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रायपुर में विकास की बड़ी पहल: बरसात में उफनते नदी-नालों से मिलेगी राहत, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी करोड़ों की सौगात

रायपुर : बरसात में उफनते नदी-नाले अब नहीं रोकेंगे ग्रामीणों का रास्ता  :  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दी करोड़ों की सौगात 130 करोड़ की लागत से जशपुर जिले में बनेंगे 237 पुल-पुलिया  रायपुर 130 करोड़ की लागत से जशपुर जिले में बनेंगे 237 पुल-पुलिया जशपुर जिले में बरसात के दिनों में ग्रामीणों के आवागन की बाधा को दूर करने के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर 237 पुल-पुलियों के निर्माण के लिए 130 करोड़ रूपए से अधिक की राशि स्वीकृत हुई है, जिससे नदियों पर उच्च स्तरीय पुलों के निर्माण के साथ ही नालों पर पुल-पुलिया का तेजी से निर्माण कराया जा रहा है, इससे विकास को नई गति मिलेगी। बरसात के दिनों में उफनते नदी-नाले अब ग्रामीणों का रास्ता नहीं रोक पाएंगे।   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जशपुर जिले में 22 उच्चस्तरीय पुलों के निर्माण के लिए 109 करोड़ 09 लाख रुपये की मंजूरी दी है। ये पुल जिले के प्रमुख मार्गों और नदियों-नालों पर बनाए जा रहे हैं, जिससे वर्षभर निर्बाध आवागमन सुनिश्चित होगा। इसके साथ ही गांव-टोला और पारा को जोड़ने के उद्देश्य से 215 छोटे पुल-पुलिया निर्माण हेतु 20 करोड़ 93 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।  गौरतलब है कि जशपुर जिले में बरसात के दिनों में कई गांवों का संपर्क पूरी तरह कट जाता था, जिससे किसानों, छात्रों, मरीजों और आम नागरिकों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। पुल-पुलिया निर्माण से न केवल आवागमन सुरक्षित होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, व्यापार और कृषि गतिविधियों को भी नई रफ्तार मिलेगी। साथ ही, दूरी और समय की बचत से लोगों के दैनिक जीवन में बदलाव आएगा। जिले को मिली इस ऐतिहासिक सौगात पर क्षेत्रवासियों और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त किया है। उनका कहना है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में जशपुर अब विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है और दो वर्षों का सुशासन सड़कों व पुलों पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय प्रशासन को दिया निर्देश

जनता दर्शन : ठंड में आने वाले फरियादियों के लिए रैनबसेरे में रुकने की कराएं व्यवस्था   मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्थानीय प्रशासन को दिया निर्देश  मुख्यमंत्री बोले- सभी जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान प्रतिदिन जनपदों में सुनें जनता की शिकायत  सीएम ने बच्चों को दी चॉकलेट, बोले- ठंड में बचकर रहें  लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘जनता दर्शन’ किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश भर से आए फरियादियों से मुलाकात की। सीएम ने उनकी समस्याएं सुनीं और प्रार्थना पत्र लेकर संबंधित अधिकारियों को निस्तारण का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनपदों में भी ‘जनता दर्शन’ में फरियादी अपनी शिकायत लेकर पहुंचते हैं, लेकिन लखनऊ में होने वाले ‘जनता दर्शन’ में भी बड़ी संख्या में फरियादी आते हैं। ‘जनता दर्शन’ में शामिल होने के लिए एक दिन पहले रात में ही वे राजधानी पहुंच जाते हैं। यहां आने वाले फरियादी रैन बसेरों में रूकें, सरकार ने रैन बसेरों में समुचित व्यवस्था की है। सीएम ने लखनऊ प्रशासन को निर्देश दिया कि वे समय-समय पर रैन बसेरों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेते रहें और यह सुनिश्चित करें कि रैन बसेरों में रहने वालों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।  प्रतिदिन जनता की समस्याएं सुनें जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान  मुख्यमंत्री ने कहा कि इस समय ठंड काफी पड़ रही है। उन्होंने आमजन से अपील की कि पहले जिलाधिकारी व पुलिस कप्तान के पास पहुंचें और अपनी समस्याओं से अवगत कराएं। प्रशासन स्तर पर हर समस्याओं का निराकरण कराया जा रहा है। सीएम ने सभी जिलाधिकारी, पुलिस कप्तान को निर्देश दिया कि प्रतिदिन जनता की समस्याएं सुनें और उनका निराकरण कराएं, जिससे उन्हें ठंड के मौसम में लखनऊ न आना पड़े।  आप एस्टिमेट बनवाइए, सरकार इलाज में मदद करेगी ‘जनता दर्शन’ में कुछ फरियादी इलाज के लिए आर्थिक मदद की गुहार लेकर भी पहुंचे थे। इस पर मुख्यमंत्री ने उनका प्रार्थना पत्र लिया और कहा कि आप अस्पताल से एस्टिमेट बनवाकर दीजिए। सरकार पहले दिन से ही इलाज के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करा रही है। सरकार का संकल्प है कि इलाज के अभाव में किसी को परेशानी का सामना न करना पड़े।  जमीन कब्जे की शिकायत पर सीएम सख्त  ‘जनता दर्शन’ में कुछ मामले जमीन कब्जे के भी आए। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सख्त रूख अपनाते हुए इसकी जांच कराते हुए कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धान खरीद के मामलों को लेकर पहुंचे किसानों की शिकायत सुनकर सीएम ने तत्काल संबंधित प्रशासन को समाधान के लिए निर्देशित किया। सीएम ने कहा कि किसानों की समस्याओं का निदान ही सरकार की प्राथमिकता है।  सीएम ने बच्चों को दी चॉकलेट, बोले- ठंड में बचकर रहें  "जनता दर्शन' में अभिभावकों के साथ बच्चे भी पहुंचे। सीएम ने बच्चों से संवाद किया, उन्हें दुलारा-पुचकारा और पढ़ाई के बारे में भी पूछा। बच्चों ने भी मुख्यमंत्री के प्रश्नों का जवाब दिया, फिर सीएम ने सभी बच्चों को चॉकलेट दी और अभिभावकों से कहा कि ठंड अधिक पड़ रही है। बच्चों को ठंड में बचाकर रखें। मुख्यमंत्री का यह प्रेम देख अभिभावक भी अभिभूत हो गए।

