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सिर्फ 9 मैचों में 37 छक्के! सूर्यवंशी बने IPL 2026 के सबसे खतरनाक बल्लेबाज

नई दिल्ली मंगलवार रात न्यू चंडीगढ़ में पंजाब किंग्स और राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के मुकाबले ने सिर्फ मैच का नतीजा नहीं बदला, बल्कि ऑरेंज कैप की तस्वीर भी फिर पलट दी… और जैसे ही धुआंधार 16 गेंदों में 43 रन की पारी आई- 5 छक्कों के साथ…सूर्यवंशी फिर नंबर-1. 400 पार… और बाकी सब पीछे IPL 2026 में 400 रन का आंकड़ा छूने वाले वह पहले बल्लेबाज बन गए हैं. 9 मैच, 400 रन, 238+ का स्ट्राइक रेट- ये आंकड़े सिर्फ अच्छे नहीं, दबदबे वाले हैं. सीजन की शुरुआत 52, 31, 39 और 78 जैसी पारियों से हुई, फिर थोड़ी गिरावट आई, लेकिन असली खिलाड़ी वही होता है जो वापसी करना जानता है. और सूर्यवंशी ने वापसी भी ऐसी की- – 46 रन – 103 रन (37 गेंद, 12 छक्के!) – और अब 43 (16 गेंद) IPL 2026 में छक्कों की बरसात की बात करें तो वैभव सूर्यवंशी सबसे आगे खड़े हैं. 9 मैचों में 37 छक्के ठोककर बाकी सभी को पीछे छोड़ दिया है. उनके बाद अभिषेक शर्मा 28 छक्कों के साथ दूसरे नंबर पर हैं, जबकि प्रियांश आर्य (26), रजत पाटीदार (23) और श्रेयस अय्यर (22) भी इस रेस में हैं, लेकिन सूर्यवंशी की रफ्तार सबसे अलग नजर आती है. (आईपीएल के एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड आज भी क्रिस गेल के नाम है. उन्होंने 2012 में RCB के लिए खेलते हुए सिर्फ 14 पारियों में 59 छक्के जड़ दिए थे.) एक पारी में अकेले 12 छक्के…. 25 अप्रैल, जयपुर- सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ 103 रनों की पारी, जिसमें 12 छक्के… एक पारी, जिसने पूरे सीजन का टोन सेट कर दिया. IPL के इतिहास में एक पारी में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड अभी भी क्रिस गेल (17) के नाम है… लेकिन भारतीय बल्लेबाजों की बात करें, तो अब इस लिस्ट में एक नया नाम सबसे ऊपर चमक रहा है और वह कोई और नहीं वैभव सूर्यवंशी हैं. दरअसल,  SRH के खिलाफ जयपुर में 37 गेंदों में 103 रनों की पारी खेलते हुए वैभव ने 12 छक्के जड़ दिए और इसके साथ ही वह IPL इतिहास में एक पारी में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले भारतीय बल्लेबाजों की टॉप लिस्ट में शामिल हो गए. ऑरेंज कैप की रेस: लेकिन लीडर साफ… पीछे भी बड़े नाम हैं, लेकिन फिलहाल सब सूर्यवंशी के पीछे – – वैभव सूर्यवंशी- 400 रन – अभिषेक शर्मा- 380 रन – केएल राहुल- 358 रन – विराट कोहली- 351 रन – हेनरिक क्लासेन- 349 रन (आंकड़े इस आईपीएल में अब तक खेले गए 40 मैचों तक)  क्यों अलग हैं सूर्यवंशी? सिर्फ स्ट्राइक रेट नहीं, उनका गेम टेम्परामेंट अलग है. – शुरुआत से अटैक – स्पिन और पेस- दोनों पर बराबर हमला – मैच की स्थिति बदलने की क्षमता – और सबसे बड़ी बात- डर का नाम नहीं. कहानी अभी बाकी है… आईपीएल लंबा है, फॉर्म बदलती है, लेकिन अभी की तस्वीर साफ है- ऑरेंज कैप सिर्फ एक कैप नहीं, यह इस वक्त सूर्यवंशी के ‘राज’ का प्रतीक है. अगर यही लय जारी रही, तो IPL 2026 सिर्फ एक सीजन नहीं रहेगा- यह वैभव सूर्यवंशी के नाम का अध्याय बन जाएगा.

