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Men In Black का नया सफर जल्द शुरू, ‘एजेंट जे’ के रूप में लौटेगे Will Smith

  लॉस एंजिल्स हॉलीवुड की सुपरहिट साइंस फिक्‍शन एक्‍शन फ्रेंचाइज 'मेन इन ब्‍लैक' के फैंस के लिए खुशखबरी है। खबर है कि विल स्‍मिथ एक नए मिशन के साथ सीरीज की अगली फिल्‍म में बड़े पर्दे पर लौट रहे हैं। जी हां, 'बैड बॉयज' फ्रेंचाइज को रीबूट करने के बाद, सोनी पिक्चर्स अपना ध्यान अपनी एक और सबसे बड़ी हिट 'मेन इन ब्‍लैक' पर लगा रहा है। 'डेडलाइन' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, एक नई 'मेन इन ब्लैक' मूवी पर काम शुरू हो गया है, जिसकी कहानी लिखने का जिम्‍मा 'बैड बॉयज फॉर लाइफ' के राइटर क्रिस ब्रेमर को मिला है। हालांकि, सोनी पिक्‍चर्स ने अभी तक इसको लेकर कोई आध‍िकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन र‍िपोर्ट में सूत्रों के हवाले से खबर है कि यह स्टूडियो का अगली बड़ी नॉस्टैल्जिया-ड्रिवन फिल्‍म होगी, जिसमें विल स्मिथ को 'एजेंट जे' के रोल में वापस लाया जा सकता है। 'मेन इन ब्‍लैक' फ्रेंचाइज की पिछली फिल्‍म 2019 में 'मेन इन ब्‍लैक: इंटरनेशनल' थी, जिसमें क्रिस हेम्‍सवर्थ लीड रोल में थे। 1997 में रिलीज हुई थी पहली 'मेन इन ब्‍लैक', अब तक 4 फ‍िल्‍में 'मेन इन ब्‍लैक' सीरीज की पहली फिल्‍म 1997 में रिलीज हुई थी, जो लोवेल कनिंघम की मालिबू / मार्वल कॉमिक बुक सीरीज 'द मेन इन ब्लैक' पर आधारित थी। यह एक UFO कॉन्सपिरेसी थ्योरी पर थी। फ्रेंचाइज की दूसरी फ‍िल्म 'मेन इन ब्लैक II' साल 2002 में, जबकि तीसरी फ‍िल्म 'मेन इन ब्लैक 3' साल 2012 में रिलीज हुई थी। इन तीनों में विल स्‍म‍िथ थे। जबकि चौथी फ‍िल्म एक स्पिन-ऑफ थी और इसे 'मेन इन ब्लैक: इंटरनेशनल' नाम से 2019 में रिलीज किया गया। व‍िल स्‍म‍िथ लीड रोल करेंगे या होगा सपोर्ट‍िंग क‍िरदार? 'मेन इन ब्‍लैक 5' की कास्ट या इसके डायरेक्टर को लेकर अभी किसी का नाम सामने नहीं आया है। लेकिन अंदरखाने चर्चा है कि विल स्‍म‍िथ को सबसे पहले स्क्रिप्ट पढ़ाया जाएगा। ऐसे में उम्मीद यही है कि वह किसी न किसी रूप में अपना रोल निभा सकते हैं। हालांकि, अभी यह भी साफ नहीं है कि फिल्‍म की नई कहानी में विल स्‍म‍िथ मेन लीड के तौर पर होंगे या साइड रोल में किसी नए एक्‍टर को अपने साथ एजेंट के रोल में विरासत सौंप देंगे। सोनी प‍िक्‍चर्स की सबसे कमाऊ फ्रेंचाइज है MIB रिपोर्ट में सूत्र के हवाले से कहा गया है कि 'बैड बॉयज: राइड ऑर डाई' के की सफलता से उत्‍साहित सोनी पिक्‍चर्स को क्रिस की राइटिंग पर पूरा भरोसा है। 'मेन इन ब्लैक' फ्रेंचाइज सोनी की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्‍म फ्रेंचाइज में से एक है। दर्शकों को इसमें साइंस-फिक्‍शन के साथ ही कॉमेडी और एक्शन का भी तड़का हमेशा से पसंद आया है और यह एक ब्‍लॉकबस्टर फॉर्मूला बन गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, 'मेन इन ब्‍लैक' फ्रेंचाइज की चारों फिल्‍मो ने ग्लोबल बॉक्स ऑफ‍िस पर 1.9 बिलियन डॉलर कमाए हैं।

