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एमपी के IAS अफसर मोदी सरकार में बने प्रशासनिक रीढ़, अब नौ मंत्रालयों में लीडरशिप

भोपाल  पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की केंद्र सरकार में उत्तर भारतीय राज्यों के वरिष्ठ नौकरशाहों को बोलबाला है। मोदी सरकार (Modi Government) के चुस्त व नतीजे देने वाले प्रशासन की रीढ़ माने जाने वाले मंत्रालयों के सचिव पदों का जिम्मा मध्यप्रदेश सहित बिहार के आला अफसर संभाल रहे है। पूर्ववर्ती यूपीए सरकार में जहां दक्षिण भारतीय अधिकारी प्रमुख मंत्रालयों की कमान संभाले हुए थे वहीं मोदी के शासन संभालने के बाद धीरे-धीरे ट्रेंड बदला है और मौजूदा दौर में उत्तर भारत की नौकरशाही प्रभावी है। अब मध्यप्रदेश के आइएएस अफसर सबसे आगे निकल गए है। फिलहाल 9 केंद्रीय मंत्रालयों की कमान मध्यप्रदेश और 7 मंत्रालयों की कमान बिहार के आइएएस अफसरों के पास है। वहीं उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य के 6 आइएएस अफसर केंद्रीय मंत्रालयों का नेतृत्व कर रहे है। राजस्थान के भी चार अफसर सचिव के तौर पर काम कर रहे हैं। सचिव स्तर के अधिकारियों की संख्या में सबसे बड़े राज्य उत्तरप्रदेश व महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात जैसे बड़े राज्यों के अफसर पीछे हैं। कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन तमिलनाडु व गृह सचिव गोविंद मोहन सिक्किम काडर के आइएएस अफसर हैं। ये संभाल रहे जिम्मेदारी मध्यप्रदेश के IAS और उनके मंत्रालय     IAS दीप्ति गौड़ मुखर्जी- कारपोरेट मामलात     IAS विवेक अग्रवाल- संस्कृति     IAS अलका उपाध्याय- पशुपालन एवं डेयरी     IAS वीएल कांताराव- खनन     IAS पंकज अग्रवाल- ऊर्जा     IAS नीलम शमीराव- टैक्सटाइल     IAS हरि रंजन राव– खेल     IAS पल्लवी जैन गोविल, युवा कल्याण     IAS मनोज गोविल, सचिव समन्वय राजस्थान     IAS रजत कुमार मिश्रा, रसायन एवं उर्वरक     IAS तन्मय कुमार, पर्यावरण, वन व क्लाइमेट चेंज     IAS वी श्रीनिवास, प्रशासनिक सुधार एवं कार्मिक     IAS नरेशपाल गंगवार, पशुपालन डेयरी व मत्स्य छत्तीसगढ़     IAS अमित उठावाल, फार्मास्यूटिकल्स परफार्मेस की कद्र केंद्र में बेहतर परफार्मेंस की कद्र हो रही है। तो ये अच्छा है। एमपी के अफसर बेहतर परफार्मेंस वाले हैं इसलिए उनकी संख्या बढ़ रही रही है। -एसपीएस परिहार, पूर्व केंद्रीय सचिव

एमसीबी में सड़क सुरक्षा सप्ताह: मनेंद्रगढ़ में वाद-विवाद प्रतियोगिता के जरिए युवाओं ने दिखाई जागरूकता

एमसीबी : मनेंद्रगढ़ में सड़क सुरक्षा सप्ताह पर जिला स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता हुई संपन्न नव्या गुप्ता ने हासिल की प्रथम स्थान एमसीबी सड़क सुरक्षा सप्ताह के अंतर्गत जिला स्तरीय वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी विद्यालय मनेंद्रगढ़ में उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रतियोगिता में विकासखंड स्तर पर चयनित छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और सड़क सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। निर्णायकों द्वारा परिणाम घोषित किए गए, जिसमें प्रथम स्थान नव्या गुप्ता (वीएसएसएन विद्यालय भरतपुर), द्वितीय स्थान शिवेंद्र तिवारी (सेजेस भरतपुर) तथा तृतीय स्थान साक्षी सिंह (शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बेलबहरा) को प्रदान किया गया। प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने सड़क दुर्घटनाओं की भयावहता पर प्रकाश डालते हुए मृत्यु दर के आंकड़े प्रस्तुत किए और दुर्घटनाओं में कमी लाने के उपायों पर विस्तार से सुझाव दिए। उन्होंने सड़कों पर बैठे आवारा पशुओं, जगह-जगह गड्ढों और यातायात नियमों की अनदेखी जैसी समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया तथा दुर्घटना पीड़ितों को बचाने के लिए जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। प्रतियोगिता में विजेताओं को सम्मानित करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त छात्रा को 7000 रुपए, द्वितीय स्थान को 5000 रूपये। और तृतीय स्थान को 3000 रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई, वहीं सांत्वना पुरस्कार स्वरूप प्रत्येक प्रतिभागी छात्र-छात्रा को 2000 रुपए का चेक दिया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में डिप्टी कलेक्टर इंदिरा मिश्रा, जिला शिक्षा अधिकारी आर.पी. मिरे, पुष्कर तिवारी, अनीता फरमानिया, अभिषेक पांडे, नीलम दुबे, मधुमिता चौधरी, रामाश्रय शर्मा, डॉ. विनोद पांडेय, द्वारिका मिश्रा और सूर्याेदय सिंह सहित अनेक शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के समापन अवसर पर नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत डिप्टी कलेक्टर इंदिरा मिश्रा ने उपस्थित सभी लोगों को नशा मुक्ति की शपथ दिलाई। आभार प्रदर्शन जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा किया गया।