पिंक टॉयलेट से लेकर स्मार्ट सिटी तक: अंबाला के लिए भाजपा का बड़ा विकास एजेंडा

अंबाला भाजपा ने हरियाणा निकाय चुनाव के तहत अंबाला नगर निगम के लिए अपना 'संकल्प पत्र' जारी कर दिया है। 'समर्पित सेवा-सशक्त सुशासन' के ध्येय के साथ पार्टी ने शहर के सर्वांगीण विकास, महिला सुरक्षा और आधुनिक बुनियादी सुविधाओं को अपनी प्राथमिकता बताया है।   महिलाओं और झुग्गीवासियों के लिए विशेष घोषणाएं भाजपा ने वादा किया है कि सभी निकायों में महिलाओं के लिए पिंक टॉयलेट बनाए जाएंगे, जिनमें सैनेटरी नैपकिन वेंडिंग मशीन और शिशु आहार कक्ष जैसी सुविधाएं होंगी। इसके अलावा, महिलाओं के नाम पर रजिस्टर्ड मकानों पर 25% हाउस टैक्स छूट देने का भी संकल्प लिया गया है। झुग्गी बस्तियों के पुनर्वास के लिए गठित विकास बोर्ड को सशक्त कर आवास और बुनियादी सुविधाएं मिशन मोड में प्रदान की जाएंगी।   स्वामित्व योजना और करों में राहत संकल्प पत्र के अनुसार, 20 वर्षों से अधिक समय से रह रहे परिवारों को भूमि व मकान का वैध मालिकाना हक देकर रजिस्ट्री सुनिश्चित की जाएगी। नगर निगम में शामिल ग्रामीण क्षेत्रों के लिए हाउस टैक्स प्रणाली को सरल बनाया जाएगा और कृषि उपयोग वाले परिसरों को कर में विशेष राहत दी जाएगी। साथ ही, पानी और सीवरेज के नए कनेक्शनों पर शुल्क माफी की घोषणा भी की गई है।   अंबाला के लिए विशेष विकास परियोजनाएं     सीवरेज और जल प्रबंधन: 11 गांवों में सीवरेज नेटवर्क का विस्तार और लगभग 170 करोड़ की लागत से नए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण किया जाएगा। सेक्टर-24 में ₹40 करोड़ की लागत से वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा।       इन्फ्रास्ट्रक्चर: सेक्टर-10 में ₹60 करोड़ की लागत से 500 सीटों वाला अत्याधुनिक सभागार और सेक्टर-23 में ₹10 करोड़ की लागत से नया फायर स्टेशन बनाया जाएगा।       सफाई व्यवस्था: कूड़े से बिजली बनाने के लिए संयंत्र स्थापित किया जाएगा और सफाई कर्मचारियों व मशीनों की संख्या बढ़ाई जाएगी।       जल निकासी: सेक्टर-23 और 25 में ₹10 करोड़ की लागत से स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जाएगा ताकि जलभराव से मुक्ति मिल सके।   सुरक्षा और स्मार्ट सिटी पहल शहर की सुरक्षा के लिए प्रमुख बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर व्यापक सीसीटीवी नेटवर्क और एक इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा । स्ट्रीट लाइट व्यवस्था का विस्तार किया जाएगा, खासकर उन क्षेत्रों में जहाँ महिलाओं की सुरक्षा सर्वोपरि है । इसके अलावा, प्रॉपर्टी टैक्स, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र और बिल्डिंग प्लान जैसी नागरिक सेवाओं को पूरी तरह ऑनलाइन किया जाएगा ।    

इंदिरापुरम हाईराइज में आग से हड़कंप: गौर ग्रीन एवेन्यू में 8 फ्लैट प्रभावित, दमकल की 20 गाड़ियां मौके पर

गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से बड़ी खबर सामने आई है. यहां इंदिरापुरम के अभय खंड स्थित गौर ग्रीन एवेन्यू सोसाइटी में अचानक भीषण आग लग गई. आग इतनी तेज थी कि कुछ ही मिनटों में ऊंची-ऊंची लपटें और काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई देने लगा. इस घटना की सूचना मिलते ही सोसाइटी में हड़कंप मच गया. लोग अपने-अपने फ्लैटों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे. अब फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पा लिया है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस घटना का तत्काल संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं. सीएम योगी ने कहा कि लापरवाही किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने गाजियाबाद के पुलिस कमिश्नर और जिलाधिकारी को तुरंत मौके पर पहुंचने और स्थिति की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया. कई घंटों की मशक्कत के बाद आग अब कंट्रोल में है, हालांकि कूलिंग का काम अभी भी जारी है. फायर विभाग के अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला है कि आग 9वीं मंजिल से शुरू हुई थी. हालांकि, आग लगने के सटीक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है. इस पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है. फायर ऑफिसर राहुल ने बताया कि सोसाइटी का फायर सेफ्टी सिस्टम पूरी तरह काम कर रहा था, जिससे राहत एवं बचाव कार्य में काफी मदद मिली. आग लगने के बाद तुरंत अलार्म बजा और लोगों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया. राहत की बात यह है कि अब तक किसी के अंदर फंसे होने की पुष्टि नहीं हुई है. एक बुजुर्ग व्यक्ति को एहतियातन एंबुलेंस से अस्पताल ले जाया गया था. अधिकारियों के मुताबिक, वह पहले से ही अस्वस्थ थे. इस अग्निकांड में कुल आठ फ्लैट प्रभावित हुए हैं. आग इतनी भीषण थी कि 9वीं मंजिल से उठी लपटें 13वीं मंजिल तक पहुंच गई थीं. काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था. मौके पर फायर ब्रिगेड की करीब 20 गाड़ियां तैनात की गईं. हालांकि, पार्क की दीवार के कारण दमकल की गाड़ियों से पानी का दबाव ऊपरी मंजिलों तक पहुंचाने में शुरुआती दिक्कतों का सामना करना पड़ा. सुबह 8:30 बजे मिली थी आग लगने की सूचना सुबह करीब 8:30 बजे आग लगने की सूचना मिली थी, जिसके बाद दमकल, पुलिस और प्रशासन की टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गईं. फिलहाल, आग पूरी तरह बुझने के बाद सभी फ्लैटों की विस्तृत जांच की जाएगी. इसके बाद ही नुकसान का सही आकलन और आग लगने के कारणों का खुलासा हो सकेगा. मौके पर मौजूद चश्मदीदों ने कहा कि आग करीब साढ़े आठ बजे दिखाई दी थी. आग से अब तक आठ फ्लैट प्रभावित हुए हैं. हालांकि, उत्तर प्रदेश पुलिस के अनुसार अभी तक किसी के अंदर फंसे होने की सूचना नहीं मिली है. फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है. प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि दूर से ही दिखाई दे रही थीं. कई लोगों ने घटना के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर शेयर किए, जो वायरल हो रहे हैं.

