samacharsecretary.com

मिलान प्रधान को कलकत्ता हाईकोर्ट से राहत, 20 अक्टूबर तक मिली जमानत

कोलकता पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी मिलान प्रधान को कलकत्ता हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है. अदालत ने उनकी अंतरिम जमानत मंजूर कर ली है. कलकत्ता हाईकोर्ट के जस्टिस तीर्थंकर घोष की अदालत ने मिलान प्रधान को 10,000-10,000 रुपये के दो बॉन्ड पर अंतरिम जमानत दी है. अदालत ने जमानत के साथ कुछ कड़ी शर्तें भी तय की हैं. इसके तहत मिलान प्रधान को अपना मौजूदा मोबाइल नंबर स्थानीय पुलिस स्टेशन में जमा कराना होगा. मिलान प्रधान की ये अंतरिम जमानत 20 अक्टूबर तक ही वैध रहेगी. अदालत के निर्देशा के मुताबिक उन्हें 21 अक्टूबर को हल्दिया कोर्ट में सरेंडर करना होगा. क्या है पूरा मामला? बता दें कि मिलान प्रधान पर साल 2007 से लेकर अब तक कुल छह आपराधिक मामले दर्ज हैं. इनमें से दो मामले कोंटाई अदालत में और चार मामले हल्दिया अदालत में विचाराधीन हैं. इन पुराने मामलों से जुड़े हत्या के आरोपों के सिलसिले में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया था. इससे पहले निचली अदालत ने उन्हें 7 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया था. अपने फैसले में जस्टिस तीर्थंकर घोष ने कहा कि मिलान प्रधान को अपना नॉमिनेशन दाखिल करने के ठीक बाद गिरफ्तार किया गया था. सुनवाई के दौरान अदालत ने ये भी पाया कि राज्य सरकार ऐसा कोई ठोस सबूत पेश नहीं कर सकी, जिससे ये साबित हो सके कि साल 2007 के बाद से कभी भी उन्हें इनमें से किसी मामले में पहले गिरफ्तार किया गया था. मिलान प्रधान की पत्नी ने किए थे 'झूठे आरोपों' के दावे मिलान प्रधान की गिरफ्तारी पर उनकी पत्नी अर्पिता प्रधान ने दावा किया था कि उनके पति को झूठे आरोपों में गिरफ्तार किया गया है. उन्होंने कहा था, 'उन्हें झूठे आरोपों के आधार पर हिरासत में लिया गया है. जिन्होंने उन्हें झूठे आरोपों में हिरासत में लिया, उन्हें क्या सजा मिलनी चाहिए? उन्हें भी सजा मिलनी चाहिए. नियम है कि गलत काम करने पर सजा मिलती है, लेकिन मेरे पति ने कुछ भी गलत नहीं किया है.'

CM सैनी के बड़े निर्देश, किसानों-महिलाओं और युवाओं तक पहुंचे योजनाओं का लाभ

चंडीगढ़  हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकारी योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र लोगों तक पूरी पारदर्शिता के साथ पहुंचे और उनकी जमीनी प्रभावशीलता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बेस्ट प्रैक्टिस का उद्देश्य केवल आंकड़े बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों, ग्रामीणों, महिलाओं, युवाओं और आमजन को वास्तविक लाभ देना होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने गोशालाओं को दुग्ध उत्पादक प्रोत्साहन योजना के तहत 10 रुपये प्रति लीटर सब्सिडी देने की संभावना तलाशने के निर्देश दिए हैं। सोमवार को हुई समीक्षा बैठक में कृषि, उद्यान, कृषि विपणन, विकास एवं पंचायत, सिंचाई एवं जल संसाधन तथा सहकारिता विभाग की योजनाओं और तकनीकी सुधारों की समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि उर्वरक वितरण प्रणाली को ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ से जोड़ने के बाद सत्यापित किसानों को पीओएस मशीन से खाद मिल रही है। आठ अक्टूबर 2025 से 14 सितंबर 2026 तक इससे 820 करोड़ रुपये की सब्सिडी बचत दर्ज की गई। कृषि वैज्ञानिकों को खेतों में जाकर किसानों से संवाद करने और कीट-रोगों की समस्या पर शोध करने के निर्देश दिए गए। फसलों में कीटों की समय पर पहचान के लिए ई-पेस्ट सर्विलांस सिस्टम विकसित करने के निर्देश सीएम ने दिए हैं। नई फसल किस्मों और कृषि तकनीक पर शोध के लिए विशेष रिसर्च सेंटर स्थापित किया जाएगा। भावांतर भरपाई योजना में फसल उत्पादन और मंडी बिक्री का प्रभावी सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि पात्र किसानों को पूरा भुगतान मिले। किसान जीवन सुरक्षा योजना में बीमा कंपनियों को पात्र किसानों को वास्तविक नुकसान के अनुरूप पूरा लाभ देने के निर्देश दिए गए। गांवों में शिक्षा, रोजगार, पानी और स्वास्थ्य पर फोकस प्रदेश में 996 अटल लाइब्रेरियां स्थापित हो चुकी हैं और 86.6 करोड़ रुपये से 1,000 नई लाइब्रेरियां बनाई जा रही हैं। इनमें से 500 का उद्घाटन 25 दिसंबर 2026 को सुशासन दिवस पर करने के निर्देश सीएम ने दिए। बच्चों से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा।     स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को शामलात भूमि पर डेयरी से जोड़ने पर जोर। योजना के तहत अब तक 1,005 आवेदन मिले हैं।     468 ग्रामीण इंडोर जिम स्थापित हो चुके हैं और 234 अन्य के आदेश जारी किए गए हैं।     नहरों के अंतिम छोर तक पर्याप्त पानी पहुंचाने तथा माइक्रो-इरिगेशन और जल संरक्षण को बढ़ावा देने के निर्देश।     दूध की गुणवत्ता व मिलावट की नियमित जांच और कैटल फीड की निगरानी के निर्देश दिए गए।     सहकारी समितियों का आनलाइन पंजीकरण तीन कार्य दिवस में किया जाना है। 2019 से अब तक 9,165 समितियां आनलाइन पंजीकृत हुई हैं।     चीनी मिलों में एडवांस टोकन सिस्टम से किसानों का इंतजार 11-15 घंटे से घटकर करीब 1-2 घंटे रह गया है।  

