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सौर ऊर्जा से हाई क्वॉलिटी चारा बनाकर आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं

गो सेवा से लखपति बन गईं झांसी की प्रवेश कुमारी  सौर ऊर्जा से हाई क्वॉलिटी चारा बनाकर आत्मनिर्भर बन रहीं महिलाएं नए स्टार्टअप से गांवों में शुरू हुई सामूहिक भागीदारी की प्रथा सीएम योगी के आत्मनिर्भर विजन को मिल रही रफ्तार लखनऊ  बुंदेलखंड की धरती अब न केवल शौर्य के लिए, बल्कि महिला उद्यमिता के रूप में भी पहचानी जा रही है। झांसी की प्रवेश कुमारी ने चारा बनाने की यूनिट के जरिये वह मुकाम हासिल किया है, जो आज प्रदेश की लाखों महिलाओं के लिए उदाहरण है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश' के सपने को धरातल पर उतारते हुए प्रवेश ने सौर ऊर्जा की मदद से उच्च गुणवत्ता वाले पशु चारे की यूनिट स्थापित कर न केवल खुद को आर्थिक रूप से सशक्त किया, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ा है। बिजली खर्चा शून्य, मिल रहा सस्ता और पोषक चारा इस उद्यम की सबसे बड़ी विशेषता इसका ईको-फ्रेंडली होना है। योगी सरकार और डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स (DA) के सहयोग से स्थापित यह यूनिट पूरी तरह 18 kW सौर ऊर्जा प्रणाली पर संचालित होती है। इससे बिजली का खर्च शून्य के बराबर है, जिससे चारे की उत्पादन लागत कम आती है। सस्ता और पोषक चारा मिलने से स्थानीय डेयरी किसानों के पशुओं का स्वास्थ्य सुधरा है और दूध उत्पादन क्षमता में भी इजाफा हुआ है। रोजगार और सामूहिक भागीदारी की नई प्रथा प्रवेश कुमारी आज करीब 25,000 रुपये प्रति माह कमा रही हैं। उनके इस स्टार्टअप ने गांव की सामाजिक संरचना को भी बदला है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार भी बढ़ा है। गांव की अन्य महिलाओं को स्थायी आय और आर्थिक स्वतंत्रता मिली रही है। जिससे वे भी अपने परिवार की जिम्मेदारी संभाल रही हैं। खरीद से लेकर गुणवत्ता नियंत्रण तक की जिम्मेदारी खुद संभालती हैं यहां आधुनिक मशीनरी और मानकीकृत तकनीकों से पौष्टिक चारा तैयार किया जाता है। साथ ही स्थानीय बाजार की मांग के अनुरूप आपूर्ति सुनिश्चित की जाती है। प्रवेश केवल उद्यमी नहीं, बल्कि एक कुशल मैनेजर भी हैं। वे कच्चे माल की खरीद से लेकर वित्तीय खातों, उत्पादन योजना और गुणवत्ता नियंत्रण तक की जिम्मेदारी खुद संभालती हैं। उनकी इस सक्रिय शैली और वित्तीय अनुशासन के कारण उनके 'गोमाता कैटल फीड' को पुरस्कृत और सम्मानित किया जा चुका है। छोटे प्रयास से बड़ी शुरुआत शुरुआत एक छोटे प्रयास से हुई थी, लेकिन उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और डेवलपमेंट अल्टरनेटिव्स के मार्गदर्शन ने इसे व्यवसाय बना दिया। आज गांव की महिलाएं साथ मिलकर काम कर रही हैं। – प्रवेश कुमारी, महिला उद्यमी

ट्रंप के तेवरों से भड़का मिडिल-ईस्ट, ईरान की चेतावनी के बीच इजरायल युद्ध तैयारी में

