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बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने महात्मा गांधी को किया याद, दी श्रद्धांजलि

पटना मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बृहस्पतिवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके बताए मार्ग और विचारों का अनुसरण करने से समाज में भाईचारे और सद्भाव का माहौल कायम होगा। मुख्यमंत्री ने ‘एक्स' पर लिखा है, ‘‘राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को उनकी जयंती पर उन्हें नमन। बापू के विचार और आदर्श हमें निरंतर प्रेरणा देते हैं। हमें बापू के विचारों का अनुसरण करना चाहिए और उन्हें आगे बढ़ाने का संकल्प लेना चाहिए। बापू के दिखाए मार्ग और शिक्षाओं का अनुसरण कर समाज में भाईचारे एवं सद्भाव का वातावरण बनेगा और राष्ट्र प्रगति के पथ पर अग्रसर होगा।'' राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान भी राजधानी पटना स्थित ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित समारोह में शामिल हुए, जहां राष्ट्रपिता की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इस अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष नंद किशोर यादव सहित राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों के सदस्य भी उपस्थित थे। बाद में मुख्यमंत्री और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने शहर के शास्त्री नगर स्थित पार्क पहुंचकर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें भी श्रद्धांजलि दी। नीतीश कुमार ने कहा, ‘‘शास्त्री जी का जीवन सादगी और देशभक्ति का अनुपम उदाहरण है। उनके जीवन से प्रेरणा लेकर हमें राष्ट्रीय एकता को और मजबूत करने का संकल्प लेना चाहिए।

CM हेमंत ने दी झारखंडवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं, अच्छाई की प्रेरणा साझा की

रांची  झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विजयादशमी के अवसर पर लोगों को शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि यह अच्छाई की अडिग भावना का उत्सव है। सोरेन ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पावन पर्व असत्य पर सत्य और अन्याय पर न्याय की विजय के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स' पर लिखा, ‘‘विजयादशमी का पर्व अच्छाई की उस अडिग भावना का उत्सव है, जो हर युग में अन्याय और अहंकार के सामने डटकर खड़ी रही है। यह दिन हमें सिखाता है कि चाहे राह कितनी भी कठिन क्यों न हो, अंत में विजय सच्चाई और संयम की ही होती है। सोरेन ने आगे कहा, "असत्य पर सत्य और अन्याय पर न्याय की विजय के उत्सव के रूप में मनाए जाने वाले विजयादशमी के पावन पर्व पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएं और जोहार।''  

राज्यपाल पटेल ने राजभवन में किया शस्त्र पूजन

विजयादशमी पर्व की दीं शुभकामनाएं भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने विजयादशमी के अवसर पर राजभवन में विभिन्न शस्त्रों की विधिवत पूजा की। राज्यपाल श्री पटेल ने राजभवन के वाहनों का भी पूजन किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनों को विजयदशमी पर्व की शुभकामनाएं दीं। शस्त्र पूजन कार्यक्रम में राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव और राजभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

