samacharsecretary.com

हरियाणा सरकार का बड़ा कदम, कार-पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की पहल

 चंडीगढ़  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का देश हित में ईंधन बचाने का आह्वान कारगर साबित हो रहा है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से लेकर राज्य सरकार के मंत्री जहां अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम कर चुके हैं, वहीं मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने अधिकारियों व कर्मचारियों से भी ईंधन की बचत करने के महायज्ञ में अपना आहुति डालने का आह्वान किया है। हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों तथा कर्मचारियों से आग्रह किया है कि वे अपने दैनिक सरकारी कार्यों में पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के लिए हरसंभव प्रयास करें। कार-पूलिंग करने के दिए निर्देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में वैश्विक परिस्थितियों और ऊर्जा संरक्षण की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए देशवासियों से ईंधन बचत के उपाय अपनाने की अपील की है। सरकारी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी अपने कार्यालयों में आने-जाने, बैठकों में भागीदारी तथा आधिकारिक कार्यक्रमों में आने-जाने के लिए ज्यादा से ज्यादा कार-पूलिंग करें। मुख्य सचिव ने सुझाव दिया कि जहां तक संभव हो, पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग किया जाए। विभागाध्यक्षों का भी दायित्व है कि वे अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन तथा अन्य विकल्पों के उपयोग के लिए प्रेरित करें। अनुराग रस्तोगी ने अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे बैठकों और आधिकारिक संवाद के लिए वीडियो कान्फ्रेंसिंग वर्चुअल प्लेटफॉर्म का अधिक से अधिक उपयोग करें। सामूहिक रूप से किए गए हमारे छोटे-छोटे प्रयास ईंधन की बचत कर व्यापक राष्ट्रीय हित में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।

शनि जयंती 2026: तुला, मकर और कुंभ राशि वालों पर बरसेगी शनिदेव की कृपा

 शनि जयंती हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण दिन माना जाता है, जो न्याय के देवता और कर्मों के फल देने वाले भगवान शनि को समर्पित होता है. शनि जयंती वह दिन है जब भगवान शनि का जन्म हुआ था. यह हर साल ज्येष्ठ माह की अमावस्या को मनाई जाती है. शनि जयंती आज (16 मई) को मनाई जा रही है. इस दिन शनिदेव की पूजा-उपासना करने से शनि दोष कम होता है, साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव घटता है, जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और कर्मों के बुरे फल से राहत मिलती है. ज्योतिषियों की मानें तो, शनिदेव की कुछ प्रिय राशियां जिनपर उनकी कृपादृष्टि बनी रहती है. आइए जानते हैं कि शनिदेव की प्रिय राशियों के बारे में, जिनका शनि जयंती से गोल्डन टाइम शुरू होगा. तुला राशि: शनि का मजबूत प्रभाव तुला राशि में शनि को बहुत शक्तिशाली माना जाता है. यहां शनि अपने उच्च स्थान पर होता है, इसलिए इसका असर गहरा होता है. इस राशि के लोग सोच-समझकर फैसले लेते हैं और न्याय की भावना रखते हैं. सफलता इन्हें थोड़ा देर से मिलती है, लेकिन स्थायी होती है. ये लोग कानून, प्रशासन, मैनेजमेंट और व्यापार जैसे क्षेत्रों में अच्छा नाम कमा सकते हैं. शनि इन्हें सही रास्ता दिखाने में मदद करता है और जीवन में संतुलन बनाए रखता है. मकर राशि: मेहनत से बनता भविष्य मकर राशि के स्वामी स्वयं शनि होते हैं, इसलिए इस राशि पर इसका विशेष प्रभाव रहता है. शुरुआती जीवन में संघर्ष और मेहनत ज्यादा देखने को मिलती है, खासकर 30 साल की उम्र तक. लेकिन इसके बाद जीवन में सुधार आने लगता है. मेहनत का फल धीरे-धीरे मिलने लगता है और करियर में स्थिरता आती है. ऐसे लोग लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित रखते हैं और सोच-समझकर कदम बढ़ाते हैं. धीरे-धीरे ये धन, सम्मान और सफलता हासिल करते हैं. कुंभ राशि: शनि की मूल शक्ति का असर कुंभ राशि को शनि की मूल त्रिकोण राशि माना जाता है, जहां इसका प्रभाव संतुलित और स्थिर रहता है. इस राशि के लोग नई सोच रखने वाले और दूरदर्शी होते हैं. ये तकनीक, रिसर्च, सामाजिक कार्य और बड़े संगठनों में बेहतर प्रदर्शन करते हैं. मुश्किल परिस्थितियों में भी ये हिम्मत नहीं हारते. समय के साथ इनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होती जाती है और जीवन में स्थिरता आती है. 30 की उम्र के बाद जीवन में बदलाव ज्योतिष के अनुसार शनि का असली प्रभाव 30 साल की उम्र के आसपास साफ दिखने लगता है. इन तीनों राशियों के जातकों के जीवन में इस समय के बाद स्थिरता बढ़ती है. करियर सही दिशा में आगे बढ़ता है और कमाई भी मजबूत होने लगती है. अनुभव का फायदा मिलता है और फैसले ज्यादा बेहतर होते हैं. माना जाता है कि शनि की कृपा पाने के लिए ईमानदारी, अनुशासन और लगातार मेहनत सबसे जरूरी उपाय हैं.

