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जयपुर: ई-चालान व्यवस्था सख्त, नकद भुगतान पूरी तरह खत्म

जयपुर  राजस्थान की सड़कों पर गाड़ी चलाने वालों के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर है। प्रदेश के परिवहन एवं सड़क सुरक्षा विभाग ने ट्रैफिक चालान के भुगतान को लेकर एक क्रांतिकारी बदलाव किया है। 27 अप्रैल को जारी एक गजट नोटिफिकेशन के अनुसार, अब राजस्थान में ट्रैफिक चालान का नकद भुगतान पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब अगर आपका चालान कटता है, तो आपको अनिवार्य रूप से ऑनलाइन माध्यम से ही जुर्माना भरना होगा। भ्रष्टाचार पर लगाम और पारदर्शिता पर जोर सरकार के इस फैसले का मुख्य उद्देश्य चालान प्रक्रिया में पारदर्शिता लाना और मैनुअल हैंडलिंग को खत्म करना है। अक्सर सड़कों पर पुलिसकर्मी और वाहन चालकों के बीच लेन-देन को लेकर होने वाले विवाद और भ्रष्टाचार की शिकायतों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। अब हर ट्रांजेक्शन का एक डिजिटल रिकॉर्ड होगा, जिससे विभाग के पास सटीक डेटा रहेगा कि कितना जुर्माना वसूला गया और किस उल्लंघन के लिए वसूला गया। ITMS पोर्टल पर होगा भुगतान परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, 'वाहन मालिकों और चालकों को अब अपने ई-चालान का भुगतान सीधे ITMS (Intelligent Traffic Management System) पोर्टल के माध्यम से करना होगा।' इस ऑनलाइन सिस्टम से न केवल जुर्माना जमा करना आसान होगा, बल्कि अधिकारियों के लिए भी इसकी निगरानी करना सरल हो जाएगा। किसे मिला चालान काटने का अधिकार? नए नियमों के तहत अधिकारियों की शक्तियों में भी फेरबदल किया गया है। अब पुलिस विभाग में हेड कांस्टेबल और उससे ऊपर के रैंक के पुलिसकर्मी ही ट्रैफिक उल्लंघन पर चालान काटने के लिए अधिकृत होंगे। उनके साथ परिवहन विभाग के अधिकृत अधिकारी भी यह कार्रवाई कर सकेंगे। शिकायत निवारण के लिए नए प्रावधान अक्सर लोग गलत चालान कटने की शिकायत करते हैं, लेकिन उन्हें समाधान नहीं मिलता था। नई व्यवस्था में इसका भी ध्यान रखा गया है। अधिकारी ने बताया कि यदि किसी को अपने चालान को लेकर कोई आपत्ति या शिकायत है, तो इसके लिए नामित अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। ये अधिकारी शिकायतों की सुनवाई करेंगे, जिससे जनता के लिए विवाद सुलझाना आसान हो जाएगा। क्या अब राजस्व की चोरी रुकेगी? यह आदेश केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 167 के तहत लागू किया गया है। विभाग का मानना है कि इस डिजिटल शिफ्ट से न केवल राजस्व की चोरी रुकेगी, बल्कि जनता को भी रसीद कटवाने और दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी। तो अब अगली बार जब आप घर से बाहर निकलें, तो सुनिश्चित करें कि आपके मोबाइल में डिजिटल पेमेंट की सुविधा चालू हो, क्योंकि अब राजस्थान की सड़कों पर 'नकद' की रसीद नहीं कटेगी।  

ऑनलाइन सट्टे की लत ने बनाया चोर: बिलासपुर में एसी मिस्त्री ने गहने गिरवी रख उड़ाए पैसे, पुलिस ने पकड़ा

