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सुरक्षा के लिए बड़ा कदम: छत्तीसगढ़ में सभी स्लीपर और एसी बसों का निरीक्षण

रायपुर  राजस्थान और आंध्र प्रदेश में बसों में आग लगने की हाल में हुई घटना के बाद छत्तीसगढ़ परिवहन विभाग भी सतर्क हो गया है। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है। अब प्रदेश में संचालित सभी स्लीपर और एसी बसों की सुरक्षा जांच अनिवार्य रूप से की जाएगी। परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राज्य में प्रतिदिन हजारों बसें विभिन्न मार्गों पर संचालित होती हैं, जिनसे लाखों यात्री यात्रा करते हैं। हाल के हादसों को देखते हुए विभाग ने बस ऑपरेटरों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। अब हर बस में फायर सेफ्टी उपकरण, आपातकालीन निकास व्यवस्था और इलेक्ट्रिकल वायरिंग सिस्टम की नियमित जांच होगी। 600 से अधिक बसों को रोज संचालन राज्य से प्रतिदिन 600 से अधिक स्लीपर बसें पड़ोसी राज्य मध्यप्रदेश, ओड़िशा, झारखंड, बिहार, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्रप्रदेश सहित अन्य राज्यों के लिए रोज संचालित हो रही हैं। 50 लाख से लेकर एक करोड़ रुपए तक की लागत वाली इन लक्जरी बसों में सेफ्टी डिवाइस लगे होने के दावे किए जाते हैं। रेल टिकट न मिलने के कारण यात्री 400 से 1200 किलोमीटर की यात्रा भी स्लीपर बसों से करने लगे हैं, लेकिन बढ़ते हादसों से लोगों में चिंता बढ़ गई है। तकनीकी खामियों को लेकर बस संचालकों को किया सर्तक परिवहन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि रियर इंजन बसों में आग लगने का खतरा ज्यादा होता है, हालांकि ऐसी बसें राज्य में सीमित संख्या में हैं। ज्यादातर बसें फ्रंट इंजन वाली हैं। विभाग ने बस मालिकों व ड्राइवरों को स्पार्किंग जैसी तकनीकी खामियों को लेकर सतर्क रहने और यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश जारी किए हैं। जांच पूरी कर रिपोर्ट जल्द विभाग को सौंपी जाएगी। सख्त सुरक्षा जांच के निर्देश  

माता और बहनों का त्याग ही हमारे देश को अखंडता और अनेकता में एकता के सूत्र में पिरोता है : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