रायपुर को मिलेंगी 100 ई-बसें, दिसंबर तक तैयार होगा चार्जिंग-डिपो

रायपुर छत्तीसगढ़ के राजधानी रायपुर में ई-बस सेवा शुरू करने की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य सरकार ने ई-बसों के संचालन के लिए मार्च तक की डेडलाइन तय की है। इससे पहले दिसंबर तक जरूरी अधोसंरचना, चार्जिंग स्टेशन, डिपो निर्माण और बसों के रूट निर्धारण का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत रायपुर को भारत सरकार से 100 ई-बसें मिलेंगी। इनके संचालन से शहरवासियों को किफायती, आरामदायक और पर्यावरण हितैषी सार्वजनिक परिवहन सुविधा मिलने की उम्मीद है। Raipur E-Bus: स्कूल-कॉलेज और अस्पतालों को जोड़कर बन रहे रूट नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग शहरवासियों के साथ रोजाना रायपुर आने वाली फ्लोटिंग पॉपुलेशन की जरूरतों को ध्यान में रखकर ई-बसों के रूट तैयार कर रहा है। रूट निर्धारण में स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, प्रमुख बाजार, महत्वपूर्ण संस्थानों और अन्य जनोपयोगी स्थानों को प्राथमिकता दी जा रही है। उद्देश्य यह है कि ई-बस सेवा शहर के प्रमुख हिस्सों को बेहतर तरीके से जोड़ सके। दिसंबर तक पूरा करना है इंफ्रास्ट्रक्चर का काम अधिकारियों के अनुसार छत्तीसगढ़ में ई-बस संचालन का यह पहला बड़ा प्रयास है। इसलिए बसों के संचालन से पहले डिपो, चार्जिंग स्टेशन, बस स्टॉप और अन्य जरूरी सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। डिपो और सिविल वर्क समेत अन्य निर्माण कार्यों के लिए एनएचएआई, रेलवे और संबंधित विभागों से समन्वय कर आवश्यक स्वीकृतियां और तकनीकी प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं। रियल टाइम होगी ई-बसों की मॉनिटरिंग ई-बस सेवा शुरू होने के बाद संचालन की रियल टाइम मॉनिटरिंग की व्यवस्था भी तैयार की जा रही है। इसके तहत रूट प्लानिंग, बस संचालन, डिपो, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बस स्टॉप और कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम को एकीकृत किया जाएगा। शहर की परिवहन जरूरत और उपलब्ध संसाधनों के आधार पर ई-बस संचालन की प्राथमिकता तय की जा रही है। एचटी लाइन को लेकर लंबित प्रक्रिया का हुआ निराकरण रायपुर में ई-बसों के संचालन के लिए सीएसपीडीसीएल की ओर से एचटी लाइन बिछाने का काम भी जरूरी है। इसके लिए एनएचएआई के पोर्टल पर अनापत्ति से संबंधित आवेदन लंबित था, जिसका अब निराकरण किया जा चुका है। इसके बाद ई-बस संचालन के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है। चार शहरों में तय हो रहे परिवहन जरूरत के अनुसार रूट ई-बस सेवा के लिए रायपुर के अलावा बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई और कोरबा में भी रूट निर्धारित किए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार इन शहरों में रूट तय करते समय स्थानीय परिवहन जरूरतों और नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखा गया है। सरकार का लक्ष्य निर्धारित समय-सीमा में सभी जरूरी तैयारियां पूरी कर ई-बस सेवा शुरू करना है।