ईरान ईरान में बीते कुछ सप्ताह से जारी हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हस्तक्षेप करने की धमकी देकर पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है। वहीं अमेरिका के किसी भी हमले को लेकर ईरान ने करारा जवाब देने की कसम खाई है। ऐसे में वैश्विक स्तर पर एक और जंग की आहट साफ सुनाई देने लगी है। इस बीच इजरायल ने ईरान के साथ किसी भी जंग को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसे लेकर इजरायल के उच्च अधिकारियों के बीच बैठकों का दौर शुरू हो गया है।   इजरायली सेना ने सोमवार को इस मामले की जानकारी देते हुए कहा कि सेना संभावित रूप से किसी भी स्थिति के लिए अलर्ट पर है। IDF के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने सोमवार को पर एक बयान में कहा, “ईरान में विरोध प्रदर्शन एक आंतरिक मामला है लेकिन IDF रक्षात्मक रूप से तैयार है और नियमित रूप से स्थिति का आकलन कर रहा है।” बेंजामिन नेतन्याहू ने बुलाई बैठक इस बीच कान पब्लिक ब्रॉडकास्टर के मुताबिक, इजरायली अधिकारियों का मानना ​​है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड हमले की अपनी धमकियों को पूरा जरूर करेंगे और इससे इजरायल और ईरान के बीच एक और युद्ध होने वाले वाला है। इसे लेकर इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को पूर्व रणनीतिक मामलों के मंत्री रॉन डर्मर को वरिष्ठ मंत्रियों और सुरक्षा अधिकारियों के साथ एक बैठक के लिए भी बुलाया था। डोनाल्ड ट्रंप की धमकी इससे पहले ट्रंप अब तक कई बार ईरान में हस्तक्षेप की धमकी दे चुके हैं। वाइट हाउस से जुड़े सूत्रों ने बताया है कि राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी राष्ट्रीय सुरक्षा टीम ईरान के खिलाफ संभावित कदम पर विचार कर रही है, जिनमें साइबर हमले और अमेरिका या इजरायल द्वारा सीधा सैन्य हमला शामिल है। ट्रंप ने सोमवार को कहा है कि ईरान पर हमले की उनकी चेतावनी के बाद अब ईरानी सरकार उनके साथ बातचीत करना चाहता है। वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने तेहरान में विदेशी राजनयिकों से बातचीत के दौरान कहा है कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। हालांकि, अराघची ने अपने आरोप के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा है कि विरोध-प्रदर्शन के दौरान हिंसा और खूनखराबा इसलिए हुआ, ताकि अमेरिकी राष्ट्रपति को हस्तक्षेप करने का बहाना मिल सके। हालांकि अराघची ने यह भी कहा कि ईरान कूटनीति का स्वागत करता है। ईरान में बिगड़े हालात इस बीच ईरान में सोमवार को सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में लाखों प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरे। मानवाधिकार समूहों के मुताबिक हिंसा के अब तक करीब 600 लोगों की मौत हो गई है। ईरान के सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित वीडियो में प्रदर्शनकारी ‘अमेरिका मुर्दाबाद’, ‘इजराइल मुर्दाबाद’ और ‘अल्लाह के दुश्मनों का अंत हो’ जैसे नारे लगाते दिखे।

पाली में प्रभारी मंत्री झाबर सिंह खर्रा ने राज्य बजट में अपेक्षाओं पर किया जनसंवाद

