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उच्च शिक्षा मंत्री परमार की बैठक में विभागीय समीक्षा, सुधार के लिए दिए अहम निर्देश

भोपाल उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इन्दर सिंह परमार ने मंत्रालय में, उच्च शिक्षा विभाग के विभिन्न विभागीय विषयों एवं गतिविधियों की समीक्षा की। उच्च शिक्षा मंत्री परमार ने माननीय सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय में लंबित विभिन्न प्रकरणों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के निलंबन से संबंधित गंभीर एवं अनावश्यक रूप से लंबित विभागीय प्रकरणों को, सामान्य प्रशासन के नियमानुरूप समय पर निराकृत करने के निर्देश भी दिए। परमार ने जनभागीदारी समिति के नियमों का पुनर्वलोकन कर, वर्तमान परिदृश्य अनुरूप समसामयिक बनाने के लिए आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। मंत्री परमार ने सार्थक ऐप पर अनुचित रूप से फर्जी उपस्थिति दर्ज करने वाले प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, अधिकारी, कर्मचारी और अतिथि विद्वानों पर कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। परमार ने क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक कार्यालयों के सुदृढ़ीकरण के लिए आवश्यक कार्ययोजना बनाकर क्रियान्वयन करने को कहा। परमार ने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने की दृष्टि से, महाविद्यालयों में एकल संकाय को बहुसंकाय में उन्नयन करने की कार्यवाही को यथाशीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन एवं आयुक्त उच्च शिक्षा प्रबल सिपाहा सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।

एनीमिक व्यक्तियों की करें चिन्हांकन, खान पान के प्रति करें जागरूक-कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति

मोहला : सुरक्षित प्रसव के लिए गर्भवती महिलाओं की बनाए सूची, सुविधाए करें सुनिश्चित-कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति – धरती आबा के तहत जनजाति क्षेत्रों के पात्र हितग्राहियों को विभागीय योजनाओं से करें लाभान्वित – एनीमिक व्यक्तियों की करें चिन्हांकन, खान पान के प्रति करें जागरूक – 102 एवं 108 वाहने अपनी सेवाओ में करें सुधार, अन्यथा होगी कार्रवाई – कलेक्टर ने जनसामान्य को पानी उबाल कर पीने की अपील – कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने ली स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की बैठक   मोहला  कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति की अध्यक्षता में आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित हुई। जिसमें कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने जिले की स्वास्थ्य सुविधाओं की विभिन्न बिंदुओं पर समीक्षा की।          कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने विकास खंडवार स्वास्थ्य केंद्रों की ओपीडी, आईपीडी की समीक्षा की। उन्होंने ओपीडी, आईपीडी बढ़ाने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने गर्भवती महिलाओं के पंजीयन को बढ़ाने के लिए कार्ययोजना बनाकर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की समीक्षा करते हुए बीएमओ को निर्देशित किया कि जिले के सुदूर क्षेत्र के पहुंच विहीन गांवों का चिन्हांकन कर गर्भवती महिलाओं की सूची बनाए, इसके साथ ही स्थानीय सुविधाओं के अलावा ट्रांसपोर्ट व्यवस्था करें, ताकि सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित हो सकें। इसके साथ ही उन्होंने संस्थागत प्रसव को बढ़ाने के निर्देश देते हुए सीएमएचओ को इसकी नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। सुरक्षित मातृत्व आश्वासन के तहत प्रसव सुविधा वाले स्वास्थ्य केंद्र में बोर्ड लगवाने की निर्देश दिए।        कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने स्वास्थ्य विभाग द्वारा धरती आबा अभियान अंतर्गत आयुष्मान एवं वय वंदना कार्ड से लाभान्वितो की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सभी रिपोर्ट को ऑनलाइन दर्ज करना सुनिश्चित किया करें। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग जनजाति क्षेत्रों के पात्र हितग्राहियों को विभागीय योजनाओं से लाभान्वित करें। एनीमिया मुक्त भारत अभियान की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने एनीमिक व्यक्तियों की चिन्हांकन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि लोगों को खान-पान के प्रति जागरूक करने की आवश्यकता है। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं विशेष स्वास्थ्य योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने परिवार नियोजन की समीक्षा करते हुए कहा कि जनसंख्या स्थिरीकरण पखवाड़ा अंतर्गत लोगों को जागरूक करें, साथ ही परिवार नियोजन के तहत प्रदत नि:शुल्क सामग्रियों को मितानिनों के पास उपलब्ध करवाना सुनिश्चित करें।        कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने सिकल सेल स्क्रीनिंग की समीक्षा करते हुए कहा कि सिकल सेल मरीजों का रिपोर्ट कार्ड बनाने के साथ ही प्रमाण पत्र प्रदान  करना सुनिश्चित करे। उन्होंने वेलनेस गतिविधियों की जानकारी लेते हुए सीएमएचओ को निर्देशित किया कि स्वास्थ्य विभाग ग्रामवार स्वच्छता पर आधारित कैंप लगाए एवं सरपंच, सचिवों को अनिवार्य रूप से कार्यक्रम में शामिल करें। इस दौरान उन्होंने जिले के आयुष्मान आरोग्य मंदिर में प्रदान की जाने वाली सुविधाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने राष्ट्रीय अंधत्व निवारण, प्रधानमंत्री राष्ट्रीय डायलिसिस, मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक, जन औषधि एवं निर्माणाधीन भवनों की समीक्षा करते हुए विशेष दिशा निर्देश दिए। उन्होंने जिले में संचालित 102 एवं 108 वाहनों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिले में एम्बुलेंस सेवाओं की शिकायते आ रहीं है, इसे तत्काल सुधारे। उन्होंने 24 घंटे वाहनों की सुविधा प्रदान नहीं की जाने पर कार्यवाही की बात कही। इस अवसर पर सीएमएचओ डॉ. विजय खोब्रागढ़े, डीपीएम राकेश वर्मा, समस्त बीएमओ सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहें। – बेहतर स्वास्थ्य के लिए पिए उबालकर पानी कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने बारिश के मद्देनजर जिले वासियों से आग्रह करते हुए अपील की है कि जन सामान्य पानी पीने से पहले अवश्य उबाले। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान विभिन्न प्रकार के जल जनित बीमारियों की आशंका बनी रही रहती हैं। उन्होंने जल स्रोतों के आस-पास स्वच्छता बनाए रखने को कहा ताकि गंदे पानी जल स्त्रोत में ना मिले और जल स्त्रोत दूषित न हो। – सुपोषण के लिए करें जागरूक कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने जिले के एनआरसी में सीटों की उपलब्धता एवं लाभान्वित बच्चों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सुदूर क्षेत्रों के मितानिनों के माध्यम से कुपोषित बच्चों चिन्हांकन कर एनआरसी से लाभान्वित करना सुनिश्चित करें। उन्होंने सुपोषण हेतु लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने शिशु मृत्यु दर एवं बाल टीकाकरण की भी समीक्षा की। उन्होंने बाल टीकाकरण पर पालकों को जागरुक कर टीकाकरण में प्रगति लाने के निर्देश दिए। – टीबी मुक्त ग्राम पंचायत बनाने सरपंचों को करें प्रेरित, बढ़ाएं निश्चय मित्र कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने राष्ट्रीय टीबी नियंत्रण अभियान की समीक्षा की। उन्होंने टीबी मुक्त ग्राम पंचायत बनाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर सरपंचों को प्रेरित करने को कहा ताकि जनभागीदारी के साथ बेहतर परिणाम प्राप्त हो सकें। उन्होंने सैंपल जांच बढ़ाने के निर्देश दिए, ताकि उनका ईलाज हो सकें। उन्होंने निश्चय मित्र बनाने हेतु प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने मलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम के तहत ब्लाकवार प्रकरण की समीक्षा की, उन्होंने कहा कि जितने भी केस आ रहे है उनका त्वरित जांच एवं उपचार सुनिश्चित करें। – कलेक्टर ने ऑक्सीजन तकनीकी समिति को दिए सुरक्षात्मक निर्देश कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने डिस्ट्रिक्ट ऑक्सीजन तकनीकी समिति की मीटिंग ली। उन्होंने कहा कि सभी जिले के सभी शासकीय जिला अस्पताल, सीएससी एवं पीएचसी में स्टोर प्रभारी द्वारा सिलेंडर लॉग बुक बनाकर प्रतिदिन अपडेट करना है। इसके अलावा प्रति 3 माह में जिला स्तरीय ऑक्सीजन तकनीकी समिति की बैठक की आयोजित करके, चर्चा संबंधी जानकारी, राज्य एवं संभागीय कार्यालय में भेजना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने सुविधाजनक बनाने हेतु स्टोर प्रभारी खाली एवं भरे हुए सिलेंडर को अलग-अलग कोडिंग कर व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए। इसी प्रकार ऑक्सीजन कंसंट्रेटर की साफ सफाई, संस्थानों द्वारा अग्नि सुरक्षा उपकरण और बाकी दिशा निर्देश को फाइल में संधारण करने के भी निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने अन्य सुरक्षात्मक निर्देश दिए।