धनबाद और जमशेदपुर मेडिकल कॉलेजों को बड़ा तोहफा, सीट बढ़ाने की योजना को मिली स्वीकृति

रांची  राज्य के दो मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस के साथ-साथ पीजी की सीटें बढ़ेंगी। इनमें एसएनएमएमसीएच (शहीद निर्मल महतो मेडिकल कालेज), धनबाद एवं एमजीएम, जमशेदपुर सम्मिलित हैं। इसे लेकर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने 889.50 करोड़ की योजना की मंजूरी प्रदान की है। इनमें 526.50 करोड़ रुपये केंद्र से मिलेंगे, जबकि शेष राशि का वहन राज्य सरकार को करना होगा। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का इस आशय का पत्र राज्य सरकार को मिल गया है। साथ ही केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने एमओयू का प्रारुप भेज दिया है, जिसपर राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग को हस्ताक्षर करना है। केंद्र से स्वीकृत योजना के तहत एसएनएमएमसीएच, धनबाद की सीटें 100 से बढ़ाकर 250 की जाएंगी, जिसपर 225 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसी तरह, एमजीएम, जमशेदपुर की सीटें 150 से बढ़ाकर 250 की जाएंगी, जिसपर 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसी तरह, एसएनएमएमसीएच, धनबाद में पीजी की वर्तमान सीटें 19 हैं। यहां विभिन्न विभागों में 186 सीटें बढ़ाई जानी हैं। एमजीएम, जमशेदपुर में पीजी की वर्तमान सीटें 49 हैं। यहां 149 सीटें बढ़ाई जानी हैं। दोनों कालेजों में पीजी की सीटें बढ़ाने के लिए क्रमश: 279 करोड़ रुपये तथा 235.5 करोड़ रुपये की योजना स्वीकृत हुई है। इनमें क्रमश: 167.40 करोड़ तथा 134.10 करोड़ रुपये केंद्र सरकार देगी। इधर, स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा है कि यह निर्णय न केवल राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि आनेवाले वर्षों में चिकित्सकों की कमी भी दूर होगी। झारखंड के मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस व पीजी की सीटें काफी कम थीं सीटों में वृद्धि का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण और पिछड़े इलाकों को मिलेगा, क्योंकि वहां चिकित्सक उपलब्ध हो सकेंगे। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव ने अजय कुमार सिंह ने केंद्र की मंजूरी को बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि अन्य मेडिकल कलेजों में भी जल्द सीटें बढ़ाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। भविष्य में सुपर स्पेशियलिटी सीटों में भी वृद्धि की जाएगी। उन्होंने कहा कि इससे एक ओर जहां झारखंड के छात्रों को चिकित्सा शिक्षा में अधिक अवसर मिलेगा, वहीं दूसरी ओर राज्य में चिकित्सकों की संख्या भी बढ़ेगी। अब इस प्रस्ताव को आगे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।

