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चार युगों की अवधारणा: कितनी लंबी है कलयुग की वास्तविक अवधि?

हिंदू धर्म में समय को चार युगों जैसे सतयुग, त्रेतायुग, द्वापर और कलयुग, में बांटा गया है, जिन्हें मिलाकर एक महायुग बनता है. इनमें कलयुग को सबसे अंतिम और नैतिक रूप से सबसे कमजोर युग माना जाता है. धर्मग्रंथों में बताया गया है कि कलयुग की शुरुआत महाभारत युद्ध के बाद, लगभग 3102 ईसा पूर्व में हुई थी. इस हिसाब से देखा जाए तो अभी कलयुग का बहुत छोटा हिस्सा ही बीता है और इसका लंबा समय बाकी है. सबसे प्रचलित मान्यता मान्यता के अनुसार, चारों युगों की अवधि इस प्रकार है जैसे सतयुग 17,28,000 वर्ष, त्रेतायुग 12,96,000 वर्ष, द्वापर युग 8,64,000 वर्ष और कलयुग 4,32,000 वर्ष. इस गणना के अनुसार कलयुग की कुल आयु 4 लाख 32 हजार वर्ष मानी जाती है. यही कारण है कि इसे एक बहुत लंबा और धीरे-धीरे बदलने वाला युग माना गया है, जिसमें समय के साथ धर्म और नैतिकता का ह्रास होता जाता है. 1250 वर्ष वाली मान्यता कुछ पौराणिक मान्यताओं में युगों की अवधि को बहुत छोटे पैमाने पर भी समझाया गया है. इस मत के अनुसार हर युग की अवधि लगभग 1250 वर्ष होती है और इस तरह चारों युगों का पूरा चक्र केवल 5000 वर्षों में पूरा हो जाता है. इस दृष्टिकोण में युगों को प्रतीकात्मक रूप में देखा जाता है, जहां बदलाव अपेक्षाकृत तेजी से होते हैं. कुछ विद्वानों, जैसे परमहंस राजनारायण जी, ने युगों की अवधि को एक अलग तरीके से समझाया है. उनके अनुसार सतयुग 1200 वर्ष, त्रेता 2400 वर्ष, द्वापर 3600 वर्ष और कलयुग 4800 वर्ष का होता है. इस मत में युगों को मानव आधारित समय से जोड़ा गया है, न कि देवताओं के समय से. इससे यह समझने की कोशिश की गई है कि युगों की गणना को अधिक व्यावहारिक और ऐतिहासिक दृष्टि से भी देखा जा सकता है. वैदिक और ज्योतिष दृष्टिकोण वैदिक ग्रंथों में “युग” शब्द का अर्थ हमेशा लाखों वर्षों की अवधि नहीं रहा है. कई जगह इसे समय, काल या दिन-रात के रूप में भी प्रयोग किया गया है. वहीं ज्योतिष और खगोल विज्ञान के अनुसार पृथ्वी को राशि मंडल का एक पूरा चक्कर लगाने में लगभग 25,920 वर्ष लगते हैं, जिसे कुछ विद्वान एक युग चक्र के रूप में भी देखते हैं. इससे यह स्पष्ट होता है कि अलग-अलग काल और विद्वानों के अनुसार युग की परिभाषा बदलती रही है. कलयुग का अंत और भगवान कल्कि हिंदू धर्म के अनुसार जब कलयुग में पाप, अधर्म, झूठ और अन्याय अपनी चरम सीमा पर पहुंच जाएंगे, तब भगवान विष्णु का अंतिम अवतार, यानी कल्कि अवतार, प्रकट होगा. मान्यता है कि भगवान कल्कि सफेद घोड़े पर सवार होकर हाथ में तलवार लिए अवतार लेंगे और पृथ्वी से अधर्म का नाश करेंगे. उनके आगमन के साथ ही कलयुग समाप्त हो जाएगा और एक बार फिर से सतयुग की शुरुआत होगी, जिसे सत्य और धर्म का युग माना जाता है.

