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भारत की ताकत, गांवों-पंचायतों और जनसामान्य की सामूहिक शक्ति में निहित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

खेत तालाबों के निर्माण में श्रेष्ठ कार्य के लिए अनूपपुर और बालाघाट को किया सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिलों के कलेक्टर एवं अधिकारियों को किया गया सम्मानित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आत्मनिर्भर पंचायत-समृद्ध मध्यप्रदेश विषय पर आयोजित तीन दिवसीय राज्य स्तरीय कार्यशाला का किया शुभारंभ भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि भारतीय व्यवस्था की मूल आत्मा स्थानीय स्वशासन रही है। हमारे यहां शासन गांव से शुरू होकर राष्ट्र की ओर बढ़ने वाला रहा है। इसी का परिणाम है कि भारतीय चिंतन में गांव को स्वराज और आत्मनिर्भरता की प्रथम इकाई माना गया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने जब आत्मनिर्भर भारत और सुशासन का दृष्टिकोण रखा, तब उन्होंने स्पष्ट कहा था कि भारत की ताकत उसके गांवों, पंचायतों और जनसामान्य की सामूहिक शक्ति में निहित है। आत्मनिर्भर पंचायत-समृद्ध मध्यप्रदेश विषय पर आयोजित यह वर्कशॉप, ग्राम स्वराज, स्थानीय आत्मनिर्भरता और विकसित भारत@2047 के लिए उठाया गया निर्णायक कदम है। गर्व का विषय है कि पंचायतों को प्रशासनिक रूप से दक्ष, वित्तीय रूप से सक्षम और सामुदायिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की ठोस रणनीति तैयार करने की इस यात्रा का नेतृत्व प्रदेश के पंचायत प्रतिनिधि कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पंचायत संस्थाओं को अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। जिला पंचायत और जनपद पंचायतों के उपाध्यक्ष अभी शिक्षा समितियों के अध्यक्ष होते हैं, लेकिन निरीक्षण के दौरान उनके सुझावों को शामिल नहीं किया जाता है। लेकिन अब उनके द्वारा किए विद्यालय के निरीक्षण और सुझावों को लिपिबद्ध किया जाएगा और शासन इन्हें अमल में लेकर कार्य करेगा। राज्य सरकार ने सरपंचों को पंचायत की गतिविधियों के लिए 25 लाख रूपए तक की राशि खर्च करने का अधिकार दिया है। यह तो केवल शुरुआत है, इस दिशा में आगे भी और पहल की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव पंचायतों को आत्मनिर्भर व समृद्ध बनाने के लिए आयोजित राज्य स्तरीय कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में आयोजित कार्यशाला का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना वाटर शेड विकास 2.0 के अंतर्गत वॉटर शेड महोत्सव का शुभारंभ किया। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों, सहयोगी संस्थाओं और नॉलेज पार्टनर संस्थाओं को पुरस्कृत भी किया। पुरस्कृत अधिकारियों और संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. यादव का समूह चित्र भी हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल ने स्मृति चिन्ह भेंट किया। कार्यशाला में पंचायत और ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह सहित बड़ी संख्या में जन-प्रतिनिधि, विषय-विशेषज्ञ व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग कि यह कार्यशाला 26 नवंबर तक चलेगी। पंचायतें निवेश और निवास की बेहतर व्यवस्था के लिए बनाएं मास्टर प्लान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान में पुरस्कार प्राप्त करने वाले अधिकारी-कर्मचारी और संगठनों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने पंचायतों को पीने के पानी का प्रबंध करने का अधिकार दिया है। पंचायतें विकास का संकल्प लेकर आगे बढ़ें। निवेश और निवास की बेहतर व्यवस्था के लिए मास्टर प्लान बनाएं। इसकी शुरुआत विदिशा जिले से की जा रही है। राज्य सरकार किसानों को सोलर पंप योजना के माध्यम से लाभ पहुंचा रही है। अगर कोई किसान तीन हॉर्स पावर से 5 हॉर्स पावर तक का सोलर पंप लेता है तो उसे 90 प्रतिशत का अनुदान मिलेगा। पंचायतें इस योजना को भी आगे बढ़ाएं। राज्य सरकार किसानों को बिजली के लिए आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। प्रदेश सरकार ने पंचायतों के माध्यम से एक बगिया मां के नाम की शुरुआत की है। इस दिशा में भी ग्राम स्तर पर कार्य करने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम में पधारे जिला पंचायत प्रतिनिधियों को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में जिला, जनपद और ग्राम पंचायतों को बनाया जा रहा है सशक्त मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि प्रदेश के गठन के बाद से इस कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में विभानसभा सत्र आयोजित होते थे, हमारी इच्छा है कि आप सभी (पंचायत प्रतिनिधि) नई विधानसभा तक पहुंचे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मंशा है कि आत्मनिर्भर भारत के लिए हमारी पंचायतें भी आत्मनिर्भर बने। उनके मार्गदर्शन में जिला पंचायत, जनपद पंचायत और ग्राम पंचायतों को सशक्त बनाया जा रहा है। गत वर्ष के समान दूसरे सम्मेलन का आयोजन कर पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य सरकार ने आपको आमंत्रित किया है। राज्य सरकार पंचायतों के समग्र विकास के लिए हर कदम पर साथ खड़ी है। जिला, जनपद और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक : मंत्री पटेल पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कहा कि यह राज्य स्तरीय कार्यशाला त्रि-स्तरीय पंचायत व्यवस्था बेहतर क्रियान्वयन के उद्देश्य से आयोजित की जा रही है। विकास और जनकल्याण गतिविधियों के बेहतर संचालन के लिए पंचायत प्रतिनिधियों और जिला जनपद अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। भारत में परम्परागत रूप से ग्राम विकास की व्यवस्था समाज और सरकार की संयुक्त भागीदारी पर आधारित थी। वर्तमान में भी गतिविधियों के बेहतर संचालन के लिए सामुदायिक सहभागिता आवश्यक है। मंत्री पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की हर पंचायत में दिसम्बर 2026 तक शमशान घाट और उसके लिए सभी बुनियादी सुविधाएं जुटाने का संकल्प लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पांचवें वित्त की राशि 6 हजार करोड़ की गई है, जो वर्तमान में पंचायतों के विकास का आधार बनी है। प्रदेश के दूरदराज के गांव पीएम जनमन योजना से पक्की सड़क से जुड़ रहे हैं। हमारा प्रदेश पीएम जनमन और पीएम आवास में देश में अग्रणी है। मंत्री पटेल ने कहा कि पंचायतों को आत्मनिर्भरता को केवल आर्थिक सम्पन्नता और स्वतंत्रता के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। गांवों में बीमारियां न हों, स्वच्छता के हरसंभव उपाय हों, गांव नशामुक्त हों, गांव में आपसी विवाद न हों और सामाजिक बुराइयों को रोकने में ग्राम पंचायतें सामूहिक इच्छा शक्ति के साथ कार्य करें, यह भी आदर्श आत्मनिर्भर पंचायत के लिए आवश्यक है। जल गंगा संवर्धन अभियान में श्रेष्ठ कार्य करने वालों का हुआ सम्मान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत श्रेष्ठ कार्य करने वाले … Read more

