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विवाह में देरी का कारण हो सकता है वास्तु दोष, इन दिशाओं पर जरूर दें ध्यान

बढ़ती उम्र के कारण विवाह में देरी हो रही है. या फिर रिश्ते तो आ रहे हैं, लेकिन पसंद-नापसंद का झंझट हो रहा है. विवाह की बात बनते-बनते बिगड़ जाती है. यदि आपके घर में भी किसी के साथ ऐसी समस्या है तो अपने घर की कुछ विशेष दिशाओं पर ध्यान दें. इन दिशाओं का वास्तु दोष घर में मंगल कार्य, विवाह, अच्छे रिश्ते मिलने में दिक्कत पैदा कर सकता है. वैसे आजकल के सिंगल फैमिली के दौर में विवाह से संबंधित दिक्कतें आम हो गई हैं. पूर्व दिशा यदि आपकी बच्चे के लिए विवाह के रिश्ते नहीं आ रहे हैं तो घर में पूर्व दिशा को देखें कि यहां कोई वास्तु दोष तो नहीं. पूर्व दिशा आपके जीवन में सही रिश्तों को जोड़ने की दिशा है. यहां पीला रंग, टॉयलेट और रसोई का होना जीवन से ऐसे रिश्तों को दूर कर सकता है जो आपके लिए बेहतर हैं. ऐसे में लोग रिश्तों के लिए प्रयास तो करते हैं, लेकिन अच्छे रिश्ते आसानी से नहीं मिलते हैं. अच्छे और मनचाहे रिश्तों तक संपर्क ही नहीं हो पाता है. ऐसा घर की पूर्व दिशा में वास्तु दोष के कारण भी हो सकता है. इस दिशा में हरा रंग का होना अच्छा है.   दक्षिण-पूर्व दिशा आपने कई बार प्रयास किए, लेकिन घर में मंगल कार्य नहीं हो पाते हैं. जब भी सोचो कुछ न कुछ पेंच फंस जाता है. ऐसे में आपके घर की दक्षिण-पूर्व दिशा में वास्तु दोष हो सकता है. ये विवाह ही नहीं, किसी भी प्रकार का मंगल कार्य होने में दिक्कत पैदा कर सकता है. दक्षिण-पूर्व दिशा में किसी भी प्रकार से गड्ढा, टॉयलेट, नीला या काला रंग वास्तु दोष पैदा करता है. इस दिशा में वास्तु दोष आपको धन संबंधी समस्या भी देता है. पैसे के कारण मंगल कार्य और विवाह में बाधा आती है. इनकम का फ्लो बिगड़ सकता है. दक्षिण-पश्चिम दिशा यह विवाह के लिए सबसे महत्वपूर्ण दिशा है. विवाह होने के लिए और विवाह टिका रहने के लिए भी दक्षिण-पश्चिम दिशा का वास्तु रहित होना जरूरी है. यह पितरों की दिशा है. इस दिशा का क्षेत्र कभी डाउन नहीं होना चाहिए. किसी भी प्रकार से अंडरग्राउंड वॉटर टैंक, जमीन में गड्ढा भी इस दिशा में वास्तु दोष पैदा करता है. यहां रसोई-टॉयलेट और हरा-नीला-काला रंग वास्तु दोष पैदा करता है. इस दिशा का वास्तु दोष जीवन में स्थिरता नहीं रहने देता है. पृथ्वी तत्व की यह दिशा विवाह होने में आ रही दिक्कतों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है. विवाह के बाद जिन लोगों के वैवाहिक जीवन में समस्याएं रहती हैं, उन्हें भी अपने घर की दक्षिण-पश्चिम दिशा के वास्तु दोष को अवश्य देखना चाहिए.