EVM विवाद पर पिता–पुत्र की अलग राय: उमर अब्दुल्ला का बड़ा बयान

जम्मू-कश्मीर  जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने विपक्ष के सबसे बड़े मुद्दे ईवीएम हैक को लेकर अपनी बात रखी है। नई दिल्ली में आयोजित हिन्दुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट में अब्दुल्ला ने कहा कि वह उन लोगों में से नहीं हैं, जो यह मानते हैं कि ईवीएम हैक होती है या कुछ और होता है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर उनकी पिता (फारुख अब्दुल्ला) से भी नहीं बनती है, क्योंकि उनका मानना है कि मशीन में गड़बड़ होती है लेकिन वह ऐसा नहीं मानते।   लीडरशिप समिट में उमर ने कहा, "मैं ऐसा नहीं मानता कि मशीन (ईवीएम) में चोरी होती है। यह बात मुझे घर में भी परेशानी में डालती है क्योंकि मेरे पिता को ऐसा लगता है कि चोरी होती है। अगर वह इसे देख रहे हैं तो मैं उनसे माफी मांगता हूं, लेकिन वह उस पीढ़ी से हैं, जो उनके फोन पर आता है वह उस बात को मान लेते हैं। लेकिन मैं इस बात को नहीं मानता हूं।" उन्होंने कहा, “हां, चुनाव के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है। यहाँ वोटर लिस्ट के साथ करके या फिर विधानसभा क्षेत्र में बदलाव करके भी की जा सकती है। जम्मू कश्मीर में पहले जो डिमिलिटेशन हुआ वह छेड़छाड़ थी। आपने नई विधानसभा बनाई वह सब एक ही पार्टी को फायदा पहुंचाने के लिए हुई। अगर सही से की जाती है, तो हम साथ है, लेकिन अगर ऐसे गलत इरादे के साथ, एक ही पार्टी को फायदा पहुंचाने के लिए की जाती है, तो यह सही नहीं है।” इससे पहले उमर अब्दुल्ला ने इंडिया ब्लॉक को लेकर भी अपनी चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि हमें या तो एक साथ रहना होगा या फिर हम राज्यों के हिसाब से चुनाव लड़ सकते हैं कि हर राज्य में अलग-अलग गठबंधन के साथ चुनाव लड़ सकते हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय पार्टियां कितना भी जोर लगा लें लेकिन एक केंद्र स्तर के गठबंधन के लिए हमें कांग्रेस को साथ लेना ही पड़ेगा। एक गठबंधन कांग्रेस के आसपास ही बनेगा क्योंकि भाजपा के अलावा कांग्रेस ही है जिसका पूरे देश में प्रभाव है। भाजपा की चुनावी नीति की तारीफ करते हुए उमर ने कहा कि उनके नेता हर चुनाव को पूरी ताकत के साथ लड़ते हैं। वह ऐसे लड़ते हैं जैसे उनका जीवन इसी पर टिका हुआ है। बिहार चुनाव के बाद वह वहां से निकलकर अगले चुनाव वाले राज्यों में पहुंच गए हैं, लेकिन हम वहां चुनाव के दो महीने पहले पहुंचते हैं। ऐसे फिर चुनाव के नतीजों पर भी अंतर पड़ता है।  

अब स्मार्ट बनेगा जालंधर ट्रैफिक: इन चौराहों पर लगेगा AI सिस्टम

जालंधर शहर के ट्रैफिक प्रबंधन को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ी पहल की गई है। नगर निगम ने पिम्स अस्पताल के सामने और छोटी बारादरी चौराहे पर एआई आधारित एडॉप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम लगाने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए पिम्स के सामने ट्रैफिक सिग्नल पर लगभग 14 लाख और छोटी बारादरी पर करीब 18 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। नई तकनीक सेंसर और इंटरनेट की मदद से वाहनों की संख्या का आकलन करके सिग्नल की टाइमिंग खुद तय करेगी। इससे खाली सड़क पर बेवजह लाल बत्ती पर रुकना नहीं पड़ेगा और एंबुलेंस को भी तेजी से रास्ता मिल सकेगा। सिस्टम real-time डेटा के आधार पर ट्रैफिक वॉल्यूम और स्पीड को मापकर सिग्नल के समय को लगातार एडजस्ट करेगा। बेंगलूरु में इसी तरह का सिस्टम 28 स्थानों पर सफलतापूर्वक चल रहा है, उसी मॉडल पर यह प्रोजेक्ट जालंधर में भी लागू होगा। जिला रोड सेफ्टी कमेटी के सदस्य सुरिंदर सिंह सेनी के अनुसार, संविधान चौक से वर्कशॉप चौक तक के छह प्रमुख चौराहों पर भी इस तकनीक की तुरंत जरूरत है। उनका कहना है कि सभी सिग्नल सिंक्रोनाइज हो जाएं तो यात्रा समय कम हो सकता है। 