उम्मीदवारों के लिए नए निर्देश जारी, पंजाब में चुनाव प्रचार पर चुनाव आयोग की कड़ी नजर

बरनाला  राज्य चुनाव आयोग पंजाब के दिशा-निर्देशों के तहत नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के चुनाव 26 मई को करवाए जाएंगे। चुनावों की घोषणा के साथ ही संबंधित क्षेत्रों में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू कर दी गई है। जिला चुनाव अधिकारी हरप्रीत सिंह ने सभी उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों को चुनाव आचार संहिता का पूरी तरह पालन करने के आदेश दिए हैं।  जिला चुनाव अधिकारी ने कहा कि किसी भी उम्मीदवार को धर्म, जाति या समुदाय के नाम पर वोट मांगने की अनुमति नहीं होगी। धार्मिक स्थलों का उपयोग चुनाव प्रचार के लिए करने पर भी पूरी तरह रोक रहेगी। उन्होंने कहा कि किसी उम्मीदवार के निजी जीवन से जुड़े अप्रमाणित आरोप लगाने या भड़काऊ बयान देने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है। सरकारी इमारतों में नहीं होगा प्रचार प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार कोई भी उम्मीदवार या समर्थक बिना अनुमति सरकारी इमारतों या सरकारी संपत्ति पर पोस्टर, बैनर या होर्डिंग नहीं लगाएगा। निजी संपत्ति पर प्रचार सामग्री लगाने के लिए संपत्ति मालिक की लिखित अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इसकी प्रति संबंधित निर्वाचन अधिकारी के पास जमा करवानी होगी। उन्होंने बताया कि चुनाव प्रचार सामग्री जैसे पोस्टर और पंपलेट पर छापने वाले और प्रकाशित करने वाले व्यक्ति का नाम और पता लिखना जरूरी होगा। इसके अलावा जनसभाओं, रैलियों और ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग के लिए पहले संबंधित अधिकारियों से अनुमति लेनी होगी। स्पीकरों के प्रयोग को किया सीमित जिला चुनाव अधिकारी ने स्पष्ट किया कि अनुमति मिलने के बाद भी स्पीकरों का उपयोग केवल सुबह सात बजे से रात दस बजे तक ही किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त मतदाताओं को किसी प्रकार का लालच, उपहार या शराब बांटने पर पूरी तरह रोक रहेगी। निर्देशों के अनुसार मतदान केंद्र के 100 मीटर दायरे में किसी भी प्रकार का चुनाव प्रचार नहीं किया जा सकेगा। किसी भी उम्मीदवार या उसके समर्थकों को ऐसी गतिविधियों से दूर रहने को कहा गया है, जिससे विभिन्न धर्मों, जातियों या समुदायों के बीच तनाव या नफरत फैलने की आशंका हो। विरोधियों के घरों के बाहर नहीं लगा पाएंगे धरने प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि विरोधी उम्मीदवारों के घरों के सामने प्रदर्शन या धरना देने की अनुमति नहीं होगी। किसी अन्य उम्मीदवार की चुनावी सभा में बाधा डालना भी चुनाव कानून के तहत अपराध माना जाएगा। जिला चुनाव अधिकारी ने सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से अपील की कि वे चुनाव आचार संहिता का पालन करते हुए शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव करवाने में प्रशासन का सहयोग करें।

