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सहालग शुरू होते ही प्रदेश भर में सामूहिक विवाह समारोह का हो रहा आयोजन

सीएम योगी के प्रयासों से गरीब व वंचित वर्गों के बेटियों की शादी हुई आसान योगी सरकार का विकास पर केंद्रित एजेंडा विपक्ष को दिखा रहा आईना प्रदेश के दलित वर्ग से 2.20 लाख से अधिक बेटियों को मिला योजना का लाभ पिछड़े वर्ग से 1.30 लाख से अधिक गरीब बेटियों की हो चुकी है शादी अल्पसंख्यक वर्ग की 40 हजार से अधिक से अधिक बेटियों की शादी करा चुकी है योगी सरकार लखनऊ सीएम योगी की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना ने आर्थिक रूप से कमजोर तबके, खासकर पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है। 2017 में शुरू हुई यह योजना आज न केवल इन वर्गों की बेटियों के लिए वरदान साबित हो रही है, बल्कि सामाजिक समरसता और समावेशिता को भी मजबूत कर रही है।   बीते आठ वर्षों में इस योजना के तहत 4 लाख से अधिक गरीब कन्याओं की शादी योगी सरकार द्वारा पूरे रीति-रिवाज और सम्मान के साथ कराई जा चुकी है। चालू वित्तीय वर्ष 2025-26 में 57 हजार के लक्ष्य के सापेक्ष अबतक करीब 1.20 से अधिक आवेदन आ चुके हैं, जिसमें करीब 14 हजार से अधिक गरीब कन्याओं की शादी संपन्न कराई जा चुकी हैं। विभागीय अधिकारियों की माने तो आने वाले दिनों में इस संख्या में अभूतपूर्व बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है। वंचित वर्गों को मिल रहा लाभ, विपक्ष की राजनीति को आईना दिखा रही योगी सरकार इस योजना ने उन राजनीतिक दलों को कठघरे में खड़ा कर दिया है, जो लंबे समय तक पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग की राजनीति के सहारे सत्ता का आनंद लेते रहे, लेकिन उनके लिए ठोस विकास कार्य करने में विफल रहे। विपक्ष की राजनीति को आइना दिखाते हुए, इस योजना ने यह साबित कर दिया है कि केवल वादों से नहीं, बल्कि ठोस कदमों से ही समाज का सशक्तीकरण संभव है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह कदम न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए एक प्रेरणा बन चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास और समावेशिता को प्राथमिकता देकर यह साबित कर दिया है कि उनकी सरकार "सबका साथ, सबका विकास" के सिद्धांत पर अडिग है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए जीवन बदलने वाली है मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के आंकड़े यह स्पष्ट रूप से दिखाते हैं कि पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के लिए यह योजना कितनी प्रभावशाली साबित हुई है। अब तक इस योजना का सबसे अधिक लाभ दलित वर्ग ने उठाया है, जिसमें 2.20 लाख से अधिक गरीब परिवारों की बेटियों की शादी कराई गई है। वहीं, पिछड़े वर्ग के 1.30 लाख परिवार और अल्पसंख्यक वर्ग के 40,000 से अधिक परिवार इस योजना के लाभार्थी बने हैं। वहीं सामान्य वर्ग के करीब 16,000 गरीब परिवारों ने अब तक सामूहिक विवाह योजना का लाभ लिया है। वर्ष 2025-26 में आए 1.20 लाख से अधिक आवेदन कुल आवेदन- 1.20 लाख से अधिक (अबतक) कुल अप्रूव आवेदन- 21 हजार से अधिक (अबतक) रिजेक्ट आवेदन- 18 हजार से अधिक (अबतक) कुल शादियां- 14 हजार से अधिक योजना के प्रभारी उपनिदेशक आर.पी. सिंह ने बताया कि यह न केवल एक सामाजिक सहायता है बल्कि सामूहिक सहयोग, सामुदायिक भावना और महिलाओं के सम्मान को बढ़ाने का प्रयास भी है। यह योजना न केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की बेटियों की शादी का सपना पूरा कर रही है, बल्कि यह उन्हें सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा भी प्रदान कर रही है। विवाह समारोह में हर जोड़े को एक लाख रुपये की मदद दी जाती है, जिसमें विवाह से जुड़ी आवश्यक सामग्री, वधू के खाते में नकद धनराशि और आयोजन की व्यवस्था शामिल होती है। पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों के सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध हैं सीएम योगी  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने साढ़े आठ वर्षों के कार्यकाल में बार-बार यह दिखाया है कि उनकी प्राथमिकता वंचित वर्गों को सशक्त बनाना है। इस योजना के माध्यम से वे यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रदेश के सभी वर्ग, विशेषकर पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक, मुख्यधारा से जुड़े और उनके विकास के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। यही वजह है कि इस योजना के लिए योगी सरकार ने अब तक करीब 2,200 लाख रुपये से अधिक की धनराशि खर्च कर चुकी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस मद में 550 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अबतक दलित और पिछड़ा वर्ग को मिला सबसे अधिक लाभ सामान्य वर्ग- 494 (जोड़ा) अल्पसंख्यक वर्ग- 828 (जोड़ा) ओबीसी वर्ग- 5500 (जोड़ा) दलित वर्ग- 6556 (जोड़ा) मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना का सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह जाति और धर्म की सीमाओं को पार कर सभी को समान अवसर प्रदान करती है। विवाह समारोह में धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन किया जाता है, चाहे वह हिंदू, मुस्लिम, सिख या ईसाई समुदाय का हो। यह पहल सामाजिक समरसता और भाईचारे का भी संदेश देती है।

राजकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान झांसी में होगा जॉब फेयर का आयोजन

कई कंपनियां जॉब फेयर में लेंगी हिस्सा, छात्राओं को मिलेगा इंटरव्यू के बाद जॉब का ऑफर झांसी योगी आदित्यनाथ सरकार महिला अभ्यर्थियों और छात्राओं को रोजगार के लिए विशेष अवसर उपलब्ध कराने के मकसद से पिंक जॉब फेयर के आयोजन कराती है। इसी कड़ी में झांसी में 16 दिसंबर को पिंक जॉब फेयर का आयोजन होने जा रहा है। इस पिंक जॉब फेयर का आयोजन राजकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान झांसी के परिसर में किया जाएगा, जिसमें कई कंपनियां छात्राओं का साक्षात्कार कर उनका चयन करेंगी। झांसी में पिछले वर्ष भी पिंक जॉब फेयर का आयोजन किया गया था। इस बार यह पिंक जॉब फेयर का दूसरा आयोजन होने जा रहा है। इस पिंक जॉब फेयर का आयोजन क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय झांसी एवं राजकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान झांसी संयुक्त रूप से करने जा रहे हैं। रोजगार मेले में अमास स्किल वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड, पुखराज हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड, टीम प्लस एच आर सर्विस, भारतीय जीवन बीमा निगम झांसी सहित कई अन्य कंपनियां अभ्यर्थियों के चयन में हिस्सा लेंगी। रोजगार मेले में हिस्सा लेने के लिए छात्राओं को रोजगार संगम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। झांसी के सहायक सेवायोजन अधिकारी वसीम मोहम्मद ने बताया कि पिंक जॉब फेयर में हिस्सा लेने वाली छात्राओं की कैरियर काउंसलिंग भी की जाएगी। रोजगार मेला पूरी तरह निःशुल्क है और किसी अभ्यर्थी से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। छात्राएं बायोडाटा के साथ राजकीय महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान झांसी में आयोजित होने वाले पिंक जॉब फेयर में हिस्सा ले सकती हैं।

दिल्ली में प्रदूषण चरम पर: AQI 497 के बीच एक्सपर्ट का वार— ग्रैप-4 नाकाफी, नीति पर उठे सवाल

