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टैरिफ समझौते के बाद बोले PM मोदी — आत्मविश्वास से ही भारत बन रहा वैश्विक ताकत

नई दिल्ली भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच वार्ता के बाद टैरिफ डील पर बड़ा फैसला हुआ है। अमेरिका ने अब भारत पर लगने वाले टैरिफ को सीधे 50 फीसदी से घटाकर 18 पर्सेंट कर दिया है। इसे भारत और अमेरिका के रिश्तों में सुधार की नई पहल के तौर पर देखा जा रहा है। इसके अलावा भारत के एक्सपोर्ट बाजार के लिहाज से भी यह अहम है। इस फैसले को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी ने सोमवार रात को ही एक ट्वीट किया था और डोनाल्ड ट्रंप को धन्यवाद दिया था। अब उन्होंने एक और पोस्ट की है, जिसमें आत्मविश्वास के जरिए विकसित भारत के रास्ते में आगे बढ़ने की बात कही है।   पीएम नरेंद्र मोदी ने इस पोस्ट में टैरिफ डील का जिक्र नहीं किया, लेकिन उनकी बात को उससे ही जोड़कर देखा जा रहा है। पीएम मोदी ने लिखा, 'आत्मविश्वास वह बल है जिससे सब कुछ संभव है और विकसित भारत के सपने को साकार करने में यही शक्ति काम आएगी।' मोदी ने यह टिप्पणी अमेरिका और भारत के बीच एक व्यापार समझौते पर सहमति बनने के कुछ घंटों बाद की है। इस समझौते के तहत वाशिंगटन भारतीय वस्तुओं पर जवाबी शुल्क को मौजूदा 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर देगा। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर लिखा, 'आत्मविश्वास वह शक्ति है जिसके बल पर सब कुछ संभव है। विकसित भारत के सपने को साकार करने में देशवासियों की यही शक्ति बहुत काम आने वाली है।' मोदी ने संस्कृत का यह श्लोक भी साझा किया- ''श्रीर्मङ्गलात् प्रभवति प्रागल्भ्यात् सम्प्रवर्धते। दाक्ष्यात् तु कुरुते मूलं संयमात् प्रतितिष्ठत।' उन्होंने इस श्लोक का अर्थ समझाते हुए लिखा, ‘शुभ कार्यों से धन अर्जित होता है। यह साहस और आत्मविश्वास से बढ़ता है, कुशलता एवं दक्षता से स्थिर रहता है और संयम द्वारा सुरक्षित होकर राष्ट्र की प्रगति में सहायक बनता है।’ ट्रंप के दावों पर अब भी सस्पेंस, भारत सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार बता दें कि भारत पर अमेरिका ने मोटे टैरिफ लादे थे। इसके बाद कई बार ऐसा हुआ कि दोनों देशों के बीच टैरिफ खत्म करने को लेकर बात कई बार बात हुई, लेकिन सिरे नहीं चढ़ सकी। अब इस डील के बाद माना जा रहा है कि अमेरिका और भारत के बीच संबंधों में सुधार हो सकता है। अब नई डील के साथ ही भारत पर अमेरिकी टैरिफ काफी कम हो गया और यह पाकिस्तान, चीन समेत अपने तमाम पड़ोसी देशों के मुकाबले कम है। हालांकि अब भी इस बात को लेकर सवाल उठ रहे हैं कि क्या भारत ने अमेरिकी उत्पादों की भारतीय बाजार में एंट्री और रूस से तेल खरीद रोकने पर सहमति जताई है या नहीं।

इतिहास रचती धामी सरकार — उत्तराखंड में पहली बार साल भर का आंकड़ा 6 करोड़ से ज्यादा

