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मतदान के दौरान छपरा में बड़ी गड़बड़ी — 150 वोटर लिस्ट से नदारद!

छपरा बिहार में पहले चरण की 121 सीटों पर जारी मतदान के  बीच बड़ी खबर सामने आ रही है। दरअसल, छपरा विधानसभा के ब्रह्मपुर मोहल्ले के 150 लोगों का नाम वोटर लिस्ट से गायब है, जिसके चलते लोगों में भारी आक्रोश है।   वोट डालने पहुंचे लोग इसे बड़ी साजिश बता रहे हैं। लोगों का कहना है कि 'BLO की लापरवाही के कारण हम वोट नहीं दे पा रहे हैं। सारे डॉक्यूमेंट देने के बाद भी लिस्ट में नाम नहीं है। दूसरी ओर राजद ने लखीसराय में बूथ कैपचरिंग का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महागठबंधन के 'मजबूत बूथों' पर वोटिंग की गति को धीमा करने के लिए जानबूझकर बिजली काटी जा रही है। हालांकि, चुनाव आयोग ने आरजेडी के दावे को सिरे से खारिज कर दिया है।

मतदाता सूची अपडेट करने का मौका: 4 नवंबर से बीएलओ पहुंचेंगे हर घर

जयपुर/कोटा भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार राजस्थान में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान का दूसरा चरण 4 नवंबर से शुरू होगा, जो 4 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं से संपर्क करेंगे, ईएफ वितरित करेंगे और भरे हुए फॉर्म एकत्र करेंगे। अभियान का उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन, सटीक और त्रुटिरहित बनाना है ताकि कोई पात्र नागरिक छूटे नहीं और कोई अपात्र व्यक्ति सूची में शामिल न हो। डोर-टू-डोर सत्यापन कोटपूतली-बहरोड़ जिले में इस अभियान की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर प्रियंका गोस्वामी ने बताया कि 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं को परिगणना प्रपत्र वितरित करेंगे, जिसमें मतदाता का नाम, पता, विधानसभा क्षेत्र और भाग संख्या जैसी जानकारियां पहले से अंकित रहेंगी। मतदाता को अपनी नवीनतम रंगीन फोटो इस फॉर्म पर चिपकानी होगी। बीएलओ प्रत्येक मतदाता के घर कम से कम तीन बार जाएंगे और फॉर्म भरने में सहयोग करेंगे। इस चरण में किसी प्रकार के दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने बताया कि जिले में यह कार्य तेजी से चल रहा है और 9 दिसंबर को ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी। इसके बाद 9 दिसंबर से 9 जनवरी तक दावे और आपत्तियां ली जाएंगी और 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी। प्रियंका गोस्वामी ने नागरिकों से अपील की कि वे बीएलओ से संपर्क कर अपने नाम की पुष्टि करें ताकि मतदान अधिकार सुरक्षित रह सके। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ हुई समीक्षा बैठक टोंक जिले में भी विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की तैयारियों की समीक्षा की गई। जिला निर्वाचन अधिकारी कल्पना अग्रवाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में कांग्रेस, भाजपा, बसपा, सीपीएम सहित अन्य दलों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कल्पना अग्रवाल ने बताया कि मतदाता सूची को शुद्ध और त्रुटिरहित बनाने के लिए यह अभियान आवश्यक है। उन्होंने कहा कि बीएलओ 2002 की मतदाता सूचियों के आधार पर निर्वाचक मैपिंग कर रहे हैं, ताकि पुराने और नए मतदाताओं का मिलान व लिंकिंग सुनिश्चित की जा सके। मतदाता अपने विवरणों की जांच और फॉर्म भरने का कार्य ऑनलाइन माध्यम से भी कर सकते हैं। राज्य निर्वाचन आयोग की वेबसाइट पर मतदाता सूची की जानकारी उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपने बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करने और मतदाताओं तक इस अभियान की जानकारी पहुंचाने का आग्रह किया। जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि यह प्रक्रिया लोकतंत्र की पवित्रता बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और सभी दलों का सहयोग अपेक्षित है। जिला निर्वाचन अधिकारी ने नेताओं को दी एसआईआर ट्रेनिंग वहीं कोटा जिले में जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर पीयूष समारिया की अध्यक्षता में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की बैठक आयोजित की गई। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक गणना प्रपत्र भरे जाएंगे और 9 दिसंबर 2025 को मतदाता सूची का प्रारूप प्रकाशित किया जाएगा। 9 दिसंबर से 8 जनवरी तक दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया चलेगी और 7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची जारी की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में मतदाताओं की मैपिंग का कार्य 65 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है। बीएलओ प्रत्येक मतदाता को घर-घर जाकर फॉर्म वितरित करेंगे और उन्हें भरने में सहयोग देंगे। कलेक्टर समारिया ने बताया कि वृद्ध, दिव्यांग और वंचित वर्ग के मतदाताओं की सुविधा के लिए वॉलिंटियर्स और हेल्पडेस्क स्थापित किए जा रहे हैं ताकि वे आसानी से फॉर्म भर सकें और अपने नाम की पुष्टि कर सकें। तीनों जिलों में प्रशासन ने मतदाताओं से अपील की है कि वे बीएलओ के संपर्क में रहें, परिगणना प्रपत्र भरें और अपने नाम की पुष्टि करें ताकि आगामी चुनावों में हर पात्र मतदाता अपना मतदान अधिकार सुनिश्चित कर सके। निर्वाचन विभाग का कहना है कि यह विशेष पुनरीक्षण अभियान लोकतांत्रिक प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को सशक्त करेगा।