गर्मी में पेट के लिए रामबाण: चुकंदर-राई कांजी बनाने की आसान रेसिपी

 उत्तर भारत में चिलचिलाती गर्मी दस्तक दे चुकी है और तेज धूप और लू कहर बनकर लोगों को सता रही है. इस मौसम में अक्सर हमारा पेट सुस्त पड़ जाता है, भूख कम लगती है और कुछ ठंडा-खट्टा पीने का मन करता है. आज के समय में लोग पेट को ठीक रखने के लिए बाजार के महंगे प्रोबायोटिक सप्लीमेंट्स या डिब्बाबंद जूस की तरफ भागते हैं, मगर हमारी रसोई में छुपा एक पुराना खजाना आपकी इस समस्या का रामबाण इलाज है. रसोई में मौजूद कुछ चीजें पेट से जुड़ी बीमारियोंं में बहुत असरदार साबित होती हैं, जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं. गर्मी में शरबत, जूस के अलावा कांजी भी लोग खूब पीते हैं, लेकिन इस गर्मी आप चुकंदर-राई की कांजी ट्राई कीजिए. यह सिर्फ एक ड्रिंक नहीं है, बल्कि दादी-नानी के जमाने का एक ऐसा पारंपरिक अमृत है, जो टेस्ट में जितना चटपटा है, सेहत के लिए उतना ही वरदान. आइए जानते हैं चुकंदर और राई के पोषण से भरपूर इस देसी प्रोबायोटिक ड्रिंक को बनाने का आसान तरीका. चुकंदर-राई कांजी के लिए आपको यह सारी चीजें लेनी हैं.     काली राई : 2 बड़े चम्मच     पीली सरसों : 1 बड़ा चम्मच     गाजर (लंबे टुकड़ों में कटी हुई): 1 कप     चुकंदर (लंबे टुकड़ों में कटा हुआ): 1 कप     हरी मिर्च: 2 (स्वादानुसार)     हींग: एक चुटकी     काला नमक: 1 ½ छोटा चम्मच     सादा नमक: स्वादानुसार     पानी: 4 कप     सर्विंग के लिए: 2 बड़े चम्मच खारी बूंदी और कुछ ताजी पुदीने की पत्तियां कांजी बनाने का आसान तरीका कांजी बनाने की असली खूबसूरती इसके फर्मेंटेशन में है, अगर आप घर पर देसी स्टाइल में राई वाली कांजी बनाना चाहते हैं तो इन स्टेप्स को जरूर फॉलो करें. मसाला तैयार करें: सबसे पहले काली राई और पीली सरसों को मिक्सी में डालकर दरदरा पीस लें. इसका बारीक पाउडर नहीं बनाना है, क्योंकि दरदरा टेक्सचर ही इसे असली स्वाद देता है. पानी गुनगुना करें: पानी को अच्छी तरह उबाल लें और फिर उसे थोड़ा ठंडा होने दें. पानी गर्म होना चाहिए, लेकिन खौलता हुआ नहीं. जार में सामग्री मिलाएं: एक कांच के साफ और सूखे जार में कटी हुई गाजर, चुकंदर, हरी मिर्च, हींग, काला नमक, सादा नमक और पिसी हुई राई-सरसों का पाउडर डालें. फर्मेंटेशन की शुरुआत: अब इस जार में गुनगुना पानी डालें और चम्मच से अच्छी तरह मिला लें. जार के मुंह को एक साफ मलमल के कपड़े से बांध दें. धूप का जादू: इस जार को दो दिनों के लिए तेज धूप में रख दें. धूप की गर्मी से राई एक्टिव होगी और पानी में खट्टापन आना शुरू होगा. देखभाल: इन दो दिनों के दौरान रोजाना जार को एक बार हिलाएं और अगर ऊपर कोई सफेद झाग या परत दिखे, तो उसे साफ चम्मच से हटा दें. सर्विंग: 2 दिन बाद कांजी का कलर गहरा गुलाबी हो जाएगा और इसमें से एक तीखी-खट्टी खुशबू आने लगेगी. अब इसे फ्रिज में रखकर ठंडा करें, सर्व करते समय ऊपर से कुरकुरी खारी बूंदी और पुदीने की पत्तियां डालें.

जून 2026 में बनेगा ग्रहों का महासंयोग, कई राशियों की बदलेगी किस्मत

 साल 2026 का छठा महीना यानी जून, ज्योतिषीय दृष्टि से बेहद ऐतिहासिक और चमत्कारी रहने वाला है. इस महीने ब्रह्मांड में ग्रहों की एक ऐसी दुर्लभ जुगलबंदी होने जा रही है, जो कई राशियों की बंद किस्मत के ताले खोल सकती है. जून के महीने में देवगुरु बृहस्पति, धन के दाता शुक्र, ग्रहों के राजा सूर्य, ऊर्जा के कारक मंगल और बुद्धि के प्रदाता बुध का बड़ा गोचर होने जा रहा है. ग्रहों के इस महापरिवर्तन से इस महीने गजलक्ष्मी योग, हंस राजयोग और रूचक राजयोग जैसे 3 सबसे शक्तिशाली और शुभ योगों का निर्माण होगा. इन राजयोगों के प्रभाव से कुछ राशियों को करियर में छप्परफाड़ सफलता, नौकरी में प्रमोशन, व्यापार में तगड़ा मुनाफा और अचानक धन लाभ होने के प्रबल संकेत हैं. आइए जानते हैं ग्रहों के इस बड़े फेरबदल का मेष से लेकर कर्क राशि तक पर क्या असर पड़ने वाला है. 1. मेष राशि (Aries) – संभलकर चलने का समय मेष राशि वालों के लिए जून 2026 का महीना मिलाजुला रहने वाला है. राहु और केतु की स्थिति के कारण आपके स्वभाव में थोड़ा चिड़चिड़ापन या गुस्सा बढ़ सकता है, जिससे बचने की जरूरत है.  हालांकि, इस दौरान आपका रुझान आध्यात्मिकता और धार्मिक कार्यों की तरफ ज्यादा रहेगा. करियर और बिजनेस: कार्यक्षेत्र में काम का दबाव थोड़ा बढ़ सकता है. मेहनत का पूरा फल मिलने में कुछ देरी हो सकती है, इसलिए सीनियर्स और सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाकर रखें. आर्थिक स्थिति: धन के मामले में हाथ थोड़ा खींचकर चलना होगा. अचानक कुछ बड़े खर्च सामने आ सकते हैं, जिससे बजट बिगड़ सकता है. फिजूलखर्ची से बचें. लव और फैमिली: पार्टनर के साथ छोटी-छोटी बातों पर बहस हो सकती है.  रिश्तों में मधुरता बनाए रखने के लिए धैर्य रखें. परिवार में भी शांत रहकर बातचीत करें. सेहत: मानसिक तनाव, आंखों में जलन या कमजोरी की समस्या हो सकती है. फिट रहने के लिए योग और मेडिटेशन का सहारा लें. 2. वृषभ राशि (Taurus) – चमकेगी किस्मत, होगा बड़ा लाभ वृषभ राशि के जातकों के लिए जून का महीना बेहद सकारात्मक और तरक्की लेकर आने वाला साबित होगा. शनि और देवगुरु बृहस्पति की शुभ स्थिति आपके जीवन में कई बड़े और अच्छे बदलाव लेकर आएगी. करियर और बिजनेस: नौकरीपेशा लोगों को इस महीने करियर के नए और बेहतरीन अवसर मिल सकते हैं. वहीं, व्यापारियों के लिए कोई बड़ी और फायदेमंद डील फाइनल हो सकती है. काम के सिलसिले में की गई यात्राएं लाभ देंगी. आर्थिक स्थिति: आर्थिक रूप से यह समय शानदार है. अचानक धन लाभ होने और बचत बढ़ने के मजबूत योग हैं, हालांकि घरेलू सुख-सुविधाओं पर कुछ खर्च भी हो सकता है. लव और फैमिली: प्रेम और वैवाहिक जीवन में खुशियां ही खुशियां रहेंगी. पार्टनर के साथ आपसी समझ और भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होगा. पारिवारिक माहौल भी बेहद खुशनुमा और सपोर्टिव रहेगा. सेहत: इस महीने आपका आत्मविश्वास और ऊर्जा का स्तर बहुत ऊंचा रहेगा. सेहत अच्छी रहेगी, बस खानपान को संतुलित रखें. 3. मिथुन राशि (Gemini) – तरक्की के साथ बढ़ेगा मान-सम्मान मिथुन राशि वालों के लिए जून 2026 का महीना काफी हद तक अनुकूल रहेगा. हालांकि काम की व्यस्तता बढ़ेगी, लेकिन बुध देव की शुभ कृपा से आपकी निर्णय लेने की क्षमता और आत्मविश्वास में गजब का सुधार देखने को मिलेगा. करियर और बिजनेस: कार्यक्षेत्र में आपकी धाक जमेगी. नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है. बिजनेस में भी नए रास्ते खुलेंगे, लेकिन मानसिक तनाव को अपने ऊपर हावी न होने दें. आर्थिक स्थिति: आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी. पुराने किए गए किसी निवेश या पैतृक संपत्ति से बड़ा आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है. घर की जरूरतों पर खर्च बढ़ सकता है. लव और फैमिली: पार्टनर के साथ रिश्ते मजबूत होंगे, लेकिन अहंकार और गुस्से से दूरी बनाकर रखना बेहद जरूरी है, वरना हंसता-खेलता माहौल बिगड़ सकता है. परिवार में कुछ मतभेद हो सकते हैं, जिन्हें आप समझदारी से सुलझा लेंगे. सेहत: काम की अधिकता के कारण कंधे, गर्दन या पैरों में दर्द की शिकायत हो सकती है. योग और नियमित व्यायाम से शरीर को आराम दें.

