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शिक्षक की मृत्यु के बाद बेटे की याचिका खारिज, हाईकोर्ट ने कहा—अनुकंपा नियुक्ति अनिवार्य नहीं

जबलपुर  मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक अहम आदेश में कहा है "अनुकंपा नियुक्ति अधिकार नहीं है. मृतक के परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जा सकती है. कर्मचारी की मृत्यु के 7 साल बाद परिजन अनुकंपा नियुक्ति की दावेदारी नहीं कर सकते." हाई कोर्ट जस्टिस दीपक खोत ने इस आदेश के साथ याचिका को खारिज कर दिया. बालिग होने के बाद अनुकंपा नियुक्ति की मांग आशुतोष साध ने याचिका में कहा "उसके पिता गवर्नमेंट मिडिल स्कूल ब्लॉक केसला तहसील इटारसी में असिस्टेंट टीचर थे. नौकरी के दौरान दिसम्बर 2008 में पिता की मौत हो गयी. उस समय वह नाबालिग था और उसकी उम्र महज 11 साल थी. वह सितंबर 2015 में बालिग हुआ था और साल 2016 में हायर सेकेंडरी एग्जाम पास किया." याचिकाकर्ता ने अप्रैल 2016 को अनुकंपा नियुक्ति के लिए डीईओ को आवेदन दिया था, उसे सूचित किया गया कि उसके पिता आदिवासी कल्याण विभाग में पदस्थ थे. इसलिए वह सहायक आयुक्त आदिवासी कल्याण विभाग में आवेदन दें. याचिकाकर्ता के पास बीएड व डीएड की डिग्री नहीं इसके बाद आशुतोष साध ने सहायक आयुक्त के समक्ष आवेदन पेश किया. उसके आवेदन पर उच्च अधिकारी से मार्गदर्शन मांगा गया. विभाग की तरफ जारी पत्र के अनुसार उसने जुलाई 2019 में अपने दस्तावेज जमा कर दिये थे. विभाग ने नियुक्ति के लिए उसकी पसंद पूछी थी तो उसने शिक्षक कैडर बताया. विभाग ने जनवरी 2020 के पत्र जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि 3 दिन के अंदर सर्टिफिकेट जमा नहीं होने पर उसका आवेदन निरस्त कर दिया जायेगा. याचिकाकर्ता के पास बीएड तथा डीएड की डिग्री नहीं थी, जो टीचिंग कैडर के लिए आवश्यक है. याचिकाकर्ता ने काफी देर से दिया आवेदन याचिकाकर्ता ने ग्रेजुएशन की डिग्री के आधार पर अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने या बीएड की डिग्री के लिए दो साल का समय प्रदान करने के आग्रह किया. इसके बाद 3 सदस्यीय कमेटी ने उसके आवेदन को इस आधार पर खारिज कर दिया कि साल 2014 की पॉलिसी के अनुसार बालिग होने के एक साल के अंदर अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन करना था. लगभग 11 माह बाद आवेदन किया. याचिकाकर्ता की तरफ से तर्क दिया गया कि उसने अज्ञानतावश अप्रैल 2016 में आवेदन किया था, जो निर्धारित समय सीमा के अंदर था. हाई कोर्ट ने आदेश सुनाकर आवेदन किया खारिज एकलपीठ ने सुनवाई के दौरान पाया "याचिकाकर्ता के पिता का निधन 2008 में हुआ था. उस समय 2008 की पॉलिसी प्रभावी थी. अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन की अधिकतम समय सीमा 7 साल थी. कमेटी ने पॉलिसी 2014 के तहत आवेदन खारिज किया है. अनुकंपा पॉलिसी 2008 के अनुसार भी आवेदन निर्धारित समय अवधि के बाद दायर किया गया." एकलपीठ ने इस आदेश के साथ आवेदन खारिज कर दिया.