भारतीय सेना में रीवा की बेटी आयुषी वर्मा का चयन, लेफ्टिनेंट पद पर मिली सफलता

रीवा  मध्य प्रदेश के रीवा की रहने वाली छात्रा आयुषी वर्मा ने जिले का नाम रोशन कर दिया है। यूपीएससी सीडीएस की परीक्षा में उन्होंने देशभर में 24वीं रैंक हासिल की है। छात्रा का सिलेक्शन भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद पर हुआ है। यूपीएससी सीडीएस का रिटेन एग्जाम देने बाद उनके 5 इंटरव्यू हुए जिसमें उन्होंने सफलता हासिल की। आयुषी वर्मा ने स्कूल की पढ़ाई के दौरान ही सेना में जाने का मन बना लिया था। पोस्टर देखकर किया सेना में जाने का फैसला आयुषी वर्मा ने कहा कि जब मैं स्कूल जाती थी उसे समय रीवा की रहने वाली अवनी चतुर्वेदी का सिलेक्शन भारतीय वायुसेना में हुआ था। उनके सिलेक्शन के बाद पूरे शहर में बड़े-बड़े होर्डिंग्स लगाए गए थे। इस होर्डिंग्स और पोस्टर को देखकर ही मैंने सोचा था कि मैं भी सेना में जाऊंगी। आयुषी वर्मा ने बताया कि वह ट्रेनिंग के बाद भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट पद संभालेंगी। रीवा में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद वह इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के लिए इंदौर गईं। इंदौर से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने सीडीएस का एग्जाम दिया और उसमें सफलता हासिल कर भारतीय सेना में शामिल हुई हैं। आयुषी ने बताया कि उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के दौरान ही सीडीएस की तैयारी शुरु कर दी थी। वह अपना ज्यादातर वक्त किताबों के साथ ही गुजारती थीं। कैसा है फैमिली बैकग्राउंड आयुषी वर्मा के पिता रमेश वर्मा एक विद्यालय में सपोर्ट टीचर हैं। उन्होंने कहा कि आयुषी बचपन से ही पढ़ने लिखने में काफी तेज थी। पढ़ाई के अलावा वह जूडो-कराटे की भी अच्छी खिलाड़ी है। उसने अपना एक लक्ष्य निर्धारित किया और जमकर पढ़ाई की और मेहनत का परिणाम है कि वह सीडीएस जैसी परीक्षा उत्तीर्ण कर सेना में लेफ्टिनेंट बन गई है। आयुषी की मां का नाम ममता वर्मा है और वह गृहणी हैं। मां ममता वर्मा ने कहा कि मेरा बेटा भी सेना में जाना चाहता था। उसने भी सीडीएस की परीक्षा पास कर ली थी लेकिन कुछ मेडिकल कारणों के वजह से नहीं जा पाया। आज बेटी ने उन सपनों को साकार कर दिया है।

नगर निगम की गलती? इंदौर में चौराहों के नाम बदलने पर कार्रवाई संभव

 इंदौर  चंदन नगर में रातोरात चौराहों के नाम बदलकर बोर्ड लगाने के मामले में जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट निगमायुक्त शिवम वर्मा को सौंप दी है। रिपोर्ट में सहायक इंजीनियर वैभव देवलासे और सब इंजीनियर राम गुप्ता की गलती सामने आई है। निगमायुक्त सोमवार को रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दे सकते हैं। चंदन नगर क्षेत्र में पिछले दिनों कई सड़कों के नाम बदलते हुए बोर्ड लगा दिए गए थे। चंदूवाला रोड को गौसिया रोड, मिश्रावाला रोड को ख्वाजा रोड और लोहा गेट रोड को रजा गेट नाम दे दिया गया था। सोशल मीडिया पर इन बोर्ड की तस्वीर वायरल होने के बाद पूरे शहर में बवाल मचा था। शिकायत महापौर पुष्यमित्र भार्गव तक पहुंची जिसके बाद निगम ने कार्रवाई करते हुए बोर्ड हटा दिए थे। इस मामले में जांच के लिए निगमायुक्त ने अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की थी। इस कमेटी ने अपनी रिपोर्ट निगमायुक्त को सौंप दी है। रिपोर्ट में प्रथमदृष्टत: सहायक इंजीनियरों को इस गड़बड़ी के लिए दोषी माना गया है। रिपोर्ट में कहा है कि सहायक इंजीनियर देवलासे ने बोर्ड पर नाम गलत होने के बावजूद ठेकेदार द्वारा दी गई डिजाइन को जस का तस स्वीकार कर लिया। उन्हें बोर्ड पर नाम गलत होने की जानकारी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को देनी थी, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसी तरह गलत नाम वाले बोर्ड की डिजाइन सब इंजीनियर गुप्ता ने देखी, उन्होंने ही इस डिजाइन को अप्रूव किया था। जांच में यह बात भी सामने आई है कि ठेकेदार कंपनी ने अधिकारियों को नामों की जानकारी दिए बगैर डिजाइन बनाई और सोशल मीडिया पर ही इसकी मंजूरी लेकर बोर्ड तैयार कर लगवा दिए। हमने रिपोर्ट दे दी है     जांच समिति ने मामले की जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट निगमायुक्त को सौंप दी है। रिपोर्ट पर क्या कार्रवाई होनी है, वह निगमायुक्त ही तय करेंगे। – अभय राजनगांवकर, अपर आयुक्त इंदौर नगर निगम  

