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सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारणी की 11 हजार 678 करोड़ 74 लाख रुपये की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन

13 स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में सम्पन्न हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा प्रदेश में सार्वजनिक निजी भागीदारी के तहत निजी ऑपरेटर के सहयोग से राज्य के भीतर हैलीकॉप्टर सेवा संचालन की स्वीकृति प्रदान गई है। संपूर्ण प्रदेश के हवाई अड्डों, हैलीपेड एवं हवाई पट्टियों के बीच निजी ऑपरेटर द्वारा चयनित स्थानों पर हैलीकॉप्टर सेवा प्रदाय की जायेगी। हैलीकॉप्टर का संचालन तीन सेक्टरों में किया जाएगा। सेक्टर-1 में इंदौर, उज्जैन, ओंकारेश्वर, मांडू, महेश्वर, गांधीसागर, मंदसौर, नीमच, हनुवंतिया, खंडवा, खरगौन, बुरहानपुर, बड़वानी, अलीराजपुर, रतलाम, झाबुआ, नलखेड़ा, भोपाल और जबलपुर शामिल होंगे। सेक्टर-2 में भोपाल, मढ़ई, पचमढ़ी, तामिया, छिंदवाड़ा, सांची, इंदौर, दतिया, दमोह, ग्वालियर, शिवपुरी, कूनो (श्योपुर), ओरछा, गुना, राजगढ़, सागर, होशंगाबाद, बैतूल, टीकमगढ़ और जबलपुर शामिल होंगे। सेक्टर-3 में जबलपुर, बांधवगढ़, कान्हा, चित्रकूट, सरसी, परसिली, मैहर, सतना, पन्ना, खजुराहो, कटनी, रीवा, सिंगरौली, अमरकंटक, सिवनी, सीधी, मंडला, पेंच, डिंडौरी, भोपाल और इंदौर के बीच हेलीकाप्टर सेवा का संचालन किया जायेगा। इस सेवा का उद्देश्य प्रमुख शहरों, धार्मिक स्थलों, राष्ट्रीय उद्यानो और पर्यटक स्थलों के मध्य निजी ऑपरेटर के सहयोग से किफायती एवं स्थायी हेलीकॉप्टर सेवा उपलब्ध कराना है। इस सेवा से यात्रियों, पर्यटकों, व्यवसाइयों, निवेशकों एवं प्रदेश के रहवासियों का प्रदेश में आवागमन सुगम हो सकेगा। इससे प्रदेश के प्रमुख व्यापारिक शहरों एवं पर्यटक स्थलों के बीच व्यवसाय एवं पर्यटन गतिविधियों में अभिवृद्धि होगी और रोजगार के नये अवसरों का सृजन भी होगा। सतपुड़ा ताप विद्युत गृह , सारणी की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड की 660 मेगावाट की सतपुड़ा ताप विद्युत गृह, सारणी की पुनरीक्षित लागत 11 हजार 678 करोड़ 74 लाख रुपये (नॉन EPC सहित) का अनुमोदन प्रदान किया गया है। परियोजना का वित्त पोषण 20:80 अंशपूँजी एवं ऋण के अनुपात में किया जायेगा। राज्य शासन द्वारा 20 प्रतिशत अंशपूँजी में से 684 करोड़ 53 लाख रूपये की राशि प्रदान की जायेगी और शेष राशि की व्यवस्था म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड द्वारा स्वयं के स्त्रोत से की जायेगी। राज्य शासन द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 तक प्रदान/आवंटित की गई 431 करोड़ 45 लाख रुपये की राशि के अतिरिक्त शेष राज्यांश वित्तीय वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक की अवधि में 50 करोड़ 62 लाख रूपये विभागीय बजट के माध्यम से प्रत्येक वर्ष म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड को उपलब्ध कराई जायेगी। अमरकंटक ताप विद्युत गृह , चचाई की पुनरीक्षित लागत का अनुमोदन मंत्रि-परिषद द्वारा म.प्र. पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड की 660 मेगावाट की अमरकंटक ताप विद्युत गृह, चचाई की पुनरीक्षित लागत 11 हजार 476 करोड़ 31 लाख रूपये का अनुमोदन प्रदान किया गया है। परियोजना का वित्त पोषण 20:80 अंशपूँजी एवं ऋण के अनुपात में किया जायेगा। राज्य शासन द्वारा 20 प्रतिशत अंशपूँजी में से 699 करोड़ 90 लाख रुपये की राशि प्रदान की जायेगी और शेष राशि की व्यवस्था मप्र पॉवर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड दवारा स्वयं के स्त्रोत से की जायेगी। राज्य शासन दवारा वित्तीय वर्ष 2025-26 तक प्रदान/आवंटित की गई 365 करोड़ रुपये की राशि के अतिरिक्त शेष राज्यांश वित्तीय वर्ष 2026-27 से वर्ष 2030-31 तक की अवधि में 66 करोड़ 98 लाख रुपये विभागीय बजट के माध्यम से प्रत्येक वर्ष म.प्र. पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड को उपलब्ध कराई जायेगी। सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा 13 स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मापदण्डों अनुसार मान्यता प्राप्त करने के लिए नॉन क्लीनिकल एवं पैरा क्लीनिकल संकायों में सीनियर रेसीडेंट के 354 नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति प्रदान की गई है। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, सतना, विदिशा, रतलाम, खण्डवा, शहडोल, शिवपुरी, दतिया और छिंदवाड़ा में स्थित स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में इन पदों का सृजन किया गया हैं। इससे राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग के मापदण्डों अनुसार चिकित्सा महाविद्यालयों का सुचारू संचालन सुनिश्चित हो सकेगा एवं चिकित्सा महाविद्यालयों से उत्तीर्ण स्नातकोत्तर छात्र सीनियर रेसीडेंटशिप चिकित्सा महाविद्यालय में ही कर पायेंगे और नॉन क्लीनिकल एवं पैरा क्लीनिकल संकायों में भी प्रदेश को चिकित्सा शिक्षक प्राप्त हो सकेंगे।

