samacharsecretary.com

भेडाणा गांव में आधी रात चौपाल: कलेक्टर टीना डाबी ने सीधे ग्रामीणों से जाना जमीनी हाल

बाड़मेर बाड़मेर जिले में रात्रि चौपाल एक बार फिर ग्रामीणों के लिए राहत की वजह बनी। बुधवार को सर्द रात में जिला कलेक्टर टीना डाबी स्वयं जिले की भेडाणा ग्राम पंचायत पहुंची और घंटों ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याएं सुनीं। सर्दी के बावजूद बड़ी संख्या में ग्रामीण चौपाल में एकत्र हुए। जहां उन्होंने अपनी समस्याओं को जिला कलेक्टर के सामने रखा। जिसे जिला कलेक्टर टीना डाबी ने गंभीरता से लेते हुए कई समस्याओं का मौके पर ही समाधान कर ग्रामीणों को त्वरित राहत प्रदान की। दरसअल बाड़मेर जिला कलेक्टर टीना डाबी ने बुधवार को भेडाणा ग्राम पंचायत में आयोजित रात्रि चौपाल के दौरान आमजन की परिवेदनाएं सुनी। इस दौरान कई समस्याओं का मौके पर निस्तारण करते हुए आमजन को राहत पहुंचाई गई। रात्रि चौपाल के दौरान जिला कलेक्टर टीना डाबी ने आमजन समस्याओं को संवेदनशीलता के साथ व्यक्तिशः सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को समयबद्ध त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान जिला कलेक्टर टीना डाबी ने कहा कि समस्त विभागीय अधिकारी प्राप्त होने वाले प्रकरणों का त्वरित निराकरण करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जिला स्तरीय अधिकारी प्रकरण निस्तारण के लिए विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी निर्धारित करने के साथ परिवादी से व्यक्तिगत संपर्क करते हुए एवरेज डिस्पोजल टाइम में सुधार करें। उन्होंने मौजूदा समय में निर्वाचन आयोग की ओर से चलाए जा रहे एसआईआर कार्यकम के तहत 1 जनवरी 2026 को पात्र व्यक्तियों के नाम मतदाता सूची में जुड़वाने के बारे में अवगत कराया। रात्रि चौपाल में बिजली, पानी, अतिक्रमण, पेंशन समेत विभिन्न विभागों से संबंधित परिवाद प्राप्त हुए जिन पर जिला कलेक्टर ने संज्ञान लेते हुए उपखंड अधिकारी, तहसीलदार, विकास अधिकारी और संबंधित विभागों को आगामी सात दिवस में परिवारदों के निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने सभी परिवादियों को की गई कार्यवाही से अवगत कराते हुए गुणवत्तापूर्ण प्रकरण निस्तारित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उपखंड अधिकारी केशव मीना समेत विभिन्न विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

सरकारी अस्पताल में जटिल ऑपरेशन, महिला के पेट से 8 किलो की गठान सफलतापूर्वक हटाई गई

बुरहानपुर  स्व नंदकुमार सिंह चौहान जिला अस्पताल में डॉक्टरों को एक जटिल सर्जरी में सफलता मिली है. नागझीरी निवासी 57 वर्षीय महिला मरीज उषा बाई पति संतोष की आठ किलो वजन की बड़ी गठान डॉ. दर्पण टोके के नेतृत्व में सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने निकाली है. इतनी बड़ी और जटिल गठान के कारण मरीज को दर्द सहना पड़ता था, इससे कई बार महिला की तबीयत भी बिगड़ जाती थी. जांच में सामने आई थी ट्यूमर की बात महिला ने पिछले दिनों जिला अस्पताल में जांच कराई थी, इस जांच में बड़ी गठान की बात सामने आई. इसके बाद डॉक्टरों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद मरीज को सुरक्षित उपचार प्रदान किया, उन्होंने सफलतापूर्वक ऑपरेशन को अंजाम दिया. यह ऑपरेशन सर्जरी विभाग के प्रभारी डॉ. दर्पण टोके के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न किया गया. डॉक्टरों द्वारा सर्जरी के दौरान विशेष सावधानियां बरती गई, ताकि मरीज को किसी भी प्रकार की जटिलता से बचा लिया. डॉक्टरों ने किया महिला का जटिल ऑपरेशन एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. श्वेता शिवहरे ने बेहोशी की प्रक्रिया को सुरक्षित रूप से संभाला, जिससे ऑपरेशन बिना किसी बाधा के पूरा हो सका. अब महिला मरीज की हालत में सुधार हो रहा है. सर्जरी के बाद मरीज की स्थिति सामान्य बताई जा रही है और वह अब डॉक्टरों की निगरानी में स्वस्थ हो रही हैं, जिला अस्पताल के लिए यह सर्जरी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है, जो यहां उपलब्ध चिकित्सा सुविधाओं और विशेषज्ञता को दर्शाती है. इस सफलता पर सीएमएचओ डॉ आरके वर्मा और सिविल सर्जन डॉ प्रदीप मोजेस ने इस ऑपरेशन में शामिल डॉक्टर व नर्सिंग टीम की सराहना की है, उन्होंने सभी को बधाई दी और भविष्य में भी इसी प्रकार जनसेवा के लिए कार्य करते रहने की शुभकामनाएं दी हैं. सिविल सर्जन डॉ प्रदीप मोजेस ने बताया कि, ''इस सफल सर्जरी में नर्सिंग ऑफिसर निलिमा नेलसन और गायत्री ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. इसके साथ ही अभय सिंह, हिमांशु एवं अन्य अस्पताल कर्मचारियों ने भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ सहयोग प्रदान किया. टीमवर्क और समन्वय का अच्छा उदाहरण पेश किया, जिसने इस जटिल ऑपरेशन को संभव बनाया.'' महिला को मिली नई जिंदगी सर्जरी विभाग के प्रभारी डॉ दर्पण टोके ने बताया कि, ''महिला के पेट में दर्द होता था, इस दर्द स्व लंबे समय से जूझ रही थी, पिछले दिनों उसने जिला अस्पताल में जांच कराई, हमारी टीम ने ऑपरेशन की सलाह दी, इसके बाद उसके परिजन राजी हो गए. मंगलवार को ऑपरेशन किया, इस ऑपरेशन का मैंने नेतृत्व किया, टीम को सफलता मिली है, महिला को इस जटिल समस्या से निजात दिलाई है.''