बाढ़ से तबाही जारी: पंजाब में लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन, जानें हालात

जालंधर/चंडीगढ़  पंजाब के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अब तक कुल 14936 लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की पूरी मशीनरी, एन.डी.आर.एफ, एस.डी.आर.एफ, सेना और पंजाब पुलिस के जवान बाढ़ में लोगों की जान-माल की सुरक्षा के लिए दिन-रात डटे हुए हैं। उन्होंने बताया कि जिला अमृतसर से 1700, बरनाला से 25, फाजिल्का से 1599, फिरोजपुर से 3265, गुरदासपुर से 5456, होशियारपुर से 1052, कपूरथला से 362, मानसा से 163, मोगा से 115, पठानकोट से 1139 और जिला तरन तारन से अब तक 60 व्यक्तियों को बाढ़ के पानी से सुरक्षित निकाला गया है। मुंडियां ने कहा कि जैसे-जैसे निकाले गए लोगों की संख्या बढ़ रही है, उसी अनुसार राहत शिविरों की संख्या भी बढ़ाई गई है। इस समय राज्य के बाढ़ प्रभावित इलाकों में 122 राहत शिविर चल रहे हैं, जिनमें 6582 व्यक्तियों को ठहराया गया है। कैबिनेट मंत्री ने बताया कि अमृतसर में 16, बरनाला में 1, फाजिल्का में 7, फिरोजपुर में 8, गुरदासपुर में 25, होशियारपुर में 20, कपूरथला में 4, मानसा में 1, मोगा में 5, पठानकोट में 14, संगरूर में 1 और पटियाला में 20 राहत शिविर स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि सभी डिप्टी कमिश्नरों को निर्देश दिए गए हैं कि इन शिविरों में आवश्यक सुविधाओं की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने बताया कि अमृतसर के शिविरों में 170, बरनाला में 25, फाजिल्का में 652, फिरोज़पुर में 3987, गुरदासपुर में 411, होशियारपुर में 478, कपूरथला में 110, मानसा में 163, मोगा में 115, पठानकोट में 411 और जिला संगरूर के राहत शिविरों में 60 व्यक्ति ठहरे हुए हैं।   हरदीप सिंह मुंडियां ने बाढ़ में जान माल की रक्षा के लिए दिन रात डटे एन.डी.आर.एफ, एस.डी.आर.एफ, सेना, पंजाब पुलिस और समाजसेवी संस्थाओं का इस कठिन समय में सहयोग देने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि इस समय गुरदासपुर में एन.डी.आर.एफ की 6 टीमें और फाजिल्का, फिरोजपुर, पठानकोट तथा अमृतसर में 1-1 टीम तैनात है। इसी तरह कपूरथला में एस.डी.आर.एफ. की 2 टीमें सक्रिय हैं। कपूरथला, गुरदासपुर, फिरोजपुर और पठानकोट में सेना, नौसेना और वायुसेना भी मोर्चा संभाले हुए हैं, जबकि बी.एस.एफ. की 1-1 टीम गुरदासपुर और फिरोजपुर में राहत कार्यों में लगी हुई है। पंजाब पुलिस और फायर ब्रिगेड भी कपूरथला और फिरोजपुर के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन की मदद कर रही है। उन्होंने बताया कि इस समय कपूरथला में 15 नावें, फिरोजपुर में 12 नावें और पठानकोट में 4 नावें लगाई गई हैं, जबकि जहां कहीं भी एयरलिफ्ट की आवश्यकता होती है, वहां तत्काल कार्रवाई की जा रही है। राजस्व मंत्री ने बताया कि बाढ़ के कारण अब तक पंजाब के कुल 1312 गांव प्रभावित हुए हैं। इनमें अमृतसर के 93, बरनाला के 26, बठिंडा के 21, फतेहगढ़ साहिब का 1, फाजिल्का के 92, फिरोजपुर के 107, गुरदासपुर के 324, होशियारपुर के 86, जालंधर के 55, कपूरथला के 123, लुधियाना के 26, मालेरकोटला के 4, मानसा के 77, मोगा के 35, पठानकोट के 81, पटियाला के 14, रूपनगर के 2, संगरूर के 22, एस.ए.एस. नगर का 1, एस.बी.एस. नगर के 3, श्री मुक्तसर साहिब के 74 और तरनतारन के 45 गांव शामिल हैं।

