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क्रिकेट में द्रविड़ परिवार की नई एंट्री! अन्वय द्रविड़ को मिली टीम इंडिया में जगह, श्रीलंका में दिखेगा दम

मुंबई  भारतीय क्रिकेट में द्रविड़ परिवार का एक और नाम नेशनल लेवल पर पहुंच गया है. पूर्व भारतीय कप्तान और महान बल्लेबाज राहुल द्रव‍िड़ के छोटे बेटे अन्वय द्रविड़ को अगले महीने होने वाले श्रीलंका दौरे के लिए टीम इंड‍िया की अंडर-19 वनडे टीम में शामिल किया गया है. 17 वर्षीय विकेटकीपर-बल्लेबाज को घरेलू आयु वर्ग क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन का इनाम मिला है।  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की जून‍ियर सेलेक्शन कमेटी, जिसकी अगुवाई शरत श्रीधरन कर रहे हैं. उन्होंने ने गुरुवार को श्रीलंका दौरे के लिए वनडे और मल्टी-डे दोनों टीमों का ऐलान किया. यह दौरा 4 जुलाई 2026 से श्रीलंका के हंबनटोटा में शुरू होगा, जिसमें तीन वनडे और दो मल्टी-डे मुकाबले खेले जाएंगे।  अन्वय को 15 सदस्यीय वनडे टीम में जगह मिली है. वह टीम के दो विकेटकीपरों में शामिल हैं, जबकि दूसरे विकेटकीपर  रजत बघेल हैं. मध्य प्रदेश के यशवर्धन सिंह चौहान को टीम की कप्तानी सौंपी गई है, जबकि लक्ष्य रायचंदानी उपकप्तान होंगे।  यह चयन अन्वय के करियर का अब तक का सबसे बड़ा मुकाम माना जा रहा है. दिलचस्प बात यह है कि उनके बड़े भाई समित द्रविड़ कर्नाटक की अंडर-19 टीम का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, लेकिन नेशनल लेवल पर टीम इंड‍िया की अंडर-19 टीम में जगह बनाने वाले परिवार के पहले सदस्य अन्वय बने हैं।  क्यों म‍िला अन्वय द्रव‍िड़ को टीम इंड‍िया में मौका  अन्वय हाल ही में वीनू मांकड़ ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन के कारण चर्चा में आए थे. उन्होंने कर्नाटक अंडर-19 टीम की कप्तानी करते हुए टीम को क्वार्टर फाइनल तक पहुंचाया था. टूर्नामेंट में उन्होंने छह पारियों में 220 रन बनाए. उनकी सबसे यादगार पारी हिमाचल प्रदेश के खिलाफ आई थी, जहां उन्होंने दबाव भरे रनचेज में नाबाद 82 रन बनाकर टीम को जीत दिलाई थी. इससे पहले वह अंडर-16 विजय मर्चेंट ट्रॉफी में शतक भी जड़ चुके हैं, जिसने सेलेक्टर्स का ध्यान उनकी ओर खींचा।  अंडर-19 वर्ल्ड कप 2028 की तैयारी नेशनल सेलेक्टर इस दौरे को अगले अंडर-19 वर्ल्ड कप राउंड की शुरुआत के तौर पर देख रहे हैं. चूंकि अन्वय अभी केवल 17 साल के हैं, इसलिए वह दो साल बाद होने वाले अंडर-19 वर्ल्ड कप के लिए भी पात्र रहेंगे. ऐसे में श्रीलंका की परिस्थितियों में मिलने वाला यह अनुभव उनके विकास के लिए काफी अहम माना जा रहा है. भारतीय टीम जून के अंत में श्रीलंका रवाना होगी. वनडे सीरीज खत्म होने के बाद मल्टी-डे मुकाबले खेले जाएंगे, जिनके लिए अलग टीम का चयन किया गया है।  टीम इंड‍िया की अंडर-19 वनडे टीम: सागर व‍िर्क, लक्ष्य रायचंदानी (उपकप्तान), यशवर्धन सिंह चौहान (कप्तान), विनीत वीके, अर्जुन राजपूत, कुशाग्र ओझा, रजत बघेल (विकेटकीपर), अन्वय द्रविड़ (विकेटकीपर), अनमोलजीत सिंह, वुटकुरी यशवीर गौड़, रोहित अनिल यादव, शाविन वी, काव्या परेश पटेल, मोहित उलवा और ईशान सूद।  भारत पुरुष अंडर-19 श्रीलंका दौरा पूरा शेड्यूल     पहला वनडे: 04 जुलाई 2026 (शनिवार) – सुबह 10:00 बजे, हम्बनटोटा     दूसरा वनडे: 06 जुलाई 2026 (सोमवार) – सुबह 10:00 बजे, हम्बनटोटा     तीसरा वनडे: 09 जुलाई 2026 (गुरुवार) – सुबह 10:00 बजे, हम्बनटोटा     पहला मल्टी-डे मैच: 13–16 जुलाई 2026 (सोमवार–गुरुवार) – सुबह 10:00 बजे, गॉल     दूसरा मल्टी-डे मैच: 20–23 जुलाई 2026 (सोमवार–गुरुवार) – सुबह 10:00 बजे, कोलंबो     नोट: मैच टाइम श्रीलंका के समयानुसार.   

