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इंडस्ट्री को मिलेगी रफ्तार: जापानी कंपनी के साथ समझौते से पंजाब में खुला 400 करोड़ निवेश का रास्ता

चंडीगढ़  पंजाब में औद्योगिक विकास को बड़ा प्रोत्साहन मिला है. जापान की अग्रणी कंपनी टॉपन स्पेशलिटी फिल्म्स प्राइवेट लिमिटेड (टी.एस.एफ.) ने बुधवार को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार के साथ अपनी विस्तार योजना का समझौता किया है. इसके तहत 400 करोड़ रुपए का निवेश करने के लिए औपचारिक समझौता किया गया है. भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह सहयोग वर्तमान और उभरते उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान करने पर आधारित होगा. जापान दौरे पर गए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बताया कि टी.एस.एफ. और इन्वेस्ट पंजाब ने राज्य में एक स्किल एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करने के लिए साझेदारी और सहयोग पर सहमति जताई है. इससे हुनरमंद/अर्ध-हुनरमंद व्यक्तियों, कामगारों और युवाओं को उच् स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान किया जा सके. उन्होंने कहा कि यह पहल उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल विकास को बढ़ावा देने के साथ-साथ पंजाब में नए रोजगार अवसर भी उत्पन्न करेगी. पंजाब और पूरे देश में टी.एस.एफ. सीएम मान ने कहा कि यह समझौता (एमओयू )पंजाब और पूरे भारत में टी.एस.एफ. तथा अन्य बड़े उद्योगों में अप्रेंटिसशिप और रोजगार अवसरों के नए रास्ते खोलेगा. मान ने बताया कि यह परियोजना किसी पॉलिटेक्निक/तकनीकी संस्थान के साथ संयुक्त रूप से प्रशिक्षण और शैक्षणिक सहयोग को भी मजबूत करेगी. मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि उद्योग की जरूरतों के आधार पर टी.एस.एफ. वित्तीय सहायता, तकनीकी जानकारी, प्रशिक्षण सहयोग और पाठ्यक्रम निर्माण में भी मदद करेगा. इस दौरान अप्रेंटिसशिप की सुविधा भी उपलब्ध होगी और योग्य प्रशिक्षुओं को उपयुक्त रोजगार अवसर मिलेंगे. उन्होंने बताया कि राज्य सरकार के प्रयासों के कारण टी.एस.एफ. ने लगभग 400 करोड़ रुपए के निवेश से पंजाब में अपनी मौजूदा विनिर्माण सुविधा का विस्तार करने की औपचारिक इच्छा व्यक्त की है. नये रोजगार सृजन का लक्ष्य मुख्यमंत्री ने कहा कि इस निवेश का उद्देश्य उत्पादन क्षमता बढ़ाना, नये रोजगार सृजन, उन्नत तकनीक को शामिल करना और भारत में कंपनी की दीर्घकालिक उपस्थिति को मजबूत करना है. उन्होंने बताया कि टी.एस.एफ. ने पंजाब के प्रति अपनी लंबी अवधि की प्रतिबद्धता दोहराई है. मान ने कंपनी को राज्य में विस्तार और संचालन से जुड़े सभी कार्यों में पूर्ण सहयोग का भरोसा दिया. इस दौरान टी.एस.एफ. समूह ने पंजाब में काम करने के अपने अनुभव साझा करते हुए इसे मजबूत उद्योग-सरकार साझेदारी, आसान प्रक्रियाएँ, उच्च गुणवत्ता वाले कार्यबल की उपलब्धता, निर्बाध बिजली आपूर्ति और अनुकूल निवेश माहौल का परिणाम बताया. उन्होंने कहा कि प्रस्तावित विस्तार परियोजना के माध्यम से यह साझेदारी और मजबूत होगी. उन्होंने इस परियोजना के लिए आवश्यक स्वीकृतियों और संचालन प्रक्रियाओं को सरल बनाने में पंजाब सरकार और इन्वेस्ट पंजाब से निरंतर सहयोग की उम्मीद जताई.  