मानसून से पहले एक्शन मोड में बिहार सरकार, तटबंधों पर होगी सख्त पेट्रोलिंग

 पटना बिहार में आगामी मानसून के दौरान संभावित बाढ़ और सुखाड़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए राज्य सरकार पूरी तरह से ऐक्शन मोड में आ गई है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने अधिकारियों को दो टूक शब्दों में सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि बचाव की तैयारियों में किसी भी स्तर पर कोताही अब बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बेहतर काम करने वाले अधिकारियों की जहां एक तरफ पीठ थपथपाई जाएगी और उन्हें बधाई दी जाएगी, वहीं जानबूझकर लापरवाही और कार्यों में कोताही बरतने वाले अफसरों और कर्मचारियों पर सरकार का डंडा चलेगा और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सिंचाई भवन में हुई उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को राजधानी पटना के सिंचाई भवन में बाढ़ और सुखाड़ से पूर्व की तैयारियों को लेकर एक बेहद अहम और उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य को प्राकृतिक आपदाओं से बचाने के लिए समय रहते पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करना था। डिप्टी सीएम ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि संभावित बाढ़ से बचाव और सुखाड़ से निपटने की सभी आवश्यक तैयारियां निर्धारित समय सीमा से पहले ही हर हाल में पूरी कर ली जाएं। तटबंधों पर होगी पेट्रोलिंग समीक्षा बैठक के दौरान उपमुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न बाढ़ प्रभावित और संवेदनशील क्षेत्रों में चल रहे कटाव निरोधी कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने तटबंधों की मरम्मत, उनके उचित अनुरक्षण और बाढ़ सुरक्षात्मक सामग्री के प्राप्त इंतेजाम करने के कड़े निर्देश दिए। डिप्टी सीएम ने जोर देकर कहा कि बाढ़ की अवधि के दौरान तटबंधों की पूरी लंबाई पर अधिकारियों द्वारा पूरी मुस्तैदी के साथ पेट्रोलिंग की जाए, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति को समय रहते टाला जा सके और जानमाल का नुकसान न हो। सचिव ने बाढ़ प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था से कराया अवगत इस अहम बैठक में जल संसाधन विभाग के वरीय अधिकारी भी मौजूद रहे। इससे पहले विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने उपमुख्यमंत्री को बाढ़ प्रबंधन और सिंचाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए की जा रही सभी तैयारियों से विस्तार से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि संवेदनशील स्थलों की कड़ी निगरानी की जा रही है। सरकार का यह कड़ा रुख इस बात का साफ संकेत है कि इस बार मानसूनी आपदाओं को लेकर प्रशासन किसी भी तरह का कोई रिस्क लेने के मूड में नहीं है।

393 करोड़ की लागत से तैयार होगा गोरखपुर क्रिकेट स्टेडियम, 30 हजार दर्शकों की होगी क्षमता

