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वन विभाग की कार्यप्रगति पर CM साय की समीक्षा, कलेक्टर-डीएफओ बैठक

रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय में कलेक्टर्स और डीएफओ कॉन्फ्रेंस चल रही है. मुख्यमंत्री उच्चस्तरीय बैठक में वन विभाग के कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं. बैठक में वन मंत्री केदार कश्यप, मुख्य सचिव विकासशील, अपर अपर मुख्य सचिव ऋचा शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख व्ही श्रीनिवास राव, कलेक्टर, वनमण्डलाधिकारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित हैं. 7 से 15 दिनों के भीतर हो तेंदूपत्ता का भुगतान : सीएम साय सीएम साय ने वनों से आजीविका के तहत तेंदूपत्ता संग्राहकों को लाभान्वित करने पर चर्चा की. उन्होंन कहा कि तेंदूपत्ता का भुगतान सात से 15 दिनों में किया जाना सुनिश्चित किया जाए. सभी भुगतान बैंक खातों के माध्यम से किया जाना सुनिश्चित करें. भुगतान की जानकारी sms के माध्यम से संग्राहक के मोबाइल पर भेजने की व्यवस्था की जाए. लगभग 15 लाख 60 हजार संग्राहक को जानकारी ऑनलाइन मिली. सीएम ने कहा, तेंदूपत्ता संग्रहण की पूरी प्रक्रिया को कंप्यूटरीकृत करने की पहल हो. सीएम साय ने बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर, जिलों में पिछले सीजन में हुए तेंदूपत्ता संग्रहण की जानकारी ली और आने वाले सीजन के लिए कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए. इससे पहले आज मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस में नशीली दवाओं और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए. सीएम ने कहा कि नशे के कारण अन्य अपराधों को बढ़ावा मिलता है. इसके लिए अभियान चलाकर कार्रवाई करें. साथ ही अंतरराज्यीय सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, समय सीमा में PIT NDPS Act के मामलों में कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. वहीं नशाखोरी के खिलाफ व्यापक मुहिम चलाकर युवाओं को जागरूक करने के निर्देश दिए हैं. महिलाओं से जुड़े मामलों में तत्परता के साथ कार्रवाई के दिए निर्देश मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में सोमवार को कलेक्टर-एसपी की बैठक जारी है. आज बैठक का दूसरा दिन है. बैठक में प्रदेश की कानून व्यवस्था की समीक्षा की गई. नवीन आपराधिक कानूनों के क्रियान्वयन को लेकर चर्चा की गई. वहीं जिलों के परफॉर्मेंस पर भी व्यापक समीक्षा हुई. कलेक्टर-एसपी की बैठक में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिला और बालिका से जुड़े आपराधिक मामलों में संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्रवाई हो. साथ ही इन अपराधों से जुड़े मामलों में निर्धारित समयावधि में प्रस्तुत चालान हो. साइबर क्राइम से जुड़े अपराधिक गतिविधियों की समीक्षा बैठक में साइबर क्राइम और इससे जुड़े आपराधिक गतिविधियों की गहन समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि साइबर अपराध के रोज तरीके बदलते है, इसलिए लोगों को जानकारी दी जाए. अंतर्विभागीय समन्वय के साथ लगातार साइबर जागरूकता अभियान चलाने के लिए विशेष पहल हो. साथ ही उन्होंने कहा कि साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर का व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार होना चाहिए. वहीं सीएम ने बताया कि रेंज लेवल में वर्तमान में 5 साइबर थाने संचालित हो रहे हैं, शीघ्र ही 9 थानों का संचालन होगा. बैठक में गृह मंत्री विजय शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, अपर मुख्य सचिव मनोज कुमार पिंगुआ, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध सिंह, सहित रेंज आईजी, कलेक्टर, एसपी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.

