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एल्युमिनियम बर्तन से दूरी, सतना में मिडडे मील में लोहे की कड़ाही का इस्तेमाल अनिवार्य

सतना   सतना जिले के IAS अधिकारी व जिला पंचायत सीईओ ने मिड-डे मील लोहे के बर्तन में बनाने का फरमान जारी किया है. इसके पीछे तर्क दिया है कि लोहे की कड़ाही में साग-सब्जी या अन्य सामग्री पकाने से बच्चों में एनीमिया की आशंका कम हो जाएगी. जिले के स्व सहायता समूहों के बीच इस आदेश की चर्चा जोरों पर है. लोहे के बर्तन में खाना पकाने से क्या लाभ हैं आइए जानते हैं. सतना जिला पंचायत सीईओ ने दिया आदेश जिला पंचायत सीईओ मझगवा महिपाल सिंह गुर्जर ने स्व सहायता समूह को खाना पकाने के लिए बर्तन बदलने के निर्देश दिए हैं. वर्तमान में उपयोग किए जाने वाले बर्तन एलुमिनियम को दरकिनार करने की सलाह दी गई है. मामले के अनुसार मझगवा ब्लॉक में में स्व सहायता समूह की महिलाओं को मिड-डे मील बनाने के बर्तन बदलने के लिए पत्र जारी हुआ है. पत्र में लिखा "ग्राम पंचायतो में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना के तहत महिला स्व सहायता समूह मिड-डे मील का संचालन स्कूलों में किया जा रहा है. देखने में आया है कि आपके द्वारा एल्मूनियम की कड़ाही में सब्जी एवं अन्य खाद्य पदार्थ पकाये जाते हैं." WHO ने भी माना- लोहे के बर्तन का लोहा पत्र में उल्लेख किया गया है "विश्व स्वास्थय संगठन (WHO) ने लोहे के बर्तनों के उपयोग को आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया को कम करने की सलाह दी है. अतः आप समस्त को निर्देर्शित किया जाता है कि एल्मूनियम या जर्मन एल्मूनियम की कड़ाही की जगह अनिवार्यतः लोहे की कड़ाही में साग, भाजी अन्य खाद्य पदार्थ बनाना सुनिश्चित करें, जिससे कि आयरन तत्व की आपूर्ति हो सके." शरीर में आयरन की मात्रा संतुलित रखते हैं लोहे के बर्तन आपको ये समझना जरूरी है कि आयरन इंसान के शरीर के लिए बहुत आवश्यक मिनरल है. आयरन ही फेफड़ों से पूरे शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई करता है. आयरन से हीमोग्लोबिन भी बनता है. इसलिए पहले के लोग शरीर में आयरन के स्तर बनाए रखने के लिए लोहे के बर्तनों में सब्जी वगैरह बनाते थे. क्योंकि ऐसा करने से शरीर में आयरन का स्तर बढ़ाता है, खून की कमी दूर होती है. एक तथ्य ये भी है कि थकान, कमजोरी और शरीर में दर्द आयरन की कमी से ही होता है. लोहे की कड़ाही का खाना देर तक रहता गर्म शरीर में आयरन की कमी होने के कारण ही लोग डॉक्टर की सलाह पर विभिन्न प्रकार के सप्लीमेंट्स लेते हैं. लेकिन अगर सप्लीमेंट्स की जगह लोहे की कड़ाही का इस्तेमाल किया जाए तो आयरन की कमी पूरी हो सकती है. इसके अलावा अगर आप लोहे की कड़ाही में खाना पकाएंगे, तो खाना लंबे समय तक गर्म रहेगा. भोपाल की 60 साल की गृहिणी जानकी बताती हैं "वह तो हमेशा से ही लोहे की कड़ाही में सब्जी पकाती हैं. उनकी सास की ये सीख आज भी वह अमल में ला रही हैं." क्या कहते हैं चिकित्सा क्षेत्र के विशेषज्ञ भोपाल के नर्मदा अस्पताल की सीनियर डायटीशियन डॉ.अमिता सिंह ने बताया "आयरन के बर्तन में बना नियमित खाना खाने से शरीर में आयरन की कमी पूरी हो सकती है, लेकिन यह तभी कारगर होगा, जब इस खाने में खटाई यानि विटामिन सी भी मिलाया जाए. आयरन के बर्तन में पका हुआ खाना खाने से केवल उन लोगों में ही आयरन की मात्रा इंप्रूव होगी, जिन्हें मामूली आयरन की जरूरत है. लेकिन यदि किसी को सीवियर एनीमिया है, तो फिर उसे डॉक्टर से सलाह लेनी की जरूरत है." 