IMD की चेतावनी: तूफान सेन्यार से अगले दो दिन मूसलाधार बारिश की संभावना

 नई दिल्ली मानसून के शानदार सीज़न के बाद अब मौसम ने फिर करवट ले ली है। बंगाल की खाड़ी में साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण बनने वाले चक्रवाती तूफान सेन्यार की सक्रियता से देश के कई हिस्सों में अगले दो दिनों में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने इसके मद्देनजर अगले 48 घंटे के लिए कई राज्यों में चेतावनी जारी की है। मूसलाधार बारिश के लिए अलर्ट IMD ने बताया कि तूफान सेन्यार के प्रभाव से केरल, तमिलनाडु और आंध्रप्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश होने की संभावना है। इस दौरान बिजली चमकने, गरजने और 30-50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ धूल भरी आंधी का भी खतरा है। साइक्लोनिक गतिविधियों का असर अंडमान-निकोबार, यनम, रायलसीमा, लक्षद्वीप और माहे पर भी देखने को मिलेगा। इन इलाकों में अगले 48 घंटों में बादलों की झमाझम बरसात होने के साथ तेज हवाओं और बिजली गिरने की संभावना है। राजस्थान और दिल्ली में ठंड का असर मानसून के जाने के बाद राजस्थान और दिल्ली में मौसम ठंडा हो गया है। हालांकि, दिन के समय धूप के बीच तापमान में गिरावट का अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 48 घंटे में राजस्थान और दिल्ली के कई हिस्सों में तापमान 2-3 डिग्री तक नीचे गिर सकता है, जिससे ठंड का अहसास बढ़ेगा। सावधानियों की जरूरत IMD ने जनता से आग्रह किया है कि मूसलाधार बारिश और तेज हवाओं के दौरान सतर्क रहें। सड़क पर यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतें और नदी-नाले या तटीय इलाकों में अनावश्यक प्रवेश न करें। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय तूफान सेन्यार मौसम के पैटर्न को प्रभावित कर रहा है, और इसके असर से देश के कई हिस्सों में बारिश, तेज हवाएं और ठंड का असर देखने को मिलेगा।  

भोपाल के बड़े तालाब में होगी 8वीं इंटर स्टेट चैलेंजर्स एवं 45वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप

मुख्मंत्री डॉ. यादव करेंगे प्रतियोगिता का शुभारंभ मंत्री सारंग ने आयोजन स्थल का किया निरीक्षण भोपाल भोपाल के बड़े तालाब में खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा भारतीय रोइंग संघ के तत्वावधान में 8वीं इंटर स्टेट चैलेंजर्स एवं 45वीं जूनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप का आयोजन 26 से 30 नवंबर तक किया जा रहा है। इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में 23 राज्यों के लगभग 500 खिलाड़ी प्रतिभागिता करेंगे।खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने सोमवार को आयोजन स्थल पहुंचकर तैयारियों का निरीक्षण किया और संबंधित अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएँ अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुसार समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए, जिससे देशभर से आने वाले खिलाडियों और अधिकारियों को उत्कृष्ट अनुभव प्राप्त हो सकें। निरीक्षण के दौरान मंत्री सारंग ने आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं, सुरक्षा प्रबंधों, खिलाड़ियों के प्रशिक्षण क्षेत्रों, उपकरणों की उपलब्धता एवं तकनीकी तैयारियों का अवलोकन किया। मुख्यमंत्री डॉ यादव करेंगे शुभारंभ मंत्री सारंग ने बताया कि प्रतियोगिता का शुभारंभ 26 नवंबर को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बड़े तालाब के प्राकृतिक और अद्भुत सौंदर्य के बीच होने वाली यह प्रतियोगिता खिलाड़ियों और दर्शकों को एक अनूठा अनुभव प्रदान करेगी। राष्ट्रीय स्तर की वॉटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता का प्रमुख केंद्र बन रहा मध्यप्रदेश मंत्री सारंग ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर की वॉटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता का मध्यप्रदेश प्रमुख केंद्र बन रहा है। इस तरह के चैंपियनशिप के आयोजन से मध्यप्रदेश में वॉटर स्पोर्ट्स को और बढ़ावा मिलेगा तथा युवा खिलाड़ियों को नए अवसर प्राप्त होंगे। बड़े तालाब का विस्तृत क्षेत्र और अनुकूल जल परिस्थितियाँ देश के प्रमुख वॉटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिता स्थलों में से एक हैं। भोपाल का बड़ा तालाब वॉटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं के लिए एक बेहद खूबसूरत और उपयोगी डेस्टिनेशन मंत्री सारंग ने कहा कि भोपाल में इस स्तर की प्रतियोगिता का आयोजन होना प्रदेश के लिए गौरव का विषय है। भोपाल का बड़ा तालाब वॉटर स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं के लिए एक बेहद खूबसूरत और उपयोगी डेस्टिनेशन है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश वर्तमान में नेशनल रोइंग खेल में नेशनल चैंपियन भी है। यह हमारे खिलाड़ियों की मेहनत और प्रदेश की खेल नीतियों का परिणाम है। इस तरह की प्रतियोगिताओं से प्रदेश के वॉटर स्पोर्ट्स खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक उत्कृष्ट मंच मिलेगा। विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप व्यवस्थाएं करें सुनिश्चित मंत्री सारंग ने निरीक्षण के दौरान प्रतियोगिता के लिए सुरक्षा, चिकित्सा, जलपोत प्रबंध, टेक्निकल टीम, रेस ट्रैक मार्किंग सहित सभी व्यवस्थाओं को विश्वस्तरीय मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों, अधिकारियों एवं दर्शकों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।  

स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के बिगड़े बोल, SIR और BLO को लेकर चुनाव आयोग ने लिया नोटिस

रांची अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के एक और वायरल वीडियो से सियासी माहौल गरमा गया है। इस वीडियो में इरफान अंसारी चुनाव आयोग की ओर से चलाए जा रहे मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR पर विवादित बयान देते नजर आ रहे हैं। वह एक सभा में कहते नजर आ रहे हैं कि यदि कोई बूथ लेवल अधिकारी यानी बीएलओ आपके इलाके में एसआईआर के तहत वोटर लिस्ट से नाम काटने के लिए आए तो उसे घर में बंद कर दें। इस पर भाजपा ने पलटवार किया है तो चुनाव आयोग ने भी झारखंड सरकार से रिपोर्ट तलब की है। BLO नाम काटने आए तो घर में बंद कर दो वायरल वीडियो जामताड़ा जिले में आयोजित सेवा के अधिकार सप्ताह कार्यक्रम का बताया जा रहा है। इसमें झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी कहते नजर आ रहे हैं कि यदि कोई बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) आपके इलाके में एसआईआर के तहत वोटर लिस्ट से नाम काटने के लिए घर आए तो उसे घर में बंद कर दें। उन्होंने लोगों से भी अपील की कि एसआईआर के नाम पर आने वाले अधिकारियों को किसी भी कीमत पर नाम काटने न दें और उनकी जानकारी सीधे उनसे साझा करें। हालांकि इस बयान पर इरफान अंसारी का स्पष्टिकरण भी आ गया है। BJP का सवाल- संविधान खतरे में है या नहीं? इस बयान के बाद भाजपा ने इरफान अंसारी की तीखी आलोचना करते हुए इसे लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन और अराजकता को बढ़ावा देने वाला करार दिया। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा- झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी सार्वजनिक तौर पर बोल रहे हैं कि यदि चुनाव आयोग का कोई बूथ स्तर का अधिकारी आपके पास जानकारी लेने आए तो उसे बंधक बना लो। मैं इंडी गठबंधन से पूछना चाहता हूं कि यह लोकतंत्र को बंधक बनाने की निंदनीय कोशिश है या नहीं? क्या संविधान खतरे में है या नहीं? भाजपा ने इंडिया गठबंधन को घेरा भाजपा सांसद सुधाशु त्रिवेदी ने आगे आरोप लगाया कि जहां इंडी गठबंधन के लोग सत्ता में आते हैं, वहां संविधान की भावना दरकिनार कर दी जाती है। किस के लिए? कुछ संदिग्ध स्रोतों से वोट प्राप्त करके सत्ता पर काबिज होने के लिए। चुनाव आयोग ने मांगी रिपोर्ट वहीं इस पूरे प्रकरण पर चुनाव आयोग ने झारखंड सरकार से रिपोर्ट मांग ली है। चुनाव आयोग ने कहा है कि एसआईआर एक संवैधानिक प्रक्रिया है जिसका मकसद मतदाता सूची को साफ-सुथरा बनाना है। झारखंड में इस प्रक्रिया का अभी पूर्वाभ्यास चल रहा है लेकिन राजनीतिक दल इसे चुनावी हथियार बना रहे हैं। एसआईआर की प्रक्रिया में मतदाता सूची से मृत, फर्जी या अयोग्य मतदाताओं के नाम हटाने और नए पात्र मतदाताओं को जोड़ने का काम होता है। सफाई दी, कहा- नकली BLO के बारे में कही थी बात सियासी माहौल गरमाने के बीच इरफान अंसारी की ओर से सफाई भी आ गई है। उन्होंने एक्स पर अपने एक पोस्ट में लिखा- कुछ मीडिया संस्थानों ने मेरी बातों को गलत संदर्भ में पेश किया है जिसकी मैं कड़ी निंदा करता हूं। मैंने केवल इतना कहा था कि हमारे क्षेत्र में कुछ फर्जी लोग नकली BLO बनकर गरीबों को डराने और पैसे वसूलने की कोशिश कर रहे थे। ऐसे लोगों पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए और यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति नाम काटने या कोई अवैध कार्य करने आए तो उसकी सूचना तुरंत हमें और प्रशासन को दें। बदले सुर अब कहा- BLO हमारे सम्मानित पदाधिकारी झारखंड के मंत्री इरफान अंसारी ने आगे कहा है कि BLO चुनाव आयोग के अंग और हमारे सम्मानित पदाधिकारी हैं। उनकी जगह कोई फर्जी व्यक्ति नहीं ले सकता है। मैंने केवल यह मांग की है कि चुनाव आयोग सही तरीके से प्रक्रिया चलाए ताकि किसी गरीब, वंचित या आम नागरिक का नाम गलत तरीके से न कटने पाए। मैं हमेशा लोकतंत्र, संविधान और जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हूं।

डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के प्रावधानों को बनायें और पारदर्शी : मंत्री पटेल

भोपाल पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) लखन पटेल ने सोमवार को मंत्रालय में बैठक लेकर विभागीय कार्यक्रमों और योजनाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। श्री पटेल ने विशेष कर गौसंवर्धन गौसंरक्षण तथा प्रदेश में दुग्ध उत्पादन और डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिये नई प्रचलित डॉ. भीमराव अंबेडकर कामधेनु योजना के विषय में विस्तृत समीक्षा की। योजना के प्रावधानों को और अधिक पारदर्शी बनाए जाने के विषय में निर्देशित किया। विभाग में प्रचलित डेयरी प्लस योजना के अंतर्गत पशुओं के वितरण व्यवस्था को सुधार किए जाने की आवश्यकता के लिये निर्देश दिए। बैठक में प्रमुख सचिव उमाकांत उमराव, संचालक डॉ. पी.एस. पटेल, पशुधन एवं कुक्कुट विकास निगम के कार्यपालिक संचालक डॉ. प्रवीण शिंदे और उपसंचालक डॉ. प्रियकांत पाठक उपस्थित रहे।  

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के लिए 8 आईएएस नोडल अधिकारी नियुक्त

भोपाल  प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत प्रदेश के चयनित जिलों के लिए राज्य शासन द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों को जिला नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिला नोडल अधिकारी, भारत सरकार द्वारा निर्धारित टैम्पलेट्स अनुसार योजना के क्रियान्वयन के लिए अपने मार्गदर्शन में आवंटित जिलों की जिला कार्य योजना तैयार कराकर विकसित पोर्टल (Dashboard) पर अपलोड करायेंगे एवं जिले में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए नियमित रूप से निगरानी एवं सघन अनुश्रवण करेंगे।   सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी आदेश अनुसार किसान कल्याण तथा कृषि विकास संचालक  अजय गुप्ता को उमरिया, वि.क.अ., सह आयुक्त सह पंजीयक, सहकारी समिति  मनोज पुष्प को डिंडौरी, प्रबंध संचालक, मत्स्य महासंघ सु निधि निवेदिता को अलीराजपुर, प्रबंध संचालक, कृषि विपणन बोर्ड सह आयुक्त मंडी  कुमार पुरूषोत्तम को शहडोल, उप सचिव, किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग  संतोष कुमार वर्मा को सीधी, सदस्य सचिव नीति आयोग  ऋषि गर्ग को निवाड़ी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, रोजगार गांरटी परिषद  अवि प्रसाद को टीकमगढ़ और उप सचिव, नर्मदा घाटी विकास  राहुल धोटे को अनूपपुर का जिला नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।      

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने राष्ट्रीय जल पुरस्कार पाने वाले जिलों के कलेक्टर्स को वाटर शेड महोत्सव में दी बधाई

  भोपाल राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु द्वारा विगत 18 नवंबर को नई दिल्ली में आयोजित छठवें राष्ट्रीय जल पुरस्कार वितरण समारोह में मध्यप्रदेश के तीन जिलों को उत्कृष्ट उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया था। इस विशिष्ट उपलब्धि पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को भोपाल में आयोजित वाटर शेड महोत्सव में जल संचय के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम करने वाले जिला कलेक्टर्स एवं संबंधित अधिकारियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को मिला यह सम्मान सरकार के सतत प्रयासों, नवाचारों और जल संरक्षण की दिशा में समाज एवं प्रशासन के साझा संकल्प का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इन उपलब्धियों से अन्य जिले भी प्रेरित होंगे और जल संवर्धन, जल सुरक्षा तथा जन भागीदारी आधारित विकास का यह सफल मॉडल पूरे प्रदेश में और मजबूत होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी से जल संरक्षण के क्षेत्र में मध्यप्रदेश को अग्रणी राज्य बनाने में निरंतर योगदान देने की अपील की है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रपति द्वारा खरगोन जिले को सर्वश्रेष्ठ जिला श्रेणी (West Zone) में प्रथम पुरस्कार, खंडवा जिले को जल संचय–जन भागीदारी पहल (Western Zone) में प्रथम पुरस्कार तथा नगर पालिका परिषद गुना, जिला गुना को Best Urban Local Body श्रेणी में प्रथम पुरस्कार दिया गया है।

