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समुद्री सीमा पर चीन की हरकत से टकराया जापान, दोनों देशों में बढ़ी तल्खी

बीजिंग लड़ाकू विमानों पर मिसाइल लॉक लगाने को लेकर जापान और चीन आमने-सामने आ गए हैं। चीनी विमानवाहक पोत लियाओनिंग से उड़ान भरने वाले एक सैन्य विमान ने जापान के ओकिनावा के पास जापानी लड़ाकू विमानों पर अपना ‘रडार लॉक’ कर दिया जिसे लेकर जापान ने चीन से विरोध दर्ज कराया है। ‘रडार लॉक’ का मतलब होता है- किसी सैन्य विमान का अपने रडार को दूसरे विमान या लक्ष्य पर इस तरह केंद्रित करना कि वह उसकी सटीक स्थिति, गति और दिशा पर लगातार नजर रख सके।   जापान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि चीन के सैन्य विमान जे-15 ने शनिवार को दो बार अलग-अलग समय में जापानी एफ-15 लड़ाकू विमानों पर अपना रडार लॉक किया। मंत्रालय ने कहा कि एक बार दोपहर में लगभग तीन मिनट के लिए और फिर शाम को लगभग 30 मिनट के लिए ऐसा किया गया। मंत्रालय के अनुसार, चीनी विमान से उन जापानी लड़ाकू विमानों पर ‘रडार लॉक’ किया जिन्होंने चीन की ओर से हवाई क्षेत्र के संभावित उल्लंघन के खिलाफ प्रतिक्रिया दी थी। मंत्रालय ने कहा कि जापानी हवाई क्षेत्र का कोई उल्लंघन नहीं हुआ और इस घटना से कोई नुकसान होने की भी सूचना नहीं मिली। यह स्पष्ट नहीं है कि ‘रडार लॉक’ करने की घटना में दोनों बार वही चीनी जे-15 विमान शामिल था या नहीं। जापान के रक्षा मंत्री शिंजिरो कोइजुमी ने रविवार की सुबह पत्रकारों से कहा कि जापान ने चीन के समक्ष विरोध जताया और इसे ‘एक खतरनाक कृत्य’ करार देते हुए कहा कि यह सुरक्षित विमान संचालन के नियमों के खिलाफ है। उन्होंने कहा, "ऐसी घटना का होना अत्यंत निंदनीय है। हमने चीनी पक्ष के समक्ष सख्त विरोध जताया है और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाने मांग की है।" चीन ने दी सफाई बता दें कि चीन ने पिछले महीने ही फूजियान एयरक्राफ्ट कैरियर को कमीशन किया है। चीन ने जापान के आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि वह केवल आमतौर पर चलने वाला युद्धाभ्यास कर रहा था। चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने नेवी चीफ के हवाले से कहा कि चीन ने पहले ही युद्धाभ्यास के बारे में बता दिया था इसके बाद भी जापान ने इसमें दखल दिया। चीन ने कहा कि जापान तत्काल फ्रंट लाइन पर गतिविधियां बंद करें नहीं तो अंतरराष्ट्रीय कानून के मुताबिक ऐक्शन लिया जाएगा। जून में भी इस तरह का मामला सामने आया था जब चीन का विमान जापान के लड़ाकू विमान के बेहद करीब पहुंच गया था।  