जयपुर. नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन व पाली जिला प्रभारी श्री झाबरसिंह खर्रा ने सोमवार को आगामी बजट 2026-27 में जिले की अपेक्षाओं को लेकर विभिन्न विभागों के अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, एनजीओ, महिला प्रतिनिधियों एवं युवाओं के साथ जनसंवाद किया। इस अवसर पर पाली जिले के समग्र विकास से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त किए। जनसंवाद के दौरान हेमावास बांध एवं बांडी नदी से प्राप्त जल का अधिक से अधिक उपयोग किसानों तक पहुंचाने, जल प्रदूषण से निजात के लिए पाली-जालौर-बालोतरा होते हुए पाइपलाइन व्यवस्था विकसित करने तथा प्रदूषित जल को शहर से बाहर ले जाने के सुझाव दिए गए। सीईटीपी के कार्य को सरकार द्वारा सीधे अपने नियंत्रण में लेकर शीघ्र एवं प्रभावी समाधान के लिए आग्रह किया। इस अवसर पर शहर के प्रवेश द्वार रजत विहार के पास नाली निर्माण, बांडी नदी पर स्थित पुल के नवनिर्माण, अतिवृष्टि के समय मुख्य मार्ग बाधित होने की समस्या के समाधान के लिए नए पुल के शीघ्र निर्माण, नगर निगम क्षेत्र में रंगमंच के पुनर्निर्माण तथा सोनाई मांझी बायपास निर्माण को लेकर सुझाव दिए गए। चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के लिए शहर के सरकारी चिकित्सालय में न्यूरोलॉजिस्ट, ऑन्कोलॉजिस्ट, कार्डियोलॉजिस्ट एवं नेफ्रोलॉजिस्ट की नियुक्ति, शहर के मध्य स्थित डिस्पेंसरी में हृदय रोग संबंधी प्राथमिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध  पाली में निर्मित मेडिकल कॉलेज का नाम महाराणा प्रताप की माता जयवंती बाई के नाम पर किए जाने का सुझाव भी दिया गया। इसके अतिरिक्त रोहट एवं मारवाड़ जंक्शन क्षेत्र में खारे पानी की समस्या, पार्षदों को समय पर फंड उपलब्ध कराने, ताकि वार्डों में सफाई एवं निर्माण कार्य सुचारू रूप से हो सकें, स्टार्टअप फाउंडेशन गठन जैसे विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। प्रभारी मंत्री खर्रा ने उपस्थित जनसमूह को आश्वस्त किया कि जनसंवाद के दौरान प्राप्त सभी सुझावों को गंभीरता से संकलित कर आगामी बजट में यथासंभव शामिल किया जाएगा ताकि पाली जिले के विकास को नई दिशा मिल सके। इस अवसर पर पूर्व उपसभापति महेंद्र बोहरा, सुनील भण्डारी, अतिरिक्त जिला कलक्टर बजरंग सिंह, अतिरिक्त जिला कलक्टर, सीलिंग ओम प्रभा, मुख्य कार्यकारी अधिकारी मुकेश चौधरी भी मौजूद रहे। इसके साथ ही खर्रा ने कलक्ट्रेट में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक लेकर विभागवार प्रगति की समीक्षा की और आवश्यक दिशा— निर्देश दिए। खर्रा ने बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड, काश्तकारों को ऋण वितरण एवं फसल बीमा योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने पंच गौरव योजना के कार्यों, व्यय स्थिति तथा नवीन बास्केटबाल ग्राउंड निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया की जानकारी लेकर शीघ्र कार्य प्रारंभ करने को कहा। संपर्क पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण एवं अस्वीकृत प्रकरणों में शिकायतकर्ताओं से फीडबैक लेने के निर्देश भी दिए गए। जल मिशन की समीक्षा करते हुए लंबित नल व विद्युत कनेक्शनों को शीघ्र पूर्ण करने के फॉलो-अप शिविरों में लंबित प्रकरणों का तीन दिवस में निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया। जिला कलक्टर एल. एन. मंत्री ने सार्वजनिक निर्माण विभाग से सड़कों, अटल प्रगति पथ एवं अन्य विकास कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। 

