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भक्तों की सुविधा के लिए खाटू श्याम मंदिर रहेगा पूरे दिन खुला, VIP लाइन नहीं

जयपुर   विश्व प्रसिद्ध धार्मिक स्थल खाटूश्याम जी में दिनों दिन भक्तों की संख्या जा रही है. नए साल के स्वागत के लिए अभी से ही श्याम भक्तों में उत्साह देखा जा रहा को है. इस बार बाबा के दरबार में पिछली बार से भी अधिक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की उम्मीद है. इस बार 31 दिसंबर को एकादशी व नववर्ष साथ होने से भीड़ में और अधिक इजाफा होने की संभावना है. पिछले चार-पांच वर्षों से बाबा श्याम के दरबार में नए साल पर भक्तों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. नए साल का जश्न मनाने के लिए जहां कुछ लोग होटल, बार और डिस्को का रुख करते हैं, वहीं श्याम प्रेमी बाबा श्याम के दर्शन को अपनी प्राथमिकता मानते हैं. अधिकांश श्याम भक्त नए साल की पहली सुबह बाबा श्याम के दर्शन कर अपने साल की शुरुआत करना पसंद करते हैं. यातायात व्यवस्था, पार्किंग और सुरक्षा पर विशेष ध्यान जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने श्याम भक्तों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की तैयारी शुरू कर दी है. यातायात व्यवस्था, पार्किंग और सुरक्षा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है., श्री श्याम मंदिर कमेटी ने भी दर्शन के लिए आने वाले भक्तों की सुविधा के लिए बैरिकेडिंग, पानी, बिजली और छाया जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था की है. साथ ही मंदिर प्रबंधन की ओर से दर्शन प्रक्रिया को सुगम और व्यवस्थित बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए हैं. श्याम प्रेमियों के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है. कस्बे में 31 दिसंबर व 1 जनवरी को बड़ी संख्या में श्याम भक्त दर्शन के लिए आएंगे. पांच सौ पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे श्री श्याम मंदिर कमेटी के मंत्री मानवेंद्र सिंह चौहान मंदिर कमेटी की ओर से एकादशी व नववर्ष की तैयारियां की जा रही है. भक्तों को सुगम दर्शन हो सकें, इसके लिए मंदिर कमेटी तत्पर है. पानी, मेडिकल कैंप, रोशनी, सीसीटीवी कैमरे, सुरक्षा गार्ड सभी की माकूल व्यवस्था रहेगी. वहीं, थानाधिकारी पवन चौबे ने बताया कि नववर्ष व एकादशी पर सांवलपुरा रोड, दांता रोड, सीतारामपुरा तथा 52 बीघा में पार्किंग की जाएगी. वहीं पुलिस जाब्ता दो फेज में मंगवाया जाएगा. 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक पांच सौ पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे और 29 दिसंबर से 2 जनवरी तक 2500 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे. VIP दर्शन रहेंगे बंद, 24 घंटे मंदिर खुला रहेगा  नववर्ष पर भीड़ को देखते हुए पूरे क्षेत्र को नो व्हीकल जोन बनाया जाएगा. इसके अलावा VIP दर्शन व्यवस्था में बदलाव किया जाएगा इस दौरान वीआईपी दर्शन पूरी तरह बंद रहेंगे. केवल सरकारी प्रोटोकॉल वाले ही छूट पाएंगे. इसके अलावा मंदिर को विशेष फूलों से सजाया जाएगा. दर्जनों कारीगर मंदिर की सजावट का कार्य करेंगे. नए साल पर भीड़ को देखते हुए 24 घंटे अंदर खुला रहेगा. एकादशी होने के कारण नव वर्ष पर मासिक मेले का भी आयोजन होगा.

सीएम योगी का अलर्ट: यूपी की विधानसभा सीट पर वोटिंग में बढ़ा मत विभाजन, SIR आंकड़ों से हुई पुष्टि

लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में लोकभवन में हुई एनडीए विधानमंडल दल की बैठक में भी एसआईआर का मुद्दा ही छाया रहा। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की 25-25 उन विधानसभा सीटों का ब्योरा सबके सामने सिलसिलेवार रखा, जहां या तो सर्वाधिक वोट कटे हैं या फिर बहुत कम वोट कटे हैं। दोनों ही स्थितियों को चिंताजनक बताया गया। सर्वाधिक वोट कटने के मामले में गाजियाबाद की साहिबाबाद सीट प्रदेश में पहले नंबर पर है। इस फेहरिस्त में दूसरे नंबर पर प्रयागराज की उत्तरी सीट है। वर्ष 2025 की वोटर लिस्ट के लिहाज से देखें तो साहिबाबाद में अभी तक केवल 58 फीसदी ही वोट बन पाए हैं। यानि 42 फीसदी नाम नहीं हैं। जबकि प्रयागराज उत्तर में तुलनात्मक रूप से 40 फीसदी से अधिक नाम अभी सूची में नहीं हैं। इस सूची में लखनऊ की उत्तरी, पूर्वी सहित चार सीटें शामिल हैं। इसी तरह कानपुर, आगरा, बरेली, मेरठ, मथुरा आदि महानगरों की सीटें भी वोट कटने के मामले में टॉप-25 की लिस्ट में शामिल हैं। यह वे सीटें हैं जहां 30-32 से लेकर 42 फीसदी तक वोट 2025 की वोटर लिस्ट की तुलना में अभी शामिल नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसमें कोई संदेह नहीं कि भाजपा कार्यकर्ता एसआईआर का काम कर रहे हैं मगर अभी इसमें और तत्परता दिखानी होगी। अभी एसआईआर पर जितना काम कर लोगे तो समझो दो तिहाई चुनाव निपट जाएगा। उन्होंने ऐसी 25 सीटों की लिस्ट भी पढ़कर सुनाई जहां 13-14 फीसदी तक वोट ही कटे हैं। इनमें अमरोहा, शिकारपुर, देवबंद, जलेसर, सिरसागंज, मथुरा-वृंदावन, सीतापुर, एटा की मारहरा, कानपुर की सिकंदरा, आंवला, जसराना, फूलपुर आदि विधानसभा सीटें इसमें शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी विधायक अनुशासन के साथ सोमवार को सदन में मौजूद रहें। वंदेमातरम पर सदन में चर्चा होगी। बैठक में भाजपा के नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी का स्वागत किया गया। उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, सुभासपा प्रमुख ओपी राजभर, निषाद पार्टी प्रमुख डा. संजय निषाद, अपना दल (एस) की ओर से आशीष पटेल, संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना मौजूद रहे। 32 फीसदी से अधिक वोट कटने वाली सीटें गाजियाबाद की साहिबाबाद-42 प्रतिशत, प्रयागराज उत्तर-40.9 प्रतिशत, लखनऊ उत्तर-39, लखनऊ ईस्ट-35, कैंट-37 प्रतिशत, सरोजनी नगर-32 प्रतिशत, कानपुर कैंट-34 फीसदी, कल्याणपुर-34 प्रतिशत, कानपुर दक्षिण-34 प्रतिशत, आर्य नगर-33 प्रतिशत, आगरा छावनी-35 प्रतिशत, आगरा दक्षिण-33 प्रतिशत, आगरा उत्तर में 33 प्रतिशत, बरेली-34, बरेली कैंट-35, मेरठ-34 प्रतिशत, गाजियाबाद-34, मथुरा-वृंदावन-34 प्रतिशत। ढाई से तीन करोड़ वोटर अभी कम, यह आपका वोट मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कम वोटों से विधानसभा चुनाव जीतने या हारने वालों को चेताया। कहा कि यदि तीन प्रतिशत भी वोट कट गया तो ऐसे लोगों के लिए खतरे की घंटी है। ऐसे सभी लोग सतर्क हो जाएं। दावतें, कहीं आना-जाना, अनुष्ठान सब काम छोड़ कर एसआईआर में जुट जाएं। उन्होंने कहा कि ढाई से तीन करोड़ वोटर कम है। यह वोट किसका है। यह वोट आपका है। नये वोटर बनाने पर फोकस कीजिए। सभी घुसपैठियों और फर्जी वोटरों को मतदाता सूची से बाहर कराइए। उन्होंने कहा कि भाजपा के हर नेता, कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि के लिए इस समय एसआईआर से महत्वपूर्ण और कोई काम नहीं है। उन्होंने कहा कि जो भी संदिग्ध वोटर हैं, किसी एक ही पते पर यदि बड़ी संख्या में वोटर हैं तो ऐसे सभी लोगों की पड़ताल कर उन्हें सूची से बाहर कराइए। इसके लिए व्यापक पैमाने पर आपत्तियां दाखिल करने को फार्म-7 का प्रयोग कीजिए। उन्होंने दोहराया कि कोई भी सही नाम वोटर बनने से वंचित न हो और कोई फर्जी व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी विधानसभा व लोकसभा के चुनाव इसी मतदाता सूची से होंगे जबकि प्रधानी व निकाय चुनाव राज्य निर्वाचन आयोग की मतदाता सूची के आधार पर होंगे। कम एसआईआर वाली सीटों पर विधायकों का कटेगा टिकट प्रदेश की जिन विधानसभा सीटों पर एसआईआर कम है, वहां के विधायकों की टिकट पर संकट है। उन्हें दो टूक शब्दों में समझा दिया गया कि जिन्हें चुनाव नहीं लड़ना वो स्पष्ट बता दें लेकिन एसआईआर में पार्टी के साथ धोखा ना करें। अगले पांच दिन सब काम छोड़कर केवल वोट बढ़ाने में जुटें। ऐसी तमाम बातें रविवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में एसआईआर पर आयोजित पार्टी की प्रदेश स्तरीय महत्वपूर्ण बैठक में राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने कहीं। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कम वोटों के अंतर से विधानसभा चुनाव जीतने-हारने वालों को चेताया। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी की अध्यक्षता में हुई बैठक में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री चुघ ने कहा कि एसआईआर पर अभी की गई मेहनत अगले 20 साल काम आने वाली है। आने वाले आठ विधानसभा व लोकसभा चुनाव इसी मतदाता सूची से होंगे।

