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इम्युनिटी से लेकर पाचन तक: आंवला जूस के 5 फायदे जो आपको जानने चाहिए

आज के समय में खुद का ख्याल रखना सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। गलत खानपान, प्रदूषण और स्ट्रेस के बीच इम्यून सिस्टम कमजोर होना आम बात हो गई है। ऐसे में आंवला के जूस को डाइट में शामिल करना काफी फायदेमंद माना गया है। यह विटामिन C का एक बेहतरीन स्त्रोत है। यह सिर्फ इम्युनिटी बढ़ाने में ही नहीं, बल्कि  सेहत से जुड़ी कई समस्याओं से लड़ने में मदद करता है। आइए जानते हैं आंवला का जूस पीने के कुछ शानदार फायदों के बारे में। पाचन के लिए अच्छा अनहेल्दी फूड्स की वजह से आजकल ज्यादातर लोगों में पेट से जुड़ी समस्याएं काफी बढ़ गई हैं। आंवला जूस नियमित रूप से पीने से पाचन तंत्र हेल्दी रहता है। जानवरों के एक अध्ययन पर पाया गया है कि आंवला दस्त, मांसपेशियों की ऐंठन, पेट में ऐंठन और बेचैनी जैसी समस्याओं से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। हालांकि, इंसानों के पाचन पर आंवले का रस कैसे प्रभाव डाल सकता है इसके लिए अभी और अध्ययन की जरूरत है। दिल के लिए फायदेमंद आंवला का जूस दिल के मरीजों के लिए एक नेचुरल उपाय के तौर पर बहुत फायदेमंद साबित होता है। इसमें मौजूद पोषक तत्व खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करते हैं और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाते हैं। साथ ही, इससे ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है और दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है। इम्युनिटी बढ़ाने में मददगार कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों के लिए आंवला का जूस बेस्ट ऑप्शन है। इसमें विटामिन C की मात्रा काफी होती है, जो शरीर के इम्यून सिस्टम को मजबूत करता है। खासकर बदलते मौसम के दौरान रोजाना आंवला जूस पीना सर्दी-जुकाम, खांसी और इन्फेक्शन जैसी मौसमी बीमारियों से बचाव में मदद करता है। बालों के लिए वरदान आजकल ज्यादातर लोग अपने पतले बालों को लेकर काफी परेशान रहते हैं। ऐसे में आंवला जूस सिर्फ सेहत ही नहीं, बल्कि बालों के लिए भी फायदेमंद होता है। विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर यह बालों की ग्रोथ बढ़ाता है और बालों को झड़ने से बचाता भी है। आप भी अपनी डाइट में इसे जरूर शामिल करें। किडनी को रखे हेल्दी अगर आपको किडनी से जुड़ी समस्या है, तो आंवला का जूस आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है। आप इसे अपनी डेली डाइट में शामिल करके किडनी की सेहत को हेल्दी रख सकते हैं। साथ ही, यह किडनी से जुड़ी समस्याओं का खतरा भी कम करता है।  

Republic Day सुरक्षा कवच: चप्पे-चप्पे पर निगरानी, दिनभर शहर में कड़ी पाबंदियां

मालेरकोटला जिला मजिस्ट्रेट विराज एस. तिड़के ने पंजाब उत्पाद शुल्क अधिनियम, 1914 की धारा 54 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए गणतंत्र दिवस, सोमवार, 26 जनवरी , 2026 को सुबह 7:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक मालेरकोटला जिले की हदूद में ड्राई डे घोषित किया है । जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि 26 जनवरी (गणतंत्र दिवस) पूरे भारत में बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन शराब के सेवन के बाद लोगों के बीच मारपीट और झगड़े होने से कानून-व्यवस्था बिगड़ने का खतरा रहता है। इसलिए गणतंत्र दिवस को शांतिपूर्ण ढंग से मनाने के लिए शराबबंदी घोषित करना आवश्यक हो जाता है। उन्होंनें कहा कि शराबबंदी के दौरान मालेरकोटला जिले की हदूद में  किसी भी शराब की दुकान (स्थानीय और अंग्रेजी), होटल, दुकान, रेस्तरां, क्लब, बीयर बार, ऐसे परिसर जहां शराब की बिक्री और सेवन कानूनी रूप से अनुमत है या अन्य सार्वजनिक स्थानों आदि में शराब की बिक्री, उपयोग, सेवन/परोसना और भंडारण पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।