नई दिल्ली दिल्ली में पलूशन लगातार बढ़ता जा रहा है। रविवार सुबह दिल्ली के बवाना में सबसे ज्यादा 497 AQI दर्ज किया गया। दिल्लीवासियों के साथ पर्यावरणप्रेमी भी चिंता में हैं। मशहूर पर्यावरणविद् भावरीन कंधारी ने दिल्ली-एनसीआर में लागू किए गए ग्रैप-4 की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने इसे लंबे समाधान के बजाय एक रिएक्टिव कदम बताया। राजधानी में वायु गुणवत्ता बेहद खराब होने के बाद GRAP के स्टेज-4 को लागू किए जाने के संदर्भ में कंधारी ने कहा कि यह समस्या अचानक पैदा नहीं हुई, बल्कि वर्षों की नीतिगत विफलताओं का नतीजा है।   रविवार को एएनआई से बातचीत में भावरीन कंधारी ने कहा, “GRAP हम जानते हैं, यह एक प्रतिक्रियात्मक उपाय है। जब हालात बहुत खराब हो जाते हैं, तब GRAP-IV लागू किया जाता है। वर्षों से नीति निर्माताओं द्वारा लिए गए फैसलों का नतीजा आज हम देख रहे हैं। यह कोई रातों-रात पैदा हुई स्थिति नहीं है। कुछ दिनों बाद जब AQI के आंकड़े नीचे आएंगे, तो GRAP हटा लिया जाएगा। यह किसी भी तरह से समाधान नहीं है।” बता दें कि शनिवार को वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) ‘सीवियर प्लस’ यानी 450 के करीब पहुंचने के बाद GRAP के स्टेज-4 को लागू करने का फैसला लिया। आयोग के आदेश के मुताबिक, शनिवार शाम 4 बजे AQI 431 दर्ज किया गया था, जो बढ़कर शाम 6 बजे 446 तक पहुंच गया। पलूशन की ताजा वजह क्या बताई गई CAQM ने बताया कि हवा की रफ्तार कम होना, वातावरण का स्थिर रहना, प्रतिकूल मौसम और प्रदूषकों का फैलाव न हो पाना—इन सभी कारणों से वायु गुणवत्ता लगातार बिगड़ रही है। इसे देखते हुए आयोग की उप-समिति ने पूरे दिल्ली-एनसीआर में तत्काल प्रभाव से GRAP स्टेज-4 लागू करने का निर्णय लिया। यह पहले से लागू स्टेज-1, 2 और 3 के अतिरिक्त है। आयोग ने NCR के प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों और संबंधित एजेंसियों को अतिरिक्त निवारक कदम उठाने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि वायु गुणवत्ता और अधिक खराब न हो। रविवार को भी पलूशन बहुत ज्यादा इस बीच, रविवार सुबह दिल्ली घने स्मॉग की चादर में लिपटी नजर आई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, सुबह 7 बजे दिल्ली का औसत AQI 461 दर्ज किया गया, जो ‘सीवियर’ श्रेणी में आता है। यह स्थिति तब है, जब GRAP-IV पहले से लागू है। शहर के कई इलाकों गाजीपुर, आईटीओ और आनंद विहार में घना धुंध छाया रहा, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई। CPCB के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के कई हिस्सों में वायु गुणवत्ता अब भी ‘सीवियर’ श्रेणी में बनी हुई है। आज 497 पहुंचा एक्यूआई सुबह 7 बजे बवाना में सबसे खराब AQI 497 दर्ज किया गया। वहीं नरेला में AQI 492 और ओखला फेज-2 में 474 रिकॉर्ड किया गया। इसके मुकाबले एनएसआईटी द्वारका में AQI 411 रहा, जो शहर में सबसे कम दर्ज किया गया। कुल मिलाकर, राजधानी में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति बनी हुई है और विशेषज्ञ लगातार अस्थायी उपायों के बजाय स्थायी और ठोस नीतिगत कदमों की जरूरत पर जोर दे रहे हैं।  

बीजेपी संगठन में बिहार का कद बढ़ा, नितिन नबीन राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त