आवासीय इलाकों में कारोबार की छूट! भोपाल के 80+ क्षेत्रों में बदलेंगे नियम

भोपाल भोपाल में आवासीय में कारोबार की छूट के लिए मास्टर प्लान में मार्केट स्ट्रीट का मास्टर स्ट्रोक मारा गया है। जिन मुख्य मार्गों की चौड़ाई 18 मीटर या उससे अधिक है और जहां अवैध निर्माण के शमन से जुड़े अधिकांश मामले निपटाए जा चुके है, उन्हें राज्य सरकार विचार-विमर्श के बाद मार्केट स्ट्रीट घोषित कर सकती है। अरेरा कॉलोनी, अवधपुरी, गुलमोहर, शाहपुरा, कोलार, संतनगर, करोद समेत शहरभर में 80 से अधिक क्षेत्रों में इसका असर होगा। सरकार और संबंधित अफसर के विवेक पर छोड़ दिया गया है कि यदि इस चौड़ाई की सड़क किनारे कारोबार करने वाले कई घर हो गए हैं तो बचे हुए घरों को भी कारोबार की छूट दे दी जाए। मार्केट स्ट्रीट घोषित होने के बाद उन सड़कों पर स्थित आवासीय प्लॉटों पर व्यावसायिक गतिविधियां चलाने की कानूनी अनुमति होगी। यह छूट मुख्य सड़क से सटे मूल प्लॉट की गहराई तक ही मान्य रहेगी। सरकार ऐसी सड़कों को मार्केट स्ट्रीट के तौर पर अधिसूचित कर आगामी समय में कानूनी जामा पहना देगी। ऐसे समझें स्थिति मास्टर प्लान में इस प्रावधान को महज चार लाइन में लिखा गया। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ गवर्नेस एंड अर्बन मैनेजमेंट के पूर्व डायरेक्टर डॉ. एचएम मिश्रा के अनुसार मार्केट स्ट्रीट के प्रावधान स्पष्ट करने चाहिए, ताकि पता चले इसमें किस तरह की मंशा है। गौरतलब है कि आवासीय क्षेत्र में अवैध तौर पर संचालित दुकानों वाले क्षेत्र को अचानक पूरी तरह से मार्केट स्ट्रीट बनाया जाता है तो व्यावसायिक गतिविधियां बढ़ेगी। गाड़ियों की आवाजाही बढ़ेगी, जाम और पार्किंग की दिक्कत के साथ इनके पास के आवासीय क्षेत्रों में लोगों की शांति भंग होगी। शोर-शराबा और भीड़भाड़ बढ़ेगी, जिससे वहां रह रहे वरिष्ठ नागरिकों और परिवारों की निजता प्रभावित होगी। इतना ही नहीं, पानी की खपत् बिजली की मांग और कचरा प्रबंधन पर दबाव बढ़ जाएगा। यहां जमीनों के दाम तो काफी बढ़ जाएंगे, लेकिन ठीक पीछे की गलियों में रहने वाले लोगों के लिए शांति और सुरक्षा की चुनौतियां बढ़ सकती हैं। बाजार इन गलियों से पीछे की अपेक्षाकृत कम चौड़ाई वाली गलियों में सहजता के साथ फैल जाएगा। आपत्ति सुझाव 25 अक्टूबर तक कार्यालयों में नक्शे ही नहीं मास्टर प्लान ड्राफ्ट 2047 पर 25 अक्टूबर तक आपत्ति सुझाव की समय सीमा है। लोग ड्राफ्ट, नक्शे, खसरे देखने टीएंडसीपी कार्यालय समेत कलेक्ट्रेट, संभागायुक्त कार्यालय पहुंच रहे। स्थिति ये है कि ड्राफ्ट जारी किए तीन दिन का समय बीत गया, अब तक टीएंडसीपी में खसरों के पैनल नहीं लगे हैं। सिर्फ दो नक्शे लगाए हुए है। इन्हें समझाने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं की। लोगों को सबसे अधिक आपत्ति ऑनलाइन सुनवाई को लेकर है। कोरोना के समय ऑनलाइन सुनवाई हुई थी, लेकिन अब ऐसी स्थिति नहीं है। ऑफलाइन सुनवाई में बेहतर बात रखी जा सकती है। टीएंडसीपी की वेबसाइट पर अलग से विंडो ओपन कर आपत्ति देने का प्रावधान किया जा रहा है। गलियों में सड़कें छोटी की, ताकि निर्माण न टूटे स्थानीय सड़कें जिन्हें मास्टर प्लान में सब सेक्टर रोड का नाम दिया, मौजूदा ड्राफ्ट में इन्हें 15 मीटर से 25 मीटर किया गया, जबकि पिछले प्लान में ये 12 मीटर से 18 मीटर थी। इसका असर ये कि सड़क चौड़ाई बढ़ाने में होने वाली तोड़फोड़ को पूरी तरह खत्म कर सड़क किनारे के व्यावसायिक निर्माणों को बचाया जा सके। आर्किटेक्ट-प्लानर राजेश चौरसिया के अनुसार, मास्टर प्लान में बदलाव की जरूरत है। मिक्स्ड लैंडयूज होना चाहिए. लेकिन इसके लिए स्पष्ट तौर पर छोटे प्लॉट बनाने, अधोसंरचना से मजबूती से जुड़े प्रावधान करना जरूरी है। आवासीय और व्यवसायिक में किसी तरह का टकरान हो. इसपर योजना तय करना चाहिए। ड्राफ्ट पर इनकी बात बाघ भ्रमण क्षेत्र ग्राम बैरागढ़ व दौलतपुर की 425 हेक्टेयर भूमि राजस्व जंगल थी। पिछले साल ही इसे वन को ट्रांसफर की गई। चंदनपुरा में इसी तरह 357 हेक्टेयर जमीन मिलाकर 1200 एकड़ जमीन बनती है। ये पूरा बाघभ्रमण का क्षेत्र है, लेकिन यहां जिस तरह 60 मीटर 24 मीटर तक की सड़कें तय कर दी. उससे बाघ मानव संघर्ष का रास्ता खोल दिया है। मामले में मैंनें एनटीसीए को फोन पर व अब ईमेल से जानकारी दे रहा हूं। -प्रभाष जेटली, एक्सपर्ट बाघ संरक्षण व पर्यावरण पूरे ड्राफ्ट को पढ़कर सिर्फ इतना लग रहा है कि टीएंडसीपी के नियम कानून, प्रावधानों को मानने वाले पूरी तरह से ठगे गए हैं। जिन्होंने मनमर्जी की। तमाम तय नियम तोडे उन्हें इस ड्राफ्ट में उपकृत करने की कोशिश की है। आवासीय क्षेत्र की शांति के लिए कोई सौदा-समझौता कारोबार नहीं किया। 2005 में तय आवासीय क्षेत्र के रीडॅसिफिकेशन को तय कराने ये लेकर सड़कों की चौड़ाई कहीं घटाकर कहीं बढ़ाकर जो लाभदेने की मंशा स्पष्ट दिख रही है।- लवनीश भाटी, याचिकाकर्ता मास्टर प्लान के इस ड्राफ्ट ने रहवासी क्षेत्रों के साथ शहर के पर्यावरण को भारी चोट पहुंचाई है। असीमित एफएआर का क्या मतलब होता है? किसी शहर को नियोजित करने वाला ड्राफ्ट तो नहीं लग रहा है। कर्नाटक सरकार ने भी ऐसा ही प्लान तैयार किया था, जिसके प्रावधानों को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज किया है। हम मॉनीटरिंग कर रहे हैं और ये मामला भी कोर्ट में मजबूती से रखेंगे। ग्रीन एरिया में अन्य गतिविधि तय की गई, स्पांज सिटी, रेंटल हाउसिंग जैसे शब्दों का उपयोग बता रहा है कि प्लानिंग में भोपाल से बाहर वालों की बड़ी भूमिका है।- पूर्णेदु शुक्ला, रहवासी गुलमोहर कॉलोनी में नौ मीटर की रोड पर होटल्स खुल हैं। 1800 घरों की कॉलोनी है सब परेशान हो रहे हैं। आवासीय प्लॉट में अस्पताल है, घरों में होटल है, रेस्टोरेंट है। रोजाना पार्किंग और अन्य विवाद बन रहे। असामाजिक तत्वों की आवाजाही हो रही है। मास्टर प्लान में इन्हें रोकने के लिए कुछ नहीं किया। इन्हें नियमित करने के प्रावधान आवासीय में परेशानियां बढ़ाएंगे। 80 फीसदी या इससे चौड़ी सड़कों के किनारे प्रावधान करें तो ठीक होगा। अभी तो काफी गड़बड़ी प्लान है। सुधार होना चाहिए।- ललीत यावय, अध्यक्ष गुलमोहर समिति