जमीन की कीमतें आसमान छू रही हैं, बिहार के इस इलाके में बढ़ा रेट

पटना  बिहार भूमि से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। दरअसल, पटना जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों में जमीन की न्यूनतम मूल्य दर (MVR / सर्किल रेट) में भारी बढ़ोतरी होने जा रही है। जिला मूल्यांकन समिति की सिफारिश और निबंधन विभाग की समीक्षा के बाद जल्द ही नई दरें लागू की जाएंगी। स्टांप ड्यूटी में भी बढ़ोतरी नई MVR लागू होने के बाद जमीन की रजिस्ट्री के समय 10 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी नए रेट के अनुसार देनी होगी। उदाहरण के तौर पर ऐसे में ₹3 करोड़ की जमीन पर ₹30 लाख स्टांप शुल्क तो वहीं ₹5 करोड़ की जमीन पर ₹50 लाख स्टांप शुल्क लगेगा पटना के प्रमुख इलाकों में जमीन के नए रेट सूत्रों के अनुसार, पटना के पॉश और विकसित इलाकों में जमीन की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखा जाएगा:     फ्रेजर रोड: न्यूनतम ₹5 करोड़     दानापुर: लगभग ₹2 करोड़     कंकड़बाग (मुख्य सड़क): करीब ₹3 करोड़     बिहटा (कृषि भूमि): ₹70,000–₹80,000 प्रति कट्ठा   शहरी और ग्रामीण इलाकों में कितनी बढ़ी दरें?     शहरी इलाके: सर्किल रेट में लगभग 3 गुना बढ़ोतरी     पटना से सटे ग्रामीण इलाके: लगभग 4 गुना बढ़ोतरी इससे जमीन के बाजार मूल्य और सर्किल रेट के बीच का अंतर काफी हद तक कम हो जाएगा। 10 साल बाद हुआ बड़ा बदलाव ग्रामीण इलाकों में अंतिम बार MVR संशोधन 2013 में शहरी इलाकों में अंतिम संशोधन 2016 में हुआ था। बीते एक दशक में जमीन की कीमतों में तेज़ वृद्धि हुई, लेकिन सर्किल रेट अपडेट नहीं होने से सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा था।  

वन्यजीव संरक्षण में बड़ी उपलब्धि: मध्यप्रदेश से राजस्थान तक बाघिन का सुरक्षित स्थानांतरण

