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वेस्टर्न डिस्टर्बेंस का असर: राजस्थान में भारी बारिश और ठंडक

जयपुर राजस्थान में वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर मंगलवार को भी जारी रहा। पूर्वी जिलों में बादल छाए रहे और कई जगह हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग ने 9 जिलों में अलर्ट जारी किया है। 8 अक्टूबर से प्रदेश में मौसम साफ और सूखा रहने की संभावना है। सोमवार को जयपुर, नागौर, हनुमानगढ़, सीकर समेत कई जिलों में 4 इंच तक तेज बारिश हुई, जिससे खेतों में पानी भर गया और खरीफ की फसलें खराब हो गईं। बारिश और बादलों की वजह से तापमान में भारी गिरावट देखी गई। हनुमानगढ़ में दिन और रात के तापमान में सिर्फ 1 डिग्री का अंतर रहा। जयपुर में देर रात तक होती रही बारिश राजधानी जयपुर में सोमवार सुबह से शुरू हुआ बारिश का सिलसिला देर रात तक जारी रहा। मंगलवार सुबह भी करीब 3 बजे तक बारिश का दौर चला। बीते 24 घंटों के दौरान जयपुर में  92MM बरसात रिकॉर्ड की गई। जयपुर में छापरवाड़ा बांध के पास 92MM बारिश दर्ज हुई। दिल्ली रोड पर चांदवास पर 53, जालसू, दूदू, मौजमाबाद में 27-27, जोबनेर में 40, बैराठ में 52, शाहपुरा में 56, फागी में 35, चौमूं में 26, सांगानेर में 29MM बारिश हुई है। बारिश से पारा भी लुढ़का बारिश की वजह से प्रदेश में पारे में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 12 डिग्री तक गिरा। सीकर सबसे ठंडा रहा, जहां दिन का तापमान 22.5°C दर्ज हुआ। जयपुर 25.1°C, पिलानी 24.7°C, अलवर 24°C, चूरू 24.1°C, बीकानेर 29.3°C, उदयपुर 29°C और झुंझुनूं 24.9°C तक सीमित रहा। अब 8 अक्टूबर से प्रदेश में मौसम शुष्क रहेगा और तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी हो सकती है।  

दुर्गा पूजा मेले में भारी बारिश से दुकानदारों का नुकसान, व्यापारियों में बढ़ी चिंता

रांची झारखंड में भारी बारिश ने न सिर्फ दुर्गा पूजा उत्सव मनाने वालों के उत्साह को कम कर दिया, बल्कि त्योहारी खरीदारी से बेहतर लाभ की उम्मीद लगाए बैठे छोटे और मध्यम व्यापारियों को भी बड़ा झटका दिया। व्यापारी संगठनों के पदाधिकारियों ने यह जानकारी दी। राज्य की राजधानी रांची, औद्योगिक केंद्र जमशेदपुर और कोयला क्षेत्र धनबाद के व्यापारियों को डर है कि उनके नुकसान 25 प्रतिशत से 60 प्रतिशत के बीच हो सकते हैं। ‘फेडरेशन ऑफ झारखंड चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज' (एफजेसीसीआई) के अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ​​ने को बताया कि हालिया जीएसटी कटौती के कारण व्यापारियों को पिछले साल की तुलना में अधिक बिक्री की उम्मीद थी, लेकिन बारिश ने उनकी योजनाओं पर पानी फेर दिया। मल्होत्रा ​​ने कहा, ‘‘हमें त्योहारों के दौरान अच्छे कारोबार की उम्मीद थी और प्रमुख औद्योगिक इकाइयों ने पूजा से पहले बोनस की घोषणा की थी। केंद्र द्वारा हाल ही में माल एवं सेवा कर (जीएसटी) में कटौती की घोषणा किए जाने से उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें भी कम हुई हैं। हालांकि, मूसलाधार बारिश के कारण हमारी सारी उम्मीदें धराशायी हो गईं।'' व्यापारी संगठन के अध्यक्ष ने कहा कि भारी बारिश के कारण दुर्गा पूजा के दौरान रांची में व्यापार में पिछले वर्षों की तुलना में लगभग 60 प्रतिशत तक का नुकसान हुआ है। यह स्पष्ट रूप से जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में खुदरा विक्रेताओं के लिए हाल के वर्षों में त्योहार के दौरान सबसे खराब बिक्री का आंकड़ा था। यहां 300 से अधिक दुर्गा पूजा आयोजित की गई थी। ‘सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज' के एक वरिष्ठ पदाधिकारी विजय आनंद मूनका ने कहा, ‘‘बारिश के कारण लोग दुकानों पर नहीं आए और अपनी जरूरत की चीज़ें ऑनलाइन ऑर्डर कर दीं। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार 25 प्रतिशत का नुकसान हुआ है।'' बड़ी संख्या में कोयला खदानों वाले धनबाद में व्यापारियों ने अन्य वर्षों की तुलना में 60 प्रतिशत तक नुकसान का अनुमान लगाया है। ‘फेडरेशन ऑफ धनबाद जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज' के सचिव अजय नारायण लाल ने छोटे दुकानदारों की परेशानियों के बारे में कहा, ‘‘बारिश के कारण उनका कारोबार चौपट हो गया, जिससे वे बेहद परेशान हैं। उन्होंने सामान खरीदने, पूजा पंडालों के पास जगह बुक करने और स्टॉल पर कर्मचारियों की व्यवस्था करने में भारी निवेश किया था। हालात ऐसे हैं कि वे अपने कर्मचारियों को वेतन भी नहीं दे पा रहे हैं। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार नुकसान 60 प्रतिशत तक पहुंच गया है।'' रांची मौसम कार्यालय ने कहा कि राज्य में सितंबर तक 17 प्रतिशत अतिरिक्त बारिश हुई है।  