सरलता, निश्चलता, क्षमता और योग्यता के बल पर संपूर्ण भारत में बिहारवासीयों ने बनाई अपनी पहचान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव माता और बहनों का त्याग ही हमारे देश को "अखंडता" और "अनेकता में एकता" के सूत्र में पिरोता है बिहार भारत की दिशा तय करता है, बिहार पर परमात्मा का है विशेष आशीर्वाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के विक्रम सरोवर पर छठ पूजन में हुए सम्मिलित भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पूर्वांचल और पूर्वोत्तर के अद्भुत छठ महापर्व की प्रदेशवासियों को मंगलकामनाएं और बधाइयां देते हुए कहा कि छठ मैया का महापर्व वैज्ञानिक पद्धति आधारित होकर सूर्य और जल की उपासना का पर्व है। भगवान सूर्यनारायरण सम्पूर्ण सृष्टि को ऊर्जा देकर सृष्टि का संचालन करते है, वही जल से ही जीवन की उत्पत्ति हुई है। छट व्रत हमें आत्म नियंत्रण, संयम और आत्मबल प्रदान करता है। अस्त और उदय होते हुए सूर्य का पूजन करने वाले इस पर्व की बात ही निराली है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय स्थित विक्रम सरोवर पर मंगलवार को आयोजित छठ पूजन में शामिल होने के बाद श्रद्धालुओं को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की बिहार भारत की दिशा तय करता है। बिहार पर परमात्मा का विशेष आशीर्वाद है। बिहार बुद्ध और महावीर की भूमि भी है, जिन्होंने अपने ज्ञान से देश ही नहीं संपूर्ण दुनिया को दिशा प्रदान है। सबसे ज्यादा आईएएस, आईपीएस किसी राज्य से निकलते हैं तो वह बिहार है। सरलता, निश्चलता, क्षमता और योग्यता के बल पर संपूर्ण भारत में बिहारवासी अपनी पहचान बनाते है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की मध्यप्रदेश से बिहार का संबंध आदिकाल से रहा है। मध्यप्रदेश को नदियों का मायका कहा गया है। शिप्रा मैया का जल बिहार तक चंबल मैया, यमुना मैया और गंगा मैया के माध्यम से पहुंचता है। अमरकंटक से निकली सोन नदी गंगा मैया के माध्यम से बिहार पहुंचकर वहां समृद्धि फैलाती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की माताओं और बहनों द्वारा देश , प्रदेश और परिवार की समृद्धि के लिए छठी मैया का व्रत रखा जाता है। माताओं और बहनों का त्याग कुटुंब और परिवार की एकता को कायम रखता है। हमारी संस्कृति मातृ शक्ति आधारित संस्कृति है, हमारे देश को "भारत माता" माना गया है। माताएं और बहनें अपने परिवार में सभी कष्ट सहकर भी पूरे परिवार की सेवा कर मंगल की कामना करती है। माताएं और बहने सबसे बड़ी योद्धा होती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत की एकता में सभी पर्व और त्यौहार महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। माता और बहनों का त्याग ही हमारे देश को "अखंडता" और "अनेकता में एकता" के सूत्र में पिरोता है। कुटुंब परंपरा का यह पर्व लाखों सालों से चलता आया है। छठ मैया का यह पर्व माता सीता से भी जुड़ता है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भव्य राम मंदिर बना है। वही सीतामढ़ी में भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 800 करोड़ की लागत से भव्य मंदिर बनाया जा रहा है। माता सीता का जीवन संपूर्ण भारत के लिए प्रेरणा स्त्रोत है वो राजकुमारी होकर भी वन में गई। राम राज्य की अवधारणा भी माता सीता के संकल्प से पूर्ण हुई। उज्जैन स्थित विक्रम सरोवर पर मिथिला घाट निर्माण की दी सौगात मुख्यमंत्री डॉ. यादव विक्रम सरोवर पर छठ पूजन किया और श्रद्धालुओं से चर्चा कर छठ महापर्व की मंगलकामनाएं दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा की विक्रम सरोवर सम्राट विक्रमादित्य के शौर्य का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विक्रम सरोवर पर मिथिला घाट के निर्माण की घोषणा की। कार्यक्रम में विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

जल्द बढ़ेगा हरियाणा का नक्शा! नए जिले की घोषणा इन तारीखों में संभव

चंडीगढ़  हरियाणा से बड़ी खबर सामने आई है। राज्य सरकार नए जिले बनाने की योजना पर काम कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, आगामी 1 नवंबर 2025 यानी हरियाणा दिवस पर सरकार 23वें जिले की घोषणा कर सकती है।  10 नए जिलों के प्रस्ताव विचाराधीन जानकारी के अनुसार, सरकार के पास 10 नए जिलों के प्रस्ताव विचाराधीन हैं, जिनमें असंघ, पटौदी, डबवाली, हांसी और गोहाना प्रमुख हैं। सूत्रों का कहना है कि फिलहाल सबसे पहले गोहाना, हांसी या डबवाली में से किसी एक को जिला घोषित किया जा सकता है। बाकी प्रस्तावों पर फैसला जनगणना के बाद लिया जाएगा। अब तक पुनर्गठन उप-समिति को 73 प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें 10 नए जिले, 14 उपमंडल, 4 तहसील और 27 उप-तहसील बनाने के सुझाव शामिल हैं। प्रस्ताव के अनुसार, किसी नए जिले के गठन के लिए 125 से 200 गांव, 4 लाख से अधिक आबादी, और 80 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल अनिवार्य है। समिति ने इन प्रस्तावों की समीक्षा करते हुए उपमंडल, तहसील और उप-तहसील के लिए अलग-अलग मानदंड तय किए हैं।   इन निर्णयों को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। हाल ही में आयोजित 5वीं बैठक की अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने की थी, जिसमें शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा और कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा भी मौजूद रहे। मंत्री पंवार ने कहा कि सरकार जनता और जनप्रतिनिधियों की मांगों के अनुरूप प्रशासनिक इकाइयों का पुनर्गठन करने के लिए प्रतिबद्ध है। हरियाणा के जिलों का इतिहास हरियाणा का गठन 1 नवंबर 1966 को हुआ था, तब राज्य में केवल 7 जिले थे , जिसमें अंबाला, जींद, हिसार, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम, करनाल और रोहतक है। बाद में समय-समय पर अन्य जिले बनाए गए… 1972: भिवानी, सोनीपत 1973: कुरुक्षेत्र 1975: सिरसा 1979: फरीदाबाद 1989: यमुनानगर, कैथल, रेवाड़ी, पानीपत 1995: पंचकूला 1996: फतेहाबाद 1997: झज्जर 2005: नूंह 2008: पलवल 2016: चरखी दादरी  

