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तेज धूप और गर्म हवाओं से बेहाल लोग, मौसम विभाग ने जारी किया ऑरेंज अलर्ट

लखनऊ यूपी में पिछले कई दिनों से मौसम का मिजाज तल्ख बना हुआ है। लगातार तापमान बढ़ने से गर्मी और तेज धूप ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। गुरुवार को सुबह से ही तीखी धूप निकलने के कारण दिनभर गर्म हवाएं चलती रहीं, जिससे लोग बेहाल नजर आए। दोपहर के समय घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया और राहगीरों व यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बीते दिनों आई आंधी और बारिश के बाद पिछले शनिवार से मौसम का रुख पूरी तरह बदल गया है। जहां, गुरुवार को तेज धूप निकलने के बाद अधिकतम तापमान करीब 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। वहीं, अगले 48 घंटे लू के साथ गर्मी और बढ़ेगी। मौसम विभाग ने गर्मी को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग का कहना है कि दो दिन लू के थपेड़े सताएंगे और इसके बाद बारिश से राहत मिलेगी। हालांकि अगले दो दिनों में लू के साथ तापमान और गर्मी और ज्यादा बढ़ेगी। गुरुवार को दिनभर भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप ने लोगों को खासा परेशान किया। सुबह से ही सूरज की तेज किरणों ने वातावरण को गर्म कर दिया, जिससे दोपहर तक सड़कों पर सन्नाटा जैसा माहौल देखने को मिला। गर्म हवाओं और तेज धूप के चलते आम जनजीवन प्रभावित रहा और लोग जरूरी कामों से ही घरों से बाहर निकले। दोपहर के समय गर्मी का असर अपने चरम पर रहा। बाजारों में भी भीड़ कम देखी गई और लोग छांव और ठंडे स्थानों की तलाश करते नजर आए। गर्मी के कारण राहगीरों, मजदूरों और स्कूली बच्चों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर लोग पानी और ठंडे पेय पदार्थों का सहारा लेते दिखे। मौसम विभाग के अनुसार दिन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। तापमान में वृद्धि के कारण उमस और गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। हालांकि कुछ इलाकों में मौसम कई बार अचानक करवट ले रहा है। आसमान में काले बादल छाने के साथ तेज हवाएं चल रही हैं। लेकिन इससे हल्की राहत मिल रही है। भीषण गर्मी के बीच लोगों को बारिश का इंतजार है। मौसम विभाग काक कहना है कि 18 मई से बारिश के आसार हैं। एप पर जानकारी प्री-मानसून और मानसून के दौरान गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाओं से जानलेवा क्षति होती है। जनहानि को कम करने के लिए मौसम विभाग और अन्य संस्थाओं ने कई मोबाइल एप विकसित किए हैं। इनके माध्यम से आम नागरिकों, किसानों और आपदा प्रबंधन एजेंसियों को गरज-चमक, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की संभावित घटनाओं की समय रहते चेतावनी मिल जाती है। मौसम वैज्ञानिक ने बताया कि दामिनी-लाइटनिंग अलर्ट एप पूरे भारत में बिजली गिरने की गतिविधियों की निगरानी करता है। यह उपयोगकर्ता की जीपीएस लोकेशन के आधार पर अलर्ट भेजता है। यदि 20 से 40 किलोमीटर के दायरे में बिजली गिरने की संभावना होती है तो यह तुरंत सूचना देता है।