मौसम का मिज़ाज बदला: प्रदेश के 11 जिलों में ओले गिरने की संभावना, 15 क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश

लखनऊ उत्तर प्रदेश में मानसून के विदा होने से पहले पूरब और पश्चिम दोनों संभागों में जोरदार बारिश देखने को मिली है। अब पश्चिमी विक्षोभ के असर से सोमवार को पश्चिमी यूपी में ओले भी गिरने वाले हैं। माैसम विभाग ने सोमवार के लिए पश्चिमी तराई के सहारनपुर, शामली, बिजनाैर समेत 15 जिलों में गरज चमक के साथ ओले गिरने की आशंका जताई है। वहीं पश्चिम के 13 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। इस दाैरान 30 से 40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की भी चेतावनी है। लगभग 38 जिलों में मेघ गर्जन के साथ वज्रपात की भी आशंका है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से सोमवार को पश्चिमी यूपी के कई जिलों में भारी बारिश और गरज चमक के साथ ओले गिरने की चेतावनी है। बुधवार से पूर्वी और पश्चिमी यूपी में माैसम के शुष्क रहने के संकेत हैं। आज फिर बदल सकता है मौसम का मिजाज राजधानी में रविवार को दिन चढ़ने के साथ धूप खिली। पारा चढ़ने के साथ गर्मी भी बढ़ी। हवा में नमी ज्यादा होने के कारण दोपहर में तीखी धूप के साथ उमस बेकाबू होती गई। हालांकि सुबह और शाम के वक्त नमी से भरी ठंडी हवाओं के चलते ही गर्मी से थोड़ी राहत रही। रविवार को धूप की तेजी के चलते अधिकतम तापमान में करीब तीन डिग्री का उछाल दर्ज किया गया। माैसम विभाग का कहना है कि सोमवार को एक बार फिर राजधानी क्षेत्र में बादलों की सक्रियता बढ़ने के आसार हैं। इससे छिटपुट बूंदाबांदी की संभावना भी है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से सोमवार को लखनऊ में बादलों की आवाजाही के साथ बूंदाबांदी की परिस्थितियां बन सकती हैं। इससे गर्मी और उमस से राहत मिलेगी। विक्षोभी की तीव्रता ज्यादा रही तो मंगलवार को भी बादल और बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। रविवार को दिन का अधिकतम तापमान 2.9 डिग्री की उछाल के साथ 34 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। वहीं न्यूनतम तापमान बिना किसी बदलाव के साथ 24.2 डिग्री सेल्सियस रिकाॅर्ड हुआ।  