देहरादून पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल रंग लाई है। प्रदेश में पर्यटकों की बढ़ती संख्या ने नया कीर्तिमान बनाया है। वर्ष 2025 में छह करोड़ तीन लाख से अधिक पर्यटक उत्तराखंड आए हैं, जो राज्य गठन के बाद से अब तक की सर्वाधिक संख्या है। हरिद्वार में सबसे अधिक तीन करोड़ 42 लाख 49 हजार 380 पर्यटक और तीर्थयात्री पहुंचे हैं, जबकि देहरादून में 67 लाख 35 हजार 71 और टिहरी जनपद में 53 लाख 29 हजार 759 सैलानी आए हैं। सीएम पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखंड में पर्यटन को नई गति मिली है। पर्यटन विकास के लिए जहां कई महत्वपूर्ण योजनाएं शुरू की गई हैं, वहीं पर्यटन-तीर्थ स्थलों में बुनियादी सुविधाओं के विकास पर खास जोर दिया गया है। पर्यटकों-तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक सुरक्षा प्रबंध भी किए गए हैं। धामी सरकार के इन प्रयासों का ही परिणाम है कि उत्तराखंड में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। पर्यटन विभाग के अनुसार, वर्ष 2025 में कुल 6 करोड़ 3 लाख 21 हजार 194 पर्यटक उत्तराखंड आए हैं। इनमें एक लाख 92 हजार 533 विदेशी सैलानी शामिल हैं। उत्तराखंड राज्य गठन के बाद पहली बार पर्यटकों एवं तीर्थयात्रियों की संख्या छह करोड़ के पार पहुंची है। पूर्व के आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2021 में 2,00,18,115, 2022 में 5,39,81,338, 2023 में 5,96,36,601 और वर्ष 2024 में 5,95,50,277 पर्यटकों एवं तीर्थयात्रियों ने उत्तराखंड का रुख किया है। इसे से लेकर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पर्यटन उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था का बड़ा आधार है। हमारी सरकार राज्य में पूरे वर्ष पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा दे रही है, ताकि पर्यटन कारोबार से जुड़े स्थानीय निवासियों और युवाओं को सालभर रोजगार के अवसर उपलब्ध हों। शीतकालीन यात्रा इसी की एक कड़ी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मां गंगा जी के दर्शन को उनके शीतकालीन प्रवास स्थल मुखबा की यात्रा पर आने के बाद राज्य में शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा मिला है और बड़ी संख्या में यात्री उत्तराखंड पहुंचे हैं। हमने पर्यटक सुविधाएं बढ़ाने के साथ उनकी सुरक्षा को भी सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और इन्हीं सब प्रयासों का परिणाम है कि उत्तराखण्ड में पर्यटकों की बढ़ती संख्या हर वर्ष नया रिकॉर्ड बना रही है।

भयानक दुर्घटना: देहरादून बस हादसे में तीन यात्रियों की जान गई

देहरादून देहरादून के विकासनगर इलाके में हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की एक बस 30 से ज्यादा यात्रियों को लेकर गहरी खाई में गिर गई, जिससे कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ ने बचाव अभियान शुरू कर दिया है। कालसी थाना पुलिस मौके पर मौजूद है। कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया है। मिली जानकारी के अनुसार यह हादसा क्वाणु इलाके में सुदोई खड्ड के पास हुआ, जब चौपाल-नेरवा से हिमाचल प्रदेश के पांवटा साहिब जा रही हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की बस कथित तौर पर बेकाबू होकर खाई में गिर गई। अधिकारियों ने बताया कि तीन यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 15 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। अधिकारियों के अनुसार, बस सुबह करीब 6:30 बजे चौपाल डिपो से नेहवा पहुंची थी और मीनस-क्वाणु-हरिपुर रूट से पांवटा साहिब की ओर जा रही थी। उस समय बस में कथित तौर पर 30 से ज़्यादा लोग सवार थे। यह हादसा सुबह करीब 10 बजे हुआ। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मीनस-क्वाणु-हरिपुर सड़क पर सुदोई खड्ड के पास एक ट्रक को रास्ता देते समय सड़क का किनारा धंस गया। नतीजतन, यात्रियों से भरी हिमाचल रोड ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन बस का संतुलन बिगड़ गया, वह कई बार पलटी और आखिरकार सीधी गहरी खाई में जा गिरी। हादसे के तुरंत बाद, स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्यों में मदद करने लगे। घटना की जानकारी मिलते ही, पुलिस प्रशासन और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमों को तुरंत मौके पर भेजा गया। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना पर दुख व्यक्त किया और कहा कि वह स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं। सीएम धामी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा, “हमें कालसी क्षेत्र (देहरादून) में क्वाणु-मीनस मोटर रोड पर हिमाचल ट्रांसपोर्ट कॉर्पोरेशन की बस के दुर्घटनाग्रस्त होने की बेहद दुखद खबर मिली है। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही, मैंने फोन पर जिला मजिस्ट्रेट से बात की और आवश्यक निर्देश दिए।” उन्होंने आगे कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस ने तुरंत राहत और बचाव अभियान शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा, "आस-पास के सभी मेडिकल सेंटरों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। अगर जरूरत पड़ी, तो गंभीर रूप से घायल यात्रियों को एयरलिफ्ट करके एडवांस्ड मेडिकल सेंटरों में भर्ती कराया जाएगा। मैं भगवान से सभी यात्रियों की सुरक्षित सेहत के लिए प्रार्थना करता हूं।" बचाव और राहत अभियान अभी जारी हैं, और अधिकारियों ने कहा कि और जानकारी का इंतजार है।