तत्काल ट्रेन टिकट बुकिंग में बदलाव, राजधानी-दुरंतो-वंदे भारत में 6 दिसंबर से OTP जरूरी

नई दिल्ली अगर आप तत्काल टिकट लेने जाते हैं और टिकट दलालों के कारण हाथ खाली रह जाता है तो अब ऐसा नहीं होगा. भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुविधा और टिकट बुकिंग में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए तत्काल टिकट बुकिंग के लिए वन टाइम पासवर्ड(OTP) आधारित नया सिस्टम लागू किया है. सेंट्रल रेलवे की चुनिंदा ट्रेनों में 6 दिंसबर से तत्काल टिकट लेने के लिए मोबाइल पर आने वाला OTP डालना जरूरी होगा.  बिना OTP के टिकट ही नहीं मिलेगा. इससे तत्काल टिकटों का दुरुपयोग रुकेगा और दलालों पर लगाम लगेगी. साथ ही यात्रियों को टिकट मिलने में सुविधा होगी. रेलवे का नया नियम कहां-कहां लागू होगा? कंप्यूटरीकृत पैसेंजर रिजर्वेंशन सिस्टम (PRS) काउंटर, अधिकृत एजेंट और IRCTC की वेबसाइट या मोबाइल ऐप के माध्यम से बुक किए जाने वाले तत्काल टिकट पर रेलवे का OTP आधारित नियम लागू होगा. तत्काल बुकिंग करते समय जो मोबाइल नंबर डालेंगे, उसी पर एक OTP आएगा. OTP डालने के बाद ही टिकट कन्फर्म होगा. किन ट्रेनों में सबसे पहले शुरू होगा ये नियम? रेलवे के मुताबिक, 6 दिसंबर से 13 ट्रेन में यह लागू किया जाएगा. जिसमें दुरंतो और वंदे भारत ट्रेनें भी शामिल हैं. वहीं, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस (CSMT)-हजरत निजामुद्दीन राजधानी एक्सप्रेस के लिए 5 दिसंबर से प्रभावी होगा. इसके अलावा पुणे-हैदराबाद शताब्दी एक्सप्रेस में यह सिस्टम 1 दिसंबर से चल रहा है. आने वाले दिनों में यह OTP आधारित तत्काल रिजर्वेशन सिस्टम सभी ट्रेनों पर लागू किया जा सकता है. इससे रेलवे टिकटिंग में पारदर्शिता आएगी. यात्रियों के लिए जरूरी सलाह     तत्काल टिकट लेते समय अपना सही मोबाइल नंबर डालें.     OTP जल्दी डालें, वरना बुकिंग कैंसिल हो जाएगी.        

सरकार का जवाब आया: 8वें वेतन आयोग के बाद पेंशन पर क्या होगा असर?

नई दिल्ली कई महीनों से केन्द्र सरकार के पेंशनभोगी और कर्मचारी इस चिंता में थे कि क्या 8वें वेतन आयोग (8th Pay Commission) उनकी पेंशन को फिर से तय किया जाएगा या नहीं. सरकार ने जैसे ही 8वें वेतन आयोग के लिए टर्म ऑफ रेफरेंस जारी किए, अलग-अलग कर्मचारी संगठनों ने प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री को पत्र लिखकर कहा था कि पेंशन संशोधन को भी इसमें साफ-साफ शामिल किया जाए. आम लोगों में भी भ्रम फैल गया था कि शायद पेंशन की समीक्षा इसमें नहीं है. इसी उलझन को दूर करते हुए वित्त मंत्रालय ने राज्यसभा में साफ कर दिया है कि 8वां वेतन आयोग पेंशन से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी सिफ़ारिशें देगा. यह जानकारी इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि लाखों पेंशनर्स लंबे समय से किसी स्पष्ट जवाब का इंतजार कर रहे थे. राज्यसभा में सांसद जावेद अली खान और रामजी लाल सुमन ने अनस्टार्ड प्रश्न के जरिये पूछा कि क्या सचमुच 8वें CPC में पेंशन संशोधन का कोई प्रस्ताव नहीं है? इसके जवाब में वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने साफ कहा कि यह बात गलत है. उन्होंने कहा, “8वां आयोग वेतन, भत्तों और पेंशन आदि से जुड़े कई मुद्दों पर अपनी सिफ़ारिशें देगा.” इस जवाब ने पेंशनभोगियों को राहत दी है, क्योंकि अब यह स्पष्ट हो गया है कि पेंशन की समीक्षा भी आयोग की कार्यसूची में शामिल है. DA, DR को मूल वेतन में मर्ज करने का प्लान? इसके साथ ही, दोनों सांसदों ने यह भी पूछा कि क्या सरकार महंगाई भत्ता (DA) और महंगाई राहत (DR) को मूल वेतन में मर्ज करने का कोई प्लान बना रही है, जिससे कर्मचारियों और पेंशनर्स को तत्काल राहत मिल सके? इस पर पंकज चौधरी ने दो टूक जवाब दिया कि ऐसा कोई प्रस्ताव सरकार के पास नहीं है. उन्होंने कहा, “वर्तमान में महंगाई भत्ता को मूल वेतन में मर्ज करने का कोई प्रस्ताव सरकार के विचाराधीन नहीं है.” जनवरी 2024 में जब DA 50 फीसदी तक पहुंच गया था, तब कई कर्मचारी संगठनों ने सरकार से इस मर्जर की मांग की थी, क्योंकि इससे भविष्य की सैलरी और पेंशन दोनों बढ़ जाती हैं. लेकिन सरकार लगातार यह साफ करती रही है कि वह इस दिशा में कदम उठाने की योजना नहीं रखती. सांसदों का एक और सवाल था कि क्या 8वें वेतन आयोग के गठन के लिए कोई आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया गया है? इस पर मंत्री पंकज चौधरी ने पुष्टि की कि सरकार ने 03.11.2025 की तारीख वाला नोटिफिकेशन जारी करके गठन को मंजूरी दे दी है और इसके टर्म ऑफ रेफरेंस भी जारी कर दिए गए हैं. इसके साथ ही आयोग के चेयरमैन और सदस्यों की नियुक्ति भी कर दी गई है. इसका मतलब है कि आयोग औपचारिक रूप से अपना काम शुरू कर चुका है और आने वाले समय में कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए नई सिफ़ारिशों का रास्ता खुल जाएगा.