मध्य प्रदेश में शीतलहर और कोहरा, 21 शहरों में पारा 10°C से नीचे, भोपाल-इंदौर में न्यूनतम तापमान समान

भोपाल सर्द हवाओं के कारण जहां रात में कड़ाके की ठंड पड़ रही है, वहीं प्रदेश के उत्तरी क्षेत्र में घना कोहरा छाने के कारण दिन में भी ठिठुरन बढ़ गई है। इसी क्रम में रविवार को रात का सबसे कम 4.7 डिग्री सेल्सियस तापमान उमरिया में दर्ज किया गया। शहडोल एवं सिवनी जिले में शीतलहर का प्रभाव रहा। प्रदेश में रविवार को 21 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से कम पर रहा। रीवा, सतना, ग्वालियर, खजुराहो में अति घना कोहरा रहा। जिसके चलते दृश्यता 50 मीटर से कम रह गई थी। उधर दिन का सबसे कम 16 डिग्री सेल्सियस तापमान खजुराहो में दर्ज किया गया। दतिया, ग्वालियर, खजुराहो, नरसिंहपुर, रीवा, सतना में शीतल दिन रहा। ग्वालियर, जबलपुर, खजुराहो और सतना में दृश्यता 50 से 200 मीटर के बीच दर्ज की गई। वहीं उमरिया में विजिबिलिटी 500 से 1000 मीटर, नौगांव, सागर और दमोह में 200 से 500 मीटर तथा भोपाल और मंडला में 1 से 2 किलोमीटर तक रही। घने कोहरे का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। दिल्ली से आने-जाने वाली कई ट्रेनें देरी से चल रही हैं। जबलपुर में पारा 9 डिग्री सेल्सियस प्रदेश के कई शहरों में रात के तापमान में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। पांच बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल और इंदौर में न्यूनतम तापमान 8.8 डिग्री सेल्सियस रहा। ग्वालियर में 11.3 डिग्री, उज्जैन में 11.4 डिग्री और जबलपुर में पारा 9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश का इकलौता हिल स्टेशन पचमढ़ी सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 4.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। इसके अलावा रीवा में 5.6 डिग्री, राजगढ़ और खजुराहो में 7 डिग्री, मलाजखंड में 7.4 डिग्री, बैतूल में 7.5 डिग्री और नौगांव में 7.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। खंडवा और सतना में तापमान 8 डिग्री, मंडला में 8.2 डिग्री, नरसिंहपुर, खरगोन और उमरिया में 8.4 डिग्री, दमोह में 8.5 डिग्री, रायसेन में 8.8 डिग्री, सागर में 8.9 डिग्री, शिवपुरी में 9 डिग्री और दतिया में 9.5 डिग्री सेल्सियस रहा। अगले कुछ दिन और ठंडे रहने के आसार मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों तक सुबह और रात के समय कोहरा और ठंड का असर बना रह सकता है। वाहन चालकों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, वहीं बुजुर्गों और बच्चों को ठंड से बचाव रखने की जरूरत है।