देशभर में बदल रहे सोने-चांदी के दाम, आज है खरीदने का सही मौका

भोपाल   देशभर में आज सोने-चांदी के बाजारों में हलचल तेज है. इसी बीच राजधानी भोपाल के सराफा में आज सोने का भाव 260 रुपए नीचे गिरा है तो वहीं चांदी 930 रुपए सस्ती हुई है. एमपी की राजधानी भोपाल में आज गुरुवार (18 December 2025) को भारतीय बाजार के मुताबिक, बाजार शुरू होने तक सोने और चांदी के भाव कुछ इस प्रकार हैं: – भोपाल में 24 कैरेट सोने के दाम आज: 134,750 रुपए/10 ग्राम बीते दिन: 134,990 रुपए प्रति 10 ग्राम – भोपाल में चांदी का भाव आज: 206,110 रुपए/1 किलो बीते दिन: 207,050 रुपए प्रति किलो रिकॉर्ड बढ़त के बाद गिरा सोना-चांदी देशभर में सोने के भाव में एक बार भारी बढ़त के बाद गिरावट दर्ज हुई है. जिसके बाद सोना 310 रुपए सस्ता हुआ है. वहीं चांदी 910 रुपए सस्ता हुआ है. इसी बीच आज येलो मेटल कहे जाने वाले सोने के शुरुआती कारोबार में कितनी तेजी आई है यहां जाने. वहीं देश में आज गोल्ड-सिल्वर रेट कुछ इस प्रकार से हैं: – भारत में 24 कैरेट गोल्ड रेट आज: 134,800 रुपए प्रति 10 ग्राम बीते दिन: 135,110 रुपए प्रति 10 ग्राम – भारत में चांदी का भाव आज: 206,270 रुपए प्रति 1 किलो बीते दिन: 207,180 रुपए/किलो हॉलमार्क ही है असली सोने की पहचान अगर आप सोने के गहने खरीदने जा रहे हैं तो कभी भी क्वालिटी से समझौता न करें. हॉलमार्क देखकर ही गहने खरीदें, क्योंकि यही सोने की सरकारी गारंटी है. भारत में ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड्स (BIS) हॉलमार्क का निर्धारण करता है. हर कैरेट के हॉलमार्क अंक अलग होते हैं, जिसे ध्यान से रखकर ही सोना खरीदें. अगर आप ऐसा नही करते हैं तो आपके सोने में मिलावट भी हो सकती है तो हमेशा जांच परख कर ही खरीदी करें.