रेखा गुप्ता का दो टूक संदेश: ‘मेरे पोस्टर पर फोटो लगाने की कोशिश न करें’

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के मौके पर दिल्ली सरकार सेवा पखवाड़ा चला रही है. 2 अक्टूबर तक चलने वाले इस 15 दिनों के सेवा पखवाड़े में 75 जन सुविधाओं को शुरू किया जा रहा है. इसी के अंतर्गत मंगलवार को दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और उनकी पूरी कैबिनेट ने स्वच्छता अभियान के तहत सफाई अभियान चलाया. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता खुद शालीमार बाग में रिंग रोड पहुंची और झाड़ू लगाई, कूड़ा बीना. इस दौरान मुख्यमंत्री ने पोस्टर चिपकाकर शहर को गन्दा करने वाले लोगों को सख्त हिदायत और चेतावनी दी. सफाई अभियान के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि स्वच्छता अभियान एक लगातार करने वाला काम है. यह एक दिन का या कुछ घंटे का ड्राइव नहीं है, यह हम सब भारतीयों को समझना होगा कि यह शहर हमारा है. मैं देख रही हूं, यहां-वहां तंबाकू के पाउच, पानी की बोतल, और दौने पत्तल पड़े हैं. भंडारा करके हम वहीं छोड़ देते हैं. पोस्टर चिपके हुए हैं. यह सब इस शहर को गंदा कर रहे हैं और एक दिन 1 घंटे की स्वच्छता से कुछ नहीं होना है. यह लगातार करने वाला काम हैं. हजारों लोगों ने किया पार्टिसिपेशन सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत आज हमने रिंग रोड की ड्राइव ली है और पूरी रोड पर हर जगह दिल्ली के लोग स्वच्छता अभियान चला रहे हैं. हजारों लोगों ने इसमें आज पार्टिसिपेशन किया है और मैं सोचती हूं कि यह सारा का सारा ड्राइव और यह काम लगातार करने वाला है. उन्होंने कहा कि ये काम संस्थाएं, RWA, जनप्रतिनिधि अधिकारी के साथ-साथ हर व्यक्ति के लिए करने वाला काम है. अगर ऐसा होता है, तभी हमारा शहर साफ-सुथरा रह पाएगा. पोस्टर लगाकर शहर को न करें गंदा: सीएम मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मेरा सभी दिल्ली वासियों से निवेदन है कि कृपया करके वॉल राइटिंग और पोस्टर लगाकर शहर को गंदा ना करें. इसकी वजह से हमारा शहर लगातार गंदा हो रहा है. उन्होंने कहा कि विशेषकर कर नेताओं से मेरा अनुरोध है कि कृपया करके कम से कम मेरी फोटो के साथ कोई पोस्टर लगाने की गुस्ताखी न करें. मैं हाथ जोड़कर आप लोगों से निवेदन कर रही हूं. किसी भी डिफेसमेंट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अधिकारियों को भी समझना पड़ेगा और जनता को भी सहयोग करना पड़ेगा. दिल्ली की ओर से यह स्वच्छता अभियान निरंतर चलेगा. रामलीला और दुर्गा पूजा में स्पीकर की समय सीमा बड़ी दिल्ली सरकार ने रामलीला और दुर्गा पूजा पंडाल में स्पीकर इस्तेमाल करने की समय सीमा 10 से 12 बजे तक करने का आदेश दिया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि मैं हमेशा यही देखती थी कि हमारे हिंदू उत्सवों को दिक्कत होती थी, क्योंकि रामलीला कभी 10 बजे खत्म नहीं हो सकती, और दुर्गा पूजा कभी 10 बजे तक खत्म नहीं हो सकती. जब गुजरात में डांडिया रात भर चल सकता है, और जब बाकी राज्यों में इवेंट रात भर हो सकते हैं, तो दिल्ली वालों का क्या कसूर है? इसीलिए इस बार हमने रात 12 बजे तक की परमिशन सभी रामलीला, दुर्गा पूजा, और सांस्कृतिक धार्मिक उत्सव को दी है. ईश्वर की कृपा हम सब पर बनी रहे. 15 दिन 75 सेवाओं का संकल्प दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह लगातार सेवा पखवाड़े के अंतर्गत चल रहे विकास कार्य हैं. रोजाना हम दिल्ली की जनता को कुछ ना कुछ समर्पित कर रहे हैं. 15 दिन 75 सेवाएं, ऐसा हमारा संकल्प था. इसी श्रृंखला में आज इंटर इंटरस्टेट बस जो कि एक समय में बिल्कुल बंद हो गई थी, आज से हम वह दोबारा शुरू कर रहे हैं.  

