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कांग्रेस को बिहार में बुरी हार के बाद बड़ा झटका, क्या बचा पाएगी पार्टी?

बेंगलुरु   चंद रोज पहले बिहार विधानसभा चुनाव में बुरी हार झेलने वाली कांग्रेस के सामने एक और बड़ा संकट आ गया है. पार्टी के सामने अब अपने अंतिम बड़े किले को बचाने की चुनौती आ गई है. दरअसल, हम बात कर रहे हैं कर्नाटक की, जहां सीएम पद को लेकर मौजूदा मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और उनके डिप्टी डीके शिवकुमार के बीच की लड़ाई दिल्ली दरबार तक पहुंच गई है. डीके शिवकुमार खेमा आक्रामक हो गया है और वह चाहता है कि पार्टी नेतृत्व अपने कथित वादे को पूरा करे. डीके शिवकुमार खेमे का कहना है कि 2023 में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद पार्टी नेतृत्व ने ढाई-ढाई साल के सीएम का फॉर्मूला दिया था. लेकिन, सिद्दारमैया खेमा ऐसे किसी फॉर्मूले से इनकार करता है. इस बीच बतौर सीएम सिद्दारमैया के ढाई साल पूरे हो गए हैं. दूसरी तरफ डीके शिवकुमार खेमा आक्रामक हो गया है. रिपोर्ट के मुताबिक रविवार रात से डीके शिवकुमार के करीबी दसियों विधायक दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं. वे पार्टी हाईकमान से मिलना चाहते हैं. हालांकि अभी तक उनकी पार्टी हाईकमान यानी लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी या फिर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से कोई मुलाकात नहीं हुई है. दिल्ली में डेरा डलाकर बैठे विधायकों ने पार्टी महासचिव संगठन केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक के प्रभारी महासचिव रणदीप सुरजेवाला से भी मुलाकात करने की कोशिश की, लेकिन उनकी ऐसी कोई मुलाकात नहीं हो सकी है. न्यूज18 से बातचीत में इन विधायकों ने कहा है कि वे दिल्ली इसलिए आए हैं ताकि वह पार्टी हाईकमान से स्पष्ट स्थिति जान सकें. सिद्दारमैया और डीके का दिल्ली दौरा बीते 14 नवंबर को बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद सीएम सिद्दारमैया और डीके शिवकुमार दोनों ने दिल्ली का दौरा किया था. सिद्दारमैया ने राहुल गांधी से मुलाकात भी की थी. उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा था कि राज्य में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई. उसी वक्त डीके शिवकुमार ने पार्टी अध्यक्ष खरगे से मुलाकात की थी. इस बीच ऐसी भी खबर आई कि डीके शिवकुमार का खेमा परोक्ष तौर पर भाजपा के संपर्क में है. हालांकि कर्नाटक भाजपा नेतृत्व ने ऐसी किसी भी संभावना से इनकार किया था. कांग्रेस के लिए कर्नाटक ही एक मात्र बड़ा राज्य है जहां वह अपने दम पर सरकार में है. कर्नाटक के अलावा तेलंगाना और हिमाचल प्रदेश में पार्टी की सरकार है. ये दोनों राज्य अपेक्षाकृत काफी छोटे हैं. लेकिन, अब कर्नाटक कांग्रेस के भीतर की आपसी खींचतान ने इस सरकार के भविष्य पर भी खतरा पैदा कर दिया है. सिद्दारमैया पूरे कार्यकाल के लिए सीएम पद पर बना रहना चाहते हैं. वह राज्य में पार्टी के सबसे कद्दावर नेता हैं. वह करीब आठ साल सीएम रह चुके हैं. वह पांच साल तक राज्य में विपक्ष के नेता रहे. सिद्दारमैया के इस अड़ियल रुख से पार्टी हाईकमान धर्मसंकट में फंस गया है. डीके शिवकुमार पार्टी के जूझारू नेता हैं. वह प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं और बीते 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को सत्ता में लाने की उनकी अहम भूमिका थी.