आतंकवाद से निपटने के लिए हरियाणा की नई रणनीति, पंचकूला में होगा ATS मुख्यालय

 चंडीगढ़  हरियाणा ने पहली बार आतंकवाद से निपटने के लिए अपनी सुरक्षा व्यवस्था में बड़ा ढांचागत बदलाव करते हुए राज्य स्तर पर एंटी टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) का गठन कर दिया है। अब आतंकवाद से जुड़े मामलों की जांच सामान्य पुलिस व्यवस्था के बजाय एक विशेष एजेंसी करेगी, जिसकी अपनी कमांड, अपना मुख्यालय और अपने अलग पुलिस थाने होंगे। गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल की ओर से बृहस्पतिवार को जारी अधिसूचना के मुताबिक एटीएस को अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) के भीतर एक विशेषीकृत एजेंसी के रूप में स्थापित किया गया है। इसका मुख्यालय पंचकूला में होगा और इसका नेतृत्व पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) रैंक से कम का अधिकारी नहीं करेगा। यह अधिकारी सीआईडी प्रमुख के माध्यम से सीधे पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को रिपोर्ट करेगा। यह फैसला सिर्फ एक नई इकाई बनाने भर का नहीं है, बल्कि राज्य की सुरक्षा रणनीति को स्थानीय अपराध नियंत्रण से आगे बढ़ाकर विशेष खतरा प्रबंधन मॉडल की ओर ले जाने वाला कदम माना जा रहा है। आखिर अभी क्यों बनी एटीएस सरकारी अधिसूचना में साफ कहा गया है कि उद्देश्य पुलिस सेवा की दक्षता बढ़ाना, आतंकवाद से मुकाबला करना और आतंकवाद से जुड़े मामलों का प्रभावी निपटान सुनिश्चित करना है। दरअसल, बदलते सुरक्षा परिदृश्य में आतंक से जुड़े नेटवर्क, डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल, राज्यों के बीच आवाजाही और संवेदनशील संस्थानों की सुरक्षा जैसी चुनौतियां बढ़ी हैं। ऐसे मामलों में सामान्य पुलिस तंत्र के बजाय विशेष प्रशिक्षण, अलग इंटेलिजेंस समन्वय और तेज जांच तंत्र की जरूरत महसूस की जा रही थी। इसी सोच के तहत हरियाणा ने एटीएस मॉडल अपनाया है। अब दो एटीएस थाने, पूरे राज्य की जिम्मेदारी तय राज्य सरकार ने एटीएस गठन के साथ दो विशेष पुलिस थानों की भी अधिसूचना जारी कर दी है, ताकि आतंकवाद से जुड़े अपराधों की जांच का स्पष्ट अधिकार क्षेत्र तय हो सके। पंचकूला एटीएस थाना राज्य के उत्तरी, पश्चिमी और मध्य हिस्से को कवर करेगा। इसके अधिकार क्षेत्र में पंचकूला, अंबाला, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, करनाल, पानीपत, कैथल, हिसार, हांसी, फतेहाबाद, जींद, सिरसा, रोहतक, भिवानी और चरखी दादरी जिले शामिल किए गए हैं। वहीं गुरुग्राम एटीएस थाना दक्षिणी और एनसीआर बेल्ट की जिम्मेदारी संभालेगा। इसके दायरे में सोनीपत, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल, नूंह, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ जिले रखे गए हैं। इस तरह पहली बार आतंकवाद संबंधी मामलों के लिए हरियाणा को दो संचालन क्षेत्रों में बांटा गया है। सिर्फ जांच नहीं, समन्वय और त्वरित प्रतिक्रिया भी लक्ष्य नई व्यवस्था का मकसद केवल केस दर्ज करना नहीं होगा। एटीएस से उम्मीद होगी कि वह संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी, खुफिया इनपुट का विश्लेषण, अंतरराज्यीय एजेंसियों के साथ समन्वय और जरूरत पड़ने पर त्वरित कार्रवाई की क्षमता विकसित करे। पंचकूला को मुख्यालय बनाने का फैसला भी रणनीतिक माना जा रहा है, क्योंकि यहां पहले से पुलिस और प्रशासनिक ढांचे की प्रमुख इकाइयां मौजूद हैं और उत्तर हरियाणा के संवेदनशील इलाकों तक पहुंच अपेक्षाकृत तेज है। समझिए अब क्या बदलेगा नई व्यवस्था लागू होने के बाद आतंकवाद से जुड़े मामलों में जांच का केंद्रीकरण होगा, विशेषज्ञ अधिकारियों की तैनाती संभव होगी और अलग जवाबदेही तय होगी। इससे स्थानीय पुलिस पर निर्भरता घटेगी और गंभीर सुरक्षा मामलों में तेज तथा समन्वित कार्रवाई का रास्ता बनेगा। गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सुधीर राजपाल का कहना है कि इस एजेंसी के गठन से राज्य की आतंकवाद विरोधी क्षमता मजबूत होगी और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का अधिक प्रभावी ढंग से सामना किया जा सकेगा।