KKR-GT मैच से मचेगा बड़ा उलटफेर, 6 टीमों की किस्मत दांव पर

कोलकाता  कोलकाता नाइट राइडर्स और गुजरात टाइटंस की टीमें फिलहाल प्लेऑफ की रेस में नजर आ रही हैं. हालांकि गुजरात टाइटंस की टीम बेहतर स्थिति में नजर आ रही है. वहीं केकेआर की टीम मुश्किलों से घिरी हुई है. हालांकि दोनों ही टीमों के लिए ये मुकाबला बहुत ही अहम होने वाला है. इस मुकाबले का असर कुछ और टीमों पर भी पड़ने वाला है. जिसके कारण ही सभी टीमों की नजरें इस मुकाबले पर होगी पॉइंट्स टेबल को रोमांचक बनाएगा KKR vs GT मुकाबला केकेआर और गुजरात टाइटंस के बीच खेले जाने वाले इस मुकाबले के बाद पॉइंट्स टेबल में बड़ा फेरबदल देखने को मिलेगा. अगर कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम इस मुकाबले में हार गई, तो उनका आईपीएल 2026 में सफर खत्म हो जाएगा. वो टूर्नामेंट से बाहर होने वाली तीसरी टीम बन जाएगी. वहीं केकेआर की टीम जीत जाती है, तो वो पॉइंट्स टेबल में दिल्ली कैपिटल्स की टीम को पीछे छोड़ देगी. कोलकाता नाइट राइडर्स की जीत से रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को फायदा होगा. वो मैच के बाद भी टेबल में टॉप पर रहेंगे. वहीं पंजाब किंग्स, सनराइजर्स हैदराबाद, राजस्थान रॉयल्स और चेन्नई सुपर किंग्स के लिए टॉप 2 में पहुंचने का रास्ता भी अभी साफ रहेगा. गुजरात टाइटंस के लिए जीत जरूरी अगर इस मुकाबले में गुजरात टाइटंस की टीम जीत जाती है, तो वो पॉइंट्स टेबल में टॉप पर पहुंच जाएगी. इसके साथ ही उनका टॉप 2 में बने रहना लगभग पक्का हो जाएगा. हालांकि इससे आरसीबी सहित कई टीमों को नुकसान होगा. वहीं अगर गुजरात टाइटंस को हार मिली, तो टॉप 2 के रास्ते 6 टीमों के लिए खुले रहेंगे. वहीं कोलकाता नाइट राइडर्स की उम्मीदें भी जिंदा रहेगा. इस मुकाबले के बाद पॉइंट्स टेबल में बड़ा उलटफेर लगभग तय नजर आ रहा है. केकेआर की टीम को आज 5 और फ्रेंचाइजी भी सपोर्ट करने वाली हैं.

अंतर्राज्यीय वन्यजीव तस्कर को हाईकोर्ट से झटका, याचिका खारिज

भोपाल  मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंड पीठ में गठित युगल पीठ ने स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश द्वारा मध्यप्रदेश के संरक्षित वन क्षेत्रों में काला हिरण, चिंकारा, सांभर, चीतल आदि वन्यजीवों का शिकार कर उनके अवयवों की तस्करी मुंबई (महाराष्ट्र) तक करने वाले संगठित गिरोह के सरगना की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका ख़ारिज कर दी है। याचिका की   सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि आरोपी द्वारा पूर्व में दायर धारा 439 सीआरपीसी के तहत जमानत आवेदन पहले ही निरस्त किया जा चुका है। न्यायालय ने यह भी माना कि आरोपी दो मृत काले हिरणों के साथ वीडियो क्लिप में पाया गया था तथा गिरफ्तारी की समस्त वैधानिक प्रक्रिया का पालन किया गया है। इसलिए आरोपी की हिरासत को अवैध नहीं माना जा सकता और यह याचिका बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के रूप में स्वीकार्य नहीं है। स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स मध्यप्रदेश द्वारा मध्यप्रदेश के संरक्षित वन क्षेत्रों में काला हिरण, चिंकारा, सांभर, चीतल आदि वन्यजीवों का शिकार कर उनके अवयवों की तस्करी मुंबई (महाराष्ट्र) तक करने वाले संगठित गिरोह के विरुद्ध वन अपराध प्रकरण क्रमांक 21 अगस्त 2025 को दर्ज किया गया था। प्रकरण की विवेचना में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ तथा वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर यह सामने आया कि गिरोह पिछले कई वर्षों से मध्यप्रदेश में आकर स्थानीय सदस्यों के साथ मिलकर वन्य जीवों का शिकार कर रहा था। एसटीएसएफ द्वारा इस गिरोह के कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 4 आरोपी महाराष्ट्र तथा 2 आरोपी मध्यप्रदेश के हैं। गिरोह के सदस्य साहब अंतुले को 27 अक्टूबर 2025 को मुंबई (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार कर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, इंदौर के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। आरोपी की जमानत याचिका इंदौर खंडपीठ द्वारा 26 फरवरी 2026 को निरस्त कर दी गई थी। आरोपी पिछले 6 माह से जेल में निरुद्ध है। आरोपी द्वारा अपनी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए इंदौर खंडपीठ की युगल पीठ के समक्ष बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की गई थी। सुनवाई में न्यायालय ने कहा कि आरोपी द्वारा पूर्व में दायर धारा 439 सीआरपीसी के तहत जमानत आवेदन पहले ही निरस्त किया जा चुका है। न्यायालय ने यह भी माना कि आरोपी दो मृत काले हिरणों के साथ वीडियो क्लिप में पाया गया था तथा गिरफ्तारी की समस्त वैधानिक प्रक्रिया का पालन किया गया है। इसलिए आरोपी की हिरासत को अवैध नहीं माना जा सकता और यह याचिका बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका के रूप में स्वीकार्य नहीं है। न्यायालय ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता न्यायिक आदेश के तहत वैध हिरासत में है तथा इस मामले में बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट लागू नहीं होती। प्रकरण में प्रस्तुत साक्ष्यों एवं विवेचना के आधार पर न्यायालय ने आरोपी की याचिका निरस्त कर दी। 