BCCI को नया स्पॉन्सर चाहिए: ड्रीम11 के जाने के बाद 450 करोड़ रुपये का टारगेट

 नई दिल्ली ऑनलाइन गेमिंग पर संसद से कानून बनने के बाद भारतीय क्रिकेट टीम की स्पॉन्सर ड्रीम11 ने अपना करार तय समय से करीब एक साल पहले ही खत्म कर दिया है। उसके बाद से ही बीसीसीआई को अब नए स्पॉन्सर की तलाश है। एशिया कप इसी महीने 9 सितंबर से शुरू हो रहा है। ऐसे में बोर्ड की कोशिश है कि उससे टीम इंडिया के लिए एक टी-शर्ट स्पॉन्सर मिल जाए। लेकिन ज्यादा समय नहीं है तो इसमें देरी हो सकती है। एनडीटीवी की एक रिपोर्ट के मुताबिक अब बीसीसीआई की नजर 2025 से 2028 के लिए नए स्पॉन्सर की तलाश पर है और नए स्पॉन्सरशिप की वैल्यू करीब 450 करोड़ रुपये होगी जो ड्रीम11 के पेमेंट से कहीं अधिक होगी। ड्रीम11 ने बीसीसीआई के साथ 3 साल के लिए स्पॉन्सरशिप डील पर दस्तखत किए थे। इस दौरान वह बोर्ड को 358 करोड़ रुपये का भुगतान करती। हालांकि, नया ऑनलाइन गेमिंग कानून बनने के बाद ड्रीम11 ने तय समय से करीब एक साल पहले ही स्पॉन्सरशिप से हाथ खींच ली है। नए कानून के मुताबिक अब हर वो ऑनलाइन गेम गैरकानूनी है जिसमें यूजर्स से पैसे लिए जाते हैं। पिछले कुछ वर्षों में क्रिकेट से जुड़े कई ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म उभरे थे और इनका बाजार तेजी से बढ़ता गया। इनके करोड़ों यूजर्स थे जो पैसे लगाकर टीम बनाते थे और करोड़पति बनने की हसरत में अक्सर पैसे गंवाते थे। इसी वजह से सरकार ने कानून बनाकर हर उस ऑनलाइन गेम को गैरकानूनी घोषित कर दिया है जिसमें यूजर्स से पैसे लिए जाते थे। इसके बाद ड्रीम11 समेत ऐसे हर प्लेटफॉर्म के लिए मुश्किल पैदा हो गई है।  अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि बीसीसीआई अब 2025 से 2028 की समयावधिक के बीच टीम इंडिया के 140 मैचों के लिए नए स्पॉन्सर की तलाश तेज कर दी है। ड्रीम11 ने जितने में स्पॉन्सरशिप डील साइन की थी, नए स्पॉन्सर को उससे ज्यादा रकम खर्च करनी पड़ेगी। स्पॉन्सरशिप टीम इंडिया की होम सीरीज के मैच के साथ-साथ विदेश में खेले जाने वाले द्विपक्षीय मैचों और बहुपक्षीय टूर्नामेंट के मैचों के लिए भी लागू होगी। बोर्ड ने प्रति द्विपक्षीय मैच के लिए 3.5 करोड़ रुपये की स्पॉन्सरशिप का टारगेट रखा है। इसके अलावा आईसीसी और एशियन क्रिकेट काउंसिल (एससीसी) के मैचों के लिए प्रति मैच 1.5 करोड़ रुपये का टारगेट रखा है। यह ड्रीम11 के भुगतान की गई रकम से तो ज्यादा है लेकिन बॉयजू ने इससे ज्यादा का भुगतान किया था। ड्रीम 11 ने जुलाई 2023 में बीसीसीआई के साथ 3 साल के लिए 358 करोड़ रुपये में स्पॉन्सरशिप डील पर दस्तखत किए थे।