सुप्रीम कोर्ट में गूंजी जोजरी नदी की पुकार, प्रदूषण से ग्रामीण परेशान

नई दिल्ली  सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को राजस्थान की जोजरी नदी में प्रदूषण से जुड़े मामले की सुनवाई हुई। नदी में प्रदूषण की वजह से यहां की कृषि योग्य भूमि बंजर हो गई है। इसके चलते स्थानीय लोगों को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो रही हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 16 सितंबर को मामले का स्वत: संज्ञान लिया था और कहा था कि नदी में औद्योगिक कचरे से सैकड़ों गांव प्रभावित हो रहे हैं। आरोप है इनसे निकलने वाला औद्योगिक कचरा नदी में डाला जा रहा है। इसका असर सैकड़ों गांवों पर पड़ा है। कचरे की वजह से जहरीले हो चुके जोजरी नदी के पानी ने पर्यावरण और आम जनमानस को नुकसान पहुंचाया है। नदी का पानी जानवरों के लिए भी जहरीला हो गया है, जिससे न केवल स्वास्थ्य बल्कि पूरा पारिस्थितिकी तंत्र प्रभावित हो रहा है। पश्चिमी राजस्थान की जीवनरेखा कही जाने वाली जोजरी नदी आज जहरीली हो गई है। जोधपुर से पाली और बालोतरा तक बहने वाली इस नदी में लगभग 400 से ज्यादा औद्योगिक इकाइयों का प्रदूषित पानी और कचरा डाला जा रहा है। इसकी वजह से नदी का पानी पीने योग्य नहीं है। जोजरी नदी राजस्थान के जोधपुर जिले में स्थित 83 किलोमीटर लंबी मौसमी नदी है। इसका उद्गम नागौर जिले से होता है। यह उत्तर-पूर्व से दक्षिण-पश्चिम दिशा में बहते हुए जोधपुर जिले के खेड़ालदा खुर्द के पास लूनी नदी में मिलती है। नदी का जलग्रहण क्षेत्र लगभग 3,600 वर्ग किलोमीटर तक में फैला हुआ है। मामले की अगली सुनवाई 9 अक्टूबर को होगी।

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने लगाया रोक: यूपी के 558 मदरसों की जांच पर सरकार से मांगा जवाब