संसद भवन में BJP की अहम बैठक: नया अध्यक्ष कौन बनेगा, रेस में इन नामों पर चर्चा

नई दिल्ली जेपी नड्डा के बाद अगला बीजेपी का राष्ट्रीय अध्यक्ष कौन होगा, इसको लेकर लंबे समय से अटकलें जारी हैं। बिहार चुनाव के दौरान एक इंटरव्यू में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बताया था कि चुनाव खत्म होने के बाद अध्यक्ष के नाम का ऐलान हो जाएगा। इसी सिलसिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा, बीएल संतोष के बीच संसद भवन में एक अहम बैठक हुई। लगभग घंटेभर तक चली बैठक में अगले बीजेपी चीफ और यूपी बीजेपी चीफ पर चर्चा हुई। बीजेपी अध्यक्ष नड्डा का कार्यकाल लोकसभा चुनाव से पहले ही खत्म हो गया था, लेकिन आम चुनाव तक पहले उसे बढ़ाया गया। इसके बाद फिर से उसे बढ़ाया जा चुका है। पार्टी के भीतर लगातार बैठकों का दौर चल रहा है। पिछले कुछ महीनों में केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, शिवराज सिंह चौहान समेत कई नाम सामने आए हैं, जिनके रेस में होने की चर्चा है। हालांकि, आधिकारिक रूप से कुछ भी स्पष्ट नहीं किया गया है। बीजेपी के नियम के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने से पहले पार्टी को 50 फीसदी स्टेट यूनिट्स में चुनाव करवाने होते हैं और अब तक यह पूरा भी हो चुका है। अध्यक्ष पद की रेस में कौन-कौन से नाम? पिछले एक दशक में बीजेपी का नया रूप देखने को मिला है, जिसके तहत बड़े पदों पर चुने जाने वाले नाम अक्सर चौंकाने वाले होते हैं। फिर चाहे वह यूपी 2017 में योगी आदित्यनाथ को सीएम बनाया जाना हो या फिर हाल ही में दिल्ली में रेखा गुप्ता को मुख्यमंत्री चुना जाना हो। ऐसे में मौजूदा भाजपा में अगले अध्यक्ष के नाम का अंदाजा लगाना आसान नहीं होगा। हालांकि, सूत्रों के अनुसार, रेस में कई नाम हैं। धर्मेंद्र प्रधान, शिवराज सिंह चौहान के अलावा, भूपेंद्र यादव, देवेंद्र फडणवीस, निर्मला सीतारमण, विनोद तावड़े आदि के नाम भी रेस में चल रहे हैं। यूपी बीजेपी चीफ के लिए घंटों बैठक  यूपी में एक अहम बैठक हुई, जोकि तीन घंटे तक चली। सीएम योगी आदित्यनाथ के आवास पर भाजपा और आरएसएस के बीच समन्वय बैठक हुई। माना जा रहा है कि इसी हफ्ते यूपी बीजेपी के अध्यक्ष के नाम का ऐलान किया जा सकता है। सूत्रों के अनुसार, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के लिए एक ब्राह्मण, दलित और तीन ओबीसी नेताओं के नाम रेस में आगे चल रहे हैं। नया अध्यक्ष, इन नेताओं के नाम की अटकलें भारतीय जनता पार्टी को जल्द ही नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिलने के संकेत हैं। खबर है कि बुधवार को कई उच्च स्तरीय बैठकें हुई हैं, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह समेत कई बड़े नाम शामिल हुए। अटकलें ये भी हैं कि भाजपा ने उत्तर प्रदेश अध्यक्ष के नाम का भी फैसला कर लिया है और सिर्फ ऐलान बाकी है। हालांकि, पार्टी ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है। अब संभावनाएं जताई जा रही हैं कि भाजपा 15 दिसंबर से पहले नया अध्यक्ष चुन सकती है। 15 दिसंबर से पहले क्यों मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, भाजपा में चर्चाएं हैं कि 15 दिसंबर से पहले नया अध्यक्ष चुना जा सकता है। इसकी वजह 16 दिसंबर से खरमास महीना शुरू होना है। हालांकि, पार्टी ने अब तक साफ नहीं किया है कब तक नए अध्यक्ष का चुनाव किया जाएगा। डेक्कन क्रॉनिकल की रिपोर्ट के अनुसार, अगले साल यानी 2026 में कई राज्यों में चुनाव होने के चलते कई नेताओं का मानना है कि इन चुनावों से पहले नए अध्यक्ष का चुनाव हो। 2026 में पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, पुडुचेरी और असम में विधानसभा चुनाव होने हैं। बुधवार को एक के बाद एक हुईं बैठकों में पीएम मोदी, गृहमंत्री शाह, मौजूदा अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा और भाजपा महासचिव बीएल संतोष शामिल रहे। यूपी अध्यक्ष का भी जल्द हो सकता है ऐलान खास बात है कि कुछ दिनों पहले संतोष यूपी में भी थे, जहां उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सह सरकार्यवाह अरुण कुमार समेत कई बड़े नामों से मुलाकात की थी। अटकलें हैं कि यूपी के लिए भाजपा अध्यक्ष के नाम पर मुहर लग गई है और इसे लेकर जल्द ही बड़ी घोषणा हो सकती है। फिलहाल, इसे लेकर आधिकारिक घोषणा बाकी है। ये नाम आगे अब तक साफ नहीं है कि भाजपा किसके नाम पर मुहर लगाएगी। हालांकि, अटकलें हैं कि रेस में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, शिवराज सिंह चौहान, भूपेंद्र यादव और भाजपा नेता विनोद तावड़े का नाम है। महिला नेताओं में केंद्रीय मंत्री निर्मला सीतारमण, डी पुरंदेश्वरी और वनति श्रीनिवासन का नाम आगे चल रहा है। बिहार विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत के बाद माना जा रहा है कि प्रधान का नाम रेस में सबसे आगे है। हालांकि, पार्टी ने इसपर स्थिति स्पष्ट नहीं की है। प्रधान बिहार चुनाव प्रभारी थे। नड्डा का कार्यकाल साल 2024 में लोकसभा चुनाव से पहले ही मौजूदा अध्यक्ष और केंद्रीय मंत्री नड्डा का कार्यकाल पूरा हो चुका है। हालांकि, बाद में उन्हें कई बार विस्तार दिया गया।

