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राज्यपाल ने प्रदेशवासियों को दी गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएँ

भोपाल राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने गणेश चतुर्थी के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। प्रदेशवासियों के स्वस्थ, सुखद और मंगलमय जीवन की कामना की है। राज्यपाल पटेल ने शुभकामना संदेश में कहा है कि गणेश चतुर्थी का पर्व सामाजिक एकता, सौहार्द्र और लोक संस्कृति के संवर्धन का विशेष अवसर है। उन्होंने कहा कि विघ्नहर्ता, मंगलकर्ता बुद्धि, विवेक, समृद्धि और सौभाग्य के अधिष्ठाता देव भगवान गणेश की पूजा, आराधना का उत्सव है। श्रद्धा, विश्वास और उत्साह का प्रतीक है। गणेश चतुर्थी का उत्सव हम सबको ज्ञान, संयम और सकारात्मक दृष्टिकोण से सभी चुनौतियों पर विजय प्राप्त करने की प्रेरणा देता है।

चंदन नगर विवाद: गलियों के नाम बदलने और बोर्ड बिना अनुमति लगाने के मामले में विभागीय अफसर फंसे

इंदौर  इंदौर के चंदन नगर में गलियों का नाम बदलने और बिना अनुमति बोर्ड लगाने के मामले में विभागीय अफसरों पर शिकंजा कसता जा रहा है। निगमायुक्त द्वारा गठित कमेटी (एसआइटी) ने अपर आयुक्त अभय राजनगांवकर की देखरेख में जांच शुरू कर दी है। सोमवार को कमेटी ने नगर निगम के यातायात विभाग के मौजूदा और तत्कालीन अफसरों (वैभव देवलासे, राम गुप्ता, मनीषा राणा, विशाल राठौर) और बोर्ड लगाने वाली एजेंसी नीलकंठ इंटरप्राइजेस के ठेकेदार सहित कुछ अन्य को नोटिस जारी कर मंगलवार को बयान के लिए निगम मुख्यालय तलब किया है। सूत्रों के अनुसार, ट्रैफिक विभाग के अधिकारियों पर जल्द ही कार्रवाई हो सकती है। ये है पूरा मामला मालूम हो, पिछले दिनों चंदन नगर के वार्ड क्रमांक 2 में पांच मार्ग संकेतक बदले गए थे। इसका विरोध हुआ तो निगम ने बोर्ड उखाड़ दिए। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा था कि बिना अनुमति बोर्ड लगवाए थे। आरोप था कि पार्षद ने ये बोर्ड लगवाए, लेकिन बाद में खुलासा हुआ कि बोर्ड निगम ने ही ठेकेदार से लगवाए थे और उसका भुगतान भी हो गया। अपर आयुक्त राजनगांवकर ने बताया कि मंगलवार को बयानों के बाद स्थिति स्पष्ट होगी। जांच रिपोर्ट पांच दिन में निगमायुक्त को सौंपी जाएगी। बोर्ड और नाम देखने नहीं गए अफसर पार्षद ने बोर्ड लगाने के लिए निगम में आवेदन किया था। आवेदन पर किसी ने गौर नहीं किया तो पार्षद की ओर से सीधे निगम के यातायात विभाग के अफसरों से संपर्क किया गया। यहां तत्कालीन अधिकारी विशाल राठौर ने संबंधित एजेंसी का नंबर देकर काम करने की अनुशंसा कर दी। अफसरों ने यह भी नहीं देखा कि बोर्ड पर जो नाम लिखे हैं, वह निगम के रिकॉर्ड के अनुसार हैं या नहीं। समय रहते नहीं की कोई कार्रवाई कुछ दिन पहले बोर्ड का विरोध होने की जानकारी अपर आयुक्त नरेंद्र नाथ पांडेय तक पहुंची। निगम की टीम बोर्ड हटाने पहुंची तो विरोध हुआ। पांडेय ने जनप्रतिनिधि को भरोसे में लेकर कार्रवाई का भरोसा दिलाया था, लेकिन कार्रवाई नहीं होने से मामला सोशल मीडिया तक पहुंच गया। निगम पहले पार्षद पर हमलावर था, लेकिन अब पार्षद को छोड़कर अफसरों की घेराबंदी शुरू हो गई है।

