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प्रमुख परियोजनाओं की रियल टाइम मॉनिटरिंग का माध्यम है सीएम डैशबोर्ड, स्वयं मुख्यमंत्री करते हैं नियमित समीक्षा

लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की शासन प्रणाली ने अभूतपूर्व रूप से नई दिशा व गति प्राप्त की है। उनके कुशल मार्गदर्शन व निर्णायक प्रशासनिक दृष्टि के परिणामस्वरूप राज्य का अभिनव सीएम डैशबोर्ड सिस्टम वर्तमान में त्वरित, पारदर्शी एवं उत्तरदायी शासन प्रणाली का आधार स्तंभ बन चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं इस डैशबोर्ड के माध्यम से प्रमुख परियोजनाओं की नियमित समीक्षा कर रहे हैं, जिसके चलते विकास कार्यों में उल्लेखनीय तेजी, उच्च गुणवत्ता और अधिक पारदर्शिता सुनिश्चित हुई है।                        योगी सरकार द्वारा क्रियान्वित डिजिटल सुशासन की नीतियों के अंतर्गत विकसित यह डैशबोर्ड डाटा इंटीग्रेशन, प्रदर्शन निगरानी, विजुअलाइजेशन, रियल टाइम अपडेट, जिलेवार विश्लेषण तथा नागरिक सहभागिता जैसी उन्नत विशेषताओं से सुसज्जित है। यह जटिल आंकड़ों को सरल तथा दृश्य रूप में प्रस्तुत कर जिलों में प्रशासनिक दक्षता, लक्ष्य-आधारित कार्य संस्कृति और जवाबदेही को सुदृढ़ करता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में सीएम डैशबोर्ड उत्तर प्रदेश के शासन को वैज्ञानिक, पारदर्शी, परिणामोन्मुख तथा उत्तरदायी बनाते हुए सुशासन का ऐसा आदर्श प्रस्तुत कर रही है जिसे आज देशभर में एक नए मॉडल के रूप में स्वीकार किया जा रहा है। जिलों के प्रदर्शन का आकलन कर जारी होती है रैंकिंग सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की जिलों में मासिक समीक्षा की जाती है। यह प्रणाली विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, राजस्व संचालन और कानून-व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर जिलों के प्रदर्शन का आकलन करती है। हर माह जिलों की रैंकिंग जारी होती है, जिससे प्रशासन के विभिन्न विभागों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ती है। प्रक्रिया के अंतर्गत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जिलों को प्रोत्साहित किया जाता है, जबकि कमजोर प्रदर्शन वाले जिलों को सुधार के लिए निर्देश दिए जाते हैं। तत्काल सुधार के लिए भी निर्देश जारी करने का माध्यम सीएम डैशबोर्ड में स्वास्थ्य, शिक्षा, बुनियादी ढांचा, स्वच्छता, पेयजल, बिजली, ग्रामीण सड़कें तथा सरकारी योजनाओं की पहुंच जैसे महत्वपूर्ण मापदंड शामिल हैं। इसका लक्ष्य केवल भौतिक संरचनाओं का विस्तार नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग जैसे किसानों, महिलाओं, गरीबों और युवाओं के समग्र उत्थान को सुनिश्चित करना है। योजनाओं की लाभार्थियों तक पहुंच, उनकी प्रगति और वास्तविक प्रभाव का सीधा मूल्यांकन इस प्रणाली से किया जाता है। प्रणाली की गुणवत्ता नियंत्रण को सुनिश्चित करने के लिए सीएम डैशबोर्ड को आईजीआरएस पोर्टल से भी जोड़ा गया है। खास बात यह है कि शिकायत निस्तारण के बाद यदि नागरिक असंतोष जताते हैं, तो इसके माध्यम से अधिकारियों को तत्काल सुधार के लिए निर्देश भी दिए जाते हैं। अन्य राज्यों के लिए मॉडल बना यूपी का डैशबोर्ड सीएम डैशबोर्ड और आईजीआरएस का प्रभावी प्रदर्शन अन्य राज्यों को भी ऐसे ही उन्नत एवं परिणामोन्मुख प्रणाली अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। उल्लेखनीय है कि दिल्ली सरकार ने सक्रिय निरीक्षण व अध्ययन के बाद योगी सरकार के आईजीआरएस और सीएम डैशबोर्ड सिस्टम के मॉडल को अपनाने का निर्णय लिया है। दिल्ली के अधिकारियों ने इस प्रणाली को तकनीकी रूप से उन्नत, प्रभावशाली और शिकायतों के त्वरित, पारदर्शी व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में अत्यंत कारगर पाया है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने विकास कार्यों की अधिक प्रभावी निगरानी तथा प्रशासनिक जवाबदेही बढ़ाने हेतु इस मॉडल की विशेष सराहना भी की है।

सुबह स्कूल के रास्ते में शिक्षिका की हत्या, अज्ञात बदमाशों ने मारी गोली

अररिया अररिया जिले के नरपतगंज प्रखंड अंतर्गत खाबदा कन्हैली मध्य विद्यालय में पदस्थापित शिक्षिका शिवानी कुमारी (28 वर्ष) की बुधवार सुबह अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। मूल रूप से उत्तर प्रदेश की रहने वाली शिवानी रोज की तरह अपनी स्कूटी से स्कूल जा रही थीं। इसी दौरान सुबह करीब 8:30 बजे, दो बाइक सवार नकाबपोश बदमाशों ने पीछे से उन्हें घेर लिया और कनपटी पर नजदीक से गोली मार दी। गोली लगते ही वे सड़क पर गिर पड़ीं। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और गंभीर रूप से घायल शिक्षिका को तुरंत सदर अस्पताल, अररिया ले जایا गया, लेकिन डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शी सुधीर यादव ने बताया कि मैं खेत में काम कर रहा था तभी कुछ लोग दौड़ते दिखे। मौके पर पहुंचा तो देखा कि मैडम खून से लथपथ पड़ी थीं। उन्हें अस्पताल ले गए, लेकिन बचाया नहीं जा सका। ग्रामीणों के अनुसार हमलावर दो नकाबपोश युवक थे, जो घटना के बाद तुरंत बाइक से फरार हो गए। मृतका कुछ महीने पहले ही इस स्कूल में नियोजित शिक्षिका के रूप में पदस्थापित हुई थीं। वे उत्तर प्रदेश के एक जिले की निवासी थीं और नरपतगंज में किराए के मकान में रहकर नौकरी कर रही थीं।

