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सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट: डीजीपी बोले- आईएसआई को कामयाब नहीं होने देंगे

संगरूर ऑपरेशन संधूर’ के बाद आईएसआई लगातार पंजाब का माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है, लेकिन पंजाब पुलिस उनके नापाक इरादों को कभी कामयाब नहीं होने देगी। डीजीपी पंजाब गौरव यादव ने सोमवार को अमृतसर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि अब सीमा पार से हेरोइन की खेप के साथ-साथ छोटे हथियार भी आने लगे हैं, जिसके तहत अब तक कई तस्करों को हथियारों और हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि त्योहारों के सीजन को देखते हुए राज्य भर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिसके मद्देनजर पंजाब पुलिस के अलावा बीएसएफ और अर्धसैनिक बल के जवान हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखेंगे। इस दौरान उन्होंने ‘ड्रग्स के खिलाफ युद्ध’ अभियान के तहत अब तक के प्रदर्शन की विस्तृत जानकारी भी साझा की। डीजीपी ने कहा कि पंजाब पुलिस का कई देशों में आतंकवादियों और गैंगस्टरों के खिलाफ अभियान चल रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि अपराधी यह न सोचें कि वे विदेश में बैठकर सुरक्षित हैं। कानून सभी पर समान रूप से लागू होता है। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन में सीमावर्ती जिलों में बीएसएफ की सात कंपनियां तैनात की जाएंगी। पिछले दिनों हुई बरामदगी और गिरफ्तारियां इस बात का सबूत हैं कि बीएसएफ और पंजाब पुलिस सीमा पर पूरी तरह तैयार है। अगले साल होगी 3400 कांस्टेबलों की भर्ती डीजीपी ने कहा कि आने वाले साल में पुलिस में 3400 कांस्टेबलों की भर्ती की जाएगी। 150 इंस्पेक्टर, 450 सब इंस्पेक्टर और 1000 एएसआई को पदोन्नत किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस की ओर से एक नया हेल्पलाइन नंबर 1800330110 जारी किया गया है। उन्होंने जनता से इस नंबर पर गैंगस्टरों के खिलाफ सूचना देने की अपील की।  पंजाब के डीजीपी‌ गौरव यादव सोमवार को अमृतसर में मीडिया को संबोधित करते हुए। निस‘ऑपरेशन संधूर’ के बाद आईएसआई लगातार पंजाब का माहौल खराब करने की कोशिश कर रही है, लेकिन पंजाब पुलिस उनके नापाक इरादों को कभी कामयाब नहीं होने देगी।  

पहला ड्रोन अभ्यास तैनात — सेना की करवाई से मिले संकेत, तनाव प्रबंधित करने की तैयारी

नई दिल्ली भविष्य की चुनौतियों को देखते हुए भारतीय सेना खुद को ड्रोन युद्ध के लिए तैयार कर रही है। अंबाला के पास नारायणगढ़ फील्ड फायरिंग रेंज में सेना का वायु समन्वय युद्धाभ्यास चल रहा है। यह अभ्यास पांच दिन चलने वाला है। पश्चिमी और दक्षिणी कमांड इसमें हिस्सा ले रहे हैं। इसमें कई तरह के ड्रोन के संचालन और ड्रोन हमले से बचने पर फोकस है। वेस्टर्न कमांड के लेफ्टिनेंट जनरल मनोज कुमार कटियार के मुताबिक, सेना अब ड्रोन का काफी इस्तेमाल कर रही है। खास तौर पर ऊंचाई वाले इलाकों में सप्लाई के लिए इनका इस्तेमाल किया जाता है। ड्रोन ऑपरेशन को लेकर ऑपरेशन सिंदूर से काफी सबक मिला है। ऐसे में ड्रोन के निर्माण और सेना को उसकी ट्रेनिंग पर फोकस किया जा रहा है। उन्होंने कहा अगर फिर से किसी दु्श्मन के साथ भिड़ंत होती है तो उसे और बड़ी सजा दी जाएगी। इस युद्धाभ्यास में जिन ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है वे स्थानीय स्तर पर ही बनाए गए हैं। इनकी रेंज पांच किलोमीटर तक है और ये 5 किलो वजन ले जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि आर्मी के पास ज्यादा रेंज और ज्यादा पेलोड ले जाने वाले ड्रोन भी मौजूद हैं। कटियार ने कहा कि आने वाले समय में लॉजिस्टिक जरूरतों को पूरा करने के लिए हजारों ऐसे ड्रोन की जरूरत पड़ेगी। वहीं इन ड्रोन से हमला करने के लिए जिन हथियारों का इस्तेमाल होगा, उन्हें देश में ही तैयार किया जाएगा। बता दें कि ना सिर्फ युद्ध के समय में बल्कि प्राकृतिक आपदाओं के समय भी सेना ड्रोन का इस्तेमाल करतीहै। बाढ़ के दौरान भी उत्तर और पश्चिमी कमांड ने राहत सामग्री पहुंचाने में ड्रोन का खूब इस्तेमाल किया गया। इस युद्धाभ्यास में दोनों कमांड को अलग-अलग नाम दिया गया है। एक का नाम सूर्यादेश और दूसरे का चंद्रादेश है। दोनों अलग-अलग देशों के तौर पर एक दूसरे के साथ युद्धाभ्यास कर रहे हैं। इन ड्रोन से बम बरसाए जा रहे हैं और उनसे बचने में भी तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद हमें समझ में आ गया है कि कैसे दुश्मन के ड्रोन से निपटा जा सकता है और कैसे दुश्मन को ड्रोन से पस्त किया जा सकता है। इस अभ्यास में शामिल अधिकारियों ने कहा कि सेना के अलावा अब ड्रोन का इस्तेमाल खेती में भी किया जा रहा है। इसके लिए सरकार ने 'ड्रोन दीदी' स्कीम भी चलाई है जिसके तहत महिलाओं को ड्रोन की ट्रेनिंग दी जाती है।