 गोरखपुर उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 16 मई का दिन खेल अवस्थापना के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज होने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को गोरखपुर में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम का भूमि पूजन और शिलान्यास करेंगे। लगभग 393 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम के शिलान्यास समारोह में केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी तथा प्रदेश के खेल मंत्री गिरीश चंद्र यादव भी मौजूद रहेंगे। सूत्रों के अनुसार गोरखपुर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट्स में शामिल है। मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद प्रशासन द्वारा ताल नदोर क्षेत्र में उपलब्ध कराई गई भूमि पर 24 दिसंबर 2025 से निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया गया था। सरकार द्वारा जारी परियोजना लागत की पहली किश्त 63.39 करोड़ रुपये से निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग निर्माण खंड-एक (भवन) के अनुसार अब तक परियोजना का लगभग सात प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। स्टेडियम का निर्माण कार्य 23 दिसंबर 2027 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। गोरखपुर ग्रामीण क्षेत्र के विधायक विपिन सिंह ने इसे जिले के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम बनने से गोरखपुर विश्वस्तरीय खेल अवसंरचना और अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के केंद्र के रूप में पहचान बनाएगा। 46 एकड़ क्षेत्रफल में बनने वाले इस स्टेडियम की दर्शक क्षमता लगभग 30 हजार होगी। स्टेडियम 'ग्राउंड प्लस टू फ्लोर' डिजाइन पर विकसित किया जाएगा। मुख्य मैदान में खिलाड़ियों के लिए सात प्लेइंग पिच और चार प्रैक्टिस पिच बनाई जाएंगी। स्टेडियम के पूर्वी और पश्चिमी स्टैंड में प्रत्येक में 14,490 दर्शकों के बैठने की व्यवस्था होगी। नॉर्थ पैवेलियन में 208 वीआईपी और 382 मीडियाकर्मियों के बैठने की सुविधा रहेगी, जबकि साउथ पैवेलियन में 1708 वीवीआईपी और वीआईपी के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। रात्रिकालीन मैचों के आयोजन के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप चार हाई मास्ट लाइटें स्थापित की जाएंगी। क्रिकेट के अलावा यहां अन्य बड़े सांस्कृतिक और खेल आयोजनों का भी आयोजन किया जा सकेगा। सूत्रों ने बताया कि ताल नदोर स्थित यह स्टेडियम कनेक्टिविटी के लिहाज से भी अत्यंत उपयुक्त स्थान पर है। यह गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन राजमार्ग से जुड़ा हुआ है। स्टेडियम गोरखपुर एयरपोर्ट से लगभग 24 किलोमीटर तथा रेलवे स्टेशन से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। स्टेडियम निर्माण में देश की प्रमुख पेट्रोलियम कंपनियां कॉर्पोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (सीएसआर) फंड के तहत कुल 100 करोड़ रुपये का योगदान देंगी। इसके तहत इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड 60 करोड़ रुपये, भारत पेट्रोलियम 30 करोड़ रुपये तथा हिंदुस्तान पेट्रोलियम 10 करोड़ रुपये उपलब्ध कराएगी। समझा-बुझाकर शांत कार्रवाई का आश्वासन देकर उन्हें शांत करा दिया। करीब दो घंटे तक हंगामा, बवाल चलता रहा। एसीपी विनय द्विवेदी ने बताया छात्र मेस से हॉस्टल में खाना ले जाना चाह रहे थे। इस पर उनका वार्डन से विवाद हुआ। छात्रों ने वार्डन पर हाथ मरोड़ कर पिटाई करने का आरोप लगाया है। अभी तक इस मामले में किसी पक्ष से कोई तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलने पर जांच कर कार्रवाई की जाएगी। होटल से नानवेज और मेस से रोटी को लेकर बवाल की चर्चा वहीं, कुछ छात्रों का कहना है कि उनके एक साथी ने परिसर के बाहर अयोध्या रोड स्थित एक होटल से नॉनवेज मंगाया था। इसके बाद वह रोटी लेने के लिए मेस में गया था। रोटी देने से वार्डन से मना कर दिया। इस बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हुआ था। इसके बाद छात्र आक्रोशित होकर हंगामा करने लगे थे।

