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चित्रकूट में जमीन विवाद तूल पकड़ा: महंत पर किसान की जमीन हथियाने का आरोप, कोर्ट में मामला लंबित

चित्रकूट में फिर जमीनी खेल, महंत पर किसान की जमीन हथियाने का आरोप कोर्ट में मामला लंबित, फिर भी दबंगों के सहारे कराया जा रहा बाउंड्री का निर्माण सतना   धार्मिक नगरी चित्रकूट में जमीनों का खेल फिर शुरू हो गया। इस बार आरोप अचारी आश्रम के महंत पर लगा है। आरोप है कि किसान की जमीन कब्जाई जा रही है, जबकि मामला कोर्ट में लंबित है। पीडि़़त परिवार का कहना है कि महंत राजनैतिक लोगों का प्रभाव दिखाकर प्रशासनिक अधिकारियों पर दबाव बनाए हुए हैं, जिससे शिकायत होने के बाद भी कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है। मामला कोर्ट में विचाराधीन होने के बावजूद विवादित भूमि पर बाउंड्री खड़ी करवा रहे हैं। इससे पूरे इलाके में आक्रोश का माहौल है। रात के अंधेरे में जेसीबी लगाकर खुदाई की गई वहीं सैकड़ों लोगों को बुलाकर निर्माण कार्य कराया जा रहा है।  जानकारी के अनुसार, नयागांव(हनुमान धारा) पटवारी हल्का की आराजी नंबर 904/3/2 और 904/3/1 में कुल 11 हेक्टेयर के करीब भूमि है। यह जमीन पिछले लगभग 80 वर्षों से दिनेश मिश्रा पिता स्व नवल किशोर मिश्रा और उनके परिवार के नाम राजस्व अभिलेखों में दर्ज है। मिश्रा परिवार का कहना है कि इस भूमि के ठीक बगल में अचारी आश्रम की 56 बीघा जमीन स्थित है, लेकिन आश्रम प्रबंधन ने राजस्व रिकॉर्ड से छेड़छाड़ कर गलत नक्शा प्रस्तुत किया है और अब विवादित हिस्से पर कब्जा जमाने की कोशिश की जा रही है। दिनेश मिश्रा का आरोप है कि रात के अंधेरे में दबंगों को खड़ा कर बाउंड्री वॉल का निर्माण कराया जा रहा है, जबकि यह प्रकरण फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। शिकायतें कई बार राजस्व और पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाई गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।  तो करेंगे अनशन  पीडि़त परिवार में प्रशासन के प्रति गहरा रोष है। भूमिस्वामी दिनेश मिश्रा का कहना है कि यदि जिला प्रशासन ने इस अन्याय को रोकने के लिए शीघ्र हस्तक्षेप नहीं किया तो वे परिवार सहित इसी जगह पर परिवार सहित आमरण अनशन करेंगे। ज्ञात हो कि पिछले दिनों उन्होंने पुलिस अधीक्षक और थाना में आवेदन देकर इस मामले में कार्रवाई की मांग की थी, पुलिस ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की।

उदित राज का दिल्ली ब्लास्ट बयान वायरल, कांग्रेस नेता ने घटनाक्रम को बताया ‘आतंकियों का जलवा’

नई दिल्ली अक्सर अपने बयानों की वजह से सुर्खियों और विवादों में रहने वाले कांग्रेस नेता उदित राज ने आतंकी हमलों को दहशतगर्दों का 'जलवा' करार दिया है। उदित राज ने केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि जब भी कहा जाता है कि आतंकवाद को दफन कर दिया, तब-तब आतंकवादी अपना कुछ जलवा दिखा देते हैं। उन्होंने दिल्ली धमाके का जिक्र करते हुए यह बात कही। 10 नवंबर की शाम लाल किले के पास i20 कार में हुए जोरधार धमाके में हमलावर समेत 15 लोगों की जान चली गई, जबकि 20 बुरी तरह घायल हो गए। धमाके को डॉक्टरों के एक आतंकी मॉड्यूल ने अंजाम दिया। जम्मू-कश्मीर के रहने वाले एक डॉक्टर आतंकी उमर नबी ने फिदायीन हमला किया था। जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से दिए गए एक बयान से जुड़े सवाल के जवाब में उदित राज ने कहा, 'क्या गलत कह रहे हैं, स्टेटहुड का प्रॉमिश था। कई बार बेईमानी हो रही है, लूट रहे हैं वहां। लूटने के लिए ही रखा गया है। संभल तो रहा नहीं है। अभी कश्मीर में भी बम ब्लास्ट हुआ था, जब भी यह कहते हैं कि हमने आतंकवाद को दफन कर दिया पाकिस्तान में घुसकर मारा तब आतंकवादी कुछ ना कुछ अपना जलवा दिखा देते हैं।' 'जलवा' कह जाने के बाद खुद को संभालते हुए उदित राज ने अपना वाक्य बदला और कहा कुछ ना कुछ आतंकवादी गतिविधि करके दिखा देते हैं कि तुम्हारी बात में दम नहीं है। उन्होंने कहा, ‘(मोदी सरकार ने) कुछ दिन पहले ही कहा था कि देखो जम्मू कश्मीर के बाहर देश में कहीं आतंकवादी हमला नहीं हुआ, धड़ाक से लाल किला में बम ब्लास्ट करके दिखा दिया। पहले भी यही कहते थे कि कश्मीर में आतंकवाद का सफाया हो गया, पहलगाम करके दिखा दिया।’

इमरान खान के सहयोगियों में आक्रोश: ‘आसिम लॉ’ और शहबाज की कथित Puppetry पर भड़के नेता

