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आरटीओ के चक्कर खत्म, पंजाब में घर बैठे उपलब्ध होंगी सेवाएं

चंडीगढ़  पंजाब में आरटीओ को फेसलेस करना आम आदमी के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। वर्षों से लोग ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी और वाहन पंजीकरण जैसे कामों के लिए आरटीओ दफ्तरों में लंबी कतारों, दलालों और अनावश्यक देरी से परेशान रहते थे। अब इस व्यवस्था में आमूलचूल बदलाव होने जा रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा शुरू की गई फेसलेस योजना के तहत ट्रांसपोर्ट विभाग की 56 सेवाएं अब सेवा केंद्रों से मिलेंगी। लोग ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या 1076 नंबर पर कॉल कर सहायता ले सकते हैं। खास बात यह है कि सेवा केंद्र के कर्मचारी जरूरत पड़ने पर लोगों के घर जाकर प्रक्रिया पूरी करेंगे। इस बदलाव से लोगों का समय, पैसा और मानसिक तनाव तीनों की बचत होगी। अब किसी को छुट्टी लेकर आरटीओ के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। दलालों पर निर्भरता खत्म होगी और हर व्यक्ति को तय समय में सेवा मिलने की गारंटी होगी। आरटीओ दफ्तर अब केवल ड्राइविंग लाइसेंस का फोटो खिंचवाने और आरसी रिन्यू कराने जैसे जरूरी कामों के लिए ही जाना होगा। बाकी सभी सेवाएं डिजिटल और फेसलेस होंगी। यह व्यवस्था खासतौर पर बुजुर्गों, महिलाओं और ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए बेहद फायदेमंद साबित होगी। सरकार का यह कदम दिखाता है कि प्रशासन अगर नागरिकों की सुविधा को केंद्र में रखकर काम करे, तो सरकारी सेवाएं भी निजी सेवाओं की तरह सरल और भरोसेमंद बन सकती हैं।

आज से शुरू UP दिवस 2026 समारोह, अमित शाह करेंगे उद्घाटन, क्या है खास थीम?

 लखनऊ 'विकसित भारत-विकसित उत्तर प्रदेश' थीम पर आधारित तीन दिवसीय उत्तर प्रदेश दिवस 2026 शनिवार को लखनऊ में नए बने राष्ट्र प्रेरणा स्थल परिसर में शुरू होगा. इस कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य अतिथि के तौर पर करेंगे. यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि यह कार्यक्रम सिर्फ़ एक सरकारी कार्यक्रम बनकर न रहे, बल्कि एक जन उत्सव बने जिसमें राज्य के हर नागरिक की भागीदारी सुनिश्चित हो. इसलिए कार्यक्रम में राज्य की सांस्कृतिक विविधता और जीवंत भावना के अलावा विकास यात्रा को भी दिखाया जाएगा. मुख्य आकर्षण होगा ODOC इस साल उत्तर प्रदेश दिवस का मुख्य आकर्षण मुख्यमंत्री आदित्यनाथ द्वारा घोषित 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुज़ीन' (ODOC) योजना होगी. ODOC योजना के तहत राज्य के हर जिले से एक पारंपरिक और मशहूर व्यंजन चुना गया है. इस खास कार्यक्रम में राज्य भर के सभी ODOC व्यंजन एक ही जगह पर उपलब्ध होंगे. यह पहल न सिर्फ़ उत्तर प्रदेश के व्यंजनों की विविधता को दिखाएगी, बल्कि स्थानीय सांस्कृतिक पहचान को भी मज़बूत करेगी. यह यूपी के स्वाद को राज्य की पहचान का प्रतीक बनाने का एक ज़रिया बनेगा. इसके साथ ही 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट' (ODOP) योजना के तहत कारीगरों द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जाएगी. साथ ही उन्हें यूपी दिवस के मौके पर बेचा भी जाएगा. इसके अलावा GI टैग वाले उत्पादों को भी ट्रेड शो के रूप में प्रदर्शित किया जाएगा. इन लोगों को किया जाएगा सम्मानित उत्तर प्रदेश दिवस समारोह के दौरान 'उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान 2025-26' प्रदान किया जाएगा. साथ ही इस साल, शिक्षा, साहित्य, कृषि, महिला सशक्तिकरण और अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली पांच जानी-मानी हस्तियों को भी सम्मानित किया जाएगा. 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' के तहत शानदार प्रदर्शन करने वाले जिलों को भी सम्मानित किया जाएगा. इस मौके पर मुख्यमंत्री औपचारिक रूप से ODOC योजना लॉन्च करेंगे और सरदार वल्लभभाई पटेल रोज़गार व औद्योगिक क्षेत्र योजना का उद्घाटन करेंगे. इसके अलावा लोक, शास्त्रीय और समकालीन कला रूपों पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे.  हर जिले में होगा कार्यक्रम का प्रसारण कार्यक्रम का प्रसारण सभी जिलों में किया जाएगा. साथ ही कार्यक्रम स्थलों का चयन समयबद्ध ढंग से पूरा करने और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए उन्हें कार्यक्रमों में आमंत्रित करने पर विशेष जोर दिया गया है. इसके अलावा यह कार्यक्रम फिजी, मॉरीशस, मालदीव, सिंगापुर और थाईलैंड स्थित भारतीय दूतावासों के सहयोग से विदेशों में भी मनाया जाएगा.