एनएचआरसी ने मांगा जवाब: MP के मदरसों में 556 हिंदू बच्चों के धर्मांतरण का आरोप

भोपाल  राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (एनएचआरसी) के पास पहुंची शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मध्य प्रदेश के मदरसों में हिंदू बच्चों के मतांतरण का रैकेट चल रहा है। प्रदेश के 27 मदरसों में 556 हिंदू बच्चों को निशाना बनाया जा रहा है। शिकायतकर्ता ने मामले में एफआइआर दर्ज कराने की मांग की है। आयोग के सदस्य प्रियंक कानूनगो की अध्यक्षता वाली एनएचआरसी की पीठ ने मामले का संज्ञान लेते हुए स्कूल शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव से 15 दिन में जवाब मांगा है। प्रमुख सचिव को भेजे पत्र में आयोग ने कहा है कि मदरसे शिक्षा के अधिकार अधिनियम के दायरे से बाहर हैं। ऐसे में यह समझ से परे है कि हिंदू बच्चों को वहां कैसे और क्यों प्रवेश दिया जाता है।  NHRC ने मांगी रिपोर्ट, कानूनगो बोले-सरकार बंद करें ग्रांट एनएचआरसी के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने बताया कि आयोग को 26 सितंबर को एक शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि प्रदेश में अवैध धर्मांतरण का गिरोह सक्रिय है, जो 556 हिन्दू बच्चों को 27 अवैध मदरसों में दाखिला देकर उन्हें इस्लाम धर्म अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। शिकायत में यह भी कहा गया कि ये मदरसे मुरैना, इसलामपुरा, जौरा, पोरसा, अंबाह, कैलारस, संबलगढ़ और अन्य क्षेत्रों में संचालित हो रहे हैं। बिना सरकारी अनुमति के ये संस्थान हिन्दू बच्चों को कुरान और हदीस की शिक्षा दे रहे हैं, जो किशोर न्याय (देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 का उल्लंघन है। सरकार ग्रांट देना तुरंत बंद कर दें  प्रियांक कानूनगो ने कहा कि मध्य प्रदेश में पिछली कई वषों से समस्या चल रही है। मध्य प्रदेश में मदरसा संचालक हिंदू बच्चों को प्रवेश देते है और कुरान पढ़ाते हैं। उन्होंने कहा कि मदरसा शिक्षा केंद्र नहीं है। यह धार्मिक परंपरा सीखाने के केंद्र हैं। राज्य सरकारों को मदरसों को ग्रांट देने का काम तुरंत बंद कर देना चाहिए। यह सरकार का काम नहीं है।   शिकायतकर्ता का आरोप एनएचआरसी को 26 सितंबर को भेजी शिकायत में आरोप लगाया गया है कि मुरैना, इस्लामपुरा, जौरा, पौरसा, अंबाह, कैलारस, संबलगढ़ और अन्य क्षेत्रों में स्थित ये मदरसे, किशोर न्याय (देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015 का उल्लंघन करते हुए, बिना उचित सरकारी अनुमति के हिंदू नाबालिगों को कुरान और हदीस पढ़ा रहे हैं। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा है कि यह भारतीय संविधान के अनुच्छेद 28(3) और 16 अगस्त 2024 को मध्यप्रदेश सरकार द्वारा जारी आदेश का उल्लंघन है, जिसमें गैर-इस्लामी बच्चों को इस्लामी मदरसों में पढ़ने से रोक दिया गया है। इसके अलावा यह आरोप भी लगाया गया कि इस रैकेट का अवैध विदेशी फंडिंग और राष्ट्र-विरोधी तत्वों से संबंध हो सकता है। 