PM मोदी का किसानों को तोहफा, ₹35,000 करोड़ की योजनाओं का शुभारंभ, खेती में आत्मनिर्भरता पर ज़ोर

नई दिल्ली  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान में आयोजित एक भव्य कृषि कार्यक्रम में देश भर के किसानों के साथ सीधा संवाद किया। इस अवसर पर उन्होंने किसान कल्याण और कृषि आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 35,440 करोड़ रुपए की दो महत्वाकांक्षी योजनाओं का शुभारंभ किया। इस कार्यक्रम में कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्रों में अभूतपूर्व सफलता हासिल करने वाले किसानों ने अपने अनुभव साझा किए। प्रधानमंत्री मोदी ने कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए दो प्रमुख योजनाओं, प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना और दलहन में आत्मनिर्भर मिशन की घोषणा की। प्रधानमंत्री धन धान्य कृषि योजना में 24,000 करोड़ रुपए का परिव्यय रखा गया है, जिसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना और कृषि पद्धतियों में सुधार करना है। वहीं, दलहन में आत्मनिर्भरता मिशन में 11,440 करोड़ रुपए के बजट के साथ यह मिशन देश को दलहन उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने पर केंद्रित है। इन योजनाओं के अलावा, प्रधानमंत्री ने कृषि, पशुपालन, मत्स्य पालन और खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी 5,450 करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। हरियाणा के हिसार जिले के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट किसान ने बताया कि वे काबुली चने की खेती के साथ-साथ मूल्य संवर्धन पर भी काम कर रहे हैं। उन्होंने 'दुगारी वाले' ब्रांड के नाम से चना, लहसुन और पापड़ जैसे उत्पाद बनाने के लिए 20 महिला स्वयं सहायता समूहों का गठन किया है। उनके उत्पाद जीएएम पोर्टल के माध्यम से सेना को भी बेचे जा रहे हैं।प्रधानमंत्री मोदी ने छोटे किसानों को समूह बनाकर खेती करने के लिए प्रोत्साहित किया। इसका एक सफल उदाहरण साझा करते हुए एक किसान ने बताया कि लगभग 1200 एकड़ भूमि पर अवशेष-मुक्त काबुली चने की खेती की जा रही है, जिससे बेहतर बाजार पहुंच और आय सुनिश्चित हुई है। गुजरात के अमरेली जिले के एक एफपीओ ने बताया कि कैसे 2 करोड़ रुपए के जमानत-मुक्त सरकारी ऋण ने उनके 1,700 किसानों के संगठन को सशक्त बनाया।एक किसान ने होटल में रूम बॉय के रूप में काम करने से लेकर 250 से अधिक गिर गायों की गौशाला के मालिक बनने तक की अपनी यात्रा साझा की, जिसमें पशुपालन मंत्रालय की 50 प्रतिशत सब्सिडी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) के लाभार्थियों ने बताया कि कैसे इस योजना ने उन्हें नौकरी खोजने वाले से नौकरी देने वाला बना दिया है। कश्मीर के एक युवक ने मात्र दो वर्षों में 15 लाख रुपए का वार्षिक मुनाफा कमाया और 14 लोगों को रोजगार दिया। मध्य प्रदेश के जबलपुर के एक युवा उद्यमी ने एरोपोनिक तकनीक से बिना मिट्टी के आलू के बीज उगाने की अपनी विधि का प्रदर्शन किया, जिसे प्रधानमंत्री ने मजाकिया अंदाज में "जैन आलू" कहा। कश्मीरी सेब उत्पादकों ने बताया कि कैसे रेल कनेक्टिविटी ने उनके उत्पादों को दिल्ली तक पहुंचाना आसान और सस्ता बना दिया है। किसानों ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना जैसी योजनाओं से उन्हें बीज खरीदने और समय पर बुवाई करने में बहुत मदद मिली है। 6000 रुपए की वार्षिक सहायता हमारे लिए एक वरदान साबित हुई है। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने बाजरा जैसे मोटे अनाजों (श्री अन्न) को पानी की कमी वाले क्षेत्रों के लिए जीवन रेखा बताया और प्राकृतिक खेती को धीरे-धीरे अपनाने का सुझाव दिया। सत्र का समापन करते हुए, प्रधानमंत्री ने देश भर के किसानों के प्रयासों की सराहना की और कहा कि उनकी सफलता की कहानियां दूसरों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। किसानों ने भी प्रधानमंत्री से सीधे बात करने का अवसर मिलने पर भावुक कृतज्ञता व्यक्त की।