दिल्ली में BS‑4 गाड़ियों पर सख्ती, जानें कैसे करें अपनी कार का BS स्टेटस चेक

 नई दिल्ली देश के राजधानी की हवा को सांस लेने लायक बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने आज से सख्त एंटी-पॉल्यूशन उपाय लागू कर दिए हैं. अब BS-VI इंजन वाले वाहनों को ही दिल्ली में प्रवेश मिलेगा, जबकि बिना वैध पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (PUC) सर्टिफिकेट के किसी भी वाहन को पेट्रोल पंप पर फ्यूल नहीं दिया जाएगा. यह फैसला GRAP के स्टेज-IV के तहत लागू किया गया है, जो प्रदूषण के सबसे गंभीर हालात में ही एक्टिव किया जाता है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस फैसले का सीधा असर दिल्ली से सटे गुरुग्राम, गाजियाबाद, फरीदाबाद और नोएडा से रोजाना आने वाले करीब 12 लाख वाहनों पर पड़ेगा. ऐसे में दिल्ली-एनसीआर के वाहन मालिकों के बीच तमाम तरह का कन्फ्यूजन देखने को मिल रहा है. उन्हें डर है कि, दिल्ली में एंट्री करते ही उनकी कार को पकड़ लिया जाएगा. इसके अलावा लोगों में अपने वाहन के भारत स्टैंडर्ड (BS) यानी इमिशन मानक को लेकर भी कन्फ्यूजन है, कि उनकी कार सरकार के इस बैन लिस्ट के दायरे में आएगी या नहीं.  क्या है सरकार का आदेश दिल्ली सरकार का यह आदेश पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 की धारा 5 के तहत जारी किया गया है, जो GRAP स्टेज-IV (Severe+) लागू रहने तक प्रभावी रहेगा. इस नियम के अनुसार, दिल्ली के बाहर रजिस्टर्ड BS-VI से कम उत्सर्जन मानक वाले वाहनों की राजधानी में एंट्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी. वहीं सुप्रीम कोर्ट ने भी दिल्ली-एनसीआर में BS-IV एमिशन मानकों से नीचे आने वाले पुराने वाहनों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की इजाजत दे दी है. बिना PUC, नो फ्यूल अब दिल्ली में केवल उन्हीं वाहनों को फ्यूल (पेट्रोल, डीजल या सीएनजी) मिलेगी, जिनके मालिक उक्त वाहन का पीयूसी सर्टिफिकेट पेट्रोल पंप पर दिखाएंगे. यदि कोई भी वाहन फ्यूल पंप पर बिना वैलिड PUC सर्टिफिकेट पकड़ा जाता है तो उस पर तत्काल एक्शन लिया जाएगा और जुर्माना लगेगा. PUC की जांच फिजिकल सर्टिफिकेट, ANPR (ऑटोमेटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन) कैमरे, VAHAN डाटाबेस, वॉयस अलर्ट सिस्टम से की जाएगी. कैसे पहचाने आपकी गाड़ी रोकी जाएगी या नहीं दिल्ली-NCR में बढ़ते प्रदूषण के बीच BS3 और BS4 वाहनों पर पाबंदियां सख्त हो गई हैं. ऐसे में वाहन मालिकों के लिए यह जानना बेहद जरूरी हो गया है कि उनकी गाड़ी BS3 है या BS4. गलत जानकारी न सिर्फ जुर्माने का कारण बन सकती है, बल्कि वाहन जब्त होने जैसी कार्रवाई भी हो सकती है. वाहन के RC से पहचान आपका वाहन BS3 है या BS4, इसे पहचानने का सबसे आसान तरीका RC यानी रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट देखना है. RC कार्ड या डिजिलॉकर में उपलब्ध डिजिटल आरसी में “Emission Norms” या “Fuel Norms” का कॉलम होता है. इसमें साफ लिखा होता है कि वाहन BS3 है या BS4. अगर RC 2010 से पहले जारी हुई है तो अधिकतर मामलों में वाहन BS3 होता है, जबकि 2010 से 2020 के बीच रजिस्टर्ड वाहन आमतौर पर BS4 कैटेगरी में आते हैं. मैन्युफैक्चरिंग ईयर से अंदाजा भारत में BS3 मानक 2005 से 2010 तक लागू रहे. इसके बाद 2010 से अप्रैल 2020 तक BS4 नियम लागू हुए. अगर आपकी गाड़ी 2010 से पहले बनी है तो उसके BS3 होने की संभावना ज्यादा है. वहीं 2010 से 2020 के बीच बनी गाड़ियां आमतौर पर BS4 होती हैं. हालांकि यह तरीका अनुमान पर आधारित है, इसलिए पुख्ता पुष्टि के लिए RC देखना जरूरी है. इंजन और चेसिस नंबर से जानकारी वाहन के इंजन नंबर और चेसिस नंबर से भी BS नॉर्म की जानकारी निकाली जा सकती है. अधिकतर कार निर्माता इन नंबरों के जरिए वाहन की पूरी डिटेल बताते हैं. आप कंपनी की आधिकारिक वेबसाइट, कस्टमर केयर या अधिकृत डीलर से संपर्क कर इन नंबरों के आधार पर अपनी गाड़ी का BS3 या BS4 स्टेटस कन्फर्म कर सकते हैं. इन नंबरों को व्हीकल आइडेंटिफिकेशन नंबर (VIN) भी कहा जाता है. PUC सर्टिफिकेट से भी मिलेगा सुराग PUC सर्टिफिकेट पर कई बार उत्सर्जन मानक का जिक्र होता है. हालांकि यह हर राज्य में अनिवार्य नहीं है, लेकिन कुछ मामलों में यहां BS नॉर्म लिखा मिल सकता है. अगर नहीं लिखा है तो PUC सेंटर ऑपरेटर से पूछकर भी जानकारी ली जा सकती है. वाहन के स्टिकर और लेबल पर नजर कुछ वाहनों में बोनट के अंदर, दरवाजे के फ्रेम या इंजन बे में एक एमिशन लेबल लगा होता है. इस लेबल पर वाहन का एमिशन स्टैंडर्ड यानी BS3 या BS4 लिखा होता है. पुराने वाहनों में यह स्टिकर फीका या गायब भी हो सकता है, इसलिए इसे एकमात्र आधार न बनाएं. मोबाइल ऐप से करें पुख्ता जांच सरकार का mParivahan ऐप वाहन से जुड़ी सभी आधिकारिक जानकारियां देता है. ऐप में वाहन नंबर डालते ही फ्यूल टाइप, रजिस्ट्रेशन डेट और एमिशन नॉर्म की जानकारी मिल जाती है. यह तरीका सबसे भरोसेमंद माना जाता है क्योंकि डेटा सीधे सरकारी रिकॉर्ड से आता है. गलत जानकारी से बचना क्यों जरूरी. कई लोग BS3 और BS4 को लेकर भ्रम में रहते हैं और अनजाने में नियम तोड़ बैठते हैं. आज के सख्त एंटी-पॉल्यूशन दौर में सही जानकारी ही आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है. एक मिनट में की गई जांच आपको चालान, फ्यूल बैन और कानूनी परेशानी से बचा सकती है. इसलिए यदि आपको अपने वाहन को लेकर कन्फ्यूजन है तो गाड़ी सड़क पर निकालने से पहले इन बातों की तस्दीक कर लें.

भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के शताब्दी महोत्सव कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने कही बड़ी बात

संस्कृति में होती है राष्ट्र की आत्माः योगी आदित्यनाथ भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के शताब्दी महोत्सव कार्यक्रम के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी ने कही बड़ी बात राष्ट्र से अगर उसकी संस्कृति को अलग कर दिया जाए तो वह हो जाता है निस्तेजः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री योगी बोलेः भारत की कला, स्वर व लय ने अपनी इस पहचान को विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए भी दी निरंतरता एक संस्कृति कर्मी भी राष्ट्र निर्माण में देता है योगदानः मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री योगी के अनुसार, कलाकार की कला है एक ईश्वरीय गुण जिसकी नहीं होनी चाहिए अवमानना लखनऊ, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस बात पर बल दिया कि राष्ट्र की आत्मा उसकी संस्कृति में होती है। उन्होंने कहा कि जैसे किसी मनुष्य की आत्मा उसके शरीर से संबंध तोड़ देती है तो शरीर निस्तेज हो जाता है, उसी प्रकार राष्ट्र के जीवन में भी होता है। किसी भी राष्ट्र की संस्कृति को उससे अलग कर दिया जाए तो राष्ट्र निस्तेज हो जाता है। वह खंडहर में परिवर्तित हो जाता है और अपनी पहचान को खो देता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के शताब्दी वर्ष समारोह के शुभारंभ कार्यक्रम में कहा कि यह अवसर हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। उनके अनुसार, भारत की कला, स्वर व लय ने अपनी पहचान को विषम परिस्थितियों का सामना करते हुए जो निरंतरता दी उसी के बदौलत हमारी सनातन संस्कृति विश्व में खुद को स्थापित करने और आगे बढ़ाने में सफल हुई है। उन्होंने कहा कि कलाकार की कला एक ईश्वरीय गुण है जिसकी हमें अवमानना नहीं करनी चाहिए। कलाकार किसी भी विधा से जुड़ा हो, उसे प्रोत्साहित करना चाहिए। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय, लखनऊ के शताब्दी वर्ष समारोह के उद्घाटन कार्यक्रम में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी का सम्बोधन    "आज मुझे प्रसन्नता है कि उत्तर प्रदेश ऐसा राज्य है जहां से सांसद के तौर पर प्रधानमंत्री मोदी जी स्वयं देश की संसद में प्रतिनिधित्व करते हैं।  यहां पर अभी हमारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित सोनल मान सिंह ने कहा कि यहां जब नृत्य करते हैं तो नटराज के रूप में भगवान शिव हमारे सामने दिखाई देते हैं। जब हम वीणा में अपने स्वर को लय दे रहे होते हैं तो साक्षात सरस्वती माता सरस्वती हमारे सामने होती है।  हम जब कोई संवाद किसी नाटक में कर रहे होते हैं तो राम की मर्यादा हमारे सामने उस समय देखने को मिलती है और जब हम किसी रस में डूबे होते हैं तो कृष्ण की रस धारा भी हमारे साथ जुड़ती हुई दिखाई देती है। ये कहां मिलेगा सब कुछ तो उत्तर प्रदेश के अंदर मौजूद है" एक संस्कृति कर्मी भी राष्ट्र निर्माण में देता है योगदान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय के शताब्दी महोत्सव के शुभारंभ पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पीढ़ी-दर-पीढ़ी भारत की सांस्कृतिक चेतना, स्वर, लय और संस्कार को इस संस्थान ने एक नई पहचान दी है। उन्होंने कहा कि भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय ने पिछले 100 वर्षों में भारतीय संगीत, नृत्य, नाट्य और ललित कलाओं को न केवल संरक्षित किया है, बल्कि उन्हें आधुनिक शैक्षणिक व्यवस्था से जोड़कर