इस्लामाबाद  पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर गंभीर चिंताएं बढ़ती जा रही हैं. पार्टी सूत्रों का कहना है कि इमरान खान रावलपिंडी की अडियाला जेल में बेहद खराब परिस्थितियों में रखे जा रहे हैं और उन्हें लगभग पूरी तरह से अकेलेपन में रखा गया है. पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के अंदरूनी सूत्रों ने दावा किया है कि खान को कई बार मारा गया है, हाई-इंटेंसिटी कॉन्फाइनमेंट में रखा गया है और हफ्तों से उनका परिवार या कानूनी टीम उनसे मिल नहीं पाई है. पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी सहयोगी और विश्वासपात्र डॉ. सलमान अहमद ने बड़ा आरोप लगाया है। उन्होंने वहां के शासन-प्रशासन को सेना प्रमुख और नवनियुक्त चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर की कठपुतली करार दिया है। उन्होंने कहा कि मुनीर के इशारे पर जानबूझकर इमरान खान को यातना दी जा रही है। डॉ. अहमद ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान वर्तमान में असीम लॉ के तहत काम कर रहा है, जहां सेना प्रमुख का अधिकार संवैधानिक और न्यायिक ढांचे को दरकिनार करता है। डॉ. अहमद का दावा है कि देश के मुख्य लोकतांत्रिक संस्थान पूरी तरह से समझौता किए गए हैं। संसद, न्यायपालिका, पुलिस और सरकार सब आसिम मुनीर द्वारा नियंत्रित हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी को आसिम मुनीर की कठपुतलियों से ज्यादा कुछ नहीं बताया। उन्होंने कहा कि इन लोगों के पास नाममात्र की शक्ति है। हाल ही में पारित 27वें संवैधानिक संशोधन को आलोचकों ने संवैधानिक तख्तापलट बताया है। इस संशोधन ने जनरल मुनीर को जीवन भर के लिए प्रतिरक्षा प्रदान की है, उन्हें फील्ड मार्शल का पद दिया है और उन्हें चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज (CDF) के रूप में सभी तीनों सेनाओं और परमाणु शस्त्रागार पर अभूतपूर्व नियंत्रण दिया है। डॉ. अहमद के हमले का मुख्य केंद्र अडियाला जेल में इमरान खान की लंबी हिरासत और उनके साथ किया गया व्यवहार था। उन्होंने आरोप लगाया कि आसिम मुनीर इमरान खान को यातना देकर पानी माप रहे हैं और जेल में पहले दिन से ऐसा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इमरान खान की लगातार कैद केवल सेना प्रमुख के इमरान खान की अतुलनीय लोकप्रियता के गहरे डर को दर्शाती है, भले ही उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) पर गंभीर सरकारी कार्रवाई हुई हो। डॉ. अहमद ने कहा कि इमरान खान एक राजनीतिक बंदी हैं, लेकिन उन्हें एक कैदी के अधिकार भी नहीं दिए जाते हैं। पूर्व प्रधानमंत्री के अधिकार तो भूल ही जाइए। परिवार को क्यों नहीं मिलने दिया जा रहा? इमरान खान की बहन अलीमा खानम ने CNN-News18 से कहा कि सरकार इस मुद्दे को बेवजह बड़ा बना रही है. ‘हमसे मिलने देने में दिक्कत क्या है? अगर वे मिलने देते तो ये तमाम अटकलें खत्म हो जातीं,’ उन्होंने कहा. अलीमा का दावा है कि वे नहीं मानतीं कि पाकिस्तान की सत्ता संरचना इमरान खान को शारीरिक नुकसान पहुंचाएगी, लेकिन सरकार का यह रवैया जनता में गुस्सा बढ़ा रहा है. क्या हालत सच में खराब है? PTI सूत्रों के मुताबिक इमरान खान की शारीरिक स्थिति धीरे-धीरे खराब होती जा रही है. यह गिरावट लगातार दबाव, खराब जेल परिस्थितियों और पूरी तरह सीमित बातचीत के कारण हो रही है. पहले KP के मुख्यमंत्री उनसे मिल पाते थे, लेकिन अब उन मुलाकातों को भी रोक दिया गया है. सूत्रों का दावा है कि जो भी सेहत को लेकर अपडेट दिया जा रहा था, वह वास्तविक स्थिति को छिपाने के लिए था. क्या सड़कों पर विरोध शुरू हो सकता है? अलीमा खानम का कहना है कि जनता का गुस्सा अब फूटने वाला है. उन्होंने कहा, ‘ये होना ही है. सवाल कब का है. अगर इमरान खान की बहनों ने खुलकर बातें बताईं तो पूरे पाकिस्तान में विरोध भड़क सकता है’. परिवार अब कोर्ट में याचिका दायर कर रहा है कि इमरान खान को तुरंत कोर्ट के सामने पेश किया जाए.

गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक सहायता की गुहार लगाने वालों को मुख्यमंत्री ने किया आश्वस्त

बिना चिंता कराएं इलाज, सरकार करेगी भरपूर आर्थिक मदद : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गंभीर बीमारियों के इलाज में आर्थिक सहायता की गुहार लगाने वालों को मुख्यमंत्री ने किया आश्वस्त गोरखनाथ मंदिर में 200 लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दिए त्वरित व संतुष्टिपरक निस्तारण के दिए निर्देश गोरखपुर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जनता दर्शन में गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मांग करने पहुंचे लोगों को आश्वस्त किया कि वह बिना चिंता किए उच्चीकृत अस्पतालों में इलाज कराएं, सरकार उनकी भरपूर आर्थिक मदद करेगी। उपचार में जो भी धनराशि खर्च होगी, उसकी व्यवस्था सरकार करेगी। सीएम योगी ने इसे लेकर अफसरों को निर्देशित भी किया कि जिन लोगों को उपचार में आर्थिक सहायता की आवश्यकता है, उनके इस्टीमेट की प्रक्रिया को जल्द से पूरा कराकर शासन को उपलब्ध कराया जाए। हर जरूरतमंद को मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से पर्याप्त सहायता राशि उपलब्ध कराई जाएगी।  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार देर शाम गोरखपुर पहुंचे थे।  गोरखनाथ मंदिर में रात्रि प्रवास के बाद शनिवार सुबह उन्होंने गोरखनाथ मंदिर में आयोजित जनता दर्शन में करीब 200 लोगों से मुलाकात की। मंदिर परिसर के महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन के सभागार में कुर्सियों पर बैठाए गए लोगों से एक-एक करके समस्याएं सुनीं और निस्तारण के लिए आश्वस्त करते हुए उनके प्रार्थना पत्र संबंधित अधिकारियों को हस्तगत किए। उन्होंने सभी लोगों को आश्वस्त किया कि किसी को भी परेशान होने या घबराने की आवश्यकता नहीं है। हर समस्या का प्रभावी समाधान कराया जाएगा।  मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे जनता की समस्याओं पर पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता से ध्यान देकर उनका त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतुष्टिपरक निस्तारण कराएं ताकि किसी को भी परेशान न होना पड़े। हर पीड़ित के साथ संवेदनशील रवैया अपनाया जाए और उसकी समस्या का समाधान कर उसे संतुष्ट किया जाए। इसमें किसी भी तरह की कोताही नहीं होनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कहीं कोई जमीन कब्जा या दबंगई कर रहा हो तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। पारिवारिक मामलों के निस्तारण में दोनों पक्षों को एकसाथ बैठाकर संवाद करने को प्राथमिकता दी जाए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह निर्देश भी दिए यदि कोई पात्र व्यक्ति शासन की कल्याणकारी योजनाओं के लाभ से वंचित है तो उसे तत्काल योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाए। जनता दर्शन में हर बार की तरह इस बार भी कई लोग (खासकर महिलाएं) स्वयं या परिजनों के गंभीर बीमारियों में इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर पहुंचे थे। एक बिटिया ने अपनी मां के इलाज के लिए आर्थिक सहायता की मनुहार की तो सीएम योगी ने कहा, चिंता मत करो, इलाज कराओ, पैसे की व्यवस्था कर दी जाएगी। अन्य लोगों को भी उन्होंने इसी आत्मीयता से भरोसा दिया कि सरकार किसी भी जरूरतमंद के इलाज में धन की कमी को बाधक नहीं बनने देगी। विवेकाधीन कोष से पर्याप्त मदद की जाएगी।

डा. निलेश एम. देसाई ने मऊ के परिषदीय विद्यालयों में 1500 छात्रों से किया संवाद, बच्चों में जागी अंतरिक्ष में रुचि

इसरो स्पेस एप्लीकेशन सेंटर के डायरेक्टर डा. निलेश एम.देसाई पहुंचे मऊ परिषदीय विद्यालयों की 1500 छात्र-छात्राओं से किया सीधा संवाद     बच्चों में विज्ञान एवं अंतरिक्ष के प्रति जिज्ञासा और अभिरुचि उत्पन्न लखनऊ स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (इसरो) के डायरेक्टर डाक्टर निलेश एम. देसाई शुक्रवार को जनपद मऊ पहुंचे। यहां पर इन्होंने डॉक्टर भीमराव अंबेडकर स्टेडियम में परिषदीय विद्यालयों की लगभग 1500 छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया। बच्चों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए इसरो डायरेक्टर डाक्टर निलेश एम. देसाई ने कहा कि आज भारत को विश्व में सर्वश्रेष्ठ स्थान हासिल कराने के लिए वैज्ञानिक सोच की आवश्यकता है, जिसमें बच्चे अंतरिक्ष के क्षेत्र में अपना कैरियर बनाकर देश का नाम रौशन करें। इसके पूर्व जनपद के विकास खण्ड घोसी के अंतर्गत पूर्व माध्यमिक विद्यालय धरौली पर मुख्य अतिथि एवं निदेशक के नाम से स्थापित डॉ. निलेश एम. देसाई अंतरिक्ष एवं स्टेम प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। उसके उपरांत बच्चों की अंतरिक्ष एवं इसरो की आगामी योजनाओं तथा भविष्य की संभावनाओं से संबंधित सवालों का उत्तर दिया।        इस दौरान जिलाधिकारी मऊ प्रवीण मिश्र ने बताया कि मऊ का सौभाग्य है कि मऊ के बेसिक शिक्षा में अध्ययनरत बच्चों को देश के इतने बड़े वैज्ञानिक का सानिध्य प्राप्त हुआ है। वहीं मुख्य विकास अधिकारी प्रशांत नागर ने कहा कि आने वाले समय में बच्चों को और भी अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे बच्चों की वैज्ञानिक सोच विकसित हो सके। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार उपाध्याय ने जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी सहित इसरो की पूरी टीम का आभार ज्ञापित किया और विश्वास दिलाया कि जनपद मऊ के बेसिक के बच्चे भविष्य में अंतरिक्ष अनुसंधान की दिशा में उत्कृष्ट योगदान देंगे।        उल्लेखनीय है कि जनपद मऊ के 7 विकास खण्डों में अंतरिक्ष अनुसंधान केंद्र स्थापित तथा क्रियाशील हैं, जिसमें हजारों बच्चे भ्रमण एवं कार्यशाला में शामिल होकर अंतरिक्ष विज्ञान एवं रोबोटिक्स की जानकारियों को हासिल कर रहे हैं। इसी वर्ष मई में विभिन्न विकास खण्डों में से परीक्षा एवं साक्षात्कार द्वारा चयनित 13 बच्चों ने गुजरात राज्य में स्थित इसरो के अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र का भ्रमण कर कृत्रिम उपग्रहों की बनावट तथा विभिन्न प्रकार के सेंसर के बारे में जाना एवं केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकों से संवाद स्थापित किया था।        इस अवसर पर प्रमुख अतिथि दीपक सिंह (वरिष्ठ वैज्ञानिक गगनयान), फाउंडेशन से गोविंद, जिला समन्वयक समेकित शिक्षा विभाग से अमित कुमार श्रीवास्तव, अनिल चौरसिया, आलोक सिंह, अरविंद पाण्डेय ,राकेश कन्नौजिया, डॉ राम विलास भारती , सहेंद्र सिंह सहित शिक्षक, अभिभावक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