हैदराबाद में बनेगा बाबरी मस्जिद मेमोरियल! सामने आया ऐलान करने वाला नाम

कोलकाता  पश्चिम बंगाल में मुर्शिदाबाद में भारी विवाद के बीच बाबरी मस्जिद की नींव रखने के बाद अब ग्रेटर हैदराबाद में भी बाबरी मस्जिद मेमोरियल बनाने का ऐलान हो गया है। अयोध्या में मस्जिद विध्वंस की 33वीं बरसी पर तहरीक मुस्लिम शब्बन संगठन ने यह ऐलान किया है। संगठन के अध्यक्ष मुश्ताक मलिक ने कहा कि मस्जिद का मेमोरियल कब बनाया जाएगा इसका ऐलान जल्द होगा। उन्होंने कहा कि किसी को बाबर के नाम से परेशान होने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा केवल एक राजनीतिक हथकंडा है। बता दें कि मुर्शिदाबाद में बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले विधायक हुमायूं कबीर ने कहा था कि उन्होंने कोई गैरकानूनी काम नहीं किया है। उन्होंने कहा कि इस देश में मंदिर और चर्चा बनवाने की छूट है तो मस्जिद भी बनवाने की आजादी है। राम मंदिर को लेकर क्या बोले मलिक मलिक ने दावा किया है कि तुलसीदास की रामचरित मानस में भी राम मंदिर का कोई जिक्र नहीं किया गया है जबकि यह बाबरी मस्जिद बनने के 60 साल बाद बनी थी। उन्होंने कहा कि रामचरित मानस में मंदिर को तोड़ने का जिक्र भी नहीं है। उन्होंने कहा कि अकबर के हमल में हवन पूजा भी होती थी। तुलसीदार और अकबर के बीच भी संवाद था। मान सिंह अकबर के सेना प्रमुख थे। मलिक ने कहा कि इस मुद्दे से देश में विभिन्न धर्मों में भाईचारा खत्म हो गया। बंगाल में मस्जिद की नींव रखने वाले विधायक टीएमसी से हो गए थे निलंबित बता दें कि मुर्शिदाबादा में बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले हुमायूं कबीर को टीएमसी से निलंबित कर दिया गया था। हुमायूं ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी माना था कि हिंदुओं ने मस्जिद गिराई थी लेकिन हिंदू भावना को ध्यान में रखकर वहां मंदिर बनाने की परमीशन दी गई। हमने देखा कि सागरदिघी में भी राम मंदिर की नींव रखी गई। इसी तरह संविधान हमें मस्जिद बनाने का भीअधिकार देता है। कबीर ने इस मस्जिद का बजट 300 करोड़ रुपये रखा है। बीजेपी का विरोध बीजेपी ने हूमायूं के इस कदम के कड़ा विरोध किया है। बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा कि पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी धार्मिक ध्रुवीकरण के लिए इस तरह का प्रोपेगैंडा कर रही है। उन्होंने कहा कि बाबर बारत की संस्कृति पर हमला करने आया था। उसने गुरु नानक देव को भी बुरा-भला कहा था।  

प्रदेश में विजन 2047 को साकार करने के लिए 98 लाख सुझावों पर आधारित 12 सेक्टरों वाला विजन डॉक्यूमेंट हो रहा तैयारः मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहाः 2047 तक भारत को 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प तभी पूरा होगा जब राज्य समान गति व संकल्प से बढ़ेगा आगे नई दिल्ली,  उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत विकसित भारत के विजन 2047 को साकार करने में उत्तर प्रदेश की भूमिका सबसे अहम है। शनिवार को नई दिल्ली में आयोजित एक निजी समाचार पत्र के कॉन्क्लेव में प्रतिभाग करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत को वर्ष 2027 तक 5 ट्रिलियन डॉलर और 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने का संकल्प तभी पूरा हो सकता है जब देश की सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य समान गति और संकल्प के साथ आगे बढ़े। मुख्यमंत्री योगी के अनुसार, इसी उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार ने व्यापक विमर्श और जनभागीदारी के आधार पर राज्य का विजन डॉक्यूमेंट तैयार किया है जिसमें जनप्रतिनिधियों तथा जनता दोनों के सुझाव शामिल किए गए हैं। जनता की भागीदारी का भी किया जिक्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अनुसार विकसित भारत के निर्माण में उत्तर प्रदेश को अपनी भूमिका मजबूत करनी होगी। इसके लिए विधानसभा में 27 घंटे तक लगातार चर्चा कराई गई, जिसमें सभी दलों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि इसके साथ ही जनता से भी व्यापक स्तर पर सुझाव मांगे गए और अब तक 98 लाख विचार प्राप्त हुए। इन सुझावों को आधार बनाकर राज्य के 12 प्रमुख सेक्टरों के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश का लक्ष्य वर्ष 2029-30 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का है और राज्य की वर्तमान प्रगति इस दिशा में उत्साहजनक है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि उत्तर प्रदेश 'विकसित भारत विकसित उत्तर प्रदेश' और 'आत्मनिर्भर भारत आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' के संकल्प को पूरा करेगा। उत्तर प्रदेश ने नकारात्मक धारणा को पीछे छोड़ा कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निवेश के क्षेत्र में हुए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रारंभिक दौर में कई उद्यमी उत्तर प्रदेश लौटने से हिचकिचाते थे और राज्य के प्रति नकारात्मक धारणा रखते थे। योगी ने कहा कि उन्होंने उद्योग जगत को भरोसा दिलाया कि नया उत्तर प्रदेश उन्हें अवश्य दिखाई देगा। इसी प्रयास के परिणामस्वरूप रोड शो में ढाई लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव प्राप्त हुए और पहले इन्वेस्टर समिट में यह आंकड़ा बढ़कर लगभग चार लाख पचहत्तर हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्ष 2023 के तीसरे इन्वेस्टर समिट में उत्तर प्रदेश को कुल 40 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इस प्रकार राज्य को अब तक कुल 45 लाख करोड़ रुपये के प्रस्ताव मिले हैं जिनमें से 15 लाख करोड़ की परियोजनाएं जमीन पर उतर चुकी हैं और उनमें उत्पादन शुरू हो चुका है। अगली ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी का भी किया जिक्र कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में प्रस्तावित ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के अगले संस्करण का उल्लेख करते हुए कहा कि करीब 5 लाख करोड़ रुपए की परियोजनाएं पाइपलाइन में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अभी ग्राउंड ब्रेकिंग के अगले संस्करण के आयोजन की तिथि तय की जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि निवेश के क्षेत्र में यह उपलब्धि उत्तर प्रदेश के लिए एक नया मील का पत्थर है और डबल इंजन सरकार ने राज्य में औद्योगिक विकास को नई ऊंचाई पर पहुंचाया है जो अब सभी को प्रत्यक्ष दिख रहा है।

फिटनेस पहले! केक ऑफर ठुकराते हुए बोले रोहित शर्मा – ‘फिर से मोटा नहीं होना’

विशाखापत्तनम  भारतीय टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा अपनी फिटनेस पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। रोहित भारत के लिए अब सिर्फ वनडे प्रारूप में ही खेलते हैं क्योंकि उन्होंने टी20 अंतरराष्ट्रीय और टेस्ट से संन्यास ले लिया है। रोहित ने जब से टेस्ट क्रिकेट खेलना छोड़ा है, उन्होंने फिटनेस को लेकर सतर्कता बरती है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया था कि रोहित अब तक 10 किलो वजन घटा चुके हैं। रोहित अपनी फिटनेस को लेकर कितने गंभीर हैं इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीसरे वनडे में जीत के बाद उन्होंने केक खाने से भी मना कर दिया।    यशस्वी ने काटा केक  दरअसल, विशाखापत्तनम वनडे में भारत को मिली जीत के बाद जब टीम के सदस्य होटल पहुंचे तो वहां जीत का जश्न मनाने के लिए केक का इंतेजाम किया गया था। कोहली ने यशस्वी जायसवाल को केक काटने कहा। यशस्वी ने तीसरे वनडे में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने वनडे करियर का पहला शतक लगाया था। यशस्वी ने केक काटने के बाद कोहली को खिलाया जिसके बाद वह केक खिलाने रोहित की तरफ बढ़े। रोहित ने हंसकर मना किया और बोले- 'नहीं यार, वापस मोटा हो जाऊंगा।' इसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।     यशस्वी, रोहित-कोहली के दम पर भारत ने जीती सीरीज भारतीय टीम ने यशस्वी जायसवाल के शतक और रोहित शर्मा तथा विराट कोहली के अर्धशतकों की मदद से दक्षिण अफ्रीका को तीसरे वनडे मैच में नौ विकेट से हराया। भारत ने इसके साथ ही तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम कर ली। दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए क्विंटन डिकॉक के 106 रनों की बदौलत 47.5 ओवर में 270 रन बनाए थे। भारत ने शीर्ष तीन बल्लेबाजों की शानदार बल्लेबाजी के दम पर 61 गेंद शेष रहते 39.5 ओवर में एक विकेट पर 271 रन बनाकर मैच तथा सीरीज अपने नाम की। रोहित के अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 20000 रन पूरे  लक्ष्य का पीछा करते हुए यशस्वी और रोहित ने भारत को मजबूत शुरुआत दिलाई और दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 155 रनों की साझेदारी की। रोहित ने इस दौरान अपने वनडे करियर का 61वां अर्धशतक लगाया और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 20000 रन भी पूरे किए। रोहित 75 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद मैदान पर विराट कोहली उतरे, जिनका बल्ला इस सीरीज में जमकर चला। कोहली और यशस्वी ने गियर बदलते हुए आक्रमक अंदाज में बल्लेबाजी की। यशस्वी ने अपने वनडे करियर का पहला शतक लगाया और भारत को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। कोहली ने लगातार चौथे मैच में 50+ स्कोर बनाया। कोहली ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन मैच से पहले ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सिडनी में खेले गए तीसरे वनडे में अर्धशतकीय पारी खेली थी। यशस्वी ने 121 गेंदों पर 12 चौकों और दो छक्कों की मदद से नाबाद 116 रन और कोहली ने 45 गेंदों पर छह चौकों और तीन छक्कों की मदद से नाबाद 65 रन बनाए। दक्षिण अफ्रीका की ओर से एकमात्र सफलता केशव महाराज को मिली।  

फ्लाइट संकट खत्म: स्पाइसजेट ने इंडिगो यात्रियों के लिए 22 सेवाओं का ऐलान

नई दिल्ली इंडिगो एयरलाइन की फ्लाइट्स रद्द होने के कारण देश में उपजे गंभीर संकट और यात्रियों की भारी परेशानी के बीच, केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। वहीं, अन्य एयरलाइंस स्पाइसजेट और एअर इंडिया ने यात्रियों को राहत देने के लिए बड़े ऐलान किए हैं। बीते 5 दिनों में 2000 से ज़्यादा फ्लाइट्स कैंसिल होने के बाद आज रविवार (7 दिसंबर) को स्थिति में कुछ सुधार होता दिखाई दिया है। स्पाइसजेट ने चलाई 22 अतिरिक्त उड़ानें यात्रियों की मांग को देखते हुए स्पाइसजेट एयरलाइन ने आज 22 अतिरिक्त फ्लाइट्स (Extra Flights) चलाने का फैसला किया है। ये एक्स्ट्रा उड़ानें दिल्ली, मुंबई, पटना, बेंगलुरू, कोलकाता, आदमपुर एयरपोर्ट से भरेंगी। इंडिगो की उड़ानें रद्द होने से परेशान लोग अब स्पाइसजेट में बुकिंग करा सकते हैं। एअर इंडिया ने टिकट किराये की सीमा तय की नागरिक उड्डयन मंत्रालय के आदेश के बाद एअर इंडिया और एयर इंडिया एक्सप्रेस ने हवाई टिकट के मनमाने तरीके से बढ़ाए गए किराये पर रोक लगा दी है।     किराया सीमा (Fare Cap): एयरलाइंस ने अपनी सभी नॉन-स्टॉप डोमेस्टिक फ्लाइट्स में इकोनॉमी टिकट के किराये की सीमा (Fare Limit) निर्धारित कर दी है। अब एयरलाइंस तय सीमा से ज़्यादा दाम नहीं वसूलेंगी।              500 किलोमीटर की दूरी के लिए अधिकतम किराया: ₹7,500।         1000 किलोमीटर की दूरी के लिए अधिकतम किराया: ₹12,000।         अधिकतम किराया सीमा: ₹18,000। टिकट कैंसिल और बदलाव पर कोई शुल्क नहीं एअर इंडिया ने 4 दिसंबर से लागू टिकटों के लिए बड़ी राहत दी है जिनकी फ़्लाइट 15 दिसंबर तक के लिए शेड्यूल है:     पूर्ण रिफंड: यात्री 8 दिसंबर तक फ्लाइट कैंसिल करा सकते हैं और उन्हें पूरा रिफंड (Full Refund) मिलेगा।     कोई शुल्क नहीं: टिकट कैंसिल होने या बदलने पर कोई शुल्क (No Cancellation/Change Fee) नहीं लिया जाएगा।     बदलाव का तरीका: यात्री 24×7 कॉल सेंटर, ट्रैवल एजेंट, व्हाट्सऐप चैटबोट, मोबाइल ऐप या वेबसाइट के ज़रिए टिकट में बदलाव या कैंसिल करा सकते हैं। इंडिगो के CEO को DGCA का नोटिस मामले की गंभीरता को देखते हुए DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) ने कड़ा रुख अपनाया है।     कारण बताओ नोटिस: DGCA ने इंडिगो एयरलाइन के CEO को कारण बताओ नोटिस (Show Cause Notice) जारी कर दिया है और 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है।     चेतावनी: नोटिस में साफ कहा गया है कि अगर निर्धारित समय में जवाब नहीं दिया गया तो एयरलाइन के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। केंद्र सरकार के दो अहम आदेश नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने इंडिगो एयरलाइन पर FDTL नियमों का सही तरीके से पालन न करने का आरोप लगाते हुए दो अहम आदेश दिए हैं:     यात्री राहत: एयरलाइन यात्रियों को रिफंड दे और मिसिंग लगेज को तलाशकर यात्रियों के घर तक पहुंचाए।     समीक्षा: सरकार अब हर 15 दिन में इंडिगो एयरलाइन के कामकाज, स्टाफ और नई भर्ती की समीक्षा  करेगी। कमियां पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।  

नीतीश कुमार ने बेनेवोलेंट फंड में दिया अंशदान, जनता से भी आगे आने की अपील

पटना  आज सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर सैनिक कल्याण निदेशालय के निदेशक ब्रिगेडियर मृगेन्द्र कुमार ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से 01 अणे मार्ग में मुलाकात कर उन्हें सशस्त्र सेना झंडा दिवस का फ्लैग लगाया। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बिहार स्टेट एक्स सर्विसमैन बेनेवोलेंट फंड में अंशदान किया और देश के बहादुर सैनिकों के प्रति श्रद्धा एवं सम्मान प्रकट किया। उन्होंने कहा कि उनकी कुर्बानियों अमर है। वे अपने जान के मूल्य पर राष्ट्र पर आए बाह्य एवं आंतरिक संकटों का मुकाबला बहादुरी के साथ करते हैं। इन बहादुर सैनिकों के कल्याण एवं पुनर्वास के लिए उन्होंने राज्यवासियों से बिहार स्टेट एक्स सर्विसमैन बेनेवोलेंट फंड में अंशदान किए जाने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि आपका यह अंशदान बहादुर सैनिकों के प्रति कृतज्ञता होगी। इस अवसर पर जल संसाधन सह संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी, गृह विभाग के सचिव प्रणव कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, सैनिक कल्याण निदेशालय के निदेशक ब्रिगेडियर मृगेन्द्र कुमार, कर्नल संतोष कुमार त्रिपाठी, कर्नल मनोज कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

डुमना एयरपोर्ट पर आज आएंगे मुख्यमंत्री मोहन यादव, ट्रांजिट विजिट का कार्यक्रम तय

जबलपुर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव का आज रविवार 7 दिसम्बर को ट्रांजिट विजिट पर डुमना एयरपोर्ट जबलपुर आगमन होगा। मुख्यमंत्री मंत्री डॉ यादव दोपहर 2.35 बजे भोपाल से वायुयान द्वारा डुमना एयरपोर्ट आयेंगे और और दोपहर 2.40 बजे हेलीकॉप्टर से बालाघाट प्रस्थान करेंगे। आप दोपहर 3.20 बजे बालाघाट पहुँचेंगे और वहाँ स्थानीय कार्यक्रम में शामिल होने के बाद शाम 4.20 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा वापस डुमना एयरपोर्ट जबलपुर के लिये रवाना होंगे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव शाम 5 बजे डुमना एयरपोर्ट पहुँचेंगे तथा शाम 5.05 बजे यहाँ से वायुयान द्वारा भोपाल प्रस्थान करेंगे।

IndiGo Crisis: उड़ानों में अव्यवस्था पर सख्त सरकार, आज फिर कई फ्लाइट्स रद्द

नई दिल्ली इंडिगो एयरलाइन की ओर से बड़े पैमाने पर फ्लाइट कैंसिलेशन और लगातार परिचालन असफलता के बाद मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर गंभीर रूप ले रहा है। परिवहन, पर्यटन और नागरिक उड्डयन से जुड़ी संसदीय स्थायी समिति ने इंडिगो, अन्य एयरलाइंस, DGCA और नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब करने का फैसला किया है। वहीं, आज भी इंडिगो की रिकॉर्ड स्तर पर फ्लाइट कैंसिल हो रही हैं। इंडिगो की लगातार उड़ानों के रद्द होने से हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा है। इसी कारण संसदीय समिति ने सख्त रुख अपनाया है। समिति जल्द ही इंडिगो के अधिकारियों, अन्य एयरलाइंस, DGCA और नागरिक उड्डयन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों को तलब करेगी। समिति की अध्यक्षता जेडीयू सांसद संजय कुमार झा करेंगे। इस बैठक में पूरे घटनाक्रम पर विस्तृत चर्चा होगी और सभी पक्षों से जवाब मांगे जाएंगे। समिति यह भी जांच करेगी कि भविष्य में इस तरह की स्थिति न हो, इसके लिए क्या ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। फ्लाइट कैंसिलेशन की वजह से बड़ी संख्या में सांसदों को भी परेशानी हुई, जिनमें इस संसदीय समिति के सदस्य भी शामिल हैं। कई यात्रियों ने अपनी समस्याओं की जानकारी सीधे सांसदों को दी, जिसके बाद इसे गंभीरता से लिया गया। बैठक में यह भी सवाल उठाया जाएगा कि जब बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द हो रही थीं, तो एयरलाइन ने अचानक किराए क्यों बढ़ा दिए और इससे आम यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ क्यों पड़ा। सीपीएम सांसद जॉन ब्रिटास ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच के लिए संयुक्त संसदीय समिति (JPC) या न्यायिक आयोग के गठन की मांग की है। DGCA का सख्त रुख, इंडिगो CEO को नोटिस उड्डयन नियामक DGCA ने इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स और अकाउंटेबल मैनेजर इसिड्रो पोर्केरस को 24 घंटे के भीतर जवाब देने के लिए शो-कॉज नोटिस जारी किया है। DGCA ने कहा कि बड़े पैमाने पर परिचालन असफलता यह दर्शाती है कि प्लानिंग, निगरानी और संसाधन प्रबंधन में गंभीर चूक हुई है। नोटिस में कहा गया कि फ्लाइट डिसरप्शन का मुख्य कारण संशोधित FDTL (Flight Duty Time Limitations) नियमों को लागू करने के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं की गईं। DGCA ने इसे Aircraft Rules, 1937 और संबंधित CAR नियमों का प्रथम दृष्टया उल्लंघन बताया है। साथ ही, यात्रियों की सुविधाओं में भी गंभीर लापरवाही सामने आई है। कई मामलों में यात्रियों को अनिवार्य जानकारी, भोजन, ठहरने और अन्य सुविधाएं नहीं दी गईं, जो नियमों के खिलाफ हैं। मंत्रालय को इंडिगो के स्पष्टीकरण से संतोष नहीं नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने इंडिगो संकट की जांच के लिए 4 सदस्यीय हाई लेवल कमेटी गठित की है। अब तक इंडिगो द्वारा दिए गए जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए। हाई लेवल कमेटी इस पूरे मामले के मूल कारण और जिम्मेदार लोगों की पहचान कर रिपोर्ट तैयार करेगी। मंत्रालय ने वित्तीय और दंडात्मक कार्रवाई से इनकार नहीं किया है। नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इंडिगो CEO की बैठक की, जिसमें DGCA प्रमुख फैज़ अहमद किदवई और नागरिक उड्डयन सचिव समीर कुमार सिन्हा भी शामिल थे। बैठक में इंडिगो को FDTL नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इंडिगो का बयान: नेटवर्क रीबूट कर रहे हैं इंडिगो ने कहा कि उसने नेटवर्क को रीबूट करने के लिए बड़ी संख्या में फ्लाइट्स रद्द कीं। एक दिन में 700 से अधिक उड़ानों का संचालन किया गया और 113 डेस्टिनेशन को जोड़ा गया। एयरलाइन ने कहा कि दिन के अंत तक 1,500 से अधिक फ्लाइट्स ऑपरेट करने की योजना है और 138 में से 135 डेस्टिनेशन पर सेवाएं बहाल कर दी गई हैं। एयरलाइन ने यात्रियों से माफी मांगी और भरोसा दिलाया कि सेवाओं का भरोसा फिर से बहाल किया जाएगा। रेलवे ने चलाईं 89 स्पेशल ट्रेनें इंडिगो की फ्लाइट कैंसिलेशन के बाद रेलवे ने 89 स्पेशल ट्रेनें चलाने की घोषणा की है, जो अगले तीन दिनों में 100 से अधिक ट्रिप्स करेंगी। ये ट्रेनें नई दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, बेंगलुरु, पटना और हावड़ा जैसे बड़े शहरों को कनेक्ट करेंगी। एयरपोर्ट पर यात्रियों को इन ट्रेनों की जानकारी देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। जांच रिपोर्ट के बाद सख्त कार्रवाई संभव वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के अनुसार, जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर इंडिगो और उसके अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की संभावना है। मंत्रालय ने कहा कि तत्काल प्राथमिकता फ्लाइट ऑपरेशन को सामान्य करना है। इंडिगो को निर्देश दिया गया कि रद्द और देरी हुई फ्लाइट्स का रिफंड समय पर पूरा करें और अलग हुआ सामान 48 घंटे के भीतर पहुंचाएं। बिजनेस क्लास को छोड़कर अन्य टिकटों के किराए 7,500 से 18,000 रुपये के दायरे में अस्थायी रूप से कैप कर दिए गए हैं। इंडिगो का ऑन-टाइम परफॉर्मेंस 5 दिसंबर को केवल 3.7% रहा, जो देश की किसी भी बड़ी एयरलाइन के लिए चिंताजनक माना जा रहा है। एयरपोर्ट्स पर भारी फ्लाइट कैंसिलेशन 7 दिसंबर को चेन्नई एयरपोर्ट पर 38, दिल्ली एयरपोर्ट पर 86 और कोलकाता एयरपोर्ट पर 41 फ्लाइट्स रद्द हुईं। बेंगलुरु में 150 और हैदराबाद में 115 फ्लाइट्स कैंसिल हुई हैं। अहमदाबाद एयरपोर्ट पर टर्मिनल में बड़ी भीड़ नहीं रही, लेकिन बाहर अतिरिक्त कुर्सियों की व्यवस्था की गई। पी. चिदंबरम ने सरकार और DGCA पर हमला बोला वरिष्ठ कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने X प्लेटफॉर्म पर लिखा कि इकॉनमी क्लास के किराए को कैप करना सही कदम है। उन्होंने कहा कि इंडिगो संकट एयरलाइन मैनेजमेंट, DGCA और केंद्र सरकार की सामूहिक विफलता को दर्शाता है। उनके अनुसार, जनवरी 2024 में FDTL नियम लागू हुए, लेकिन 23 महीने तक सरकार एयरलाइन को सही तरीके से गाइड नहीं कर पाई।  

