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रूस ने दिया भरोसा: ट्रंप के टैरिफ से भारत को कोई नुकसान नहीं होगा

नई दिल्ली अमेरिका ने भारत को झुकाने के लिए 50 फीसदी टैरिफ लगाया. डोनाल्ड ट्रंप ने सोचा इससे भारत-रूस की दोस्ती टूट जाएगी. भारत टैरिफ के दबाव में रूस से तेल खरीदना बंद कर देगा. इससे रूस कमजोर पड़ जाएगा. रूस-यूक्रेन खत्म हो जाएगा. मगर ट्रंप की सोच से भी आगे निकली भारत-रूस की दोस्ती. जी हां, ट्रंप के टैरिफ का असर अब उल्टा हो रहा है. भारत और रूस की दोस्ती और मजबूत हो रही है. यही कारण है कि रूस अब अपने दोस्त भारत को टैरिफ से अधिक नुकसान नहीं होने देगा. ट्रंप टैरिफ से भारत को हो रहे नुकसान की भरपाई खुद रूस करेगा. इसका आदेश भी रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दे दिया है. रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने गुरुवार को अपनी सरकार को आदेश दिया है कि वह नई दिल्ली की ओर से कच्चे तेल के भारी आयात के कारण भारत के साथ व्यापार असंतुलन को कम करने के उपाय करे. साउथ रूस के काला सागर रिसॉर्ट में गुरुवार शाम भारत सहित 140 देशों के सुरक्षा और भू-राजनीतिक विशेषज्ञों के अंतर्राष्ट्रीय वल्दाई चर्चा मंच से बोलते हुए पुतिन ने इस बात पर जोर दिया कि रूस और भारत के बीच कभी कोई समस्या या तनाव नहीं रहा है और उन्होंने हमेशा अपनी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए कदम उठाए हैं. पुतिन ने की मोदी की तारीफ पुतिन ने कहा कि भारत के साथ रूस का कभी कोई समस्या या अंतर्राज्यीय तनाव नहीं रहा. कभी नहीं. व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना मित्र बताया और कहा कि वे उनके भरोसेमंद संबंधों में सहज महसूस करते हैं. पुतिन ने मोदी के नेतृत्व वाली भारत की राष्ट्रवादी सरकार की सराहना की और उन्हें एक संतुलित, बुद्धिमान और राष्ट्र हितैषी नेता बताया. भारत के नुकसान की भरपाई करेगा रूस पुतिन ने कहा कि भारत में हर कोई यह बात अच्छी तरह जानता है. खासकर रूस से तेल आयात रोकने के अमेरिकी दबाव को नजरअंदाज करने के भारत के फैसले के बारे में. उन्होंने कहा, ‘अमेरिका के टैरिफ के कारण भारत को होने वाले नुकसान की भरपाई रूस से कच्चे तेल के आयात से हो जाएगी. साथ ही इससे भारत को एक संप्रभु राष्ट्र के रूप में प्रतिष्ठा भी मिलेगी.’ क्या है रूस का प्लान पुतिन ने कहा कि व्यापार असंतुलन को दूर करने के लिए रूस भारत से और अधिक कृषि उत्पाद और दवाइयां खरीद सकता है. पुतिन ने कहा, ‘भारत से और अधिक कृषि उत्पाद खरीदे जा सकते हैं. औषधीय उत्पादों और दवाइयों के लिए हमारी ओर से कुछ कदम उठाए जा सकते हैं.’ उन्होंने रूस और भारत के बीच आर्थिक सहयोग की अपार संभावनाओं का जिक्र किया, मगर इन अवसरों को पूरी तरह से खोलने के लिए विशिष्ट मुद्दों को सुलझाने की जरूरत को भी स्वीकार किया. पुतिन ने वित्तपोषण, रसद और भुगतान संबंधी बाधाओं को प्रमुख चिंताओं के रूप में चिन्हित करते हुए कहा कि हमें अपने अवसरों और संभावित लाभों को खोलने के लिए सभी तरह के कार्यों को हल करने की ज़रूरत है. भारत के लोग कभी अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे रूस और यूरोप के बीच बढ़ते तनाव के बीच राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर पश्चिमी देशों को चेतावनी दी है. उन्होंने साफ कहा कि यदि यूरोप ने रूस को उकसाने की कोशिश की तो उसका जवाब तुरंत और बेहद घातक होगा. साथ ही उन्होंने रूस-यूक्रेन जंग खत्‍म कराने की कोश‍िश करने के ल‍िए भारत की तारीफ की. पीएम मोदी की तारीफ करते हुए पुत‍िन ने कहा, मैं पीएम मोदी को जानता हूं. भारत के लोग अपमान बर्दाश्त नहीं करेंगे. रूस भारत और चीन जैसे देशों का आभारी है, जिन्होंने ब्रिक्स की स्थापना की. ये ऐसे देश हैं जो किसी का पक्ष लेने से इनकार करते हैं और वास्तव में एक न्यायपूर्ण विश्व बनाने की आकांक्षा रखते हैं दक्षिण रूस में आयोजित एक समारोह में पुतिन ने कहा, हम यूरोप के बढ़ते सैन्यीकरण पर बारीकी से नजर रख रहे हैं. रूस की ओर से जवाबी कदम उठाने में वक़्त नहीं लगेगा. और यह प्रतिक्रिया बहुत गंभीर होगी. पुतिन ने साफ किया कि रूस कमजोरी या अनिर्णय का परिचय कभी नहीं देगा. हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि रूस का नाटो गठबंधन पर हमला करने का कोई इरादा नहीं है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “अगर किसी को अभी भी हमारे साथ सैन्य प्रतियोगिता करने का मन है, तो उन्हें कोशिश कर लेने दें. रूस ने सदियों से यह साबित किया है कि उकसावे का जवाब तुरंत और सख्ती से दिया जाता है. शांति से सोइए, आराम कीजिए राष्ट्रपति पुतिन ने विशेष रूप से जर्मनी का नाम लेते हुए कहा कि वह यूरोप में सबसे शक्तिशाली सेना बनाने का सपना देख रहा है. उन्होंने यूरोपीय नेताओं पर हिस्टेरिया फैलाने का आरोप लगाया. यूरोप की एकजुट अभिजात्य जमात लगातार युद्ध की आशंका का माहौल बना रही है. वे बार-बार कहते हैं कि रूस से जंग दरवाज़े पर खड़ी है. यह एक तरह की बकवास है, जिसे वे मंत्र की तरह दोहराते रहते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि यह मानना असंभव है कि रूस कभी नाटो के किसी सदस्य देश पर हमला करेगा. सचमुच, मैं सिर्फ यही कहना चाहता हूं: शांति से सोइए, आराम कीजिए और अपने घर की समस्याओं पर ध्यान दीजिए. जरा देखिए कि यूरोपीय शहरों की सड़कों पर क्या हो रहा है. रूस-यूरोप टकराव: शीत युद्ध से आगे रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने पश्चिमी मीडिया की शीत युद्ध जैसी तुलना को खारिज किया. उन्होंने कहा, यह शीत युद्ध नहीं है. यहां काफी पहले से ठंड नहीं, बल्कि आग लगी हुई है. हम पहले से ही एक नए तरह के संघर्ष में हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि यूरोपीय संघ और नाटो, रूस पर झूठे आरोप लगाकर अपने विशाल रक्षा बजट को सही ठहराना चाहते हैं. “उनके बयान दो चीज़ें बताते हैं. पहला, वे उकसावे की एक श्रृंखला तैयार कर रहे हैं. दूसरा, उन्हें अपने सैन्य बजट को जायज़ ठहराने का बहाना चाहिए. ड्रोन घटनाएं और बढ़ती चिंताएं पिछले दिनों डेनमार्क में ड्रोन घटनाओं और एस्टोनिया व पोलैंड में कथित रूसी हवाई उल्लंघनों ने इस डर को गहरा कर दिया है कि यूक्रेन युद्ध की आग … Read more

