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प्रियंका चाहर चौधरी की एंट्री से शो में बढ़ा टशन, खेसारी लाल और अभिषेक मल्हान आमने-सामने

इंडिया का सबसे बड़ा फिटनेस रियलिटी शो बैटलग्राउंड सीजन 2 जल्द लौट रहा है. 16 खिलाड़ी मिट्टी से मेडल तक का सफर तय करेंगे. दूसरा सीजन और भी धमाकेदार होने वाला है. शो का टीजर रिलीज हो गया है. 4 नई टीमों को इंट्रोड्यूस किया गया है. टीवी की नागिन यानी प्रियंका चाहर चौधरी ने रियलिटी शो में धमाकेदार एंट्री मारी है. फिर शुरू होगा बैटलग्राउंड प्रियंका मुंबई स्ट्राइकर्स की ऑनर होंगी. भोजपुरी भौकाल्स को खेसारी लाल यादव लीड करेंगे. दिल्ली डोमिनेटर्स के मालिक पिछली बार की तरह अभिषेक मल्हान होंगे. तेलुगू टाइगर्स को कबड्डी प्लेयर राहुल चौधरी लीड करने वाले हैं. शिखर धवन ने सुपरमेंटर बनकर वापसी की है. वो अपने एक्सपीरियंस से शो के कंटेस्टेंट्स की मदद करेंगे. बैटलग्राउंड में 16 कंटेस्टेंट्स को 4 टीमों में डिवाइड किया जाएगा. उन्हें इंटेंस फिजीकल और मेंटल चुनौतियों से गुजरना पड़ेगा. 'फाइट क्लब वीकेंड' में होने वाली बैटल कंटेस्टेंट्स के एलिमिनेशन का फैसला करेगी. आखिर में इंडिया को उसका अल्टीमेट फिटनेस स्टार मिलेगा. पहला सीजन अभिषेक मल्हान की टीम ने जीता था.   टीजर में मेंटर्स का टशन देखने को मिला. खेसारी का  कहना है माहौल बढ़िया है, कंटेंस्टेंट्स भी तगड़े हैं. एक्टर ने आते ही अपने विरोधी मेंटर्स पर निशाना साधा है. भोजपुरी स्टार ने कहा- इन मेंटर्स को कहां से उठाकर ले आए हो? यहां पर कैमरा देखकर हैलो फ्रेंड्स थोड़ी कहना है? यहां उनका इशारा अभिषेक मल्हान पर था. यूट्यूबर ने भी कहां चुप रहना था. उन्होंने खेसारी को तगड़ा जवाब देते हुए कहा- ये पलंग पर चढ़कर कमर लचकाने का शो नहीं है. उन्हें बोलो नए आए हो थोड़ा चिल करो. प्रियंका चाहर चौधरी का भी टशन दिखा. उन्होंने भी अभिषेक पर तंज कसते हुए कहा- हम कोई नए नहीं हैं. ये पहले पूरी दुनिया का मजाक बनाते हैं, लेकिन इन्हें कोई छेड़ दे तो ट्रिगर हो जाते हैं. क्या हल्का इंसान है. कबड्डी प्लेयर राहुल चौधरी भी फुल ऑन जोश में दिखे. सभी मेंटर्स का टशन देखकर फैंस एक्साइटेड हो गए हैं. खेसारी ने कहा- इन सबकी बहुत जुबान चल रही है, लगता है भोजपुरी अंदाज में आना ही पड़ेगा. बैटलग्राउंड सीजन 2, 17 अप्रैल से अमेजन एमएक्स प्लेयर पर देखा जा सकता है. 