छात्राओं से दुर्व्यवहार का केस—वॉट्सऐप चैट खुलासा, जींद यूनिवर्सिटी ने 3 प्रोफेसर निलंबित किए

​जींद  जींद की चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय (CRSU) के 3 गेस्ट असिस्टेंट प्रोफेसरों को स्टूडेंट्स का यौन शोषण करने के आरोपों के चलते तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने यह सख्त कदम छात्रों के विरोध प्रदर्शन और सबूत के तौर पर वॉट्सऐप चैट सामने आने के बाद उठाया है। यूनिवर्सिटी के कुलपति ने मीडिया को बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में 27 नवंबर को आया था, जब उन्हें एक गुमनाम शिकायत पत्र मिला। कुलपति ने कहा कि हमारे पास 27 नवंबर को एक बिना नाम की चिट्ठी आई थी, जिसमें ज़िक्र किया गया था कि मुझे प्रोफेसर के द्वारा वॉट्सऐप पर अश्लील मैसेज भेजे जा रहे हैं। हमने तुरंत मामले की जाँच कमेटी से करवाई। आरोपी गेस्ट असिस्टेंट प्रोफेसरों थे, उनको घर पर ही रहने के आदेश जारी किए गए और उन्हें रिलीव किया गया है। ये था मामला बता दें कि जींद विश्वविद्यालय में छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न का गंभीर मामला सामने आया था। जिसमें अंग्रेजी विभाग के एक प्रोफेसर पर आरोप है कि वह व्हाट्सऐप के माध्यम से छात्राओं पर दबाव बनाकर आपत्तिजनक बातों के लिए मजबूर करता था। एक छात्रा ने साहस दिखाते हुए इस व्यवहार की शिकायत मुख्यमंत्री और राज्यपाल को भेजी, जिसके बाद मामला तेजी से सामने आया।

राजीव गांधी एयरपोर्ट पर हंगामा! तकनीकी खराबी से IndiGo की फ्लाइट रद्द, यात्री घंटों रहे परेशान

हैदराबाद  हैदराबाद के राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (RGIA) पर यात्रियों को बुधवार को उस समय मुश्किलों का सामना करना पड़ा जब IndiGo एयरलाइन की कुछ उड़ानें तकनीकी ख़राबी के कारण अचानक रद्द कर दी गईं। एयरलाइन के सूत्रों के अनुसार कुछ विमानों में अप्रत्याशित तकनीकी दिक्कतों का पता चलने के बाद यह फैसला लिया गया। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इंडिगो प्रबंधन ने तुरंत प्रभावित उड़ानों को रद्द करने का फैसला लिया है।