पंजाब सरकार की कैबिनेट मीटिंग में गूंजे बड़े फैसले, CM मान ने दिए राहत के संकेत

पंजाब  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आज कैबिनेट मीटिंग हुई। इस मीटिंग में कई अहम फैसले लिए गए। इसे लेकर पंजाब के सी.एम. भगवंत मान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी देते हुए बताया कि पंजाब यूनिफाइड बिल्डिंग बिल-2025 को मंजूरी दे दी गई है। जिसके बाद अब इमारतों की ऊंचाई 15 मीटर से बढ़ाकर 21 मीटर कर दी गई है। वहीं लोगों की सुविधा के लिए लुधियाना उत्तर में एक नई उप-तहसील बनाने को मंजूरी दी गई है।  सी.एम. मान ने बताया कि बरनाला नगर परिषद को नगर निगम में अपग्रेड किया गया है क्योंकि बरनाला की आबादी और जीएसटी संग्रह इन शर्तों को पूरा करते हैं। बरनाला के लोगों की लंबे समय से मांग थी इसे नगर निगम में अपग्रेड किया जाए क्योंकि यहां बड़ी संख्या में उद्योग हैं। वहीं खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए पंजाब स्पोर्ट्स मेडिसिन कैडर के 100 से ज्यादा नए पद सृजित किए गए हैं।    कैबिनेट द्वारा डेराबस्सी में 100 बिस्तरों वाला ईएसआई खोलने की मंजूरी दी गई है। इस लिए जमीन मुहैया करवाई जाएगी। नशा मुक्ति केंद्रों के नियमों में भी संशोधन किया गया है। इसके साथ ही केंद्रों में बायोमेट्रिक अटेंडेंस ली जाएगी और जो दवाइयां दी जाएंगी, सब कुछ सरकार की निगरानी में होगा। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन को मिल रही उड़ान, घरेलू यात्रियों में 15.7% और एयर कार्गो में 19.1% का आया उछाल