कम लागत में ज्यादा कमाई : प्राकृतिक खेती से बदल रही यूपी के किसानों की तकदीर

प्राकृतिक खेती से बेहतर आय अर्जित कर रहे 2.60 लाख किसान कम लागत में ज्यादा कमाई : प्राकृतिक खेती से बदल रही यूपी के किसानों की तकदीर प्राकृतिक खेती योजनाओं के अंतर्गत 75 जिलों में 2356 क्लस्टर में 1.14 लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल आच्छादित गो आधारित प्राकृतिक खेती योजना के तहत बुंदेलखंड क्षेत्र के 7 जनपदों में 470 प्राकृतिक क्लस्टर संचालित बुंदेलखंड में 23 हजार हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र आच्छादित, 22 हजार किसानों को मिला लाभ लखनऊ  उत्तर प्रदेश में खेती अब सिर्फ गुजारे का जरिया नहीं, बल्कि कम लागत में ज्यादा मुनाफा देने वाला व्यवसाय बनती जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में ‘प्राकृतिक खेती मिशन’ के जरिए खेती-किसानी की तस्वीर बदल रही है। रासायनिक खाद और महंगे कीटनाशकों के जाल से निकलकर अब किसान देसी संसाधनों के सहारे खेती कर रहे हैं और यही बदलाव उन्हें आत्मनिर्भर बना रहा है। प्रदेश में इस समय 75 जिलों में 2356 क्लस्टर के जरिए 1.14 लाख हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र प्राकृतिक खेती के दायरे में आ चुका है। इसका सीधा फायदा 2.60 लाख किसानों को मिल रहा है। खास बात यह है कि यह खेती सिर्फ उत्पादन का तरीका नहीं बदल रही, बल्कि किसानों के खर्च को कम करके उनकी आमदनी बढ़ाने का रास्ता भी खोल रही है। बुंदेलखंड बना अभियान का मजबूत चेहरा इस अभियान का मजबूत चेहरा बुंदेलखंड बनकर उभरा है। झांसी, ललितपुर, जालौन, हमीरपुर, महोबा, बांदा और चित्रकूट जैसे जिलों में ‘गो-आधारित प्राकृतिक खेती’ ने नई उम्मीद जगाई है। बुंदेलखंड क्षेत्र के करीब 23 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में फैली इस पहल ने पहले के समय सूखा और संसाधनों की कमी से जूझ रहे इलाके को एक नए मॉडल में बदल दिया है। इसका लाभ 22 हजार किसानों को मिला। गो आधारित जीवामृत और घनजीवामृत के इस्तेमाल से खेती की लागत तेजी से घटी है, वहीं फसल की गुणवत्ता बेहतर हुई है। किसानों को कम खर्च में मिल रहा बेहतर उत्पादन गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता का कहना है कि बुंदेलखंड में शुरू हुआ यह मॉडल अब पूरे प्रदेश के लिए उदाहरण बन रहा है। किसानों को कम खर्च में बेहतर उत्पादन मिल रहा है और बाजार में प्राकृतिक उत्पादों की मांग उन्हें अतिरिक्त लाभ दे रही है। किसानों की जेब पर बोझ घटाकर उनकी आमदनी बढ़ाना और लोगों को रसायनमुक्त भोजन उपलब्ध कराना योगी सरकार की प्राथमिकता है।  सुरक्षित और स्वास्थ्यकर खाद्यान्न खेतों में केमिकल की जगह गो-आधारित फसलों से किसान आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं। गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्ता का कहना है कि योगी सरकार का यह प्रयोग न सिर्फ किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहा है, बल्कि प्रदेश को सुरक्षित और स्वास्थ्यकर खाद्यान्न की दिशा में भी आगे बढ़ा रहा है।