वायरल हुई मोनालिसा अब ‘बिग बॉस’ में मचाएंगी धमाल?महाकुंभ के बाद अब TV पर जलवा

इंदौर  महाकुंभ मेले में माला बेचने आई मोनालिसा रातों-रात सोशल मीडिया स्टार बन गई और अब तो उनका बॉलीवुड डेब्यू भी हो गया हैं. हाल ही में उनका उत्कर्ष सिंह के साथ एक म्यूजिक वीडियो रिलीज हुआ, अब मोनालिसा इससे आगे बढ़ते हुए सलमान खान के मोस्ट पॉपुलर शो बिग बॉस के घर में एंट्री करना चाहती हैं. हाल ही में एक वायरल वीडियो में मोनालिसा से जब पूछा गया कि क्या वह बिग बॉस में जाना चाहेंगी, तो उनका जवाब क्या था आइए आपको बताते हैं. बिग बॉस जाने पर क्या बोली मोनालिसा मोनालिसा का एक वीडियो इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया गया हैं. इस वीडियो में वह ब्लैक कलर का अनारकली सूट पहने बेहद ही खूबसूरत लग रही हैं. इस बीच जब उनसे पूछा गया कि आपको बिग बॉस में जाने का मौका मिलेगा, तो क्या आप जाएंगी? इस पर मोनालिसा ने तुरंत रिएक्शन देते हुए कहा हां जरूर, मैं जाऊंगी. हालांकि, अभी तक इस बात पर शो की तरफ से कोई पुष्टि नहीं हुई है कि मोनालिसा इस शो का हिस्सा होगी या नहीं. सोशल मीडिया पर मोनालिसा का यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा हैं और यूजर्स भी कमेंट कर रहे हैं कि हम आपको बिग बॉस में देखने के लिए एक्साइटेड हैं. कब होगा बिग बॉस 19 का प्रीमियर खतरों के खिलाड़ी पोस्टपोन होने के बाद बिग बॉस-19 इस बार जल्दी टेलीकास्ट किया जाएगा, मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अगस्त के आखिरी में 29 या 30 अगस्त के वीकेंड में इसके प्रीमियर होने की उम्मीद है. इस बार का बिग बॉस सबसे लंबा चलेगा, जो कि 5 महीने का होगा. हालांकि, शो के प्रीमियर को लेकर अभी तक कोई कंफर्मेशन नहीं आई है, इस बार बिग बॉस शो का हिस्सा शिल्पा शेट्टी के पति राज कुंद्रा, लता अग्रवाल, आशीष विद्यार्थी, गौरव तनेजा, चिंकी-मिंकी, कृष्णा श्रॉफ, तनुश्री दत्ता, अर्शिफा खान, शरद मल्होत्रा, ममता कुलकर्णी, अपूर्व मुखर्जी और पूरव झा जैसे सेलिब्रिटीज होंगे.  हां, मैं जरूर जाउंगी… सलमान खान(Salman Khan) के शो 'बिग बॉस 19' का सभी बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इस बार ये शो पहले से ज्यादा खास होने वाला है क्योंकि, इस बार शो का सीजन 3 महीने की जगह 5 महीने का होने वाला है। इसी बीच वायरल गर्ल मोनालिसा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वायरल वीडियो में मोनालिसा ने रिएलिटी शो बिग बॉस में का हिस्सा बनने की इच्छा जाहिर कर दी है। दरअसल मीडिया से बातचीत के दौरान जब उनसे पूछा गया कि अगर आपको बिग बॉस में जाने का मौका मिले तो, क्या आप जाएंगी? इस सवाल के जवाब में मोनालिसा ने कहा- हां, मैं जरूर जाऊंगी। आधिकारिक जानकारी नहीं आई सामने बता दें कि अब तक मोनालिसा के शो में शामिल होने को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि मोनालिसा के फैंस उन्हें इस शो में देखना चाहते हैं। वायरल वीडियो पर यूजर्स भर-भरकर कमेंट्स कर रहे हैं। महाकुंभ से बदली जिंदगी मोनालिसा मध्यप्रदेश के खरगोन जिले की रहने वाली हैं और यहीं एक छोटे से घर में उन्होंने अपना बचपन बिताया है। बता दें कि महाकुंभ में आए कई श्रद्धालुओं ने मोनालिसा की सादगी से भरी खूबसूरती को इंटरनेट पर वायरल कर दिया था। वायरल पोस्ट पर लोगों ने ऐसा प्यार लुटाया कि वो देखने वालों के दिलोें में उतर गई। इसी का नतीजा था कि मोनालिसा का वीडियो देखने के बाद मशहूर डायरेक्टर सनोज मिश्रा ने उन्हें अपनी अपकमिंग फिल्म द डायरी ऑफ मणिपुर के लिए साइन कर लिया। तब से माला बेचने वाली लड़की की जिंदगी रातोंरात ऐसी बदली कि मोनालिसा लगातार आगे बढ़ रही हैं, फिलहाल उनके पास पीछे देखने का समय नहीं है। ऑल द बेस्ट मोनालिसा…। अगर आप भी हैं महाकुंभ वायरल गर्ल मोनालिसा के फैन, तो हमें कमेंट करके जरूर बताएं ये खबर आपको कैसी लगी?

ऊर्जा मंत्री तोमर का ऐलान: सभी बिजली कंपनियों में लागू होगी अंशदायी कैशलेस हेल्थ स्कीम