31 में 28 मंत्री करोड़पति, औसत संपत्ति 6.32 करोड़ रुपये

पटना  बिहार में 7 मई 2026 को हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) और बिहार इलेक्शन वॉच ने माननीयों को लेकर एक बेहद चौंकाने वाली रिपोर्ट जारी की है। मुख्यमंत्री सहित 35 में से 31 मंत्रियों के शपथ पत्रों का जो विश्लेषण सामने आया है, वह आम जनता के लिए काफी हैरान करने वाला है। रिपोर्ट के अनुसार, बिहार सरकार के 90 फीसदी मंत्री 'करोड़पति' की श्रेणी में आते हैं और इन सभी माननीयों की औसत संपत्ति सवा छह (6.32) करोड़ रुपये बैठती है। केवल धन-दौलत ही नहीं, बल्कि लगभग आधे मंत्रियों पर आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। रमा निषाद सबसे अमीर तो संजय कुमार सबसे गरीब मंत्री संपत्ति के मामले में औंराई विधानसभा से निर्वाचित भाजपा विधायक रमा निषाद सबसे आगे हैं। उन्होंने अपनी कुल संपत्ति 31.86 करोड़ रुपये घोषित की है, जो पूरे मंत्रिमंडल में सर्वाधिक है। वहीं, इसके ठीक विपरीत बखरी से लोजपा (रा) के विधायक संजय कुमार मंत्रिमंडल के सबसे 'गरीब' मंत्री हैं। उनकी कुल संपत्ति महज 22.30 लाख रुपये है। इसके अलावा, कर्ज के मामले में शिवहर से श्वेता गुप्ता पर सबसे अधिक 4.05 करोड़ रुपये की देनदारी है। कुल 31 में से 20 मंत्रियों ने अपने ऊपर देनदारी घोषित की है। जदयू के सभी 13 मंत्री करोड़पति, भाजपा के 13 एडीआर की इस रिपोर्ट के मुताबिक, 31 में से 28 सदस्य करोड़पति हैं। पार्टीवार आंकड़ों पर नजर डालें तो जनता दल यूनाइटेड (JDU) के सभी 13 के 13 मंत्री करोड़पति हैं। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 15 में से 13 मंत्री, लोजपा (रामविलास) के 2 में से 1 और हम (सेक्युलर) के एकमात्र मंत्री भी करोड़पति क्लब में शामिल हैं। कुल मिलाकर बिहार कैबिनेट में धनकुबेरों का अच्छा-खासा दबदबा है। 48% मंत्रियों पर आपराधिक केस धन के साथ-साथ इस मंत्रिमंडल में दागी चेहरों की भी कमी नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार, 31 में से 15 मंत्रियों ने अपने ऊपर आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी दी है। चिंताजनक बात यह है कि इनमें से 9 मंत्रियों पर गंभीर आपराधिक मामले चल रहे हैं। शिक्षा की बात करें तो 22 मंत्री स्नातक या उससे अधिक पढ़े-लिखे हैं, जबकि 8 मंत्री 10वीं से 12वीं पास हैं।

तेज आंधी और बिजली से मौत पर सरकार का सहारा, मंत्रियों ने पीड़ित परिवारों से की मुलाकात