संजय निषाद बोले: तुष्टिकरण करते रहे तो जिस तरह बंगाल में दीदी साफ हुईं, उसी तरह सपा साफ हो जाएगी

मुगलों द्वारा लाए गए धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता, अखिलेश पर संजय निषाद का तीखा हमला संजय निषाद बोले: तुष्टिकरण करते रहे तो जिस तरह बंगाल में दीदी साफ हुईं, उसी तरह सपा साफ हो जाएगी फूलन देवी ने आरक्षण मांगा था तो पार्टी से बाहर कर दी गई थीं, वह मार भी दी गईं: संजय निषाद लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने आरक्षण के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जमकर निशाना साधा है। निषाद ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव पिछड़ों का हक मारकर मुगलों द्वारा लाए गए धर्म को आरक्षण देना चाहते हैं। निषाद ने जोर देते हुए कहा कि संविधान सभा ने भी ऐसा करने से मना कर दिया था। संजय निषाद ने कहा कि अखिलेश यादव की प्रेस कांफ्रेंस ने पीडीए के एजेंडे की पोल खोल दी है। पिछड़ों के अधिकारों पर डांका डालने का काम किया गया है। उन्होंने कहा, 'जब संविधान सभा की बैठक हुई और जब संविधान सभा में आरक्षण की बात आई, उस समय धर्म के आधार पर इसको देना मना कर दिया था क्योंकि जो भारतीय धर्म हैं भारतीय सभ्यता है, उस पर मुगलों ने आक्रमण किया। भारत के ऊपर अंग्रेजों ने आक्रमण किया। तो मुगलों के द्वारा लाए गए धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं दिया जा सकता। भीम राव अंबेडकर ने भी इसका विरोध किया था। ' सपा और इंडी गठबंधन पर साधा निशाना संजय निषाद ने सपा और इंडी गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा, ‘इन लोगों ने जस्टिस रंगनाथ मिश्र कमेटी बनाकर ओबीसी आरक्षण में से हिस्सा काटकर मुसलमानों को आरक्षण देने का प्रयास किया था। आंध्र प्रदेश में इनकी दोस्त कांग्रेस ने मुसलमानों को ओबीसी आरक्षण दिया। कर्नाटक में मुस्लिम जातियों को ओबीसी में शामिल कर पिछड़ों के अधिकारों को कमजोर किया।’ पश्चिम बंगाल का जिक्र पश्चिम बंगाल का जिक्र करते हुए निषाद ने कहा,  ‘पश्चिम बंगाल में 118 मुस्लिम जातियों को ओबीसी में शामिल करके वर्षों तक पिछड़ों के हक पर डकैती डाली। कोलकाता हाई कोर्ट ने इस असंवैधानिक कदम को रद्द किया। जिस तरीके से वहां पिछड़ों के हक पर डकैती डाली गई। उनका आरक्षण मुसलमानों को दिया गया। वहां के लोग एक हुए और वहां की सरकार को हटा दिया।’ निषाद ने कहा ने आगे कहा, ‘यहां पर (यूपी में) भी इंडी गठबंधन मुसलमानों की आवाज तो उठाता है, लेकिन देश को आजाद कराने वाली पिछड़ी और उजड़ी जातियों की आवाज नहीं उठाता। समाजवादी पार्टी का अगर यही रवैया रहा तो जिस तरीके से बंगाल में दीदी साफ हुईं, उसी तरीके सपा का सूपड़ा साफ हो जाएगा।’ निषाद ने किया फूलन देवी का जिक्र संजय निषाद ने यह भी कहा कि अन्य जातियों के नेता यह भी सोचें कि उन्हें सपा के समय में क्या मिला? फूलन देवी ने जैसे ही आरक्षण की बात की, किसानों के हक की बात की, उन्हें पार्टी से बाहर कर दिया गया था। बाद में वह मारी भी गईं। आप इस अन्याय को समझ सकते हैं। ओबीसी की किसी भी जाति के साथ अन्याय नहीं होगा, ये हमारे एनडीए का संकल्प है। ****