 बिलासपुर सूने मकानों में सिलसिलेवार चोरी करने वाले शातिर एसी मिस्त्री को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। एसीसीयू और सिविल लाइन पुलिस तीन सौ से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालकर उस तक पहुंची है। आरोपित सट्टे की लत के कारण अपराध की राह पर चला था। एसएसपी रजनेश सिंह ने सिलसिलेवार चोरी का पर्दाफाश करते हुए बताया कि आरोपित सूरज काछी मंगला क्षेत्र में किराए के मकान में रहकर एसी रिपेयरिंग के बहाने घरों की रेकी करता था। वह सुने मकानों को चिन्हित कर टोपी और मास्क पहनकर चोरी की वारदात को अंजाम देता था। आरोपित ने शहर में कुल आठ चोरियां करना स्वीकार किया है। चोरी को अंजाम देने बाद आरोपित गहनों को गोल्ड लोन कम्पनी में गिरवी रख रुपये ले लिया करता था। खाते में रकम आने पर वह परी मैच ऐप पर करीब 30 लाख रुपये की बड़ी रकम हार चुका था। पुलिस ने आरोपित से 252 ग्राम सोना, चांदी और चोरी की रकम से खरीदे गए घरेलू सामान सहित 45.84 लाख का माल बरामद किया है। एसी रिपेयरिंग के दौरान करता था सूने मकान की रेकी आरोपित पेशे से एसी मिस्त्री था, जिसका फायदा उठाकर वह पाश कॉलोनियों में सर्विसिंग के बहाने घुसता था। इस दौरान वह उन मकानों की सूची तैयार करता था जहां ताला लगा होता था। वह वारदात से पहले भागने के रास्तों और सीसीटीवी कैमरों की स्थिति का पूरा अवलोकन कर लेता था, ताकि पकड़ा न जा सके। इन आठ बड़ी चोरियों का हुआ पर्दाफाश (सामान राशि के साथ)     कुदुदंड 15 अक्टूबर 2025- सूने मकान से सोने-चांदी के जेवरात लगभग तीन लाख पार किए।     यमुना नगर 3 नवम्बर 2025- ताला तोड़कर चांदी के जेवरात और नकदी 50 हजार की चोरी की।     नंद विहार 23 नवम्बर 2025- सोने की चेन, बाली व 65 हजार नगद सहित करीब 4.65 लाख का सामान     गीतांजलि पार्क 5 दिसम्बर 2025- मंगलसूत्र, लाकेट व नगद सहित करीब 1.85 लाख की चोरी।     इन्द्रसेन कॉलोनी 9 दिसम्बर 2025- आलमारी तोड़कर चांदी के जेवर व पांच हजार नकद सहित कुल 25 हजार का सामान।     गुलमोहर पार्क 11 दिसम्बर 2026- सोने का हार, टाप्स व चांदी के जेवर सहित करीब 1.90 लाख की चोरी।     27 खोली में फरवरी 2026- कंगन, तीन चेन व छह अंगूठी सहित कुल 15.50 लाख के जेवर पार।     नेहरू नगर 20 अप्रैल 2026- अस्पताल के पास से सोने का नेकलेस, चेन व नकदी सहित करीब 3.10 लाख की चोरी। ऑनलाइन सट्टा ऐप में बेटिंग करने के लालच में बना चोर सूरज काछी को परी मैच एप में ऑनलाइन सट्टा ऐप की लत लग गई थी। ऐप पर बेटिंग के दौरान वह करीब 30 लाख रुपये हार गया, जिसकी भरपाई के लिए उसने चोरी का रास्ता चुना। वह चोरी के सामान से मिलने वाली रकम को वापस सट्टे में लगाकर हार को जीत में बदलने का प्रयास करता था। पुरानी क्राइम ब्रांच निष्क्रिय, नई टीम को सफलता एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि पुरानी क्राइम ब्रांच निष्क्रिय हो चुकी थी। नई एसीसीयू का गठन किया गया है। इस नई टीम की तकनीकी दक्षता और सक्रियता के कारण ही शहर में हो रही सिलसिलेवार चोरियों पर अंकुश लगा है और आरोपित पकड़ा गया है। पुलिस को चकमा देने कपड़ो का उपयोग आरोपित सूरज कांछी काफी शातिर चोर है। वह पुलिस व लोगों को धोखा देने के लिए बैग में दो से तीन कपड़े साथ लेकर चलता था। चोरी की वारदात को अंजाम देने बाद वह अपने कपड़े वही बदल लिया करता था, ताकि पुलिस को सीसीटीवी कैमरे की जांच के दौरान एक कपड़े में दिखाई न देने पर शंका न हो। वहीं फोन पर बात करने का दिखावा करता था लेकिन काल नहीं करता, जिससे डम्प लोकेशन से उसे ट्रैस न किया जा सके।     आरोपित सट्टे की लत को पूरा करने के लिए चोरी करता था। एसी रिपेयरिंग के लिए जाने के दौरान वह सूने मकानों की रेकी किया करता और फिर रात में जाकर उन मकानों का ताला तोड़कर वारदात को अंजाम दिया करता था।     रजनेश सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, बिलासपुर  

पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से हरियाणा में बारिश और तेज आंधी की संभावना