पंचायत से संसद तक महिलाओं की भागीदारी पर जोर, संजय सेठ ने किया संबोधन

रांची झारखंड के रांची में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर मंगलवार को आर्यभट्ट सभागार मोरहाबादी में सम्मेलन हुआ. इसमें हजारों महिलाएं शामिल हुईं. पूरा हॉल महिलाओं से खचाखच भरा था. नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर मौजूद जनसमूह ने पीएम नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया. ‘पंचायत से पार्लियामेंट तक, निर्णय में नारी, नव भारत की तैयारी’ थीम पर आधारित यह कार्यक्रम पूरी तरह से नारी शक्ति को समर्पित रहा. पंचायत से पार्लियामेंट तक के निर्णय में होगी नारी: संजय सेठ कार्यक्रम का आयोजन रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ की ओर से किया गया. संजय सेठ ने कहा कि यह भव्य आयोजन न केवल नारी शक्ति के सम्मान और सशक्तीकरण का प्रतीक बना, बल्कि यह संदेश भी दिया कि विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है. पंचायत से पार्लियामेंट तक के निर्णय में नारी होंगी. संजय सेठ ने कहा कि यह सिर्फ अधिनियम नहीं है. यह इस सपने के पूरा होने जैसा है, जो आजादी के बाद हमारे देश की मातृ शक्ति देखती थीं. बाबूलाल मरांडी ने क्या कहा? प्रतिपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी ने कहा कि केवल भारत देश में ही शक्ति की देवी के रूप में नारी की पूजा होती है. महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने काम किया है. निर्णय की प्रक्रिया में महिलाओं की भागीदारी होगी. मौके पर रांची की महापौर रोशनी खलखो, रांची विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो सरोज शर्मा, विनीता सिंघानिया, विजयश्री साबू, लेखिका पुष्पा सहाय और उषा जालान सहित अलग-अलग संस्था से जुड़ी महिलाएं मौजूद थीं. महिलाओं के सम्मान में सीढ़ी पर बैठे रक्षा राज्यमंत्री कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के सम्मान में रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ मंच के सामने सीढ़ी पर बैठे नजर आए. उन्होंने सम्मेलन में आईं महिलाओं का स्वागत फूल वर्षा कर किया. कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के महत्व पर विस्तार से बताया. इसे महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया. साथ ही महिलाओं को दिए गए आरक्षण के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया गया. पदयात्रा में 4000 से अधिक महिलाएं हुईं शामिल सम्मेलन के बाद आर्यभट्ट सभागार से पदयात्रा निकाली गई. इसमें 4000 से ज्यादा महिलाओं ने भाग लिया. यह पदयात्रा मोरहाबादी स्थित बापू वाटिका तक निकाली गई. इस दौरान राष्ट्रपिता को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए और नारी सशक्तीकरण का संकल्प दोहराया गया.