प्रतिष्ठित भी किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि एक संस्कृति कर्मी भी राष्ट्र निर्माण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इस दिशा में भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय से जुड़े सभी महानुभावों के योगदान के लिए उन्होंने कृतज्ञता व्यक्त की। मुख्यमंत्री योगी ने इस अवसर पर पंडित विष्णु नारायण भातखण्डे को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। गुरुदेव रबिंद्रनाथ टैगोर की चिट्ठी का उल्लेख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्ष 1940 में गुरुदेव रबिंद्रनाथ टैगोर ने एक पत्र जारी कर इस संस्थान को विश्वविद्यालय के रूप में संबोधित किया था। उन्होंने कहा कि यह प्रसन्नता का विषय है कि पंडित विष्णु नारायण भातखण्डे की भावनाओं के अनुरूप इस संस्थान को विश्वविद्यालय का स्वरूप प्रदान किया जा सका। उन्होंने कहा कि वर्ष 1947 में देश आज़ाद हुआ और वर्ष 1950 में संविधान लागू हुआ। इसके बाद वर्ष 2017 तक अनेक सरकारें आईं और गईं, लेकिन तत्कालीन राज्यपाल राम नाइक ने भातखण्डे संस्थान को विश्वविद्यालय का दर्जा दिलाने के विषय में उनसे संवाद किया। मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि प्रस्ताव आने में देर हुई, विभाग से निरंतर संवाद हुआ और अंततः वर्ष 2022 में सरकार ने इसे विश्वविद्यालय के रूप में मान्यता दी। यह उत्तर प्रदेश का पहला संस्कृति विश्वविद्यालय है। उन्होंने कुलपति प्रो. माण्डवी सिंह की सराहना करते हुए कहा कि उनके द्वारा विश्वविद्यालय का कुलगीत और लोगो ‘नादाधीनं जगत्’ थीम पर आधारित किया गया, जिसका अर्थ है-पूरा जगत नाद के अधीन है। यह जीवन की सच्चाई को दर्शाता है। ओंकार है सृष्टि का पहला स्वर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि इस सृष्टि का पहला स्वर ओंकार है। उन्होंने नाद योग का उल्लेख करते हुए कहा कि विज्ञान, अध्यात्म और संस्कृति तीनों ही इसकी पुष्टि करते हैं। भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय का विजन भी यही है कि नाद के अधीन पूरा जगत है। उन्होंने कहा कि संगीत की विभिन्न विधाओं के माध्यम से इसी नाद की पहचान करना साधना का विषय है। विश्वविद्यालय से जुड़े पूर्व कलाकारों को सम्मानित किए जाने पर उन्होंने कहा कि ये कलाकार न केवल भातखण्डे की परंपरा, बल्कि उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक मूल्यों को भी वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित कर रहे हैं। कॉफी टेबल बुक के विमोचन पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आने वाले समय में यह पुस्तक प्रेरणा का कार्य करेगी। देश की आज़ादी के शताब्दी महोत्सव के साथ जब विश्वविद्यालय जुड़ रहा होगा, तब यह कॉफी टेबल बुक अत्यंत प्रासंगिक सिद्ध होगी। पंडित विष्णु नारायण भातखण्डे के योगदान को किया याद मुख्यमंत्री योगी ने पंडित विष्णु नारायण भातखण्डे के योगदान को स्मरण करते हुए कहा कि वर्ष 1926 में देश औपनिवेशिक शासन के अधीन था। उस समय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सीमित थी और संगीत तथा कला के लिए मंच उपलब्ध नहीं थे। उन्होंने कहा कि उस दौर में पंडित भातखण्डे ने भारतीय संगीत को वैज्ञानिक आधार प्रदान किया। शास्त्रीय अनुशासन, सुव्यवस्थित पाठ्यक्रम, राग-ताल का वर्गीकरण, क्रमिक पद्धति और गुरु-शिष्य परंपरा को आधुनिक शिक्षा से जोड़ना उनका ऐतिहासिक योगदान था। यह कार्य केवल शैक्षणिक नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति को आत्मसम्मान, आत्मगौरव और स्थायित्व देने का प्रयास था। कुम्भ 2019 … Read more