भोपाल समेत 20 जिलों में बारिश, अगले दिन मानसून की वापसी पर संशय

भोपाल   मध्य प्रदेश में पिछले 3 दिन से तेज बारिश का दौर चल रहा है। मौसम विभाग ने सोमवार को प्रदेश के कई जिलों में हल्की बारिश होने का अनुमान जताया है। मौसम विभाग के वैज्ञानिक अरुण शर्मा ने बताया कि अगले 3 दिन में हल्की बारिश का दौर रहेगा। वहीं, ग्वालियर-चंबल संभाग ड्राई रहेगा। फिलहाल कहीं भी भारी बारिश का अलर्ट नहीं है। रविवार को भोपाल समेत 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। बैतूल में 2 इंच से ज्यादा पानी गिर गया।  भदभदा और कलियासोत डैम एक-एक गेट खोले  रविवार को भोपाल, बैतूल समेत 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। भोपाल में ढाई इंच और बैतूल में 2 इंच से ज्यादा पानी गिर गया। भोपाल में शाम को तेज बारिश का दौर चला। भोपाल-इंदौर रोड पर इतनी तेज बारिश थी कि गाड़ियां रेंगती हुई चली। बारिश की वजह से भदभदा और कलियासोत डैम के एक-एक गेट रात में ही खोल दिए गए। गुना, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, श्योपुर, शिवपुरी, शाजापुर, सीहोर, छिंदवाड़ा, दमोह, सतना, सिवनी, बालाघाट में भी बारिश हुई। श्योपुर और सिवनी में करीब डेढ़ इंच पानी गिरा। देर रात तक प्रदेश के कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई। 10 से पूरे प्रदेश में मानसून की वापसी मौसम विभाग के अनुसार, अब तक ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम से मानसून विदा हो चुका है। राजगढ़ और अशोकनगर के कुछ हिस्से से मानसून विदा हुआ है। मौसम विभाग की माने तो मानसून की वापसी के लिए अभी परिस्थिति अनुकूल नहीं है, लेकिन 10 अक्टूबर तक पूरे प्रदेश से मानसून विदाई ले लेगा। इस साल मानसून ने मध्यप्रदेश में 16 जून को दस्तक दी थी। समय से एक दिन बाद मानसून प्रदेश में एंटर हुआ था। मौसम विभाग के अनुसार, 6 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी जिलों से मानसून विदा हो जाता है, लेकिन नया सिस्टम बनने से विदाई की तारीख आगे भी बढ़ सकती है। गुना में सबसे ज्यादा बारिश इस बार गुना में सबसे ज्यादा पानी गिरा है। 65.6 इंच बारिश दर्ज हुई। मंडला-रायसेन में 62 इंच से अधिक और श्योपुर-अशोकनगर में 56 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। वहीं, शाजापुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार सबसे कम बारिश वाले टॉप-5 जिलों में शामिल हैं। शाजापुर में 28.9 इंच, खरगोन में 29.6 इंच, खंडवा में 32 इंच, बड़वानी में 33.5 इंच और धार में 33.6 इंच पानी गिरा है।  एमपी में 24 घंटे के दौरान 21 जिलों में बारिश, रायसेन में 3.7 इंच बरस गया मध्यप्रदेश में पिछले 24 घंटे के दौरान 21 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। रायसेन में सबसे ज्यादा 3.7 इंच पानी गिर गया। भोपाल में ढाई इंच, बैतूल में 2 इंच, बालाघाट के मलाजखंड में 1.8 इंच, श्योपुर-शिवपुरी में 1.7 इंच, सिवनी में डेढ़ इंच, टीकमगढ़ में 1.2 इंच और नर्मदापुरम-दमोह में 1 इंच बारिश हुई। सागर, धार, छिंदवाड़ा, नर्मदापुरम, गुना, रतलाम, शाजापुर, सीहोर, देवास, राजगढ़, विदिशा समेत कई जिलों में हल्की बारिश का दौर बना रहा। इतनी तेज बारिश की भोपाल-इंदौर स्टेट हाईवे पर रेंगती हुई चली गाड़ियां रविवार को भोपाल, बैतूल समेत 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। भोपाल में ढाई इंच और बैतूल में 2 इंच से ज्यादा पानी गिर गया। भोपाल में शाम को तेज बारिश का दौर चला। भोपाल-इंदौर रोड पर इतनी तेज बारिश थी कि गाड़ियां रेंगती हुई चली। बारिश की वजह से भदभदा और कलियासोत डैम के एक-एक गेट रात में ही खोल दिए गए। गुना, नर्मदापुरम, पचमढ़ी, श्योपुर, शिवपुरी, शाजापुर, सीहोर, छिंदवाड़ा, दमोह, सतना, सिवनी, बालाघाट में भी बारिश हुई। श्योपुर और सिवनी में करीब डेढ़ इंच पानी गिरा। देर रात तक प्रदेश के कई जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई। 1 जून से 5 अक्टूबर तक कहां कितनी हुई वर्षा     मध्य प्रदेश में दीर्घावधि औसत से 21% अधिक वर्षा हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में औसत से 17% और पश्चिमी मध्य प्रदेश 25% अधिक वर्षा हुई है। एमपी में अब तक 47 इंच बारिश हो चुकी है वैसे 37.3 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 7.8 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37.2 इंच है। अब तक 122 प्रतिशत बारिश हो चुकी है पिछले मानसूनी सीजन में औसत 44 इंच बारिश हुई थी।     गुना में सबसे ज्यादा 65.5 इंच बारिश हुई। मंडला-रायसेन में 62 इंच और श्योपुर-अशोकनगर में 56 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। हालांकि शाजापुर, खरगोन, खंडवा, बड़वानी और धार में सबसे कम बारिश हुई।सबसे कम बारिश खरगोन में 27.3 इंच , शाजापुर में 28.7 इंच, खंडवा में 29.1 इंच, बड़वानी में 30.9 इंच और धार में 32.8 इंच हुई है।     ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, दतिया और श्योपुर में कोटे से ज्यादा पानी गिर चुका है। भोपाल, राजगढ़, रायसेन, विदिशा, अलीराजपुर, बड़वानी, कटनी, नरसिंहपुर, सिवनी, मंडला, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, रतलाम, मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना और उमरिया में बारिश का कोटा फुल हो चुका है।

दार्जिलिंग में बारिश ने मचाई तबाही, 18 लोगों की गई जान, राष्ट्रपति और पीएम ने जताया शोक