यूपी दिवस के अवसर पर मिलेगा जौनपुर को सम्मान

सीएम युवा योजना में जौनपुर अव्वल, सीएम योगी करेंगे सम्मानित यूपी दिवस के अवसर पर मिलेगा जौनपुर को सम्मान जौनपुर में सर्वाधिक 3,315 युवाओं को दिया गया सीएम युवा योजना का लाभ दूसरे स्थान पर आजमगढ़ और तीसरे स्थान पर हरदोई लखनऊ  सीएम युवा योजना का लाभ शत-प्रतिशत देने में पिछले कई माह से पूरे उत्तर प्रदेश में जौनपुर प्रथम स्थान पर है, जबकि 22 जनवरी तक दूसरे स्थान पर आजमगढ़ और तीसरे स्थान पर हरदोई रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यूपी दिवस के अवसर पर सीएम युवा योजना का सबसे अधिक लाभ देने वाले जौनपुर को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेंगे। योगी सरकार प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी बनाने की दिशा में लगातार आवश्यक कदम उठा रही है। इसी के तहत प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही है। इन योजनाओं में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) योजना प्रदेश के युवाओं की पहली पसंद बन गयी है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में अब तक प्रदेश भर में करीब साढ़े तीन लाख आवेदन आ चुके हैं, जबकि योगी सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में डेढ़ लाख लोन वितरण का लक्ष्य रखा है। साफ है कि सीएम युवा योजना युवाओं को आकर्षित कर रही है और वे इससे जुड़कर अपने सपनों को साकार कर रहे हैं। इस योजना के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक पूरे प्रदेश से 3,34,337 युवा लोन के लिए आवेदन कर चुके हैं, जबकि 2,81,277 आवेदनों को बैंकों को फॉरवर्ड कर दिया गया है। इनमें से 1,06,772 आवेदनों को बैंक ने लोन देने की स्वीकृति दे दी है, जबकि 1,03,353 युवाओं को स्वरोजगार के लिए लोन वितरित किया जा चुका है। जौनपुर ने 3,315 युवाओं को किया लोन वितरित मुख्यमंत्री युवा योजना का शत प्रतिशत लाभ देने में पूरे प्रदेश में जौनपुर ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र सिंह ने बताया कि सीएम योगी की मंशा के अनुरूप जिले में विशेष अभियान चलाकर युवाओं को स्वरोजगार के लिए बैंकों से संपर्क कर लोन उपलब्ध कराया जा रहा है। वर्तमान वित्तीय वर्ष में जिले को अभियान के तहत 2,500 युवाओं को लोन उपलब्ध कराने का लक्ष्य दिया गया है। इसके सापेक्ष अब तक 8,240 आवेदन प्राप्त हुए,  जिसमें 7,033 आवेदनों को बैंकों को भेजा गया। इनमें से 3,315 आवेदकों को लोन वितरित किया जा चुका है। ऐसे में लक्ष्य के सापेक्ष लोन वितरण का अनुपात 132 प्रतिशत से अधिक है। पूरे प्रदेश में जौनपुर ने लक्ष्य से अधिक युवाओं को योजना का लाभ देकर पहला स्थान प्राप्त किया है। सीएम योगी यूपी दिवस के अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने के लिए जौनपुर जिले को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करेंगे। आजमगढ़ में ब्लॉक स्तर पर वर्कशाप का आयोजन कर युवाओं को दिया जा रहा योजना का लाभ   आजमगढ़ जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में योजना का लाभ देने के लिए लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। योजना का लाभ देने में अप्रैल 2025 से पहले जिला 25वें स्थान पर था। अप्रैल के बाद योजना का लाभ हर जरूरतमंद युवा को देने के लिए लगातार ब्लॉक स्तर पर वर्कशाप आयोजित की जा रही हैं। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में बैंकर्स व आवेदकों की आमने-सामने काउंसिलिंग करायी जा रही है। यही वजह है कि पिछले कई माह से आजमगढ़ योजना का लाभ देने में पूरे प्रदेश में लगातार दूसरे स्थान पर बना हुआ है। 22 जनवरी तक योजना का लाभ देने में पूरे प्रदेश में आजमगढ़ ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है। आजमगढ़ को वर्तमान वित्तीय वर्ष में 2,500 लोन वितरण का लक्ष्य दिया गया, जिसके सापेक्ष 7,315 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 6,253 आवेदनों को बैंकों को भेजा गया, जिसमें से 3,219 को लोन वितरित किया जा चुका है। इस तरह लक्ष्यप्राप्ति का अनुपात 128.76 प्रतिशत रहा।  हरदोई, अंबेडकरनगर, झांसी, कौशांबी, बहराइच व रायबरेली का भी रहा शानदार प्रदर्शन हरदोई जिलाधिकारी अनुनय झा ने बताया कि विशेष अभियान चला कर मुख्यमंत्री युवा योजना का लाभ दिया जा रहा है। यही वजह है कि पूरे प्रदेश में योजना का लाभ देने में हरदोई ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है। हरदोई को वर्तमान वित्तीय वर्ष में 2,800  लोन वितरण का लक्ष्य मिला था, जिसके सापेक्ष 10,930 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें से 8,449 आवेदनों को बैंक को भेजा गया,  जिसमें से 2,628 आवेदकों को लोन वितरित किया जा चुका है। इसके अलावा अंबेडकरनगर ने चौथा और झांसी ने प्रदेश में पांचवां स्थान प्राप्त किया है। योजना का लाभ देने में कौशांबी, बहराइच, रायबरेली और महराजगंज का भी प्रदर्शन शानदार रहा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 24 जनवरी को सर्व सुविधायुक्त सशुल्क वृद्धाश्रम ‘संध्या छाया’ का करेंगे लोकार्पण