कर्मचारी विहीन होने के कारण केंद्रीय संचार ब्यूरो का दफ्तर बंद

केंद्रीय संचार ब्यूरो का कर्मचारी विहीन दफ्तर बंद   भोपाल    केन्द्रीय संचार ब्यूरो, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय भारत सरकार के क्षेत्रीय कार्यालयों का केन्द्र में  कांग्रेस की सरकार थी तब पूरे भारत में 1955 में स्थापित कर, जनहित में आमजनों के विकास को देखते हुए संचालित किया गया था। मध्यप्रदेश में बालाघाट, छिंदवाडा, मंदसौर, झाबूआ, छतरपुर, रीवा, इन्दौर, ग्वालियर, शहडोल, मण्डला, सागर, जबलपुर इकाईयां एवं भोपाल में प्रादेशिक कार्यालय संचालित हो रहा है, जो पूरे मध्यप्रदेश में 55 जिलों में भारत सरकार व राज्य सरकार के जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक विभिन्न गतिविधियों के माध्यमों से सुदूर क्षेत्रों के आमजन के बीच जाकर समस्याओं को सुनकर समाधान व उचित मार्ग दर्शन कर जनजागरूकता किया जा रहा था, जो अपने आप में बेहद महत्वपूर्ण विभाग होने के कारण सरकार और आम जनों को जोड़ने का सशक्त माध्यम है। केन्द्र सरकार के कूटनीतियों के कारण आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र के उक्त कार्यालयों में से मण्डला बालाघाट, छिंदवाडा, छत्तरपुर, शहडोल, मंदसौर एवं सागर क्षेत्रीय कार्यालय / इकाईयों में विगत 17 दिवस से ताला लगा हुआ है जानकारी मिला है कि कार्यालय बंद कर दिया गया है। जो आम जनों के लिए बहुत ही दुखद गंभीर विषय है. उक्त जिलों के कार्यालय के बंद होने से जो कि आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में आते है. आज भी पिछड़ा है जन जागरूता की कमी है, इन कार्यालयों को बंद न करते हुए यथावत रखें। ताकि आमजन तक सरकार के महत्वपूर्व योजना अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाया जा सके। यदि केन्द्र सरकार अपने कूटनीतियों कारण आमजन के हित के लिए सुधार नहीं करती है तो आंदोलन के लिए घेराव करना पड सकता है 2029 चुनाव में भी असर पड़ेगा जो देखा जा सकता है । क्षेत्रीय कार्यालय- गुलाबरा स्थित कार्यालय के अतिरिक्त प्रभार में बेतुल एवं हरदा जिले है। चूंकि छिन्दवाड़ा आदिवासी बहुल्य क्षेत्र है केन्द्र सरकार व राज्य सरकार के योजनाओं से आमजनों को जोडने से विभाग बंद होने से विभाग से मिलने वाले लाभों  से  वंचित रहेंगे ।

सीएम साय बोले- दो सालों में स्वास्थ्य क्षेत्र में हुआ जबरदस्त विकास, मेगा हेल्थ कैंप हुआ शुरू

रायपुर राजधानी रायपुर स्थित आयुर्वेदिक कॉलेज के परिसर में आज मेगा हेल्थ कैंप का मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुभारंभ किया. पांच दिनों तक चलने वाले इस मेगा कैंप में 45 से अधिक अस्पताल और देशभर के सुपरस्पेशलिस्ट कैंप से जुड़े हैं. मेगा कैंप का आयोजन कर रहे विधायक राजेश मूणत ने कहा कि यह स्वास्थ्य शिविर राजधानी रायपुर को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाओं से जोड़ने वाला ऐतिहासिक आयोजन होगा. उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन के सभी संबंधित विभाग इस सेवा अभियान में मार्गदर्शन एवं सहयोग प्रदान कर रहे हैं, तथा रायपुर की अनेक सामाजिक संस्थाएं भी सक्रिय रूप से सहभागी हैं. भाजपा के सेवाभावी कार्यकर्ता शिविर में मरीजों की देखभाल की जिम्मेदारी संभालेंगे. उन्होंने कहा कि दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद सहित देशभर के सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टर इस शिविर में सेवाएं देंगे, ताकि किसी भी व्यक्ति को बड़े महानगरों की यात्रा किए बिना उच्चस्तरीय परामर्श और उपचार मिल सके. उन्होंने यह भी बताया कि मेगा हेल्थ कैंप में श्री विनय मित्र मंडल के माध्यम से दिव्यांगों को कृत्रिम जयपुर पैर, हाथ कटे विकलांगों को कृत्रिम हाथ बनाकर दिए जाएंगे, साथ ही श्रवण यंत्र, ट्राइसिकल, वैशाखी भी प्रदान की जाएगी. मूणत ने 45 से अधिक सहयोगी अस्पतालों की सूची प्रस्तुत करते हुए कहा कि इतने बड़े स्तर पर अस्पतालों का एक मंच पर आना अपने आप में एक अनूठी मिसाल है. कैंप में कैंसर, हृदय रोग, नेत्र रोग, स्त्री रोग, अस्थि रोग, बांझपन उपचार, आयुर्वेद और अन्य विधाओं से जुड़े डॉक्टरों की विस्तृत टीम निःशुल्क जांच, परामर्श, उपचार और दवाइयों का वितरण करेगी. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ने कहा कि मेघा हेल्थ कैंप के लिए राजेश मूणत और पूरी टीम को बधाई देता हूं. छठवीं बार ये कैंप हमने किया है, छत्तीसगढ़ को बने 25 साल हुआ है. छत्तीसगढ़ ने हर क्षेत्र में विकास किया है. हर क्षेत्र में पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह ने काम किया है. छत्तीसगढ़ में 15 मेडिकल कॉलेज हो गए हैं. स्वास्थ्य के क्षेत्र में 2 वर्ष में बहुत विकास हुआ है. विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि विधायक राजेश मूणत की पहचान पूरे छत्तीसगढ़ में बन गई है. इसे मैं राष्ट्रीय स्तर का हेल्थ कैंप कह सकता हूं. करीब 100 से ज्यादा चिकित्सक लगे हैं. ये शिविर इलाज से निदान तक पहुंचाने के लिए है. इस शिविर की खासियत है कि 40 से 50 समाजसेवी संगठनों के साथ डाक्टरों की टीम, छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ चिकित्सक यहां मौजूद हैं. इससे पहले मैने कभी नहीं देखा था. स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि रायपुर और पूरे प्रदेश के लिए आज का पवित्र है. एक तरफ बाबा गुरु घासीदास जी की जयंती है, तो दूसरी ओर स्वास्थ्य का महाकुंभ लग रहा है. यहां 300 मीटर तक हॉस्पिटल ही हॉस्पिटल नजर आ रहा है. हमारा उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ में लोग स्वस्थ हों. मैं राजेश मूणत और उनकी टीम की प्रशंसा करता हूं. जांच के बाद इलाज की भी व्यवस्था होगी. आयुष्मान योजना के तहत इलाज कराएंगे. मुख्यमंत्री स्वास्थ्य के प्रति सजग है. आयुर्वेदिक कॉलेज में आयोजित मेगा हेल्थ कैंप के उद्घघाटन समारोह में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के अलावा मंत्री केदार कश्यप, मंत्री गुरु खुशवंत साहब सहित कई विधायक और जनप्रतिनिधि शामिल हुए.