GST राहत पर रुपये की मार, रोजमर्रा की चीज़ों के दाम होंगे बढ़े हुए: फोन से लिपस्टिक तक

नईदिल्ली   आजकल रुपया जिस रफ्तार से गिर रहा है, उसने आम आदमी की जेब पर बोझ बढ़ने ही वाला है. असर सीधा उन चीज़ों पर पड़ने वाला है, जिन्हें आप और हम रोज़मर्रा में इस्तेमाल करते हैं, जैसे मोबाइल फोन, टीवी, लैपटॉप, एसी, फ्रिज, मेकअप और यहां तक कि गाड़ियां भी. हाल ही में सरकार ने जीएसटी कम किया था, जिससे ग्राहकों को थोड़ी राहत मिली थी, लेकिन रुपये की यह गिरावट से वह भी कम होती दिख रही है. रुपये की कमजोरी सबसे ज्यादा उन कंपनियों को दिक्कत दे रही है, जो अपने प्रोडक्ट्स के पुर्ज़े या पूरा प्रोडक्ट विदेश से मंगाती हैं. पिछले कुछ महीनों से कच्चे माल की लागत बढ़ रही थी, फिर भी कंपनियां दाम बढ़ाने से हिचक रही थीं, क्योंकि जीएसटी घटने के बाद सरकार का रुख सख्त था. लेकिन अब जब डॉलर मजबूत और रुपया कमजोर हो गया है, तो कंपनियां इस नुकसान को और ज़्यादा झेल नहीं पा रही हैं. इकॉनमिक्स टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, मोबाइल, लैपटॉप, टीवी और बड़े घरेलू उपकरण बनाने वाली कंपनियों ने साफ़ कर दिया है कि दिसंबर से जनवरी के बीच वे कीमतों में 3 से 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी करेंगी. इसका कारण मेमोरी चिप, कॉपर और दूसरे जरूरी हिस्सों के दाम काफी बढ़ जाना बताया जा रहा है. कई चीज़ों की लागत का 30 से 70 प्रतिशत तक हिस्सा विदेशों पर निर्भर है, इसलिए रुपये की कमजोरी सीधे लागत को बढ़ा देती है. GST का फायदा रुपये ने खाया सुपर प्लास्ट्रोनिक्स (Super Plastronics) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अवनीत सिंह मारवाह ने कहा, “GST में कटौती का जो फायदा मिला था, वह पूरा का पूरा रुपये की कमजोरी और पुर्जों की बढ़ी कीमतों से खत्म हो जाएगा.” उन्होंने यह भी बताया कि मेमोरी चिप्स के दाम चार महीनों में छह गुना बढ़ गए हैं. उनके अनुसार, “हमें डर है कि जीएसटी कटौती से जो मांग बढ़ी थी, वह फिर से कमजोर पड़ सकती है.” कंपनियां पहले रुपये को 85–86 रुपये प्रति डॉलर के बीच मानकर अपनी प्लानिंग बना रही थीं, लेकिन सीधा 90 रुपये का स्तर पार कर जाने से स्थिति बिगड़ गई है. हैवल्स (Havells) ने LED टीवी पर लगभग 3 फीसदी, सुपर प्लास्ट्रोनिक्स ने 7–10 फीसदी, और गोदरेज एप्लायंसेज़ ने एसी और फ्रिज पर 5–7 फीसदी बढ़ोतरी का संकेत दिया है. कंपनियों ने सरकार को निजी तौर पर यह भी बताया है कि लगातार बढ़ती लागत को अब वे खुद से झेलना संभव नहीं है. ब्यूटी प्रोडक्ट्स भी प्रभावित रिपोर्ट के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक्स के बाद सौंदर्य उत्पादों का क्षेत्र भी प्रभावित होगा. शिसेडो (Shiseido), मैक (MAC), बॉबी ब्राउन (Bobbi Brown), क्लीनिक (Clinique) और द बॉडी शॉप (The Body Shop) जैसे विदेशी ब्रांडों के उत्पाद पहले से ही महंगे थे, और अब रुपये की कमजोरी इन्हें और अधिक महंगा बना देगी. शॉपर्स स्टॉप ब्यूटी (Shoppers Stop Beauty) के मुख्य अधिकारी बीजू कासिम ने कहा कि कमजोर रुपया हमारे विदेश से मंगाए जाने वाले सौंदर्य उत्पादों की लागत बढ़ा देता है. इसलिए कुछ महंगे आयातित उत्पादों में कीमत बढ़ाना आखिरकार आवश्यक हो ही जाता है. वाहन सेक्टर भी इससे अछूता नहीं है. हाल ही में दोपहिया और छोटी कारों पर जीएसटी घटा था, जिससे बिक्री में अक्टूबर में 17 फीसदी और नवंबर में 19 फीसदी उछाल आया. लेकिन रुपये की गिरावट इस गति को फिर से रोक सकती है. Mercedes-Benz India के प्रमुख संतोष अय्यर ने कहा, “लग्जरी वाहनों की कीमतें आगे बढ़ेंगी… हम 26 जनवरी से कीमतों में बदलाव पर विचार कर रहे हैं.” ऑडी इंडिया के प्रमुख बलबीर सिंह ढिल्लों का कहना है कि रुपये की गिरावट का सीधा और पूरा असर लागत पर पड़ता है… हालांकि कंपनी अभी बढ़ोतरी का स्तर तय नहीं कर पाई है.

1 जनवरी को खजराना गणेश मंदिर में भव्य भोग, तिल चतुर्थी पर लगेगा सवा लाख लड्डुओं का आशीर्वाद