SIR फॉर्म 2025: MP में भाग और क्रमांक संख्या कैसे पता करें, पढ़ें स्टेप-बाय-स्टेप गाइड

भोपाल  मध्य प्रदेश में एसआईआर की प्रक्रिया चल रही है। बीएलओ लोगों के घर पर फॉर्म देकर आ रहे हैं। लेकिन इस फॉर्म को भरने में बड़ी भारी उलझन है। सबसे ज्यादा कंफ्यूजन लोगों को रिश्तेदारों और परिजनों के कॉलम में हो रही है। इसमें उनका इपिक नंबर के साथ-साथ भाग संख्या और क्रमांक संख्या भरना होता है। ऐसे में लोगों को यह पता नहीं चल पा रहा है कि यह होता क्या है, इसके बाद बीएलओ को सूचित करते हैं, तब उन्हें जानकारी मिलती है। आइए हम आपको बताते हैं कि फॉर्म भरने के दौरान आपको भाग संख्या और क्रमाक संख्या कहां मिलेगा। यहां हो रही है परेशानी दरअसल, एसआईआर के लिए सभी मतदाताओं को फॉर्म दिया जा रहा है। फॉर्म के सबसे ऊपरी भाग में मतदाताओं को अपना विवरण देना हैं। यहां तक लोगों को कोई समस्या नहीं होती है। इसके बाद नीचे में दो कॉलम हैं। बायीं ओर वाले कॉलम को मतदाता को खुद का विवरण भरना है। अगर वह 2003 के एसआईआर के समय मतदाता रहा हो। अगर आप नहीं रहें तो दायीं ओर वाले कॉलम में आपको उनके रिश्तेदारों या परिजनों के विवरण भरने हैं, जो 2003 में मतदाता रहे हों। इसी विवरण के दौरान भाग और क्रमांक संख्या की जरूरत इसी दौरान मतदाताओं को अपने रिश्तेदारों या परिजनों को भाग और क्रमांक संख्या की जरूरत पड़ती है। रिश्तेदारों या परिजनों से जब आप इसकी जानकारी मांगते हैं तो उन्हें भी नहीं पता होता है। उनके पास सिर्फ इपिक होता है और इपिक में मतदाता के बारे में ही जानकारी होती है। यहां से सिर्फ आपको उनका इपिक नंबर और विधानसभा क्षेत्र के बारे में जानकारी मिल सकती है। कहां से मिलेगा भाग और क्रमांक संख्या आइए हम आपको बताते हैं कि कहां से आपको भाग संख्या और क्रमांक संख्या मिलेगा। इसके लिए आपको सिंपल स्टेप्स को फॉलो करना है। सबसे पहले आपको मोबाइल के प्ले स्टोर में जाना है। वहां जाकर आपको वोटर हेल्पलाइन टाइप करना है। टाइप करने के बाद प्ले स्टोर के इंटरफेस पर यह एप आ जाएगा। इसके बाद इसे डाउनलोड करना है।  एप डाउनलोड करने के बाद इसको खोलना है। इसे खोलना के बाद ऊपर में आपको सर्च बार दिखेगा। सर्च बार पर आप जैसे ही क्लिक करेंगे तो नया इंटरफेस खुलेगा। यहां पर आपको चार ऑप्शन मिलेगा। इसमें पहले होगा कि आप मोबाइल नंबर के जरिए सर्च करिए। दूसरा बार कोड के जरिए, तीसरा अपना डिटेल्स डालकर सर्च करें। वहीं, चौथा ऑप्शन ज्यादा इजी है, इसमें सिर्फ आपको अपना इपिक नंबर डालना होगा। इसलिए हमें इपिक नंबर वाले ऑप्शन पर क्लिक करना होगा।  इसमें इपिक नंबर भरने के बाद सर्च टैब को दबा दीजिए। भाग संख्या और क्रमांक संख्या आपको मिल गया भाग और क्रमांक नंबर वहीं, इपिक नंबर वाले पर क्लिक करने के बाद आपके सामने नया इंटरफेस होगा। इसमें इपिक नंबर भरने का ऑप्शन आएगा। इपिक नंबर भरने के बाद सर्च ऑप्शन पर क्लिक कर दें। इस पर क्लिक करते ही आपका पूरा डिटेल आ जाएगा। इसमें में जो पार्ट नंबर होगा वह आपका भाग संख्या होगा। वहीं, सीरियल नंबर आपका क्रमांक संख्या होगा। इस तरह से आप बिना परेशानी फॉर्म भर सकते हैं।  

ब्लाइंड महिला टी20 वर्ल्ड कप: दुर्गा येवले के हौसले ने कोलंबो में भारत को जीत दिलाई

