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सेवानिवृत्ति पर न्यायाधीश की दो टूक— ‘कर्तव्य के समय मौन भी गुनाह है’

मुंबई बॉम्बे हाईकोर्ट में बुधवार को जस्टिस महेश एस सोनक के लिए आयोजित विदाई समारोह में भावुक माहौल बन गया। जस्टिस सोनक ने इस दौरान वकीलों को संबोधित करते हुए न्यायपालिका पर कई अहम बातें कहीं हैं। फेयरवेल के दौरान जस्टिस सोनक ने कहा कि जब बोलने की जिम्मेदारी हो और तब भी चुप रहा जाए, तो यह अपराध के समान है। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसी चुप्पी को संस्थान के लिए भूलना और माफ करना बेहद कठिन होता है।   गौरतलब है कि जस्टिस सोनक इस सप्ताह के अंत में झारखंड हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस का पद संभालने जा रहे हैं। वह झारखंड हाईकोर्ट के मौजूदा चीफ जस्टिस तारलोक सिंह चौहान के रिटायर होने के बाद यह जिम्मेदारी संभालेंगे। बुधवार को बॉम्बे हाईकोर्ट की प्रिंसिपल सीट के सेंट्रल कोर्टरूम में उनके लिए विदाई समारोह का आयोजन किया गया था। 'बार की चुप्पी को माफ करना बहुत मुश्किल' मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अपने संबोधन में जस्टिस सोनक ने कहा कि जजों को अपने कर्तव्य का पालन करने के लिए तारीफ की जरूरत नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अमेरिकी न्यायविद ओलिवर वेंडेल होम्स का हवाला देते हुए कहा कि अक्सर लोग आलोचना से बचकर तारीफ में डूब जाना पसंद करते हैं, जबकि गलत रास्ते पर जाने वाले जज को सुधारना कहीं ज्यादा जरूरी और अहम होता है। जस्टिस सोनक ने आगे कहा कि इसी जगह पर बार की बड़ी जिम्मेदारी शुरू होती है। उन्होंने दोहराया कि जहां बोलना जरूरी हो, वहां चुप रहना अपराध है। उन्होंने कहा कि संस्थान अपने दुश्मनों के अपमान को तो भूल सकता है, लेकिन अपने असली रक्षक यानी बार की चुप्पी को भूलना और माफ करना बहुत मुश्किल होता है। कौन हैं जस्टिस सोनक? जस्टिस एम एस सोनक बॉम्बे हाईकोर्ट के दूसरे सबसे वरिष्ठ जज रहे हैं। उनका जन्म 28 नवंबर 1964 को हुआ था। उन्होंने गोवा के पणजी स्थित एमएस कॉलेज ऑफ लॉ से एलएलबी की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद साल 1988 में उन्होंने वकालत शुरू की और बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच में प्रैक्टिस की। इस दौरान उन्होंने सिविल, संवैधानिक, लेबर, सर्विस, पर्यावरण और टैक्स से जुड़े मामलों की पैरवी की। वह राज्य सरकार और वैधानिक निगमों के स्पेशल काउंसल भी रहे। 21 जून 2013 को उन्हें एडिशनल जज नियुक्त किया गया। गोवा बेंच में वरिष्ठ प्रशासनिक जज रहते हुए उन्होंने सार्वजनिक रूप से लिविंग विल रजिस्टर कराई और अंगदान का संकल्प लिया। अहम फैसले पद पर रहते हुए जस्टिस सोनक ने कई अहम फैसले सुनाए। इन फैसलों में पोरवोरिम पुलिस स्टेशन के कांस्टेबलों द्वारा एक वकील पर कथित हमले के मामले में स्वत संज्ञान लेना भी शामिल है। वहीं पिछले साल जुलाई में जस्टिस सोनक की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा था कि मुंबई का विकास जरूरी है, लेकिन यह ऐतिहासिक और विरासत वाली इमारतों की सुरक्षा को नजरअंदाज करके नहीं किया जा सकता।

जनगणना 2027 का पहला चरण 1 अप्रैल से शुरू, कई घरों वाले क्या करेंगे, जानें पूरी प्रक्रिया