छोटे बच्चों को सोशल मीडिया से बचाने के लिए मलेशिया ने शुरू की नई योजना

क्वालालंपुर ऑस्ट्रेलिया के बाद मलेशिया भी बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगाने की तैयारी कर रहा है। मलेशिया अगले साल से 16 साल से कम उम्र के यूजर्स के लिए सोशल मीडिया पर बैन लगा सकता है। मलेशिया के अलावा और भी कई देश ऐसे हैं, जहां बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर बैन लगा रखा है। इन देशों ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर डिजिटल प्लेटफॉर्म तक पहुंच को सीमित करने का फैसला लिया है। मलेशिया के संचार मंत्री फहमी फदजिल ने रविवार को कहा कि सरकार ऑस्ट्रेलिया और दूसरे देशों में सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर उम्र की पाबंदी लगाने के तरीकों पर विचार कर रही है। उन्होंने युवाओं को साइबरबुलिंग, फाइनेंशियल स्कैम और बच्चों के यौन शोषण जैसे ऑनलाइन अपराधों से बचाने के लिए इस फैसले की जरूरत बताई। मलेशिया की लोकल मीडिया द स्टार की रिपोर्ट में कहा गया, “हमें उम्मीद है कि अगले साल तक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स सरकार के उस फैसले को मान लेंगे, जिसमें 16 साल से कम उम्र के लोगों के यूजर अकाउंट खोलने पर रोक लगाई गई है।” बच्चों के मेंटल हेल्थ और सुरक्षा पर सोशल मीडिया का असर दुनिया भर में एक बढ़ती हुई चिंता बन गया है। चाहे टिकटॉक हो या स्नैपचैट, गूगल या फिर मेटा के सभी प्लेटफॉर्म (फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम), यह बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य के लिए संकट का कारण बनता जा रहा है। इन प्लेटफॉर्म्स पर बच्चों के मेंटल हेल्थ संकट को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका के लिए अमेरिका में केस भी चल रहे हैं। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया में, अगले महीने से 16 साल से कम उम्र के सभी सोशल मीडिया यूजर्स के रजिस्टर्ड अकाउंट को डीएक्टिवेट किया जाएगा। इसपर पूरी दुनिया की नजर टिकी हुई है। मलेशिया हाल ही में सोशल मीडिया कंपनियों पर कड़ी नजर रख रहा है। उनका कहना है कि ऑनलाइन जुए और नस्ल, धर्म और हानिकारक पोस्ट जैसे कंटेंट तेजी से बढ़ रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मलेशिया में 8 मिलियन से अधिक यूजर्स वाले प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग ऐप्स को जनवरी में लागू हुए नए नियम के तहत लाइसेंस लेना अनिवार्य है।

रायपुर से दिल्ली तक गूंजा छत्तीसगढ़ का लोक रंग, राजधानी में शानदार प्रस्तुति

रायपुर : देश की राजधानी में छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति का भव्य प्रदर्शन लोक कलाकारों की मनमोहक प्रस्तुति में भारत मंडपम में दिखी छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक छटा रायपुर राजधानी दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आज छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति और परंपराओं का अद्भुत संगम दिखाई दिया। 44वें भारत अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले  में छत्तीसगढ़ रजत जयंती वर्ष के अवसर पर  आयोजित सांस्कृतिक संध्या ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। छत्तीसगढ़ के लोक कलाकारों ने अपनी पारंपरिक नृत्य-शैली और विविध लोक-सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से पूरे वातावरण में उत्साह, ऊर्जा और आनंद भर दिया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री  लखनलाल देवांगन, रायपुर लोकसभा सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, जांजगीर-चांपा लोकसभा सांसद मती कमलेश जांगड़े, कांकेर लोकसभा सांसद  भोजराज नाग सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने दीप प्रज्वलन कर की। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ पवेलियन का अवलोकन किया तथा विभिन्न स्टॉलों में प्रदर्शित कला-कृतियों, हस्तशिल्प और उत्पादों को देखा। उन्होंने कलाकारों और उद्यमियों द्वारा किए जा रहे कार्यों की सराहना की तथा उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि देश की राजधानी में “छत्तीसगढ़िया सबले बढ़िया” की गूंज सुनकर प्रत्येक छत्तीसगढ़ वासी गर्व से भर उठता है।   मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी द्वारा रायपुर में देश के पहले डिजिटल जनजातीय संग्रहालय के लोकार्पण का उल्लेख करते हुए इसे छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर स्थापित करने वाला ऐतिहासिक कदम बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ कला, संस्कृति और परंपराओं की समृद्ध भूमि है, जहाँ तीज-त्योहार, लोक-नृत्य और पारंपरिक कलाएँ आज भी उसी उत्साह और गरिमा के साथ संरक्षित हैं। उन्होंने मिलेट्स उत्पादन, स्थानीय हस्तशिल्प और जनजातीय परंपराओं को राज्य की असीम संभावनाओं का प्रतीक बताया तथा कहा कि राज्य सरकार कलाकारों के संरक्षण, आर्थिक सहयोग और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर को और सशक्त बना रही है। मुख्यमंत्री ने देशवासियों को छत्तीसगढ़ आने तथा इसकी सादगी, सांस्कृतिक संपन्नता और प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव करने के लिए आमंत्रित किया। सांस्कृतिक संध्या में कलाकारों ने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोक-कलाओं की एक से बढ़कर एक झलक प्रस्तुत की।गौरा-गौरी, भोजली, राउत नाचा, सुआ नृत्य, पंथी और करमा नृत्य जैसी लोक-शैली की सजीव प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मोहित कर लिया। सुआ नृत्य की गीतमय अभिव्यक्ति, राउत नाचा की जोशीली लय, पंथी की आध्यात्मिक छटा और करमा की मनभावन प्रस्तुति ने छत्तीसगढ़ की विविधता और लोक परंपराओं की गहराई को प्रभावी रूप से सामने रखा। पूरे कार्यक्रम के दौरान दर्शक तालियों की गड़गड़ाहट से कलाकारों का उत्साहवर्धन करते रहे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष राकेश पाण्डेय, छत्तीसगढ़ राज्य औद्योगिक विकास निगम के अध्यक्ष  राजीव अग्रवाल, छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष  नीलू शर्मा,  छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष  शशांक शर्मा, विधायक  संपत अग्रवाल,  प्रबोध मिंज, मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार  पंकज झा, मुख्य सचिव  विकास शील,  पर्यटन, संस्कृति एवं जनसंपर्क विभाग के सचिव  रोहित यादव, सीएसआईडीसी के महाप्रबंधक  विश्वेश कुमार, संस्कृति विभाग के संचालक  विवेक आचार्य, खादी ग्रामोद्योग सचिव  श्याम धावड़े, इन्वेस्टमेंट कमिश्नर मती ऋतु सैन, आवासीय आयुक्त मती श्रुति सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में CM विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ पवेलियन का किया अवलोकन