ईरान-अमेरिका तनाव के बीच ट्रंप का बड़ा बयान, ‘युद्ध जल्द जीतेंगे’

वाशिंगटन अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध को लेकर एक फिर हुंकार बनी है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका बहुत जल्द ही ईरान के खिलाफ युद्ध जीतने वाले हैं। बता दें कि पिछले काफी दिनों से दोनों देशों के बीच मामला गर्म चल रहा है। जहां ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। वहीं, ईरान ने भी कहा है कि वह अमेरिका पर दोबारा हमले करेगा और उसे बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचाएगा। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उम्मीद जताई थी कि ईरान के साथ टकराव जल्द ही खत्म हो जाएगा। लेकिन उन्होंने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया है। ट्रंप ने रविवार को पीजीए टूर प्रेसिडेंट्स कप के दौरान फॉक्स न्यूज से बात करते हुए कहा कि अमेरिका का मुख्य उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। ट्रंप ने कहा कि मुझे लगता है कि हम यह युद्ध बहुत जल्द जीत लेंगे। उन्होंने कहा कि टकराव खत्म होने के बाद दुनियाभर में तेल की कीमतें काफी गिर सकती हैं। उनसे जब पूछा गया कि क्या अमेरिका मध्यावधि चुनावों से पहले और हमले कर सकता है, तो ट्रंप ने इस संभावना से इनकार नहीं किया। उन्होंने कहा कि मेरा मतलब है, ऐसा हो सकता है लेकिन मैं अभी ऐसा कहना नहीं चाहता। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका सैन्य कार्रवाई और आर्थिक प्रतिबंधों के जरिए ईरान पर दबाव बना रहा है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका को पहले ही काफी सैन्य सफलताएं मिल चुकी हैं और ईरान की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुंचा है। ट्रंप ने कहा कि ईरान में महंगाई बहुत अधिक बढ़ गई है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि यह 318 प्रतिशत तक पहुंच गई है। ये दावे ट्रंप ने किए थे और उनके बयानों में इनकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई थी। गौरतलब है कि ये टिप्पणियां ट्रंप द्वारा होर्मुज को फिर से खोलने और टकराव खत्म करने के ईरान के प्रस्ताव को खारिज करने के एक दिन बाद आईं। ट्रंप ने रविवार को एक्सिओस के साथ एक अलग बातचीत में कहा कि अमेरिकी वार्ताकार इस सप्ताह ईरानी प्रतिनिधियों के साथ और बातचीत कर सकते हैं।

