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24K और 22K के बाद अब 9 कैरेट गोल्ड की एंट्री, जानें क्या होगा कीमतों पर असर

नई दिल्ली सोने की कीमतों में लगातार उछाल के चलते अब 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के गहने आम लोगों के बजट से बाहर होते जा रहे हैं। ऐसे में 9 कैरेट गोल्ड, जिसमें केवल 37.5% शुद्ध सोना होता है, धीरे-धीरे ज्वैलरी मार्केट में किफायती और फैशनेबल विकल्प के रूप में उभर रहा है। सरकार ने हाल ही में 9 कैरेट गोल्ड को हॉलमार्किंग की मंजूरी दे दी है, जिससे यह औपचारिक रूप से भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के मानक के तहत आता है। इसका मतलब है कि अब उपभोक्ताओं को इस गोल्ड की शुद्धता और गुणवत्ता की आधिकारिक गारंटी मिलती है। हर हॉलमार्क वाले गहने पर BIS का लोगो, सोने की शुद्धता का ग्रेड (375) और 6 अंकों का यूनिक HUID कोड अंकित होगा, जिससे मिलावट की संभावना लगभग खत्म हो जाएगी। आज 9 कैरेट गोल्ड का भाव प्रति ग्राम ₹4,332.79 दर्ज किया गया, जो पिछले स्तर की तुलना में ₹57.75 (1.35%) की बढ़त को दर्शाता है। 9 कैरेट गोल्ड की खासियत: इस गोल्ड में शेष 62.5% मिश्र धातुएं—जैसे तांबा और चांदी—इसे मजबूत और टिकाऊ बनाती हैं। हल्का होने के कारण यह रोजमर्रा पहनने के लिए सुरक्षित और आरामदायक है। युवा वर्ग और फैशन-प्रेमी अब इसे ट्रेंडी हार, पेंडेंट, ब्रेसलेट और इयररिंग्स में प्राथमिकता दे रहे हैं। बाजार पर असर: हॉलमार्किंग की मंजूरी से 9 कैरेट गोल्ड की विश्वसनीयता बढ़ी है। ज्वैलरी उद्योग में नए ग्राहक आकर्षित होंगे, खासकर पहली बार गोल्ड खरीदने वाले और हल्की, मॉडर्न ज्वैलरी पसंद करने वाले लोग। साथ ही यह भारतीय ज्वैलरी को निर्यात बाजार में भी प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त देगा। विशेषज्ञों का मानना है कि सोने के बढ़ते दामों और युवा वर्ग के हल्के गहनों की बढ़ती मांग के बीच 9 कैरेट गोल्ड एक सस्ता, सुरक्षित और स्टाइलिश विकल्प साबित होगा।  