एनडीए का दबदबा, जदयू-भाजपा समेत 10 प्रत्याशियों की बिना मतदान जीत

पटना बिहार विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव और उपचुनाव के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के बेटे एवं स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार एमएलसी बन गए हैं। भोजपुरी स्टार पवन सिंह भी सदन पहुंच गए हैं। एनडीए के 9 और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के एक उम्मीदवार ने निर्विरोध चुनाव में जीत दर्ज की। गुरुवार को नाम वापसी की अवधि खत्म होने के बाद सभी को विजयी घोषित कर दिया गया। दूसरी ओर, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) चीफ उपेंद्र कुशवाहा के बेटे एवं पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश एमएलसी बनने से चूक गए। उन्हें एनडीए ने प्रत्याशी नहीं बनाया था। अब उनका मंत्री पद संकट में आ गया है। बिहार विधान परिषद की विधानसभा कोटे वाली 9 सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव पूरे हो गए हैं। इसके अलावा, पूर्व सीएम नीतीश कुमार द्वारा खाली की गई एक सीट पर भी उपचुनाव हुआ। सोमवार को कुल 10 सीटों पर 10 उम्मीदवारों ने नामांकन किया था। इनमें से 9 सीटों पर एनडीए और विपक्ष से एक प्रत्याशी ने पर्चा भरा। 10 सीटों पर 10 कैंडिडेट ही होने से मतदान की नौबत नहीं आई और सभी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। इसके पहले सभी 10 प्रत्याशियों का नामांकन वैध पाया गया था। मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच में सभी दलीय उम्मीदवार के पर्चे सही पाए गए थे। इसके साथ ही सभी का निर्वाचन तय हो गया था। MLC चुनाव जीतने वालों में 4-4 भाजपा एवं जदयू के हैं, जबकि एक-एक उम्मीदवार लोजपा (रामविलास) और आरजेडी के हैं। ये नेता बने एमएलसी नवनिर्वाचित एमएलसी में जदयू से निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद शामिल हैं। वहीं, भाजपा से भोजपुरी स्टार पवन सिंह संजय प्रकाश मयूख, अनिल ठाकुर और शीला पंडित का नाम है। लोजपा (रामविलास) के अशरफ अंसारी और आरजेडी के सुनील सिंह भी एमएलसी चुनाव जीते हैं। दीपक प्रकाश एमएलसी बनने से चूके, मंत्री पद जाएगा? राज्यसभा सांसद एवं रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश एमएलसी के मंत्री पद पर संशय पैदा हो गया है। वह बिना किसी सदन के सदस्य रहे दो बार बिहार सरकार में मंत्री बनाए गए। उन्होंने पिछले महीने नई सम्राट सरकार के गठन के बाद दूसरी बार मंत्री पद की शपथ ली थी। नियमों के अनुसार, मंत्री पद पर बने रहने के लिए दीपक प्रकाश को शपथ की तारीख से 6 महीने के अंदर विधानसभा या विधान परिषद में से किसी एक सदन की सदस्यता लेनी होगी। उपेंद्र कुशवाहा को उम्मीद थी कि वह भाजपा के सहयोग से अपने बेटे को एमएलसी बनाकर दीपक का मंत्री पद सुरक्षित कर लेंगे। हालांकि, भाजपा ने कुशवाहा को सीट नहीं दी। इससे दीपक एमएलसी बनने से चूक गए। अब कुशवाहा आगे क्या कदम उठाएंगे, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