महिला आरक्षण लागू करने की तैयारी तेज, हर तीसरी सीट पर होंगी महिला प्रतिनिधि

चंडीगढ़ केंद्र सरकार ने लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं को एक तिहाई यानी 33 फीसदी आरक्षण लागू करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके लिए एक साथ तीन विधेयक लाए जा रहे हैं। इसमें एक विधेयक परिसीमन आयोग के गठन से जुड़ा है। जिसका उद्देश्य सीटों व चुनावी क्षेत्र की सीमाओं का नए सिरे से निर्धारण करना है। परिसीमन के बाद ही महिला आरक्षण को लागू किया जा सकेगा। नए परिसीमन के तहत राज्यों में लोकसभा सीटों की संख्या बढ़कर 850 हो जाएगी। इनमें से 815 सीटें राज्यों में और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों में होंगी। अभी लोकसभा में 543 सीटें हैं। हरियाणा की भी लोकसभा की सीटें 10 से बढ़कर 15 हो जाएंगी।   अभी लोकसभा की हैं 10 सीटें सीटों के मौजूदा बंटवारे को देखें तो हरियाणा के पास लोकसभा की कुल 543 में से 1.89 फीसदी यानी 10 सीटें हैं। अगर 815 सदस्यों वाली लोकसभा में भी यह अनुपात बरकरार रखा जाता है, तो हरियाणा के पास 15 सीटें होंगी, जिनमें से 5 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। वहीं, विधानसभा में अभी 90 सीटें हैं, नए परिसीमन के हिसाब से बढ़कर 119 या 120 सीटें हो जाएंगी। इनमें से 40 सीटें सिर्फ महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। यानी लोकसभा हो या विधानसभा में हर तीसरी सीट महिला प्रतिनिधि की होगी। नए परिसीमन व लोकसभा व विधानसभा में 33 फीसदी आरक्षण लागू होने की कार्यवाही को आगे बढ़ाने की बात से पूरे हरियाणा में हलचल तेज हो गई है। हरियाणा को विधानसभा का नया भवन जरूरी होगा विधानसभा की सीटें बढ़ने से 2029 से पहले हरियाणा को नए विधानसभा की भी आवश्यकता पड़ेगी। वर्तमान विधानसभा भवन नए परिसीमन के हिसाब से छोटा पड़ेगा। इसमें विधायकों, अधिकारियों और मीडिया के लिए पर्याप्त स्थान और सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, जिससे कार्य संचालन में कई बार कठिनाई आती है। पिछले कई वर्षों से हरियाणा सरकार इस दिशा में नए भवन के निर्माण या वैकल्पिक व्यवस्था को लेकर प्रयासरत रहे हैं। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष ज्ञान चंद गुप्ता के कार्यकाल के दौरान चंडीगढ़ प्रशासन के साथ नई जमीन के लिए भूमि आदान-प्रदान को लेकर बातचीत लगभग अंतिम चरण तक पहुंच चुकी थी। हालांकि, यह प्रक्रिया पूरी तरह आगे नहीं बढ़ पाई। फरीदाबाद, गुरुग्राम व सोनीपत में सबसे ज्यादा सीटें बढ़ेगी नए परिसीमन के हिसाब से गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत व करनाल जिले में विधानसभा की सबसे ज्यादा सीटें बढ़ेंगी। 2011 के जनसंख्या के अनुसार फरीदाबाद जिले की आबादी 18 लाख से ज्यादा है। वहीं, गुरुग्राम की 15 लाख, करनाल की 15 लाख और सोनीपत की साढ़े 14 लाख आबादी है। ये सारे शहर शहरी इलाके हैं। ऐसे में अब हरियाणा में शहरी विधानसभा क्षेत्र ज्यादा होंगे। यानी हरियाणा में राजनीति जो अभी ग्रामीण क्षेत्रों पर केंद्रित है, अब वह शहरी केंद्रित हो सकती है। इससे खासकर क्षेत्रीय दलों के सामने नया संकट आ सकता है। क्षेत्रीय दलों की राजनीति मुख्य रूप से ग्रामीण इलाकों पर ही केंद्रित रहती है।  

सीलबंद Maaza में प्लास्टिक मिला, आयोग का बड़ा फैसला

  जैसलमेर खाने-पीने की चीजों में लापरवाही बरतने जैसलमेर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक कंपनी को कड़ा सबक सिखाया है. माजा (Maaza) कोल्ड ड्रिंक की सीलबंद बोतल में प्लास्टिक का टुकड़ा मिलने के मामले में आयोग ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित कंपनी और विक्रेताओं पर कुल 2.50 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया है. साथ ही आयोग ने परिवादी को क्षतिपूर्ति रकम के तौर पर 40 हजार रुपये और परिवाद लड़ने में हुए खर्च के तौर पर 10 हजार रुपये अलग से देने का आदेश दिया है. माजा की बोतल में प्लास्टिक का टुकड़ा दरअसल, 16 जुलाई 2025 को जैसलमेर के डिब्बा पाड़ा निवासी तुषार पुरोहित ने स्थानीय विक्रेता 'शिवम् मार्केटिंग' से माजा कोल्ड ड्रिंक की एक पूरी केरेट खरीदी थी. जब उन्होंने बोतलों की जांच की तो वह यह देखकर दंग रह गए कि माजा कोल्ड ड्रिंक की बोतल पूरी तरह सीलबंद थी, लेकिन उसके अंदर प्लास्टिक या पॉलीथिन जैसी कोई चीज नजर आई. इस पर ताषर ने स्वास्थ्य के साथ इसे खिलवाड़ लापरवाही मानते हुए जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज करवाई. मामले की सुनवाई के दौरान परिवादी ने वह सीलबंद बोतल साक्ष्य के तौर पर आयोग के सामने पेश की. आयोग के अध्यक्ष पवन कुमार ओझा और सदस्य रमेश कुमार गोड की पीठ ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनी होने के बावजूद गुणवत्ता में कमी गंभीर लापरवाही है. निरीक्षण में कोल्ड ड्रिंक की बोतल के अंदर बाहरी पदार्थ मिलने की पुष्टि हुई. परिवादी को 40 हजार रुपये देने का आदेश साक्ष्यों और बहस के आधार पर आयोग ने 9 अप्रैल 2026 को कंपनी को दोषी ठहराते हुए फैसला सुनाया. आयोग ने कंपनी को परिवादी को 40,000 रुपए क्षतिपूर्ति राशि और 10,000 रुपए परिवाद व्यय देने के निर्देश दिए. साथ ही उत्पाद की गुणवत्ता में गंभीर कमी को देखते हुए 2 लाख रुपए राज्य उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा कराने का आदेश भी दिया गया. परिवादी के अधिवक्ता प्रथमेश आचार्य ने कहा कि यह फैसला उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है.

