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वास्तु शास्त्र: घर में छिपकली का दिखना शुभ या अशुभ? जानिए संकेत

गर्मियों के मौसम शुरू होने के साथ ही घर की दीवारों पर छिपकलियां नजर आने लगती हैं. जिन्हें देखकर अक्सर लोग बहुत ही ज्यादा डर जाते हैं. बड़े बुजुर्गों की मानें तो घर की दीवार पर मोर का पंख लगाने से चिपकली चली जाती है. लेकिन, चिपकली को कुछ लोग शुभ संकेत बोलते हैं और कुछ लोग अशुभ. लेकिन, यह इस बात पर निर्भर करता है कि छिपकली का रंग क्या है? दरअसल, काली रंग की छिपकली को लोग अशुभ मानते हैं. हल्के पीले रंग की छिपकली शुभ मानी जाती है. वास्तु शास्त्र में भी इस बात का जिक्र है कि घर में चिपकली का आना शुभ संकेत भी हो सकता है. क्योंकि छिपकली को मां लक्ष्मी का स्वरूप ही माना जाता है. कहा जाता है कि अगर घर में हल्के पीले रंग की छिपकली है तो यह मां लक्ष्मी के आगमन का संकेत है और घर में सुख-समृद्धि आने वाली है. तो आइए ज्योतिर्विद प्रीतिका मजूमदार जी से जानते हैं कि घर में छिपकली दिखने के कौन से शुभ संकेत और कौन से अशुभ होते हैं. दीवार और फर्श पर रेंगती छिपकली का दिखना वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर छिपकली दीवार पर चलती हुई दिखाई दे, तो इसे अच्छे समाचार माना जाता है. वहीं, अगर फर्श पर रेंगती हुई दिखे, तो इसे धन लाभ से जोड़ा जाता है. नौकरी या बिजनेस करने वालों के लिए भी इसे तरक्की और लाभ का संकेत माना जाता है. जो लोग नौकरी की तलाश में हैं, उनके लिए यह नए अवसर मिलने का इशारा हो सकता है. अनाज वाली पर जगह पर छिपकली का दिखना वास्तु शास्त्र के मुताबिक, अगर छिपकली अनाज रखने की जगह, जैसे चावल या गेहूं के डिब्बे के पास दिखे, तो इसे बहुत शुभ माना जाता है. ऐसी स्थिति में घर की आर्थिक स्थिति मजबूत होने और धन-धान्य में वृद्धि के संकेत माने जाते हैं. अगर दो छिपकलियां एक साथ दिखाई दें, तो इसे पुराने दोस्तों से मुलाकात या रिश्तों में सुधार का संकेत माना जाता है. पति-पत्नी के बीच चल रही समस्याएं भी धीरे-धीरे सुलझने लगती हैं. काली छिपकली का दिखना वास्तु शास्त्र के अनुसार, अगर घर में काली रंग की छिपकली नजर आए, खासकर मंदिर या पूजा वाले स्थान के आसपास, तो कुछ लोग इसे अच्छा संकेत नहीं मानते हैं. क्योंकि काला रंग नकारात्मकता फैलाता है. जो यह संदेश देता है कि घर में कुछ परेशानियां आने वाली हैं. ऐसे में लोग सतर्क रहने और घर के माहौल को सकारात्मक बनाए रखने की सलाह भी दी जाती है. वहीं दूसरी तरफ, सामान्य तौर पर पूजा स्थान के पास छिपकली का दिखना कई मान्यताओं में शुभ भी माना जाता है. खासकर अगर यह शुक्रवार के दिन दिखाई दे, तो इसे मां लक्ष्मी की कृपा से जोड़कर देखा जाता है. लोगों का मानना है कि इससे घर में सुख-समृद्धि बढ़ती है और आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है. शरीर के इन अंगों का छिपकली का गिरना होता है शुभ – वास्तु शास्त्र के अनुसार, कमर के बीच में अगर छिपकली गिरे तो पैसों से जुड़ा लाभ होता है. – पेट पर छिपकली गिरना भी शुभ कहलाता है. – नाभि पर छिपकली गिरने से इच्छाएं पूरी होती हैं. – दाहिनी हाथ पर छिपकली गिरे तो धन लाभ मिलता है. लेकिन, बाएं हाथ पर छिपकली गिरने से संपत्ति से जुड़ा कोई नुकसान हो सकता है. – दाहिनी आंख पर छिपकली गिरने का मतलब किसी से मुलाकात होगी. बाईं आंख पर छिपकली गिरने का मतलब होता है बड़ी हानि होना.