शफीक उर रहमान की हॉलीवुड एंट्री, ‘द एम्प्टी एड्रेस’ से करेंगे ग्लोबल डेब्यू

  शफीक उर रहमान इन दिनों काफी चर्चाओं में हैं। इसकी वजह है उनकी नई फिल्म ‘द एम्प्टी एड्रेस’, जिसकी हाल ही में आधिकारिक घोषणा की गई है। शफीक ने इस प्रोजेक्ट की जानकारी अपने सोशल मीडिया के जरिए दी, जिसके बाद एंटरटेनमेंट और फैशन इंडस्ट्री में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। खास बात यह है कि यह उनका पहला इंटरनेशनल यानी हॉलीवुड प्रोजेक्ट माना जा रहा है। क्या है ‘द एम्प्टी एड्रेस’? ‘द एम्प्टी एड्रेस’ एक मल्टीलिंगुअल फिल्म होगी, जिसे अंग्रेजी, हिंदी और तेलुगु में बनाया जाएगा। इस फिल्म को सागर जोशी डायरेक्ट कर रहे हैं और इसे ‘द स्टार लाइफ हैदराबाद’ बैनर के तहत प्रोड्यूस किया जा रहा है। फिल्म की शूटिंग भारत और यूएई में होगी। हालांकि अभी तक फिल्म की कास्ट और पूरी कहानी सामने नहीं आई है, लेकिन जल्द ही और जानकारी आने की उम्मीद है। कौन हैं शफीक उर रहमान? शफीक उर रहमान का जन्म 25 जनवरी 1985 को हैदराबाद में हुआ था। वह एक प्रतिष्ठित परिवार से आते हैं। उनके पिता खलील उर रहमान राज्यसभा के सदस्य रह चुके हैं और उन्होंने सिविल एविएशन और एनर्जी मंत्रालय की एग्जीक्यूटिव कमेटी में भी काम किया है। उनकी मां फर्रुख जमाल हैदराबाद के एक सम्मानित जागीरदार परिवार से हैं। वहीं उनकी पत्नी साहेबजादी महीन निकहत हैदराबाद के शाही निजाम परिवार से ताल्लुक रखती हैं। फैशन और लाइफस्टाइल में बड़ा नाम शफीक ने फैशन और लाइफस्टाइल की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई है। ‘द स्टार लाइफ हैदराबाद’ के जरिए वह भारत और विदेशों में 200 से ज्यादा बड़े फैशन और लाइफस्टाइल इवेंट्स आयोजित कर चुके हैं। उन्होंने कई भारतीय डिजाइनर्स और नए टैलेंट को इंटरनेशनल प्लेटफॉर्म पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। फरवरी 2022 में उन्हें फैशन टीवी (FTV) का सिटी पार्टनर भी बनाया गया था, जिससे उनकी इंटरनेशनल पहचान और मजबूत हुई। अवार्ड्स और काम शफीक को उनके काम के लिए इंटरनेशनल ग्लोरी अवॉर्ड (IGA), ग्लोबल आइकन अवॉर्ड और मैन ऑफ द पीपल अवॉर्ड जैसे सम्मान मिल चुके हैं। अब ‘द एम्प्टी एड्रेस’ के साथ शफीक उर रहमान इंटरनेशनल सिनेमा की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। इंडस्ट्री के लोगों का मानना है कि यह उनके करियर का बड़ा और नया कदम है, जो उन्हें ग्लोबल लेवल पर पहचान दिला सकता है।  

बैंकॉक से आए भारतीय के बैग में मिला करीब 7 किलो संदिग्ध मादक पदार्थ

नई दिल्ली सीमा शुल्क अधिकारियों ने दिल्ली हवाई अड्डे पर एक भारतीय यात्री को गिरफ्तार किया, जिसके बैग से लगभग 2.43 करोड़ रुपये मूल्य का संदिग्ध गांजा बरामद किया गया। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, बैंकॉक से आ रहे उस यात्री को बुधवार को एक्स-रे जांच और उसके सामान की विस्तृत तलाशी के बाद गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान उसके बैग से हरे रंग के मादक पदार्थ से भरे आठ पॉलीथीन पाउच बरामद हुए। बयान में बताया गया कि बरामद किए गए पदार्थ का वजन 6,939.5 ग्राम था। सीमा शुल्क अधिकारियों द्वारा की गई प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला कि यह पदार्थ प्रथम दृष्टया गांजा (मारिजुआना) है। बयान में कहा गया कि जब्त किए गए मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत लगभग 2.43 करोड़ रुपये है। क्या है पूरा मामला     दिल्ली हवाई अड्डे पर बैंकॉक से आए एक भारतीय यात्री को कस्टम अधिकारियों ने गिरफ्तार किया।     यात्री के बैग से आठ पॉलीथीन पाउच में भरा लगभग 7 किलो संदिग्ध गांजा बरामद हुआ।     जब्त किए गए इस गांजे की अनुमानित कीमत ~2.43 करोड़ रुपये है।     आरोपी को एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम, 1985 के तहत गिरफ्तार कर सामान जब्त कर लिया गया है। जब्त कर लिया गया गांजा यात्री को स्वापक औषधि एवं मन: प्रभावी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के प्रावधानों के तहत गिरफ्तार किया गया और मादक पदार्थ के साथ उसकी पैकिंग सामग्री को आगे की जांच के लिए जब्त कर लिया गया। सीमा शुल्क अधिकारियों ने बताया कि जब्त किए गए मादक पदार्थों के स्रोत और इनके संभावित गंतव्य का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है।  