PoK में बिगड़ते हालात: आटा विवाद से आसिम मुनीर की सेना तक, जानें पूरी कहानी

इस्लामाबाद  PoK यानी पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन जारी हैं। अब प्रदर्शनकारियों ने फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की अगुवाई वाली सेना को भी आड़े हाथों लिया है। पाकिस्तान सरकार और सेना की तुलना चुड़ैल से की जा रही है, जो लोगों की हत्या करने पर तुली हुई है। प्रदर्शनकारी अब भ्रष्टाचार और राजनीतिक अधिकार नहीं दिए जाने के भी आरोप लगा रहे हैं। खबर है कि पाकिस्तानी बलों ने प्रदर्शनकारियों पर फायरिंग की थी, जिसमें कम से कम 12 आम नागरिकों की मौत हो गई थी और 200 से ज्यादा घायल हो गए थे। पाकिस्तानी रेंजर्स की गोलीबारी में 3 पुलिसकर्मियों की भी मौत हो गई थी। साथ ही 9 घायल हो गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, आवामी ऐक्शन कमेटी के नेता शौकत नवाज मीर ने भाषण दिया, 'हमारा संघर्ष किसी एक व्यक्ति से नहीं है, बल्कि पूरे सिस्टम से है।' उन्होंने कहा, 'यह जनता का संघर्ष है, यह आपका संघर्ष है और यह हम सभी का संघर्ष है। हम सभी मिलकर इस सिस्टम के खिलाफ आवाज उठाएंगे।' उन्होंने पाकिस्तानी सेना और सरकार को लेकर कहा, 'एक चुड़ैल लोगों को मारने पर तुली हुई है।' मीर ने कहा, 'यह संघर्ष आखिरी सांस तक जारी रहेगा।' उन्होंने कहा, 'हम चुप नहीं रहेंगे। पीओके के लोग अब दबाव के आगे और नहीं झुकेंगे।' कैसे शुरू हुआ प्रदर्शन यह विरोध प्रदर्शन दो साल पहले क्षेत्र में आटे और बिजली की नियमित और रियायती आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए शुरू हुआ था लेकिन अब इसमें अतिरिक्त मांगें भी जुड़ गई हैं, जैसे कश्मीरी अभिजात वर्ग के विशेषाधिकारों में कटौती, आरक्षित विधानसभा सीटों का उन्मूलन और मुफ्त शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाएं। जेकेजेएएसी का आरोप है कि इस बार का विरोध प्रदर्शन इसलिये किया जा रहा है क्योंकि सरकार दो साल पहले हुए समझौते को पूरी तरह से लागू करने में विफल रही है। प्रदर्शनकारियों ने 38 सूत्री मांगपत्र प्रस्तुत किया, जिसमें प्रमुख मांगें शरणार्थियों के लिए आरक्षित 12 सीटों की समाप्ति और अभिजात वर्ग के विशेषाधिकारों की वापसी शामिल हैं। अन्य मांगों में कई सड़क परियोजनाओं का निर्माण, करों में राहत, आटे और बिजली पर सब्सिडी, शरणार्थियों के लिए नौकरी कोटा समाप्त करना, न्यायपालिका में सुधार और अन्य स्थानीय मांगें शामिल हैं।  

गांधी जी के जीवन आदर्श हमारे सच्चे पथ प्रदर्शक : राज्यपाल पटेल

राज्यपाल, गांधी भवन में पुष्पांजलि एवं सर्वधर्म प्रार्थना सभा में हुए शामिल विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं का किया सम्मान भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने कहा कि हम सभी के लिए गांधी जी का जीवन महान आदर्श है। उनके आदर्श हमारे सच्चे पथ प्रदर्शक हैं। विद्यार्थियों को उनके जीवन आदर्शों का अनुसरण करना चाहिए। हमारे गौरवशाली इतिहास के महानायकों और आदर्श चरित्रों के व्यक्तित्व और कृतित्व से सीखते हुए अपने जीवन पथ पर आगे बढ़ना चाहिए। राज्यपाल श्री पटेल, गांधी जयंती के अवसर पर गांधी भवन सभागृह में आयोजित पुष्पांजलि एवं सर्वधर्म प्रार्थना सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने उपस्थितजन को महात्मा गांधी और लालबहादुर शास्त्री की जयंती एवं विजयादशमी पर्व की शुभकामनाएं दी। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि जहाँ एक ओर गांधी जी ने सत्य, अहिंसा और नैतिकता के बल पर हमें आजादी दिलाई और पूरी दुनिया को शांति, सद्भाव और सह-अस्तित्व का मार्ग दिखाया। वहीं आज के ही दिन जन्मे श्री लाल बहादुर शास्त्री जी की सादगी, ईमानदारी और "जय जवान, जय किसान" का मंत्र आज भी देश की प्रेरणा है। उनका जीवन सच्चे जनसेवक का आदर्श उदाहरण है। राज्यपाल श्री पटेल ने कहा की बच्चे देश का भविष्य है। विकसित भारत के कर्णधार है। उन्हें अपने आचार और व्यवहार को हमेशा उच्च स्तर का बनाएं रखना चाहिए। विजयादशमी पर्व के संदेश और भगवान श्रीराम के जीवन से प्रेरणा लें। राज्यपाल श्री पटेल ने गांधी जी की आत्मनिर्भता और स्वदेशी विचारधारा को अपनाकर स्वदेशी अभियान को सफल बनाने का आहवान किया। राज्यपाल श्री पटेल ने गांधी जी की प्रतिमा पर सूत की माला पहनाई और चित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया। गांधी स्मृति स्थल पर आदरांजलि अर्पित की। गांधी जी और लाल बहादुर शास्त्री के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित किए। उन्होंने गांधी सप्ताह अंतर्गत “आओ जानें गांधी” प्रतियोगिता के विभिन्न श्रेणियों के विजेता छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम में प्रमुख वक्ता श्री रघु ठाकुर और पद्मश्री श्री विजय दत्त श्रीधर ने गांधी दर्शन पर व्याख्यान दिया। स्कूली बच्चों द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के प्रिय भजनों की प्रस्तुति दी गई। कार्यक्रम में धर्मगुरू, गांधीवादी चिंतक, स्कूली बच्चें और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। राज्यपाल श्री पटेल का गांधी न्यास भवन के पदाधिकारियों ने शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया।  