5.5 लाख भोपालियों के घर पहुंचेंगे BLO, 60% मतदाता स्पेशल रिवीजन में शामिल

भोपाल मध्य प्रदेश में शुरु हुई स्पेशल इंसेन्टिव रिवीजन यानी एसआईआर की प्रक्रिया को 2003 की वोटर लिस्ट के आधार पर तय किया जाएगा। 2003 से 2025 के बीच जिले की मतदाता सूची में कुल 9.26 लाख से अधिक मतादाता बढ़ चुके हैं। एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े प्रशासनिक अफसरों के अनुसार, बढ़े हुए मतदाताओं में से 60 फीसदी यानी करीब साढ़े पांच लाख मतदाता ऐसे हैं जो अन्य शहरों, राज्यों से भोपाल पहुंचे हैं। इन्हें ही अब एसआईआर में अपने मूल निवास, पहचान, जन्म से जुड़े दस्तावेज दिखाने होंगे। 2003 की मतदाता सूची में शामिल मतदाताओं और उनके परिजन को स्वत: ही 2025 की सूची में शामिल कर लिया गया है। 2003 में भोपाल -04 विधानसभाएं थीं -11.88 लाख वोटर्स थे इन विधानसभाओं में -3.45 लाख वोटर्स गोविंदपुरा विधानसभा -4.22 लाख वोटर्स दक्षिण विधानसभा -2.21 लाख वोटर्स नार्थ विधानसभा -1.99 लाख वोटर्स बैरसिया में थे आज से लगेगी ड्यूटी बीएलओ के साथ सहायक भी दिया जाएगा। गुरुवार से इसके लिए ड्यूटी शुरू हो जाएगी। एसआईआर के लिए प्रशिक्षण का एक भाग पहले ही तय हो चुका है। एसडीएम के माध्यम से बीएलओ ने 2003 की सूची से मौजूदा सूची का मिलान की प्रक्रिया अपने स्तर पर पूरी कर ली है। आगामी काम के लिए विधानसभा स्तर पर प्रशिक्षण होगा। एक विधानसभा में 12 से अधिक स्थान इसके लिए तय किए जा रहे हैं। तय समय में पूरे होंगे काम- कलेक्टर भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि, एसआईआर के लिए टीम ट्रेनिंग शुरू की जा रही है। तय समय में मतदाता सूची से जुड़े काम पूरे कर लिए जाएंगे।

चुनाव आयोग : SIR के जरिए वोटर लिस्ट में बदलाव, हर योग्य मतदाता को शामिल किया जाएगा