राजस्थान ATS की छापेमारी में बड़ा खुलासा: ताज हमले का हीरो अब नशा कारोबार में

जयपुर.  राजस्थान में नशा तस्करी के खिलाफ राजस्थान पुलिस की एक सनसनीखेज कार्रवाई ने देश को हिलाकर रख दिया. 2008 के मुंबई 26/11 आतंकी हमले में होटल ताज पर आतंकियों से मोर्चा लेने वाला पूर्व एनएसजी कमांडो बजरंग सिंह अब एक बड़े गांजा तस्करी रैकेट का सरगना निकला. बुधवार देर रात चूरू जिले के रतनगढ़ में राजस्थान पुलिस की एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस) और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने ‘ऑपरेशन गांजनेय’ के तहत उसे धर दबोचा. उसके पास से 200 किलोग्राम गांजा, नकदी और तस्करी से जुड़े दस्तावेज बरामद हुए. यह गिरफ्तारी न केवल नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी जीत है, बल्कि एक राष्ट्रीय नायक के अपराध की गर्त में गिरने की दुखद कहानी भी सामने लाती है. पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि सीकर जिले के रहने वाले बजरंग सिंह (45) पर 25,000 रुपये का इनाम था. वह तेलंगाना और ओडिशा से गांजा मंगवाकर राजस्थान के सीकर, जयपुर और जोधपुर में सप्लाई करता था. ‘ऑपरेशन गांजनेय’ के तहत हुई गिरफ्तारी पुलिस महानिरीक्षक विकास कुमार ने बताया कि दो महीने तक चले गुप्त अभियान ‘ऑपरेशन गांजनेय’ में एक अनोखा सुराग काम आया. बजरंग हमेशा अपने भरोसेमंद ओडिया रसोइए के साथ रहता था. एटीएस ने रसोइए के रिश्तेदारों पर तकनीकी निगरानी रखी, जिससे रतनगढ़ में बजरंग का ठिकाना पकड़ में आया. छापेमारी में उसे 200 किलो गांजा और तस्करी के दस्तावेजों के साथ पकड़ा गया. आईजी कुमार ने कहा कि यह नशा तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक है. बजरंग का नेटवर्क बहुत संगठित था. मुंबई के होटल ताज हमले में आतंकियों से ले चुका है लोहा बजरंग सिंह ने 10वीं के बाद एनएसजी में भर्ती होकर देश सेवा शुरू की थी. 2008 में 26/11 मुंबई हमलों के दौरान वह ब्लैक कैट कमांडो के रूप में होटल ताज में आतंकियों से भिड़ा था. उसकी वीरता की कहानियां एनएसजी के गौरव का हिस्सा थीं. 2021 में रिटायरमेंट के बाद उसने राजनीति में किस्मत आजमाई, लेकिन हार मिली. आर्थिक तंगी और गलत संगत ने उसे नशा तस्करी की ओर धकेल दिया. पुलिस के मुताबिक, बजरंग अपनी एनएसजी ट्रेनिंग का इस्तेमाल तस्करी को छिपाने और पुलिस से बचने में करता था. वह युवाओं को नशे की लत में धकेलकर मोटा मुनाफा कमा रहा था. नशे के जाल पर करारा प्रहार बजरंग की गिरफ्तारी से तेलंगाना और ओडिशा से राजस्थान में चल रहे गांजा तस्करी के रैकेट को बड़ा झटका लगा है. एटीएस ने पिछले एक साल में 50 से अधिक तस्करों को पकड़ा है, लेकिन बजरंग का गिरोह सबसे खतरनाक था. वह खासतौर पर युवाओं को निशाना बनाता था, जिससे नशे की लत ने राजस्थान के कई शहरों में जड़ें जमा ली थीं. मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ने कार्रवाई की तारीफ करते हुए कहा कि नशा मुक्त राजस्थान हमारा संकल्प है. पूर्व सैनिकों को अपराध की राह पर जाने से रोकने के लिए पुनर्वास योजनाओं को और मजबूत किया जाएगा. गिरफ्तारी पर परिवार ने जताया दुख बजरंग के परिवार ने उसकी गिरफ्तारी पर गहरा दुख जताया. एक रिश्तेदार ने कहा कि वह देश का सपूत था, लेकिन हालात ने उसे गलत रास्ते पर ले गए. पूछताछ में बजरंग ने जुर्म कबूल कर लिया है, और पुलिस अब उसके नेटवर्क के अन्य तस्करों की तलाश में जुट गई है. यह घटना समाज में कई सवाल छोड़ गई है. क्या पूर्व सैनिकों के लिए रोजगार और पुनर्वास की कमी ऐसी घटनाओं को बढ़ावा दे रही है? क्या यह गिरफ्तारी राजस्थान में नशे के काले कारोबार पर लगाम लगा पाएगी, या यह महज एक शुरुआत है?