ट्रेन में सफर से पहले संभल जाएं, 1 अक्टूबर से टिकटों की होगी सख्त जांच

नई दिल्ली भारतीय रेलवे 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक टिकट चेकिंग का विशेष अभियान चलाने जा रहा है। इस दौरान टिकट की वैधता और उसकी वास्तविकता की जांच पर खास जोर रहेगा। रियायती टिकट, तय आरक्षण कोटा और रेलवे पास के जरिए यात्रा करने वाले यात्रियों की विशेष जांच की जाएगी। रेलवे के मुताबिक यह अभियान त्योहारों के सीजन से पहले चलाया जा रहा है, जब ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। यह विशेष अभियान सेंट्रल रेलवे की ओर से चलाया जाएगा। एक टिकट पर कई यात्री हैं तो कम से कम एक के पास ओरिजिनल ID जरूरी सेंट्रल रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी (CPRO) डॉ. स्वप्निल नीला के मुताबिक, रियायत या तय आरक्षण कोटे के तहत यात्रा करने वाले यात्रियों को अपनी पात्रता साबित करने के लिए निर्धारित ओरिजिनल पहचान पत्र साथ रखना होगा। अगर एक टिकट पर कई यात्रियों का टिकट बुक है, तो उस टिकट पर दर्ज कम से कम एक यात्री के पास निर्धारित ओरिजिनल पहचान पत्र होना जरूरी है। अगर जरूरी ओरिजिनल पहचान पत्र नहीं मिला, तो लागू नियमों के अनुसार उस टिकट पर यात्रा कर रहे सभी यात्रियों को बिना वैध टिकट यात्रा करने वाला माना जाएगा। रियायती और कोटा वाले टिकटों की होगी खास जांच रेलवे के टिकट चेकिंग कर्मचारी रियायत या तय आरक्षण कोटे के तहत यात्रा करने वाले यात्रियों के जरूरी ओरिजिनल दस्तावेजों की जांच करेंगे। E-Pass या PTO से यात्रा करने वाले यात्रियों को भी निर्धारित ओरिजिनल पहचान पत्र साथ रखना होगा। साथ ही यात्रा शुरू करने से पहले यह सुनिश्चित करना होगा कि E-Pass/PTO को यात्रा के लिए निर्धारित प्राधिकरण में विधिवत बदल दिया गया है। अनारक्षित टिकटों की भी होगी जांच विशेष अभियान के दौरान अनारक्षित ट्रेन टिकटों की वास्तविकता जांचने पर भी खास ध्यान दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर टिकट चेकिंग कर्मचारी टिकट की पुष्टि और सत्यापन के लिए TTE App का इस्तेमाल कर सकते हैं। रेलवे क्यों चला रहा है यह विशेष अभियान? सेंट्रल रेलवे के मुताबिक इस विशेष टिकट चेकिंग अभियान के प्रमुख उद्देश्य हैं:     आरक्षण सुविधाओं के गलत इस्तेमाल पर रोक लगाना     रियायत और रेलवे पास के फर्जी इस्तेमाल को रोकना     टिकट की वास्तविकता की जांच करना     रेलवे के राजस्व के नुकसान को रोकना ट्रेन में सफर के लिए कौन-कौन से दस्तावेज मान्य हैं? भारतीय रेलवे के अनुसार ट्रेन यात्रा के लिए ये दस्तावेज मान्य हैं:     चुनाव आयोग द्वारा जारी वोटर फोटो पहचान पत्र     पासपोर्ट     आयकर विभाग द्वारा जारी PAN कार्ड     RTO द्वारा जारी ड्राइविंग लाइसेंस     केंद्र या राज्य सरकार द्वारा जारी सीरियल नंबर वाला फोटो पहचान पत्र     मान्यता प्राप्त स्कूल या कॉलेज द्वारा छात्रों को जारी फोटो वाला स्टूडेंट ID कार्ड     फोटो वाला राष्ट्रीयकृत बैंक का पासबुक     बैंक द्वारा जारी लैमिनेटेड फोटो वाला क्रेडिट कार्ड     आधार कार्ड बिना टिकट यात्रा पर जुर्माना अब 500 रुपये भारतीय रेलवे ने वैध ट्रेन टिकट के बिना यात्रा करने वाले यात्रियों पर लगने वाले न्यूनतम जुर्माने को भी बढ़ा दिया है। रेलवे के अनुसार जन विश्वास अधिनियम, 2026 के प्रावधानों के तहत रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 137 और 138 के अंतर्गत न्यूनतम जुर्माना 20 जून 2026 से 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। रेलवे ने यात्रियों से वैध टिकट के साथ यात्रा करने और रेलवे के नियमों का पालन करने की अपील की है, ताकि जुर्माने से बचा जा सके। बिना टिकट यात्रा करने पर क्या होगा? रेलवे अधिनियम की धारा 137 के तहत बिना उचित अनुमति ट्रेन में प्रवेश करना, ट्रेन में यात्रा करना या पहले इस्तेमाल किए जा चुके टिकट/पास का दोबारा इस्तेमाल करना अपराध की श्रेणी में आता है, जब इसका उद्देश्य रेलवे प्रशासन को धोखा देना हो। ऐसे मामले में यात्रा की दूरी के हिसाब से किराया और उसके बराबर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है। न्यूनतम अतिरिक्त शुल्क 500 रुपये है। अगर यह राशि नहीं चुकाई जाती है तो रेलवे अधिकारी सक्षम अदालत के जरिए बकाया राशि की वसूली कर सकते हैं। भुगतान में चूक पर छह महीने तक की जेल, 500 रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।