नई दिल्ली 7 जनवरी 2026 को केंद्रीय सरकार ने भारतीय जनगणना2026 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. ये दो चरणों में होगा. पहले चरण में 1 अप्रैल देशभर में मकानों को लिस्ट में दर्ज किया जाएगा. ये काम केंद्र सरकार के रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त आफिस के जरिए होगा. इस सर्वे को लेकर कई सवाल लोगों की जेहन में हो सकता है जैसे मकान में आकर क्या क्या पूछा जाएगा. अगर आपके कई मकान हैं तो उसका क्या असर होगा. अगर आप किराएदार हैं तो मकान दर्ज करने आए कर्मचारी क्या जानेंगे. भारत का रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त हर बार जनगणना का काम करता है. इस बार भी यही विभाग ये काम करेगा. ये विभाग गृह मंत्रालय के अधीन काम करता है. इसमें ये ना केवल योजना बनाता है बल्कि डेटा जुटाता है और इसको प्रोसेस भी करता है. इससे संबंधित ट्रेनिंग और पब्लिकेशन का काम भी उसका है. इसका विभाग के मौजूदा आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण हैं. यह कार्यालय 1950 के दशक से स्थायी रूप से अस्तित्व में है. इसमें राज्य स्तर के निदेशालय मिलकर काम करते हैं. 2027 की जनगणना में कई नई चीजें और कई नई बातें शामिल की जा रही हैं. जैसे ये जनगणना डिजिटल होगी. इसमें ऐप, सेल्फ-एनुमरेशन और जाति गणना शामिल है. सवाल – जनगणना 2027 का नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है. इसके पहले दौर में क्या होगा. जिसे हाउस लिस्टिंग ज्यादा कहा जा रहा है? – भारत की जनगणना एक बड़ी प्रशासनिक और सांख्यिकीय प्रक्रिया है, जो हर 10 साल में होती है. हालांकि इस बार ये 5-6 साल के विलंब से हो रही है. इसकी वजह COVID-19 महामारी रही. पहला चरण हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना का होगा, जो 1 अप्रैल से 30 सितंबर 2026 तक चलेगी. दूसरा चरण जनसंख्या गणना का होगा, जो फरवरी 2027 में होगा. इस काम में पूरे देश में 30 लाख लोगों को काम में लगाया जाएगा. सवाल – क्यों आपका घर पहले दौर में दर्ज होगा? – पहले चरण का फोकस घरों की सूची बनाना है, ताकि दूसरे चरण में जनसंख्या गणना के लिए एक मजबूत फ्रेमवर्क तैयार हो सके. इससे पता चलता है कि देश में कितने घर हैं, उनकी स्थिति कैसी है. वहां कौन-कौन सी सुविधाएं उपलब्ध हैं. इस चरण में घर को लिस्ट में दर्ज करने के साथ घर की स्थिति यानि कच्चा या पक्का, सुविधाएं यानि जल, बिजली, शौचालय आदि दर्ज होंगी. फिर इसी के साथ ये भी दर्ज होगा कि आपके पास घर में कौन सी संपत्तियां हैं यानि टीवी, कार आदि. ये डेटा सरकार को नीतियां बनाने में मदद करता है, जैसे गरीबी उन्मूलन, आवास योजनाएं और संसाधनों का वितरण. सवाल – क्या जनगणना राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर का काम भी करेगा? – हां, ऐसा ही होगा. ये राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) को अपडेट करने में भी मदद करेगा. बिना घरों की सूची के, जनसंख्या गणना अधूरी रह जाएगी, इसलिए ये घर घर जाकर की जाएगी. सवाल – पहले दौर में क्या-क्या होगा? – जनगणना कर्मचारी आपके घर आएंगे. उनके साथ सवालों की एक लिस्ट होगी, ये आपके घर से संबंधित जानकारियों को हासिल करने के लिए होगी. ये काम 30 दिनों के भीतर पूरा होना है. इस बार सरकार हर किसी को भी ये विकल्प दे रही है कि वो अपने घर की जानकारी खुद आनलाइन भर सकें. ये सुविधा जनगणना साइट पर 15 मार्च से उपलब्ध हो जाएगी. आप Census ऐप या पोर्टल (https://se.census.gov.in/) पर जाकर रजिस्टर कर सकते हैं. जनगणना कर्मचारी और अधिकारी टैबलेट या ऐप से डेटा भरेंगे, जो रियल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए सेंट्रल पोर्टल पर अपलोड होगा. इससे डेटा की गुणवत्ता बेहतर होगी. सवाल – जब जनगणना स्टाफ आपके घर आएगा तो क्या जानकारी लेगा? – घर कैसा है. पक्का/कच्चा, कितने कमरे. मालिकाना हक – किराए का या अपना या किसी और का. अगर घर खाली है, तो उसे ‘वैकेंट’ के रूप में नोट किया जाएगा. ये भी देखा जाएगा कि घर का उपयोग आवासीय है या व्यावसायिक या फिर मिक्स्ड. सुविधाएं – पीने का पानी, बिजली, शौचालय, किचन, ईंधन (गैस, लकड़ी). संपत्तियां – टीवी, फ्रिज, कार, बाइक, इंटरनेट आदि. सवाल – पहले चरण की जनगणना में क्या नहीं होगा? – इस चरण में व्यक्तिगत जनसंख्या डेटा नहीं ली जाएगी. मसलन आपका या परिवार के लोगों का नाम, उम्र, लिंग. ये काम दूसरे चरण में होगा. सवाल – जिनके पास कई घर हैं, उनका क्या होगा? – जनगणना का ये पहला चरण केवल घरों की गिनती कर रहा है ना कि मालिकों की गिनती. अगर आपके पास कई घर हैं तो हर घर को अलग-अलग सूचीबद्ध किया जाएगा. अगर किसी ने अपने घर को किराए पर उठा दिया है तो किराएदार की जानकारी ली जाएगी. अगर खाली है तो उसे वैकेंट मार्क किया जाएगा लेकिन फिर भी उसकी सुविधाओं का डेटा तो लिया ही जाएगा. कई घर होना कोई समस्या नहीं है. जनगणना टैक्स या संपत्ति जांच के लिए नहीं है. आपका डेटा केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल होगा, न कि व्यक्तिगत जांच के लिए. सवाल – आपके घर कौन आएगा? – जनगणना के लिए राज्य सरकार या स्थानीय प्रशासन के नियुक्त कर्मचारी. ये ज़्यादातर शिक्षक, पटवारी, आंगनवाड़ी सुपरवाइज़र, नगर निगम, पंचायत के कर्मचारी होते हैं. इनके पास सरकारी पहचान पत्र, जनगणना का ऑथराइजेशन लेटर होगा. आपको उनकी ID देख लेने का पूरा हक़ होगा. सवाल – अगर आप सहयोग नहीं करें तो क्या होगा? – जनगणना संविधानिक और कानूनी प्रक्रिया है. जानबूझकर गलत जानकारी देना या पूरी तरह मना करना दंडनीय है और जनगणना अधिनियम, 1948 के तहत अपराध है. अगर आपने असहयोग किया तो जुर्माना लगाया जा सकता है. सवाल – क्या जनगणना का डेटा “कानूनी दस्तावेज” होता है? -नहीं. जनगणना कतई कानूनी दस्तावेज नहीं होती. आप जनगणना की एंट्री दिखाकर यह नहीं कह सकते कि सरकार ने मान लिया है कि मैं यहीं का निवासी हूं. इसमें कोई दस्तावेज़ सत्यापन के लिए नहीं होता. सवाल – फिर जनगणना किस तरह कानूनी या सरकारी कामों में काम आती है? – नीति और कानून बनाने में. लोकसभा/विधानसभा सीटों के परिसीमन में. नगर निकायों और पंचायतों की सीमा तय करने में. आरक्षण आंकड़ों में. सवाल – अगर जनगणना वाले घर आए … Read more