बायोमेट्रिक गड़बड़ी और पेपर लीक साजिश का खुलासा, केंद्राधीक्षक निलंबित

मुंगेर मुंगेर में सहायक शिक्षा विकास पदाधिकारी भर्ती परीक्षा के दौरान मंगलवार को बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। जिले के 20 परीक्षा केंद्रों पर कड़ी निगरानी के बीच चल रही परीक्षा में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार ‘मुन्ना भाई’ को गिरफ्तार किया। सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है, जबकि 18 अन्य संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।  दो पालियों में हुई परीक्षा, कड़ी जांच के बाद मिला प्रवेश यह परीक्षा बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से दो पालियों में आयोजित की गई। पहली पाली सुबह 10 बजे से 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक चली। परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए सभी केंद्रों पर सख्त व्यवस्था की गई थी। परीक्षार्थियों को पहली पाली के लिए सुबह 8 से 9 बजे के बीच और दूसरी पाली के लिए दोपहर 1 से 1:30 बजे के बीच ही कड़ी जांच के बाद प्रवेश दिया गया।  बायोमेट्रिक जांच में गड़बड़ी, केंद्राधीक्षक निलंबित इसी बीच उपेंद्र ट्रेनिंग एकेडमी स्थित परीक्षा केंद्र पर बड़ी लापरवाही सामने आई। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि बायोमेट्रिक सत्यापन में लगी एजेंसी के प्रतिनिधि मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे थे, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। इस पर तुरंत कार्रवाई करते हुए केंद्राधीक्षक अर्चना कुमारी को निलंबित कर दिया गया। उन पर परीक्षा की शुचिता बनाए रखने में असफल रहने और दिशा-निर्देशों का पालन नहीं करने का आरोप है।  अलग-अलग केंद्रों से चार फर्जी परीक्षार्थी गिरफ्तार पुलिस ने अलग-अलग केंद्रों से चार फर्जी परीक्षार्थियों को गिरफ्तार किया है। इनमें भगत चौकी के सुजल कुमार, पटना के समीर कुमार, कहलगांव के प्रशांत कुमार और लड़ैयाटाड़ बंगलवा के प्रियांशु कुमार शामिल हैं। ये सभी असली अभ्यर्थियों की जगह परीक्षा देने पहुंचे थे। छापेमारी के दौरान इनके पास से मोबाइल और टैब भी बरामद किए गए।  संगठित गिरोह और पेपर लीक की साजिश का खुलासा पुलिस अधीक्षक सैयद इमरान मसूद ने बताया कि जिला शिक्षा पदाधिकारी की शिकायत पर कार्रवाई की गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि एक संगठित गिरोह स्थानीय युवकों को हायर कर परीक्षा में बैठाने की साजिश रच रहा था। साथ ही प्रश्नपत्र लीक कराने की भी कोशिश की जा रही थी।  128 अभ्यर्थियों को दी गई विशेष ट्रेनिंग जांच में यह भी सामने आया है कि राजस्थान की एक नोडल एजेंसी ने 128 अभ्यर्थियों को विशेष प्रशिक्षण दिया था, ताकि वे परीक्षा में शामिल होकर फर्जी तरीके से सफलता हासिल कर सकें। बायोमेट्रिक क्लियर कराने के लिए सुजल कुमार को एजेंट बनाया गया था, जिसने असली अभ्यर्थियों की जगह मुन्ना भाई बैठा दिए।  मास्टरमाइंड की तलाश जारी, और खुलासों की आशंका इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड अंबे चौक स्थित एक कोचिंग संचालक ए.के. राठौर को माना जा रहा है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल सभी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और निगरानी और कड़ी कर दी गई है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि परीक्षा में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी और विश्वसनीय बनी रहे।  