पटना से मुजफ्फरपुर तक बनेंगे आधुनिक टाउनशिप, अलग-अलग थीम पर होगा विकास

पटना बिहार में शहरीकरण को बढ़ावा देने के लिए 11 सेटेलाइट टाउनशिप विकसित करने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। प्रत्येक सेटेलाइट टाउनशिप का विकास एक खास थीम पर किया जाना है। थीम का चयन स्थानीय विशेषता और जरूरत के अनुसार किया जाएगा। नगर विकास विभाग इसकी तैयारी में जुट गया है। विभाग ने 11 सेटेलाइट टाउनशिप क्षेत्र में जमीन की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है। मास्टर प्लान बनने तक यह रोक जारी रहेगी। सड़क, पार्क, स्कूल, मैदान या अन्य बुनियादी सुविधाओं के लिए जमीन चिह्नित करने के बाद रोक हटा दी जाएगी। टाउनशिप को कोर और विशेष क्षेत्र के रूप में चिह्नित किया गया है। कोर क्षेत्र का विकास सबसे पहले किया जाना है। इसी क्षेत्र के मास्टर प्लान में थीम का चयन किया जाएगा। हालांकि, किस टाउनशिप को किस थीम पर विकसित किया जाएगा, इसका अंतिम निर्णय होना बाकी है। बावजूद नगर विकास विभाग के विशेषज्ञों ने इसकी रूपरेखा बना ली है। उदाहरण के लिए राजधानी पटना के पास बन रही पाटलिपुत्र टाउनशिप को एजुकेशन-स्पोर्ट्स सिटी और लॉजिस्टिक हब के रूप में पहचान दी जाएगी। इसी तरह गयाजी के पास बन रही मगध टाउनशिप को बोधगया और गयाजी के सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यटकीय महत्व की पहचान दी जाएगी। मुजफ्फरपुर के पास बन रही तिरहुत टाउनशिप को औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा सोनपुर के पास विकसित हो रहे हरिहरनाथपुरम को एयरोसिटी की तर्ज पर विकसित किया जाना है। थीम की जरूरत के हिसाब से यहां बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। जरूरत की बुनियादी सुविधाएं विकसित होंगी इसी तरह अन्य सेटेलाइट टाउनशिप के थीम की योजना बनाई जा रही है। बिहार शहरी आयोजना स्कीम नियमावली 2026 के अनुसार टाउनशिप की योजना थीम के आधार पर बनेगी। इसमें सड़क नेटवर्क, सार्वजनिक सुविधाओं के लिए प्लॉट, अवसंरचना, उद्यान, खुले क्षेत्र, सामाजिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आवास आदि की भी सुविधा होगी। सेटेलाइट टाउनशिप की स्थानीय खासियत ● पाटलिपुत्र (पटना) : लॉजिस्टिक्स हब, एजुकेशनल-स्पोर्ट्स सिटी। ● हरिहरनाथपुरम (सोनपुर): पौराणिक महत्व, एरोसिटी। ● मगध (गया): पर्यटन और धार्मिक – सांस्कृतिक महत्व। ● मिथिला (दरभंगा): मेडिकल हब, सांस्कृतिक विरासत। ● तिरहुत (मुजफ्फरपुर): औद्योगिक और व्यापारिक केंद्र। ● सीतापुरम (सीतामढ़ी): धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन। ● कोसी(सहरसा): व्यावसायिक केंद्र। ● पूर्णिया (पूर्णिया): मेडिकल हब, आर्थिक गतिविधियों का केंद्र। ● अंग (मुंगेर): विरासत और वाणिज्यिक केंद्र। ● विक्रमशिला (भागलपुर): शिक्षा और सांस्कृतिक केंद्र। ● सारण (छपरा): आवासीय और औद्योगिक केंद्र।