नौतपा 2026: 25 मई से 2 जून तक धन और समृद्धि बढ़ाने के 5 वास्तु उपाय

 नौतपा यानी साल के वो 9 दिन जब सूरज देवता अपने सबसे कड़े रूप में होते हैं, जिससे सबसे ज्यादा गर्मी पड़ती है. ज्योतिष के अनुसार, जब सूर्य देव रोहिणी नक्षत्र में आते हैं, तब नौतपा शुरू होता है. साल 2026 में नौतपा की शुरुआत 25 मई से हो रही है और इसका समापन 2 जून को होगा. वास्तु शास्त्र कहता है कि इन 9 दिनों में भारी गर्मी के कारण घर में अग्नि तत्व बहुत बढ़ जाता है, जिससे धन का प्रवाह रुक सकता है , इससे आर्थिक नुकसान होने का खतरा भी बढ़ता है. अगर हम इस दौरान पैसों और समृद्धि से जुड़े वास्तु के कुछ छोटे उपाय कर लें, तो घर में सालभर धन-दौलत की कमी नहीं होगी. आइए जानते हैं वो 5 चमत्कारी उपाय: 1. उत्तर दिशा में मटका गर्मियों में मटके का पानी पीना सेहत के लिए तो अच्छा है ही, लेकिन यह आपकी तिजोरी को भरने का भी सबसे बड़ा माध्यम बन सकता है. धन लाभ: उत्तर दिशा को धन के देवता कुबेर की दिशा माना जाता है. इस दिशा में भरा हुआ मटका रखने से कुबेर देव प्रसन्न होते हैं, जिससे पैसों की तंगी तुरंत कम हो सकती है, आय के नए स्रोत बनते हैं. ध्यान रहे, मटका कभी खाली न रहने दें, क्योंकि खाली मटका आर्थिक नुकसान का प्रतीक है. 2. मुख्य द्वार पर जल नौतपा के दिनों में सुबह उठते ही घर के मेन गेट (मुख्य द्वार) की सफाई करके वहां तांबे के लोटे से थोड़ा सा पानी छिड़कें. धन लाभ: बाहर की भारी गर्मी के साथ जो कंगाली और नकारात्मक ऊर्जा घर की तरफ आती है, पानी छिड़कने से वह वहीं शांत हो जाती है.  वास्तु के अनुसार, साफ-सुथरे और जल से सिंचित मुख्य द्वार से ही मां लक्ष्मी घर में प्रवेश करती हैं, जिससे धन का आगमन होता है. 3. पक्षियों के लिए पानी इस झुलसाने वाली गर्मी में बेजुबान पक्षियों और जानवरों को पानी पिलाना पुण्य के साथ-साथ आपके करियर और बिजनेस के लिए भी फायदेमंद है. क्या करें: अपनी छत या बालकनी के उत्तर-पूर्व कोने में मिट्टी के बर्तन में साफ पानी और दाना रखें. धन लाभ: वास्तु और ज्योतिष के अनुसार, पक्षियों की प्यास बुझाने से कुंडली के वो ग्रह (जैसे राहु-केतु और शनि) शांत होते हैं जो धन लाभ में रुकावट डालते हैं.  इससे फंसा हुआ पैसा वापस मिलता है और व्यापार में आ रही मंदी दूर होती है. 4. हल्के रंगों का इस्तेमाल रोकेगा फिजूलखर्ची नौतपा के दौरान घर की अंदरूनी सजावट का सीधा असर आपकी मानसिक शांति और आर्थिक फैसलों पर पड़ता है. क्या करें: बेडरूम या लिविंग रूम में गहरे रंग के पर्दों या चादरों की जगह हल्के रंगों (जैसे- सफेद, क्रीम, हल्का नीला या लाइट ग्रीन) का इस्तेमाल करें. धन लाभ: गहरे रंग गर्मी और तनाव बढ़ाते हैं,  हल्के रंग घर के माहौल को शांत रखते हैं. 5. हरे-भरे पौधे घर के अंदर सही पौधों का चुनाव आपके बैंक बैलेंस को बढ़ा सकता है. क्या करें: घर के अंदर मनी प्लांट, एलोवेरा या स्नेक प्लांट जैसे इनडोर पौधे जरूर रखें. धन लाभ: वास्तु में मनी प्लांट और इनडोर पौधों को बुध ग्रह और धन से जोड़कर देखा जाता है.  नौतपा की गर्म हवाओं के बीच ये पौधे घर में पॉजिटिव एनर्जी और ऑक्सीजन का लेवल बनाए रखते हैं. जितना ज्यादा ये पौधे हरे-भरे रहेंगे, घर में पैसों का प्रवाह (Cash Flow) उतना ही तेज होगा. पैसों की तंगी दूर करने की सबसे जरूरी बात: नौतपा के इन 9 दिनों में घर के उत्तर-पूर्व कोने (ईशान कोण) को हमेशा साफ-सुथरा रखें.  वहां कोई भी कबाड़, टूटे-फूटे बर्तन या भारी सामान भूलकर भी न रखें.  इस दिशा को साफ रखने से धन और समृद्धि की सकारात्मक ऊर्जा बिना किसी रुकावट के आपके घर में प्रवेश कर पाती है.