राजधानी भोपाल में बड़े बायपास प्रोजेक्ट को मंजूरी, हजारों पेड़ों की कटाई पर बढ़ी चिंता

भोपाल  भोपाल शहर में अभी अरेरा हिल्स की 45 साल पुरानी हरियाली में से 2000 पेड़ों को हटाने का मामला अभी ही रहा है कि ग्रामीण क्षेत्र में भी 45 हेक्टेयर वनक्षेत्र में से 3200 बड़े व दस हजार छोटे झाड़-झाड़ियों को खत्म करने की तैयारी शुरू कर दी है। पश्चिमी बायपास प्रोजेक्ट में ये हरियाली खत्म करने की पटकथा लिख दी गई है। हालांकि इसके विरोध में आवाजें उठी और सरकार के पास 40 शिकायतें पहुंच गई है। स्थानीय लोगों का दबाव भी है और अब फिर डिजाइन बदलने पर विचार शुरू हो गया है। खासतौर पर समसगढ़ और इससे लगे क्षेत्र में वन व कैचमेंट को बचाने आवाज तेज हुई है। भानपुर केकड़िया से फंदा कलां तक कटेंगे पेड़ जबलपुर राजमार्ग स्थित भानपुर पश्चिम बायपास चार लेन पेव्हड शोल्डर प्रोजेक्ट है। भोपाल केकडिया से शुरू होकर भोपाल देवास मार्ग स्टेट हाईवे 28 के फंदा कलां पर जुड़ेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग 45 व 46 से आंकर इंदौर की ओर जाने वाले भारी वाहन शहरी क्षेत्र में प्रवेश किए बिना आवागमन कर सकेंगे। इसकी लंबाई 35.611 किमी. प्रस्तावित है। बायपास एक लेन पांच किमी लंबाई में वनक्षेत्र है। यहां सात स्थानों पर 610 मीटर लंबाई में वायडक्ट बनाया जाएगा, ताकि वन्यजीव ट्रैफिक से उलझे बिना निकल जाएं। वनक्षेत्र मार्ग निर्माण में 45 हेक्टेयर भूमि के साथ 3200 पेड़ प्रभावित होंगे। ऐसे समझें ग्रामवार जमीन व पेड़ -हेक्टयर निजी भूमि जबकि 7.55 हेक्टेयर सरकारी भूमि है। भू अर्जन में चार भवन व 35 पेड़ प्रभावित होंगे। -भानपुर केकड़िया में 8.45 हेक्टेयर निजी व 8.38 हेक्टेयर सरकारी भूमि प्रभावित। -झागरिया खुर्द में 19.30 हेक्टेयर निजी जबकि 2.11 हेक्टेयर सरकारी भूमि प्रभावित होगी। यहां आठ भवन व 40 पेड़ हटेंगे। -फंदा कलां में बड़ा तालाब वेटलैंड में पानी पहुंचाने वाले नाले हैं। यहां नालों पर ब्रिज व कल्वर्ट बनाना प्रस्तावित । -फंदाखुर्द में 1.75 हेक्टेयर निजी भूमि व 0.20 हेक्टेयर सरकारी भूमि प्रभावित। यहां 20 पेड़ प्रभावित होंगे। -सरवर में 2.04 हेक्टेयर निजी व 0.55 हेक्टेयर सरकारी भूमि प्रभावित। यहां एक भवन हटेगा। -समसपुरा में 7.02 हेक्टेयर निजी भूमि व 3.43 हेक्टेयर सरकारी भूमि प्रभावित। यहां तीन भवन व 54 पेड़ हटेंगे। -पिपलिया धाकड़ में 6.62 हेक्टेयर निजी भूमि व 1.01 हेक्टेयर सरकारी भूमि प्रभावित होगी। एक भवन व 23 पेड़ हटेंगे। -थुआखेड़ा में 12.1284 हेक्टेयर जमीन ली जाएगी। -नरेला में 12.89 हेक्टेयर निजी व 0.65 हेक्टेयर सरकारी जमीन प्रभावित। दो भवन व 150 पेड़ हटेंगे। -मूंडला में 12.40 हेक्टेयर निजी व 0.75 हेक्टेयर सरकारी जमीन प्रभावित। दो भवन व 70 पेड़ हटेंगे। -आंवला में 15.28 हेक्टेयर निजी व 0.34 हेक्टेयर सरकारी जमीन प्रभावित। चार भवन व 50 पेड़ हटेंगे। -हताईखेड़ी में 3.85 हेक्टेयर निजी व 0.22 हेक्टेयर सरकारी जमीन प्रभावित। 50 पेड़ हटेंगे। -जाटखेड़ी में 7.72 निजी व 0.91 हेक्टेयर सरकारी भूमि प्रभावित। पश्चिम बायपास में वन व कैचमेंट का बड़ा हिस्सा प्रभावित हो रहा। पहले की डिजाइन में कम था। इसे पूरी तरह से वन व कैचमेंट से दूर करना चाहिए। हमने शिकायतें की है। मामले में कोर्ट में भी ले जाएंगे। – राशीदनूर खान, पर्यावरण एक्टिविस्ट  