संसद में फिर गरमाया माहौल: राहुल की स्पीच के दौरान हंगामा, स्पीकर तक पहुंचे पेपर

नई दिल्ली लोकसभा में आज लगातार दूसरे दिन राहुल गांधी की स्पीच पर हंगामा खड़ा हो गया। इसके बाद सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी है। हुआ यूं कि राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा में भाग लेते हुए नेता विपक्ष राहुल गांधी जैसे ही खड़े हुए और उन्होंने अपनी बात रखनी शुरू की, उन्होंने फिर से राष्ट्रीय सुरक्षा का मुद्दा उठाना चाहा और कल की बात फिर से दोहराते हुए कहा कि यह चीन और पाकिस्तान के साथ जुड़ा राष्ट्रीय सुरक्षा का विषय है। इस पर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने आपत्ति जताते हुए कहा कि नेता विपक्ष सदन को गुमराह कर रहे हैं। स्पीकर की बैठक में हूई बातचीत का जिक्र करते हुए रिजिजू ने कहा कि हम यहां सुनने के लिए बैठे हैं लेकिन उन्हें विषय को छोड़ना चाहिए। राहुल गांधी इस पर रुके नहीं और उन्होंने फिर से नरवणे के संस्मरण का मुद्दा उठाया और आरोप लगाया कि उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, "मैं विपक्ष का नेता हूं, मुझे बोलने दिया जाए।" इसके बाद उन्होंने कहा कि अगर आर्टिकल पर ऐतराज है, तो नहीं बोलूंगा। इसके बाद राहुल गांधी ने चीन का जिक्र किया और कहा कि ईस्टर्न लद्दाख में भारतीय सैनिक मारे गए। इसी दौरान किसी सदस्य ने चेयर को संबोधित करते हुए यार बोल दिया। इस पर चेयर ने फटकार लगाते हुए कहा कि यह संसद है। उस समय आसन पर कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी बैठे थे। इस यार के मुद्दे पर लोकसभा में हंगामा होने लगा। दूसरी तरफ विपक्षी सांसद भी इस बात से भड़क उठे कि नेता विपक्ष को बोलने नहीं दिया जा रहा है। इसी दौरान आसन की तरफ पेपर भी फेंके गए।

खेल-संस्कृति का संगम: IASE महोत्सव संपन्न, भारती-योगेन्द्र को मिला कॉलेज कलर सम्मान