तमिलनाडु में सनसनी: स्टालिन आवास और BJP कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी

 चेन्नई तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में गुरुवार को एक के बाद एक बम धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर ला दिया। राज्य के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के अलवरपेट स्थित निजी आवास को निशाना बनाते हुए एक अज्ञात ईमेल से बम विस्फोट की धमकी भेजी गई, जिसके बाद पुलिस और बम-निरोधक दस्ते ने पूरे इलाके की तलाशी ली। इसी तरह, राज्य बीजेपी मुख्यालय (टी नगर) और दक्षिण भारतीय अभिनेत्री तृशा के तेयनम्पेट स्थित घर को भी धमकी मिली। धमकी में चेन्नई राज भवन को भी निशाना बनाया गया। पुलिस ने सभी स्थलों पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब बीते एक महीने में मुख्यमंत्री स्टालिन को लगातार कई बार धमकी मिल चुकी है। 15 अगस्त को ध्वजारोहण समारोह से पहले भी उन्हें बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। उस मामले में एक व्यक्ति गणेश को गिरफ्तार किया गया था। जुलाई में भी चेन्नई पुलिस नियंत्रण कक्ष को एक कॉल मिली थी, जिसमें फोन करने वाले विनोथकुमार ने दावा किया था कि सीएम आवास पर बम लगाया गया है। हालांकि, वह धमकी भी झूठी निकली। 2024 में भी स्टालिन को लेकर बड़ा हड़कंप मचा था, जब उनके अमेरिका जाने वाले विमान पर बम की ईमेल धमकी आई थी। चेन्नई एयरपोर्ट पर कड़ी जांच के बाद उस मामले को भी फर्जी घोषित किया गया। अगस्त 2023 में एक युवक को सीएम आवास पर बम लगाने की झूठी धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस बीच, TVK प्रमुख और अभिनेता-राजनीतिज्ञ विजय के घर पर भी बीते सप्ताह बम धमकी का मामला सामने आया। यह धमकी उस वक्त आई जब करूर में विजय की राजनीतिक रैली में भगदड़ मचने से 41 लोगों की जान चली गई थी। शनिवार रात विजय जब चेन्नई स्थित अपने नीलांकरई आवास लौटे तो उनके घर की सुरक्षा और बढ़ा दी गई। स्थानीय पुलिस के साथ-साथ सीआरपीएफ जवान भी तैनात किए गए हैं। लगातार मिल रही इन धमकियों ने पुलिस विभाग को अलर्ट मोड पर ला दिया है। फिलहाल सभी धमकियों की जांच की जा रही है और पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

