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BRICS 2026: भारत की अध्यक्षता में ‘कमल’ बनेगा प्रतीक, दुनिया में मजबूत होगी भारत की आवाज

नई दिल्ली भारत की अध्यक्षता में 2026 में ब्रिक्स का मंच कमल से सजने से जा रहा है। दरअसल विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को ब्रिक्स 2026 के लिए आधिकारिक लोगो और वेबसाइट लॉन्च की है। इस लोगो में मौजूद कमल सबका ध्यान अपनी ओर खींच रहा है। लॉन्च के बाद विदेश मंत्री ने कहा है कि भारत की अध्यक्षता के दौरान ब्रिक्स समूह के जरिए वैश्विक कल्याण को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा, खासकर ऐसे समय में जब समूह अपनी 20वीं वर्षगांठ मना रहा है।   बता दें कि दुनिया की पांच बड़ी अर्थव्यवस्थाएं ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ब्रिक्स समूह की अगुवाई करती हैं। इसकी स्थापना साल 2006 में हुई थी। बीते कुछ सालों में समूह का तेजी से विस्तार हुआ जहां मिस्र, इथियोपिया, ईरान, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया भी पूर्ण सदस्य के रूप में ब्रिक्स में शामिल हो गए। क्या कहता है नया लोगो? अधिकारियों के मुताबिक नए लोगो की प्रेरणा कमल से ली गई है। यह भारत की गहरी सांस्कृतिक विरासत और मजबूती का प्रतीक है। लोगो की पंखुड़ियों में ब्रिक्स देशों के रंग दिखाए गए हैं, जो अलग अलग आवाजों को एक साझा मकसद के साथ जोड़ने का संदेश देते हैं। वहीं लोगो के बीच में नमस्कार का चिन्ह है, जो सम्मान और सहयोग की भावना को दर्शाता है। इसके साथ एक टैगलाइन भी रखी गई है, “लचीलेपन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास के लिए निर्माण।” वेबसाइट भी लॉन्च जयशंकर ने इस दौरान ब्रिक्स की नई वेबसाइट भी लॉन्च की। इसका मकसद ब्रिक्स से जुड़ी सभी जानकारियों के लिए एक केंद्रीय मंच बनाना है। अधिकारियों ने बताया कि इसमें ब्रिक्स की पहल, प्रोजेक्ट, कार्यक्रम और आधिकारिक दस्तावेजों की जानकारी उपलब्ध होगी। ब्रिक्स की मजबूती से तिलमिलाया है अमेरिका शुरूआत के बाद से ही ब्रिक्स एक अहम वैश्विक मंच के तौर पर उभरकर सामने है। फिलहाल इसमें कुल 11 सदस्य देश शामिल हैं, जो दुनिया की करीब 49.5 प्रतिशत आबादी, लगभग 40 प्रतिशत वैश्विक जीडीपी और करीब 26 प्रतिशत वैश्विक व्यापार का प्रतिनिधित्व करते हैं। वहीं भारत की 2026 की अध्यक्षता में ब्रिक्स से वैश्विक स्तर पर सहयोग और प्रभाव और बढ़ने की उम्मीद है। समूह ने समय समय पर अमेरिकी डॉलर के वर्चस्व को सीधी चुनौती देने की भी कोशिश की है, जिससे अमेरिका तिलमिलाया हुआ है।  

नितिन नवीन के शपथ समारोह को BJP बनाएगी शक्ति प्रदर्शन, PM मोदी की मौजूदगी के मायने