IASE के खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव का समापन, भारती, योगेन्द्र बने कॉलेज कलर   बिलासपुर   उन्नत शिक्षा अध्ययन संस्थान, बिलासपुर में खेल एवं सांस्कृतिक महोत्सव सत्र 2025-26  का आयोजन हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि नगर विधायक अमर अग्रवाल एवं विशिष्ट अतिथि  डॉ तारणीश गौतम, कुलसचिव अटल बिहारी विश्वविद्यालय बिलासपुर, उपस्थित रहे।    प्राचार्य प्रो मीता मुखर्जी ने अतिथियों का अभिनंदन किया। प्रशिक्षार्थियों ने प्रतीक पुष्प लगाकर अतिथियों का स्वागत किया। समारोह में राजगीत, स्वागत गीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां एवं विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें प्रशिक्षार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। अतिथियों का परिचय महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक सौरभ सक्सेना ने दिया वहीं महाविद्यालय की उपलब्धियों का प्रतिवेदन प्राचार्य प्रो मीता मुखर्जी ने प्रस्तुत किया। प्रशिक्षार्थी प्रतिनिधि के रूप गजेन्द्र सिंह ने समस्या एवं आवश्यकता से संबंधित मांग पत्र का वाचन कर मांगपत्र सौंपा। मास्टर आफ सेरेमनी करीम खान के निर्देशन में शानदार मार्च-पास्ट एवं रीट्रीट के माध्यम से अतिथियों का सम्मान किया गया।  प्रशिक्षार्थियों का प्रतिनिधित्व महाविद्यालय ध्वज के साथ तिलक राम प्रधान ने किया तथा अनुराग खेस एवं तोशिबा जांगड़े ने सत्यम, अरविंद कुमार एवं नैनसी टोप्पो ने शिवम्, हीरा सिंह एवं हिमाद्री वास्तव ने सुंदरम तो वहीं मधुरम निकेतन अंकुर आशीष एवं माया दत्ता के नेतृत्व में मार्च-पास्ट का प्रदर्शन किया। बैंड वादन में  सूरज ध्रुव, रूपेश चंद्रा,  वेदप्रकाश पाटले,अल्पना तिग्गा, भावेश कुमार, खेमराज राठिया, संतोष कश्यप, अमर मलिक, राकेश कुमार, नीला सिदार, दिनेश पैकरा की टीम ने महती भूमिका निभाई।             सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रतियोगिता में "मधुरम" ने प्रथम एवं "सुंदरम" ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जिसे मुख्य एवं विशिष्ट अतिथि द्वारा पुरस्कृत किया गया। वहीं खेल प्रतियोगिता में 97 अंको के साथ शिवम निकेतन विजेता एवं‌ 56 अंकों के साथ सत्यम निकेतन उपविजेता रहा।  विशेष आकर्षण मार्च-पास्ट एवं सुरिली कुर्सी दौड़ प्रतियोगिता रही, जिसके विजेताओं को भी सम्मानित किया गया। मार्च-पास्ट में शिवम निकेतन विजेता रहा तो सुंदरम उपविजेता रहा। दलीय खेल एवं व्यक्तिगत खेलों के विजेताओं को प्रशस्ति पत्र एवं शील्ड तथा कप से सम्मानित किया गया। व्यक्तिगत खेलों के पुरुष वर्ग में सर्वाधिक अंक अर्जित कर  कालेज कलर से  सम्मानित हुए, तो वहीं शिवम् की भारती महिला वर्ग में कालेज कलर से सम्मानित हुई। अपने उद्बोधन में विशिष्ट अतिथि डॉ तारणीश गौतम ने कहा कि शिक्षकों को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित न रहकर सांस्कृतिक एवं खेल गतिविधियों में भी सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। मुख्य अतिथि माननीय अमर अग्रवाल ने मांगपत्र पर सकारात्मक आश्वासन दिया।अपने संबोधन में प्रशिक्षार्थियों को प्रेरित करते हुए  कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का सशक्त साधन है। उन्होंने शिक्षकों की समाज में महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया।    कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य प्रो मीता मुखर्जी ने आगामी प्रतियोगिता तक ध्वज सुरक्षित रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का संचालन डॉ अजिता मिश्रा एवं समन्वयक करीम खान ने किया एवं डॉ अजिता मिश्रा द्वारा ही आभार प्रदर्शन भी किया गया और अंत में मैत्री प्रयाण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।     कार्यक्रम में विशेष रूप से नगर के सुप्रसिद्ध मेकअप आर्टिस्ट दम्पति मती  अंजना खरे एवं अतुल कांत खरे,सेवानिवृत्त आचार्य डॉ उषामणि , डॉ छाया शर्मा, डॉ राजेन्द्र तिवारी, मती नुपुर कुजूर, सु आशा बनाफर सहित महाविद्यालय से मती अंजना अग्रवाल, मती मनीषा वर्मा, डॉ अजिता मिश्रा,एन एम रिज़्वी, डॉ संजय आयदे, डॉ रजनी यादव,डॉ नीला चौधरी, सौरभ सक्सेना, मती सुनीता बानी, संजय शर्मा, डॉ संगीता वास्तव,  डॉ सलीम जावेद, डॉ विद्याभूषण शर्मा, मती राजकुमारी महेन्द्र, डॉ वंदना रोहिल्ला, मती रश्मि पाण्डेय,डॉ गीता जायसवाल, मती सोनल जैन, जितेन्द्र साहू, डॉ दुष्यंत चतुर्वेदी, मती निधि शर्मा, मती संतोषी फर्वी,अश्वनी भास्कर, कमल देवांगन, भगवती कश्यप, गीतू गुरुदिवान, मुरारी यादव, मिरे, रईस, अभिनव, किशोर खिलेन्द्र, पूनम आदि आचार्यवृंद एवं कार्यालयीन स्टाफ तथा समस्त प्रशिक्षार्थी उपस्थिति थे ।