नए श्रमिक कानून से उत्तर प्रदेश के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा का कवच, महिलाओं को भी नाइट शिफ्ट का अधिकार

डबल इंजन सरकार में प्रत्येक श्रमिक को न्यूनतम वेतन की गारंटी, जोखिमयुक्त काम करने वालों को 100% स्वास्थ्य सुरक्षा बीमा चार नई श्रम संहिताओं के लागू होने से “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’’ को गति, 2047 तक उत्तर प्रदेश  बनेगा विकसित और आत्मनिर्भर  लखनऊ नए श्रमिक कानून से उत्तर प्रदेश के श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा गारंटी और न्यूनतम वेतन सुनिश्चित होगा। देश के 29 पुराने श्रम कानूनों को खत्म कर दिया गया है। इसकी जगह अब चार नए श्रमिक कानून लागू किए हैं। नई संहिता आधुनिक कार्यशैली, वेतन, स्वास्थ्य जांच और गिग वर्कर्स के लिए नए प्रगतिशील प्रावधान लेकर आई है। अब श्रमिकों को न्यूनतम वेतन, नियुक्ति पत्र, समान वेतन, सोशल सिक्योरिटी, ओवरटाइम पर डबल वेतन, फिक्स टर्म ग्रेच्युटी और जोखिम वाले क्षेत्रों में 100% हेल्थ सिक्योरिटी की गांरटी मिलेगी। इसके साथ ही महिलाओं को नाइट शिफ्ट में काम करने का भी अधिकार मिलेगा। वर्तमान आवश्यकताओं के अनुसार नए कानून देश में लागू कई श्रम कानून 1930–1950 के बीच बनाए गए थे। इसमें गिग वर्कर्स, प्लेटफॉर्म वर्कर्स और प्रवासी श्रमिक जैसी आधुनिक कार्यशैली का उल्लेख तक नहीं था। नए लेबर कोड इन सभी को कानूनी सुरक्षा देते हैं। नए श्रम कानून उत्तर प्रदेश की रोजगार व्यवस्था और इंडस्ट्रियल सिस्टम को नई परिभाषा देगें। नए नियमों से उत्तर प्रदेश के कामगारों को सामाजिक सुरक्षा का दायरा मिलेगा, जो पहले कभी संभव नहीं हुआ था कामकाजी महिलाओं को नाइट शिफ्ट का अधिकार उत्तर प्रदेश की महिलाएं अब सहमति और सुरक्षा प्रबंधों के साथ नाइट शिफ्ट में काम कर सकती हैं। समान वेतन और सुरक्षित कार्यस्थल की गारंटी भी नए कोड में शामिल है। ट्रांसजेंडर कर्मचारियों को भी समान अधिकार मिले हैं। नियुक्ति पत्र अनिवार्य, समय पर वेतन की गारंटी नियोक्ताओं को अब हर कर्मचारी को नियुक्ति पत्र देना होगा। न्यूनतम वेतन प्रदेशभर में लागू हो गया है और समय पर वेतन देना कानूनी बाध्यता होगी। इससे रोजगार में पारदर्शिता और कर्मचारी सुरक्षा बढ़ेगी। 40 वर्ष से अधिक उम्र वाले कर्मचारियों की साल में एक बार मुफ्त स्वास्थ्य जांच की जाएगी। खनन, केमिकल और कंस्ट्रक्शन जैसे खतरनाक कार्य क्षेत्रों में काम करने वालों को पूर्ण स्वास्थ्य सुरक्षा मिलेगी। केवल एक साल की नौकरी पर ग्रेच्युटी पहले 5 साल नौकरी के बाद मिलने वाली ग्रेच्युटी अब सिर्फ एक साल की स्थाई नौकरी के बाद मिलेगी। यह प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों के लिए बड़ा फायदा है। गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को पहली बार कानूनी मान्यता मिली है। ओला–उबर ड्राइवर, जोमैटो–स्विगी डिलीवरी पार्टनर, ऐप-बेस्ड वर्कर्स अब सामाजिक सुरक्षा लाभ पाएंगे। एग्रीगेटर्स को अपने टर्नओवर का 1–2% योगदान देना होगा। UAN लिंक होने से राज्य बदलने पर भी लाभ जारी रहेगा।   ओवरटाइम का डबल वेतन मिलेगा नए श्रमिक कानून से कर्मचारियों को अब ओवरटाइम का भुगतान डबल रेट पर मिलेगा। इससे ओवरटाइम भुगतान में पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। अब कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स को भी न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा और काम की गारंटी मिलेगी। प्रवासी और असंगठित क्षेत्र के कामगार भी सुरक्षा ढांचे में शामिल होंगे। सिंगल लाइसेंस और सिंगल रिटर्न सिस्टम लागू होगा। इससे कंपनियों का अनुपालन बोझ कम होगा और उद्योगों को लालफीताशाही से राहत मिलेगी। नए लेबर कोड विकसित उत्तर प्रदेश @2047 के लक्ष्य की दिशा में मजबूत आधार तैयार करेंगे। इससे “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” को भी रफ्तार मिलेगी।