सुल्तानगंज हत्याकांड में बड़ा एक्शन: मुख्य आरोपी रामधनी यादव का एनकाउंटर

पटना बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि भागलपुर के सुल्तानगंज में अपराधियों की गोलियों के शिकार हुए कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ट्वीट किया है कि अत्यंत ही दुखद घटना में सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार का असामयिक निधन हो गया। उन्होंने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। शोक संतप्त परिजनों के प्रति इस अपूरणीय क्षति पर गहरी संवेदनाएँ प्रकट करते हैं। उनके परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा दिवंगत अधिकारी के दाह-संस्कार को राजकीय सम्मान के साथ सम्पन्न कराने का निर्णय लिया गया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक्स पर लिखा, ‘अत्यंत ही दुःखद घटना में सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी श्री कृष्ण भूषण कुमार जी का असामयिक निधन हो गया। उन्होंने अदम्य साहस और कर्तव्यनिष्ठा का परिचय देते हुए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान दिया। शोक संतप्त परिजनों के प्रति इस अपूरणीय क्षति पर गहरी संवेदनाएँ प्रकट करते हैं। उनके परिवार को 25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करने तथा दिवंगत अधिकारी के दाह-संस्कार को राजकीय सम्मान के साथ सम्पन्न कराने का निर्णय लिया गया है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिजनों को इस कठिन समय में धैर्य एवं संबल दें। ओम शांति!’ 12 घंटे के अंदर एनकाउंटर हुआ- संतोष सुमन हम सेकुलर के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष सुमन ने कहा कि भागलपुर में सरकारी अधिकारी की हत्या निंदनीय है, लेकिन उससे भी बड़ा सच यह है कि अब बिहार में अपराधियों की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। महज 12 घंटे के अंदर आरोपी की पहचान, पीछा और एनकाउंटर यह बताता है कि अब सरकार जीरो टॉलरेंस पर सिर्फ बोलती नहीं, कार्रवाई करके दिखाती है। उन्होंने कहा कि अपराधियों ने पुलिस पर गोली चलाई, जवाब में उन्हें उसी भाषा में जवाब मिला। जो लोग कभी अपराधियों को संरक्षण देकर जंगलराज खड़ा करते थे, आज वही कानून व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। कलेजे पर फटाफट गोली- जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार जदयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कार्यपालक अधिकारी की हत्या पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रामधनी यादव को अपराध का सनक चढ़ गया था। सुल्तानगंज के नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी का परिवार और उनके बच्चे रो रहे हैं। लोकतंत्र में जनता की अदालत से चुने गए सभापति पर गोलियों की बौछार करना। कानून का राज है। अभी तक तो पैर पर गोली लग रही थी। पुलिस पर हमला करने की कोशिश की तो कलेजे पर फटाफट गोली…फटाफट गोली। अपराध करोगे तो ना सिर्फ कड़ा अंजाम होगा बल्कि मुकम्मल ऐसी कार्रवाई होगी कि बिहार नजीर के तौर पर दिखेगा। ईओ के घर चीख-पुकार इधर बुधवार को करीब 10 बजे जैसे ही कार्यपालक पदाधिकारी का पार्थिव शरीर उनके पैतृक घर पहुंचा तो वहां कोहराम मच गया। नगर आयुक्त उमेश भारती, सदर एसडीओ चंदन कुमार झा, सदर एसडीपीओ अमित कुमार, ट्रैफिक डीएसपी सुजीत कुमार, पुलिस लाइन डीएसपी जितेन्द्र प्रसाद, नगर थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर मनोज कुमार, ट्रैफिक थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर नीलमणि रंजन, नगर पंचायत जयनगर के कार्यपालक पदाधिकारी सुनील कुमार, बेनीपट्टी नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी गौतम आनंद एवं अन्य पुलिस व प्रशासनिक अफसर वहां मौजूद थे। मृतक की पत्नी, भाई सूर्यभूषण कुमार, अजय कुमार एवं घर के अन्य सदस्यों का रो रोकर बुरा हाल था। हत्याकांड का मुख्य आरोपी रामधनी यादव मारा गया सुल्तानगंज नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कृष्ण भूषण कुमार हत्याकांड के मुख्य अभियुक्त और नगर परिषद की उपसभापति नीलम देवी के पति रामधनी यादव का पुलिस ने एनकाउंटर कर दिया है। अभियुक्त के साथ मुठभेड़ में पुलिस के तीन पदाधिकारी भी जख्मी हुए हैं जिनमें डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर नवनीत कुमार, सुल्तानगंज इंस्पेक्टर मृत्युंजय कुमार और तकनीकी शाखा प्रभारी परमेश्वर सब शामिल हैं।