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 19 को सीतामढ़ी आएँगे

सीतामढ़ी. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की 19 जनवरी को जिले में प्रस्तावित समृद्धि यात्रा को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने अभी तैयारी से शुरू कर दी है। इस कड़ी में पुलिस अधीक्षक अमित रंजन ने जिले में सुरक्षा बलों की कमी को ध्यान में रखते हुए पुलिस विभाग में सभी प्रकार की स्वीकृत छुट्टियों को तत्काल प्रभाव से रद कर दिया गया है। बताया गया है कि मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान विधि-व्यवस्था संधारण को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया गया है। सभी पुलिस पदाधिकारियों एवं कर्मियों को मुख्यालय में उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। हालांकि विशेष परिस्थिति या अत्यावश्यक कारणों में सक्षम पदाधिकारी की अनुमति से ही छुट्टी प्रदान की जाएगी। इस निर्णय के बाद पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। वहीं आवश्यक सुरक्षा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। यहां बता दें कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा के क्रम में 19 जनवरी को सीतामढ़ी जिले में आएंगे। इस दौरान सीतामढ़ी के अलावा वे बेलसंड भी जाएंगे। वहां बागमती नदी पर मीनापुर-बेलसंड पथ में चंदौली घाट पर उच्चस्तरीय आरसीसी पुल का उद्घाटन के साथ बागमती नदी के बायें तटबंध के किलोमीटर 7.27 से 81.19 तक उच्चीकरण, सुदृढ़ीकरण, सुरक्षात्मक व कालीकरण का निरीक्षण भी करेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री Nitish Kumar हितनारायण उच्चविद्यालय चंदौली बेलसंड में जिले में चल रही महत्वपूर्ण परियोजनाओं का कार्यारंभ, उदघाटन व विभिन्न विभागों की ओर से तैयार किए गए स्टाल का निरीक्षण करेंगे तथा विभिन्न लाभुक समूहों से संवाद कर विकास की जमीनी हकीकत से भी रू-ब-रू होंगे। तत्पश्चात इनसभी से प्राप्त फीडबैक के आधार पर शाम में समाहरणालय स्थित परिचर्चा भवन में अधिकारियों के साथ बैठक कर इसकी समीक्षा भी करेंगे।  डीएम ने किया हास्कूल परिसर का निरीक्षण मुख्यमंत्री नीतीश कुमार समृद्धि यात्रा के क्रम में आगामी 19 जनवरी को सीतामढ़ी आएंगे। इसे लेकर पूरा प्रशासनिक महकमा तैयारियों में जुट गया है। डीएम रिची पांडेय पूरी प्रशासनिक अधिकारियों की टीम के साथ सोमवार को बेलसंड पहुंचे। यहां नवनिर्मित बागमती नदी पुल का निरीक्षण करते हुए कहा अधिकारियों को कई निर्देश दिए। मुख्यमंत्री यहां विभिन्न योजनाओं का शिलान्यास व उदघाटन करेंगे। नवनिर्मित बागमती नदी पर मीनापुर-बेलसंड पथ में चंदौली घाट पर उच्चस्तरीय आरसीसी पुल के उदघाटन को लेकर पूरी तैयारी की जा रही है। डीएम पूरी टीम के साथ हितनारायण उच्चविद्यालय चंदौली का निरीक्षण करते हुए विकासात्मक स्टाल के लिए स्थानों को चयन करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए। वहीं जीविका दीदियों का स्टालों को निर्धारण व सुरक्षा को व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया गया। होर्डिंग व पोस्टर लगाने के लिए स्थल का निर्धारण विभागीय एवं सरकार प्रायोजित कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित होर्डिंग व पोस्टर लगाने का निर्देश जिला सूचना एवं जनसंपर्क पदाधिकारी कमल कुमार सिंह हो दिया। डीएम ने निर्देश देते हुए कहा कि हर हाल में निर्धारित समय से पहले तैयारियां संबंधी सभी कार्य पूर्ण करा लें। इस दौरान हाई स्कूल परिसर में सुरक्षा व्यवस्था व मुख्यमंत्री के आवागमन संबंधी मार्ग को दुरुस्त करने के निर्देश दिया गया। जीविका दीदियों से लेंगे फीडबैक मुख्यमंत्री अपने समृिद्ध यात्रा के दौरान जीविका दीदियों से फीडबैक लेंगे। इसके लिए मुख्यमंत्री से जीविका दीदियों के लिए संभावित संवाद कार्यक्रम की भी तैयारियां की जा रही हैं। वहीं, जीविका डीपीएम को इसके लिए आवश्यक तैयारियों करने का निर्देश दिया गया है। मौके पर अपर समाहर्ता संजीव कुमार, डीडीसी संदीप कुमार, डीपीआरओ कमल कुमार सिंह, एसडीओ सदर आनंद कुमार के अलावा कई पदाधिकारी आदि मौजूद रहे।

नितिन नवीन के शपथ समारोह को BJP बनाएगी शक्ति प्रदर्शन, PM मोदी की मौजूदगी के मायने