‘राम अमीरों के, शिव गरीबों के देवता’, रेवंत रेड्डी के बयान पर BJP का पलटवार

हैदराबाद तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने सोमवार को उत्तर और दक्षिण भारत की धार्मिक और राजनीतिक पहचान की तुलना करते हुए एक राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया। बीजेपी ने रेड्डी के इस कदम की कड़ी निंदा की है और इसे राजनीतिक फायदे के लिए समुदायों को बांटने की कोशिश बताया है। एक मीडिया कार्यक्रम के दौरान रेवंत रेड्डी ने बीजेपी की ओर से जय श्री राम के नारे के बार-बार इस्तेमाल पर सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी नेता उसी तरह हर हर महादेव का नारा क्यों नहीं लगाते। भगवान राम को अमीरों का और भगवान शिव को गरीबों का देवता बताया रेड्डी ने कहा, "हम द्रविड़ हैं, वे आर्य हैं। हम भगवान शिव के भक्त हैं, जबकि वे भगवान राम के भक्त हैं।" उन्होंने भगवान शिव को गरीबों का देवता और भगवान राम को अमीरों का देवता बताया। उन्होंने यह भी कहा कि लोग दोनों देवताओं को पूजते हैं। उनकी ये बातें इस तर्क के समर्थन में थीं कि उत्तर और दक्षिण भारत की राजनीतिक संस्कृतियों में बड़े अंतर हैं। परिसीमन की प्रक्रिया पर उठाए सवाल रेड्डी ने लोकसभा सीटों के परिसीमन की प्रक्रिया पर भी चिंता जताई। उनका तर्क था कि जनसंख्या के आधार पर सीटों की संख्या बढ़ने से दक्षिणी राज्यों का राजनीतिक महत्व बदल सकता है। बीजेपी ने किया पलटवार इस बयान पर बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने रेड्डी पर भगवान शिव और भगवान राम के बीच राजनीतिक बंटवारा पैदा करने का आरोप लगाया। संजय ने काशी विश्वनाथ मंदिर के साथ पीएम मोदी के जुड़ाव का जिक्र किया और वेमुलावाड़ा की उनकी यात्रा का हवाला दिया। उन्होंने रेड्डी के इस दावे का खंडन किया कि बीजेपी नेता भगवान शिव का नाम नहीं लेते। बीजेपी नेता ने कहा, "रेवंत रेड्डी ने पहले कहा था कि मुस्लिम ही कांग्रेस हैं और कांग्रेस ही मुस्लिम है, अब भगवान राम और भगवान शिव के बीच राजनीतिक लकीरें खींच रहे हैं। तेलंगाना के मुख्यमंत्री होने के नाते जहां वेमुलावाड़ा में दक्षिण काशी और भद्राचलम में दक्षिण अयोध्या स्थित हैं रेड्डी को भगवान राम और भगवान शिव को उत्तर और दक्षिण में बांटने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।" उन्होंने कहा कि कांग्रेस राजनीतिक लामबंदी के लिए धार्मिक और क्षेत्रीय पहचान का इस्तेमाल कर रही है और रेड्डी से कहा कि वे हिंदू परंपराओं को भौगोलिक या सामाजिक आधार पर न बांटें।