नागिन 7 में अक्षय कुमार का नाग गुरु अवतार, टेलीप्रॉम्पटर को लेकर हुए ट्रोल

नागिन 7 दर्शकों का फेवरेट बना हुआ है. बीते वीकेंड में अक्षय कुमार अपनी अपकमिंग फिल्म भूत बंगला को प्रमोट करने पहुंचे थे. वो नाग गुरु के रूप में दिखे. अपने करियर में इससे पहले शायद ही खिलाड़ी कुमार ने कभी नाग गुरु का रोल किया होगा. शो की नागिन अनंता यानी प्रियंका चाहर चौधरी को खिलाड़ी कुमार ने ड्रैगन यमन को खात्म करने का रास्ता सुझाया. ट्रोल हुए अक्षय कुमार शो की क्लिप वायरल हो रही है. लेकिन इंटरनेट यूजर्स ने अपनी पैनी नजरों से खिलाड़ी कुमार की एक गलती पकड़ ली है. एक क्लिप सामने आई है जिसमें वो टेलीप्रॉम्पटर देखकर अपनी लाइन्स पढ़ते दिखे. इंडस्ट्री में इतने सालों का करियर होने के बाद अक्षय का अपनी लाइनों को याद करने की बजाय उन्हें टेलीप्रॉम्पटर की मदद से पढ़ना यूजर्स को खटका है. वायरल वीडियो में अक्षय कुमार जिस तरह से अपनी आंखों को मूव करते हुए डायलॉग रीड कर रहे हैं, वो कई यूजर्स को फनी लगा है. साफ नजर आता है अक्षय किसी चीज को देखकर लाइन्स पढ़ रहे हैं. शख्स ने लिखा- डायलॉग को न्यूज एंकर की तरह पढ़ना अजीब है. थोड़ी और मेहनत करने से ये लाइन्स नैचुरल लग सकती थीं. एक्टर्स अपनी लाइनें ही अच्छे से नहीं पढ़ पा रहे हैं. हालांकि फैंस ने एक्टर को डिफेंड किया. यूजर ने लिखा- उनका कहना है अक्षय ने फिल्म प्रमोशन के बिजी शेड्यूल की वजह से नागिन 7 में अपने पार्ट को जल्दी से रैप किया होगा. वो इतने बिजी एक्टर हैं कि लाइनें याद करने का उन्हें टाइम नहीं होगा. तभी उन्होंने टेलीप्रॉम्पटर देखकर अपना शूट खत्म किया. वैसे टेलीप्रॉम्पटर देखकर डायलॉग बोलना आम बात है. कई एक्टर्स ऐसा करते हैं. लेकिन सीन करते हुए ये नजर आना कि आप टेलीप्रॉम्पटर को देख रहे हैं, यहां भारी चूक हो जाती है. खिलाड़ी कुमार के साथ भी ऐसा ही हुआ है. इससे पहले मूवी सरफिरा और कनप्पा में यूजर्स ने एक्टर को टेलीप्रॉम्पटर की मदद से अपनी लाइनें पढ़ते हुए नोटिस कर लिया था. अक्षय के वर्कफ्रंट की बात करें तो उनकी फिल्म भूत बंगला सिनमाघरों में 17 अप्रैल को रिलीज हो रही है. फिल्म में तब्बू, परेश रावल, वामिका गब्बी, राजपाल यादव अहम रोल में हैं. एक्टर की वेलकम टू द जंगल, हेरा फेरी 2, हैवान और स्त्री 3 पाइपालइन में हैं.

