बढ़ी है, बल्कि नगरीय निकायों में भी आधारभूत संरचना का तेजी से विस्तार हुआ है। मुख्यमंत्री साय ने सूरजपुर जिले को 211 करोड़ 33 लाख रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी। इसमें 78 करोड़ 78 लाख रुपये की लागत से पूर्ण हुए 37 कार्यों का लोकार्पण किया गया, जिनमें लोक निर्माण विभाग के 04, लोक निर्माण विभाग (सेतु) के 03, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 20, नगरीय निकाय विभाग के 04, आदिवासी विकास विभाग के 03 तथा प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के 03 कार्य शामिल हैं। इसके साथ ही 132 करोड़ 55 लाख रुपये की लागत से होने वाले 55 कार्यों का भूमि पूजन किया गया, जिनमें लोक निर्माण विभाग के 14, लोक निर्माण विभाग (सेतु) के 04, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 22, जल संसाधन विभाग सूरजपुर के 07, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के 04, पुलिस विभाग का 01 तथा आदिवासी विकास विभाग के 03 कार्य सम्मिलित हैं। समारोह में मुख्यमंत्री साय ने किसान मेला सह जैविक मेला सह प्रदर्शनी सह प्रशिक्षण का भी शुभारंभ किया। आयोजित मेले में कृषि यंत्रों, जैविक खाद, कीटनाशक एवं बीज की नवीनतम किस्मों के साथ-साथ विभिन्न विभागों की प्रदर्शनी लगाई गई। किसानों को फसल चक्र परिवर्तन, फसल विविधीकरण, जैविक एवं प्राकृतिक खेती और जल संरक्षण जैसे विषयों पर जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि राज्य सरकार युवाओं को कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने रोजगार से जुड़े ऐसे आयोजनों को युवाओं के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण बताते हुए सभी हितग्राहियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। इस अवसर पर विभिन्न विभागों की योजनाओं से हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। मछली पालन विभाग से आइस बॉक्स व नाव-जाल, समाज कल्याण विभाग से मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल, स्वास्थ्य विभाग से वयवंदन, आयुष्मान एवं सिकल सेल कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत आवास की चाबी और चेक, महिला एवं बाल विकास विभाग से एलआईसी बॉण्ड, महिला समूहों को ऋण चेक व बकरी पालन हेतु ऋण, कृषि विभाग से सिंचाई पंप, रामतिल बीज और नलकूप-पंप अनुदान प्रदान किए गए। साथ ही एसईसीएल भटगांव क्षेत्र के 25 हितग्राहियों को रोजगार स्वीकृति आदेश भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में पाठ्यपुस्तक निगम के अध्यक्ष राजा पाण्डेय, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चन्द्रमणी पैकरा, श्रीमती रेखा राजवाड़े, लवकेश पैकरा, सूरजपुर जिले के रेडक्रॉस सोसाइटी अध्यक्ष बाबूलाल अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।

₹582 करोड़ की लागत से भोपाल में 700Km वाटर नेटवर्क, 30 हजार परिवारों तक पहुँचेगा नल-जल

भोपाल  राजधानी भोपाल में अमृत योजना-2.0 के तहत जलापूर्ति से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत की जाएगी। इस योजना के अंतर्गत 700 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जाएगी, साथ ही नई टंकियां, इंटकवेल और फिल्टर प्लांट भी स्थापित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज यानी गुरुवार 21 अगस्त को कुशाभाऊ कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में भूमिपूजन समारोह का आयोजन करेंगे, जिसमें जलापूर्ति कार्यों के लिए 582.32 करोड़ रुपये की लागत से भूमिपूजन किया जाएगा। इसके अलावा, 30 हजार घरों में नल कनेक्शन भी प्रदान किए जाएंगे। इस कार्यक्रम में महापौर मालती राय, निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, बीजेपी जिलाध्यक्ष रविंद्र यति, और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही, निगम के दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र और अभ्यार्थियों को नवीन नियुक्ति पत्र भी वितरित किए जाएंगे। स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में भोपाल को उत्कृष्ट स्थान प्राप्त होने पर सफाई मित्रों का सम्मान भी किया जाएगा। अमृत योजना-2.0 का उद्देश्य अगले 30 से 40 वर्षों के लिए जलापूर्ति प्रणाली को मजबूत करना है, ताकि बढ़ती जनसंख्या के अनुसार जलापूर्ति की व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे। योजना के तहत 4 नए इंटकवेल, 4 नए फिल्टर प्लांट, 36 बड़ी टंकियां और 30 हजार घरों में नल कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे। कुशाभाऊ कन्वेंशन सेंटर (मिंटो हॉल) में कार्यक्रम होगा। इसमें मुख्यमंत्री डॉ. यादव अमृत योजना-2.0 के तहत 582.32 करोड़ रुपए की लागत से जलापूर्ति संबंधी कार्यों एवं वार्डों में 50 अन्य विकास कार्य के लिए भूमिपूजन करेंगे। वहीं, निगम के दिवंगत कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति पत्र, अभ्यार्थियों को नवीन नियुक्ति पत्र भी देंगे। साथ ही स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 में भोपाल को उत्कृष्ट स्थान प्राप्त होने पर सफाई मित्रों का सम्मान भी किया जाएगा। महापौर मालती राय, निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, बीजेपी जिलाध्यक्ष एवं एमआईसी मेंबर रविंद्र यति, राजेश हिंगोरानी, मनोज राठौर समेत कई जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहेंगे। 36 बड़ी टंकियां, 4 फिल्टर प्लांट भी जानकारी के अनुसार, अमृत योजना-2.0 से शहर में वाटर नेटवर्क बिछाया जाएगा। अगले 30 से 40 साल के लिए स्कीम लाई गई है। ताकि, आबादी के हिसाब से सिस्टम काम करता रहे। योजना के तहत 4 नए इंटकवेल, 4 नए फिल्टर प्लांट, 36 बड़ी टंकियां, 700 किलोमीटर लंबी पानी की पाइप लाइन और 30 हजार घरों में नल कनेक्शन भी दिए जाएंगे।