हरियाणा निकाय चुनाव: सीएम नायब सैनी ने सोनीपत में गिनाई उपलब्धियां, कांग्रेस पर साधा निशाना

चंडीगढ़ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी निकाय चुनावों की सरगर्मियों के बीच सोनीपत पहुंचे। आज उन्होंने सोनीपत के वॉर्ड नंबर 8 से अपने दौरे की शुरुआत की और पहले गांव राई में जनसभा को संबोधित किया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आज सोनीपत में करीब दो दर्जन छोटी-छोटी जनसभाएं करेंगे। मेयर उम्मीदवार ने करीब 19 कार्यक्रम रखे हैं। मंच से संबोधन में सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि वॉर्ड के पार्षद और मेयर को अपना आशीर्वाद देने का काम जनता करेगी। सीएम सैनी ने गिनाई उपलब्धियां सीएम ने कहा कि डेढ़ वर्ष पहले विधानसभा चुनाव में 217 संकल्पों में से 63 पूरे कर दिए गए हैं और 163 संकल्पों पर युद्ध स्तर पर काम चल रहा है जिन्हें डबल इंजन की सरकार पूरा करने का काम कर रही है।  कम आय वाले परिवारों को गैस सिलिंडर 500 रुपये में उपलब्ध करवाया जा रहा है। किसानों की पूरी फसल एमएसपी पर खरीदी जा रही है। युवाओं को बिना पर्ची-खर्ची के 2 लाख नौकरियां दी गईं। लाडो लक्ष्मी योजना लागू कर दी गई है। कांग्रेस पर बोला हमला नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस की अन्य राज्यों की सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि वहां महिलाओं को कोई सुरक्षा नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दिल्ली में जो गलती की, वो हरियाणा में भी देखने को मिली। महिलाओं की तरफदारी करने की जगह वे बाहर बैठ गए। सीएम ने जनता से अपील की कि कमल के फूल पर बटन दबाकर मेयर और पार्षदों को जिताएं। वहीं, हरियाणा बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष मोहनलाल बड़ोली  ने भी बीजेपी के पार्षदों और मेयर को जिताने की लोगों से अपील की।  

सूर्य गोचर से बनेगा गोल्डन पीरियड, मेष से कुंभ तक 6 राशियों को बड़ा लाभ

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजा सूर्य का राशि परिवर्तन एक अत्यंत प्रभावशाली घटना मानी जाती है.  15 मई 2026 को सूर्य देव मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं. खास बात यह है कि यह गोचर शनिश्चरी अमावस्या से ठीक पहले हो रहा है, जो इसकी शुभता को कई गुना बढ़ा देता है. सूर्य का यह राशि परिवर्तन मेष, कर्क समेत 6 राशियों के लिए गोल्डन पीरियड की शुरुआत साबित होगा. सूर्य गोचर का महत्व और प्रभाव सूर्य जब वृषभ राशि में आते हैं, तो इसे वृषभ संक्रांति कहा जाता है. इस गोचर से न केवल आत्मविश्वास में वृद्धि होती है, बल्कि सरकारी कार्यों और करियर में मान-सम्मान भी बढ़ता है.  शनि और सूर्य के बीच का यह विशेष संयोग जातकों के जीवन से आर्थिक तंगी को दूर करने और अटके हुए कामों को गति देने वाला माना जा रहा है. इन 6 राशियों को मिलेगा बंपर लाभ मेष राशि: आपकी राशि से दूसरे भाव में सूर्य का गोचर धन की बचत करने में मदद करेगा. नई नौकरी के प्रस्ताव मिल सकते हैं. इस समय निवेश से लाभ होगा. कर्क राशि: आय के नए स्रोत खुलेंगे. कार्यक्षेत्र में सीनियर अधिकारियों का सहयोग मिलेगा. पुराने विवादों से छुटकारा मिलेगा. सिंह राशि: सूर्य आपके स्वामी हैं और दसवें भाव में इनका आना आपके करियर में बड़ी छलांग लगवा सकता है.  सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. कन्या राशि: भाग्य का पूरा साथ मिलेगा. लंबी दूरी की यात्राएं लाभदायक रहेंगी. वृश्चिक राशि: व्यापार में साझेदारी से बड़ा मुनाफा होगा.  वैवाहिक जीवन की परेशानियां दूर होंगी, नया काम शुरू करने के लिए समय उत्तम है. कुंभ राशि: सुख-सुविधाओं और प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में सफलता मिलेगी. परिवार में खुशहाली का माहौल रहेगा. करें ये विशेष उपाय सूर्य के इस गोचर का अधिकतम लाभ उठाने के लिए जातकों को प्रतिदिन सूर्योदय के समय तांबे के लोटे से जल अर्पित करना चाहिए.  साथ ही 'ॐ घृणि सूर्याय नमः' मंत्र का जाप करना शुभ फलदायी रहता है.