CM पद को लेकर बढ़ी खींचतान! सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार की बैठक पर टिकी कर्नाटक कांग्रेस की नजरें

बेंगलुरु  दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद कर्नाटक में लंबे समय से चली आ रही सत्ता की खींचतान अब सुलझती दिख रही है. मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के बीच शनिवार को बेंगलुरु में अहम बैठक हुई. दोनों नेताओं ने सीएम आवास पर ब्रेकफास्ट मीटिंग की. इस बैठक को कर्नाटक की सत्ता राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. कर्नाटक के मंत्री प्रियंक खड़गे ने कहा है कि कांग्रेस ने सही समय पर दखल देकर मामले को संभाल लिया है. उन्होंने इसे पार्टी नेतृत्व की ‘टाइमिंग की समझ’ बताया. वहीं मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया ने साफ कहा है कि हाईकमान की ओर से नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कोई दिशा-निर्देश नहीं मिला है. इससे साफ संकेत मिल रहा है कि फिलहाल सीएम बदलने का कोई फैसला नहीं हुआ है.  सिद्धारमैया के आवास पर पहुंचे डीके शिवकुमार कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के आवास पर पहुंच गए हैं, जहां दोनों नेताओं के बीच नाश्ते पर अहम मुलाकात हो रही है. सिद्धारमैया ने कहा, 'जो पार्टी बोलेगी, वही करूंगा.' बताया जा रहा है कि मुख्यमंत्री से मुलाकात के बाद डीके शिवकुमार दिल्ली के लिए रवाना होंगे. कर्नाटक में पावर शेयरिंग को लेकर तनाव चल रहा है. इस बीच, राजधानी बेंगलुरु में आज हाईप्रोफाइल ब्रेकफास्ट मीटिंग होने जा रही है. इस मीटिंग में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार आमने-सामने बैठेंगे और सत्ता-साझेदारी पर बातचीत करेंगे. इससे पहले शुक्रवार को मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने साफ कहा था कि हाईकमान जो भी फैसला करेगा, वे उसी का पालन करेंगे. उन्होंने यह भी बताया कि पार्टी नेतृत्व ने उन्हें और शिवकुमार को शनिवार सुबह साथ बैठकर ब्रेकफास्ट पर बातचीत करने के लिए कहा है, ताकि गतिरोध खत्म करने के रास्ते तलाशे जा सकें. कर्नाटक के मौजूदा सत्ता संघर्ष के बीच मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार शनिवार सुबह सीएम आवास 'कावेरी' पर एक अहम ब्रेकफास्ट मीटिंग में मिलेंगे. दोनों नेताओं के बीच यह मुलाकात सुबह रखी गई है. पार्टी हाईकमान ने हालात को काबू में रखने और आंतरिक गतिरोध खत्म करने के लिए यह बैठक बुलाने का निर्देश दिया है. '2.5 साल के फॉर्मूले की बात बेबुनियाद'  आज दिल्ली रवाना हो सकते हैं डीके शिवकुमार, सिद्धारमैया को बुलावे का इंतजार कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार आज दोपहर दिल्ली रवाना हो सकते हैं और शाम को मेकदातु परियोजना को लेकर एक अहम बैठक करने की संभावना है. वहीं मुख्यमंत्री सिद्धारमैया कांग्रेस हाईकमान से औपचारिक बुलावे के बाद ही दिल्ली जाएंगे. जब वेणुगोपाल ने सिद्धारमैया और शिवकुमार को किया फोन, ऐसे सुलझा कर्नाटक का झगड़ा कर्नाटक में चल रही सियासी खींचतान के बीच गुरुवार शाम बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब के. सी. वेणुगोपाल ने मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार दोनों को फोन कर सख्त संदेश दिया. उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर एक-दूसरे पर तंज कसना कांग्रेस की संस्कृति नहीं है और दिल्ली आने से पहले आपसी मतभेद सुलझाएं. वेणुगोपाल ने दोनों नेताओं