नई दिल्ली भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन 20 जनवरी को पार्टी के पूर्णकालिक अध्यक्ष बन जाएंगे। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह मौजूद रहेंगे। इसके अलावा कैबिनेट के तमाम मंत्रियों, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों, भाजपा के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा कई राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष भी दिल्ली आएंगे। भाजपा का शीर्ष नेतृत्व चाहता है कि नितिन नवीन की ताजपोशी धूमधाम के साथ और एक गरिमामय आयोजन में की जाए। ऐसा इसलिए ताकि नितिन नवीन का पार्टी अध्यक्ष के तौर पर इकबाल कायम हो सके। नितिन नवीन भाजपा की नई पीढ़ी के नेताओं में से हैं और उन्हें पार्टी ने जिम्मेदारी देकर भविष्य की तैयारियों के संकेत दिए हैं। ऐसे में वरिष्ठ नेताओं के बीच भी उनका कद स्थापित हो सके। इसके लिए खुद पीएम नरेंद्र मोदी उनकी ताजपोशी में मौजूद रहेंगे और पूरी कैबिनेट भी रहेगी। इसके जरिए एक संदेश देने का प्रयास किया जाएगा कि भाजपा अध्यक्ष का पद संगठन में शीर्ष पर है और भले ही कोई भी नेता उस जिम्मेदारी को संभाल रहा हो। कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद से नितिन नवीन ने भाजपा के तमाम नेताओं से मुलाकात की है। माना जा रहा है कि उन्होंने संगठन में फेरबदल के लिहाज से भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। 20 जनवरी को उनकी ताजपोशी के बाद वह अपनी टीम तय करेंगे और कई नए चेहरों की भाजपा के संगठन में एंट्री हो सकती है। केंद्र सरकार में भी फेरबदल की है तैयारी, कई नए चेहरों को एंट्री इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार में भी फेरबदल दिख सकते हैं। वजह यह है कि पंकज चौधरी अब यूपी के प्रदेश अध्यक्ष हैं। वह मोदी सरकार की कैबिनेट में भी हैं। ऐसे में उनका कैबिनेट से हटना तय माना जा रहा है। इसके अलावा कुछ और नेताओं को संगठन से सरकार में लाया जा सकता है। वहीं आरएसएस से जुड़े कुछ लोगों को पार्टी में अहम पद दिए जा सकते हैं। 46 साल के नितिन नवीन भाजपा के अब तक के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। अकेले ही नामांकन करेंगे नितिन, पहले दिन नॉमिनेशन और दूसरे दिन ऐलान भाजपा सूत्रों का कहना है कि नितिन नवीन अकेले ही अध्यक्ष पद के लिए नामांकन करेंगे और चुनाव होने की संभावना न के समान है। माना जा रहा है कि वह 18 या 19 जनवरी को नामांकन दाखिल करेंगे। फिर उनके निर्वाचन की घोषणा होगी और उनके पदभार ग्रहण करने के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी समेत तमाम दिग्गज नेता मौजूद रहेंगे। भाजपा फिलहाल खरमास की समाप्ति का इंतजार कर रही है, जो मकर संक्रांति के साथ खत्म होगा।  

दिल्ली एयरपोर्ट 6 दिन के लिए रहेगा बंद, यात्रियों को होगी भारी परेशानी

नई दिल्ली सर्दी में कोहरे से होने वाली परेशानी अभी खत्म भी नहीं हुई थी कि अब दिल्ली एयरपोर्ट पर हवाई यात्रियों को 6 दिन मुश्किलें झेलनी पड़ सकती हैं। गणतंत्र दिवस के सुरक्षा प्रोटोकॉल के मद्देनजर 21 जनवरी से दिल्ली के ऊपर एयरस्पेस बंद होने के कारण यात्रियों को यात्रा में और भी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।   मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने मंगलवार को 21 जनवरी से 6 दिनों के लिए 1020 घंटे से 1245 घंटे तक के लिए एक नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) जारी किया है। 2 घंटे 25 मिनट के इस बंद से हजारों उड़ानें प्रभावित होंगी और कनेक्शन बाधित होंगे। इसके चलते यात्रियों को देरी और कैंसलेशन का सामना करना पड़ेगा और एयरलाइंस को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। यह प्रैक्टिस गणतंत्र दिवस पर हर साल होने वाली ड्रेस रिहर्सल और परेड के लिए है। इसमें कर्तव्य पथ पर परेड, फ्लाईपास्ट और संस्कृति और मिलिट्री हार्डवेयर का प्रदर्शन शामिल होता है। मंगलवार को जारी किए गए नोटैम के मुताबिक बंद होने में सिर्फ 8 दिन बचे हैं। इससे एयरलाइंस को अपनी उड़ानों को एडजस्ट करने, मिस-कनेक्टिंग यात्रियों को वेरिफाई कर उन्हें दूसरे रास्ते से भेजने या रिफंड और बदलाव देने में काफी मशक्कत करनी पड़ेगी, जो एयरलाइंस के लिए एक महंगा सौदा होगा। कितनी उड़ानों पर होगा असर? एविएशन एनालिटिक्स कंपनी सिरियम द्वारा शेयर किए गए डेटा से पता चलता है कि इस दौरान 600 से ज्यादा फ्लाइट्स पर असर पड़ेगा। यह वक्त दिल्ली में सबसे बिजी समय में से एक होता है, जब देशभर से आने वाले पैसेंजर यूरोप और भारत में दूसरी जगहों के लिए दोपहर की फ्लाइट्स पकड़ने के लिए लैंड करते हैं। कैंसलेशन, रीशेड्यूलिंग और रुकावटों की वजह से रोजाना हजारों पैसेंजर पर इसका असर पड़ने की उम्मीद है। क्यों किया जा रहा बंद? गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान फ्लाईपास्ट में शामिल विमानों के ही गणमान्य व्यक्तियों की सुरक्षा कारणों से इस तरह के पूरे बंद जरूरी होते हैं। जिन उड़ानों पर असर पड़ेगा, यह जरूरी नहीं कि वो सब कैंसिल ही हों। हालांकि, उनके टाइम में जरूर बदलाव होगा। इसके अलावा, पैसेंजर्स को दूसरे टाइम पर दूसरी फ्लाइट में एडजस्ट किया जाएगा। इस वक्त दिल्ली में कोहरा भी देखने को मिलता है, इसलिए जब किसी दिन विजिबिलिटी कम हो जाती है, तो इतने कम समय में इतनी सारी फ्लाइट्स और यात्रियों को मैनेज करना मुश्किल हो सकता है। यात्रियों के लिए सुझाव अगर आपकी फ्लाइट तय समय और तारीख पर दिल्ली से आने या जाने वाली है, तो सुनिश्चित करें कि आपकी कॉन्टैक्ट डिटेल्स अपडेट हों ताकि एयरलाइंस बदलावों या कैंसलेशन के बारे में जल्द से जल्द आपसे संपर्क कर सकें। उड़ान रद्द होने पर एयरलाइंस आमतौर पर दूसरे ऑप्शन या पूरा रिफंड देती हैं। आखिरी समय में बदलाव को देखते हुए, विमान के किराए टिकट बुक करते समय की कीमत से अधिक हो सकते हैं, इसलिए दूसरे ऑप्शन चुनना ज्यादा समझदारी होगी।  