तीज पर झूमेंगे बदरा, नर्मदापुरम समेत 3 जिलों में मौसम अलर्ट जारी, मंदसौर में शिवना नदी उफान पर

भोपाल  इस बार देशभर में मॉनसून झूम कर बरस रहा है। कई राज्यों में तो बाढ़ जैसे हालात हैं। गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान के बाद मध्य प्रदेश में भी झमाझम बरसात ने आफत मचा दी है। आज भी एमपी के कई जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। सोमवार को 15 जिलों में बारिश का सिलसिला आज भी बदस्तूर जारी रहेगा। ऐसे में हरतालिका तीज के दिन मध्य प्रदेश का मौसम कूल-कूल ही रहेगा।मध्यप्रदेश में इन दिनों मानसून टर्फ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम का असर है। इसके चलते आज उज्जैन संभाग के 2 जिले- नीमच और मंदसौर में भारी बारिश का अलर्ट है। जबलपुर में बरगी बांध के 5 गेट आधा मीटर तक खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। आज कैसा रहेगा मौसम? मौसम विभाग के अनुसार आज भोपाल, उज्जैन, जबलपुर और सागर संभाग के 22 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है। इनमें ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मंडला, डिंडौरी और बालाघाट जिले शामिल हैं। मध्य प्रदेश में 16 अगस्त के बाद से ही बारिश का दौर बना हुआ है। कभी हल्की तो कभी तेज बारिश के चलते कई जगह बाढ़ जैसी स्थिति भी बनी। आज भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश रुक-रुक कर होती रहेगी। 24 घंटे में 15 से ज्यादा जिलों में गिरा पानी मध्यप्रदेश में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी है। पिछले 24 घंटे के दौरान 15 से अधिक जिलों में बारिश हुई। भोपाल, मंदसौर, रतलाम, नर्मदापुरम, श्योपुर, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, छिंदवाड़ा, मंडला, सागर, सतना, बैतूल, दतिया, गुना और रायसेन में पानी गिरा। एमपी में अब तक 35.5 इंच बारिश एमपी में 16 जून को मानसून ने आमद दी थी। तब से अब तक औसत 35.5 इंच बारिश हो चुकी है। अब तक 28.6 इंच पानी गिरना था। इस हिसाब से 6.9 इंच पानी ज्यादा गिर चुका है। प्रदेश की सामान्य बारिश औसत 37 इंच है। इस हिसाब से कोटे की 96 प्रतिशत तक बारिश हो चुकी है। डेढ़ इंच पानी गिरते ही एमपी में बारिश का कोटा भी फुल हो जाएगा। तापमान में भी गिरावट मौसम विभाग के अनुसार, मध्य प्रदेश के पाँच बड़े शहरों में दिन का तापमान कुछ इस तरह रहा: भोपाल में 27.6 डिग्री इंदौर में 27.2 डिग्री ग्वालियर में 27.4 डिग्री उज्जैन में 28.5 डिग्री जबलपुर में 28.0 डिग्री बारिश के कारण कई शहरों में दिन का तापमान थोड़ा कम हो गया। पचमढ़ी में तो यह 22.6 डिग्री तक गिर गया। इसके अलावा, कुछ और शहरों का तापमान भी नोट किया गया: नरसिंहपुर में 31.0 डिग्री खजुराहो में 30.0 डिग्री मुरैना में 29.5 डिग्री खरगोन में 29.4 डिग्री देवास में 28.6 डिग्री सोमवार को सबसे कम तापमान पचमढ़ी में 19.0 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि सबसे ज्यादा तापमान नरसिंहपुर में 31.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