सभी विद्युत कंपनियों में अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना स्वीकृत : ऊर्जा मंत्री  तोमर कैशलेस स्वास्थ्य योजना : नियमित कार्मिक सहित संविदा कार्मिक, पेंशनर और उनके परिजन होंगे लाभान्वित ऊर्जा मंत्री तोमर का ऐलान: सभी बिजली कंपनियों में लागू होगी अंशदायी कैशलेस हेल्थ स्कीम क्रियान्वयन की प्रक्रिया प्रारंभ भोपाल ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि प्रदेश के सभी 6 विद्युत कंपनियों में अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना स्वीकृत कर दी गई है। मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी ने प्रदेश की समस्त विद्युत कंपनियों में कार्यरत अभियंता व कार्मिकों के लिए बहुप्रतीक्ष‍ित पॉवर कंपनी अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना (एमपीपीसीएचएस) के क्रि‍यान्वयन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी है। लगभग एक लाख 82 हजार होंगे लाभार्थी मंत्री श्री तोमर ने बताया है कि इस योजना का लाभ प्रदेश की 6 विद्युत कंपनियों में कार्यरत नियमित कार्मिकों, संविदा कार्मिकों व विद्युत कंपनियों के पेंशनरों और उनके परिजन को मिलेगा। इनकी संख्या लगभग एक लाख 82 हजार है। उल्लेखनीय है कि मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी को प्रदेश की विद्युत कंपनियों में पॉवर कंपनी अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना लागू करने की जिम्मेदारी दी गई है। कार्यान्वयन सहायता एजेंसी के लिये ई-टेंडर जारी मध्यप्रदेश पॉवर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने जानकारी दी कि पॉवर कंपनी अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना के कार्यान्वयन के लिये 15 जुलाई को ई-टेंडर जारी कर दिया गया है। इस योजना के कार्यान्वयन सहायता एजेंसी (आईएसए) चयन के लिये भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) द्वारा लाइसेंस प्राप्त किसी मौजूदा तृतीय पक्ष प्रशासक (टीपीए) या उसकी होल्डिंग कंपनी या उसकी सहायक कंपनी या उसकी समूह कंपनी, जिन्हें इस क्षेत्र में कार्य करने का वृहद् अनुभव हो, से टेंडर आमंत्रि‍त किए गए हैं। पॉवर कंपनी अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना के लिए प्री-बिड मीटिंग 24 जुलाई को होगी। विद्युत कंपनियों के लिए पॉवर कंपनी अंशदायी कैशलेस स्वास्थ्य योजना के क्रि‍यान्वयन करने को इच्छुक कंपनियां 18 अगस्त तक टेंडर प्रक्रि‍या में अपनी निविदा जमा कर सकेंगी। आगामी 20 अगस्त को ई-टेंडर खोले जाएंगे। पॉवर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक श्री सिंह ने बताया है कि योजना एक अक्टूबर 2025 तक प्रारंभ करने का लक्ष्य है।  

स्कूटी दीदी एनु बनीं आत्मनिर्भर भारत की मिसाल, CM साय बोले- यही है असली सशक्तिकरण!

स्कूटी दीदी बनीं आत्मनिर्भर भारत की प्रतीक – मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सराहा एनु का जज़्बा छत्तीसगढ़ की बेटियाँ अब केवल लाभार्थी नहीं, बन रहीं सामाजिक परिवर्तन की भी वाहक- मुख्यमंत्री स्कूटी दीदी एनु बनीं आत्मनिर्भर भारत की मिसाल, CM साय बोले- यही है असली सशक्तिकरण! भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय ने की सराहना रायपुर  छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के एक छोटे से गांव उमरदा की निवासी एनु आज पूरे देश में “स्कूटी दीदी” के नाम से जानी जाती हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने एनु की जीवटता, आत्मनिर्भरता और ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में उनके योगदान की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि एनु जैसी बेटियाँ ही आत्मनिर्भर भारत की असली पहचान हैं। उनके साहस, समर्पण और संकल्प से छत्तीसगढ़ के गांवों की तस्वीर बदल रही है। एनु की प्रेरक यात्रा इस बात का प्रमाण है कि यदि मन में कुछ कर गुजरने का जज़्बा हो, तो संसाधनों की कमी, सामाजिक दबाव और परंपरागत सोच भी राह नहीं रोक सकती। एक साधारण ग्रामीण परिवार में जन्मीं एनु ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी पढ़ाई जारी रखी और अर्थशास्त्र में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन 'बिहान' से जुड़कर सिलाई-कढ़ाई का प्रशिक्षण लिया, एक लाख रुपये का ऋण प्राप्त किया, और समय पर ऋण को चुका कर आर्थिक अनुशासन की मिसाल पेश की। एनु को समझ थी कि ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए गतिशीलता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने 'प्रथम संस्था' से स्कूटी चलाना सीखा और शुरुआत में समाज के तानों और व्यंग्य के बावजूद अपना  आत्मविश्वास बनाए रखा और हार नहीं मानी। जब वे गांव-गांव स्कूटी से महिलाओं से जुड़ने लगीं, तभी उन्हें “स्कूटी दीदी” के नाम से पहचाना जाने लगा। वर्ष 2023 में एनु ने "महिला दोपहिया प्रशिक्षण केंद्र" की स्थापना की। शुरुआत में केवल 2-3 महिलाओं ने प्रशिक्षण लिया, लेकिन धीरे-धीरे यह पहल ग्रामीण समाज में एक क्रांति बन गई। अब तक वे 30 से अधिक महिलाओं को स्कूटी चलाना सिखा चुकी हैं, जो अब स्वयं आंगनबाड़ी, स्कूल, बैंक और स्वास्थ्य केंद्र जैसे स्थानों तक स्वतंत्र रूप से पहुँचना शुरू कर चुकी हैं। एनु की इस पहल से न केवल महिलाओं की दैनिक गतिशीलता आसान हुई है, बल्कि पूरे सामाजिक दृष्टिकोण में भी परिवर्तन आया है। अब गांवों में माता-पिता स्वयं अपनी बेटियों और बहुओं को एनु के पास प्रशिक्षण हेतु भेज रहे हैं। उनका सपना है कि वे 1000 महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाएं और शीघ्र ही चारपहिया वाहन प्रशिक्षण केंद्र शुरू करें। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि एनु जैसे लोग छत्तीसगढ़ की नई पहचान हैं। राज्य सरकार ‘बिहान’ जैसी योजनाओं के माध्यम से ऐसे नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जो जमीनी स्तर पर परिवर्तन ला रहे हैं। एनु का योगदान केवल ड्राइविंग प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है। उन्होंने सिलाई-कढ़ाई, एलईडी असेंबली, मनरेगा कार्यों, और घरेलू प्रबंधन में भी महिलाओं को दक्ष बनाया है। उनके प्रयासों को देखते हुए भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्रालय की संयुक्त सचिव श्रीमती स्वाति शर्मा और धमतरी के कलेक्टर श्री अविनाश मिश्रा ने स्वयं उमरदा गांव जाकर एनु से मुलाकात की और उनके कार्यों की सराहना की। ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने भी एनु की कहानी को फेसबुक पोस्ट के माध्यम से साझा करते हुए कहा कि जीवन में संसाधनों की कमी थी, लेकिन एनु के हौसले को कोई डिगा नहीं सका।उन्होंने एम.ए. की पढ़ाई पूरी कर 'बिहान' और 'प्रथम संस्था' से प्रशिक्षण प्राप्त कर न केवल आत्मनिर्भरता पाई, बल्कि दूसरों के लिए भी प्रेरणा बनीं।  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि आज छत्तीसगढ़ की बेटियाँ केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि परिवर्तन की वाहक बन रही हैं। राज्य सरकार हर ऐसी पहल का स्वागत करेगी जो महिला सशक्तिकरण को गति देगी।