दार्जिलिंग उत्तर बंगाल में लगातार भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त है। दार्जिलिंग जिले में हुए भूस्खलन और पुल टूटने की घटनाओं में अब तक 18 लोगों की मौत हो गई है और दो लोग लापता बताए जा रहे हैं। मौक का आंकड़ा बढ़ने की आशंका है। जानकारी के मुताबिक, मिरिक और सुखिया क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण कई लोग हताहत हुए हैं। इस हादसे के बाद दार्जिलिंग जिला पुलिस राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई है। वहीं कालिम्पोंग में स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। लगातार बारिश से कई इलाकों का संपर्क टूट गया है और सड़क यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। पीएम मोदी ने जनहानि पर जताया दुख प्रधानमंत्री मोदी ने दार्जिलिंग में पुल ढहने की घटना पर दुख जताया है। पीएम मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा- दार्जिलिंग में एक पुल दुर्घटना में हुई जान-माल की हानि से अत्यंत दुःखी हूं। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति संवेदना। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। भारी बारिश और भूस्खलन के मद्देनजर दार्जिलिंग और आसपास के इलाकों की स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। हम प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। राष्ट्रपति ने भी हादसे पर जताया दुख राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस हादसे पर दुख जताया है। एक्स पर राष्ट्रपति भवन की तरफ से किए पोस्ट में लिखा गया- पश्चिम बंगाल के दार्जिलिंग में भारी बारिश और भूस्खलन के कारण हुई दुखद जनहानि अत्यंत दुखद है। मैं शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करती हूं। मैं बचाव एवं राहत कार्यों की सफलता की प्रार्थना और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दार्जिलिंग में भारी बारिश के कारण हुई जान-माल की हानि पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की टीमों को वहां तैनात किया गया है और जरूरत पड़ने पर और जवानों को भेजा जाएगा। शाह ने कहा कि उन्होंने दार्जिलिंग के सांसद राजू बिष्ट से भी बात की और वहां की स्थिति का जायजा लिया। शाह ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, दार्जिलिंग में भारी बारिश के कारण हुई दुखद जान-माल की हानि से गहरा दुख हुआ। मेरी संवेदनाएं उन लोगों के साथ हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करता हूं। गृह मंत्री ने कहा कि एनडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंच चुकी हैं और जरूरत पड़ने पर और टीमें भी वहां भेजी जाएंगी। उन्होंने यह भी कहा, भाजपा कार्यकर्ता भी जरूरतमंद लोगों को आवश्यक सहायता दे रहे हैं। लोहे का पुल ढहा, आवाजाही हुई बाधित पश्चिम बंगाल में भारी बारिश के कारण दुधिया में लोहे के पुल का एक हिस्सा ढह जाने के बाद सिलीगुड़ी-दार्जिलिंग एसएच-12 सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी गई है। मिरिक-सुखियापोखरी रोड के पास भूस्खलन सबसे बड़ा भूस्खलन मिरिक-सुखियापोखरी रोड के पास हुआ, जिसने कई घर बहा दिए और वाहनों की आवाजाही बाधित कर दी। इससे आसपास के कई छोटे गांवों से संपर्क टूट गया। दार्जिलिंग उप-निबंधक रिचर्ड लेप्चा ने कहा कि सात लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि अन्य के फंसे होने की आशंका है। लगातार बारिश के कारण राहत और बचाव कार्य प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों और स्वयंसेवकों की मदद से राहत अभियान चल रहा है। कई घर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं। भाजपा सांसद ने घटना पर जताया दुख वहीं इस घटना पर भाजपा सांसद राजू बिस्ता ने दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा दार्जिलिंग और कलिम्पोंग जिलों के कई हिस्सों में अत्यधिक भारी बारिश के कारण हुए भारी नुकसान के बारे में जानकर मुझे बेहद दुख हुआ है। मौतें हुई हैं, संपत्ति का नुकसान हुआ है और बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचा है। मैं स्थिति का जायजा ले रहा हूं और संबंधित अधिकारियों के संपर्क में हूं। कार्यकर्ताओं को लोगों की मदद करने का दिया निर्देश- राजू एक्स पर अपने पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा- हमने अपने भाजपा कार्यकर्ताओं को लोगों की मदद और सहायता के लिए जुटने का निर्देश पहले ही दे दिया है। हम अपने लोगों की मदद और सहायता के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। मैं अपने सभी गठबंधन सहयोगियों और क्षेत्र के अन्य राजनीतिक और सामाजिक संगठनों से भी समन्वय स्थापित करने की अपील करता हूं ताकि हम जरूरतमंद लोगों तक समय पर मदद और सहायता पहुंचा सकें।   अनौपचारिक रिपोर्ट्स में मृतकों की संख्या 11 तक पहुंची जिले के अधिकारियों के अनुसार, बिश्नुलाल गांव, वार्ड 3 लेक साइड और जसबीर गांव सबसे अधिक प्रभावित हुए। इस क्षेत्र से छह लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि एक व्यक्ति चाय बगान में मृत पाया गया। कई घर और चाय बगान के क्वार्टर मलबे में दब गए हैं। मामले में एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि भारी और लगातार बारिश के कारण प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचना मुश्किल हो गया है। 'भूमि खिसकने और कई घर क्षतिग्रस्त होने की रिपोर्ट हैं। नुकसान का पूरा आकलन अभी नहीं हो पाया है।' उन्होंने यह भी कहा कि मिट्टी और मलबे में राहत कार्य करने के लिए मशीनरी और आपातकालीन वाहन पहुंचाना बेहद कठिन है। अभी तक अनौपचारिक रिपोर्ट्स में मृतकों की संख्या 11 तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है। बचाव दल मलबे और मिट्टी के भारी परतों को हटाकर और लोगों को बचाने में जुटा है। सीएम ममता बनर्जी ने जताया दुख, टोल फ्री नंबर जारी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना पर दुख जताते हुए एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, 'मैं बहुत चिंतित हूं कि कल रात कुछ घंटों के भीतर अचानक भारी बारिश के कारण उत्तर बंगाल और दक्षिण बंगाल दोनों के कई इलाके बाढ़ में डूब गए हैं, साथ ही बाहर से हमारे राज्य में अत्यधिक नदी का पानी आ गया है… राज्य मुख्यालय और जिलों में 24×7 नियंत्रण कक्ष हैं। कृपया मेरे नबान्न आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष से +91 33 2214 3526 और +91 33 2253 5185 पर संपर्क करें, जबकि टोल फ्री नंबर +91 86979 81070 और 1070 हैं।' 6 अक्तूबर तक अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी … Read more