सरकार का इंडिगो पर सख्त कदम, 7 दिसंबर तक रिफंड लौटाने का आदेश, CEO पर गिरी गाज

इंडिगो को मंत्रालय का अल्टीमेटम: 7 दिसंबर तक यात्रियों को लौटाएं रिफंड सरकार का इंडिगो पर सख्त कदम, 7 दिसंबर तक रिफंड लौटाने का आदेश, CEO पर गिरी गाज  नई दिल्ली नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने इंडिगो को सख्त निर्देश दिया है कि वह यात्रियों के सभी लंबित रिफंड बिना किसी देरी के तुरंत लौटा दे. मंत्रालय ने तय समयसीमा के साथ आदेश दिया है कि कैंसिल या बाधित हुई उड़ानों से जुड़े सभी रिफंड 7 दिसंबर, रविवार रात 8 बजे तक पूरी तरह निपटा दिए जाएं. मंत्रालय ने एयरलाइंस को स्पष्ट निर्देश दिया है कि जिन यात्रियों की यात्रा फ्लाइट रद्द होने से प्रभावित हुई है, उनसे किसी भी प्रकार का री-शेड्यूलिंग शुल्क न लिया जाए. आदेश का पालन न करने पर तत्काल नियामकीय कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है. स्पेशल पैसेंजर सपोर्ट एंड रिफंड सेल उड़ानों में आई गड़बड़ियों के बाद यात्रियों की शिकायतों का तेज समाधान सुनिश्चित करने के लिए मंत्रालय ने इंडिगो को स्पेशल पैसेंजर सपोर्ट एंड रिफंड सेल बनाने को कहा है. ये सेल प्रभावित यात्रियों से खुद संपर्क करेंगे, ताकि रिफंड और वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था बिना बार-बार फॉलो-अप किए ही पूरी हो सके. जब तक संचालन पूरी तरह सामान्य नहीं होता, ऑटोमेटिक रिफंड सिस्टम जारी रहेगा. सीईओ को हटाए जाने की तैयारी, एयरलाइंस पर पेनल्टी भी लगाई जाएगी देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो पिछले 3 दिनों से कड़ी आलोचना के घेरे में है जबरदस्त कैंसिलेशन, घंटों की देरी और देशभर के एयरपोर्ट्स पर अफरा तफरी ने एविएशन सिस्टम हिला दिया है. अब सरकार इस पूरे संकट को बेहद गंभीर मान रही है और पहले से ही नाराज यात्रियों का गुस्सा बढ़ता जा रहा है. सरकारी सूत्रों के मुताबिक केंद्र सरकार इंडिगो सीईओ पीटर एल्बर्स (Peter Elbers) को हटाने की सिफारिश करने पर गंभीरता से विचार कर रही है. ऊपर से एयरलाइन पर भारी पेनल्टी की तैयारी है जिसे इंडस्ट्री में अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई माना जा सकता है. फ्लाइट कटौती पर भी बड़ा फैसला सूत्रों के अनुसार सरकार एयरलाइन के ऑपरेशंस में सीधी कटौती करने जा रही है. इंडिगो की कई रूट्स पर फ्लाइट अलॉटमेंट कम कर दिए जाएंगे. एयरलाइन को केवल उतनी ही उड़ानें चलाने की अनुमति दी जाएगी जिनमें वह पूरा क्रू उपलब्ध करा सके. इस बीच आरोप यह भी है कि इंडिगो पिछले कई महीनों से जरूरत से ज्यादा भरा हुआ शेड्यूल चला रही थी. सरकार का मानना है कि ओवरस्ट्रेस्ड ऑपरेशंस ने ही इस बड़े ऑपरेशनल मेल्टडाउन को जन्म दिया जिसके कारण हजारों यात्रियों को तकलीफ उठानी पड़ी. इंडिगो अधिकारियों को फिर बुलाया गया हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि एयरलाइन के टॉप अधिकारी आज फिर से नागरिक उड्डयन मंत्रालय में तलब किए गए हैं. शाम 6 बजे एक और जरूरी मीटिंग होगी जिसमें मंत्रालय यह जानना चाहता है कि एयरलाइन ने हालात काबू में लाने के लिए अब तक क्या कदम उठाए हैं. अधिकारियों ने साफ संकेत दिया है कि अगर इंडिगो तुरंत सुधार नहीं दिखाती तो आगे की कार्रवाई और कड़ी होगी. PMO को भी भेजी जाएगी विस्तृत रिपोर्ट सूत्रों का कहना है कि नागरिक उड्डयन मंत्रालय इस पूरे संकट पर प्रधानमंत्री कार्यालय को अलग से ब्रीफ करने की तैयारी कर चुका है. संकेत साफ हैं कि केंद्र सरकार इस बार मामले को हल्के में नहीं लेने वाली है. यात्रियों की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं और डीजीसीए पर कड़ा दबाव है कि वह तुरंत कार्रवाई करे. ऐसे में माना जा रहा है कि एयरलाइन के खिलाफ और भी कड़े कदम जल्द देखने को मिल सकते हैं. बैगेज लौटाने के लिए 48 घंटे की समयसीमा मंत्रालय ने इंडिगो को यह भी निर्देश दिया है कि कैंसिलेशन या देरी की वजह से यात्रियों से अलग हुए सभी बैगेज का पता लगाकर उसे 48 घंटे के भीतर यात्रियों के घर या दिए गए पते पर पहुंचाया जाए. इसके साथ ही एयरलाइंस को यात्रियों को बैगेज की स्थिति, उसकी ट्रैकिंग और डिलीवरी टाइमलाइन के बारे में स्पष्ट सूचना देने को कहा गया है. जरूरत पड़ने पर नियमों के अनुसार मुआवजा भी देना होगा. मंत्रालय ने कहा है कि यात्रियों को किसी भी तरह की असुविधा न हो, इसके लिए निगरानी और व्यवस्था और मजबूत की गई है. वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांग यात्रियों, छात्रों, मरीजों और जरूरी यात्रा कर रहे यात्रियों का विशेष ध्यान रखा जा रहा है. मंत्रालय ने भरोसा दिया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जल्द से जल्द पूरी तरह सामान्य संचालन बहाल किया जाएगा.  

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स के 63वें स्थापना दिवस समारोह में जवानों को दिया सेवा का मूलमंत्र