पत्थर मारकर कुत्ते को बनाया गया हिंसक! सुप्रीम कोर्ट में पीड़िता ने रखा सच

नई दिल्ली   स्ट्रे डॉग्स को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आखिरी सुनवाई जारी है। मंगलवार को अदालत में कुत्ते के काटने का शिकार हुई एक महिला भी पहुंचीं, जिन्होंने जानवरों के हमले का बचाव किया। उन्होंने कहा कि कुत्ते के साथ बुरी तरह से क्रूरता की गई थी, जिसके चलते उसने हमला किया। साथ ही उन्होंने डॉग्स को काबू करने के उपाय भी सुझाए हैं।   सुनवाई के दौरान कोर्ट पहुंचीं पीड़ित महिला ने कहा कि उन्हें भी कुत्ते ने काट लिया था। उन्होंने बताया कि इसके बाद वह इस हमले की वजह का पता करने निकल गईं थीं। बार एंड बेंच के अनुसार, महिला ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, 'मैं मानती हूं कि उचित तरीके से ABC लागू करने से कुत्तों की आबादी और आक्रामकता कम होगी। मुझे एक कुत्ते ने काट लिया था। मैं जानना चाहती थी कि आखिर कुत्ते ने मुझे बगैर किसी उकसावे के क्यों काटा। उस कुत्ते के साथ लंबे समय से क्रूरता की जा रही थी। लातें मारी जा रही थीं, पत्थर मारे जा रहे थे आदि।' उन्होंने आगे कहा, 'उसे डर के जवाब में बचाव वाली आक्रामकता दिखाई। मैंने किसी और की हरकतों के कारण ये झेला। एक कुत्ते में आक्रामकता कैसे आती है। एक मिलनसार कुत्ते के साथ क्रूरता करने से उसके मन में डर पैदा होता है। डर बचाव में आक्रामकता को जन्म देता है।' 8 जनवरी को हुई सुनवाई में अदालत ने एबीसी नियमों को ठीक से लागू नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया था। शीर्ष न्यायालय ने कहा था कि उसकी तरफ से सभी स्ट्रीट डॉग्स को हटाए जाने के निर्देश नहीं दिए गए हैं, बल्कि एबीसी नियमों के तहत इससे निपटने की बात कही गई है। पशु प्रेमियों और जानवरों के हितों के लिए काम करने वालों की तरफ से कोर्ट में सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए थे।  

SC में कानून पर तीखी नाराज़गी: ‘यह भ्रष्टाचार को संरक्षण देता है’, CJI तक पहुंचा विवाद

नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को भ्रष्टाचार रोधी कानून पर एक लंबी और दिलचस्प बहस देखने को मिली। इस दौरान जस्टिस बीवी नागरत्ना ने भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम की धारा 17ए को रद्द करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि यह धारा असंवैधानिक है, इसे निरस्त किए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि किसी भी करप्शन के मामले में अथॉरिटी से मंजूरी लेने की बाध्यता भ्रष्ट अधिकारियों को बचाने वाली है। ऐसी स्थिति में इस सेक्शन को रद्द किया जाना चाहिए। इससे भ्रष्टाचार के मामलों में कार्रवाई करने में देरी होती है। ऐसी स्थिति ठीक नहीं है। हालांकि इस मामले की सुनवाई में बेंच ही बंटी नजर आई।   बेंच में शामिल दूसरे जज केवी विश्वनाथन ने कहा कि प्रिवेंशन ऑफ करप्शन ऐक्ट की धारा 17A जरूरी है। इससे ईमानदार अधिकारियों को बचाने में मदद मिलती है। इस तरह बेंच का फैसला बंटा हुआ आया। अब इस मामले को चीफ जस्टिस सूर्यकांत के समक्ष रखा जाएगा। वह इस केस की सुनवाई के लिए एक बड़ी बेंच का गठन करेंगे। उस बेंच की ओर से आने वाला फैसला ही इस केस में अंतिम होगा। यह बेंच दो ही जजों की थी और उनकी राय अलग होने पर कोई अंतिम फैसला नहीं आ सका। ऐसी स्थिति में अब बड़ी बेंच का गठन होना है। कब जोड़ी गई थी करप्शन ऐक्ट में यह धारा, जिस पर सवाल दरअसल भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम, 1988 में नई धारा 17A को 2018 में जोड़ा गया था। तब यह बताया गया था कि इसका उद्देश्य है कि अनावश्यक मामलों को रोका जाए और ईमानदार अधिकारियों को बेवजह कानूनी मसलों में फंसने से बचाया जाए। इसे ईमानदार अधिकारियों के लिए एक सुरक्षा कवच बताया गया था। हालांकि अब इस धारा को लेकर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट की ओर से इस केस में अंतिम फैसला क्या आता है। इस पर सभी की नजर रहेगी। बता दें कि जस्टिस बीवी नागरत्ना ने सुनवाई के दौरान बेहद सख्त लहजे में कहा कि यह सेक्शन ही असंवैधानिक है और इसे निरस्त किए जाने की जरूरत है।  

अब्बास अंसारी को सुप्रीम कोर्ट से जमानत, गैंगस्टर एक्ट मामले में मिली कानूनी राहत

लखनऊ सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के विधायक अब्बास अंसारी को उत्तर प्रदेश गैंगस्टर और असामाजिक गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत दर्ज एक मामले में नियमित जमानत दे दी है। अब्बास अंसारी गैंगस्टर से नेता बने मुख्तार अंसारी के बड़े बेटे हैं और मऊ सदर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि इस जमानत में अब्बास अंसारी यूपी से बाहर तो जा सकते हैं, लेकिन उन्हें इससे पहले ट्रायल कोर्ट को जानकारी देनी होगी। इस जानकारी में उन्हें अपना मोबाइल नंबर और कहां जा रहे हैं इसकी पूरी जानकारी देनी होगी। इसके बाद ही वह कहीं जा सकते हैं। नियमित जमानत देते समय सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि अंसारी को अंतरिम राहत देते समय पहले लगाई गई सभी शर्तों का सख्ती से पालन करना होगा। अब्बास अंसारी कई आपराधिक मामलों का सामना कर रहे हैं, लेकिन अन्य मामलों में उन्हें पहले ही जमानत मिल चुकी है। इस फैसले से अब वे सभी मामलों में जमानत पर हैं। राज्य की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के.एम. नटराज ने पेश किया, लेकिन कोर्ट ने उनके तर्कों को ध्यान में रखते हुए भी जमानत को नियमित कर दिया। यह फैसला अब्बास अंसारी और उनके परिवार के लिए बड़ी कानूनी जीत मानी जा रही है। इससे पहले, सितंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी जमानत की शर्तों में ढील दी थी। अंसारी को लखनऊ में उन्हें अलॉट किए गए सरकारी आवास में रहना था। इसके अलावा, पिछले साल सितंबर में इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा मामले में उनकी जेल की सजा पर रोक लगाने के बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा में अब्बास अंसारी की सदस्यता भी बहाल कर दी गई थी। अब्बास अंसारी पर 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के दौरान नफरत फैलाने वाला भाषण देने का आरोप था। आरोप है कि उन्होंने एक पब्लिक मीटिंग में भड़काऊ बातें कही थीं और सरकारी अधिकारियों को चेतावनी दी थी कि समाजवादी पार्टी के सत्ता में आने के बाद वह उनसे हिसाब बराबर करेंगे और उन्हें सबक सिखाएंगे। मुख्तार अंसारी का दशकों तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में काफी राजनीतिक प्रभाव रहा था। उन्होंने कई बार मऊ क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। मुख्तार अंसारी के निधन के बाद उनके बेटे अब्बास अंसारी ने राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाया। 2022 के विधानसभा चुनावों में उन्होंने मऊ सदर सीट जीती थी।