ताजा बर्फबारी के बाद लाहौल घाटी में अलर्ट जारी, जानें पूरा मौसम अपडेट

शिमला हिमाचल प्रदेश के जिला कुल्लू सहित जनजातीय क्षेत्र लाहौल स्पीति में मौसम ने फिर करवट ली है। रविवार सुबह से जहां कुल्लू घाटी में झमाझम बारिश हो रही है वहीं, लाहौल घाटी में ताजा बर्फबारी होने से तापमान में भारी गिरावट आई है। लाहौल में यह इस सीजन की पहली बर्फबारी है। रोहतांग दर्रा, बारालाचा समेत पूरी लाहौल घाटी में में ताजा बर्फबारी हो रही है। वहीं, बर्फबारी से रोहतांग मार्ग बंद हो गया है। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने रविवार को बारिश और ओलावृष्टि का येलो तथा सोमवार को ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से आठ अक्तूबर तक प्रदेश में मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है। इस दाैरान उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना भी है। सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ अरब सागर के साथ बंगाल की खाड़ी से उच्च नमी के संचार व अन्य अनुकूल स्थितियों के प्रभाव के साथ हिमाचल में प्रवेश कर रहा है। शनिवार को राजधानी शिमला सहित अधिकांश जिलों में मौसम साफ रहा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार राज्य में 8 अक्तूबर तक लगातार बारिश होने का पूर्वानुमान है। 5 से 7 अक्तूबर के दौरान बारिश की अधिक गतिविधि होने की संभावना है, जिसकी अधिकतम तीव्रता 6 अक्तूबर को होगी। कुछ स्थानों पर 5 से 7 अक्तूबर के दौरान गरज के साथ 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और ओलावृष्टि होने की संभावना है। इस दौरान अधिकांश स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। 5 अक्तूबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश और 6 अक्तूबर को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। 8 अक्तूबर को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। 7 अक्तूबर को राज्य में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। 9 अक्तूबर से पूरे प्रदेश में माैसम साफ बना रहने का पूर्वानुमान है। रविवार को ऊना, बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी व लाहाैल-स्पीति में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश का येलो अलर्ट है। 6 अक्तूबर को चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, सिरमौर और लाहौल-स्पीति में अलग-अलग स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश-बर्फबारी व ओलावृष्टि का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जबकि, किन्नौर, हमीरपुर व ऊना के लिए येलो अलर्ट है। 7 अक्तूबर को ऊना, चंबा व कांगड़ा के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट है। शिमला जिले के लिए 5 से 7 अक्तूबर तक अंधड़ का अलर्ट है। आगामी दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस की कमी आने और अधिकतम तापमान 5 से 9 डिग्री सेल्सियस कम हो सकता है। कहां कितना रहा न्यूनतम पारा शुक्रवार रात को शिमला में न्यूनतम तापमान 14.0, सुंदरनगर में 17.7, भुंतर में 15.0, कल्पा में 7.2, धर्मशाला में 16.6, ऊना में 18.2, नाहन में 19.0, सोलन में 16.3, मनाली में 10.9, कांगड़ा में 17.9, मंडी में 18.5, बिलासपुर में 20.9, हमीरपुर में 19.5, कुकुमसेरी में 6.6, नारकंडा में 10.7, भरमाैर में 12.6, रिकांगपिओ में 11.5 और ताबो में 3.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।  