नई दिल्ली भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नवीन 20 जनवरी को पार्टी के पूर्णकालिक अध्यक्ष बन जाएंगे। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी, अमित शाह मौजूद रहेंगे। इसके अलावा कैबिनेट के तमाम मंत्रियों, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों, भाजपा के पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। इसके अलावा कई राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष भी दिल्ली आएंगे। भाजपा का शीर्ष नेतृत्व चाहता है कि नितिन नवीन की ताजपोशी धूमधाम के साथ और एक गरिमामय आयोजन में की जाए। ऐसा इसलिए ताकि नितिन नवीन का पार्टी अध्यक्ष के तौर पर इकबाल कायम हो सके। नितिन नवीन भाजपा की नई पीढ़ी के नेताओं में से हैं और उन्हें पार्टी ने जिम्मेदारी देकर भविष्य की तैयारियों के संकेत दिए हैं। ऐसे में वरिष्ठ नेताओं के बीच भी उनका कद स्थापित हो सके। इसके लिए खुद पीएम नरेंद्र मोदी उनकी ताजपोशी में मौजूद रहेंगे और पूरी कैबिनेट भी रहेगी। इसके जरिए एक संदेश देने का प्रयास किया जाएगा कि भाजपा अध्यक्ष का पद संगठन में शीर्ष पर है और भले ही कोई भी नेता उस जिम्मेदारी को संभाल रहा हो। कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद से नितिन नवीन ने भाजपा के तमाम नेताओं से मुलाकात की है। माना जा रहा है कि उन्होंने संगठन में फेरबदल के लिहाज से भी तैयारियां शुरू कर दी हैं। 20 जनवरी को उनकी ताजपोशी के बाद वह अपनी टीम तय करेंगे और कई नए चेहरों की भाजपा के संगठन में एंट्री हो सकती है। केंद्र सरकार में भी फेरबदल की है तैयारी, कई नए चेहरों को एंट्री इसके अतिरिक्त केंद्र सरकार में भी फेरबदल दिख सकते हैं। वजह यह है कि पंकज चौधरी अब यूपी के प्रदेश अध्यक्ष हैं। वह मोदी सरकार की कैबिनेट में भी हैं। ऐसे में उनका कैबिनेट से हटना तय माना जा रहा है। इसके अलावा कुछ और नेताओं को संगठन से सरकार में लाया जा सकता है। वहीं आरएसएस से जुड़े कुछ लोगों को पार्टी में अहम पद दिए जा सकते हैं। 46 साल के नितिन नवीन भाजपा के अब तक के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। अकेले ही नामांकन करेंगे नितिन, पहले दिन नॉमिनेशन और दूसरे दिन ऐलान भाजपा सूत्रों का कहना है कि नितिन नवीन अकेले ही अध्यक्ष पद के लिए नामांकन करेंगे और चुनाव होने की संभावना न के समान है। माना जा रहा है कि वह 18 या 19 जनवरी को नामांकन दाखिल करेंगे। फिर उनके निर्वाचन की घोषणा होगी और उनके पदभार ग्रहण करने के दौरान पीएम नरेंद्र मोदी समेत तमाम दिग्गज नेता मौजूद रहेंगे। भाजपा फिलहाल खरमास की समाप्ति का इंतजार कर रही है, जो मकर संक्रांति के साथ खत्म होगा।  

सुभाष बराला बोले: ‘कांग्रेस के पास नाम के सिवा कुछ नहीं, भाजपा करती है जमीन पर काम’

जींद देश की मुख्य विपक्षी पार्टी कांग्रेस 'विकसित भारत-जी राम जी' (वीबी-जी राम जी) का विरोध कर रही है और भाजपा सरकार पर मनरेगा को खत्म करके गरीब वर्ग से रोजगार की गारंटी का अधिकार छीनने का गंभीर आरोप लगा रही है, जबकि भाजपा इसे सुधारात्मक प्रक्रिया बता रही है। इस बीच मंगलवार को भाजपा सांसद सुभाष बराला ने कांग्रेस पर तीखा हमला किया। हरियाणा से राज्यसभा सांसद सुभाष बराला ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि कांग्रेस केवल नाम में विश्वास करती है, जबकि भाजपा काम में विश्वास करती है। जब भी देश में अच्छे काम शुरू होते हैं, कांग्रेस विरोध करने का काम करती है। बराला ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि 'वीबी-जी राम जी' अधिनियम, 2025 के तहत मनरेगा योजना में सुधार किया गया है। पुरानी मनरेगा में 100 दिनों का रोजगार था, अब नए कानून में 125 दिनों का काम देने का फैसला किया गया है। न्यूनतम मजदूरी 400 रुपए देने की बात कही गई है, लेकिन कांग्रेस को विकास की बात हजम नहीं होती। उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने संविधान बदलने की झूठी बातें फैलाईं और कहा कि मोदी आए तो संविधान खतरे में है। कांग्रेस के ही नेता मनरेगा खत्म करने की झूठी अफवाहें फैलाते थे। बराला ने कहा, "कांग्रेस ने जवाहरलाल नेहरू के समय मनरेगा जैसी योजना शुरू की, तब नाम बदलने पर कोई आपत्ति नहीं थी, अब क्यों?" राज्यसभा सांसद ने बताया कि भाजपा ने आजीविका के संसाधनों को बनाए रखने और नए रोजगार स्थापित करने का संकल्प लिया है। नए अधिनियम के तहत भैंस पालन, डेयरी काम, गांव के अंदर तालाबों का सौंदर्यीकरण जैसे कार्य किए जा सकते हैं। यह ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी आजीविका और बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगा। बराला ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि विपक्ष मनरेगा के नाम पर राजनीति कर रहा है, जबकि मोदी सरकार ने योजना को आधुनिक और प्रभावी बनाया है। पुरानी योजना में भ्रष्टाचार और कमियां थीं, नए कानून से पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्रामीण मजदूरों को ज्यादा फायदा होगा।