इंदौर  लाखों भक्तों की आस्था का केंद्र इंदौर के खजराना गणेश मंदिर में 31 दिसंबर और 1 जनवरी को भक्तों की ज्यादा संख्या को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की जाएंगी। नए साल और तिल चतुर्थी महोत्सव के दौरान भक्तों की सुविधा को प्राथमिकता दी जाएगी। मंदिर परिसर में भीड़ मैनेजमेंट, पानी की व्यवस्था, पार्किंग, सफाई व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े सभी इंतजाम समय पर पूरे करने के लिए कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा है। इसके साथ ही ऑनलाइन सुविधाओं का विस्तार भी किया जाएगा, साथ ही श्रद्धालुओं को सुगम और आधुनिक सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाएगी। मंदिर में भगवान गणेश का विशेष श्रंगार किया जाएगा। इन दिनों पूरे मंदिर परिसर में विशेष लाइटिंग और फूलों से सजावट भी की जाएगी। दुनिया भर में हजारों लोगों की आस्था का केंद्र इंदौर का खजराना गणेश मंदिर अब उन करोड़पति मंदिरों में शुमार है, जहां हर साल करोड़ों का दान आता है. अब यहां भगवान के लिए 6 किलो सोने का मुकुट तैयार किया जा रहा है. गणेश जी का मुकुट तैयार हो जाने के बाद माता रिद्धि-सिद्धि और शुभ-लाभ के भी मुकुट बनाने की तैयारी चल रही है. बड़ी संख्या में दर्शन करने आते हैं श्रद्धालु 31 दिसंबर की रात और 1 जनवरी की सुबह मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में भक्त मंदिर में दर्शन करने के लिए आते हैं। भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर में कई व्यवस्थाएं की जाती हैं, जिससे भक्तों को दर्शन करने में आसानी हो। इसके साथ ही पुलिस व्यवस्था भी मंदिर में लगाई जाती है। मंदिर में दर्शन के लिए स्टेप्स के साथ कई बदलाव किए जाते हैं। साथ ही ये प्रयास भी किए जाते हैं कि भक्तों को ज्यादा देर तक लाइन में इंतजार ना करना पड़े। सालाना बढ़ रही खजराना मंदिर की दान राशि इंदौर में होलकर रियासत के समय से ही खजराना गणेश मंदिर जन-जन की आस्था का केंद्र रहा है. इस मंदिर को देवी अहिल्याबाई होल्कर ने बनवाया था. तभी से भक्तों की मनोकामना पूर्ण होने को लेकर मंदिर की प्रसिद्धि दुनिया भर में फैली हुई है. यही वजह है कि न केवल मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या हर साल बढ़ रही है, बल्कि मंदिर में आने वाले दान की राशि भी सालाना कई करोड़ रुपये हो चुकी है. 31 दिसंबर को 11 बजे तक ही एंट्री     नव वर्ष की पूर्व संध्या और पहले दिन श्रद्धालुओं के लिए कई व्यवस्था की जाएंगी।     31 दिसंबर की रात 11 तक ही श्रद्धालुओं को मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।     इसके बाद मंदिर में 1 जनवरी को सुबह 4 बजे से मंदिर में दोबारा दर्शन शुरू किए जाएंगे।     