मुख्यमंत्री डॉ. यादव 24 जनवरी को सर्व सुविधायुक्त, सशुल्क वृद्धाश्रम संध्या छाया का लोकार्पण करेंगे भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 24 जनवरी को प्रात: 11 बजे सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा नव निर्मित "सर्व सुविधायुक्त, सशुल्क वृद्धाश्रम (संध्या-छाया) का पत्रकार कॉलोनी लिंक रोड न. 3 भोपाल में लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव लोकार्पण कार्यक्रम में राज्य स्तरीय 'स्पर्श मेला-2026' के विजेताओं को पुरस्कार तथा सिंगल क्लिक के माध्यम से सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों 327 करोड़ की राशि अंतरित करेंगे। कार्यक्रम में सामाजिक न्याय दिव्यांगजन सशक्तिकरण, उद्यानिकी तथा खाद्य प्रसंस्करण मंत्री श्री नारायण सिंह कुशवाह, सांसद श्री आलोक शर्मा, महापौर श्रीमती मालती राय, विधायक (दक्षिण-पश्चिम) श्री भगवान दास सबनानी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे।

भारत-जापान दोस्ती का बड़ा फायदा: भारतीयों के लिए विदेश यात्रा के नए रास्ते खुले

नई दिल्ली हाल ही में जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी तीन दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर से भी मुलाकात की थी। दोनों नेताओं की यह मुलाकात भू-राजनीतिक उतार-चढ़ाव से जूझ रहे दो हिंद-प्रशांत दिग्गजों के बीच खास रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी की मजबूती को दर्शाती है। इसके साथ ही भारतीयों के लिए जापान की यात्रा करना अब और भी आसान होगा। हाल ही में दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के साथ मुलाकात के बाद जानकारी सामने आई है कि भारतीयों के लिए जापान ने अपने वीजा में बदलाव किया है। इसके तहत जापान समेत कई देशों की यात्रा करने वाले भारतीयों के समय और पैसों की बचत होगी। जापान के वैलिड वीजा के आधार पर भारतीय यात्री सात अन्य देशों की यात्रा कर सकेंगे। वैलिड जापान वीजा वाले भारतीय पासपोर्ट होल्डर यूरोप, एशिया, मिडिल ईस्ट और नॉर्थ अमेरिका में कुछ जगहों पर जा सकते हैं। यह देश की शर्तों पर निर्भर करता है। इनमें जॉर्जिया, फिलीपींस, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, ताइवान, मोंटेनेग्रो और मेक्सिको शामिल हैं। भारत-जापान 2027 में अपनी रणनीतिक साझेदारी के 75 साल पूरे करेगा और इसके साथ ही इस साल जापान की फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक (एफओआईपी) स्ट्रैटेजी की 10वीं सालगिरह है। ऐसे में इस मुलाकात के दौरान दोनों मंत्रियों ने 2026 की पहली तिमाही में लॉन्च के लिए जापान-भारत प्राइवेट-सेक्टर डायलॉग ऑन इकोनॉमिक सिक्योरिटी को हरी झंडी दिखाई। इसमें प्राथमिकता वाले पांच क्षेत्रों, सेमीकंडक्टर, जरूरी मिनरल, इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी (आईसीटी), क्लीन एनर्जी और फार्मास्यूटिकल्स, पर फोकस किया गया है। दोनों देशों ने यह कदम वैश्विक निर्भरता को कम करने के लिए उठाया है, ताकि भारत-जापान की अर्थव्यवस्था के लिए जरूरी बैटरी और चिप्स के लिए रेयर अर्थ का स्थिर सप्लाई सुनिश्चित हो सके। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में, जापान-इंडिया एआई कोऑपरेशन इनिशिएटिव (जेएआई) में बड़े स्तर पर सहयोग बढ़ाने के लिए जापान-भारत एआई स्ट्रेटेजिक डायलॉग की स्थापना को बूस्ट किया है। क्वाड सहयोग को फिर से सुनिश्चित करते हुए दोनों देशों के मंत्रियों ने समुद्री डोमेन अवेयरनेस, कम्युनिकेशन की सुरक्षित समुद्री लाइनों और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर में साझा प्राथमिकताओं पर जोर दिया।