गोरखपुर की सड़कों पर दिखा अनुशासन, संस्कृति व विरासत के सम्मान का अद्भुत समन्वय

संस्थापक सप्ताह समारोह 'गोरक्षनगरी' में उतरा 'हिंदुस्तान' महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद से जुड़े शैक्षणिक संस्थानों के विद्यार्थियों ने निकाली शोभायात्रा   गोरखपुर की सड़कों पर दिखा अनुशासन, संस्कृति व विरासत के सम्मान का अद्भुत समन्वय  महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के छात्रों की शोभायात्रा, संस्कृति और जोश का अद्भुत संगम गोरखपुर  महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह-2025 में गुरुवार को गोरक्षनगरी में ‘समूचा हिंदुस्तान’ उमड़ पड़ा। एक तरफ उत्साह, उमंग से लबरेज युवाओं ने भारतीय संस्कृति, अनुशासन व विरासत के सम्मान का संदेश दिया तो दूसरी तरफ भारत के शौर्य, पराक्रम के साथ ही सम्मान के प्रतीक महापुरुषों के प्रति श्रद्धा निवेदित की। गोरखपुर की सड़कों पर युवाओं ने अनुशासन का अद्भुत समन्वय प्रस्तुत किया। भारत की सांस्कृतिक धरोहरों, तकनीकी विकास, सुरक्षा व महापुरुषों की विचारधारा संग भारतीय वेशभूषा संग निकली शोभायात्रा ने सभी को अपनी ओर आकर्षित किया।  अतिथियों ने किया पुस्तक का विमोचन  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट योगेंद्र डिमरी (से.नि.) ने दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय की शोध पत्रिका ‘दिग्विजयम्’ और महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज, जंगल धूषड़ द्वारा ‘मिशन मंझरिया’ की संक्षिप्त रिपोर्ट का विमोचन किया। समारोह स्थल पर पहुंचने के उपरांत एनसीसी के कैडेट्स ने मुख्य अतिथि को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। मुख्य अतिथि ने पुस्तिका पर अपने विचार भी लिखे। मुख्यमंत्री व मुख्य अतिथि ने ‘विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ प्रदर्शनी का अवलोकन किया। समारोह स्थल पर 9000 से अधिक विद्यार्थी मौजूद रहे। समारोह के शुभारंभ समारोह में महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज की छात्राओं ने सरस्वती वंदना व कुलगीत प्रस्तुत किया। युवाओं के अनुशासन की भूरि-भूरि प्रशंसा मुख्य अतिथि ने शोभायात्रा के शुभारंभ की घोषणा की। मुख्य अतिथि ने शोभायात्रा में शामिल युवाओं से मार्च पास्ट की सलामी ली। शोभायात्रा में सबसे आगे महाराणा प्रताप बालिका इंटर कॉलेज की एनसीसी कैडेट्स रहीं। उनके पीछे महाराणा प्रताप महिला पीजी कॉलेज रामदत्तपुर की एनसीसी कैडेट्स, दिग्विजयनाथ इंटर कॉलेज चौक बाजार के एनसीसी कैडेट्स, महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज एनसीसी सीनियर डिवीजन, महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज एनसीसी जूनियर डिवीजन, एनसीसी दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज व ताइक्वांडो टीम शामिल रही। ज्ञान ज्योति, सच्चिदानंद बैंड, हंस वाहिनी भी आकर्षण का केंद्र रही। शोभायात्रा में शिक्षा परिषद के संस्थाओं के विद्यार्थी शामिल रहे।  महापुरुषों के प्रति सम्मान का भाव  शोभायात्रा में मां सरस्वती, भारत माता, महायोगी गुरु गोरखनाथ, महाराणा प्रताप, महंत दिग्विजयनाथ, महंत अवेद्यनाथ जी महाराज के चित्र भी रहे। शोत्रायात्रा में एक तरफ 'ऑपरेशन सिंदूर' के माध्यम से भारत के शौर्य की कहानी प्रस्तुत की जा रही थी तो वहीं राम मंदिर के जरिए विरासत का सम्मान भी युवाओं ने प्रस्तुत किया। युवाओं ने शोभायात्रा के माध्यम से विरासत, संस्कृति के प्रति सम्मान के भाव को प्रदर्शित किया। शोभायात्रा कॉलेज परिसर से निकलकर इंदिरा बाल बिहार से सीधे पोस्ट ऑफिस तिराहे से गणेश चौराहा से गोलघर होते हुए कचहरी चौराहा, फिर महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज के स्वर्ण जयंती द्वार से शोभायात्रा स्थल पर पहुंची। भारतीय परिधान व विद्यालय के गणवेश में युवा सभी के आकर्षक का केंद्र बने रहे। संस्थापक-सप्ताह समारोह में शुक्रवार को होने वाली प्रतियोगिताएं महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद संस्थापक सप्ताह समारोह में शुक्रवार को गोरखवाणी प्रतियोगिता-कनिष्ठ वर्ग दिग्विजयनाथ एल.टी. प्रशिक्षण महाविद्यालय, वरिष्ठ वर्ग महाराणा प्रताप इण्टर कॉलेज (सभागार), योगासन प्रतियोगिता-प्रताप आश्रम गोलघर, चित्रकला प्रतियोगिता-दिग्विजयनाथ पी.जी.कॉलेज (कला संकाय), कबड्डी प्रतियोगिता बालक वर्ग (कनिष्ठ एवं वरिष्ठ) महाराणा प्रताप पालिटेक्निक गोरखनाथ एवं बालिका वर्ग (कनिष्ठ एवं वरिष्ठ) महाराणा प्रताप बालिका इण्टर कॉलेज सिविल लाइन्स में सम्पन्न होगी। यह जानकारी महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद संचालन समिति के सदस्य डॉ. नितीश शुक्ला ने दी।