चंडीगढ़ हरियाणा में अप्रैल के जाते-जाते मौसम के मिजाज में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं और तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग ने आज, गुरुवार (30 अप्रैल) को प्रदेश के 6 जिलों में भारी बारिश और तेज आंधी का येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की चेतावनी मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, आज पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, करनाल, सोनीपत और पानीपत में धूल भरी आंधी चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके साथ ही गुरुग्राम, नूंह, पलवल और फरीदाबाद जैसे जिलों में भी हल्की से मध्यम बूंदाबांदी हो सकती है। भिवानी सबसे गर्म, सोनीपत में ठंडक पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के न्यूनतम तापमान में औसतन 1.2°C की बढ़ोतरी देखी गई है।     सबसे कम तापमान: सोनीपत में 20.2°C दर्ज किया गया।     सबसे अधिक तापमान: भिवानी में न्यूनतम तापमान 28°C रहा, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा है।     अधिकतम तापमान: नूंह (बोपानी) में पारा 38.7°C तक पहुँचा, जबकि नारनौल में 36.5°C और हिसार में 38.6°C रिकॉर्ड किया गया। 2 मई से फिर बदलेगा मौसम राहत की बात यह है कि भीषण गर्मी से फिलहाल कुछ दिन और निजात मिलेगी। मौसम विभाग का अनुमान है कि 2 से 5 मई के बीच एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में दोबारा बारिश और ओलावृष्टि की संभावना बन रही है। मौसम विभाग ने की एडवाइजरी मौसम में अचानक आए इस बदलाव और तेज हवाओं को देखते हुए विशेषज्ञों ने सतर्क रहने की सलाह दी है:     किसान भाई: कटी हुई फसलों और अनाज को सुरक्षित स्थानों पर ढक कर रखें।     आम नागरिक: आंधी के दौरान पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे शरण न लें।     वाहन चालक: धूल भरी आंधी के दौरान दृश्यता कम होने पर सावधानी से वाहन चलाएं।

तारीखों के पीछे सियासी रणनीति: सम्राट चौधरी कैबिनेट विस्तार और बंगाल चुनाव का कनेक्शन