त्रिकोणीय जंग के लिए घाटशिला मैदान में, प्रतिष्ठा बचाने उतरे दिग्गज

घाटशिला झारखंड के घाटशिला अनुसूचित जनजाति के लिए सुरक्षित विधानसभा उपचुनाव के लिए 11 नवंबर को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान कराने के लिए सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने यहां बताया कि घाटशिला विधानसभा क्षेत्र में कल सुबह 7:00 बजे से शाम 5:00 तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान होगा और इसकी सारी तैयारियां पूरी कर ली गई है। 14 नवंबर को होगी मतगणना चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। वरीय पुलिस अधीक्षक पीयूष पांडेय ने बताया कि सभी मतदान केंद्रों पर पर्याप्त संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है और संवेदनशील इलाकों पर विशेष नजर रखी जा रही है। बीते रविवार शाम पांच बजे प्रचार थमने के बाद से ही क्षेत्र में बाहरी नेताओं और कार्यकर्ताओं की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। अब उम्मीदवार केवल घर-घर जाकर ही संपर्क साध सकते हैं। मतगणना 14 नवंबर को होगी, जिसके बाद घाटशिला के नए विधायक का नाम स्पष्ट हो जाएगा। मतदान से पहले का 48 घंटे का साइलेंस पीरियड लागू मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के रवि कुमार ने बताया कि मतदान के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की 10 कंपनियों की भी तैनाती की गई है। कुल 300 मतदान केंद्रों पर 1,200 मतदान कर्मियों को तैनात किया गया है, जबकि 120 कर्मी रिजर्व के रूप में रखे गए है। बिष्टुपुर के को-ऑपरेटिव कॉलेज से कर्मियों को भेजा जा रहा है। मतदान स्थल पर सुबह 5:30 बजे राजनीतिक दलों के एजेंटों की मौजूदगी में मॉक पोल होगा, ताकि वोटिंग प्रक्रिया का परीक्षण किया जा सके। क्षेत्र के 186 मतदान केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है, जिन पर विशेष सतर्कता बरती जाएगी। इसके लिए 30 माइक्रो ऑब्जर्वर तैनात होंगे। बीते रविवार शाम 5 बजे से चुनाव प्रचार पूरी तरह थम चुका है। अब मतदान से पहले का 48 घंटे का साइलेंस पीरियड लागू है। इस दौरान किसी भी प्रकार की जनसभा, रोड शो या लाउडस्पीकर से प्रचार पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। नियम उल्लंघन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। त्रिकोणीय मुकाबले के लिए घाटशिला तैयार बता दें कि झामुमो ने अपने दिवंगत नेता रामदास सोरेन की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा ने उनके बेटे सोमेश चंद्र सोरेन को उम्मीदवार बनाया है, जबकि भाजपा के बाबूलाल सोरेन संगठन की मजबूती और केंद्र सरकार की योजनाओं के भरोसे चुनाव मैदान में हैं। इसके अलावा जेएलकेएम के रामदास मुर्मू भी उपचुनाव में भाग ले रहे हैं जिससे यह मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है। इसके अलावा पार्वती हांसदा (पीपुल्स पार्टी ऑफ इंडिया-डेमोक्रेटिक), पंचानन सोरेन (भारत आदिवासी पार्टी), परमेश्वर टुडू, श्रीलाल किस्कू, मानस राम हांसदा, नारायण सिंह, विकास हेम्ब्रम, बसंत कुमार टोपनो, मनोज कुमार सिंह, और रामकृष्ण कांती महली उपचुनाव में भाग ले रहे हैं। फोटो युक्त पहचान पत्र न होने की स्थिति में मतदाता एपिक के अलावा पैन कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस सहित 12 अन्य वैकल्पिक दस्तावेजों के जरिए भी मतदान कर सकते हैं। ज्ञातव्य है कि झारखंड के घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के विधायक और शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के आकस्मिक निधन के कारण इस क्षेत्र में उपचुनाव कराया जा रहा है। इस उपचुनाव में कुल 13 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं और मतदान कल यानी मंगलवार सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक 300 मतदान केंद्रों पर होगा, जहां 2,56,352 मतदाता अपने अधिकार का प्रयोग करेंगे। इस क्षेत्र में पुरुष 1,25,114 और महिलाएं 1,31,235 मतदाता है, साथ ही 372 सर्विस मतदाता भी शामिल हैं। खास बात यह है कि इस बार 16,601 नए युवा मतदाता भी पहली बार अपने मत का इस्तेमाल करेंगे। दिव्यांग मतदाताओं की संख्या 2,738 है, जबकि 1 एनआरआई मतदाता का नाम भी सूची में है।  

विशाल जेठवा ने मार्टिन स्कॉर्सेसी से ‘नमस्ते’ के साथ की मुलाकात

मुंबई,  अभिनेता विशाल जेठवा के लिए न्यूयॉर्क में महान निर्देशक मार्टिन स्कॉर्सेसी से मुलाकात करना, किसी सपने से कम नहीं था, जब वे भारत की आधिकारिक ऑस्कर एंट्री होमबाउंड के अमेरिकी अभियान के लिए वहां मौजूद थे। यह मुलाकात होमबाउंड की एक खास स्क्रीनिंग में हुई, जो स्कॉर्सेसी के लिए आयोजित की गई थी। वे इस फिल्म के एक्जीक्यूटिव प्रोड्यूसर भी हैं। फिल्म देखने के बाद स्कॉर्सेसी ने टीम के काम की सराहना की ।यह क्षण विशाल के लिए उनकी ज़िंदगी के सबसे यादगार दिनों में से एक बन गया। अपनी भावनाएं सोशल मीडिया पर साझा करते हुए विशाल ने लिखा, “द लिविंग लीजेंड खुद, मार्टिन स्कॉर्सेसी, जिन्होंने मुझे ‘नमस्ते’ करके अभिवादन किया! भगवान, मुझे अब तक यकीन नहीं होता कि यह तस्वीर सच में है। यह दिन मेरे लिए कितना बड़ा था, मैं कभी नहीं भूलूंगा-उनसे मिलने से पहले की घबराहट, उनके साथ बिताया समय, और यह जानकर मिली खुशी कि उन्होंने हमारी फिल्म देखी और उसे पसंद किया। सच में ऐसा लगता है जैसे मैं हर अभिनेता का सपना जी रहा हूं।” होमबाउंड में अपनी गहराई भरी अदाकारी के लिए प्रशंसा पा चुके विशाल के लिए यह मुलाकात सिर्फ करियर की एक उपलब्धि नहीं, बल्कि एक निजी प्रेरणादायक और मान्यता भरा पल था। इस अनुभव के बारे में बात करते हुए विशाल ने कहा, “जब हमें पता चला कि हम लीजेंड मार्टिन स्कॉर्सेसी सर से मिलने वाले हैं, तब हमें लगा कि यह हमारे करियर का सबसे खास पल होगा। मेरे लिए यह बहुत अद्भुत है कि एक ही फिल्म ने मुझे इतने यादगार मौके दिए और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। जिस दिन उनसे मुलाकात तय हुई, हम थोड़े नर्वस थे। लेकिन जब हम उनसे मिले, तो वे बहुत शांत और सहज थे-मज़ाक कर रहे थे, अपनी फिल्मों और ज़िंदगी की बातें बता रहे थे। मैं उस पल को यादगार बनाना चाहता था, इसलिए मैंने उनसे एक फोटो के लिए कहा और उनसे ‘नमस्ते’ करने का अनुरोध किया-और उन्होंने बहुत प्यार से मान लिया। यह अनुभव बेहद खास था-उनके सामने होना, यह जानना कि उन्होंने हमारी फिल्म देखी, पसंद की और सराही।” ‘होमबाउंड’ की टीम ने अब आधिकारिक तौर पर अमेरिका में अपने ऑस्कर अभियान की शुरुआत कर दी है, जिसमें आने वाले हफ्तों में न्यूयॉर्क और लॉस एंजेलिस में कई स्क्रीनिंग्स और चर्चाएं आयोजित की जाएंगी।  