Bhopal में दशहरे पर अनहोनी! कार से आए युवक-युवतियों ने रावण पुतला दहन कर दिया और भाग निकले

भोपाल भोपाल के बाग मुगालिया इलाके में दशहरे से पहले एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। सुबह करीब 6 बजे कुछ अज्ञात युवक-युवती कार से मैदान में पहुंचे और नशे की हालत में रावण के पुतले को आग के हवाले कर फरार हो गए। इस घटना से स्थानीय लोगों और आयोजनकर्ताओं में हड़कंप मच गया, क्योंकि रावण दहन का कार्यक्रम शाम को भारी भीड़ के बीच होना था। घटना की जानकारी मिलते ही समिति सदस्यों ने डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक रावण का पुतला पूरी तरह जल चुका था। चश्मदीदों के अनुसार, युवकों की हरकतें संदिग्ध थीं और वे तुरंत मौके से भाग निकले। मिसरोद थाना प्रभारी संदीप पवार ने बताया कि आरोपित बिना नंबर की कार से आए थे, उनकी तलाश की जा रही है!  

राज्यपाल पटेल ने राजभवन के प्रवेश द्वार के सुदृढ़ीकरण कार्य का किया लोकार्पण

भोपाल  राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने गांधी जयंती के अवसर पर राजभवन के प्रवेश द्वार क्रमांक-1 के जीर्णोद्धार एवं सुदृढ़ीकरण कार्य का लोकार्पण किया। उन्होंने फीता काटकर प्रवेश द्वार का लोकार्पण कर निरीक्षण भी किया। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी, राज्यपाल के अपर सचिव श्री उमाशंकर भार्गव, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी श्री अरविंद पुरोहित,लोक निर्माण विभागके मुख्य अभियंता श्री संजय मस्के,अधीक्षण यंत्रीश्री एच.एस. जैसवाल, कार्यकारी अभियंताश्री राकेश निगम, एस.डी.ओ. श्री एल.के. गुप्ता, नियंत्रक हाउस होल्ड राजभवन श्रीमती शिल्पी दिवाकर और राजभवन के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।  