हरलीन देओल और प्रतिका रावल की जोड़ी ने किया असर, भारत की धीमी शुरुआत पर मिला समर्थन

गुवाहाटी आज से आईसीसी महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 का धूम-धड़ाका शुरू हो गया है। टूर्नामेंट का पहला मैच भारत और श्रीलंका के बीच गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेला जा रहा है। श्रीलंका ने टॉस जीतकर बॉलिंग चुनी है। भारत और श्रीलंका टूर्नामेंट के संयुक्त मेजबान है। हरमनप्रीत कौर की अगुवाई वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम की टूर्नामेंट में विजयी आगाज पर नजर है। भारत ने अभी तक वर्ल्ड कप की ट्रॉफी नहीं जीती है। भारत दो बार खिताब के करीब आया लेकिन उपविजेता रहा। वहीं, श्रीलंकाई टीम ने आठ साल के अंतराल के बाद महिला वर्ल्ड कप में वापसी की है। भारत का वनडे में श्रीलंका के खिलाफ दबदबा रहा है। दोनों टीमों ने अब तक 35 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें से 31 में भारत को जीत मिली। श्रीलंका ने सिर्फ तीन मुकाबले जीते जबकि एक बेनतीजा रहा है। भारत की धीमी शुरुआत भारत ने धीमी शुरुआत की है। 7 ओवर के बाद भारत का स्कोर 29/1 है। प्रतिका फिलहाल 23 गेंदों में 13 रन बनाकर क्रीज पर हैं। हरलीन ने 9 गेंदों में 8 रन बना लिए हैं। मंधाना का नहीं चला बल्ला भारत ने खराब शुरुआत की है। स्टार सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना सस्ते में अपना विकेट गंवा बैठीं। उन्होंने 10 गेंदो में दो चौकों के जरिए 8 रन बनाए। उन्हें उदेशिका प्रबोधनी ने चौथे ओवर की दूसरी गेंद पर अपना शिकार बनाया। मंधाना के लौटने के बाद हरलीन देओल बैटिंग करने उतरी हैं।   भारतीय पारी हुई शुरू भारतीय पारी शुरू हो गई है। स्मृति मंधाना और प्रतिका रावल बैटिंग करने उतरी हैं। श्रीलंका के बॉलिंग अटैक की कमान अचिनी कुलसुरिया ने संभाली। उन्होंने पहले ओवर में चार रन दिए। प्रतिका ने दूसरी गेंद पर चौका लगाया। उदेशिका प्रबोधनी ने दूसरा ओवर मंधाना को मेडन डाला।

जगदलपुर : आईटीआई बस्तर में सेवा पखवाड़ा के तहत चलाया गया स्वच्छता अभियान

जगदलपुर शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था बस्तर में सेवा पखवाड़ा अभियान 2025 के तहत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था के परिसर में गत दिवस स्वच्छता अभियान चलाया गया। इस बारे में संस्था के प्राचार्य डॉ एके मण्डले ने बताया कि स्वच्छता अभियान के दौरान संस्था के परिसर एवं परिसर के आस-पास साफ-सफाई किया गया। साथ ही एक पेड़ ष्माँष् के नाम पर वृक्षारोपण किया गया। वहीं जनजागरूकता के लिए प्लास्टिक मुक्त, जल संरक्षण और व्यक्तिगत त स्वच्छता पर रैलियां निकाली गई। इस दौरान स्लोग्न और पोस्टर के माध्यम से स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अवसर पर संस्था के समस्त प्रशिक्षण अधिकारी सहित अन्य कर्मचारी एवं प्रशिक्षणार्थियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

सुरजाखेड़ा याचिका के बाद प्रशासन में हलचल: मुख्य सचिव, DGP और ADGP को नोटिस, वजह क्या है?