बैजबॉल फेल! एशेज हार के बाद इंग्लिश टीम की कड़ी आलोचना, माइकल वॉन ने उठाए सवाल

 एडिलेड इंग्लिश टीम को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ एडिलेड टेस्ट मैच में 82 रनों से हार झेलनी पड़ी थी. एडिलेड टेस्ट में हार के साथ ही इंग्लैंड की टीम ने एशेज सीरीज गंवा दिय. इंग्लैंड का ऑस्ट्रेलिया में एशेज जीतने का सूखा अब 15 साल तक पहुंच गया है और आलोचनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं. एशेज सीरीज में महज 11 दिनों के अंदर हार झेलने पर इंग्लिश टीम के कप्तान बेन स्टोक्स और हेड कोच ब्रैंडन मैक्कुलम आलोचकों के निशाने पर हैं. बेन स्टोक्स और ब्रैंडन मैक्कुलम के अंडर इंग्लिश टीम अब तक ऑस्ट्रेलिया और भारत जैसी बड़ी टीमों के खिलाफ एक भी टेस्ट सीरीज नहीं जीत पाई है. जिस 'बैज़बॉल' रणनीति ने कमजोर टीमों के खिलाफ इंग्लैंड को सफलता दिलाई, वही दुनिया की शीर्ष दो टीमों के सामने पूरी तरह नाकाम साबित हुई. एशेज से पहले 'तैयारी की कमी' को लेकर पहले ही आलोचना झेल रही इंग्लैंड टीम पर अब दबाव और बढ़ गया है. इंग्लिश दिग्गज जेफ्री बॉयकॉट तो मैकुलम को हेड कोच पद से हटाने तक की मांग कर चुके हैं. अब पूर्व कप्तान माइकल वॉन ने इंग्लैंड की टीम पर जमकर हमला बोला है. माइकल वॉन ने अपने विश्लेषण में कहा कि इंग्लिश टीम पिछले तीन सालों से जरूरत से ज्यादा आत्मविश्वास यानी घमंड में थी और यही वजह है कि पूरी क्रिकेट दुनिया उसे चुप होते देखना चाहती थी. वॉन के मुताबिक यह दौरा इंग्लैंड के लिए पूरी तरह अपमानजनक रहा और इसमें कोई हैरानी नहीं कि ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी उनकी इस खराब हालत पर हंस रहे हैं. तीन सालों से घमंड था: वॉन माइकल वॉन ने टेलीग्राफ में अपने कॉलम में लिखा, इस एशेज टूर पर इंग्लैंड टीम का पूरा अप्रोच बुरी तरह बेनकाब हो गया है.  11 दिनों में शर्मनाक पराजय के बाद  बड़े फैसले लिए जाते हैं. इतिहास गवाह है कि पहले भी कड़े निर्णय लिए गए. ऑस्ट्रेलिया में यह इंग्लैंड की सबसे खराब हारों में से एक है. तीन सालों से टीम में घमंड था और अब यह दौरा उनके लिए सबक बन गया है.' माइकल वॉन ने आगे लिखा, 'ऑस्ट्रेलियाई हंस रहे हैं. उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि इतनी क्वालिटी वाली टीम इतनी कमजोर कैसे दिखी. चार साल से यह बात फैलाई जा रही थी कि यह स्टाइल ऑस्ट्रेलिया में जीत दिलाएगा, लेकिन मुझे नहीं पता यह सोच कहां से आई. ऑस्ट्रेलिया में वही टीमें जीती हैं जो धैर्य से खेलती हैं, विरोधी को थकाती हैं और जिनके गेंदबाज अनुशासन के साथ गेंदबाजी करते हैं. हमारे पास इनमें से कुछ भी नहीं है.' 2005 में एशेज जीतने वाले माइकल वॉन ने साफ कहा कि भले ही सीरीज हाथ से निकल गई हो, लेकिन मेलबर्न और सिडनी में होने वाले आखिरी दो टेस्ट अब भी बेहद अहम हैं. उन्होंने संकेत दिए कि यह कुछ खिलाड़ियों का आखिरी इंटरनेशनल टूर हो सकता है, इसलिए उन्हें सम्मान के साथ प्रदर्शन करना चाहिए. माइकल वॉन ने लिखा, एशेज भले ही हाथ से निकल हो गई हो, लेकिन सीरीज अभी खत्म नहीं हुई है. हर खिलाड़ी को यह साबित करने के लिए लड़ना चाहिए कि वह टीम के लिए बेकार नहीं है. कुछ खिलाड़ी जाएंगे, लेकिन कई ऐसे हैं जिन पर आगे निवेश किया जा सकता है. अगर चार साल बाद फिर पूरी नई टीम लेकर आएंगे, तो वही हाल दोबारा होगा. आखिरी दो मैचों से कुछ ना कुछ हासिल करना जरूरी है. ये डेड रबर नहीं हैं. इंग्लैंड ने यहां काफी समय से जीत दर्ज नहीं की है. यहां एक जीत भी बहुत बड़ी होती है. मैंने 2003 में इसे महसूस किया था, जिसने 2005 की जीत की नींव रखी.' ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच एशेज सीरीज का चौथा मुकाबला 26 दिसंबर से मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर खेला जाएगा. जबकि आखिरी मुकाबला 4 जनवरी से सिडनी क्रिकेट ग्राउंड (SCG) में आयोजित होगा.  