से कहा कि जल्द ही उन्हें दिल्ली बुलाया जाएगा, जहां एक ही टेबल पर बैठकर सभी मतभेदों पर चर्चा होगी. साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी की एकता सबसे अहम है और अंतिम फैसला कांग्रेस हाईकमान ही लेगा, इसलिए आपस में टकराव से बचें और निर्णय पार्टी पर छोड़ दें. दरअसल, डीके शिवकुमार और उनके समर्थक विधायक लगातार यह दावा करते आ रहे हैं कि 2023 चुनाव के बाद हाईकमान ने उन्हें अगले फेज में मुख्यमंत्री बनाने का वादा किया था. वहीं, सिद्धारमैया और उनके करीबी नेताओं का कहना है कि ऐसा कोई समझौता हाईकमान के साथ नहीं हुआ था और '2.5 साल के फॉर्मूले' की बात बेबुनियाद है. शुक्रवार को सिद्धारमैया ने आंतरिक मतभेदों की अटकलों को कम करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि वे हाईकमान के निर्देशों के अनुसार काम करते हैं और शनिवार की बैठक 'सिर्फ एक ब्रेकफास्ट मीटिंग' है. उन्होंने दोहराया कि हाईकमान जो भी कहेगा, मैं वही मानूंगा. 'कुर्बानी' की टिप्पणी चर्चा में इसी बीच शुक्रवार को ही सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार एक सरकारी कार्यक्रम में एक मंच पर दिखे. एकजुटता का संदेश देने की कोशिश के बावजूद शिवकुमार ने मंच से सोनिया गांधी के 2004 में प्रधानमंत्री पद छोड़ने की 'कुर्बानी' की प्रशंसा कर एक टिप्पणी की, जिसे राजनीतिक हलकों में सिद्धारमैया पर अप्रत्यक्ष तंज माना गया. क्या बोले मंत्री? तनाव के बीच गृह मंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि अगर हाईकमान चाहता है तो वे डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री के तौर पर समर्थन देंगे. हालांकि, कुछ ही मिनटों बाद सिद्धारमैया खेमे के मंत्री जमीर अहमद खान का बयान आया. उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया ही पूरे कार्यकाल तक मुख्यमंत्री बने रहेंगे. मंत्री ईश्वर खंड्रे ने इस मुद्दे पर सार्वजनिक बयान देने से नेताओं को रोकने की बात कही. उन्होंने कहा, हाईकमान पहले ही निर्देश दे चुका है कि इस मामले पर किसी को सार्वजनिक रूप से नहीं बोलना है. राज्य में हमारी सरकार अच्छा प्रशासन दे रही है और आगे भी देती रहेगी. मंत्री प्रियांक खड़गे ने भी मामले पर प्रतिक्रिया दी और कहा, कांग्रेस के पास मुद्दों को सुलझाने का 'सेंस ऑफ टाइमिंग' है और पार्टी नेतृत्व हालात को अच्छी तरह समझते हुए सही समय पर सही फैसला लेगा.  फायदे-नुकसान का आकलन कर रहा हाईकमान सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस हाईकमान कर्नाटक में संभावित नेतृत्व परिवर्तन के फायदे-नुकसान का आकलन कर रहा है. अगर सिद्धारमैया को बदला जाता है तो डीके शिवकुमार सबसे संभावित नाम हैं. सूत्रों का दावा है कि सिद्धारमैया को एससी, एसटी, मुस्लिम और बड़े ओबीसी वर्ग में बड़ा जनाधार वाला नेता माना जाता है, जबकि शिवकुमार की ताकत संगठन और चुनाव प्रबंधन के कौशल में है, जिसे कुछ नेता आगामी चुनावी के लिए महत्वपूर्ण मानते हैं. इसी बीच, कर्नाटक में घटनाक्रम उस समय तेजी से बदला, जब डीके शिवकुमार के समर्थक विधायकों के एक समूह दिल्ली पहुंचे. उनका उद्देश्य हाईकमान पर नेतृत्व परिवर्तन की मांग के लिए दबाव बनाना बताया जा रहा है. इससे मौजूदा सत्ता संघर्ष एक नए स्तर पर पहुंच गया है. कथित '2.5 साल के सीएम फॉर्मूले' की भी जांच हाईकमान कर रहा है. सिद्धारमैया गुट का कहना है कि ऐसा कोई औपचारिक समझौता हुआ ही नहीं था और मुख्यमंत्री पूरा कार्यकाल सिद्धारमैया … Read more