“ट्रंप को जाना होगा…” मिनेसोटा में महिला की हत्या के बाद अमेरिका में उबाल, प्रदर्शन तेज

वाशिंगटन अमेरिका में एक महिला की हत्या ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ विरोध-प्रदर्शनों को भड़का दिया है. ट्रंप को जाना होगा…ICE हमारे राज्य से बाहर जाओ… जैसे नारे लिखी तख्तियां लेकर हजारों लोग सड़कों पर उतर आए हैं और आव्रजन और सीमा शुल्क विभाग (ICE) को राज्य से बाहर करने की मांग कर रहे हैं. एक आईसीई अधिकारी ने मिनेसोटा राज्य के मिनियापोलिस शहर में एक महिला की गोली मारकर उसकी हत्या कर दी थी जिसके बाद से ही पूरे राज्य के लोगों में भारी गुस्सा है. अमेरिकी महिला की हत्या राष्ट्रपति ट्रंप की सख्त इमिग्रेशन नीतियों के बीच हुई है. 37 साल की रेनी निकोल गुड को सुबह करीब 10:30 बजे सेंट्रल टाइम पर 34वीं स्ट्रीट और पोर्टलैंड एवेन्यू के चौराहे के पास गोली मारी गई. तब वो अपने SUV में थीं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और होमलैंड सिक्योरिटी सेक्रेटरी क्रिस्टी नोएम ने महिला की मौत पर उसे ही दोष दिया. उन्होंने कहा कि महिला मौके पर मौजूद आईसीई एजेंट्स के काम में दखल दे रही थी जो कि उकसाने वाला था. नोएम ने मृत महिला को ही जिम्मेदार ठहराया ट्रंप के सख्त प्रवासन मुहिम की प्रमुख चेहरा मानी जाने वाली नोएम ने कहा कि जब अधिकारियों ने गुड से गाड़ी से बाहर निकलने को कहा तो उन्होंने उनकी बात नहीं मानी और जानबूझकर एसयूवी को 'हथियार' की तरह इस्तेमाल करते हुए अधिकारी को टक्कर मारने की कोशिश की. उनके अनुसार, एजेंट ने आत्मरक्षा में उन पर तीन गोलियां चलाईं. नोएम ने बुधवार शाम पत्रकारों से कहा, 'यह बिल्कुल साफ है कि वो महिला अधिकारियों की कार्रवाई में बाधा डाल रही थी और अधिकारियों को परेशान कर रही थी. हमारे अधिकारी ने अपनी ट्रेनिंग के अनुसार काम किया, ठीक वही किया जो ऐसी स्थिति में उन्होंने करने के लिए सिखाया जाता है. अधिकारी ने खुद की और अपने साथी अधिकारियों की सुरक्षा में गोली चलाई.' आईसीई एजेंटों को यह ट्रेनिंग दी जाती है कि वे कभी भी किसी गाड़ी के सामने से पास न जाएं, चलती गाड़ी पर गोली न चलाएं और बल का प्रयोग केवल तभी करें जब गंभीर चोट या मौत का तत्काल खतरा हो. लेकिन मिनियापोलिस शहर के मेयर जैकब फ्रे ने आईसीई के उस बयान को 'बकवास' बताया है जिसमें कहा गया कि गोली आत्मरक्षा में चलाई गई. उन्होंने कहा कि आईसीई को शहर से फौरन बाहर निकाला जाना चाहिए.  हालांकि, क्रिस्टी नोएम ने इस पर पलटवार करते हुए कहा, 'उन्हें नहीं पता कि वो किस बारे में बात कर रहे हैं.' महिला की हत्या को लेकर राज्य में उबाल मिनेसोटा के गवर्नर टिम वॉल्ज ने गुड की मौत को व्हाइट हाउस की 'लापरवाही' का नतीजा बताया. उन्होंने कहा कि डेमोक्रेटिक शासित शहरों में संघीय अधिकारियों और सैनिकों की तैनाती के कारण ऐसी स्थिति पैदा हुई. वॉल्ज ने गुड की मौत के विरोध में प्रदर्शन कर रहे लोगों से शांतिपूर्ण रहने की अपील की और कहा कि राज्य इस गोलीबारी में जवाबदेही तय करने के लिए हर संभव कदम उठाएगा. शाम होते-होते घटनास्थल के पास सड़कों पर हजारों लोग जमा हो गए. 