घर में न लगाएं ये पौधे वास्तु के अनुसार अशुभ पौधे

वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में रखे पेड़-पौधे सिर्फ सजावट का सामान नहीं होते, बल्कि वे घर की ऊर्जा (Energy) पर गहरा असर डालते हैं.  जहाँ कुछ पौधे घर में सौभाग्य और खुशहाली लाते हैं, वहीं कुछ पौधे ऐसे भी हैं जिन्हें घर की सीमा के अंदर लगाना बहुत अशुभ माना जाता है. गलत पौधों का चुनाव न सिर्फ आपकी तरक्की रोक सकता है, बल्कि परिवार में झगड़े और पैसों की तंगी का कारण भी बन सकता है. अगर आपने भी अनजाने में ये पौधे लगाए हैं, तो इनके बारे में जान लेना जरूरी है. भूलकर भी न लगाएं ये अशुभ पौधे: गुलाब के पौधे को छोड़कर, घर के अंदर या मुख्य दरवाजे पर कभी भी कांटेदार पौधे जैसे कैक्टस नहीं लगाने चाहिए. वास्तु के अनुसार, ये पौधे घर के माहौल में  तनाव पैदा करते हैं. इससे परिवार के सदस्यों के बीच आपसी तालमेल बिगड़ता है और कड़वाहट बढ़ती है. बोनसाई के पौधे: बोनसाई के पौधे दिखने में तो बहुत सुंदर लगते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र के अनुसार इन्हें घर में रखना अच्छा नहीं माना जाता.  बोनसाई पौधों को बढ़ने से रोका जाता है ताकि वे छोटे रहें. माना जाता है कि इन्हें घर में रखने से परिवार के सदस्यों की प्रगति और करियर में भी रुकावटें आने लगती हैं.   इमली का वृक्ष: घर के आंगन या मुख्य परिसर के पास इमली का पेड़ होना अच्छा नहीं माना जाता. लोक मान्यताओं और वास्तु के अनुसार, इमली के पेड़ पर नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है. इसे घर के पास लगाने से परिवार के लोगों में डर, घबराहट और मानसिक बेचैनी बढ़ सकती है. दुग्ध युक्त पौधे: ऐसे पौधे जिनकी शाखाओं को तोड़ने पर दूध जैसा सफेद तरल निकलता है (जैसे मदार या आक), घर में लगाने से बचना चाहिए.  ये पौधे धन की हानि का कारण बन सकते हैं और स्वास्थ्य पर भी बुरा असर डालते हैं.   मुरझाए या सूखे पौधे: घर में कभी भी सूखे हुए पौधे न रखें.  वास्तु के अनुसार, सूखे पौधे शोक और नकारात्मकता का प्रतीक होते हैं, जो घर की जीवंतता और सकारात्मक ऊर्जा को पूरी तरह सोख लेते हैं.

यमुना एक्सप्रेसवे के पास पुलिस मुठभेड़ में 50-50 हजार के इनामी अपराधी मारे गए

 मथुरा उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में पुलिस ने कारोबारी के घर डकैती डालने वाले बावरिया गिरोह के दो इनामी बदमाशों को मुठभेड़ में मार गिराया। दोनों अपराधियों पर 50-50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वे 23 अप्रैल को एक कारोबारी के घर परिवार को बंधक बनाकर की गई सनसनीखेज डकैती में शामिल थे। गुरुवार सुबह यमुना एक्सप्रेसवे के पास हुई इस मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस के अनुसार दोनों बदमाश कई राज्यों में वांछित थे और उन पर डकैती, हत्या के प्रयास, चोरी और छिनैती जैसे कई गंभीर मुकदमे दर्ज थे। कारोबारी परिवार को बंधक बनाकर की थी लूट जानकारी के अनुसार, 23 अप्रैल की रात बावरिया गिरोह के बदमाश कारोबारी अजय अग्रवाल के घर छत के रास्ते घुसे थे। बदमाशों ने अजय अग्रवाल, उनके पिता, पत्नी और छह साल की बच्ची को रस्सियों से बांध दिया था। इसके बाद गन प्वाइंट पर लॉकर की चाबी लेकर करीब ढाई घंटे तक घर में खुलकर लूटपाट की गई। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। वारदात के बाद पुलिस ने डकैतों की तलाश तेज कर दी थी। 17 टीमों को लगाया गया था तलाश में डकैती की वारदात के बाद एसएसपी श्लोक कुमार ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए 17 अलग-अलग टीमों का गठन किया था। पुलिस लगातार गिरोह की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। गुरुवार सुबह पुलिस को सूचना मिली कि डकैती में शामिल दो बदमाश यमुना एक्सप्रेसवे के पास मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस और स्वाट टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दी। भागने की कोशिश में बाइक गिरी सुबह करीब 7 बजे दो संदिग्ध बाइक पर आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों ने यूटर्न लेकर भागने की कोशिश की। इसी दौरान उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई। पुलिस के मुताबिक पकड़े जाने के डर से दोनों बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोली चलाई, जिसमें दोनों बदमाश घायल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। एनकाउंटर में दो पुलिसकर्मी भी घायल इस मुठभेड़ में स्वाट टीम प्रभारी अजय वर्मा और हेड कांस्टेबल दुर्ग विजय भी घायल हुए हैं। दोनों को गोली लगी है और उनका इलाज चल रहा है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों की हालत खतरे से बाहर है। कई राज्यों में दर्ज थे गंभीर मुकदमे मारे गए बदमाशों की पहचान धर्मवीर उर्फ लंबू (35) और राजेंद्र उर्फ पप्पू (55) के रूप में हुई है। दोनों राजस्थान के अलवर जिले के रहने वाले थे और बाबरिया गिरोह से जुड़े बताए जा रहे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि बदमाश धर्मवीर पर मथुरा के अलावा हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान में डकैती, हत्या के प्रयास, चोरी और छिनैती समेत 16 मुकदमे दर्ज थे। वहीं राजेंद्र उर्फ पप्पू पर मथुरा, मेरठ, फिरोजाबाद, हरियाणा और दिल्ली में डकैती समेत 11 मुकदमे दर्ज थे। साथ ही पप्पू और धर्मवीर पर 50-50 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था।