भाजपा की वापसी मणिपुर में, CM उम्मीदवार और कुकी समुदाय के डिप्टी की झलक

इम्फाल क्या मणिपुर में फिर से भाजपा की सरकार बनेगी? इसके कयास तेज हो गए हैं क्योंकि भाजपा में मणिपुर से लेकर दिल्ली तक भागदौड़ तेज हो गई है। मणिपुर के 20 से ज्यादा भाजपा विधायक दिल्ली पहुंचे थे और अब पार्टी ने विधायक दल का नेता चुनने के लिए पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिया है। राज्य में अगले साल ही राष्ट्रपति शासन खत्म होने वाला है और उससे पहले पार्टी के नेता चाहते हैं कि सरकार बना ली जाए। सोमवार को भाजपा ने मणिपुर में पर्यवेक्षक के तौर पर तरुण चुग को नियुक्त कर दिया है, जो पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हैं। अब किसी भी दिन मणिपुर में एनडीए विधायकों की मीटिंग हो सकती है और नेता का चुनाव हो सकता है। भाजपा सूत्रों का कहना है कि नई सरकार में राज्य में एक डिप्टी सीएम भी होगा। मैतेई समुदाय से मुख्यमंत्री बनने की संभावना है तो वहीं कुकी समुदाय के किसी नेता को डिप्टी सीएम के तौर पर जिम्मेदारी दी जा सकती है। ऐसा इसलिए ताकि राज्य में यह संदेश जाए कि सरकार सभी को साथ लेकर चल रही है। बीते सालों में मैतेई और कुकी समुदाय के बीच तनाव देखा गया था और भीषण हिंसा हुई थी। इसी स्थिति से बचाव के लिए भाजपा अब कुकी समाज से एक डिप्टी सीएम बना सकती है। अब बात मुख्यमंत्री की करें तो बीरेन सिंह की सरकार में असेंबली स्पीकर रहे सत्यब्रत सिंह और पूर्व मंत्री टीएच बिस्वजीत सिंह और के. गोविंद दास को मौका मिल सकता है। ये सभी नेता मैतेई समुदाय के ही हैं। दरअसल भाजपा के भीतर भी तनाव की स्थिति है। कुकी विधायकों का कहना है कि उनके समुदाय का दबाव है। ऐसी स्थिति में यदि कुकी समुदाय को उचित प्रतिनिधित्व नहीं मिला तो उनके लिए सरकार का हिस्सा बनना मुश्किल होगा। ऐसी मांग कुकी विधायकों ने केंद्रीय नेतृत्व से की है। इसी को लेकर सरकार अब विचार कर रही है। यही नहीं कुछ विधायकों का कहना है कि मणिपुर को केंद्र शासित प्रदेश ही बना देना चाहिए, जिसकी अपनी विधानसभा भी हो। एक साल से मणिपुर में चल रहा है राष्ट्रपति शासन बता दें कि मणिपुर में पहली बार 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति शासन लागू किया था। यह 6 महीने के लिए ही था और फिर अगस्त 2025 में एक बार फिर से इसे 6 महीने के लिए बढ़ा दिया गया। एन. बीरेन सिंह ने बीते साल फरवरी में ही सीएम पद छोड़ दिया था। बता दें कि मणिपुर में विधानसभा का कार्यकाल 2027 तक है। ऐसे में विधायक चाहते हैं कि कम से कम एक साल के लिए ही नए सिरे से सरकार का गठन हो और कुछ काम करके ही जनता के बीच चुनाव में जाया जाए। फिलहाल 60 सीटों वाले मणिपुर सदन में भाजपा के 37 विधायक हैं।