31 दिसंबर को पुजारी जयदेव भट्ट महाआरती करेंगे। खजराना गणेश मंदिर में 6 जनवरी से तिल चतुर्थी महोत्सव शुरू होगा। जिसमें सात दिवसीय तिल चतुर्थी मेला भी लगेगा। तिल चतुर्थी के मौके पर भगवान गणेश का सवा लाख लड्‌डूओं का विशेष भोग अर्पित किया जाएगा। इस महोत्सव की शुरुआत ध्वजा पूजन के साथ होगी। मंदिर में विशेष सजावट भी की जाएगी। कलेक्टर ने निर्देशित किया है कि श्रद्धालुओं के लिए अनेक ऑनलाइन सुविधाएं शुरू की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिए कि मंदिर की वेबसाइट को अपडेट किया जाए। नया पोर्टल और एप भी शुरू कि जाए। सहयोग राशि के लिए क्यूआर कोड की सुविधा भी शुरू की जाए। बता दे कि बुध‌वार को कलेक्टर ने मंदिर का दौरा भी किया जहां उन्होंने मंदिर के विकास के लिए बनाए गए मास्टर प्लान को भी देखा और मीटिंग में दिशा-निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने विकास कामों को जल्द अंतिम रूप देने के निर्देश भी दिए। दान राशि से बन रहा सोने का मुकुट इतना ही नहीं मंदिर के कई ऐसे प्रमुख दानदाता हैं, जो मंदिर परिसर में चाहे धर्मशाला हो, शैक्षणिक परिसर हो या फिर अन्य कोई संसाधन, वे गुप्त दान के जरिए मंदिर की हर व्यवस्था के लिए तैयार रहते हैं. अब यहां पर दान राशि से ही भगवान का मुकुट बनाया जा रहा है, जो करीब 6 किलो सोने से तैयार किया जा रहा है. 8 करोड़ रुपए का तैयार हो रहा है मुकुट मंदिर के मुख्य पुजारी पंडित अशोक भट्ट बताते हैं कि "मंदिर में हर महीने में 40 से 50 लाख रुपए का दान प्राप्त हो रहा है. इसी अनुपात में सालाना दान राशि करोड़ों में जमा हो जाती है. भगवान के लिए सोने का मुकुट जो बनाया जा रहा है उसकी कीमत करीब 7-8 करोड़ रुपए है. फिलहाल डेमो के लिए चांदी का मुकुट तैयार किया गया है, जिनकी डिजाइन और स्वरूप फाइनल होने के बाद उन्हें स्वर्ण में तैयार किया जाएगा." तिल चतुर्थी पर लगेगा सवा लाख लड्डुओं का भोग आगामी तिल चतुर्थी के अवसर पर खजराना गणेश मंदिर में सवा लाख लड्डुओं का भोग लगेगा. इस दौरान यहां 3 दिवसीय मेला भी लगेगा, जो 6, 7 और 8 जनवरी को आयोजित होगा. तिल चतुर्थी पर बड़ी संख्या में भक्त खजराना मंदिर में दर्शन करने पहुंचते हैं. इनके लिए इंदौर जिला प्रशासन और मंदिर समिति ने सुविधाजनक दर्शन की व्यवस्था की तैयारी शुरू कर दी है. प्रतिवर्ष होने वाले इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोग भगवान को गुड-तिल भी अर्पित करने आते हैं. मध्य प्रदेश के 5 धनी मंदिर की लिस्ट सबसे ज्यादा कमाई करने वाला मंदिर है उज्जैन का बाबा महाकाल ज्योतिर्लिंग. इसकी नेटवर्थ सैकड़ों करोड़ में है. वहीं, दूसरे नंबर पर मैहर का मां शारदा देवी धाम है. इसके बाद ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग है जिसकी सालाना इनकम 37 से 40 करोड़ के आसपास है. वहीं, चौथे स्थान पर है सलकनपुर की दुर्गा माता का मंदिर जो देवी बीजासन के रूप में जाना जाता है. इंदौर का खजराना गणेश मंदिर मध्य प्रदेश का 5वां सबसे धनी मंदिर खजराना गणेश इस लिस्ट में पांचवे नंबर पर है जिसकी सालाना नेटवर्ट 6 से 7 करोड़ रुपए आंकी गई है. यह दान और चढ़ावे से आने वाली रकम है.