नगर विकास विभाग की नई पहल, 264 निकायों को जोड़ेगा एकीकृत ई-गवर्नेंस सिस्टम

पटना शहरी निकायों के नागरिकों को अपनी समस्या के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। उन्हें निकाय से संबंधित समस्या का समाधान अब एक क्लिक पर मिलेगा। यानी सभी नगरीय सुविधाएं एक प्लेटफार्म पर मिलेंगी। नगर विकास विभाग ने इसकी तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए पोर्टल विकसित किया जा रहा है। इसी पोर्टल पर राज्य के 264 निकायों से संबंधित कार्य होंगे। वर्तमान में होल्डिंग टैक्स को छोड़कर अन्य सभी तरह की सुविधाओं के लिए नागरिकों को निकाय कार्यालय का चक्कर काटना पड़ता है। सभी निकायों की अपनी अलग-अलग व्यवस्था है। नियमों के पालन में एकरूपता नहीं है। इसीलिए नगर विकास विभाग ने राष्ट्रीय शहरी डिजिटल मिशन के तहत ई-गवर्नेंस मॉड्यूल्स विकसित करने का निर्णय लिया है। इसका मकसद शहरी नागरिकों को सभी तरह की सेवाओं की ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध कराना है। इसके लिए सॉफ्टवेयर विकसित किया जा रहा है। सॉफ्टवेयर विकसित होने के साथ ही सभी निकाय एक पोर्टल से जुड़ जाएंगे। उसी पोर्टल पर अलग-अलग 15 प्रकार की सेवाओं के विकल्प मौजूद होंगे। आम नागरिक अपनी जरूरत के हिसाब से विकल्प का चयन कर सकता है। संबंधित निकाय के पास उनकी समस्या भेज दी जाएगी। मुख्यालय स्तर से इसकी निगरानी की जाएगी। इससे नागरिकों की समस्या का समाधान भी सुनिश्चित होगा। इसके अलावा विकास से जुड़े कार्यों के दुहराव से भी बचा जा सकेगा।नगर विकास विभाग ने इस पर अगले पांच वर्षों में करीब 120 करोड़ रुपये खर्च करने का निर्णय लिया है। लोगों को 15 प्रकार की सुविधाएं प्राप्त होंगी शहरी नागरिकों को पंद्रह प्रकार की सेवाएं ऑनलाइन मिलेंगी। इसमें प्रोपर्टी टैक्स, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र, व्यापार लाइसेंस, नक्शा पास कराना, किसी समस्या की शिकायत करना, किसी काम के लिए एनओसी लेना, पेयजल और सीवरेज कनेक्शन, होर्डिंग्स या विज्ञापन, अन्य कर संग्रह, साफ-सफाई और ठोस कचरा प्रबंधन से संबंधित कार्य होंगे। निकायों के लीगल, एसेट मैनेजमेंट, मैटेरियल मैनेजमेंट आदि प्रमुख कार्य शामिल हैं। कर्मचारियों को प्रशिक्षण मिलेगा सॉफ्टवेयर विकसित होने के साथ ही नगर विकास विभाग इस सेवा की शुरुआत कर देगा। इससे पहले नगर निकायों के अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार ने सात निश्चय-3 के तहत सबका सम्मान, जीवन आसान के तहत ई-गवर्नेंस को लागू कर रही है। इसके संचालन के लिए मुख्यालय स्तर पर विशेषज्ञों की एक टीम होगी।