इलाहाबाद  इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी में 558 मदरसों की जांच पर रोक लगा दी है. हाई कोर्ट ने मदरसों को अंतरिम राहत देते हुए आर्थिक अपराध शाखा की ओर से की जा रही जांच पर स्टे कर दिया है.इन इस्लामी धार्मिक शिक्षण संस्थान सरकारी और अनुदान प्राप्त हैं. कोर्ट ने इस मामले में सरकार से चार हफ्ते में जवाब मांगा है. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के निर्देश पर राज्य के 558 सरकारी मदरसों की जांच करने का आदेश आर्थिक अपराध शाखा को दिया था. लेकिन हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को अंतरिम राहत देते हुए 558 अनुदानित मदरसों के खिलाफ चल रही ईओडब्ल्यू (Economic Offences Wing) की जांच पर रोक लगा दी है. आयोग के निर्देश को रद्द करने की मांग मामले के अनुसार, याचिकाकर्ताओं ने याचिका में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के 28 फरवरी 2025, 23 अप्रैल 2025 और 11 जून, 2025 के आदेशों को चुनौती दी है. इन आदेशों में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की ओर से आपराधिक जांच शाखा को जांच करने का निर्देश दिया गया था. याचिका में आयोग के इस आदेश को रद्द करने की मांग की गई है. कोर्ट ने सभी प्रतिवादियों को चार हफ्तों के अंदर अपना जवाबी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है. कोर्ट ने इस मामले को 17 नवंबर 2025 को उपयुक्त बेंच के सामने लिस्ट करने का भी आदेश दिया है. कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि अगले आदेश तक राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और सरकार के आदेश के प्रभाव और संचालन पर रोक रहेगी. जस्टिस सरल श्रीवास्तव और जस्टिस अमिताभ कुमार राय की डबल बेंच ने वाराणसी के टीचर्स एसोसिएशन मदारिस अरबिया और अन्य दो की याचिका पर दिया आदेश. जांच की वजह क्या? राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की तरफ से मदरसों में अवैध फंडिंग और नियुक्ति को लेकर EOW को निर्देश दिए गए थे. यहां पर कोविड के समय में 308 शिक्षकों की भर्ती को लेकर ये जांच की जानी थी, जिस पर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने फिलहाल के लिए रोक लगा दी है. मदरसे और मस्जिद की जमीन को दिए जाने वाले अनुदान की भी जांच के आदेश दिए गए थे. ऐसे आरोप लगाए गए कि यूपी में कोरोना काल के बाद से न सिर्फ नियुक्तियां बढ़ी हैं बल्कि मदरसे भी बढ़े हैं. ऐसे में क्या इन नियुक्तियों में गड़बड़ी हुई है? या फिर ये फर्जी नहीं हैं, इसको लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग की तरफ से जांच के निर्देश दिए गए थे. 

नई दिल्ली मेट्रो का कायाकल्प: जानिए 30 ट्रेनों में कौन-कौन सी सुविधाएं आने वाली हैं

नई दिल्ली  दिल्ली की लाइफलाइन कहे जाने वाली मेट्रो (Delhi Metro) लोगों के सफर को सस्ते में आरामदायक सफर तो देती ही है. साथ ही इससे समय की भी बचत होती है. यही कारण है कि रोजाना 60 लाख से भी ज्यादा लोग दिल्ली मेट्रो में ट्रैवल करते हैं. मगर अब उनके लिए एक खुशखबरी है. दिल्ली मेट्रो की कई ट्रेनें पुरानी हो चुकी हैं. उनका अब कायाकल्प हो रहा है, जिस कारण वो एडवांस (Advance) हो जाएंगी. यानि इन ट्रेनों में भी नई ट्रेनों जैसी हाईटेक सुविधाएं मिलेंगी. जानकारी के मुताबिक, दिल्ली मेट्रो के पहले चरण में बनी रेड लाइन (दिलशाद गार्डन से रिठाला) कॉरिडोर की मेट्रो अब हाईकेट हो गई है. यात्रियों को इनमें भी नई ट्रेनों की तरह सुविधाएं मिलेंगी. दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने अपनी पुरानी फेज-1 की करीब 20 साल पुराने इन कोचों को मिड-लाइफ ओवरहॉल के तहत पूरी तरह से अपग्रेड किया है. कुल 30 ट्रेनों का कायाकल्प करके अब नई ट्रेनों की तरह उसमें मोबाइल, लैपटाप चार्जिंग समेत कई सुविधाएं दी जा रही है. डीएमआरसी अधिकारियों के अनुसार, अब इन पुरानों ट्रेनों को अपग्रेड करने के बाद सीसीटीवी कैमरे, मोबाइल-लैपटॉप चार्जिंग पोर्ट, पैसेंजर इंफॉर्मेशन बोर्ड, डायनेमिक रूट मैप और आधुनिक फायर डिटेक्शन सिस्टम जैसी सुविधाएं मौजूद होंगी. मेट्रो फेज एक की पुरानी ट्रेनों में पहले यह सुविधाएं नहीं थीं. दोबारा किया गया पेंट यही नहीं ट्रेनों को नया लुक देने के लिए डिब्बों का फर्श नए कंपोजिट मटिरियल से बदला गया है. ड्राइवर केबिन और सैलून का पुनः पेंट किया गया है. इलेक्ट्रिकल पैनल को भी आधुनिक रिले सिस्टम से अपग्रेड किया गया है. इससे यात्रियों को सुविधाएं भी मिली हैं आर नई ट्रेन खरीदने की लागत भी बची है. अगले दो से ढाई साल में ब्लू लाइन (नोएडा से द्वारका) कॉरिडोर की 22 ट्रेनों को भी अपग्रेड किया जाएगा. क्या-क्या हुए बदलाव? मेट्रो में सीसीटीवी कैमरे लगाएं हैं. सीटों के पास मोबाइल/लैपटॉप चार्जिंग पोर्ट लगाए हैं. डिजिटल रूट मैप के अलावा एलसीडी पैसेंजर इंफॉर्मेशन।फायर डिटेक्शन सिस्टम (स्मोक/हीट डिटेक्शन, अलार्म और इमरजेंसी सिस्टम सहित) लगे हैं.  