ख़मतरा में शैला महोत्सव की धूम, विधायक नारायण सिंह पट्टा ने दिखाई सहभागिता

शैला महोत्सव का भव्य आयोजन, विधायक नारायण सिंह पट्टा ने बढ़ाया उत्साह ख़मतरा में शैला महोत्सव की धूम, विधायक नारायण सिंह पट्टा ने दिखाई सहभागिता भव्य शैला महोत्सव में उमड़ा उत्साह, विधायक नारायण सिंह पट्टा ने लोगों को किया प्रेरित     ख़मतरा  आदिवासी समाज की गौरवशाली विरासत और परंपराओं को सहेजने के उद्देश्य से 1 फरवरी को पैतृक ग्राम ख़मतरा (घुघरी) में 'शैला महोत्सव' का गरिमामय आयोजन किया गया। रात्रि 9 बजे आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक श्री नारायण सिंह पट्टा उपस्थित रहे। संस्कृति और परंपरा का अनूठा संगम महोत्सव के दौरान पूरा वातावरण आदिवासी संस्कृति के रंगों में सराबोर नजर आया। ढोल और मांदर की थाप पर थिरकते नर्तक दलों ने अपनी कला से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर विधायक पट्टा ने समाज के लोगों के साथ मिलकर अपनी जड़ों और रीति-रिवाजों का उत्सव मनाया। एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को विरासत सौंपने का पर्व उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए यह संदेश दिया गया कि हमारी नृत्य कलाएं, उत्सव और परंपराएं केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं। बल्कि, ये वे अनमोल क्षण हैं जब हम अपनी सांस्कृतिक धरोहर को एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी को सौंपते हैं। यह महोत्सव हमारी पहचान को जीवित रखने और युवाओं को अपने मूल से जोड़ने का एक सशक्त माध्यम बना।  * पारंपरिक शैला नृत्य: नर्तक दलों द्वारा अनुशासन और तालमेल का अद्भुत प्रदर्शन।  * रीति-रिवाज का संरक्षणसमाज की प्राचीन परंपराओं का जीवंत चित्रण।  * एकता का संदेश: 'जय सेवा' और 'जय जोहार' के उद्घोष से गूंजा आयोजन स्थल।

असल डील मेकर कौन? 21 दिन में India-US ट्रेड डील को अंजाम देने वाला चेहरा आया सामने

 नई दिल्ली    भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौता हो गया है. पिछले करीब 10 महीने से टैरिफ को लेकर खींचतान चल रही थी, कई बार दोनों देशों के रिश्तों में तनाव भी देखने को मिला. लेकिन दोनों देशों के बीच बातचीत नहीं रुकी. बीच-बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना प्रिय मित्र बताते रहे, बदले में पीएम मोदी भी ट्रंप को अपना दोस्त कहते रहे.  दरअसल अमेरिका ने पहली बार अप्रैल में भारत पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया, फिर रूसी तेल खरीदने का आरोप लगाकर 25 फीसदी अतिरिक्त पेनॉल्टी थोप दिया. जिससे भारत पर कुल टैरिफ बढ़कर 50 फीसदी हो गया था. लेकिन अब भारत को लेकर ट्रंप ने अपनी सच्ची दोस्ती दिखाई और टैरिफ को घटाकर केवल 18 फीसदी कर दिया है.  डील के पीछे इस शख्स की बड़ी भूमिका टैरिफ को लेकर दोनों देशों के बीच लगातार बैठकें चल रही थीं. लेकिन जब से सर्जियो गोर ने भारत में अमेरिकी राजदूत का पद संभाला, तब से ट्रेड डील को लेकर धीरे-धीरे तस्वीरें साफ होने लगीं. सर्जियो गोर ने अमेरिकी राजदूत (United States Ambassador to India) का पद 12 जनवरी 2026 को संभाला था.  उन्होंने पद संभालते ही कहा था कि भारत और अमेरिका के बीच सबकुछ All Is Well है, उन्होंने कहा कि बातचीत सकारात्मक दिशा में चल रही है, जल्द अच्छे परिणाम आने वाले हैं, भारत और अमेरिका के बीच रिश्ते बेहद अच्छे हैं, दोनों देश एक-दूसरे को तरजीह देते हैं.  इससे पहले गोर व्हाइट हाउस प्रेसिडेंशियल पर्सनल ऑफिस के डायरेक्टर थे, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भरोसेमंद सहयोगी माने जाते हैं. ट्रंप ने भारत की कमान उन्हें ऐसे समय पर सौंपी, जब भारत–अमेरिका के रिश्तों में टैरिफ और व्यापार मुद्दों को लेकर तनाव बढ़ रहा था.  राजदूत के पद पर नियुक्ति के तुरंत बाद गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता (trade deal) की बातचीत जारी है और दोनों देशों को इसे अंतिम रूप देने पर मिलकर काम करना चाहिए. अपने नियुक्त के अगले दिन यानी 13 जनवरी 2026 को ही भारत और अमेरिका के अधिकारियों के बीच ट्रेड डील पर बातचीत के संकेत दिए थे. उसके बाद उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच करीब 7 दौर की बैठकें हो चुकी हैं, और सबकुछ सकारात्मक दिशा में है. दोनों देशों के बीच रिश्ते बेहतर: सर्जियो गोर  इस बीच सर्जियो गोर (Sergio Gor) की नियुक्ति के 21वें दिन ही भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील का ऐलान हो गया है. कहा जा रहा है कि इस डील को अंतिम रूप देने में अमेरिकी राजदूत की बड़ी भूमिका रही है, क्योंकि ये डोनाल्ड ट्रंप के बेहद करीबी हैं और उन्हें ये जिम्मेदारी दी गई थी.  गोर ने अपने पहले बड़े सार्वजनिक संबोधन में कहा था कि कोई भी साझेदार भारत जितना महत्वपूर्ण नहीं है और भारत-अमेरिका का रिश्ता इस सदी की सबसे महत्वपूर्ण वैश्विक साझेदारी है. उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों देशों को व्यापार के साथ-साथ सुरक्षा, तकनीक, ऊर्जा और शिक्षा जैसे अन्य क्षेत्रों में भी मजबूत सहयोग की आवश्यकता है.  ट्रेड डील को लेकर गोर का बयान डील के ऐलान के बाद गोर ने कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्तों में अनंत संभावनाएं हैं और यह समझौता दोनों के लिए एक लैंडमार्क क्षण है. उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप भी वास्तव में प्रधानमंत्री मोदी को एक सच्चा मित्र मानते हैं, और इसी व्यक्तिगत भरोसे ने व्यापार वार्ता को तेजी से आगे बढ़ाया है.  गोर ने कहा कि डील के तहत भारतीय वस्तुओं पर लगने वाला टैरिफ पहले के 50% से घटकर 18% हो गया है, जो दोनों देशों के सहयोग को आसान बनाता है और व्यापारिक तनाव को कम करता है. 