नई दिल्ली मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने आज प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देशभर में SIR की घोषणा की. इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि 12 राज्यों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision) का दूसरा चरण शुरू किया जा रहा है. इस चरण में मतदाता सूची के अपडेशन, नए वोटरों के नाम जोड़ने और त्रुटियों को सुधारने का काम किया जाएगा. दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा, 'आज हम यहां स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) के दूसरे चरण की शुरुआत के ऐलान के लिए मौजूद हैं. मैं बिहार के मतदाताओं को शुभकामनाएं देता हूं और उन 7.5 करोड़ मतदाताओं को नमन करता हूं, जिन्होंने इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाई और इसे सफल बनाया.' दूसरे चरण में इन 12 राज्यों में होगा SIR दूसरे चरण में चुनाव आयोग 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR करा रहा है. इन 12 राज्यों में अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गोवा, पुडुचेरी, छत्तीसगढ़, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और लक्षद्वीप शामिल हैं.  उन्होंने आगे बताया कि आयोग ने देश के सभी 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के चुनाव अधिकारियों से मुलाकात कर प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की. मुख्य चुनाव आयुक्त का बड़ा संदेश: 12 राज्यों में शुरू होगा SIR मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ने छठ पर्व की शुभकामनाओं के साथ बिहार के मतदाताओं को धन्यवाद दिया. उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम की घोषणा करते हुए कहा कि बिहार के पहले चरण के बाद अब 12 राज्यों में ‘SIR’ (स्पेशल इंटीग्रेटेड रिवीजन) कार्यक्रम शुरू किया जाएगा. CEC ने बिहार में इस प्रक्रिया की सफलता पर जोर दिया और बताया कि SIR से बनी मतदाता सूची पर मतदाताओं की ओर से ‘जीरो अपील’ दर्ज की गई है, जो इस प्रणाली की सटीकता और प्रभावशीलता को प्रमाणित करता है. CEC ज्ञानेश कुमार ने कहा कि इस अभ्यास के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) प्रत्येक मतदाता के घर कम से कम तीन बार दौरा करेंगे, ताकि नए मतदाताओं को सूची में जोड़ा जा सके और किसी भी गलती को सुधारा जा सके. ज्ञानेश कुमार ने कहा, 'BLO घर-घर जाकर Form-6 और Declaration Form एकत्र करेंगे, नए मतदाताओं को फॉर्म भरने में मदद करेंगे और उन्हें ERO (Electoral Registration Officer) या AERO (Assistant ERO) को सौंपेंगे.' मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया कि फेज-2 की ट्रेनिंग मंगलवार से शुरू होगी. साथ ही सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEOs) और जिला निर्वाचन अधिकारी (DEOs) को निर्देश दिया गया है कि वे अगले दो दिनों के भीतर राजनीतिक दलों से मिलकर SIR प्रक्रिया की जानकारी दें. उन्होंने बताया कि आयोग ने यह भी निर्देश दिया है कि मतदाताओं- खासकर बुजुर्गों, बीमार, दिव्यांग (PwD), गरीब और कमजोर वर्गों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए लोगों की तैनाती की जाएगी ताकि उन्हें अधिकतम सहायता मिल सके ज्ञानेश कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी मतदान केंद्र (polling station) में 1200 से ज्यादा मतदाता नहीं होंगे. बिहार के वोटर्स का किया धन्यवाद दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा- मैं बिहार के मतदाताओं को शुभकामनाएं देता हूं और उन 7.5 करोड़ मतदाताओं को नमन करता हूं, जिन्होंने इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाई और इसे सफल बनाया.' उन्होंने आगे बताया कि आयोग ने देश के सभी 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के चुनाव अधिकारियों से मुलाकात कर प्रक्रिया पर विस्तार से चर्चा की. अब तक 8 बार हुआ SIR अब तक देश में 1951 से 2004 के बीच आठ बार विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) हुआ है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि राजनीतिक दलों ने कई मौकों पर मतदाता सूचियों की गुणवत्ता का मुद्दा उठाया है. आज रात फ्रीज कर दी जाएगी लिस्ट मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि इस चरण में जिन राज्यों में SIR होगा, वहां मतदाता सूची आज रात फ्रीज कर दी जाएगी. क्यों जरूरी है SIR? मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा- कई कारण हैं जिनकी वजह से SIR जैसी प्रक्रिया की जरूरत है. इनमें बार-बार पलायन शामिल है, जिसके कारण मतदाताओं का एक से ज़्यादा जगहों पर पंजीकरण हो जाता है, मृत मतदाताओं का नाम नहीं हटाया जाता और किसी विदेशी का गलत तरीके से सूची में शामिल होना शामिल है.' क्या होगी पात्रता? मुख्य चुनाव आयुक्त ने मतदाता के लिए पात्रता को भी स्पष्ट किया, जिसके अनुसार वोट देने के लिए व्यक्ति का भारत का नागरिक होना, कम से कम 18 वर्ष की आयु पूरी करना. निर्वाचन क्षेत्र का सामान्य निवासी होना और किसी भी कानून के तहत अयोग्य न होना आवश्यक है, जो कि भारत के संविधान के अनुच्छेद 326 में निहित है. 12 राज्यों/UTs की वोटर लिस्ट आज रात होगी फ्रीज मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने घोषणा की कि 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) की मतदाता सूची आज रात से फ्रीज कर दी जाएगी. जहां ‘स्पेशल इंटीग्रेटेड रिवीजन’ (SIR) प्रक्रिया शुरू की जानी है. यह कदम इन क्षेत्रों में विस्तृत SIR अभ्यास शुरू करने से पहले मतदाता सूची को अंतिम रूप देने के लिए महत्वपूर्ण है. अब तक 8 बार हुआ SIR अब तक देश में 1951 से 2004 के बीच आठ बार विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) हुआ है. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि राजनीतिक दलों ने कई मौकों पर मतदाता सूचियों की गुणवत्ता का मुद्दा उठाया है. आज रात फ्रीज कर दी जाएगी लिस्ट मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा कि इस चरण में जिन राज्यों में SIR होगा, वहां मतदाता सूची आज रात फ्रीज कर दी जाएगी.