जैसलमेर टूरिस्ट्स के लिए नई व्यवस्था, एंट्री पर 50-200 रुपए यात्री कर देना होगा, 2 टोल नाके बनाए जाएंगे

 जैसलमेर  स्वर्ण नगरी जैसलमेर की खूबसूरती निहारने आने वाले पर्यटकों को अब शहर में प्रवेश के लिए 'यात्री कर' (Entry Tax) देना होगा। जैसलमेर नगर परिषद ने 22 साल के लंबे अंतराल के बाद फिर से पर्यटक वाहनों पर टैक्स लगाने का निर्णय लिया है। राज्य सरकार के स्वायत्त शासन विभाग ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है और गजट नोटिफिकेशन जारी होते ही इसे लागू कर दिया जाएगा। जैसलमेर एक छोटा शहर है, लेकिन पर्यटन सीजन (अक्टूबर से मार्च) के दौरान यहां लाखों सैलानी और हजारों वाहन पहुँचते हैं। इससे शहर की सफाई व्यवस्था, सड़कों के रखरखाव और ट्रैफिक प्रबंधन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। नगर परिषद के अनुसार, इस कर से मिलने वाले राजस्व का उपयोग शहर के विकास और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए किया जाएगा। कहां लगेंगे टोल नाके और कितना होगा शुल्क? शहर में प्रवेश के मुख्य रास्तों पर दो टोल नाके बनाए जाएंगे। जोधपुर रोड, यहां से जयपुर, जोधपुर और बीकानेर की ओर से आने वाले पर्यटक वाहन प्रवेश करते हैं। बाड़मेर रोड : यहाँ से गुजरात और दक्षिण राजस्थान की ओर से आने वाले वाहनों का प्रवेश होता है। निर्धारित शुल्क : वाहनों की श्रेणी के अनुसार पर्यटकों को 50 रुपये से लेकर 200 रुपये तक की रसीद कटवानी होगी। किसे मिलेगी छूट और किस पर लगेगा टैक्स? स्थानीय निजी वाहन : जैसलमेर के स्थानीय निवासियों की निजी कारों/गाड़ियों को इस टैक्स से पूरी तरह छूट दी गई है। टैक्सी वाहन : जैसलमेर नंबर की लोकल टैक्सियों और बाहर से आने वाली टैक्सियों, दोनों को यह शुल्क देना होगा। यह टैक्स मुख्य रूप से कमर्शियल और पर्यटक वाहनों पर केंद्रित है। नगर परिषद का पक्ष : नगर परिषद आयुक्त लजपाल सिंह सोढा ने बताया कि पर्यटन सीजन में शहर पर बढ़ते आर्थिक भार को कम करने के लिए यह आवश्यक था। उन्होंने कहा:यात्री कर से सालाना लाखों रुपये का राजस्व मिलने की उम्मीद है। इस राशि का सही इस्तेमाल पर्यटन स्थलों की सार-संभाल, शहर की सफाई और विकास कार्यों में किया जाएगा। जैसलमेर में टूरिस्ट सीजन में सैलानियों की बम्पर आवक होती है। इसके चलते नगर परिषद ने शहर में प्रवेश करने वाले पर्यटक वाहनों पर यात्री कर लगाने का फैसला किया है। पर्यटन सीजन में बढ़ता दबाव बना वजह जैसलमेर एक छोटा शहर है, लेकिन अक्टूबर से मार्च के पर्यटन सीजन में यहां लाखों पर्यटक पहुंचते हैं। बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही से शहर की सड़कों पर दबाव बढ़ता है, जाम की स्थिति बनती है और प्रदूषण में भी इजाफा होता है। इन्हीं कारणों से अतिरिक्त बजट की जरूरत महसूस की गई। कहां कटानी होगी रसीद? नगर परिषद ने 2 प्रमुख रास्तों पर एंट्री पॉइंट बनाने का फैसला किया है। एक एंट्री गेट जोधपुर रोड पर बनेगा, जहां से जयपुर, जोधपुर और बीकानेर की ओर से आने वाले अधिकतर पर्यटक प्रवेश करते हैं। दूसरा एंट्री गेट बाड़मेर रोड पर बनाया जाएगा, जहां से गुजरात और दक्षिण राजस्थान की ओर से आने वाले वाहनों का दबाव रहता है। इन नाकों को पार करते समय पर्यटक वाहनों को निर्धारित शुल्क जमा कर रसीद लेनी होगी। स्थानीय निजी गाडियों को छूट, टैक्सी पर लगेगा टैक्स नगर परिषद ने साफ किया है कि स्थानीय निवासियों की निजी गाडियों पर यह यात्री कर लागू नहीं होगा। हालांकि, जैसलमेर नंबर की टैक्सी भी इस टैक्स के दायरे में आएगी। यानी शहर की स्थानीय टैक्सी और बाहर से आने वाली टैक्सी दोनों को एंट्री शुल्क देना होगा। यह टैक्स केवल पर्यटकों और कॉमर्शियल उपयोग में आने वाले वाहनों पर लागू रहेगा। जैसलमेर नगर परिषद को होगी कमाई इस पूरे प्रोजेक्ट से नगर परिषद को भारी राजस्व मिलने की उम्मीद है। नगरपरिषद कमिश्नर लजपाल सिंह सोढा ने बताया- यात्री कर से लाखों रुपए सालाना मिलने की उम्मीद है। इससे सीजन में बढ़ने वाले यात्री भार से शहर की सफाई पर व अन्य भार बढ़ जाता है जिसको लेकर हम उस पैसों का सही इस्तेमाल कर सकेंगे। उस पैसों का खर्च हम पर्यटन स्थलों की सार संभाल व विकास आदि पर कर सकेंगे।नगर परिषद जल्द ही इन नाकों का निर्माण शुरू करेगी और सीजन के चरम पर पहुंचने से पहले इसे पूरी तरह लागू कर दिया जाएगा।