CM भजनलाल का कांग्रेस पर हमला, EVM से नौकरी तक कई मुद्दों पर घेरा

जयपुर नौकरियों के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि विधानसभा में जब उनकी सरकार ने राजस्थान के 4 लाख युवाओं को नौकरी देने की बात कही थी, तब कांग्रेस के लोगों ने सवाल उठाया था कि ये कैसे होगा। राजस्थान के खैरथल में CM भजनलाल शर्मा ने कांग्रेस पर जमकर तंज कसे। चुनावी हार से लेकर EVM, सुप्रीम कोर्ट, चुनाव आयोग, सहकारिता, पेपर लीक और बच्चों की ड्रेस तक के मुद्दे पर उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार को घेरा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के लोग हवा-हवाई बातें करते हैं और जहां चुनाव हारते हैं, वहां EVM को दोष देने लगते हैं। ‘हार गए तो EVM दोषी!’ CM ने कसा तंज खैरथल के होटल ग्रीनलैंड में सभा को संबोधित करते हुए भजनलाल शर्मा ने कहा कि कांग्रेस के लोगों ने जनता से जुड़कर काम नहीं किया। अगर जनता से जुड़कर काम किया होता तो ऐसी दुर्गति नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने का काम करती है। CM ने कहा कि कांग्रेस के लोग सेना पर भी आरोप लगाते हैं, सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग पर भी आरोप लगाते हैं। जहां चुनाव हारते हैं, वहां EVM को दोष देते हैं ‘गणित कमजोर है तो ट्यूशन लगा लो’ नौकरियों के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा कि विधानसभा में जब उनकी सरकार ने राजस्थान के 4 लाख युवाओं को नौकरी देने की बात कही थी, तब कांग्रेस के लोगों ने सवाल उठाया था कि ये कैसे होगा। भजनलाल ने कहा कि अब तक 1.89 लाख नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं, 1.22 लाख के पेपर हो चुके हैं और 1.25 लाख की वैकेंसी निकाली जा चुकी हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा- ‘अगर इनका गणित कमजोर हो तो ट्यूशन लगा लें।’ ड्रेस में भी ‘कांटा’… CM का कांग्रेस पर हमला बच्चों की ड्रेस और छात्राओं की स्कूटी को लेकर भी CM ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बहनों को स्कूटी और बच्चों को ड्रेस दे रही है, लेकिन कांग्रेस के समय ड्रेस और स्कूटी में भी ‘कांटा’ लगाया जाता था। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि यह तय किया जाता था कि सामान कहां से खरीदना है और कहां से नहीं। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अब स्कूटी और ड्रेस का पैसा सीधे लाभार्थियों के खाते में डाल रही है। सहकारिता पर भी घेरा भजनलाल शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सहकारिता को भ्रष्टाचार का अड्डा बना दिया था। उनके मुताबिक पहले सहकारिता की सदस्यता के लिए पोर्टल सीमित समय के लिए खोला जाता था और अपने लोगों को सदस्य बनाया जाता था। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने सहकारिता की सदस्यता खोल दी है और हर ग्राम पंचायत में सहकारिता की समिति बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि अब तक राजस्थान में 10 लाख लोग सहकारिता के सदस्य बन चुके हैं। गहलोत-डोटासरा-जूली को भी घेरा हरियाणा से हुए समझौते को लेकर भी मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि हरियाणा में चुनाव के दौरान कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में राजस्थान-हरियाणा समझौता रद्द करने की बात कही थी। CM ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली का नाम लेते हुए कहा कि उन्होंने हरियाणा में उस घोषणा पत्र को लॉन्च किया था। भजनलाल ने सवाल उठाया कि अब कांग्रेस राजस्थान की जनता से किस मुंह से वोट मांग रही है। भूपेंद्र यादव बोले- ‘कांग्रेस को उम्मीदवार तक नहीं मिले’ केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि निकाय चुनाव के दौरान कांग्रेस भाजपा की जीत को लेकर सवाल उठा रही थी, लेकिन अलवर के भिवाड़ी, किशनगढ़बास, गोविंदगढ़ और खेड़ली में उसे उम्मीदवार तक नहीं मिले। यादव ने कहा कि इन जगहों पर भाजपा के अध्यक्ष निर्विरोध चुने गए। उन्होंने सहकारिता बैंक का मुद्दा उठाते हुए भी कांग्रेस पर निशाना साधा। 117 करोड़ के 95 कामों का लोकार्पण-शिलान्यास इससे पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अलवर, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ के लिए 117 करोड़ रुपए के 95 कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया। खैरथल में CM ने ईआरसीपी के तहत नीमराणा बांध के काम की शुरुआत, 45 मीटर मास्टर प्लान सड़क का विकास, तिजारा से फिरोजपुर हरियाणा सीमा तक सड़क सुदृढ़ीकरण और जिला मुख्यालय पर PHED के नए अधिशासी अभियंता पद सहित कई घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री बनने के बाद खैरथल-तिजारा जिले में भजनलाल शर्मा का यह तीसरा दौरा है। भाजपा का बोर्ड बनने के बाद खैरथल में यह उनका पहला दौरा रहा।  

IIIT रांची के छात्र सक्षम का कमाल, ₹1.25 करोड़ में हुआ प्लेसमेंट

रांची भारतीय सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (IIIT) रांची के सक्षम ने 1.25 करोड़ का पैकेज पाकर इतिहास रच दिया। सक्षम ने कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (डेटा साइंस एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से पढ़ाई की थी। उन्हें ग्लोबल आईटी कंपनी रूब्रिक में टेक्निकल प्रोग्राम मैनेजर के पद पर यह नौकरी मिली है। संस्थान के मुताबिक, यह संस्थान के इतिहास में अब तक हुए प्लेसमेंट में सबसे अधिक का पैकेज है। इस तरह न केवल सक्षम ने बल्कि IIIT रांची ने भी एक नया इतिहास रच दिया है। पढ़ाई के साथ तकनीकी कौशल पर किया काम संस्थान के अनुसार, पढ़ाई के दौरान सक्षम ने तकनीकी कौशल के साथ समस्या को समझने और उसका समाधान निकालने की क्षमता पर भी काम किया। इसके अलावा उन्होंने व्यावसायिक कौशल भी विकसित किए। इन्हीं क्षमताओं के आधार पर प्लेसमेंट प्रक्रिया के दौरान रूब्रिक में टेक्निकल प्रोग्राम मैनेजर के पद के लिए उनका चयन हुआ। सक्षम की इस उपलब्धि को संस्थान ने छात्रों के लिए उपलब्ध बेहतर करियर अवसरों से भी जोड़ा है। IIIT रांची का कहना है कि संस्थान में छात्रों को सिर्फ किताबी पढ़ाई तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि उन्हें तकनीकी क्षेत्र का व्यावहारिक अनुभव देने पर भी जोर दिया जाता है। इंटरव्यू और प्लेसमेंट की तैयारी में मिली मदद IIIT रांची के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेल की ओर से छात्रों को कंपनियों की भर्ती प्रक्रिया के लिए तैयार किया जाता है। इसके तहत छात्रों को इंटरव्यू की तैयारी, तकनीकी कौशल और भर्ती प्रक्रिया के अलग-अलग चरणों के बारे में मार्गदर्शन दिया जाता है। संस्थान के शिक्षक और मेंटर्स भी छात्रों को जरूरी सलाह देते हैं। संस्थान के मुताबिक, इसी तरह की तैयारी से छात्रों को अलग-अलग कंपनियों की भर्ती प्रक्रिया में बेहतर प्रदर्शन करने में मदद मिलती है। सक्षम की सफलता में उनकी मेहनत के साथ संस्थान की पढ़ाई और प्लेसमेंट से जुड़ी तैयारी को भी अहम माना गया है। सक्षम ने परिवार और शिक्षकों का जताया आभार अपनी सफलता पर सक्षम ने परिवार, दोस्तों और संस्थान के शिक्षकों व मार्गदर्शकों का आभार जताया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए बेहद खास और भावुक कर देने वाली है। उन्होंने अपने पूरे सफर में साथ देने और उन पर विश्वास बनाए रखने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया। वहीं, IIIT रांची के निदेशक प्रो. राजीव श्रीवास्तव ने सक्षम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सक्षम की सफलता संस्थान में विकसित की जा रही उत्कृष्टता की भावना का उदाहरण है।