अब सोमवार और शुक्रवार होगी वर्चुअल सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट ने जारी किया नया आदेश

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील का असर अब सुप्रीम कोर्ट में भी दिखाई देने लगा है। देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला लेते हुए आदेश जारी किया है कि कोर्ट के स्टाफ सप्ताह में दो दिन घर से काम करेंगे। साथ ही कोर्ट की सुनवाई सोमवार, शुक्रवार को ऑनलाइन मोड में होगी। इसके साथ ही रजिस्ट्री से जुड़े 50 फीसदी कर्मचारियों को WFH करने का आदेश दिया गया है।  इसके तहत सोमवार और शुक्रवार को वीडियो कांफ्रेंस के जरिए मामलों की सुनवाई की जाएगी। वहीं, मंगलवार, बुधवार और गुरुवार को वकीलों और याचिकाकर्ताओं के सामने विकल्प होगा कि वह फिजिकली या वर्चुअली पेश हो सकते हैं। कोर्ट ने आगे कहाकि जजों ने एकमत से फैसला लिया है कि ईंधन के पूरी तरह से सदुपयोग के लिए वह कार पूलिंग को बढ़ावा देंगे। दो दिन 50 फीसदी स्टाफ को WFH इसके अलावा, हफ्ते में दो दिन सभी रजिस्ट्री ब्रांच या सेक्शन के 50 फीसदी स्टाफ को वर्क फ्रॉम होम की अनुमति होगी। इसके लिए वीकली रोस्टर तैयार किया जाएगा, ताकि कोर्ट का काम-काज प्रभावित न होने पाए। फैसले में आगे कहा गया है कि रजिस्ट्री अधिकारी वर्क फ्रॉम व्यवस्था को काम के हिसाब से बंद कर सकते हैं बदल सकते हैं। अगर उन्हें लगता है कि किसी खास ब्रांच में ऑफिस से ही काम करना जरूरी है तो इसके मुताबिक फैसला लिया जा सकता है। PM मोदी की अपील यह फैसला ऐसे समय में आया है जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लोगों को तेल का इस्तेमाल जरूरत के मुताबिक ही करने का आह्वान किया है। पश्चिम एशिया में मौजूद संकट और दुनिया में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के चलते पीएम मोदी ने देश के नागरिकों से यह अपील की है। गौरतलब है कि खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के काफिले में वाहनों की संख्या कम कर दी गई है।

बंगाल की राजनीति में बढ़ी हलचल, अभिषेक बनर्जी पर आरोपों के बीच CM का डायमंड हार्बर दौरा