सेवा ही सम्मान है, अनुशासन ही पहचान है और राष्ट्रहित ही सर्वोच्च प्राथमिकता: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स के 63वें स्थापना दिवस समारोह में जवानों को दिया सेवा का मूलमंत्र कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भव्य रैतिक परेड की ली सलामी, होमगार्ड जवानों की कर्तव्यनिष्ठा को सराहा मुख्यमंत्री बोले: आप केवल एक बल के स्वयंसेवक नहीं, बल्कि समाज का विश्वास व प्रदेश सरकार की शक्ति हैं हर थाने में होमगार्ड जवानों के लिए रूम होगा आरक्षित, कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा के लिए विभाग बनाकर भेजे प्रस्तावः मुख्यमंत्री लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने होमगार्ड के जवानों को सेवा का मूलमंत्र देते हुए कहा कि सेवा ही सम्मान है, अनुशासन ही पहचान है तथा राष्ट्रहित ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। शनिवार को उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स के 63वें स्थापना दिवस समारोह में सम्मिलित होकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भव्य रैतिक परेड की सलामी ली और जवानों की कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। उन्होंने कहा कि आपका अनुशासन, निष्ठा व त्याग हमारे समाज को सुरक्षित व संरक्षित बनाने में बड़ी भूमिका का निर्वहन करता है। आप केवल एक बल के स्वयंसेवक नहीं, बल्कि समाज के विश्वास के साथ ही प्रदेश सरकार की शक्ति हैं। इस अवसर पर उन्होंने होमगार्ड्स के विभिन्न मेडल प्राप्त अधिकारियों व कर्मचारियों को सम्मानित भी किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऐसी व्यवस्था की है कि अब हर थाने में होमगार्ड जवानों के लिए रूम आरक्षित होगा, जिससें वह यूनिफॉर्म व आवश्यक कागजात को सुरक्षित रख सकेंगे। वहीं, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विभाग से कहा कि होमगार्ड के जवान को आयुष्मान भारत की तर्ज पर कैशलेस स्वास्थ्य की सुविधा उपलब्ध हो, इसके लिए प्रस्ताव बनाकर भेजें, सरकार इसे आगे बढ़ाएगी। अनुशासन, समर्पण व सेवा भावना का प्रतीक उत्तर प्रदेश होमगार्ड स्थापना दिवस के अवसर पर सभी जवानों व अधिकारियों को बधाई व शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि होमगार्ड स्थापना दिवस केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि अनुशासन, समर्पण व सेवा भावना का प्रतीक है। आज यहां होमगार्ड संगठन के ऊर्जावान जवानों द्वारा अत्यंत उच्च कोटि की रैतिक परेड का प्रदर्शन किया गया है, जो होमगार्ड विभाग की क्षमता, उच्च अनुशासन और अनवरत परिश्रम को दर्शाता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने तारीफ करते हुए कहा कि कार्यक्रम में सम्मिलित सभी होमगार्ड जवान, जिनकी वेशभूषा, सेरिमोनियल ड्रेस, परिसर की साज-सज्जा और हरियाली, आकर्षक व सम्मोहित करने वाली है, जो किसी भी संगठन व फोर्स के लिए प्रेरणादायी क्षण होना चाहिए। जन्म से लेकर अंतिम यात्रा तक रहे केवल भारतीयता की भावना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज भारत के संविधान के शिल्पी बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर का पावन महापरिनिर्वाण दिवस है। यह दिन प्रेरणा दिवस है। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर ने प्रत्येक भारतीय को एक ही प्रेरणा दी कि हमारी पहचान परिवार, जाति, क्षेत्र व भाषा से नहीं, बल्कि जन्म से लेकर अंतिम यात्रा तक केवल भारतीयता की होनी चाहिए। इसी भारतीयता की पहचान का पालन हमें करना है। प्रधानमंत्री मोदी ने आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष में हर भारतवासी से कहा था कि यूनिफॉर्म धारी प्रत्येक व्यक्ति के प्रति सम्मान हम सबके मन में होना चाहिए। यह तभी होगा जब इस प्रकार का प्रदर्शन व परिसर बनाने के लिए हम प्रतिबद्ध दिखाई देंगे। इससे हर भारतीय के मन में श्रद्धा व सम्मान का भाव झलकेगा। सुरक्षा कवच की तरह बना हुआ है संबल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 6 दिसंबर 1963 को उत्तर प्रदेश होमगार्ड्स की स्थापना हुई थी। तभी से यह संगठन सुरक्षा कवच की तरह उत्तर प्रदेश पुलिस बल का संबल बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मुझे प्रसन्नता है कि राष्ट्रपति पदक से वर्ष 2024 में विशिष्ट सेवा के लिए 3, सराहनीय सेवाओं के लिए 11 तथा वर्ष 2025 में सराहनीय सेवाओं के लिए 3 जवानों को अलंकृत किया गया है। भारत सरकार द्वारा 38 कमेंडेशन डिस्क भी उत्तर प्रदेश के जवानों को मिले हैं। पहले होमगार्ड के जवानों को उपेक्षित कर दिया जाता था, लेकिन अब राष्ट्रपति व गृह मंत्रालय के सम्मान से भी पुरस्कृत किया जा रहा है। आपदा मित्रों की नियुक्ति का किया उल्लेख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि होमगार्ड संगठन अब केवल पुलिस बल के सहायक के रूप में नहीं है। पुलिस के साथ कानून-व्यवस्था व शांति का माहौल बनाए रखने में तो योगदान मिलता ही है, साथ ही यातायात संचालन, डायल 112, चुनाव के दौरान न केवल प्रदेश बल्कि अन्य राज्यों में भी इनकी मांग होती है। जेल सुरक्षा, आपदा नियंत्रण, सार्वजनिक इमारतों की सुरक्षा, बड़े आयोजनों जैसे कि महाकुंभ तथा परीक्षाओं के सफल आयोजन में भी यह संगठन व्यापक स्तर पर कार्य कर रहा है। प्रदेश में वर्तमान में आपदा मित्रों की नियुक्ति हो रही है और होमगार्ड विभाग ने आपदा प्रबंधन विभाग के साथ मिलकर 4 हजार से अधिक युवाओं को प्रशिक्षण उपलब्ध कराया है। होमगार्ड मित्र ऐप बना पारदर्शी व डिजिटल माध्यम महाकुंभ 2025 का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि होमगार्ड के 14 हजार से अधिक जवानों को तैनात किया गया था और सभी ने उनकी सराहना की थी। विभाग अपनी वेबसाइट व होमगार्ड मित्र ऐप के माध्यम से पारदर्शी व डिजिटल व्यवस्था विकसित कर रहा है, जिसके द्वारा उपस्थिति, ड्यूटी भत्ता, यूनिफॉर्म भत्ता और भुगतान की जानकारी आसानी से उपलब्ध करायी जा रही है। होमगार्ड जवानों के योगदान को करना होगा याद मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि प्रदेश के पर्व-त्योहारों, अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, आजादी के अमृत महोत्सव, तिरंगा मार्च, पर्यावरण व जल संरक्षण जैसे अभियानों में भी होमगार्ड विभाग महत्वपूर्ण योगदान देता है। इन सेवाओं को हमें याद रखना होगा। कोविड काल में नहीं की जान की परवाह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान जब अन्य राज्यों में फंसे हुए उत्तर प्रदेश के कामगारों व श्रमिकों को वापस लाने में कठिनाई थी, तब परिवहन विभाग के हर वाहन में 1-2 होमगार्ड जवानों को लगाया गया। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षित लाने में योगदान दिया। इसके बाद जब मैं पहली बार स्थापना दिवस कार्यक्रम में आया तो मैंने घोषणा की थी कि किसी भी जवान के बलिदान होने पर परिवार को 5 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। इसके तहत अब तक 2871 दिवंगत जवानों के आश्रितों … Read more