ठंड ने बढ़ाई कंपकंपी: जयपुर संभाग में शीत लहर की चेतावनी जारी

जयपुर उत्तर भारत में हुई बर्फबारी का असर अब राजस्थान में दिखने लगा है। राज्य में मौसम तेजी से बदल रहा है और सर्दी ने दस्तक दे दी है। पिछले कुछ दिनों से कई शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। रविवार को सीकर और टोंक में शीतलहर चली, जबकि फतेहपुर में न्यूनतम तापमान सबसे कम 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 से 5 दिनों तक राज्य में सर्दी स्थिर रहेगी और तापमान में कोई बड़ा उतार-चढ़ाव नहीं होगा। दिन में आसमान साफ रहेगा और धूप निकलेगी, लेकिन सुबह-शाम ठंडी हवाओं के साथ तेज सर्दी महसूस होगी। पिछले 24 घंटे में पूरे राज्य में मौसम शुष्क रहा। बाड़मेर, जोधपुर, बीकानेर और चित्तौड़गढ़ में अधिकतम तापमान 30 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। सबसे ज्यादा अधिकतम तापमान 33.6 डिग्री बाड़मेर में रहा, जबकि जयपुर में 29 और कोटा में 29.1 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज हुआ। मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक, उत्तरी हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के आसपास ऊपरी हवा में एक हल्का चक्रवाती तंत्र बना हुआ है, जिससे ठंडी हवाओं का असर थोड़ा कमजोर हुआ है। इस कारण राजस्थान में अगले एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहेगा और तापमान में खास बदलाव की संभावना नहीं है। जयपुर मौसम केंद्र का कहना है कि आज जयपुर, अजमेर संभाग में कहीं-कहीं शीतलहर चलने की संभावना है। बीते 24 घंटों में राजस्थान का तापमान राजस्थान में 9 नवंबर को सबसे अधिक तापमान बाड़मेर में 33.6 डिग्री और सबसे कम न्यूनतम तापमान फतेहपुर में 7 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। अजमेर का अधिकतम तापमान 29.7 और न्यूनतम 10.4, वनस्थली (टोंक) 30.1 और 9.9, अलवर 27.4 और 9, जयपुर 29 और 13.8, पिलानी 29.7 और 10.2, सीकर 27.5 और 7.5, कोटा 29.1 और 15, चित्तौड़गढ़ 30.3 और 11.4, उदयपुर 28.8 और 11.3, जैसलमेर 31.7 और 14.7, जोधपुर 31.5 और 12.2, बीकानेर 31.3 और 14.6, चूरू 30.5 और 9.7, गंगानगर 29.4 और 12.1, नागौर 30.8 और 8, बारां 28.1 और 10.3, हनुमानगढ़ 29.3 और 14.5, जालौर 31.8 और 11.2, सिरोही 29.6 और 8.8, फतेहपुर 30.5 और 7, करौली 28.2 और 9.5, दौसा 29.7 और 8.6, जबकि झुंझुनूं का तापमान 28.5 अधिकतम और 10.5 न्यूनतम दर्ज हुआ।

छत्तीसगढ़ और गुजरात के मुख्यमंत्रियों की मुलाकात: सहयोग और प्रगति पर हुआ विचार-विमर्श

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज गांधीनगर स्थित मुख्यमंत्री आवास में गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से सौजन्य भेंट की. इस अवसर पर दोनों मुख्यमंत्रियों ने परस्पर सहयोग एवं विकास के अनुभव साझा किए. मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को साकार करने में राज्यों की साझी भागीदारी और आपसी अनुभवों का आदान-प्रदान अत्यंत उपयोगी सिद्ध हो रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकारें अपने-अपने क्षेत्रों में नवाचार और सुशासन के माध्यम से भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ठोस योगदान दे रही हैं. मुख्यमंत्री साय ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल को बस्तर की लोककला और छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक गौरव पर आधारित बस्तर आर्ट तथा “बस्तर दशहरा” की कॉफी टेबल बुक भेंट की. इस पर मुख्यमंत्री पटेल ने छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति की सराहना करते हुए राज्य के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर संचालित विकासात्मक और जनकल्याणकारी कार्यों के लिए मुख्यमंत्री साय को शुभकामनाएँ दीं. दोनों मुख्यमंत्रियों ने भविष्य में गुजरात और छत्तीसगढ़ के बीच विभिन्न क्षेत्रों में परस्पर सहयोग को और सशक्त करने पर सहमति व्यक्त की.