उत्तर प्रदेश : टू व्हीलर बाजार छू रही है नई ऊंचाइयां

– शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही है क्रय शक्ति – प्रदेश सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों से अर्थिक गतिविधियों का हो रहा है विस्तार लखनऊ, प्रदेश सरकार की नीतियों और कार्यक्रमों के परिणाम स्वरूप उत्तर प्रदेश में आर्थिक गतिविधियों के तेजी से विस्तार ने राज्य के ऑटोमोबाइल सेक्टर, विशेष रूप से टू-व्हीलर बाजार को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। प्रदेश के मध्यम वर्ग और ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बढ़ रही क्रय शक्ति, स्थानीय उद्यमिता में वृद्धि और मजबूत बुनियादी ढांचा विकास ने टू-व्हीलर बाजार को व्यापक आधार दिया है। राज्य सरकार की निवेशक हितैषी नीतियों, रोजगार सृजन के अवसरों और ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती आय के परिणामस्वरूप खरीदारों की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि देखी जा रही है। उद्योग जगत की हालिया रिपोर्टों के अनुसार उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा टू-व्हीलर बाजार बनकर उभरा है। सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स  (SIAM) के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 में उत्तर प्रदेश में लगभग 46 लाख नए टू-व्हीलरों का पंजीकरण हुआ, जो देश के कुल निजी टू-व्हीलर बाजार का लगभग 14 से 15 प्रतिशत हिस्सा है। राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में आय के विस्तार ने इस वृद्धि में अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। ग्रामीण पर्यटन, छोटे उद्योगों के प्रसार, स्वयं सहायता समूहों के बढ़ते प्रभाव तथा सतत रोजगार कार्यक्रमों ने लोगों की आय बढ़ाई है। इसके परिणामस्वरूप गांवों में ऐसे परिवारों की संख्या बढ़ी है जो पहले केवल उपयोगिता आधारित वाहन खरीदते थे । जबकि आज वे बेहतर माइलेज और कम रखरखाव वाले टू-व्हीलरों को प्राथमिकता दे रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2020-21 से 2024-25 तक ग्रामीण क्षेत्रों में टू-व्हीलर खरीद की वृद्धि दर 17 प्रतिशत वार्षिक तक दर्ज की गई है। राज्य की युवा आबादी भी इस वृद्धि का मुख्य आधार बनी है। रोजगार और स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र के विस्तार ने युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त किया है। शहरी और अर्धशहरी क्षेत्रों में कामकाजी युवाओं के लिए टू-व्हीलर एक सुविधाजनक और किफायती विकल्प के रूप में तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। अध्ययन बताते हैं कि प्रदेश में पहली बार वाहन खरीदने वालों में से लगभग 60 प्रतिशत युवा वर्ग है। बेहतर सड़क नेटवर्क और कनेक्टिविटी ने भी बाजार को बल दिया है। प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, राज्य राजमार्ग के  साथ उत्तर प्रदेश में बढ़ती रोड कनेक्टिविटी मैं भी इसके बिक्री में अपना अहम योगदान दिया है।  इससे दूरस्थ गांवों और कस्बों में भी टू-व्हीलर उपयोगिता बढ़ी है। इसके साथ ही राज्य में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर की मांग में भी वृद्धि हो रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में उत्तर प्रदेश में लगभग 1.5 लाख इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बेचे गए, जो देश में सर्वाधिक है। व्यापार अनुकूल नीतियां, स्थानीय विनिर्माण को प्रोत्साहन और निवेश आकर्षित करने वाली योजनाएं प्रदेश को एक मजबूत औद्योगिक केंद्र के रूप में स्थापित कर रही हैं। उत्तर प्रदेश में बढ़ती क्रय शक्ति और तेजी से विकसित हो रहे परिवहन तंत्र के चलते टू-व्हीलर बाजार आने वाले वर्षों में भी निरंतर विस्तार की दिशा में अग्रसर रहेगा।