आसमान में नई ऊंचाइयां छू रहा उत्तर प्रदेश, हवाई यात्री और कार्गो ट्रैफिक में रिकॉर्ड वृद्धि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विजन को मिल रही उड़ान, घरेलू यात्रियों में 15.7% और एयर कार्गो में 19.1% का आया उछाल वाराणसी, अयोध्या, प्रयागराज और गोरखपुर जैसे शहर बने उत्तर प्रदेश की हवाई ग्रोथ के इंजन अप्रैल से अगस्त 2025 की अवधि में उत्तर प्रदेश के हवाई अड्डों से 60 लाख से अधिक यात्रियों ने किया सफर इन तीन महीनों में भारत के कुल हवाई यातायात में राज्य की हिस्सेदारी 3.52% तक पहुंची 2016-17 में 59.97 लाख यात्रियों की तुलना में 2024-25 में 142.28 लाख तक पहुंचे एयर पैसेंजर्स नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुभारंभ से प्रदेश और अन्य राज्यों के पैसेंजर्स को मिलेगी और भी बेहतर कनेक्टिविटी लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश अब न केवल सड़क पर, बल्कि आसमान में भी विकास की उड़ान भर रहा है। राज्य की हवाई कनेक्टिविटी और यात्री संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है, जिससे प्रदेश अब भारत की हवाई ग्रोथ स्टोरी में एक अहम किरदार बन गया है। अप्रैल से अगस्त 2025 की अवधि में उत्तर प्रदेश के हवाई अड्डों पर यात्रियों की संख्या पिछले वर्ष की तुलना में 14.6% बढ़कर 60.02 लाख हो गई है। वहीं इस अवधि में भारत के कुल हवाई यातायात में राज्य की हिस्सेदारी 3.52% तक पहुंच गई, जो 2024 की तुलना में 34 बेसिस पॉइंट्स अधिक है। इससे साफ है कि अब देश के हर 30 में से एक हवाई यात्री उत्तर प्रदेश से यात्रा कर रहा है। राज्य में हवाई यात्रियों की बढ़ती संख्या केवल आंकड़ों की बात नहीं, बल्कि उस दूरदर्शी सोच का परिणाम है जो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने ‘कनेक्टेड यूपी, समृद्ध यूपी’ विजन के तहत पेश की थी। उनका लक्ष्य रहा है कि हर क्षेत्र, हर जिला आधुनिक परिवहन से जुड़े ताकि पर्यटन, व्यापार और रोजगार में नई गति आए। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुभारंभ के साथ इस रफ्तार में और भी वृद्धि होगी और सिर्फ यूपी ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्यों को भी कनेक्टिविटी के नए अवसर प्राप्त होंगे। 2017 से 2025 तक यूपी की हवाई यात्रा का सफर साल 2016-17 में जहां उत्तर प्रदेश के हवाई अड्डों से 59.97 लाख यात्री यात्रा करते थे, वहीं FY2024-25 में यह संख्या बढ़कर 142.28 लाख तक पहुंच गई। इनमें 129.29 लाख घरेलू और 12.99 लाख अंतरराष्ट्रीय यात्री शामिल रहे। इस दौरान राज्य का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) 10.1% रहा, जो एविएशन सेक्टर में तेजी से बढ़ती मांग को दर्शाता है। कोविड-19 महामारी के दौरान FY2020-21 में यात्री संख्या 48.35 लाख तक गिर गई थी, लेकिन यूपी ने सबसे तेज रिकवरी दिखाई। महज दो वर्षों में यात्रियों की संख्या दोगुनी हो गई, जो राज्य की मजबूत हवाई नीति और बेहतर प्रबंधन का प्रमाण है। 2023-24 की तुलना में 2024-25 में हवाई यात्रियों की संख्या में 25.9 प्रतिशत का ग्रोथ दर्ज किया गया है, जबकि 2023-24 और 2024-25 में अप्रैल-अगस्त माह के बीच कंपैरिजन करें तो यह ग्रोथ 14.6% रही। इस दौरान डॉमेस्टिक एयर पैसेंजर्स में 15.7% और इंटरनेशनल पैसेंजर्स की संख्या में 4.3% ग्रोथ दर्ज की गई। अयोध्या, प्रयागराज और वाराणसी बने स्टार परफॉर्मर राज्य के कई शहरों ने इस ग्रोथ में अहम योगदान दिया है। 2023-24 से 2024-25 के बीच वाराणसी में 34.4%, प्रयागराज में 76.4%, गोरखपुर में 27.6% और कानपुर में 13.3% की वृद्धि दर्ज की गई। यह दर्शाता है कि धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी ने यात्री संख्या को तेजी से बढ़ाया है। खासतौर पर अयोध्या एयरपोर्ट, जिसे मुख्यमंत्री ने महर्षि वाल्मीकि के नाम पर समर्पित किया था, अब उत्तर भारत के सबसे तेजी से बढ़ते टर्मिनल्स में शामिल है। 2023-24 में जहां 2 लाख से ज्यादा पैसेंजर्स ने यहां से हवाई उड़ान भरी थी तो वहीं 2024-25 में यह आंकड़ा बढ़कर 11 लाख से अधिक पहुंच गया। वहीं प्रयागराज और वाराणसी से भी धार्मिक और व्यावसायिक उड़ानों की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रयागराज में 2023-24 में 6 लाख से अधिक एयर पैसेंजर्स ने यात्रा की तो वहीं 2024-25 में यह संख्या 10.77 लाख से अधिक पहुंच गई। इसी तरह वाराणसी में 2023-24 में करीब 30 लाख एयर पैसेंजर्स यात्रा कर रहे थे तो वहीं 2024-25 यह संख्या 40 लाख का आंकड़ा पार कर गई। गोरखपुर में 2023-24 में 6.8 लाख की तुलना में 2024-25 में 8.67 लाख से अधिक हवाई यात्रियों ने सफर किया। लखनऊ ने भी अपनी रफ्तार में इजाफा किया है, जहां 2023-24 की तुलना में 2024-25 में 4.1% की वृद्धि हुई है। कार्गो ट्रैफिक में भी जबरदस्त वृद्धि उत्तर प्रदेश अब व्यापार और निर्यात के लिए भी एयर कनेक्टिविटी का बड़ा केंद्र बन रहा है। FY2016-17 से FY2024-25 तक राज्य के एयर कार्गो में 19.1% का CAGR दर्ज किया गया है। यह 5.89 हजार मीट्रिक टन से बढ़कर 28.36 हजार मीट्रिक टन तक पहुंच गया है, जो कि अब तक का सर्वाधिक है। FY2024-25 में लखनऊ एयरपोर्ट ने 22,099 मीट्रिक टन कार्गो हैंडल किया, जबकि वाराणसी में 27.7% और प्रयागराज में 50% की बढ़ोतरी दर्ज हुई। 2023-24 से 2024-25 के बीच टोटल ग्रोथ 9.4% रही और इस दौरान एयर कॉर्गो 25,915 मीट्रिक टन से 28,356 मीट्रिक टन पहुंच गया। अप्रैल-अगस्त 2025 में कानपुर (165%) और आगरा (247%) में रिकॉर्ड ग्रोथ दर्ज हुई जो बताता है कि राज्य के इंडस्ट्रियल क्लस्टर अब अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन से जुड़ रहे हैं। अप्रैल-अगस्त 2025 में राज्य का भारत के कुल एयर कार्गो में हिस्सा 0.79% हो गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 1 बेसिस पॉइंट अधिक है। साकार हो रहा योगी सरकार का विजन उत्तर प्रदेश सिविल एविएशन के डायरेक्टर ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि हवाई कनेक्टिविटी सिर्फ परिवहन का माध्यम नहीं, बल्कि रोजगार, पर्यटन और निवेश की नई शक्ति है। जब हर जिले से उड़ान संभव होगी, तो हर नागरिक का जीवन स्तर ऊंचा होगा। इसी सोच के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के मार्गदर्शन और नेतृत्व में अयोध्या, कुशीनगर और जेवर (नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट) जैसे नए हवाई अड्डों का तेजी से विकास किया गया है। जेवर एयरपोर्ट के शुरू होते ही उत्तर प्रदेश उत्तरी भारत का सबसे बड़ा एविएशन हब बनने की ओर अग्रसर होगा। इसी क्रम में प्रदेश सरकार कई नए एयर … Read more