बैतूल   आज किसी भी क्षेत्र में लड़कियां खुद को साबित करने में पीछे नहीं हैं. जिसके उदाहरण हर एक सुबह के साथ आपको पढ़ने या सुनने मिल ही जाते हैं. वहीं ताजा उदाहरण की बात करें तो हाल ही में महिला क्रिकेट टीम ने आईसीसी विश्व कप जीत कर इतिहास रचा. वहीं पहले T20 ब्लाइंड महिला वर्ल्ड कप में भारत ने नेपाल को हराकर खिताब अपने नाम किया. ये खबर तो आप सभी ने पढ़ ही ली होगी, लेकिन हम आपको एक ऐसी महिला क्रिकेटर के बारे में बताने जा रहे हैं, जो मध्य प्रदेश के बैतूल की रहने वाली है. गरीबी और सामाजिक चुनौतियों के साथ उसने अपनी शारीरिक कमजोरी को हथियार बनाया और अपने घर-गांव प्रदेश का नाम रोशन किया. क्रांति गौड़ के बाद एक और महिला क्रिकेटर ने मध्य प्रदेश का नाम चमकाया है. चुनौतियों को हरा दुर्गा ने गाड़ा जीत का झंडा कहते हैं कि व्यक्ति के नाम का उसके जीवन पर गहरा असर पड़ता है. ये बात बैतूल की इस लड़की ने साबित कर दिखाया है. दुर्गा येवले (यादव) ने पहले टी-20 ब्लाइंड महिला वर्ल्ड कप में अच्छा प्रदर्शन करते हुए टीम को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई. इस जीत में बैतूल की दुर्गा येवले विश्व विजेता बनकर उभरी हैं. अपने नाम की तरह ही दुर्गा ने सारी चुनौतियों को पार कर श्रीलंका के कोलंबो के मैदान में सफलता के झंडे गाड़े. कोलंबो में आयोजित भारत और नेपाल के बीच हुए मुकाबले में भारत ने 7 विकेट से नेपाल को हराकर वर्ल्ड कप अपने नाम किया. ब्लाइंड क्रिकेट टूर्नामेंट में भारत ने नेपाल को हराया ब्लाइंड वर्ल्ड कप के इस सफर में दुर्गा का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा है. टीम इंडिया ने नेपाल की टीम को 5 विकेट पर 114 रन के स्कोर पर ही रोक दिया. इसके बाद भारत ने लक्ष्य का पीछा करते हुए 12 ओवर में ही 117 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया. देश के साथ मध्य प्रदेश, बैतूल और इंदौर स्थित महेश दृष्टिहीन कल्याण संघ में खासी खुशियां मनाई जा रही हैं. सरसरी तौर आप जान गए होंगे कि दोनों टीम के बीच कैसा मुकाबला रहा. बैतूल के छोटे से गांव की रहने वाली है दुर्गा अब खास बात यह है कि आखिर दुर्गा येवले कौन है. बैतूल की भैंसेदही तहसील के एक छोटे से गांव राक्सी के गौलीढाना गांव में 1 फरवारी 2003 को दुर्गा का जन्म हुआ था. उनके पिता खेती करते हैं. दुर्गा दो बहन और एक भाई में छोटी है. दुर्गा ने अपनी शुरुआती पढ़ाई गांव के ही सरकारी स्कूल से की. बताया जा रहा है कि पिता झब्बू येवले और टीचर नत्थू वडुकले का दुर्गा के जीवन में बहुत योगदान है. उनके सहयोग से वह बैतूल छात्रावास पहुंची. फिर पाढर ब्लाइंडर स्कूल से 9वीं और 10वीं कक्षा पूरी की. इसके बाद इंदौर के महेश दृष्टिहीन कल्याण संघ छात्रावास में एडमिशन लिया. दुर्गा के क्रिकेट सफर पर एक नजर, 50 फीसदी ब्लाइंडनेस इसके बाद दुर्गा ने पीछे मुड़कर नहीं देखा. नवंबर 2022 में ब्लाइंड क्रिकेट प्रतियोगिता आयोजित हुई थी. जहां कैंप में क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड इन एमपी के अध्यक्ष सोनू गोलकर ने दुर्गा की प्रतिभा को पहचाना. उसे जिला स्तरीय टीम में मौका दिया, उसके अच्छे प्रदर्शन को देखते हुए प्रदेश स्तरीय टीम में चयन हुआ. इसके बाद 2023 में बेंगलुरु, 2024 में हुबली और 2025 में केरल में राष्ट्रीय स्तर पर दुर्गा के शानदार प्रदर्शन ने उसे भारतीय टीम का हिस्सा बनाया और टी-20 ब्लाइंड वर्ल्ड कप के लिए सिलेक्ट हुई. जानकारी के लिए बताते चलें दुर्गा को 50 प्रतिशत ब्लाइंडनेस है. जिसके चलते वह बी 3 केटेगरी में खेलती हैं. टी-20 ब्लाइंड वर्ल्ड कप 11 नवंबर से 25 नवंबर तक खेला गया. जिसमें भारत, पाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, नेपाल, इंग्लैंड, अमेरिका और श्रीलंका सहित 7 टीमों ने हिस्सा लिया था. भारत और श्रीलंका ने मिलकर इस टूर्नामेंट की सह मेजबानी की थी. हौसला और मेहनत इंसान का सबसे बड़ा हथियार दुर्गा की इस उपलब्धि पर परिवार और गांव वाले खासा उत्साहित हैं. दुर्गा के कोच ने बताया कि वह हमेशा अपने क्रिकेट पर फोकस करती है. क्रिकेट बॉल में लगे घुंघुरू की आवाज सुनकर उसे बाउंड्री के पार पहुंचाने की कोशिश करती है. परिजनों और ग्रामीणों का कहना है कि मेहनत और हौसला इंसान को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकता है. वहीं अपनी इस कामयाबी पर दुर्गा का कहना है कि क्रिकेट उनका शौक है. गांव में सुविधाओं की कमी से उतना मौका नहीं मिल पाता था, लेकिन इंदौर छात्रावास और क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड की मदद से उन्हें अपने सपने को पूरा करने का मौका मिल रहा है. इंदौर से क्रिकेट के शौक को मिली हवा संस्था की प्रशासनिक अधिकारी डॉ डॉली जोशी ने बताया "महेश दृष्टिहीन कल्याण संघ की प्रतिभाशाली बालिका दुर्गा येवले ने प्रथम टी-20 महिला वर्ल्ड कप 2025 में टीम इंडिया का हिस्सा रही. दुर्गा ने पूरे वर्ल्ड कप मैच के दौरान अपने शानदार प्रदर्शन से भारत को विश्व चैंपियन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है. उन्होंने बताया मूल रूप से दुर्गा बैतूल की रहने वाली है, जो इंदौर स्थित संस्था में रहकर पीजी कोर्स कर रही है. उन्होंने कहा कि दुर्गा के अलावा बड़ी संख्या में संस्था की अन्य छात्राओं ने भी दृष्टिहीन खिलाड़ियों के लिए आयोजित विभिन्न क्रिकेट स्पर्धा में अपना नाम रोशन किया है. इसके लिए संस्था में होनहार छात्राओं को विभिन्न खेलों का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है. जिसे अब दुर्गा येवले ने प्रमाणित किया है. उन्होंने बताया फिलहाल दुर्गा कोलंबो से अपनी टीम के साथ भारत पहुंच गई है. जो जल्द ही इंदौर पहुंचेगी. दुर्गा की इस उपलब्धि पर संस्था में होनहार छात्रा का सम्मान भी किया जाएगा. कैसे खेलते हैं ब्लाइंड पर्सन क्रिकेट आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि ब्लाइंड पर्सन कैसे क्रिकेट खेल सकते हैं. इसमें एक सफेद प्लास्टिक की गेंद का यूज होता है. जिसके अंदर बॉल बेयरिंग भरे होते हैं. जब गेंद फेंकी जाती है, तो उसमें से आवाज आवाज आती है, जिसे खिलाड़ी सुन पाते हैं. हालांकि बॉलिंग से पहले बॉलर को पूछना होता है कि बल्लेबाज तैयार है. इसके बाद गेंद फेंकते समय प्ले चिल्लाना होता है. नॉर्मल क्रिकेट की … Read more