रायपुर में विकास की बड़ी पहल: बरसात में उफनते नदी-नालों से मिलेगी राहत, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी करोड़ों की सौगात

रायपुर : बरसात में उफनते नदी-नाले अब नहीं रोकेंगे ग्रामीणों का रास्ता  :  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी करोड़ों की सौगात 130 करोड़ की लागत से जशपुर जिले में बनेंगे 237 पुल-पुलिया  रायपुर 130 करोड़ की लागत से जशपुर जिले में बनेंगे 237 पुल-पुलिया जशपुर जिले में बरसात के दिनों में ग्रामीणों के आवागन की बाधा को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर 237 पुल-पुलियों के निर्माण के लिए 130 करोड़ रूपए से अधिक की राशि स्वीकृत हुई है, जिससे नदियों पर उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण के साथ ही नालों पर पुल-पुलिया का तेजी से निर्माण कराया जा रहा है, इससे विकास को नई गति मिलेगी। बरसात के दिनों में उफनते नदी-नाले अब ग्रामीणों का रास्ता नहीं रोक पाएंगे।   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले में 22 उच्चस्तरीय पुलों के निर्माण के लिए 109 करोड़ 09 लाख रुपये की मंजूरी दी है। ये पुल जिले के प्रमुख मार्गों और नदियों-नालों पर बनाए जा रहे हैं, जिससे वर्षभर निर्बाध आवागमन सुनिश्चित होगा। इसके साथ ही गांव-टोला और पारा को जोड़ने के उद्देश्य से 215 छोटे पुल-पुलिया निर्माण हेतु 20 करोड़ 93 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।  गौरतलब है कि जशपुर जिले में बरसात के दिनों में कई गांवों का संपर्क पूरी तरह कट जाता था, जिससे किसानों, छात्रों, मरीजों और आम नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। पुल-पुलिया निर्माण से न केवल आवागमन सुरक्षित होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और कृषि गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलेगी। साथ ही, दूरी और समय की बचत से लोगों के दैनिक जीवन में बदलाव आएगा। जिले को मिली इस ऐतिहासिक सौगात पर क्षेत्रवासियों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जशपुर अब विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और दो वर्षों का सुशासन सड़कों व पुलों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।

वन्यजीव संरक्षण में बड़ी उपलब्धि: मध्यप्रदेश से राजस्थान तक बाघिन का सुरक्षित स्थानांतरण

पेंच टाइगर रिज़र्व, मध्यप्रदेश से रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व, राजस्थान में एक बाघिन का सफल स्थानांतरण भोपाल पेंच टाइगर रिज़र्व, सिवनी मध्यप्रदेश से 3 वर्ष आयु की एक बाघिन का राजस्थान के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व में सफलतापूर्वक स्थानांतरण किया गया है। यह स्थानांतरण भारतीय वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित रूप से संपन्न हुआ। स्थानांतरण अभियान विगत एक माह से सुव्यवस्थित योजना एवं वैज्ञानिक पद्धतियों के तहत संचालित किया जा रहा था। पेंच टाइगर रिज़र्व प्रबंधन द्वारा उपयुक्त बाघिन की पहचान कर उसे उन्नत एआई आधारित कैमरा ट्रैप एवं मोशन सेंसर कैमरों के माध्यम से निरंतर ट्रैक एवं मॉनिटर किया गया। इस उद्देश्य से क्षेत्र में लगभग 50 कैमरे स्थापित किए गए थे। अभियान का समन्वय राजस्थान वन विभाग के साथ निकट सहयोग में किया गया। सुगनाराम जाट, मुख्य वन संरक्षक, राजस्थान तथा डॉ. तेजिंदर, पशु चिकित्सक, विगत एक माह से इस अभियान का समन्वय कर रहे थे एवं पिछले 8 दिनों से पेंच टाइगर रिज़र्व में उपस्थित रहकर अभियान की सतत निगरानी कर रहे थे। यह स्थानांतरण कार्य फील्ड डायरेक्टर देवप्रसाद जे. के सहयोग एवं उप संचालक रजनीश कुमार सिंह, पेंच टाइगर रिज़र्व के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। बाघिन का निश्चेतन डॉ. अखिलेश मिश्रा एवं डॉ. प्रशांत द्वारा वाइल्डलाइफ कंज़र्वेशन ट्रस्ट की टीम के साथ तथा डॉ. काजल एवं डॉ. अमोल (वेटरनरी कॉलेज, जबलपुर एवं फील्ड बायोलॉजिस्ट अनिमेष चव्हाण के सहयोग से किया गया। पेंच टाइगर रिजर्व से रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व स्थानांतरण के दौरान पेंच टाइगर रिज़र्व से मिशन लीडर सहायक संचालक सुगुरलीन कौर (आईएफएस), वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. मिश्रा, पशु चिकित्सक डॉ. प्रशांत देशमुख (वाइल्डलाइफ कंज़र्वेशन ट्रस्ट) तथा रेंज अधिकारी लोकेश कुमार चौधरी, और दोनों प्रदेशों की टीम के साथ एमआई-17 हेलीकॉप्टर द्वारा बाघिन के सुरक्षित स्थानांतरण हेतु गए, जिससे अंतर-राज्यीय समन्वय एवं संचालन की प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सकी। इस अभियान की सफलता में पेंच टाइगर रिज़र्व के कुरई एवं रुखड़ रेंज के मैदानी अमले का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा। संबंधित कर्मचारियों द्वारा प्रतिदिन प्रातः 6:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक, दिन में दो बार कैमरा ट्रैप की जांच, नियमित गश्त तथा चिन्हित बाघिन की गतिविधियों के संकेतों की सतत खोज कर अथक प्रयास किए गए। यह सफल स्थानांतरण अंतर-राज्यीय समन्वय, भारतीय वायुसेना के सहयोग तथा वैज्ञानिक वन्यजीव प्रबंधन के माध्यम से बाघ संरक्षण को सुदृढ़ करने और विभिन्न टाइगर लैंडस्केप में आनुवंशिक विविधता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।  