कुआलालंपुर में साइन हुआ चीन-ASEAN FTA 3.0, व्यापार पर अमेरिकी टैरिफ का दबाव घटेगा

नई दिल्ली अमेरिका की ओर से लगाए गए टैरिफ के असर को कम करने के लिए तमाम देश अपने-अपने तरीके से प्रयास कर रहे हैं. इस बीच दुनिया के लिए टेंशन की सबसे बड़ी वजह US-China Tariff War बना दिखाई दिया. हालांकि, दुनिया की इन दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में तनाव घटने के संकेत भी मिले हैं और इसी हफ्ते के अंत में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात करने वाले हैं. लेकिन इससे पहले ही China ने एक बड़ी डील कर डाली है और उसने आसियान के साथ अपने मुक्त व्यापार समझौते पर साइन किए हैं. US Tariff के असर को कम करने के लिए ये डील कुआलालंपुर में हुई है.  चीन-आसियान के बीच बड़ा कारोबार रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दक्षिण पूर्व एशियाई ब्लॉक आसियान और चीन ने मंगलवार को अपने मुक्त व्यापार समझौते पर आगे बढ़ने के लिए हस्ताक्षर किए. इसमें डिजिटल, ग्रीन इकोनॉमी और अन्य नए उद्योगों पर फोकस किया जाएगा. आसियान के आंकड़ों के अनुसार, 11 सदस्यीय दक्षिण-पूर्व एशियाई राष्ट्र संघ चीन का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है. बीते साल दोनों देशों के बीच कुल 771 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ. चीन लगातार बढ़ा रहा व्यापारिक संबंध अमेरिका के टैरिफ अटैक के बीच चीन लगातार आसियान के साथ अपने व्यापारिक संबंधों को और बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, जो 3.8 ट्रिलियन डॉलर के सकल घरेलू उत्पाद वाला क्षेत्र है. ऐसा इसलिए ताकि दुनिया भर के देशों पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा लगाए गए भारी आयात शुल्क का मुकाबला किया जा सके. गौरतलब है कि रेयर अर्थ मिनरल्स और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों पर निर्यात प्रतिबंधों को लेकर प्रमुख शक्तियों की आलोचना के बावजूद चीन खुद को अधिक एक ओपन इकोनॉमी के रूप में स्थापित करने का प्रयास कर रहा है. 2022 में बात शुरू, अब हो गई डील ASEAN के साथ चीन के FTA 3.0 पर मलेशिया में इस समूह के नेताओं के शिखर सम्मेलन में हस्ताक्षर किए गए. इसमें ट्रंप ने रविवार को एशिया की अपनी यात्रा की शुरुआत में भाग लिया था. रिपोर्ट के मुताबिक, इस उन्नत आसियान-चीन समझौते पर बातचीत नवंबर 2022 में शुरू हुई थी और इस साल मई में समाप्त हुई. ये वो समय था जबकि डोनाल्ड ट्रंप टैरिफ के साथ आक्रामक रुख अपनाए नजर आए. इससे पहले दोनों के बीच पहला मुक्त व्यापार समझौता 2010 में लागू हुआ था. क्यों खास हैं चीन-ASEAN?  चीन और आसियान दोनों क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी (RCEP) का हिस्सा हैं, जो दुनिया का सबसे बड़ा व्यापारिक समूह है. दुनिया की लगभग एक-तिहाई आबादी और वैश्विक GDP के लगभग 30% को ये कवर करता है. मलेशिया ने सोमवार को कुआलालंपुर में आरसीईपी शिखर सम्मेलन की मेजबानी की, जो पिछले पांच सालों में पहली बार थी. चीन ने इससे पहले कहा था कि यह समझौता चीन और आसियान के बीच कृषि, डिजिटल अर्थव्यवस्था और फार्मास्यूटिकल्स जैसे क्षेत्रों में बेहतर बाजार पहुंच की राह आसान बनाएगा.  कुछ एनालिस्ट इस ब्लॉक को संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा लगाए गए टैरिफ के विरुद्ध एक संभावित बफर के रूप में देखते हैं, लेकिन इसके सदस्यों के बीच प्रतिस्पर्धी हितों के कारण इसके प्रावधानों को कुछ अन्य क्षेत्रीय व्यापार समझौतों की तुलना में कमजोर माना जाता है.