मुख्यमंत्री डॉ. यादव के विजन और प्रयासों से म.प्र. बना आइडियल इंवेस्टमेंट स्टेट

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मध्यप्रदेश में निवेश और औ‌द्योगिक विकास की दिशा को एक नई स्पष्टता और मजबूती दे रहे हैं। उनके नेतृत्व में उद्योगों से जुड़े नवाचार अब नीतियाँ और घोषणाओं तक सीमित नहीं रहे, बल्कि वास्तविक परियोजनाओं, निवेशकों के बढ़ते विश्वास और जमीन पर दिखाई देने वाली औ‌द्योगिक गतिविधियों के रूप में सामने आ रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शुरुआत से ही यह लक्ष्य तय किया कि मध्यप्रदेश को ऐसा निवेश-अनुकूल राज्य बनाया जाए, जहाँ उद्‌द्योगों को दीर्घकालिक अवसर मिले, युवाओं के लिए रोजगार का विस्तार हो और प्रदेश की अर्थव्यवस्था अधिक स्थिर, सक्षम और टिकाऊ बने। उनकी कार्यशैली की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि वे प्रत्येक नवाचार को व्यावहारिक और क्रियान्वयन-केंद्रित तरीके से आगे बढ़ाते हैं। निवेशकों से संवाद, नीतियों का सरलीकरण, प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और औ‌द्योगिक अवसंरचना के विस्तार आदि हर स्तर पर उन्होंने समयबद्ध और परिणाम-केंद्रित कार्य शैली को प्राथमिकता दी है। इसी कारण आज प्रदेश में उ‌द्योग स्थापना की गति पहले की तुलना में तेज दिखाई देती है, बड़े निवेश वास्तविक रूप से जमीन पर उतर रहे हैं और नए रोजगार अवसर निरंतर बढ़ रहे हैं। मध्यप्रदेश की वर्तमान औ‌द्योगिक प्रगति यह दर्शाती है कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव का नेतृत्व दूरदर्शी होने के साथ स्थिर, भरोसेमंद और परिणाम देने वाला है। प्रदेश अब केवल निवेश आकर्षित करने वाला राज्य नहीं, बल्कि उ‌द्योगों के लिए एक विश्वसनीय विकल्प और रोजगार सृजन के लिए एक मजबूत आधार के रूप में अपनी पहचान स्थापित कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में प्रदेश ने औ‌द्योगिक विकास और निवेश आकर्षण के नए आयाम स्थापित किए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में निवेश से जुड़े प्रयास व्यापक और बहु-स्तरीय रहे, जिनमें अंतरराष्ट्रीय, राष्ट्रीय और क्षेत्रीय स्तर पर निवेशक समुदाय के साथ संवाद को नए आयाम दिए गए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, जापान, दुबई और स्पेन में आयोजित सत्र महत्वपूर्ण साबित हुए, जिनसे प्रदेश को 89 हजार करोड़ रुपये से अधिक की निवेश अभिरुचि प्राप्त हुई। राष्ट्रीय स्तर पर मुंबई, बेंगलुरु, कोलकाता, पुणे, नई दिल्ली, कोयम्बटूर, सूरत, लुधियाना और असम में आयोजित संवादों ने 2.3 लाख करोड़ रूपये के निवेश प्रस्ताव और लगभग 2 लाख रोजगार अवसरों का आधार निर्मित किया। प्रदेश के विभिन्न संभागों और जिलों जैसे उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, सागर, रीवा, नर्मदापुरम और शहडोल में आयोजित क्षेत्रीय उ‌द्योग सम्मेलन (RIC) तथा रतलाम के राइज- रीजनल इंडस्ट्री स्किल एंड एम्प्लॉयमेंट कॉन्क्लेवकार्यक्रम ने 2.65 लाख करोड़ रुपये के निवेश और 3 लाख रोजगार अवसरों का सुदृढ़ आधार तैयार किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव का उद्देश्य केवल संवाद बढ़ाना नहीं रहा, बल्कि निवेश को वास्तविक रूप से धरातल पर उतारना उनकी प्रमुख प्राथमिकता रही है। इसी दृष्टि से मध्यप्रदेश जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) अधिनियम 2025 के माध्यम से 20 अधिनियमों के 44 