मुख्यमंत्री योगी के निर्देशन में AI के जरिये विकास का मॉडल बन रहा उत्तरप्रदेश

एआई में वैश्विक मानक तय कर रहा ‘योगी का यूपी’ यूपी फतेहपुर में भारत का पहला एआई आधारित स्तन कैंसर स्क्रीनिंग केंद्र कृषि में हाईटेक बदलाव: यूपी के 10 लाख से अधिक किसान एआई से जुड़े शिक्षा, सुरक्षा में प्रदेशवासियों के लिए नया मुकाम स्थापित कर रहा एआई उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ बनाई जा रही देश की पहली पूर्ण विकसित एआई सिटी लखनऊ,   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश एआई के जरिए हर क्षेत्र में वैश्विक मानक तय कर रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा है कि तकनीक के जरिए उत्तर प्रदेश हर क्षेत्र में शीर्ष पर पहुंचे। दुनिया भर में सरकारें एक तरफ जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के जरिए सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए प्रयत्नशील हैं। इसे लेकर अधिकतर देश और राज्य अभी प्रयोग कर रहे हैं, वहीं उत्तर प्रदेश एआई को ऐसे पैमाने पर लागू कर चुका है, जो कई वैश्विक उदाहरणों की बराबरी करता है। यूपी का नेतृत्व करने वाले योगी आदित्यनाथ ने तकनीक को नारे की जगह शासन का सिद्धांत बना दिया है, जिसके जरिए भी यूपी अपने समृद्ध भविष्य को नए सिरे से गढ़ रहा है। रणनीतिक छलांग: भारत के पहले एआई सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ को देश की पहला पूर्ण विकसित एआई सिटी बनाई जा रही है। अन्य “स्मार्ट सिटी” मॉडलों की तुलना में यहां तकनीक ढांचों को मजबूत किया जा रहा है। सीएम योगी आदित्यनाथ लखनऊ को केवल राजधानी नहीं, बल्कि एआई आधारित शासन का राष्ट्रीय कमांड सेंटर बना रहे हैं।     •    राज्य समर्थित एआई इनोवेशन हब     •    10,000+ GPUs वाला सुपरकंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर     •    अपनी ही भाषा में बने बहुभाषी एआई मॉडल     •    वैश्विक एआई कंपनियों को आकर्षित करने वाला R&D ढाँचा     •    इंडियाएआई मिशन के अनुरूप नीति ढाँचे स्वास्थ्य में एआईः इस क्षेत्र में बड़ी क्रांति मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश का स्वास्थ्य क्षेत्र बड़ी क्रांति से गुजर रहा है। यह बदलाव सीएम योगी के उस सोच को प्रदर्शित करता है, जहां स्वास्थ्य केवल इलाज नहीं, बल्कि पूर्वानुमान पर केंद्रित होना चाहिए। एआई इसे संभव बना रहा है।     • यूपी के फतेहपुर में भारत का पहला AI-आधारित स्तन कैंसर स्क्रीनिंग केंद्र बनया गया है, जो अधिक सटीकता और शुरुआती पहचान में सक्षम है।     • सार्वजनिक स्वास्थ्य डेटा मैनुअल रिपोर्टिंग से हटकर प्रेडिक्टिव मॉडलिंग की ओर बढ़ रहा है।     •सरकारी मेडिकल कॉलेजों में नि:शुल्क एआई और क्लाउड कोर्स, ताकि अगली पीढ़ी के स्वास्थ्य-तकनीक विशेषज्ञ तैयार किए जा सकें। शिक्षा में एआईः अधिक स्मार्ट और स्केलेबल लर्निंग सिस्टम सीएम योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी का शिक्षा ढाँचा डिजिटल रूप से नए सिरे से तैयार हो रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तकनीक को ग्रामीण कक्षाओं और वैश्विक शिक्षा मानकों के बीच का संपर्क सेतु मानते हैं। इस सेतु का निर्माण तेज़ गति से हो रहा है।     •माध्यमिक शिक्षा परीक्षाओं में AI bots सहायक भूमिका निभा रहे हैं, जिससे त्रुटियाँ और अनियमितताएँ कम हो रही हैं।     •शिक्षक व छात्र एआई टूल्स में प्रशिक्षित हो रहे हैं, जिससे सीखने के नए मार्ग खुल रहे हैं     • उत्तर प्रदेश एआई आधारित व्यक्तिगत शिक्षा प्रणाली की नींव डाल रहा है। कृषि में हाई-टेक बदलाव: दस लाख से अधिक किसान एआई से जुड़े यूपी कृषि के जरिए यूपी आर्थिक शक्ति बन रहा है। विश्व बैंक समर्थित यूपी एग्रीज के माध्यम से 10 लाख से अधिक किसान अब एआई आधारित सलाह से जुड़ चुके हैं। उपग्रह चित्रों, मिट्टी विश्लेषण, मौसम मॉडल और RFID आधारित संसाधन ट्रैकिंग का उपयोग कर रहे हैं, इसके जरिए…     • फसल उत्पादन में सुधार     • जोखिम का तेज़ पूर्वानुमान     • पानी व खाद का कम से कम उपयोग     • संसाधनों की सटीक निगरानी पारदर्शी व समयबद्ध ढंग से मिल रहा कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में कल्याणकारी व्यवस्थाएँ इंटेलिजेंस आधारित प्रणाली बन रही हैं। इसके जरिए कल्याण योजनाएं धीमी सरकारी प्रक्रिया नहीं, बल्कि रियल-टाइम सार्वजनिक सेवा बन चुका है। एआई समर्थित तंत्र से फायदा :     • वास्तविक लाभार्थी डेटाबेस तैयार कर रहे हैं     • धोखाधड़ी को तुरंत पहचान रहे हैं     • डीबीटी को तेज़ और अधिक सटीक बना रहे हैं     • सही योजना को सही नागरिक से जोड़ रहे हैं सार्वजनिक सुरक्षा में एआईः सुरक्षा का नया मानक राज्य के कई नगर निगमों में एआई आधारित प्रणालियाँ कानून-व्यवस्था को नए स्तर पर ले जा रही हैं। इसके लिए अनेक कार्य हो रहे हैं, जिसके परिणाम भी मिल रहा है।     • फेसियल रिकॉग्निशन नेटवर्क     • वाहन ट्रैकिंग     • पुलिस नियंत्रण कक्षों से जुड़े SOS सिस्टम     • प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स आधारित निगरानी     • जेलों में “Jarvis” जैसे एआई सुरक्षा तंत्र राजस्व और संसाधन प्रबंधन: निष्पक्ष निर्णायक के रूप में एआई भूमि विवादों से लेकर अवैध खनन तक यूपी शासन-प्रशासन एआई और सैटेलाइट विश्लेषण का उपयोग डेटा आधारित, निष्पक्ष निर्णय के लिए कर रहा है। इसके जरिए भ्रष्टाचार कम, समाधान तेज और जवाबदेही मजबूत हो रही है।     • भूमि रिकॉर्ड का डिजिटल मानचित्रण     • अतिक्रमण की स्वत: पहचान     • अवैध खनन की वास्तविक समय में निगरानी     • जिलों के प्रदर्शन की डिजिटल ट्रैकिंग API आधारित शासन: ‘ध्वनि’ बन रहा है यूपी का एआई ऑपरेटिंग सिस्टम एनआईसी द्वारा निर्मित ध्वनि प्लेटफ़ॉर्म उत्तर प्रदेश का आधुनिक शासन इंजन बन रहा है। एआई आधारित APIs सीधे शिकायत निस्तारण से लेकर स्वचालित सेवाओं के क्रियान्वयन तक विभागीय कार्यों के प्रवाह से जुड़ते हैं। साथ ही आधुनिक रूप से मजबूत होते हुए विभाग अलग-अलग नहीं, बल्कि जुड़ी हुई डेटा प्रणाली के रूप में काम करते हैं।