किसानों के चेहरों पर लौटी मुस्कान, भावांतर योजना से मिला लाभ: सीएम मोहन यादव का बयान

भोपाल  भावांतर योजना को लेकर मध्यप्रदेश के किसान बेहद उत्साहित हैं। इस योजना की राशि का लाभ मिलने पर किसानों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को अनोखे अंदाज में धन्यवाद दिया। किसानों ने 12 अक्टूबर को इंदौर के देपालपुर और उज्जैन में जबरदस्त ट्रैक्टर रैली निकाली। सैकड़ों किसान सड़कों पर निकले और प्रदेश के मुखिया का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर प्रदेश के अन्नदाता ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संकट की घड़ी में किसानों को आर्थिक मदद दी है। यह मदद किसानों के जीवन में बदलाव लाएगी। किसानों ने कहा कि सीएम डॉ. यादव ने यह मदद तब दी है, जब त्योहार सिर पर खड़ा है। दूसरी ओर, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्योपुर जिले से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये देपालपुर के किसानों से बात की। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का मानना है कि किसानों की समृद्धि ही प्रदेश की प्रगति का आधार है। इसी भावना के साथ मध्यप्रदेश सरकार ने सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना लागू की है। बता दें, आज देपालपुर में किसानों का उत्साह देखते ही बनता था। किसानों ने 11 अक्टूबर की रात ही ट्रैक्टर रैली की सारी तैयारियां कर ली थीं। ट्रैक्टरों पर अलग-अलग तरह के स्लोगन और पोस्टर लगाए गए। उसके बाद किसान एक जगह इकट्ठे हुए और सैकड़ों ट्रैक्टरों को लेकर देपालपुर की सड़कों पर निकल पड़े। किसानों ने रैली से शुरू होने से अंत तक सीएम डॉ. यादव के समर्थन में नारे लगाए। दूसरी ओर, उज्जैन में किसानों की ट्रैक्टर रैली कृषि उपज मंडी परिसर से शुरू होकर आगर रोड, चामुंडा माता चौराहा, फ्रीगंज ओवर ब्रिज, तीन बत्ती चौराहा होते हुए दशहरा मैदान पहुंची। इस रैली में शामिल ट्रैक्टरों पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रति आभार व्यक्त करने वाले कई पोस्टर और बैनर लगे थे। किसान कल्याण के लिए संकल्पित सरकार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कुछ दिनों पहले ही कहा था कि प्रदेश सरकार किसानों को सोयाबीन का उचित मूल्य दिलवाने के लिए संकल्पित है। भावांतर योजना के तहत किसानों को राहत देने का फैसला सरकार ने किसान संघों के सुझाव पर किया है। बता दें, किसान पहले की ही तरह सोयाबीन को मंडियों में बेचेगा। मंडी में अगर उन्हें एमएसपी से कम कीमत मिलेगी तो सरकार इस घाटे की भरपाई करेगी। यानी फसल के विक्रय मूल्य और एमएसपी के अन्तर की राशि सरकार देगी। कब से प्रभावशील होगी योजना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना लागू ही है। प्रदेश में ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन की प्रक्रिया 3 अक्टूबर से प्रारंभ हो चुकी है, जो 17 अक्टूबर तक जारी रहेगी। योजना 24 अक्टूबर से प्रभावशील होगी। इस योजना के मुताबिक, अगर किसानों का सोयाबीन न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से कम कीमत पर बिकता है तो सरकार किसानों के घाटे की भरपाई करेगी।   