पेंच टाइगर रिज़र्व, मध्यप्रदेश से रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व, राजस्थान में एक बाघिन का सफल स्थानांतरण भोपाल पेंच टाइगर रिज़र्व, सिवनी मध्यप्रदेश से 3 वर्ष आयु की एक बाघिन का राजस्थान के रामगढ़ विषधारी टाइगर रिज़र्व में सफलतापूर्वक स्थानांतरण किया गया है। यह स्थानांतरण भारतीय वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टर के माध्यम से सुरक्षित रूप से संपन्न हुआ। स्थानांतरण अभियान विगत एक माह से सुव्यवस्थित योजना एवं वैज्ञानिक पद्धतियों के तहत संचालित किया जा रहा था। पेंच टाइगर रिज़र्व प्रबंधन द्वारा उपयुक्त बाघिन की पहचान कर उसे उन्नत एआई आधारित कैमरा ट्रैप एवं मोशन सेंसर कैमरों के माध्यम से निरंतर ट्रैक एवं मॉनिटर किया गया। इस उद्देश्य से क्षेत्र में लगभग 50 कैमरे स्थापित किए गए थे। अभियान का समन्वय राजस्थान वन विभाग के साथ निकट सहयोग में किया गया। सुगनाराम जाट, मुख्य वन संरक्षक, राजस्थान तथा डॉ. तेजिंदर, पशु चिकित्सक, विगत एक माह से इस अभियान का समन्वय कर रहे थे एवं पिछले 8 दिनों से पेंच टाइगर रिज़र्व में उपस्थित रहकर अभियान की सतत निगरानी कर रहे थे। यह स्थानांतरण कार्य फील्ड डायरेक्टर देवप्रसाद जे. के सहयोग एवं उप संचालक रजनीश कुमार सिंह, पेंच टाइगर रिज़र्व के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। बाघिन का निश्चेतन डॉ. अखिलेश मिश्रा एवं डॉ. प्रशांत द्वारा वाइल्डलाइफ कंज़र्वेशन ट्रस्ट की टीम के साथ तथा डॉ. काजल एवं डॉ. अमोल (वेटरनरी कॉलेज, जबलपुर एवं फील्ड बायोलॉजिस्ट अनिमेष चव्हाण के सहयोग से किया गया। पेंच टाइगर रिजर्व से रामगढ़ विषधारी टाइगर रिजर्व स्थानांतरण के दौरान पेंच टाइगर रिज़र्व से मिशन लीडर सहायक संचालक सुगुरलीन कौर (आईएफएस), वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. मिश्रा, पशु चिकित्सक डॉ. प्रशांत देशमुख (वाइल्डलाइफ कंज़र्वेशन ट्रस्ट) तथा रेंज अधिकारी लोकेश कुमार चौधरी, और दोनों प्रदेशों की टीम के साथ एमआई-17 हेलीकॉप्टर द्वारा बाघिन के सुरक्षित स्थानांतरण हेतु गए, जिससे अंतर-राज्यीय समन्वय एवं संचालन की प्रभावशीलता सुनिश्चित हो सकी। इस अभियान की सफलता में पेंच टाइगर रिज़र्व के कुरई एवं रुखड़ रेंज के मैदानी अमले का अत्यंत महत्वपूर्ण योगदान रहा। संबंधित कर्मचारियों द्वारा प्रतिदिन प्रातः 6:00 बजे से सायं 6:00 बजे तक, दिन में दो बार कैमरा ट्रैप की जांच, नियमित गश्त तथा चिन्हित बाघिन की गतिविधियों के संकेतों की सतत खोज कर अथक प्रयास किए गए। यह सफल स्थानांतरण अंतर-राज्यीय समन्वय, भारतीय वायुसेना के सहयोग तथा वैज्ञानिक वन्यजीव प्रबंधन के माध्यम से बाघ संरक्षण को सुदृढ़ करने और विभिन्न टाइगर लैंडस्केप में आनुवंशिक विविधता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।  

पीआरएसआई राष्ट्रीय सम्मेलन में आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ की मजबूत और सक्रिय मौजूदगी