जुलाना में सुरक्षा कड़ी: 26 जनवरी से पहले होटल-धर्मशालाओं में पुलिस का सर्च ऑपरेशन

जुलाना जुलाना की नई अनाजमंडी में आयोजित होने वाले गणतंत्र दिवस समारोह को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए जुलाना पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इसी कड़ी में थाना प्रभारी विक्रम जोसन के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा कस्बे के विभिन्न होटलों, ढाबों और सार्वजनिक स्थानों पर सर्च अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर समय रहते नियंत्रण पाना रहा। पुलिस टीम ने कस्बे के प्रमुख होटलों में ठहरे लोगों की जांच की और होटल संचालकों को निर्देश दिए कि वे अपने यहां ठहरने वाले प्रत्येक व्यक्ति का पूरा रिकॉर्ड रखें। इस दौरान पहचान पत्रों की गहनता से जांच की गई और संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ भी की गई। वहीं थाना प्रभारी विक्रम जोसन ने बताया कि गणतंत्र दिवस राष्ट्रीय पर्व है, इसलिए सुरक्षा में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही पुलिस गश्त भी बढ़ा दी गई है ताकि असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा सके। होटल संचालकों और आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि नजर आए तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।

खदानें बढ़ीं, समस्याएं नहीं घटीं: माइनिंग के विरोध में ग्रामीण एकजुट

मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी  छत्तीसगढ़ के आदिवासी बहुल और नक्सल प्रभावित मानपुर ब्लॉक के खड़गांव थाना क्षेत्र में स्थित भिलाई स्टील प्लांट (सेल) की दुलकी लौह अयस्क खदान को लेकर ग्रामीणों और प्रबंधन के बीच टकराव की स्थिति बनती नजर आ रही है. भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन ने लीज क्षेत्र में लौह अयस्क की उपलब्धता का आकलन करने के लिए एक्सप्लोरेटरी ड्रिलिंग की अनुमति ग्राम सभा के माध्यम से मांगी है, लेकिन वन प्रबंधन समिति और स्थानीय ग्रामीण फिलहाल इस अनुमति के खिलाफ खड़े हो गए हैं. इसी सिलसिले में खड़गांव थाना क्षेत्र के ग्राम दौरबा में ग्रामीणों की बैठक आयोजित हुई, जिसमें ड्रिलिंग कार्य के विरोध में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया. बैठक में वन प्रबंधन समिति बोदरा के सचिव रामकुमार सलामे, ग्रामीण महिला बिमला सलामे सहित अन्य ग्रामीणों ने कहा कि जब तक उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होता, तब तक ड्रिलिंग और खदान से जुड़ी सड़कों के उपयोग की अनुमति नहीं दी जाएगी. ग्रामीणों का आरोप है कि खनन कंपनियां केवल खनिज दोहन में रुचि दिखा रही हैं, जबकि नियमों के तहत क्षेत्र में बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का विकास अपेक्षित स्तर पर नहीं हुआ है. ग्रामीणों ने यह भी आशंका जताई कि ड्रिलिंग के दौरान होने वाले जमीनी कंपन से गांवों में मकानों को नुकसान पहुंच सकता है. इसके अलावा खदानों से निकलने वाले लाल पानी से खेतों और फसलों पर भविष्य में खतरा मंडराने की बात भी कही गई. ग्रामीणों के अनुसार इन्हीं कारणों से फिलहाल वन प्रबंधन समिति से मांगी गई ड्रिलिंग अनुमति देने पर सहमति नहीं बनी है. हालांकि यह भी तय किया गया कि जल्द ही आसपास के प्रभावित गांवों की मौजूदगी में ग्राम सभा आयोजित कर अंतिम फैसला लिया जाएगा. ग्रामीणों ने कंपनी और प्रशासन के अधिकारियों से भी ग्राम सभा में पहुंचकर क्षेत्रीय विकास और खदान संचालन को लेकर खुली चर्चा करने की अपील की है. इस पूरे मामले पर कलेक्टर तूलिका प्रजापति ने कहा कि भिलाई स्टील प्लांट प्रबंधन को अनुमति की प्रक्रिया प्रशासन के माध्यम से करनी थी. उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ग्राम पंचायत और BSP प्रबंधन की संयुक्त बैठक बुलाकर यह जानने का प्रयास करेगा कि समस्या कहां है और ग्रामीणों को किस बात पर आपत्ति है. कलेक्टर ने भरोसा दिलाया कि चर्चा के जरिए समाधान निकालते हुए प्रशासन और कंपनी से अपेक्षित विकास सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा. दो दशक पहले शुरू हुआ खनन, विकास अब भी नदारद गौरतलब है कि मानपुर ब्लॉक के खड़गांव थाना क्षेत्र में पिछले दो दशकों में तीन लौह अयस्क खदानें स्थापित हुई हैं. वर्ष 2002 में पल्लेमाड़ी शारदा, 2014 में गोदावरी और 2017 में भिलाई स्टील प्लांट की दुलकी माइंस शुरू हुई. खदानों के संचालन के बाद क्षेत्रवासियों को उम्मीद थी कि नियमों के अनुसार कंपनियां बुनियादी सुविधाओं के विकास में योगदान देंगी, लेकिन दो दशक बाद भी ग्रामीण विकास से वंचित होने का दावा कर रहे हैं. बैठक के दौरान बोदरा गांव की एक वृद्ध महिला ने छत्तीसगढ़ी में अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा, “सड़क नई दे, न बिजली नई दे, मैं तो कहात-कहात हार गेंव… अब मर जहूं घला,” यानी न सड़क मिली, न बिजली—मांग करते-करते थक गई हूं. वहीं ग्रामीण महिला बिमला सलामे ने कहा कि चारों ओर पहाड़ और जंगल से घिरे उनके गांव के तीन तरफ पहले ही खदानें खुल चुकी हैं. अब यदि शेष बचे जंगल-पहाड़ क्षेत्र में भी खनन हुआ तो वनोपज, जो उनकी आजीविका का मुख्य साधन है, वह भी छिन जाएगा.