बैंक खाता अनफ्रीज कराने के नाम पर रिश्वत मांगने वाला गिरोह गिरफ्तार

सतनाली साइबर क्राइम के नाम पर ठगी और रिश्वतखोरी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बैंक खाता अनफ्रीज कराने के बदले पैसे मांगने वाले दो आरोपियों को मंगलवार देर शाम एंटी करप्शन ब्यूरो ने महावीर चौक से रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से 10 हजार रुपये की रिश्वत राशि भी बरामद की गई है। सतनाली क्षेत्र के जवाहर नगर निवासी नीरज ने बताया कि उसका बैंक खाता फ्रीज हो गया था। इसी दौरान उसे उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर स्थित साइबर क्राइम शाखा से कॉल आई जिसमें खाता अनफ्रीज कराने के बदले 10 हजार रुपये की मांग की गई। नीरज ने इसकी शिकायत एसीबी को दी, जिसके बाद टीम ने जाल बिछाया। योजना के तहत नीरज ने आरोपियों को पैसे देने के लिए महावीर चौक बुलाया। जैसे ही उसने 10 हजार रुपये दिए टीम ने मौके पर पहुंचकर गौरव नामक युवक को रंगे हाथों पकड़ लिया। उसके पास से 500-500 रुपये के 20 नोट बरामद किए गए। पूछताछ के दौरान गौरव की निशानदेही पर एसीबी ने जितेंद्र नाम के दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया कि जितेंद्र, सुल्तानपुर साइबर ब्रांच के आईओ सत्येंद्र का भाई है। तहसीलदार अजय कुमार ने बताया कि उन्हें ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। उनकी मौजूदगी में पूरी कार्रवाई की गई । इस दौरान दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है।  

Udaipur में अचानक तापमान उछाल, मौसम विभाग ने दी हीटवेव की चेतावनी

  जैसलमेर राजस्थान के जैसलमेर में भीषण गर्मी पड़ने लगी है. तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, और इसका असर आम जनजीवन पर साफ दिखाई दे रहा है. सोमवार को अधिकतम तापमान 41.4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन में अब तक का सबसे ज्यादा है. दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं ने हालात और भी मुश्किल कर दिए. सड़कों पर सन्नाटा नजर आया और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले.   आने वाले समय में और बढ़ेगा तापमान शहर के विभिन्न इलाकों में लगाए गए प्याऊ और मटकी का ठंडा पानी राहगीरों के लिए राहत का जरिया बन रहा है. लोग रुककर पानी पीते नजर आ रहे हैं, जिससे कुछ हद तक गर्मी से राहत मिल रही है. मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी हो सकती है. ऐसे में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को सावधानी बरतने, दोपहर में धूप से बचने और ज्यादा से ज्यादा तरल पदार्थ लेने की सलाह दी गई है. उदयपुर के तापमान में अचानक उछाल उदयपुर में पिछले तीन दिनों में तापमान में अचानक उछाल देखने को मिला हैं. सोमवार को तापमान 39.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो कि इस महीने का सबसे गर्म दिन रहा. यहीं नहीं, मौसम विभाग ने इस सप्ताह आसमान साफ रहने और तापमान 40 डिग्री तक पहुंचने की संभावना जताई हैं. वहीं मंगलवार दोपहर को अचानक गर्म हवाएं चलने लगी और हीटवेव का अहसास दिलाने लगी.    इस बार सामान्य रहेगी बारिश   इस साल मानसून को लेकर तस्वीर थोड़ी चिंताजनक नजर आ रही है.  मौसम विभाग के पहले पूर्वानुमान में साफ कहा गया है कि देश में इस बार सामान्य से कम बारिश हो सकती है. जून से सितंबर के बीच होने वाली बारिश औसत का करीब 92 प्रतिशत रहने का अनुमान है, यानी लगभग 8 प्रतिशत की कमी होने का अनुमान है. मौसम विभाग के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि इसकी सबसे बड़ी वजह अल नीनो को माना जा रहा है.  यह प्रशांत महासागर के पानी के गर्म होने की स्थिति होती है जो भारत में मानसून को कमजोर कर देती है.  इसका असर जून के आसपास दिखना शुरू हो सकता है जिससे मानसून की शुरुआत और उसकी रफ्तार दोनों प्रभावित हो सकती हैं.