पीआरएसआई की 47वीं राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस में आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ की सक्रिय सहभागिता भोपाल  18 दिसंबर देहरादून में 13 से 15 दिसंबर तक आयोजित पब्लिक रिलेशंस सोसाइटी ऑफ इंडिया (PRSI) की 47वीं ऑल इंडिया पब्लिक रिलेशंस कॉन्फ्रेंस में आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ की ओर से सक्रिय और प्रभावी सहभागिता दर्ज की गई। “विकसित भारत @2047: विकास भी, विरासत भी” विषय पर आधारित इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा किया गया। उद्घाटन अवसर पर उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में संचार, जनसंपर्क और शिक्षा की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। इस राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर से जनसंपर्क, संचार, शिक्षा, प्रशासन और नीति क्षेत्र से जुड़े विशेषज्ञों की भागीदारी रही। सम्मेलन के दौरान आईसेक्ट प्रतिभागियों ने डिजिटल युग में जनसंपर्क की चुनौतियों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रभाव, गलत सूचना की रोकथाम, साइबर सुरक्षा तथा संकट प्रबंधन संचार जैसे विषयों पर विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श किया। साथ ही उच्च शिक्षा संस्थानों और उद्योग जगत के बीच एमओयू आधारित सहयोग, कौशल विकास, स्टार्ट-अप संस्कृति तथा रोजगारोन्मुख शिक्षा ढांचे को सुदृढ़ करने पर भी चर्चा हुई, जिसे भविष्य की रणनीतियों की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया। आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ की ओर से रूपेंद्र सिंह चौहान, जनसंपर्क अधिकारी, आईसेक्ट मुख्यालय; डॉ. योगेश पटेल, सहायक प्राध्यापक, पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग, रवींद्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल; तथा श्री किशोर सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) ने सम्मेलन के विभिन्न तकनीकी एवं विषयगत सत्रों में सहभागिता की और उच्च शिक्षा तथा जनसंपर्क से जुड़े समकालीन विषयों पर विशेषज्ञों से विमर्श किया। आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ की डायरेक्टर एवं प्रो-चांसलर, रबिंद्रनाथ टैगोर यूनिवर्सिटी अदिति चतुर्वेदी वत्स ने कहा कि, “आज के समय में जनसंपर्क उच्च शिक्षा संस्थानों के शैक्षणिक उद्देश्यों और सामाजिक दायित्वों को समाज तक प्रभावी ढंग से पहुँचाने का सशक्त माध्यम बन चुका है| पीआरएसआई जैसे राष्ट्रीय मंच शिक्षा और उद्योग के बीच दीर्घकालिक सहयोग तथा एमओयू आधारित साझेदारियों को मजबूती प्रदान करते हैं।” विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार डॉ. संगीता जोहरी ने कहा कि, “इस राष्ट्रीय सम्मेलन में हुए संवाद और संपर्क आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ के लिए अकादमिक नवाचार, उद्योग सहभागिता और व्यावसायिक दक्षताओं के विकास की दिशा में उपयोगी सिद्ध होंगे। इससे विद्यार्थियों को वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।” सम्मेलन में आईसेक्ट ग्रुप ऑफ यूनिवर्सिटीज़ द्वारा उभरती तकनीकों में अनुसंधान, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, उद्यमिता विकास तथा उद्योग से जुड़ी शिक्षा मॉडल को प्रमुखता से रेखांकित किया गया। यह सहभागिता समूह की गुणवत्तापूर्ण, किफायती और कौशल-आधारित उच्च शिक्षा के प्रति निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

जिंदल स्टील के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन: गुरजोआत सिंह खंगुरा और राइज़ा ढिल्लों ने राष्ट्रीय शॉटगन शूटिंग में जीता स्वर्ण