क्या JMM और BJP साथ आएंगे? बाबूलाल मरांडी का बड़ा बयान

रांची झारखंड बीजेपी के अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य में लग रहीं अटकलों पर मीडिया से कहा कि ठंड के मौसम में आप लोग थोड़ा आनंद लीजिए.देश में पारा भले ही गिरने लगा हो लेकिन झारखंड में सियासत का तापमान बढ़ा हुआ है. यहां पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पार्टी JMM and BJP के साथ आने की अटकलें लग रही हैं. अब इस पर झारखंड बीजेपी के चीफ बाबूलाल मरांडी की प्रतिक्रिया सामने आई है.मीडिया ने जब उनसे इन अटकलों को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा, “ये चर्चा में आप लोगों (मीडिया) से सुनता भी हूं और देखता भी हूं. लेकिन वास्तव में और कहीं से कुछ हमको सुनाई नहीं दिया.”क्या आप इस नए समीकरण को खारिज कर रहे हैं, इस सवाल पर उन्होंने कहा, “पार्टी या कहीं और से हमको कुछ ऐसा सुनाई नहीं देता है. ठंड का मौसम है, आप सब लोग इसमें थोड़ा आनंद लीजिए. यही मैं कह सकता हूं.” बाबूलाल मरांडी ने सत्तापक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा, “हम लोग क्या त्रस्त करेंगे. ये सरकार खुद लूटने में लगी हुई है. तो क्या हम ये विषय नहीं उठाएंगे? जब शराब नीति बन रही थी तो दो-ढाई साल पहले ही हमने CM को पत्र लिखा था. आज भी इस प्रश्न का जवाब सरकार की ओर से नहीं आया. हम तो इस प्रदेश के नागरिक के साथ-साथ CM भी रहे हैं. उस समय में भी हम विधायक दल के लीडर हुए थे. मेरे पास जो जानकारी थी हमने सरकार और मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर संज्ञान में दिया.” इससे पहले कांग्रेस लीडर और झारखण्ड गवर्नमेंट  के मंत्री इरफान अंसारी ने गुरुवार (4 दिसंबर) को कहा था कि हमारी सरकार पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा करेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी ने अफवाह फैलाने का काम किया. उन्होंने साथ में ये भी कहा कि सीएम हेमंत सोरेन गुरु जी शिबू सोरेन के बेटे हैं और वो कभी नहीं झुकेंगे.

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित निलंबित, शराब ठेकेदार सुसाइड केस में एक्शन