पाकिस्तान को दिवालिया होने से बचाने के लिए अरबों डॉलर देगा यह मुस्लिम देश, UAE ने किए पैसे वसूलने के प्रयास

इस्लामाबाद कैश के भारी संकट से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है। सऊदी अरब ने पाकिस्तान की लड़खड़ाती अर्थव्यवस्था को डूबने से बचाने के लिए एक बार फिर बड़ा आर्थिक पैकेज देने का वादा किया है। अमेरिका के वाशिंगटन डीसी में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और विश्व बैंक की 'स्प्रिंग मीटिंग्स' में हिस्सा लेने गए पाकिस्तान के वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने मीडिया को संबोधित करते हुए यह अहम घोषणा की। वित्त मंत्री ने बताया कि सऊदी अरब ने पाकिस्तान के लिए 3 अरब डॉलर की अतिरिक्त वित्तीय सहायता का ऐलान किया है। इसके साथ ही, पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक में सऊदी अरब के पहले से जमा 5 अरब डॉलर के डिपॉजिट की अवधि को भी बढ़ा दिया है। पाक वित्त मंत्री औरंगजेब कई आर्थिक और कूटनीति बैठकों में सक्रिय रूप से भाग ले रहे हैं। उन्होंने इन बैठकों के साइडलाइन पर सऊदी फंड फॉर डेवलपमेंट (एसएफडी) के सीईओ सुल्तान बिन अब्दुलरहमान अल-मरशद से मुलाकात भी की थी, जिसमें दोनों देशों के बीच निरंतर सहयोग पर जोर दिया गया। ऐन वक्त पर मिली संजीवनी और UAE का दबाव पाकिस्तान के लिए सऊदी अरब की यह मदद एक 'लाइफलाइन' की तरह है। हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने पाकिस्तान से अपना 3.5 अरब डॉलर का पुराना कर्ज चुकाने की मांग कर दी थी, जिसकी मियाद इस महीने खत्म हो रही है। UAE के इस कदम से पाकिस्तान पर डिफॉल्ट यानी दिवालिया होने का भारी खतरा मंडराने लगा था। ऐसे नाजुक वक्त में सऊदी अरब (और कतर) ने आगे आकर यह सुनिश्चित किया है कि पाकिस्तान का विदेशी मुद्रा भंडार खाली न हो। IMF की शर्तों को पूरा करने में मिलेगी मदद पाकिस्तान इस वक्त IMF के साथ एक नए बेलआउट पैकेज को लेकर बातचीत कर रहा है। IMF की यह सख्त शर्त रही है कि पाकिस्तान के प्रमुख सहयोगी देश जैसे सऊदी अरब और चीन अपना पैसा पाकिस्तान के बैंक में बनाए रखें, ताकि देश का विदेशी मुद्रा भंडार एक सुरक्षित स्तर पर रहे। सऊदी अरब द्वारा 5 अरब डॉलर के डिपॉजिट को रोके रखने और 3 अरब डॉलर अतिरिक्त देने से पाकिस्तान का पक्ष IMF के सामने काफी मजबूत हो गया है। मध्य पूर्व का संकट और ऊर्जा सुरक्षा वर्तमान में मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने का खतरा है। पाकिस्तान अपनी ऊर्जा और ईंधन जरूरतों के लिए पूरी तरह से आयात पर निर्भर है। तेल महंगा होने से पाकिस्तान का आयात बिल तेजी से बढ़ेगा। सऊदी फंड से मिला यह नया पैसा पाकिस्तान को महंगे तेल और जरूरी चीजों जैसे भोजन, उर्वरक का आयात करने के लिए एक महत्वपूर्ण 'बफर' प्रदान करेगा। रेमिटेंस (विदेशों से आने वाली मुद्रा) अभी तक प्रभावित नहीं हुई है, लेकिन 40-50% रेमिटेंस खाड़ी देशों से आती है। पाकिस्तान आईएमएफ से अगली किश्त लगभग 1.3 अरब डॉलर की उम्मीद कर रहा है, जिसकी मंजूरी इस महीने या अगले महीने होने की संभावना है। निवेशकों के भरोसे में होगी वृद्धि वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब वाशिंगटन में अमेरिकी अधिकारियों, चीनी वित्त मंत्री और सऊदी समकक्षों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं। इस वित्तीय पैकेज की घोषणा से वैश्विक निवेशकों और रेटिंग एजेंसियों में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के प्रति थोड़ा भरोसा बहाल होगा। इससे पाकिस्तान की मुद्रा (पाकिस्तानी रुपया) को भी डॉलर के मुकाबले स्थिरता मिलने की उम्मीद है। कुल मिलाकर यह सहायता पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार को तुरंत मजबूती देगी, जिससे यूएई का कर्ज चुकाने के बाद भी रिजर्व 2-3 महीने के आयात स्तर पर बने रहेंगे। आईएमएफ लक्ष्यों को पूरा करने में मदद मिलेगी। निवेशकों का विश्वास बढ़ेगा। सऊदी अरब के इस कदम ने न सिर्फ पाकिस्तान को एक तात्कालिक आर्थिक संकट से उबार लिया है, बल्कि यह भी साबित किया है कि रणनीतिक मोर्चे पर रियाद अभी भी इस्लामाबाद का सबसे भरोसेमंद सहयोगी है।