फिर कर्ज़ पर निर्भर मोहन सरकार! आज बाजार से 4800 करोड़ रुपए जुटाएगी

भोपाल  मोहन सरकार मंगलवार को फिर से 4 हजार 800 करोड़ रुपए का कर्ज लेने जा रही है। दो पार्ट में 2300 करोड़ और 2500 करोड़ का कर्ज लिया जाएगा। इससे पहले सरकार ने 5 अगस्त को 4 हजार करोड़ रुपए और जुलाई में 9100 करोड़ रुपए का कर्ज बाजार से उठाया था।  रिजर्व बैंक के ई-कुबेर सिस्टम के जरिये मोहन सरकार एक बार फिर कर्ज उठा रही है। आज लिया जा रहा पहला कर्ज 2300 करोड़ रुपए का होगा, जो 18 साल के लिए है। इसकी अदायगी राज्य सरकार ब्याज के जरिये हर छह माह में करेगी। इसी तरह 2500 करोड़ रुपए का दूसरा कर्ज 20 साल के लिए लिया जा रहा है जिसका भुगतान हर छह माह में ब्याज के जरिये किया जाएगा। दोनों ही कर्ज उठाने के बाद सरकार को 4800 करोड़ की रकम 28 अगस्त को मिलेगी। कुल कर्ज 4 लाख 49 हजार 640 करोड़ पहुंचेगा मोहन सरकार ने इसके पहले चालू वित्त वर्ष में 5 अगस्त, 30 जुलाई, 8 जुलाई, 4 जून और 7 मई को कर्ज लिए हैं। इसके बाद चालू वित्त वर्ष में कुल कर्ज की राशि 27900 करोड़ रुपए और कुल कर्ज बढ़कर 449640.27 करोड़ रुपए हो जाएगा। 31 मार्च 2025 की स्थिति में राज्य सरकार पर कुल कर्ज 4 लाख 21 हजार 740 करोड़ 27 लाख रुपए था। राजस्व सरप्लस के चलते लिया लोन सरकार ने अपनी रेवेन्यू को लेकर कहा है कि वित्त वर्ष 2023-24 में सरकार 12487.78 करोड़ के रेवेन्यू सरप्लस में थी। इसमें आमदनी 234026.05 करोड़ और खर्च 221538.27 करोड़ रहा। इसके विपरीत वित्त वर्ष 2024-25 में प्रदेश सरकार की रिवाइज्ड आमदनी 262009.01 करोड़ और खर्च 260983.10 करोड़ बताया है। इस तरह पिछले वित्त वर्ष में भी सरकार की आय 1025.91 करोड़ सरप्लस बताई गई है। मोहन सरकार ने कब-कब लिया कर्ज     5 अगस्त को 3 कर्ज लिए थे, जिसका भुगतान छह अगस्त को हुआ। इसमें पहला कर्ज 18 साल के लिए 1600 करोड़ का था। दूसरा कर्ज 20 साल के लिए 1400 करोड़ और तीसरा कर्ज 23 साल के लिए 1000 करोड़ रुपए का था। इस तरह कुल 4000 करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया था।     30 जुलाई को 4300 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए। दोनों ही कर्ज 17 साल और 23 साल के लिए आरबीआई के माध्यम से लिए जा गए, जिसका भुगतान सालभर में दो बार कूपन रेट के जरिए ब्याज के रूप में किया जाएगा। ये दोनों ही कर्ज चालू वित्त वर्ष में लिए 7वें और 8वें कर्ज रहे हैं।     8 जुलाई को 2500 और 2300 करोड़ रुपए के दो कर्ज लिए थे। दोनों ही कर्ज 16 साल और 18 साल के लिए आरबीआई के माध्यम से लिए, जिसका भुगतान सालभर में दो बार कूपन रेट के जरिए ब्याज के रूप में किया जाएगा।     आरबीआई के माध्यम से 2 लोन 4 जून को लिए। पहला लोन 16 साल के लिए 2000 करोड़ रुपए का था। सरकार ब्याज के साथ इसकी अदायगी 4 जून 2041 तक करेगी। दूसरा लोन 18 साल के लिए 2500 करोड़ रुपए का था। यह 4 जून 2043 तक ब्याज के साथ चुकाया जाएगा।     सरकार ने चालू वित्त वर्ष का पहला कर्ज 7 मई को लिया था। इस दिन दो कर्ज ढाई-ढाई हजार करोड़ रुपए के लिए थे। मई में ढाई हजार करोड़ का पहला कर्ज 12 साल के लिए लिया था, जिसका ब्याज सात मई 2037 तक चुकाना है। इसी तरह ढाई हजार करोड़ रुपए का दूसरा कर्ज 7 मई को ही 14 साल के लिए लिया है, जिसकी भरपाई सात मई 2039 तक ब्याज के रूप में होगी। एक हफ्ते में दूसरी बार कर्ज लेगी मोहन सरकार मोहन यादव सरकार एक हफ्ते के अंतराल में मंगलवार को फिर बाजार से चार हजार करोड़ रुपए का कर्ज ले रही है। इसका भुगतान सरकार को बुधवार को होगा। दो-दो हजार करोड़ रुपए के यह कर्ज 22 साल और 6 साल के अवधि के हैं जिसका भुगतान सरकार छमाही ब्याज के रूप में करेगी। इसके साथ ही मोहन सरकार चालू वित्त वर्ष में 51 हजार करोड़ रुपए का कर्ज ले चुकी होगी। इसके पहले चार मार्च को छह हजार करोड़ रुपए का कर्ज दो-दो हजार की तीन किस्तों में लिया गया था। सरकार ने पिछले माह 20 फरवरी को जीआईएस के पहले भी 6 हजार करोड़ रुपए का कर्ज लिया गया था। एक हफ्ते के अंतराल में सरकार दस हजार करोड़ रुपए का कर्ज ले रही है। अभी कुछ और कर्ज लिए जा सकते हैं।