जुमे की नमाज से पहले बरेली में सख्ती, शहर बना छावनी, इंटरनेट सेवा ठप

बरेली  उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में शुक्रवार को होने वाली जुमे की नमाज को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं. जिले भर में इंटरनेट सेवाओं को 48 घंटे के लिए बंद कर दिया गया है, जबकि पुलिस, पीएसी, आरएएफ और प्रशासनिक अधिकारियों की भारी तैनाती के साथ ड्रोन से निगरानी की जा रही है. यह कदम हाल की साम्प्रदायिक तनाव की घटनाओं और दशहरा उत्सव के मद्देनजर अफवाहों को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है. गृह विभाग के एक आदेश के अनुसार, मोबाइल इंटरनेट, ब्रॉडबैंड और एसएमएस सेवाएं 2 अक्टूबर दोपहर 3 बजे से 4 अक्टूबर दोपहर 3 बजे तक पूरी तरह निलंबित रहेंगी. यह फैसला बरेली के जिलाधिकारी अवनीश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की सिफारिश पर लिया गया, ताकि सोशल मीडिया के जरिए फैलने वाली अफवाहें शांति भंग न करें. बरेली के अलावा शाहजहांपुर, पीलीभीत और बदायूं जिलों में भी हाई अलर्ट जारी किया गया है, जहां दशहरा की तैयारियों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया गया है. ड्रोन से भी निगरानी जिले को 250 जोन और सेक्टरों में विभाजित कर दिया गया है, जहां पुलिस, पीएसी और आरएएफ की टीमें तैनात हैं. सभी प्रमुख चौराहों, बाजारों और संवेदनशील इलाकों में भारी संख्या में जवान सतर्कता बरत रहे हैं. हवा में ड्रोन उड़ाकर निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी तरह से माहौल को बिगड़ने से पहले रोका जा सके.  मुस्लिम धर्मगुरुओं ने भी की शांति की अपील देर रात अपर पुलिस महानिदेशक रमेश शर्मा ने बरेली मंडल के कमिश्नर भूपेंद्र यश चौधरी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ सड़कों पर फ्लैग मार्च का नेतृत्व किया. इस दौरान उन्होंने आम नागरिकों से बातचीत की और शांति बनाए रखने का आह्वान किया. अधिकारियों ने जिले के विभिन्न धार्मिक नेताओं, विशेषकर मुस्लिम समुदाय के धर्मगुरुओं से भी मुलाकात की. आला हजरत संघ ने भी अपील जारी कर कहा है कि जुमे की नमाज शांतिपूर्ण तरीके से अदा की जाए और उसके बाद तुरंत घर लौटा जाए. सलमान हसन खान, जमात रजा-ए-मुस्तफा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने इमामों से फ्राइडे की खुतबे में सद्भाव की दुआओं का आग्रह किया है. अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील हाल ही में ‘आई लव मुहम्मद’ विवाद से उपजी हिंसा के बाद बरेली में तनाव की स्थिति बनी हुई है, जिसके चलते 27 सितंबर को भी 48 घंटे के लिए इंटरनेट बंदी लागू की गई थी. प्रशासन का मानना है कि ये उपाय किसी भी प्रकार की उकसावे वाली घटना को रोकने में सहायक सिद्ध होंगे. जिलाधिकारी अवनीश सिंह ने नागरिकों से अफवाहों पर ध्यान न देने और प्रशासन के साथ सहयोग करने की अपील की है.  

फैंस के लिए खुशखबरी: कांतारा 3 की हुई घोषणा

मुंबई  साउथ स्टार ऋषभ शेट्टी की फिल्म ‘कांतारा: चैप्टर 1’ सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है. क्रिटिक्स से फिल्म को अच्छे रिव्यूज मिले हैं. वहीं, दर्शक फिल्म पर भर-भरकर प्यार लुटा रहे हैं. खास बात है कि पहले दिन ही ऋषभ शेट्टी की फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अंधाधुंध कमाई कर ली है. इस बीच फैंस के लिए खुशखबरी है कि इस मूवी का तीसरा पार्ट भी आएगा. ‘कांतारा: चैप्टर 1‘ की रिलीज के साथ ही मेकर्स ने यह भी कन्फर्म किया है कि इस फिल्म का तीसरा भाग भी बनाया जाएगा. बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के अनुसार, तीसरे पार्ट का नाम ‘चैप्टर 1’ के आखिर में खुलासा किया गया है. इस फ्रेंचाइजी की तीसरी किस्त का टाइटल ‘कांतारा: ए लीजेंड-चैप्टर 2’ होगा. साल 2022 में शुरू हुई फ्रेंचाइजी ‘कांतारा’ फिल्म साल 2022 में रिलीज हुई थी, जिसकी कहानी 1990 के दशक पर आधारित थी. वहीं, ‘कांतारा: चैप्टर 1’ की कहानी पहले भाग की घटनाओं से हजार साल से भी ज्यादा पुराने समय में घटित होती है. इसलिए, यह ‘कांतारा’ का प्रीक्वल है. 2023 में ऋषभ शेट्टी ने ऐलान किया था कि जो फिल्म दर्शकों ने देखी है, वह असल में पार्ट 2 था और अगली फिल्म ‘कांतारा’ का प्रीक्वल होगा. साल 2023 में किया प्रीक्वल का ऐलान उन्होंने कहा था, ‘हम दर्शकों से मिले अपार प्यार और समर्थन के लिए बहुत आभारी हैं और इस जर्नी को आगे बढ़ाते हुए दैव के आशीर्वाद से फिल्म ने सफलतापूर्वक 100 दिन पूरे किए हैं. मैं इस मौके पर कांतारा के प्रीक्वल का ऐलान करना चाहता हूं, जो आपने देखा वो पार्ट 2 अब पार्ट 1 अगले साल आएगा.’ कदंब काल पर आधारित है कहानी ‘कांतारा: चैप्टर 1’ की कहानी कर्नाटक के कदंब काल पर आधारित है. कदंब वंश कर्नाटक के कुछ क्षेत्रों के प्रमुख शासक थे और उन्होंने वहां की वास्तुकला और संस्कृति को आकार देने में अहम भूमिका निभाई थी. यह काल भारतीय इतिहास का स्वर्ण युग माना जाता है. इस मूवी को ऋषभ शेट्टी ने लिखा और डायरेक्टर भी किया है. फिल्म में लीड रोल में निभाया है. ‘सैयारा’ और ‘छावा’ का टूटा रिकॉर्ड ट्रेड वेबसाइट की रिपोर्ट के मुताबिक, ‘कांतारा: चैप्टर 1’ ने पहले दिन भारत में 60 करोड़ रुपये की बिजनेस किया है. वैसे यह अर्ली एस्टीमेट है, ऑफिशियल डेटा आने के बाद इसमें थोड़ा- बहुत बदलाव हो सकता है. ‘कांतारा चैप्टर 1’ ने पहले ही दिन ही साल की ब्लॉकबस्टर फिल्मों ‘सैयारा’ (22 करोड़), ‘सिकंदर’ (26 करोड़) और छावा (31 करोड़) के ओपनिंग डे कलेक्शन का रिकॉर्ड तोड़ दिया है.  