पटना  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव का मतदान खत्म होते ही बिहार के लोगों का फोकस मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की 15 दिन पुरानी सरकार के कैबिनेट विस्तार पर आ गया है। बिहार में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के पहले सीएम बने सम्राट चौधरी ने जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के दो उप-मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव के साथ 15 अप्रैल को शपथ ली थी। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की नई सरकार के पूरी तरह गठन के लिए बंगाल चुनाव के खत्म होने का इंतजार चल रहा था। ऐतिहासिक 92 फीसदी से ऊपर वोटिंग के साथ दो चरण में बंगाल का चुनाव खत्म हो चुका है। अब चर्चा है कि सम्राट चौधरी कैबिनेट का विस्तार 3 मई या 6 मई को हो सकता है। सम्राट कैबिनेट के विस्तार के लिए 3 मई और 6 मई की अटकल को भी बंगाल चुनाव से ही जोड़कर देखा जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व बंगाल से चुनाव की आंतरिक रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है, जिसमें चुनाव नतीजों में पार्टी के संभावित प्रदर्शन का अनुमान होगा। बंगाल चुनाव की इंटरनल रिपोर्ट में अगर हर हाल में भाजपा की जीत का भरोसा जताया गया होगा तो पार्टी नतीजों के बाद 6 मई को बिहार कैबिनेट का विस्तार करवा सकती है। लेकिन, अगर बंगाल से आई रिपोर्ट में भाजपा की जीत को लेकर कोई किंतु-परंतु जैसी आशंका होगी तो पार्टी की कोशिश होगी कि सम्राट चौधरी कैबिनेट का विस्तार चुनाव नतीजों से पहले ही 3 मई को निबटा लिया जाए। बिहार में सीएम समेत 36 नेता मंत्री बन सकते हैं। सम्राट चौधरी कैबिनेट में भाजपा से ज्यादा होंगे जदयू के मंत्री, बड़े मंत्रालय भी मिलेंगे? सम्राट चौधरी की सरकार बनने के बाद से ही कैबिनेट में भाजपा और जदयू के मंत्रियों की संख्या को लेकर भी अटकलों का दौर चल रहा है। पूर्व सीएम नीतीश कुमार की कैबिनेट में भाजपा के मंत्रियों की संख्या जदयू से ज्यादा थी। जदयू के नेताओं का कहना है कि सम्राट चौधरी की सरकार में मॉडल वही रहेगा। यानी भाजपा का सीएम है तो जदयू के मंत्रियों की संख्या ज्यादा होगी। मंत्रालय बंटवारे में भी नीतीश के फॉर्मूले से चले तो जदयू को कई बडे़ मंत्रालय भी मिल सकते हैं। सम्राट सरकार में सीएम और दोनों डिप्टी सीएम के अलावा भाजपा के 14 और जदयू के 15 नेता मंत्री बन सकते हैं। सम्राट चौधरी कैबिनेट में 36 के 36 मंत्री पद नहीं भरे जाएंगे नीतीश कुमार की ही तरह सम्राट चौधरी कैबिनेट में 36 के 36 पद भरने के बदले 1-2 मंत्रियों की जगह बनाकर रख सकते हैं, ताकि भविष्य में दूसरे दलों में तोड़-फोड़ की जरूरत पड़े तो डील के लिए ऑफर का इंतजाम रहे। सरकार में 1-2 मंत्रियों की जगह खाली हो तो उसकी बदौलत सामने वाली पार्टी के कुछ विधायकों को अपने वश में करना आसान हो जाता है। भाजपा और जदयू दोनों अपने कोटे से कम से कम 1-1 पद खाली रख सकती है। पिछली सरकार में जदयू के ज्यादातर मंत्री फिर से जगह पाएंगे। भाजपा के भी ज्यादातर मंत्री फिर से आएंगे, लेकिन नीतीश मिश्रा, कृष्ण ऋषि, नीरज सिंह बबलू जैसे कुछ पुराने मंत्री फिर से सरकार में आ सकते हैं। सम्राट चौधरी की सरकार में पूर्व डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा को क्या मिलेगा? सीएम सम्राट और डिप्टी सीएम विजय और बिजेंद्र को छोड़कर नीतीश कैबिनेट में मंत्री रहे सारे नेता फिलहाल पूर्व मंत्री बने हुए हैं। नीतीश की अगुवाई वाली सरकारों में मंत्री रहे ज्यादातर नेता इस बात का इंतजार कर रहे हैं कि उनको फिर मौका मिलेगा या नहीं और मिला तो मंत्रालय पुराना रहेगा या बदल जाएगा। इन पूर्व मंत्रियों में सबसे ज्यादा चर्चा पूर्व डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा की हो रही है, जिन्हें पहली किस्त में सरकार में जगह नहीं मिल पाई। सोशल मीडिया पर इसे लेकर पॉजिटिव और नेगेटिव चीजों की भरमार लगी है। विजय सिन्हा को मंत्री बनाया जाएगा, इस पर संशय नहीं है, लेकिन पुराने मंत्रालय ही मिलेंगे या और बड़ा मंत्रालय मिलेगा, इस पर अटकलबाजी चल रही है। नीतीश सरकार में विजय कुमार सिन्हा के पास राजस्व और भूमि सुधार, खनन और भूतत्व के अलावा भाजपा के अध्यक्ष बने नितिन नबीन के इस्तीफे के बाद से नगर विकास और आवास विभाग भी था। राजस्व और भूमि सुधार में विजय का तेवर भरा रूप दिख रहा था। चर्चा है कि उन्हें पथ निर्माण विभाग का मंत्री बनाया जा सकता है, जो पिछली सरकार में नितिन नबीन के बाद दिलीप जायसवाल को मिला था। सम्राट चौधरी सरकार में दीपक कुशवाहा का क्या होगा, चिराग और मांझी बदलेंगे मंत्री? चिराग पासवान की लोजपा-आर, जीतनराम मांझी की हम और उपेंद्र कुशवाहा की रालोमो को पहले की तरह कैबिनेट में 2-1-1 मंत्री मिलेंगे, यह मोटा-माटी तय दिख रहा है। जीतनराम मांझी के बेटे संतोष कुमार सुमन और उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश कुशवाहा फिर से मंत्री बनेंगे, यह भी तय दिख रहा है। चिराग पासवान भी अपने दोनों पुराने मंत्री संजय पासवान और संजय सिंह को रिपीट करेंगे, इसकी प्रबल संभावना है।  