गोल्ड रेट अपडेट: सोना 10 ग्राम के ₹1.23 हजार के पार, अगले साल टच करेगा ₹1.50 लाख का निशान

मुंबई  साल 2025 सोने की कीमतों में ताबड़तोड़ तेजी आई है. फेस्टिव सीजन में तो इसकी कीमतें हर रोज रिकॉर्ड तोड़ते हुए नजर आ रही हैं. सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भी Gold Rate ने नया शिखर छुआ. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का वायदा भाव तगड़ी उछाल के साथ 1,23,977 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए लाइफ टाइम हाई लेवल पर पहुंच गया. वहीं दिवाली जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, घरेलू मार्केट में सोने का भाव बढ़ता जा रहा है. एक्सपर्ट्स की मानें, तो इसकी कीमतें अभी थमन वाली नहीं हैं और अगले साल दिवाली तक तो सोना 1.50 लाख के पार पहुंच सकता है.  सोमवार को सोने में तगड़ा उछाल एमसीएक्स गोल्ड रेट में तेजी का सिलसिला जारी है. सोमवार को कारोबार की शुरुआत होने के साथ ही इसमें तगड़ा उछाल आया. 1,23,000 रुपये पर खुलने के बाद 5 दिसंबर की एक्सपायरी पर 24 कैरेट गोल्ड तेज रफ्तार पकड़ते हुए 2400 रुपये से ज्यादा चढ़ गया और 1,23,977 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. दिवाली वाले अक्टूबर महीने में गोल्ड प्राइस में इजाफे पर नजर डालें, तो अब तक Gold Price 6,389 रुपये महंगा हो चुका है. बता दें कि 1 अक्टूबर 2025 को इस क्वालिटी के 10 ग्राम सोने का वायदा भाव 1,17,588 रुपये था.  घरेलू मार्केट में भी सोना लगातार अपनी चमक बढ़ा रहा है. इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट पर अपडेट किए गए रेट्स को देखें, तो सोमवार को यहां भी इसकी कीमत में तेज उछाल दर्ज किया गया. 24 कैरेट 10 ग्राम सोने की कीमत बीते शुक्रवार की शाम को 1,21,525 रुपये थी, जो अब बढ़कर 1,23,770 रुपये पर पहुंच चुकी है. इस हिसाब से कैलकुलेट करें, तो गोल्ड रेट 2245 रुपये प्रति 10 ग्राम चढ़ा है. इसके अलावा 22 कैरेट का भाव 1,20,800 रुपये, 20 कैरेट का 1,10,150 रुपये और 18 कैरेट का रेट 1,00,250 रुपये पर पहुंच चुका है. बता दें कि    2025 अब तक 50% उछला सोना जैसा कि बताया साल 2025 सोने में निवेश करने वालों के लिए बंपर ईयर बना है. इस साल अब तक सोने की कीमत लगभग 50% बढ़ चुकी है. वहीं अगर 2022 से तुलना करें, तो गोल्ड रेट में 140 फीसदी के आसपास का उछाल देखने को मिल चुका है. सोने को बढ़ाने में 3 अहम फैक्टर जिम्मेदार माने जा सकते हैं.  पहला कारण: दुनिया भर के देश अमेरिकी डॉलर पर अपनी निर्भरता कम करते हुए अपने रिजर्व में और सोना जोड़ने पर फोकस कर रहे हैं. केंद्रीय बैंकों ने सोने की खरीद में जोरदार इजाफा किया है. यही कारण है कि ये आधिकारिक खरीद दशकों में हाई लेवल पर पहुंच गई है, जिससे गोल्ड प्राइस को सपोर्ट मिल रहा है.  दूसरा कारण: गिरते शेयर बाजारों और अनिश्चित बॉन्ड यील्ड के बीच निवेशक सुरक्षित ठिकाने के तौर पर पहचाने जाने वाले सोने की ओर लगातार रुख कर रहे हैं. इसकी वजह से सोना रखने वाले एक्सचेंज-ट्रेडेड फंडों में नए निवेश लगातार बढ़ रहे हैं और यह डिमांड भी गोल्ड प्राइस को स्थिर रखने में मदद कर रही है. तीसरा कारण: सोने की कीमतों अमेरिका समेत दुनियाभर में मची हलचल का भी असर देखने को मिला है. US Fed द्वारा ब्याज दरों में कटौती और उसकी स्वतंत्रता को लेकर चिंताओं ने सोने में इजाफे को बल दिया है. अमेरिका में शटडाउन के डर ने भी निवेशकों का पैसा सुरक्षित निवेश वाली संपत्तियों की ओर ट्रांसफर किया है.  घनतेरस पर 1.30 लाख पर पहुंचेगा गोल्ड! दिवाली से पहले सोने में उछाल के बीच कई एक्सपर्ट्स घनतेरस तक दाम स्थिर रहने की उम्मीद जता रहे हैं, तो कई का मानना है कि इसमें वर्तमान भाव की तुलना में थोड़ी और तेजी देखने को मिल सकती है. एक्सपर्ट अनुज गुप्ता की मानें तो फिजिकल मार्केट में गोल्ड रेट घनतेरस पर 1,25,000 से 1,30,000 रुपये तक पहुंच सकता है. वहीं तमाम रिपोर्ट्स में अगले वित्तीय वर्ष में सोने की कीमत 1.50 लाख के आस-पास पहुंचने का अनुमान भी जाहिर किया जा रहा है.  आपके पोर्टफोलियो में कितना Gold जरूरी?  सोने की कीमतों में आ रही तेजी के बीच और निवेशकों के लगातार पीली धातु की ओर रुझान के बीच ये जान लेना भी जरूरी है कि आखिर निवेशकों के पोर्टफोलियो में किस हद तक गोल्ड फायदे का सौदा साबित हो सकता है. एक्सपर्ट्स की मानें, तो 10-20% तक सोना सही माना जाता है. अगर ये 20 फीसदी से ज्यादा है, तो रिकॉर्ड कीमत पर अनावश्यक जोखिम बढ़ने का खतरा भी बनता है. वहीं पोर्टफोलियो में 5% कम गोल्ड आपके इसकी कीमतों में होने वाले बदलाव के फायदों से दूर रख सकता है. 