हरियाणा में बदली सियासी हवा: सीएम सैनी सिखों और भाजपा के बीच बढ़ा रहे नज़दीकियाँ

चंडीगढ़  केंद्र सरकार ने बीते सालों में पीएम मोदी के नेतृत्व में सिख समुदाय के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए।चाहे वह 9 नवंबर 2019 को करतारपुर कॉरिडोर के इंटीग्रेटेड चेक-पोस्ट का शुभारंभ हो या देशभर के प्रमुख गुरुद्वारों और तख़्तों में उनकी निरंतर उपस्थिति। इन पहलों ने न केवल धार्मिक आस्था को नई मजबूती दी, बल्कि सीमावर्ती पवित्र स्थलों तक पहुँच को सरल बनाकर श्रद्धालुओं को बड़ा लाभ दिया। किसान आंदोलन के बाद बनी दूरी को साइलेंटली कम कर रहे CM नायब सिंह सैनी प्रधानमंत्री की इसी कार्यशैली से प्रेरणा लेते हुए हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी सिख समुदाय से जुड़ाव बढ़ाने और किसान आंदोलन के बाद बनी दूरी को बिना शोर–शराबे के, शांति और सम्मान के साथ कम करने का रास्ता चुना। उनके प्रयास राजनीतिक कम और मानवीय अधिक रहे, इसीलिए समुदाय में यह संदेश गया कि सरकार टकराव नहीं, भरोसा बनाना चाहती है। यही कारण है कि अक्टूबर 2025 में उन्हें ग्लोबल पंजाब एसोसिएशन द्वारा “शेरे पंजाब महाराजा रणजीत सिंह अवार्ड” से नवाज़ा गया, जहाँ उन्होंने गुरु तेग बहादुर के बलिदान पर आधारित ‘तिलक जांजू का राक्खा’ पुस्तक का विमोचन भी किया। हरियाणा का मॉडल पंजाब के गांवों में भी चर्चा में सीएम सैनी की योजनाओं, किसानों के लिए उठाए गए कदमों और उनकी कार्यशैली का असर हरियाणा से बाहर भी दिखने लगा है। हरियाणा–पंजाब सीमा से लगे कई गांवों में सिख परिवार यह कहते सुने गए कि “हमें नायब सिंह सैनी हरियाणा में मिला लें, क्योंकि किसानों के लिए हरियाणा की योजनाएं पंजाब से कहीं बेहतर हैं।” यह प्रतिक्रिया न सिर्फ़ सैनी के प्रति भरोसे को दर्शाती है, बल्कि यह भी बताती है कि किसान-समुदाय के मुद्दों पर उनका साइलेंट काम लोगों के दिल तक पहुँच रहा है। परंपराओं के प्रति सम्मान सीएम सैनी की सरल पगड़ी धारण शैली, गुरुद्वारों में नियमित उपस्थितियां और रीति–रिवाजों के प्रति सम्मान ने सिख समुदाय में उनके प्रति निकटता बढ़ाई है। पंजाब के उनके दौरों ने यह भाव पैदा किया कि वे केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक जुड़ाव पर काम कर रहे हैं। सिख विरासत के संरक्षण के लिए ठोस कदम     •    25 नवंबर 2025 को प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर विश्वस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन।     •    गुरु तेग बहादुर जी पर स्मारक सिक्का और डाक टिकट जारी करवाना।     •    एचएसजीपीसी के नव निर्वाचित सदस्यों से मुलाकात कर पारदर्शिता और सेवा-भाव से कार्य करने हेतु सहयोग का आश्वासन।     •    यमुनानगर कालेसर में फॉरेस्ट ब्लॉक व कृषि महाविद्यालय को गुरु तेग बहादुर के नाम समर्पित करना और 350 पौधों का रोपण।     •    पूरे प्रदेश में चार नगर कीर्तन यात्राओं की शुरुआत, जिसमें गुरुद्वारे, एचएसजीपीसी और प्रशासन मिलकर कार्य कर रहे हैं। हरियाणा की पहचान में सिख समुदाय की केंद्रीय भूमिका—CM सैनी का दृष्टिकोण नायब सिंह सैनी सिख समुदाय को केवल ‘अल्पसंख्यक’ नहीं, बल्कि हरियाणा की सांस्कृतिक आत्मा का जीवंत हिस्सा मानते हैं। उनकी यही सोच सिख विरासत को स्थायी रूप से संरक्षित कर रही है और हरियाणा–सिख संबंधों को नई मजबूती दे रही है। 

बैटिंग का मेगा शो: कोहली, ऋतुराज और राहुल चमके, टीम इंडिया का 359 का पहाड़ जैसा स्कोर