शराब घोटाले में छत्तीसगढ़ में बड़ा सुराग, ED सक्रिय, अधिकारियों से लगातार पूछताछ

रायपुर छत्तीसगढ़ के चर्चित 3200 करोड़ रुपए के शराब घोटाले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने घोटाले में संलिप्त आबकारी अधिकारियों को समन भेजकर तलब किया है. ईडी के इस समन के बाद एक बार फिर किसी बड़े एक्शन की तैयारी को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई है. पिछले तीन दिनों से आबकारी अधिकारी ईडी दफ्तर जाकर बयान दर्ज करा रहे हैं. इसमें वे सभी अधिकारी शामिल हैं, जिन्हें पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिल चुकी है. दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने शराब घोटाला का मुख्य चालान पेश करने के लिए ईडी और ईओडब्ल्यू/एसीबी को तीन महीने और दो महीने का समय दिया है. ईडी जिन आबकारी अधिकारियों को समन भेजकर पूछताछ कर रही है, उसमें करीब 30 अधिकारी शामिल हैं. एक अधिकारी आशीष श्रीवास्तव का नाम बाद में शामिल किए जाने की सूचना मिल रही है. आबकारी अधिकारियों को सुप्रीम कोर्ट से मिली है जमानत बता दें कि शराब घोटाले में ईओडब्ल्यू/एसीबी ने कोर्ट में जब चालान पेश किया, उसके बाद राज्य सरकार ने 22 आबकारी अधिकारियों को निंलबित किया था. इसमें 7 अफसर सेवानिवृत्त हो गए हैं. वर्तमान में सभी 22 अधिकारी निलंबित है, इन 22 अफसरों पर कमीशन के रूप में 88 करोड़ रुपए से ज्यादा लेने का आरोप लगा है. सुप्रीम कोर्ट से इन आबकारी अफसरों को जमानत मिल गई है. इन आबकारी अफसरों को भेजा गया है समन आबकारी उपायुक्त अनिमेष नेताम, अरविंद कुमार पाटले, नीतू नोतानी, नोहर सिंह ठाकुर, विजय सेन शर्मा, सहायक आयुक्त प्रमोद कुमार नेताम, विकास कुमार गोस्वामी, नवीन प्रताप सिंह तोमर, राजेश जायसवाल, मंजूश्री कसेर, दिनकर वासनिक, आशीष वासनिक, सौरभ बख्शी, प्रकाश पाल, रामकृष्ण मिश्रा, अलेख राम सिदार और सोनल नेताम के अलावा जिला आबकारी अधिकारी मोहित कुमार जायसवाल, गरीबपाल सिंह दर्दी, इकबाल अहमद खान, जर्नादन सिंह कौरव और नितिन कुमार खंडूजा को समन जारी किया है. इसके अलावा सेवानिवृत्त आबकारी अधिकारी एके सिंह, जेआर मंडावी, जीएस नरूटी, देवलाल वैद्य, एके अनंत, वेदराम लहरे और एलएल ध्रुव काे भी समन जारी किया है.