महिलाओं की आजीविका सशक्तिकरण के लिए धमतरी में एनआईटी रायपुर और डीएसआईआर का संयुक्त प्रयास

स्किल सैटेलाइट सेंटर की स्थापना  धमतरी महिलाओं के कौशल विकास और आजीविका संवर्धन के लिए धमतरी में महिलाओं की आजीविका संवर्धन के लिए एन.आई.टी. रायपुर और डी.एस.आई.आर. की साझी पहल की है । डी.एस.आई.आर. का छत्तीसगढ़ ही नहीं बल्कि  भारत  में  पहला प्रोजेक्ट है । धमतरी जिला ऐतिहासिक रूप से अनाज और वन-आधारित उपज के उत्पादन में अग्रणी रहा है, जो इस क्षेत्र में ग्रामीण आजीविका की रीढ़ हैं। बड़ी संख्या में किसान और महिलाएं कृषि और वन-आधारित व्यवसायों में संलग्न हैं। उत्पादन बढ़ाने, बेहतर मूल्य प्राप्ति सुनिश्चित करने और आजीविका के अवसरों में सुधार के लिए, वैज्ञानिक क्षमता निर्माण, मूल्य संवर्धन और कौशल विकास की अत्यधिक आवश्यकता है।  इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा एक सराहनीय कदम उठाया गया है। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा की विशेष पहल | धमतरी जिले में डी.एस.आई.आर. (DSIR) स्किल सैटेलाइट सेंटर की स्थापना का प्रस्ताव भेजा गया था । यह पहल टी.डी.यू.पी.डब्ल्यू. (Technology Development and Utilization Programme for Women) योजना के अंतर्गत संचालित होगी, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आधुनिक तकनीकी प्रशिक्षण और नवीन अवसरों से जोड़ना है। इस परियोजना का संयुक्त क्रियान्वयन जिला प्रशासन धमतरी तथा एनआईटी रायपुर फाउंडेशन फॉर इनोवेशन एंड एंटरप्रेन्योरशिप (NITRRFIE) द्वारा किया जाएगा। इसके अंतर्गत वनोपज (NTFP) आधारित कौशल विकास, मूल्य संवर्धन और पारंपरिक बुनाई तकनीकों में आधुनिक डिजाइन हस्तक्षेप को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही, फाइबर एक्सट्रैक्शन तकनीक के माध्यम से “वेस्ट टू वेल्थ” जैसे नवाचारों को अपनाने की योजना है, जिससे अपशिष्ट सामग्री का उपयोग कर मूल्यवान उत्पाद तैयार किए जा सकेंगे। परियोजना के निदेशक एवं प्रधान अन्वेषक के रूप में एनआईटी रायपुर के सहायक प्राध्यापक डॉ. अनुज कुमार शुक्ला को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस परियोजना में एनआईटी रायपुर फाउंडेशन तकनीकी विशेषज्ञता, वैज्ञानिक अनुसंधान और उत्पाद नवाचार उपलब्ध कराएगा, जबकि जिला प्रशासन स्थानीय सहयोग, अवसंरचना और समुदाय को संगठित करने की भूमिका निभाएगा। यह परियोजना 36 माह की अवधि में पूरी की जाएगी। इसके लिए लगभग 95 लाख रुपए की वित्तीय सहायता का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इससे जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी तथा महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन के अवसर बढ़ेंगे। कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा ने कहा कि “यह परियोजना धमतरी जिले की ग्रामीण आजीविका को नई दिशा प्रदान करेगी। महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण, आधुनिक संसाधनों और वैज्ञानिक नवाचार से जोड़कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। ग्रामीण महिलाओं की सहभागिता से यह पहल रोजगार सृजन और सतत आर्थिक विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। इस परियोजना से धमतरी जिले के दूरस्थ एवं वनांचल क्षेत्रों की महिलाओं को विशेष लाभ मिलने की संभावना है। स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमिता और कौशल विकास से जहां आजीविका संवर्धन होगा, वहीं महिला सशक्तिकरण और सामाजिक-आर्थिक उन्नति की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलेगा। यह पहल न केवल महिलाओं को तकनीकी दृष्टि से सशक्त बनाएगी, बल्कि जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी एक नई पहचान प्रदान करेगी। अंततः यह कहा जा सकता है कि एन.आई.टी. रायपुर और डी.एस.आई.आर. की साझी पहल धमतरी जिले की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता, कौशल विकास और सतत् आर्थिक प्रगति की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह परियोजना न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी बल्कि उन्हें समाज में नई पहचान भी दिलाएगी।     विशेष लेख अमित नूरेवाल सूचना अधिकारी