डाक कर्मचारी विनोद गोडबोले और आईटी प्रोफेशनल धर्मेंद्र-जोगी, आदर्श सक्सेना ने जीतकर रचा नया इतिहास

भोपाल  मैराथन वैसे ही बहुत कठिन स्पर्धा होती है। उस पर औसतन चार हजार मीटर की ऊंचाई वाले खारदुंग ला दर्रे पर 72 किमी तक दौड़ना स्टेमिना, धैर्य और कौशल की कड़ी परीक्षा है। भोपाल के तीन लोगों ने इस बार दुनिया की इस सबसे ऊंची अल्ट्रा मैराथन को पूरा करके इतिहास रच दिया है। डाक विभाग में कार्यरत 48 साल के विनोद गोडबोले और आईटी पेशेवर धर्मेंद्र जोगी (35) और आदर्श सक्सेना (30) ने पिछले दिनों यह दौड़ पूरी की। लद्दाख में आयोजित होने वाली खारदूंगा ला चैलेंज दुनिया की सबसे ऊंची सड़क पर आयोजित होने वाली अल्ट्रा मैराथन है। धावक विनोद गोडबोले ने बताया कि लद्दाख में छठवीं खारदुंग ला चैलेंज का आयोजन 12 सितंबर को हुआ था। इसमें 72 km की दौड़ 14 घंटे में की जानी थी। उन्होंने 10 घंटे 29 मिनट में दौड़ पूरी की। धर्मेंद्र जोगी ने 10 घंटा 10 मिनट और आदर्श सक्सेना ने 10 घंटा 40 मिनट का समय लिया। यह दौड़ खारदुंग गांव से शुरू होकर विश्व के तीसरे सबसे ऊंचे पक्के सड़क मार्ग वाले खारदुंग ला दर्रे से होते हुए लेह शहर के मुख्य बाजार तक पूरी करनी होती है। दौड़ने से पहले दो मैराथन का अनुभव जरूरी गोडबोले ने बताया इस स्पर्धा में शामिल होने से पहले प्रतिभागी के पास पांच घंटे से कम समय में दो मैराथन पूरी करने का अनुभव होना जरूरी है। मैंने पहले भी कई मैराथन को पूरा किया है। तैयारी के लिए भोपाल की टेकरी पर एलिवेशन रन का अभ्यास किया था। खारदुंगला टॉप चैलेंज     यह दौड़ लद्दाख की ऊंची पहाड़ियों में आयोजित की जाती है, जिसकी ऊंचाई 4000 मीटर से अधिक है।     इस दौड़ में 32 किमी की चढ़ाई और 40 किमी की ढलान है।     दौड़ का प्रारंभ बिंदु खारदूंग गांव है, जो 3975 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।     दौड़ का सबसे ऊंचा बिंदु खारदुंगला टॉप है, जो 5370 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है।     दौड़ रात को तीन बजे शुरू होती है और अगले दिन शाम पांच बजे खत्म होती है।  

देश का सबसे बड़ा ऑनलाइन घोटाला: 23 करोड़ की ठगी, डेढ़ महीने तक डिजिटल अरेस्ट!