मुख्यमंत्री ने चंदेरी इको रिट्रीट के शुभारंभ पर दिया बधाई संदेश

स्वदेशी के महत्व को बढ़ाने वाला कार्यक्रम है चंदेरी इको रिट्रीट : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री ने चंदेरी इको रिट्रीट के शुभारंभ पर दिया बधाई संदेश चंदेरी में प्रारंभ हुआ इको रिट्रीट, शिल्प, कला एवं रोमांच का बना संगम केंद्रीय मंत्री  सिंधिया ने की अध्यक्षता प्रमुख फैशन ब्रांड्स के साथ चंदेरी की पारंपरिक बुनाई और अनूठी विरासत को समर्पित फैशन एवं संगीत समारोह तीन माह से अधिक संचालित होगी लग्जरी सुविधाओं से लैस टेंट सिटी मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा सनसेट डेजर्ट कैम्प के सहयोग से हो रहा आयोजन भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने स्वदेशी उत्पादों और कारीगरों को भरपूर प्रोत्साहन दिया है। इस नाते मध्यप्रदेश सरकार इस दिशा में भरसक प्रयास करते हुए शिल्पकारों को आगे बढ़ाने का कार्य करेगी। चंदेरी जैसे स्थानों की ख्याति ऐतिहासिक, प्राकृतिक सौन्दर्य, पर्यटन के साथ ही वस्त्र बुनाई के कारण भी है। यहां के बुनकर चंदेरी साड़ियों के निर्माण में लगे हैं, जिसे गुणवत्ता के आधार पर जीआई टैग प्राप्त हुआ है, यह एक अहम उपलब्धि है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शुक्रवार को उज्जैन से चंदेरी में हो रही ईको रिट्रीट आयोजन के लिए भेजे विशेष संदेश में यह विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चंदेरी का इतिहास गौरवशाली है। प्रकृति ने भी इस स्थान को अनेक खूबियां दी हैं, जिससे यह स्थान पर्यटकों को आकर्षित करता है। तीन माह के लिए पर्यटक टेंट सिटी का लाभ ले सकेंगे। इको रिट्रीट की सौगात स्थानीय बुनकरों के लिए भी लाभकारी है। यह स्थान सिने जगत के लिए भी महत्वपूर्ण डेस्टिनेशन बन रहा है। यहां अनेक फिल्मों और वेबसीरीज का फिल्मांकन हो रहा है। फैशन की दुनिया के लोग इको रिट्रीट के माध्यम से यहां पहुंचे हैं। वे लाईव वीविंग देखकर अभिभूत होंगे। मेहनतकश बुनकर अनोखी बुनाई करते हैं। उद्योग और रोजगार वर्ष 2025 में राज्य सरकार ने चंदेरी के शिल्पियों को प्रोत्साहित करने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इको रिट्रीट के माध्यम से यहां की जग प्रसिद्ध साड़ियों की ब्रांडिंग हो रही है। बॉयर सेलर मीट, हैण्डलूम प्रदर्शन, व्यंजन मेले और लाइट एंड साउंड-शो के माध्यम से चंदेरी का महत्व देश और दुनिया के सामने स्थापित होगा। स्व-सहायता समूहों की आर्थिक प्रगति में भी ये सभी कार्यक्रम उपयोगी सिद्ध होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि एडवेंचर स्पोर्ट्स के माध्यम से स्थानीय युवक और पर्यटक न सिर्फ आनंद प्राप्त करेंगे, बल्कि खेलों और खिलाड़ियों के प्रोत्साहन की दृष्टि से भी यह महत्वपूर्ण गतिविधि सिद्ध होगी। टेंट सिटी लुभाएंगी पर्यटकों को चंदेरी इको रिट्रीट–2025 के तृतीय संस्करण का आयोजन मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड ने चंदेरी जिला प्रशासन एवं सनसेट डेजर्ट कैम्प के सहयोग से किया। चंदेरी इको रिट्रीट की अध्यक्षता केंद्रीय संचार एवं उत्तर–पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री  ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने की। चंदेरी इको रिट्रीट, कटी घाटी के पास स्थापित टेंट सिटी तीन महीने से अधिक समय तक देश–विदेश के पर्यटकों के लिए खुली रहेगी। चंदेरी की ऐतिहासिक धरोहर हमारे अतीत की समृद्धि का प्रमाण : केन्द्रीय मंत्री  सिंधिया केंद्रीय संचार एवं उत्तर–पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्री  सिंधिया ने कहा कि चंदेरी केवल एक भूगोल नहीं है, यह भारत की सांस्कृतिक आत्मा का वह अध्याय है जिसमें, गौरवशाली इतिहास, अद्भुत स्थापत्य और शताब्दियों पुरानी बुनाई परंपरा एक साथ सांस लेती है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी की 'लोकल फॉर वोकल' और 'लोकल टू ग्लोबल' की संकल्पना को चंदेरी ने साकार किया है। चंदेरी के किले, बावड़ियां, महल और ऐतिहासिक धरोहरें न केवल हमारे अतीत की समृद्धि का प्रमाण हैं, बल्कि बुंदेलखंड की सांस्कृतिक वीरता और सौंदर्यबोध का जीवित साक्ष्य भी हैं। चंदेरी की साड़ी और यहां की हथकरघा परंपरा भारत की सबसे प्रतिष्ठित और विशिष्ट कलाओं में से एक है- इसकी पारदर्शी बुनावट, महीन ज़री-कढ़ाई और पीढ़ियों से चली आ रही पारंपरिक तकनीकें आज भी दुनिया को आकर्षित करती हैं। यहां के बुनकरों ने कठिन परिस्थितियों में भी अपनी कला को न केवल जीवित रखा बल्कि उसे वैश्विक पहचान दिलाई है। चंदेरी केवल स्मृतियों का स्थान नहीं, बल्कि भारतीय शिल्प, परंपरा और सौंदर्यशास्त्र का जीवंत प्रतीक है। चंदेरी आने वाले समय में अपने इतिहास, अपने हैंडलूम और अपनी सांस्कृतिक विरासत के माध्यम से विश्व मानचित्र पर और सशक्त पहचान बनाएगा। फैशन-शो में दिखी चंदेरी की सांस्कृतिक झलक चंदेरी की पारंपरिक बुनाई और अनूठी विरासत को समर्पित फैशन एवं संगीत समारोह – “Threads of Time: The Chanderi Saga” टेंट सिटी में शुभारंभ के बाद आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में चंदेरी वस्त्र की ऐतिहासिक और कलात्मक यात्रा को आधुनिक दृष्टि से प्रस्तुत किया गया। फैशन-शो में FabIndia, Taneria, Itokri, Noize Jeans और Zee’s by Tajwar जैसे प्रमुख फैशन ब्रांड्स ने अपनी विशेष प्रस्तुतियाँ दीं। रोमांचक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे पर्यटक चंदेरी इको रिट्रीट में पर्यटक रोमांचक गतिविधियों का आनंद ले सकेंगे। साथ ही बघेलखंड और बुंदेलखंड के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद भी पर्यटक चख सकेंगे। परिवार एवं बच्चों के लिए किड्स ज़ोन तथा इनडोर–आउटडोर गेम्स की भी व्यवस्था रहेगी। इस अवसर पर नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री  राकेश शुक्ला, चंदेरी विधायक  जगन्नाथ सिंह रघुवंशी, मुंगावली विधायक  ब्रजेन्द्र सिंह यादव के अलावा  आलोक तिवारी, अशोकनगर कलेक्टर  आदित्य सिंह, मध्य प्रदेश टूरिज्म बोर्ड के डिप्टी डायरेक्टर (इवेंट एंड मार्केटिंग)  युवराज पडोले, फैब इंडिया के एमडी  विलियम विसेल, टाटा तनेरिया के सीईओ  अम्बुज नारायण उपस्थित रहे।  