हवाई अड्डों पर अफरा-तफरी! इंडिगो की कई फ्लाइट्स रद्द—जानिए असली कारण क्या है

नई दिल्ली  देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इस सप्ताह अपने सबसे बड़े परिचालन संकटों में से एक का सामना कर रही है। मंगलवार और बुधवार को एयरलाइन की 200 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं, जबकि सैकड़ों उड़ानें घंटों देरी से चल रही हैं। इस वजह से देश के प्रमुख हवाई अड्डों पर यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा है। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, पुणे और हैदराबाद जैसे प्रमुख हवाई अड्डों पर यात्रियों की लंबी कतारें लग गईं और हजारों लोग फंसकर परेशान हो गए। घरेलू विमानन कंपनी इंडिगो ने बृहस्पतिवार को तीन प्रमुख हवाई अड्डों से 180 से अधिक उड़ानें रद्द कर दीं। गुरुग्राम स्थित एयरलाइन, अपने पायलटों के लिए उड़ान-ड्यूटी और आराम अवधि के नए नियमों के मद्देनजर अपनी उड़ानों के संचालन के लिए जरूरी चालक दल सदस्यों की व्यवस्था करने को लेकर जूझ रही है। एक सूत्र ने कहा- इंडिगो ने बृहस्पतिवार को तीन हवाई अड्डों…मुंबई, दिल्ली और बेंगलुरु…. से 180 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दीं।’ मुंबई हवाई अड्डे पर रद्द होने वाली उड़ानों की संख्या दिन भर में 86 (41 आगमन और 45 प्रस्थान) रही। वहीं बेंगलुरु में 41 आगमन उड़ानों सहित 73 उड़ानें रद्द की गईं। इसके अलावा, बृहस्पतिवार के लिए दिल्ली हवाई अड्डे पर 33 उड़ानें रद्द की गईं। सूत्र ने कहा, ‘‘दिन चढ़ने के साथ रद्द होने वाली उड़ानों की संख्या और बढ़ने की आशंका है।’ एयरलाइन का ऑन-टाइम परफॉर्मेंस (ओटीपी) छह प्रमुख हवाई अड्डों… दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद… पर तीन दिसंबर को 19.7 प्रतिशत तक गिर गया, क्योंकि उसे अपनी सेवाओं के संचालन के लिए आवश्यक चालक दल जुटाने को लेकर जूझना पड़ रहा है। यह दो दिसंबर के आंकड़े से लगभग आधे से कम है। उस समय यह 35 प्रतिशत था। कई कारणों के एक साथ टकराने से इंडिगो की समय-सारिणी अचानक धराशायी हो गई। इन कारणों में प्रमुख हैं- क्रू की भारी कमी, नए ड्यूटी-टाइम नियम, तकनीकी खामियां आदि। आइए इसे विस्तार से समझते हैं। 1. क्रू की गंभीर कमी नए ड्यूटी-टाइम नियम 1 नवंबर से लागू हुए, जिनसे पायलट और क्रू के काम करने के घंटे कम कर दिए गए और अनिवार्य आराम समय बढ़ा दिया गया। नियम सख्त होने के बाद कई पायलट कानूनी तौर पर ड्यूटी के लिए उपलब्ध ही नहीं बचे, जिसके चलते दर्जनों उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। कई रोटेशन पूरे ही नहीं हो पाए क्योंकि समय सीमा खत्म हो चुकी थी। 2. नए रोस्टर नियम (FDTL) के कारण बढ़ी चुनौती डीजीसीए द्वारा लागू नई 'फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन' में रात की लैंडिंग, लगातार ड्यूटी घंटों और साप्ताहिक विश्राम को लेकर सख्त प्रावधान किए गए हैं। इंडिगो प्रतिदिन करीब 2200 उड़ानें संचालित करती है और उसके पास रात में उड़ान भरने वाले विमानों की बड़ी संख्या है। नए नियमों के अनुसार रोस्टर और शेड्यूल दोबारा तैयार करना पड़ा, लेकिन यह प्रक्रिया अभी पूरी तरह स्थिर नहीं हो पाई थी। 3. प्रमुख हवाई अड्डों पर तकनीकी खामियां मंगलवार को दिल्ली और पुणे जैसे हवाई अड्डों पर चेक-इन और डिपार्चर कंट्रोल सिस्टम में तकनीकी समस्याएं आईं। इससे सुबह की उड़ानें पीछे खिसक गईं और देरी का यह प्रभाव पूरे दिन नेटवर्क में फैलता गया। 4. शीतकालीन भीड़ और एयरपोर्ट कंजेशन सर्दियों के मौसम में धुंध, बढ़ी हुई यात्री संख्या और पीक आवर्स की भीड़ ने हालात और खराब कर दिए। इंडिगो की तंग शेड्यूलिंग के कारण छोटी देरी भी पूरे नेटवर्क में लहर की तरह असर डालती है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार मंगलवार को इंडिगो की ऑन-टाइम परफॉर्मेंस 35% पर आ गई- यानी एक दिन में 1,400 से अधिक उड़ानें देरी से चलीं। नवंबर महीने में ही एयरलाइन को 1,232 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। क्या हैं नए FDTL नियम? डीजीसीए के नए नियमों का उद्देश्य क्रू की थकान कम करना और उड़ान सुरक्षा को मजबूत करना है। इनमें शामिल हैं:     साप्ताहिक अनिवार्य आराम समय बढ़ा     रात की लैंडिंग की सीमा 6 से घटाकर 2     लगातार ड्यूटी घंटों में कमी इसके साथ ही पायलटों के लिए उड़ान समय की नई सीमाएं तय की गईं:     8 घंटे प्रतिदिन     35 घंटे प्रति सप्ताह     125 घंटे प्रति माह     1000 घंटे प्रति वर्ष इसके अलावा किसी भी 24 घंटे की अवधि में क्रू को कम से कम 10 घंटे अनिवार्य विश्राम देना होगा। ये नियम सुरक्षा के लिहाज से मजबूत हैं, पर एयरलाइनों को पहले की तुलना में अधिक पायलट और क्रू की जरूरत पड़ रही है। इंडिगो, जिसके पास रात की उड़ानों का बड़ा नेटवर्क है, वह सबसे ज्यादा प्रभावित हुई। अन्य एयरलाइंस पर इतना असर क्यों नहीं? 1. पैमाना और उड़ानों की संख्या इंडिगो देश की घरेलू उड़ानों का सबसे बड़ा हिस्सा संचालित करता है। इतने बड़े नेटवर्क में छोटी गड़बड़ी भी बड़ा प्रभाव डालती है। 2. रात की उड़ानों का बड़ा नेटवर्क विस्तारा, एयर इंडिया और अकासा जैसी एयरलाइनों की रात की उड़ानें सीमित हैं, जबकि इंडिगो कई हाई-फ्रीक्वेंसी नाइट सेक्टर संचालित करती है। रात की लैंडिंग की सीमा घटने से इंडिगो पर अधिक दबाव पड़ा। 3. तंग क्रू-उपयोग मॉडल इंडिगो की परिचालन दक्षता कम खाली समय और उच्च उपयोग पर आधारित है। नए नियमों के बाद शेड्यूल में तुरंत खालीपन आ गया। 4. नेटवर्क पुनर्गठन में कम लचीलापन छोटी एयरलाइंस अपने शेड्यूल तेजी से बदल सकती हैं, लेकिन इंडिगो के विशाल नेटवर्क में यह प्रक्रिया कहीं अधिक जटिल है। कब तक सुधरेगी स्थिति? इंडिगो ने कहा है कि वह कैलिब्रेटेड एडजस्टमेंट्स कर रहा है और 48 घंटे में संचालन सामान्य होने की उम्मीद है। एयरलाइन इन कदमों पर काम कर रही है:     उच्च दबाव वाले रूटों पर क्रू की पुनर्नियुक्ति     नाइट शेड्यूल में बदलाव     अंतिम समय की अफरातफरी से बचने के लिए प्री-प्लान्ड कैंसिलेशन     विमान और क्रू रोटेशन को नए सिरे से व्यवस्थित करना एयरलाइन ने यात्रियों से अनुरोध किया है कि वे उड़ान स्थिति लगातार चेक करते रहें, क्योंकि देरी अगले कुछ दिनों तक जारी रह सकती है। इंडिगो ने बयान जारी किया- हम अपने ग्राहकों से क्षमा चाहते हैं… अप्रत्याशित परिचालन चुनौतियों तकनीकी समस्याएं, सर्दियों से जुड़ी देरी, एयरपोर्ट कंजेशन और अपडेटेड क्रू रोस्टरिंग नियम का सामूहिक प्रभाव हमारे संचालन पर पड़ा … Read more