बच्चों की सफलता की 6 कुंजी, चाणक्य ने बताए जीवन बदलने वाले सूत्र

आचार्य चाणक्य को अपने समय के सबसे ज्ञानी और बुद्धिमान पुरुष के तौर पर भी जाना जाता है. उन्होंने अपने समय में जिन बातों का भी जिक्र किया था वे आज के समय में भी हमें एक सही रास्ता दिखाने का काम कर रही हैं. आचार्य चाणक्य ने जिन बातों का जिक्र किया था उन्हें ही हम आज के समय में चाणक्य नीति के नाम से जानते हैं. अपनी इन्हीं नीतियों में चाणक्य ने कुछ ऐसे जरूरी सबक दिए गए हैं जो हर बच्चे को सीखने चाहिए. उनके अनुसार असली सफलता उन आदतों, फैसलों और संस्कारों से शुरू होती है जिन्हें कोई इंसान अपने बचपन में अपनाता है. आज इस आर्टिकल में हम आपको 6 ऐसी ही बातों के बारे में बताने जा रहे हैं, जिन्हें हर एक बच्चे को जितनी जल्दी हो सके सीखना चाहिए और अपनी जिंदगी में लागू करना भी शुरू कर देना चाहिए. तो चलिए जानते हैं इनके बारे में विस्तार से. अपने दोस्तों को हमेशा बहुत सोच-समझकर चुनें यह बच्चों के लिए सबसे जरूरी सीखों में से एक है. आचार्य चाणक्य संगति के असर पर बहुत भरोसा करते थे. उनके अनुसार, हम जिन लोगों के साथ समय बिताते हैं, वे हमारी आदतों, हमारी थिंकिंग और हमारे फ्यूचरको तय करते हैं. बच्चों और टीनेजर्स के लिए, दोस्ती उनके पूरे पर्सनालिटी को निखारने में एक बहुत बड़ी भूमिका निभाती है. इसका मतलब यह नहीं है कि बच्चे दूसरों में कमियां निकालें. इसके बजाय उन्हें यह देखना सीखना चाहिए कि क्या वह दोस्ती उन्हें कुछ नया सीखने, आगे बढ़ने, ईमानदारी और अच्छाई के लिए मोटिवेट कर रही है या नहीं. रेप्युटेशन मायने रखती है, पर कैरेक्टर से ज्यादा नहीं चाणक्य का एक सबसे मजबूत संदेश यह था कि किसी इंसान की असली कीमत उसके कैरेक्टर से होती है. उनके अनुसार,आपकी रेप्युटेशन वो है जो लोग आपके बारे में सोचते हैं, लेकिन आपका कैरेक्टर वो है जो आप तब होते हैं जब आपको कोई नहीं देख रहा होता. चाणक्य की समझदारी हमें याद दिलाती है कि कुछ समय की तारीफ कभी भी अच्छे संस्कारों की जगह नहीं ले सकती. बच्चों पर अक्सर दूसरों को इम्प्रेस करने का प्रेशर होता है, लेकिन अच्छा कैरेक्टर तब बनता है जब कोई मुश्किल समय में भी ईमानदार रहता है, अपनी गलतियों को मानकर आने वाले समय में सुधार करता है, और बिना किसी फायदे की उम्मीद के सही काम करता है. हर सीक्रेट को शेयर न करें, हर बात बताना जरूरी नहीं आचार्य चाणक्य ने यह बात बहुत पहले सिखाई थी, लेकिन यह सीख आज के समय में भी उतनी ही सच है. सोशल मीडिया से घिरी इस दुनिया में, अपनी पर्सनल जानकारियों को संभालकर रखना बहुत जरूरी है. आचार्य चाणक्य ने हमेशा समझदारी और सावधानी बरतने पर जोर दिया था. उनकी सीख कहती है कि हर बात हर किसी के सामने खोलना ठीक नहीं होता. अपने पर्सनल इमोशंस या परिवार की बातें सिर्फ उन्हीं को बतानी चाहिए जो भरोसेमंद हों. ऐसी जानकारियां आंखें बंद करके किसी को भी नहीं देनी चाहिए. एक समझदार इंसान जानता है कि कौन उसके भरोसे के लायक है और कौन नहीं. बोलने से पहले सोचें और थोड़ा रुकना भी सीखें आचार्य चाणक्य ने अपनी नीतियों में शब्दों को बहुत बड़ा महत्व दिया है. उनका हमेशा से यह मानना था कि शब्दों में बहुत ताकत होती है. बच्चे अक्सर इमोशंस में बहकर तुरंत बोल देते हैं, लेकिन चाणक्य की सीख कहती है कि खुद पर काबू पाने के लिए हमें बोलने से पहले थोड़ा रुकना और सोचना सीखना चाहिए. कॉन्फिडेंस से बोलने के साथ-साथ, बच्चों को जिम्मेदारी से बोलना भी सीखना चाहिए. “क्या इसे कहने का कोई बेहतर तरीका है?” या “क्या यह बोलना जरूरी है?”, ऐसे सवाल बच्चों को बोलने से पहले सोचने में मदद कर सकते हैं. आचार्य चाणक्य के अनुसार आपके बोले गए हर शब्द का एक असर होता है. कड़ी मेहनत और डिसिप्लिन से कभी न डरें शॉर्टकट और तुरंत सफलता चाहने वाली आज की दुनिया में, चाणक्य की नीतियों से मिलने वाला सबसे स्ट्रॉन्ग मैसेज यह है कि सफलता हमेशा लगन, डिसिप्लिन और लगातार की गई कोशिशों से ही मिलती है. उनका मानना था कि कड़ी मेहनत और पक्का इरादा ही किसी इंसान का फ्यूचर तय करते हैं. जो बच्चा मेहनत का सम्मान करना सीख जाता है, वह एक बहुत बड़ी सच्चाई समझ जाता है कि टैलेंट आपके लिए रास्ता तो खोल सकता है, लेकिन आपका डिसिप्लिन ही आपको उस रास्ते पर आगे ले जाता है. अपने इमोशंस को कंट्रोल करना सीखें आचार्य चाणक्य की एक अहम सीख खुद पर कंट्रोल और इमोशंस के डिसिप्लिन के बारे में थी. उनका मानना था कि जो इंसान गुस्से या इमोशंस में बह जाता है, उसे सही फैसले लेने में मुश्किल होती है. बच्चों के लिए यह अपनी फीलिंग्स को समझने, थोड़ा रुकने और शांति से जवाब देने का एक बहुत जरूरी सबक है. यह आदत बच्चों को अंदर से मजबूत बनाता है. माता-पिता बच्चों को अपने इमोशंस को खुलकर बताना सिखाकर, और मुश्किल पलों को शांति से संभालने के तरीके ढूंढने में मदद करके इसे आसानी से सिखा सकते हैं.