निकाय चुनाव: मतदाता सूची पर दावे-आपत्तियों की अंतिम तारीख अब 24 अक्टूबर तक बढ़ी

निकायों की मतदाता सूची के संबंध में अब 24 अक्टूबर तक लिए जाएंगे दावे आपत्ति संशोधित कार्यक्रम जारी 21 नवम्बर को होगा अंतिम प्रकाशन भोपाल  सचिव राज्य निर्वाचन आयोग श्री दीपक सिंह ने जानकारी दी है कि त्रिस्तरीय पंचायत एवं नगरीय निकायों की फोटोयुक्त मतदाता सूची के वार्षिक पुनरीक्षण का संशोधित कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। पुनरीक्षण 1 जनवरी 2025 की संदर्भ तारीख के आधार पर किया जा रहा है। फोटोयुक्त मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन पहले 13 नवंबर को होना था। अब 21 नवम्बर 2025 को होगा। फोटोयुक्त प्रारूप मतदाता सूची का विहित स्थानों पर सार्वजनिक प्रकाशन 8 अक्टूबर 2025 को किया जा चुका है। प्रारूप मतदाता सूची के संबंध में अब 24 अक्टूबर तक दावे आपत्ति लिए जाएंगे। पहले 8 से 17 अक्टूबर तक दावे-आपत्ति लिये जाने थे। दावे-आपत्तियों का निराकरण 4 नवंबर 2025 तक किया जाएगा। फोटोयुक्त अंतिम मतदाता सूची का विहित स्थानों पर सार्वजनिक प्रकाशन 21 नवम्बर 2025 को किया जाएगा। इस संबंध में विस्तृत निर्देश कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारियों को जारी कर दिये गये हैं।

CEC ने बताया बिहार में वोटर लिस्ट सुधार और भाषा-अभिवादन नियम, जानें क्या कहा

पटना मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की शुरुआत में बिहार के बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) के काम की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि बिहार के 90217 BLOs ने अपने-अपने क्षेत्र में वोटर लिस्ट को सफलतापूर्वक अपडेट किया है। उन्होंने BLOs के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इनके प्रयासों ने न केवल मतदाता सूची को दुरुस्त किया, बल्कि पूरे देश के अन्य BLOs को भी ये काम करने के लिए प्रेरित किया है। भोजपुरी-मैथिली में अभिवादन CEC ने स्थानीय भाषाओं के प्रति सम्मान दिखाते हुए भोजपुरी और मैथिली में बिहार के लोगों का अभिवादन किया। उन्होंने राज्य के सभी मतदाताओं से लोकतंत्र के पर्व को उसी उत्साह से मनाने का आह्वान किया, जिस उत्साह से वे छठ पूजा और अन्य त्योहार मनाते हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपनी जिम्मेदारी निभाएं और अनिवार्य रूप से वोट डालें। बिहार की सभी 243 विधानसभा सीटों पर यह चुनाव होना है, क्योंकि प्रदेश की वर्तमान सरकार का कार्यकाल 22 नवंबर को समाप्त हो रहा है। CEC ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में 16 सदस्यीय टीम दो दिनों से बिहार के दौरे पर थी और उसने चुनाव की तैयारियों का जायजा लेने के लिए राजनीतिक दलों, प्रशासन, चुनाव अधिकारियों और पुलिस विभाग के साथ विस्तृत बैठकें कीं। 15 दिन में मिलेगा वोटर आईडी कार्ड भोजपुरी और मैथिली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कीस शुरुआत की। उन्होंने कहा कि बिहार के सब मतदाता के अभिवादन करत बानी, बिहार के सभी मतदाता के अभिवादन करई छी। जैसे हम महापर्व छठ को आस्था और उत्सव की तरह मनाते हैं, उसी तरह लोकतंत्र के महापर्व को भी मनाएं, अपना भागीदारी पक्का करीं, जिम्मेदारी निभाईं और वोट जरूर करीं। साथ ही उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में पहली बार बड़ी पहल की गई है। CEC ज्ञानेश कुमार ने कहा कि सुनने में आता था कि वोटर आईडी कार्ड मिलने में देरी होती थी लेकिन अब चुनाव आयोग ने ऐसी व्यवस्था की है कि वोटर को 15 दिन के अंदर उनका वोटर आईडी कार्ड मिल जाएगा।