T20 World Cup से पहले बड़ी भविष्यवाणी: रवि शास्त्री बोले– यही खिलाड़ी करेगा सबसे ज्यादा असर

नई दिल्ली टी20 फॉर्मेट में दुनिया के नंबर एक बल्लेबाज अभिषेक शर्मा से न्यूजीलैंड के खिलाफ दूसरे टी20 इंटरनेशनल मैच में भी तूफानी पारी की उम्मीद की जा रही है। पहले मैच में उन्होंने सिर्फ 35 गेंद में 84 रनों की धुआंधार पारी खेली थी। इस बीच टीम इंडिया के पूर्व कोच रवि शास्त्री ने कहा है कि अभीषेक शर्मा टी20 वर्ल्ड कप में सबसे ज्यादा छाप छोड़ने वाले क्रिकेटर होंगे।   टी20 के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में एक मुंबई में आईसीसी के एक कार्यक्रम में शास्त्री ने कहा कि अभिषेक शर्मा जबरदस्त फॉर्म में हैं और आत्मविश्वास से लबरेज भी। ये बात उनको दुनिया का सबसे खतरनाक बल्लेबाज बनाती है। रवि शास्त्री से जब पूछा गया कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 में सबसे असरदार खिलाड़ी कौन हो सकता है तो उन्होंने तपाक से कहा, 'अभिषेक, बिना किसी शक के। वह दुनिया का नंबर 1 टी20 बल्लेबाज है और जबरदस्त फॉर्म में है।' 'अभिषेक चले तो समझिए भारत भी चल गया' शास्त्री ने न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में अभिषेक शर्मा की धुरंधर पारी का जिक्र करते हुए कहा, ‘उसने न्यूजीलैंड से मैच छीन लिया। आप उसे देखना चाहते हैं। उसके आत्मविश्वास का स्तर ऊंचा है। उसे होम क्राउड का भी साथ मिलेगा और अगर वह चल गया तो समझिए भारत भी चल गया।’ अभिषेक शर्मा जब से भारत की टी20 टीम में आए हैं तब से लगातार विध्वंसक बल्लेबाजी से क्रिकेट फैंस को अपना मुरीद बना रहे हैं। वह अब तक सिर्फ 34 टी20 इंटरनेशनल मैच ही खेले हैं लेकिन 5 बार प्लेयर ऑफ द मैच चुने जा चुके हैं। टी20 इंटरनेशनल में अभिषेक शर्मा का प्रदर्शन अभिषेक शर्मा ने जुलाई 2024 में जिम्बाब्वे के खिलाफ हरारे में टी20 इंटरनेशनल में कदम रखा था। अब तक खेले गए 34 टी20 इंटरनेशनल मैचों में उनके नाम 1199 रन हैं। इस दौरान उन्होंने 2 शतक और 7 अर्धशतक जड़े हैं। उनका औसत 37.46 का और स्ट्राइक रेट 190.92 है। इन 34 मैचों में उन्होंने 81 छक्के जड़े हैं।  