नेहा शर्मा ने दिखाया पिता के समर्थन में दम, चुनावी मैदान में लगा बॉलीवुड का रंग

पटना  बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे और आखिरी चरण की चुनावी सरगर्मी रविवार को अपने चरम पर रही। इस बीच भागलपुर में फिल्म एक्ट्रेस नेहा शर्मा ने अपने पिता और कांग्रेस के दिग्गज प्रत्याशी अजीत शर्मा के समर्थन में ऐसा रोड शो निकाला कि शहर का माहौल चुनावी रंग और बॉलीवुड ग्लैमर में रंग गया। सुबह भदनाथ मंदिर में पिता-पुत्री ने माथा टेककर जीत की कामना की, और यहीं से शुरू हुआ वो विशाल रोड शो जिसने शहर की फिजा बदल दी। खुले जीप पर सवार नेहा शर्मा और अजीत शर्मा की एक झलक पाने को सड़कों पर उमड़ पड़ी भीड़ हजारों वाहनों के काफिले के साथ आगे बढ़ती रही। हाथों में कांग्रेस के झंडे और गूंजते नारे, “अजीत शर्मा जिंदाबाद”, “कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद” ने माहौल को रोमांचक बना दिया। नेहा शर्मा को देखने उतरी भीड़ नेहा शर्मा हर मोड़ पर ठहरकर लोगों का अभिवादन करती रहीं। भीड़ की तरफ हाथ हिलाते हुए उन्होंने अपील की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, “भागलपुर ने हमेशा पापा को प्यार और आशीर्वाद दिया है। उन्होंने शहर की तरक्की के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी। मैं भी इसी शहर की बेटी हूं, आप सब से एक बार फिर जीत का आशीर्वाद मांगती हूं।” लोगों की भीड़ नेहा शर्मा को देखने के लिए उमड़ पड़ी। जगह-जगह फूल, मालाएं और सेल्फी की होड़ ने रोड शो को सेलिब्रिटी-स्तर का आयोजन बना दिया। रैली नयाबाजार, सराय, नरगा चौक, चंपा नगर, मेदनी नगर और ततारपुर होते हुए रेलवे स्टेशन के पास जाकर समाप्त हुई। गौरतलब है कि अजीत शर्मा तीसरी बार मैदान में हैं और इस बार उनका मुकाबला एनडीए के उम्मीदवार बीजेपी के रोहित पांडेय से है।

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना अपडेट: राशि बढ़ी, अब मिलेगा 1500 रुपए

मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की राशि 1500 रूपये किये जाने की स्वीकृति आचार्य शंकर संग्रहालय "अद्वैत लोक" के निर्माण की पुनरीक्षित लागत 2424 करोड़ 369 लाख रूपये की स्वीकृति शासकीय भवनों पर रेस्को पद्धति से सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापना की स्वीकृति खण्डवा की तहसील मांधाता में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड के न्यायालय के लिए 7 नवीन पदों की स्वीकृति मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक सोमवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना अन्तर्गत दी जाने वाली मासिक आर्थिक सहायता राशि 1250 रूपये में वृद्धि कर 1500 रूपये किये जाने की स्वीकृति दी गयी है। मार्च 2023 से 1000 रुपये मासिक आर्थिक सहायता राशि के साथ योजना प्रारंभ की गई थी। सितंबर 2023 से 1,250 रुपये मासिक आर्थिक सहायता राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना में 250 रुपये की वृ‌द्धि कर नवंबर 2025 से 1500 रुपये मासिक आर्थिक सहायता राशि दिए जाने की स्वीकृति दी गयी है। योजना में 250 रुपये की वृ‌द्धि किए जाने पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में 1,793 करोड़ 75 लाख रुपये के अतिरिक्त बजट की आवश्यकता होगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 20,450 करोड़ 99 लाख रुपये संभावित व्यय होगा। आचार्य शंकर संग्रहालय "अद्वैत लोक" के निर्माण के लिए पुनरीक्षित स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा ओंकारेश्वर में एकात्म धाम परियोजना अंतर्गत किये जाने वाले कार्यों के लिए सूचकांक में छूट प्रदाय किये जाने एवं आचार्य शंकर संग्रहालय "अद्वैत लोक" के निर्माण के लिए पुनरीक्षित लागत 2424 करोड़ 369 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की गयी है। संस्कृति विभाग द्वारा ओंकारेश्वर में एकात्म धाम परियोजना में आचार्य शंकर की 108 फीट की बहूधातु प्रतिमा स्थापित की जायेगी। इसके साथ ही आचार्य शंकर के जीवन और दर्शन पर आधारित शंकर संग्रहालय, (अ‌द्वैत लोक) निर्माण, आचार्य शंकर अंतर्राष्ट्रीय वेदान्त संस्थान, अद्वैत निलयम आदि निर्माण कार्य किये जायेंगे। ये सभी निर्माण कार्य एमपीटीसी द्वारा किए जायेंगे। इसके लिए जून 2025 में 2195 करोड़ 54 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई थी। मंत्रि-परिषद ने पुनरीक्षित लागत 2424 करोड़ 369 लाख रुपये की स्वीकृति प्रदान की। शासकीय भवनों पर रेस्को पद्धति से सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापना की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना में जिले के सभी शासकीय भवनों पर रेस्को पद्धति से सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापना की स्वीकृति प्रदान की गयी। भारत सरकार के निर्देशानुसार प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत सभी शासकीय भवनों को सौर ऊर्जीकृत किये जाने के उ‌द्देश्य से प्रदेश में राज्य शासन के भवनों की छतों पर रेस्को पद्धति अंतर्गत सोलर रूफटॉप संयंत्र लगाए जाएंगे। शासकीय विभागों को इन सौर परियोजनाओं में कोई निवेश नहीं करना होगा। शासकीय कार्यालयों ‌द्वारा ऊर्जा के उपयोग के लिए रेस्को विकासक को प्रति यूनिट भुगतान करना होगा। यह दर डिस्कॉम की दरों से कम होना अपेक्षित हैं, जिससे शासकीय संस्थानों को बचत होगी। रेस्को मोड में शासकीय विभागों/ संस्थाओं के भवन पर विकासक इकाई द्वारा 25 वर्ष की अवधि के लिए सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित किये जायेंगे। इस पूरी अवधि तक सोलर रूफटॉप संयंत्र का रख-रखाव RESCO इकाई द्वारा किया जाएगा। रेस्को परियोजना में ऊर्जा विकास निगम ‌द्वारा प्रत्येक जिले के समस्त शासकीय भवनों जिनकी विद्‌युत् संयोजन की कांट्रेक्ट क्षमता 20 किलोवाट या अधिक है, को सौर ऊर्जीकृत किये जाने के लिए जिलेवार पृथक-पृथक निविदा का प्रावधान था। मंत्रि-परिषद द्वारा पृथक-पृथक के स्थान पर एक ही निविदा संचालित करने की स्वीकृति दी गयी है। 20 किलोवाट कांट्रेक्ट क्षमता से कम के संयत्रों की स्थापना रेस्को व्यवस्था के माध्यम से की जायेगी। वन्य क्षेत्रों एवं ऑफ ग्रिड क्षेत्रों में कैपेक्स मोड पर सोलर रूफटॉप संयत्र स्थापना के लिए भी स्वीकृति दी गई। मंत्रि-परिषद के निर्णय अनुसार भोपाल में 211 साइट्स पर कुल 15 हजार 695 किलोवॉट, बुरहानपूर में 14 साइट्स पर कुल 348 किलोवॉट, छिंदवाड़ा में 31 साइट्स पर कुल 1661 किलोवॉट, देवास में 14 साइट्स पर कुल 284 किलोवॉट, ग्वालियर में 97 साइट्स पर कुल 5267 किलोवॉट, इंदौर में 106 साइट्स पर कुल 3128 किलोवॉट, जबलपुर में 49 साइट्स पर कुल 1432 किलोवॉट, कटनी में 14 साइट्स पर कुल 383 किलोवॉट, खंडवा में 16 साइट्स पर कुल 311 किलोवॉट, मुरैना में 14 साइट्स पर कुल 364 किलोवॉट, रतलाम में 29 साइट्स पर कुल 1229 किलोवॉट, रीवा में 20 साइट्स पर कुल 535 किलोवॉट, सागर में 35 साइट्स पर कुल 847 किलोवॉट, सतना में 11 साइट्स पर कुल 444 किलोवॉट, सिंगरौली में 15 साइट्स पर कुल 413 किलोवॉट और उज्जैन में 24 साइट्स पर 714 किलोवॉट कि क्षमता वाले सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापित किये जायेंगे। मांधाता में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड के न्यायालय के लिए नवीन पदों की स्वीकृति मंत्रि-परिषद द्वारा खण्डवा की मांधाता तहसील में व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड के न्यायालय के लिए व्यवहार न्यायाधीश, कनिष्ठ खण्ड श्रेणी का एक नवीन पद तथा अमले अतर्गत तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के 6 पद, इस तरह कुल 7 नवीन पदों के सृजन एवं अनुमानित वित्तीय भार 52 लाख 76 हजार रूपये प्रतिवर्ष की स्वीकृति दी गयी है। मंत्रि-परिषद की बैठक वंदे-मातरम गायन के साथ शुरू हुई।    

आठवें वेतन आयोग अपडेट: सरकारी नौकरी में भी प्राइवेट जैसा सैलरी और इनाम, जोर होगा Efficiency और Accountability पर