भोपाल में मतदाता सूची सुधार कार्य में चूक, चार बीएलओ निलंबित

भोपाल  मतदाता सूची अपग्रेड करने के काम में लापरवाही बरतने वाले चार बीएलओ को भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह ने निलंबित कर दिया है। गोविंदपुरा एसडीएम रवीश कुमार श्रीवास्तव ने निलंबन का प्रस्ताव भेजा था। बीएलओ को पहले नोटिस दिए गए थे, लेकिन सही जवाब नहीं मिलने पर यह कार्रवाई की गई। अब अन्य बीएलओ पर भी कार्रवाई हो सकती है। एसडीएम ने 77 बीएलओ और 4 सुपरवाइजरों को नोटिस दिए थे। बीएलओ पर कार्रवाई स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (विशेष गहन पुनरीक्षण-2025) के तहत भोपाल में भी पुनरीक्षण की कार्रवाई की जा रही है। जिसके अंतर्गत मतदाता सूची का अपडेशन नए तरीके से किया जा रहा है। जिसमें साल 2003 की मतदाता सूची से 2025 की मतदाता सूची का मिलान किया जा रहा है। जो मतदाता 2003 की मतदाता सूची में थे। वह और उनके परिवार स्वतः ही 2025 की मतदाता सूची में शामिल हो जाएंगे। अन्य मतदाताओं का भौतिक सत्यापन बीएलओ डोर टू-डोर सर्वे के जरिए करेंगे। इस संबंध में समस्त मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज दिखाने के बाद ही उनका नाम मतदाता सूची में जोड़ा जाएगा। इसी काम में बीएलओ पर कार्रवाई की गई है। इन्हें किया निलंबित मध्यप्रदेश सिविल सेवा नियम 1966 के तहत बीएलओ शेरसिंह सिकरवार, विवेकानंद मुखर्जी, शंभू सिंह रघुवंशी और रोशनी प्रजापति पर कार्रवाई हुई है। साथ ही कलेक्टर और जिला निर्वाचन अधिकारी सिंह ने जिले के सभी बीएलओ और बीएलओ सुपरवाइजरों को निर्देशित किया है कि निर्वाचन कार्य में लापरवाही करने पर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।

UP में विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज, 30 सितंबर से शुरू होगा MLC वोटर लिस्ट का पुनरीक्षण