कलकत्ता पश्चिम बंगाल के नए-नवेले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी आज  शनिवार डायमंड हार्बर का दौरा करने वाले हैं। तृणमूल के दूसरे सबसे बड़े नेता अभिषेक बनर्जी का यह संसदीय क्षेत्र है। मुख्यमंत्री यहां प्रशासनिक और पार्टी से जुड़े दोनों तरह के कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री इस शनिवार को विशेष रूप से एक प्रशासनिक बैठक करने के लिए भी डायमंड हार्बर जा रहे हैं। इस दौरान कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। इससे पहले यहां ममता बनर्जी की सरकार थी। आरोप है कि इस दौरान अभिषेक बनर्जी के पसंदीदा अधिकारियों की यहां पोस्टिंग की गई थी। आपको यह भी बता दें कि इसी इलाके में आने वाले फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में कार्यकर्ताओं की एक बैठक में शामिल होने का भी कार्यक्रम है। यहां चुनाव अभी बाकी है। इसके बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का 19 मई को एक बार फिर फाल्टा जाने का कार्यक्रम है। उस दिन वे यहां एक रोड शो करने वाले हैं। मुख्यमंत्री ने पिछले मंगलवार को भी चुनाव से जुड़ी एक बैठक की थी। आपको बता दें कि फाल्टा विधानसभा क्षेत्र के लिए मतदान 21 मई को होना है। दूसरे चरण के दौरान यहां भी वोट पड़े थे, लेकिन चुनाव आयोग ने बाद में उन वोटों को रद्द कर दिया और 21 मई को दोबारा मतदान की नई तारीख घोषित की। वोटों की गिनती 24 मई को होनी है। फाल्टा पहले से ही सुर्खियों में था। वहां तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार जहांगीर खान और उत्तर प्रदेश से तैनात किए गए पुलिस पर्यवेक्षक और आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा के बीच विवाद हो गया था। इसी वजह से चुनाव आयोग ने उस विधानसभा क्षेत्र की पूरी चुनावी प्रक्रिया को रद्द करने का फैसला किया था। TMC विधायक दिलीप मंडल के आवासों की तलाशी इससे पहले पुलिस ने दक्षिण 24 परगना जिले में गुरुवार को तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के विधायक दिलीप मंडल के दो आवासों में तलाशी अभियान चलाया। यह कार्रवाई एक कथित वायरल वीडियो के संबंध में की गई है जिसमें विधायक पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) कार्यकर्ताओं के खिलाफ भड़काऊ टिप्पणी और धमकी देने का आरोप है। पश्चिम बंगाल पुलिस के जवान, केंद्रीय बलों के साथ आज सुबह डायमंड हार्बर पुलिस जिले के अंतर्गत पायलान इलाके में विधायक के आवास पर पहुंचे और चल रही जांच के हिस्से के तौर पर तलाशी शुरू की। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि तलाशी बिष्णुपुर के विधायक के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी में लगाए गए विशिष्ट आरोपों के आधार पर की जा रही है। उन्होंने कहा, "प्राथमिकी में लगाए गए विशिष्ट आरोपों के आधार पर जारी जांच केतहत तलाशी की जा रही है। कानून के अनुसार सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।" पुलिस सूत्रों के अनुसार मंडल के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। जांचकर्ता सोशल मीडिया पर चल रहे कथित वीडियो से जुड़े आरोपों की जांच कर रहे हैं, जिनमें विधायक को कथित तौर पर एक जनसभा के दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ धमकी भरे बयान देते हुए देखा गया था।