रिटायरमेंट पर बोले अक्षय कुमार, ‘36 साल से यही सोच रहा हूं’

‘वेलकम’ फ्रैंचाइजी का एक नया चैप्टर शुरू होने वाला है. अहमद खान के डायरेक्शन में बनी ‘वेलकम टू द जंगल’ का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज हो चुका है. इसी दौरान अक्षय कुमार ने अपनी रिटायरमेंट पर बड़ी बात कह दी. अपने रिटायरमेंट पर क्या बोले अक्षय कुमार अक्षय कुमार बॉलीवुड इंडस्ट्री में लगभग 36 सालों से काम कर रहे हैं. ट्रेलर लॉन्च के दौरान एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि क्या उन्हें रिटायरमेंट का कभी ख्याल आता है. इसपर खिलाड़ी कुमार ने जवाब दिया, “बेटा, ऐसा होता है ना कि सुबह 4 बजे ख्याल आता है, लेकिन 5 सेकंड के अंदर ही मुझे याद आ जाता है कि मुझे फिल्म की शूटिंग के लिए जाना है. फिर मुझे यह भी याद आता है कि सेट पर 300 लोग मेरा इंतजार कर रहे हैं. तब मैं तय करता हूं कि रिटायरमेंट के बारे में अगली सुबह सोचूंगा. फिर सुबह 4 बजे उठता हूं और यही प्रोसेस रिपीट करता है. ऐसा करते करते 36 साल हो गए.” रिटायर होकर ये नहीं करना चाहते हैं अक्षय कुमार उन्होंने आगे कहा, “अगर मैं रिटायर हो जाऊं, तो मुझे घर पर बैठे इलेक्ट्रीशियन का काम मिल जाएगा. मैं कुत्तों को घुमाने वाला या माली बन जाऊंगा. घर के सारे काम काज मुझे मिलेंगे. मैं रिटायर होने के बजाय काम पर जाना पसंद करूंगा.” मरने से 5 सेकंड पहले रिटायर होना चाहते हैं अक्षय कुमार अक्षय कुमार ने आगे कहा, “काम करते रहना ही बेहतर है. मुझे ‘रिटायर’ शब्द से थोड़ी दिक्कत है. इंसान को अपनी मौत से बस 5 सेकंड पहले रिटायर होना चाहिए. मरने से पहले इंसान को कहना चाहिए, ‘भाई, अब मैं रिटायर हो रहा हूं.’ यह ज्यादा बेहतर होगा. कभी भी रिटायरमेंट न चुनें. अगर आप लंबी जिंदगी चाहते हैं, तो काम करते रहें.” ‘वेलकम टू द जंगल’ 26 जून को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।