सिंहस्थ 2028 की तैयारियां शुरू, 50 किलोमीटर लंबे हाईस्पीड फोरलेन के लिए ली जाएगी 25 गांवों की जमीन

इंदौर  मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर से उज्जैन के चिंतामण गणेश मंदिर को जोड़ने की तैयारी शुरु कर दी गई है। 50 किलोमीटर लंबे हाईस्पीड फोरलेन के लिए 228 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह फैसला सिंहस्थ-2028 को देखते हुए लिया गया है। पितृ पर्वत से जुड़ेगा चिंतामण गणेश मंदिर इंदौर के पितृ पर्वत से उज्जैन के चिंतामण गणेश मंदिर को आपस में जोड़ा जाएगा। इसकी दूरी 50 किलोमीटर के लगभग है। इस हाईस्पीड फोरलेन के बनने से सिक्स लेन के अलावा इंदौर-उज्जैन के बीच एक और वैकल्पिक रूट मिल जाएगा। चिंतामण गणेश मंदिर को जोड़ने वाला यह बायपास इंदौर में हातोद के पास पितृ पर्वत से जोड़ा जाएगा। पितृ पर्वत से चिंतामण गणेश तक लगभग 50 किलोमीटर लंबा फोरलेन बनाया जा रहा है। इस सड़क के बनने से सिक्स लेन के अलावा इंदौर-उज्जैन के बीच एक और वैकल्पिक रूट मिल जाएगा। 25 गांवों की जमीन अधिग्रहित होगी इस परियोजना के लिए उज्जैन जिले के 6 गांवों और इंदौर जिले के 19 गांवों की कुल 228 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जा रही है। भूमि अधिग्रहण के लिए धारा 11 के तहत प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) अगले महीने तक तैयार कर ली जाएगी। DPR का काम मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) द्वारा किया जा रहा है। 1 घंटे की दूरी का समय होगा आधा इस हाईस्पीड फोरलेन के बनने से इंदौर और उज्जैन के बीच आवागमन काफी आसान हो जाएगा। खासकर सिंहस्थ जैसे बड़े आयोजनों में भीड़ प्रबंधन में मदद मिलेगी। इस नई सड़क के माध्यम से इंदौर एयरपोर्ट से उज्जैन तक की दूरी महज 30 मिनट में तय की जा सकेगी, जबकि अभी यह दूरी तय करने में लगभग 60 मिनट लगते हैं। हाईस्पीड फोरलेन के लिए ली जाएगी 25 गांवों की जमीन हाईस्पीड फोरलेन के लिए इंदौर जिले के 19 गांवों और उज्जैन जिले के 6 गांवों की 228 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जा रही है। भूमि अधिग्रहण के लिए धारा 11 के तहत प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अगले महीने तक इसकी डीपीआर तैयार हो जाएगी। जिसके बाद एमपीआरडीसी और तेज काम शुरु कर देगा। 1 घंटे में पहुंच जाएंगे इंदौर से उज्जैन हाईस्पीड फोरलेन बनने के बाद इंदौर और उज्जैन की कनेक्टिविटी और बेहतर हो जाएगी। नए फोरलेन के जरिए इंदौर एयरपोर्ट से उज्जैन की दूरी मात्र 30 मिनट में ही पूरी हो जाएगी। वर्तमान में 60 मिनट का समय लगता है। 60 मीटर चौड़ी होगी सड़क इस फोरलने की कुल लंबाई 50 किलोमीटर और चौड़ाई 60 मीटर होगी। इस फोरलेन के जरिए चंद्रावतीगंज, अजनोद, खजुरिया और हातोद जैसे क्षेत्रों को सीधा फायदा मिलेगा।  सर्वे का कार्य तेजी से जारी फोरलेन निर्माण के लिए वर्तमान में तेजी से सर्वे का कार्य किया जा रहा है। इसमें जल संरचनाएं, पेड़, निर्माण आदि से जुड़ा डाटा तैयार किया जा रहा है। DPR तैयार करने की डेडलाइन अगले माह तक रखी गई है। भूमि अधिग्रहण को लेकर दावे और आपत्तियों के लिए अगस्त तक का समय निर्धारित किया गया है। टेंडर प्रक्रिया भी एक से दो महीनों में पूरी कर ली जाएगी। इन क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ यह फोरलेन सड़क इंदौर के पितृ पर्वत के पास हातोद से शुरू होकर उज्जैन के चिंतामण गणेश मंदिर के पास बने सिंहस्थ बायपास पर समाप्त होगी। इसकी कुल लंबाई लगभग 50 किमी और चौड़ाई 60 मीटर होगी। इस सड़क से इंदौर के सुपर कॉरिडोर, चंद्रावतीगंज, अजनोद, खजुरिया और हातोद जैसे क्षेत्रों को सीधा फायदा मिलेगा। साथ ही उज्जैन का पीथमपुर औद्योगिक क्षेत्र से भी सीधा संपर्क बन जाएगा। 