मई से दिसंबर तक ग्रहों की स्थिति से बदल सकता है भाग्य, कई राशियों को मिलेगा लाभ

द्रिक पंचांग के अनुसार, इस मई के महीने से लेकर दिसंबर तक का समय कई लोगों के लिए बदलाव लेकर आ सकता है. ज्योतिष के अनुसार, इस दौरान ग्रहों की स्थिति ऐसी बन रही है, जो कुछ राशियों के लिए नए मौके और राहत दोनों दे सकती है. शनि का मीन राशि में बैठे हैं और समय-समय पर सूर्य व मंगल का प्रभाव कई राशियों के करियर, धन और कामकाज पर असर डाल सकता है. यह समय धीरे-धीरे आगे बढ़ने और रुके हुए कामों को पूरा करने का संकेत दे रहा है. वृषभ राशि वृषभ राशि के लोगों को इस दौरान राहत महसूस हो सकती है. लंबे समय से अटके काम धीरे-धीरे पूरे होने लगेंगे. जॉब में काम की रफ्तार बढ़ेगी. जिम्मेदारियां भी बढ़ सकती हैं, लेकिन इसके साथ पहचान मिलने के योग हैं. व्यापार करने वालों के लिए भी स्थिति स्थिर रहने की संभावना है. मिथुन राशि मिथुन राशि वालों के लिए यह समय सुधार लेकर आ सकता है. आमदनी में बढ़ोतरी हो सकती है. नौकरी में तरक्की या सैलरी बढ़ने के मौके मिल सकते हैं. जो लोग नई नौकरी की तलाश में हैं, उन्हें भी अच्छे अवसर मिल सकते हैं. सिंह राशि सिंह राशि वालों को इस दौरान अपने काम का फायदा मिल सकता है. आपकी मेहनत का असर दिखेगा. कार्यस्थल पर आपकी छवि मजबूत होगी. वरिष्ठों का भरोसा मिल सकता है. नए काम शुरू करने के अवसर भी मिल सकते हैं. तुला राशि तुला राशि के लिए यह समय संतुलन बनाने का रहेगा. आय और खर्च दोनों नियंत्रित रह सकते हैं. परिवार के साथ संबंध बेहतर होंगे. घर का माहौल शांत रहने से मानसिक सुकून मिलेगा. धनु राशि धनु राशि के लिए यह समय आगे बढ़ने के संकेत दे रहा है. करियर में बदलाव या ग्रोथ के मौके मिल सकते हैं. पढ़ाई करने वालों को भी सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं. साथ ही यात्रा या नए अवसर सामने आ सकते हैं.