रांची में भूजल स्तर बढ़ाने की बड़ी योजना, 3 लाख मिलियन लीटर जल रिचार्ज का लक्ष्य

रांची  राज्य में भूगर्भ जल स्तर को बढ़ाने और वर्षा का जल संरक्षित करने के लिए पेयजल स्वच्छता विभाग और नगर निकायों की तरफ से अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए करीब 2500 ऐसे जलस्रोतों की पहचान की गई है जिनमें कम जल रहता है या सूखे पड़े हैं। इनकी जलभंडारण क्षमता को बढ़ाकर वर्षा का जल इनमें जमा किया जाएगा। इसके अलावा खराब पड़े हैंडपंप, डीप बोरिंग और खदानों के जरिए भी जल संग्रहण किया जाएगा। केंद्रीय भूजल परियोजना के विज्ञानी सलाहकार परमिंदर सिंह ने बताया कि इस तरह के उपायों से करीब तीन लाख मिलियन लीटर जल जमीन के नीचे भेजा जाएगा। यह जल पहले से बने वाटर रिचार्ज सिस्टम के अतिरिक्त होगा। भूजल की स्थिति को इससे नया रिचार्ज सिस्टम मिलेगा और यह लंबे समय तक प्रभावी रहेगा। परमिंदर सिंह ने बताया कि नदियों और तालाबों का पानी एक दूसरे को रिचार्ज करेगा तो सतह पर मौजूद जलस्रोतों में सालों भर जल की उपलब्धता रहेगी। बड़े बांध की जगह नए कच्चे निर्माण से रोकेंगे जल राज्य में 28 के करीब बड़े बांध हैं जिनमें साल भर जल रहता है। पिछले तीस सालों में किसी बड़े बांध का निर्माण नहीं हुआ है। लेकिन दस हजार के करीब कच्ची संरचना बनी है। पिछले साल हुई भारी बारिश ने ग्रामीण और वन क्षेत्र में सतह के उपर और नीचे मौजूद जल को स्थिर किया है। लेकिन शहरी क्षेत्र में जल की समस्या गर्मी के साथ ही चरम पर है। इसे रोकने के लिए शहरों के आसपास भी कच्चे निर्माण कर उनमें जल संरक्षण किया जाएगा। बढ़ा है राज्य का जलभंडार राज्य में इस वर्ष भी बारिश समय से पहले हुई है। पिछले साल वर्षा जल रिचार्ज और जल दोहन का अनुपात सही रहा था। नई वर्षा ने जल भंडारण को बढ़ाया है जबकि अभी मानसून आने ही वाला है। इससे राज्य को सुरक्षित जल भंडारण में मदद मिलेगी।  

किसानों के लिए बड़ी सौगात: बाढ़ और फतुहा में बन रहे दो चेकडैम, 3000 एकड़ भूमि होगी सिंचित

बाढ़ (पटना)  बाढ़ और फतुहा के किसानों के लिए एक बड़ी और राहत भरी खबर है। क्षेत्र में जल संचयन और सिंचाई व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए जल संसाधन विभाग द्वारा दो बड़े चेकडैम का निर्माण कार्य युद्धस्तर पर कराया जा रहा है। इस पूरी महत्वाकांक्षी योजना के तहत कुल 10 करोड़ रुपये की राशि खर्च की जा रही है, जिसका आवंटन ग्लोबल टेंडर के माध्यम से किया गया है। आगामी मानसून और वर्षा के मौसम को देखते हुए निर्माण एजेंसी द्वारा कार्य की रफ्तार काफी तेज कर दी गई है। जनवरी 2027 तक अंदौली चेकडैम पूरा करने का लक्ष्य, 10 गांवों को मिलेगा लाभ योजना के अंतर्गत पहला चेकडैम फतुहा प्रखंड के जैतीया पंचायत में धारदा नदी पर और दूसरा बाढ़ अनुमंडल के महाने नदी पर अंदौली चेकडैम के नाम से बनाया जा रहा है। बाढ़ के अंदौली में लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से जयप्रकाश कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा तैयार किए जा रहे इस चेकडैम का निर्माण कार्य जनवरी 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस परियोजना से नदी में करीब डेढ़ मीटर तक पानी को रोका जा सकेगा। कनीय अभियंता चंद्रशेखर वर्मा ने बताया कि इस चेकडैम से पानी को डाइवर्ट कर सीधे किसानों के खेतों तक पहुंचाया जाएगा, जिससे विशेषकर गेहूं की फसल के पटवन में किसानों को व्यापक फायदा मिलेगा। इन दोनों परियोजनाओं से दोनों अनुमंडलों के लगभग 10-10 गांवों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा और करीब 1500-1500 एकड़ (कुल 3000 एकड़) कृषि भूमि सिंचित हो सकेगी। इसके साथ ही आसपास के इलाकों का वाटर लेवल (भूजल स्तर) भी काफी सुधरेगा। काम बंद होने की अफवाह निराधार: जेपीसी हाल ही में स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों के विरोध के कारण निर्माण कार्य बंद होने की उड़ी अफवाहों को कंपनी प्रबंधन ने पूरी तरह खारिज कर दिया है जयप्रकाश कंस्ट्रक्शन कंपनी के अधिकारी सूरज साह ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि काम रुकने की बात पूरी तरह बेबुनियाद और निराधार है। यह केवल कंपनी पर अनावश्यक दबाव बनाने की कुछ तत्वों की साजिश थी, जबकि हकीकत यह है कि निर्माण कार्य एक मिनट के लिए भी प्रभावित नहीं हुआ है और लगातार जारी है। घटिया ईंट की शिकायत पर तुरंत एक्शन, ग्रामीणों की निगरानी में हो रहा काम परियोजना की गुणवत्ता के सवाल पर कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि कुछ ग्रामीणों ने निर्माण में उपयोग की जा रही ईंटों के स्तर को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी, जिस पर प्रबंधन ने त्वरित संज्ञान लिया। अधिकारियों के अनुसार, इस बड़े प्रोजेक्ट में सैकड़ों डाला ट्रैक्टर ईंटों की खपत होनी है, जिसमें से संबंधित ईंट भट्ठा मालिक द्वारा भेजे गए महज एक-दो डाला ईंटों में थोड़ी कमी पाई गई थी। शिकायत मिलते ही उस भट्ठे से तत्काल सप्लाई रोक दी गई और कमियों को दुरुस्त कर लिया गया। ईंट की शिकायत करने वाले स्थानीय ग्रामीण सुजीत कुमार ने बताया कि शुरुआत में दो डाला ईंट दो-तीन नंबर (घटिया स्तर) की आ गई थी, जिसकी उन्होंने आपत्ति की थी। शिकायत के बाद कंपनी द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए उन ईंटों को बदलवा दिया गया और अब पूरी तरह से नंबर वन (उत्कृष्ट) ईंटें लगाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण खुद लगातार इस पूरी परियोजना की निगरानी कर रहे हैं और अब बेहद पारदर्शी व गुणवत्तापूर्ण काम हो रहा है।