गठबंधन को झटका: NDA से अलग होकर SBSP ने बिहार में दिखाई दमखम, 153 सीटों पर चुनाव लड़ेगी

पटना  बिहार से बड़ी खबर आई है, यहां वोटिंग से पहले NDA को बड़ा झटका लगा है. दरअसल, यूपी में सरकार का हिस्सा राजभर की पार्टी एसबीएसपी ने बिहार में एनडीए से नाता तोड़ लिया है. SBSP ने यहां 153 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है. सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सोमवार को बिहार विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान किया है. उन्होंने एनडीए से नाराजगी जाहिर करते हुए प्रदेश में गठबंधन तोड़ने का ऐलान किया. बता दें बिहार में पहले चरण में 6 नवंबर और दूसरे चरण में 11 नवंबर को मतदान होंगे. राजभर ने भाजपा पर लगाया ‘गठबंधन धर्म’ न निभाने का आरोप ओम प्रकाश राजभर ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर एनडीए उनकी पार्टी को चार-पांच सीटें नहीं देता तो एसबीएसपी अकेले ही सभी सीटों पर उतरेगी. राजभर ने भाजपा पर ‘गठबंधन धर्म’ न निभाने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पार्टी अब बिहार में अपना अलग मोर्चा गठित कर चुनाव लड़ेगी.   बिहार के लोग ‘गठबंधन धर्म’ निभाना ही नहीं जानते ओपी राजभर ने कहा कि बिहार के लोग ‘गठबंधन धर्म’ निभाना ही नहीं जानते. बिहार बीजेपी ने अपनी नेतृत्व को गलत फीडबैक दिया. हम तो ‘गठबंधन धर्म’ निभाने को तैयार हैं लेकिन अब समय है कि आप हमें साथ रखना चाहें तो चार-पांच सीटें दें. बता दें बिहार में कुल 243 विधानसभा सीटों पर चुनाव होने हैं. पहले चरण के लिए 52 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय राजभर ने स्पष्ट कहा कि अगर एनडीए हमारी बात नहीं मानती तो हम अकेले ही मैदान संभालेंगे. उन्होंने आगे बताया कि पार्टी ने पहले चरण के लिए 52 सीटों पर उम्मीदवारों के नाम तय कर लिए हैं और नामांकन प्रक्रिया भी शुरू कर दी है. एसबीएसपी कुल 153 सीटों पर दांव लगाने को तैयार है.