विक्रमशिला सेतु हादसा: पुल का हिस्सा टूटा, भागलपुर-उत्तर बिहार संपर्क ठप

पटना  बिहार के भागलपुर जिले में विक्रमशिला पुल टूटने के बाद से हड़कंप मच गया है। अब सरकार ने इसपर ऐक्शन लेते हुए फिलहाल इंजीनियर को निलंबित कर दिया है। इसके अलावा बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी इस पुल को लेकर मदद मांगी है। रविवार की देर रात उत्तर बिहार को भागलपुर से जोड़ने वाले विक्रमशिला पुल के कुछ हिस्से टूट कर गंगा नदी में समा गए थे। इसकी वजह से भागलपुर का उत्तर बिहार से संपर्क टूट गया है। पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष चंद्रशेखर ने बताया कि जैसे ही इस दुर्घटना की जानकारी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को मिली, उन्होंने केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से संपर्क करके बोर्डर रोड निगम से भी पुल की मरम्मती में मदद मांगी है। रक्षा मंत्री ने उन्हें हर तरह की मदद का आश्वासन दिया है। पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष चंद्रशेखर ने यह भी बताया कि भागलपुर विक्रमशिला पुल टूटने की जांच के लिए विशेषज्ञ की टीम भेजी गई है। साथ ही वहां के कार्यपालक अभियंता को निलंबित किया गया है। उन्होंने पटना स्थित सूचना भवन में सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि इस पुल की एक महीना पहले जांच की गई थी, जिसमें कोई मेजर फाल्ट नहीं पाया गया था। रविवार की रात अचानक पुल टूट गया है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश पुल निगम के द्वारा यह पुल बनाया गया था। 2001 से इस पुल पर आवागमन चल रहा है। दक्षिण बिहार को उत्तर बिहार से जोड़ने के लिए मुंगेर के श्रीकृष्ण सिंह सेतु और खगड़िया में बने गंगा नदी पर पुल को वैकल्पिक मार्ग के रूप में इस्तेमाल करने की सलाह दी है। स्पैन दुरुस्त करने में तीन महीने लगेंगे बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर सिंह ने सोमवार को सूचना भवन के सभागार में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में कहा कि विक्रमशिला सेतु का जो स्पैन गिरा है, उसे दुरुस्त करने में तीन महीने का समय लग सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस साल दिसंबर तक विक्रमशिला सेतु के सामानांतर गंगा नदी पर बन रहे पुल पर वाहनों का परिचालन शुरू कर दिया जाएगा। 4.7 किलोमीटर लंबा है विक्रमशिला पुल आपको बता दें कि बिहार के भागलपुर जिले में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा रविवार देर रात को ध्वस्त हो गया, हालांकि इस घटना में किसी के हताहत या घायल होने की सूचना नहीं है। वरिष्ठ अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। कुल 4.7 किलोमीटर लंबा विक्रमशिला सेतु जिले में भागलपुर और नवगछिया को जोड़ता है। भागलपुर के जिलाधिकारी नवल किशोर चौधरी ने संवाददाताओं को बताया, "रात करीब 12:50 बजे विक्रमशिला सेतु के पिलर संख्या 133 के पास दो स्लैब के बीच दरार बन गयी। इसके कुछ ही देर बाद एक बड़ा स्लैब नदी में गिर गया।" उन्होंने कहा कि किसी वाहन के स्लैब के साथ गिरने, किसी के हताहत होने या घायल होने की कोई सूचना नहीं है। जिलाधिकारी ने कहा, "जैसे ही अधिकारियों को दो स्लैब के बीच दरार बनने की सूचना मिली, उन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए वहां से सभी वाहनों और लोगों को हटा दिया।"

भीषण गर्मी के बीच बदला मौसम, भोपाल समेत 31 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट

भोपाल मध्य प्रदेश में भीषण गर्मी के बीच मौसम ने अचानक करवट ली है। पिछले दो-तीन दिनों से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज आंधी-तूफान के साथ बारिश हो रही है। वहीं, कुछ जिलों में ओलावृष्टि भी देखी गई जिसने किसानों को परेशान कर दिया है। शनिवार को दोपहर में अचानक राजधानी भोपाल का भी मौसम बदल गया। तेज हवाओं के साथ बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत दी। भोपाल के अलावा सागर, शिवपुरी, रायसेन, सीहोर, बालाघाट, बैतूल, नर्मदापुरम, नरसिंहपुर, हरदा, डिंडौरी, इटारसी, गुना, राजगढ़ जिलों में शनिवार को हल्की और तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे के लिए 31 जिलों में तेज गरज चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया है। सागर में झुलसाने वाली गर्मी के बाद बारिश सागर शहर में शनिवार को सुबह से सूरज तेवर तेज रहे। दोपहर के समय झुलसाने वाली गर्मी रही, लेकिन शाम को अचानक मौसम ने करवट बदली। आसमान में अचानक काले बाद छाए और बारिश हुई। बारिश के बाद तपती गर्मी से लोगों ने राहत की सांस ली। शिवपुरी ने रिमझिम बारिश, तेज आंधी ने उखाड़े पेड़ शिवपुरी शहर सहित अंचलभर में शनिवार दोपहर 12 बजे के बाद अचानक मौसम में बदला और फिर 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से जो तूफान आया, उसने कई जगह कहर बरपा दिया। आधा घंटे तक रिमझिम बारिश भी होती रही। शहर सहित जिलेभर में 50 से अधिक स्थनों पर बड़े-बड़े पेड़ धराशायी हो गए और पोलोग्राउंड के पास बनी दीवार के पास लगा पेड़ गिरा तो उसकी चपेट में आकर कुछ लोग घायल हो गए जिन्हें इलाज के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया है। बालाघाट में बदला मौसम बालाघाट जिले में शनिवार दोपहर अचानक बदले मौसम के चलते तेज गरज के साथ झमाझम बारिश हुई। बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। हालांकि नगर पालिका क्षेत्र में मुख्य मार्गों के किनारे लगे कुछ पेड़ गिरने से आवागमन प्रभावित रहा। नालियों की साफ-सफाई नहीं होने के कारण कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 1 से 5 मई तक आंधी-तूफान के साथ हल्की वर्षा की संभावना बनी हुई है। राजगढ़ में बारिश के साथ ओलावृष्टि राजगढ़ में एक दिन पहले हुई बारिश के बाद रात भर उमड़ रही और शनिवार दोपहर अचानक से मौसम बदल गया बादलों की लुकाछिपी के बीच गरज चमक के साथ पोचारे गिरी कहीं बारिश तो कहीं ओलावृष्टि भी हुई जिला मुख्यालय से लगे कली पीठ क्षेत्र में कहीं-कहीं ओले गिरने की सूचना है वहीं जिले के विभिन्न क्षेत्रों में बारिश हुई कहानी पेड़ गिर गए तो कहीं सड़कों पर पानी बाहर निकाला करीब 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चली। शहडोल में लगातार तीसरे दिन बारिश शहडोल संभाग सहित आसपास के क्षेत्रों में शनिवार को लगातार तीसरे दिन मौसम के कड़े तेवर देखने को मिले। सुबह दोपहर की तपिश के बाद शाम होते ही तेज धूलभरी आंधी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया। आंधी के साथ हुई हल्की बूंदाबांदी ने जहां तापमान में आंशिक गिरावट दर्ज की, वहीं बिजली गुल होने से लोग उमस भरी गर्मी में हलाकान रहे। खरगोन में गिरे ओले, हुई बारिश खरगोन जिले में शनिवार शाम करीब 6.20 बजे चिरिया के पीढ़ी जामली क्षेत्र में अचानक मौसम बदला। देखते ही देखते तेज हवाएं चलने लगी और बारिश के साथ चने आकार के ओले भी गिरे। बादल छटने के बाद मौसम में ठंडक घुली लेकिन रात में उमस ने परेशान किया। नर्मदापुरम में तेज आंधी-बारिश, सड़क पर गिरे पेड़ नर्मदापुरम में भी शनिवार को के आसमान में बादल छाए। तेज आंधी के साथ झमाझम बारिश हुई। जिले के डोलरिया क्षेत्र के डूडू गांव के पास मुख्य सड़क पर पेड़ गिर गया।ग्रामीणों ने पेड़ को कुल्हाड़ी से काटकर मार्ग को वापस शुरू करवाया। अगले 24 घंटे इन जिलों में बारिश का अलर्ट मौसम विभाग ने अशोकनगर, शिवपुरी, ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, श्योपुरकलां, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनुपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, दमोह, सागर, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, पांढुर्णा जिलों में वर्षा या गरज चमक के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया हैं।

नई बिजली टैरिफ नीति से 35 लाख उपभोक्ताओं को फायदा, घरेलू दरों पर मिल सकती है राहत