दिल्ली एयरपोर्ट 6 दिन के लिए रहेगा बंद, यात्रियों को होगी भारी परेशानी

नई दिल्ली सर्दी में कोहरे से होने वाली परेशानी अभी खत्म भी नहीं हुई थी कि अब दिल्ली एयरपोर्ट पर हवाई यात्रियों को 6 दिन मुश्किलें झेलनी पड़ सकती हैं। गणतंत्र दिवस के सुरक्षा प्रोटोकॉल के मद्देनजर 21 जनवरी से दिल्ली के ऊपर एयरस्पेस बंद होने के कारण यात्रियों को यात्रा में और भी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा।   मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सरकार ने मंगलवार को 21 जनवरी से 6 दिनों के लिए 1020 घंटे से 1245 घंटे तक के लिए एक नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) जारी किया है। 2 घंटे 25 मिनट के इस बंद से हजारों उड़ानें प्रभावित होंगी और कनेक्शन बाधित होंगे। इसके चलते यात्रियों को देरी और कैंसलेशन का सामना करना पड़ेगा और एयरलाइंस को दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। यह प्रैक्टिस गणतंत्र दिवस पर हर साल होने वाली ड्रेस रिहर्सल और परेड के लिए है। इसमें कर्तव्य पथ पर परेड, फ्लाईपास्ट और संस्कृति और मिलिट्री हार्डवेयर का प्रदर्शन शामिल होता है। मंगलवार को जारी किए गए नोटैम के मुताबिक बंद होने में सिर्फ 8 दिन बचे हैं। इससे एयरलाइंस को अपनी उड़ानों को एडजस्ट करने, मिस-कनेक्टिंग यात्रियों को वेरिफाई कर उन्हें दूसरे रास्ते से भेजने या रिफंड और बदलाव देने में काफी मशक्कत करनी पड़ेगी, जो एयरलाइंस के लिए एक महंगा सौदा होगा। कितनी उड़ानों पर होगा असर? एविएशन एनालिटिक्स कंपनी सिरियम द्वारा शेयर किए गए डेटा से पता चलता है कि इस दौरान 600 से ज्यादा फ्लाइट्स पर असर पड़ेगा। यह वक्त दिल्ली में सबसे बिजी समय में से एक होता है, जब देशभर से आने वाले पैसेंजर यूरोप और भारत में दूसरी जगहों के लिए दोपहर की फ्लाइट्स पकड़ने के लिए लैंड करते हैं। कैंसलेशन, रीशेड्यूलिंग और रुकावटों की वजह से रोजाना हजारों पैसेंजर पर इसका असर पड़ने की उम्मीद है। क्यों किया जा रहा बंद? गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान फ्लाईपास्ट में शामिल विमानों के ही गणमान्य व्यक्तियों की सुरक्षा कारणों से इस तरह के पूरे बंद जरूरी होते हैं। जिन उड़ानों पर असर पड़ेगा, यह जरूरी नहीं कि वो सब कैंसिल ही हों। हालांकि, उनके टाइम में जरूर बदलाव होगा। इसके अलावा, पैसेंजर्स को दूसरे टाइम पर दूसरी फ्लाइट में एडजस्ट किया जाएगा। इस वक्त दिल्ली में कोहरा भी देखने को मिलता है, इसलिए जब किसी दिन विजिबिलिटी कम हो जाती है, तो इतने कम समय में इतनी सारी फ्लाइट्स और यात्रियों को मैनेज करना मुश्किल हो सकता है। यात्रियों के लिए सुझाव अगर आपकी फ्लाइट तय समय और तारीख पर दिल्ली से आने या जाने वाली है, तो सुनिश्चित करें कि आपकी कॉन्टैक्ट डिटेल्स अपडेट हों ताकि एयरलाइंस बदलावों या कैंसलेशन के बारे में जल्द से जल्द आपसे संपर्क कर सकें। उड़ान रद्द होने पर एयरलाइंस आमतौर पर दूसरे ऑप्शन या पूरा रिफंड देती हैं। आखिरी समय में बदलाव को देखते हुए, विमान के किराए टिकट बुक करते समय की कीमत से अधिक हो सकते हैं, इसलिए दूसरे ऑप्शन चुनना ज्यादा समझदारी होगी।  