रायपुर : अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ पेवेलियन का किया अवलोकन हस्तशिल्प, वन-उत्पाद और पारंपरिक कला ने खींचा देश-विदेश के खरीदारों का ध्यान रायपुर भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेले में आज छत्तीसगढ़ पेवेलियन आकर्षण का केंद्र बना रहा। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ के पेवेलियन का भ्रमण कर विभिन्न स्टॉलों का अवलोकन किया। उन्होंने  पेवेलियन में प्रदर्शित उत्पादों और नवाचारों की प्रशंसा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ वैश्विक व्यापार मंचों पर लगातार अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की पारंपरिक कला, हस्तशिल्प, वनोपज आधारित उत्पाद और पारंपरिक कला वैश्विक बाजार में अपनी विशेष पहचान बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि “देश-विदेश के खरीदारों के बीच छत्तीसगढ़ी उत्पादों की बढ़ती मांग स्थानीय अर्थव्यवस्था की मजबूती और हमारे कारीगरों के सम्मान को नई दिशा दे रही है। यह ‘आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़’ के हमारे संकल्प की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।” उन्होंने पवेलियन में प्रदर्शित कोसा सिल्क, धातु-शिल्प, ढोकरा कला, प्राकृतिक वन-आधारित उत्पाद, मिलेट-आधारित फूड प्रोडक्ट्स और सूक्ष्म उद्यमों के अभिनव मॉडल की सराहना की।  मुख्यमंत्री ने पेवेलियन में बस्तर की समृद्ध विरासत और कलाकृतियों के प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने डिजिटल टीवी पर प्रसारित डॉक्यूमेंट्री ‘बदलता बस्तर (आमचो बस्तर)’  का अवलोकन करते हुए कहा कि डॉक्यूमेंट्री में आज का नया बस्तर स्पष्ट दिखाई देता है। बस्तर बदल चुका है, और यह डॉक्यूमेंट्री उसी परिवर्तन का जीवंत अवलोकन कराती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य  सरकार जनजातीय और ग्रामीण उत्पादों को राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुँचाने के लिए विभिन्न योजनाओं और संस्थागत समर्थन को निरंतर मजबूत कर रही है। इस अवसर पर उद्योग मंत्री  लखन लाल देवांगन, लोकसभा सांसद  बृजमोहन अग्रवाल, मती कमलेश जांगड़े एवं अन्य जनप्रतिनिधि तथा अधिकारी उपस्थित थे।