नई दिल्ली  केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है. जल्द ही 8वां वेतन आयोग (8th Pay Commission) लागू हो सकता है, और इसके साथ सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है. वित्त मंत्रालय द्वारा जारी टर्म्स ऑफ रेफरेंस (Terms of Reference) के अनुसार, सरकार अब सरकारी नौकरियों की तनख्वाह को निजी क्षेत्र के बराबर लाने पर विचार कर रही है. इसका मकसद है कि सरकारी नौकरियां भी उतनी ही आकर्षक और प्रतिस्पर्धी बनें, जितनी निजी कंपनियों में होती हैं. अगर सरकार इन नई सिफारिशों को मंजूरी दे देती है, तो कर्मचारियों को निजी कंपनियों जैसा सैलरी स्ट्रक्चर मिल सकता है. इसमें खास जोर कार्यकुशलता (Efficiency), जवाबदेही (Accountability) और जिम्मेदारी (Responsibility) पर दिया जाएगा, ताकि हर विभाग में उत्पादकता (productivity) बढ़े और काम का बेहतर नतीजा सामने आए. आयोग को दी गई बड़ी जिम्मेदारी इस आयोग को ऐसा ढांचा तैयार करने की जिम्मेदारी दी गई है, जो कुशल और प्रतिभाशाली लोगों को सरकारी क्षेत्र में काम करने के लिए आकर्षित करे. अब सरकार चाहती है कि सरकारी नौकरी को सिर्फ “सुरक्षित रोजगार” नहीं, बल्कि एक ऐसा करियर माना जाए, जिसमें तरक्की, अच्छे वेतन और विकास के अवसर हों. वित्त मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक, आयोग यह मूल्यांकन करेगा कि सरकारी विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों के वेतनमान को किस तरह निजी क्षेत्र के लेवल के करीब लाया जा सकता है. खासकर उन पदों के लिए जहां तकनीकी विशेषज्ञता या स्पेशलाइज्ड नॉलेज की जरूरत होती है. इसका मतलब यह हो सकता है कि आईटी (IT), डेटा एनालिटिक्स (Data Analytics), इंजीनियरिंग (Engineering), विज्ञान (Science) और प्रशासन (Administration) जैसे क्षेत्रों के कर्मचारियों की सैलरी में बड़ा इजाफा किया जा सकता है. इससे सरकार को न केवल कुशल कर्मचारियों को बनाए रखने में मदद मिलेगी, बल्कि युवा पेशेवरों को भी सरकारी नौकरियों की ओर आकर्षित किया जा सकेगा. रिजल्ट देने वालों को मिलेगा बड़ा इनाम नया सैलरी स्ट्रक्चर ऐसा होगा जो रिजल्ट पर आधारित (Result-oriented) होगा, जिसमें कर्मचारियों को उनके प्रदर्शन (Performance) के अनुसार इनाम और पदोन्नति मिलेगी. इससे सरकारी कामकाज का कल्चर अधिक आधुनिक और पारदर्शी बन सकेगा. प्राइवेट सेक्टर में भी इसी आधार पर पदोन्नति होती है और सैलरी में इजाफा होता है. सबसे खास बात यह है कि 8वें वेतन आयोग में परफॉर्मेंस-बेस्ड बोनस सिस्टम (Performance-Linked Bonus) की सिफारिश की जा सकती है. यानी अब हर कर्मचारी को समान वेतन वृद्धि नहीं मिलेगी, बल्कि जो कर्मचारी मेहनत करेंगे और इनोवेशन दिखाएंगे, उन्हें ज्यादा मिलने की संभावना होगी. 7वें वेतन आयोग का फोकस सैलरी स्ट्रक्चर को सरल और संतुलित बनाना था, जबकि इस बार 8वां आयोग मेरिट (Merit) और कंपटीशन (Competition) पर आधारित ढांचा तैयार करने की दिशा में काम कर रहा है. अगर यह नया सैलरी स्ट्रक्चर लागू हो जाता है, तो भारत में सरकारी नौकरियों की छवि पूरी तरह बदल सकती है. अब सरकारी नौकरी को सिर्फ स्थायी और सुरक्षित मानने की बजाय, लोग इसे एक बेहतर, चुनौतीपूर्ण और सम्मानजनक करियर विकल्प के रूप में देखेंगे.