 लखनऊ यूपी में बीते दिनों आई तेज आंधी, बारिश और आकाशीय बिजली से हुई धन-जनहानि के पीड़ितों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर शुक्रवार को मुआवजा बांटा गया। विभिन्न जिलों में प्रभारी मंत्रियों ने पीड़ितों को धनराशि का चेक सौंपा और सरकार के उनके साथ खड़े होने का भरोसा दिलाया। प्रत्येक मृतक के परिजनों को चार लाख रुपये के अलावा राहत सामग्री के साथ-साथ विभिन्न योजनाओं का लाभ भी दिया गया। लखीमपुर खीरी के मितौली तहसील के ग्राम जमुनिया कढ़ीले में 13 मई की रात आई तेज आंधी और बारिश ने एक परिवार की दुनिया उजाड़ दी। मकान की छत भरभराकर गिरी और उसके नीचे दबकर 40 वर्षीय रतिराम पुत्र दीना की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद गुरुवार को मुख्यमंत्री के निर्देश पर गांव पहुंचे जिले के प्रभारी मंत्री नितिन अग्रवाल ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर ढांढस बंधाया। गांव पहुंचे प्रभारी मंत्री ने पूर्व सांसद जुगुल किशोर और डीएम अंजनी कुमार सिंह की मौजूदगी में मृतक की पत्नी और बच्चों को चार लाख रुपये की दैवीय आपदा सहायता, 6500 रुपये गृह अनुदान का डेमो चेक सौंपा। इसी तरह हरदोई में उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं जनपद हरदोई के प्रभारी मंत्री असीम अरुण ने तहसील संडीला के ग्राम आंट मजरा आंट सांट में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ पीड़ित परिवार से भेंट कर गहरी संवेदना प्रकट की। उन्होंने मौके पर उपस्थित मृतका की माता कमला पत्नी छोटे को बताया कि उनके खाते में राहत सहायता राशि 4 लाख रुपए भेज दी गई है। इस अवसर पर सांसद अशोक रावत व विधायक राम पाल वर्मा ने भी शोकाकुल परिवार को सांत्वना दी। अंबेडकरनगर में गिरीश चंद्र यादव ने पीड़ितों से की मुलाकात अम्बेडकरनगर में जिले के प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने ग्राम कुढ़ा मोहम्मदगढ़ में आंधी-तूफान के कारण दीवार गिरने से सुकना देवी के असामयिक निधन पर उनके परिजनों से भेंट कर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने बताया कि इस कठिन समय में परिवार को संबल प्रदान करने हेतु प्रदेश सरकार की ओर से निर्धारित आर्थिक सहायता चार लाख रुपये की राशि प्रदान कर दी गई। मंत्री धर्मवीर प्रजापति ने दी राहत सामग्री सम्भल में तेज आंधी-तूफान एवं वर्षा से उत्पन्न दैवीय आपदा के कारण थाना कैलादेवी के अन्तर्गत ग्राम गंगहेटा में विद्युत पोल तथा घर की दीवार गिरने से नेमवती तथा भगवान सिंहके चपेट में आने से मौत हो गयी थी। प्रभारी मंत्री/राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार होमगार्ड्स एवं नागरिक सुरक्षा धर्मवीर प्रजापति ने गांव जाकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। परिजनों से भेंट कर शोक संवेदना व्यक्त करते हुए 4-4 लाख रुपये धनराशि खाते में पहुंचने के प्रमाणपत्र तथा आपदा राहत सामग्री प्रदान की। उनके साथ जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल तथा पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई भी थे। मंत्री गुलाब देवी ने मृतक के परिजनों को 4-4 लाख के चेक सौंपे बदायूं के बिसौली क्षेत्र में आंधी-तूफान पीड़ित परिवारों को प्रभारी मंत्री गुलाब देवी ने प्रत्येक मृतक के परिजनों को 4-4 लाख के चेक सौंपे। वहीं, बरेली में राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सहकारिता विभाग/प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर की अध्यक्षता में आज आपदा राहत राशि का वितरण कार्यक्रम आंवला तहसील के सभागार में हुआ। राज्यमंत्री द्वारा जनहानि होने पर देवकी और लीपी के परिवारीजनों के खातों में चार-चार लाख रुपये की सहायता राशि दी गयी।

तेज धूप और गर्म हवाओं से बेहाल लोग, मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

लखनऊ यूपी में पिछले कई दिनों से मौसम का मिजाज तल्ख बना हुआ है। लगातार तापमान बढ़ने से गर्मी और तेज धूप ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। गुरुवार को सुबह से ही तीखी धूप निकलने के कारण दिनभर गर्म हवाएं चलती रहीं, जिससे लोग बेहाल नजर आए। दोपहर के समय घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया और राहगीरों व यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बीते दिनों आई आंधी और बारिश के बाद पिछले शनिवार से मौसम का रुख पूरी तरह बदल गया है। जहां, गुरुवार को तेज धूप निकलने के बाद अधिकतम तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, अगले 48 घंटे लू के साथ गर्मी और बढ़ेगी। मौसम विभाग ने गर्मी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि दो दिन लू के थपेड़े सताएंगे और इसके बाद बारिश से राहत मिलेगी। हालांकि अगले दो दिनों में लू के साथ तापमान और गर्मी और ज्यादा बढ़ेगी। गुरुवार को दिनभर भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप ने लोगों को खासा परेशान किया। सुबह से ही सूरज की तेज किरणों ने वातावरण को गर्म कर दिया, जिससे दोपहर तक सड़कों पर सन्नाटा जैसा माहौल देखने को मिला। गर्म हवाओं और तेज धूप के चलते आम जनजीवन प्रभावित रहा और लोग जरूरी कामों से ही घरों से बाहर निकले। दोपहर के समय गर्मी का असर अपने चरम पर रहा। बाजारों में भी भीड़ कम देखी गई और लोग छांव और ठंडे स्थानों की तलाश करते नजर आए। गर्मी के कारण राहगीरों, मजदूरों और स्कूली बच्चों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर लोग पानी और ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेते दिखे। मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान में वृद्धि के कारण उमस और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। हालांकि कुछ इलाकों में मौसम कई बार अचानक करवट ले रहा है। आसमान में काले बादल छाने के साथ तेज हवाएं चल रही हैं। लेकिन इससे हल्की राहत मिल रही है। भीषण गर्मी के बीच लोगों को बारिश का इंतजार है। मौसम विभाग काक कहना है कि 18 मई से बारिश के आसार हैं। एप पर जानकारी प्री-मानसून और मानसून के दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाओं से जानलेवा क्षति होती है। जनहानि को कम करने के लिए मौसम विभाग और अन्य संस्थाओं ने कई मोबाइल एप विकसित किए हैं। इनके माध्यम से आम नागरिकों, किसानों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को गरज-चमक, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावित घटनाओं की समय रहते चेतावनी मिल जाती है। मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि दामिनी-लाइटनिंग अलर्ट एप पूरे भारत में बिजली गिरने की गतिविधियों की निगरानी करता है। यह उपयोगकर्ता की जीपीएस लोकेशन के आधार पर अलर्ट भेजता है। यदि 20 से 40 किलोमीटर के दायरे में बिजली गिरने की संभावना होती है तो यह तुरंत सूचना देता है।