14 मई को शुक्र का मिथुन राशि में गोचर, कई राशियों के लिए बनेंगे शुभ योग

द्रिक पंचांग के अनुसार, शनिश्चरी अमावस्या इस बार 16 मई की है. संयोगवश उससे ठीक दो दिन पहले शुक्र का गोचर होगा. यानी 14 मई को शुक्र वृषभ राशि से निकलकर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे. 14 मई को सुबह 10 बजकर 35 मिनट पर शुक्र ग्रह अपनी स्वराशि वृषभ को छोड़कर मिथुन राशि में प्रवेश करेंगे. इसका मतलब शनिश्चरी अमावस्या पर शुक्र देवता का प्रभाव भी बना रहेगा. यह गोचर ज्योतिषीय दृष्टि से शुभ और सकारात्मक परिणाम देने वाला माना जा रहा है. शुक्र ग्रह का मिथुन राशि में गोचर इसलिए भी विशेष है क्योंकि मिथुन राशि के स्वामी बुध हैं, जो शुक्र के मित्र ग्रह माने जाते हैं. यही कारण है कि शुक्र का यह गोचर अधिकांश जातकों के लिए किसी न किसी रूप में लाभकारी सिद्ध हो सकता है. चाहे वह प्रेम जीवन हो, शादी से जुड़ी बातें हों, आर्थिक स्थिति हो या फिर भौतिक सुख-सुविधाएं. शुक्र का यह परिवर्तन जीवन के कई क्षेत्रों में मधुरता घोलने का संकेत देता है. तो आइए जानते हैं कि 14 मई को होने जा रहा शुक्र का गोचर सभी राशियों के लिए कैसा रहने वाला है. मेष शुक्र मेष राशि वालों के तीसरे भाव में प्रवेश करेंगे. आप अपने दोस्तों के साथ ज्यादा समय बिताएंगे. भाई-बहनों के साथ आपका रिश्ता और मजबूत होगा. प्रेम संबंधों के लिए भी अनुकूल रहेगा. धन कमाने के अवसर भी मिल सकते हैं. कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों के साथ आपका व्यवहार मित्रतापूर्ण रहेगा, जिसका लाभ आपको करियर में मिलेगा. वृषभ शुक्र वृषभ राशि वालों के दूसरे भाव में प्रवेश करेंगे. यह गोचर आपके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि लेकर आएगा. धन लाभ के प्रबल योग बनेंगे. आप अपनी आय को बचाने में सफल रहेंगे. बैंक बैलेंस में वृद्धि होगी. सामाजिक दायरा भी बढ़ेगा. वातावरण सकारात्मक रहेगा. लाभ और धन प्राप्ति के योग बन सकते हैं. व्यापार में भी वृद्धि के संकेत हैं. मिथुन शुक्र का मिथुन राशि में ही होने जा रहा है. आपके अंदर आकर्षण बढ़ेगा. लोग आपकी ओर खिंचे चले आएंगे. आपको मानसिक संतोष मिलेगा. वाहन या संपत्ति का सुख मिलने के योग भी बन सकते हैं. संतान की ओर से आपको प्रेम और सहयोग प्राप्त होगा. विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है. विदेशी मुद्रा प्राप्ति के भी योग बन रहे हैं. कर्क शुक्र कर्क राशि के द्वादश भाव में प्रवेश करेंगे. आपके खर्चों में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है. मन