रांची  आज भारत और साउथ अफ्रीका के बीच दूसरा वनडे खेला जा रहा है। दोनों टीमें यायपुर के शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम में आमने-सामने हैं। साउथ अफ्रीका ने टॉस जीतकर भारत को बैटिंग का न्योता दिया। भारत की ओर से फिलहाल कार्यवाहक कप्तान केएल राहुल (52)* और रवींद्र जडेजा (17)* बैटिंग कर रहे हैं। विराट कोहली (102) और ऋतुराज गायकवाड़ (105) शतक जड़कर लौटे। यशस्वी जायसवाल ने 22 और रोहित शर्मा ने 14 रनों का योगदान दिया। वॉशिंगटन सुंदर ने सिर्फ एक रन बनाया। साउथ अफ्रीका ने अपनी प्लेइंग इलेवन में तीन बदलाव किए। कप्तान टेम्बा बावुमा के अलावा स्पिनर केशव महाराज और तेज गेंदबाज लुंगी एनगिडी को शामिल किया गया। बावुमा और महाराज को रांची में पहले वनडे में आराम दिया गया था। भारत ने कोई फेरबदल नहीं किया। टीम इंडिया तीन मैचों की सीरीज में अजेय बढ़त हासिल करने की फिराक में है। भारत ने पहले वनडे में मेहमान टीम को 17 रनों से हराया था, जिसमें विराट कोहली के बल्ले से ऐतिहासिक 52वां शतक निकला। भारत ने दिया 359 का टारगेट भारत ने साउथ अफ्रीका को 359 रनों का टारगेट दिया है। कप्तान राहुल 66 और जडेजा 24 रन बनाकर नाबाद रहे। भारत ने बॉश के आखिरी ओवर में 18 रन बटोरे। केएल राहुल ने जमाया अर्धशतक कप्तान केएल राहुल ने 33 गेंदों में अर्धशतक जमाया है। यह उनका 20वां वनडे अर्धशतक है। जडेजा 17 रन बनाकर खेल रहे हैं। भारतीय पारी में सिर्फ दो ओवर बचे हैं।

मैच में सुरक्षा पर सवाल: रायपुर में प्रशंसक विराट के पास पहुंचा , छुए पैर

रायपुर भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले जा रहे दूसरे वनडे में स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने एक बार फिर धमाकेदार प्रदर्शन से प्रशंसकों का दिल जीता है। उन्होंने 90 गेंदों में अपने वनडे करियर का 53वां शतक जड़ा। इस मैच में भी स्टेडियम की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए। दरअसल, ड्रिंक्स ब्रेक के दौरान एक प्रशंसक किंग कोहली के करीब पहुंचा और उनके पैर छुए। ऐसा ही रांची वनडे में भी देखने को मिला था। रांची में भी कोहली के करीब पहुंच गया था प्रशंसक यह पहला मौका नहीं है जब स्टेडियम की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं। इससे पहले रांची में खेले गए पहले मुकाबले में भी एक प्रशंसक विराट कोहली के करीब पहुंच गया था। उस मैच में दाएं हाथ के बल्लेबाज ने 135 रनों की धमाकेदार पारी खेली थी। यह उनके वनडे करियर का 52वां शतक और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का 83वां शतक था। रांची में कोहली ने रचा था इतिहास कोहली अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में किसी प्रारूप में सर्वाधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। कोहली से पहले ये रिकॉर्ड सचिन तेंदुलकर के नाम था जिन्होंने टेस्ट में 51 शतक लगाए थे, लेकिन अब कोहली उनसे आगे निकल गए हैं। कोहली 294 पारियों में इस उपलब्धि पर पहुंचे हैं। कोहली वनडे प्रारूप में सर्वाधिक शतक लगाने के मामले में पहले ही सचिन को पीछे छोड़ चुके हैं। सचिन के नाम वनडे में 49 शतक हैं।

कप्तान की सलाह पर भरोसा: MI मेंटोर ने दिए हरमनप्रीत कोरे क्रेडिट, बोले– चयन ने टीम को बनाया मजबूत