प्रावधानों को अपराधमुक्त किया गया, जिससे निवेशकों और उ‌द्यमियों के लिए अनुपालन प्रक्रिया अधिक सरल, पारदर्शी और उ‌द्योग अनुकूल बनी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों के प्रत्यक्ष परिणाम जीआईएस 2025 में स्पष्ट रूप से दिखाई दिए, जहाँ प्रदेश को 26.61 लाख करोड़ रूपये की निवेश प्रस्ताव और लगभग 17 लाख रोजगार सृजित होंगे। इनमें से 6,20,325 करोड़ रुपये का निवेश वास्तविक रूप से जमीन पर उतर चुका है, जो निवेशकों के विश्वास और प्रदेश की निवेश-अनुकूल नीतियों का मजबूत प्रमाण है। औ‌द्योगिक अधोसंरचना के विस्तार में भी प्रदेश ने उल्लेखनीय प्रगति की है। पिछले दो वर्षों में 4,237 एकड़ भूमि उद्‌द्योगों को आवंटित की गई, जिससे 2 लाख करोड़ रूपये से अधिक निवेश और करीब 2.5 लाख रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। प्रदेश के 16,936 हेक्टेयर में विकसित 25 नए औ‌द्योगिक पार्क उ‌द्योगों के विस्तार के नए केंद्र बनकर उभर रहे हैं। विशेष औ‌द्योगिक पार्कों के विकास में भी मुख्यमंत्री डॉ. यादव की दूरदर्शिता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। धार में पीएम मिही पार्क वस्त्र उ‌द्योग के लिए नई संभावनाओं का केंद्र बन रहा है। यहाँ 2,158 एकड़ क्षेत्र में विकसित पार्क प्रदेश में 1 लाख प्रत्यक्ष और 2 लाख अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान देगा। उज्जैन में मेडिकल डिवाइस पार्क चिकित्सा उपकरण निर्माण के क्षेत्र में प्रदेश को नई पहचान दे रहा है। मुरैना का मेगा लेदर फुटवियर पार्क चमड़ा और फुटवियर उ‌द्योग के लिए बड़े पैमाने पर अवसर तैयार कर रहा है। मोहासा-बाबई, नर्मदापुरम में विकसित नवीकरणीय ऊर्जा उपकरण निर्माण क्षेत्र में दोनों चरणों में 1050 एकड़ से अधिक भूमि अग्रणी कंपनियों को आवंटित की गई है, जो प्रदेश की ग्रीन एनर्जी क्षमता को मजबूत कर रहा है। नीति सुधारों ने भी प्रदेश में उद्योग-अनुकूल वातावरण तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जीआईएस-2025 के दौरान राज्य सरकार ने 18 नई प्रगतिशील नीतियाँ जारी कीं, जिनमें औ‌द्योगिक प्रोत्साहन नीति 2025, निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025 और लॉजिस्टिक्स नीति 2025 जैसी नीतियों विशेष रूप से प्रभावकारी रही हैं। प्रदेश ने 'वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट' कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सिल्वर अवार्ड 2024 प्राप्त किया। समृद्ध मध्यप्रदेश @2047 दृष्टि-पत्र का विमोचन, उ‌द्योग एवं रोजगार वर्ष 2025 की उपलब्धियों का प्रस्तुतीकरण और इन्वेस्ट एमपीपोर्टल का शुभारंभ प्रदेश के निवेश-केंद्रित दृष्टिकोण को और मजबूती प्रदान करते हैं। इन सभी प्रयासों का सबसे बड़ा प्रभाव यह है कि अब प्रदेश में केवल प्रस्तावों की बात नहीं रही, बल्कि निवेशक वास्तविक रूप से उ‌द्योग स्थापित कर रहे हैं। रोजगार सृजन की गति तेज हुई है, औ‌द्योगिक गतिविधियाँ बढ़ी हैं और निवेशकों तथा सरकार के बीच भरोसे का वातावरण और मजबूत हुआ है। मध्यप्रदेश अपने औ‌द्योगिक सफर के उस चरण में प्रवेश कर चुका है, जहाँ नेतृत्व की स्पष्ट दिशा, प्रशासनिक प्रतिबद्धता और नीति-आधारित स्थिरता मिलकर एक ऐसा निवेश-अनुकूल माहौल निर्मित कर रहे हैं, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश को देश के प्रमुख औ‌द्योगिक राज्यों की पंक्ति में मजबूती से स्थापित करता दिखाई देता है।