जिंदल स्टील के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन: गुरजोआत सिंह खंगुरा और राइज़ा ढिल्लों ने राष्ट्रीय शॉटगन शूटिंग में जीता स्वर्ण

जिंदल स्टील के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन: गुरजोआत सिंह खंगुरा और राइज़ा ढिल्लों ने राष्ट्रीय शॉटगन शूटिंग में जीता स्वर्ण 68वीं राष्ट्रीय शॉटगन शूटिंग चैंपियनशिप में जिंदल स्टील के एथलीट्स का दबदबा, खंगुरा और ढिल्लों बने राष्ट्रीय विजेता रायपुर जिंदल स्टील को यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि उसके समर्थित खिलाड़ियों ने डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज, नई दिल्ली में आयोजित 68वीं राष्ट्रीय शॉटगन शूटिंग चैंपियनशिप (NSSC) में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। उच्च दबाव वाले मुकाबलों की इस श्रृंखला में जिंदल स्टील समर्थित दल ने कई स्वर्ण और रजत पदक जीतकर भारत में उत्कृष्ट खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की कंपनी की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है। सटीकता और धैर्य के शानदार प्रदर्शन में गुरजोआत सिंह खंगुरा ने पुरुष स्कीट स्पर्धा में 2025 राष्ट्रीय चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। रैंक 1 पर रहते हुए खंगुरा ने फाइनल में दमदार प्रदर्शन किया और अनुभवी ओलंपियनों सहित कड़े प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ते हुए जीत दर्ज की। महिला वर्ग में उभरती हुई स्टार राइज़ा ढिल्लों ने स्कीट शूटिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सभी का ध्यान आकर्षित किया। ढिल्लों ने महिला स्कीट और जूनियर महिला स्कीट—दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया। उनका यह डबल-पोडियम प्रदर्शन उन्हें भारतीय शूटिंग की सबसे आशाजनक युवा प्रतिभाओं में शामिल करता है। अनुभवी चैंपियन की अनुशासित खेल भावना का प्रदर्शन करते हुए ओलंपियन मिराज अहमद खान ने चैंपियनशिप में दो रजत पदक जीते। उच्चतम स्तर पर उनकी निरंतरता आने वाली पीढ़ी के निशानेबाजों को प्रेरित करती है, और जिंदल स्टील उनके इस प्रेरणादायी सफर का समर्थन जारी रखने पर गर्व महसूस करता है। जिंदल स्टील भारतीय खेलों में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और अपने एथलीट्स की इस शानदार उपलब्धि पर उन्हें हार्दिक बधाई देता है।

मेपकास्ट द्वारा प्रदेश के 170 से अधिक संस्थानों में मनाया जाएगा राष्ट्रीय गणित दिवस