नई दिल्ली  मुंबई इंडियंस (एमआई) की गेंदबाजी कोच और मेंटोर (मार्गदर्शक) झूलन गोस्वामी ने कहा कि महिला प्रीमियर लीग (डब्ल्यूपीएल) 2026 की हाल में हुई नीलामी के दौरान कप्तान हरमनप्रीत कौर की सलाह के कारण ही टीम आक्रामक ऑलराउंडर अमेलिया केर और तेज गेंदबाज शबनम इस्माइल जैसी खिलाड़ियों को अपने से जोड़ने में सफल रही। मुंबई इंडियंस इस लीग की सबसे सफल टीम रही है। उसने 2023 में इसकी शुरुआत के बाद से दो बार खिताब जीता है।   नीलामी में हरमनप्रीत की भूमिका के बारे में झूलन ने जियो स्टार से कहा, ''कप्तान के रूप में नीलामी की योजना बनाते समय हरमन की सलाह हमेशा महत्वपूर्ण होती है। आखिरकार वह इस टीम का नेतृत्व करती हैं और अविश्वसनीय रूप से सफल रही हैं।'' उन्होंने कहा, ''पूरी नीलामी प्रक्रिया में उनकी राय सबसे महत्वपूर्ण रही है। हमारा काम मैदान के अंदर और बाहर उनका समर्थन करना है। नीलामी के दौरान उनकी उपस्थिति से बहुत बड़ा फायदा हुआ। उनकी राय बहुत मायने रखती थी और उन्होंने एक अच्छी टीम तैयार करने में मदद की।'' हरमनप्रीत की अगुवाई वाली गत चैंपियन मुंबई टीम डब्ल्यूपीएल 2026 के उद्घाटन मैच में नौ जनवरी को नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में 2024 की विजेता रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) का सामना करेगी। यह पहली बार है जब डब्ल्यूपीएल जनवरी-फरवरी में खेला जाएगा, क्योंकि पिछले तीन टूर्नामेंट आईपीएल से ठीक पहले फरवरी-मार्च में आयोजित किए गए थे। इस बार डब्ल्यूपीएल 28 दिन तक चलेगा और इसमें 22 मैच खेले जाएंगे। प्रतियोगिता का आयोजन दो स्थानों (नवी मुंबई और वडोदरा ) पर किया जाएगा।  

नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता, पांच नक्सली मारे गए, दो जवान शहीद

जगदलपुर दंतेवाड़ा और बीजापुर सीमा से लगे भैरमगढ़ क्षेत्र के केशकुतुल के जंगलों में सुबह से नक्सलियों और पुलिस के बीच मुठभेड़ हो रही है। एनकाउंटर में पांच माओवादियों को जवानों ने ढेर कर दिया है। मुठभेड़ में डीआरजी के दो जवान बलिदान हो गए हैं, जबकि एक अन्य जवान घायल है जिसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। जंगल में बड़ा सर्च ऑपरेशन जारी है, मारे गए नक्सलियों की संख्या और बढ़ सकती है। बताया जा रहा है कि आज सुबह दंतेवाड़ा से टीम निकली थी जहां बीजापुर की सीमा भैरमगढ़ के केशकुतुल में जवानों और नक्सलियों के बीच में मुठभेड़ हो गई। दोनों ओर से रुक-रुककर फायरिंग हो रही है। बस्तर में नक्सलवाद के खिलाफ की जा रही ताबड़तोड़ कार्रवाई के बीच बटालियन के बारसे देवा, पापाराव, केसा समेत तमाम नक्सलियों के आत्मसमर्पण के लिए बनाए गए अनुकूल माहौल के बाद एक बार फिर से सुकमा बीजापुर दंतेवाड़ा जैसे जिलों में जॉइंट ऑपरेशन को तेज कर दिया गया है। बीते दिनों देवा समेत पापाराव, केसा, चैतू के आत्मसमर्पण की चर्चा तेज थी जिसके बाद चैतू अपने 10 साथियों के साथ जगदलपुर में आत्मसमर्पण कर दिया था। इसके बाद भी सुरक्षा एजेंसियों ने देवा समेत तमाम नक्सलियों के आत्मसमर्पण के लिए जंगलों में अनुकूल माहौल बनाए रखा। इसके तहत जंगलों में ऑपरेशन और किसी भी तरह की गतिविधियां नहीं की गई। लेकिन 15 दिनों के अनुकूल माहौल के बावजूद जब आत्मसमर्पण को लेकर बटालियन की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं नजर आई और बटालियन से आत्मसमर्पण के संपर्क खत्म होने के बाद एक बार फिर से एजेंसियों के निर्देश पर ऑपरेशन को तेज किया गया है। इससे पहले डीकेएसजेडसी सदस्य ने अपने 9 साथियों के साथ लाल गलियारे को त्याग करते हुए पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया था। बस्तर आईजी सुंदरराज पी. ने बताया कि लगातार नक्सली की टीम बिखरती जा रही है, नक्सलियों की खोखली विचारधारा से त्रस्त होकर नक्सली अब धीरे-धीरे जागरूक होते जा रहे है और अपने साथियों को समर्पण करने के लिए तैयार कर रहे हैं। इसी का परिणाम था कि डीकेएसजेडसी सदस्य चैतू उर्फ श्याम दादा के साथ ही उसके 9 साथियों ने आत्मसमर्पण किया है। कॉलेज के समय नक्सलियों के संपर्क में आया था चैतू नक्सलियों के दरभा डिवीजन में कई वर्षों तक उनके साथ काम करने के साथ ही उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने वाले चैतू उर्फ श्याम दादा ने आत्मसमर्पण कर दिया था। इस समर्पण के साथ ही दरभा डिवीजन और भी कमजोर हो गई। चैतू दादा उर्फ श्याम ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए बताया कि कॉलेज के दिनों में ही वे नक्सलियों के मेडिकल टीम के संपर्क में आया और वर्ष 1985 में भूमिगत हो गया था।