'ICE Not Welcome', 'Trump Must Go Now', 'Stop ICE Terror' जैसे नारे लिखी तख्तियां लेकर लोग ट्रंप और आईसीई के खिलाफ नारे लगाने लगे. कौन हैं रेनी गुड जो ICE अधिकारियों के गोली का शिकार हो गईं रेनी गुड सोशल मीडिया पर थीं जहां उन्होंने इंट्रो में खुद को एक 'कवयित्री, लेखिका, पत्नी और मां' बताया है. उन्होंने लिखा था कि वो मूल रूप से कोलोराडो की रहने वाली हैं, लेकिन इस समय मिनेसोटा में रह रही हैं. रेनी गुड की पहले एक व्यक्ति से शादी हुई थी, जिनसे उनका एक बच्चा है. उस बच्चे के दादा टिम्मी रे मैकलिन सीनियर ने मिनेसोटा स्टार ट्रिब्यून को बताया कि उनके बेटे और गुड का एक बच्चा है, जो अब छह साल का है. रेनी गुड के पिता टिम गैंगर ने बताया कि उन्हें और उनकी पत्नी को बुधवार को पहले ही अपनी बेटी की मौत की सूचना दे दी गई थी और वो अभी भी इस जानकारी को समझने की कोशिश कर रहे हैं. 'द वॉशिंगटन पोस्ट' से बातचीत में गैंगर ने कहा कि रेनी गुड ने अपनी जिंदगी का अधिकांश समय कोलोराडो में बिताया था जब उनके सैनिक पति जिंदा थे. करीब तीन साल पहले उनके पति की मौत हो गई जिसके बाद वो कुछ समय के लिए अपने माता-पिता के साथ रहने के लिए कंसास के वैली फॉल्स चली गई थीं. गैंगर बताते हैं, 'उसकी जिंदगी अच्छी थी, लेकिन आसान नहीं थी. वो एक बेहतरीन इंसान थी.'  

आवास और बुनियादी ढांचा विकास के लिए एम.ओ.यू. पर हस्ताक्षर

रायपुर, छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे के विकास और आवास निर्माण को गति देने के उद्देश्य से, छत्तीसगढ़ शासन ने हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (आवास और शहरी विकास निगम हुडको) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह रणनीतिक साझेदारी राज्य के विकास लक्ष्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रमुख आवास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण सुरक्षित करना है।      .. इस अवसर पर वित्त विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, विशेष सचिव श्री चन्दन कुमार, विशेष सचिव श्रीमती शीतल शाश्वत वर्मा, उप सचिव श्री ऋषभ कुमार पाराशर व अवर सचिव श्री चंद्र प्रकाश पाण्डेय तथा हुडको से निदेशक वित्त श्री दलजीत सिंह खत्री व क्षेत्रीय प्रमुख हितेश बोराड मौजूदगी में सम्पन्न हुए। यह कार्यक्रम महानदी भवन, मंत्रालय, नवा रायपुर, अटल नगर में कल संपन्न हुआ। यह समझौता हुडको द्वारा राज्य शासन की विभिन्न विकास पहलों के लिए वित्तीय सहायता और तकनीकी सहयोग प्रदान करने के लिए एक रूपरेखा स्थापित करता है।             समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) का मुख्य उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ में प्रमुख आवास परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए वित्तपोषण की सुविधा प्रदान करना है। यह सहयोग मजबूत बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण और किफायती आवास की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर केंद्रित होगा। इससे सीधे तौर पर छत्तीसगढ़ के नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने में योगदान मिलेगा।      यह साझेदारी आधुनिकीकरण और सतत् विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। जो हुडको की विशेषज्ञता और वित्तीय क्षमता का लाभ उठाकर परिवर्तनकारी परियोजनाओं को मूर्त रूप देने में मदद करेगी। हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (हुडको) एक नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम है, जो देश में आवासीय उद्देश्यों के लिए घरों के निर्माण या आवास और शहरी विकास कार्यक्रमों के वित्तपोषण के लिए दीर्घकालिक वित्त प्रदान करता है।

झारखंड में हत्या के मामले में 4 दोषियों में से कोर्ट से 2 आरोपी हो गए फरार

रांची/पाकुड़. झारखंड के पाकुड़ में पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां जिला न्यायालय परिसर से बुधवार को हत्या के मामले में दोषी करार दिए गए चार अपराधियों में से दो अपराधी फरार हो गए। मामला अमड़ापाड़ा थाना क्षेत्र के अंबाडीहा में जमीन विवाद में वर्ष 2019 में हुई भोलानाथ महली की हत्या से जुड़ा है। इस केस की सुनवाई एडीजे प्रथम कुमार क्रांति प्रसाद के न्यायालय में चल रही थी। बुधवार को अदालत ने साक्ष्यों के आधार पर चार आरोपियों शिवधन मोहली, कादू मोहली उर्फ वकील मोहली, सुनीलाल मोहली और नरेन मोहली हत्या का दोषी करार दिया। दोषी करार दिए जाने के बाद पुलिस चारों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजने की कागजी प्रक्रिया पूरी कर रही थी। चारों को कोर्ट हाजत के एएसआई हिरेंद्र नाथ मंडल के सुरक्षा में दे दिया गया। इसी बीच नरेन महली और शिवधन महली शौच के बहाने भाग निकले। अपराधियों के भागने की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में पुलिस की टीम दोनों अपराधियों की तलाश में निकली पर दोनों हाथ नहीं लगे। समाचार भेजे जाने तक पुलिस की टीम संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी। पाकुड़ एसपी निधि द्विवेदी ने कहा कि फरार दोषियों की गिरफ्तारी के लिए घेराबंदी कर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। हाजत प्रभारी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गयी है, रिपोर्ट आने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। फरार शिवधन, नरेन पर अलग से दर्ज होगा मुकदमा कोर्ट परिसर से फरार हुए अपराधी शिवधन महली व नरेन महली के विरुद्ध अलग से मुकदमा दर्ज करने की तैयारी चल रही है। नगर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर बबलू कुमार ने बताया कि हाजत प्रभारी या कर्मी की ओर से लिखित शिकायत मिलने के बाद दोनों के विरूद्ध केस दर्ज किया जाएगा। बताया कि फिलहाल पुलिस की टीम दोनों की तलाश कर रही है।

तजिंदरपाल तूर बने भारतीय दल के कप्तान, एशियन इंडोर एथलेटिक्स में दिखेगा दम

नई दिल्ली गोला फेंक में दो बार के एशियन इंडोर चैंपियन, तजिंदरपाल सिंह तूर, चीन के तियानजिन में 6 से 8 फरवरी तक होने वाली 12वीं एशियन इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 17 सदस्यों वाली भारतीय टीम का नेतृत्व करेंगे। टीम 3 फरवरी को कॉन्टिनेंटल इंडोर मीट के लिए रवाना होगी। एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया ने गुरुवार को 17 सदस्यों वाली भारतीय टीम की घोषणा की। पंजाब के 31 साल के अंतरराष्ट्रीय गोला फेंक खिलाड़ी तूर का राष्ट्रीय आउटडोर रिकॉर्ड 21.77 मी है, जो 2023 में ओडिशा के भुवनेश्वर में बनाया गया था। दो बार के एशियन गेम्स चैंपियन तूर ने कजाकिस्तान के नूर-सुल्तान में 10वीं एशियन इंडोर चैंपियनशिप में गोला फेंक का खिताब भी जीता था। लंबी कूद में शाहनवाज खान और अनुभवी ट्रिपल जम्पर प्रवीण चित्रवेल भी चीन में एशियन इंडोर चैंपियनशिप से अपना 2026 सीजन शुरू करेंगे। तेजस्विन शंकर (हेप्टाथलॉन) और मणिकांत होबलीधर (60मी) अगले महीने होने वाली एशियन इंडोर चैंपियनशिप के लिए पुरुषों की टीम में अहम नाम हैं। शीर्ष महिला स्प्रिंटर्स, नित्या गंधे और अभिनय राजराजन, तियानजिन में 60 मी डैश में हिस्सा लेंगी। मौमिता मंडल 60 मी हर्डल्स और महिलाओं की लंबी कूद में हिस्सा लेंगी। एशियन इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2024, ईरान में 13 भारतीय एथलीटों (छह महिलाएं और सात पुरुष) ने हिस्सा लिया था। भारत ने इस इवेंट को चार मेडल के साथ खत्म किया था। इसमें तीन स्वर्ण और एक रजत पदक शामिल था। तेहरान, ईरान में 11वीं एशियन इंडोर मीट में तूर का गोल्ड मेडल जीतने वाला प्रदर्शन 19.72 मी था। भारतीय एथलेटिक्स टीम: मणिकांत होबलीधर (60मी), तेजस शिरसे (60मी हर्डल्स), जे आदर्श राम (ऊंची कूद), सीवी अनुराग और शाहनवाज खान (लंबी कूद), प्रवीण चित्रवेल (ट्रिपल जंप), समरदीप सिंह गिल, तजिंदरपाल सिंह तूर (गोला फेंक), और तेजस्विन शंकर (हेप्टाथलॉन)। महिलाएं: नित्या गंधे, अभिनय राजराजन (60 मी), मौमिता मंडल और प्रज्ञान प्रशांति साहू (60 मी हर्डल्स), पूजा (ऊंची कूद), एंसी सोजन और मौमिता मंडल (लंबी कूद), योगिता (गोला फेंक), और केए अनामिका (पेंटाथलॉन)।

जेल वार्डर बनने का मौका: झारखंड में 1733 भर्तियों के लिए आवेदन शुरू, फिजिकल टेस्ट में 6 मिनट की दौड़ जरूरी

झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की ओर से निकाली गई जेल वार्डर ( कक्षपाल ) के 1733 पदों पर भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया कल 9 जनवरी 2026 से शुरू होगी। पहले यह 7 नवंबर 2025 से शुरू होनी थी लेकिन इसे टाल दिया गया था। इच्छुक व योग्य अभ्यर्थी झारखण्ड कक्षपाल प्रतियोगिता परीक्षा 2025 के लिए jssc.jharkhand.gov.in पर जाकर 8 फरवरी 2026 तक एप्लाई कर सकेंगे। परीक्षा शुल्क भरने व फोटो और हस्ताक्षर अपलोड कर आवदेन पत्र का प्रिंट आउट लेने के लिए अंतिम तिथि 10 फरवरी 2026 है। 11 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक ऑनलाइन आवेदन में करेक्शन की जा सकेगी। ऑनलाइन आवेदन पत्र में अभ्यर्थी के नाम, जन्म तिथि, ईमेल आईडी एवं मोबाइल संख्या को छोड़कर किसी भी गलत एंट्री को संशोधित करने के लिए फिर से लिंक उपलब्ध करायी जायेगी। नियुक्ति की कार्रवाई झारखंड राज्य की पुलिस, कक्षपाल, सिपाही (गृह रक्षा वाहिनी), उत्पाद सिपाही संयुक्त भर्ती नियमावली-2025 के तहत की जाएगी। जेएसएससी ने संशोधित नोटिस में खेल कूद कोटा का प्रावधान स्पष्ट किया है- क्र.सं. , प्रतियोगिता का स्तर , उपलब्धि 1. भारतीय ओलंपिक संघ अथवा उससे सम्बद्ध फेडरेशनों द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता। उपलब्धि: द्वितीय / तृतीय स्थान 2. झारखंड ओलंपिक संघ अथवा उससे सम्बद्ध संघों द्वारा आयोजित अधिकाधिक राज्य चैंपियनशिप। , उपलब्धि: प्रथम स्थान 3. राष्ट्रीय रिकॉर्ड स्थापित करने वाले खिलाड़ी। उपलब्धि: राष्ट्रीय रिकॉर्ड फिजिकल टेस्ट के नियम हुए आसान शारीरिक परीक्षा के तहत अभ्यर्थियों के लिए दौड़ का आयोजन होगा। दौड़ प्रक्रिया को पहले से काफी सरल करते हुए दूरी को घटाया गया है। बता दें कि बीते मार्च माह में हुई कैबिनेट बैठक में पुलिस, कक्षपाल, सिपाही और उत्पाद सिपाही नियुक्ति के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा में बदलाव किया गया है। पुरुष अभ्यर्थियों को 06 मिनट में 1600 मीटर दौड़ पूरी करनी होगी। पहले यह दौड़ 10 किमी की होती थी। वहीं, महिला अभ्यर्थियों को 10 मिनट में 1600 मीटर की दौड़ पूरी करनी होगी। पहले महिलाओं को 06 किलोमीटर की दौड़ लगानी पड़ती थी। कक्षपाल भर्ती की वैकेंसी डिटेल्स रिक्तियों में 1634 पद पुरुषों और 64 पद महिलाओं के लिए हैं। पुरुषों में 165 पद भूतपूर्व सैनिकों के लिए, 413 होमगार्ड के लिए और शेष 1056 अन्य अभ्यर्थियों के लिए हैं। कक्षपाल भर्ती योग्यता – 10वीं पास। आयु सीमा – 18 वर्ष से 25 वर्ष। अधिकतम आयु सीमा में अत्यंत पिछड़ा वर्ग के पुरुषों को दो वर्ष, अनारक्षित, अत्यंत पिछड़ा वर्ग, ईडब्ल्यूएस वर्गों की महिलाओं को 3 वर्ष, एससी एसटी पुरुष व महिलाओं को 5 वर्ष की छूट मिलेगी। पुरुष अनारक्षित, ईडब्ल्यूएस, अत्यंत पिछड़ा वर्ग – लंबाई कम से कम 160 सेमी, सीना फुलाकर कम से कम 81 सेमी हो। एससी व एसटी – लंबाई कम से कम 155 सेमी, सीना फुलाकर कम से कम 79 सेमी हो। महिलाओं के लिए लंबाई कम से कम 148 सेमी हो। चयन – सबसे पहले शारीरिक मापदंड व शारीरिक दक्षता परीक्षा होगी। इसमें सफल अभ्यर्थियों को लिखित परीक्षा के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद मेडिकल जांच होगी। वेतन – लेवल -2 (19900 – 63200 रुपये) आवेदन फीस – 100 रुपये राज्य के एससी व एसटी के लिए – 50 रुपये  

संकट के समय मन ही मन जपें यह विष्णु मंत्र, तुरंत मिलेगा शुभ फल

धर्मग्रंथ कर्म को पूजा का दर्जा देते हैं, किंतु कर्म के साथ-साथ ईश्वर भक्ति और कृपा को भी सफल जीवन का सूत्र भी माना गया है। आज की व्यस्त जिंदगी में इंसान के पास काम व दायित्वों को पूरा करने की उलझन में ईश्वर स्मरण के लिए वक्त निकालना मुश्किल है।   यही वजह है कि हम यहां बता रहे हैं धर्मग्रंथों का एक ऐसा सरल और असरदार मंत्र, जिसके लिए आस्था है कि देव पूजा के अलावा कार्य और जिम्मेदारियों के दौरान किसी भी वक्त किसी काम के अटकने या उलझने पर मन ही मन स्मरण करें, तो सारे काम बिना बाधा और परेशानी के पूरे हो जाते हैं।   यह मंत्र भगवान विष्णु के साथ उनके अवतार श्रीकृष्ण का स्मरण है। वर्तमान में चल रहे चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी यानी कामदा एकादशी (11 अप्रैल) को भी इन दोनों देवताओं की उपासना का विशेष काल है, इसलिए इस अनूठे योग में भी इस मंत्र का स्मरण बहुत ही शुभ फल देने वाला होगा। जानिए यह मंगलकारी विष्णु मंत्र-   -सुबह स्नान के बाद यथासंभव पीले वस्त्र पहनकर देवालय में भगवान विष्णु और श्रीकृष्ण की पूजा गंध, अक्षत, पीले फूल व धूप, दीप से करें।   -पूजा के बाद इस मंत्र का यथाशक्ति जप करें। यही मंत्र दिन में किसी भी वक्त काम के दौरान या मुश्किलों के वक्त ध्यान भी कर सकते हैं-   ‘श्रीकृष्ण गोविन्द हरे मुरारी हे नाथ नारायण वासुदेव’   कर्म की अहमियत बताने वाले भगवान श्रीकृष्ण और शांतिस्वरूप भगवान विष्णु के ध्यान से आपका हर काम न केवल निर्विघ्र संपन्न होगा, बल्कि शांति और सुकून भी लाएगा।  

टीवी पर ऐश्वर्या शर्मा की बड़ी वापसी, एकता कपूर के शो में निभाएंगी मुख्य किरदार

मुंबई, काफी समय से चर्चाएं थीं कि टीवी एक्ट्रेस ऐश्वर्या शर्मा और नील भट्ट अलग-अलग रह रहे हैं और कपल जल्द ही तलाक ले सकता है। अब ऐश्वर्या शर्मा के लिए प्रोफेशनल फ्रंट पर एक अच्छी खबर है। एक्ट्रेस जल्द ही एकता कपूर के शो में लीड रोल अदा करते दिख सकती हैं। टेलीविजन इंडस्ट्री की जानी-मानी प्रोड्यूसर एकता कपूर अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए एक नई वेब सीरीज की तैयारी में जुटी हुई हैं। चर्चा है कि इस अपकमिंग प्रोजेक्ट में ऐश्वर्या शर्मा को मुख्य भूमिका के लिए कास्ट किए जाने की संभावना है। अगर सब कुछ प्लान के मुताबिक रहा, तो उनके अपोजिट टीवी एक्टर वरुण विजय नजर आ सकते हैं, जो इससे पहले ‘ससुराल सिमर का’ और ‘अनुपमा’ जैसे लोकप्रिय शोज का हिस्सा रह चुके हैं। इंडस्ट्री के एक सोर्स ने बताया कि मेकर्स ऐश्वर्या शर्मा से सीरियल को लेकर बात कर रहे हैं। ऐश्वर्या शर्मा उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में से हैं जिनसे शो के लिए बातचीत हो रही है। बताया जा रहा है कि मेकर्स उन्हें लीड रोल में लेने को लेकर काफी सकारात्मक हैं। हालांकि, फिलहाल शो के टाइटल, स्टारकास्ट और रिलीज से जुड़ी किसी भी जानकारी पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। सूत्रों का कहना है कि ऐश्वर्या का किरदार भावनात्मक रूप से काफी मजबूत और गहराई लिए होगा। इस रोल को खास तौर पर ऐसे लिखा जा रहा है, जिससे बड़ी उम्र के दर्शकों के साथ-साथ डिजिटल ऑडियंस भी खुद को जोड़ सके। यह सीरीज लंबे स्टोरी फॉर्मेट में बनाई जाएगी, जैसा कि हाल के दिनों में बालाजी टेलीफिल्म्स की डिजिटल पेशकशों में देखने को मिला है। अब अगर एक्ट्रेस की पर्सनल लाइफ की बात करें तो ऐश्वर्या शर्मा ने साल 2021 में शादी की थी, लेकिन अब करीब चार साल बाद दोनों अलग हो गए हैं।  

असफलता का सबसे बड़ा कारण है लोकलाज और मृत्यु का भय

आचार्य चाणक्य अपनी नीतियों में जीवन के कठोर सत्य सिखाते हैं। वे कहते हैं कि सफलता पाने के लिए साहस और निडरता जरूरी है। कुछ लोग दो चीजों से इतना डरते हैं कि जीवन में आगे नहीं बढ़ पाते हैं। चाणक्य की चेतावनी है कि इन दो चीजों से डरने वाला इंसान कभी सफल नहीं होता है। ये दो चीजें हैं – लोक लाज (लोग क्या कहेंगे) और मृत्यु का भय। इनसे डरने से व्यक्ति अवसर चूक जाता है और जीवन में असफल रहता है। चाणक्य नीति सिखाती है कि इन भयों को त्यागकर ही बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है। आज के समय में भी यह नीति बहुत प्रासंगिक है। आइए जानते हैं चाणक्य की यह चेतावनी और इसका महत्व। लोक लाज का डर आचार्य चाणक्य कहते हैं कि लोक लाज से डरने वाला कभी बड़ा काम नहीं कर पाता है। लोग क्या कहेंगे, इस डर से व्यक्ति नए रास्ते नहीं चुनता है। व्यापार शुरू करने, नौकरी बदलने या सपने पूरे करने में हिचकिचाता है। समाज की बातों से डरकर वह अपनी क्षमता का उपयोग नहीं करता है। चाणक्य की चेतावनी है कि लोक लाज का डर सफलता का सबसे बड़ा शत्रु है। जो लोग इस डर को त्याग देते हैं, वे ही इतिहास बनाते हैं। आज कई लोग इसी डर से रिस्क नहीं लेते और जीवन भर पछताते हैं। चाणक्य नीति सिखाती है कि अपनी बुद्धि और मेहनत पर भरोसा करें, लोगों की बातों पर नहीं। लोक लाज त्यागें, तो सफलता जरूर मिलेगी। मृत्यु का भय मृत्यु से डरने वाला जीते जी मर जाता है। मृत्यु का भय व्यक्ति को जोखिम लेने से रोकता है। बड़ा काम करने, यात्रा करने या नई शुरुआत करने में डर लगता है। चाणक्य की चेतावनी है कि मृत्यु निश्चित है, लेकिन उससे डरकर जीवन व्यर्थ करना मूर्खता है। जो लोग मृत्यु का भय त्याग देते हैं, वे निडर होकर मेहनत करते हैं और सफल होते हैं। योद्धा, व्यापारी या नेता सभी मृत्यु भय त्यागकर ही महान बने हैं। चाणक्य नीति सिखाती है कि मृत्यु को स्वीकार करें और जीवन को पूर्ण जीएं। इस भय से मुक्त होने पर ही बड़ी सफलता मिलती है। इन भयों से मुक्ति ही सफलता का राज आचार्य चाणक्य कहते हैं कि लोक लाज और मृत्यु भय से डरने वाला कभी सफल नहीं होता है। ये दो भय व्यक्ति को बांधे रखते हैं और अवसर चूक जाते हैं। चाणक्य नीति का सार है कि निडर बनें, साहस रखें। लोग क्या कहेंगे, इसकी चिंता छोड़ें और मृत्यु को निश्चित मानकर जीवन को हर पल जीएं। इन भयों को त्यागने से मन मजबूत होता है और सफलता के द्वार खुलते हैं। चाणक्य की यह चेतावनी आज भी लागू होती है – जो इनसे डरते हैं, वे असफल रहते हैं, जो त्याग देते हैं, वे इतिहास बनाते हैं। चाणक्य की नीति अपनाएं – लोक लाज और मृत्यु भय त्यागें तो जीवन में सफलता और सम्मान मिलेगा। साहस से ही बड़ा मुकाम हासिल होता है।