चंडीगढ़ पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक रामनिवास सुरजाखेड़ा की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा के मुख्य सचिव, डीजीपी व एडीजीपी भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को नोटिस जारी कर 27 अक्तूबर तक जवाब तलब किया है। रामनिवास फिलहाल अंबाला के केंद्रीय जेल में बंद हैं। एसीबी ने सुरजाखेड़ा को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया था। याचिका में बताया गया कि 2015-2019 के बीच हुडा अब एचएसवीपी (हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण) के खाते से करीब 70 करोड़ रुपये की फर्जी डेबिट ट्रांजेक्शन हुईं। कोर्ट को बताया कि इस मामले में पूर्व विधायक को सीधे तौर पर आरोपी नहीं बनाया गया था बल्कि जांच के दौरान संदिग्ध लेनदेन और बैंक खातों की कड़ियां मिलने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया। एसीबी ने बार-बार पुलिस रिमांड मांगी। हालांकि अदालत ने हर बार रिमांड की अवधि सीमित कर दी और सिर्फ एक या दो दिन की रिमांड ही दी गई। रामनिवास का आरोप है कि उनकी गिरफ्तारी पूरी तरह गैर-कानूनी तरीके से की गई। उनके अनुसार, पुलिस और एसीबी ने गिरफ्तारी का कोई स्पष्ट और ठोस आधार पेश नहीं किया और सिर्फ सहयोग न करने को आधार बनाकर उन्हें गिरफ्तार किया गया।   याचिका में संविधान के अनुच्छेद 21 व 22 के उल्लंघन का हवाला देते हुए कहा गया है कि गिरफ्तारी व रिमांड की कार्यवाही पूरी मनमानी रही। इससे उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता और न्यायिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ है। याचिका में उनकी गिरफ्तारी और रिमांड संबंधी सभी आदेशों को रद्द कर उन्हें तत्काल रिहा करने की मांग भी की गई है क्योंकि प्रथम दृष्टया उनके खिलाफ कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य मौजूद नहीं है। साथ ही इस पूरे मामले को राजनीतिक द्वेष और बदनाम करने की सोची-समझी साजिश बताया गया है।

बरेली में कार्रवाई का बिगुल, IMC प्रवक्ता कार्यालय समेत 74 दुकानों पर ताला, बुलडोजर चलाने की धमकी

बरेली  बरेली में जुमे की नमाज के बाद हुए बवाल को लेकर नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए धर्मस्थल के पास स्थित आईएमसी के राष्ट्रीय महासचिव व प्रवक्ता डॉ. नफीस के ऑफिस और 74 दुकानों को सील कर दिया है। ये सभी निर्माण नजूल की जमीन और नाले के ऊपर किए गए हैं, जिसके चलते ध्वस्तीकरण की तैयारी चल रही है। बुलडोजर ऐक्शन हो सकता है। सिविल लाइंस में नावल्टी चौराहे के पास स्थित धर्मस्थल के पास एक ही इमारत में आईएमसी प्रवक्ता डॉ. नफीस का ऑफिस और 74 दुकानें बनी हुई हैं। वक्फ संपत्ति बताकर डॉ. नफीस ही इन दुकानों से किराया वसूलता था, जो बवाल के मुख्य आरोपियों में भी शामिल है। निगम के मुताबिक यह सभी निर्माण नजूल की जमीन और नाले पर अतिक्रमण कर किए गए हैं। कई बार दुकानदारों को नोटिस भी दिए जा चुके हैं। इसी कड़ी में सोमवार दोपहर अपर नगर आयुक्त शशिभूषण राय टीम के साथ मौके पर पहुंचे। मजिस्ट्रेट, पुलिस की मौजूदगी में निगम अफसरों ने सभी दुकानें खाली करा लीं और उन्हें सील कर दिया गया। साथ ही, डॉ. नफीस का ऑफिस भी टीम ने सील कर दिया। नदीम सहित 29 जेल गए बवाल को लेकर पांच थानों में दर्ज कराए गए दस मुकदमों में पुलिस ने सोमवार को आईएमसी के पूर्व जिलाध्यक्ष बिहारीपुर निवासी नदीम खां समेत 29 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनमें से 15 आरोपी बारादरी पुलिस व 14 आरोपी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किए थे। लूटे वायरलेस से नदीम जान रहा था पुलिस मूवमेंट नदीम खां की निशानदेही पर पुलिस ने लूटा गया वायरलेस हैंडसेट बरामद किया है। बवाल के दौरान इस हैंडसेट से वह पुलिस की गतिविधियों और फोर्स के मूवमेंट पर नजर रख रहा था। शिकारपुर चौधरी निवासी उपद्रवी जफरुद्दीन के कब्जे से तमंचा-कारतूस बरामद हुआ है। नदीम सहित 29 जेल गए बवाल को लेकर पांच थानों में दर्ज कराए गए दस मुकदमों में पुलिस ने सोमवार को आईएमसी के पूर्व जिलाध्यक्ष बिहारीपुर निवासी नदीम खां समेत 29 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इनमें से 15 आरोपी बारादरी पुलिस व 14 आरोपी कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार किए थे।