तीन तूफान एक साथ, 4 राज्यों में भारी आफत का अलर्ट

नई दिल्ली भारतीय मौसम विभाग जिस बात का डर जता रहा था, वह अब सच होता दिख रहा है. मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया मौसम तंत्र तेजी से सक्रिय हो रहा है और आने वाले दिनों में यह बड़े चक्रवाती खतरे का रूप ले सकता है. आईएमडी की तरफ से जारी ताजा मौसम अपडेट में बताया गया है कि मलेशिया और स्ट्रेट ऑफ मलक्का के पास मौजूद निम्न दबाव का क्षेत्र फिलहाल वहीं पर बना हुआ है और इसके साथ जुड़ा साइक्लोनिक सर्कुलेशन 7.6 किलोमीटर ऊंचाई तक सक्रिय है. अनुमान है कि यह सिस्टम पश्चिम-उत्तरपश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए अगले 24 घंटे में दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर डिप्रेशन में बदल जाएगा और इसके बाद अगले 48 घंटों में चक्रवाती तूफान के रूप में दक्षिण बंगाल की खाड़ी में तीव्र हो सकता है. इस बीच कोमोरिन क्षेत्र और उसके आसपास भी ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है, जिसकी वजह से 25 नवंबर के आसपास कोमोरिन क्षेत्र, दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और श्रीलंका के पास एक और लो प्रेशर एरिया बनने की पूरी संभावना है. यह सिस्टम बाद में और अधिक सक्रिय हो सकता है. वहीं दक्षिण-पूर्व अरब सागर में बना चक्रवाती परिसंचरण भी फिलहाल बरकरार है. इन तीन अलग-अलग मौसम प्रणालियों के एक साथ सक्रिय रहने के कारण दक्षिण भारत और आसपास के समुद्री इलाकों में मौसम तेजी से बिगड़ रहा है. चार राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट इन साइक्लोनिक सिस्टम के प्रभाव से तमिलनाडु, केरल, लक्षद्वीप, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह और तटीय आंध्र प्रदेश में अगले पांच दिनों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर शुरू होने जा रहा है. तमिलनाडु में 25 से 27 नवंबर तक भारी बारिश के साथ 28, 29 और 30 नवंबर को बहुत भारी वर्षा की चेतावनी जारी की गई है. वहीं केरल और माहे में 26 नवंबर तक भारी वर्षा की संभावना है. अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 25 से 29 नवंबर के बीच लगातार तेज बारिश होने की चेतावनी है, जबकि 26 से 28 नवंबर के दौरान यहां बहुत भारी वर्षा की आशंका है. तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 29 और 30 नवंबर को भारी बारिश की संभावना जताई गई है. मौसम विभाग की तरफ से जारी अपडेट के मुताबिक, तमिलनाडु में 24 से 28 नवंबर तक, केरल और माहे में 24 से 26 नवंबर तक और तटीय आंध्र प्रदेश में 27 और 28 नवंबर को आकाशीय बिजली गिरने के साथ गरज-चमक की संभावना है. अंडमान और निकोबार द्वीपों में छह दिनों तक गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जिनकी रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. कुछ इलाकों में हवा की गति और बढ़कर 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की आशंका है. मछुआरों के लिए अलर्ट समुद्र में मौसम अत्यंत खराब रहने वाला है, इसलिए मछुआरों के लिए चेतावनी जारी की गई है. उन्हें 27 नवंबर तक दक्षिण अंडमान सागर में, 25 से 28 नवंबर तक दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में, 29 नवंबर तक दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, कोमोरिन और तमिलनाडु-पुदुचेरी-श्रीलंका तटों पर और 27 से 30 नवंबर तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तथा आंध्र प्रदेश तट के पास समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है. केरल तट, लक्षद्वीप और मालदीव के आसपास भी 27 नवंबर तक समुद्र में जाने पर रोक है. पहले से समुद्र में मौजूद नावों और नौकाओं को जल्द से जल्द सुरक्षित तटों पर लौटने की सलाह दी गई है, जबकि आंध्र प्रदेश तट के मछुआरों को 28 नवंबर से पहले वापसी अनिवार्य कर दी गई है. उत्तर भारत में बढ़ रही ठंड, यूपी में घने कोहरे का अलर्ट दूसरी तरफ देश के उत्तर-पश्चिमी राज्यों में सर्दी धीरे-धीरे दस्तक दे रही है और अगले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट होने की संभावना है. मध्य भारत में भी अगले कुछ दिनों में ठंड बढ़ सकती है. वहीं उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्से और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में 25 नवंबर की रात और सुबह के समय घना कोहरा छाने की चेतावनी जारी की गई है. कुल मिलाकर बंगाल की खाड़ी में बन रहा निम्न दाब क्षेत्र लगातार मजबूत हो रहा है और यह सिस्टम आने वाले दिनों में बड़े चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है. दक्षिण भारत, अंडमान-निकोबार और तटीय आंध्र प्रदेश में इस सिस्टम का असर सबसे ज्यादा दिखाई देगा, इसलिए प्रशासन और जनता दोनों के लिए सावधानी बरतना बेहद जरूरी है. मौसम विभाग ने अगले दिनों में नियमित अपडेट का पालन करने की सलाह दी है.

बस्तर की बेटी सुभद्रा कश्यप ने राष्ट्रीय एकलव्य स्पोर्ट्स मीट में बनाया इतिहास, शतरंज में जीता स्वर्ण

बस्तर की बेटी सुभद्रा कश्यप ने राष्ट्रीय एकलव्य स्पोर्ट्स मीट में रचा इतिहास, शतरंज प्रतियोगिता में बनी स्वर्ण पदक विजेता रायपुर बस्तर जिले के लोहण्डीगुड़ा स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय गढ़िया की कक्षा 8 वीं की होनहार छात्रा सुभद्रा कश्यप ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। सुभद्रा ने हाल ही में ओडिशा के सुंदरगढ़ में आयोजित चौथे एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय स्पोर्ट्स मीट में शानदार प्रदर्शन करते हुए शतरंज प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय गढ़िया लोहण्डीगुड़ा की इस प्रतिभाशाली बालिका ने राष्ट्रीय स्तर की इस प्रतिष्ठित खेल प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उसकी निर्णायक चालों और एकाग्रता ने उसे पोडियम के शीर्ष पर पहुँचाया। संस्था प्रमुख श्रीमती ऊषा शुक्ला ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा सुभद्रा ने न केवल अपने विद्यालय और परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि उसने यह भी साबित कर दिया है कि प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती। उसकी यह जीत क्षेत्र की अन्य बालिकाओं के लिए एक बड़ी प्रेरणा है। सुभद्रा कश्यप की यह सफलता बस्तर के ग्रामीण और आदिवासी बहुल क्षेत्र की अन्य युवा प्रतिभाओं के लिए एक प्रेरणा का नया स्रोत बन गई है। एक छोटे से क्षेत्र की बालिका का राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण पदक जीतना यह दर्शाता है कि सही अवसर और मार्गदर्शन मिलने पर ये बच्चे किसी भी क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं। यह उपलब्धि छत्तीसगढ़ राज्य और पूरे बस्तर संभाग के लिए गौरव का विषय है।

टी-ब्रेक तक अफ्रीकी टीम का स्कोर 107/3, क्या मैच ड्रॉ होगा या बनेगा विजेता?