रोहित शर्मा की वापसी से बदलेगा मैच का रुख? मुंबई की नजर जीत पर

मुंबई पांच बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस आईपीएल 2026 के 41वें मैच में सनराइजर्स हैदराबाद से भिड़ेगी। यह मुकाबला बुधवार को वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा। मुंबई इंडियंस इस सीजन में अपनी लय पाने के लिए संघर्ष कर रही है। इस टीम ने अब तक 7 में से 5 मुकाबले गंवाए हैं। सिर्फ 4 प्वाइंट्स के साथ एमआई प्वाइंट्स टेबल में 9वें स्थान पर मौजूद है। रोहित शर्मा के खेलने की उम्मीद अपने पिछले मुकाबले में एमआई को चेन्नई सुपर किंग्स के विरुद्ध 103 रन से हार का सामना करना पड़ा था। आईपीएल के इतिहास में अपनी सबसे बड़ी हार झेलने के बाद मुंबई इंडियंस इस मुकाबले में उतर रही है। हैमस्ट्रिंग की इंजरी की वजह से रोहित शर्मा तीन मैचों से प्लेइंग इलेवन से बाहर हैं। उम्मीद की जा रही है कि रोहित इस मैच में खेल सकते हैं। हैदराबाद लगातार चार मैच जीत चुकी आईपीएल 2016 की चैंपियन सनराइजर्स हैदराबाद ने खराब शुरुआत के बाद अपनी किस्मत बदली है। शुरुआत में चार में से तीन मैच हारने के बाद, उन्होंने अगले चार मुकाबलों में जीत दर्ज की हैं। एसआरएच आठ मुकाबलों में 5 जीत के साथ प्वाइंट्स टेबल में तीसरे स्थान पर है। यह टीम राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ 5 विकेट से जीत हासिल करने के बाद इस मुकाबले में उतर रही है। एसआरएच की निगाहें जीत की लय को बरकरार रखते हुए टॉप-4 में अपनी स्थिति और मजबूत करने पर होंगी। सनराइजर्स हैदराबाद और मुंबई इंडियंस के बीच अब तक कुल 25 आईपीएल मैच खेले गए हैं, जिसमें एमआई का पलड़ा भारी रहा है। इस टीम ने 15 मुकाबले अपने नाम किए हैं, जबकि 10 मैच एसआरएच के पक्ष में रहे। इस प्रकार हैं दोनों टीमें सनराइजर्स हैदराबाद: अभिषेक शर्मा, ट्रेविस हेड, ईशान किशन (कप्तान), हेनरिक क्लासेन, सलिल अरोड़ा (विकेटकीपर), अनिकेत वर्मा, नितीश कुमार रेड्डी, शिवांग कुमार, हर्ष दुबे, साकिब हुसैन, ईशान मलिंगा, दिलशान मदुशंका, स्मरण रविचंद्रन, प्रफुल हिंगे, लियाम लिविंगस्टोन, हर्षल पटेल, जयदेव उनादकट, कामिंडु मेंडिस, जीशान अंसारी, शिवम मावी, गेराल्ड कोएत्जी, क्रेन्स फुलेट्रा, ओंकार तरमाले, अमित कुमार। मुंबई इंडियंस: क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), दानिश मालेवार, नमन धीर, सूर्यकुमार यादव, तिलक वर्मा, हार्दिक पंड्या (कप्तान), शेरफेन रदरफोर्ड, केशव महाराज, कृष भगत, जसप्रीत बुमराह, एएम गजनफर, अश्विनी कुमार, राज बावा, कॉर्बिन बॉश, मयंक रावत, रघु शर्मा, रोहित शर्मा, दीपक चाहर, ट्रेंट बोल्ट, शार्दुल ठाकुर, विल जैक्स, मयंक मारकंडे, रयान रिकेलटन, रॉबिन मिंज, मोहम्मद सलाहुद्दीन इजहार।

मोदी सरकार ने 6 साल में 9 देशों के साथ की ‘खास डील’, ट्रंप के टैरिफ का किया मुकाबला