इंद्रेश उपाध्याय की शादी की भव्य तैयारियाँ, करीबी दोस्तों के साथ धूमधाम से मनाया गया विवाह समारोह

छतरपुर वृंदावन के प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय महाराज 5 दिसंबर को जयपुर के होटल ताज आमेर में हरियाणा की शिप्रा के साथ शादी के बंधन में बंधने जा रहे हैं। इस शुभ अवसर पर देशभर के साधु-संतों और कई प्रसिद्ध हस्तियों की मौजूदगी रहेगी। बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भी उनके परम मित्र हैं और विवाह समारोह में शामिल हो रहे हैं। शादी की रस्में शुरु हो गई है। मशहूर है दोनों की दोस्ती वृंदावन के इंद्रेश महाराज और बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री दोनों की ही दोस्ती काफी मशहूर है। दोनों अक्सर साथ में देखे जाते हैं। जब हाल ही में धीरेंद्र शास्त्री की पदयात्रा निकली थी, तब इंद्रेश महाराज उनके साथ ही थे। दोनों एक-दूसरे की कथाओं में जाते रहते हैं। इंद्रेश महाराज के विवाह को लेकर भी शास्त्री ने कहा था कि इंद्रेश के विवाह में उनकी मां ही गीत गाएंगी। हाल ही में आए थे घर प्रसिद्ध कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय हाल ही में बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री की जन्मस्थली आए थे। उन्होंने शास्त्री की मां के हाथों से बने देशी चूल्हे पर कड़ी-पुड़ी और चाय का स्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने उस झोपड़ी को भी देखा जहां धीरेंद्र शास्त्री का बचपन बीता था। बाबा रामदेव ने भी लिए मजे हाल ही में सीएम मोहन यादव के बेटे की शादी में बागेश्वर बाबा और बाबा रामदेव भी पहुंचे हुए थे। वहां अपने संबोधन में धीरेंद्र शास्त्री ने कहा था कि यशस्वी मुख्यमंत्री अपने बालक की शादी यहां कर रहे, इससे बड़ी-बड़ी जगहों में डेस्टिनेशन वेडिंग कर लाखों-करोड़ों खर्च करने वालों का खर्चा बचेगा। लोग कहेंगे कि मैं भी अपने बालक का विवाह सामूहिक कन्या विवाह समारोह में कराउंगा। इसका मतलब यह नहीं कि आप लोग कहें कि आप भी कर लो।' इस पर परिसर में जोर के ठहाके लगने लगे। तभी बाबा रामदेव उठे और उन्होंने बाबा बागेश्वर को संबोधित करते हुए कहा कि 'चिंता मत करो महाराज आपका भी विवाह यहीं सामूहिक कन्या विवाह समारोह में ही कराएंगे।' सिर्फ बात ही हो रही लंबे समय से पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के विवाह की बातें मीडिया और उनके समर्थकों में हो रही हैं। हालांकि कभी भी धीरेंद्र शास्त्री ने इन बातों का खंडन नहीं किया। वह विवाह की बात को बड़ी ही होशियारी से टाल देते हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में उनका नाम कभी कथावाचक जया किशोरी तो कभी देवी चित्रलेखा से जुड़ा है। वह खुद कई बार इन बेसिर-पैर की बातों का खंडन कर चुके हैं। बागेश्वर बाबा अपनी कथाओं में भी बिना तारीख बताए कई बार श्रोताओं को अपने विवाह के प्रीतिभोज में आमंत्रित कर चुके हैं। मित्र के विवाह से पड़ेगा दवाब अब उनके परम मित्र इंद्रेश महाराज के विवाह के बाद उनके ऊपर भी विवाह का दवाब बनेगा। उनकी माताजी कई बार उनसे निवेदन कर चुकी हैं। उनके पैतृक मकान में एक तस्वीर भी लगी है, जिसमें शास्त्री की मां उनके कान ऐंठ रही हैं, और उस पर लिखा है,'अब तो शादी कर ले मेरे लाल…' अब उनकी शादी की शुभ घड़ी कब आएगी, यह तो किसी को नहीं पता है। हालांकि उम्मीद की जा रही है कि वह जल्द ही शादी के बंधन में बंध जाएंगे।  