WI vs AFG T20: वेस्टइंडीज ने किया स्क्वॉड का ऐलान, इस खिलाड़ी को मिला पहला मौका

नई दिल्ली अफगानिस्तान के खिलाफ 19 जनवरी से शुरू हो रही 3 मैचों की टी20 इंटरनेशनल सीरीज के लिए वेस्टइंडीज की टीम का ऐलान हो गया है। एक नए खिलाड़ी को भी टीम में शामिल किया गया है, लेकिन साउथ अफ्रीका की टी20 लीग में खेल रहे खिलाड़ियों को नजरअंदाज किया गया है, क्योंकि वे लीग के साथ अपने कमिटमेंट्स की वजह से उपलब्ध नहीं हैं। 16 सदस्यीय टीम वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड ने इस सीरीज के लिए चुनी है। क्वेंटिन सैम्पसन को पहली बार वेस्टइंडीज की टीम में चुना गया है। दुबई में 19 से 22 जनवरी के बीच तीन मैचों की सीरीज अफगानिस्तान की मेजबानी में वेस्टइंडीज की टीम खेलेगी।   रेगुलर कैप्ट शाई होप की गैरमौजूदगी में ब्रैंडन किंग टीम की कप्तानी करेंगे। शाई होप SA20 कमिटमेंट्स की वजह से इस सीरीज में सिलेक्शन के लिए उपलब्ध नहीं थे। शाई होप उन चार खिलाड़ियों में से एक हैं, जो इस सीरीज की बजाय एसए20 में खेलेंगे। उनके अलावा इस लीग में रोस्टन चेज, अकील हुसैन और शेरफेन रदरफोर्ड भी खेलना जारी रखेंगे, जबकि टीम अफगानिस्तान से इंटरनेशनल सीरीज खेलेगी। 25 साल के गुयाना अमेजन वॉरियर्स के बैट्समैन क्वेंटिन सैम्पसन, कैरेबियन प्रीमियर लीग 2025 में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में शामिल थे। सैम्पसन 9 मैचों में 151.57 के स्ट्राइकरेट से 241 रन बनाए थे। शमर जोसेफ और एविन लुईस की भी टीम में वापस हो गई है। वे अभी तक चोटिल थे। अल्जारी जोसेफ, जो पीठ के निचले हिस्से में चोट के कारण भारत में टेस्ट सीरीज नहीं खेल पाए थे, उनको अभी भी टीम में जगह नहीं मिली है। वे रिहैब जारी रखेंगे। वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत रोवमैन पॉवेल को जेसन होल्डर और रोमारियो शेफर्ड के साथ सीरीज से आराम दिया गया है। अफगानिस्तान के खिलाफ T20I सीरीज के लिए वेस्टइंडीज टीम ब्रैंडन किंग (कप्तान), एलिक एथनेज, केसी कार्टी, जॉनसन चार्ल्स, मैथ्यू फोर्ड, जस्टिन ग्रीव्स, शिमरोन हेटमायर, आमिर जंगू, शमर जोसेफ, एविन लुईस, गुडाकेश मोती, खैरी पियरे, क्वेंटिन सैम्पसन, जेडन सील्स, रेमन सिमंड्स और शमर स्प्रिंगर कैरेबियाई टीम के हेड कोच डैरेन सैमी ने कहा कि अफगानिस्तान के खिलाफ ये टी20 सीरीज भारत और श्रीलंका में होने वाले T20 वर्ल्ड कप की तैयारियों में अहम भूमिका निभाएगी। सैमी ने कहा, "सबकॉन्टिनेंटल कंडीशंस में कॉम्पिटिटिव मैच खेलने का मौका बहुत अच्छा है, क्योंकि यह एक कॉम्पिटिटिव T20 वर्ल्ड कप से पहले हमारी तैयारियों और कॉन्फिडेंस बढ़ाने में मदद करेगा। यह उन खिलाड़ियों को परखने के लिए भी एक अच्छा प्लेटफॉर्म है, जो 2025 के आखिर में काफी समय तक नहीं खेल पाए थे, साथ ही उन खिलाड़ियों को भी जो फाइनल टीम के सिलेक्शन से पहले इस सीरीज में अहम भूमिका निभाएंगे।"  