सम्राट सरकार से बनी सहमति, अंचल अधिकारियों की हड़ताल खत्म, जमीन के काम होंगे तेज

पटना बिहार में लंबे समय से चल रही अंचलाधिकारियों और राजस्व पदाधिकारियों की हड़ताल खत्म हो गई है। सम्राट सरकार से वार्ता पर सहमति बनने के बाद सीओ, आरओ समेत अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर गए सभी सीओ-आरओ ने काम पर लौटने का फैसला लिया है। बताया जा रहा है कि सरकार से उनकी मांगों पर वार्ता की सहमति बन गई है। इसके बाद बिहार संयुक्त राजस्व सेवा महासंघ ने गुरुवार को सामूहिक अवकाश खत्म करने का ऐलान कर दिया। हड़ताल खत्म होने के बाद अंचलों में अटके जमीन के काम फिर से सुचारु हो सकेंगे, यह आम जनता के लिए भी राहत भरी खबर है। राज्य भर के अंचलाधिकारी (सीओ) अपनी विभिन्न मांगों को लेकर बीते 9 मार्च को अनिश्चितकालीन सामूहिक अवकाश पर चले गए थे। राजस्व इस बीच राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से कई बार उन्हें का काम पर लौटने की अपील की गई। तत्कालीन विभागीय मंत्री सह डिप्टी सीएम विजय सिन्हा ने हड़ताली अफसरों को सैलरी ब्रेक, निलंबन समेत अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी। इसके असर से कुछ अधिकारियों ने हड़ताल खत्म कर दी थी। हालांकि, बड़ी संख्या में सीओ-आरओ अपनी मांगों पर डटे रहे। इससे अंचलों में जमीन से जुड़े काम प्रभावित हो रहे थे। काम पर नहीं लौटने वाले कुछ अधिकारियों पर विभाग ने ऐक्शन लेकर निलंबित भी किया। इससे सरकार और हड़ताली पदाधिकारियों के बीच टकराव बढ़ता जा रहा था। साथ ही अंचलों में निबंधन से लेकर जमीन से जुड़े अन्य काम अटक गए थे। राज्य सरकार ने वैकल्पिक उपाय भी अपनाते हुए ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों को अंचलों के अतिरिक्त प्रभार दिए थे। इससे अन्य कर्मचारियों का वर्क लोड बढ़ गया था। हड़ताल से प्रभावित हो रहा था जनगणना का काम जनगणना 2027 के पहले चरण की शुरुआत हो चुकी है। अभी स्व-गणना का काम चल रहा है। 2 मई से प्रगणक घर-घर जाकर मकानों की गणना भी करेंगे। बिहार में जनगणना के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। ऐसे में सीओ, आरओ और राजस्व कर्मियों की हड़ताल से जनगणना का काम भी प्रभावित हो रहा था। 55 दिनों बाद काम पर लौटेंगे सीओ मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई एनडीए सरकार ने सुलह का रास्ता निकाल दिया है। बताया जा रहा है कि सरकार की ओर से हड़ताली अधिकारियों को उनकी मांगों पर विचार करने के लिए आश्वासन दिया है। इसके बाद, बिहार संयुक्त सेवा महासंघ ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा है कि 4 मई से वे अपना योगदान देंगे। 55 दिनों के बाद सीओ काम पर लौट जाएंगे। प्रधान सचिव पद से हटाए गए दो दिन पहले ही सम्राट सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल को हटा दिया था। उनका तबादला बिहार राज्य योजना पर्षद में बतौर परामर्शी (सलाहकार) कर दिया गया था। इसके बाद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह को प्रधान सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। सीके अनिल के ट्रांसफर के पीछे की मुख्य वजह सीओ-आरओ हड़ताल को ही मानी गई थी। सीके अनिल 1991 बैच के आईएएस अधिकारी हैं।  