व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने और नए मौके तलाशने कनाडा का ट्रेड मिशन भारत आएगा

नई दिल्ली   कनाडा के न्यू ब्रंसविक प्रांत से एक ट्रेड मिशन  6 फरवरी, 2026 तक भारत आएगा। इसका मकसद दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते मार्केट में से एक में कमर्शियल संबंधों को मजबूत करना और साझेदारी के नए मौके तलाशना है। बता दें, कनाडा के पूर्व पीएम जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल में भारत के साथ इसके तनाव में कड़वाहट देखने को मिली थी। हालांकि, वर्तमान पीएम मार्क कार्नी के शासन में भारत-कनाडा के संबंधों में सुधार देखने को मिल रहा है। कनाडा भारत के साथ अपने बिगड़े हुए संबंधों को सुधारने की पहल कर रहा है। कनाडाई ट्रेड मिशन का भारत आना उन्हीं पहलों में से एक है। इस मिशन को अपॉर्चुनिटीज न्यू ब्रंसविक (ओएनबी) का समर्थन है और यह उस व्यापार पर फोकस करेगा जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विविधता लाना चाहते हैं, भारत में विस्तार करना चाहते हैं और नई कमर्शियल और सप्लाई-चेन साझेदारी विकसित करना चाहते हैं। लक्षित बिजनेस-टू-बिजनेस मीटिंग, मार्केट ब्रीफिंग और ऑन-द-ग्राउंड समर्थन के जरिए हिस्सा लेने वाली कंपनियों को संभावित खरीदारों, साझेदारों और निर्णय लेने वालों तक सीधी पहुंच मिलेगी। यह मिशन भारतीय बाजार के लिए न्यू ब्रंसविक की लंबे समय की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है और प्रांत की इन-मार्केट उपस्थिति को बढ़ाता है। इससे कंपनियों को स्थानीय व्यापार के माहौल में आगे बढ़ने और विकास के अवसर पहचानने में मदद मिलती है। यह ओएनबी के मार्च 2025 के भारत के व्यापार मिशन की सफलता पर भी आधारित है। इसमें व्यापार संबंधों को गहरा करने, निर्यात बढ़ोतरी को समर्थन करने और न्यू ब्रंसविक को व्यापार और निवेश के लिए एक कॉम्पिटिटिव और भरोसेमंद साझेदार के तौर पर स्थापित करने पर लगातार केंद्रित किया गया है। ल्यूक रैंडल, अपॉर्चुनिटीज एनबी और आर्थिक विकास और छोटे बिजनेस के लिए जिम्मेदार मंत्री हैं। वह इस मिशन को लीड करेंगे। रैंडल ने कहा, “वैश्विक व्यापार ऑर्डर तेजी से बदल रहे हैं, और न्यू ब्रंसविक भारत जैसे खास मार्केट के साथ अपने जुड़ाव को और मजबूत कर रहा है। हमारा प्रांत भारत में आर्थिक अवसरों को पहचानने वाला अकेला नहीं है, बल्कि हम इन-मार्केट टीम वाला अकेला अटलांटिक प्रांत हैं और इसके नतीजे में हमने मजबूत साझेदारी बनाई हैं जो नए अवसरों के दरवाजे खोल रही हैं जो लंबे समय की विकास, विविधता और रेसिलिएंस का समर्थन करती हैं।” इस मिशन में चार न्यू ब्रंसविक कंपनियां और एक एकेडमिक इंस्टिट्यूशन शामिल हैं, जो एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, एग्री-फूड, एडटेक, एजुकेशनल और प्रोफेशनल सेवाएं और एकेडमिक रिसर्च जैसे खास सेक्टर का प्रतिनिधित्व करते हैं। अपॉर्चुनिटीज एनबी, कनाडा के न्यू ब्रंसविक प्रांत के लिए लीड बिजनेस डेवलपमेंट एजेंसी है। यह स्थानीय व्यापार का समर्थन करता है और आर्थिक और जॉब ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए दुनिया भर से नया निवेश आकर्षित करता है।