नई दिल्ली  भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा फैसला लेते हुए बिहार सरकार में मंत्री नितिन नबीन (45) को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है. इस नियुक्ति को बिहार के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीति में बीजेपी की रणनीतिक मजबूती के तौर पर देखा जा रहा है. पार्टी नेतृत्व ने उनके संगठनात्मक अनुभव, जमीनी पकड़ और प्रशासनिक क्षमता को देखते हुए यह अहम जिम्मेदारी सौंपी है. नितिन नबीन बीजेपी के सबसे कम उम्र के अध्यक्ष बने हैं. यह नियुक्ति 14 दिसंबर 2025 से तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है. इस संबंध में पार्टी की ओर से औपचारिक संगठनात्मक आदेश जारी किया गया है. बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव एवं मुख्यालय प्रभारी अरुण सिंह द्वारा जारी आदेश के अनुसार, यह नियुक्ति भारतीय जनता पार्टी के संसदीय बोर्ड द्वारा की गई है. आदेश में स्पष्ट किया गया है कि नितिन नबीन, जो वर्तमान में बिहार सरकार में मंत्री हैं, अब राष्ट्रीय स्तर पर संगठन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभालेंगे. बिहार की नीतीश सरकार में सड़क निर्माण मंत्री नितिन नबीन वर्तमान में पटना के बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं. नबीन छात्र राजनीति से लेकर संगठन के विभिन्न पदों तक का सफर तय कर चुके हैं. उनकी पहचान एक अनुशासित संगठनकर्ता और तेज फैसले लेने वाले नेता के रूप में रही है. बिहार बीजेपी में वे कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा चुके हैं, जिनमें प्रदेश स्तर पर संगठन को मजबूत करने की भूमिका शामिल है.   पूर्व विधायक नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा के बेटे हैं नितिन नितिन नबीन का जन्म पटना में हुआ. उनके पिता नवीन किशोर प्रसाद सिन्हा बीजेपी के वरिष्ठ नेता और पूर्व विधायक रहे हैं. पिता के निधन के बाद नितिन नबीन ने सक्रिय रूप से चुनावी राजनीति में कदम रखा और जल्द ही अपनी अलग पहचान बनाई. राजनीति में आने से पहले वे भारतीय जनता युवा मोर्चा में भी सक्रिय भूमिका निभा चुके हैं, जहां से उनके संगठनात्मक कौशल को पहचान मिली. पहली बार 2006 में उपचुनाव में जीते थे नितिन नबीन नितिन नबीन पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट से विधायक हैं और लगातार पांचवीं बार जनता का भरोसा जीत चुके हैं. उन्होंने पहली बार 2006 के उपचुनाव में जीत दर्ज की थी. इसके बाद वे 2010, 2015, 2020 और 2025 के विधानसभा चुनावों में लगातार विजयी रहे. 2025 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने 98,299 वोट हासिल कर आरजेडी उम्मीदवार रेखा कुमारी को 51,936 वोटों के बड़े अंतर से हराया, जो उनकी अब तक की सबसे बड़ी जीत मानी जा रही है.

‘ममता सरकार ने देश को बदनाम किया’— मेसी इवेंट को लेकर BJP ने अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स का दिया हवाला