नेशनल हाईवे के अवैध ढाबों-होटलों पर सख्त कार्रवाई, सरकार का बड़ा फैसला

पटना पूरे बिहार में अब प्रशासन का पंजा एक बार फिर चलने वाला है। इस बार सरकार ने नेशनल हाइवे के किनारे अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाने का फैसला ले लिया है। जिसके बाद अब आने वाले दिनों में राज्य में एनएच किनारे बुलडोजर गरजते नजर आएंगे। सरकार के फैसले के तहत एनएच किनारे (राइट ऑफ वे) अनधिकृत ढाबा, होटल एवं अन्य व्यावसायिक संरचनाएं हटाए जाएंगे। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने 20 दिनों के अंदर अवैध ढाबे और संरचना हटाने का निर्देश दिया है। निर्धारित अवधि में अतिक्रमण नहीं हटाने पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित डिस्ट्रिक्ट हाइवे सेफ्टी टास्क फोर्स की ओर से इन अवैध संरचनाओं को हटाया जाएगा। इसके साथ ही एनएच के राइट ऑफ वे क्षेत्र में किसी भी नए ढाबा, होटल अथवा व्यावसायिक निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। किसी भी नई संरचना के निर्माण से पूर्व संबंधित विभाग- एनएचएआई, एनएच अथवा पथ निर्माण विभाग से अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बुधवार को हुई बिहार सड़क सुरक्षा परिषद् की बैठक में यह निर्णय लिया। मुख्य सचिव ने एनएच किनारे अतिक्रमण हटाने के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिये। बैठक में निर्णय लिया गया कि अवैध संरचनाओं को हटाने के साथ अवैध पार्किंग को लेकर भी राज्यभर में व्यापक अभियान चलेगा। बैठक में संबंधित विभागों यथा परिवहन विभाग, पथ निर्माण, एनएचएआई, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, नगर विकास एवं आवास विभाग तथा पुलिस मुख्यालय के पदाधिकारी शामिल हुए। गौर हो कि नवंबर 2025 में राजस्थान के फलोदी एवं तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में राष्ट्रीय उच्च पथों पर अतिक्रमण एवं अनधिकृत पार्किंग के कारण हुई भीषण सड़क दुर्घटनाओं में 34 लोगों की मृत्यु हो गई थी। इन घटनाओं पर सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश जारी किये थे। इसी के अनुपालन मेंकार्रवाई की जा रही है। वाहनों की पार्किंग निर्धारित जगह पर ही बैठक में बताया गया कि बिहार सरकार ने राष्ट्रीय उच्च पथों के राइट ऑफ वे क्षेत्र में भारी एवं व्यावसायिक वाहनों की अनधिकृत पार्किंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है। अब वाहनों की पार्किंग केवल निर्धारित जगह पर ही की जा सकेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों एवं संचालकों पर जुर्माना एवं अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। होटल-प्रतिष्ठानों को अपना पहुंच पथ बनाना होगा वैसे ढाबा, होटल एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान जिनका प्रवेश सीधे राष्ट्रीय उच्च पथ से है, उन्हें स्वयं वैकल्पिक पहुंच पथ का निर्माण करते हुए प्रवेश एवं निकास की व्यवस्था करनी होगी। अन्यथा संबंधित अधिनियम कंट्रोल ऑफ नेशनल हाइवे एक्ट 2002 के तहत कार्रवाई की जाएगी। पथ निर्माण विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय उच्च पथों के राइट ऑफ वे क्षेत्र के बाहर, किन्तु हाइवे सेफ्टी जोन (आवासीय क्षेत्र हेतु 40 मीटर एवं व्यावसायिक क्षेत्र के लिए 75 मीटर) के भीतर स्थित संरचनाओं को भी संबंधित विभाग से विधिवत अनापत्ति प्रमाणपत्र प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