किसी की पेंशन बंद नहीं, सत्यापन के बाद पुनः प्रारंभ हो जाएगी: अविनाश गहलोत

जयपुर. सामाजिक न्याय एवं अधिकरिता मंत्री अविनाश गहलोत ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन पाने वाले सभी लाभार्थियों से वार्षिक सत्यापन शीघ्र करवाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी लाभार्थी की पेंशन बंद नहीं की गई है। सत्यापन के अभाव में रोकी भी गई है तो वार्षिक सत्यापन के बाद पुनः आरंभ हो जाएगी। गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की सुशासन में विभाग की मंशा ज्यादा से ज्यादा पात्र पेंशनर्स को नियमित सामजिक सुरक्षा पेंशन उपलब्ध कराने की है। विभाग हर वो प्रक्रिया अपनाता है जिससे पेशनर्स को बिना किसी परेशानी के सुगमता से पेंशन मिलती रहे। सामाजिक न्याय मंत्री ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना के सभी लाभार्थियों  को प्रति वर्ष स्वयं का भौतिक सत्यापन करवाना आवश्यक होता है। भौतिक सत्यापन का कार्य 1 नवम्बर से 31 दिसम्बर की अवधि में संचालित किया जाता है। इस अवधि में वार्षिक सत्यापन नहीं करवाने वाले पेंशनर्स की पेंशन का भुगतान रोका जा सकता है। लेकिन सत्यापन के बाद रुकी हुई पेंशन फिर से चालू हो जाती है। गहलोत ने कहा कि लाभार्थी घर से भी एन्ड्राइड मोबाइल पर Rajasthan social pension and Aadhar face RD एप के जरिए लाभार्थी के फेस रिकाग्निशन के आधार पर भौतिक सत्यापन कर सकते हैं। इसके अलावा लाभार्थी वार्षिक भौतिक सत्यापन के लिए ई-मित्र कियोस्क/ई-मित्र प्लस आदि केन्द्रों पर अंगुली की छाप (Finger Print Impression – Biometrics) से करवा सकते हैं। इसके लिए लाभार्थी को ई-मित्र कियोस्क पर निर्धारित शुल्क 50 रुपए एवं ई-मित्र प्लस पर 10 रुपए का भुगतान करना होता है। उन्होंने बताया कि यह सुविधा पूरी तरह से निःशुल्क है।

पत्थर मारकर कुत्ते को बनाया गया हिंसक! सुप्रीम कोर्ट में पीड़िता ने रखा सच

नई दिल्ली   स्ट्रे डॉग्स को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आखिरी सुनवाई जारी है। मंगलवार को अदालत में कुत्ते के काटने का शिकार हुई एक महिला भी पहुंचीं, जिन्होंने जानवरों के हमले का बचाव किया। उन्होंने कहा कि कुत्ते के साथ बुरी तरह से क्रूरता की गई थी, जिसके चलते उसने हमला किया। साथ ही उन्होंने डॉग्स को काबू करने के उपाय भी सुझाए हैं।   सुनवाई के दौरान कोर्ट पहुंचीं पीड़ित महिला ने कहा कि उन्हें भी कुत्ते ने काट लिया था। उन्होंने बताया कि इसके बाद वह इस हमले की वजह का पता करने निकल गईं थीं। बार एंड बेंच के अनुसार, महिला ने सुप्रीम कोर्ट से कहा, 'मैं मानती हूं कि उचित तरीके से ABC लागू करने से कुत्तों की आबादी और आक्रामकता कम होगी। मुझे एक कुत्ते ने काट लिया था। मैं जानना चाहती थी कि आखिर कुत्ते ने मुझे बगैर किसी उकसावे के क्यों काटा। उस कुत्ते के साथ लंबे समय से क्रूरता की जा रही थी। लातें मारी जा रही थीं, पत्थर मारे जा रहे थे आदि।' उन्होंने आगे कहा, 'उसे डर के जवाब में बचाव वाली आक्रामकता दिखाई। मैंने किसी और की हरकतों के कारण ये झेला। एक कुत्ते में आक्रामकता कैसे आती है। एक मिलनसार कुत्ते के साथ क्रूरता करने से उसके मन में डर पैदा होता है। डर बचाव में आक्रामकता को जन्म देता है।' 8 जनवरी को हुई सुनवाई में अदालत ने एबीसी नियमों को ठीक से लागू नहीं किए जाने का मुद्दा उठाया था। शीर्ष न्यायालय ने कहा था कि उसकी तरफ से सभी स्ट्रीट डॉग्स को हटाए जाने के निर्देश नहीं दिए गए हैं, बल्कि एबीसी नियमों के तहत इससे निपटने की बात कही गई है। पशु प्रेमियों और जानवरों के हितों के लिए काम करने वालों की तरफ से कोर्ट में सीनियर एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी पेश हुए थे।  