जिंदल स्टील के खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन: गुरजोआत सिंह खंगुरा और राइज़ा ढिल्लों ने राष्ट्रीय शॉटगन शूटिंग में जीता स्वर्ण 68वीं राष्ट्रीय शॉटगन शूटिंग चैंपियनशिप में जिंदल स्टील के एथलीट्स का दबदबा, खंगुरा और ढिल्लों बने राष्ट्रीय विजेता रायपुर जिंदल स्टील को यह घोषणा करते हुए गर्व हो रहा है कि उसके समर्थित खिलाड़ियों ने डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज, नई दिल्ली में आयोजित 68वीं राष्ट्रीय शॉटगन शूटिंग चैंपियनशिप (NSSC) में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। उच्च दबाव वाले मुकाबलों की इस श्रृंखला में जिंदल स्टील समर्थित दल ने कई स्वर्ण और रजत पदक जीतकर भारत में उत्कृष्ट खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने की कंपनी की प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है। सटीकता और धैर्य के शानदार प्रदर्शन में गुरजोआत सिंह खंगुरा ने पुरुष स्कीट स्पर्धा में 2025 राष्ट्रीय चैंपियन का खिताब अपने नाम किया। रैंक 1 पर रहते हुए खंगुरा ने फाइनल में दमदार प्रदर्शन किया और अनुभवी ओलंपियनों सहित कड़े प्रतिद्वंद्वियों को पीछे छोड़ते हुए जीत दर्ज की। महिला वर्ग में उभरती हुई स्टार राइज़ा ढिल्लों ने स्कीट शूटिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सभी का ध्यान आकर्षित किया। ढिल्लों ने महिला स्कीट और जूनियर महिला स्कीट—दोनों स्पर्धाओं में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी असाधारण प्रतिभा का परिचय दिया। उनका यह डबल-पोडियम प्रदर्शन उन्हें भारतीय शूटिंग की सबसे आशाजनक युवा प्रतिभाओं में शामिल करता है। अनुभवी चैंपियन की अनुशासित खेल भावना का प्रदर्शन करते हुए ओलंपियन मिराज अहमद खान ने चैंपियनशिप में दो रजत पदक जीते। उच्चतम स्तर पर उनकी निरंतरता आने वाली पीढ़ी के निशानेबाजों को प्रेरित करती है, और जिंदल स्टील उनके इस प्रेरणादायी सफर का समर्थन जारी रखने पर गर्व महसूस करता है। जिंदल स्टील भारतीय खेलों में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और अपने एथलीट्स की इस शानदार उपलब्धि पर उन्हें हार्दिक बधाई देता है।

छत्तीसगढ़ सरकार पर्यटन के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री

रायपुर : पत्रकारों की लेखनी केवल सूचना का माध्यम ही नहीं, पर्यटन को प्रोत्साहन देने का एक सशक्त साधन भी – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ सरकार पर्यटन के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध – मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से राजस्थान के अंतर्राज्यीय अध्ययन भ्रमण से लौटे पत्रकारों के दल ने की सौजन्य मुलाकात रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से राजस्थान के अंतर्राज्यीय अध्ययन भ्रमण से लौटने के उपरांत छत्तीसगढ़ के पत्रकारों के दल ने आज राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में  सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर पत्रकारों ने 15 से 20 दिसम्बर तक राजस्थान भ्रमण के दौरान वहां की विधायिका, प्रशासनिक कार्यप्रणाली तथा पर्यटन के क्षेत्र में किए गए नवाचारों के अनुभवों को साझा किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा पत्रकारों के लिए अंतर्राज्यीय अध्ययन भ्रमण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है, ताकि अन्य राज्यों के शासन-प्रशासन, पर्यटन एवं सांस्कृतिक विकास से जुड़े नवाचारी प्रयासों को पत्रकारों के दृष्टिकोण से समझा जा सके। उन्होंने कहा कि ऐसे अध्ययन भ्रमणों से प्राप्त अनुभवों के आधार पर छत्तीसगढ़ में भी नई और प्रभावी पहल शुरू की जा सकती हैं। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों से आग्रह किया कि वे इस यात्रा के अनुभवों को यात्रा-वृत्तांत के रूप में लिपिबद्ध करें, जिससे यह आम पर्यटकों के लिए एक उपयोगी मार्गदर्शिका का कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों की लेखनी केवल सूचना का माध्यम नहीं, बल्कि पर्यटन को प्रोत्साहन देने का एक सशक्त साधन भी है। प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार पर्यटन के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने विशेष रूप से बस्तर क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राकृतिक सौंदर्य की दृष्टि से बस्तर धरती पर स्वर्ग के समान है, किंतु नक्सलवाद लंबे समय तक इसके विकास में एक बड़ी बाधा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संकल्प के अनुरूप मार्च 2026 तक नक्सलवाद को जड़ से समाप्त करने की दिशा में राज्य सरकार पूरी दृढ़ता के साथ कार्य कर रही है।  मुख्यमंत्री साय ने कहा कि पर्यटन को राज्य की नई उद्योग नीति में शामिल किया गया है। इसके तहत सुदूर वनांचलों में होम-स्टे को बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि पर्यटक ग्रामीण परिवारों के साथ रहकर उनकी संस्कृति, खान-पान और जीवनशैली को नजदीक से अनुभव कर सकें। इससे पर्यटन को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि  विश्व के 20 प्रमुख पर्यटन स्थलों में छत्तीसगढ़ के धुड़मारास को शामिल किया जाना प्रदेश के लिए गौरव की बात है। मुख्यमंत्री ने पत्रकारों द्वारा दिए गए सुझावों का स्वागत करते हुए कहा कि इन पर गंभीरता से विचार कर उन्हें अमल में लाया जाएगा। इस अवसर पर जशपुर से विजय त्रिपाठी ने बताया कि राजस्थान भ्रमण के दौरान वहां की विधानसभा देखने का अवसर मिला, जहां आमजन को विधि निर्माण की प्रक्रिया और विधानसभा की कार्यप्रणाली से अवगत कराने के लिए एक भव्य संग्रहालय का निर्माण किया गया है। इस संग्रहालय के माध्यम से राज्य निर्माण से लेकर वर्तमान तक की विधायी यात्रा और ऐतिहासिक व्यक्तित्वों के योगदान को समझने का अवसर मिलता है। कोरबा से विजय खेत्रपाल ने कहा कि इस अध्ययन भ्रमण के माध्यम से यह समझने का अवसर मिला कि राजस्थान में सैकड़ों वर्ष पुराने किलों और महलों को आधुनिक जनसुविधाओं से जोड़कर पर्यटन केंद्रों के रूप में विकसित किया गया है। इसके साथ ही रेगिस्तानी क्षेत्रों में जीप सफारी, ऊंट सवारी, पैरा-सेलिंग, डेजर्ट कैंप जैसी गतिविधियों के माध्यम से पर्यटन को आकर्षक रूप दिया गया है, जो छत्तीसगढ़ के लिए एक प्रभावी केस स्टडी हो सकती है। जगदलपुर के अर्जुन झा ने जयपुर स्थित चोकरधानी के अनुभव साझा करते हुए कहा कि वहां ग्रामीण जीवन, लोकसंस्कृति और खान-पान को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने सुझाव दिया कि इसी प्रकार बस्तर पंडुम के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति को पर्यटकों के समक्ष प्रस्तुत किया जा सकता है। टिंकेश्वर तिवारी ने भी राजस्थानी खान-पान की तर्ज पर छत्तीसगढ़ के पारंपरिक व्यंजनों को पर्यटन स्थलों पर प्रमुखता से बढ़ावा देने पर जोर दिया। स्टेट न्यूज़ सर्विस के युवा पत्रकार रजत अवस्थी ने राजस्थानी टोपी साफा से मुख्यमंत्री साय का सम्मान करते हुए पत्रकार भ्रमण योजना को प्रारम्भ करने के लिए धन्यवाद दिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रेस अधिकारी आलोक सिंह, जनसंपर्क विभाग के अपर संचालक संजीव तिवारी, संयुक्त संचालक जितेंद्र नागेश सहित पत्रकारगण एवं अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