शशि थरूर ने कांग्रेस बैठक से बनाई दूरी, खुली बड़ी वजह

केरल केरल विधानसभा चुनावों से पहले कांग्रेस के भीतर मतभेद नजर आए। पार्टी हाईकमान द्वारा बुलाई गई अहम बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर केरल विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को होने वाली पार्टी की एक रणनीतिक बैठक में शामिल नहीं होंगे क्योंकि वह इस बात से 'आहत' हैं कि राहुल गांधी ने हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान मंच पर उनके मौजूद होने के बावजूद उनके नाम का उल्लेख नहीं किया और राज्य के नेताओं द्वारा बार-बार उन्हें 'दरकिनार' करने की कोशिश की जा रही है। सूत्रों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। खरगे शुक्रवार को केरल के वरिष्ठ नेताओं के साथ विधानसभा चुनाव की रणनीति को लेकर बैठक करेंगे। आगामी मार्च-अप्रैल महीने में विधानसभा चुनाव संभावित हैं। उन्होंने कहा कि थरूर को अपने साथ किए गए व्यवहार से निराशा हुई, लेकिन अहम बात यह थी कि राहुल गांधी ने 19 जनवरी को कोच्चि में स्थानीय निकाय के चुनाव में जीतने वालों को सम्मानित करने के लिए आयोजित 'महापंचायत' में उनका उल्लेख नहीं किया।   सूत्रों ने कहा कि राहुल गांधी ने मंच पर अन्य वरिष्ठ नेताओं का उल्लेख किया और उनके नाम भी लिए, लेकिन चार बार के सांसद और कांग्रेस कार्य समिति के सदस्य थरूर का उल्लेख नहीं किया, जबकि वह मंच पर मौजूद थे। हालांकि थरूर के कार्यालय ने कहा कि उन्होंने कोझिकोड में केरल साहित्य महोत्सव में अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण बैठक में शामिल होने में असमर्थता के बारे में पार्टी को सूचित कर दिया है। हालांकि, उनके करीबी सूत्रों के अनुसार, वह पार्टी द्वारा उनके साथ किए गए व्यवहार से बहुत आहत हैं, जबकि थरूर ने खासकर आगामी राज्य विधानसभा चुनाव के लिए रणनीति तैयार करने के मकसद से केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा आयोजित शिविर के मौके पर मतभेद दूर करने का प्रयास किया था।   उस कार्यक्रम के बाद थरूर ने कहा था कि वह कभी भी पार्टी के रुख से अलग नहीं हटे हैं। इस मुद्दे पर कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। केरल कांग्रेस नेताओं द्वारा वायनाड में आयोजित उस शिविर से आगामी विधानसभा चुनावों में वाम लोकतांत्रिक मंच (LDF) का मुकाबला करने के लिए एकजुट आह्वान किया गया था। उसमें कथित तौर पर यह सहमति बनी कि थरूर विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे बल्कि पूरे राज्य में चुनाव प्रचार करेंगे। हालांकि, कुछ दिनों बाद राज्य इकाई के भीतर मतभेद फिर से उभर आए हैं और थरूर हाल ही में कोच्चि में अपने साथ किए गए व्यवहार से खुश नहीं हैं।   थरूर ने पार्टी के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल और केरल प्रभारी दीपा दास मुंशी सहित पार्टी के प्रमुख पदाधिकारियों को भी संदेश भेजा है जिसमें उनके साथ हुए ‘गलत व्यवहार' की ओर इशारा किया गया है। थरूर के बयानों और लेखों की हाल के दिनों में राष्ट्रीय और राज्य स्तर पर कांग्रेस नेताओं ने तीखी आलोचना की थी। पिछले साल भारत-पाकिस्तान संघर्ष और पहलगाम हमले के बाद राजनयिक संपर्क के प्रयासों को लेकर उनकी टिप्पणियों पर विवाद खड़ा हो गया था। उनकी टिप्पणियां कांग्रेस के रुख से भिन्न थीं और पार्टी के कई नेताओं ने उनके इरादों पर सवाल उठाते हुए उन पर कटाक्ष किया था। हालांकि, थरूर ने कहा है कि विदेश नीति पर रुख में कोई भिन्नता नहीं है।  

गोवा की याद दिलाएगा ऊना: गोविंद सागर का ‘अंदरोली’ खुला एडवेंचर प्रेमियों के लिए

ऊना ऊना जिले की बंगाणा तहसील में गोविंद सागर झील से सटा अंदरोली क्षेत्र अब एडवेंचर टूरिज्म और वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों का नया केंद्र बनकर तेजी से उभर रहा है। उपायुक्त ऊना जतिन लाल ने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के मार्गदर्शन एवं निर्देशों के अनुरूप गोविंद सागर झील में साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सुनियोजित ढंग से ठोस कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बताया कि कुटलैहड़ टूरिज्म डेवलपमेंट सोसाइटी के माध्यम से मेफील्ड एडवेंचर्स कंपनी के साथ वाटर स्पोर्ट्स संचालन का करार किया गया है। कंपनी ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों के लिए वाटर स्पोर्ट्स सुविधाएं उपलब्ध कराना शुरू कर दिया है, जिससे क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को वास्तविक गति मिली है। उपायुक्त ने कहा कि देवभूमि हिमाचल की प्राकृतिक सुंदरता और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत सदैव पर्यटकों को आकर्षित करती रही है। अब प्रदेश सरकार के निरंतर प्रयासों से साहसिक खेलों और पर्यटन के क्षेत्र में भी नई संभावनाएं तेजी से विकसित हो रही हैं। प्राकृतिक सौंदर्य और रोमांच का अद्भुत संगम चारों ओर पहाड़ों से घिरी गोविंद सागर झील की मनोहारी छटा और जल-पर्यटन की नई गतिविधियों ने अंदरोली क्षेत्र को पर्यटन मानचित्र पर विशिष्ट पहचान दिलानी शुरू कर दी है। यहां बोटिंग, कयाकिंग, जेट स्की, एटीबी राइड, हॉट एयर बैलून, स्पीड बोट और ड्रैगन राइड सहित विभिन्न वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे पर्यटकों को एक नया और रोमांचक अनुभव मिल रहा है।   उपायुक्त ने बताया कि भविष्य में यहां बनाना-बम्पर राइड, वाटर जेटोवेटर, शिकारा, 100 से अधिक सीटर क्रूज, जिप लाइन, पैरा मोटरिंग, फ्लोटिंग जेट्टी तथा पैराग्लाइडिंग जैसी गतिविधियां भी उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि यह पहल पर्यटन को नया आयाम देने के साथ-साथ स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और व्यावसायिक अवसर भी सृजित करेगी। उपायुक्त ने स्वयं लिया रोमांचक अनुभव, परिवार सहित आने की अपील उपायुक्त जतिन लाल ने हाल ही में स्वयं गोविंद सागर झील के अंदरोली क्षेत्र में परिवार सहित पहुंचकर हॉट एयर बैलून राइड सहित विभिन्न एडवेंचर गतिविधियों का आनंद लिया। उन्होंने कहा कि यह सुविधा अब परिवार, बच्चों और पर्यटकों के लिए घूमने-फिरने तथा वाटर स्पोर्ट्स व साहसिक गतिविधियों का बेहतरीन विकल्प बन चुकी है। उन्होंने कहा कि पहले लोग इन गतिविधियों के लिए दूर-दराज पर्यटन स्थलों का रुख करते थे या सुविधाएं न होने के कारण निराश रहते थे, लेकिन अब अंदरोली में ही यह अवसर सहज रूप से उपलब्ध है। उपायुक्त ने आमजन से अपील की कि वे परिवार एवं बच्चों के साथ आएं और सुरक्षित वातावरण में इन गतिविधियों का आनंद लें। पारदर्शी प्रक्रिया से मिला संचालन अनुबंध उपायुक्त ने बताया कि वाटर स्पोर्ट्स संचालन के लिए प्रतिस्पर्धी व पारदर्शी निविदा प्रक्रिया अपनाई गई थी। इसमें मेफील्ड एडवेंचर्स ने 80 लाख 500 रुपये की सर्वाधिक बोली लगाकर संचालन अनुबंध प्राप्त किया। पूरी प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न करने हेतु अतिरिक्त उपायुक्त ऊना की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा सभी औपचारिकताएं पूर्ण की गईं। एडीबी से 10 करोड़ का निवेश प्रस्तावित उन्होंने बताया कि अंदरोली क्षेत्र को एडवेंचर टूरिज्म हब के रूप में विकसित करने के लिए एशियन विकास बैंक (एडीबी) की सहायता से 10 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है, जिससे पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और क्षेत्र को व्यवस्थित पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी। इसके