स्वतंत्र देव सिंह बोले- पहले भर्तियों में होती थी लूट, ‘चाचा-भतीजा’ करते थे खेल

जब-जब भर्तियां निकलती थीं 'चाचा-भतीजा' लूटने के लिए झोला लेकर निकल पड़ते थे : स्वतंत्र देव सिंह – सपा सरकार में हुई नियुक्तियों और भर्तियों की योगी सरकार के मंत्रियों ने खोली पोल  – कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह और राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने अखिलेश पर साधा निशाना  – 2004-07 पुलिस भर्ती घोटाले पर योगी सरकार के मंत्रियों ने सपा को घेरा – सपा सरकार में भर्ती मतलब सेटिंग और वसूली : स्वतंत्र देव सिंह  – योगी सरकार में पारदर्शी ढंग से हुईं 9 लाख भर्तियां : स्वतंत्र देव सिंह – सपा की असली ऑडिट रिपोर्ट जनता के पास है : असीम अरुण – यूपीपीएससी में एक जाति विशेष को फायदा पहुंचाया गया : असीम अरुण – योगी सरकार में नकल माफिया की कमर तोड़ दी गई, इसीलिए बौखलाए हैं अखिलेश : असीम अरुण  लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार के दो वरिष्ठ मंत्रियों स्वतंत्र देव सिंह और असीम अरुण ने समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि सपा सरकार के दौरान भर्ती प्रक्रिया भ्रष्टाचार, जातिवाद और पैसे के खेल का अड्डा बन चुकी थी। दोनों मंत्रियों ने कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश में पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती व्यवस्था स्थापित कर युवाओं का भरोसा लौटाया है, जबकि सपा शासन में नौकरी निकलते ही 'चाचा-भतीजा वसूली तंत्र' सक्रिय हो जाता था। भर्ती निकलते ही झोला लेकर निकल जाते थे चाचा-भतीजा जल शक्ति विभाग के कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार में जब-जब नियुक्तियों और रोजगार के विज्ञापन निकलते थे, तब-तब चाचा-भतीजा लूट के लिए झोला लेकर निकल जाते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय ट्रांसफर-पोस्टिंग से लेकर भर्ती तक हर जगह खुला रेट चलता था और बिना पैसे व सिफारिश के कोई काम नहीं होता था। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में लगभग 9 लाख सरकारी भर्तियां पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ हुई हैं। समाज के सभी वर्गों के युवाओं को अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि आज हर गांव में 4-5 युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। न जातिवाद चला, न क्षेत्रवाद। केवल योग्यता के आधार पर चयन हुआ।  दलितों और शोषितों को दबाने का काम करती थी सपा सरकार स्वतंत्र देव सिंह ने आरोप लगाया कि सपा शासन में दलितों, पिछड़ों और शोषित वर्गों को व्यवस्थित रूप से दबाने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार और लूट-खसोट उस सरकार की कार्यशैली का हिस्सा बन चुके थे। सपा सरकार में हर काम में भ्रष्टाचार था। जनता सब देख चुकी है और समझ चुकी है। 2004-07 की भर्ती घोटाले की ऑडिट रिपोर्ट जनता के सामने है समाज कल्याण, अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने भी अखिलेश यादव की कथित 'पीडीए ऑडिट रिपोर्ट' पर पलटवार करते हुए कहा कि जनता के पास सपा सरकार की असली 'ऑडिट रिपोर्ट' पहले से मौजूद है। उन्होंने कहा कि 2004 से 2007 के बीच मुलायम सिंह यादव सरकार में पुलिस भर्ती घोटाला हुआ था, जिसमें व्यापक धांधली के आरोप लगे। असीम अरुण ने कहा कि मायावती सरकार बनने के बाद 50 से अधिक वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को निलंबित किया गया और पूरी भर्ती प्रक्रिया को निरस्त करना पड़ा। बाद में सीबीआई ने मामले में चार्जशीट दाखिल की। उन्होंने कहा कि मायावती सरकार ने 2007 में पुलिस भर्ती की पारदर्शी व्यवस्था लागू की थी, लेकिन 2012 में अखिलेश सरकार ने उसे खत्म कर 10वीं और 12वीं के नंबर के आधार पर भर्ती शुरू कर दी, जिससे पक्षपात और धांधली के आरोप फिर बढ़े। योगी सरकार ने बिना सिफारिश सवा दो लाख पुलिस भर्ती की असीम अरुण ने कहा कि योगी सरकार ने पहली बार ऐसी भर्ती व्यवस्था दी, जिसमें बिना सिफारिश और बिना पैसे के केवल योग्यता के आधार पर चयन हुआ। उन्होंने बताया कि प्रदेश में अब तक लगभग सवा दो लाख पुलिसकर्मियों की भर्ती पारदर्शी तरीके से कराई गई है और कुल मिलाकर लगभग 9 लाख सरकारी नौकरियां दी गई हैं। उन्होंने कहा कि आज नकल माफिया की कमर टूट चुकी है। परीक्षा माफियाओं पर कार्रवाई हो रही है। इसी वजह से अखिलेश यादव बौखलाए हुए हैं। यूपीपीएससी में एक जाति विशेष की भर्तियां हुईं असीम अरुण ने समाजवादी पार्टी सरकार के दौरान यूपीपीएससी में हुई नियुक्तियों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सपा सरकार ने अनिल यादव को यूपीपीएससी का चेयरमैन बनाया, जिसकी नियुक्ति को हाईकोर्ट ने बाद में रद्द कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि उस दौर में एक जाति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिए भर्ती प्रक्रिया प्रभावित की गई। सामान्य वर्ग की सीटों पर भी एक ही जाति के लोगों की भर्ती कराई गई। यही सपा की असली ऑडिट रिपोर्ट है। राहुल गांधी राजनीतिक पर्यटक बन चुके हैं राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए असीम अरुण ने कहा कि कांग्रेस नेता अमेठी और रायबरेली में 'राजनीतिक पर्यटक' की तरह आते हैं और हर बार विवाद पैदा करने की कोशिश करते हैं। उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था 7.6 प्रतिशत की दर से आगे बढ़ रही है और यह दुनिया की सबसे तेज गति से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ऊर्जा बचत और विदेशी मुद्रा संरक्षण की दिशा में काम कर रहा है, लेकिन राहुल गांधी ऊल-जुलूल बयान देकर सिर्फ भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। जनता सब जानती है दोनों मंत्रियों ने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता सपा शासन और योगी सरकार के बीच का अंतर स्पष्ट रूप से देख चुकी है। उन्होंने दावा किया कि जहां पहले भर्ती प्रक्रिया जातिवाद और भ्रष्टाचार से प्रभावित रहती थी, वहीं अब पारदर्शिता, तकनीक और मेरिट के आधार पर चयन हो रहा है।