में थोड़ी चिंता या असहजता महसूस हो सकती है. कुछ परेशानियां बढ़ सकती हैं. सिंह शुक्र सिंह राशि वालों के एकादश भाव में विराजमान होंगे. आमदनी में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है. कार्यक्षेत्र में आपके वरिष्ठ अधिकारी आपसे प्रसन्न रहेंगे. यह गोचर आपके आत्मविश्वास को बढ़ाएगा. प्रेम जीवन के लिए भी यह समय बेहद अनुकूल रहेगा. यह गोचर पढ़ाई में एकाग्रता बढ़ाने वाला रहेगा. कन्या शुक्र कन्या राशि वालों के दशम भाव में प्रवेश करेंगे. शुक्र का गोचर आपके लिए उन्नति और सफलता के नए रास्ते खोलने वाला साबित होगा. भाग्य का पूरा साथ मिलेगा. लंबे समय से अटके हुए कार्य दोबारा गति पकड़ेंगे. धन लाभ के प्रबल योग बनेंगे. नौकरीपेशा जातकों के लिए यह अवधि विशेष रूप से शुभ रहेगी. ये गोचर आपको नई पहचान और स्थिरता प्रदान करेगा. तुला शुक्र तुला राशि के नवम भाव में गोचर होगा. यह गोचर अचानक धन लाभ के संकेत दे रहा है. लंबे समय से अटके हुए धन की प्राप्ति हो सकती है. अप्रत्याशित लाभ से आपको मानसिक संतोष और खुशी मिलेगी. आपसी सहयोग बढ़ेगा. वृश्चिक शुक्र वृश्चिक राशि वालों के अष्टम भाव में प्रवेश करेंगे. आकस्मिक लाभ हो सकता है. प्रेम संबंधों में थोड़ा उतार-चढ़ाव हो सकता है. धन लाभ के अच्छे योग बन रहे हैं. शेयर बाजार में निवेश करने से सकारात्मक प्रतिफल प्राप्त होगा, आर्थिक स्थिति मजबूत होगी. धनु शुक्र धनु राशि वालों के सप्तम भाव में प्रवेश करेंगे. जीवनसाथी एक-दूसरे के साथ अधिक समय बिताएंगे. आपसी समझ के साथ जिम्मेदारियों को निभाएंगे. सेहत का थोड़ा ख्याल रखना होगा. मकर शुक्र मकर राशि वालों के छठे भाव में प्रवेश करेगा. सेहत से जुड़ी समस्याएं हो सकती है. धन का सही प्रबंधन करना आवश्यक रहेगा. अनावश्यक खर्चों से बचें. भविष्य को ध्यान में रखकर आर्थिक फैसले लें. पढ़ाई में अच्छे अवसर मिलेंगे. कुंभ शुक्र कुंभ राशि वालों के पांचवें भाव में प्रवेश करेगा. प्रेम-विश्वास दोबारा मजबूत होगा. रिश्ते में नई ताजगी आएगी. आपकी बुद्धि तेज रहेगी.  विषयों को समझने की क्षमता अच्छी होगी. संपत्ति से जुड़ा कोई लाभ भी मिल सकता है. इस अवधि में धन लाभ के अच्छे योग बनेंगे. आध्यात्मिक गतिविधियों में रुचि लेंगे. इच्छा भी पूरी हो सकती है. मीन शुक्र मीन राशि वालों के चौथे भाव में प्रवेश करेंगे. पारिवारिक जीवन में कुछ गलतफहमियां या आपसी मतभेद देखने को मिल सकते हैं. छोटी-छोटी बातों से अनावश्यक समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं. ससुराल पक्ष से भी मदद या समर्थन मिल सकता है.