उत्तर बस्तर कांकेर: चिरायु योजना के तहत क्लब फुट से पीड़ित बच्चों के लिए विशेष शिविर आयोजित

उतर बस्तर कांकेर स्वस्थ नारी सशक्त परिवार अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग द्वारा विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जा रही है। इसी तारतम्य में कलेक्टर श्री नीलेशकुमार महादेव क्षीरसागर की निर्देशानुसार शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्व जिला चिकित्सालय कांकेर में क्लब फुट (टेढे़-मेंढे पैर) वाले बच्चों के उपचार के लिए शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 31 बच्चों को फॉलोअप एवं जन्मजात बालिका (07 दिन) का भी ऑपरेशन किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.सी. ठाकुर ने बताया कि विकासखंड अंतागढ़ के ग्राम सेमर निवासी सुखबती कुरेटी की बच्ची का जन्म सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र आमाबेड़ा में एक सप्ताह पहले हुआ, जिसमें बच्चे के पैर में विकृति पाई गयी। चिरायु टीम द्वारा इसकी पहचान कर इसके उपचार की शुरूआत की गई। शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में पदस्थ अस्थि रोग विशेषज्ञ डॉ. अनुप पदमवार ने बताया कि क्लब फुट एक जन्मजात विकृति है, जिसका शीघ्र पहचान कर उपचार किया जावे तो इस विकृति से निजात पाया जा सकता है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.सी.ठाकुर ने शिविर में उपचाररत बच्चों के परिजनों से मिलकर बच्चों के नियमित उपचार के लिए समझाईश भी दिया। शिविर में जिला स्तरीय एवं चिरायु टीम के डॉ. जयप्रकाश धीवर एवं फार्मासिस्ट प्रेमराज विशाल उपस्थित रहे।