सोनम की जमानत याचिका पर विवाद, राजा रघुवंशी के परिवार ने की विरोध

इंदौर  अपने पति की हत्या के आरोप में शिलांग की जेल में बंद सोनम रघुवंशी ने कोर्ट में जमानत के लिए अर्जी लगाई है। सोनम ने अपने प्रेमी राज व उसके तीन दोस्तों के साथ सात माह पहले राजा की हत्या कर शव को खाई में फेंक दिया था। सोनम की जमानत पर राजा रघुवंशी के परिवार ने आपत्ति ली है। उनका कहना है कि इस केस में गवाहों के बयान चल रहे है। यदि सोनम को जमानत दी जाती है तो वह गवाहों को प्रभावित कर सकती है। कोर्ट ने जमानत पर फैसला नहीं लिया है और अगले माह इस मामले में सुनवाई होगी। राजा के भाई विपिन ने कहा कि सोनम एक शातिर महिला है। उसने राजा की हत्या की योजना बनाई थी और हनीमून के बहाने शिलांग ले जाकर हत्या की थी।  देशभर में चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड केस में कोर्ट ने ट्रायल शुरू कर दिया है। पहले राजा के भाई विपिन के तीन दिन तक कोर्ट ने बयान लिए और उसने राजा व सोनम की गुमशुदगी, सोनम के बर्ताव, शादी के बाद बाहर जाने की प्लानिंग सहित अन्य मामलों की जानकारी ली थी। इसके अलावा सोनम की दो सहेलियों के बयान भी कोर्ट में वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए हुए है। इस केस में आरोपियों का साथ देने वाले प्राॅपर्टी ब्रोकर, सुरक्षा गार्ड और फ्लैट मालिक फिलहाल जमानत पर बाहर है। शिलांग पुलिस तीनों आरोपियों के खिलाफ अगल से चार्जशीट पेश करेगी। तीनों ने सोनम के फ्लैट से सबूत मिटाने, उसका बैग जलाने और पिस्तौल नाले में फेंकने का काम किया था। राजा के भाई विपिन ने यह आरोप लगाया कि सोनम का भाई गोविंद आरोपियों की मदद कर रहा है,जबकि हत्या के बाद वह हमारे परिवार से मिला था और कहा था कि वह सोनम को सजा दिलवाने में मदद करेगा।

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पर टिप्पणी, बालाघाट के शिक्षक सुनील मेश्राम निलंबित