रानी लक्ष्मी बाई स्कूटी योजना: पहले चरण में 45 हजार छात्राओं को मिलेगा लाभ

लखनऊ उत्तर प्रदेश के सरकारी विश्वविद्यालयों और डिग्री कॉलेजों में पढ़ने वाली मेधावी छात्राओं के लिए एक बेहद शानदार खबर है। राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार ने अपने चुनावी वादे को अमलीजामा पहनाने के लिए 'रानी लक्ष्मी बाई स्कूटी योजना' के तहत छात्राओं को मुफ्त स्कूटी देने की तैयारियां तेज कर दी हैं। पहले चरण में 45 हजार छात्राओं को स्कूटी मिल सकती है। आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए पात्रता और मेरिट तय करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। बुधवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद उच्च शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों के साथ एक अहम समीक्षा बैठक की। सीएम योगी की अधिकारियों को फटकार, जल्द नियम तय करने के निर्देश उच्च स्तरीय बैठक के दौरान जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्कूटी वितरण को लेकर अब तक तैयार की गई पात्रता, नियमों और रूपरेखा के बारे में पूछा, तो अधिकारियों ने बताया कि इस पर अभी अंतिम नियम और ड्राफ्ट तैयार नहीं हो सका है। इस पर मुख्यमंत्री ने नाराजगी जाहिर करते हुए अधिकारियों को सख्त लहजे में निर्देश दिए कि बिना किसी देरी के जल्द से जल्द गाइडलाइंस और पात्रता के नियम निर्धारित किए जाएं, ताकि योजना के अगले चरण का काम शुरू हो सके। सीएम ने साफ कहा कि प्रक्रिया को पारदर्शी और त्वरित बनाकर मेधावी छात्राओं को जल्द से जल्द स्कूटी का वितरण सुनिश्चित किया जाए पहले चरण के लिए 400 करोड़ का भारी-भरकम बजट आवंटित मुख्यमंत्री के कड़े रुख के बाद अब उच्च शिक्षा विभाग मुफ्त स्कूटी वितरण के लिए मेरिट का पैमाना तय करने में जुट गया है। विभाग इस बात पर मंथन कर रहा है कि छात्राओं का चयन स्नातक (UG) व स्नातकोत्तर (PG) कक्षाओं में प्रथम वर्ष के अंकों के आधार पर किया जाए या फिर अंतिम वर्ष के परीक्षा परिणामों को आधार बनाया जाए। आपको बता दें कि राज्य सरकार ने इस योजना के लिए पहले ही ₹400 करोड़ का भारी-भरकम बजट स्वीकृत कर रखा है। शिक्षा विभाग के आकलन के अनुसार, इस बजट के जरिए पहले चरण में प्रदेश की लगभग 45,000 सबसे मेधावी छात्राओं को मुफ्त स्कूटी दी जा सकती है। हालांकि, लाभार्थियों की अंतिम संख्या पर आखिरी मुहर शासन स्तर से ही लगाई जाएगी 9 लाख छात्राओं में से होगा मेधावियों का चयन मौजूदा आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के विभिन्न उच्च शिक्षण संस्थानों में स्नातक स्तर पर करीब 9 लाख छात्राएं नामांकित हैं। इन सभी छात्राओं में से कड़ी स्क्रीनिंग और मेरिट लिस्ट के जरिए ही भाग्यशाली मेधावियों का चुनाव किया जाएगा। इस योजना का मुख्य उद्देश्य न केवल बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करना है, बल्कि कॉलेज आने-जाने में उन्हें आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाना भी है। शासन से हरी झंडी मिलते ही विभाग द्वारा ऑनलाइन आवेदन और कॉलेजों के जरिए डेटा जुटाने का काम शुरू कर दिया जाएगा

2 जून 2026 को बृहस्पति का कर्क राशि में गोचर, जानें किस पर पड़ेगा असर

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के गोचर को अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है, जिसमें देवगुरु बृहस्पति का राशि परिवर्तन सबसे अधिक प्रभावशाली और व्यापक माना जाता है. ग्रहों के गुरु माने जाने वाले बृहस्पति 2 जून 2026 को एक प्रमुख गोचर करने जा रहे हैं. इस दिन गुरु अपनी वर्तमान स्थिति को त्यागकर कर्क राशि में प्रवेश करेंगे. ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, कर्क राशि बृहस्पति की 'उच्च' राशि है, जिसका अर्थ है कि इस गोचर के दौरान गुरु अपने सबसे शक्तिशाली और शुभ प्रभाव में रहेंगे. बृहस्पति को ज्ञान, धन, संतान, और भाग्य का कारक माना जाता है, इसलिए उनके इस राशि परिवर्तन से पूरी दुनिया के सामाजिक, आर्थिक और व्यक्तिगत जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ना तय है. किसी के लिए यह गोचर करियर में नई ऊंचाइयां लेकर आएगा, तो किसी के लिए यह समय आत्म-चिंतन और सावधानी बरतने का होगा. क्या यह गोचर आपके लिए सुख-समृद्धि के द्वार खोलेगा या आपको आने वाली चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा? आइए जानते हैं कि कर्क राशि में गुरु का यह विशेष गोचर किन राशियों के लिए बहुत बुरा माना जा रहा है. मेष (Aries) गुरु का यह गोचर आपके चतुर्थ भाव में होगा. पारिवारिक जीवन में उतार-चढ़ाव आ सकते हैं. घर के रखरखाव या माता के स्वास्थ्य पर खर्च बढ़ सकता है. कार्यस्थल पर भी बदलाव की स्थिति बन सकती है, इसलिए धैर्य बनाए रखें. मिथुन (Gemini) बृहस्पति आपकी राशि से निकलकर दूसरे भाव में प्रवेश करेंगे. आर्थिक रूप से आपको सावधान रहना होगा. धन संचय में दिक्कतें आ सकती हैं. परिवार में वाणी के कारण मतभेद होने की संभावना है. फिजूलखर्ची पर लगाम लगाएं. तुला (Libra) गुरु का गोचर आपके दसवें भाव में होगा. करियर और कार्यक्षेत्र में अचानक कोई बड़ा बदलाव या तनाव देखने को मिल सकता है. वरिष्ठ अधिकारियों के साथ तालमेल बिठाकर चलें. कार्य में किसी भी तरह की जल्दबाजी न करें. कुंभ (Aquarius) आपके छठे भाव में गुरु का गोचर स्वास्थ्य और शत्रुओं से जुड़ी समस्याएं खड़ी कर सकता है. गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें. कानूनी मामलों में सावधानी बरतें. स्वास्थ्य के प्रति जरा भी लापरवाही न बरतें.