आडवाणी की तारीफ में थरूर का विवादित बयान, बीजेपी ने समर्थन किया, कांग्रेस पर तंज

 नई दिल्ली  8 नवंबर को बीजेपी के सबसे सीनियर नेता लालकृष्ण आडवाणी का जन्मदिन था. देश भर के प्रमुख नेताओं ने हमेशा की तरह बधाई दी, लेकिन कांग्रेस नेता शशि थरूर  विवादों में आ गए. शुभकामनाओं में लालकृष्ण आडवाणी के बारे में शशि थरूर की राय कुछ लोगों को रास नहीं आईं. करीब करीब वैसे ही जैसे एक जमाने में पाकिस्तान के संस्थापक मोहम्मद अली जिन्ना को लालकृष्ण आडवाणी का सेक्युलर बताया जाना बहुतों को हजम नहीं हुआ.  98 साल के लालकृष्ण आडवाणी के बारे में सुप्रीम कोर्ट के वकील संजय हेगड़े को शशि थरूर की राय नागवार गुजरी, तो कांग्रेस सांसद ने आगे बढ़ते हुए और अपनी दलील को दमदार बनाने के लिए आडवाणी की तुलना दो पूर्व प्रधानमंत्रियों जवाहरलाल नेहरू और इंदिरा गांधी से कर डाली – और लहजा ऐसा कि कांग्रेस ने आधिकारिक तौर पर शशि थरूर के बयान से दूरी बना ली.  हाल ही में, शशि थरूर ने भारतीय राजनीति में वंशवाद पर एक लेख लिखा था जिस पर उनके पहले के बयानों की ही तरह विवाद हुआ. शशि थरूर ने वैसे तो कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक वंशवाद की राजनीति का हवाला दिया था, लेकिन सबसे ऊपर चर्चा थी लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और बिहार चुनाव में महागठबंधन के मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार तेजस्वी यादव की. शशि थरूर के ताजा बयान पर कांग्रेस ने तो अपनी राय जाहिर कर ही दी है, बीजेपी की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है – वैसे भी 2014 में बीजेपी के केंद्र की सत्ता में आने के बाद से लगता तो यही है कि लालकृष्ण आडवाणी तो बस सम्मान की मूर्ति बनाकर पूजे जाते रहे हैं. मार्गदर्शक मंडल तो अब नाम मात्र भी नहीं बचा है, लेकिन 2024 में राम मंदिर उद्घाटन समारोह से भी उनको दूर ही रहना पड़ा.  शशि थरूर के बयान पर विवाद क्यों? लालकृष्ण आडवाणी के 98वें जन्मदिन के मौके पर शशि थरूर ने सोशल साइट X पर शुभकामनाएं देते हुए लिखा, लालकृष्ण आडवाणी जी को उनके 98वें जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं! जनसेवा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता, उनकी विनम्रता और शालीनता और आधुनिक भारत की दिशा तय करने में उनकी भूमिका अमिट है. एक सच्चे राजनेता, जिनका सेवामय जीवन अनुकरणीय रहा है. विरोध के स्वर अक्सर शशि थरूर को कांग्रेस के भीतर से सुनने पड़ते हैं, लेकिन ये बाहर से था. सुप्रीम कोर्ट के वकील संजय हेगड़े ने शशि थरूर के बयान पर कड़ा विरोध जताया. 'माफ कीजिए मि. थरूर' के साथ संजय हेगड़े ने अपनी पोस्ट की शुरुआत की, और लेखक खुशवंत सिंह का हवाला देते हुए लिखा, नफरत के बीज फैलाना जनसेवा नहीं है.  संजय हेगड़े ने आगे लिखा, रथयात्रा कोई एक वाकया नहीं थी. वो भारतीय गणराज्य के बुनियादी सिद्धांतों को पलटने की एक लंबी यात्रा थी. 2002 और 2014 की जमीन उसी यात्रा ने तैयार की, और उसके बाद की राजनीति को भी दिशा दी. जैसे द्रौपदी का अपमान महाभारत की पृष्ठभूमि बना, वैसे ही रथयात्रा और उसकी हिंसक विरासत आज तक देश की नियति को सताती रही है. अपने मौजूदा शरशय्या से भी उनकी तरह से कोई राजधर्म नहीं बताया गया. शशि थरूर ने संजय हेगड़े को जवाब देते हुए उनकी राय से सहमति तो जताई, लेकिन अपनी बात को वजन देने के लिए अपनी ही कांग्रेस पार्टी के दो नेताओं जवाहर लाल नेहरू और इंदिरा गांधी का उदाहरण देते हुए कहा कि किसी का भी मूल्यांकन उससे से जुड़ी किसी एक घटना के आधार पर नहीं किया जा सकता.  शशि थरूर ने X पर लिखा, 'संजय हेगड़े आपकी बात से सहमत हूं, लेकिन आडवाणी की लंबी सेवा को एक वाकये तक सीमित करना, चाहे वो कितनी भी महत्वपूर्ण क्यों न हो गलत है. नेहरू के पूरे राजनीतिक करियर का आकलन चीन की नाकामी के आधार पर नहीं किया जा सकता, और न ही इंदिरा गांधी के करियर का मूल्यांकन सिर्फ इमरजेंसी की वजह से किया जा सकता है… मेरा मानना ​​है कि हमें आडवाणी जी के प्रति भी यही शिष्टाचार दिखाना चाहिए.' कांग्रेस पर कसा 'नाजी' वाला तंज थरूर के बयान पर कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता पवन खेड़ा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, "कांग्रेस पार्टी को अपना नाम 'भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस' से बदलकर 'इंदिरा नाजी कांग्रेस' कर लेना चाहिए, क्योंकि यह इंदिरा गांधी की आपातकालीन मानसिकता और नाजी व्यवहार का तरीका है।" दरअसल, खेड़ा ने थरूर के बयान से कांग्रेस पार्टी को किनारे करते हुए कहा था, हमेशा की तरह थरूर अपनी निजी हैसियत से बोल रहे हैं।' इतना ही नहीं उन्होंने थरूर के इस बयान को कांग्रेस की लोकतांत्रिक भावना बताते हुए कहा कि एक कांग्रेस सांसद और सीडब्ल्यूसी सदस्य के रूप में काम करते हुए भी थरूर ऐसे बयान देते रहते हैं, जो कि कांग्रेस की विशिष्ट लोकतांत्रिक और उदारवादी भावना को दर्शाता है। कांग्रेस की तरफ से शशि थरूर के बयान पर जारी की गई इस प्रतिक्रिया पर अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए पूनावाला मुख्य विपक्षी दल की मंशा पर ही सवाल खड़े कर दिए। उन्होंने कहा, "हम सभी सार्वजनिक जीवन में शिष्टाचार बनाए रखते हैं। लेकिन इसी शिष्टाचार के लिए कांग्रेस पार्टी ने उनके (थरूर) के खिलाफ फतवा जारी कर दिया है। यह कांग्रेस की असहिष्णुता की भावना को दर्शाता है। उनके लिए कोई भी प्रतिद्वंद्वी दुश्मन जैसा है।" क्या कहा था थरूर ने? भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के 98वें जन्मदिन पर उनके साथ एक तस्वीर पोस्ट करते हुए थरूर ने उनकी तारीफ की थी। उन्होंने लिखा, "उनकी (आडवाणी) जनसेवा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता, विनम्रता और शालीनता तथा आधुनिक भारत की दिशा तय करने में उनकी भूमिका अमिट है। एक सच्चे राजनेता जिनका सेवामय जीवन अनुकरणीय रहा।" थरूर के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उनका विरोध करना शुरू कर दिया था। इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि किसी के पूरे जीवन को किसी एक घटना के आधार पर नहीं देखना चाहिए। जैसे नेहरू जी के जीवन को चीन से हार के लिए नहीं देख सकते, इंदिरा जी के जीवन को केवल आपातकाल के लिए याद नहीं कर सकते। ठीक उसी प्रकार का शिष्टाचार हमें आडवाणी जी के लिए भी रखना चाहिए। गौरतलब … Read more