देवास मध्य प्रदेश में एक बार फिर लल्लूराम डॉट कॉम की खबर का बड़ा असर हुआ है। शराब ठेकेदार सुसाइड कांड में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। जिसके बाद प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित को सस्पेंड कर दिया गया है। देवास के शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना सुसाइड केस में मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने बड़ा एक्शन लिया है। सरकार ने देवास जिले की प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित को निलंबित कर दिया है। देवास में शराब ठेकेदार दिनेश मकवाना ने 8 नवंबर को जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। जिसके बाद अब ठेकेदार का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आबकारी विभाग की असिस्टेंट कमिश्नर मंदाकिनी दीक्षित पर रिश्वत के लिए परेशान करने का आरोप लगाया है। और आत्महत्या के लिए मंदाकिनी दीक्षित को जिम्मेदार बताया। वीडियो में दिनेश मकवाना ने आरोप लगाए हैं कि असिस्टेंड कमिश्रर मंदाकिनी दीक्षित ने उनसे पैसे की डिमांड की थी। एक दुकान से डेढ़ लाख रुपए महीना की और पांच दुकान के लिए साढ़े सात लाख रुपए महीने मांगे थे। मकवाना का ये भी आरोप लगाया कि वो 20-22 लाख रुपए असिस्टेंट कमिश्नर को दे चुका है, लेकिन लगातार पैसे की मांग के कारण वो आत्महत्या करने को मजबूर हो गया। दिनेश मकवाना इंदौर में कनाडिया गांव का रहने वाला था। देवास में उसकी शराब की 5 दुकानें थीं। दिनेश के परिजन ने कनाडिया थाने में 29 नवंबर को शिकायत कर मामले की जांच की मांग की थी। उधर, आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित ने भी 24 नवंबर को देवास एसपी को आवेदन देकर कहा कि ठेकेदार मकवाना के परिजन उन्हें ब्लैकमेल कर रहे हैं। वे उनसे दो करोड़ रुपए में मामला सेटल करने की बात कह रहे हैं। मंदाकिनी ने कहा मुझे भी ब्लैकमेल कर रहे थे उधर, आबकारी अधिकारी मंदाकिनी दीक्षित ने भी देवास एसपी को आवेदन दिया है। उन्होंने कहा है कि ठेकेदार मकवाना के परिजन उन्हें ब्लैकमेल कर रहे हैं। वे उनसे दो करोड़ रुपए में मामला सेटल करने की बात कह रहे हैं। उन्होंने इससे जुड़े वीडियो भी पुलिस को सौंपे हैं।  मुख्यमंत्री के निर्देश पर यह आदेश जारी किया गया सोशल मीडिया एवं समाचार पत्रों के माध्यम से ज्ञात हुआ है कि जिला देवास के मदिरा ठेकेदार दिनेश मकवाना द्वारा आत्महत्या किए जाने के पूर्व एक वीडियो बनाया था। कथित वीडियो में जिले की प्रभारी सहायक आबकारी आयुक्त मंदाकिनी दीक्षित के विरुद्ध अवैध राशि की मांग का गंभीर आरोप लगाते हुए आत्महत्या करने की बात कही है। दीक्षित पर लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया अत्यन्त गंभीर श्रेणी के होकर, शासकीय सेवक के कर्तव्यों एवं दायित्वों के विपरीत होने से मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम -3 का स्पष्ट रूप से उल्लंघन है। अतएव राज्य शासन द्वारा मंदाकिनी दीक्षित जिला आबकारी अधिकारी, जिला देवास को मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम-9 के अंतर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित करता है। निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय कार्यालय आबकारी आयुक्त ग्वालियर रहेगा। मंदाकिनी दीक्षित को निलबंन अवधि में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त करने की पात्रता होगी। क्या है मामला? मौत के 27 दिन बाद अचानक वायरल हुए वीडियो (Viral Video) में खुद दिनेश मकवाना ने सहायक आबकारी आयुक्त (असिस्टेंट कमिश्नर) मंदाकिनी दीक्षित पर उसकी पांच दुकानों के डेढ़ लाख के हिसाब से साढ़े सात लाख रुपए महीना मांगने का आरोप लगाया है. वीडियो के वायरल होते ही आबकारी विभाग में भी हडकंप मच गया. वायरल वीडियो में दिनेश बोल रहा है कि "मेरी पांच शराब दुकानें हैं. 14 करोड़ रुपए का ठेका है. मुझसे प्रति एक दुकान के डेढ़ लाख के हिसाब से हर महीने सहायक जिला आबकारी आयुक्त देवास मंदाकिनी दीक्षित द्वारा मांगे जा रहे थे. मैं करीब 20-22 लाख रुपए दे चुका हूं. अगर पैसा नहीं देता था तो वे वेयरहाउस से माल रुकवा देती थी. अब मैं AC मेडम मंदाकिनी दीक्षित से त्रस्त आकर आत्महत्या कर रहा हूँ." वहीं दूसरी ओर आबकारी अधिकारी का कहना है कि "ठेकेदार दिनेश की मां संतोष बाई उसकी मौत के बाद से उन्हें ब्लैकमेल कर रही है. मुझसे दो करोड़ रुपर मांग जा रहे हैं. न दिए जाने पर मृतक का वीडियो वायरल करने की धमकी उन्हें और उनके अधीन अधिकारियों को दी जा रही थी." इस मामले में आबकारी अधिकारी ने देवास एसपी को 24 नवंबर को आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है.  

भोपाल मेट्रो को मिला ग्रीन सिग्नल, 13 दिसंबर को पीएम मोदी देंगे हरी झंडी, लेकिन सुविधाओं की कमी