लखनऊ  विधान परिषद में खंड स्नातक व शिक्षक की 11 सीटों पर चुनाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं। अब विधान परिषद चुनाव की मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए पात्र मतदाता ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। मतदाता सूची के पुनरीक्षण का कार्य 30 सितंबर से शुरू होगा। वहीं विधानसभा चुनाव के लिए मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। योजना भवन में  आठ मंडलों के मंडलायुक्तों को इसके लिए प्रशिक्षण दिया गया। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने कहा कि छह दिसंबर को 11 शिक्षक व स्नातक एमएलसी का कार्यकाल खत्म हो रहा है। स्नातक की पांच व शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों की छह सीटों पर चुनाव के लिए मतदाता सूची तैयार करने में सावधानी बरती जाए। अर्हता तिथि एक नवंबर निर्धारित की गई है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए अभ्यर्थी ने अर्हता तिथि से कम से कम तीन वर्ष पहले स्नातक किया हो। वहीं अर्हता तिथि से पहले राज्य के माध्यमिक स्तर के शेक्षिक संस्थानों में विगत छह वर्षों में तीन वर्ष से शिक्षण कार्य पूर्ण किया हो। विधान परिषद में स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की पांच सीटों में लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ व इलाहाबाद-झांसी क्षेत्र शामिल है। वहीं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, बरेली-मुरादाबाद, एवं गोरखपुर-फैजाबाद क्षेत्र शामिल हैं। अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 30 दिसंबर को होगा। वहीं आगामी विधान सभा चुनाव के लिए एआईआर की तैयारी शुरू करने के निर्देश सभी मंडलायुक्तों को दिए गए। एमएलसी क्षेत्रों का विस्तार मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार लखनऊ, हरदोई, खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली एवं प्रतापगढ़ जनपद तक। वाराणसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर एवं सोनभद्र जनपद तक। आगरा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, मैनपुरी, इटावा, कन्नौज, औरैया, फर्रुखाबाद एवं कासगंज जनपद तक। मेरठ स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली एवं हापुड़ जनपद तक। इलाहाबाद झांसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर, बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, जालौन, झांसी एवं ललितपुर जनपद तक होगा। इसी प्रकार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में लखनऊ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार लखनऊ, हरदोई, खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, रायबरेली एवं प्रतापगढ़ जनपद तक। वाराणसी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार बलिया, गाजीपुर, जौनपुर, वाराणसी, चंदौली, भदोही, मिर्जापुर, एवं सोनभद्र जनपद तक। आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, अलीगढ़, हाथरस, एटा, मैनपुरी, इटावा, कन्नौज, औरैया, फर्रुखाबाद एवं कासगंज जनपद तक। मेरठ शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार बुलंदशहर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, मेरठ, बागपत, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली एवं हापुड़ जनपद तक। बरेली-मुरादाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार बरेली, पीलीभीत, शाहजहांपुर, बदायूं, रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर एवं संभल जनपद तक। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का विस्तार बहराइच, श्रावस्ती, गोंडा, बलरामपुर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, गोरखपुर, महाराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, आजमगढ़, मऊ, सुल्तानपुर, अयोध्या, अमेठी एवं अंबेडकर नगर जनपद शामिल है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी में लखनऊ के लिए मंडलायुक्त लखनऊ, मेरठ के लिए मंडलायुक्त मेरठ, आगरा के लिए मंडलायुक्त आगरा, वाराणसी के लिए मंडलायुक्त वाराणसी तथा इलाहाबाद-झांसी के लिए मंडलायुक्त झांसी एवं लखनऊ होंगे। इसी प्रकार शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी में लखनऊ के लिए मंडलायुक्त लखनऊ, मेरठ के लिए मंडलायुक्त मेरठ, आगरा के लिए मंडलायुक्त आगरा, वाराणसी के लिए मंडलायुक्त वाराणसी, बरेली-मुरादाबाद के लिए मंडलायुक्त बरेली एवं गोरखपुर-फैजाबाद के लिए मंडलायुक्त गोरखपुर है। इन निर्वाचन क्षेत्रों में सम्मिलित समस्त जनपदों के जिलाधिकारी अपने निर्वाचन क्षेत्र के सहायक निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी तथा इन निर्वाचन क्षेत्रों के अंतर्गत आने वाली समस्त विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी भी अपने निर्वाचन क्षेत्र के सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी होंगे।