कोलकाता  ग्लोबल फुटबॉल आइकॉन लियोनेल मैसी का भारत दौरा कोलकाता से शुरू तो हुआ, लेकिन अव्यवस्था की वजह से यह ममता सरकार के लिए परेशानी का सबब बन गया है। भाजपा की तरफ से लगातार सरकार पर हमला बोला जा रहा है। इसी क्रम में बंगाल विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने इस पूरे घटनाक्रम पर वैश्विक मीडिया की रिपोर्ट्स को साझा करते हुए लिखा कि ममता सरकार ने कोलकाता को पूरी दुनिया के सामने हंसी का पात्र बना दिया है।   सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी भड़ास निकालते हुए अधिकारी ने इस पूरी अव्यवस्था के लिए ममता सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने लिखा, "सॉल्ट लेक स्टेडियम में ममता बनर्जी प्रशासन की घोर विफलता ने कोलकाता को वैश्विक स्तर पर हंसी का पात्र बना दिया है। उन्होंने और उनके अक्षम मंत्रियों ने मिलकर एक सार्वजनिक समाहोर को एक निजी कार्यक्रम में बदल दिया। उनकी हरकतों ने स्टेडियम में अराजकता को जन्म दिया।" अधिकारी ने इसे वैश्विक मंच पर भारत और कोलकाता का अपमान बताते हुए ममता बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि माफी मांगना और चतुराई से सारा दोष किसी और पर डाल देना या किसी को बलि का बकरा बना देना टीएमसी सरकार की अक्षमता को नहीं छिपा पाएगा। पश्चिम बंगाल विधानसभा नेता प्रतिपक्ष ने राज्यपाल सीवी आनंद बोस को पत्र लिखकर इस कार्यक्रम के दौरान दिखी प्रशासनिक अक्षमता और नागरिकों के सार्वजनिक अपमान की स्वतंत्र न्यायिक जांच की मांग की। उन्होंने अपने पत्र में आरोप लगाया कि यह स्टेडियम सार्वजनिक आयोजनों के लिए है। लेकिन इसे राजनीति के वीआईपी कल्चर के लिए एक निजी दरबार में बदल दिया गया। इसकी वजह से पैसे देकर और महंगे टिकट लेकर अपने पसंदीदा सितारे को देखने आए लोगों को हताशा के सिवाय कुछ नहीं मिला। जो कुछ वहां हुआ वह प्रशासनिक अक्षमता के अलावा, नागरिकों के सार्वजनिक अपमान और बेलगाम राजनीतिक विशेषाधिकार का घिनौना प्रदर्शन था और कानून के शासन पर सीधा हमला था।" आपको बता दें कि भारत दौरे पर आए फुटबॉल आइकॉन लियोनेल मैसी का सबसे पहला कार्यक्रम कोलकाता के सॉल्ट लेक स्टेडियम में ही था। इस कार्यक्रम के लिए लोगों ने हजारों रुपए के टिकट खरीदे और अपने पसंदीदा फुटबॉल सितारे की एक झलक पाने के लिए खचाखच भरे स्टेडियम में पहुंचे। हालांकि, उनकी यह हसरत उस समय हताशा में बदल गई, जब मैसी केवल 15 मिनट बाद ही स्टेडियम से चले गए। इसके बाद गुस्साए प्रशंसकों ने पानी की बोतलें फेंकनी शुरू कर दी। उन्होंने आयोजकों पर आरोप लगाया कि पहले बताया गया था कि कार्यक्रम लगभग 45 मिनट का होगा, लेकिन मैसी 15 मिनट में ही चले गए और जितने भी समय वह ग्राउंड पर रहे, टीएमसी नेताओं और वीआईपी लोगों के परिवारों ने ही उन्हें घेरे रखा।  