9.36 लाख किसानों ने किया पंजीयन, मध्य प्रदेश में भावांतर योजना से सोयाबीन की बड़ी खरीद

भोपाल  मध्य प्रदेश के किसानों के लिए अच्छी खबर है। भावांतर योजना के तहत 24 अक्टूबर से प्रदेश की सभी मंडियों में सोयाबीन की खरीदी शुरू हो गई है, जो 15 जनवरी 2026 तक चलेगी।  अभी तक 14 हजार 727 किसानों से 25 हजार 999 टन सोयाबीन खरीदी गई है।प्रदेश में सोयाबीन की बिक्री के लिए लागू की गई भावांतर योजना में 9 लाख 36 हजार 352 किसानों ने पंजीयन कराया है। सोयाबीन के लिए एमएसपी प्रति क्विंटल 5328 रुपए घोषित की गई है। खास बात ये है कि किसान पहले की भांति मंडियों में सोयाबीन का विक्रय करेगा। योजना के तहत सोयाबीन उत्पादक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य और बाजार भाव के बीच का अंतर सरकार द्वारा दिया जाएगा।फसल बिक्री के 15 दिन के भीतर भावमें अंतर की राशि सीधे किसानों के बैंक खाते में अंतरित कर दी जाएगी। अबतक 14 हजार 727 किसानों से 25 हजार 999 टन सोयाबीन की खरीदी प्रदेश में भावांतर योजना के तहत 27 अक्टूबर को 7 हजार 981 किसानों से 14 हजार 214 टन सोयाबीन की खरीदी हुई। कृषि उपज मंडी उज्जैन में सर्वाधिक 529, देवास में 512, ताल में 486, इंदौर में 455, खातेगांव में 425, बैरसिया में 396, आगर में 376, सागर में 368, आष्टा में 339 और शाजापुर में 335 टन सोयाबीन की खरीदी हुई। प्रदेश में सोयाबीन की बुवाई का रकवा वर्तमान में 53.20 लाख हेक्टेयर है। इस वर्ष 55.54 लाख मीट्रिक टन सोयाबीन का उत्पादन हुआ है। सोयाबीन खरीदी के प्रथम मॉडल भाव की घोषणा 7 नवंबर 2025 को की जाएगी। 9.36 लाख सोयाबीन उत्पादक किसानों ने कराया है पंजीयन सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए लागू की भावान्तर योजना के तहत 3 से 17 अक्टूबर तक शुरू हुए रजिस्ट्रेशन में 9.36 लाख किसानों ने पंजीयन करवाया है। प्रदेश में सात जिले उज्जैन, राजगढ़, शाजापुर, देवास, सीहोर, विदिशा और सागर ऐसे हैं जहां 50-50 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन करवाया है। इसी तरह 21 जिलों से 10-10 हजार से अधिक किसानों ने पंजीयन करवाया है। प्रदेश में 24 अक्टूबर से 15 जनवरी 2026 तक सोयाबीन की विक्रय अवधि रहेगी। अगर एमएसपी से कम कीमत पर सोयाबीन बिकता है तो किसानों के घाटे की भरपाई भावान्तर योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा की जाएगी। फसल के विक्रय मूल्य और न्यूनतम समर्थन मूल्य MSP के अन्तर की राशि सीधे राज्य सरकार देगी। सीएम ने अधिकारियों को दिए है ये निर्देश मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए है कि किसानों के हित में भावांतर योजना प्रारंभ की गई है, प्रदेश में तीन गुना से अधिक पंजीयन योजना में हुए हैं। जिलों में किसानों को मंडियों और उपमंडियों में सोयाबीन विक्रय के लिए आवश्यक तैयारियां पूर्ण की जाएं।ई-उपार्जन पोर्टल के माध्यम से किसानों के पंजीकृत बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से भावांतर राशि का भुगतान निर्धारित अवधि में किया जाए।भुगतान के संबंध में किसान को एसएमएस के माध्यम से सूचना दी जाए। ई-उपार्जन पोर्टल पर पंजीयन के बाद मंडी पोर्टल में ई-मंडी पोर्टल पर सभी कार्य इलेक्ट्रानिक माध्यम से किए गए हैं। प्रवेश गेट और प्रांगण की सीसीटीवी मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक मंडी में हेल्प डेक्स भी बनाई गई है। कृषि मंत्री ने दी ये जानकारी कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने बताया कि कृषि विभाग द्वारा केन्द्र सरकार को 26 लाख 49 हजार मीट्रिक टन का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे भारत सरकार द्वारा यथावत स्वीकृत करने की सहमति व्यक्त की  है। जब मण्डियों एवं बाजारों में किसानों को उनकी फसल का मूल्य न्यूनतम समर्थन मूल्य से ना मिले ये सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने भावांतर योजना लागू की है। इस वर्ष खरीफ-2025 में सोयाबीन का मण्डी भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से कम है इसलिये किसानों को होने वाले नुकसान से बचाने के लिये मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश में भावांतर योजना लागू की गई, ताकि किसानों को किसी प्रकार की हानि न हो और उन्हें उपज का वाजिब दाम प्राप्त हो सके। प्रदेश में सोयाबीन में भावांतर योजनांतर्गत किसानों का पंजीयन 3 से 17 अक्टूबर तक किया गया है, जिसमें 9 लाख 36 हजार कृषकों ने पंजीयन कराया। पंजीकृत किसानों की भूमि का रकबा 22 लाख 64 हजार हेक्टेयर है।