लोकतंत्र पर साजिश? ‘फर्जी वोट’ को लेकर सीएम योगी की चिंता, जनप्रतिनिधियों को दिए कड़े निर्देश

अलीगढ़  यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ अलीगढ़ पहुंच चुके हैं। वह आगरा से एएमयू स्थित हेलीपैड पर उतरे। यहां से वह कार द्वारा कलेक्ट्रेट पहुंचे। कलेक्ट्रेट के सभागार में पहुंचते ही जय श्रीराम के नारे लगे। जनप्रतिनिधियों ने पहले पुष्प गुच्छ देकर सीएम योगी का स्वागत किया। यहां अलीगढ़ मंडल के चारों जिलों अलीगढ़, हाथरस, एटा और कासगंज के जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक ली। बैठक में सरकारी योजनाओं की समीक्षा, एसआईआर की प्रगति, जिला पंचायत चुनाव के संबंध में चर्चा के साथ अधिकारियों की कार्यशैली पर जनप्रतिनिधियों से फीडबैक ली। बैठक में किसी भी सरकारी अधिकारी को शामिल होने की इजाजत नहीं थी।  जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक करने के बाद सीएम योगी पुनः एएमयू हेलीपैड पहुंचे। वहां हेलीकॉप्टर से छेरत स्थित प्रिंस पैलेस में बरौली विधायक ठाकुर जयवीर सिंह के कार्यक्रम में पहुंच गए। वहां जयवीर सिंह के पुत्र का तिलक समारोह है।  अलीगढ़-मुजफ्फरनगर में 'फर्जी वोट' को लेकर सीएम योगी ने जताई चिंता यूपी योगी आदित्यनाथ ने 7 दिसंबर को अलीगढ़ में हुई मंडलीय समीक्षा बैठक में मतदाता सूची की सटीकता और तैयारी पर गंभीर चिंता व्यक्त की और जनप्रतिनिधियों तथा पार्टी पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्ट्रेट सभागार में हुई इस बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ तौर पर कहा कि प्रदेश में सबसे अधिक फर्जी वोट अलीगढ़ और मुजफ्फरनगर जिलों में हैं। उन्होंने इन दोनों जिलों में मतदाता सूची तैयार करने के दौरान विशेष सावधानी बरतने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया।  विपक्षी दलों की तैयारी पर सतर्कता का निर्देश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची के निरीक्षण में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने विपक्षी पार्टियों की ओर इशारा करते हुए कहा कि वे लोग 100 फीसदी क्षमता के साथ बेहद खामोशी से मतदाता सूची तैयार करने के काम में लगे हुए हैं। इसको देखते हुए आप लोगों को बेहद गंभीरता से काम करने की ज़रूरत है। शादी हो तब भी काम में लगे रहें। छात्रनेता को पुलिस ने किया नजरबंद विद्यार्थियों से जुड़ी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ज्ञापन देने से पहले 6 नवंबर रात में छात्रनेता मोहम्मद मोहसिन मेवाती को पुलिस ने नजरबंद कर लिया। मोहसिन ने मुख्यमंत्री को लेकर ज्ञापन देने का ऐलान किया था। मोहसिन ने कहा कि यह तानाशाह सरकार छात्र विरोधी है।  

चीन की आक्रामक गश्त: ताइवान के नजदीक दिखे सैन्य विमान और नौसैनिक जहाज

 ताइपे ताइवान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय (एमएनडी) ने रविवार को बताया कि उसके क्षेत्र के आस-पास चीनी सेना (पीएलए) के दो विमान उड़ान भरते हुए और सात नौसैनिक (पीएलएएन) जहाज गतिविधि करते हुए दिखाई दिए। इसी समय एक चीनी गुब्बारा भी देखा गया। मंत्रालय ने एक्स पर जानकारी साझा करते हुए कहा, आज सुबह छह बजे (स्थानीय समयानुसार) तक ताइवान के आसपास पीएलए के दो विमानों और पीएलएएन के सात जहाजों की गतिविधि दर्ज की गई। इसी समय एक चीनी गुब्बारा भी पाया गया। ताइवान के रक्ष बलों ने स्थिति की निगरानी और प्रतिक्रिया दी। शनिवार को ताइवान के आसपास चीनी सैन्य गतिविधियां बढ़ गईं। उस दिन चीन के 29 लड़ाकू विमानों ने उड़ान भरी और छह नौसैनिक जहाजों की गतिविधि देखी गई। इस बीच, जो बाइडन प्रशासन के पूर्व रक्षा अधिकारी एलि रैटनर ने जापानी प्रधानमंत्री साने ताकाइची के बयान को समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि ताइवान की रक्षा में जापान के शामिल होने की संभावना पर चीन की प्रतिक्रिया अनुचित है। ताइपे टाइम्स के मुताबिक, एलि रैटनर 2021 से इस वर्ष तक हिंद-प्रशांत सुरक्षा मामलों के लिए सहायक रक्षा सचिव थे। उन्होंने कहा कि ताइवान पर टिप्पणी कर ताकाइची ने केवल जापान की आधिकारिक नीति दोहराई है। सात नवंबर को जापानी प्रधानमंत्री ने संसद में कहा था कि अगर चीन ताइवान पर हमला करता है, तो इसे 'जापान के अस्तित्व के लिए खतरा' माना जा सकता है और जापान को कदम उठाना पड़ सकता है। ताकाइची दशकों में पहली जापानी नेता हैं, जिन्होंने खुलकर कहा कि ताइवान जलडमरूमध्य में संकट के समय जापान की सेना शामिल हो सकती है। उनके बयान से चीन नाराज हुआ और उसने जापान की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के लिए कई कदम उठाए, जिनमें जापान की यात्रा और शिक्षा पर चेतावनी और जापानी समुद्री भोजन के आयात को रोकना शामिल है।