भाजपा की कार्यप्रणाली देख दुनिया है हैरानः पीयूष गोयल

नामों की घोषणा वाली कॉपी  केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने की भारतीय जनता पार्टी उ.प्र के संगठन पर्व समारोह में प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय परिषद सदस्यों की आधिकारिक घोषणा लखनऊ विश्व की सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी के हम सदस्य हैं। दुनिया हैरान है कि जितने व्यवस्थित व लोकतांत्रिक तरीके से मेंबर बनाने व राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने का काम आपसी समन्वय से होता है जो कि अकल्पनीय है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने  यह बातें राम मनोहर लोहिया विधि विश्वविद्यालय, आशियाना में रविवार को भारतीय जनता पार्टी के संगठन पर्व समारोह में नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष व राष्ट्रीय परिषद सदस्यों के आधिकारिक घोषणा कार्यक्रम में कहीं। पार्टी कार्यकर्ताओं को दिया श्रेय पीयूष गोयल ने कहा कि 1.62 लाख बूथों में चुनाव होता है और सर्वसम्मति से घोषणा होने जा रही है, इसका श्रेय पार्टी कार्यकर्यताओं को जाता है। उन्होंने कहा कि हमारे नेताओं डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय तथा अटल बिहारी बाजपेयी ने जिस प्रकार से पार्टी को आगे बढ़ाया, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के मार्गदर्शन में पार्टी का लगातार विस्तार हो रहा है, उसी के बलबूते हम आज इतनी बड़ी संख्या में यहां इकट्ठा हुए हैं।  नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष के नाम की घोषणा की उन्होंने कहा कि संगठन पर्व के इस अवसर पर मुझे बड़ी प्रसन्नता हो रही है कि यह घोषित करते हुए कि सर्व सम्मति से पंकज चौधरी भारतीय जनता पार्टी उत्तर प्रदेश के नव निर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष के रूप में निर्वाचित हुए हैं। इस अवसर पर राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों की भी घोषणा की। उन्होंने कहा कि कुल 120 राष्ट्रीय परिषद सदस्यों का जिक्र करते हुए कुछ प्रमुख नाम गिनाए। उन्होंने नवनिर्वाचित पार्टी प्रदेश अध्यक्ष तथा राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों को शुभकामनाएं दीं।   प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री योगी समेत यह है राष्ट्रीय परिषद में शामिल… – राष्ट्रीय परिषद में 120 सदस्य निर्वाचित हुए हैं। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी राष्ट्रीय परिषद के सदस्य के तौर पर सम्मिलित हैं। – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गोरखपुर से सदस्य बने।  – इसके अतिरिक्त रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य प्रयागराज तथा उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक उन्नाव से शामिल हुए हैं। – भूपेंद्र सिंह चौधरी संभल, स्मृति ईरानी सुल्तानपुर, डॉ महेंद्र नाथ पांडेय वाराणसी, सूर्य प्रताप शाही सलेमपुर, स्वतंत्र देव सिंह बांदा व डॉ. रमापति राम त्रिपाठी गोरखपुर से राष्ट्रीय परिषद के सदस्य बने।

आदिवासी छात्रावास प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री साय से की मुलाकात, शिक्षा व सुविधाओं पर हुई चर्चा

रायपुर  मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से विगत दिवस राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास के प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री साय को शहीद वीर नारायण सिंह जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया। शहीद वीर नारायण सिंह जयंती के अवसर पर यह भव्य समारोह 15 दिसंबर 2025 को रायपुर में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम का आयोजन आदिवासी छात्र-छात्राओं द्वारा शासकीय आदर्श पोस्ट मैट्रिक आदिवासी बालक छात्रावास, पेंशन बाड़ा, रायपुर में शाम 7 बजे से किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आयोजन की सराहना करते हुए विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं और कार्यक्रम के सफल आयोजन की कामना की। इस अवसर पर छात्रावास अध्यक्ष श्री पुरुषोत्तम नेताम सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

दिल्ली की जहरीली हवा पर रामदेव का तंज: ‘एयर प्यूरीफायर नहीं, घर में पर्दे काफी’

नई दिल्ली  दिल्ली एनसीआर में खतरनाक स्तर के प्रदूषण को लेकर योगगुरु रामदेव ने बड़ा बयान दिया है। प्रदूषण की वजह से बढ़ती एयर प्यूरिफायर की डिमांड को लेकर रामदेव ने कहा कि यह सब अमीरों के चोचले हैं। उन्होंने प्रदूषण से खुद को बचाने के व्यायाम भी बताया। एक टीवी चैनल से बातचीत के दौरान एंकर ने जब उनसे पूछा कि इस स्तर के प्रदूषण में लोग बाहर निकलकर कैसे व्यायाम कर सकते हैं?   इसपर रामदेव ने कहा, देखिए, जब देश विकास रहा है तो कुछ धूल तो उड़ेगी ही। उन्होंने कहा, कभी-कभी दिल्ली गैस चैंबर बन जाती है। ऐसे में आप लोगों को अपने घरों में पर्दा डालकर रखना चाहिए। 15-20 दिन में एक बार उन्हें साफ कर लीजिए और मास्क पहनकर रखिए। उन्होंने कहा, घर के अंदर बैठिए और अनुलोम-विमोम करिए, कपालभाति करिए। एयर प्यूरिफायर के बारे में सवाल करने पर उन्होंने कहा, यह सब केवल अमीरों के चोचले हैं। बता दें कि राजधानी दिल्ली में गंभीर श्रेणी के वायु प्रदूषण के बीच एक बार फिर GRAP 3 लागू कर दिया गया है। ऐसे में 50 फीसदी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम के मोड से काम करने और स्कूलों को हाइब्रिड मोड पर चलाने का आदेश दिया गया है। दिल्ली के प्रदूषण को देखते हुए कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. आलोक ने लोगों को कई सुझाव दिए थे। उनमें से एक एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल करना भी था। उन्होंने कहा था कि बाहर निकलने पर लोग एन-95 मास्क का उपयोग करें। इसके अलावा घरों के अंदर इंडोर प्लांट्स लगाएं और एयर प्यूरिफायर का इस्तेमाल करें। इसके अलावा बच्चों और बुजुर्गों को घऱ में रखने की सलाह दी गई थी। 13 दिसंबर के परिपत्र के अनुसार, शिक्षा निदेशालय, एनडीएमसी, एमसीडी और दिल्ली छावनी बोर्ड के अंतर्गत आने वाले सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और गैर-सरकारी मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों को अगले आदेश तक जहां भी संभव हो, ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों प्रकार की कक्षाएं संचालित करने का निर्देश दिया गया है। आधिकारिक आंकड़ों से पता चलता है कि शनिवार को इस वर्ष की अब तक की सबसे खराब वायु गुणवत्ता दर्ज की गई जो 11 नवंबर को दर्ज किए गए पिछले उच्चतम स्तर 428 को भी पार कर गई। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 431 रहा, जबकि वायु गुणवत्ता प्रारंभिक चेतावनी प्रणाली ने अनुमान जताया है कि रविवार को भी एक्यूआई ‘गंभीर’ श्रेणी में रहेगा।  

मनरेगा के अंतर्गत 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का भी हुआ शुभारंभ

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज विधानसभा स्थित अपने कार्यालय कक्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत अपनी प्रथम मंत्रिपरिषद बैठक में 18 लाख आवास स्वीकृत किए जाने के निर्णय के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर एक आकर्षक कॉफी टेबल बुक का अनावरण किया। यह पुस्तक राज्य में ग्रामीण आवास योजना के तहत प्राप्त ऐतिहासिक प्रगति, नवाचारों और उपलब्धियों को प्रभावी रूप से प्रस्तुत करती है। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत राज्य को प्राप्त 26.27 लाख आवासों के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 24.37 लाख आवासों की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है, जबकि 17.14 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि वर्तमान सरकार ने अपने मात्र दो वर्षों के अल्प कार्यकाल में ही लगभग 8 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कर राज्य में ग्रामीण आवास निर्माण के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इसी अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत 10,000 आजीविका डबरी निर्माण कार्यों का भी शुभारंभ किया। इन डबरियों को मई 2026 तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। मनरेगा के तहत पात्र हितग्राहियों, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थी भी शामिल हैं, की निजी भूमि पर इन डबरियों का निर्माण किया जाएगा। इससे न केवल ग्रामीण रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि किसानों एवं ग्रामीण परिवारों की आजीविका और आय में भी स्थायी वृद्धि सुनिश्चित होगी। कार्यक्रम के दौरान कवर्धा जिले के जनमन आवास योजना के हितग्राहियों तथा नारायणपुर जिले के आत्मसमर्पित नक्सलियों एवं नक्सल हिंसा से पीड़ित परिवारों के लिए संचालित विशेष परियोजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों को आजीविका डबरी के स्वीकृति पत्र भी प्रदान किए गए, जो सामाजिक पुनर्वास और मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारीक सिंह, प्रधानमंत्री आवास योजना के संचालक एवं महात्मा गांधी नरेगा के आयुक्त श्री तारन प्रकाश सिन्हा तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री भीम सिंह सहित विभागीय वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