फिर बदला मौसम का मिज़ाज: 48 घंटे तक तेज़ बारिश की चेतावनी, इन राज्यों में येलो-ऑरेंज अलर्ट जारी

नई दिल्ली  मानसून (Monsoon) का सीज़न इस साल कमाल का रहा और देशभर में जोरदार बारिश हुई। पिछले सालों से तुलना की जाए, तो इस साल मानसून के दौरान ज़्यादा भारी बारिश हुई। मानसून के दौरान कई राज्यों में तो इतनी भारी बारिश हुई कि पुराने सभी रिकॉर्ड्स टूट गए और लोग भी जमकर भीगे। मानसून ने लोगों को तरबतर कर दिया और इस दौरान मौसम भी अच्छा रहा जिससे लोगों को गर्मी से आराम मिला। मानसून के बाद भी कई राज्यों में अभी भी बारिश रुकी नहीं है। अब देश में मौसम ने नई करवट ले ली है। ऐसे में भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department – IMD) ने देश के कई राज्यों में अगले 48 घंटे भारी बारिश का अलर्ट (Heavy Rain Alert) जारी किया है। हिमाचल प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम? मानसून के सीज़न में हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश देखने को मिली। इसके जाने के बाद कुछ समय के लिए बारिश रुकी, पर अब इसका सिलसिला फिर शुरू हो गया है। अब हिमाचल प्रदेश में मौसम ने फिर करवट ली है। ऐसे में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि हिमाचल प्रदेश में अगले 48 घंटे भारी बारिश होगी। इस दौरान कुछ जगह बर्फबारी का भी अलर्ट है।   उत्तराखंड में कैसा रहेगा मौसम का मिज़ाज? मानसून के सीज़न में उत्तराखंड में भी अच्छी बारिश देखने को मिली। पिछले कुछ दिनों में एक बार फिर राज्य में बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। ऐसे में मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि अगले 48 घंटे उत्तराखंड में जमकर बादल बरसेंगे।   इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट देश में मौसम ने नई करवट ली है। ऐसे में मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, अंडमान-निकोबार, माहे, पुडुचेरी और कराईकल में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में अगले 48 घंटे भारी बारिश और बर्फबारी का अलर्ट है। राजस्थान-दिल्ली में कैसा रहेगा मौसम? राजस्थान और दिल्ली में मानसून के दौरान और उसके कुछ समय बाद तक जोरदार बारिश हुई, लेकिन अब ठंड ने असर दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग ने अलर्ट जारी किया है कि अगले 48 घंटे राजस्थान और दिल्ली में ठंड का असर बना रहेगा। राजस्थान के कुछ जिलों में और दिल्ली के कुछ इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छाया रहेगा। हालांकि राजस्थान और दिल्ली में दिन के समय धूप छाई रहेगी।