एम्बाप्पे का जाबी अलोंसो को श्रद्धांजलि संदेश, फुटबॉल समझ पर कही बड़ी बात

नई दिल्ली रियल मैड्रिड के मैनेजर जाबी अलोंसो के क्लब छोड़ने की पुष्टि होने के बाद काइलियन एम्बाप्पे ने उनके लिए एक भावुक विदाई संदेश लिखा है। क्लब की आधिकारिक घोषणा के कुछ ही घंटों बाद एम्बाप्पे ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर जाबी अलोंसो के लिए लिखा, "यह छोटा समय था, लेकिन आपके लिए खेलना और आपसे सीखना मेरे लिए खुशी की बात रही। पहले दिन से मुझ पर भरोसा दिखाने और मुझे आत्मविश्वास देने के लिए धन्यवाद। मैं आपको एक ऐसे मैनेजर के तौर पर याद रखूंगा जिनके पास साफ आइडियाज थे और जो फुटबॉल को गहराई से समझते थे। जीवन के नए चैप्टर के लिए शुभकामनाएं।" रियल मैड्रिड ने सोमवार को कन्फर्म किया कि जाबी अलोंसो अब क्लब का हिस्सा नहीं हैं। यह फैसला रविवार, 11 जनवरी को बार्सिलोना के खिलाफ स्पेनिश सुपर कप में मिली हार के 24 घंटे के भीतर लिया गया। इस हार ने अलोंसो के भविष्य पर आखिरी मुहर लगा दी और पिछली गर्मियों में शुरू हुआ उनका सात महीने का कार्यकाल समाप्त हो गया। अलोंसो की वापसी को बर्नब्यू में एक नए चक्र की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा था। टैक्टिकल क्लैरिटी, हाई प्रेसिंग और मॉडर्न फुटबॉल पर जोर देने वाले अलोंसो मई में बायर लेवरकुसेन के साथ शानदार सफलता के बाद तीन साल के करार पर रियल मैड्रिड पहुंचे थे। 2023-24 सीजन में उन्होंने लेवरकुसेन को बिना हारे बुंडेसलीगा खिताब जिताया, जर्मन कप जीता और टीम को यूरोपा लीग फाइनल तक पहुंचाया था। हालांकि, स्पेन में हालात उम्मीद के मुताबिक नहीं रहे। जैसे-जैसे सीजन आगे बढ़ा, टीम की परफॉर्मेंस में निरंतरता की कमी दिखने लगी। क्लब वर्ल्ड कप में पेरिस सेंट-जर्मेन, ला लीगा में एटलेटिको मैड्रिड और चैंपियंस लीग में लिवरपूल व मैनचेस्टर सिटी के खिलाफ मिली भारी हार ने टीम की कमजोरियों को उजागर कर दिया। मैड्रिड, जो कभी टाइटल रेस में आगे था, वह अब बार्सिलोना से चार अंक पीछे खिसक चुका है। अलोंसो के जाने के बाद क्लब ने पूर्व खिलाड़ी और सेकंड-टीम कोच अल्वारो अर्बेलोआ को अंतरिम मैनेजर नियुक्त किया है, जो कोपा डेल रे में अल्बासेटे के खिलाफ टीम की कमान संभालेंगे।