योगी सरकार ने पेंशन राशि 2500 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये प्रतिमाह की

कुष्ठावस्था पेंशन योजना बनी सहारा, हजारों दिव्यांगजनों को मिल रहा सम्मान और संबल योगी सरकार ने पेंशन राशि 2500 रुपये से बढ़ाकर 3000 रुपये प्रतिमाह की   नौ वर्षों में लाभार्थियों की संख्या 4765 से बढ़कर 13667 पहुंची पीएफएमएस एवं ई-पेमेंट प्रणाली से सीधे खातों में पहुंच रही पेंशन राशि लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में संचालित जनकल्याणकारी योजनाएं समाज के अंतिम व्यक्ति तक राहत एवं सुरक्षा पहुंचाने का कार्य कर रही हैं। इसी क्रम में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित कुष्ठावस्था पेंशन योजना कुष्ठ रोग से प्रभावित दिव्यांगजनों के लिए आर्थिक एवं सामाजिक संबल का महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभरी है। वर्तमान में प्रदेश के 13 हजार से अधिक लाभार्थियों को इस योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 3000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। यह योजना ऐसे व्यक्तियों के लिए है जो कुष्ठरोग के शिकार होने के बाद दिव्यांग भी हो जाते हैं। आर्थिक रूप से कमजोर दिव्यांगजनों को मिल रही सहायता दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित इस योजना का उद्देश्य कुष्ठ रोग से प्रभावित आर्थिक रूप से कमजोर दिव्यांगजनों को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है। योजना के अंतर्गत ऐसे सभी पात्र दिव्यांगजन लाभान्वित किए जाते हैं, जो उत्तर प्रदेश के मूल निवासी हैं, जिनके परिवार की वार्षिक आय दो लाख रुपये से अधिक नहीं है तथा जो किसी अन्य सरकारी पेंशन योजना का लाभ प्राप्त नहीं कर रहे हैं।  योगी सरकार ने सहायता राशि 2500 से बढ़ाकर 3000 रुपये की योजना के प्रारंभ में लाभार्थियों को 2500 रुपये प्रतिमाह पेंशन प्रदान की जाती थी, जिसे साल 2021 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की संवेदनशील सोच और गरीब कल्याण के प्रति प्रतिबद्धता के दृष्टिगत बढ़ाकर 3000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया था। इससे लाभार्थियों को अतिरिक्त आर्थिक सहायता प्राप्त हुई है और उनके जीवन स्तर में सकारात्मक सुधार आया है। वित्तीय वर्ष 2016-17 में जहां 4765 लाभार्थियों को योजना का लाभ प्राप्त हो रहा था, वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में यह संख्या बढ़कर 13667 हो गई है। सहायता सीधे लाभार्थी के खाते में भेजी जा रही योजना के अंतर्गत लाभार्थियों का चयन मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र के आधार पर किया जाता है। इस योजना के तहत ऐसे व्यक्तियों को पात्र माना जाता है जिनमें कुष्ठरोग का शिकार होने के कारण दिव्यांगता आ जाती है। विशेष बात यह है कि कुष्ठ रोग से प्रभावित व्यक्तियों के लिए दिव्यांगता प्रतिशत की कोई अनिवार्यता निर्धारित नहीं है। पात्र लाभार्थियों को पेंशन की धनराशि पीएफएमएस प्रणाली एवं कोषागार की ई-पेमेंट व्यवस्था के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी एवं प्रभावी बनी हुई है। योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं आवेदक प्रदेश सरकार द्वारा आवेदन प्रक्रिया को भी पूर्णतः ऑनलाइन किया गया है। पात्र आवेदक sspy-up.gov.in पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर योजना का लाभ प्राप्त कर सकते हैं। डिजिटल व्यवस्था लागू होने से ग्रामीण एवं दूरदराज क्षेत्रों के लोगों को भी सुविधा प्राप्त हुई है तथा सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर लगाने की समस्या में कमी आई है। पारदर्शी तरीके से योजना का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा- उप निदेशक दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उप निदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने बताया कि कुष्ठावस्था पेंशन योजना के माध्यम से कुष्ठ रोग से प्रभावित दिव्यांगजनों को आर्थिक सुरक्षा प्रदान की जा रही है, जिससे उनके जीवन स्तर में निरंतर सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप पात्र व्यक्तियों को समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से योजना का लाभ उपलब्ध कराया जा रहा है।