पहले शो के बाद बोले दर्शक: बॉर्डर 2 ने जीता दिल, दमदार डायलॉग्स रहे सीटीमार

मुंबई सनी देओल, वरुण धवन, अहान शेट्टी और दिलजीत दोसांझ अभिनीत फिल्म 'बॉर्डर 2' आज शुक्रवार को रिलीज हो गई है। यह साल 1997 में आई फिल्म 'बॉर्डर' का सीक्वल है। फिल्म 'बॉर्डर 2' की रिलीज से पहले ही काफी चर्चा हो रही थी, इसके गाने भी ट्रेंड कर रहे थे। अब जब फिल्म सिनेमाघरों में पहुंच चुकी है तो दर्शकों की सोशल मीडिया पर पहली प्रतिक्रिया क्या है? पढ़िए इस रिपोर्ट में सनी देओल के अभिनय का दिखा दम फिल्म 'बॉर्डर 2' पर नेटिजन्स के शुरुआती रिएक्शन देखकर साफ है कि इस फिल्म का जादू उन पर चल गया है। दर्शक पुरानी यादों में खो गए हैं। कुछ दर्शक इसे 'बॉर्डर' से भी बढ़कर बता रहे हैं। दर्शक इसे रोंगटे खड़े कर देने वाली फिल्म बता रहे हैं और लिख रहे हैं कि इसे देखकर आंखें नम हो जाएंगी। सनी देओल के अभिनय का दम दिखा है। एक यूजर ने लिखा है, 'इस फिल्म को परिवार के साथ जरूर देखा जाना चाहिए। यह फिल्म देखते हुए थिएटर मानो किसी स्टेडियम में बदल जाता है। डायलॉग इतने दमदार हैं कि लोग सीटी बजाते हैं और तालियां गूंजती हैं'। वरुण धवन को ट्रोल करने वालों को करारा तमाचा फिल्म 'बॉर्डर 2' में सिर्फ सनी देओल ही नहीं, वरुण धवन, अहान शेट्टी और दिलजीत ने भी कमाल का काम किया है। एक यूजर ने लिखा है, 'सनी देओल ने पर्दे पर आग लगा दी। वरुण धवन भी सरप्राइज करते हैं। उनकी एक्टिंग देखकर ट्रोल करने वालों की बोलती बंद हो जाएगी। फिल्म का क्लाइमैक्स जबर्दस्त है'। फिल्म की जान हैं इमोशंस यूजर कह रहे हैं कि फिल्म 'बॉर्डर 2', साल 1997 की 'बॉर्डर' को शानदार ट्रिब्यूट है। इमोशंस इस फिल्म की सबसे बड़ी ताकत हैं, बस पहली वाली फिल्म से इसकी तुलना मत करिएगा। वहीं, एक यूजर ने लिखा है कि इस फिल्म में 'बॉर्डर 2' की विरासत को बहुत शानदार तरीके से संभाला गया है।   दर्शकों को पसंद आया संगीत फिल्म की कहानी, सितारों के अभिनय के अलावा फिल्म का संगीत भी दर्शकों को पसंद आया है। 'मिट्टी के बेटे' सॉन्ग दर्शकों को सबसे दमदार लगा है। हालांकि, यह भावुक भी करता है। फिल्म देखकर लौटे दर्शक हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे लगाते हुए बाहर निकल रहे हैं। यूजर्स दावा कर रहे हैं कि यह फिल्म ब्लॉकबस्टर होगी। 'गदर 2' से भी ज्यादा बढ़कर सनी देओल की दहाड़ फिल्म 'बॉर्डर 2' का निर्देशन अनुराग सिंह ने किया है। इसमें मोना सिंह, मेधा राणा और सोनम बाजवा भी अहम भूमिकाओं में हैं। यूजर लिख रहे हैं, 'फिल्म में सनी देओल 'गदर 2' से भी ज्यादा दहाड़े हैं। अहान शेट्टी के सीन तो बहुत शानदार हैं। 