सीएम युवा उद्यमी योजना, रोजगार मेला व ओडीओपी योजना की बढ़ी विश्व स्तर पर प्रतिष्ठा

  ओडीओपी योजना के तहत यूपी के परंपरागत एवं स्थानीय शिल्प को आईआईटीएफ 2025 में मिल रही वैश्विक पहचान आईआईटीएफ 2025 में प्रदेश के युवाओं की भागीदारी बन रही युवाओं की रचनात्मकता और उद्यमशीलता के प्रदर्शन का मंच   लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी नेतृत्व में उत्तर प्रदेश एक युवा केंद्रित विकास की लहर का साक्षी बन रहा है, जिसका प्रत्यक्ष प्रमाण हमें भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला 2025 (आईआईटीएफ) में देखने को मिल रहा है। इस वर्ष आईआईटीएफ 2025 में यूपी की भागीदारी ने न केवल प्रदेश के युवाओं की रचनात्मकता और उद्यमशीलता को उजागर कर रही है, बल्कि योगी सरकार की युवा प्रतिभाओं को नवाचार एवं आत्मनिर्भरता के लिए प्रोत्साहित करने और विकास के अवसर सृजित करने की प्रतिबद्धता को भी रेखांकित कर रही है। सीएम योगी के विजन में प्रदेश में चलाए जा रहे रोजगार मेला, सीएम युवा कार्यक्रम और ओडीओपी योजना उत्तर प्रदेश के युवाओं को सशक्त बना रही हैं। जो न केवल राज्य के युवाओं को नौकरी के अवसर प्रदान करने, उनके कौशल का विकास करने और उनमें उद्यमिता व नवाचार को बढ़ावा दे रही है। जहां रोजगार मेले युवाओं को रोजगार से जोड़ते हैं, तो वहीं सीएम युवा कार्यक्रम का ध्येय उनके कौशल और क्षमताओं को मजबूती प्रदान करना है। सीएम युवा कार्यक्रम प्रदेश के युवाओं को कौशल, मार्गदर्शन और संसाधनों से लैस करता है ताकि वे अपने उद्यमों को शुरू कर सकें ताकि वे ऐसे उद्यम या व्यवसाय स्थापित कर सकें, जो दूसरों के लिए भी रोजगार सृजित कर सकें। सीएम योगी आदित्यनाथ की महत्वाकांक्षी योजना ओडीओपी, उन्हें उनके अपने ही जनपद में स्थानीय कौशलों को सफल व्यवसायों में बदलने में मदद करता है। सीएम योगी की इस योजना का अनुकरण वर्तमान में देश के अन्य राज्य भी कर रहे हैं। आईआईटीएफ में अपने उत्पादों का प्रदर्शन करने वाले कई युवाओं ने साझा किया कि योगी सरकार की इन योजनाओं ने कैसे उनके स्टार्ट अप आइडिया, उनके परंपरागत व स्थानीय कौशलों को फलते-फूलते उद्यमों में बदलने में मदद की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सपना एक ऐसे भविष्य का है जहां उत्तर प्रदेश के युवा नौकरी तलाशने वाले न होकर नौकरी सृजित करने वाले बनें, जो आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में नवाचार और आत्मनिर्भरता को गति दें, साथ ही राज्य की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाएं। योगी सरकार की युवा-अनुकूल नीतियों ने राज्य के विकास को तेज करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। कौशल उन्नयन से लेकर स्टार्टअप समर्थन तक राज्य प्रशासन ने एक ऐसा वातावरण तैयार किया है जो युवाओं को अपनी महत्वाकांक्षाओं को पूरा करने के लिए सशक्त बनाता है। राज्य सरकार की ये पहलें केवल व्यक्तियों की मदद ही नहीं कर रही हैं, बल्कि वे उत्तर प्रदेश के समग्र विकास के आधारभूत ढांचे को मजबूत भी कर रही हैं। जिसमें नई विचारधाराएं, तकनीकी नवाचार और ऊर्जावान भागीदारी मुख्यधारा में आ रही हैं। आईआईटीएफ और यूपीआईटीएस जैसे अंतरराष्ट्रीय व प्रतिष्ठित मंचों में राज्य के युवा उद्यमियों की बढ़ती उपस्थिति योगी सरकार की सतत विकास के प्रति प्रतिबद्धता का मजबूत प्रतिबिंब है। जिस तरह से राज्य के युवा आत्मविश्वास के साथ आगे आ रहे हैं, हैंडीक्राफ्ट से लेकर कृषि-आधारित उद्योगों तक विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार ला रहे हैं, उत्तर प्रदेश अवसरों और उद्यमिता का केंद्र बनकर उभर रहा है। योगी सरकार का युवाओं को सशक्त बनाने पर ध्यान एक मजबूत, आत्मनिर्भर और वैश्विक रूप से प्रतिस्पर्धी राज्य की राह प्रशस्त कर रहा है।

योगी सरकार में ओडीओपी और नीतिगत सुधार बन रहे आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम

ओडीओपी से बदला महिलाओं का आर्थिक परिदृश्य, लाखों हस्तशिल्पियों को मिला वैश्विक मंच स्वयं सहायता समूह व मुद्रा ऋण से मजबूत हुई ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक स्थिति परंपरागत कलाओं को पुनर्जीवित कर महिलाओं ने अंतर्राष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया उत्तर प्रदेश का मान मिशन शक्ति से लेकर ई–कॉमर्स लिंकेज तक, नीतिगत सुधारों से महिलाओं की सशक्त भागीदारी हुई सुनिश्चित लखनऊ, उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने के लिए प्रतिबद्ध योगी सरकार की सर्व समावेशी नीतियां अब राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी अपना व्यापक प्रभाव दिखा रही हैं। इसी का सकारात्मक परिणाम अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला (आईआईटीएफ) में भी देखने को मिल रहा है। इस वृहद आयोजन में इस वर्ष उत्तर प्रदेश की महिलाओं की असाधारण भागीदारी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि योगी सरकार की योजनाएँ महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण में निर्णायक भूमिका निभा रही हैं। मिशन शक्ति, मुद्रा ऋण, कन्या सुमंगला, महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) के विस्तार और ओडीओपी जैसी पहल ने महिलाओं को न केवल स्वरोजगार से जोड़ा है बल्कि उन्हें वैश्विक मंच तक पहुँचाने का मार्ग भी प्रशस्त किया है। यही कारण है कि आईआईटीएफ के ओडीओपी पवेलियन में 60% भागीदारी महिलाओं की रही है, जहां उनकी पारंपरिक कलाओं, हस्तशिल्प और हथकरघा उत्पादों ने देश–विदेश के खरीदारों का ध्यान आकर्षित किया है। ओडीओपी और सरकारी नीतियों ने लुप्त होती कलाओं को पुनर्जीवित कर महिलाओं की आय, सम्मान और पहचान तीनों में वृद्धि की है। योगी सरकार की नीतियां बदल रहीं महिलाओं की तकदीर महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता दिलाने के लिए योगी सरकार ने मिशन शक्ति को बड़े स्तर पर लागू किया है। इसके तहत 15.35 लाख महिलाओं को विभिन्न योजनाओं से जोड़कर स्वरोजगार उपलब्ध कराया गया है। उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2022-23 में 1.14 करोड़ से अधिक खाते स्वीकृत हुए, जिनमें 80% से अधिक लाभार्थी महिलाएँ थीं। वहीं, कन्या सुमंगला योजना के माध्यम से 15 लाख से अधिक बालिकाओं को शिक्षा और स्वास्थ्य के लिए आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें विकास की मुख्यधारा में जोड़ा गया। इन नीतियों से महिलाओं की श्रम भागीदारी दर में भी तेजी से सुधार हुआ  है, जो 2017 के 10.6% से बढ़कर 2023 में 17.5% से अधिक हो चुकी है। सरकार की योजनाओं ने महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता व उद्यमिता को सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक आधार दोनों प्रदान किए हैं। ओडीओपी से महिलाएं बनीं बड़े स्तर की उद्यमी, आईआईटीएफ में दिखा प्रभाव उत्तर प्रदेश की ओडीओपी योजना महिलाओं के लिए आर्थिक परिवर्तन का सबसे बड़ा माध्यम बनकर उभरी है। ओडीओपी के जरिए लाखों महिला कारीगरों, बुनकरों और उद्यमियों को लाभ मिला है। इनमें चिकनकारी, जरी-जरदोजी, पीतल उद्योग, बनारसी सिल्क, टेराकोटा, लकड़ी के खिलौने और अनेक पारंपरिक शिल्प शामिल हैं। 60,000 से अधिक महिला कारीगरों को फ्री प्रशिक्षण और आधुनिक टूलकिट प्रदान किए जाने से उनकी उत्पादकता और गुणवत्ता में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। ई-कॉमर्स के माध्यम से हजारों महिला एमएसएमई उद्यमियों को अमेजॉन, फ्लिपकार्ट और अंतरराष्ट्रीय प्लेटफॉर्मों से जोड़कर वैश्विक बाजारों तक पहुँचाया गया, जिससे निर्यात में वृद्धि हुई और आय में स्थायी सुधार दर्ज हुआ। आईआईटीएफ के ओडीओपी पवेलियन में 60% महिलाएं शामिल हुईं, जिन्होंने अपनी कला से उत्तर प्रदेश को देश–विदेश में पहचान दिलाई। यह न सिर्फ राज्य की परंपरागत कला के पुनरुत्थान का सबूत है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक उत्थान का भी। महिला सशक्तिकरण के लिए सरकार के सतत प्रयास बने बदलाव की आधारशिला महिलाओं की आर्थिक मजबूती सुनिश्चित करने के लिए योगी सरकार ने स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से लाखों महिलाओं को स्वावलंबन की दिशा में अग्रसर किया है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 4.5 लाख से अधिक महिला स्वयं सहायता समूहों को वित्तीय वर्ष 2022-23 में ₹1,000 करोड़ से अधिक का ऋण उपलब्ध कराया गया। योगी सरकार के सकारात्मक प्रयासों का संपूर्ण प्रभाव आईआईटीएफ में साफ नजर आया, जहां महिला उद्यमियों ने न केवल बड़े स्तर पर प्रदर्शन किया बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था, संस्कृति और हस्तशिल्प को वैश्विक पहचान दिलाई। झांसी की वंदना व शिवानी शर्मा का उदाहरण अनुकरणीय है। इन्होंने ओडीओपी केटेगरी के अंतर्गत न केवल प्रशिक्षण व वित्तीय सहायता प्राप्त की, बल्कि घर आधारित काम को संगठित उद्यम में बदला। इसका परिणाम है कि आईआईटीएफ में उनके पारंपरिक खिलौना उत्पादों को न केवल बड़े ऑर्डर मिल रहे हैं बल्कि आर्थिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। यह इस बात का भी उदाहरण है कि कैसे परंपरागत कलाओं को नया जीवन और महिलाओं को नई उड़ान देने में योगी सरकार की नीतियां निर्णायक साबित हुई हैं।

सौर ऊर्जा क्रांति : किसानों और छोटे कारोबारियों को मिल रही बड़ी राहत, 2.75 लाख से ज्यादा घर रोशन