रेड अलर्ट के बीच हिमाचल में शिक्षा संस्थान बंद, लैंडस्लाइड में फंसी गाड़ियां

शिमला  हिमाचल प्रदेश में आज भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी है. मौसम विभाग ने प्रदेश में आज भारी से बहुत भारी बारिश होने पूर्वानुमान लगाया है. मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के मुताबिक प्रदेश में 3 सितंबर तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा. वहीं, 2 सितंबर तक रेड अलर्ट है. जबकि 3 सितंबर को प्रदेश में येलो अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा आज भारी बारिश के अलर्ट के चलते 9 जिलों में स्कूल बंद हैं. इन जिलों में रेड अलर्ट जारी हिमाचल के 6 जिलों में आज भारी से बहुत भारी बारिश होने को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है. मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने आज ऊना, हमीरपुर, बिलासपुर, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है. जबकि चंबा, कुल्लू, शिमला, किन्नौर और लाहौल-स्पीति में ऑरेंज अलर्ट है. वहीं, सोलन में बारिश का येलो अलर्ट जारी है. वहीं, 2 सितंबर को मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू और मंडी में भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट किया है. जबकि ऊना, बिलासपुर, हमीरपुर, शिमला, सिरमौर, किन्नौर, लाहौल-स्पीति में भारी बारिश का ऑरेंज है. वहीं, सोलन में येलो अलर्ट जारी है. 9 जिलों में स्कूल बंद हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के अलर्ट के बीच 9 जिलों में सभी शिक्षण संस्थान बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं. ये आदेश जिला प्रशासन द्वारा छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जारी किए गए हैं. आज सिरमौर, बिलासपुर, कांगड़ा, शिमला, सोलन, हमीरपुर, मंडी, ऊना और कुल्लू जिले में स्कूल-कॉलेज समेत सभी निजी और सरकारी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे. ये फैसला भारी बारिश के दौरान लैंडस्लाइड और बाढ़ जैसी घटनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है. शिमला में घर पर लैंडस्लाइड शिमला के जुन्गा में सोमवार को बुरी खबर आई और यहां पर भूस्खलन के चलते मकान जमीदोंज हो गया औऱ बाप-बेटी समेत पालतू मवेशियों की मौत हो गई. मृतक की पहचान वीरेंद्र कुमार (35)  निवासी डूब्लू और उनकी 10 साल की बेटी के तौर पर हुई है. पत्नी के घर से बाहर होने की वजह से वह बच गई. वहीं, शिमला के कोटखाई में भूस्खलन से एक घर ढहने के बाद वृद्ध महिला कलावती की मलबे में दबने से मौत हो गई. बताया जा रहा है कि रोहडू के दयार मोली गांव में रात में भूस्खलन से कई घरों को खतरा पैदा होने के बाद 4 परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया गया. मणिमहेश गए में श्रद्धालु भरमौर में फंसे चंबा जिले में बीते सप्ताह हुई भारी बारिश के चलते अब भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु भरमौर में फंसे हैं. यहां पर मणिमहेश यात्रा में गए लोग चंबा भरमौर नेशनल हाईवे बंद होने से फंस गए हैं. उप-मुख्यमंत्री और जलशक्ति मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने बताय़ा कि चंबा जिले में जल शक्ति विभाग को इस आपदा में लगभग 100 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है और ज़िले की कुल 487 जल आपूर्ति योजनाएं प्रभावित हुई हैं, जिनमें से 394 योजनाओं को आंशिक रूप से बहाल कर दिया गया है. शेष योजनाओं को शीघ्र बहाल करने के लिए तत्परता से कार्य किया जा रहा है. विशेषकर चंबा और भरमौर क्षेत्र में स्थानीय स्रोतों से अस्थायी जल आपूर्ति व्यवस्था की जा रही है. विभागीय अनुमान के अनुसार इन योजनाओं को पूरी तरह बहाल करने में चार से पांच दिन और लग सकते हैं. मणिमहेश यात्रा के दौरान ड्यूटी पर तैनात किए गए सभी 41 कर्मचारी सुरक्षित हैं. अब तक कितने लोगों को निकाला मणिमहेश में बड़ी संख्या में श्रद्धालु फंसे थे. अब तक करीब 15 हजार श्रद्धालु वहां से निकल गए हैं. भरमौर से चंबा के लिए पैदल ये श्रद्धालु पहुंचे हैं और फिर एचआरटीसी की बसों के जरिये पठानकोट भेजा गया है. अब भी कुछ श्रद्धालु भरमौर में फंसे हुए हैं. फिलहाल, चम्बा से भरमौर के बीच धारवाला तक सड़क खुल गई और आगे की बहाली की कोशिश जारी है. 12 घंटे में कहां कहां बारिश हुई हिमाचल प्रदेश के विभिन्न इलाकों में बीते 24 घंटों के दौरान भारी बारिश दर्ज की गई. सबसे अधिक बारिश बिलासपुर के नंगल डैम एवं आरएल बीबीएमबी क्षेत्र में 220 एमएम दर्ज की गई. इसके अलावा रायपुर मैदान में 215, नैना देवी में 192, सोलन में 187 और नाहन में 177.8 एमएम  वर्षा हुई. वहीं सिरमौर के जैतों बैराज में 170 एमएम, कसौली में 135, ददाहू में 134, मलरौं में 132 और रोहड़ू में 130 बारिश रेकॉर्ड की गई. धर्मपुर में 124.6 एमएम, ऊना 117.4, शिमला 115.8, पांवटा साहिब 109.6, कंडाघाट 108.2 और जुब्बड़हट्टी 108.0 और अन्य क्षेत्रों में बरठीं 102, ब्रह्मणी 94.6, कुफरी 89.6, करसोग 81.2, बिलासपुर 80.8, नारकंडा 75, अघाड़ 72.4, काहू 69, कोटखाई एवं शिलारू 68.4, बग्गी 62.6 और नेरी 61 एमएम वर्षा दर्ज की गई. कुल्लू में 2 दिन तक शिक्षण संस्थान बंद डीसी कुल्लू एवं जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की अध्यक्ष तोरुल एस रवीश ने बताया, "भारी बारिश को देखते हुए और मौसम विभाग की चेतावनी के मध्यनजर जिले के विभिन्न उपमंडलों में शिक्षण संस्थानों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग, शिमला ने कुल्लू में 1 सितंबर के लिए ऑरेंज अलर्ट और 2 सितंबर के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ये फैसला लिया गया है." ये संस्थान नहीं होंगे बंद वहीं, मंडी में आईआईटी व स्वास्थ्य संस्थानों को छोड़कर सभी शिक्षण संस्थान आज बंद रहेंगे. मौसम विभाग ने मंडी में 1 और दो सितंबर को भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है. वहीं, बिलासपुर जिले में रेजिडेंट कॉलेज और स्वास्थ्य संबंधी मेडिकल संस्थानों को छोड़कर सभी सरकारी व निजी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे. बिलासपुर के लिए मौसम विभाग ने 1 सितंबर को रेड अलर्ट और 2 सितंबर के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. 