‘चुनाव आयोग BJP का पाप धो रहा’ — तेजस्वी का तीखा हमला, कहा बिहार बदलेगा अब की बार

पटना दूसरे चरण के मतदान से पहले तेजस्वी यादव ने एनडीए और डबल इंजन सरकार पर जोरदार हमला किया है। सोमवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि चुनाव प्रचार समाप्त हो गया। कल दूसरे चरण का मतदान होगा। हमने 171 जनसभा की। हर जगह लोगों में बदलाव का मूड दिखा। बेरोजगारी, पलायन से लोग परेशान हैं। 20 साल राज करने पर भी एनडीए ने बिहार को अंतिम पायदान पर कर दिया। अब बिहार के लोगों को बिहार में ही सुविधा चाहिए। कोई छठ और दीपावली में ही घर न आये, हमेशा साथ रहे। उन्होंने नीतीश कुमार और नरेंद्र मोदी पर बिहार की जनता को पीछे रखने का आरोप लगाया और कहा कि 14 नवम्बर के बाद सब बदल जाएगा। तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार इस बार इतिहास रचेंगे। कलम राज ला रहे हैं। विकसित राज्य बनेगा। बीस सालों में मुख्यमंत्री केवल सुर्खियों में रहे। लेकिन अब बिहार केवल सुर्खियों में नहीं रहेगा। पढ़ाई, दवाई, कमाई, सिंचाई की सुविधा होगी। दूसरे राज्य न जाना पड़े, ऐसा बिहार बनाएंगे। उन्होंने चुनाव आयोग पर भी गंभार आरोप लगाया। कहा कि बीजेपी पाप करती है और इलेक्शन कमीशन उसे धोने का काम करता है। नाव आयोग पहले चरण के मतदान के 4 दिन बाद भी आंकड़े सार्वजनिक नहीं किये कि कितने महिला और पुरुषों ने मतदान किया। यह मजाक है। तकनीक के इस युग में ये हाल है। भाजपा के पाप को आयोग धो रहा है। आयोग मर चुका है। चुनाव आयोग बताए कि समस्तीपुर में इतनी वीवीपैट परचियां कहाँ से आई। कहा कि सत्ता में बैठे लोग घबराये हुए हैं। गृह मंत्री अमित शाह पटना में अधिकारियों को निर्देश दे रहे हैं। यह बता रहे हैं कि किन किन को उठाना है। जिला को रिटायर्ड अधिकारी निर्देश दे रहे हैं। लेकिन हमारी पैनी नजर है। तेजस्वी यादव ने का कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार में उद्योग-धंधों की बात नहीं करते,बस नकारात्मक भाषा का इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएम मोदी अपराधियों के साथ मंच साझा कर रहे हैं, जिनमें आनंद मोहन, अनंत सिंह और हुलास पांडे जैसे नाम शामिल हैं। ये लोग कोई संत हैं क्या। तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी में शामिल हो जाने पर किसी के भी सारे पाप धुल जाते हैं।