उज्जैन में तनाव चरम पर, हिंसा जारी; पुलिस ने जताई चिंता

उज्जैन मध्य प्रदेश के उज्जैन में एक बार फिर हिंसा भड़क उठी। गुरुवार शाम तोड़फोड़ और आगजनी के बाद लगातार दूसरे दिन शुक्रवार की दोपहर भी स्थिति बिगड़ गई। उपद्रवियों ने पथराव और आगजनी करके दोबारा माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने तेजी से स्थिति को नियंत्रण में लिया और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।   तराना तहसील में पूरे विवाद की शुरुआत तब हुई जब राम मंदिर के पास सुखला गली में एक हिंदूवादी नेता सोहेल ठाकुर पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया। इसके बाद यहां हंगामा बढ़ने लगा और शाम को कुछ लोगों ने पथराव और आगजनी कर दी। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को काबू करते हुए बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी थी। शुक्रवार को बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव किया और वहां हनुमान चालीसा का पाठ किया। एक फरार आरोपी की गिरफ्तारी और उसके मकान पर बुलडोजर ऐक्शन की मांग को लेकर वे धरने पर बैठे थे। पुलिस ने उन्हें समझा-बुझाकर शांत किया। स्थानीय विधायक महेश परमार भी थाने पहुंचे और पुलिस से उचित कार्रवाई की मांग की। दोपहर में फिर बवाल दोपहर में एक बार फिर माहौल बिगड़ गया। अज्ञात लोगों ने बस स्टैंड के पास गुरुवार शाम तोड़फोड़ का शिकार हुई एक बस को आग के हवाले कर दिया। नई बाखल ताकिया कलीम इलाके में पथराव किया गया। एक मोटरसाइकिल को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। कुछ घरों के शीशे टूटे हैं। महिलाओं ने गाली-गलौच और बदसलूकी के आरोप लगाए। लोग बोले- अचानक आई भीड़ और पथराव करके भागी स्थानीय लोगों का कहना है कि 25-30 लोगों की भीड़ अचानक मोहल्ले में घुसी और तोड़फोड़ करते हुए निकल गई। सूचना पाते ही पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है। इससे पहले पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया था। मुख्य आरोपी की पहचान कर ली गई है, लेकिन वह फरार है।  