लिच्छवी एक्सप्रेस में धुआं देखकर ट्रेन से कूदे यात्री, एकमा स्टेशन पर अफरा-तफरी

सारण बिहार में सारण जिले के पूर्वोत्तर रेलवे के छपरा-सिवान रेलखंड के एकमा स्टेशन पर सोमवार को सीतामढ़ी से आनन्द बिहार जा रही लिच्छवी एक्सप्रेस 14005 ट्रेन के पीछे के दो बोगियों से अचानक धुंआ उठने यात्रियों के बीच अफ़रा-तफ़री मच गई। रेलवे सूत्रों ने आज यहां बताया कि अपने निर्धारित समय पर लिच्छवी एक्सप्रेस ट्रेन एकमा स्टेशन पर पहुंची। ट्रेन के पहुंचने के साथ ही ट्रेन के पीछे की दो बोगियों से धुआं उठने लगा। जिसके कारण यात्री ट्रेन से उतर कर भागने लगे। घटना की जानकारी मिलने पर स्टेशन अधीक्षक सहित राजकीय रेल थाना पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल की टीम मौके पर पहुंची। जहां उक्त दोनों बोगियों की जांच करने पर यह जानकारी मिली कि बोगी में लगायें गये अग्नि शमन यंत्र से अचानक लिकेज होने के कारण उसका गैस निकलने धुंआ बन गया जिससे यात्री भयभीत हो थे। लगभग 45 मिनट तक जांच के बाद ट्रेन को अपने गन्तव्य स्थान के लिए भेजा गया।  

दूसरी लिस्ट में 65 सीटों के प्रत्याशी शामिल, जनसुराज की नई घोषणा

पटना चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर की पार्टी ने विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी दूसरी लिस्ट जारी कर दी है। जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने पत्रकारों को संबोधित करते हुए कहा कि हमने पहले ही कहा था कि समाज में जिसकी जितनी हिस्सेदारी है, उन्हें उतनी ही हिस्सेदारी मिलेगी। बिहार में अतिपिछड़ा समाज के लोगों की संख्या सबसे अधिक है। इसीलिए हमलोगों ने अब तक एक तिहाई सीटों पर इन्हें ही टिकट दिया है। आज दूसरी लिस्ट में 65 प्रत्याशियों के नाम की घोषणा की गई है। इससे पहले 51 प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की गई थी। अब तक 116 प्रत्याशी के नाम की घोषणा की गई है। इसमें सबसे अधिक संख्या अतिपिछड़ा समाज के लोगों की है। पीके ने कहा कि बिहार के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जब किसी राजनीतिक दल ने इतने अधिक संख्या में अतिपिछड़ों को टिकट दिया है। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती ने 65 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है। इससे पहले जनसुराज पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए अपने पहले 51 प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। इस सूची में 7 सुरक्षित और 44 सामान्य सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा की गई है। पार्टी ने जातीय संतुलन का ध्यान रखते हुए अति पिछड़ा वर्ग से 17 (16 हिंदू और 1 मुस्लिम), अन्य पिछड़ा वर्ग से 11, सामान्य वर्ग से 9 और अल्पसंख्यक वर्ग से 7 उम्मीदवार उतारे हैं। इसके अलावा, वाल्मीकिनगर विधानसभा सीट से एक अनुसूचित जनजाति उम्मीदवार को टिकट दिया गया है।