सोनपुर-अजगैबीनाथ एयरपोर्ट पर ₹10,000 करोड़ का निवेश, निर्माण में आएगी तेजी

पटना बिहार में बनने वाले सोनपुर और अजगैबीनाथ धाम (सुल्तानगंज) ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट पर कुल 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मोड में होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दोनों हवाई अड्डा के निर्माण में तेजी लाने का निर्देश दिया है। इसको लेकर विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय सुनिश्चित करने को कहा है। उन्होंने कहा कि दोनों एयरपोर्ट परियोजनाओं के विकास से हवाई संपर्कता, पर्यटन, व्यापार एवं क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इस संबंध में सोमवार को पटना में सीएम ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की, जिसमें छपरा से भाजपा सांसद राजीव प्रताप रूढ़ी समेत कई आला अधिकारी शामिल हुए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को अपने आवास में दोनों एयरपोर्ट के निर्माण को लेकर किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। बैठक में बताया गया कि भागलपुर जिले में बनने वाले अजगैबीनाथ धाम एयरपोर्ट में 3500 करोड़ रुपये और पटना के पास सारण जिले में प्रस्तावित सोनपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट में पहले चरण में 6500 करोड़ यानी कुल 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश पीपीपी मोड पर होगा। राज्य सरकार जमीन अधिग्रहण और एयरपोर्ट के लिए संपर्कता की लागत वहन करेगी। समीक्षा के दौरान सीएम ने संबंधित अधिकारियों को भूमि अधिग्रहण से संबंधित प्रक्रियाओं में तेजी लाने और सभी आवश्यक कार्यों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया। यह भी निर्देश दिया कि एयरपोर्ट की आधारभूत संरचना और रन-वे का विकास इस प्रकार किया जाए कि यहां बड़े विमानों का संचालन हो सके। अजगैबीनाथ एयरपोर्ट से इन जिलों के लोगों को फायदा, श्रावणी मेला में सुविधा होगी सम्राट चौधरी ने कहा कि अजगैबीनाथ धाम एयरपोर्ट से मुंगेर, लखीसराय, जमुई, भागलपुर, बांका, खगड़िया, बेगूसराय सहित आसपास के जिलों को बेहतर हवाई सुविधा का लाभ मिलेगा। साथ ही, श्रावणी मेले के दौरान देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं के आवागमन को भी सुविधा मिलेगी। बड़े विमानों के संचालन के अनुकूल बनेगा सोनपुर एयरपोर्ट सोनपुर एयरपोर्ट के मास्टर प्लान की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि इसे बड़े विमानों (वाइड बॉडी एयरक्राफ्ट) के संचालन के अनुकूल विकसित किया जाए। एयरपोर्ट पर कार्गो सुविधा उपलब्ध कराने और यात्रियों की सुविधा के लिए बेहतर संपर्कता सुनिश्चित करने पर भी उन्होंने विशेष जोर दिया। इस एयरपोर्ट से पटना समेत बिहार के 22 जिलों के साथ-साथ झारखंड एवं उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों को भी हवाई संपर्क का लाभ मिलेगा। मास्टर प्लान पर चर्चा मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी आवश्यक प्रक्रियाओं एवं निर्माण संबंधी कार्यों को निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए तथा परियोजनाओं की नियमित समीक्षा कर प्रगति सुनिश्चित की जाए। बैठक में दोनों एयरपोर्ट के तकनीकी-आर्थिक व्यवहार्यता रिपोर्ट, ट्रैफिक सर्वे, मास्टर प्लान, भूमि अधिग्रहण, एयरपोर्ट की क्षमता, सड़क संपर्कता और आवश्यक आधारभूत संरचनाओं के विकास से संबंधित विभिन्न पहलुओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में सांसद राजीव प्रताप रूढ़ी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह, सिविल विमानन विभाग के सचिव निलेश रामचंद्र देवड़े सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।