मंगलादित्य योग का असर: 11 मई से बदलेगा भाग्य, 4 राशियों को बड़ा फायदा

द्रिक पंचांग के अनुसार, 11 मई को मंगल ग्रह के मेष राशि में प्रवेश करते ही एक खास योग बनने जा रहा है, जिसे मंगलादित्य योग कहा जाता है. यह योग तब बनता है जब मंगल और सूर्य एक ही राशि में आ जाते हैं और इसे ज्योतिष में काफी प्रभावशाली माना जाता है. इस बार इस योग की अहमियत और भी बढ़ जाएगी, क्योंकि मेष मंगल की अपनी राशि है, जबकि सूर्य यहां उच्च का है. ऐसे में दोनों ग्रहों का एक साथ आना बेहद शुभ और ताकतवर संयोग बना रहा है. ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, इस विशेष योग का असर सभी राशियों पर पड़ेगा, लेकिन 4 राशियों के लिए यह समय खासतौर पर भाग्यशाली साबित हो सकता है. आइए जानते हैं कौन-सी हैं ये राशियां. मेष राशि मेष राशि के लिए बनने वाला मंगलादित्य योग काफी फायदेमंद साबित हो सकता है. आपकी आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिलेगा. करियर में आगे बढ़ने के मौके मिल सकते हैं. नौकरी करने वालों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिल सकती है. जो पैसा लंबे समय से अटका हुआ है, उसके मिलने के संकेत हैं. बिजनेस करने वालों के लिए भी मुनाफे के अच्छे योग बन रहे हैं. निवेश से फायदा हो सकता है. सिंह राशि सिंह राशि वालों के लिए यह समय सफलता और लाभ लेकर आ सकता है. व्यापार में तेजी आएगी. अचानक धन लाभ के अवसर मिल सकते हैं. पुराने कर्ज से राहत मिलने के संकेत हैं. नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छा मौका मिल सकता है. साथ ही, किसी बड़े काम में सफलता मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा. समाज में सम्मान भी मिलेगा. धनु राशि धनु राशि के जातकों के लिए यह योग भाग्य को मजबूत करने वाला रहेगा. लंबे समय से अटके काम पूरे होने लगेंगे. पढ़ाई या प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता मिल सकती है. इस दौरान आप नई संपत्ति या वाहन खरीदने का विचार भी बना सकते हैं. विदेश जाने के योग भी बन रहे हैं, जिससे नए अवसर मिल सकते हैं. कुंभ राशि कुंभ राशि वालों के लिए यह योग कई अच्छे बदलाव लेकर आ सकता है. नौकरी में सैलरी बढ़ने या नई जॉब मिलने की संभावना है. रुके हुए काम धीरे-धीरे पूरे होंगे. अचानक धन लाभ के योग बन सकते हैं. इसके अलावा, धार्मिक या आध्यात्मिक यात्रा पर जाने का मौका भी मिल सकता है, जिससे मन को शांति मिलेगी.

योगी आदित्यनाथ ने किया बाबा विश्वनाथ व काल भैरव के मंदिर में दर्शन

बाबा विश्वनाथ व काल भैरव के दरबार में माथा टेका मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरक्षपीठाधीश्वर ने लोकमंगल और प्रदेश की खुशहाली की कामना की  मंदिर में श्रद्धालुओं का किया अभिवादन, नन्हे-मुन्नों को भी दुलारा वाराणसी  मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ बुधवार सुबह काशी पहुंचे। उन्होंने यहां बाबा विश्वनाथ धाम व काशी कोतवाल बाबा काल भैरव के दरबार में माथा टेक कर पूजन-अर्चन किया। उन्होंने लोकमंगल और प्रदेशवासियों के कल्याण की प्रार्थना की।  बाबा काल भैरव मंदिर में मुख्यमंत्री ने हाथ जोड़कर श्रद्धालुओं का अभिवादन स्वीकार किया। साथ ही आसपास के घरों में नन्हे-मुन्नों को दुलारा। काशीपुराधिपति बाबा विश्वनाथ के दरबार में दर्शन करने आए भक्तों ने मुख्यमंत्री को देखकर ‘हर-हर महादेव’ का जयकारा लगाया। मुख्यमंत्री ने भी श्रद्धालुओं का अभिवादन किया।  इस दौरान प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर, रविंद्र जायसवाल, डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु', विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, सौरभ श्रीवास्तव, डॉ. अवधेश सिंह, विधान परिषद सदस्य हंसराज विश्वकर्मा, धर्मेंद्र सिंह आदि उपस्थित रहे। मांगलिक कार्यक्रम में शामिल हुए मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ वाराणसी में मांगलिक कार्यक्रम में भी शामिल हुए। मुख्यमंत्री बुधवार सुबह बड़ा लालपुर स्थित चांदमारी निवासी राजीव कृष्ण के आवास पर पहुंचे। उन्होंने यहां मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होकर परिवारजनों को शुभकामनाएं दीं।