BLO की अनोखी ड्यूटी स्टाइल — बारात निकलने से ठीक पहले दूल्हे से भरवाया SIR फॉर्म

रामपुर  स्वार कोतवाली क्षेत्र के समोदिया गांव में एक ऐसा अनोखा नजारा देखने को मिला कि लोग हैरान रह गए. दरअसल, जैसे ही दूल्हे की बरात सज-धजकर अजीतपुर के लिए निकलने लगी, तभी ग्राम प्रधान और बीएलओ ने बरात को थोड़ी देर के लिए रोका दिया, ताकि दूल्हे से पहले एसआईआर (SIR) फॉर्म भरवाया जा सके. ग्राम प्रधान-बीएलओ का यह कदम गांव में जागरूकता का एक अनूठा उदाहरण बन गया. इस पहल की चर्चा इलाके में ही नहीं, बल्कि सोशल मीडिया तक हो रही है. अब यह मामला मीडिया तक की सुर्खियों में छाया हुआ है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, जसीम की बारत समोदिया गांव से अजीतपुर के लिए गुरुवार को रवाना होनी थी. सारी तैयारियां पूरी हो चुकी थी और डीजे की धुन पर रिश्तेदार नाच रहे थे. तो वहीं, कुछ रिश्तेदार और बाराती निकलने के लिए तैयार खड़े थे. तभी ग्राम प्रधान मोहम्मद आरिफ हुसैन अंसारी और बीएलओ रजिंदर सिंह पहुंचे और दूल्हे से कहा,     निकाह से पहले आपका एसआईआर फॉर्म भरना जरूरी है, ताकि चुनाव आयोग के विशेष पुनरीक्षण अभियान में आपका नाम समय पर दर्ज हो सके. दूल्हे ने फॉर्म तुरंत भरा और इसके बाद ही बरात शान से अजीतपुर की ओर रवाना हुई. यह नजारा ग्रामीणों के लिए सिर्फ मनोरंजक नहीं, बल्कि प्रेरक भी साबित हुआ. ग्रामीणों और युवाओं ने ग्राम प्रधान और बीएलओ की इस पहल की खूब प्रशंसा की उनका कहना था कि     अगर हर अधिकारी और जनप्रतिनिधि इसी तरह जिम्मेदारी निभाए और हर नागरिक समय पर फॉर्म भर दे, तो सरकारी प्रक्रियाएं और चुनाव से जुड़ी कार्रवाइयां और प्रभावी और सुचारू हो सकती हैं. ग्राम प्रधान ने कहा,     हम चाहते हैं कि गांव का हर नागरिक जागरूक रहे. दूल्हे के निकाह से पहले एसआईआर फॉर्म भरवाना सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि जागरूकता का संदेश है. चुनाव आयोग की ओर से भी इस पहल को सराहा गया है. ग्रामीणों का मानना है कि शादी जैसे बड़े आयोजन में भी सामाजिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी निभाना संभव है और यही संदेश पूरे गांव में फैल रहा है. यूपी में एसआईआर फॉर्म भरने की प्रक्रिया को तेज किया गया है, और इसके तहत बीएलओ और अधिकारियों की जिम्मेदारी बढ़ गई है.

जम्मू-कश्मीर के बसंतगढ़ में अलर्ट: दरवाज़ा खटखटाकर आतंकियों ने मांगा खाना, पुलिस को कॉल के बाद बड़ा अभियान शुरू

उधमपुर जम्मू-कश्मीर के बसंतगढ़ और आसपास के इलाके में एक बार फिर से आतंकी हलचल के संकेत मिले हैं. इसके बाद सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके में बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया है. बताया जा रहा है कि बुधवार देर रात बसंतगढ़ के ऊपरी इलाके में स्थित चिंगला बलोठा गांव में तीन संदिग्ध आतंकियों ने एक बकरवाल परिवार के घर का दरवाजा खटखटाया और खाना मांगा. इससे घर का मालिक घबराकर भाग गया और इस बारे में पुलिस को जानकारी दी. प्राप्त जानकारी के अनुसार, घर का मालिक अचानक तीन अजनबी युवकों को देखकर घबरा गया और मौके का फायदा उठाकर भाग निकला. उसने तुरंत पास के पुलिस चौकी और सेना को सूचना दी. इलाके में आतंकियों के होने का इनपुट मिलने के बाद रात से ही सेना की राष्ट्रीय राइफल्स, जम्मू-कश्मीर पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG), CRPF और पुलिस की संयुक्त टीमों ने चिंगला बलोठा समेत ऊपरी बसंतगढ़ के घने जंगलों, गुफाओं और चोटियों को घेर लिया है. ड्रोन और हेलीकॉप्टर से भी निगरानी की जा रही है. गुरुवार सुबह तक ये सर्च ऑपरेशन लगातार जारी है. बता दें कि बसंतगढ़ क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय सीमा (LoC) से महज कुछ किलोमीटर दूर है और पिछले कई सालों से आतंकियों के लिए डोडा-किश्तवाड़ के घने जंगलों तक पहुंचने का एक प्रमुख रास्ता रहा है. हाल के महीनों में भी इसी इलाके में कई मुठभेड़ें हो चुकी हैं और कई आतंकी मारे जा चुके हैं.  