तीर्थ यात्रियों के लिए खुशखबरी: नवंबर में इंदौर से चलेगी भारत गौरव टूरिज्म ट्रेन

इंदौर धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए इंडियन रेलवे की तरफ से बड़ी खुशखबरी है। मध्य प्रदेश की व्यापारिक नगरी इंदौर से अगले महीने नवंबर में एक बार फिर भारत गौरव पर्यटक ट्रेन चलेगी। इस यात्रा के जरिए श्रद्धालु दो ज्योतिर्लिंगों सहित अन्य प्रमुख धार्मिक स्थानों की यात्रा कर सकेंगे। दरअसल, मध्य प्रदेश के तीर्थ यात्रियों के लिए इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कारपोरेशन लिमिटेड ( आईआरसीटीसी ) द्वारा भारत गौरव पर्यटक ट्रेन का संचालन किया जा रहा है। यह ट्रेन 4 नवंबर को इंदौर शहर से पुरी, गंगासागर के साथ दो ज्योतिर्लिंग (बाबा वैद्यनाथ एवं काशी विश्वनाथ) यात्रा के लिए रवाना होगी। प्रदेश के इन स्टेशनों पर रहेगा स्टॉपेज यह ट्रेन मध्य प्रदेश के इंदौर, उज्जैन, शुजालपुर, सीहोर, संत हिरदाराम नगर, बीना, सागर, दमोह और कटनी मुरवारा स्टेशनों से होते हुए जाएगी। इन जगहों से यात्री इस ट्रेन पर सवार हो सकेंगे। 11 दिनों में इन तीर्थ स्थलों के दर्शन 11 दिनों की इस यात्रा में पुरी, गंगासागर, गया, वाराणसी एवं अयोध्या के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इसके लिए यात्रियों को महज 19,900 रुपए प्रति व्यक्ति (स्लीपर इकोनामी श्रेणी), 32,450 रुपए प्रति व्यक्ति (थर्ड एसी स्टैण्डर्ड श्रेणी) एवं 42,750 रुपए प्रति व्यक्ति (सेकंड एसी कम्फर्ट श्रेणी) का खर्च उठाना होगा। ट्रेन सफर के साथ रहने की भी व्यवस्था आईआरसीटीसी की भारत गौरव ट्रेन के विशेष एलएचबी रेक में आरामदायक रेल यात्रा, ऑनबोर्ड और ऑफबोर्ड भोजन, सड़क परिवहन और गुणवत्तायुक्त बसों में दर्शनीय स्थलों की यात्रा, आवास की व्यवस्था, यात्रा में टूर एस्कॉर्ट्स, यात्रा बीमा, ऑनबोर्ड सुरक्षा और हाउसकीपिंग की सेवा शामिल है। देश में धार्मिक और पर्यटन स्थलों तक पर्यटकों को बेहतर यात्रा सेवा सुलभ कराने के लिए आईआरसीटीसी द्वारा कई ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इंदौर से पूर्व में भी देशव्यापी यात्रा की कई ट्रेनें रवाना हो चुकी हैं। इसी क्रम में यह ट्रेन धार्मिक स्थलों की यात्रा के लिए नवंबर माह में जाएगी।