बालाघाट  सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी एक शिक्षक को भारी पड़ गई। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को लेकर फेसबुक पर टिप्पणी करने के आरोप में बालाघाट जिले के एक उच्च श्रेणी शिक्षक को निलंबित कर दिया गया है। कलेक्टर मृणाल मीणा के निर्देश पर यह कार्रवाई आदिवासी विकास विभाग की सहायक आयुक्त शकुंतला डामोर द्वारा की गई। खास बात यह है कि सुनील मेश्राम राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित शिक्षक हैं। ऐसे में निलंबन की कार्रवाई को लेकर शिक्षा विभाग और जिले में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। परसवाड़ा के शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पदस्थ शिक्षक सुनील मेश्राम पर आरोप है कि उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से भारत सरकार और राज्य शासन के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी साझा की थी। मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने इसे गंभीर अनुशासनहीनता माना। नोटिस के बाद भी नहीं मिला संतोषजनक जवाब प्रशासन की ओर से चार दिसंबर को शिक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके जवाब में 8 दिसंबर को मेश्राम ने अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत किया, लेकिन विभागीय स्तर पर इसे स्वीकार नहीं किया गया। अधिकारियों का कहना है कि शिक्षक के आचरण से शासन की छवि प्रभावित हुई है, जो सेवा नियमों के विरुद्ध है। सेवा नियमों के तहत निलंबन पूरे प्रकरण के बाद मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण और अपील) नियम 1966 के नियम 9 के अंतर्गत शिक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। शिक्षक ने दी सफाई निलंबन के बाद सुनील मेश्राम ने कहा कि संबंधित पोस्ट किसी राजनीतिक दल या संगठन से जुड़ी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति की भावनाएं आहत हुई हैं तो उन्हें खेद है। मेश्राम का दावा है कि वह पोस्ट उनकी नहीं थी और उसे उनके फेसबुक अकाउंट से हटा दिया गया है। 

चार राज्यों से गुजरते हुए राजस्थान–पुणे सुपरफास्ट ट्रेन शुरू, जानें रूट और स्टेशनों की पूरी जानकारी

जयपुर  क्रिसमस, नए साल और सर्दियों की छुट्टी के दौरान सफर करने वाले यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को कम करने के लिए मध्य रेलवे ने महाराष्ट्र के पुणे शहर से राजस्थान के सांगानेर के बीच एक विशेष ट्रेन पुणे – सांगानेर – पुणे साप्ताहिक सुपरफास्ट विशेष ट्रेन चलाने की घोषणा की है। यह साप्ताहिक ट्रेन 19 दिसंबर से प्रत्येक शुक्रवार को पुणे से और प्रत्येक शनिवार को सांगानेर से चलेगी और 2 जनवरी 2026 तक कुल छह ट्रिप (फेरे) लगाएगी। रास्ते में यह ट्रेन दोनों दिशाओं चार राज्यों (महाराष्ट्र, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान) के 14 रेलवे स्टेशनों पर रुकेगी। इस स्पेशल वीकली ट्रेन में 4 AC-3 टियर, 8 स्लीपर क्लास, 4 सामान्य श्रेणी और 2 सेकेंड क्लास सह गार्ड ब्रेक समेत कुल 18 कोच होंगे। यह ट्रेन महाराष्ट्र में पुणे जंक्शन, कल्याण जंक्शन, भिवंडी रोड, वसई रोड, पालघर, गुजरात में वापी, वलसाड, सूरत, अंकलेश्वर जंक्शन, वडोदरा जंक्शन, मध्य प्रदेश में रतलाम और राजस्थान में भवानीमंडी, रामगंजमंडी, कोटा जंक्शन, सवाई माधोपुर और सांगानेर स्टेशनों पर स्टॉपेज लेगी। < ट्रेन का नाम- 01405 पुणे – सांगानेर साप्ताहिक विशेष ट्रेन (3 फेरे) कब चलेगी- 19 दिसंबर 2025 से 2 जनवरी 2026 तक प्रत्येक शुक्रवार को प्रस्थान का समय- पुणे से हर शुक्रवार सुबह 09.45 बजे चलेगी आगमन का समय- अगले दिन सुबह 06.45 बजे सांगानेर पहुंचेगी। < ट्रेन का नाम- 01406 सांगानेर-पुणे साप्ताहिक विशेष ट्रेन (3 फेरे) कब चलेगी- 20 दिसंबर 2025 से 3 जनवरी 2026 तक प्रत्येक शनिवार को प्रस्थान का समय- सांगानेर से हर शनिवार सुबह 11.35 बजे चलेगी आगमन का समय- अगले दिन सुबह 09.30 बजे पुणे पहुंचेगी। कौन-कौन से स्टेशनों पर स्टॉपेज: यह गाड़ी दोनों दिशाओं में पुणे जंक्शन, कल्याण जंक्शन, भिवंडी रोड, वसई रोड, पालघर, वापी, वलसाड, सूरत, अंकलेश्वर जंक्शन, वडोदरा जंक्शन, रतलाम जंक्शन, दूसरे दिन- भवानीमंडी, रामगंजमंडी, कोटा जंक्शन, सवाई माधोपुर और सांगानेर स्टेशनों पर रूकेगी। कितनी श्रेणी के डिब्बे होंगे: 4 एसी-3 टियर, 8 शयनयान श्रेणी, 4 सामान्य द्वितीय श्रेणी और 2 द्वितीय श्रेणी सह गार्ड ब्रेक वैन समेत कुल 18 कोच। इस स्पेशल ट्रेन के ठहराव, समय एवं संरचना के संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए यात्री कृपया www.enquiry.indianrail.gov.in पर जाकर अवलोकन कर सकते हैं।