EC का नया ई-साइन सिस्टम बनाएगा वोटर नाम हटाने की प्रक्रिया सख्त और पारदर्शी

नई दिल्ली वोटर लिस्ट से नाम काटे जाने को लेकर उठते विवादों और कथित फर्जीवाड़ों को देखते हुए चुनाव आयोग ने एक अहम तकनीकी पहल की है. अब मतदाता पहचान से जुड़े दस्तावेजों का दुरुपयोग रोकने और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए ई-साइन (e-Sign) सुविधा को लागू किया गया है. इस नई व्यवस्था से न केवल फर्जी फॉर्म की संख्या घटेगी, बल्कि असली मतदाताओं के अधिकार भी सुरक्षित रहेंगे. चुनाव आयोग ने अपनी ईसीआईनेट (ECInet) वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर ‘ई-साइन’ नाम का नया फीचर जोड़ा है.  इसके ज़रिए अब कोई भी शख्स वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने, हटवाने या उसमें बदलाव करवाने के लिए आवेदन करता है, तो उसे अपने आधार से जुड़े मोबाइल नंबर से OTP वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य होगा. इस बदलाव की पृष्ठभूमि में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का हालिया आरोप है, जिसमें उन्होंने बताया कि कर्नाटक के आलंद विधानसभा क्षेत्र में करीब 6,000 मतदाताओं के नाम बिना उनकी जानकारी के हटवाने की कोशिश की गई. इस तरह के मामलों में फर्जी पहचान, गलत मोबाइल नंबर और बिना सहमति के फॉर्म भरने जैसी गंभीर गड़बड़ियां सामने आईं. कैसे काम करेगा नया सिस्टम? नया सिस्टम शुरू होने के बाद, जब कोई शख्स ईसीआईनेट पोर्टल पर फॉर्म 6 (नए रजिस्ट्रेशन के लिए), फॉर्म 7 (नाम हटाने के लिए), या फॉर्म 8 (सुधार के लिए) भरता है, तो उसे 'ई-साइन' की जरूरत पूरी करनी होगी. पोर्टल आवेदक को यह सुनिश्चित करने के लिए सचेत करता है कि मतदाता कार्ड और आधार कार्ड पर नाम समान हो और आधार व मोबाइल नंबर आपस में जुड़े हों. इसके बाद, आवेदक को एक बाहरी ई-साइन पोर्टल पर निर्देशित किया जाता है, जहां उसे अपना आधार नंबर दर्ज करना होता है. ओटीपी के जरिए वेरिफिकेशन आधार नंबर दर्ज करने के बाद, एक 'आधार ओटीपी' उस फोन नंबर पर भेजा जाता है, जो आधार से जुड़ा हुआ है. ओटीपी दर्ज करने और सहमति देने के बाद ही वेरिफिकेशन पूरा होता है, जिसके बाद आवेदक को फॉर्म जमा करने के लिए वापस ईसीआईनेट पोर्टल पर भेजा जाता है. यह प्रक्रिया फर्जी आवेदनों को रोकने में मदद करेगी. क्यों जरूरी था यह बदलाव? कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने 18 सितंबर को अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि आलंद में किसी ने ऑनलाइन आवेदन के जरिए करीब 6 हजार वोटर्स के नाम हटवाने की कोशिश की थी. ज्यादातर मामलों में, आवेदन पत्र जमा करने के लिए असली मतदाताओं की पहचान का दुरुपयोग किया गया था. फॉर्म जमा करने के लिए इस्तेमाल किए गए फोन नंबर भी उन मतदाताओं के नहीं थे, जिनके नाम पर फॉर्म दाखिल किए गए थे. कैसे काम करेगा नया सिस्टम? ई-साइन प्रक्रिया को लेकर आयोग ने पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और यूज़र-फ्रेंडली बनाया है: 1. आवेदन के लिए फॉर्म चुनें     नया वोटर रजिस्ट्रेशन – फॉर्म 6     नाम हटवाने के लिए – फॉर्म 7     सुधार या बदलाव के लिए – फॉर्म 8 2. ई-साइन की प्रक्रिया     आवेदक को अपने आधार से लिंक मोबाइल नंबर का उपयोग करते हुए ई-साइन पोर्टल पर भेजा जाएगा.     यहां आवेदक को अपना आधार नंबर दर्ज करना होगा.     उसके बाद आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर OTP भेजा जाएगा.     OTP दर्ज करके सहमति देने के बाद वेरिफिकेशन पूरा होगा.     फिर आवेदक दोबारा ECInet पोर्टल पर वापस आकर फॉर्म को सबमिट कर सकता है. क्या होगा फायदा?     फर्जी पहचान और गलत मोबाइल नंबर से आवेदन अब लगभग नामुमकिन हो जाएंगे.     मतदाता की सहमति और पहचान की पुष्टि सुनिश्चित होगी.     डेटा की शुद्धता बढ़ेगी और चुनाव आयोग को गलत डिलीट या एडिट की गई एंट्री को ट्रैक करने में आसानी होगी.     फॉर्म भरने वाले और असली मतदाता के बीच पारदर्शिता बनी रहेगी.  

बिहार के बाद अब MP में भी वोटर लिस्ट विशेष पुनरीक्षण शुरू, नाम जुड़वाने के लिए जरूरी होंगे 3 डॉक्युमेंट