गुवाहाटी  भारत और साउथ अफ्रीका के बीच गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में टेस्ट सीरीज का दूसरा और आखिरी मुकाबला जारी है. आज इस मुकाबले का चौथा दिन है. साउथ अफ्रीका अपनी दूसरी पारी में बैटिंग कर रही है. ट्रिस्टन स्टब्स और टोनी डी जोरजी नॉटआउट बल्लेबाज हैं. अफ्रीकी टीम के 3 विकेट धड़ाम हो चुके हैं. गुवाहाटी टेस्ट मैच के चौथे दिन के खेल से जुड़े अपडेट्स के लिए इस पेज को रिफ्रेश करते रहिए… इस मुकाबले में साउथ अफ्रीका ने अपनी पहली पारी में 489 रनों का स्कोर खड़ा किया था. जवाब में भारत ने अपनी पहली पारी में सिर्फ 201 रन बनाए. यानी पहली इनिंग्स के आधार पर साउथ अफ्रीका को 288 रनों की बड़ी लीड मिली. टीम इंडिया को सीरीज ड्रॉ कराने के लिए ये मैच जीतना ही होगा. भारतीय टीम को कोलकाता में आयोजित सीरीज के पहले टेस्ट मैच में 30 रनों से हार का झेलनी पड़ी थी. ऐसी रही है साउथ अफ्रीका की दूसरी पारी दूसरी पारी में साउथ अफ्रीका की शुरुआत सधी रही. खेल के तीसरे दिन के आखिरी सेशन में रयान रिकेल्टन और एडेन मार्करम ने भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया और 8 ओवर्स बिना किसी क्षति के निकाले. स्टार तेज गेंदबाजों मोहम्मद सिराज और जसप्रीत बुमराह इस दौरान नई गेंद से कमाल नहीं कर पाए. खेल के चौथे दिन रवींद्र जडेजा ने भारतीय टीम को पहली कामयाबी दिलाई. जडेजा ने रयान रिकेल्टन (35 रन) को मोहम्मद सिराज के हाथों कैच आउट कराया. रिकेल्टन और एडेन मार्करम के बीच पहले विकेट के लिए 59 रनों की साझेदारी हुई. इसके बाद जडेजा ने एक बार फ‍िर अपनी फ‍िरकी का जाल ब‍िछाया और एडेन मार्करम को बोल्ड कर दिया. थोड़ी देर बाद ही टेम्बा बावुमा 3 रन के स्कोर पर वॉश‍िंगटन सुंदर की गेंद पर चलते बने.  साउथ अफ्रीका की दूसरी पारी का स्कोरकार्ड:  बल्लेबाज                        विकेट                                          रन रयान रिकेल्टन     कैच मोहम्मद सिराज, बोल्ड रवींद्र जडेजा     35 एडेन मार्करम     बोल्ड जडेजा                                               29  ट्रिस्टन स्टब्स     नाबाद       टेम्बा बावुमा      कैच रेड्डी बोल्ड वॉश‍िंंगटन सुंदर                       03  टोनी डी जोरजी      नाबाद        विकेट पतन: 1-59 (रयान रिकेल्टन, 18.3 ओवर), 2-74 (एडेन मार्करम, 28.1 ओवर), 3-77 (टेम्बा बावुमा, 31.3 ओवर) भारत की पहली पारी: मार्को जानसेन का 'सिक्सर' भारतीय टीम की पहली पारी में शुरुआत अच्छी रही थी, लेकिन उसके बाद उसने मोमेंटम गंवा दिया. भारतीय टीम के लिए सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने 7 चौके और एक छक्के की मदद से 97 गेंदों पर 58 रन बनाए. वहीं वॉशिंगटन सुंदर ने 2 चौके और एक छक्के की सहायता से 92 बॉल पर 48 रनों का योगदान दिया. वॉशिंगटन सुंदर ने इस दौरान कुलदीप यादव के साथ मिलकर आठवें विकेट के लिए 72 रन जोड़े, जिसके चलते भारतीय टीम थोड़ा सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचने में कामयाब रही. साउथ अफ्रीका के लिए तेज गेंदबाज मार्को जानसेन ने घातक गेंदबाजी करते हुए 6 विकेट चटकाए. स्पिनर साइमन हार्मर को भी तीन सफलताएं हासिल हुईं. भारत की पहली पारी का स्कोरकार्ड: (201/10, 83.5 ओवर्स) बल्लेबाज                            विकेट                                                    रन यशस्वी जायसवाल     कैच मार्को जानसेन, बोल्ड साइमन हार्मर                  58 केएल राहुल     कैच एडेन मार्करम, बोल्ड केशव महाराज                    22 साई सुदर्शन     कैच रयान रिकेल्टन, बोल्ड साइमन हार्मर                     15 ध्रुव जुरेल     कैच केशव महाराज, बोल्ड मार्को जानसेन                    00 ऋषभ पंत     कैच काइल वेरेने, बोल्ड मार्को जानसेन                        07 रवींद्र जडेजा     कैच साइमन हार्मर, बोल्ड मार्को जानसेन                    6 नीतीश कुमार रेड्डी     कैच ए़डेन मार्करम, बोल्ड मार्को जानसेन                10 वॉशिंगटन सुंदर     कैच एडेन मार्करम, बोल्ड साइमन हार्मर            48 कुलदीप यादव     कैच ए़डेन मार्करम, बोल्ड मार्को जानसेन               19 जसप्रीत बुमराह     कैच काइल वेरेने, बोल्ड मार्को जानसेन                 5 कुलदीप यादव          नाबाद                                                       2* विकेट पतन: 1-65 (केएल राहुल, 21.3 ओवर), 2-95 (यशस्वी जायसवाल, 32.2 ओवर), 3-96 (साई सुदर्शन, 34.3 ओवर), 4-102 (ध्रुव जुरेल, 35.3 ओवर), 5-105 (ऋषभ पंत, 37.2 ओवर),  6-119 (नीतीश कुमार रेड्डी, 41.4 ओवर), 7-122 (रवींद्र जडेजा, 43.3 ओवर), 8-194 (वॉशिंगटन सुंदर, 78.1 ओवर), 9-194 (कुलदीप यादव, 81.5 ओवर), 10-201 (जसप्रीत बुमराह, 83.5 ओवर) साउथ अफ्रीका की पहली पारी: सेनुरन मुथुसामी का शतक मुकाबले में साउथ अफ्रीकी कप्तान टेम्बा बावुमा ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया था. बावुमा का ये फैसला सटीक साबित हुआ और मेहमान टीम ने पहली पारी में बड़ा स्कोर खड़ी कर दिया. सेनुरन मुथुसामी ने 206 गेंदों पर 109 रन ठोके, जिसमें 10 चौके और 2 छक्के शामिल थे. यह उनके इंटरनेशनल करियर का पहला शतक रहा.   मार्को जानसेन ने भी सात छक्के और छह छक्के की मदद से 91 गेंदों में 93 रन कूटे. भारत की ओर से चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव ने सबसे ज्यादा 4 विकेट झटके. जबकि रवींद्र जडेजा, जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज को दो-दो सफलताएं मिलीं. साउथ अफ्रीका ने मजबूत स्कोर बनाकर भारत को शुरुआत से ही दबाव में ला दिया. ऐसी रही … Read more