2026 में कब-कब पड़ेगी पूर्णिमा? जानें व्रत और पूजा की पूरी तारीखें

पूर्णिमा का दिन हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र माना जाता है. इसे विशेष रूप से त्योहार की तरह मनाया जाता है क्योंकि यह चंद्र मास का वह दिन है जब चंद्रमा अपनी पूर्ण कला में दिखाई देता है. हर साल 12 पूर्णिमा होती हैं, लेकिन वर्ष 2026 में अधिमास होने के कारण 13 पूर्णिमा का संयोग बन रहा है. इस दिन को मां लक्ष्मी की जन्म तिथि के रूप में भी जाना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूर्णिमा के दिन भगवान सत्यनारायण की पूजा करने से घर में सुख-शांति, धन और स्वास्थ्य की वृद्धि होती है. इसके अलावा, चंद्रमा को अर्घ्य देने से रोग-दोष और नकारात्मक प्रभाव दूर होते हैं. कहा जाता है कि जो व्यक्ति इस दिन पवित्र नदी या किसी पवित्र जलाशय में स्नान करता है, उसके सारे पाप नष्ट हो जाते हैं और आत्मा शुद्ध होती है. सिर्फ पूजा और स्नान ही नहीं, बल्कि पूर्णिमा का दिन दान, त्याग और पुण्य कर्म करने के लिए भी विशेष महत्व रखता है. इस दिन किए गए अच्छे कर्मों का फल कई गुणा बढ़कर मिलता है. इसलिए पूर्णिमा न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह आध्यात्मिक शांति, मानसिक संतुलन और सकारात्मक ऊर्जा का भी प्रतीक है. पौष पूर्णिमा 3 जनवरी 2026 पौष पूर्णिमा  3 जनवरी 2026   माघ पूर्णिमा 1 फरवरी 2026   फाल्गुन पूर्णिमा 3 मार्च 2026 चैत्र पूर्णिमा 2 अप्रैल 2026 वैशाख पूर्णिमा 1 मई 2026 ज्येष्ठ पूर्णिमा व्रत (अधिक मास) 31 मई 2026 ज्येष्ठ पूर्णिमा 29 जून 2026 आषाढ़ पूर्णिमा 29 जुलाई 2026 श्रावण पूर्णिमा 28 अगस्त 2026 भाद्रपद पूर्णिमा 26 सितंबर 2026 अश्विन पूर्णिमा 26 अक्टूबर 2026 कार्तिक पूर्णिमा 24 नवंबर 2026 मार्गशीर्ष पूर्णिमा  23 दिसंबर 2026 पूर्णिमा पर स्नान का महत्व पूर्णिमा पर गंगा और अन्य पवित्र नदियों में स्नान का विशेष महत्व है. इसे केवल शारीरिक ही नहीं, बल्कि मानसिक और आध्यात्मिक शुद्धिकरण का भी साधन माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन जल में दिव्य ऊर्जा सक्रिय होती है, जो मनुष्य के पाप और दोषों को दूर करने में सहायक होती है. इसलिए पूर्णिमा पर स्नान करने से आत्मा और मन दोनों की शांति मिलती है.  पूर्णिमा का धार्मिक महत्व धार्मिक ग्रंथों में पूर्णिमा का व्रत और ध्यान करने का विशेष महत्व बताया गया है.  ऐसा माना जाता है कि इस दिन किए गए व्रत और पूजा से व्यक्ति की मानसिक और शारीरिक शुद्धि होती है.  पूर्णिमा की दिव्य ऊर्जा का असर मन और शरीर दोनों पर पड़ता है.