रश्मिका मंदाना का विजय देवरकोंडा शादी पर रिएक्शन, सोशल मीडिया पर छाया जोश

मुंबई पिछले कुछ वक्त से रश्मिका मंदाना काम से ज्यादा अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चाओं में बनी हैं। ये चर्चाएं रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा की शादी को लेकर हो रही हैं। लगातार ऐसी खबरें सामने आ रही हैं कि रश्मिका और विजय अगले साल यानी 2026 की शुरुआत में शादी के बंधन में बंध जाएंगे। हालांकि, रश्मिका या विजय ने अब तक इन खबरों की पुष्टि नहीं की है। अब रश्मिका ने अपनी शादी की खबरों पर प्रतिक्रिया दी है। हालांकि, एक्ट्रेस ने पूरी तरह से कुछ भी स्पष्ट नहीं किया है। रश्मिका ने बताया कब करेंगी कंफर्म हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया के साथ बातचीत के दौरान रश्मिका ने अपनी आगामी फिल्मों और वर्कफ्रंट के साथ-साथ अपनी शादी की चर्चाओं पर रिएक्ट किया। इस दौरान जब रश्मिका से पूछा गया कि क्या वह विजय से अपनी कथित शादी की पुष्टि या खंडन करना चाहती हैं? तो इस पर एक्ट्रेस ने कहा कि मैं शादी की पुष्टि या खंडन नहीं करना चाहती। मैं बस इतना कहूंगी कि जब इस बारे में बात करने का समय आएगा, तब हम करेंगे। उन्होंने आगे कहा कि वह अपने फैंस या मीडिया के साथ कुछ भी साझा करने से पहले थोड़ा समय लेना चाहती हैं। रश्मिका की इस प्रतिक्रिया के बाद दोनों की शादी को लेकर अटकलें और भी तेज हो गई हैं। फरवरी में शादी करने की हैं चर्चाएं कई मीडिया रिपोर्ट्स में ऐसा दावा किया जा रहा है कि रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा फरवरी में शादी के बंधन में बंध सकते हैं। दोनों की शादी उदयपुर में होगी। रिपोर्ट्स में यहां तक कहा गया कि रश्मिका शादी की तैयारियों के लिए उदयपुर में इंतजाम तक देखने जा चुकी हैं। अक्तूबर में विजय-रश्मिका ने की थी सगाई रश्मिका और विजय की सगाई की खबरें अक्तूबर में काफी चर्चा में रही थीं। हालांकि, दोनों में से किसी ने भी इन्हें स्वीकार या खारिज नहीं किया और न ही कोई फोटोज सामने आई। लेकिन बाद में विजय की टीम ने हिंदुस्तान टाइम्स को पुष्टि की कि दोनों ने सगाई कर ली है। टीम ने यह भी पुष्टि की कि कपल फरवरी 2026 में शादी के बंधन में बंध जाएंगे। अब रश्मिका के शादी की खबरों को खारिज न करने के बाद इन चर्चाओं को और भी बल मिलता है। अक्सर साथ नजर आते हैं विजय-रश्मिका रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा ने साथ में ‘गीता गोविंदम’ और ‘डियर कॉमरेड’ जैसी फिल्मों में काम किया है। इसी दौरान दोनों एक-दूसरे के करीब आ गए। इसके बाद से ही दोनों के बीच अफेयर की चर्चाएं आती रहती हैं। दोनों अक्सर कई मौकों पर साथ भी देखा जाता है। दोनों साथ में ही छुट्टियां मनाने भी जाते हैं। हालांकि, इसके बावजूद दोनों ने कभी भी अपने रिश्ते को स्वीकार नहीं किया है।  

‘जिहाद पसंद लोगों’ पर सख्त उत्तराखंड: 550 अवैध मजारें हटाने का वीडियो खुद सीएम ने जारी किया

हल्द्वानी मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि देवभूमि में सुनियोजित तरीके से डेमोग्राफी बदलने की कोशिश हो रही है। उन्होंने बताया कि हरी, नीली और पीली चादर ओढ़कर कब्जे की नीयत से बनाई गई करीब 550 अवैध मजारों को सरकार ने हटाया है। धामी ने कहा कि जेहाद पसंद लोग पहाड़ों पर घुसपैठ की कोशिश कर रहे हैं। जहां भी खाली या सरकारी जमीनें दिखीं, वहां अवैध बसावट करने की साजिश रची गई, लेकिन सरकार इसे किसी भी सूरत में सफल नहीं होने देगी। सीआरपीएफ समूह काठगोदाम में पूर्व अर्द्धसैनिक सम्मेलन में सीएम ने कहा कि बाहरी राज्यों के कई लोगों को अवैध रूप से उत्तराखंड के स्थायी समेत अन्य प्रमाण पत्र जारी किए गए थे, जिन पर सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। पूरे प्रदेश में प्रमाण पत्रों की जांच के आदेश दिए गए हैं। 10 हेक्टेयर भूमि मुक्त कराई उन्होंने कहा कि अवैध रूप से देवभूमि में बसे घुसपैठियों से दस हजार हेक्टेयर भूमि मुक्त कराई गई है। हल्द्वानी के वनभूलपुरा प्रकरण पर सीएम ने कहा कि अतिक्रमण मामले में जो भी फैसला आएगा, उसके लिए सरकार पूरी तरह तैयार है। पूर्व में हल्द्वानी में हुई हिंसा का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि दंगाइयों से पाई-पाई की वसूली की गई है। जेहाद प्रेमियों को पनपने नहीं देंगे प्रदेश के सामाजिक एवं सुरक्षा मुद्दों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों में अवैध बसावट, लैंड जिहाद और अन्य गलत गतिविधियों के खिलाफ सरकार कड़े कदम उठा रही है। 10 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि कब्जामुक्त कराई गई है तथा 550 से अधिक अवैध संरचनाओं को ध्वस्त किया गया है। राज्य में समान नागरिक संहिता, सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा-रोधी कानून और भू-कानून लागू कर सामाजिक समरसता एवं आंतरिक सुरक्षा को मजबूत किया गया है। घुसपैठिये होंगे चिह्नित मुख्यमंत्री ने कहा कि पूरे प्रदेश में प्रमाण पत्रों की जांच के आदेश दिए गए हैं। अवैध रूप से देवभूमि में बसे घुसपैठियों से 10 हजार हेक्टेयर भूमि मुक्त कराई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि हल्द्वानी के वनभूलपुरा में अतिक्रमण को लेकर जो भी फैसला आएगा, उसके लिए सरकार की पूरी तैयारी है। सीआरपीएफ ने नक्सलवाद, धामी ने भ्रष्टाचार खत्म किया कार्यक्रम में सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि सीआरपीएफ ने देश से जिस तरह नक्सलवाद को खत्म किया, उसी तरह उत्तराखंड में मुख्यमंत्री भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने का काम कर रहे हैं। जोशी ने कहा कि सीआरपीएफ समेत अर्धसैनिक बलों के जवानों ने नक्सलवाद को आज लगभग पूरी तरह समाप्त कर दिया है। उन्होंने उत्तराखंड की बात करते हुए कहा कि यहां पर सरकार ने भ्रष्टाचार पर शिकंजा कसा है। सीएम धामी खुद सैनिक परिवार से हैं और उन्हें सैनिक के जीवन का मोल पता है। उनकी रगों में सैनिक का खून है। वह सैनिक परिवारों के लिए हमेशा ही कल्याणकारी योजनाएं शुरू करते आए हैं। हम सैनिकों के सिपाही जोशी ने कहा कि सीमा पर देश की रक्षा में अपने प्राणों की आहुति देने वाले जांबाज शहीदों के परिवार में से किसी एक को सरकारी नौकरी देने का काम धामी सरकार कर रही है। अब तक 28 लोगों को प्रदेश में नौकरी दी गई है। उन्होंने कहा कि ‘मैं और मुख्यमंत्री सैनिकों के सिपाही हैं। हम हर कदम पर उनके साथ खड़े हैं’।

सुप्रीम कोर्ट ने दिया कड़ा संदेश: हुनर गोल्ड के पीड़ितों के लिए पहले 200 करोड़ जमा करना अनिवार्य

 नई दिल्ली देश के विभिन्न राज्यों में सोना और ज्वेलरी की कथित हेराफेरी के मामलों में घिरे हुनर गोल्ड कंपनी के संचालक ललित सोनी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है. सोनी ने देशभर में दर्ज सभी आपराधिक मामलों को एक ही राज्य में स्थानांतरित करने के लिए शीर्ष अदालत का दरवाज़ा खटखटाया था, लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिका सुनने से ही साफ इनकार कर दिया. CJI की कड़ी टिप्पणी: पूरे देश को ठगा और अब राहत चाहते हैं? मुख्य न्यायाधीश (CJI) ने सुनवाई के दौरान बेहद सख्त रुख अपनाते हुए कहा, 'आपने इतने लोगों को ठगा है… पूरे देश को ठगा है… और अब यहां आकर मामलों के एकीकरण की मांग कर रहे हैं? क्या आप चाहते हैं कि जिसे आपने सिलिगुड़ी में धोखा दिया, वो ट्रायल के लिए मुंबई आए?'  कोर्ट ने आगे कहा कि यदि सोनी को अपनी याचिका पर सुनवाई चाहिए तो पहले वे 200 करोड़ रुपये सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री में जमा करें. CJI ने स्पष्ट किया कि जब तक यह राशि जमा नहीं होती, तब तक याचिका पर कोई विचार नहीं किया जाएगा. देशभर में कई FIR, सोने की बड़ी हेराफेरी का आरोप ललित सोनी पर आरोप है कि उन्होंने अपनी कंपनी हुनर गोल्ड के ज़रिए कई राज्यों में लोगों और कॉरपोरेट संस्थाओं से सोना, ज्वेलरी और निवेश लेकर भारी पैमाने पर धोखाधड़ी की. विभिन्न राज्यों के पुलिस थानों में उनके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. सोनी की तरफ से दलील दी गई कि दर्जनों FIR और मुकदमों के चलते ट्रायल में व्यावहारिक दिक्कतें पैदा हो रही हैं, इसलिए सभी केस एक ही राज्य में स्थानांतरित कर दिए जाएं. लेकिन कोर्ट ने इसे स्वीकार करने से इनकार कर दिया. सुप्रीम कोर्ट का रुख साफ कोर्ट ने दो टूक कहा कि पीड़ितों को ट्रायल के लिए एक ही जगह बुलाना न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ होगा. साथ ही ये भी संकेत दिया कि गंभीर आर्थिक अपराधों में आरोपी व्यक्ति 'सुविधा' के नाम पर राहत नहीं पा सकता.