Royal Enfield Goan Classic 350 का अपडेटेड वर्शन लॉन्च, स्लिप एंड असिस्ट क्लच का शामिल किया गया नया फीचर

नई दिल्ली  दोपहिया वाहन निर्माता कंपनी Royal Enfield ने अपनी Goan Classic 350 के लिए एक छोटा सा अपडेट जारी किया है, जिसमें स्लिप-एंड-असिस्ट क्लच और एक फास्ट USB टाइप-C चार्जिंग पोर्ट शामिल किया गया है. इस अपडेट के साथ, अब इसके शेक ब्लैक और पर्पल हेज़ कलर ऑप्शन की कीमतें 2.20 लाख रुपये से शुरू होती हैं, जबकि ट्रिप टील ग्रीन और रेव रेड वेरिएंट की कीमत 2.23 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) हो गई हैं. यह पहले की कीमतों के मुकाबले लगभग 2,000 रुपये की बढ़ोतरी को दिखाता है. Royal Enfield Goan Classic 350 का इंजन Goan की Classic 350, Royal Enfield की 350 cc लाइनअप में स्लिप-एंड-असिस्ट क्लच पाने वाला लेटेस्ट मॉडल बन गया है, क्योंकि कंपनी इस फीचर को ज़्यादा से ज़्यादा मॉडल्स में दे रही है. फिलहाल, इस लिस्ट में Classic 350 और Bullet 350 ही एकमात्र 350cc मॉडल हैं, जिनमें स्लिप और असिस्ट क्लच नहीं है. इंजन की बात करें तो इन बदलावों के अलावा इस मोटरसाइकिल में कोई बदलाव नहीं किया गया है. इसमें वही 349 cc, सिंगल-सिलेंडर J-सीरीज़ इंजन इस्तेमाल किया गया है. यह इंजन 20.2 bhp की पावर और 27 Nm का टॉर्क प्रदान करता है. इस इंजन के साथ 5-स्पीड गियरबॉक्स जोड़ा गया है. USB टाइप-C चार्जिंग पोर्ट का जोड़ा जाना भी एक ऐसा ही अपडेट है जो अपडेटेड हंटर 350 में पेश किया गया था. Goan Classic 350 में टेलीस्कोपिक फ्रंट फोर्क और रियर मोनोशॉक लगाया गया है. ब्रेकिंग के लिए इसमें 300 mm फ्रंट डिस्क और 270 mm रियर डिस्क के साथ डुअल-चैनल ABS दिया गया है. यह मोटरसाइकिल 19-इंच के फ्रंट व्हील और 16-इंच के रियर व्हील पर चलती है.

बांग्लादेश का बड़ा दावा: ‘हम पाकिस्तान में खेलना चाहते थे’, ICC पर उठाए सवाल, सुरक्षा नाकामी का खंडन