नई दिल्ली  दिल्ली एनसीआर में डिजिटल अरेस्ट के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं. डिजिटल फ्रॉड करने वाले ज्यादातर बुजुर्ग लोगों को ही अपना शिकार बनाते हैं. राजधानी के गुलमोहर पार्क में रहने वाले पूर्व बैंक अधिकारी नरेश मल्होत्रा को लगभग डेढ़ महीने तक डिजिटल अरेस्ट कर उनके खाते से 23 करोड रुपए का डिजिटल फ्रॉड किया गया. नरेश मल्होत्रा ने बताया कि पहली कॉल 1 अगस्त 2025 को आई थी. लैंडलाइन पर कॉल आया कि हम एयरटेल से बोल रहे हैं और आपको मुंबई पुलिस से कनेक्ट कर रहे हैं. क्योंकि आपके आधार से मुंबई के भायखला में नया नंबर जारी हुआ है और अगर आप ने कॉल डिस्कनेक्ट किया तो आप के घर की सारी लाइन काट दी जाएगी. क्या है पूरा मामला? नरेश मल्होत्रा ने बताया कि पहले लैंडलाइन पर फिर मोबाइल पर वॉट्सएप कॉल आया और सारी जानकारी दी. जिसमें कॉल करने वाले ने बताया कि आपके आधार से यह नंबर इशू है और इससे आपने टेरर फंडिंग की है, जिसके बाद आपको डिजिटल अरेस्ट किया जाता है. उन्होंने बोला कि आप पर PMLA एक्ट लगाया गया है क्योंकि आपके नंबर से गैंबलिंग, टेरर फंडिंग की गई है. फैमिली को अरेस्ट करने की धमकी उन्होंने धमकाया कि अगर आप बच्चों को बताओगे तो हम पूरी फैमिली को अरेस्ट कर लेंगे. नरेश मल्होत्रा ने बताया कि पहले मेरे खाते से सोमवार को आरटीजीएस करके 14 लाख रुपए निकाले और बाकी शेयर बेच बेचकर लगभग 4 सितंबर तक अलग-अलग ट्रांजैक्शन में लगभग 23 करोड़ रुपए भेजे. उनकी तरफ से आदेश मिलता था और मैं आरटीजीएस फॉर्म भर देता था, फिर उनको फोटो कॉपी भेजता था. फिर वह अकाउंट नंबर देते थे और बोलते थे कि बैंक जाकर इसमें पैसे भेजिए. बैंक कर्मचारियों ने भी बोला था कि आप इतना सारा पैसा क्यों निकल रहे हैं, हमारे पास छोड़ दो. लेकिन उन्होंने मुझे 14 या 16 सितंबर को अरेस्ट करने की धमकी दी और बोला कि अब ईडी की जांच शुरू हो चुकी है और हमने सारी डिटेल उनको दे दी है. अब आपको 5 करोड़ रुपए का पेमेंट देना है और सुप्रीम कोर्ट का ऑर्डर भेजा. सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस का फर्जी ऑर्डर नरेश मल्होत्रा के मुताबिक उन्होंने बताया कि संसद मार्ग से भी एक डिजिटल आर्डर है और हमें आरबीआई की तरफ से भी इजाजत मिल गई है. आप इस खाते में पैसे ट्रांसफर कर दीजिए. फिर उनकी तरफ से एक प्राइवेट बैंक में पैसा ट्रांसफर करने को कहा गया, जो कोलकाता बेस्ट था. लेकिन मैंनें प्राइवेट बैंक में पैसा भेजने से मना कर दिया. तब उन्होंने मुझे सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस की तरफ से एक ऑर्डर दिया, जिसके बाद मैंने पैसा ट्रांसफर किया. उस दिन सुबह से मैंने चार अलग-अलग अकाउंट में पैसे भेजे. इसके बाद मैनें जब यह कहा कि अब आपको एक भी पैसा नहीं दूंगा. अब मैं सुप्रीम कोर्ट में जाकर खुद 5 करोड़ रुपए का चेक दे दूंगा तब उन्होंने कॉल डिस्कनेक्ट कर दी. दिल्ली पुलिस और साइबर सेल में शिकायत नरेश मल्होत्रा ने बताया कि मैंने 19 सितंबर को दिल्ली पुलिस और साइबर सेल को शिकायत की. जिसके बाद से सभी मेरी पूरी मदद कर रहे हैं और मुझे उम्मीद है कि वह पूरा मामले पर सही जांच करेंगे. उन्होंने कहा कि मेरे हिसाब से इसमें बैंकों की सबसे ज्यादा जिम्मेदारी होती है. जिस खाते में एक हजार का बैलेंस है और उसमें करोड़ रुपए आए तो इस पर बैंक और आरबीआई को जांच करनी चाहिए. इसमें पूरी जिम्मेदारी बैंक की है. इन बैंकों की केवाईसी प्राइवेट कर्मचारी करते हैं. ना कस्टमर बैंक जाता है और ना यह कर्मचारी उनको बैंक आने देते हैं. इस तरह के फ्रॉड में बैंक की भी जिम्मेदारी होती है. NIA नियम भी है कि बिना केवाईसी के अकाउंट नहीं खोल सकते हैं. अगर यह कलेक्टिव बैंक पर पाबंदी करेंगे तो डिजिटल फ्रॉड को रोका जा सकता है.  