लालू परिवार को बड़ी राहत! लैंड फॉर जॉब केस पर आज निर्णय नहीं, कोर्ट ने CBI को दिया खास टास्क

पटना  चर्चित लैंड फॉर जॉब केस में राउज एवेन्यू कोर्ट दिल्ली का फैसला टल गया है। इससे लालू परिवार को फौरी राहत मिल गई है। अगली सुनवाई 8 दिसम्बर को होगी। कोर्ट ने जांच एजेंसी सीबीआई को एक अहम टास्क दिया है कोर्ट आज गुरुवार को लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, तेज प्रताप यादव, मीसा भारती, हेमा यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने को लेकर सुनवाई हुई। इस मामले में कोर्ट ने फिलहाल अपना आदेश स्थगित कर दिया है।   इस मामले में अदालत ने सीबीआई से आरोपियों की स्थिति की जानकारी स्पष्ट करने का टास्क दिया है। कार्यवाही के दौरान इस कांड के कुछ आरोपियों की मृत्यु हो गई। अदालत ने सीबीआई से स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है और मामले की सुनवाई 8 दिसंबर के लिए निर्धारित की है। सीबीआई ने 103 लोगों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। हालाँकि, कार्यवाही के दौरान 4 की मृत्यु हो गई। कोर्ट ने मामले की तफ्तीश कर रही सीबीआई को आदेश दिया है कि सभी आरोपियों का स्टेटस वेरिफिकेशन कर रिपोर्ट दाखिल करे। लालू परिवार के लिए नासूर बन चुके इस केस की सुनवाई काफी दिनों से चल रही है। अदालत की कार्यवाही के दौरान कांड के चार आरोपितों की मौत हो गई। इसे लेकर अदालत ने कहा कि जब तक प्रत्येक अभियुक्त की वर्तमान स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाए तबतक आरोप तय करने जैसी संवेदनशील प्रक्रिया आगे बढ़ाना उचित नहीं होगा। इसी वजह से कोर्ट ने केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई से अभियुक्तों का स्टेटस रिपोर्ट फाइल करने का निर्देश दिया है। इस मामले में आरोप है कि रेलवे के पश्चिम मध्य क्षेत्र में ग्रुप-डी श्रेणी में लालू यादव के रेल मंत्री रहने के दौरान की गई गलत तरीके से नियुक्तियां की गईं। इसके एवज में लालू परिवार के सदस्यों या अन्य सहयोगियों के नाम पर जमीनों की रजिस्ट्री कराई गई। मामला 2004 से 2009 के बीच का है जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे।  

CM भगवंत मान का नया अभियान: नशे के खिलाफ संग्राम को मजबूत करेगी मेंटल हेल्थ फैलोशिप

चंडीगढ़  पंजाब में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर ऐतिहासिक शुरुआत हुई है. मुख्यमंत्री भगवंत मान ने देश की पहली सरकारी लीडरशिप इन मेंटल हेल्थ प्रोग्राम लॉन्च किया है. उन्होंने कहा कि युद्ध नशे विरुद्ध सिर्फ नारा नहीं, बल्कि एक जमीनी लड़ाई है, जिसमें हर परिवार की सुरक्षा और भविष्य दांव पर है. यह फेलोशिप 2 साल की होगी. जिसमें न सिर्फ पंजाब, बल्कि पूरे भारत के लिए एक मॉडल बनने जा रही है. एम्स मोहाली और टीआईएसएस मुंबई की साझेदारी में शुरू हुई यह पहल 23 जिलों में मानसिक स्वास्थ्य और नशा-निवारण को बिल्कुल नए स्तर पर ले जाएगी. सरकार 35 ऐसे युवा विशेषज्ञ चुन रही है जो साइकोलॉजी या सोशल वर्क की पढ़ाई कर चुके हैं और जिनके पास मानसिक स्वास्थ्य में काम करने का अनुभव है. ये फेलो पंजाब के गांव, शहर, स्कूल, कॉलेज, कम्युनिटी सेंटर और रिहैब सुविधाओं तक पहुँचकर एक ऐसे मॉडल को लागू करेंगे जिसकी कल्पना भारत ने पहले नहीं की रोकथाम, उपचार और पुनर्वास तीनों को एक साथ जोड़कर. समाज को मजबूत करने की जरूरत भगवंत मान यह मानते हैं कि नशे से लड़ाई सिर्फ पुलिस या प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के मन को मजबूत करने की जरूरत है. इसी सोच के चलते इस कार्यक्रम में फेलोज़ को टीआईएसएस मुंबई से विशेष ट्रेनिंग, मेंटरशिप और जमीनी नेतृत्व सीखने का मौका मिलेगा. उन्हें 60,000 रुपये महीना का सम्मानजनक रिम्यूनरेशन भी मिलेगा, ताकि वे बिना किसी दबाव के पूरी ऊर्जा से पंजाब के युवाओं और परिवारों के साथ काम कर सकें. नशा महामारी की तरह फैल चुका है यह कार्यक्रम असल मायने में पंजाब के दिल की धड़कन है. नशा एक महामारी की तरह फैल चुका था, लेकिन अब पंजाब ने यह लड़ाई विशेषज्ञों के साथ मिलकर, वैज्ञानिक तरीकों से और लोगों के बीच उतरकर लड़ने का फैसला लिया है. भगवंत मान ने दिखा दिया है कि जब नीयत साफ हो और लक्ष्य जनता की भलाई हो, तो सरकारें बदलाव लेकर आती हैं, बयान नहीं. पंजाब के भविष्य में निवेश 7 दिसंबर तक आवेदन खुले हैं, और अधिक जानकारी के लिए https://tiss.ac.in/lmhp पर जाकर देख सकते है. यह सिर्फ एक फेलोशिप नहीं, बल्कि पंजाब के भविष्य में निवेश है, एक ऐसा भविष्य जहां हर घर सुरक्षित हो, हर युवा स्वस्थ हो, और हर माता-पिता नशे के डर के बिना अपने बच्चों को बड़ा कर सकें. यह वही पंजाब है जिसकी कल्पना भगवंत मान ने की थी और अब वह धीरे-धीरे हकीकत बन रहा है.  

जब भी हम संकट में होते हैं तो महापुरुषों के शौर्य व पराक्रम नई ऊर्जा देते हैः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

राष्ट्र की संस्कृति समाप्त हो जाए तो वह अपनी एकात्मता व पहचान को खो देता हैः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जब भी हम संकट में होते हैं तो महापुरुषों के शौर्य व पराक्रम नई ऊर्जा देते हैः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ  एसडीआरएफ के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी (से.नि.) ने किया महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह-2025 का शुभारंभ  महंत दिग्विजयनाथ महाराज ने 1932 में गोरखपुर में की थी महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापनाः गोरक्षपीठाधीश्वर  गोरखपुर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह-2025 के शुभारंभ अवसर पर स्वदेश, स्वधर्म व राष्ट्रीय स्वाभिमान का जिक्र किया और कहा कि जब भी हम संकट में होते हैं या कोई राष्ट्रीय चुनौती होती है तो महापुरुषों के चित्र, उनके शौर्य व पराक्रम नई ऊर्जा देते हैं। महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी, गुरु गोविंद सिंह, रानी लक्ष्मीबाई समेत सीमाओं की रक्षा करते हुए बलिदान देने वाले भारत मां के बहादुर जवान देश के लिए प्रेरणा हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि राष्ट्र की पहचान वहां की संस्कृति, परंपराएं और महापुरुष होते हैं, यह एक-दूसरे से जुड़े हैं। राष्ट्र की संस्कृति समाप्त हो जाए तो राष्ट्र अपनी एकात्मता व पहचान को खो देता है। संस्कृति उन राष्ट्रीय मूल्यों से बनती है, जिन्हें समय-समय पर अलग-अलग युगांतकारी घटनाओं ने संबल और शक्ति दी। जिन्हें विभिन्न पर्वों के माध्यम से पूरा भारत बिना भेदभाव के आत्मसात करता है। पर्व में मतभेदों को समाप्त करके हम ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की अभिव्यक्ति को प्रदर्शित करते हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब भी हम संकट में होते हैं तो महापुरुषों के शौर्य व पराक्रम नई ऊर्जा देते है।  महंत दिग्विजयनाथ महाराज द्वारा 1932 में गोरखपुर में स्थपित महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापक सप्ताह समारोह-2025 का शुभारंभ उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष लेफ्टिनेंट योगेंद्र डिमरी (से.नि.) ने किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अध्यक्ष के रूप में कार्य करने वाले स्मृतिशेष प्रो. यूपी सिंह व अन्य दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी।   यह आत्ममंथन का अवसर  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद अगले छह वर्ष के अंदर होने वाले शताब्दी महोत्सव के कार्यक्रम के साथ बढ़ रहा है। ऐसे में शिक्षा परिषद व संस्थाओं के सामने 100 वर्षों की इस यात्रा के आत्ममंथन का अवसर है। यह समारोह इस पर आत्मावलोकन का अवसर प्रस्तुत कर रहा है कि छात्र के सर्वांगीण विकास, समाज व राष्ट्र के प्रति हमने अपनी भूमिका का निर्वहन किस रूप में किया है। महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के संस्थापकों ने जो विराट लक्ष्य रखा है, वह समाज व राष्ट्र के प्रति हमारी सेवाएं-कर्तव्य के समय-समय पर मूल्यांकन का भी है। हमारे संस्थापकों ने छात्र-छात्राओं के सामने महाराणा प्रताप के रूप में आदर्श रखा।  शिक्षा के विजन के साथ ही स्वास्थ्य, कृषि आदि पर जोर दे रहा परिषद  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण, अपनी संकल्पना और भावना को बढ़ाने के लिए संस्थापकों ने महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना की। परिषद शिक्षा के विजन के साथ ही स्वास्थ्य, कृषि, महाराणा प्रताप इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, महाराणा प्रताप पॉलीटेक्निक आदि के जरिए तकनीक पर जोर दे रहा है तो वहीं महिलाओं की शिक्षा, अन्नदाता किसानों के प्रशिक्षण के लिए महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र या अन्न संस्थाएं दूरदराज के क्षेत्रों में नए प्रयास को बढ़ाने के साथ ही कार्य कर रही हैं।  संस्थापक समारोह का उद्देश्य- हम कर्तव्य व तैयारियों का कर सकें आत्मावलोकन  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संस्थापक समारोह का उद्देश्य है कि हम संस्थापकों के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए कर्तव्यों व तैयारियों का आत्मावलोकन कर सकें कि आने वाली चुनौतियों का सामना करने के लिए हमें खुद को कैसे तैयार करना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भावी भारत के निर्माण में अपने उत्तरदायित्वों को भी बखूबी समझना होगा। संस्थाएं जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए प्रतिवर्ष नयापन करने का प्रयास कर रही हैं।  शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थाओं को बनना ही होगा मॉडल स्टडी का माध्यम  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महंत दिग्विजयनाथ पीजी कॉलेज द्वारा शोध पत्रिका ‘दिग्विजयम्’ और महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज द्वारा ‘मिशन मंझरिया’ के विमोचन का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक ओर शिक्षित बेरोजगारों की फौज खड़ी होती है तो दूसरी तरफ निरक्षरता की लंबी खाई दिखाई पड़ती है। महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज को इसमें योजक की भूमिका में दिखाई दिया है। यहां के शिक्षा संकाय के छात्रों द्वारा गांव को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने के लक्ष्य को बढ़ाने की दिशा में गोद लिया गया, उन्होंने इसे मॉडल स्टडी के रूप में प्रस्तुत किया। सीएम योगी ने कहा कि शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थाओं को मॉडल स्टडी का माध्यम बनना ही होगा।  समाज व राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं संस्थान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारतीय संस्कृति में किसी भी मनुष्य के लिए अयोग्य शब्द नहीं कहा गया है। अयोग्य मतलब उसकी मनुष्यता पर प्रश्नचिह्न खड़ा कर रहे हैं। यदि कोई व्यक्ति अयोग्य है तो इसका मतलब कोई योजक नहीं है। उन्होंने कहा कि अयोग्यता-निरक्षरता शैक्षिक समाज पर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। सीएम योगी ने परिषद के सभी शिक्षण-प्रशिक्षण संस्थाओं द्वारा सेवा भाव के कार्यों का जिक्र किया। बताया कि कोई कुष्ठ सेवाश्रम तो कोई संस्थान थारू, वनटांगिया के छात्रों को गोद लेकर पढ़ा रहा है तो कोई संस्थान अन्य जिम्मेदारियों के साथ समाज व राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहा है और यही राष्ट्र के प्रति हमारी सेवा भी है।  समारोह में महापौर डॉ. मंगलेश वास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष साधना सिंह, कुलपति प्रो. पूनम टंडन, प्रो. जेपी सैनी, प्रो. रविशंकर सिंह, डॉ. सुरेंद्र सिंह, विधायक फतेह बहादुर सिंह, विपिन सिंह, महेंद्र पाल सिंह, इंजी. सरवन निषाद, प्रदीप शुक्ला, विधान परिषद सदस्य डॉ. धर्मेंद्र सिंह, रतनपाल सिंह, पूर्व महापौर अंजू चौधरी आदि मौजूद रहे।