भोपाल  जिनके नाम वर्ष-2003 की मतदाता सूची में नहीं हैं, उन्हें नई सूची में अपना नाम कटने से बचाने के लिए पहचान के तीन दस्तावेज पेश करने पड़ेंगे। वहीं जिन लोगों के पिता का नाम इस मतदाता सूची में है, उन्हें पिता से संबंध का प्रमाण पेश करने के साथ पहचान का एक दस्तावेज देना अनिवार्य होगा। यह कवायद मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) का हिस्सा है। दरअसल बिहार चुनाव के पहले 65 लाख मतदाता के नाम काटने के बाद भारत निर्वाचन आयोग ने मध्यप्रदेश में भी सूची के गहन पुनरीक्षण की तैयारी शुरु कर दी है। जिसे एसआइआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) नाम दिया गया है। इस तरह की कवारयद यहां 22 साल बाद होने जा रही है। इससे पहले वर्ष 2003 में विशेष गहन पुनरीक्षण हुआ था। उस समय भोपाल में केवल चार विधानसभा क्षेत्र थे, जिसमें गोविंदपुरा, दक्षिण-पश्चिम, उत्तर और बैरसिया शामिल थे। गहर परीक्षण के बाद ही अंतिम सूची जारी होगी इन विधानसभाओं में 11 लाख 81 हजार 531 मतदाता थे। निर्वाचन आयोग ने इन मतदाता का गहन परीक्षण करने के बाद ही अंतिम सूची जारी की थी। वर्तमान में राजधानी में सात विधानसभा क्षेत्र हैं, जिनमें बैरसिया, उत्तर, नरेला, दक्षिण-पश्चिम, मध्य, गोविंदपुरा और हुजूर हैं। यहां वर्तमान में की 21 लाख 18 हजार 364 मतदाता हैं। यह संख्या 22 साल पुरानी मतदाता सूची से दोगुना से भी ज्यादा है, सूची का एसआइआर होने से यहां भी भारी संख्या में नाम काटे जा सकते हैं। निर्वाचन आयोग ने फिलहाल 2025 की मतदाता सूची का 2003 की मतदाता सूची से मिलान का काम शुरू कर दिया है। इसके लिए बूथ स्तर के अधिकारियों को काम पर लगाया गया है। मिलान का काम पूरा होने के बाद जिनके नाम 2003 की सूची में नहीं होंगे, उनको बीएलओ सूचना देगा। उसी के आधार पर मतदाता को दस्तावेज पेश करना होगा। 2003 की सूची में जिनके नाम उन्हें नहीं देने होंगे दस्तावेज अधिकारियों का कहना है कि जिन मतदाता के नाम वर्ष-2003 की सूची में दर्ज होगा, उन्हें किसी भी तरह का दस्तावेज देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। उन्हें सिर्फ 2003 में दर्ज नाम का रिकॉर्ड पेश करना पड़ेगा। जिन लोगों के पिता का नाम दर्ज है, उन्हें भी पिता के नाम का ब्यौरा अपने फार्म में दर्ज करना पड़ेगा। इस अभियान के तहत 1987 के पहले जन्म लेने वाले मतदाता को एक दस्तावेज देना पड़ेगा। इसके साथ 1987 से 2003 के बीच जन्म लेने वाले मतदाता को पहचान के दो दस्तावेज पेश करना पड़ेंगे। जबकि 2003 से अब तक वालों को तीन दस्तावेज देना अनिवार्य किया गया है। हर मतदाता को दिए जाएंगे न्यूमेरेशन फार्म मतदाता सूची का गहन परीक्षण होने के साथ ही बीएलओ को न्यूमेरेशन फार्म दिए जाएंगे। यह फार्म बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता को दो कापी में देंगे, जिसमें एक कापी पर पावती भी ली जाएगी। इस फार्म को तय समय में भरने के साथ दस्तावेज भी पेश करना अनिवार्य होगा। आयोग इस फार्म की व्यवस्था ऑनलाइन भी रखेगा, जिससे मतदाता ऑनलाइन भी इस फार्म को भर सकेंगे। 77 बीएलओ और चार सुपरवाइजर को कारण बताओ नोटिस नरेला विधानसभा क्षेत्र के रजिस्ट्रीकरण अधिकारी रवीश श्रीवास्तव ने 77 बीएलओ और चार बीएलओ सुपरवाइजर को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। आरोप है कि इन अधिकारियों ने मतदाता सूचीयों के मिलान का काम शुरू नहीं किया है। सभी को निर्देशित किया है कि वह जल्द से जल्द निर्वाचन संबंधी कार्य शुरू करें और अपना जवाब भी पेश करें। यदि जवाब नहीं दिया जाता है तो एक पक्षीय कार्रवाई की जाएगी। लापरवाही बरतने वालों पर होगी कार्रवाई     जिले के सभी विधानसभा क्षेत्र में मतदाता सूची के मिलान का कार्य किया जा रहा है। इसकी जिम्मेदारी सभी रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को सौंपी गई है, यदि बीएलओ द्वारा निर्वाचन के काम में लापरवाही बरती जाती है, तो उन पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। – कौशलेंद्र विक्रम सिंह, कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी