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मंत्री रामविचार नेताम बोले- मनरेगा पर भ्रम फैलाने आ रहे सचिन पायलट

रायपुर. सरकार द्वारा मजदूरों के हित में चलाई जा रही मनरेगा योजना को बदलकर अब VB-G RAM G (विकसित भारत-रोजगार और आजीविका मिशन के लिए गारंटी) कर दिया गया है. कांग्रेस देशभर में इसका विरोध कर रही है. इसी कड़ी में आज कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट छत्तीसगढ़ दौरे पर आ रहे हैं. उनके आगमन को लेकर मंत्री रामविचार नेताम ने पायलट के दौरे पर तंज कसते हुए कहा कि “कांग्रेस विपक्ष में है, इसलिए उन्हें बैठक करने का अधिकार है, लेकिन कांग्रेस इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है और इसमें सफल नहीं होगी. सचिन पायलट सैर-सपाटा कर के चले जाएंगे, ईंधन की कमी होगी तो भरकर चले जाएंगे.” बता दें, कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट आज दोपहर 12.20 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे. इसके बाद वे दोपहर 1 बजे प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. दोपहर 2 बजे नव-नियुक्त जिला अध्यक्षों के साथ चर्चा होगी. इन बैठकों में मनरेगा बचाओ संग्राम आंदोलन की रूपरेखा पर मंथन किया जाएगा. पायलट शाम 5.55 बजे रायपुर से दिल्ली के लिए रवाना होंगे. मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि जी राम जी योजना से श्रमिक वर्ग को लाभ मिलेगा, जिन कार्यों को पहले शामिल नहीं किया जा पाता था, उन्हें अब जोड़ा गया है. सरकार पूरी कार्ययोजना के साथ काम कर रही है. धान खरीदी पर मंत्री रामविचार के बयान धान खरीदी को लेकर मंत्री नेताम ने कहा कि इस बार धान खरीदी पूरी तरह से व्यवस्थित तरीके से चल रही है. जहां-जहां समस्याएं सामने आ रही हैं, वहां अधिकारी समाधान कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि किसी भी तरह की दिक्कतों को 15 जनवरी तक दूर करने के निर्देश दिए गए हैं. सरकार किसानों का धान बिके, इसके लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है. वहीं, कांग्रेस द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को असम का ऑब्जर्वर बनाए जाने पर मंत्री रामविचार नेताम ने तंज कसते हुए कहा कि “जहां उनके पांव पड़ते हैं, वहां सफाया हो जाता है. असम में भी यही होगा.”

बांगलादेश में BNP नेता अजीजुर रहमान की हत्या, लोगों के भड़के विरोध के बाद सेना ने संभाला इलाका

ढाका  बांग्लादेश में चुनाव से पहले हिंसा में और तेजी आ रही है. ढाका में BNP नेता अजीजुर रहमान मुसब्बिर की गोली मारकर हत्या कर दी गई. मुसब्बिर ढाका मेट्रोपॉलिटन नॉर्थ स्वेच्छासेबक दल के महासचिव रह चुके थे, जो बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की स्वयंसेवी इकाई है. करवान बाजार में स्टार कबाब के पास एक गली में बेहद करीब से गोली मारी गई, जिससे मुसब्बिर की मौके पर ही मौत हो गई. बेहद करीब से मारी गई गोली पुलिस के अनुसार, सुपर स्टार होटल के पास, बशुंधरा सिटी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के नजदीक हमलावरों ने बेहद करीब से गोलियां चलाईं. ये इलाका भीड़भाड़ वाला व्यावसायिक क्षेत्र है. मौके पर ही मुसब्बिर की हालत गंभीर हो गई. गोलीबारी में एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ, जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. अधिकारियों के मुताबिक, घायल की हालत स्थिर है. ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के तेजगांव डिविजन के अतिरिक्त उपायुक्त फजलुल करीम ने स्थानीय मीडिया को बताया कि करवान बाजार में स्टार कबाब के पास एक गली में दो लोगों को गोली लगी थी. मुसब्बिर को पहले निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां बाद में उनकी मौत हो गई. उन्हें पेट में गोली लगी थी. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घायलों को पहले बीआरबी अस्पताल ले जाया गया, जिसके बाद एक को आगे के इलाज के लिए ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया. जांचकर्ताओं ने बताया कि हमलावरों ने कई राउंड फायरिंग की और फिर फरार हो गए. बुधवार सुबह तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी. मुसब्बिर पहले ढाका मेट्रोपॉलिटन नॉर्थ स्वेच्छासेबक दल के महासचिव रह चुके थे. स्वेच्छासेबक दल बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) की स्वयंसेवी इकाई है. उन्हें रात करीब 8.30 बजे (स्थानीय समय) ढाका के करवान बाजार इलाके में निशाना बनाया गया. पुलिस के मुताबिक हमला सुपर स्टार होटल के पास हुआ, जो बशुंधरा सिटी शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के नजदीक स्थित एक व्यस्त व्यावसायिक क्षेत्र है. शुरुआती जानकारी के अनुसार, हमलावरों ने बेहद करीब से गोलियां चलाईं, जिससे मुसब्बिर की मौके पर ही मौत हो गई. गोलीबारी में एक अन्य व्यक्ति भी घायल हुआ, जिसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया. अधिकारियों ने बताया कि घायल व्यक्ति की हालत स्थिर है. मुसब्बिर के पेट में गोली लगी ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के तेजगांव डिवीजन के अतिरिक्त उपायुक्त फजलुल करीम ने स्थानीय मीडिया को बताया कि करवान बाजार में स्टार कबाब के पास एक गली में दो लोगों को गोली मारी गई. करीम के अनुसार, मुसब्बिर को बाद में पंथपथ इलाके के एक निजी अस्पताल में मृत घोषित किया गया. उन्होंने बताया कि मुसब्बिर के पेट में गोली लगी थी. स्थानीय मीडिया के अनुसार, घायलों को पहले बीआरबी अस्पताल ले जाया गया था, जिसके बाद उनमें से एक को आगे के इलाज के लिए ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया. जांचकर्ताओं ने बताया कि हमलावर कई राउंड फायरिंग करने के बाद मौके से फरार हो गए. तलाशी अभियान शुरू सुरक्षा बलों ने हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया है. बुधवार सुबह तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई थी. यह हत्या ऐसे समय में हुई है, जब बांग्लादेश में हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं और 12 फरवरी को होने वाले मतदान से पहले आदर्श आचार संहिता लागू है. कुछ ही दिन पहले एक अलग घटना में जुबो दल के एक नेता को गोली मारी गई थी. इससे पहले 12 दिसंबर को भारत-विरोधी रुख के लिए चर्चित नेता उस्मान हादी की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. सड़कों पर तैनात हुई सेना इस गोलीकांड के बाद करवान बाजार इलाके में तनाव फैल गया. मंगलवार देर रात लोगों के एक समूह ने सार्क फाउंटेन चौराहे को जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया. करीब रात 10.30 बजे सेना के जवान मौके पर पहुंचे और सड़क खाली कराई, प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर किया और यातायात बहाल कराया. हालांकि बाद में प्रदर्शनकारी फिर लौट आए, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी और वाहनों को सावधानीपूर्वक गुजरने दिया. किसी भी तरह की आगे की अशांति को रोकने के लिए पुलिस और सेना की टुकड़ियां कई घंटों तक इलाके में तैनात रहीं. BNP नेता की मौत के बाद क्या है हाल? घटना के बाद करवान बाजार इलाके में तनाव फैल गया. देर रात कुछ लोगों ने सार्क फाउंटेन चौराहे पर सड़क जाम कर दी, जिससे यातायात ठप हो गया. रात करीब 10:30 बजे सेना के जवान मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को हटाकर रास्ता खुलवाया. हालांकि कुछ देर बाद प्रदर्शनकारी फिर लौट आए, जिसके बाद सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर दी और वाहनों को सावधानीपूर्वक गुजरने दिया. पुलिस और सेना की टुकड़ियां कई घंटों तक क्षेत्र में तैनात रहीं ताकि किसी भी नई अशांति को रोका जा सके. अधिकारियों ने कहा कि हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए तलाशी अभियान जारी है. गौरतलब है कि बांग्लादेश में इसी साल चुनाव होने वाले हैं. हाल के दिनों में बांग्लादेश में राजनीतिक हिंसा की घटनाएं बढ़ी हैं. कुछ दिन पहले एक जूबो दल नेता को भी गोली मारी गई थी, जबकि 12 दिसंबर को इंकलाब मंच के नेता उस्मान हादी की भी हत्या हो चुकी है. चुनाव से पहले बढ़ती हिंसा ने सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.

इंदौर के बोरिंग पानी में फीकल कोलीफॉर्म की मात्रा 350 से ज्यादा, हैजा और टाइफाइड के खतरे का अलर्ट

इंदौर इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों के बाद अब एक और डराने वाली सच्चाई सामने आई है. शहर के भागीरथपुरा इलाके में अंडरग्राउंड यानी बोरिंग के पानी में गंभीर प्रदूषण की पुष्टि हुई है. रिपोर्ट ने यह साबित कर दिया है कि यहां का बोरवेल पानी पीने लायक नहीं है और लोगों की सेहत के लिए बड़ा खतरा बन चुका है. जांच रिपोर्ट में क्या निकला पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए भागीरथपुरा इलाके की कुल 60 बोरिंग से सैंपल लिए गए थे. जांच में सामने आया कि इनमें से 35 सैंपल पूरी तरह फेल हो गए. सबसे गंभीर बात यह है कि बोरिंग के पानी में फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया पाया गया है, जो सीधे तौर पर मल-मूत्र से जुड़ा बैक्टीरिया होता है. मानकों के अनुसार पीने के पानी में फीकल कोलीफॉर्म की मात्रा 0 प्रतिशत होनी चाहिए, लेकिन जांच में अलग-अलग बोरिंग के पानी में यह मात्रा 84 से लेकर 350 के पार तक पाई गई. कितनी खतरनाक है यह स्थिति फीकल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया को बेहद खतरनाक माना जाता है. मेडिकल विशेषज्ञों के मुताबिक यह बैक्टीरिया हैजा, टाइफाइड और हेपेटाइटिस-A जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बन सकता है. खासतौर पर बच्चे, बुजुर्ग और कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों के लिए यह पानी जानलेवा साबित हो सकता है. नर्मदा के पानी तक फैल रहा प्रदूषण रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि भागीरथपुरा की बोरिंग का दूषित पानी नर्मदा के पानी को भी प्रभावित कर रहा था. यानी समस्या सिर्फ अंडरग्राउंड वॉटर तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर शहर की मुख्य जल आपूर्ति पर भी पड़ सकता है. इलाके में सैकड़ों बोरिंग, खतरा और बड़ा भागीरथपुरा क्षेत्र में 500 से ज्यादा सरकारी और निजी बोरिंग मौजूद हैं. जनवरी के पहले सप्ताह में आई इस रिपोर्ट ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है. सवाल यह है कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगी, तो इंदौर में पानी से जुड़ा यह संकट और कितना बड़ा रूप ले सकता है. वॉटर एक्सपर्ट का कहना है कि बोरिंग के पानी की नियमित जांच, सीवेज सिस्टम की मरम्मत और दूषित बोरिंग को तत्काल बंद करना बेहद जरूरी है. वरना इंदौर में पानी से होने वाली बीमारियों का खतरा और गहराता जाएगा.

भारत से हारने के बाद पाकिस्तान में विमानों की बिक्री में उछाल, IMF से भी अकड़ा कंगाल पाकिस्तान

इस्लामाबाद एयरलाइन बेचने, पेट्रोल की कीमतें बढ़ाने पर मजबूर हुआ पाकिस्तान अब कह रहा है कि उसे IMF के लोन की शायद आगे जरूरत न पड़े। इसके लिए पड़ोसी भारत के साथ युद्ध का हवाला दे रहा है। उसका कहना है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद उसके फाइटर जेट की डिमांड बढ़ गई है। खबरें हैं कि बांग्लादेश समेत कुछ देशों ने लड़ाकू विमान खरीदने में दिलचस्पी दिखाई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री आसिफ ख्वाजा कहना है कि भारत के साथ संघर्ष के बाद पाकिस्तान के रक्षा उपकरणों की मांग बढ़ी है। उन्होंने कहा कि इससे होने वाली कमाई के बाद पाकिस्तान की IMF पर निर्भरता खत्म हो सकती है। खास बात है कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान को भारत की कार्रवाई में भारी नुकसान उठाना पड़ा था। आसिफ का कहना है, 'हमारे एयरकार्फ्ट्स टेस्ट हो चुके हैं और हमें इतने ऑर्डर मिल रहे हैं कि हमें 6 महीनों में IMF की जरूरत ही नहीं पड़ेगी।' उन्होंने कहा, 'मैं आपको यह पूरे भरोसे से कह रहा हूं।' उन्होंने कहा, 'अगर 6 महीनों के बाद ये ऑर्डर पूरे हो गए, तो हमें IMF की जरूरत नहीं।' हालांकि, जानकार पाकिस्तान के इन दावों को खारिज करते नजर आ रहे हैं। यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब हाल ही में पाकिस्तान और बांग्लादेश ने एक बड़ी बैठक की थी। इस्लामाबाद में बांग्लादेश वायुसेना के एयर चीफ मार्शल हसन महमूद खान और पाकिस्तान वायुसेना के एयर चीफ मार्शल जहीर अहमद बाबर सिद्धू ने मीटिंग की थी। खबर है कि इस दौरान JF-17 Thunder एयरक्राफ्ट की संभावित बिक्री पर चर्चा हुई थी। ये देश दिखा रहे पाकिस्तान विमान खरीदने में दिलचस्पी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, JF-17 और J-10 जैसे लड़ाकू विमान खरीदने में कुछ देश दिलचस्पी दिखा रहे हैं। इनमें अजरबैजान, लिबिया और बांग्लादेश का नाम शामिल है। बांग्लादेश ने पाकिस्तान से जेएफ-17 थंडर लड़ाकू विमान खरीदने में रुचि दिखाई है। पाकिस्तानी सेना ने बुधवार को यह दावा किया। जेएफ-17 लड़ाकू विमान एक बहु-भूमिका वाला विमान है और इसे चीन तथा पाकिस्तान ने संयुक्त रूप से विकसित किया है। पाकिस्तान का दावा है कि इस लड़ाकू विमान ने मई 2025 में भारत के साथ चार-दिवसीय सैन्य संघर्ष के दौरान अपनी युद्ध क्षमताओं को साबित कर दिया है।

झारखंड शराब घोटाले में ACB ने गोवा से नवीन केडिया को किया गिरफ्तार

रांची. झारखंड में चर्चित शराब घोटाला मामले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की कार्रवाई लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में ACB को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। इस बहुचर्चित घोटाले से जुड़े प्रमुख आरोपियों में शामिल छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी नवीन केडिया को ACB ने गोवा से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद एजेंसी अब उसे ट्रांजिट रिमांड पर झारखंड की राजधानी रांची लाने की तैयारी कर रही है। सूत्रों के अनुसार, नवीन केडिया को रांची लाए जाने के बाद ACB कोर्ट में पेश किया जाएगा। इसके बाद एजेंसी उसे रिमांड पर लेकर शराब घोटाले से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर पूछताछ करेगी। ACB को उम्मीद है कि केडिया से पूछताछ के दौरान घोटाले से जुड़े नेटवर्क, लेन-देन और अन्य आरोपियों की भूमिका को लेकर कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं। गौरतलब है कि शराब घोटाला मामले में आरोपी बनाए जाने के बाद ACB ने नवीन केडिया को पूछताछ के लिए समन जारी किया था। एजेंसी ने उसे अपने समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया था, लेकिन केडिया ने समन की अनदेखी की और ACB के सामने पेश नहीं हुआ। इसके बाद ACB ने उसके खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की। मामले में घिरने के बाद नवीन केडिया ने ACB की विशेष अदालत में अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी। हालांकि, कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अग्रिम जमानत याचिका खारिज होने के बाद से ही केडिया ACB की नजरों में फरार चल रहा था। एजेंसी उसकी तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। ACB को गुप्त सूचना मिली थी कि नवीन केडिया गोवा में छिपा हुआ है। सूचना के सत्यापन के बाद ACB की टीम ने गोवा में कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद इस बात की पुष्टि हुई कि वह लंबे समय से जांच एजेंसियों से बचने की कोशिश कर रहा था। झारखंड शराब घोटाला राज्य के सबसे बड़े भ्रष्टाचार मामलों में से एक माना जा रहा है। इस मामले में पहले ही कई बड़े अधिकारियों, कारोबारियों और बिचौलियों के नाम सामने आ चुके हैं। ACB की जांच में यह आरोप है कि शराब नीति और टेंडर प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं की गईं, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ। ACB अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में इस मामले में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। नवीन केडिया की गिरफ्तारी को जांच के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि वह इस पूरे नेटवर्क की एक महत्वपूर्ण कड़ी बताया जा रहा है। ACB ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ उसकी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और इस मामले में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।

बिहार में मालिकों को राहत दें पुराने वाहनों की आएगी नई स्क्रैप नीति

पटना. बिहार में पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप (कबाड़) करने की नई नीति बनेगी। नई नीति में लोगों को और रियायत देने के लिए परिवहन विभाग पड़ोसी राज्यों की स्क्रैप पॉलिसी का अध्ययन कर रहा है। जल्द ही नई नीति को मूर्त रूप दिया जाएगा। मौजूदा नीति में पुराने गाड़ी मालिक अपने वाहनों को स्क्रैप नहीं करा रहे हैं। पड़ोसी राज्य झारखंड और उत्तर प्रदेश में बिहार के वाहन मालिक अपनी गाड़ियों को स्क्रैप कराकर वहीं नई गाड़ी खरीद रहे हैं। इससे बिहार को नुकसान उठाना पड़ रहा है। बिहार की स्क्रैप पॉलिसी 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को हटाने और प्रदूषण कम करने के लिए है। मौजूदा नीति 31 मार्च 2026 तक प्रभावी है। इस नीति के तहत स्क्रैप कराने पर नए वाहन खरीदते समय निजी वाहनों पर 25 फीसदी और व्यावसायिक वाहनों पर 15 फीसदी तक टैक्स में छूट दी जाती है। साथ ही पुराने बकाया टैक्स और जुर्माने पर 90-100 फीसदी तक माफी मिलती है। नीति का मकसद 15 साल से अधिक पुराने वाहनों को स्क्रैप करने के लिए प्रोत्साहित किया जाना है, ताकि प्रदूषण कम हो सके और सड़कों से अनुपयोगी वाहन हट सके। मगर बिहार में अब तक दो हजार वाहनों का भी स्क्रैप नहीं हो सका है, जबकि बिहार में 15 साल से अधिक पुराने वाहनों की संख्या 25 लाख से अधिक है। परिवहन विभाग ने 20 स्क्रैप सेंटर खोलने की मंजूरी दे दी है। स्क्रैप कराने के लिए वाहन मालिकों को सड़क एवं परिवहन राजमार्ग मंत्रालय की वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। पंजीकृत वाहन स्क्रैपिंग सुविधा केंद्र में ही पुराने वाहनों को स्क्रैप किया जाता है। फिर वाहन मालिक को एक स्क्रैप सर्टिफिकेट या निक्षेप प्रमाणपत्र दिया जाता है। इस सर्टिफिकेट के आधार पर वाहन मालिक नए वाहन के पंजीकरण के समय कर में छूट का दावा करते हैं। यूपी की स्क्रैप पॉलिसी में यह है प्रावधान उत्तर प्रदेश में 15 साल से ज्यादा पुराने सरकारी और 20 साल से ज्यादा पुराने निजी वाहनों को स्क्रैप करने पर 75 फीसदी तक टैक्स में छूट मिल रही है। नए वाहन की खरीद पर रोड टैक्स में छूट प्राइवेट वाहनों के लिए 25 फीसदी और कामर्शियल के लिए 15 फीसदी तक छूट मिलती है। नई नीति में यह हो सकता है नई स्क्रैप पॉलिसी में परिवहन विभाग वाहन मालिकों को और छूट देने पर विचार कर रहा है। खासकर इलेक्ट्रिक, सीएनजी और बैट्री वाहन खरीदने पर वाहन मालिकों को शत-प्रतिशत टैक्स और पंजीकरण में छूट दी जा सकती है। गाड़ियों का स्क्रैप कराने पर वाहन मालिकों को पुराने बकाया टैक्स और जुर्माने को भी माफ किया जा सकता है। 15 साल से अधिक पुरानी सरकारी गाड़ियों को अनिवार्य रूप से स्क्रैप किया जाएगा। जबकि निजी वाहन मालिकों को अधिकतम पांच साल के लिए ही रजिस्ट्रेशन बढ़ाने की सुविधा दी जा सकती है। झारखंड की स्क्रैप पॉलिसी में यह है प्रावधान झारखंड में 15 साल से पुराने सरकारी और कामर्शियल तथा 20 साल से पुराने निजी वाहन स्क्रैप के पात्र होते हैं। नए वाहन खरीदते समय रोड टैक्स पर 25 फीसदी तक की छूट (निजी) और 15 फीसदी तक (व्यावसायिक) छूट दी जाती है। वाहन निर्माताओं से पांच फीसदी तक की छूट है। पंजीकरण शुल्क माफ है।

हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष की प्रॉपर्टी डीलर के साथ फोटो पर यूथ कांग्रेस ने उठाए सवाल

चंडीगढ़. करनाल जिले के एक निजी विज्ञापन ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। प्रॉपर्टी डीलर के इस विज्ञापन में हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण और घरौंडा नगरपालिका के चेयरमैन हैप्पी लक गुप्ता की फोटो छापे जाने के बाद विवाद गहराता जा रहा है। यूथ कांग्रेस ने विज्ञापन को सवालों के घेरे में बताया प्रॉपर्टी डीलर पिंटू राणा के निजी विज्ञापन में भाजपा नेताओं की तस्वीरें छपने को लेकर यूथ कांग्रेस जिला ग्रामीण अध्यक्ष रजत लाठर ने कड़ा एतराज जताया है। उन्होंने कहा कि आज अखबारों में विज्ञापनों में विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण और नगरपालिका चेयरमैन हैप्पी लक गुप्ता की फोटो नजर आ रही है। वह दिन भी दूर नहीं होगा जब प्रॉपर्टी डीलरों के दफ्तरों के बाहर लगे बैनरों पर भी भाजपा नेताओं की तस्वीरें दिखाई देगी। लाठर ने सवाल उठाया कि क्या इस तरह के विज्ञापनों के जरिए जनता के बीच यह संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि नेताओं का संरक्षण प्रॉपर्टी डीलरों को हासिल है। उन्होंने आरोप लगाया कि घरौंडा क्षेत्र में चारों तरफ अवैध कॉलोनियां कट रही हैं और यह किसी से छिपा नहीं है। ऐसे माहौल में प्रॉपर्टी डीलरों द्वारा भाजपा नेताओं की फोटो का इस्तेमाल करना अपने आप में कई सवाल खड़े करता है। शुभकामनाओं के अवसर पर प्रकाशित जिस विज्ञापन को लेकर विवाद खड़ा हुआ है, वह 31 दिसंबर को नववर्ष की शुभकामनाओं के अवसर पर प्रकाशित किया गया था। इस विज्ञापन में संबंधित प्रॉपर्टी डीलर पिंटू राणा ने अपना नाम और फोटो प्रमुखता से छापी थी। इसके साथ ही हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण और घरौंडा नगरपालिका चेयरमैन हैप्पी लक गुप्ता की फोटो भी लगाई गई थी। इन तस्वीरों के नीचे रिंग रोड और मेडिकल यूनिवर्सिटी की फोटो लगाकर यह संदेश दिया गया था कि घरौंडा विधानसभा क्षेत्र में विकास के कदम बढ़ रहे हैं। प्रोपर्टी डीलर के विज्ञापन में हरविंद्र कल्याण और हैप्पी लक गुप्ता के फोटो को लेकर यूथ कांग्रेस ने सवाल उठाए। बीजेपी कार्यकर्ताओं की तीखी प्रतिक्रिया नगरपालिका चेयरमैन हैप्पी लक गुप्ता ने एक फेसबुक पेज की पोस्ट को शेयर किया है। जिसमें लिखा है विस अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण की फोटो लगाकर लगाकर प्रॉपर्टी डीलर ने उनके नाम का इस्तेमाल करने का प्रयास किया है। घरौंडा बीजेपी यूथ अध्यक्ष अंकित जैन ने लिखा-हरविंदर कल्याण जी जैसे ईमानदार नेता की छवि को धूमिल करना कांग्रेसियों की उस मक्खी जैसी सोच को दर्शाता है, जो सारे खूबसूरत जहां को छोड़कर गंदगी के ढेर पर बैठी है, कुछ तो शर्म करो कांग्रेसियों मैं हरविंदर कल्याण को निजी तौर पर जानता हूं, प्रॉपर्टी डीलर से उनका दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है, विपक्ष की ऐसी घटिया राजनीति पर थूकता हूं।

CM मान बोले- पेशी का लाइव टेलीकास्ट में लाउंगा गोलक का हिसाब-किताब

चंडीगढ़. पंजाब में लाखों लोगों का पैसा बैंक खातों, एफडी, पीएफ, शेयर और बीमा पॉलिसियों में पड़ा हुआ है, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं है। अनुमान के मुताबिक, 10 साल या उससे ज्यादा समय तक दावा न किए जाने के कारण 3100 करोड़ रुपये से अधिक रकम RBI के पास चली गई है। यह पैसा सिर्फ आज की पीढ़ी का ही नहीं, बल्कि माता-पिता, दादा-दादी और पुराने जमाने के खातों से जुड़ा भी हो सकता है। इसमें वे लोग भी शामिल हैं जो विदेश में चले गए हैं। पंजाब के कई जिलों में बहुत बड़ी रकम अनक्लेम्ड पड़ी है। सबसे ज्यादा अनक्लेम्ड पैसा जालंधर जिले में बताया जा रहा है। यहां 10 लाख से ज्यादा लोगों का करीब 593 करोड़ रुपये भूला हुआ है। इसके बाद लुधियाना में 10 लाख से ज्यादा लोगों का लगभग 485 करोड़ रुपये बिना दावे के है। अमृतसर में 7 लाख से ज्यादा लोगों का करीब 280 करोड़ रुपये पड़ा है। होशियारपुर में 5 लाख से ज्यादा लोगों के लगभग 237 करोड़ रुपये और पटियाला में 5 लाख से ज्यादा लोगों के करीब 199 करोड़ रुपये अनक्लेम्ड हैं। इसी तरह पंजाब के हर जिले में अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। पूरे पंजाब में करीब 83 लाख ऐसे बैंक और वित्तीय खाते हैं, जिनमें पैसा तो है, लेकिन अभी तक उसे लिया नहीं गया है। इसके पीछे कई आम वजहें हैं—पुराने खाते याद न रहना, नौकरी बदलने के बाद पीएफ न निकालना, बीमा पॉलिसी की जानकारी परिवार को न होना या बुजुर्गों के निधन के बाद खाते बंद न कराना। इस परेशानी को दूर करने के लिए RBI ने UDGAM नाम का एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया है। इस पोर्टल पर जाकर कोई भी व्यक्ति आसानी से यह जांच सकता है कि उसके नाम से कोई अनक्लेम्ड पैसा है या नहीं। इसके लिए RBI की UDGAM वेबसाइट पर जाकर अपना नाम और जरूरी जानकारी भरनी होती है। अगर आपके नाम से कोई पैसा बिना दावे के होगा, तो वह स्क्रीन पर दिख जाएगा। इसके बाद संबंधित बैंक में जरूरी कागजात जमा करके पैसा आसानी से लिया जा सकता है। हो सकता है कि सिर्फ एक छोटी सी ऑनलाइन जांच से आपके या आपके परिवार का सालों पुराना भूला हुआ पैसा वापस मिल जाए।पंजाब के CM भगवंत मान ने श्री अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज से अपील की कि 15 जनवरी को जब वह अकाल तख्त पर पेश हों तो सभी चैनलों पर उसका लाइव टेलीकास्ट किया जाए। मान ने सोशल मीडिया X पर लिखा- पूरी दुनिया से मुझे संदेश आ रहे हैं कि 15 जन मैं भी दुनिया भर की संगत की भावना को समझते हुए जत्थेदार को विनती करता हूं कि मेरे स्पष्टीकरण का सीधा प्रसारण किया जाए। ताकि संगत पल-पल और पैसे के हिसाब–किताब से जुड़ी रहे। मिलते हैं जी 15 जनवरी को, सबूतों समेत। मान के इस बयान पर SGPC मेंबर गुरचरण सिंह ग्रेवाल ने कहा कि अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने कोई चीज महसूस की हाेगी। जनता के बीच एतराज आया, इसलिए मुख्यमंत्री को बुलाया। इस मामले को राजनीतिक रंग नहीं दिया जाना चाहिए। इसका कारण दुनिया को पता है, जो दस्तावेज अकाल तख्त जाएंगे, वह ऐतिहासिक होंगे। अकाल तख्त पर जा रहे हो तो शर्तें न लगाई जाएं। पंजाब CM मान की सोशल मीडिया पोस्ट… CM मान को अकाल तख्त पर तलब क्यों किया जा रहा… यह विवाद पंजाबी सिंगर जसबीर जस्सी के शबद गायन के बाद शुरू हुआ। जिसमें जस्सी के शबद गायन पर अकाल तख्त जत्थेदार ने एतराज जताया था। उनका कहना था कि जस्सी पूर्ण सिख नहीं हैं, इसलिए वह शबद गायन नहीं कर सकते। इस पर सीएम मान ने कहा कि अगर ऐसा है तो फिर पतित सिखों के माथा टेकने और गोलक में पैसे डालने पर भी रोक लगा दो। अकाल तख्त जत्थेदार ने वीडियो, टिप्पणियों पर जताई थी नाराजगी सीएम भगवंत मान के बयानों के बाद अकाल तख्त जत्थेदार ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि गुरुओं के दशवंध के सिद्धांत से जुड़ी गुरु की गोलक के बारे में टिप्पणी आपत्तिजनक है। जत्थेदार ने बरगाड़ी और मौड़ के बेअदबी व बम धमाके के केसों में कार्रवाई न होने पर भी नाराजगी जाहिर की। इसके अलावा जत्थेदार ने एक वीडियो को लेकर भी आपत्ति जताई कि सीएम मान गुरुओं और संत जरनैल सिंह भिंडरावाले की तस्वीरों के साथ आपत्तिजनक हरकतें कर रहे हैं। इसको लेकर मान को 15 जनवरी को अकाल तख्त के सचिवालय में पेश होने को कहा है। CM मान ने कहा था- नंगे पैर पेश होने जाऊंगा जत्थेदार के तलब करने के बाद सीएम भगवंत मान ने कहा कि वह विनम्र सिख की तरह अकाल तख्त पर पेश होने जाएंगे। इस दौरान सीएम ने उसी दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के कार्यक्रम में न जा पाने के बारे में भी जानकारी दी थी। CM मान ने कहा था- श्री अकाल तख्त साहिब से आया हुक्म सिर-मत्थे, दास मुख्यमंत्री नहीं बल्कि एक विनम्र सिख की तरह नंगे पैर चलकर हाजिर होगा। 15 जनवरी को राष्ट्रपति गुरुनानक देव यूनिवर्सिटी अमृतसर में कान्फ्रेंस में हिस्सा लेने के लिए आ रही हैं, उस दिन के लिए माफी मांगता हूं।

राजनांदगांव बना समर्थन मूल्य पर सोयाबीन खरीदी करने वाला पहला जिला

राजनांदगांव. 7 जनवरी की स्थिति में पूरे राज्य से केवल राजनांदगांव जिले द्वारा समर्थन मूल्य पर सोयाबीन खरीदी करते हुए प्रदेश में पहला जिला बनने का गौरव प्राप्त किया है. प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के तहत समर्थन मूल्य पर खरीफ में सोयाबीन, अरहर, उड़द तथा मूंग फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी करने हेतु राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना जारी करते हुए जिले में इस प्रकार के 15 उपार्जन केंद्र चिन्हित किए गए हैं. साथ ही समस्त उपज कृषक उत्पादक संगठन सहकारी समितियों को उपार्जन केंद्र के रूप में अधिसूचित किया गया है. राज्य सरकार द्वारा नाफेड के माध्यम से जिले में खरीफ दलहन तिलहन फसलों की खरीदी जा रही है. जिसके लिए समर्थन मूल्य पहले ही जारी किया जा चुका है. जिसके अनुसार सोयाबीन 5328 रुपये प्रति क्विंटल, मूंग 8768 रु, उड़द 7800 रु, अरहर 8000 रु प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है. साथ ही उपार्जन सीमा भी निर्धारित किया गया है जिसके अनुसार सोयाबीन 5 क्विंटल प्रति एकड़ तथा उड़द, अरहर एवं मूंग तीन क्विंटल प्रति एकड़ निर्धारित किया गया है. प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान के तहत समर्थन मूल्य पर खरीफ में सोयाबीन, अरहर, उड़द तथा मूंग फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी करने हेतु राज्य सरकार द्वारा अधिसूचना जारी कर राज्य भर में अलग-अलग सेवा सहकारी समितियां को उपार्जन केंद्र का दर्जा दिया गया है। जिले में इस प्रकार के 15 उपार्जन केंद्र का चिन्हांकन किया गया है, साथ ही स्वर्ण उपज कृषक उत्पादक संगठन सुकुलदैहान को उपार्जन केंद्र के रूप में अधिसूचित किया गया है। राज्य सरकार द्वारा नाफेड (भारतीय राष्ट्रीय कृषि सहकारी विपणन संघ) के माध्यम से जिले में खरीफ दलहन, तिलहन फसलों की खरीदी की जा रही है। जिसके लिए समर्थन मूल्य पहले ही जारी किया जा चुका है। जिसके अनुसार सोयाबीन रूपए 5328 रूपए प्रति, मूंग 8768 रूपए, उड़द 7800 रूपए, अरहर 8000 रूपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। साथ ही उपार्जन की मात्रा भी तय की गई है। जिसके अनुसार सोयाबीन 5 क्विंटल प्रति एकड़ तथा उड़द, अरहर एवं मूंग तीन क्विंटल प्रति एकड़ निर्धारित किया गया है। अब तक पूरे राज्य में केवल राजनंदगांव जिले द्वारा प्राइस सपोर्ट स्कीम की शुरूआत करते हुए किसान हेमंत कुमार नायक एवं विनोद वर्मा से स्वर्ण उपज बहुउद्देशीय कृषक उत्पादक संगठन सुकुलदैहान उपार्जन केंद्र में 5 क्विंटल सोयाबीन की खरीदी की गई। जिसकी कुल 26640 रूपए होती है। आने वाले दिनों में और अधिक मात्रा में जिले के किसानों द्वारा अरहर, मूंग, उड़द एवं सोयाबीन की फसल का उपार्जन समितियों में किया गया। उपसंचालक कृषि टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि नाफेड द्वारा समृद्धि पोर्टल जो कि एकीकृत किसान पोर्टल से लिंक के माध्यम से ऑनलाइन खरीदी कर दलहन, तिलहन फसलों का उपार्जन किया जा रहा है। जिससे किसानों को समर्थन मूल्य का सीधा लाभ उनके बैंक अकाउंट में प्राप्त होगा। आने वाले वर्षों में यह दलहन, तिलहन क्षेत्र विस्तार हेतु महत्वपूर्ण योजना बनाकर उभरेगा।

इंदौर महापौर के खिलाफ संघ का एक्शन, दूषित पानी की त्रासदी पर कलेक्टर के साथ हुई बैठक

इंदौर  दूषित पानी से 18 मौतों के साथ अब तक उल्टी-दस्त के 3200 मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें सबसे ज्यादा बच्चे-बुजुर्ग और महिलाएं हैं। यह त्रासदी नगर निगम के अफसर और जनप्रतिनिधियों की रोज की लापरवाह कार्यशैली से हुई। भागीरथपुरा में जर्जर सप्लाई लाइन को नई में बदलने के लिए एमआइसी में प्रस्ताव पास होने से लेकर वर्क ऑर्डर देने में ही काफी देरी हुई। इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा और महापौर पुष्यमित्र भार्गव बुधवार देर रात राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यालय पहुंचे। संघ से जुड़े सूत्रों ने बताया कि दोनों से भागीरथपुरा में दूषित पानी से मौतों और प्रशासनिक तालमेल को लेकर बात की गई। अफसरों पर काम न करने आरोप लगाने वाले महापौर की लेटलतीफी नगरीय विकास एसीएस संजय दुबे की बैठक में अफसरों पर काम न करने आरोप लगाने वाले महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने ही इस फाइल पर 67 दिन बाद हस्ताक्षर किए थे। दूसरे मामले में टेंडर की फाइल बनाने में 7 माह लगा दिए। वर्क ऑर्डर भी दिए तो लेटलतीफी ऐसी कि 10 माह में पूरा होने वाला काम 35 माह में पूरा नहीं हुआ। इधर, आरएसएस ने बुधवार शाम महापौर भार्गव व कलेक्टर शिवम वर्मा को तलब किया। संघ कर्यालय में डेढ़ घंटे मालवा प्रांत प्रचारक राजमोहन सिंह ने बैठक ली। बताते हैं, संघ पदाधिकारियों ने उचित व्यवस्थाएं बनाने पर जोर दिया। दोनों की क्लास भी लगाई। सूत्रों ने यह भी बताया कि संघ के मालवा प्रांत प्रचारक राजमोहन ने कलेक्टर और महापौर से करीब डेढ़ घंटे तक वन-टू-वन चर्चा की। सूत्रों के मुताबिक, मामला संभाल नहीं पाने पर महापौर को कड़ी फटकार भी लगी है। महापौर भार्गव, रामबाग स्थित नए संघ कार्यालय 'सुदर्शन' सरकारी गाड़ी से पहुंचे थे। उन्हें छोड़ने के बाद शासकीय वाहन वापस रवाना हो गया था। बैठक खत्म होने के बाद वे अपने निजी वाहन से लौटे। बैठक से बाहर आने के बाद महापौर भार्गव ने  कहा- मैं संघ कार्यालय आता रहता हूं। आज भी सहज ही आया था। इंदौर की छवि को ठीक करना प्राथमिकता सूत्रों ने बताया कि बैठक में यह बात भी हुई है कि भविष्य में इस तरह की घटना न हो और प्रशासनिक तालमेल की कमी की बात भी नहीं उठे। सभी अधिकारी निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की बातों को सुनें और उनके साथ तालमेल बैठाते हुए काम करें। चर्चा का फोकस इस बात पर रहा कि अब इंदौर की छवि को स्वच्छ करना है। पहली प्राथमिकता है कि भागीरथपुरा में हालात ठीक हो जाएं। यहां हर जरूरतमंद तक पहुंचा जाए। बीमारों के इलाज में किसी तरह की कोताही न हो। तारीखें बता रहीं जिम्मेदारों की करतूत भागीरथपुरा में गंदे पानी की समस्या आने पर 25 नवंबर 2022 को नगर निगम की एमआइसी बैठक में 106 क्रमांक संकल्प पारित हुआ। इसमें भागीरथपुरा में नर्मदा पाइप लाइन बिछाने और नए कनेक्शन के लिए मालवा इंजीनियरिंग का चयन किया गया। प्रस्ताव पास होने के बाद ये फाइल अचानक गायब हो गई। बताते हैं, यह परिषद कार्यालय में ही रखी रही। करीब 67 दिन बाद 30 जनवरी 2023 को महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस पर हस्ताक्षर किए। इसी तारीख में तत्कालीन आयुक्त ने दस्तखत किए। इसके चौथे दिन तत्कालीन अपर आयुक्त ने 3 फरवरी को हस्ताक्षर किए। तब जलकार्य समिति ने काम ठेकेदार को सौंपा। टेंडर की शर्तों के अनुसार, काम 10 माह में पूरा होना था। लेकिन अब तक इस वार्ड में काम पूरा नहीं हो सका। नई लाइन.. दूसरे प्रकरण में भी निगम की लापरवाही शहर के भागीरथपुरा में नई लाइन बिछाने के लिए 12 नवंबर 2024 को टेंडर के लिए फाइल बनाई। 7 माह बाद 30 जुलाई 2025 को टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई। टेंडर प्रक्रिया पूरे होने के महीनों बाद भी वर्क आर्डर जारी नहीं हुआ   अव्वल दर्जे की लापरवाही – 22 जुलाई 2022 को आयुक्त ने नई पाइपलाइन डालने का प्रस्ताव बनाया – 25 नवंबर 2022 को एमआइसी में प्रस्ताव पास – 30 जनवरी 2023 को महापौर ने किए हस्ताक्षर – 30 जनवरी को ही आयुक्त कार्यालय ने मुहर लगाई – 03 फरवरी 2023 अपर आयुक्त कार्यालय से प्रस्ताव पर लगी मुहर कलेक्टर ने साधी चुप्पी, महापौर भार्गव बोले बैठक सामान्य थी संघ ने दूषित पानी से हुई घटना पर चिंता जताई है। इसी वजह से महापौर, कलेक्टर संघ दफ्तर पहुंचे। बताते हैं, दोनों की संघ पदाधिकारियों ने क्लास भी लगाई। बीते दिनों प्रशासनिक मतभेद का मामला भी सुर्खियों में रहा था, इस पर भी चर्चा हुई। संघ की आंतरिक रिपोर्ट भी बन रही है। आगे इसका महापौर और प्रशासनिक अफसरों पर असर देखने को मिल सकता है।