जालालाबाद के पास 10 किमी गहराई पर भूकंप, अफगानिस्तान में तबाही का अंदेशा

जालालाबाद अफगानिस्तान के दक्षिणी-पूर्वी इलाके में रविवार रात भयंकर के भूकंप झटके महसूस हुए. संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण के मुताबिक रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रत 6.3 दर्ज की गई. रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक भूकंप की वजह से 250 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हो गए. अफगानिस्तान के साथ-साथ पाकिस्तान में भी भूकंप के झटके महसूस हुए. भूकंप के बाद अभी भी लोग दहशत में हैं. भूकंप रविवार रात 12.47 बजे आया, पहले 6.0 की तीव्रता थी और इसके बाद 6.3 की तीव्रता का झटका लगा. अफगानिस्तान के नांगरहार जन स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता नकीबुल्लाह रहीमी ने बताया कि भूकंप की वजह से नौ लोगों की मौत हुई है. घायलों को इलाज के लिए नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है. हालांकि इसके बाद जान गंवाने वालों की संख्या काफी बढ़ गई. अब कुल 250 लोगों की जान जा चुकी है. भूकंप को लेकर तालिबान प्रवक्ता ने क्या कहा तालिबान के प्रवक्ता जबीउल्लाह मुजाहिद ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए दुख जाहिर किया है. उन्होंने एक्स पोस्ट के जरिए कहा, ''दुर्भाग्य से, आज रात आए भूकंप से हमारे कुछ पूर्वी प्रांतों में जान-माल का भारी नुकसान हुआ है. स्थानीय अधिकारी प्रभावित लोगों के बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं. केंद्र और आस-पास के प्रांतों से सहायता दल भी पहुँच रहे हैं.'' USGS ने कहा कि भूकंप का केंद्र नंगरहार प्रांत के जलालाबाद के पास था और इसकी गहराई जमीन की सतह से 8 किलोमीटर नीचे थी. यह भूकंप स्थानीय समयानुसार रात 11:47 बजे आया. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार प्रांत के स्वास्थ्य विभाग के प्रवक्ता अजमल दरवैश के अनुसार, पूर्वी प्रांत नंगाहार में नौ लोग मारे गए और 25 अन्य घायल हो गए. गौरतलब है कि अफगानिस्तान में भयानक भूकंप का इतिहास रहा है. 7 अक्टूबर, 2023 को अफगानिस्तान में 6.3 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसके बाद तेज झटके आए. तालिबान सरकार का अनुमान है कि कम से कम 4,000 लोग मारे गये. वहीं संयुक्त राष्ट्र ने मरने वालों की संख्या लगभग 1,500 कम बताई थी. यह हाल की स्मृति में अफगानिस्तान पर आई सबसे घातक प्राकृतिक आपदा थी. 500 लोगों की मौत अफगान के नांगरहार जन स्वास्थ्य विभाग ने प्रवक्ता नकीबुल्लाह रहीमी ने भी भूकंप की पुष्टि की है। रहीमी का कहना है कि भूकंप के तेज झटकों से कई घर धराशायी हो गए। शुरुआत में 9 लोगों की मौत और 15 लोगों के घायल होने की खबर सामने आई थी। मगर, अब 500 लोगों की मौत की आशंका जताई जा रही है और कई लोग घायल हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। दिल्ली NCR तक हुआ असर भूकंप का असर दिल्ली एनसीआर तक देखने को मिला। आधी रात को अचानक धरती हिलने से कई लोग अपने घरों से निकालकर बाहर भागे। लोगों में दहशत का माहौल था। हालांकि, अफगानिस्तान की तुलना में दिल्ली एनसीआर में भूकंप के झटके हल्के थे, जिससे कोई जानमाल की हानि नहीं हुई। क्यों आता है भूकंप? बता दें कि हिंदूकुश पर्वतीय क्षेत्र में टैक्टॉनिक गतिविधिया काफी सक्रिय हैं। भारतीय प्लेट और यूरोशियन प्लेट के खिसकने के कारण इस क्षेत्र में अक्सर भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। इससे पहले 2 अगस्त को भी इस इलाके में 5.5 की तीव्रता का भूकंप आया था, जिसका केंद्र जमीन से 87 किलोमीटर नीचे दर्ज किया गया था। वहीं, 6 अगस्त को यहां 4.2 की तीव्रता वाला भूकंप महसूस किया गया था। अफगानिस्तान में इससे पहले भी कई बार भूकंप के झटके महसूस हुए हैं. 28 मई को 4.7 की तीव्रता का भूकंप आया था. हालांकि किसी तरह का नुकसान नहीं हुआ था. वहीं 16 अप्रैल को 5.9 की तीव्रता का भूकंप आया था. इसके साथ ही भारत, नेपाल और चीन में भी बीते महीनों में भूकंप आ चुका है.  