भारी बारिश से ओडिशा बेहाल, भूस्खलन ने रोकी रफ्तार, यातायात पर पड़ा असर

गजपति ओडिशा में डीप डिप्रेशन के कारण भारी बारिश हुई, जिसने पूरे राज्य में जनजीवन को प्रभावित किया है. सड़कों पर पानी भरा, भूस्खलन हुए, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो लोग लापता बताए जा रहे हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, गुरुवार शाम को गहरे दबाव की स्थिति गंजम जिले के गोपालपुर तट के पास से गुजरी, जिसके बाद बारिश और तेज हो गई. मौसम विभाग ने शुक्रवार को भी भारी बारिश जारी रहने की संभावना जताई है. भूस्खलन से नुकसान, कई सड़कें बंद गजपति जिले में भारी बारिश के कारण कई जगहों पर भूस्खलन हुआ. पुलिस अधीक्षक जतिंद्र कुमार पांडा ने बताया कि आर. उदयगिरी पुलिस स्टेशन क्षेत्र में भूस्खलन के कारण एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई. वहीं, रायगढ़ ब्लॉक के पास पेकट गांव में 70 वर्षीय कार्तिक शबारा और उनके बेटे राजिब शबारा भूस्खलन में लापता हुए हैं,  रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है, लेकिन रायगढ़ को नुआगढ़ और आर. उदयगिरी से जोड़ने वाली सड़कें बंद हो गई हैं. इसके अलावा, महेंद्रगिरि पहाड़ियों पर फंसे 24 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया है. नदियों का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ का खतरा मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वाणिज्य और परिवहन मंत्री बिभूति भासन जेना को गजपति जिले में बचाव कार्यों की निगरानी करने का निर्देश दिया है. उन्होंने विशेष राहत आयुक्त को जिला प्रशासन को तत्काल सहायता प्रदान करने के लिए कहा है. मुख्यमंत्री ने गजपति जिले के कलेक्टर से बात कर स्थिति की जानकारी ली. गजपति में कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है, जिससे कई इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है. रेल और सड़क यातायात प्रभावित भारी बारिश और भूस्खलन के कारण दक्षिण ओडिशा में रेल सेवाएं प्रभावित हुईं हैं. ईस्ट कोस्ट रेलवे (ECoR) के अनुसार, कोट्टावलसा-किरंदुल और कोरापुट-रायगढ़ रेल लाइनों पर पत्थर गिरने से ट्रेन सेवाएं बाधित हुईं हैं. विशाखापत्तनम-किरंदुल नाइट एक्सप्रेस रद्द कर दी गई, जबकि किरंदुल-विशाखापत्तनम ट्रेन को कोरापुट तक शॉर्ट टर्मिनेट किया गया है. संतरागाछी-यशवंतपुर साप्ताहिक एक्सप्रेस का समय भी बदल दिया गया. वहीं, कोरापुट जिले में एक पुल के डूबने से राष्ट्रीय राजमार्ग 326 पर यातायात ठप है, जो ओडिशा को आंध्र प्रदेश से जोड़ता है. बारिश से अभी नहीं राहत, मौसम विभाग का अलर्ट IMD ने सात जिलों – पुरी, गंजम, गजपति, रायगढ़, कोरापुट, कालाहांडी और कंधमाल के लिए 'रेड अलर्ट' जारी किया है. जहां 20 सेंटीमीटर से अधिक बारिश की आशंका है. वहीं, 16 जिलों के लिए 'ऑरेंज अलर्ट' और बाकी सात जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया गया है. IMD के महानिदेशक मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि शुक्रवार सुबह तक कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होगी. मछुआरों को समुद्र में ना जाने की सलाह बता दें कि गोपालपुर में 73 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलीं. मौसम विभाग ने मछुआरों को 3 अक्टूबर तक समुद्र में न जाने की सलाह दी है. प्रशासन की तैयारी राज्य सरकार ने संवेदनशील जिलों में आपदा प्रबंधन टीमें और मशीनरी तैनात की हैं. बंदरगाहों पर 'स्थानीय सावधानी संकेत (LC-3)' लागू किया गया है, जो जहाजों के लिए चेतावनी प्रणाली है.

मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी: बिहार में अगले 5 दिन भारी बारिश और बिजली गिरने का खतरा

पटना मौसम विज्ञान केंद्र ने बिहार के कई जिलों में तेज हवा, मध्यम बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक राज्य भर में मौसम बिगड़ा रह सकता है। मौसम विभाग ने 3 से 7 अक्टूबर तक पूरे बिहार में लगातार बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, इस महीने राज्य के दक्षिण- पश्चिम हिस्सों में अधिकतम तापमान सामान्य, जबकि शेष क्षेत्रों में सामान्य से कम रह सकता है।  केंद्र ने जिन जिलों के लिये अलर्ट जारी किया है उनमें औरंगाबाद, अरवल, जहानाबाद, पटना, गया जी, नालंदा, पूर्वी चंपारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, दरभंगा, सीतामढ़ी, शिवहर, समस्तीपुर, बेगूसराय और मधुबनी शामिल हैं। इन जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने, मध्यम वर्षा और वज्रपात की संभावना जताई गई है। वहीं दो अक्टूबर को सीतामढ़ी, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, वैशाली, शिवहर, समस्तीपुर, सुपौल, अररिया, किशनगंज, मधेपुरा, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार, भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर और खगड़िया में बारिश हो सकती है। अक्टूबर में अधिकतम तापमान 31 से 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 22 से 24 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है। पटना का तापमान दो अक्टूबर को अधिकतम 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस, तीन अक्टूबर को अधिकतम 31 डिग्री सेल्सिअस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस और चार अक्टूबर को अधिकतम 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस  रहेगा।