महंगाई का असर: दिल्ली में ई-रिक्शा सफर होगा महंगा, नई दरें जल्द लागू

नई दिल्ली राजधानी दिल्ली में ई-रिक्शा से सफर करने वाले यात्रियों को जल्द ही ज्यादा किराया चुकाना पड़ेगा। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स फेडरेशन ने बढ़ती महंगाई और लंबे समय से किराए में कोई बदलाव न होने का हवाला देते हुए न्यूनतम किराया 20 रुपये करने का फैसला लिया है। नई दरें अगले महीने से लागू होने की संभावना है। फेडरेशन के चेयरमैन अनुज शर्मा ने बताया कि दिल्ली में ई-रिक्शा वर्ष 2010 से चल रहे हैं, लेकिन तब से अब तक इनके किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। वहीं, इसी अवधि में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी के किराए दो बार बढ़ चुके हैं। उनका कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई, बैटरी, मेंटेनेंस और अन्य खर्चों में इजाफे के कारण किराया बढ़ाना जरूरी हो गया है, ताकि ड्राइवरों की आय प्रभावित न हो। रिक्शा ड्राइवरों और मैन्युफैक्चरर्स की बैठक में फैसला यह फैसला बुधवार को ई-रिक्शा ड्राइवरों, डीलरों और मैन्युफैक्चरर्स की संयुक्त बैठक में लिया गया, जिसमें दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह भी मौजूद थे। बैठक में किराया बढ़ाने के साथ-साथ सेक्टर से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की गई। कुल 2 लाख ई-रिक्शा चल रहे वर्तमान में दिल्ली में 2 लाख से अधिक ई-रिक्शा आधिकारिक रूप से पंजीकृत हैं, जबकि करीब 1.5 लाख बिना रजिस्ट्रेशन के भी सड़कों पर चल रहे हैं। ये ई-रिक्शा खासकर मेट्रो स्टेशनों और रिहायशी इलाकों में लास्ट माइल कनेक्टिविटी का अहम साधन बने हुए हैं। अभी अधिकांश जगहों पर पहले दो किलोमीटर के लिए 10 रुपये और उसके बाद हर किलोमीटर के लिए 5 रुपये किराया लिया जाता है। 2022 का सर्कुलर लिया वापस इस बीच, दिल्ली सरकार ने 2022 के उस सर्कुलर को वापस लेने का भी फैसला किया है, जिसमें कंपनियों को अपने नाम पर कई ई-रिक्शा और इलेक्ट्रिक कार्ट रजिस्टर कराने की अनुमति दी गई थी। परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि इस कदम का उद्देश्य कुछ कंपनियों के हाथों में मालिकाना हक के केंद्रीकरण को रोकना और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों के शोषण को कम करना है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से मालिक-ड्राइवर को अधिक अवसर मिलेंगे, आत्मनिर्भर रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और ई-रिक्शा सेक्टर में एकाधिकार की संभावना भी कम होगी। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से अधिक से अधिक स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और लास्ट माइल कनेक्टिविटी का ढांचा भी मजबूत होगा।

अनुपमा में बड़ा ड्रामा: श्रुति और अनुपमा के बीच तीखी बहस, राही का डर बढ़ा

सीरियल अनुपमा की शुरुआत अनु की चिंता से होती है, जहां वह सोचती है कि जैसे ही राही को कैफे के बारे में पता चलेगा, बड़ा तूफान खड़ा हो सकता है. उसे लगता है कि उसने सही किया है, लेकिन राही उसकी भावनाओं को समझ नहीं पा रही. दूसरी तरफ राही से प्रेम अपने व्यवहार के लिए माफी मांगता है और कहता है कि उसे दुख देने का कोई हक नहीं है. वह राही को एक घड़ी गिफ्ट करता है और वादा करता है कि वह हमेशा उसके साथ रहेगा. राही के मन में डर है कि जब प्रेम को अनुपमा के कैफे के बारे में पता चलेगा, तो उसका रिएक्शन क्या होगा. मंदिर में अनुपमा और श्रुति का आमना-सामना कहानी में बड़ा मोड़ तब आता है जब अनुपमा मंदिर जाती है और वहां उसकी मुलाकात श्रुति से होते-होते रह जाती है. श्रुति अपनी बेटी के लिए प्रार्थना कर रही होती है, जिससे मंदिर में भीड़ रुक जाती है. अनुपमा लोगों से अपील करती है कि एक मां की भावना को समझें. इस बीच अनुपमा को एक लॉकेट मिलता है, जिसे वह लौटाने की कोशिश करती है. लेकिन जब वह उसमें अनुज और राही की तस्वीर देखती है, तो चौंक जाती है. तभी श्रुति वहां आ जाती है और दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो जाती है. श्रुति ने अनु को दी चुनौती श्रुति दावा करती है कि वह राही की जिंदगी में उसकी जगह लेगी, क्योंकि राही खुद को अकेला महसूस करती है. अनुपमा इस बात का विरोध करती है और कहती है कि मां-बेटी के रिश्ते को किसी को साबित करने की जरूरत नहीं. दोनों के बीच बहस इतनी बढ़ जाती है कि श्रुति खुलकर चुनौती देती है कि वह राही को अनुपमा से छीन लेगी. उधर राही एक डरावना सपना देखती है, जिसमें प्रेम अनुपमा के कैफे को लेकर गुस्से में होता है. सपना टूटने के बाद भी वह डरी रहती है और सोचती है कि वह अपने रिश्ते को कैसे बचाए.