मुख्यमंत्री ने गांधी-शास्त्री जयंती पर इंदौर में किया सेवा पखवाड़े का समापन

इंदौर स्वच्छता के साथ अन्य क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़े : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने गांधी-शास्त्री जयंती पर इंदौर में किया सेवा पखवाड़े का समापन मुख्यमंत्री ने नागरिकों से स्वदेशी वस्तुओं की खरीदी का किया आह्वान इंदौर  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि इंदौर जो भी करता है, वह सबसे अलग और अनूठा होता है। इंदौर स्वच्छता के साथ अन्य क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़े और इंदौर का परचम देश-दुनिया में मजबूती के साथ फैलाये। इंदौर मेट्रोपोलिटन सिटी में भी आगे बढ़ने के साथ अब वह मेट्रो सिटी बन चुका है। इंदौर अब स्वच्छता का महागुरू बनकर, अब वह अन्य शहरों को भी साफ-सफाई और स्वच्छता की प्रेरणा का संदेश दे रहा है। इंदौर ने इस बार देपालपुर नगर को भी स्वच्छ करने का संकल्प लिया है, जिसमें इंदौर को निश्चित ही सफलता मिलेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को नेहरू पार्क में स्वच्छ भारत दिवस पर कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री  लाल बहादुर शास्त्री की जन्म जयंति है। साथ ही आज विश्व के सबसे बडे़ संगठन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे हो चुके है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को विजयादशमी की बधाई देते हुए उपस्थित नागरिकों से भारत माता की जय और महात्मा गांधी की जय के उद्घोष लगवाये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की दूरदृष्टिता के कारण पूरा देश स्वच्छता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ता जा रहा है। मध्यप्रदेश का सौभाग्य है कि गत 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री  मोदी ने अपना जन्म दिवस बदनावर में पीएम मित्र पार्क का शुभारंभ करके मनाया। इस पार्क के बन जाने के बाद कपास उत्पादकों का जीवन बेहतर होगा और लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि 17 सितम्बर को प्रधानमंत्री  मोदी का जन्म दिवस से सेवा पखवाड़े की शुरूआत हुई थी, जिसका समापन इंदौर में गांधी-शास्त्री जयंती पर सफलतापूर्वक हुआ। सेवा पखवाड़े के तहत इंदौर नगर निगम ने स्वच्छता के क्षेत्र में विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम किये। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आकाश में रंगीन गुब्बारे छोड़े। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मध्यप्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा लगाई गई स्वदेशी उत्पादों की प्रदर्शनी से अपने लिए खादी के दो टॉवेल खरीदे और नागरिकों से भी स्वदेशी उत्पाद खरीदने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नगर निगम इंदौर की स्व-सहायता समूह की प्रदर्शनी का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि वे स्वदेशी उत्पादों की अधिक से अधिक खरीदी कर राष्ट्र को विकसित बनाने में अपना सहयोग दें। महापौर  पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव की प्रेरणा से इंदौर नहर निगम स्वच्छता की दिशा विविध प्रकार के कार्य कर रहा है। कार्यक्रम में सांसद  शंकर लालवानी, विधायक मती मालिनी गौड़,  रमेश मेंदोला,  गोलू शुक्ला, संभागायुक्त डॉ. सुदाम खाड़े, कलेक्टर  शिवम वर्मा, निगमायुक्त  दिलीप कुमार यादव, स्मार्ट सिटी सीईओ  अर्थ जैन, जन-प्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित रहे। 

सरकारी स्पेंडिंग में कटौती पर जनता का गुस्सा: पूरे फ्रांस में हड़ताल, एफिल टावर पर भी ताला

पेरिस  फ्रांस में  बड़े पैमाने पर हड़ताल और विरोध प्रदर्शन हुए. प्रदर्शनकारियों ने खर्चों में कटौती का विरोध करते हुए अमीरों पर ज्यादा टैक्स लगाने की मांग की. इस दौरान राजधानी पेरिस का मशहूर आइफल टॉवर भी बंद रहा. 200 से ज्यादा शहरों में प्रदर्शन फ्रांस के 200 से अधिक शहरों और कस्बों में हजारों कामगार, रिटायर्ड लोग और छात्र सड़कों पर उतरे. पेरिस में प्रदर्शनकारियों ने प्लेस द’इटली (Place d’Italie) से मार्च की शुरुआत की. आइफल टॉवर प्रशासन ने बयान जारी कर बताया कि हड़ताल की वजह से स्मारक पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है. यूनियनों की अगुवाई में विरोध यह देशव्यापी हड़ताल फ्रांस की प्रमुख यूनियनों ने बुलाई है. पिछले महीने से बजट को लेकर चल रही राजनीतिक उथल-पुथल और बहस के बीच यह विरोध प्रदर्शनों की नई कड़ी है. यूनियनों का कहना है कि सरकार को पूर्ववर्ती प्रधानमंत्री के बजट प्रस्तावों को छोड़ देना चाहिए, जिनमें सामाजिक कल्याण योजनाओं पर रोक और खर्चों में कटौती जैसी बातें शामिल हैं. यूनियनों ने चेतावनी दी है कि ऐसे कदम कम और मध्यम आय वर्ग के लोगों की क्रयशक्ति को और कमजोर करेंगे. वे अमीरों पर टैक्स बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. नई सरकार पर दबाव पिछले महीने ही प्रधानमंत्री बने सेबास्टियन लेकोर्नू ने अभी तक अपने बजट की विस्तृत जानकारी नहीं दी है और न ही अपनी मंत्रिमंडल टीम की घोषणा की है. उम्मीद है कि आने वाले दिनों में सरकार का गठन होगा और साल के अंत तक संसद में बजट बिल पर बहस की जाएगी.