पूर्व मंत्री भदौरिया के घर चोरी, ग्वालियर में चांदी की मूर्तियां और हलवाई का सामान चोरी

ग्वालियर  मध्य प्रदेश में चोरी की वारदातें लगातार बढ़ती जा रही हैं। अब चोरों ने आम लोगों के बाद खास लोगों के घरों को भी निशाना बना रहे हैं। ताजा मामला ग्वालियर जिले से सामने आया। पूर्व मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया के बंगले को निशाना बनाया। बंगले के अदंर घुसे चोर कीमती सामान के साथ हलवाई के बर्तन भी ले उड़े। वीआईपी इलाके में चोरी की वारदात से सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार रेस कोर्स रोड स्थित बंगला नंबर 35 में अज्ञात चोरों ने धावा बोला। यहां से चांदी की 2 मूर्तियों, कुर्सियों के साथ हलवाई का भारी सामान चोरी कर ले गए। पूर्व मंत्री के बंगले में कुछ दिन पहले हुए कार्यक्रम के चलते हलवाई का सामान रखा हुआ था। चांदी की मूर्तियों के साथ हलवाई का समान ले उड़े पूर्व मंत्री के चौकीदार हंसराज भदौरिया ने पड़ाव थाना पुलिस को शिकायत दर्ज कराई है। हंसराज ने बताया कि कुछ समय पहले बंगले पर भंडारे का आयोजन हुआ था। इस दौरान हलवाई का सामान वहीं पर रखा हुआ था। 24 अगस्त को जब बंगले का ताला खोलकर अंदर गए। उन्होंने देखा कि पूरा सामान गायब है। चोरी हुए सामान में दो चांदी की मूर्तियां, कुर्सियां, 15 बड़े भगौने, दो बड़ी कढ़ाई, दो गैस सिलेंडर और करीब 50 थालियां शामिल हैं। घटना की जानकारी मिलते ही पड़ाव पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस पुलिस ने चौकीदार की शिकायत पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। फिलहाल पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं। साथ ही संदिग्धों की तलाश की जा रही है। हालांकि चोरी का कोई सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है। वीआईपी इलाके की घटना से हड़कंप इलाके का रेस कोर्स रोड शहर का वीआईपी क्षेत्र माना जाता है। इसी रोड पर ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर और एमपी विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के भी बंगले मौजूद हैं। ऐसे संवेदनशील और सुरक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण इलाके में चोरी की वारदात हुई है। इसने निश्चित तौर पर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। आम लोगों ने सुरक्षा पर उठाए सवाल स्थानीय लोगों का कहना है कि जब वीआईपी रोड पर पूर्व मंत्री का बंगला ही सुरक्षित नहीं है तो आम नागरिकों के घरों की सुरक्षा की कल्पना करना भी मुश्किल है। चोरी की इस वारदात से साफ है कि चोरों के हौसले बुलंद हैं और पुलिस गश्त केवल नाम मात्र की रह गई है। एक बार फिर इस घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि पुलिस को केवल केस दर्ज करने के बजाए गश्त बढ़ाकर और त्वरित कार्रवाई कर चोरों पर अंकुश लगाना चाहिए, ताकि आम और खास दोनों सुरक्षित रह सकें।