जब गोडसे ने कोर्ट में कहा ये शब्द, जज भी नहीं रोक पाए अपनी आँखों में आँसू

नई दिल्ली  नाथूराम गोडसे, देश के राजनीतिक इतिहास में इस एक नाम की चर्चा खूब होती है, महात्मा गांधी की जयंती और पुण्यतिथि पर तो खासकर। आपको जानकर ताज्जुब होगा कि गांधी जी की हत्या के इतने सालों के बाद भी उनके हत्यारे नाथूराम गोडसे को लेकर समाज में दो विचार हैं। एक जो उसे दोषी मानता है, एक जो उसके किए पर उसे शाबाशी देता है। हर साल की तरह 2 अक्टूबर और 30 जनवरी को नाथूराम गोडसे को ट्रेंड में लाने का रिवाज भी है। महात्मा गांधी के साथ नीचे आपको नाथूराम गोडसे ट्रेंडिंग में लिखा दिख जाएगा। खैर, आज हम हम गांधी हत्याकांड से जुड़ा वो पन्ना खोलेंगे जिसके दम पर गोडसे के समर्थक दंभ भरते हैं। वो पन्ना नाथूराम गोडे की वो स्पीच है जो उसने दोषी सिद्ध होने के बाद कोर्ट में दी थी। कहते हैं कि उस वक्त गोडसे की स्पीच वहां बैठे एक जज के आंखों में भी आंसू ला दिए थे। कहा था कि उस समय अदालत में उपस्थित लोगों को जूरी बना दिया जाता और उनसे फैसला देने को कहा जाता, तो निस्संदेह वे प्रचंड बहुमत से नाथूराम के निर्दोष होने का निर्णय देते। तो चलिए आपको भी उस स्पीच की एक-एक बात बता देते हैं। नाथूराम गोडसे की ये स्पीच आपको यूट्यूब या गूगल सर्च पर आसानी से मिल जाएगी। ‘मैंने गांधी को क्यूं मारा’ किताब में भी इसका जिक्र है। तो चलिए शुरू करते हैं। नाथूराम गोडसे ने उस दिन कोर्ट में कहा कि मेरा नेताओं से मतभेद था तथा अब तक है। यह मेरे 28 फरवरी 1935 के सावरकर के नाम पत्र से भली-भांति विदित होता है। आज भी मेरे वही विचार हैं। गांधी जी से मेरी शत्रुता नहीं थी। लोग कहते हैं कि पाकिस्तान योजना में उनका मन शुद्ध था। मैं यह बताना चाहता हूं कि मेरे मन में देश प्रेम के अतिरिक्त कुछ ना था। मुझे इस कारण हाथ उठाना पड़ा कि पाकिस्तान बनने पर जो भयंकर घटनाएं हुई उनके उत्तरदाई केवल गांधी जी थे। मुझे यह पता था कि हत्या के बाद लोगों के विचार मेरे विषय में बदल जाएंगे। समाज में मेरा जितना आदर है वह नष्ट हो जाएगा। मैं जानता था कि समाचार पत्र बुरी तरह मेरी निंदा करेंगे किंतु मैं नहीं जानता था कि अखबार इतने पतित हो जाएंगे कि सत्य का गला घोट देंगे। समाचार पत्रों ने कभी निष्पक्षता से नहीं लिखा। यदि वे देश के हित का अधिक ध्यान रखते और एक मनुष्य की व्यक्तिगत इच्छाओं को कम ध्यान देते तो देश के नेता पाकिस्तान स्वीकार न करते। समाचार पत्रों की यह नीति थी कि लीडरों की गलतियों को प्रकट ना होने दिया जाए। देश का विभाजन इससे सरल हो गया। ऐसे भ्रष्ट समाचार पत्रों के डर से मैंने अपने निश्चय की दृढ़ता को विचलित नहीं होने दिया। गोडसे आगे कहते हैं कि कुछ लोग कहते हैं कि यदि पाकिस्तान ना बनता, तो आजादी न मिलती। मैं इस विचार को ठीक नहीं मानता। लीडरों ने अपने पाप को छिपाने के लिए यह बहाना बनाया है। गांधीवादी कहते हैं कि उन्होंने अपनी शक्ति से स्वराज्य पाया। यदि उन्होंने अपनी शक्ति से स्वराज्य लिया है तो उन्होंने हारे हुए अंग्रेजों को पाकिस्तान की शर्त क्यों रखने दी? और शक्ति से क्यों ना रोका? मेरे विचार से महात्मा और उनके अनुयायियों की एक ही पॉलिसी रही और वो यह कि पहले यवनों की मांग पर विरोध दर्शाना फिर हिचक दिखाना और अंत में आत्मसमर्पण कर देना। इसी प्रकारपाकिस्तान की रूपरेखा स्वीकार कर ली गई। छल से स्वीकार किया पाकिस्तान नाथूराम ने कोर्ट में कहा कि 15 अगस्त 1947 को छल पूर्वक पाकिस्तान स्वीकार कर लिया गया। पंजाब, बंगाल, सीमा प्रांत और सिंध के हिंदुओं का कोई विचार नहीं किया गया। देश के टुकड़े करके एक मजहबी धर्मनिष्ठित मुस्लिम राज्य बना दिया गया। मुसलमानों को अपने अराष्ट्रीय कार्यों का फल पाकिस्तान के रूप में मिल गया। गांधीवादी नेताओं ने उन लोगों को देशद्रोही सांप्रदायिक कहकर पुकारा जिन्होंने पाकिस्तान का विरोध किया था पाकिस्तान स्वयं स्वीकार करके जिन्ना की सब बात मान ली। इस दुर्घटना से मेरे मन की शांति भंग हो गई। पाकिस्तान बनाने के बाद कांग्रेस सरकार पाकिस्तान के हिंदुओं की रक्षा करती तो मेरा क्रोध शांत हो जाता। मैं नहीं देख सकता था कि जनता को धोखा दिया जाए। करोड़ों हिंदुओं को मुसलमानों की दया पर छोड़कर गांधीवादी कहते रहे कि हिंदुओं को पाकिस्तान से नहीं आना चाहिए और वहीं रहना चाहिए। इस प्रकार हिंदू मुसलमानों के चंगुल में फंस गए और विकट विपत्तियों के शिकार हुए। गोडसे ने भरी कोर्ट में अपने बचाव में आगे कहा कि जब मुझे इन घटनाओं की याद आती है तो मैं कांप उठता हूं। प्रतिदिन सहस्त्रों हिंदुओं का संहार होता था। 15,000 सिखों को गोलियों से बून दिया गया। हिंदू स्त्रियों को नग्न करके जुलूस निकाले गए। उनको पशुओं की भांति बेचा गया। लाखों हिंदुओं को धर्म बचाकर भागना पड़ा। 40 मील लंबा हिंदू निराश्रितों का जत्था हिंदुस्तान की ओर आ रहा था। हिंदुस्तान शासन इस भयानक कृत्य का कैसे भयानक निवारण करता था।