पश्चिमी विक्षोभ कमजोर पड़ते ही लौटेगी गर्मी, कई जिलों में लू का अलर्ट

जयपुर राजस्थान में हाल ही में हुई बारिश से मिली राहत अब ज्यादा दिन टिकने वाली नहीं है. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले 3 से 4 दिनों में बारिश की गतिविधियां कमजोर पड़ेंगी और तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी होगी. पिछले 24 घंटों में एक पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से राज्य के कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश का दौर देखने को मिला, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली. जयपुर के शाहपुरा में सबसे अधिक 68 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सीकर ग्रामीण क्षेत्र में 31 मिमी वर्षा हुई. हल्की से मध्यम बारिश होगी   मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, बुधवार को कोटा, उदयपुर, भरतपुर और जयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं. हालांकि, यह राहत अस्थायी रहेगी और अगले कुछ दिनों में मौसम शुष्क होने लगेगा. ज आंधी-बारिश से जनजीवन प्रभावित मंगलवार शाम को बालोतरा जिले के समदड़ी कस्बे में करीब आधे घंटे तक तेज बारिश के साथ ओलावृष्टि हुई. उदयपुर में भी अचानक मौसम बदला और तेज आंधी-बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ. कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रही और 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली हवाओं ने गर्मी से राहत दिलाई. गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई बीते दो दिनों में अधिकतम तापमान में करीब 3 डिग्री और न्यूनतम तापमान में 7 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई, जिससे तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया. दिन की शुरुआत हल्की गर्मी के साथ हुई, लेकिन दोपहर बाद बादल छा गए और शाम तक आसमान पूरी तरह घिर गया.  इसके बाद गरज-चमक के साथ तेज बारिश हुई, जिसने मौसम को ठंडा कर दिया. अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क हो जाएगा मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी विक्षोभ के कमजोर पड़ने के साथ ही राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क हो जाएगा.  हालांकि उत्तर-पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में हल्की बारिश या आंधी की संभावना बनी रह सकती है. 8 से 11 मई के बीच जोधपुर और बीकानेर संभाग में अधिकतम तापमान 45 से 46 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जिससे क्षेत्र में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप फिर से बढ़ने के आसार हैं.

तेज रफ्तार बस रेलिंग तोड़ रामगंगा नहर में पलटी, बचाव कार्य जारी

कानपूर उत्तर प्रदेश के कानपुर जनपद के बिधनू थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया। सवारियों से खचाखच भरी एक तेज रफ्तार बस अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ते हुए रामगंगा नहर में पलट गई। हादसे के वक्त बस में 40 से ज्यादा यात्री सवार थे। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए हैं और राहत व बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। कैसे हुआ हादसा? प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बस काफी तेज रफ्तार में थी। जैसे ही बस रामगंगा नहर के पुल के पास पहुंची, चालक अचानक नियंत्रण खो बैठा। बस पहले सड़क किनारे लगी लोहे की मजबूत रेलिंग से टकराई और उसे उखाड़ते हुए सीधे नहर में जा गिरी। अंदर बैठी सवारियां एक-दूसरे के ऊपर जा गिरीं। गनीमत यह रही कि बस पूरी तरह पानी में डूबने के बजाय किनारे पर अटक गई। कुछ लोग तत्काल शीशे तोड़कर बस के ऊपर आ गए। राहत और बचाव कार्य हादसे की जानकारी मिलते ही बिधनू थाना पुलिस और स्थानीय राहगीर बचाव कार्य में जुट गए। बस की खिड़कियां तोड़कर यात्रियों को बाहर निकालने का प्रयास किया जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, करीब एक दर्जन से अधिक यात्री गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और हैलट अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने क्रेन मंगवाई है ताकि बस को सुरक्षित बाहर निकाला जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि कोई यात्री नीचे न दबा हो। हाईवे पर लगा भीषण जाम इस हादसे के कारण कानपुर-सागर हाईवे पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। सड़क के दोनों ओर वाहनों की कई किलोमीटर लंबी कतारें लग गई हैं। एंबुलेंस को निकालने के लिए पुलिसकर्मी कड़ी मशक्कत कर रहे हैं। मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता सभी यात्रियों को सुरक्षित निकालना और घायलों को इलाज मुहैया कराना है। प्रशासनिक सतर्कता कानपुर के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को त्वरित राहत कार्य और घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए हैं। फिलहाल, चालक की स्थिति स्पष्ट नहीं है कि उसे नींद की झपकी आई थी या बस में कोई तकनीकी खराबी हुई थी।