निसा देवगन ने बनाई फिल्मों से दूरी, ट्रोलिंग का डर या पर्सनल चॉइस?

मुंबई  बॉलीवुड इंडस्ट्री में हर साल सितारों के बच्चे फिल्मों में कदम रख रहे हैं. इस साल रवीना टंडन की बेटी राशा थडानी, अनन्या पांडे के भाई अहान पांडे और सैफ अली खान के बेटे इब्राहिम अली खान ने अपने-अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की. अब फैन्स काजोल और अजय देवगन की बेटी नीसा को भी फिल्मों में देखना चाहते हैं. नीसा ने अपने ट्रांसफॉर्म से सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है. लेकिन इसी बीच काजोल ने हिंट दिया है कि उनकी बेटी बॉलीवुड में कदम नहीं रखेंगी. हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान काजोल ने इस बात को कंफर्म किया है कि उनकी बेटी फिल्म इंडस्ट्री में शामिल नहीं होंगी. इसके पीछे की एक वजह नेपो किड्स की कड़ी आलोचना भी है. काजोल ने कहा, “वह एक्टिंग में कदम नहीं रख रही हैं. वह 22 साल की हैं और उन्होंने लगभग तय कर लिया है कि वह इंडस्ट्री में नहीं आएंगी.” इस दौरान काजोल ने नेपो किड, स्टार्स के बच्चों को नेपो बेबी कहना जैसे मुद्दों पर भी खुलकर बात की. उन्होंने फिल्म इंडस्ट्र के प्रोस-कॉन्स के बारे में भी बात की.  उन्होंने कहा, 'जब आप फिल्मी दुनिया में एंटर करते हैं तो आपको यहां पता चलता है कि हर कदम पर आपको परखा जाएगा. कई बार आप बुरे, हास्यास्पद और भयावह दौर से भी गुजरते हैं, लेकिन ये सबकुछ आपकी ग्रोथ और जर्नी का हिस्सा है. ये ऐसी चीजें हैं कि हर कोई फेस करता है. इसको लेकर यहां आपके पास कोई च्वॉइस नहीं होती.'  बता दें कि अक्सर मुंबई में निसा को स्पॉट किया जाता है. पैपराजी अक्सर उनकी फोटो लेते हैं. कई मौकों पर निसा अपनी मां काजोल के साथ तो कभी अपने दोस्तों के साथ नजर आ जाती हैं. नीता मुकेश अंबानी कल्चर सेंटर में काजोल और निसा का लुक काफी वायरल हुआ था. दोनों ने अच्छा पोज दिया था, लोगों ने उनके आउटफिट की तारीफ की थी.  22 साल की निसा ने हाल में ही अपना ग्रेजुएशन पूरा किया है. उन्होंने स्विटजरलैंड के Glion Institute of Higher Education से ग्रेजुएशन किया है. कुछ महीने पहले ही उनकी ग्रैजुएशन सेरेमनी के फोटोज सामने आए थे.  फायदे और नुकसान दोनों हैं – काजोल काजोल ने नेपोटिज्म पर अपने विचार शेयर करते हुए कहा, “जब आप फिल्म इंडस्ट्री में एंट्री करते हैं, तो आपको यह समझना होगा कि इसके फायदे और नुकसान दोनों हैं और आपको जांच से गुजरना होगा. इसमें से कुछ कठोर होता है, कुछ हास्यास्पद और भयानक, लेकिन यह सब आपकी ग्रोथ और जर्नी का हिस्सा है. यह ऐसी चीज है जिसका सामना हर किसी को करना पड़ता है. यह ऐसा कुछ नहीं है जिसके बारे में आपके पास कोई ऑप्शन हो.” बॉलीवुड में नहीं आएंगी नीसा – काजोल इस साल मार्च में एक मीडिया चैनल के इवेंट के दौरान, काजोल ने खुलासा किया था कि उनकी बेटी नीसा ने मन बना लिया है और वह फिल्म इंडस्ट्री में कदम नहीं रखेंगी. नीसा के फिल्म इंडस्ट्री में आने की अटकलों पर बात करते हुए, उन्होंने कहा कि उनकी बेटी का फिलहाल एक्टिंग में करियर बनाने का कोई इरादा नहीं है. काजोल ने कहा, “बिल्कुल नहीं..नहीं, मुझे लगता है..वो 22 साल की हो गई है..होने वाली है अभी.. मुझे लगता है कि उसने अपना मन बना लिया है कि वो इंडस्ट्री में नहीं आने वाली है अभी.”