बिहार में स्कूलों की 2026 की छुट्टियां घोषित, जानें कब-कब रहेंगे 75 दिन अवकाश

पटना बिहार सरकार ने आगामी वर्ष 2026 के लिए स्कूलों के लिए  वार्षिक अवकाश कैलेंडर जारी कर दिया है। पूरे राज्य में यही कैलेंडर लागू होगा। इसमें पूरे साल में 75 छुट्टियां हैं। इनमें गणतंत्र दिवस, स्वतंत्रता दिवस और प्रमुख धार्मिक त्यौहार शामिल हैं। बिहार सरका द्वारा जारी कैलेंडर के अनुसार, अगले वर्ष स्कूलों में 75 दिनों की छुट्टियां होंगी। अगर सप्ताह के सभी रविवारों की संख्या को घटा दिया जाए तो बाकी छुट्टियां 65 दिन होंगी। यह कैलेंडर 1 जनवरी 2026 से लेकर 31 दिसंबर 2026 तक लागू होगा। इस साल स्कूलों में कुल 75 दिनों की छुट्टियां होंगी। इनमें गर्मी, दीपावली-छठ, शीतकालीन, दुर्गा पूजा और होली शामिल हैं। वहीं, इस साल दुर्गा पूजा की छुट्टियां 5 होगी। हाली पर दो दिनों की छुट्टी दी गई है। सर्दियों में एक हफ्ते की मिलेगी छुट्टी कैलेंडर के अनुसार, स्कूलों में शिक्षकों और छात्रों को 20 दिनों का समर वेकेशन यानी गर्मी की छुट्टियां दी जाएंगी। दीपावली से लेकर छठ पूजा तक 10 दिनों तक छुट्टी रहेगी। इसके अलावा सर्दियों में एक हफ्ते की छुट्टी मिलेगी। हालांकि, मौसम के अनुसार इसे बढ़ाया भी जा सकता है।

डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती पर राज्यपाल ने किया नमन

रायपुर, भारत के प्रथम राष्ट्रपति स्वर्गीय डॉ. राजेंद्र प्रसाद की जयंती पर आज राज्यपाल रमेन डेका ने लोकभवन में उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित कर नमन किया। राज्यपाल रमेन डेका ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया। इस अवसर पर लोकभवन के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी डॉ. प्रसाद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके आदर्शों एवं मूल्यों का स्मरण किया।