प्रदेश की वैज्ञानिक पहचान होगी अधिक सशक्त भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि उज्जैन जिले का ऐतिहासिक डोंगला पुनः भारतीय ज्ञान परंपरा, खगोल विज्ञान एवं गणितीय अनुसंधान के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।डोंगला प्राचीन काल से ही समय-गणना, सूर्य गति, पंचांग निर्माण और गणना का एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।यहाँ से काल-गणना, ऋतु परिवर्तन तथा खगोलीय घटनाओं का सटीक अध्ययन किया जाता रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राज्य सरकार इस ऐतिहासिक एवं वैज्ञानिक विरासत को पुनर्जीवित करने की दिशा में सतत प्रयास कर रही है।डोंगला को गणना, खगोल और वैज्ञानिक चेतना के केंद्र के रूप में विकसित करने का यह प्रयास प्रदेश की वैज्ञानिक पहचान को और अधिक सशक्त बनाएगा। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा राष्ट्रीय गणित दिवस के अवसर पर प्रदेशभर में गणित के महत्व को रेखांकित करने के लिए विविध जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।इसका मुख्य कार्यक्रम उज्जैन जिले के डोंगला में सोमवार 22 दिसम्बर को होगा। इसमें ‘’भारत की वैदिक गणित परंपरा” विषय पर एक राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। कार्यशाला में प्रदेश एवं देश के प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञ, शोधार्थी, शिक्षाविद् एवं शिक्षक शामिल होंगे।इसमें वैदिक गणित की वैज्ञानिकता, आधुनिक गणित से उसका संबंध तथा शिक्षा में इसके अनुप्रयोग पर गहन विमर्श किया जाएगा।कार्यशाला के दौरान सहभागी सूर्य के उत्तरायण होने के खगोलीय क्षण के साक्षी भी बनेंगे, जो भारतीय ज्योतिष, गणित और खगोल विज्ञान की समृद्ध परंपरा से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ने का एक दुर्लभ एवं प्रेरक अनुभव प्रदान करेगा। मध्यप्रदेश विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद द्वारा प्रदेश के लगभग 38 जिलों में 170 से अधिक विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, वैज्ञानिक संस्थाओं, स्वैच्छिक संगठनों एवं विद्यालयों में गणित जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।इन कार्यक्रमों के अंतर्गत व्याख्यान, प्रतियोगिताएं, संवाद सत्र एवं प्रदर्शनियां आयोजित होंगी। विद्यार्थियों और आमजन तक गणित की उपयोगिता, तार्किक सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण पहुंचाने में स्वैच्छिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय गणित दिवस 22 दिसम्बर को महान भारतीय गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जयंती के उपलक्ष्य में मनाया जाता है। इसका उद्देश्य युवाओं में गणित के प्रति रुचि बढ़ाना, तार्किक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना तथा यह संदेश देना है कि गणित देश के वैज्ञानिक, तकनीकी और आर्थिक विकास की सशक्त आधारशिला है।  

6720 ग्राम पंचायतों में किया जा चुका किसान पाठशाला का आयोजन

किसान पाठशाला 10 दिन में 4.37 लाख पुरुष व 2.61 लाख महिला किसान हुईं लाभान्वित  लखनऊ योगी सरकार के निर्देश पर किसानों को आधुनिक खेती व खेती में नवाचार के लिए नियमित रूप से प्रशिक्षित किया जा रहा है। कृषि विभाग के तत्वावधान में इस वर्ष रबी सीजन में भी किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 12 दिसंबर को बाराबंकी में पद्मश्री किसान रामसरन वर्मा के गांव दौलतपुर से किसान पाठशाला 8.0 रबीः 2025-26 का शुभारंभ किया था। 10 दिन में 6.98 लाख किसानों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। यह पाठशाला 29 दिसंबर तक चलेगी। 10 दिन में 4.37 लाख पुरुष व 2.61 लाख महिला किसानों को दिया गया प्रशिक्षण  कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने बताया कि इस कार्यक्रम का आयोजन प्रदेश के 21 हजार ग्राम पंचायतों में कराए जाने के लिए जनपदीय व मंडलीय कार्यालयों को निर्देश दिया गया था। इस क्रम में 12 दिसंबर से 21 दिसंबर (10 दिन) तक 6720 ग्राम पंचायत स्तरीय गोष्ठी/ किसान पाठशाला का आयोजन किया जा चुका है। 10 दिन में 6.98 लाख किसानों को कृषि व सहवर्ती विभागों की योजनाओं एवं कृषि विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों व कृषि विज्ञान केंद्रों में किए जा रहे नवाचारों से प्रशिक्षित किया गया। 6.98 लाख किसानों में 4.37 लाख पुरुष व 2.61 लाख महिला किसान शामिल हैं।  अब तक लगभग दो करोड़ किसानों को किया जा चुका प्रशिक्षित  कृषि विभाग के मुताबिक किसान पाठशाला के अंतर्गत 2017-18 से अब तक लगभग दो करोड़ से अधिक किसानों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। किसान पाठशाला का उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती के लिए शिक्षित करना और उनकी आय दोगुनी करना है। योगी सरकार की इस पहल का उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती की तकनीक, प्राकृतिक खेती, फसल प्रबंधन, सरकारी योजनाओं और आय बढ़ाने के तरीकों की व्यावहारिक ट्रेनिंग देना है, जिससे वे कम लागत में बेहतर पैदावार कर सकें और आत्मनिर्भर बनें। इसमें फसल सुरक्षा, मृदा स्वास्थ्य, बागवानी, नई तकनीक समेत विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी जाती है।