1 साल के भीतर 75 सांसद होंगे राज्‍यसभा से रिटायर? क्‍या इन नेताओं की होगी वापसी?

नईदिल्ली  सरकार ने पिछले दिनों चार लोगों को राज्‍यसभा के लिए मनोनीत किया है. ये सब ऐसे वक्‍त पर हो रहा है जब अगले एक साल के भीतर राज्‍यसभा की करीब 75 सीटें खाली होने वाली हैं. नवंबर-अप्रैल 2026 के बीच कई बड़े नेता राज्‍यसभा से रिटायर होंगे. कांग्रेस अध्‍यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, एचडी देवगौड़ा, शरद पवार, जेडीयू सांसद हरिवंश, सपा नेता रामगोपाल यादव, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह कई बड़े नाम इस फेहरिस्‍त में शामिल हैं. इन सीटों को भरने के लिए अलग-अलग राज्‍यों में चुनाव होंगे.  राज्‍यसभा की सदस्‍य संख्‍या चार नए सदस्‍यों के मनोनीत होने से राज्‍यसभा की मौजूदा संख्‍या बढ़कर 240 हो गई है. इसी साल 24 जुलाई को इनमें से छह सदस्‍य रिटायर होंगे. रिटायर होने वालों में पीएमके नेता अंबुमणि रामदास और डीएमके नेता विल्‍सन शामिल हैं. एचडी देवगौड़ा, हरिवंश और शरद पवार अप्रैल, 2026 में रिटायर होंगे. मल्लिकार्जुन खरगे 25 जून, 2026 को रिटायर होंगे. महाराष्‍ट्र से प्रियंका चतुर्वेदी और रामदास अठावले समेत सात सदस्‍य रिटायर होंगे.  राज्यसभा से रिटायर होने वाले नेताओं की लिस्ट में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, पूर्व पीएम एचडी देवेगौड़ा, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, भाजपा नेता हरदीप पुरी, जेडीयू सांसद हरीवंश, सपा सांसद राम गोपाल यादव, कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले, प्रियंका चतुर्वेदी और आरएलडी नेता उपेंद्र कुशवाहा जैसे कई बड़े नाम शामिल हैं। इन सीटों को भरने के लिए राज्यों में चुनाव होंगे। राज्यसभा में कुल 75 सीटें खाली होने वाली हैं, जिन्हें भरने के लिए अलग-अलग राज्यों में चुनाव कराए जाएंगे। 24 जुलाई को रिटायर होंगे दो सदस्य 2026 में इन नेताओं के रिटायर होने से पहले इन साल मॉनसून सत्र के शुरू होने के तीन दिन बाद ही 24 जुलाई को डीएमके के विल्सन और पीएमके के डॉ. अंबुमणि रामदास समेत छह नेता रिटायर होंगे। इससे पहले राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने चार सदस्यों को राज्यसभा के लिए मनोनीत किया था। इससे राज्यसभा की संख्या 236 से बढ़कर 240 हो गई है लेकिन 24 जुलाई को छह सदस्यों के रिटायर होने के बाद यह संख्या फिर से 235 हो जाएगी। 25 जून 2026 को रिटायर होंगे मल्लिकार्जुन खरगे वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे 25 जून 2026 को रिटायर होंगे। एचडी देवेगौड़ा और हरिवंश 9 अप्रैल 2026 को रिटायर होंगे। एनसीपी नेता शरद पवार भी अप्रैल में ही रिटायर होंगे। महाराष्ट्र से सात सदस्य रिटायर होंगे, जिनमें प्रियंका चतुर्वेदी और रामदास अठावले शामिल हैं। जेएमएम के शिबू सोरेन और कांग्रेस के शक्तिसिंह गोहिल भी 2026 में रिटायर होंगे। गौरतलब है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और दिग्विजय सिंह जैसे सांसद भी रिटायर हो रहे हैं। कांग्रेस को इन नेताओं को दोबारा चुनकर लाने में काफी मशक्कत का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि देश की सबसे पुरानी पार्टी के पास कर्नाटक और हिमाचल के साथ-साथ तेलंगाना में ही सरकार है। ऐसे में कुछ सीटों पर दावेदार ज्यादा होंगे। देखना रोचक होगा कि कांग्रेस क्या कदम उठाएगी। अभिषेक पाण्डेय कांग्रेस की दिक्‍कत खरगे के अलावा कांग्रेस के दिग्‍गज नेता दिग्विजय सिंह भी राज्‍यसभा से रिटायर होंगे. कांग्रेस के सामने समस्‍या ये है कि उसके कई नेता रिटायर होंगे लेकिन उनको दोबारा उच्‍च सदन में भेजने के लिए पार्टी को दिक्‍कतों का सामना करना पड़ेगा. ऐसा इसलिए क्‍योंकि कांग्रेस की इस वक्‍त हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में ही राज्‍य सरकारें हैं. उसके कई नेता पहले से ही उच्‍च सदन में जाने का रास्‍ता देख रहे हैं ऐसे में यदि दिग्‍गजों को लगातार फिर से पार्टी उच्‍च सदन में भेजने का सोचती है तो उसके कोटे में आने वाली हर सीट पर पार्टी के भीतर से ही एक से अधिक दिग्‍गज चेहरे होंगे. ऐसे में ये देखना दिलचस्‍प होगा कि पार्टी किस फॉर्मूले के तहत प्रत्‍याशियों का चयन करेगी? 