किसानों की शिकायत पर उपमुख्यमंत्री का एक्शन, ग्राम कुरूवा के पटवारी को तत्काल निलंबित करने के निर्देश

किसानों की शिकायत पर उपमुख्यमंत्री ने ग्राम कुरूवा के पटवारी को तत्काल निलंबित करने के दिए निर्देश किसानों की शिकायत पर मौके पर ही पटवारी  को किया गया निलंबित उप मुख्यमंत्री देर शाम सहसपुर लोहारा में किसानों से जमीन पर बैठकर की चर्चा, शिकायत पर की तत्काल कार्रवाई उप मुख्यमंत्री ने किसानों की समस्या का किया निराकरण रायपुर उप मुख्यमंत्री  विजय शर्मा ने अपने सहसपुर लोहारा के प्रवास के दौरान तहसील कार्यालय में किसानों को देखकर अपनी काफिला को रूकवाया। इसके बाद उन्होंने किसानों से मिलकर चर्चा की। इस दौरान उप मुख्यमंत्री  शर्मा ने जमीन पर बैठकर किसानों से उनकी समस्या और शिकायत को गंभीरता पूर्वक सुना। किसानों ने बताया कि हल्का नंबर 15 ग्राम कुरूवा के पटवारी  राजेश शर्मा द्वारा कृषकों के विभिन्न कार्यों में टालमटोल एवं अनाधिकृत रूप से विलंब किया जाता है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा तत्काल संज्ञान में लेते हुए पटवारी राजेश शर्मा को मौके पर ही निलंबित करने का आदेश दिया। अधिकारियों द्वारा आदेश का पालन करते हुए वही पर निलंबन का आदेश निकाला। आदेश के अनुसार पटवारी  राजेश शर्मा हल्का नंबर 15 कुरूवा, रा.नि.मं. सिल्हाटी, तहसील सहसपुर लोहारा को अपने प्रभार क्षेत्र के कृषकों के विभिन्न कार्यों में टालमटोल एवं अनाधिकृत रूप से विलंब करने जाने का शिकायत पर संबंधित पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया। उक्त आदेश के अनुक्रम तथा शासकीय कार्य में लापरवाही किये जाने के कारण छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9 (1) के तहत, निलंबित किया जाता है। निलंबन अवधि में निलंबित कर्मचारी  राजेश शर्मा पटवारी का मुख्यालय तहसील कार्यालय स.लोहारा (निर्वाचन शाखा) में होगा। संबंधित कर्मचारी को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्रदाय किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री  विजय शर्मा ने किसानों से धान खरीदी तथा अन्य राजस्व संबंधी कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसानों को किसी भी स्तर पर दिक्कत नहीं होनी चाहिए, किसान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। मौके पर उपस्थित सभी पटवारियों से उपमुख्यमंत्री ने कार्यों की स्थिति पूछी और कड़े शब्दों में निर्देश दिए कि कृषकों के किसी भी कार्य में लापरवाही, देरी या टालमटोल बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि किसानों के सभी राजस्व कार्य समय पर और पारदर्शिता के साथ होना चाहिए। यदि किसी कर्मचारी द्वारा लापरवाही पाई जाती है तो तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने एसडीएम और तहसीलदार को पूरे क्षेत्र की निरंतर मॉनिटरिंग करने तथा किसानों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए।