ODI में धमाका तय! रोहित शर्मा कर सकते हैं दो बड़े कीर्तिमान दर्ज, बस चाहिए 98 रन और 8 छक्के

 रांची  साउथ अफ्रीका के ख‍िलाफ 30 नवंबर (रव‍िवार) से शुरू हो रही वनडे सीरीज में रोहित शर्मा के न‍िशाने पर दो रिकॉर्ड होंगे. पहला 20 हजारी इंटरनेशनल रन वाले क्लब में शामिल होने का, दूसरा 650 इंटरनेशनल छक्कों के क्लब में एंट्री लेने का, सवाल यह है कि क्या रोहित इस वनडे सीरीज में ऐसा कर पाएंगे?  रोहित शर्मा साउथ अफ्रीका के खिलाफ ODI सीरीज से पहले वह इंटरनेशनल क्रिकेट में 20,000 रन पूरे करने से चंद रन दूर हैं. उनके नाम अभी तक उन्होंने 502 इंटरनेशनल मैचों में 19,902 रन बनाए हैं, जिसमें 50 शतक और 109 अर्धशतक शामिल हैं.  38 साल के हिटमैन इस खास उपलब्धि को हासिल करने वाले दुनिया के सिर्फ 14वें बल्लेबाज बन सकते हैं. इस लिस्ट में पहले से ही सचिन तेंदुलकर, विराट कोहली और राहुल द्रविड़ जैसे भारतीय दिग्गज शामिल हैं. रोहित के पास यह रिकॉर्ड बनाने का पहला मौका 30 नवंबर, रविवार को रांची के JSCA स्टेडियम में होने वाले पहले मैच में मिलेगा.  20,000+ इंटरनेशनल रन बनाने वाले बल्लेबाज     सचिन तेंदुलकर – 664 मैच – 34,357 रन     कुमार संगकारा – 594 मैच – 28,016 रन     विराट कोहली – 553 मैच – 27,673 रन     रिकी पोंटिंग – 560 मैच – 27,483 रन     महेला जयवर्धने – 652 मैच – 25,957 रन     जैक्स कैलिस – 519 मैच – 25,534 रन     राहुल द्रविड़ – 509 मैच – 24,208 रन     ब्रायन लारा – 430 मैच – 22,358 रन     जो रूट – 377 मैच – 21,774 रन     सनथ जयसूर्या – 586 मैच – 21,032 रन     शिवनारायण चंद्रपॉल – 454 मैच – 20,988 रन     इंजमाम-उल-हक – 499 मैच – 20,580 रन     एबी डिविलियर्स – 420 मैच – 20,014 रन रोहित जड़ चुके हैं अब तक 642 छक्के  रोहित शर्मा इंटरनेशनल क्रिकेट में एक और बड़ा रिकॉर्ड बनाने के बेहद करीब हैं. वह दुनिया के पहले ऐसे बल्लेबाज बन सकते हैं, जो 650 इंटरनेशनल छक्के लगा देंगे. अभी उनके नाम 642 छक्के हैं, यानी उन्हें सिर्फ 8 छक्कों की जरूरत है. अब तक कोई और बल्लेबाज 600 छक्के भी नहीं लगा सका है. क्रिस गेल 553 छक्कों के साथ काफी पीछे हैं.  इस ODI सीरीज में फैन्स की नजरें रोहित पर ही रहेंगी, क्योंकि वो फरवरी 2025 के बाद पहली बार घर पर ODI खेलेंगे. ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछली सीरीज में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था और 101 के एवरेज से 202 रन बनाए थे.  उनकी खास पारी तीसरे ODI में आई, जब उन्होंने 125 गेंदों पर नाबाद 121 रन बनाकर दिखा दिया कि वह टीम इंडिया के अब भी सबसे भरोसेमंद और धमाकेदार बैटर हैं,  ODI सीरीज के लिए भारतीय टीम: रोहित शर्मा, यशस्वी जयसवाल, विराट कोहली, तिलक वर्मा, केएल राहुल (कप्तान/विकेटकीपर), ऋषभ पंत (विकेटकीपर), वॉशिंगटन सुंदर, रवींद्र जडेजा, नीतीश कुमार रेड्डी, हर्षित राणा, ऋतुराज गायकवाड़, प्रसिद्ध कृष्णा, अर्शदीप सिंह, ध्रुव जुरेल और कुलदीप यादव. ODI सीरीज के लिए साउथ अफ्रीकी टीम: टेम्बा बावुमा (कप्तान), ओटनील बार्टमैन, कॉर्बिन बॉश, मैथ्यू ब्रीट्जके, डेवाल्ड ब्रेविस, नांद्रे बर्गर, क्विंटन डिकॉक, टोनी डी जोरजी, रुबिन हरमन, मार्को जानसेन, केशव महाराज, एडेन मार्करम, रयान रिकेल्टन, लुंगी एंगिडी और प्रेनेलन सुब्रायन. भारत साउथ अफ्रीका ODI सीरीज 2025 का शेड्यूल  30 नवंबर : रांची, दोपहर 1:30  3 द‍िसंबर : रायपुर, दोपहर 1:30  6 द‍िसंबर : व‍िशाखापत्तनम, दोपहर 1:30