बीजेपी में राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की तैयारी चल रही, पार्टी ने कई राज्यों में संगठन चुनाव पूरे कर लिए

नई दिल्ली मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल का एक साल पूरा हो चुका है। इस बीच केंद्रीय मंत्रिमंडल में फेरबदल की भी योजना बन रही है। सूत्रों के अनुसार नए भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव और राज्यपालों में बदलाव (सोमवार को तीन नए राज्यपालों की नियुक्ति) के बाद मंत्रिमंडल में फेर बदल हो सकता है। बीजेपी के कई राज्यों के भी अध्यक्ष के चुनाव हो रहे हैं। माना जा रहा है इसके पूरा होने के बाद मोदी सरकार के मंत्रिमंडल में बदलाव हो सकता है। हरियाणा और गोवा के लिए नए राज्यपाल नियुक्त किए जा चुके हैं जबकि लद्दाख को भी नया उपराज्यपाल मिल चुका है। वहीं मोदी सरकार द्वारा राज्यसभा के लिए चार नए सदस्यों (एडवोकेट उज्ज्वल निकम, मीनाक्षी जैन, हर्षवर्धन श्रृंगला और सी सदानंदन मास्टर) के नामांकन की घोषणा की घोषणा भी हो चुकी है। रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा जा रहा है कि इन बदलावों के जरिए कैबिनेट फेरबदल के लिए जमीन तैयार की जा रही है। हाल ही में हरियाणा, गोवा के लिए राज्यपाल और लद्दाख के लिए उपराज्यपालों की नियुक्ति की है। इससे एक दिन पहले ही एडवोकेट उज्ज्वल निकम, मीनाक्षी जैन, हर्षवर्दन श्रृंगला और सी सदानंद मास्टर को राज्यसभा के लिए नॉमिनेट किया गया है। अखबार से बातचीत में भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, 'बड़े मंत्रालय वाले अधिकांश मंत्रियों को पिछली मोदी सरकार से रिपीट किया गया है…। अब तक इस बात पर जोर दिया जाता था कि निरंतरता बनी रही, लेकिन अब कैबिनेट को विदेश मामलों जैसी नई प्राथमिकताओं के साथ-साथ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नए टैरिफ के चलते वाणिज्य मंत्रालय फिर संतुलित किया जा सकता है।' रिपोर्ट में भाजपा सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि कैबिनेट में राज्यसभा सांसद बदले जा सकते हैं, जिनका कार्यकाल अंतिम दौर में है और उन्हें संगठन में जगह दी जा सकती है। वहीं, अन्य का कहना है कि भाजपा जनता दल यूनाइटेड, लोक जनशक्ति पार्टी और तेलुगु देशम पार्टी से नेताओं को देख सकती है। खास बात है कि बिहार में विधानसभा चुनाव हैं और लोजपा और जदयू बिहार आधारित पार्टियां हैं। एक भाजपा नेता ने अखबार से कहा, 'चीजें चल रही हैं और सवाल एक ही है कि अब आगे क्या होगा, गवर्नर में फेरबदल, अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष और अन्य नेताओं की पार्टी संघठन में नियुक्ति की घोषणा या कैबिनेट फेरबदल।' कहा जा रहा है कि भाजपा 37 इकाइयों में से आधे से ज्यादा में अध्यक्षों का चुनाव कर चुकी है। साथ ही जल्द राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा हो सकती है। फिलहाल, भाजपा की कमान केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा के हाथों में है। अध्यक्ष पद के लिए कई दिग्गज नेताओं के नाम चर्चा में हैं. कुछ प्रमुख संभावित उम्मीदवार के नाम सामने आ रहे हैं, जिनमें धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव, शिवराज सिंह चौहान और मनोहर लाल खट्टर शामिल हैं. धर्मेंद्र प्रधान: केंद्रीय शिक्षा मंत्री और ओडिशा से ताल्लुक रखने वाले धर्मेंद्र प्रधान को एक मजबूत दावेदार माना जा रहा है. उनकी संगठनात्मक क्षमता और केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका की वजह से उन्हें इस दौड़ में आगे रखा जा रहा है. साथ ही पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और संघ दोनों से ही उनके संबंध भी सामान्य हैं. भूपेंद्र यादव: केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव का नाम भी प्रमुखता से चर्चा में है. राजस्थान से आने वाले यादव को संघ का करीबी माना जाता है, और उनकी शांत और रणनीतिक कार्यशैली पार्टी के लिए फायदेमंद भी रही है. साथ ही उन्हें संगठन का भी काफी लंबा अनुभव है, और पार्टी ने कई राज्यों में उन्हें चुनाव प्रभार भी दिया था. शिवराज सिंह चौहान: मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की लोकप्रियता और संगठन में गहरी पकड़ उन्हें भी एक मजबूत दावेदार बना रही है. मगर सूत्रों का मानना है कि उनके नाम पर मुहर तभी लग पाएगी जब संघ की तरफ से दबाव डाले जाएगा. मनोहर लाल खट्टर: हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का नाम भी बीजेपी अध्यक्ष की रेस में शुरू से ही रहा है. हालांकि बीच में सूत्रों से ये भी खबर आई थी कि खट्टर ने उम्र की वजह से अपनी तबीयत का हवाला देते हुए ऐसे किसी पद को लेने से मना किया. मगर इसकी कोई आधिकारिक सूचना नहीं हुई. इसके अलावा, सूत्रों की मानें तो पार्टी इस संभावना पर भी चर्चा कर रही है कि बीजेपी पहली बार किसी महिला को राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने पर विचार कर सकती है, जिससे संगठन में एक नया संदेश जाए. पार्टी का कोर वोटर वर्तमान में महिलाओं का वोट बैंक ही है, इसलिए पार्टी मुख्य पदों पर भी महिलाओं को आगे लाना चाह रही है. जुलाई में हो सकता है नए अध्यक्ष का ऐलान सूत्रों की मानें तो बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा जुलाई 2025 में होने की संभावना है, क्योंकि संसद का मानसून सत्र 21 जुलाई से शुरू होने वाला है. पार्टी के आंतरिक संगठनात्मक चुनाव लगभग अंतिम चरण में हैं. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की 4 से 6 जुलाई तक दिल्ली में होने वाली प्रांत प्रचारकों की बैठक में इस मुद्दे पर महत्वपूर्ण चर्चा हो सकती है. इस बैठक के बाद बीजेपी राष्ट्रीय परिषद की मुहर के साथ नए अध्यक्ष का ऐलान कर सकती है. सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी और आरएसएस के बीच नए अध्यक्ष के चयन को लेकर सहमति फिलहाल नहीं बन पाई है. सूत्रों के अनुसार, दोनों संगठन किसी एक नाम पर पूरी तरह सहमत नहीं हो पा रहे हैं. संघ अपनी वैचारिक दृष्टि और दीर्घकालिक रणनीति को ध्यान में रखते हुए ऐसे नेता को प्राथमिकता देना चाहता है, जो संगठन की जड़ों को मजबूत करे और हिंदुत्व के एजेंडे को आगे बढ़ाए. वहीं, बीजेपी शीर्ष नेतृत्व, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह शामिल हैं, एक ऐसे नेता की तलाश में हैं जो सरकार और संगठन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सके. संघ की 4-6 जुलाई की बैठक में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की मौजूदगी में इस मुद्दे पर अंतिम फैसला होने की संभावना है. यह बैठक न केवल नए बीजेपी अध्यक्ष के चयन पर केंद्रित होगी, बल्कि संघ की शताब्दी समारोह की तैयारियों और संगठनात्मक गतिविधियों की … Read more