क्या 2 करोड़ का हर्जाना भरकर ‘बिग बॉस 19’ से बाहर हुए अवेज दरबार? सच सामने आया

मुंबई अवेज दरबार हाल ही 'बिग बॉस 19' से बेघर हो गए थे, जिससे उन्हें ही नहीं, बल्कि फैंस और परिवार को भी तगड़ा झटका लगा था। अवेज एक महीने तक बिग बॉस के घर में रहे और अच्छा खेल रहे थे, बावजूद उन्हें कम वोट मिले और एलिमिनेट हो गए। हालांकि, अवेज दरबार के एलिमिनेशन के बाद कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि उनकी फैमिली ने मेकर्स को 2 करोड़ रुपये चुकाकर अवेज को बाहर करवाया है। इस पर अब अवेज दरबार ने सफाई दी है। साथ ही बताया है कि उन्हें 'बिग बॉस 19' से कितनी कमाई हुई। कहा जा रहा था कि अवेज दरबार के परिवार ने उन्हें 'बिग बॉस 19' से इसलिए बाहर करवाया क्योंकि शो में जल्द ही शुभी जोशी की वाइल्ड कार्ड एंट्री होने वाली है, जो अवेज की एक्स-गर्लफ्रेंड रही हैं। शो में पिछले दिनों बसीर अली और अमल मलिक ने अवेज पर रिश्ते में धोखा देने का आरोप लगाया था। इस पर भी अवेज ने रिएक्ट किया है। अपने एविक्शन पर यह बोले अवेज दरबार उन्होंने 'स्क्रीन' से बातचीत में अपने एविक्शन पर कहा, 'अच्छा तो नहीं लग रहा, पर ठीक है। मैं शो के लिए बहुत उत्साहित था। मैं यूनीक बनने की कोशिश कर रहा था, लेकिन मुझे ऐसा महसूस कराया गया कि मैं कुछ खास नहीं कर रहा हूं। अब, जब मैं एपिसोड देखता हूं, तो मुझे एहसास होता है कि मैंने बहुत सी ऐसी चीजें की हैं जो वायरल हो गईं। मुझे समझ नहीं आता कि मुझे एक्टिव न होने का फीडबैक क्यों दिया गया। मुझे लगता है कि मेरे बारे में सारी बातें वाकई बेतुकी हैं। मैं बाकियों से ज्यादा इस खेल में बने रहने की हकदार था। मैं निराश हूं, लेकिन शो में मेरा समय बहुत अच्छा बीता। इसने मुझे कई चीजों की अहमियत सिखाई है।' गौहर खान ने मेकर्स से पूछा था शुभी जोशी की वाइल्ड कार्ड एंट्री पर सवाल? अवेज के एविक्शन के बाद कई तरह की बातें सोशल मीडिया पर होने लगीं। यह तक कहा गया कि अवेज की भाभी गौहर खान ने मेकर्स से पूछा था कि क्या वो 'बिग बॉस 19' में अवेज की एक्स-गर्लफ्रेंड शुभी जोशी को लाने की प्लानिंग कर रहे हैं। जब गौहर को खास जवाब नहीं मिला, तो फैमिली ने 2 करोड़ रुपये की पैनल्टी भरकर अवेज दरबार को बिग बॉस से बाहर निकलवा लिया। अवेज दरबार ने बताया सच, 'बिग बॉस 19' से हुई कमाई का भी किया खुलासा इस पर अवेज दरबार बोले, 'मैंने भी ये अफवाहें सुनी हैं, और जो भी ये बातें फैला रहा है, कर्म उस पर पलटवार करेगा। मैं ऐसे शो के लिए 2 करोड़ रुपये क्यों दूं, जहां मुझे सिर्फ 50 लाख रुपये मिल रहे हैं? मैंने ये शो देखे हैं, और मुझे पता है कि आपके अतीत को घसीटा जाता है, इसलिए जाहिर है मैंने अंदर जाने से पहले इन सब बातों पर विचार किया था। मैं बहुत क्लियर रहा हूं। मैंने कभी किसी से कोई झूठा वादा नहीं किया, और मैं हर चीज के लिए तैयार था। मैं और मेरा परिवार इस एलिमिनेशन से दुखी और शॉक्ड है।'