दुबई से शुरू हुई लव स्टोरी, अब कानूनी बंधन में बंधे शिखर धवन और सोफी शाइन

नई  दिल्ली पूर्व भारतीय क्रिकेटर श‍िखर धवन (Shikhar Dhawan) एक बार फिर अपनी निजी जिंदगी को लेकर चर्चा में हैं. धवन ने पत्नी सोफी शाइन (Sophie Shine) के साथ गुरुग्राम में अपनी शादी का आधिकारिक रजिस्ट्रेशन कराया. मंगलवार (6 मई 2026) को दोनों विकास सदन स्थित मैरिज रजिस्ट्रार ऑफिस पहुंचे, जहां कानूनी औपचारिकताएं पूरी की गईं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, कपल दोपहर करीब 3 बजे रजिस्ट्रार ऑफिस पहुंचा. उनके साथ परिवार के कुछ सदस्य, करीबी दोस्त और एक पुजारी भी मौजूद थे. पूरी प्रक्रिया करीब 35 मिनट चली, जिसके बाद दोनों को ऑफिशियल मैरिज सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया.   इस दौरान शिखर धवन बेहद कैजुअल अंदाज में नजर आए. उन्होंने डार्क ब्लू टी-शर्ट पहनी थी, जबकि सोफी शाइन स्काई ब्लू टॉप में दिखाई दीं. दोनों ने मीडिया से ज्यादा बातचीत नहीं की और औपचारिकताएं पूरी करने के बाद चुपचाप वहां से रवाना हो गए. फरवरी में हुई थी ग्रैंड वेडिंग शिखर धवन और सोफी शाइन ने 21 फरवरी 2026 को दिल्ली-NCR में एक निजी लेकिन बेहद भव्य समारोह में शादी की थी. शादी में पारंपरिक लाल रंग की बजाय आइवरी और फ्लोरल थीम चुनी गई थी, जिसने काफी सुर्खियां बटोरी थीं. दोनों ने मशहूर डिजाइनर मनीष मल्होत्रा के डिजाइन किए हुए आउटफिट पहने थे. शादी समारोह में भारतीय क्रिकेट जगत की कई बड़ी हस्तियां शामिल हुई थीं, जिनमें रोहित शर्मा, युजवेंद्र चहल और रोहित शर्मा जैसे नाम शामिल रहे. हल्दी, संगीत और रिसेप्शन जैसे इवेंट भी काफी चर्चा में रहे थे. दुबई से शुरू हुई थी लव स्टोरी शिखर धवन और सोफी की पहली मुलाकात दुबई में हुई थी. दोनों ने करीब एक साल तक एक-दूसरे को डेट किया. साल 2024 में दोनों कई इवेंट्स में साथ नजर आए, जिसके बाद रिश्ते को लेकर चर्चाएं तेज हो गई थीं. आखिरकार मई 2025 में कपल ने अपने रिश्ते को सार्वजनिक किया और तमाम अफवाहों पर विराम लगा दिया. इसके बाद 12 जनवरी 2026 को दोनों ने सगाई की और फिर फरवरी में शादी रचा ली. शिखर धवन फाउंडेशन संभालती हैं सोफी आयरलैंड मूल की सोफी शाइन फिलहाल शिखर धवन फाउंडेशन की हेड हैं और सोशल वेलफेयर एक्टिविटीज में सक्रिय भूमिका निभाती हैं. धवन इस साल 40 साल के हो चुके हैं और अब उन्होंने अपनी जिंदगी की नई शुरुआत को कानूनी रूप से भी आधिकारिक बना दिया है. ध्यान रहे भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार ओपनर रहे शिखर धवन की पहली शादी आयशा मुखर्जी से हुई थी, जो उनसे उम्र में 10 साल बड़ी थी. 2009 में दोनों ने सगाई की थी. इसके बाद 2012 में धवन ने आयशा से शादी की थी. यह शिखर की पहली शादी थी, लेकिन आयशा की दूसरी शादी थी. 2023 में दोनों का तलाक हो गया था. आयशा की पहली शादी ऑस्ट्रेलिया के बिजनेसमैन से हुई थी, जो टूट गई थी. आयशा और उनके पहले पति की दो बेटियां हैं जिनका नाम रेया और आलिया है. शिखर और आयशा का एक बेटा है जिसका नाम जोरावर है.