छत्तीसगढ़ में एनडीए उम्मीदवारों की घोषणा आज, दिलीप जायसवाल ने जताया एकजुटता का भरोसा

पटना बिहार विधानसभा चुनाव के अंतर्गत एनडीए आज (सोमवार) की शाम अपने उम्मीदवारों की घोषणा करेगा। यह जानकारी भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने दी। उन्होंने रविवार को घोषित सीट बंटवारे को लेकर एनडीए के भीतर किसी तरह के मतभेद होने से इनकार किया और कहा कि गठबंधन एकजुट होकर चुनाव लड़ेगा। दिलीप जायसवाल ने पत्रकारों से कहा कि एनडीए ने पहले ही सीट बंटवारे की घोषणा कर दी है। अब भाजपा समेत राजग के सभी घटक दलों के उम्मीदवारों की घोषणा शाम में की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य में राजग के पांच घटक दल ‘पांच पांडव’ की तरह हैं और सभी मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ेंगे तथा भारी बहुमत से सरकार बनाएंगे। बता दें कि सीट बंटवारे में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की जदयू और भाजपा 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ेंगी, जबकि शेष 243 सीटें छोटे सहयोगी दलों को दी गई हैं। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की एलजेपी (राम विलास) 29 सीटों पर, जबकि केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की हम (हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा) और राज्यसभा सांसद उपेंद्र कुशवाहा की आरएलएम छह-छह सीटों पर चुनाव लड़ेंगी। हम और आरएलएम ने सीट बंटवारे को लेकर नाराजगी जताई है। सुबह दिल्ली से लौटने के बाद उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने कहा कि सीट बंटवारे की व्यवस्था आपसी सहमति से तय की गई है। उन्होंने दावा किया कि हम पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएंगे।  

स्कूल टीचर ने ट्रेन के सामने कूदकर जीवन समाप्त किया, पुलिस मामले की जांच में जुटी

कोरबा कुसमुंडा थाना क्षेत्र अंतर्गत गेवरा रोड रेलवे स्टेशन के पास रविवार की रात एक दर्दनाक घटना सामने आई. दीपका के बीकन इंग्लिश स्कूल में कार्यरत शिक्षक ने कथित तौर पर मालगाड़ी के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली. घटना में शिक्षक का शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिला. घटना की जानकारी मिलते ही स्टेशन मास्टर ने रेल पुलिस और स्थानीय थाने को सूचित किया. मौके पर पहुंची पुलिस ने शव के पास से एक मोबाइल बरामद किया है. अनुमान लगाया जा रहा है कि मृतक ने मौत से पहले किसी से आखिरी बार बातचीत की थी. मृतक की पहचान 50 वर्षीय संतोष नायर, निवासी ऊर्जा नगर, दीपका के रूप में हुई है. वह बीकन इंग्लिश मीडियम स्कूल में शिक्षक थे और करीब दो साल पहले केरल से कोरबा आए थे. घटना की खबर मिलते ही स्कूल के अन्य शिक्षक भी मौके पर पहुंच गए. कुसमुंडा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर परिजनों के बयान लिए हैं. पुलिस ने मृतक का मोबाइल जब्त कर लिया है, जिसमें पैटर्न लॉक होने के कारण डेटा तक पहुंच नहीं हो सकी है. पुलिस ने बताया कि मोबाइल अनलॉक कर मौत के कारणों की जांच आगे बढ़ाई जाएगी. फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि शिक्षक की मौत आत्महत्या थी या किसी अन्य वजह से हुई. पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है.