पूर्व मंत्री के घर Raid: CM मान ने केंद्र सरकार को घेरा, लगाया साजिश का आरोप

चंडीगढ़  दिल्ली के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता सौरभ भारद्वाज के घर आज सुबह ईडी द्वारा की गई छापेमारी को लेकर राजनीति गरमा गई है। अब पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस मामले में केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि यह छापेमारी प्रधानमंत्री मोदी के फर्जी डिग्री मामले से ध्यान भटकाने के लिए की गई है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ट्वीट किया, "आज सौरभ भारद्वाज के घर छापेमारी की गई, क्योंकि कल से पूरे देश में मोदी जी की डिग्री को लेकर चर्चा चल रही है कि मोदी जी की डिग्री फर्जी है। यह छापेमारी सिर्फ इस मामले से ध्यान भटकाने के लिए की गई है।" उन्होंने आगे लिखा, "सतेंद्र जैन जी को भी एक झूठे मामले में तीन साल तक जेल में रखा गया, और बाद में सीबीआई और ईडी ने अदालत में क्लोजर रिपोर्ट दाखिल कर दी। इससे यह स्पष्ट होता है कि आम आदमी पार्टी के नेताओं के खिलाफ दर्ज सभी मामले फर्जी और झूठे हैं।" 

छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में गणेश चतुर्थी अवकाश कैंसिल, तय हुई नई तारीख पर स्थानीय छुट्टी

सूरजपुर  छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में गणेश चतुर्थी के दिन घोषित स्थानीय अवकाश की छुट्टी कैंसिल कर दी गई है. अब 27 अगस्त को अवकाश नहीं रहेगा. इसकी जगह कलेक्टर ने नई तारीख को स्थानीय अवकाश की घोषणा की है. कलेक्टर एस जयवर्धन ने इसके लिए आदेश भी जारी कर दिया है.  27 अगस्त को छुट्टी तय थी दरअसल सूरजपुर जिले में इस साल कैलेंडर वर्ष में कलेक्टर ने स्थानीय अवकाशों की घोषणा की थी. इसमें 27 अगस्त को गणेश चतुर्थी पर अवकाश दिया गया था. यानि इस दिन जिले के सभी सरकारी दफ्तरों की छुट्टियां थीं. लेकिन अब इस आदेश में संशोधन कर दिया गया है. अब 27 अगस्त बुधवार को गणेश चतुर्थी की छुट्टी कैंसिल कर दी गई है.  अब इस दिन रहेगा अवकाश  जारी आदेश के मुताबिक 27 अगस्त की जगह अब 3 सितम्बर बुधवार को स्थानीय अवकाश होगा. दरअसल इस दिन करमा पर्व है. ऐसे में गणेश चतुर्थी की जगह अब करमा पर्व पर स्थानीय अवकाश रहेगा. संशोधन का आदेश जारी हो गया है. इस दिन जिले के सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे. आदेश के मुताबिक कोषागार व उपकोषागारों के लिए अवकाश लागू नहीं होगा. 