हरियाणा के करनाल में छठ मनाने गया व्यक्ति यमुना में डूबा, पुलिस और SDRF टीम खोज में जुटी

करनाल जिले में छठ पर्व के दौरान व्यक्ति पश्चिमी यमुना नहर में डूब गया। सूचना मिलने पर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और गोताखोरों ने नहर में सर्च अभियान चलाया जा रहा है। हालांकि अभी तक व्यक्ति नहीं मिला है।  जानकारी के अनुसार छठ पर्व को लेकर आज सुबह चढ़ते सूर्य देव को अर्घ्य देने बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति नहर में नहा रहा था। उसी समय वह नहर में गिर गया और डूब गया। नहर में डूबे व्यक्ति की पहचान संतोष यादव के तौर पर हुई है और वह सदर बाजार का रहने वाला है। वहीं, संतोष यादव की बेटी ने बताया कि हमने उन्हें बचाने के लिए आसपास के लोगों से मदद की गुहार लगाई थी, लेकिन सभी लोग अपने-अपने कामों में व्यस्त थे। किसी ने भी उनकी मदद नहीं की। उन्होंने कहा कि हमने अपने पापा को नहर में नहाते हुए देखा और आवाज भी लगाई थी, लेकिन अब उनके बारे में कुछ भी पता नहीं लग पाया है। हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस जांच अधिकारी महावीर ने बताया कि संतोष यादव नाम के एक व्यक्ति नहर में डूबने की सूचना मिली थी। गोताखोरों की मदद से नहर में सर्च अभियान चलाया गया है। मामले की जांच शुरू कर दी है।

महेंद्र नागर निष्कासित, CM मोहन का स्पष्ट संदेश: किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा

गुना   मध्य प्रदेश की भाजपा हाईकमान ने गुना किसान हत्या के आरोपी महेंद्र नागर को बीजेपी से निष्कासित कर दिया गया है। ग्राम गणेशपुरा के बूथ अध्यक्ष रहे महेंद्र नागर समेत 13 ज्ञात और एक अज्ञात आरोपी के विरुद्ध फतेहगढ़ थाने में हत्या का मामला दर्ज हुआ है। आरोप है कि 6 बीघा जमीन को लेकर हुए विवाद में आरोपियों ने पड़ोसी रामस्वरुप की हत्या कर दी। महेंद्र नागर का इलाके में दबदबा था। मामला सामने आने के बाद एसपी अंकित सोनी के निर्देश पर बनी पुलिस की टीमों ने एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है। बाकी आरोपी भी पुलिस के रडार पर हैं, जिनकी भी जल्दी ही गिरफ्तारी होने की बात सूत्र बता रहे हैं। CM मोहन बोले- किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा मामले में सीएम मोहन ने संज्ञान लेते हुए पुलिस और प्रशासन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जमीनी विवाद से शुरू हुआ था मामला यह पूरा विवाद गुना जिले के गणेशपुरा गांव का है, जहां नागर समाज के दो पक्षों में जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। यह विवाद हिंसक झड़प में बदल गया और 40 वर्षीय किसान रामस्वरूप नागर की थार गाड़ी से कुचलकर हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में 14 नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या, षड्यंत्र और अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।