रायपुर: CM विष्णुदेव साय और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की अहम बैठक, खाद्य प्रसंस्करण को मिलेगी नई दिशा

रायपुर : मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की केंद्रीय मंत्री  चिराग पासवान के साथ अहम मुलाकात, राज्य में खाद्य प्रसंस्करण को मिलेगी नई दिशा रायपुर  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने  नई दिल्ली में केंद्रीय खाद्य एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री  चिराग पासवान से उनके कार्यालय में सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान छत्तीसगढ़ से जुड़े अनेक जनहित विषयों पर रचनात्मक और सार्थक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री  साय ने विशेष रूप से राज्य में खाद्य सुरक्षा, कृषि-आधारित उद्योगों और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर ध्यान आकर्षित किया। मुख्यमंत्री  साय ने केंद्रीय मंत्री से आग्रह किया कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फूड टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप एंड मैनेजमेंट (NIFTEM) संस्थान की स्थापना छत्तीसगढ़ में की जाए, ताकि राज्य के युवाओं को आधुनिक खाद्य तकनीक, उद्यमिता तथा नए रोजगारों से संबंधित उच्चस्तरीय प्रशिक्षण का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि कृषि दृष्टि से छत्तीसगढ़ एक मजबूत राज्य है और यहां ऐसे संस्थान से हजारों छात्रों, किसानों तथा खाद्य-आधारित उद्यमों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा। केंद्रीय मंत्री  चिराग पासवान ने इस प्रस्ताव को अत्यंत सकारात्मक रूप से लेते हुए कहा कि वे इस विषय पर हर संभव सहयोग देंगे और इसे गंभीरता से विचार में लेंगे। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री  साय ने यह अनुरोध भी किया कि वर्ल्ड फूड इंडिया के रीजनल समिट का आयोजन रायपुर में किया जाए। उन्होंने कहा कि रायपुर की समृद्ध खाद्य परंपरा, उत्कृष्ट कनेक्टिविटी और विविधता ऐसे आयोजन के लिए आदर्श गंतव्य बनाती है। यह फेस्टिवल क्षेत्रीय पाक-परंपराओं को वैश्विक पहचान देगा और नए खाद्य-आधारित उद्यमों के लिए बड़े अवसर उत्पन्न करेगा। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि यह आयोजन दिल्ली के वर्ल्ड फूड इंडिया अथवा गुवाहाटी के नॉर्थ ईस्ट फूड फेस्ट की तर्ज पर हर दो वर्ष में आयोजित किया जाए। मुख्यमंत्री ने बताया कि छत्तीसगढ़ में खाद्य वस्तुओं की जांच के लिए फूड टेस्टिंग लैब तथा खाद्य उत्पादों को सुरक्षित रखने के लिए फूड इर्रेडिएशन यूनिट स्थापित की जानी हैं, जिनके लिए राज्य केंद्र से सहयोग चाहता है। उन्होंने कहा कि धान तथा फल–सब्जी आधारित उद्योगों में बड़े निवेशकों की भागीदारी बढ़ने से किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार को व्यापक गति मिलेगी। मुख्यमंत्री  साय ने जानकारी दी कि राज्य की नई औद्योगिक नीति में फूड प्रोसेसिंग सेक्टर को विशेष महत्व दिया गया है और निवेशकों को अनेक अतिरिक्त प्रोत्साहन प्रदान किए जा रहे हैं। इसी के अंतर्गत Drools कंपनी द्वारा छत्तीसगढ़ में ₹1,000 करोड़ का निवेश किया जा रहा है, जिससे लगभग 3,000 लोगों को रोजगार मिलेगा और इसका लाभ ग्रामीण व आदिवासी समुदायों तक पहुंचेगा। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य का लक्ष्य छत्तीसगढ़ को राइस ब्रान ऑयल हब के रूप में विकसित करना है, जिससे तेल आयात पर निर्भरता कम होगी और ‘आत्मनिर्भर भारत’ के राष्ट्रीय लक्ष्य को सुदृढ़ समर्थन मिलेगा। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ और विकसित भारत 2047 का सपना इन्हीं प्रयासों के माध्यम से साकार होगा। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव  सुबोध कुमार सिंह, सचिव  राहुल भगत तथा इन्वेस्टमेंट कमिश्नर मती रितु सेन उपस्थित थीं।

भारत की बेटियों का दमखम: महिला कबड्डी टीम की लगातार दूसरी वर्ल्ड कप जीत पर PM मोदी हुए भावुक