कांग्रेस के नए हरियाणा अध्यक्ष पर सीनियर नेता ने उठाए सवाल, पार्टी में उबाल

रोहतक  हरियाणा में कांग्रेस ने बीते साल विधानसभा चुनाव में करारी मात खाई थी। 2009 में आखिरी बार विधानसभा चुनाव जीतने वाली कांग्रेस को लगातार तीन बार हार झेलनी पड़ी है। इसके बाद नेतृत्व को लेकर रस्साकशी हुई तो एक साल बाद ही नेता विपक्ष के तौर पर भूपिंदर सिंह हुड्डा को चुना गया है तो वहीं प्रदेश अध्यक्ष अहीरवाल बेल्ट के नेता राव नरेंद्र सिंह को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया है। कांग्रेस को लगता है कि इससे उसे भाजपा के गढ़े बने अहीरवाल में सेंध लगाने में मदद मिलेगी, लेकिन इसका उलटा होता दिख रहा है। कैप्टन अजय सिंह यादव ने ही इस फैसले पर सवाल उठा दिए हैं, जो पार्टी के सीनियर लीडर हैं। उनका कहना है कि यह फैसला गलत है और इससे कार्यकर्ताओं का मनोबल गिरा है। कैप्टन अजय यादव ने ट्वीट किया, 'हरियाणा में कांग्रेस पार्टी के लगातार गिरते ग्राफ को देखते हुए आज लिए गए निर्णय पर पार्टी को आत्म निरीक्षण करने की आवश्यकता है। राहुल गांधी जी की इच्छा थी कि हरियाणा कांग्रेस का अध्यक्ष एक ऐसे व्यक्ति को बनाया जाए जिसकी छवि पूरी तरह साफ-सुथरी, बेदाग और युवा नेतृत्व की पहचान रखने वाली हो। लेकिन आज का निर्णय इसके ठीक उलट दिखाई देता है। इस वजह से पार्टी कार्यकर्ताओं और कैडर का मनोबल बिलकुल गिर गया है।' उनका सीधा इशारा राव नरेंद्र सिंह की ओर है, जिन्हें प्रदेश अध्यक्ष की कमान मिली है। राव नरेंद्र सिंह के खिलाफ 2016 में दर्ज हुआ था करप्शन का केस सीनियर लीडर कैप्टन अजय यादव ने यह साफ नहीं किया कि वह क्यों राव नरेंद्र सिंह को साफ-सुथरी छवि का नेता नहीं मानते हैं, लेकिन इसके तार 2016 के एक केस जोड़े जा रहे हैं। दरअसल राव नरेंद्र सिंह पर 2016 में एफआईआर दर्ज हुई थी। उन पर आरोप लगा था कि उन्होंने जमीन का इस्तेमाल बदलने के लिए कैश लिया था। लोक अदालत की जांच के बाद राव नरेंद्र सिंह के खिलाफ केस फाइल हुआ था। क्यों इतने खफा हैं कैप्टन अजय यादव माना जा रहा है कि कैप्टन अजय यादव ने इशारों में उसी केस का जिक्र करते हुए राव नरेंद्र सिंह को अध्यक्ष बनाए जाने का विरोध किया है। कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि ओबीसी नेता के नाम पर खुद कैप्टन अजय यादव दावेदारी कर रहे थे। ऐसे में उनकी ही बिरादरी के राव नरेंद्र सिंह को बनाए जाने से वह खफा हैं। उन्हें लगता है कि इससे उनकी अपनी सियासी जमीन भी कमजोर होगी।

जगदलपुर: बस्तर के कारीगरों को मिल रहे डिजिटल पंख, उद्यमिता विकास कार्यक्रम में मिली नई दिशा

जगदलपुर आयुक्त हस्तशिल्प एवं वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार के तत्वावधान में बस्तर शिल्प हैंडीक्राफ्ट्स प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड के सहयोग से छः दिवसीय उद्यमिता विकास कार्यक्रम का आयोजन शहर के एक निजी होटल में किया जा रहा है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बस्तर के कारीगरों एवं उद्यमियों को आधुनिक व्यावसायिक तकनीकों से जोड़ना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सशक्त कदम बढ़ाना है।         इस अवसर पर डिजिटल मार्केटिंग विशेषज्ञ राहुल कुमार पाण्डेय ने कारीगरों को डिजिटल माध्यमों से अपने शिल्प और उत्पादों को राष्ट्रीय ही नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने के गुर सिखाए। उन्होंने उदाहरणों और प्रेरक अंदाज में बताया कि किस प्रकार डिजिटल मार्केटिंग किसी भी पारंपरिक व्यवसाय को “स्थानीय से वैश्विक” बना सकती है। उन्होने बताया कि बस्तर की कला और शिल्प केवल परंपरा ही नहीं, बल्कि भारत की पहचान भी है। यदि हमारे कारीगर डिजिटल साधनों का सही उपयोग करें, तो उनका हुनर दुनिया के हर कोने तक पहुँच सकता है। मेरा संकल्प है कि यहाँ का हर कारीगर डिजिटल पंख लगाकर अपने व्यवसाय को नई ऊंचाइयों तक ले जाए।         कारीगरों और प्रतिभागियों ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत प्रेरणादायी और उपयोगी बताया। उनका कहना था कि ऐसे प्रशिक्षक ही वास्तव में बस्तर के कारीगरों को नई दिशा दे सकते हैं और ऐसे कार्यक्रम उनके जीवन और व्यवसाय में क्रांतिकारी बदलाव लाने वाले सिद्ध होंगे। यह कार्यक्रम न केवल स्थानीय कला एवं शिल्प को प्रोत्साहन दे रहा है, बल्कि “आत्मनिर्भर भारत” के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल भी है।