अतिरिक्त गोविंद सागर पर मंदली-लठियाणी पुल व सड़क निर्माण परियोजना से क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिससे पर्यटन को नई गति मिलेगी। गौरतलब है कि बीते वर्षों में पुलिस विभाग द्वारा आयोजित एडवेंचर स्पोर्ट्स मीट ने भी इस क्षेत्र को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई थी, जिसमें देशभर से आए प्रतिभागियों ने साहसिक गतिविधियों में भाग लिया था। पर्यटन मानचित्र पर और मजबूती से उभरेगा ऊना जिला उपायुक्त जतिन लाल ने कहा कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की प्राथमिकता है कि पर्यटन को बढ़ावा देकर युवाओं के लिए स्वरोजगार के अवसर सृजित किए जाएं। गोविंद सागर झील में वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की शुरुआत इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था सशक्त होगी और ऊना जिला पर्यटन मानचित्र पर और अधिक मजबूती से उभरेगा। मुख्यमंत्री के विजन को मिल रहा धरातल पर स्वरूप : विवेक शर्मा कुटलैहड़ के विधायक विवेक शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू का स्पष्ट विजन है कि पर्यटन को प्रदेश के आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम बनाया जाए। कुटलैहड़ विस के अंदरोली में गोविंद सागर झील में वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों की शुरुआत इसी विजन को धरातल पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम है। इससे क्षेत्र में युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर बनने के साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।

SIR विवाद पर ममता बनर्जी का बड़ा बयान: तनाव ऐसा कि बंगाल में रोज 3-4 आत्महत्याएं

कोलकाता पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर शुक्रवार को बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि राज्य में जारी एसआईआर अभ्यास के चलते फैली चिंता के कारण हर दिन तीन से चार लोग आत्महत्या कर रहे हैं। सुभाष चंद्र बोस की जयंती के उपलक्ष्य में कोलकाता में रेड रोड पर कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बनर्जी ने कहा, 'निर्वाचन आयोग और केंद्र सरकार को इन मौतों की जिम्मेदारी लेनी चाहिए। अब तक 110 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। प्रतिदिन तीन से चार लोग SIR की वजह से अत्यधिक चिंता के कारण आत्महत्या कर रहे हैं।’ आगामी विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में मतदाता सूचियों का एसआईआर अभ्यास जारी है। ममता बनर्जी ने भारतीय जनता पार्टी पर पश्चिम बंगाल के खिलाफ साजिश रचने का भी आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि महात्मा गांधी, रवींद्रनाथ टैगोर, नेताजी सुभाषचंद्र बोस और बीआर आंबेडकर जैसे देश के महान व्यक्तित्वों का अपमान किया जा रहा है। इसस पहले, ममता बनर्जी ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने केंद्र सरकार से इस महान स्वतंत्रता सेनानी से जुड़े सभी शेष दस्तावेजों को सार्वजनिक करने की अपील की। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर श्रद्धांजलि ममता बनर्जी ने कहा कि दशकों बीत जाने के बावजूद नेताजी के लापता होने का रहस्य अब तक अनसुलझा है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'देशनायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर मैं उन्हें हार्दिक श्रद्धांजलि और नमन अर्पित करती हूं। यह हम सभी का दुर्भाग्य है कि नेताजी के लापता होने का रहस्य आज तक नहीं सुलझा है। 1945 के बाद उनके साथ क्या हुआ, यह हम नहीं जानते। यह सभी के लिए अत्यंत दुख की बात है।' बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस से संबंधित सभी राज्य स्तरीय फाइलें बहुत पहले ही सार्वजनिक कर दी थीं। उन्होंने कहा कि मैं भारत सरकार से एक बार फिर अपील करती हूं कि नेताजी से संबंधित सभी जानकारियों को सार्वजनिक किया जाए।  