सस्ता गैस, हॉलमार्किंग और टैक्स रिटर्न: जानें 1 सितंबर से लागू होने वाले 7 अहम नियम, आपके रोजमर्रा पर होगा प्रभाव

नई दिल्ली आज एक सितंबर 2025 से 7 बड़े वित्तीय बदलाव हो गए हैं, जो लोगों की जेब पर असर डाल सकते हैं। LPG रेट, पेंशन, क्रेडिट कार्ड, इनकम टैक्स रिटर्न, भारतीय डाक के नियम, FD स्कीम आदि से जुड़े बदलाए हुए हैं, जो लोगों के महीनेभर के बजट को बिगाड़ सकते हैं। आइए इन बदलावों के बारे में जानते हैं… कमर्शियल सिलेंडर के आज से घटे दाम बता दें कि आज से 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दाम घट गए हैं। रात 12 बजे से ही नए दामों की लिस्ट आ गई थी और रात को ही नए दाम लागू हो गए थे। सिलेंडर के दामों में 51 रुपये की कटौती है, जिसके बाद आज से कमर्शियल सिलेंडर दिल्ली में 1581 रुपये, कोलकाता में 1683 रुपये, मुंबई में 1531 रुपये और चेन्नई में 1737 रुपये में मिलेगा। भारतीय डाक व्यवस्था आज से बदली बता दें कि आज एक सितंबर से भारतीय डाक व्यवस्था भी बदल गई है। आज से डाक सर्विस और स्पीड पोस्ट सर्विस मर्ज हो गई है। ऐसे में अब साधारण डाक सेवा बंद हो गई है। अब डाक से नहीं, बल्कि स्‍पीड पोस्‍ट से लोग कुछ भी भेज सकेंगे। क्रेडिट कार्ड नियम भी आज से बदले बता दें कि आज से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने क्रेडिट कार्ड का नियम बदल दिया है। बैंक ने जारी किए जाने वाले कुछ क्रेडिट कार्ड्स के लिए रिवॉर्ड पॉइंट्स प्रोग्राम चेंज किया है। अब क्रेडिट कार्ड होल्डर्स को डिजिटल गेमिंग, ऑनलाइन गेमिंग और गवर्नमेंट वेबसाइट पर लेन-देन करने पर रिवॉर्ड पॉइंट्स नहीं मिलेंगे। 2 बैंकों की FD स्कीम में बदलाव बता दें कि आज से 2 बड़े बैंकों की फिक्स्ड डिपोजिट (FD) भी बदल गई है। इंडियन बैंक और IDBI बैंक ने FD स्कीम लेने की डेडलाइन खत्म हो गई है। आज से इंडियन बैंक की 444 और 555 दिन वाली स्कीम लोग नहीं ले सकेंगे। IDBI बैंक की 444, 555 और 700 दिन वाली स्कीम भी आज से बंद हो गई है। UPS यानी पेंशन की डेडलाइन बढ़ी बता दें कि आज से नेशनल पेंशन स्कीम (NPS) के तहत आने वाली यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) सेलेक्ट करने की डेडलाइन बढ गई है। यह नियम केंद्रीय कर्मचारियों के लिए है, जिनके लिए नई पेंशन स्कीम लागू हुई है। पहले स्कीम सेलेक्ट करने की तारीख 30 जून थी, जिसे बढा़कर पहले 30 अगस्त किया गया था और अब 30 सितंबर कर दिया गया है। ATM से ट्रांजेक्शन के नियम लागू रहेंगे बता दें कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) ने दूसरे बैंक के ATM से पैसे निकालने पर लगने वाली फीस बढ़ाई थी। यह नियम एक मई 2025 से लागू हुआ था, जो आज एक सितंबर 2025 से भी लागू रहेगा। इस नियम में कटौती या बढ़ोतरी अभी तक नहीं हुई है। कई बैंकों ने फ्री ट्रांजेक्शन लिमिट भी बदली थी, जो एक अप्रैल को जारी नियमों के अनुसार ही रहेगी। चांदी की हॉलीमार्किंग होगी अनिवार्य बता दें कि सितंबर महीने में चांदी की हॉलमार्किंग अनिवार्य हो सकती है। ऐसा होने के बाद चांदी की कीमतों में बदलाव देखने को मिल सकता है। ऐसा होने से चांदी खरीदने में रुचि रखने वालों को फायदा हो सकता है। दाम बढ़े तो झटका भी लग सकता है।  सिल्वर ज्वेलरी हॉलमार्किंग: चांदी के गहनों के लिए छह शुद्धता ग्रेड तय किए भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने घोषणा की है कि सोने की तरह ही 1 सितंबर से चांदी के गहनों की हॉलमार्किंग की जाएगी। ये गुणवत्ता नियंत्रण में एक बड़ा कदम है। इस कदम का मकसद पारदर्शिता बढ़ाना है। हॉलमार्किंग से शुद्धता की गारंटी मिलती है। हॉलमार्क साबित करता है कि ज्वेलरी में दी गई चांदी कितनी शुद्ध है। इससे ग्राहक का भरोसा बढ़ता है।     स्वैच्छिक लागू करना: 1 सितंबर से चांदी के गहनों की हॉलमार्किंग स्वैच्छिक होगी, जैसा कि पहले सोने के लिए स्वैच्छिक लागू किया गया था।     शुद्धता के ग्रेड: BIS ने चांदी के गहनों के लिए छह शुद्धता ग्रेड तय किए हैं: 800, 835, 900, 925, 970, और 990।     हॉलमार्किंग प्रक्रिया: हर गहने को एक 6-अंकीय HUID मिलेगा, जो इसकी प्रामाणिकता और शुद्धता को दर्शाएगा।     कंज्यूमर प्रोटेक्शन: ग्राहक BIS Care एप के 'Verify HUID' फीचर का इस्तेमाल करके हॉलमार्क किए गए गहनों की प्रामाणिकता की जांच कर सकते हैं।