भोपाल  मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मेट्रो रेल दौड़ने को तैयार है। ब्रिज से लेकर पटरियां बिछाने का काम हो चुका है। वहीं, कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (सीएमआरएस) ने भी भोपाल मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर को हरी झंडी दे दी है। भले ही मेट्रो कंपनी ने ट्रेन चलाने के लिए मंथन शुरू कर दिया है। पर अभी भी कुछ काम बाकी है। दरअसल, कई मेट्रो स्टेशनों में अभी तक कई सुविधाएं अधूरी हैं। करीब 6.22 किलोमीटर लंबे इस ऑरेंज लाइन कॉरिडोर पर एक बड़ी कमी नजर आ रही है। यह कमियां यात्रियों की यात्रा को आसान तो नहीं बनने देंगी। जानिए क्या काम अभी बाकी है। कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) के ग्रीन सिग्नल के बाद अब भोपाल में मेट्रो के कमर्शियल रन की तैयारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 13 दिसंबर को मेट्रो को हरी झंडी दिखा सकते हैं। ये भी संभावना है कि वे वर्चुअली तरीके से लोकार्पण करें। फिलहाल स्टेशन के 1 गेट से ही एंट्री-एग्जिट होगी। यानी, जो भी यात्री स्टेशन पर पहुंचेंगे, वे स्टेशन के एक तरफ से ही अंदर-बाहर आ-जा सकेंगे। जिन स्टेशनों पर अभी फिनिशिंग या अन्य काम बचे हैं, उन्हें अगले 3 दिन में पूरा करने का टारगेट है। 10 दिसंबर से सभी स्टेशन बंद कर दिए जाएंगे। ये वीआईपी-वीवीआईपी की सिक्योरिटी के चलते होगा। यदि पीएम भोपाल आएं तो पहले यात्री भी बनेंगे मेट्रो सूत्रों के अनुसार, यदि प्रधानमंत्री मोदी भोपाल आकर मेट्रो का लोकार्पण करते हैं तो वे भोपाल मेट्रो के पहले यात्री भी बन सकते हैं। इसलिए स्टेशनों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। सुभाषनगर मेट्रो स्टेशन पर कार्यक्रम होगा, क्योंकि यही पर डिपो और सबसे ज्यादा स्पेस है। ऐसे में कार्यक्रम को लेकर किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी। अक्टूबर 2023 में पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और तीन महीने पहले वर्तमान मंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी सुभाषनगर स्टेशन से ही मेट्रो में सफर व निरीक्षण किया था। लोकार्पण के दौरान बंद रहेंगे स्टेशन जानकारी के अनुसार, मेट्रो का जब भी कमर्शियल रन होगा, तब सुभाषनगर को छोड़ बाकी सभी स्टेशन बंद रखे जाएंगे। यह सब सुरक्षा के मद्देनजर होगा। वीआईपी-वीवीआईपी के जाने के बाद आम लोगों के लिए स्टेशन खोल दिए जाएंगे। ताकि, वे मेट्रो का सफर कर सके। प्रायोरिटी कॉरिडोर 6.22 किमी लंबा, 8 स्टेशन आएंगे ऑरेंज लाइन का प्रायोरिटी कॉरिडोर 6.22 किलोमीटर लंबा है। इनमें कुल 8 स्टेशन- सुभाषनगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर, रानी कमलापति, डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स शामिल हैं। इंदौर में वर्चुअली तरीके से किया था लोकार्पण प्रधानमंत्री मोदी ने 31 मई को भोपाल में हुए कार्यक्रम से ही इंदौर मेट्रो का वर्चुअली तरीके से लोकार्पण किया था। तब उन्होंने भोपाल मेट्रो के लोकार्पण के लिए अक्टूबर में आने की बात कही थी। हालांकि, बिहार में विधानसभा चुनाव के चलते मेट्रो का कमर्शियल रन अक्टूबर में नहीं हो सका। नवंबर में सीएमआरएस की टीम ने निरीक्षण किया और हाल ही में एनओसी दी। इसलिए कमर्शियल रन अब दिसंबर में किया जा रहा है। टिकट मैन्युवली सिस्टम से ही मिलेगी खास बात ये है कि मेट्रो के कमर्शियल रन के दौरान टिकट सिस्टम ऑनलाइन न होते हुए मैन्युवली रहेगा। टिकट कलेक्शन करने वाली तुर्किए की कंपनी का ठेका मेट्रो कॉरपोरेशन कैंसिल कर चुका है। नई एजेंसी आने तक मैन्युवली टिकट कलेक्शन सिस्टम रहेगा। इंदौर में भी यही सिस्टम लागू है। साल 2018 से शुरू हुआ था मेट्रो का काम भोपाल में पहला मेट्रो रूट एम्स से करोंद तक 16.05 किलोमीटर लंबा है। इसमें से एम्स से सुभाष नगर के बीच 6.22 किलोमीटर पर प्राथमिकता कॉरिडोर के तौर पर 2018 में काम शुरू किया गया था। सबसे पहले सुभाषनगर, केंद्रीय स्कूल, डीबी मॉल, एमपी नगर और रानी कमलापति स्टेशन के काम पूरे हुए। इसके बाद रेलवे ट्रैक के ऊपर दो स्टील ब्रिज बनाए गए। वहीं, आगे के 3- डीआरएम तिराहा, अलकापुरी और एम्स स्टेशनों का काम शुरू हुआ। कुछ महीने पहले ही इनका काम भी पूरा हो गया और अब ये यात्रियों के आने का इंतजार कर रहे हैं। दो साल पहले हुआ था पहला ट्रायल राजधानी में पहली बार मेट्रो 3 अक्टूबर 2023 को पटरी पर दौड़ी थी। तब मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सुभाष नगर से रानी कमलापति स्टेशन तक मेट्रो में सफर किया था।