किराया बढ़ा, लेकिन राहत भी: 26 दिसंबर से इन रेल यात्रियों को मिलेगा पूरा फायदा

नई दिल्ली भारतीय रेलवे ने आगामी 26 दिसंबर से रेल टिकट के किराए को बढ़ाने की घोषणा की है, जिससे रेलवे को लगभग 600 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आमदनी होने की उम्मीद है। रेलवे के इस बड़े बदलाव से जहां कुछ यात्रियों को 26 दिसंबर के बाद ज्यादा किराया देना पड़ेगा, तो वहीं कुछ यात्रियों को कोई बढ़ा किराया नहीं देना पड़ेगा। रेलवे के इस नए नियम के तहत, साधारण श्रेणी में 215 किलोमीटर से ज्यादा की यात्रा पर यात्रियों को 1 पैसा प्रति किलोमीटर ज्यादा देना होगा।  वहीं मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों की नॉन-एसी और एसी श्रेणियों में 2 पैसे प्रति किलोमीटर ज्यादा किराया लगेगा। अगर कोई यात्री 500 किलोमीटर की नॉन-एसी यात्रा करता है, तो उसे 10 रुपए अतिरिक्त देने होंगे। लेकिन अगर कोई यात्री 215 किलोमीटर से कम दूरी की यात्रा करता है, तो उसे कोई बढ़ा किराया नहीं देना पड़ेगा, यानी 215 किलोमीटर से कम दूरी पर यह नियम लागू नहीं होगा। इसके साथ ही रेलवे ने यह भी साफ किया है कि लोकल (सब-अर्बन) ट्रेन और मासिक सीजन टिकट के किराए में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। ऐसा इसलिए, ताकि कम और मध्यम आय वाले परिवारों पर बोझ न पड़े और यात्रा सस्ती बनी रहे। रेल मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि पिछले एक दशक यानी दस वर्षों में भारतीय रेलवे ने अपने नेटवर्क को काफी बढ़ाया है और अब देश के दूर-दराज इलाकों तक सेवाएं पहुंच रही हैं। यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने और बेहतर सेवाएं देने के लिए रेलवे ने कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई है। इसके कारण कर्मचारियों पर खर्च बढ़कर 1.15 लाख करोड़ रुपए हो गया है और पेंशन पर खर्च 60,000 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। वर्ष 2024-25 में रेलवे का कुल खर्च 2.63 लाख करोड़ रुपए हो गया है। इन बढ़े हुए खर्चों को पूरा करने के लिए रेलवे माल ढुलाई (कार्गो) को बढ़ाने पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। इसके साथ ही यात्रियों के किराए में थोड़ा-सा बदलाव किया गया है। रेलवे ने बताया कि इन सुधारों से सुरक्षा भी बेहतर हुई है और भारत अब दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा माल ढुलाई करने वाला रेलवे बन गया है। रेलवे ने यह भी बताया कि माल ढुलाई के किराए 2018 के बाद से नहीं बढ़ाए गए हैं, जबकि खर्च बढ़ता रहा है। रेलवे अब ज्यादा माल ढोकर अपनी कमाई बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। रेल मंत्रालय ने कहा कि हाल ही में त्योहारों के दौरान 12,000 से ज्यादा ट्रेनें सफलतापूर्वक चलाई गईं, जो रेलवे की बेहतर योजना और काम करने की क्षमता को दिखाता है। इस बीच, मंत्रालय ने यह भी बताया कि महाराष्ट्र में हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का काम तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके लिए 100 प्रतिशत जमीन अधिग्रहण पूरा हो चुका है।