PCB चीफ Mohsin Naqvi के बयान से बवाल: भारत में पेट्रोल संकट का दावा, सोशल मीडिया पर घिरे

नई दिल्ली पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी का एक बयान क्रिकेट जगत में चर्चा का विषय बन गया है. पाकिस्तान सुपर लीग (पीएसएल 2026) में खाली स्टेडियम को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने भारत में पेट्रोल संकट होने का दावा कर दिया, जिससे विवाद खड़ा हो गया है. दरअसल, पीएसएल 2026 के मुकाबले बिना दर्शकों के कराए जा रहे हैं. जब इस पर सवाल उठे, तो नकवी ने कहा कि पाकिस्तान में कोई ईंधन संकट नहीं है, बल्कि भारत में पेट्रोल की कमी है और वहां पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लगी हैं. हालांकि, उनके इस बयान पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली. कई यूजर्स ने इसे बेबुनियाद बताया और कहा कि भारत में ऐसी कोई स्थिति नहीं है. अप्रैल 2026 तक भारत में पेट्रोल की सप्लाई सामान्य रही है और कहीं भी लंबी कतारों की खबर नहीं आई है. अपने ही बयान से पलटे नकवी नकवी का ये झूठ ऐसे समय में आया है जब कुछ हफ्ते पहले खुद उन्होंने पीएसएल में दर्शकों की एंट्री पर रोक के पीछे पाकिस्तान में ईंधन संकट को वजह बताया था. उन्होंने कहा था कि मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के कारण देश में फ्यूल की कमी हो गई है, इसलिए लोगों की आवाजाही सीमित करने के लिए यह फैसला लिया गया. 22 मार्च को उन्होंने इस फैसले के लिए फैंस से माफी भी मांगी थी और कहा था कि सरकार ने लोगों से कम यात्रा करने की अपील की है. ऐसे में स्टेडियम में हजारों लोगों को इकट्ठा होने देना सही नहीं होगा. लेकिन अब उनके ताजा बयान ने पूरी कहानी बदल दी है. एक तरफ पीएसएल के मैच अब भी खाली स्टेडियम में हो रहे हैं, दूसरी तरफ पीसीबी चीफ भारत में संकट होने की बात कर रहे हैं. इस विरोधाभास को लेकर सोशल मीडिया पर उनकी आलोचना हो रही है. यूजर्स सवाल उठा रहे हैं कि अगर पाकिस्तान में कोई संकट नहीं है, तो फिर मैच खाली स्टेडियम में क्यों खेले जा रहे हैं. पीएसएल 2026 फिलहाल अपने अंतिम चरण में है. 14 अप्रैल को एक दिन के ब्रेक के बाद टूर्नामेंट फिर शुरू होगा और 3 मई तक चलेगा.