लिपि और दस्तावेजों से खुली इतिहास की परतें, मस्जिद स्थल पर पहले मंदिर होने के दावे को मिला आधार

 इंदौर  98 दिन चले एएसआई सर्वे में भोजशाला परिसर में कई मूर्तियां, सिक्के, स्तंभ और पत्थरों पर संस्कृत में लिखे श्लोक मिले। एडवोकेट विष्णु शंकर जैन और महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने अयोध्या फैसले का आधार देते हुए तर्क रखा कि किसी एक समुदाय द्वारा उपयोग करने से दूसरे समुदाय के धार्मिक अधिकार समाप्त नहीं हो जाते। ऐतिहासिक सर्वे और प्राचीन साक्ष्य वकीलों ने कोर्ट को बताया कि लगभग सवा सौ साल पहले हुए सर्वे में सिद्ध हो चुका है कि धार भोजशाला सरस्वती मंदिर ही है। उस वक्त सर्वे में मिले साक्ष्य इसकी पुष्टि भी करते हैं। यह सर्वे वर्ष 1902 में एएसआई ने किया था। सर्वे से यह बात भी सिद्ध हुई कि भोजशाला का अस्तित्व मस्जिद से बहुत पहले से है। भोजशाला के पत्थरों को ही मस्जिद बनाने के लिए इस्तेमाल किया गया था। लिपि विश्लेषण और निर्माण काल का प्रमाण उज्जैन के जूना महाकालेश्वर मंदिर में लगे पत्थर पर लिखी लिपि और भोजशाला के पत्थरों पर लिखी लिपि एक ही समय की है। इससे यह सिद्ध हुआ कि भोजशाला मंदिर है और इसका निर्माण मस्जिद से बहुत पहले हो चुका था। वकीलों ने हदीस का हवाला दिया और कहा कि इस्लाम के अनुसार जबरन जमीन लेकर मस्जिद बनाई ही नहीं जा सकती। यह भी पढ़ें- भोपाल में भोजशाला फैसले के बीच 1000 जवानों के साये में जुमे की नमाज, चप्पे-चप्पे पर रही पुलिस की नजर मस्जिद पक्ष की दलीलें जो निरस्त हो गई  पूजा स्थल अधिनियम 1991 को लेकर रखे गए तर्क कोर्ट ने अस्वीकार कर दिए। कोर्ट ने कहा कि पुरातत्व महत्व की संरक्षित धरोहरों पर यह लागू नहीं होता।      मस्जिद पक्ष ने तर्क रखा कि विवाद 2003 के आदेश को लेकर है। याचिका आदेश के 19 वर्ष बाद दायर हुई है, समय सीमा के बाहर है, लेकिन कोर्ट ने इन तर्कों को अस्वीकार कर दिया।      मस्जिद पक्ष ने तर्क रखा था कि स्वामित्व का निर्धारण आस्था और विश्वास से नहीं बल्कि कानूनी प्रक्रिया से किया जा सकता है। अयोध्या मामले में रामलला विराजमान पक्षकार थे, लेकिन भोजशाला मामले में ऐसा नहीं है, लेकिन कोर्ट ने इसे अस्वीकार कर दिया। मस्जिद पक्ष की ओर से एडवोकेट सलमान खुर्शीद ने कहा कि राजा भोज की मृत्यु के बाद कई बार धार को लूटा गया, हिंदू राजाओं ने ही मंदिरों में की तोड़फोड़ की थी, लेकिन साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने इसे नहीं माना। मस्जिद पक्ष का कहना था कि धार दरबार ने वर्ष 1935 में ही स्पष्ट कर दिया था कि भोजशाला में नमाज की अनुमति देते हुए इसे मस्जिद मान लिया था, लेकिन तर्क अस्वीकार कर दिया गया।  