कोर जोन में सुरक्षा का विस्तार: बीजापुर–नारायणपुर के पहुंचविहीन गांव अब जुड़े

जगदलपुर एक ओर जहां जवान नक्सलियों के माड़ में घुसकर उन्हें मुहतोड़ जवाब देने के साथ ही उनके कोर जोन में लगातार सुरक्षा कैम्प का निर्माण कर रहे है, जवानों के इस हौसले और ग्रामीण क्षेत्रो में खुल रहे कैम्प से अब ग्रामीण भी राहत की सास ले रहे है, इसी तारतम्य में जवानों ने  नक्सलियों के सबसे सेफ जोन पल्लेवाया में नवीन कैम्प खोलकर ग्रामीणों को राहत पहुँचाया। बता दें कि दंतेवाड़ा जिले के पल्लेवाया में नवीन सुरक्षा कैम्प खोला गया, जिसके बारे में आला अधिकारियों ने बताया कि अति नक्सल प्रभावित बीजापुर तथा अबूझमाड़ क्षेत्र के ग्राम पल्लेवाया में जिला दंतेवाड़ा पुलिस तथा CRPF 165 वी वाहिनी द्वारा नया फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस (F.O.B.) कैम्प खोला गया है, इसे छत्तीसगढ़ शासन की जनकल्याणकारी योजना नियद नेल्लानार के तहत इस क्षेत्र के ग्रामीणों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने एवं शासन की योजनाओं से लाभ पहुँचाने के  उद्देश्य से खोला गया है, यह इलाका कोई समय मे  माओवादियों के कोर जोन के रूप में पहचान बना चुका था, जिसको देखते हुए आला अधिकारियों के द्वारा यह कैंप स्थापित किया गया है, इस कैंप की स्थापना से जिला बीजापुर तथा नारायणपुर के अब तक पहुंचविहीन गांवों को जोड़ा गया है, पल्लेवाया कैम्प से आसपास के ग्रामीणों को अब सड़क, बिजली, मोबाइल नेटवर्क, स्वास्थ्य केंद्र, पीडीएस दुकानें, शिक्षा एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो सकेंगी,  नवीन सुरक्षा कैम्प की स्थापना और वर्तमान में तमाम विपरीत परिस्थिति के बावजूद सुरक्षा बलों द्वारा निर्माण कार्य की गति में कोई कमी नहीं आई है। कैंप स्थापना के दौरान नक्सली स्मारक भी ध्वस्त किए गए, सभी जवान, जनता के हित को ध्यान में रखते हुए दिन-रात मेहनत करके उन्हें सभी आधारभूत सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, यह एफओबी कठिन परिस्थितियों के बीच कैम्प स्थापित किया गया, इस बेस की स्थापना अबूझमाड़ के भीतरी हिस्सों में, जो लंबे समय तक वामपंथी उग्रवाद (LWE) से प्रभावित रहे हैं, सुरक्षा और शासन की पहुँच सुनिश्चित करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।

संविधान में ‘समाजवादी’ जोड़ने के खिलाफ थे बाबा साहेब आंबेडकर? जानिए ‘सेक्युलर’ पर उनका स्पष्ट रुख

नई दिल्ली  संविधान की प्रस्तावना से 'समाजवादी' और 'पंथ निरपेक्ष' इन दो शब्दों को निकालने को लेकर आज भी बहस होती रहती है। यह बहस कोई नई नहीं है। संविधान निर्माण के समय जब केटी शाह ने आर्टिकल 1 में इन दोनों शब्दों को शामिल करने के लिए प्रस्ताव पेश किया था तो इसपर चर्चा के दौरान डॉ. भीमराव आंबेडकर ने इसका विरोध किया था। बाद में यह संशोधन प्रस्ताव खारिज हो गया था। केटी शाह ने 15 नवंहर 1948 को प्रस्ताव पेश किया था कि भारत एक पंथ निरपेक्ष, संघ और समाजवादी राज्यों का संघ होगा। वह चाहते थे कि आर्टिकल 1 में समाजवादी, संघीय और पंथ निरपेक्ष शब्दों को जोड़ा जाए।   उनका तर्क था कि देश में जिस तरह से जाति, धर्म और नस्ल के आधार पर भेदभाव हुआ है वह आगे भी हो सकता है और इसलिए आर्टिकल 1 में ही पंथ निरपेक्ष शब्द शामिल करना जरूरी है। उनका कहना था कि समाजवाद शब्द देश में सबको बराबर अवसर दिलाने और बराबरी का अधिकार दिलाने का प्रतीक होगा। डॉ. आंबेडकर की क्या थी प्रतिक्रिया डॉ. भीमराव आंबेडकर ने 'समाजवाद' शब्द को शामिल करने का विरोध किया था। हालांकि उन्होंने पंथ निरपेक्ष शब्द पर कोई आपत्ति जाहिर नही की थी। डॉ. आंबेडकर ने कहा था कि हो सकता है कि बहुत सारे लोग समाजवादी सोसइटी को पूंजीवादी समाज से अच्चा मानते हों। हालंकि इस सयम जो भी समाजवादी संगठन सक्रिय हैं, हो सकता है कि भविष्य में उनमें बदलाव आए। यह भी हो सकता है कि भविष्य के संगठन ज्यादा अच्छे हों। उन्होंने कहा कि संविधान में पहले से ही मौलिक अधिकारों की बात कही गई है। इसके अलावा नीति निर्देश सिद्धांतों को भी बाकायदा उल्लेख है। ऐसे में अब समाजवादी शब्द की क्या जरूरत है, यह मेरी समझ से परे है। जानकारों का कहना है कि डॉ. आंबेडकर ने पंथ निरपेक्ष शब्द पर इसलिए मौन रखना स्वीकार किया क्योंकि उन्हें पता था कि इस शब्द से धर्म को मानने की आजादी नहीं मिलने वाली है। वहीं बाद में 1976 में 42 संशोधन अधिनियम के जरिए प्रस्तावन में 'समाजवादी' और 'पंथ निरपेक्ष' दोनों शब्द जोड़ दिए गए। अब बस चल रही है कि कि आखिर सा क्यों किया गया था। आरएसएस के सर कार्यवाहक दत्तात्रेय होसबले ने कहा कि इन दोनों शब्दों को प्रस्तावना से हटाने पर चर्चा होनी चाहिए।