अब काफी हुआ! – CM ममता पर कटाक्ष के बाद अभिषेक बनर्जी ने उठाए मोदी-बीजेपी पर बड़े सवाल

कोलकाता  तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी ने सोमवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2024 के लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए अयोध्या मंदिर में राम लला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा राम नवमी से तीन महीने पहले कर दी थी. अभिषेक की यह टिप्पणी दुर्गा पूजा पंडालों को ‘देवी पक्ष’ से पहले खोलने के लिए पश्चिम बंगाल बीजेपी द्वारा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना किए जाने के बीच आई है.तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक ने अपने डायमंड हार्बर लोकसभा क्षेत्र में संवाददाताओं से बात करते हुए मोदी सरकार पर ‘दोहरी बात कहने की कला में निपुण होने, नोटबंदी की अचानक घोषणा के लिए कोई जवाबदेही नहीं लेने, जिसके कारण कई लोगों की मौत हो गई थी और संघीय व्यवस्था की भावना के विरुद्ध राज्य का बकाया नहीं देने का आरोप लगाया. राम नवमी से पहले प्राण प्रतिष्ठा पर उठाया सवाल पंडालों को देवी पक्ष से पहले खोलने को लेकर विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी द्वारा मुख्यमंत्री की आलोचना के बारे में पूछे जाने पर, अभिषेक बनर्जी ने कहा, ‘ठीक है, उन्होंने देवी पक्ष की शुरुआत से एक दिन पहले पंडाल खोल दिए और मूर्तियों के पट नहीं खोले. उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री द्वारा राम नवमी से तीन महीने पहले जनवरी 2024 में अयोध्या में राम मंदिर में राम लला की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा करने के बारे में क्या कहना है? क्या किसी बीजेपी नेता ने लोकसभा चुनाव को देखते हुए उठाए गए उस कदम पर टिप्पणी की है? पश्चिम बंगाल की धनराशि रोकने का आरोप बीजेपी पर पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाते हुए अभिषेक बनर्जी ने सवाल किया कि पश्चिम बंगाल को कितना पैसा दिया गया और राज्य से प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष करों के माध्यम से कितना लिया गया. बीजेपी पर मनरेगा जैसी परियोजनाओं के लिए पश्चिम बंगाल को मिलने वाली धनराशि रोकने का आरोप लगाते हुए उन्होंने मोदी सरकार पर ‘इस मुद्दे पर कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश का सम्मान नहीं करने’ का आरोप लगाया. अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीबों की बात करते हैं, तो उन्हें यह बताना चाहिए कि 69 लाख जॉब कार्ड धारकों को अभी तक केंद्र से पैसा क्यों नहीं मिला है. राज्य ने उनकी मदद के लिए अपने सीमित कोष से संसाधन जुटाए.  

शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण: शिक्षकों की उपलब्धता से बच्चों में बढ़ा आत्मविश्वास

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की मंशानुरूप ग्रामीण एवं दूरस्थ अंचलों में शिक्षा की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए शालाओं एवं शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया गया है। युक्तियुक्तकरण के तहत जिले में जिन विद्यालयों में शिक्षक नहीं थे, वहां अब विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार शिक्षकों की पदस्थापना की गई है, इससे अब स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ी है। इसी कड़ी में युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया के तहत एकल शिक्षकीय स्कूल प्राथमिक शाला फुलवारी संकुल केन्द्र पदमपुर को दो अतिरिक्त शिक्षक मिल गए हैं, इससे विद्यार्थियों को शिक्षा की नई रोशनी मिली है।      प्राथमिक शाला फुलवारी की शिक्षिका मती चेतना साहू ने बताया कि पहले यहां कुल 95 बच्चों के लिए एक ही शिक्षक पदस्थ थे, लेकिन युक्तियुक्तकरण के बाद तीन शिक्षक हो जाने से शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आया है, बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही है। उन्होंने बताया कि शासन की यह योजना स्कूलों में बच्चों को गुणवत्तायुक्त शिक्षा प्रदान करने की दिशा में सार्थक कदम है। विद्यालय में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध होने से विद्यार्थियों को नवाचारों और विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। इससे बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की ओर तेजी से अग्रसर हो रहे हैं। युक्तियुक्तकरण से शिक्षा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव स्पष्ट नजर आ रहा है। विद्यार्थियों के पालकों ने बताया कि पहले के मुकाबले बच्चे ज्यादा रूचि के साथ विद्यालय जा रहे हैं और पढ़ाई भी बेहतर ढंग से हो रही है। पालकों ने युक्तियुक्तरण योजना से स्कूलों में हुए शैक्षणिक बदलाव एवं शिक्षा गुणवत्ता उन्नयन के लिए शासन-प्रशासन के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया है।

Hero ने लॉन्च किया नया Destini स्कूटर, GST छूट के बाद कीमत 72,000 रुपये तक पहुंची

नई दिल्ली जीएसटी छूट से सरगर्म ऑटो बाजार में हीरो मोटोकॉर्प ने बड़ा दांव खेला है. जब तमाम कंपनियां दाम घटाने की होड़ में हैं, वहीं हीरो ने ग्राहकों को सिर्फ कीमत का तोहफा ही नहीं दिया, बल्कि एकदम नया स्कूटर Destini 110 लॉन्च किया है. महज 72,000 रुपये से शुरू होने वाला यह स्कूटर न सिर्फ किफायती है बल्कि लुक और डिज़ाइन के मामले में सेग्मेंट के लीडर Honda Activa को टक्कर देता है. वेरिएंट और प्राइस जनवरी 2025 में कंपनी ने Destini 125 का नया अवतार पेश किया था और अब उसी डिज़ाइन व स्टाइलिंग पर बेस्ड नया Destini 110 लॉन्च किया गया है. कंपनी ने इसे दो वेरिएंट्स में उतारा है. VX वेरिएंट की कीमत 72,000 रुपये और ZX जिसकी कीमत 79,000 रुपये (एक्स-शोरूम) रखी गई है. लुक और डिज़ाइन देखने में यह स्कूटर काफी हद तक बड़े मॉडल Destini 125 से मिलता-जुलता है. इसमें वही H-शेप्ड LED डे-टाइम-रनिंग लाइट (DRLs) और LED टेललैंप दिए गए हैं. इंडिकेटर्स एप्रन पर थोड़ा नीचे की ओर प्लेस किए गए हैं. चौड़ा फ्लोरबोर्ड और लंबी सीट के चलते ये स्कूटर एक आरामयदाक सवारी के लिए डिज़ाइन किया गया है. कलर ऑप्शन     VX वेरिएंट: ग्रे, ब्लू और व्हाइट     ZX वेरिएंट: ग्रे, ब्लू और रेड इंजन और परफॉर्मेंस Destini 110 में कंपनी ने 110.9 सीसी का इंजन दिया है, जो 8.1 bhp की पावर और 8.87 Nm का टॉर्क जेनरेट करता है. हीरो का दावा है कि यह स्कूटर 56.2 kmpl का माइलेज देगा. ZX वेरिएंट में कंपनी ने कैस्ट व्हील्स और फ्रंट डिस्क ब्रेक ब्रेक्स दिए हैं. वहीं  VX वेरिएंट में ड्रम ब्रेक सेटअप मिलता है.  आंकड़ो में Destini सीट हाइट 770 मिमी व्हीलबेस 1,302 मिमी ग्राउंड क्लीयरेंस 162 मिमी वजन 114 किग्रा फ्यूल टैंक 5.3 लीटर मिलते हैं ये फीचर्स दोनों वेरिएंट्स में प्रोजेक्टर LED हेडलाइट, LED टेल लैंप, डिगी-एनालॉग स्पीडोमीटर, फ्रंट ग्लव बॉक्स, इनबिल्ट USB चार्जिंग पोर्ट जैसे फीचर्स दिए गए हैं. सस्पेंशन के लिए सामने टेलिस्कोपिक फोर्क और पीछे सिंगल-साइड शॉक दिया गया है. दोनों वेरिएंट्स में 12-इंच ट्यूबलेस टायर दिए गए हैं.  Honda Activa से तुलना भारत का सबसे लोकप्रिय स्कूटर Honda Activa फिलहाल 73,000 रुपये से 77,500 (एक्स-शोरूम) की रेंज में उपलब्ध है. ऐसे में हीरो ने Destini 110 को रणनीतिक तरीके से पोजिशन किया है. इसका बेस VX वेरिएंट (72,000 रुपये) Activa से सस्ता है. टॉप ZX वेरिएंट (79,000 रुपये) थोड़ा महंगा जरूर है, लेकिन इसमें डिस्क ब्रेक, कैस्ट व्हील्स और LED प्रोजेक्टर हेडलैंप जैसे प्रीमियम फीचर्स हैं, जो Activa में नहीं मिलते.