लखनऊ अब घर में छोटी दुकान चलाने वालों को अलग से कॉमर्शियल बिजली कनेक्शन लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। नई बिजली टैरिफ नीति में इस तरह के उपभोक्ताओं के लिए नई श्रेणी का प्रावधान किया जा सकता है। इससे प्रदेश के लगभग 35 लाख बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। राज्य विद्युत नियामक आयोग इस दिशा में गंभीरता से विचार कर रहा है प्रदेश में करीब 3.5 करोड़ बिजली उपभोक्ता हैं। – इसमें से लगभग 2.94 करोड़ घरेलू कनेक्शनधारी हैं। इनमें बड़ी संख्या (करीब 35 लाख) ऐसे लोगों की है, जो अपने घरों में किराना, स्टेशनरी, सब्जी या अन्य छोटे व्यवसाय संचालित करते हैं। वर्तमान व्यवस्था के तहत, इन दुकानों के लिए अलग से कॉमर्शियल कनेक्शन लेना अनिवार्य है। ऐसा न करने पर बिजली चोरी के आरोप में कार्रवाई होती है। प्रस्तावित नई टैरिफ नीति के तहत ऐसे छोटे दुकानदारों के लिए अलग श्रेणी निर्धारित की जा सकती है। उदाहरण के तौर पर जो उपभोक्ता 300 यूनिट तक बिजली खर्च करते हैं, उनसे घरेलू दरों पर ही शुल्क लिया जा सकता है। साथ ही नए कनेक्शन लेने वालों के लिए भी कुछ रियायत देने पर विचार किया जा रहा है। अभी घरेलू कनेक्शन पर बिजली की दर लगभग 4 से 5 रुपये प्रति यूनिट है, जबकि कॉमर्शियल कनेक्शन के लिए यह दर करीब 8 रुपये प्रति यूनिट तक पहुंच जाती है। इसके अलावा न्यूनतम अधिभार शुल्क भी लगभग 500 रुपये होता है। यदि अलग कनेक्शन की अनिवार्यता समाप्त होती है, तो छोटे दुकानदार जो केवल बल्ब और पंखे जैसी सीमित बिजली उपकरणों का उपयोग करते हैं उन्हें घरेलू दरों पर ही बिजली मिल सकेगी। दरों में बढ़ोतरी की संभावना नहीं बिजली दरों में बढ़ोतरी के फिलहाल आसार नहीं दिख रहे। पॉवर कॉर्पोरेशन ने 1.15 लाख करोड़ रुपये की वार्षिक राजस्व आवश्यकता का प्रस्ताव दिया है, जबकि बिजली आपूर्ति की लागत 8.50 से 8.80 रुपये प्रति यूनिट आंकी गई है। हालांकि, उपभोक्ताओं के पक्ष में लगभग 51 हजार करोड़ रुपये का सरप्लस बताया जा रहा है। ऐसे में संभावना है कि जून माह में जारी होने वाली नई दरों में वृद्धि न की जाए।  

प्रशांत किशोर का पुराना बयान वायरल, धोनी वाली टिप्पणी पर सोशल मीडिया में चर्चा तेज

तमिलनाडु  तमिलनाडु में चुनावों का रुझान सामने आ रहे हैं। अब तक के रुझान में एक्टर विजय थलापति की पार्टी टीवीके बंपर जीत की ओर बढ़ रही है। ताजा आंकड़ों के अनुसार विजय की टीवीके 234 में से 100 से ज्यादा सीटों पर आगे चल रही है। इसी बीच सोशल मीडिया पर जनसुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर का एक पुराना वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। धोनी से ज्‍यादा पॉपुलर हो जाऊंगा तमिलनाडु में थलापति विजय के एक चुनावी कार्यक्रम के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा था कि यहां एमएस धोनी को जानने वाले काफी हैं। वह अकेले बिहारी हैं, जिनकी पॉपुलरिटी तमिलनाडु में मुझसे ज्‍यादा है। उन्होंने कहा कि लेकिन याद रखिएगा, जब मैं आपको (टीवीके) जीतने में मदद करूंगा, तो तमिलनाडु में धोनी से ज्‍यादा पॉपुलर हो जाऊंगा। आज तमिलनाडु विधानसभा चुनाव का परिणाम आने के बाद प्रशांत किशोर का पुराना वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। हालांकि, बता दें कि पीके और IPAC (इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी) से अलग हो चुके हैं। बिहार चुनाव में मिली हार प्रशांत किशोर ने पिछले साल बिहार चुनाव में हार का सामना करने के बाद कहा था कि वह अब किसी भी पार्टी को एडवाइज नहीं करेंगे। बिहार विधानसभा चुनाव में भी प्रशांत किशोर की पार्टी ने जोर आजमाइश की थी। लेकिन उनकी पार्टी को इस चुनाव में बड़ी हार का सामना करना पड़ा।