यूपी में आज शाम 6 बजे सायरन बजेगा, बुझ जाएंगी बत्तियां! जानें ‘ब्लैकआउट’ की पूरी योजना

 लखनऊ उत्तर प्रदेश सरकार आज शाम 6:00 बजे पूरे राज्य में ब्लैकआउट की मॉक ड्रिल आयोजित कर रही है. इस दौरान सायरन बजते ही लोगों को अपने घरों और प्रतिष्ठानों की लाइटें बंद करनी होंगी. यह अभ्यास हवाई हमलों जैसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने और दुश्मन से लोकेशन छिपाने की तैयारी के लिए किया जा रहा है.  इसमें सिविल डिफेंस, एनडीआरएफ, होमगार्ड, फायर ब्रिगेड और स्वास्थ्य विभाग जैसी एजेंसियां आपसी समन्वय के साथ हिस्सा लेंगी. प्रशासन ने विभिन्न जनपदों में स्थान चिन्हित कर लिए हैं ताकि आम जनता को इस सुरक्षा प्रक्रिया के प्रति जागरूक किया जा सके। क्यों जरूरी है यह मॉक ड्रिल? ब्लैकआउट का मुख्य उद्देश्य युद्ध के समय हवाई हमलों से सुरक्षा सुनिश्चित करना है. शाम के समय लाइटें बंद करने से दुश्मन को सटीक लोकेशन का पता नहीं चल पाता. इस मॉक ड्रिल के जरिए एनसीसी, स्काउट गाइड और सुरक्षा एजेंसियां अपनी तैयारियों की जांच करेंगी. इससे जनता को यह संदेश देना है कि अगर भविष्य में ऐसी कोई आपात स्थिति आती है, तो उन्हें घबराने के बजाय किस तरह अनुशासित रहकर अपनी और देश की सुरक्षा करनी है.  इन सावधानियों का रखें विशेष ध्यान ब्लैकआउट के दौरान कुछ कड़े नियमों का पालन अनिवार्य है. लोगों को अपने घरों के अंदर रहना चाहिए और सभी लाइटें बंद रखनी चाहिए. घर से बाहर टॉर्च, मोबाइल या माचिस का प्रयोग पूरी तरह वर्जित होता है. यदि घर के किसी हिस्से से रोशनी बाहर जा रही हो, तो वहां काला कागज चिपकाना जरूरी है. इसके अलावा धूम्रपान न करने और बाहर होने की स्थिति में दौड़ने के बजाय आराम से चलने की सलाह दी गई है ताकि कोई दुर्घटना न हो.