इस्लामाबाद में प्रेस क्लब पर पुलिस छापा, PoK के बगावत की खबरें दबाने की कोशिश

इस्लामाबाद  पाकिस्तान ऑक्यूपाइड जम्मू-कश्मीर (PoJK) में जारी असंतोष की लहर अब इस्लामाबाद तक पहुंच गई है. नेशनल प्रेस क्लब में पुलिस के बर्बर हमले और लाठीचार्ज की खबर है. यह कार्रवाई कश्मीर एक्शन कमेटी द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई. मानवाधिकार समूहों और मीडिया संगठनों ने इसकी कड़ी निंदा की है. इस्लामाबाद पुलिस ने गुरुवार को नेशनल प्रेस क्लब (NPC) पर छापा मारा है. पुलिस ने परिसर में जबरन प्रवेश कर पत्रकारों के साथ-साथ PoJK (पाकिस्तान अधिकृत जम्मू और कश्मीर) के प्रदर्शनकारियों पर हमला किया.  यह घटना PoJK में कथित अत्याचारों और इंटरनेट ब्लैकआउट के विरोध में किए जा रहे एक प्रदर्शन के दौरान हुई. पुलिस ने लाठीचार्ज किया और मीडिया उपकरणों को नष्ट कर दिया. इस कार्रवाई से देश भर में आक्रोश फैल गया है. प्रदर्शनकारियों पर पुलिस का कड़ा प्रहार पुलिस की यह कार्रवाई कश्मीर एक्शन कमेटी द्वारा आयोजित एक प्रदर्शन के दौरान हुई. यह प्रदर्शन कथित अत्याचारों और अधिकृत कश्मीर में चल रहे इंटरनेट ब्लैकआउट के खिलाफ किया जा रहा था. पीओके में शहबाज शरीफ सरकार के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन, सेना के दमन के खिलाफ आवाज़ – pok mass protests against shehbaz sharif government army repression demands for … रिपोर्ट्स के मुताबिक, PoJK के एडवोकेट समुदाय के सदस्य NPC के बाहर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. इसी दौरान, पुलिस ने हमला किया और उन्हें निशाना बनाया. चश्मदीदों ने पुलिस द्वारा लाठीचार्ज और मीडिया उपकरणों को नष्ट करने की जानकारी दी. मानवाधिकार संगठनों और पत्रकारों ने की निंदा इस हमले की ह्यूमन राइट्स कमीशन ऑफ पाकिस्तान (HRCP) ने कड़ी निंदा की. HRCP ने सोशल मीडिया पर लिखा कि हम नेशनल प्रेस क्लब पर छापे और पत्रकारों पर हमले की कड़ी निंदा करते हैं. उन्होंने तत्काल जांच की मांग की और कहा कि जिम्मेदार लोगों को कटघरे में लाया जाना चाहिए. इस घटना ने देशव्यापी आक्रोश और मानवाधिकार समूहों से निंदा को जन्म दिया है. राजनीतिक नेताओं ने मांगी जवाबदेही पाकिस्तान के मशहूर पत्रकार ज़ाईद गिशकोरी ने भी अधिकारियों को फटकार लगाई. उन्होंने कहा कि इस्लामाबाद प्रेस क्लब पर पुलिस का बर्बर हमला गंभीर सवाल खड़े करता है. उन्होंने सवाल किया कि पत्रकारों का घर उन लोगों के लिए असुरक्षित कैसे हो गया, जिनके पास विरोध करने की कोई जगह नहीं है. संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान की पूर्व दूत मलीहा लोधी ने भी इस छापे को "निंदनीय" बताया और जवाबदेही की मांग की. अवाम बोली- PAK को हमें मारने का कोई हक नहीं पाक अधिकृत कश्मीर में स्थानीय लोगों के प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तानी सेना का अत्याचार अब संयुक्त राष्ट्र तक तक पहुंच गया है. पीओके के राजनीति दलों ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद से मांग की है कि UN तुरंत यहां दखल दे और यहां की जनता को पाकिस्तानी सेना के अत्याचार से बचाए. यहां 29 सितंबर से चल रहे नागरिकों के प्रदर्शन में अब तक 12 लोग मारे जा चुके हैं. स्विटजरलैंड के जिनेवा में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद 60वें सेशन के दौरान पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर की पार्टी (UKPNP-यूनाइटेड कश्मीर पीपुल नेशनल पार्टी) ने इस मुद्दे को उठाया. UKPNP ने कहा कि पाकिस्तान को कश्मीरियों को मारने, हमारी जमीन और हमारे संसाधनों पर कब्जा करने, हमारे लोगों पर अत्याचार करने और उन्हें खत्म करने का कोई हक नहीं है. UKPNP के प्रवक्ता सरदार नासिर अजीज खान ने जिनेवा में कहा कि पाक अधिकृत कश्मीर में कई लोग गायब हो गए हैं, लेकिन हाल ही में तथाकथित 'आज़ाद कश्मीर' में जो हो रहा है, उससे लोग अपनी जान को लेकर चिंतित हैं क्योंकि 29 सितंबर से अब तक 12 से ज्यादा लोगों की जान जा चुकी है. नासिर अजीज खान ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान यहां के लोगों पर क्रूर बल प्रयोग कर रहा है और प्रदर्शनकारियों पर अंधाधुंध गोलियां चला रहा है जिससे लोग मारे जा रहे हैं. सैकड़ों लोग जेल में हैं और उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है.  उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र में इस अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के जमावड़े के माध्यम से हम आग्रह करते हैं कि संयुक्त राष्ट्र उन कश्मीरियों की जान बचाने के लिए हस्तक्षेप करे जो पाकिस्तानी कब्जे में रह रहे हैं. कश्मीरियों के साथ बहुत बुरा व्यवहार किया जा रहा है. इसके बाद उन्होंने इस्लामाबाद प्रेस क्लब में इस मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस के एक्शन की निंदा की.  सरदार नासिर अजीज खान ने कहा कि हमारी पार्टी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सरदार तानिया, पूर्व उपाध्यक्ष सरदार आफ़ताब ख़ान और कई अन्य लोगों को आज मुज़फ़्फ़राबाद में गिरफ़्तार कर लिया गया. वे पाकिस्तान द्वारा की गई इन हत्याओं और गिरफ़्तारियों के खिलाफ इस्लामाबाद प्रेस क्लब के सामने विरोध प्रदर्शन कर रहे थे. और पाकिस्तान का कश्मीर में कोई अधिकार नहीं है. उन्हें कश्मीरियों को मारने, हमारी जमीन और हमारे संसाधनों पर कब्जा करने हमारे लोगों पर अत्याचार करने और उन्हें खत्म करने का कोई हक नहीं है. इस्लामाबाद प्रेस क्लब में क्या हुआ? 2 अक्टूबर 2025 को पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद के नेशनल प्रेस क्लब में एक गंभीर घटना घटी. पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के जॉइंट अवामी एक्शन कमिटी (JKJAC) के सदस्य इस्लामाबाद प्रेस क्लब के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे. इस दौरान इस्लामाबाद पुलिस प्रेस क्लब में घुस गई. पुलिस ने प्रदर्शन को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया. पुलिस ने क्लब के अंदर घुसकर पत्रकारों और स्टाफ पर लाठीचार्ज किया, कैफेटेरिया को तोड़ा-फोड़ा, कैमरे और मोबाइल फोन तोड़े और कुछ लोगों को गिरफ्तार किया.  वीडियो फुटेज में पुलिस को पत्रकारों को घसीटते और पीटते हुए दिखाया गया है. यह घटना PoK में चल रहे पांचवें दिन के विरोध प्रदर्शनों के बीच हुई, जहां बाजार बंद हैं और इंटरनेट कटा हुआ है. 