भारत-पाकिस्तान महामुकाबला 14 जून को, हरमनप्रीत की टीम पर रहेंगी नजरें

 नई दिल्ली  महिला टी20 वर्ल्ड कप का 10वां संस्करण कल यानी 12 जून 2026 से शुरू होने वाला है। ये सीजन ऐतिहासिक होने जा रहा है, क्योंकि पहली बार 12 टीमें खिताब की जंग के लिए एक-दूसरे से भिड़ेगी। इस टूर्नामेंट का फाइनल मैच 5 जुलाई को खेला जाएगा इस बार टी20 विश्व कप की मेजबानी का जिम्मा इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड के कंधों पर है। 33 मुकाबलों वाले इस मेगा इवेंट में 12 टीमों को दो ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप-ए में भारत, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश और नीदरलैंड्स को रखा गया है। वहीं ग्रुप-बी में मेजबान इंग्लैंड के साथ न्यूजीलैंड, श्रीलंका, वेस्टइंडीज, आयरलैंड और स्कॉटलैंड की टीमें होंगी। भारतीय फैंस को तो बस इंतजार है कब भारत और पाकिस्तान महिला टीम का मैच हो, आइए आपको बताते हैं ये मैच कब, कहां और कितने बजे से खेला जाएगा? IND vs PAK W T20 World Cup 2026: कब होगा भारत-पाक मैच? वनडे विश्व कप 2025 का खिताब जीतने वाली हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय टीम के लिए यह विश्व कप बेहद खास होगा, क्योंकि अब टीम इंडिया टी20 की बादशाहत हासिल करने के इरादे से उतरेगी। भारतीय महिला टीम आज तक टी20 विश्व कप की ट्रॉफी नहीं उठा सकी है। वह सिर्फ एक बार 2020 में फाइनल तक पहुंची थी। बता दें कि 14 जून को बर्मिंघम में भारतीय महिला टीम का पहला मुकाबला चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से होगा। ये मैच रात 7 बजे से खेला जाएगा। दोनों के हेड-टू-हेड रिकॉर्ड देखें तो महिला टी20 विश्व कप में दोनों टीमें 8 बार भिड़ी हैं, जिनमें 6 बार भारत और सिर्फ 2 बार पाकिस्तान को जीत मिली है। ऐसे में भारतीय महिला टीम का पाकिस्तान पर पलड़ा भारी है। भारत का ग्रुप स्टेज का पूरा शेड्यूल 14 जून: भारत vs पाकिस्तान, बर्मिंघम 17 जून: भारत vs नीदरलैंड्स, लीड्स 21 जून: भारत vs दक्षिण अफ्रीका, मैंचेस्टर 25 जून: भारत vs बांग्लादेश, मैंचेस्टर 28 जून: भारत vs ऑस्ट्रेलिया,लंदन ट्रॉफी का रास्ता आसान नहीं ग्रुप-ए में भारतीय महिला टीम के सामने सबसे बड़ी चुनौती 6 बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया और मजबूत दक्षिण अफ्रीका होगी। हरमनप्रीत की सेना को अगर इतिहास रचना है तो ग्रुप स्टेज से लेकर नॉकआउट तक हर मैच में अपना सर्वश्रेष्ठ देना होगा। बांग्लादेश और नीदरलैंड्स को हल्के में लेनी की गलती टीम इंडिया को नहीं करनी होगी। Women's T20 WC 2026: दोनों ग्रुप इस प्रकार- ग्रुप ए: भारत, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, नीदरलैंड्स, दक्षिण अफ्रीका, बांग्लादेश ग्रुप बी: इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, श्रीलंका, वेस्टइंडीज, आयरलैंड, स्कॉटलैंड