दशहरे पर बारिश का अलर्ट: MP में अगले 4 दिन हल्की बरसात और तेज हवा का अनुमान

भोपाल  विदाई के बीच इस सप्ताह मध्यप्रदेश में मानसूनी बारिश की एक और झड़ी लगेगी। मौसम विभाग के अनुसार, 1 अक्टूबर से नया सिस्टम एक्टिव हो रहा है। इससे दशहरे के दिन भी कई जिलों में बारिश हो सकती है। दक्षिणी हिस्से में ज्यादा असर रहेगा। फिलहाल हल्की बारिश का अलर्ट।  मध्यप्रदेश में इस बार बारिश के बीच रावण दहन होगा। नए सिस्टम की वजह से मौसम विभाग ने बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस वजह से वाटरप्रूफ पुतलों की डिमांड बढ़ गई है। भोपाल में सजे रावण के पुतलों की मंडी यानी, बाजार में वाटरप्रूफ पुतले की मांग की जा रही है। सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया, अगले 4 दिन तक प्रदेश में हल्की बारिश होने का अनुमान है। गरज-चमक और तेज हवा की स्थिति भी बनी रही। पांचवें दिन से तेज बारिश का दौर फिर से शुरू हो सकता है। इससे पहले सोमवार को भी बारिश का दौर जारी रहा। ग्वालियर से मानसून लौट गया है, लेकिन सोमवार को यहां 9 घंटे में सवा इंच पानी बरस गया। भोपाल, दतिया, खरगोन, बड़वानी, नर्मदापुरम, मंडला, सागर में भी हल्की बारिश दर्ज की गई। साल 2022 में भी यही स्थिति बनी थी। भोपाल में पेट्रोल छिड़ककर पुतले जलाने पड़े थे। हालांकि, ग्वालियर-उज्जैन समेत प्रदेश के 12 जिलों से मानसून पूरी तरह से लौट चुका है, लेकिन 1 अक्टूबर से एक्टिव हो रहे नए सिस्टम का असर इन जिलों में भी देखने को मिल सकता है। पिछले 3 दिन से यहां हल्की बारिश हो रही है। इधर, लिंक रोड नंबर-2 पर ही वन विभाग का मुख्यालय भी है। इसके ठीक सामने रावण के पुतलों का बाजार सजा है। ऐसे में सोमवार दोपहर में बाजार हटाने को लेकर विवाद की स्थिति बन गई। कई कारीगर ऑफिस के बाहर पहुंचे और दुकान हटाने का विरोध करने लगे। पुलिस भी मौके पर पहुंची। हालांकि, बाद में मामला शांत हो गया। बड़वानी जिला मुख्यालय से 11 किलोमीटर दूर तलवाड़ा बुजुर्ग गांव के खेतों में बारिश का पानी घुस गया। स्थानीय किसान राकेश मुकाती ने कहा- तीन हेक्टेयर खेत में लगी भिंडी और मक्के की फसल खराब हो गई है। करीब 80 हजार रुपए का नुकसान हुआ। वहीं, खरगोन में नमी की वजह से कपास की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। मंडी में नीलामी एक सप्ताह के लिए रोक दी गई है। किसान अपने घरों में तो जिनिंग संचालक फैक्ट्री परिसर में कपास सुखा रहे हैं। केके फायबर्स के संचालक प्रितेश अग्रवाल ने कहा- जिनिंग फैक्ट्री में सूखने के लिए रखा 700 क्विंटल कपास गीला होकर बह गया। बारिश के कारण किसान खेतों से कपास की चुनाई नहीं करा पा रहे हैं। गीला कपास पौधों से टूटकर गिर रहा है।  भोपाल में 40 फीट तक ऊंचे पुतले भोपाल के बांसखेड़ी, तुलसी नगर, ईंटखेड़ी समेत कई स्थानों पर करीब 300 कारीगर पुतले तैयार कर रहे हैं। बाजार में 5 फीट से लेकर 40 फीट तक ऊंचे पुतले हैं। जिनकी कीमत 50 हजार रुपए तक है। शहर में छोटे-बड़े करीब 7 हजार पुतलों का दहन होगा। कारीगर वैदिक कुमार वंशकार ने बताया, बारिश की वजह से मार्केट धीमा है। अभी 10 से 12 ऑर्डर ही आए हैं। पिछले साल ज्यादा आए थे। वॉटरप्रूफ पुतले की डिमांड तो है, लेकिन उसकी लागत अधिक आती है। पुतलों पर प्लास्टिक पेंट भी कर रहे हैं। कारीगर प्रेम बंसल ने बताया, बारिश की वजह से पुतलों को सहेजना मुश्किल हो रहा है, क्योंकि अब तक लोग पुतले लेकर नहीं गए हैं। दशहरे को सिर्फ 3 दिन बचे हैं। यदि बारिश होती है तो ज्यादा दिक्कतें होंगी। इस बार महंगे हैं पुतले कारीगर प्रेम ने बताया कि इस बार पुतले की लागत बढ़ी है। बांस, कपड़ा, धागा समेत अन्य सामग्री के रेट बढ़ गए हैं। जो पुतले हम ग्राहक को देते हैं, वे बिना पटाखों के होते हैं। यदि कोई पुतलों में पटाखे रखवाना चाहेंगे तो उसकी कीमत बढ़ जाएगी। दो साल से दशहरे पर बारिश का दौर बता दें कि 2022 में 5 अक्टूबर को दशहरा था। इस समय प्रदेश से मानसून की वापस हो रही थी। इस वजह से कई जिलों में तेज बारिश हुई थी। इससे मध्यप्रदेश में दशहरे पर रावण के पुतले को श्रीराम के बाण से पहले ही इंद्र के बाणों का सामना करना पड़ा था। बारिश की वजह से राजधानी में भी रावण के पुतले भीग गए थे। बांसखेड़ी इलाके में कारीगरों को पुतले बस स्टॉप में रखना पड़े थे। इससे उन्हें खासा नुकसान हुआ था। एक सप्ताह बाद से विदाई शुरू होगी नया सिस्टम बनने की वजह से प्रदेश में मानसून की विदाई फिलहाल नहीं होगी। एक सप्ताह के बाद मानसून लौटने लगेगा। बता दें कि अब तक प्रदेश के 12 जिलों से मानसून विदा हो चुका है। इनमें ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम भी शामिल हैं। राजगढ़ और अशोकनगर के कुछ हिस्से से मानसून विदा हुआ है। मौसम विभाग की माने तो मानसून की वापसी के लिए अभी परिस्थिति अनुकूल नहीं है। बता दें कि इस साल मानसून ने मध्यप्रदेश में 16 जून को दस्तक दी थी। समय से एक दिन बाद मानसून प्रदेश में एंटर हुआ था। मौसम विभाग के अनुसार, 6 अक्टूबर तक प्रदेश के सभी जिलों से मानसून विदा हो जाता है, लेकिन नया सिस्टम बनने से विदाई की तारीख आगे भी बढ़ सकती है। अब तक 122 प्रतिशत बारिश बता दें, प्रदेश में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 45.1 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 37.3 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 7.8 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37.2 इंच है। यह कोटा पिछले सप्ताह ही पूरा हो गया है। अब तक 122 प्रतिशत बारिश हो चुकी है।