भारतीय वनडे टीम में बड़ा बदलाव संभव, पंत की जगह सैमसन पर नजर

नई दिल्ली भारतीय टीम के स्टार विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत के लिए मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। आईपीएल 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स की कप्तानी कर रहे ऋषभ पंत भारतीय वनडे टीम से बाहर हो सकते हैं। आगामी वनडे विश्व कप को देखते हुए चनयकर्ता टीम में संजू सैमसन को मौका दे सकते हैं। वनडे में इस समय केएल राहुल विकेटकीपर के रूप में पहली पसंद बने हुए हैं। ऋषभ पंत इस साल की शुरुआत में न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज का हिस्सा थे लेकिन फिर चोट के कारण बाहर हो गए थे। वहीं दूसरी तरफ संजू सैमसन ने टी20 विश्व कप के नॉकआउट मुकाबलों में बेहतरीन प्रदर्शन करके चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा है। टी20 विश्व कप में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे संजू सैमसन ने आईपीएल 2026 में भी अपना फॉर्म बरकरार रखा है और 300 से ज्यादा रन बना चुके हैं। संजू सैमसन ने जारी सीजन में दो शतक भी लगाए हैं। वहीं दूसरी तरफ लखऊ के कप्तान ऋषभ पंत लगातार दूसरे सीजन रन बनाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बतौर कप्तान भी उनका प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा है और इस वजह से 50 ओवर के फॉर्मेट में चयनकर्ता संजू सैमसन पर भरोसा कर सकते हैं। संजू सैमसन इस सीजन चेन्नई सुपर किंग्स में शामिल हुए हैं, जहां वह एमएस धोनी के स्थान पर कुछ मैचों में विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। मीडिया  रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय क्रिकेट बोर्ड भारतीय वनडे टीम में ऋषभ पंत की जगह दूसरे विकेटकीपर बल्लेबाज के रूप में संजू सैमसन के नाम पर विचार कर रही है। केएल राहुल टीम के नियमित विकेटकीपर बल्लेबाज बने हुए हैं। ध्रुव जुरेल भी दावेदार हैं। भारत का अगला वनडे सीरीज अफगानिस्तान से है, जोकि 14 जून से शुरू होने वाला है। ऋषभ पंत टी20 इंटरनेशनल में अपनी जगह खो चुके हैं उन्होंने इस फॉर्मेट में अपना पिछला मैच जुलाई 2024 में श्रीलंका के खिलाफ खेला था।

न्यायिक सेवाओं में बड़ा बदलाव, ई-कोर्ट सर्विस ऐप का नया वर्जन 5 मई से होगा लॉन्च

 रांची  न्यायिक सेवाओं को और अधिक सुलभ और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ई-कोर्ट सर्विस मोबाइल प का नया संस्करण 4.0 आगामी पांच मई से लांच किया जाएगा। इस संबंध में झारखंड हाई कोर्ट के केंद्रीय परियोजना समन्वयक द्वारा राज्य के सभी जिला एवं सत्र न्यायाधीशों को पत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। पत्र में बताया गया है कि सुप्रीम कोर्ट की ई-कमेटी के निर्देशानुसार एप का यह नया संस्करण कई तकनीकी और उपयोगकर्ता सुविधाओं के साथ अपग्रेड किया गया है। इसमें एंड्रायड 14 सपोर्ट, बेहतर परफार्मेंस, आसान नेविगेशन और नया यूजर फ्रेंडली इंटरफेस शामिल है, जिससे एक हाथ से भी आसानी से उपयोग संभव होगा। नए वर्जन में केस स्टेटस सेक्शन के माध्यम से सीधे आदेश और निर्णय की पीडीएफ डाउनलोड की सुविधा दी गई है। इसके अलावा माई केसेस सेक्शन में बेहतर रिस्पांस, केस कंवर्जन ट्रैकिंग फीचर, ईपे, एनजेडीजी और ईफाइलिंग जैसी सेवाओं को एकीकृत क्विक लिंक में जोड़ा गया है। कोर्ट परिसरों का लोकेशन जानने के लिए भूवन मैप्स का भी इंटीग्रेशन किया गया है। हाई कोर्ट ने सभी न्यायिक पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि इस संबंध में आम लोगों के बीच जागरूकता बढ़ाने के लिए नोटिस को वेबसाइट, ई-सेवा केंद्रों और कोर्ट परिसरों में प्रदर्शित किया जाए। साथ ही, उपयोगकर्ताओं को अपने पुराने डेटा का बैकअप लेने की सलाह दी गई है। ई-कोर्ट मोबाइल एप संस्करण 4.0 की मुख्य विशेषताएं     उन्नत तकनीक: यह ऐप अब पुराने कोर्डोवा हाइब्रिड फ्रेमवर्क से रिएक्ट नेटिव (React Native v0.77.0) पर शिफ्ट हो गया है, जिससे इसकी गति और कार्यक्षमता (Performance) काफी बेहतर हो गई है।     Android 14 सपोर्ट: यह नया संस्करण Android 14 (API स्तर 34) का समर्थन करता है।     बेहतर डेटा हैंडलिंग: उच्च डेटा वॉल्यूम को संभालने में यह पहले से अधिक सक्षम है।     उपयोगकर्ता मैनुअल और प्रशिक्षण: संस्करण 4.0 के लिए उपयोगकर्ता मैनुअल और प्रशिक्षण वीडियो जारी कर दिए गए हैं।  