Japan से Korea तक रैली, भारतीय शेयर बाज़ार में ज़बरदस्त शुरुआत—सेंसेक्स-निफ्टी मजबूत

मुंबई  अमेरिका से लेकर जापान, कोरिया और हांगकांग तक के बाजारों में तेजी के बीच भारतीय शेयर बाजार (Indian Stock Market) ने भी सप्ताह के पहले कारोबारी दिन जोरदार शुरुआत की. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स खुलने के साथ ही 450 अंक से ज्यादा चढ़ गया, तो वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के निफ्टी इंडेक्स ने ओपनिंग के साथ ही 150  अंकों से अधिक की छलांग लगा दी. शुरुआती कारोबार के दौरान जहां लार्जकैप कंपनियों में Infosys, Tech Mahindra के शेयर सबसे तेज दौड़ लगाते हुए नजर आए.  सेंसेक्स-निफ्टी की तेज शुरुआत  शेयर मार्केट (Stock Market) में सोमवार को कारोबार की शुरुआत होने पर बीएसई का सेंसेक्स इंडेक्स अपने पिछले बंद 84,929.36 की तुलना में उछाल के साथ 85,000 के पार खुला और फिर अचानक तेज रफ्तार पकड़ते हुए 450 अंक से ज्यादा की उछाल के साथ 85,406 के लेवल पर कारोबार करता हुआ नजर आया और फिर कुछ मिनटों में ही ये 500 अंक से ज्यादा चढ़ गया. NSE Nifty ने भी सेंसेक्स से कदम से कदम मिलाकर कारोबार की शुरुआत की और अपने पिछले बंद 25,966 की तुलना में उछलकर 26000 के पार ओपन हुआ. इसके बाद इसमें भी तूफानी तेजी आई और ये इंडेक्स 150 अंक से ज्यादा की बढ़त लेकर 26,125 के लेवल पर जा पहुंचा.  खुलते ही रॉकेट बने ये 10 शेयर  शेयर मार्केट में तूफानी तेजी के बीच कुछ बड़ी कंपनियों के शेयर ओपनिंग के साथ ही रॉकेट बने नजर आए. BSE लार्जकैप में शामिल Infosys Share (2.20%), Tata Steel Share (1.50%) और Tech Mahindra Share (1.20%) की तेजी लेकर कारोबार कर रहे थे. इसके अलावा मिडकैप कैटेगरी में शामिल GVTD Share (10%), KEI Share (5%), SAIL Share (3.50%), National Ashok Leyland Share (2%) की उछाल के साथ ट्रेड कर रहे थे. स्मॉलकैप में देखें, तो यहां पर Spectrum Share (12%), QuadFuture Share (11.25%) और JWL Share (10%) की तेजी में था.  विदेशों से मिले थे Good Signal भारतीय शेयर बाजार में तेजी के लिए विदेशों से पहले ही पॉजिटिव सिग्नल मिल रहे थे. जहां बीते सप्ताह अमेरिकी शेयर मार्केट (US Stock Market) हरियाली देखने को मिली थी, तो वहीं सोमवार को लगभग सभी एशियाई बाजार तेज रफ्तार के साथ ओपन हुए. जापान का निक्केई (Japan Nikkei) 1.90% से ज्यादा की उछाल के साथ कारोबार कर रहा था, तो वहीं हांगकांग का Hangseng भी 80 अंक चढ़कर ट्रेड कर रहा था. इसके अलावा South Korea Kospi इंडेक्स 1.80% की बढ़त में था. बात Gift Nifty की करें, तो ये भी अपनी ओपनिंग के साथ ही ग्रीन जोन में बना हुआ था. 