नई दिल्ली  भारतीय महिला कबड्डी टीम ने सोमवार को शानदार प्रदर्शन करते हुए कबड्डी विश्व कप 2025 का खिताब अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में उन्होंने चीनी ताइपे को 35-28 के अंतर से हराकर लगातार दूसरी बार यह प्रतिष्ठित विश्व कप जीतकर देश का गौरव बढ़ाया। प्रधानमंत्री और गृह मंत्री ने दी बधाई भारतीय टीम के अजेय प्रदर्शन और ऐतिहासिक जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीम को बधाई दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, 'हमारी भारतीय महिला कबड्डी टीम को कबड्डी विश्व कप 2025 जीतकर देश का गौरव बढ़ाने के लिए बधाई! उन्होंने शानदार जुझारूपन, कौशल और समर्पण दिखाया है। उनकी जीत अनगिनत युवाओं को प्रेरित करेगी।' गृह मंत्री अमित शाह ने भी टीम की तुरंत सराहना की। उन्होंने कहा, 'हमारे महिला कबड्डी टीम के इतिहास रचने पर मुझे बहुत गर्व है। आपकी शानदार जीत इस बात की पुष्टि करती है कि भारत की खेल प्रतिभा अद्वितीय है।' पूरे टूर्नामेंट में रहा अजेय दबदबा इस टूर्नामेंट में 11 देशों ने हिस्सा लिया था और भारतीय टीम पूरे सफर में अजेय रही। फाइनल से पहले सेमीफाइनल में उन्होंने मजबूत टीम ईरान को 33-21 से हराया था। वहीं, चीनी ताइपे ने सेमीफाइनल में मेजबान बांग्लादेश को मात दी थी। पूर्व भारतीय कप्तान अजय ठाकुर ने टीम की इस जीत को महिला कबड्डी के बढ़ते दबदबे और वैश्विक लोकप्रियता का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि यह जीत दिखाती है कि पिछले कुछ सालों में महिला कबड्डी ने कितनी तरक्की की है। यह इस साल भारतीय महिला टीम का दूसरा बड़ा खिताब था, इससे पहले उन्होंने मार्च में एशियाई चैंपियनशिप भी जीती थी। पूर्व भारतीय खिलाड़ी मनप्रीत सिंह ने टीम के आत्मविश्वास और टीम वर्क की सराहना की। ग में भारत ने थाइलैंड, बांग्लादेश, जर्मनी और युगांडा को मात देकर अपनी मजबूत दावेदारी पेश की। भारत ने सेमीफाइनल में ईरान को 33-21 से हराकर खिताबी मुकाबले में प्रवेश किया था। दूसरी ओर चीनी ताइपै ने बांग्लादेश को 25-18 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई थी। मार्च 2025 में एशियाई चैंपियनशिप जीतने के बाद भारत का यह दूसरा बड़ा खिताब है। पीएम मोदी ने दी बधाई, कहा- देश को गौरवान्वित किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने टीम को बधाई देते हुए एक्स पर लिखा, ‘भारतीय महिला कबड्डी टीम को विश्व कप 2025 जीतकर देश को गौरवान्वित करने के लिए बधाई। उन्होंने जबर्दस्त कौशल, प्रतिबद्धता और दृढता का प्रदर्शन किया। उनकी जीत से अनगिनत युवाओं को कबड्डी खेलने, बड़े सपने देखने और ऊंचे लक्ष्य तय करने की प्रेरणा मिलेगी।’ ‘टीमवर्क और आत्मविश्वास ने दिलाई जीत’ पूर्व कप्तान अजय ठाकुर ने भारतीय टीम की जीत को खेल में आए बदलाव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, ‘फाइनल तक का उनका दबदबा और फिर खिताबी जीत यह दिखाता है कि महिला कबड्डी पिछले कुछ वर्षों में कितनी आगे बढ़ी है। यह खेल की बढ़ती वैश्विक लोकप्रियता का भी प्रमाण है।’ पूर्व भारतीय खिलाड़ी मनप्रीत सिंह ने टीम के आत्मविश्वास और एकजुटता की सराहना की। उन्होंने कहा, ‘विश्व कप जीतना बेहद कठिन होता है। खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ ने बेहतरीन विश्वास और टीमवर्क दिखाया। सभी को बहुत-बहुत बधाई।’ भारत की ‘शेरनियों’ ने दुनिया में फिर बजाया डंका भारतीय महिला कबड्डी टीम ने लगातार दूसरा विश्व कप जीतकर साबित कर दिया है कि इस खेल में दुनिया पर शासन की असली हकदार वही हैं। बेहतरीन फिटनेस, रणनीति और तालमेल की बदौलत टीम इंडिया ने फिर विश्व कबड्डी में स्वर्णिम इतिहास रचा। देश आपको सलाम करता है: राहुल गांधी लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने लिखा, ‘भारतीय महिला कबड्डी टीम को वर्ल्ड कप घर लाने और देश को गौरवान्वित करने के लिए बधाई। आपका धैर्य, अनुशासन और साहस भारत की भावना को दर्शाता है। देश आपको सलाम करता है। जय हिंद।’