मैहर में शिक्षा विभाग में घोटाला: 3.72 करोड़ की हेराफेरी, स्कूल निर्माण में किया गया दुरुपयोग

मैहर  मध्य प्रदेश के मैहर जिले में स्कूलों में लघु निर्माण कार्य जैसे पार्किंग शेड और साइकिल स्टैंड बनाने के नाम पर हुए 3.72 करोड़ रुपये के कथित घोटाले की जांच शुरू हो गई है. दरअसल खबर प्रसारित होने के बाद प्रशासन हरकत में आया और कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम के नेतृत्व में पांच सदस्यीय जांच दल गठित कर दिया गया. जांच में सामने आया कि जिन स्कूलों में लाखों रुपये का भुगतान दिखाया गया, वहां ज़मीन पर कोई ठोस निर्माण कार्य नजर ही नहीं आया. जांच टीम को क्या मिला? एसडीएम एस.पी. मिश्रा के नेतृत्व में बनी टीम ने कई स्कूलों का भौतिक सत्यापन किया. टीम में संदीपनी विद्यालय मैहर के प्राचार्य दिनेश गोस्वामी, तहसीलदार ललित धार्वे, बीईओ राजेश द्विवेदी, बीआरसीसी चंद्र प्रताप शुक्ला, सहायक लेखपाल विनय सिंह और पटवारी आनंद पांडेय शामिल थे. टीम ने पाया कि अधिकांश स्कूलों में सिर्फ रंगाई-पुताई दिखाई दी, जबकि पार्किंग शेड और साइकिल स्टैंड जैसे निर्माण कार्य का कोई प्रमाण नहीं मिला. किन फर्मों को हुआ भुगतान जांच में सामने आया कि भोपाल की वाणी इंफ्रास्ट्रक्चर, मैहर की श्री रुद्र इंटरप्राइजेज और सतना की श्री महाकाल ट्रेडर्स को करोड़ों रुपये का भुगतान किया गया. विभिन्न स्कूलों से 21 लाख से 24 लाख रुपये तक के बिलों का भुगतान दर्शाया गया है. कुल मिलाकर 17 स्कूलों में लगभग 3 करोड़ 72 लाख रुपये के बिल पास किए गए.  फर्जी हस्ताक्षरों की आशंका कई प्राचार्यों का कहना है कि उन्होंने न तो कोई वर्क ऑर्डर जारी किया और न ही ऐसे किसी बिल को मंजूरी दी. इससे फर्जी हस्ताक्षरों और दस्तावेजी हेराफेरी की आशंका गहरा गई है. प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इस मामले में आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. जांच समिति ने अपनी विस्तृत रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी है. रिपोर्ट में संबंधित फर्मों के साथ-साथ लगभग 14 प्राचार्यों की भूमिका की जांच की सिफारिश की गई है. माना जा रहा है कि जल्द ही निलंबन, एफआईआर और वित्तीय वसूली जैसी कड़ी कार्रवाई हो सकती है. फिलहाल, मामला संभागीय स्तर तक पहुंच चुका है और आगे की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं.