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कर्नाटक सीएम की अपील पर अजीम प्रेमजी का जवाब – विप्रो सरजापुर कैंपस जनता के लिए बंद रहेगा

नई दिल्ली विप्रो के संस्थापक और अध्यक्ष अजीम प्रेमजी ने कंपनी के परिसर को बाहरी यातायात के लिए खोलने से इनकार कर दिया है, क्योंकि कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने क्षेत्र में सड़कों पर भीड़भाड़ कम करने के लिए सहयोग मांगा था। बेंगलुरु शहर यातायात की समस्या से जूझ रहा है। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में पूछा था कि क्या विप्रो अपना सरजापुर परिसर सार्वजनिक वाहनों के लिए खोल सकता है। प्रेमजी ने इस मुद्दे की गंभीरता को स्वीकार किया और बेंगलुरू के आउटर रिंग रोड पर यातायात की भीड़ से निपटने के लिए कॉर्पोरेट सहयोग हेतु सिद्धारमैया की अपील की सराहना की। अजीम प्रेमजी ने क्या कहा? हालांकि, विप्रो के चेयरमैन ने बताया कि सरजापुर स्थित परिसर को विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) घोषित किया गया है और वैश्विक सेवा प्रतिबद्धताओं के कारण यह सख्त प्रवेश नियंत्रण नियमों से बंधा हुआ है। प्रेमजी ने पत्र में कहा, "हमारे सरजापुर परिसर से सार्वजनिक वाहनों की आवाजाही की अनुमति देने के विशिष्ट सुझाव के संबंध में हमें गंभीर कानूनी, प्रशासनिक और वैधानिक चुनौतियों की आशंका है, क्योंकि यह एक सूचीबद्ध कंपनी के स्वामित्व वाली एक विशेष निजी संपत्ति है, जो सार्वजनिक आवागमन के लिए नहीं है।" 'दीर्घकालिक समाधान के रूप में नहीं होगा प्रभावी' प्रेमजी ने आगे कहा, "इसके अलावा, यह भी सराहनीय होगा कि हमारा सरजापुर परिसर एक विशेष आर्थिक क्षेत्र (एसईजेड) है जो वैश्विक ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करता है। हमारी संविदात्मक शर्तों में प्रशासन और अनुपालन के लिए कड़े, अपरक्राम्य प्रवेश नियंत्रण मानदंड अनिवार्य हैं। इसके अलावा, निजी संपत्ति के माध्यम से सार्वजनिक वाहनों की आवाजाही एक स्थायी, दीर्घकालिक समाधान के रूप में प्रभावी नहीं होगी।"  

रायपुर-बिलासपुर में ED का शिकंजा, कई ठिकानों पर दबिश

रायपुर छत्तीसगढ़ में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम शुक्रवार सुबह से सक्रीय हो चुकी है. रायपुर और बिलासपुर में कई बिल्डर्स के ठिकानों पर छापा पड़ा है. मौके पर टीम दस्तावेजों की जांच कर रही है. जानकारी के मुताबिक, प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने तड़के सुबह रायपुर के एक बिल्डर के ठिकानों पर छापेमारी की. इसी क्रम में बिलासपुर में भी सुल्तानिया ग्रुप के मीनाक्षी सेल्स के ठिकानों पर छापेमारी की गई है. बताया जा रहा है कि सुल्तानिया ग्रुप के मीनाक्षी सेल्स का कोयला, सीमेंट, छड़, स्टील और ट्रेडिंग का कारोबार है. ईडी की ये कार्रवाई किन गड़बड़ियों को लेकर है, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं है. ईडी के अधिकारी ग्रुप से जुड़े कारोबारियों से पूछताछ कर रहे हैं. यहां दो गाड़ियों में टीम पहुंची है. मौके पर कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जांच जारी है.

एमा वॉटसन ने बताई एक्टिंग से दूरी की वजह, बोलीं- हॉलीवुड ने कर दिया थका

मॉस्को  हॉलीवुड के चमकते पर्दे के पीछे की सच्चाई के बारे में हाल ही में अभिनेत्री एमा वॉटसन ने बताया है। हैरी पॉटर सीरीज से घर-घर में मशहूर हुईं अभिनेत्री आखिर बीते 7 वर्षों से किसी एक्टिंग प्रोजेक्ट में नजर क्यों नहीं आईं। हाल ही में उन्होंने अपनी जिंदगी के उस मुश्किल अध्याय के बारे में खुलकर बात की, जिसने उन्हें पर्दे से दूर कर दिया। एमा वॉटसन ने किया खुलासा एमा वॉटसन, जिन्हें दुनिया ने हैरी पॉटर सीरीज की होशियार और निडर हरमाइनी ग्रेंजर के रूप में अपनाया, उन्होंने साल 2018 में 'लिटिल वूमेन' के बाद अभिनय से दूरी बना ली थी। अब 35 वर्ष की उम्र में, उन्होंने एक पॉडकास्ट पर अपनी चुप्पी तोड़ी और बताया कि कैसे हॉलीवुड के माहौल ने उन्हें भीतर तक तोड़ दिया। हॉलीवुड से ब्रेक लेने पर की बात जय शेट्टी के साथ पॉडकास्ट में एमा वॉटसन ने स्वीकार किया कि हैरी पॉटर के सेट पर उन्होंने जिस पारिवारिक जुड़ाव और दोस्ती को महसूस किया था, वही उम्मीद वह बाकी फिल्मों में भी ले आईं। लेकिन वास्तविकता अलग थी। उनके मुताबिक, इंडस्ट्री में ज्यादातर लोग काम को केवल करियर और अवसर के नजरिए से देखते थे, न कि रिश्तों के लिहाज से। यही उनके लिए सबसे बड़ा झटका था। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हॉलीवुड का प्रतिस्पर्धी माहौल, ईर्ष्या और अहंकार से भरा हुआ था। एमा ने इसे एक ऐसा टॉक्सिक माहौल बताया जिसने उनकी संवेदनशीलता को गहरी चोट पहुंचाई। वह मानती हैं कि उन्हें इन सब चीजों से काफी तकलीफ पहुंची और इसलिए उन्होंने ब्रेक लेने का फैसला किया था। को-स्टार्स के साथ फेक दोस्ती पर बोलीं एमा इतना ही नहीं, एमा वॉटसन ने यह भी बताया कि फिल्मों के प्रमोशन के दौरान उन्हें नकली मुस्कान और झूठी दोस्ती दिखाने की मजबूरी सबसे ज्यादा खराब लगी। उनके लिए यह बेहद दर्दनाक था कि उन्हें बार-बार ऐसा दिखाना पड़ता था मानो वह अपने सह-कलाकारों के साथ गहरी दोस्ती निभा रही हों, जबकि हकीकत इसके विपरीत थी। इसके बावजूद, उन्होंने इस अनुभव से सकारात्मक पहलू खोजने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि 'अगर मैं टूटी हूं, तो इसका मतलब है कि अभी भी मेरे अंदर टूटने के लिए कुछ बचा है—एक दिल जो अब भी महसूस कर सकता है।' डॉक्टरेट की पढ़ाई कर रही हैं एमा बता दें आज एमा वॉटसन ने फिल्मों से अलग राह पकड़ ली है। वह इस समय ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से डॉक्टरेट की पढ़ाई कर रही हैं और अपने जीवन को नए मायनों में ढाल रही हैं। हरमाइनी ग्रेंजर के रूप में एमा ने करोड़ों दर्शकों को अपना दीवाना बनाया था। 

महिला सम्मेलन से जनसभा तक: प्रियंका गांधी का आज बिहार में व्यस्त कार्यक्रम

पटना आज कांग्रेस की वरिष्ठ नेत्री और सांसद प्रियंका गांधी दूसरी बार बिहार दौरे पर आ रही हैं। पटना के प्रदेश कांग्रेस कार्यालय सदाकत आश्रम में वह 2000 महिलाओं के संवाद करेंगी। इन महिलाओं में मनरेगा मजदूर, जीविका दीदी, आंगनबाड़ी सेविकाएं, आशा वर्कर, वकील और डॉक्टर महिलाएं शामिल होंगी। इसके बाद मोतिहारी में वह अपनी पहली चुनावी सभा को संबोधित करेंगी। महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने कहा कि आज बिहार की बहन बेटियों के लिए आवाज उठाने प्रियंका गांधी बिहार दौरे पर आ रही है। वह सदाकत आश्रम में महिलाओं से बातचीत करेंगी। राज्य के सभी जिलों से महिलाएं उनसे बात करने पहुंची हैं। इस संवाद में हर वर्ग की महिलाओं को शामिल करने का प्रयास किया गया है। सूत्र बता रहे हैं प्रियंका गांधी महिलाओं के लिए कुछ बड़ा एलान कर सकती हैं, जो इंडिया गठबंधन के घोषणा पत्र में शामिल होगा। मोतिहारी में जनसभा को करेंगी संबोधित पटना में संवाद के बाद प्रियंका गांधी आज दोपहर दो बजे हेलिकॉप्टर से मोतिहारी पहुंचेंगी। पुलिस लाइन उनका हेलीकॉप्टर उतरेगा। वहां से वह बंद गाड़ी में गांधी मैदान स्थित सभा स्थल जाएंगी, जहां वे कांग्रेस की ‘हर घर अधिकार रैली’ को संबोधित करेंगी। इस रैली में 20 हजार से ज्यादा महिलाओं के शामिल होने का दावा किया गया है।

दिवाली की असली तारीख पता करें: 20 अक्टूबर या 21 अक्टूबर?

भारत में हर साल धूमधाम से मनाया जाने वाला दिवाली पर्व बस आने ही वाला है. इस खास दिन माता लक्ष्मी और गणपति जी की पूजा और परिवार में खुशहाली व समृद्धि की कामना की जाती है. लेकिन हर साल लोग दिवाली की तिथि को लेकर कंफ्यूज रहते हैं, क्योंकि कार्तिक अमावस्या की शुरुआत और समापन दोनों ही दिन अलग-अलग होते हैं. आइए, आपके इस कंफ्यूजन को दूर करते हैं और जानते हैं दिवाली 2025 की सही तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, महत्व और कुछ खास उपायों के बारे में. दिवाली 2025 की तिथि और समय द्रिक पंचांग के अनुसार, कार्तिक अमावस्या की शुरुआत 20 अक्टूबर 2025 को सुबह 3 बजकर 44 मिनट पर होगी और इसका समापन 21 अक्टूबर 2025 को सुबह 5 बजकर 54 मिनट पर होगा. इसलिए, दिवाली 2025 का मुख्य पर्व 20 अक्टूबर, सोमवार को मनाया जाएगा. दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजा की सही विधि दिवाली के दिन मां लक्ष्मी और गणेश जी की पूजा करने से पहले पूरे घर की सफाई करें और प्रवेश द्वार पर रंगोली बनाएं. मुख्य द्वार के दोनों ओर दीपक जलाएं. पूजा स्थल पर एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाकर देवी लक्ष्मी, गणेश जी और कुबेर जी की प्रतिमाएं स्थापित करें. आचमन करके हाथ में जल लेकर पूजा का संकल्प करें. फिर सबसे पहले गणेश जी की पूजा करें. उन्हें स्नान कराकर वस्त्र, चंदन, फूल और दूर्वा अर्पित करें. इसके बाद मां लक्ष्मी का पूजन करें. उन्हें कमल का फूल, सिंदूर, अक्षत (चावल), रोली, इत्र, मिठाई और फल अर्पित करें. इस दिन नए बही-खातों, तिजोरी और धन-संपत्ति की भी पूजा की जाती है. पूजा के दौरान 11, 21 या 51 दीपक जलाएं. सबसे आखिर में पूरे परिवार के साथ लक्ष्मी-गणेश की आरती गाएं और सभी में प्रसाद वितरित करें. दिवाली पर किए जाने वाले उपाय!     दिवाली की शाम को तुलसी के पौधे के पास नौ घी के दीपक जलाएं. मान्यता है कि इससे घर में नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं.     दिवाली की रात एक पीपल के पेड़ के नीचे तेल का दीपक जलाएं और पीछे मुड़कर देखे बिना घर वापस आ जाएं. ऐसा करने से आर्थिक तंगी दूर होती है.     दिवाली की पूजा के दौरान सफेद या पीले कपड़े पहनना शुभ माना जाता है.     अगर घर में किसी प्रकार का कर्ज है, तो दिवाली पर नया आर्थिक योजना बनाना शुभ होता है. दिवाली का महत्व दिवाली, अंधकार पर प्रकाश और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है. इसे धन की देवी माता लक्ष्मी और बुद्धि के देवता भगवान गणेश की पूजा के लिए मनाया जाता है. इस दिन का महत्व इस बात में है कि घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे. इस दिन माता लक्ष्मी का स्वागत कर परिवार में सुख-समृद्धि आती है. दीप जलाकर अंधकार और नकारात्मक ऊर्जा को दूर किया जाता है. दिवाली का त्योहार रिश्तों को मजबूत करने का अवसर भी है.

‘जलसेतु एप’: पानी की जानकारी और शिकायत निवारण के लिए टीना डाबी का अभिनव कदम

बाड़मेर बाड़मेर जिले में पानी संबंधित जानकारी और समस्याओं के समाधान के लिए जिला कलेक्टर टीना डाबी ने एक अभिनव पहल करते हुए जिला प्रशासन द्वारा ‘जलसेतु एप’ तैयार करवाया। यह एप जनता और प्रशासन के बीच मजबूत सेतु का काम करेगा और उपयोगकर्ताओं को पानी की आपूर्ति की स्थिति के बारे में वास्तविक समय की जानकारी प्रदान करेगा। इससे लोगों को पानी की उपलब्धता और वितरण की सटीक जानकारी मिल सकेगी। जिला कलेक्टर टीना डाबी ने बताया कि यह जलसेतु एप एक अभिनव पहल है, जो नागरिकों को जल सेवाओं तक आसान पहुंच प्रदान करेगा। उनका कहना है कि हमारा लक्ष्य पारदर्शिता, दक्षता और स्थिरता के साथ जल प्रबंधन को बदलना है। उन्होंने कहा कि जिले में जनसुनवाई और रात्रि चौपालों में अधिकांश शिकायतें पानी से संबंधित आती हैं, जैसे गांव या शहर में पानी नहीं आना। एप तैयार करते समय सभी समस्याओं के समाधान पर ध्यान दिया गया, जिन्हें आमजन और उपभोक्ताओं द्वारा समय-समय पर बताया जाता रहा है। जलसेतु एप के माध्यम से उपभोक्ता अपनी समस्याओं का समाधान पा सकेंगे और उन्हें सभी उपयोगी सूचनाएं मोबाइल पर मिलेंगी। जिला कलेक्टर ने बताया कि कोई भी एंड्रॉइड यूजर इसे अपने फोन में डाउनलोड कर सकता है और एपल स्टोर पर भी जल्द ही उपलब्ध होगा। एप डाउनलोड करने के बाद उपयोगकर्ता अपनी आवश्यक सूचनाएं भरकर लोकेशन संबंधित जानकारी फीड कर सकता है। इसके बाद उसे हर रोज पानी सप्लाई का रियल टाइम शेड्यूल मिलेगा। यदि किसी कारण से पानी की आपूर्ति नहीं की जा रही है, तो पांच किलोमीटर के दायरे में निकटतम जल स्रोत की जानकारी गूगल मैप लोकेशन के साथ मिलेगी। साथ ही, उस जल स्रोत पर पानी की उपलब्धता और गुणवत्ता की जानकारी भी एप पर उपलब्ध होगी। टीना डाबी ने बताया कि कई बार पीएचईडी की पानी आपूर्ति लाइन पर मेंटेनेंस वर्क की वजह से जल आपूर्ति बाधित हो जाती है। इस स्थिति में एप पर अलर्ट दिया जाएगा कि लोकेशन पर मेंटेनेंस वर्क चल रहा है और जलापूर्ति बाधित रहेगी। साथ ही वैकल्पिक व्यवस्था की जानकारी भी तुरंत उपभोक्ता को मिलेगी। यदि कोई उपभोक्ता लीकेज या अवैध कनेक्शन की शिकायत करता है, तो वह एप पर फोटो सहित संबंधित अधिकारी को टैग करके अपलोड कर सकता है। विभाग निर्धारित समय में शिकायत का निस्तारण करेगा। इसके अलावा, जलजीवन मिशन के तहत चल रहे कार्यों और पानी कनेक्शन से संबंधित सूचनाएं भी एप पर उपलब्ध कराई जाएंगी। जिला कलेक्टर ने बताया कि पहले बाड़मेर शहर में एक सप्ताह ट्रायल के रूप में एप चलाया जाएगा। ट्रायल के दौरान आने वाली समस्याओं और सुधारों की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद इसे बाड़मेर ग्रामीण क्षेत्र में लॉन्च किया जाएगा और तीन से चार सप्ताह में पूरे जिले में लागू कर दिया जाएगा। प्रभारी मंत्री और पशुपालन, डेयरी एवं देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत, साथ ही बाड़मेर विधायक डॉ. प्रियंका चौधरी और जिला कलेक्टर टीना डाबी ने गुरुवार शाम को कलेक्ट्रेट कॉन्फ्रेंस हॉल में ‘जलसेतु एप’ का लॉन्च किया। प्रभारी मंत्री ने कहा कि यह एप जिले की जल आवश्यकताओं की पूर्ति और जल समस्या समाधान के लिए मील का पत्थर साबित होगा।  

हाथी महोत्सव: हाथियों का होगा श्रृंगार, मिलेगा मनपसंद खाना

भोपाल  मध्यप्रदेश के राष्ट्रीय उद्यानों में हाथी महोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। हाथियों की पूजा कर उन्हें उनके पसंद का भोजन दिया जा रहा है। उन्हें सजाकर आसपास रहने वाले लोगों के सामने दर्शन के लिए प्रस्तुत किया जा रहा है। साथ ही हाथियों के सामाजिक व्यवहार की जानकारी दी जा रही है। टाइगर रिजर्व में वन्य जीवों की ट्रैकिंग, गश्त और रेस्क्यू में हाथियों की अहम भूमिका है। आयोजन का उद्देश्य बांधवगढ़ में जंगली हाथियों के लगातार निवास करने के कारण जन-सामान्य में जागरूकता बढ़ाना तथा हाथियों की सेवा, देखभाल और संरक्षण की भावना बढ़ाना है। शहडोल के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में 25 सितम्बर से 30 सितम्बर तक रामा हाथी कैम्प, ताला, बांधवगढ़ में हाथी महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। हाथी महोत्सव के दौरान हाथियों को पूरी तरह से विश्राम दिये जाने के साथ ही उनके मन-पसंद व्यंजन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। पार्क प्रबंधन द्वारा इस बार हाथी महोत्सव को हाथियों के पुनर्जीवन के लिए समर्पित किया है। कैंप में कुल 15 हाथी हैं, जिनमें 9 नर तथा 6 मादा शामिल हैं। कैंप में गौतम नाम का हाथी सबसे बुजुर्ग है, जिसकी उम्र 79 वर्ष है, वह रिटायर हो चुका है, जबकि कैंप में सबसे छोटा हाथी गंगा है, जिसकी उम्र मात्र एक साल है। हाथी महोत्सव के पहले दिन हाथियों को सुबह-सुबह चरण गंगा नदी में स्नान कराया गया। जहां पानी में हाथी मस्ती करते हैं। कैंप में वापस लाकर नीम एवं आरंडी के तेल से उनकी मालिश की जाती है। वन्य-जीव विशेषज्ञ डॉक्टर्स डीवार्मिंग, पैर एवं दाँतों की देखभाल करते हैं। इस दौरान हाथियों को चंदन लगाकर सजाया गया। उन्हें पसंदीदा भोजन गन्ना, नाशपाती, नारियल, गुड़, मक्का, केला, सेव, अमरूद तथा रोटी परोसी जाती है। डॉक्टर द्वारा उनकी डाइट तय की जाती है, जिसमें खनिज आहार, पारंपरिक भोजन और ऊर्जा प्रदान करने वाले खाद्य पदार्थ शामिल किए जाते हैं। भोजन के उपरांत दोपहर से शाम तक के लिए इन्हें खुले जंगल में छोड़ दिया जाता है। इस दौरान वे कीचड़ स्नान, तालाब में जल क्रीड़ा तथा वन भ्रमण का आनंद लेते हैं। हाथी महोत्सव में आम नागरिकों के लिए पार्क सीमा में आवाजाही की अनुमति रहती है। सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक लोग इनकी पूजा एवं भोजन खिलाकर दर्शन करते है। हाथी महोत्सव में कैंप में रहने वाले हाथियों को ही नहीं, बल्कि उनकी देखरेख करने वाले कर्मचारियों को भी विशेष सम्मान मिलता है। हाथियों के महावत और उनके हेल्पर का भी स्वास्थ्य परीक्षण किया जाता है। हाथियों को लेकर आगे आने वाली चुनौतियों, वर्तमान और भविष्य के बदलाव को लेकर उन्हें विशेष ट्रेनिंग भी दी जाती है। संजय टाइगर रिजर्व सीधी में हाथी रिजुवनेशन कैंप हाथी महोत्सव-2025 का भव्य आयोजन सीधी में खैरीझील हाथी कैम्प परिसर में किया जा रहा है। महोत्सव का शुभारंभ विधायक कुंवर सिंह टेकाम द्वारा हाथियों की पूजा एवं फल अर्पित कर किया गया। उन्होंने महावतों और चारा कटरों को टॉर्च, मच्छरदानी और बैग वितरित किए।  हाथियों के स्वास्थ्य संवर्धन और देखभाल के लिए यह आयोजन प्रतिवर्ष किया जाता है। आयोजन में हाथी बापू, भरत, चित्रा और शांभवी शामिल हैं। इस दौरान हाथियों को नियमित आहार के साथ केला, सेव, पपीता, गन्ना, नारियल आदि विशेष फल खिलाए जाएंगे। हाथियों की टस्क ट्रिमिंग, नाखून काटना, नीम तेल से पैरों की मालिश तथा स्वास्थ्य परीक्षण जबलपुर के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा किया जा रहा है। महावतों एवं चारा कटरों का भी स्वास्थ्य परीक्षण किया जाएगा तथा परिचर्चा एवं खेल-कूद कार्यक्रम किये जा रहे हैं। कैंप में हाथियों को कार्य से पूर्णतः मुक्त रखा जा रहा है। 

योगी आदित्यनाथ: बिना भेदभाव के विद्यार्थियों तक पहुँच रही है छात्रवृत्ति

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यूपी के चार लाख छात्र-छात्राओं को दिवाली गिफ्ट देते हुए छात्रवृत्ति वितरित की। कार्यक्रम का आयोजन लखनऊ में किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति सितंबर के महीने में मिल रही है। इसकी सभी विद्यार्थियों को बधाई। पहले जो छात्रवृत्ति फरवरी-मार्च में मिलती थी अब सितंबर में मिला करेगी। सीएम योगी ने कहा कि 2017 के पहले छात्रों को छात्रवृत्ति देने में भेदभाव किया जाता था। 2017 में जब हमारी सरकार आई तो हमने 2016-17 और 17-18 की छात्रवृत्ति एक साथ दी। मुख्यमंत्री योगी ने प्रतीकात्मक तौर पर कई विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का चेक प्रदान किया। बता दें कि फरवरी-मार्च में मिलने वाली छात्रवृत्ति इस बार सितंबर में नवरात्र के अवसर पर छात्रों को दी जा रही है। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि कई बार विद्यालयों से छात्रवृत्ति के लिए डाटा फीड करने में त्रुटि हो जाती है। ऐसे में छात्र अपने अधिकार से वंचित रह जाता है। इसके लिए हम एआई के माध्यम से प्रक्रिया को सरल बना रहे हैं जिससे कि प्रक्रिया में मानवीय हस्तक्षेप कम हो और जैसे ही छात्र का पंजीकरण हो जाए उसके फोन पर पूरी डिटेल उपलब्ध हो और समय पर छात्रवृत्ति पहुंच जाए। इसकी व्यवस्था की जा रही है। सीएम योगी ने कहा कि बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर और सरदार वल्लभभाई पटेल ने अपनी शिक्षा से, अपनी योग्यता से हमारे देश को और समाज को दिशा दी थी। सरकार का प्रयास है कि हर छात्र को सहायता मिले जिससे कि वो अपनी शिक्षा से समाज के विकास में योगदान दे सके। समाज कल्याण मंत्री बोले- जिन्हें पिछले वर्ष छात्रवृत्ति नहीं मिली, उन्हें भी दी जाएगी कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यूपी सरकार के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा है कि योगी सरकार ने पिछले वर्ष 60 लाख बच्चों को छात्रवृत्ति दी है। इस बार एक नई बात ये होगी कि जो बच्चे किसी भी कारणवश भले ही वो तकनीकी कारण रहे हों छात्रवृत्ति लेने से वंचित रहे हैं। उन्हें भी इस वर्ष छात्रवृत्ति मिलेगी साथ ही एक ऐसी एप का भी विकास किया जाएगा जिसमें बच्चों को मिलने वाली छात्रवृत्ति की पूरी जानकारी होगी। उन्होंने कहा कि यूपी सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि कोई भी बच्चा छात्रवृत्ति से वंचित न रह जाए।

पंडाल घूमने वालों के लिए खुशखबरी! रेलवे ने चलाईं पूजा स्पेशल ट्रेनें

पटना आगामी पर्व-त्यौहार के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ के मद्देनजर उनकी सुविधा के लिए रेलवे द्वारा कई स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। इसी कड़ी में रांची से आरा, जयनगर, पूर्णिया कोर्ट एवं कामाख्या के लिए एक-एक जोड़ी तथा टाटा से बक्सर के लिए एक जोड़ी स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है। रांची-आरा-रांची पूजा स्पेशल बोकारो, गोमो, कोडरमा, गया, सासाराम के रास्ते रांची और आरा के मध्य रांची-आरा-रांची पूजा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। इस स्पेशल का परिचालन रांची से 28 सितंबर से 2 नवंबर तक प्रत्येक रविवार को तथा आरा से 29 सितंबर से 3 नवंबर तक प्रत्येक सोमवार को किया जाएगा। रांची-जयनगर-रांची दीपावली छठ स्पेशल बोकारो, धनबाद, झाझा, किउल, बरौनी, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी के रास्ते रांची और जयनगर के मध्य रांची-जयनगर-रांची दीपावली छठ स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। इस स्पेशल का परिचालन रांची से 18 अक्टूबर से एक नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को तथा जयनगर से 19 अक्टूबर से दो नवंबर तक प्रत्येक रविवार को किया जायेगा। रांची-पूर्णिया कोर्ट-रांची दीपावली छठ स्पेशल बोकारो, धनबाद, आसनसोल, रामपुर हाट, मालदा टाउन, कटिहार के रास्ते रांची और पूर्णिया कोर्ट के मध्य रांची-पूर्णिया कोर्ट-रांची दीपावली छठ स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। इस स्पेशल का परिचालन रांची से 17 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक प्रत्येक शुक्रवार को तथा पूर्णिया कोर्ट से 18 अक्टूबर से एक नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को किया जाएगा। रांची-कामाख्या-रांची पूजा स्पेशल बोकारो, धनबाद, झाझा, किउल, न्युू बरौनी, खगड़िया, कटिहार के रास्ते रांची और कामाख्या के मध्य रांची-कामाख्या-रांची पूजा स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। इस स्पेशल का परिचालन रांची से 27 सितंबर से एक नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को तथा कामाख्या से 29 सितंबर से तीन नवंबर तक प्रत्येक सोमवार को किया जाएगा। टाटा-बक्सर-टाटा दीपावली छठ स्पेशल आसनसोल, झाझा, किउल, पटना के रास्ते टाटा और बक्सर के मध्य गाड़ी टाटा-बक्सर-टाटा दीपावली छठ स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जाएगा। इस स्पेशल का परिचालन टाटा से 17 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक प्रत्येक शुक्रवार को तथा बक्सर से 18 अक्टूबर से एक नवंबर तक प्रत्येक शनिवार को किया जाएगा।

किसानों को मिलेगा भावांतर योजना का लाभ: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों का कल्याण मध्यप्रदेश सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावान्तर योजना लागू की जा रही है। किसानों को किसी भी हालत में घाटा नहीं होने देंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसानों को सोयाबीन का उचित मूल्य दिलवाने के लिए प्रतिबद्ध है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने सोयाबीन के लिए एमएसपी प्रति क्विंटल 5328 रुपए घोषित की है। किसान संघों के सुझाव पर राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि इस वर्ष सोयाबीन के किसानों को भावान्तर का लाभ दिया जाएगा। भावांतर योजना में पंजीयन होगा आवश्यक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसान पहले की भांति मंडियों में सोयाबीन का विक्रय करेगा। अगर एमएसपी से कम कीमत पर सोयाबीन बिकता है तो किसानों के घाटे की भरपाई भावान्तर योजना के तहत सरकार द्वारा की जाएगी। फसल के विक्रय मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP के अन्तर की राशि सीधे सरकार देगी। उन्होंने कहा कि भावांतर योजना में किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ की जा रही है। ऐसे होगा क्षतिपूर्ति का आकलन यदि मंडी में औसत गुणवत्ता की कृषि उपज का विक्रय मूल्य न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम हो लेकिन राज्य सरकार द्वारा घोषित औसत मॉडल भाव से अधिक हो तो किसान को केवल न्यूनतम समर्थन मूल्य और वास्तविक बिक्री मूल्य के अंतर की क्षतिपूर्ति दी जाएगी। यदि मंडी में कृषि उपज का विक्रय मूल्य राज्य सरकार द्वारा घोषित औसत मॉडल भाव से भी कम हो तो किसान को न्यूनतम समर्थन मूल्य और घोषित औसत मॉडल भाव के अंतर की क्षतिपूर्ति दी जाएगी। किसानों के साथ सदैव खड़ी है राज्य सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पूर्व में भी फसलों की क्षति पर किसानों को राहत राशि प्रदान की गई है। किसान हितैषी निर्णय पहले भी लिए गए हैं। बाढ़ से प्रभावित किसानों को भी सहायता दी गई। सकंट की घड़ी में किसानों के साथ सरकार सदैव खड़ी है। पीले मोजेक से हुए नुकसान के लिए भी सर्वे करवाया जा रहा है। किसानों को प्रभावित फसलों के लिये आवश्यक राहत प्रदान की जाएगी।