मासिक खर्च में हो रही है 15-20% की बचत, छोटे व्यवसायों को मिली नई गति डबल इंजन सरकार द्वारा ₹1,808.09 करोड़ की सब्सिडी की गई है वितरित लखनऊ,  प्रदेश के पिछड़े और ग्रामीण इलाकों में पीएम सूर्य घर योजना नई उम्मीद बनकर उभरी है। सौर ऊर्जा आधारित इस योजना ने किसानों, छोटे व्यापारियों और आम नागरिकों के जीवन में आर्थिक राहत पहुंचाई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने इस योजना के क्रियान्वयन में तेजी दिखाई है और राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्यों में जगह बनाई है। अधिकृत आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में अब तक 2,75,936 घरों पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। इससे उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है और ऊर्जा निर्भरता में उल्लेखनीय कमी आई है। स्थापना के मामले में यूपी गुजरात और महाराष्ट्र के बाद तीसरे स्थान पर है, जबकि कुल आवेदनों में प्रदेश दूसरे स्थान पर है। इस योजना का सबसे बड़ा प्रभाव छोटे व्यवसायों पर दिखाई दे रहा है। बिजली कटौती से पहले जहां वेल्डिंग, आटा चक्की, किराना स्टोर, नाई की दुकान और मोबाइल रिपेयर जैसी इकाइयां प्रभावित होती थीं, वहीं अब सौर ऊर्जा से इनके संचालन में रुकावट नहीं होती। लगातार बिजली उपलब्ध होने से इन व्यवसायों की आय स्थिर हुई है और रोजगार पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों के बिजली बिल लगभग शून्य होने से उनके मासिक खर्च में 15 से 20 प्रतिशत तक की कमी आई है। कई परिवार अब शिक्षा, स्वास्थ्य और बचत की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ पा रहे हैं। 31 अक्टूबर तक प्रदेश में ₹1,808.09 करोड़ की सब्सिडी वितरित की जा चुकी है। सब्सिडी मिलने से योजना के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ा है और रूफटॉप सोलर स्थापना में तेजी आई है। लखनऊ, वाराणसी, कानपुर नगर और बरेली इस योजना के प्रमुख लाभार्थी जिले हैं। अकेले इन चार जिलों में 8,000 से अधिक रूफटॉप सोलर यूनिट स्थापित हो चुकी हैं। आंकड़ों के मुताबिक लखनऊ में 4,271, वाराणसी में 1,672, कानपुर नगर में 1,410 और बरेली में 1,145 संयंत्र लगाए गए हैं। अन्य जिलों में भी स्थापना कार्य तेजी से जारी है।

धान खरीदी से पहले मचा हड़कंप: जंगल में मिली 143 बोरी, बिचौलिए फरार, वाहन जब्त

बलरामपुर छत्तीसगढ़ में धान खरीदी की शुरुआत से पहले ही पड़ोसी राज्यों के बिचौलिए सक्रीय हो गए हैं. बलरामपुर के रामचंद्रपुर विकासखंड में पुलिस और राजस्व टीम कड़ी निगरानी कर रही है. इस कड़ी में अवैध धान परिवहन पर टीम ने शिकंजा कसा है. यूपी से आ रही पिकअप वाहन को अवैध धान परिवहन करते पकड़ा गया है. साथ ही जंगल से 143 बोरी धान जब्त किया गया है. अनुविभागीय अधिकारी ने जानकारी दी कि राजस्व, पुलिस के टीम द्वारा गस्ती के दौरान यूपी से आ रही 1 पिकअप वाहन अवैध धान परिवहन करते हुए जब्त किया गया. साथ ही प्रशासनिक टीम के पहुंचने की भनक लगते ही अवैध परिवहन कर रहे दो अन्य पिकअप वाहन चालकों ने जंगल में धान को छोड़कर अन्यत्र दिशा मे चले गए. मौके पर मौजूद टीम ने धान को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई की. अनुविभागीय अधिकारी राजस्व नेताम ने बताया कि जिले में अवैध धान परिवहन और भंडारण पर सख्त निगरानी रखी जा रही है. किसी भी व्यक्ति द्वारा अवैध धान परिवहन किए जाने पर कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि आगामी समय में भी रात के समय गश्त और तेज़ की जाएगी ताकि धान के अवैध परिवहन पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके.