लो विजिबिलिटी के कारण अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों का लखनऊ में इमरजेंसी लैंडिंग

नई दिल्ली नई दिल्ली में रविवार-सोमवार की रात को खराब मौसम और लो विजिबिलिटी के कारण हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। इस आपात स्थिति के चलते दिल्ली जाने वाले कुल 15 विमानों को अचानक लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर डाइवर्ट किया गया। वहीं, सुबह लखनऊ का मौसम खराब होने से दिल्ली चंडीगढ़ समेत तीन स्थानों से आ रही फ्लाइटें लैंड नहीं कर पाईं। डाइवर्ट होकर लखनऊ पहुंचने वाले विमानों में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों उड़ानें शामिल थीं। अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में काठमांडू, मस्कट और फुकेट से आने वाले विमान प्रमुख रहे। वहीं घरेलू स्तर पर जयपुर से सर्वाधिक 4 उड़ानें लखनऊ भेजी गईं। इनके अलावा हैदराबाद (2 उड़ानें), मुंबई, गुवाहाटी, कोयंबटूर, औरंगाबाद और बेंगलुरु की उड़ानों को भी सुरक्षित रूप से उतारा गया। दिल्ली में मौसम में सुधार की सूचना मिलने के बाद, लखनऊ में सुरक्षित रूप से उतारे गए सभी विमानों को रवाना कर दिया गया। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम से यात्रियों को भारी असुविधा और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। कई उड़ानें घंटों की देरी से चल रही जा थीं। एयरलाइन कंपनियां और एयरपोर्ट प्राधिकरण स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए थे और यात्रियों को समय-समय पर अपडेट दिया जा रहा था। लखनऊ में भी मौसम खराब लखनऊ में भी सोमवार सुबह मौसम खराब हो गया। जिससे यहां भी उड़ानों का संचालन प्रभावित हुआ। खराब विजिबिलिटी के कारण दिल्ली और चंडीगढ़ समेत तीन शहरों से आने वाली फ्लाइटें लैंड नहीं कर सकीं और कुछ देर तक हवा में चक्कर लगाती रहीं। पायलटों को मौसम साफ होने का इंतजार करना पड़ा जिससे उड़ानों में देरी हुई। 29 अप्रैल को भी डायवर्ट हुईं थी फ्लाइटें इससे पहले भी मौसम खराब होने से 29 अप्रैल को फ्लाइटों को डायवर्ट किया गया था। मध्य से लेकर पूर्वी यूपी के कई जिलों में बुधवार को तेज आंधी और बारिश का असर फ्लाइटों के संचालन पर पड़ा। वाराणसी की दो और पटना की एक उड़ान को चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर डाइवर्ट किया गया। कई फ्लाइटें तय समय से लेट रहीं। स्पाइस जेट की पुणे से वाराणसी जा रही फ्लाइट एसजी 186 को दिन के 3:55 बजे और अकासा एयर की मुंबई से वाराणसी जा रही उड़ान क्यूपी 1428 शाम 5: 38 लखनऊ पहुंची थी। कोलकाता से पटना जा रही इंडिगो की फ्लाइट 6ई- 895 शाम 7:56 बजे लखनऊ भेजी गई। लखनऊ में यात्री विमान में बैठे रहे, क्योंकि क्रू का फ्लाइट टाइम पूरा हो चुका था। रात 10 बजे दूसरे क्रू की व्यवस्था कर विमान को पटना रवाना किया गया था। एयर इंडिया की लखनऊ से दिल्ली जाने वाली फ्लाइट आइएक्स 1618 शाम 7:35 बजे उड़ान नहीं भर सकी थी।