बुद्ध पूर्णिमा 2026: अंगुलिमाल डाकू की कहानी से मिलता है जीवन बदलने का संदेश

इस बार बुद्ध पूर्णिमा 1 मई, शुक्रवार को मनाई जाएगी. हिंदू पंचांग के अनुसार, यह वैशाख मास की पूर्णिमा तिथि को आती है. भगवान गौतम बुद्ध के जीवन से जुड़ी कई कहानियां आज भी लोगों को सही राह दिखाती हैं. ऐसी ही एक प्रसिद्ध कथा अंगुलिमाल नाम के डाकू से जुड़ी है, जो जीवन बदलने की सीख देती है. कौन था अंगुलिमाल डाकू? कहा जाता है कि मगध राज्य में अंगुलिमाल नाम का एक खतरनाक डाकू रहता था. लोग उससे बहुत ज्यादा डरते थे क्योंकि वह राह चलते लोगों को मार देता था और उनकी उंगलियों की माला पहनता था. इसी वजह से उसका नाम अंगुलिमाल पड़ गया था. गांव के लोग उसके खौफ से डर और परेशानी के माहौल में जी रहे थे. एक दिन गौतम बुद्ध उसी क्षेत्र में पहुंचे. लोगों ने उनका स्वागत बड़े ही सत्कार के साथ तो किया, लेकिन उनके चेहरे पर डर साफ दिखाई दे रहा था. जब गौतम बुद्ध ने वजह पूछी, तो सभी ने अंगुलिमाल के आतंक की कहानी सुना दी. यह सुनकर गौतम बुद्ध बिना डरे अगले दिन जंगल की ओर चल पड़े. गांव वालों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने किसी की बात नहीं मानी. जब अंगुलिमाल डाकू की हुई गौतम बुद्ध के मुलाकात जंगल में अंगुलिमाल ने गौतम बुद्ध को देखा और उन्हें रोकने के लिए दौड़ा, लेकिन वह जितना तेज भागता, बुद्ध उतनी ही शांति से आगे बढ़ते रहते और उसके हाथ नहीं आए. आखिर थककर उसने जोर से कहा, 'रुक जाओ!' तब गौतम बुद्ध रुके और शांत स्वर में बोले, 'मैं तो रुक गया हूं, लेकिन तुम कब रुकोगे?' यह बात सुनकर अंगुलिमाल डाकू चौंक गया. उसने गौतम बुद्ध को डराने की कोशिश की और खुद को सबसे शक्तिशाली बताया. तब बुद्ध ने उसे एक छोटा सा काम करने को कहा-पेड़ से कुछ पत्ते तोड़कर लाने को. अंगुलिमाल डाकू ने बुद्ध को तुरंत पत्ते तोड़कर ला दिए. फिर बुद्ध ने कहा, 'अब इन्हें वापस उसी तरह जोड़ दो.' अंगुलिमाल डाकू हैरान रह गया और बोला कि यह तो संभव नहीं है. गौतम बुद्ध ने डाकू को दी यह सीख तब गौतम बुद्ध ने समझाया, 'जब तुम किसी चीज को जोड़ नहीं सकते, तो उसे तोड़ने का अधिकार भी तुम्हें नहीं है. किसी का जीवन लेना आसान है, लेकिन जीवन देना सबसे बड़ी शक्ति है.' यह बात अंगुलिमाल डाकू के दिल को छू गई. उसे अपनी गलती का एहसास हुआ और उसने उसी समय हिंसा का रास्ता छोड़ दिया. वह गौतम बुद्ध का शिष्य बन गया और आगे चलकर लोगों की सेवा करने लगा. कहा जाता है कि बाद में वही अंगुलिमाल एक शांत और ज्ञानी संन्यासी बन गया. इस कहानी से यह सीख मिलती है कि इंसान चाहे कितना भी भटक जाए, अगर वह सही रास्ता चुन ले, तो उसका जीवन बदल सकता है.