बड़े त्योहार पर यात्रा आसान, रेलवे ने शुरू की 150 पूजा स्पेशल ट्रेनें

नर्मदापुरम  त्योहारों का मौसम शुरू होते ही रेल यात्रियों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जाती है। इसी बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए, भारतीय रेल ने यात्रियों की सुविधा के लिए हजारों विशेष ट्रेन सेवाओं के संचालन का फैसला लिया है। बिहार जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए ही 12 हजार से अधिक ट्रेनों को चलाने की योजना बनाई जा चुकी है। जिन ट्रेनों के संचालन की योजना बन चुकी है उनका नोटिफिकेशन भी अब जारी किया जाना प्रारंभ हो चुका है। 21 सितंबर से 30 नवंबर तक कुल 150 पूजा स्पेशल ट्रेनों का संचालन संबंधी अधिसूचना जारी कर दी गई है जिनके माध्यम से कुल 2024 अतिरिक्त फेरे (ट्रिप्स) सुनिश्चित किए जाएंगे। भारतीय रेल द्वारा यह निर्णय त्योहारों के अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से यात्रियों की निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने और उन्हें अपने प्रियजनों के साथ उत्सव मनाने का अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है। विशेष रूप से उत्तर भारत, पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के बड़े स्टेशनों से चलने वाली इन ट्रेनों से महानगरों और ग्रामीण इलाकों के बीच बेहतर संपर्क सुनिश्चित किया गया है।   रेल प्रशासन द्वारा आगामी त्यौहारों को देखते हुए एवं यात्रियों की सुविधा तथा उनकी यात्रा मांग को पूरा करने के उद्देश्य से मौजूदा कोच संरचना, पथ और समय पर स्पेशल ट्रेनों के फेरों को विस्तारित किया गया है। 09025 वलसाड-दानापुर स्पेशल 29 दिसंबर, 09026 दानापुर – वलसाड स्पेशल को 30 दिसंबर, 09031 उधना-जयनगर स्पेशल को 28 दिसंबर, 09032 जयनगर-उधना स्पेशल को 29 दिसंबर, 09039 उधना-धनबाद स्पेशल को 26 दिसंबर, 09040 धनबाद-उधना स्पेशल को 28 दिसंबर, 09045 उधना-पटना स्पेशल को 26 दिसंबर, 09046 पटना-उधना स्पेशल को 27 दिसंबर, 09343 डॉ. अंबेडकर नगर – पटना स्पेशल को 25 दिसंबर, 04156 उधना – सूबेदारगंज स्पेशल को 30 दिसंबर, 04155 सूबेदारगंज – उधना स्पेशल को 29 दिसंबर, 09043 बांद्रा टर्मिनस-बढ़नी स्पेशल को 28 दिसंबर तक चलेगी। रानी कमलापति से चलेंगी ये ट्रेनें दुर्गा पूजा, दिवाली एवं छठ पूजा त्यौहारों के पर्व पर अतिरिक्त यात्री यातायात को क्लीयर करने एवं यात्रियों की सुविधा के लिए रानी कमलापति-दानापुर-रानी कमलापति के मध्य द्वि-साप्ताहिक 11-11 ट्रिप पूजा स्पेशल ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है। यह गाड़ी पश्चिम मध्य रेल के रानी कमलापति से प्रस्थान कर नर्मदापुरम, इटारसी, पीपरिया, गाडरवारा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिहोरा रोड, कटनी, मैहर एवं सतना स्टेशनों से होकर गन्तव्य को जाएगी।