मुख्यमंत्री ने किया राष्ट्रीय युवा उत्सव-2025 में विजेता प्रतिभागियों को सम्मान

लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश न केवल जनसंख्या के लिहाज से सबसे बड़ा राज्य है, बल्कि प्रतिभाशाली युवाओं से भरा प्रदेश भी है, जो खेल, संस्कृति और नवाचार के क्षेत्र में ‘विकसित भारत’ के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि विकसित भारत के निर्माण का रास्ता उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है और इस दिशा में ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ अभियान को अपार जनसमर्थन प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री सोमवार को लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम में राष्ट्रीय युवा उत्सव-2025 और यूथ पार्लियामेंट-2025 के विजेता प्रतिभागियों को प्रशस्ति पत्र और टैबलेट प्रदान कर सम्मानित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने विधायक व सांसद खेलकूद प्रतियोगिताओं का शुभारंभ किया साथ ही युवा संवर्धन केंद्रों की शुरुआत की और 16,000 युवक मंगल दल और महिला मंगल दलों को खेल सामग्री (स्पोर्ट्स किट) प्रदान की। मुख्यमंत्री ने सर्वश्रेष्ठ क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारियों को भी सम्मानित किया। युवाओं के लिए दीपावली से पहले मिला खेलों का उपहार- सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि दीपावली से पहले खेल सामग्री का वितरण युवाओं के लिए सरकार का एक विशेष उपहार है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के 1.05 लाख से अधिक युवक और महिला मंगल दल सक्रिय रूप से कार्यरत हैं और अब तक 80 हजार से अधिक मंगल दलों को खेल किट उपलब्ध कराई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में खेलकूद की प्रतियोगिताएं शुरू होंगी, ग्राम स्तर से लेकर न्याय पंचायत, ब्लॉक, विधानसभा और संसदीय क्षेत्र स्तर तक यही प्रतियोगिताएँ आगे चलकर विधायक और सांसद खेलकूद प्रतियोगिता का रूप लेंगी। उन्होंने कहा कि खेल व्यक्ति को स्वस्थ रखने का माध्यम है। स्वस्थ प्रतिस्पर्धा ही विकास की प्रेरणा है। लोक संस्कृति और खेल दोनों बनेगा प्रदेश के विकास का आधार- मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे केवल खेलकूद तक सीमित न रहें, बल्कि गांवों में लोक गायन, लोक कथा, नाटक मंचन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों को भी प्रोत्साहित करें। उन्होंने सोनभद्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां बुजुर्गों के बीच रस्साकशी प्रतियोगिता कराकर समाज में उत्साह का वातावरण बना दिया गया। सीएम योगी गांवों में आयोजित होने वाले रामलीला के मंचन का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां गांव के लोग खुद चंदा इकट्ठा कर रामलीला का आयोजन करते हैं और खुद अलग-अलग किरदार अदा कर मंचन भी करते हैं। हमारे युवाओं को इसमें भी आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोक गायन और लोक कथाएँ हमारे इतिहास और पूर्वजों की गाथाएं हैं। इन्हें जीवित रखना हमारी जिम्मेदारी है। मिशन शक्ति कार्यक्रम से जुड़े महिला मंगल दल- सीएम सीएम योगी ने कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार का महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को लेकर ‘मिशन शक्ति’ का पंचम चरण चल रहा है। इस पंचम चरण के पीछे का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा के प्रति जागरूकता और महिलाओं के कल्याण के लिए केंद्र और राज्य सरकार के स्तर पर क्या-क्या कार्यक्रम हुए हैं, इन कार्यक्रमों के बारे में महिलाओं को जागरूक करना और उनको बताना है। महिला मंगल दल का दायित्व बनता है कि अपने-अपने ग्राम पंचायत के साथ उन कार्यक्रमों से जुड़ें और उसे सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाएं। ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ बना जनांदोलन- मुख्यमंत्री सीएम योगी ने कहा कि ‘विकसित उत्तर प्रदेश’ अभियान को लेकर प्रदेश में 28 घंटे की विधानसभा चर्चा के बाद व्यापक जनसंवाद चलाया गया। इसमें 300 से अधिक बुद्धिजीवियों को 1,000 अकादमिक संस्थानों में भेजा गया और 57,600 ग्राम पंचायतों, नगर निकायों, जिला पंचायतों और ब्लॉक समितियों से सुझाव प्राप्त किए गए। उन्होंने कहा कि समर्थ पोर्टल के माध्यम से प्रदेश के अलग- अलग तबकों से अबतक 40 लाख से अधिक सुझाव प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतें आत्मनिर्भर होंगी तो क्षेत्र पंचायतें और जनपद भी विकसित होंगे। जनपद विकसित होंगे तो प्रदेश आत्मनिर्भर बनेगा और यही विकसित भारत के ‘विजन 2047’ की आधारशिला है। उन्होंने कहा कि गाँव से विकास की शुरुआत होगी तो देश को आत्मनिर्भर बनने से कोई नहीं रोक सकता। खेल अब केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन की आवश्यकता बन चुका है- सीएम मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल अब केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि जीवन की आवश्यकता बन चुका है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में 500 से अधिक राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी गई है। इनमें डिप्टी एसपी, नायब तहसीलदार और खेल अधिकारियों के पद शामिल हैं। सीएम योगी ने कहा कि नेशनल और इंटरनेशनल पुलिस गेम्स में उत्तर प्रदेश पुलिस ने सर्वाधिक मेडल जीते हैं, जो इस नीति की सफलता का प्रमाण है। हर गाँव में खेल मैदान और ओपन जिम का हो रहा निर्माण- मुख्यमंत्री सीएम योगी ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि हर ग्राम पंचायत में एक खेल मैदान हो, ताकि बच्चे और युवा अपनी प्रतिभा को निखार सकें और सरकार इस पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि हर ब्लॉक स्तर पर मिनी स्टेडियम और जनपद स्तर पर मुख्य स्टेडियम का निर्माण हो रहा है। इसके साथ ओपन जिम और खेल प्रशिक्षण केंद्रों को भी तेजी से विकसित किया जा रहा है। 50 विकासखंडों में युवा केंद्रों की स्थापना शुरू की गई है- सीएम योगी मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में ‘युवा साथी पोर्टल’ नामक एआई-इनेबल्ड इंटीग्रेटेड प्लेटफॉर्म पर अब तक 12.64 लाख युवाओं ने पंजीकरण कराया है। इसके माध्यम से युवाओं को विभिन्न योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। साथ ही, 50 विकासखंडों में 2 करोड़ रुपये की लागत से युवा केंद्रों की स्थापना शुरू की गई है।   ‘विकसित भारत’ के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएगा उत्तर प्रदेश- सीएम योगी सीएम योगी ने बताया कि सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर 1.5 लाख युवाओं ने रील प्रतियोगिता, यूनिटी मार्च और पॉडकास्ट जैसे आयोजनों में भाग लिया है। उन्होंने कहा कि यह एकता और राष्ट्र निर्माण की भावना को सशक्त करने का अद्भुत उदाहरण है। सीएम योगी ने कहा कि युवा ही 2047 के विकसित भारत के निर्माता हैं। 2047 में जब भारत आजादी के 100 वर्ष पूरे करेगा, तब उसकी आधारशिला आज के युवा रखेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के युवक मंगल दल और महिला मंगल दल इस परिवर्तन के अग्रदूत बनें। उत्तर प्रदेश न केवल जनसंख्या के लिहाज से सबसे बड़ा … Read more