रेल नेटवर्क का बड़ा विस्तार: महाराष्ट्र में 38 परियोजनाओं के लिए ₹89,780 करोड़ मंजूर

नई दिल्ली केंद्र ने महाराष्ट्र में रेल नेटवर्क बढ़ाने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने राज्य में 89,780 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली 38 प्रमुख रेलवे परियोजनाओं को मंजूरी दी है। रेल मंत्रालय के अनुसार, इन परियोजनाओं के तहत कुल 5,098 किलोमीटर लंबी पटरियों का निर्माण, गेज परिवर्तन और दोहरीकरण का कार्य किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में रेल नेटवर्क की क्षमता को बढ़ाना और ट्रेनों के परिचालन को सुगम बनाना है। स्वीकृत योजना में 11 नई रेलवे लाइनें, 2 गेज परिवर्तन और 25 दोहरीकरण या मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाएं शामिल हैं। रेल मंत्रालय के आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले कुछ वर्षों में रेलवे के बुनियादी ढांचे के लिए आवंटित धन में भारी वृद्धि हुई है। वर्ष 2009 से 2014 के बीच, औसत वार्षिक व्यय लगभग 1,171 करोड़ रुपये था। इसकी तुलना में, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए बजट आवंटन बढ़कर 23,778 करोड़ रुपये हो गया है, जो पिछली राशि से "20 गुना से अधिक" है। फंडिंग में इस वृद्धि का सीधा असर निर्माण कार्यों की गति पर पड़ा है। नई पटरियों को बिछाने की औसत गति, जो पहले 58.4 किलोमीटर प्रति वर्ष थी, अब बढ़कर 208.36 किलोमीटर प्रति वर्ष हो गई है। मुंबई लोकल और उपनगरीय नेटवर्क का कायाकल्प मुंबई के व्यस्त उपनगरीय नेटवर्क, जहां प्रतिदिन 3,200 लोकल ट्रेनों और 120 एक्सप्रेस ट्रेनों का संचालन होता है, के लिए भी विशेष अपग्रेड की घोषणा की गई है। क्षमता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए मुंबई शहरी परिवहन परियोजना के चरण II, III और IIIA को मंजूरी दी गई है। मुख्य विशेषताएं     सीएसएमटी और कुर्ला के बीच 5वीं और 6ठी लाइन का निर्माण।     हार्बर लाइन का गोरेगांव से बोरीवली तक विस्तार।     यात्री क्षमता बढ़ाने के लिए सरकार ने 12 डिब्बों वाली 238 नई ट्रेन रेक को मंजूरी दी है। 19,293 करोड़ रुपये की लागत वाली इन नई ट्रेनों में स्वचालित दरवाजे होंगे। बुलेट ट्रेन और फ्रेट कॉरिडोर पर अपडेट बहुप्रतीक्षित हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन परियोजना पर भी प्रगति हुई है। रेल मंत्रालय ने पुष्टि की है कि महाराष्ट्र में इस परियोजना के लिए "100% भूमि अधिग्रहण" पूरा हो चुका है, और वर्तमान में पुलों तथा अन्य संरचनाओं का निर्माण कार्य चल रहा है। इसके अतिरिक्त, माल ढुलाई को सुगम बनाने के लिए वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC), जो जेएनपीटी (JNPT) पोर्ट को दिल्ली क्षेत्र से जोड़ता है, पर भी काम जारी है। इस कॉरिडोर का 76 किलोमीटर लंबा हिस्सा (न्यू घोलवड से न्यू वैतरणा तक) पूरा हो चुका है और उपयोग में है। भविष्य की योजनाएं और सर्वेक्षण भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए, रेलवे विभाग ने 2022 से 2026 के बीच 98 नए सर्वेक्षण शुरू किए हैं। ये सर्वेक्षण 8,603 किलोमीटर की दूरी को कवर करते हैं, जिनका उद्देश्य महाराष्ट्र में नई रेलवे लाइनों और दोहरीकरण कार्यों की संभावनाओं को तलाशना है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि नई परियोजनाओं का चयन ट्रैफिक की मांग, राज्य सरकार के अनुरोध और उपलब्ध धन जैसे कारकों पर निर्भर करता है। वहीं, परियोजनाओं के पूरा होने की समय सीमा भूमि अधिग्रहण, वन मंजूरी और यूटिलिटी शिफ्टिंग जैसी प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।