  नई दिल्ली इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने सोमवार को संकेत दिए कि वह बांग्लादेश की उस मांग को स्वीकार करने के मूड में नहीं है, जिसमें टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए भारत में होने वाले उसके मैचों का वेन्यू बदलने की बात कही गई थी. आईसीसी द्वारा कराई गई सुरक्षा समीक्षा रिपोर्ट में बांग्लादेश टीम के लिए खतरे के स्तर को 'कम' बताया गया है. आईसीसी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, वर्ल्ड बॉडी की रिस्क असेसमेंट रिपोर्ट में ऐसा कोई ठोस या सीधा खतरा सामने नहीं आया है, जिसके आधार पर यह कहा जाए कि बांग्लादेश टीम टूर्नामेंट में हिस्सा नहीं ले सकती. यह टूर्नामेंट 7 फरवरी से शुरू होना है और बांग्लादेश को लीग स्टेज में भारत में चार मुकाबले खेलने हैं. आईसीसी से मिल सकता है बांग्लादेश को झटका आईसीसी सूत्र ने पीटीआई से नाम न छापने की शर्त पर कहा, 'यह स्पष्ट करना जरूरी है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के सुरक्षा विशेषज्ञों द्वारा की गई आईसीसी की स्वतंत्र जांच में यह निकला है कि बांग्लादेश भारत में अपने तय मैच बिना किसी खतरे के खेल सकता है.' सूत्र ने आगे कहा कि पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारत में सुरक्षा जोखिम को कम से मध्यम (Low to Moderate) आंका गया है, जो दुनिया के कई बड़े खेल आयोजनों के समान ही है. बांग्लादेश की रिपोर्ट को भी किया खारिज आईसीसी की रिपोर्ट ने बांग्लादेश के खेल मंत्रालय के सलाहकार आसिफ नज़रुल के उस दावे को भी खारिज किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि मुस्तफिज़ुर रहमान की टीम में मौजूदगी से सुरक्षा खतरा बढ़ सकता है. रिपोर्ट के अनुसार, भारत के किसी भी वेन्यू पर बांग्लादेश टीम या अधिकारियों को लेकर कोई प्रत्यक्ष खतरा नहीं पाया गया है. आईसीसी सूत्र के मुताबिक, 'पेशेवर सलाह के आधार पर कोलकाता और मुंबई में होने वाले बांग्लादेश के मुकाबलों को लेकर जोखिम कम से मध्यम स्तर का है और ऐसा कोई संकेत नहीं है जिसे मौजूदा सुरक्षा इंतजामों के जरिए संभाला न जा सके.' आईसीसी सूत्रों का कहना है कि मौजूदा शेड्यूल में बदलाव की संभावना बेहद कम है. सूत्र ने कहा, 'आईसीसी को बीसीसीआई और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर तैयार की जा रही सुरक्षा व्यवस्था पर पूरा भरोसा है. भारत का रिकॉर्ड बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों को सुरक्षित तरीके से कराने का रहा है.' हम पाकिस्तान में खेलना चाहते हैं टी20 वर्ल्ड कप बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने एक बार फिर दोहराया है कि बांग्लादेश की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 खेलने के लिए भारत नहीं जाएगी. सोमवार, 12 जनवरी को एक कार्यक्रम के दौरान नजरुल ने दावा किया कि भारत में बांग्लादेश के खिलाफ माहौल बेहद नकारात्मक है, ऐसे में टीम को वहां भेजना संभव नहीं है. आईसीसी पर भी बोला हमला आसिफ नजरुल ने इस दौरान इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) पर भी तीखा हमला बोला. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर आईसीसी वाकई एक 'वैश्विक संगठन' है, तो उसे बांग्लादेश को भारत के बाहर अपने मैच खेलने की अनुमति देनी चाहिए. खेल सलाहकार ने कहा कि बांग्लादेश श्रीलंका, पाकिस्तान या संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में अपने मैच खेलने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन इस मुद्दे पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा. क्या बोले बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नज़रुल ने कहा, 'भारत में मौजूदा बेहद सांप्रदायिक हालात और बांग्लादेश विरोधी माहौल को देखते हुए, खासकर पिछले 16 महीनों से भारत में चल रहे बांग्लादेश विरोधी अभियान के कारण, हमारे लिए भारत में क्रिकेट खेलना असंभव है.' उन्होंने आगे कहा, 'मुस्तफिज़ुर की घटना वह इस बात का पुख्ता सबूत है. हमारा मानना है कि क्रिकेट पर किसी एक देश का एकाधिकार नहीं होना चाहिए. किसी टूर्नामेंट या खेल का भविष्य सिर्फ बाजार प्रबंधन के आधार पर तय नहीं किया जा सकता. अगर आईसीसी वास्तव में एक वैश्विक संस्था है और वह केवल भारत के निर्देशों पर नहीं चलती, तो उसे हमें श्रीलंका में टी20 वर्ल्ड कप खेलने का मौका देना चाहिए. हम इस मुद्दे पर किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं करेंगे.' गौरतलब है कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (BCCI) द्वारा मुस्तफिज़ुर रहमान का इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) कॉन्ट्रैक्ट खत्म किए जाने के बाद बांग्लादेश ने अपने टी20 वर्ल्ड कप मैचों के वेन्यू बदलने की मांग की थी. इसे भारत की कार्रवाई के जवाब में उठाया गया कदम माना गया. इसके बाद बांग्लादेश ने आईपीएल के प्रसारण पर अनिश्चितकालीन प्रतिबंध लगा दिया और आईसीसी को पत्र लिखकर अपने वर्ल्ड कप मैच भारत से बाहर कराने का अनुरोध किया. पाकिस्तान या UAE में खेलने को तैयार बांग्लादेश नज़रुल ने यह भी दावा किया कि आईसीसी कोलकाता और मुंबई से मैच हटाने के लिए तैयार है, लेकिन नए वेन्यू भारत के ही अन्य शहर बताए जा रहे हैं, जो बांग्लादेश को स्वीकार नहीं हैं. उन्होंने कहा, 'वे दो वेन्यू का प्रस्ताव दे रहे हैं, लेकिन दोनों भारत में हैं. भारत का मतलब भारत ही है. हम भारत की बात कर रहे हैं. हमने कोलकाता का ज़िक्र किया था, उसे श्रीलंका में शिफ्ट करना कोई समस्या नहीं है. अगर पाकिस्तान हमारे मैचों की मेज़बानी करना चाहता है तो कोई दिक्कत नहीं, यूएई में करवा दीजिए, कोई दिक्कत नहीं.' हालांकि, यह भी ध्यान देने वाली बात है कि खुद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि आईसीसी ने अब तक उनके वेन्यू बदलने के अनुरोध पर कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है.  