सुप्रीम कोर्ट में तीखी टिप्पणी: CJI बोले– अदालत को डराने की कोशिश मत करो

नई दिल्ली हाईकोर्ट में जज के साथ कहासुनी से जुड़े मामले में फंसे वकील को सुप्रीम कोर्ट से फटकार मिली है। वकील के खिलाफ आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी हुआ था, जिसके बाद उन्होंने शीर्ष न्यायालय का रुख किया था। मामले की सुनवाई कर रहे भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत ने अदालत में चेतावनी दी और कहा कि अगर वह आंख दिखाना चाहते हैं, तो हम भी देख लेंगे वह क्या कर लेंगे।   मामला बीते साल 16 अक्तूबर, झारखंड हाईकोर्ट का है। एक मामले में सुनवाई के दौरान एडवोकेट महेश तिवारी ने जस्टिस राजेश कुमार को सीमा पार नहीं करने के लिए कह दिया था। इसके बाद उनके खिलाफ आपराधिक अवमानना का नोटिस जारी हुआ। इस नोटिस के खिलाफ वह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे, जहां उन्हें सीजेआई की नाराजगी का सामना भी करना पड़ा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, CJI ने कहा, 'वह सुप्रीम कोर्ट से आदेश सिर्फ यह दिखाने के लिए चाहते हैं कि क्या बिगाड़ लिया मेरा।' उन्होंने एडवोकेट को नोटिस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में आने पर भी फटकार लगाई। उन्होंने कहा, 'अगर वह माफी मांगना चाहते हैं, तो उन्हें माफी मांगनी चाहिए…। अगर वह जजों को आंख दिखाना चाहते हैं, तो दिखाएं। हम भी यहां बैठे हैं और फिर हम भी देख लेंगे।' हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट से कहा है कि अगर वकील माफी मांग लेते हैं, तो उनके प्रति सहानुभूति रखी जाए। झारखंड हाईकोर्ट में क्या हुआ उस दौरान एडवोकेट तिवारी एक विधवा का केस लड़ रहे थे, जिनका 1 लाख 30 हजार से ज्यादा बकाया होने के कारण बिजली कनेक्शन काट दिया गया था। मामले की सुनवाई होने के बाद जस्टिस कुमार ने राज्य के बार काउंसिल अध्यक्ष से वकील के काम करने के तरीके पर संज्ञान लेने के लिए कहा। इसपर तिवारी उठे और और उंगली दिखाते हुए जज से कहा, 'मैं अपनी तरह से बहस कर सकता हूं, आप जो कह रहे हैं उस तरीके से नहीं। ध्यान रखें…। किसी भी वकील को अपमानित करने की कोशिश ना करें। मैं आपको बता रहा हूं।' इसपर जज ने कहा कि आप यह नहीं कह सकते कि कोर्ट ने अन्याय किया है। एडवोकेट ने जवाब दिया, 'क्या मैंने कहा ऐसा?' उन्होंने जज से लाइव वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच करने के लिए कहा। साथ ही बताया कि वह दूसरे वकील थे, जिन्होंने उस वाक्य का इस्तेमाल किया जिसपर जज को आपत्ति हुई। इसके बाद झारखंड हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली बेंच ने वकील के खिलाफ अवमानना का नोटिस जारी किया था।  