नई दिल्ली रूस-युक्रेन की बीच युद्ध हो, इजरायल-फिलिस्तीन का संघर्ष हो, अमेरिका-ईरान की जंग हो या फिर दुनिया को डराने वाला ट्रंप टैरिफ, बीते कुछ सालों में तमाम ग्लोबल चुनौतियां सामने आई हैं, लेकिन भारतीय अर्थव्यवस्था (Indian Economy) की रफ्तार तेज बनी हुई है. दुनिया ने भारत का लोहा माना है और ऐसा हो भी क्यों न आखिर जब दुनिया ट्रेड से लेकर महंगाई तक के जोखिम से जूझती रही, तो मोदी सरकार ने एक के बाद एक कमाल किया. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि बीते छह सालों में भारत ने 9 देशों के साथ फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट यानी FTA साइन किए हैं, जो अमेरिकी टैरिफ की काट साबित हुए हैं. सबसे ताजा डीन न्यूजीलैंड के साथ की गई है।  दनादन सरकार द्वारा तमाम देशों के साथ किए जा रहे एफटीए से जहां भारतीय सामानों के निर्यात के लिए नए और बड़े बाजार मिल रहे हैं, तो वहीं आयात पर सीमित निर्भरता भी कम हो रही है. इसके अलावा भारत में निवेश आने के रास्ते खुले हैं और रोजगार के अवसर बढ़ाने में भी ये कारगर साबित हो रहे हैं।  UK से लेकर EU तक से एफटीए इससे पहले भारत ने कई देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन किए हैं. इनमें मॉरिसस, ब्रिटेन से लेकर यूरोपीय यूनियन (EU) तक के साथ किए गए एफटीए शामिल हैं।   नंबर-1: नंबर में मोदी सरकार ने मॉरिसस के साथ समझौता (India-Mauritius FTA) किया था और ये पहली बार था जबकि भारत ने किसी अफ्रीकन देश के साथ FTA किया था।  नंबर-2: 2022 में भारत और संयुक्त अरब अमीरात के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन किया गया था. इस FTA के चलते जो टारगेट सेट किया गया था, उसके अनुरूप दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को FY 2025 तक 100 अरब डॉलर पहुंचा।  नंबर-3: 2022 में ही भारत ने एक और डील डन की. इस बार भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर सहमति बनी और इस पर साइन किए गए. ये भारत द्वारा किया गया ऐसा पहला एफटीए थी, जिसमें 100 फीसदी निर्यात पर टैरिफ जीरो किया गया।  नंबर-4: 2024 के मार्च महीने की 10 तारीख को भारत और ईएफटीए (EFTA – स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड, लिकटेंस्टीन) देशों के बीच व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते (TEPA) पर साइन किए गए. ये समझौता 1 अक्टूबर 2025 से प्रभावी हुआ. इसका लक्ष्य 15 साल में भारत में 100 अरब डॉलर का निवेश लाना रहा।  नंबर-5: 2025 में भारत और ब्रिटेन के बीच समझौता हुआ. जुलाई महीने में दोनों देशों ने  ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर साइन किए. इस एफटीए के तहत भारत के 99% निर्यात किए जाने वाले सामानों को ब्रिटेन में ड्यूटूी फ्री एक्सेस मिलने की राह पक्की हुई. इसके अलावा इस डील का उद्देश्य India-UK के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक 120 अरब डॉलर तक ले जाना है।  नंबर-6: 2025 के अंत में यानी दिसंबर महीने में फिर मोदी सरकार ने एक डील को अंजाम तक पहुंचा दिया. Trump Tariff को लेकर दुनिया में फैले खौफ के बीच भारत और ओमान के बीच व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (India-Oman CEPA) पर साइन किए गए. इसके तहत ओमान भारत को अपनी 98.08% टैरिफ लाइनों तक टैरिफ फ्री (Tariff Free) पहुंच प्रदान करेगा. इसमें भारत द्वारा ओमान को निर्यात की जाने वाली 99.38% वस्तुएं शामिल है. वहीं दूसरी ओर भारत ने अपनी कुल टैरिफ लाइन में से 77.79% पर शुल्क में राहत की पेशकश की है, जो ओमान से आयात होने वाले 94.81% सामान को कवर करती है।  नंबर-7: 2026 की शुरुआत यानी जनवरी महीने में भारत ने यूरोपीय संघ के साथ एक ऐतिहासिक डील की. India-EU FTA को 'मदर ऑफ ऑल डील्स' (Mother Of All Deals) कहा गया. डील के तहत भारतीय निर्यातकों को यूरोपीय संघ के देशों में जीरो टैरिफ एक्सपोर्ट (Zero Tariff Export) का एक्सेस मिला. ये डील सबसे ज्यादा कपड़ा-परिधान सेक्टर के लिए फायदे का सौदा है, क्योंकि अमेरिका के बाद इस सेक्टर में भारतीय निर्यात के लिए ईयू सबसे बड़ा मार्केट है, जिसका आकार 22 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है. इसके अलावा देशों ने इस डील के तहत अपने मार्केट एक-दूसरे के लिए खोलने पर सहमति जताई और दोनों के 90 फीसदी तक प्रोडक्‍ट्स पर टैरिफ कम या समाप्‍त करने का ऐलान हुआ।  नंबर-8: 2026 में फरवरी महीने में टैरिफ से दुनिया को डराने वाले अमेरिका और भारत के बीच अंतरिम व्‍यापार समझौते के फ्रेमवर्क पर सहमति बनी. दोनों देशों ने कई चीजों को लेकर अपनी सहमति जाहिर की है. अमेरिका ने भारत पर रूसी तेल खरीद के कारण लगे एक्‍स्‍ट्रा 25 प्रतिशत टैरिफ को हटा दिया और रेसिप्रोकल टैरिफ को भी 25 फीसदी से घटाकर 18 फीसदी कर दिया है, जो 7 फरवरी से प्रभावी है।  नंबर-9: भारत द्वारा सबसे ताजा एफटीए यानी Free Trade Agreement न्यूजीलैंड के साथ हुआ है और इस पर 27 अप्रैल को साइन किए गए हैं. India-New Zealand FTA पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के ट्रेड मिनिस्टर टॉड मैक्ले ने साइन किए. सबसे खास बात ये है कि ये समझौता महज 9 महीनों में हो गया. ये फ्री ट्रेड एग्रीमेंट इस साल के अंत तक लागू हो सकता है।  FTA के तहत न्यूजीलैंड भारत को अपने बाजार में जीरो टैरिफ (Zero Tariff) एंट्री देगा और भारत से जाने वाले करीब 95% टैरिफ फ्री या कम टैरिफ से साथ पहुंचेंगे. इस डील का टारगेट दोनों देशों के बीच के द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 5 अरब डॉलर तक ले जाना है. इसके अलावा न्यूजीलैंड अगले 15 साल में भारत में 20 अरब डॉलर का निवेश करेगा। 

पारंपरिक नजराना पर कोर्ट सख्त, अवैध वसूली को बताया अपराध

प्रयागराज इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ट्रांसजेंडरों (किन्नरों) के पारंपरिक बधाई उपहारों को लेकर दिए एक अहम आदेश में कहा है कि उनके पास ऐसे उपहार या पारंपरिक भेंट (नजराना) लेने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है। रेखा देवी बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के केस में 15 अप्रैल को दिए इस महत्वपूर्ण फैसले में, न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ ने किन्नर रेखा देवी द्वारा अन्य किन्नरों द्वारा कथित रूप से अपने ‘क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र’ के अतिक्रमण के खिलाफ सुरक्षा की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस केस में याचिकाकर्ता ने तर्क दिया था कि इस प्रकार की वसूली कई सालों से हो रही थी। इसे प्रथागत अधिकार का दर्जा प्राप्त था। हालांकि मामले की सुनवाई के बाद हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि इस तरह की भेंट लेने का कोई कानूनी आधार नहीं है। न्यायाधीश ने कहा, ‘कानून के अनुसार ही किसी व्यक्ति से धन, कर, शुल्क या उपकर वसूले जा सकते हैं। इस तरह की अनुमति देने वाला कोई वैध या कानूनी आधार नहीं है।’ कोर्ट ने कहा कि इस मामले में याचिकाकर्ता द्वारा मांगे गए ऐसे अधिकार कानून द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं हैं। भारत के संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत न्यायालय अपने अधिकार का प्रयोग करते हुए, कानून के समर्थन के बिना याचिकाकर्ता के कृत्यों को वैध नहीं ठहरा सकता।’ इलाहाबाद हाई कोर्ट ने फैसले देते हुए यह भी कहा कि किसी नागरिक को केवल उतनी ही कर, उपकर या शुल्क का भुगतान करने का निर्देश दिया जा सकता है, जिसे कानून के अनुसार उससे वैध रूप से वसूला जा सकता है। कोर्ट ने याचिका में की गई प्रार्थना को अस्वीकार कर दिया और कहा कि इस प्रकार धन की वसूली को किसी भी तरह से वैध नहीं ठहराया जा सकता। अवैध वसूली है अपराध हाई कोर्ट ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता के प्रति किसी प्रकार की नरमी बरती जाती है, तो संभव है कि कई अन्य व्यक्ति या गिरोह सक्रिय हों और व्यक्तियों से जबरन अवैध वसूली कर रहे हों। इस प्रकार की अवैध वसूली को देश में कानून द्वारा कभी भी मान्यता नहीं दी गई है। यह भारतीय न्याय संहिता के तहत एक अपराध है। एक-दूसरे के क्षेत्र के अतिक्रमण की हुई थी शिकायत इस मामले में अधिवक्ता संगीता वर्मा ने कोर्ट में याचिकाकर्ता का पक्ष रखा। कोर्ट को यह बताया गया था कि याचिकाकर्ता गोंडा जिले के किन्नर समुदाय से संबंध रखता है। वह लंबे समय से एक विशेष क्षेत्र में बकाया वसूलने के अपने पारंपरिक अधिकार का प्रयोग करता आ रहा है। याचिकाकर्ता के वकील ने कोर्ट में बताया कि गोंडा जिले में इसी तरह के किन्नर समुदाय के कुछ और लोग भी रहते हैं जो बधाई का काम करते हैं। वे एक-दूसरे के क्षेत्राधिकार का अतिक्रमण कर रहे हैं, जिसके चलते समुदाय के सदस्यों के बीच शत्रुता और हिंसा पैदा हो रही है। हिंसा के भय से मांगी थी सुरक्षा इस मामले में याचिकाकर्ता ने हिंसा के भय के बिना बधाई का काम जारी रखने को अपना मौलिक अधिकारों बताते हुए उसकी रक्षा के लिए भारत के संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 के तहत संरक्षण का दावा किया था। याचिका में बधाई के लिए क्षेत्रों के सीमांकन का निर्देश देने की भी मांग की गई थी। नहीं किया जा सकता इस प्रथा का संरक्षण इस याचिका पर सुनवाई के बाद दिए फैसले में हाई कोर्ट ने कहा कि चूंकि बधाई वसूलने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है, इसलिए इस प्रथा का संरक्षण नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने ट्रांसजेंडर संरक्षण कानून में हाल ही में हुए परिवर्तनों पर भी ध्यान दिया। कोर्ट ने कहा- ‘हमने पाया है कि ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकार संरक्षण) अधिनियम, 2019 के प्रावधानों के अनुसार भी ऐसे किसी अधिकार के संरक्षण की मांग नहीं की गई है, हालांकि उक्त अधिनियम में ट्रांसजेंडर व्यक्ति को अपना लिंग निर्धारित करने का अधिकार दिया गया है। भारत की संसद में 2026 का एक नया विधेयक विचाराधीन है, जो किसी व्यक्ति के लिंग निर्धारण के संबंध में 2019 के अधिनियम से काफी भिन्न है।’