इस्लामाबाद में बेकाबू हालात: लाठीचार्ज और फायरिंग में कई पुलिसकर्मी घायल

इस्लामाबाद  पाकिस्तान में तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) के कार्यकर्ताओं के इस्लामाबाद मार्च को रोकने की कोशिश की. इस दौरान पुलिस और रेंजर्स के साथ प्रदर्शनकारियों की हिंसक झड़पें हुईं. लाहौर में हुई झड़पों में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं और करीब 40 लोगों की मौत होने की खबर है. वहीं इस्लामाबाद में पाक सुरक्षा बलों ने अमेरिकी दूतावास के पास फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शन की योजना बना रहे TLP नेताओं को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े. लाठियां और गोलियां चलाईं। अमेरिकी दूतावास के पास हजारों पुलिसकर्मी तैनात वहीं स्थिति बिगड़ती देखकर इस्लामाबाद, लाहौल और रावलपिंडी में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह बंद कर दी गईं हैं. इस्लामाबाद रेड जोन में हजारों सुरक्षाकर्मी बैरिकेड्स लगाकर तैनात कर दिए गए हैं. अमेरिकी दूतावास के आस-पास का इलाका अभेद्य किले में तब्दील कर दिया गया है. अमेरिकी दूतावास ने भी अपने नागरिकों को सतर्क रहने और प्रदर्शनकारियों से दूर रहने की चेतावनी दी है. बता दें कि पंजाब पुलिस ने बीते गुरुवार TLP प्रमुख साद हुसैन रिजवी को गिरफ्तार किया था, इसके बाद ही विरोध प्रदर्शन हिंसक होने लगे. क्यों हो रहा है पाकिस्तान में हिंसक विरोध प्रदर्शन? बता दें कि कट्टरपंथी इस्लामी पार्टी तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) गाजा में इजरायली सेना की कार्रवाई, हमले, नरसंहार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रही है. प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी दूतावास को घेरने का ऐलान किया है, लेकिन पाक पुलिस प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए कार्रवाई कर रही है. पुलिस के रोकने पर प्रदर्शनकारी हिंसक हो रहे हैं और प्रदर्शन का विस्तार पंजाबभर में करने की धमकी दे चुके हैं. शहबाज सरकार विवाद सुलझाने के लिए बातचीत करने का ऑफर दिया है, लेकन प्रदर्शनकारी नहीं मान रहे. हिंसा, गोलीबारी और पथराव के वीडियो वायरल हो रहे हैं.   कैसे हुई विरोध प्रदर्शनों और हिंसा की शुरुआत? बता दें कि गाजा में फिलिस्तीनियों के समर्थन में TLP ने लब्बैक या अक्सा मिलियन मार्च बुलाया. मार्च के तहत प्रदर्शनकारियों ने इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास को घेराव करने की योजना बनाई. विरोध प्रदर्शन 9 अक्टूबर को लाहौर से शुरू हुआ, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शनकारियों का दमन करने के लिए TLP मुख्यालय पर रेड मारी तो प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पथराव किया. पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया. 10 अक्टूबर के प्रदर्शनकारी लाहौर से इस्लामाबाद की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने प्रदर्शन का दमन करने के लिए सड़कों को कंटेनर बिछाकर बंद कर दिया. साथ ही रावलपिंडी और इस्लामाबाद में धारा-144 लागू करके इंटरनेट बंद कर दिया. 11 और 12 अक्टूबर को लाहौर, मुरिदके और पंजाब के अन्य शहरों में पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प हुई, जिसमें करीब 10 लोग मारे गए. साद रिजवी (TLP) की हत्या होने का दावा भी किया गया है.