सरकार का फैसला: खरीदी केंद्रों की जगह अब गोडाउन को मिलेगी प्राथमिकता, अनाज खरीद होगी आसान

 भोपाल  प्रदेश में गेहूं, धान, चना और उड़द की समर्थन मूल्य पर खरीदी को और सरल बनाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। अब खरीदी केंद्रों की प्राथमिकता गोडाउन को दी जाएगी, जिससे खरीदे गए अनाज को ढोने में लगने वाला अतिरिक्त खर्च रोका जा सके। यह घोषणा अपर मुख्य सचिव खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण रश्मि अरुण शमी ने सोमवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित स्टेट लेवल प्रोक्योरमेंट रिफार्म कार्यशाला में की। शमी के मुताबिक पिछले रबी सीजन में करीब 9 लाख किसानों से 77 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीदा गया। लगभग 20 हजार करोड़ रुपये सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर किए गए। सरकार ने गेहूं खरीदी पर 175 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी दिया। इसी तरह 6.50 लाख किसानों से 43.5 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया। किसानों के पंजीयन में अब आधार नंबर जोड़ा गया है। खरीदी केंद्रों से सीधे मिलर्स को धान देने की व्यवस्था की गई है। उपभोक्ताओं के लिए नई पहल अपर मुख्य सचिव ने बताया कि पीडीएस दुकानों में अनाज ले जाने वाले वाहनों की निगरानी की जा रही है। प्रदेश में उचित मूल्य की दुकानों को जन पोषण केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है, जिसकी शुरुआत इंदौर से हो चुकी है। उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी की जा रही है, जिससे अपात्र लोगों को बाहर किया गया है। लगभग 5.70 लाख नए उपभोक्ता जोड़े गए हैं।

भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य को झटका, HC ने खारिज की EOW ऐक्शन के खिलाफ याचिका

रायपुर छत्तीसगढ़ के कथित शराब घोटाले में आरोपी बनाए गए चैतन्य बघेल ने आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की कार्रवाई को गलत करार देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने सोमवार को भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य की याचिका को छूट (लिबर्टी) के साथ खारिज कर दिया। कोर्ट ने साफ कहा कि यदि चैतन्य बघेल को राहत चाहिए तो वे फ्रेश आवेदन पेश करें, जिसमें केवल अपने मामले से संबंधित प्रार्थना हो। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता महेश जेठमलानी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। वहीं एन. हरिहरन और हर्षवर्धन परगानिया ने चैतन्य बघेल की ओर से पैरवी की। याचिका EOW की जांच रिपोर्ट की वैधता को चुनौती देने के लिए दायर की गई थी। इससे पहले ED की कस्टोडियल रिमांड समाप्त होने के बाद शनिवार 23 अगस्त को चैतन्य बघेल को कोर्ट में पेश किया गया था। जहां सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें तीसरी बार 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया था। अब इस मामले में 6 सितंबर को अगली सुनवाई होगी। ईडी की कार्रवाई को लेकर भूपेश बघेल पहले सुप्रीम कोर्ट गए थे, जहां से उन्हें हाईकोर्ट जाने की सलाह दी गई थी। 21 जुलाई को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) रायपुर जोनल कार्यालय की ओर से प्रेस नोट में बताया गया था कि ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन 18 जुलाई को भिलाई निवास से धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत गिरफ्तार किया है। ईडी ने कथित शराब घोटाले की जांच ईडी ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की विभिन्न धाराओं और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के तहत एसीबी/ईओडब्ल्यू रायपुर द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इस घोटाले के कारण प्रदेश के खजाने को भारी नुकसान हुआ और करीब 2,500 करोड़ रुपये की अवैध कमाई कथित घोटाले से जुड़े लाभार्थियों की जेब में पहुंची। पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बेटे चैतन्य बघेल ने सुप्रीम कोर्ट में ED की ओर से उनकी गिरफ्तारी और हिरासत की कार्रवाई को चुनौती देते हुए याचिका लगाई थी। याचिका में चैतन्य ने कहा था कि उनकी हिरासत गैरकानूनी है और कानूनी प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने याचिका खारिज करते हुए उन्हें हाई कोर्ट जाने को कहा था। इसके बाद उन्होंने बिलासपुर हाई कोर्ट में याचिका लगाई जिस पर 26 अगस्त तक ईडी से जवाब मांगा गया है।