WPL 2026: आरसीबी ने यूपी को 9 विकेट से हराया, ग्रेस हैरिस की 85 रन की तूफानी पारी, मंधाना ने 47 रन बनाए

 नई दिल्ली विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) का 5वां मैच सोमवार को रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और यूपी वॉरियर्स के बीच खेला गया. इस मैच में आरसीबी ने 9 विकेट से जीत हासिल की. आरसीबी की टीम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी का चुनाव किया था. यूपी की टीम ने आरसीबी के सामने 144 रनों का लक्ष्य रखा था. जिसके जवाब में उतरी आरसीबी ने13वें ओवर में ही ये मुकाबला जीत लिया. ये आरसीबी की लगातार दूसरी जीत है. वहीं यूपी को लगातार दूसरे मैच में हार का सामना करना पड़ा है. ऐसी रही आरसीबी की बैटिंग 144 रनों के जवाब में उतरी आरसीबी की शुरुआत बेहद आक्रामक रही. स्मृति मंधाना और ग्रेस हैरिस ने पारी का आगाज किया. दोनों ने तेजी से रन बनाए. 12वें ओवर में आरसीबी को पहला झटका लगा 137 के स्कोर पर जब हैरिस 85 रन बनाकर आउट हुईं. लेकिन अगले ही ओवर में मंधाना ने टीम को जीत दिला दी. मंधाना ने 32 गेंद में नाबाद 47 रन बनाए. अपनी पारी में मंधाना ने 9 चौके लगाए. वहीं, हैरिस ने 10 चौके और 5 छक्के जड़े. ऐसे रही यूपी की बल्लेबाजी पहले बल्लेबाजी करने उतरी यूपी वॉरियर्स की शुरुआत तो संभली रही. लेकिन 5वें ओवर में उसे पहला झटका लगा जब हरलीन देओल अपना विकेट गंवा बैठीं. हरलीन के बल्ले से 11 रन आए. लेकिन इसके बाद कोई बल्लेबाज ज्यादा देर तक विकेट पर नहीं टिका. 8वें ओवर में यूपी को बैक-टू-बैक दो झटके लगे. इसके बाद 9वें ओवर में भी यूपी को दो झटके लगे. हालांकि, इसके बाद स्टार ऑसराउंडर दीप्ति शर्मा ने पारी को संभालने की कोशिश की और उन्होंने डींड्रा डॉटिन के साथ अर्धशतकीय साझेदारी की. दीप्ति ने 35 गेंद में नाबाद 45 रनों की पारी खेली. इसमें 5 चौके और एक छक्का शामिल था. वहीं, डॉटिन ने 37 गेंद में नाबाद 40 रन बनाए. दोनों के बीच 70 गेंद में 93 रनों की साझेदारी हुई. इसके दम पर यूपी ने आरसीबी के सामने 144 रनों का लक्ष्य रखा. यूपी वारियर्स महिला (प्लेइंग इलेवन): किरण नवगिरे, मेग लैनिंग, फोएबे लिचफील्ड, हरलीन देओल, दीप्ति शर्मा, श्वेता सहरावत, डींड्रा डॉटिन, सोफी एक्लेस्टोन, आशा शोभना, शिखा पांडे, क्रांति गौड़. रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु महिला (प्लेइंग इलेवन): ग्रेस हैरिस, स्मृति मंधाना, दयालन हेमलता, गौतमी नाइक, ऋचा घोष, राधा यादव, नादीन डी क्लर्क, अरुंधति रेड्डी, श्रेयंका पाटिल, लिन्से स्मिथ, लॉरेन बेल.