अनंत नगर योजना में फिर खुली बुकिंग, लॉटरी से होगा प्लॉट आवंटन

लखनऊ  उत्तर प्रदेश की लखनऊ में अगर आप एलडीए का प्लाॅट लेने को लेकर प्लान बना रहे हैं तो यह खबर आपके लिए है। लखनऊ विकास प्राधिकरण एक बार फिर अनंत नगर योजना के 498 प्लॉटों का पंजीकरण खोल दिया है। लखनऊ विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इस बाबत आदेश जारी कर दिये हैं। जिसके तहत 28 अप्रैल से 27 मई, 2026 तक भूखण्डों के लिए पंजीकरण खुलेगा। इसमें आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी और भूखण्डों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि मोहान रोड पर 785 एकड़ क्षेत्रफल में विकसित की जा रही अनंत नगर योजना में लगभग डेढ़ लाख लोगों के आशियाने का सपना साकार होगा। योजना का विकास अंतरराष्ट्रीय मानकों के अंतर्गत ग्रिड पैटर्न पर किया जा रहा है। जिसमें चौड़ी सड़कों के साथ निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए भूमिगत केबल बिछायी जा रही हैं। योजना में बड़े हिस्से में एडुटेक सिटी विकसित की जाएगी। वहीं, लगभग 130 एकड़ भूमि पर पार्कों व ग्रीन स्पेस का विकास किया जाएगा, जोकि योजना को पर्यावरण के अनुकूल एक हरा-भरा क्षेत्र बनाएगा। आलोक खण्ड में 493 प्लॉट अनंत नगर योजना में पहले 03 चरणों में 1283 भूखण्डों का आवंटन लॉटरी के माध्यम से किया जा चुका है। जिसमें 29 हजार से अधिक लोगों ने पंजीकरण धनराशि जमा कराके प्रतिभाग किया था। इस बार आलोक खण्ड के 493, आदर्श खण्ड के 04 और आकाश खण्ड के 01 भूखण्ड के लिए पंजीकरण खोला जा रहा है। उपाध्यक्ष ने बताया कि मंगलवार से पोर्टल लाइव हो जाएगा और लोग 27 मई 2026 तक भूखण्डों के लिए पंजीकरण करा सकेंगे। ऐसे करना होगा पंजीकरण आवेदन के लिए लोगों को लखनऊ विकास प्राधिकरण की वेबसाइट registration.ldalucknow.in पर लॉगइन करके पंजीकरण पुस्तिका खरीदनी होगी। जिसके बाद भूखण्ड के अनुमानित मूल्य की 05 प्रतिशत पंजीकरण धनराशि जमा कराके रजिस्ट्रेशन कराना होगा। सफलतापूर्वक पंजीकरण कराने वाले आवेदकों के मध्य भूखण्डों का आवंटन पारदर्शी प्रक्रिया के तहत लॉटरी के माध्यम से किया जाएगा। 03 श्रेणी के हैं प्लॉट अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा ने बताया कि चतुर्थ चरण में कुल 498 भूखण्डों के लिए पंजीकरण खोला जा रहा है। इसमें 288 वर्गमीटर के 155, 200 वर्गमीटर के 178 और 162 वर्गमीटर के 165 प्लॉट शामिल हैं। अनंत नगर योजना की विशेषताएं उत्कृष्ट सडकों का नेटवर्क 130 एकड़ में ग्रीन स्पेस स्वच्छ जल आपूर्ति भूमिगत लाइनों से निर्बाध विद्युत आपूर्ति ईवी चार्जिंग स्टेशन सामुदायिक केन्द्र सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट जीरो लिक्विड डिस्चाज

फर्जी एफडी से ग्रामीण बैंक में बड़ा घोटाला, कोर्ट ने आर्थिक अपराध को बताया गंभीर

 पटना  पटना हाईकोर्ट ने बैंकिंग धोखाधड़ी के एक बड़े मामले में आरोपी धर्मेंद्र कुमार सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान इसे व्यापक जनहित का विषय मानते हुए मामले को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष रखने का निर्देश दिया है।न्यायाधीश पूर्णेंदु सिंह की एकलपीठ ने स्पष्ट किया कि आर्थिक अपराध अलग श्रेणी के होते हैं। ऐसे मामलों में व्यक्तिगत स्वतंत्रता से अधिक सार्वजनिक हित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। करीब ₹1.89 करोड़ के गबन से जुड़े इस मामले को अदालत ने गंभीर मानते हुए न्यायिक हस्तक्षेप की आवश्यकता बताई। फर्जी एफडी के जरिए करोड़ों की हेराफेरी मामला उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के पूर्व कर्मी धर्मेंद्र कुमार सिंह से जुड़ा है, जिस पर 2013 से 2024 के बीच ग्रामीण ग्राहकों को फर्जी एफडी प्रमाणपत्र जारी कर सुनियोजित तरीके से धन की हेराफेरी करने का आरोप है। जांच में खुलासा हुआ कि कई मामलों में ग्राहकों की पासबुक में प्रविष्टि तो की गई, लेकिन बैंक के कोर बैंकिंग सिस्टम (सीबीएस) में खाते खोले ही नहीं गए। एक मामले में ₹15 लाख जमा करने वाले ग्राहक की राशि बैंक के आधिकारिक रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं पाई गई। अदालत ने टिप्पणी की कि यह धोखाधड़ी इतनी संगठित और तकनीकी रूप से जटिल थी कि करीब एक दशक तक इसका खुलासा नहीं हो सका। पैसे निकालने का प्रयास करते समय सामने आया मामला जब ग्राहकों ने अपनी जमा राशि निकालने का प्रयास किया, तब जाकर मामला सामने आया। कोर्ट ने कहा कि ऐसे व्हाइट कॉलर क्राइम न केवल सार्वजनिक विश्वास को कमजोर करते हैं। ये देश की आर्थिक व्यवस्था के लिए भी गंभीर खतरा हैं। साथ ही, अदालत ने स्पष्ट किया कि 2014 की स्टाफ अकाउंटेबिलिटी पॉलिसी में निर्धारित समय-सीमा का लाभ धोखाधड़ी या आपराधिक कृत्यों में नहीं दिया जा सकता। मामले की गंभीरता को देखते हुए अदालत ने अपने आदेश की प्रति भारतीय रिजर्व बैंक, गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय को भेजने का निर्देश दिया है तथा कार्रवाई रिपोर्ट की मांग की है।