इंडिगो फ्लाइट खराबी से पटना हवाई अड्डे पर तबाही, कल कई उड़ानें रद्द

पटना मौसम ठंढा होने की वजह से कई फ्लाइट तो प्रभावित हुए ही लेकिनएयरलाइन इंडिगो के क्रू रोस्टर और शेड्यूलिंग सॉफ्टवेयर में अचानक आई भीषण तकनीकी खराबी के कारण भी बुधवार को पूरे देश में लगभग 130 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गई थीं। पटना एयरपोर्ट पर भी यात्री काफी परेशान रहे। तकनीकी खराबी का असर पटना के जयप्रकाश नारायण अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर भी साफ तौर पर दिखा, जहां दिल्ली-पटना-दिल्ली सेक्टर की तीन महत्वपूर्ण जोड़ी फ्लाइट्स को रद्द करना पड़ा। बताया जाता है कि करीब एक दर्जन से अधिक उड़ानें अपने निर्धारित समय से एक से तीन घंटे की भारी देरी से संचालित हुईं। शुक्रवार सुबह की कोलकाता और दिल्ली की एक-एक फ्लाइट भी रद्द रहने की आशंका है। सॉफ्टवेयर की खामी से फंसे रहे लगभग 1000 यात्री तीन जोड़ी फ्लाइट्स रद्द होने के चलते अकेले दिल्ली और पटना में लगभग 1000 यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई यात्री शादी-विवाह जैसे महत्वपूर्ण आयोजनों में शामिल होने के लिए सफर कर रहे थे। यात्रियों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि उन्होंने 15,000 से 18,000 रुपये तक में टिकट खरीदे थे। इंडिगो ने अपने यात्रियों को राहत देने की घोषणा की हालांकि इसको लेकर इंडिगो का भी बयान सामने आया है। इस संबंध में उनका कहना है कि इस तकनीकी खराबी को एक-दो दिनों में ठीक कर लिया जाएगा। साथ ही, यात्रियों को टिकट का पूरा रिफंड दिया जाएगा या वे चाहें तो अपनी यात्रा तिथि आगे भी बढ़ा सकते हैं। फ्लाइटों में देरी और रद्दीकरण की वजह से पटना एयरपोर्ट के टर्मिनल पर दिन भर भारी भीड़ और अफरातफरी का माहौल बना रहा। हालांकि, एयरलाइन ने कुछ रद्द हुई फ्लाइटों के यात्रियों को अन्य उपलब्ध विमानों से भेजने की व्यवस्था की।