विजयादशमी अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक पर्व है – मुख्यमंत्री साय, रायपुर में दिए शुभकामनाएं

रायपुर शहर के रावणभांठा एवं शंकरनगर दशहरा उत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय भव्य आतिशबाजी देखने को उमड़ी भारी भीड़ रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय आज रायपुर शहर के रावणभांठा एवं शंकरनगर दशहरा उत्सव में शामिल हुए।  साय ने कहा विजयादशमी पर्व अधर्म पर धर्म की जीत का प्रतीक है। सत्य परेशान हो सकता है पर पराजित नहीं हो सकता है। सत्य की अंततः जीत होती है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा छत्तीसगढ़ के लिए विजयादशमी का अवसर बहुत ही खास है। प्रभु राम का छत्तीसगढ़ से बहुत गहरा नाता है। छत्तीसगढ़ माता कौशल्या का मायका और प्रभु राम का ननिहाल है। इस लिए हम प्रभु राम को भांचा राम कहते है। इसी के कारण छत्तीसगढ़ में भांजे का पैर छूकर प्रणाम करने की परंपरा है। वनवास के दौरान राम, माता सीता और लक्ष्मण जी ने यहां लंबा समय बिताया। छत्तीसगढ़ में अलग अलग स्थानों में इसके प्रमाण मिलते है। वनवास काल में प्रभु राम के सामने अनेक कठिनाइयां थीं। रावण से युद्ध के समय राम वनवासी थे जबकि रावण के पास अस्त्र-शस्त्र के साथ ही विशाल असुरों की सेना थी। प्रभु राम ने वानर सेना के साथ मिलकर रावण को परास्त कर यह सिद्ध किया कि अधर्म और अहंकार का नाश निश्चित है। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपने अंदर रावण रूपी काम, क्रोध,अहंकार,लोभ,मोह एवं माया रूपी बुराइयों को समाप्त करने का आव्हान किया और प्रदेशवासियों को विजयादशमी पर्व की शुभकामनाएं दी। इस अवसर पर कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए सांसद  बृजमोहन अग्रवाल ने कहा यहां दहशरा मनाने की परंपरा लगभग 150 साल पुराना इतिहास है। प्रभु बालाजी महाराज का विशेष आशीर्वाद इस प्रांगण को मिलता है। आज विजयादशमी का पर्व असत्य पर सत्य की,अधर्म पर धर्म की जीत का का प्रतीक है। विधायक  सुनील सोनी, महापौर मती मीनल चौबे ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया।  इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष  संजय वास्तव, सीएसआईडीसी अध्यक्ष  राजीव अग्रवाल, पूर्व विधायक चंद सुंदरानी सहित बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि गण  दूधाधारी मठ से जुड़े पदाधिकारी,खम्हारडीह सार्वजिक दशहरा एवं सांस्कृतिक समिति के सदस्य एवं नागरिक गण उपस्थित थे।