पहचान छिपाकर की दोस्ती, दरगाह पहुंचते ही खुला सच, इंदौर रेप केस में नया मोड़

इंदौर  इंदौर में एक हिंदू युवती को प्रेमजाल में फंसाकर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि शख्स ने पहले प्रेमजाल में फंसाया फिर धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर कर दुष्कर्म, मारपीट और जान से मारने तक की धमकी दी। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर दुष्कर्म सहित गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है। लसूड़िया पुलिस के अनुसार, थाना क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप पर काम करने वाली 22 वर्षीय हिंदू युवती की शिकायत पर अनस उर्फ अश्विन पिता नईम बैग, निवासी ताज नगर, झलारिया रोड, इंदौर के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोपी पर आरोप है कि उसने पहले खुद को हिंदू बताकर युवती से दोस्ती की और बाद में धोखे से उसे धर्म परिवर्तन के लिए दबाव में लिया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि वह अपनी मां और भाई के साथ रहती है। करीब एक वर्ष पहले उसकी पहचान अश्विन नाम के युवक से हुई थी। दोनों के बीच फोन पर बातचीत होती थी, लेकिन वह कभी उसके साथ घूमने नहीं गई थी। 7 दिसंबर 2025 को आरोपी ने उसे स्टार चौराहे पर मिलने बुलाया और मामा-भांजे की दरगाह ले गया। वहीं आरोपी ने खुलासा किया कि वह हिंदू नहीं, बल्कि मुस्लिम है और उसका असली नाम अनस है। इसके बाद उसने निकाह करने की बात कही। धोखाधड़ी का एहसास होने पर युवती ने शादी से इनकार कर दिया और घर लौट आई। पीड़िता के अनुसार, 12 दिसंबर की रात करीब 10:30 बजे आरोपी ने दोबारा उसे स्टार चौराहे पर बुलाया। बातचीत के बहाने वह उसे स्कीम नंबर-78 स्थित एक कमरे में ले गया, जहां कोई मौजूद नहीं था। वहां आरोपी ने पहले भावनात्मक बातें कीं और फिर मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाने लगा। विरोध करने और वहां से जाने की बात कहने पर आरोपी ने कथित तौर पर जबरन दुष्कर्म किया, मारपीट की और धमकी दी कि यदि किसी को बताया तो जान से खत्म कर देगा। किसी तरह वहां से निकलकर युवती घर पहुंची और पूरी घटना अपनी मां को बताई। इसके बाद मां के साथ वह हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ताओं के साथ लसूड़िया थाने पहुंची, जहां शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने आरोपी अनस उर्फ अश्विन को हिरासत में ले लिया है। पूछताछ के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से अन्य युवतियों की आपत्तिजनक तस्वीरें और एक चाकू की फोटो भी मिली है। पुलिस सभी तथ्यों की गहनता से जांच कर रही है और मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। हिंदू जागरण मंच के जिला संयोजक राजकुमार टेटवाल ने आरोप लगाया कि आरोपी अनस उर्फ अश्विन लंबे समय से हिंदू युवती को प्रताड़ित कर रहा था और धर्म परिवर्तन कराकर निकाह करने की तैयारी में था। युवती की जागरूकता के कारण उसका प्रयास विफल रहा। सूचना मिलने पर संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। इस दौरान जिला सह संयोजक पंकज खंडेलवाल सहित पीयूष गांधी, नीरज दुबे, अर्पित ठक्कर, शक्ति चौहान, कुशाल शिंदे, तरुण भांड, विशु वर्मा, मुकेश गुर्जर, सुमित जाटव, आकाश पाल, सोनू धाकड़ सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।