सुशासन, संस्कृति संरक्षण और विश्व मानव कल्याण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वालों को मिलेगा सम्मान

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पहल पर सम्राट विक्रमादित्य की गौरवशाली स्मृति में “सम्राट विक्रमादित्य अंतर्राष्ट्रीय सम्मान” स्थापित किया गया है। यह सम्मान सम्राट विक्रमादित्य के शौर्य, न्यायप्रियता, सुशासन, दानशीलता, प्रजावत्सलता एवं भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ, उज्जैन द्वारा संस्कृति विभाग के सहयोग से स्थापित सम्राट विक्रमादित्य अंतर्राष्ट्रीय सम्मान की राशि 1 करोड़ 1 लाख रुपये निर्धारित की गई है। इसके साथ ही 21 लाख रुपये का राष्ट्रीय सम्मान और पाँच-पाँच लाख रुपये के तीन शिखर सम्मान भी स्थापित किए गए हैं। यह सम्मान भारत की सांस्कृतिक गरिमा को विश्व मंच पर नई पहचान प्रदान करेगा। इच्छुक संस्थाएं एवं व्यक्ति 20 मई, 2026 तक सम्मान के लिए नामांकन भर सकते है। महाराजा विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक  राम तिवारी ने बताया कि सम्मान के लिए आवेदन एवं नामांकन प्रक्रिया शोधपीठ की आधिकारिक वेबसाइट https://awards.mvspujjain.com पर प्रारंभ कर दी गई है। वेबसाइट पर सम्मान से संबंधित दिशा-निर्देश, पात्रता, चयन प्रक्रिया एवं विभिन्न श्रेणियों की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई है। अंतर्राष्ट्रीय सम्मान,राष्ट्रीय सम्मान एवं शिखर सम्मान के लिए एक “स्पीड रीड” सारांश भी उपलब्ध है। इसमे हर पुरस्कार के अर्हताओं का उल्लेख है। सम्राट विक्रमादित्य अंतर्राष्ट्रीय सम्मान सम्राट विक्रमादित्य अंतर्राष्ट्रीय सम्मान विश्व स्तर पर सक्रिय उन विशिष्ट व्यक्तित्वों एवं संस्थाओं को प्रदान किया जाएगा, जिन्होंने सम्राट विक्रमादित्य के आदर्शों जैसे सुशासन, न्यायप्रियता, प्रज्ञा, दानवीरता, संस्कृति-प्रेम, विज्ञान बोध एवं लोक कल्याण को अपने कार्यों के माध्यम से जीवंत रूप में प्रस्तुत किया हो। इस सम्मान की राशि 1 करोड़ 1 लाख रुपये निर्धारित की गई है। सम्मान के लिए न्याय, दानवीरता, सुशासन, खगोल एवं ज्योतिष विज्ञान, कला, शौर्य, राजनय, आध्यात्म, विश्व मानव कल्याण, समाज अभ्युदय, अंतर्राष्ट्रीय भाईचारा, भारतीय संस्कृति के उत्थान, सामाजिक नवाचार, भारतीय दर्शन एवं वेदांत के प्रचार-प्रसार सहित जनकल्याणकारी कार्यों के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले भारत सहित विश्वभर के व्यक्ति अथवा संस्थाएँ आवेदन कर सकती हैं । राष्ट्रीय सम्मान राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों एवं संस्थाओं को 21 लाख रुपये की राशि के राष्ट्रीय सम्मान से सम्मानित किया जाएगा। यह सम्मान न्याय, दानवीरता, वीरता, सुशासन, खगोल एवं ज्योतिष विज्ञान, कला, शौर्य, प्राच्य वाङ्मय, राजनय, आध्यात्मिक क्षेत्र तथा रचनात्मक एवं जनकल्याणकारी कार्यों में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया जाएगा। शिखर सम्मान इन पुरूस्कारों के अतिरिक्त पाँच-पाँच लाख रुपये के तीन शिखर सम्मान भी स्थापित किए गए हैं।यह सम्मान सम्राट विक्रमादित्य के बहुविध गुणों न्याय विधि, खगोल एवं ज्योतिष विज्ञान, कला, शौर्य, प्राच्य वाङ्मय, राजनय, आध्यात्मिक क्षेत्र एवं रचनात्मक जनकल्याणकारी कार्यों में विशिष्ट योगदान देने वाले भारत के सक्रिय व्यक्तियों अथवा संस्थाओं को प्रदान किए जाएंगे। सम्मान के लिए पात्रता सम्मान युग निर्माण, विश्व मानव कल्याण, समाज अभ्युदय, अंतर्राष्ट्रीय भाईचारा, सर्वधर्म समन्वय, भारतीय संस्कृति के उत्थान, सामाजिक नवाचार, भारतीय दर्शन, धर्म, न्याय, परंपरा एवं वेदांत के प्रचार-प्रसार में उत्कृष्ट योगदान देने वाले साधनारत व्यक्ति अथवा संस्थाओं को प्रदान किया जाएगा। सम्मान के लिए देश-विदेश के व्यक्तियों, संस्थाओं, समाजशास्त्रियों, बुद्धिजीवियों, लेखकों, समीक्षकों, पत्रकारों एवं विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों से नामांकन एवं अनुशंसाएँ आमंत्रित की गई हैं। चयन प्रक्रिया सम्मान चयन के लिए प्रति वर्ष उच्च स्तरीय निर्णायक मंडल का गठन किया जाएगा। निर्णायक मंडल में मुख्यमंत्री अध्यक्ष के रूप में एवं केन्द्रीय संस्कृति मंत्री और मुख्य सचिव, मध्यप्रदेश स्थायी सदस्य के रूप में शामिल रहेंगे। इसके अतिरिक्त समाजसेवियों, बुद्धिजीवियों, समाजशास्त्रियों, लेखकों, पत्रकारों, उद्योगपतियों, न्यायविदों, पुरातत्वविदों, चिकित्सकों एवं विशेषज्ञों को भी शामिल किया जाएगा। चयन प्रक्रिया में संबंधित क्षेत्र में उच्च कोटि की सृजनात्मकता, विशिष्ट उपलब्धि, निरंतर साधना एवं योगदान को आधार बनाया जाएगा। चयन के समय संबंधित व्यक्ति अथवा संस्था का सक्रिय एवं सतत कार्यरत होना अनिवार्य होगा। निर्णायक मंडल के समक्ष प्रस्तुत अनुशंसाओं के अतिरिक्त मंडल स्वविवेक से अन्य नामों पर भी विचार कर सकेगा। एक बार सम्मान प्राप्त कर चुके व्यक्ति अथवा संस्था को पुनः यह सम्मान प्रदान नहीं किया जाएगा। निर्णायक मंडल द्वारा सर्वसम्मति से की गई अनुशंसा राज्य शासन को भेजी जाएगी और शासन की स्वीकृति के बाद ही सम्मान की औपचारिक घोषणा की जाएगी।  