KKR-GT मैच से मचेगा बड़ा उलटफेर, 6 टीमों की किस्मत दांव पर

कोलकाता  कोलकाता नाइट राइडर्स और गुजरात टाइटंस की टीमें फिलहाल प्लेऑफ की रेस में नजर आ रही हैं. हालांकि गुजरात टाइटंस की टीम बेहतर स्थिति में नजर आ रही है. वहीं केकेआर की टीम मुश्किलों से घिरी हुई है. हालांकि दोनों ही टीमों के लिए ये मुकाबला बहुत ही अहम होने वाला है. इस मुकाबले का असर कुछ और टीमों पर भी पड़ने वाला है. जिसके कारण ही सभी टीमों की नजरें इस मुकाबले पर होगी पॉइंट्स टेबल को रोमांचक बनाएगा KKR vs GT मुकाबला केकेआर और गुजरात टाइटंस के बीच खेले जाने वाले इस मुकाबले के बाद पॉइंट्स टेबल में बड़ा फेरबदल देखने को मिलेगा. अगर कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम इस मुकाबले में हार गई, तो उनका आईपीएल 2026 में सफर खत्म हो जाएगा. वो टूर्नामेंट से बाहर होने वाली तीसरी टीम बन जाएगी. वहीं केकेआर की टीम जीत जाती है, तो वो पॉइंट्स टेबल में दिल्ली कैपिटल्स की टीम को पीछे छोड़ देगी. कोलकाता नाइट राइडर्स की जीत से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को फायदा होगा. वो मैच के बाद भी टेबल में टॉप पर रहेंगे. वहीं पंजाब किंग्स, सनराइजर्स हैदराबाद, राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के लिए टॉप 2 में पहुंचने का रास्ता भी अभी साफ रहेगा. गुजरात टाइटंस के लिए जीत जरूरी अगर इस मुकाबले में गुजरात टाइटंस की टीम जीत जाती है, तो वो पॉइंट्स टेबल में टॉप पर पहुंच जाएगी. इसके साथ ही उनका टॉप 2 में बने रहना लगभग पक्का हो जाएगा. हालांकि इससे आरसीबी सहित कई टीमों को नुकसान होगा. वहीं अगर गुजरात टाइटंस को हार मिली, तो टॉप 2 के रास्ते 6 टीमों के लिए खुले रहेंगे. वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स की उम्मीदें भी जिंदा रहेगा. इस मुकाबले के बाद पॉइंट्स टेबल में बड़ा उलटफेर लगभग तय नजर आ रहा है. केकेआर की टीम को आज 5 और फ्रेंचाइजी भी सपोर्ट करने वाली हैं.