सुभाष चंद्र बोस की मौत का सच क्या है? अस्थियों का राज और बेटी का बड़ा खुलासा

नई दिल्ली   देश 23 जनवरी को नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती मना रहा है, इस बीच उनकी पुत्री अनीता बोस फाफ ने जापान के रेनकोजी मंदिर में रखी अस्थियों को वापस लाने की मांग की है। वह और उनके परिवार के कई सदस्य इन अस्थियों को नेताजी के अवशेष मानते हैं। फाफ ने कहा कि बेहद दुखद है कि भारत की आजादी के लिए लड़ते हुए अपने जीवन को न्यौछावर करने वाले नेताजी की मृत्यु के 80 साल बाद और देश की आजादी के 78 साल बाद भी उनके अवशेष मातृभूमि से बाहर रखे हुए हैं।   फाफ ने 'यूनीवार्ता' को भेजे एक बयान में कहा, "मैं नेताजी का सम्मान करने वाले भारतीयों को आमंत्रित करती हूं कि वे उनके अवशेषों को अंतिम और उचित संस्कार के लिए भारत लाये जाने का समर्थन करें।" नेताजी के भाई शरत बोस की पोती माधुरी बोस ने कहा कि परिवार अस्थियों की वापसी और उनके डीएनए परीक्षण की मांग कर रहा है ताकि उनके इस विश्वास की पुष्टि हो सके कि ये महान स्वतंत्रता सेनानी के ही अवशेष हैं। माधुरी बोस ने 'यूनीवार्ता' से कहा, "हम नेताजी के परिवार के सदस्य महान नेता के अवशेषों की सम्मानजनक वापसी की मांग कर रहे हैं और मुझे आशा है कि यह जल्द ही होगा।" कैसे हुई थी मौत आजाद हिंद फौज के कर्नल हबीबुर रहमान सहित कई प्रत्यक्षदर्शियों ने नेताजी की मृत्यु के संबंध गठित आयोग के समक्ष गवाही दी थी कि अगस्त 1945 में ताइपे में एक विमान दुर्घटना में उनकी मृत्यु हो गई थी। उनके जीवित बचने या उस विशेष विमान में उड़ान न भरने की धारणाएं प्रचलित रही हैं। कुछ धारणाओं के अनुसार नेताजी किसी तरह भारत लौट आए थे और देश में भेष बदलकर रह रहे थे। किसी रूसी गुलाग (जेल) में उनकी मौत की भी धारणा प्रचलित हुई थी। DNA जांच की मांग माधुरी बोस ने बताया कि नेताजी की पुत्री अनीता फाफ, उनके बड़े भाई के पुत्र और प्रसिद्ध भौतिक विज्ञानी द्वारका नाथ बोस और नेताजी के एक अन्य भतीजे अर्धेंदु बोस सहित परिवार के तीन सदस्यों ने अक्टूबर 2016 और दिसंबर 2019 में सरकार से विवाद खत्म करने के लिए रेनकोजी की अस्थियों के डीएनए परीक्षण का आदेश देने का अनुरोध किया था। अब तक हालांकि ऐसा नहीं किया गया है। फाफ ने नेताजी के जीवन और संघर्ष को याद करते हुए अपने संदेश में उल्लेख किया कि उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन के लिए दशकों समर्पित किए। बाद में जब कारावास में रहने से उनका मिशन असंभव हो गया तो उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम को जारी रखने के लिए भारत छोड़ने और इस लड़ाई को देश के बाहर से चलाने का निर्णय लिया।   विमान दुर्घटना यूरोप की ओर उनका पलायन, उसके बाद एक पनडुब्बी के जरिए दक्षिण-पूर्व एशिया की खतरनाक यात्रा और आजाद हिंद फौज के नेतृत्व में द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान स्वतंत्र भारत की अस्थायी सरकार का गठन हुआ। फाफ ने बताया कि अगस्त 1945 में जापान के आत्मसमर्पण के बाद, नेताजी सिंगापुर से टोक्यो के लिए रवाना हुए थे, लेकिन 18 अगस्त 1945 को ताइपे में एक घातक विमान दुर्घटना का शिकार हो गए। वह हालांकि गंभीर रूप से जलने के बावजूद शुरुआती दुर्घटना में बच गए थे, लेकिन उसी दिन बाद में उन्होंने दम तोड़ दिया। ताइपे में उनका अंतिम संस्कार किया गया और उनकी अस्थियां बाद में टोक्यो ले जाई गईं। नेताजी की अस्थियां तब से जापान के रेनकोजी मंदिर के मुख्य पुजारी द्वारा सुरक्षित कस्टडी में रखी गयीं थी, जहां वे आज भी रखी हुई हैं।