रायपुर : प्रदेश में अब तक 1140.1 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज

रायपुर छत्तीसगढ़ में 1 जून से अब तक 1140.1 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा स्थापित राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश में अब तक बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1562.9 मि.मी. वर्षा रिकार्ड की गई है। बेमेतरा जिले में सबसे कम 527.5 मि.मी. वर्षा दर्ज हुई है।   रायपुर संभाग में रायपुर जिले में 1030.6 मि.मी., बलौदाबाजार में 920.5 मि.मी., गरियाबंद में 1096.9 मि.मी., महासमुंद में 958.8 मि.मी. और धमतरी में 1057.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बिलासपुर संभाग में बिलासपुर जिले में 1132.4 मि.मी., मुंगेली में 1113.3 मि.मी., रायगढ़ में 1334.9 मि.मी., सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 1074.5़ मि.मी., जांजगीर-चांपा में 1351.2 मि.मी., सक्ती में 1241.9 मि.मी., कोरबा में 1117.0 मि.मी. और गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही 1038.8 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। दुर्ग संभाग में दुर्ग जिले में 884.8 मि.मी., कबीरधाम में 808.0 मि.मी., राजनांदगांव में 974.5 मि.मी., मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1415.5 मि.मी., खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 874.1 मि.मी. और बालोद में 1251.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। सरगुजा संभाग में सरगुजा जिले में 760.2 मि.मी., सूरजपुर में 1142.5 मि.मी., बलरामपुर में 1520.0 मि.मी., जशपुर में 1056.5 मि.मी., कोरिया में 1195.1 मि.मी. और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 1075.5 मि.मी. औसत वर्षा दर्ज हुई है। बस्तर संभाग में बस्तर जिले में 1531.1 कोंडागांव जिले में 1100.3 मि.मी., कांकेर में 1321.9 मि.मी., नारायणपुर में 1397.1 मि.मी., दंतेवाड़ा में 1552.8 मि.मी., और सुकमा जिले में 1205.1 मि.मी. औसत वर्षा रिकार्ड की जा चुकी है।