भक्तों की मेहनत से मिली शनिदेव की मूर्ति, अंगूरी बाग से पुलिस ने की बरामदगी

नई दिल्ली  चांदनी चौक इलाके में अंग्रेजों के जमाने के मंदिर से चोरी हुई शनिदेव की अष्टधातु की मूर्ति मिल गई है। चोर ने मूर्ति को लाल के किले के पास स्थित अंगूरी बाग इलाके में महज चार हजार रुपये में बेच दिया था। मामले का खुलासा मंदिर के ही एक भक्त की वजह से हो सका। वह खुद आरोपी की तलाश कर रहे थे। संदेह होने पर पुलिस को बुलाया गया और कल देर रात मूर्ति को बरामद कर लिया गया। अब कल यानी शनि जयंती के अवसर पर निकलने वाली पारंपरिक नवगृह परिक्रमा हर ‌वर्ष की तरह धूम धाम से निकल सकेगी। परिक्रमा में मूर्ति को भी ले जाया जाता है। यही डर मंदिर के पुजारी को सता रहा था कि परिक्रमा तक मूर्ति मिलेगी या नहीं। अब मूर्ति मिलने पर उन्होंने राहत की सांस ली है। भक्त ने ढूंढे भगवान चांदनी चौक मेट्रो स्टेशन गेट नंबर 5 के पास स्थित श्री शिव नवगृह के मंदिर के पुजारी मुकेश शर्मा ने बताया, हमें शुरू से शक था कि यह मूर्ति बिकने के लिए अंगूरी बाग इलाके में ही जाएगी। इस कारण मंदिर में आने वाले एक भक्त वहां चोर की फोटो लेकर घूम रहे थे और आरोपी के बारे में पता कर रहे थे। कल कुछ सूचना के आधार पर संदेह हुआ कि मूर्ति वहां दुकान चलाने वाली महिला की दुकान में है। इसके बारे में पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दुकान की तलाशी ली, जिसमें मूर्ति बरामद हो गई। महिला ने चार हजार रुपये में मूर्ति खरीदने का खुलासा किया है। फिलहाल मूर्ति को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। कोर्ट के जरिए वापस लेंगे मूर्ति पुजारी ने बताया कि वह आज कोर्ट जाकर कानूनी प्रक्रिया के तहत मूर्ति को वापस अपने कब्जे में लेंगे। इसके बाद मूर्ति को मंदिर में स्थापित किया जाएगा। कल सुबह अभिषेक होगा, महालड्डू भोग लगेगा, फिर प्रसाद बंटेगा और शाम चार बजे शोभा यात्रा निकाली जाएगी। जो आस-पास के कई स्थानों से निकलेगी।  

बेटियां पढ़ें-आगे बढ़ें, संदेश के साथ नीतीश सरकार की साइकिल योजना को नया रूप

पटना  वर्ष 2006 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना शुरू की थी। इसका लक्ष्य यह था कि नौवीं कक्षा के बाद लड़कियां स्कूल नहीं छोड़ें। ड्रापआउट को रोकने को ध्यान में रख इस योजना ने बिहार में लड़कियों के बीच नौवीं से आगे की पढ़ाई में एक बड़ा परिवर्तन लाया। गांव-गांव लड़कियां झुंड में साइकिल पर दिखने लगी। इस योजना के बारे में नीतीश कुमार ने तब लिखा था- यह योजना मेरे दिल के करीब (क्लोज टू माइ हार्ट) है। अब सरकार इस योजना में एक प्रतीकात्मक परिवर्तन करने जा रही है। मुख्यमंत्री साइकिल योजना के तहत साइकिल फैक्ट्री वाले जो साइकिल देंगे उसके हैंडल के आगे मोनोग्राम की शक्ल में एक प्लेट लगा होगा जिस पर लिखा होगा- 'बेटियां पढ़ें-आगे बढ़ें'। इस स्लोगन के साथ ही मुख्यमंत्री की तस्वीर भी लगी होगी। इस बारे में सरकार ने साइकिल बनाने वाली कंपनियों से बात कर ली है। 75 प्रतिशत उपस्थिति के आधार पर मिलती है साइकिल के लिए राशि साइकिल दिए जाने की योजना अब लड़कों के लिए भी है। इस मद में तीन हजार रुपए की राशि डीबीटी के माध्यम से विद्यार्थियों काे दी जाती है। वर्ष 2024-25 और 2025-26 के आंकड़े के अनुसार बिहार में 1.15 करोड़ से अधिक छात्र-छात्राएं साइकिल योजना के लिए पात्र हैं। हर साल आठ से दस लाख छात्राएं इस योजना से जुड़ती हैं। साइकिल योजना का असर मुख्यमंत्री बालिका साइकिल योजना का असर यह हुआ है कि इसके आरंभ होने से पहले 2005 में 1.87 लाख छात्राएं मैट्रिक परीक्षा में शामिल हुई थीं। अब यह संख्या 8.7 लाख हो गयी है। पोशाक योजना पर भी नजर सरकार की नजर मु्ख्यमंत्री बालिका पोशाक योजना पर भी है। इसके तहत कक्षा से 12 वी तक की छात्राओं को स्कूल ड्रेस के लिए राशि दी जाती है। सरकार अब यह रिपोर्ट बनवा रही है कि कहां-कहां छात्राएं ड्रेस में नहीं आ रहीं।