PM स्वनिधि क्रेडिट कार्ड स्कीम की शुरुआत, मोदी ने केरल में किया शुभारंभ

नई दिल्ली प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को केरल में विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन व शिलान्यास किया और नई ट्रेन सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने यहां सीएसआईआर-एनआईआईएसटी नवोन्मेष, प्रौद्योगिकी और उद्यम केंद्र (Innovation, Technology and Entrepreneurship Center) की आधारशिला रखी और ‘पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड’ की शुरुआत की, जो यूपीआई से जुड़ी ब्याज मुक्त रिवॉल्विंग क्रेडिट सुविधा है। मोदी ने पीएम स्वनिधि योजना के तहत कई लाभार्थियों को ऋण राशि और क्रेडिट कार्ड भी वितरित किए। उन्होंने कहा कि इस योजना का उद्देश्य केरल और पूरे देश के गरीबों का कल्याण करना है। यह पहल उन विक्रेताओं को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई है, जिन्होंने योजना के तहत पहली दो किस्तों के लोन पूरी तरह चुका दिए हैं। क्रेडिट अनुशासन का पालन करके, विक्रेता 20 से 50 दिनों की ब्याज-मुक्त क्रेडिट अवधि का लाभ उठा सकते हैं, जिससे उनकी नकदी प्रवाह बेहतर होगी और वित्तीय योजना मजबूत होगी। योजना के कार्यान्वयन और निगरानी की जिम्मेदारी आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय (MoHUA) और वित्तीय सेवा विभाग (DFS) की संयुक्त जिम्मेदारी होगी। DFS का काम बैंकों/वित्तीय संस्थानों और उनके जमीनी कर्मचारियों के माध्यम से लोन/क्रेडिट कार्ड तक पहुंच को आसान बनाना होगा। मोदी ने तीन अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन और एक त्रिशूर-गुरुवायूर यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिससे केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के बीच क्षेत्रीय रेल संपर्क को मजबूत करने में मदद मिलेगी। क्या हैं पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड की विशेषताएं क्रेडिट सीमा: पीएम स्वनिधि क्रेडिट कार्ड की कुल क्रेडिट सीमा ₹30,000 (तीस हज़ार रुपये) होगी। हालाँकि, शुरुआत में कार्यशील सीमा ₹10,000 तय की जाएगी, जिसे संतोषजनक कार्ड इस्तेमाल देखने के बाद धीरे-धीरे बढ़ाकर ₹30,000 कर दी जाएगी। कार्ड की वैधता: कार्ड जारी होने की तारीख से पांच साल की अवधि के लिए वैध होगा। ब्याज-मुक्त अवधि: जारीकर्ता (बैंक/संस्था) अपनी मौजूदा नीति के अनुसार 20-50 दिनों की ब्याज-मुक्त क्रेडिट अवधि देंगे। यूपीआई लिंकेज: क्रेडिट कार्ड को लाभार्थी के यूपीआई आईडी से जोड़ने की सुविधा होगी। इससे विक्रेता अपनी क्रेडिट कार्ड सीमा का इस्तेमाल यूपीआई के जरिए भुगतान करने में कर सकेंगे। ईसीएस/एनएसीएच/ऑटो पे सुविधा: जारीकर्ता "पूरी देय राशि" के भुगतान के लिए कार्डधारकों को इलेक्ट्रॉनिक क्लीयरिंग सर्विस (ईसीएस)/एनएसीएच/ऑटो पे की सुविधा देंगे। यह सुविधा नियत तारीख पर ग्राहक के बैंक खाते से सीधे क्रेडिट कार्ड बिल का भुगतान करने में मदद करेगी। अंतर्राष्ट्रीय और विदेशी मुद्रा लेनदेन नहीं: इस कार्ड पर अंतर्राष्ट्रीय और विदेशी मुद्रा (फॉरेक्स) के लेनदेन की अनुमति नहीं होगी। नकद निकासी नहीं: इस कार्ड से एटीएम या किसी भी प्वाइंट ऑफ सेल (POS) मशीन के जरिए नकद निकासी की अनुमति नहीं होगी। एमसीसी प्रतिबंध: कार्ड पर कुछ विशेष व्यापार श्रेणी कोड (एमसीसी) पर प्रतिबंध होंगे (जैसे शराब, जुआ, विदेशी एयरलाइंस, कार किराए पर देने की सेवा, अंतर्राष्ट्रीय होटल चेन, कुछ प्रत्यक्ष विपणन व्यवसाय आदि), जैसा कि मंत्रालय/कार्ड जारीकर्ताओं द्वारा तय किया जाएगा। अन्य सभी प्रकार के व्यापारियों पर इसके इस्तेमाल की अनुमति होगी। प्रतिबंधित एमसीसी की एक उदाहरण सूची अनुबंध 1 में दी गई है। चक्रीय (रिवॉल्विंग) सुविधा: यह कार्ड एक चक्रीय लोन सुविधा की तरह काम करेगा। इससे उधारकर्ता स्वीकृत सीमा तक धनराशि का उपयोग कर सकते हैं, नियमों के अनुसार चुका सकते हैं, और ज़रूरत पड़ने पर स्वीकृत सीमा के भीतर उपलब्ध क्रेडिट का दोबारा इस्तेमाल कर सकते हैं। ईएमआई सुविधा: जारीकर्ता अपने विवेक से, कार्डधारकों को एक बिलिंग चक्र से न्यूनतम ₹2,500 की बिल राशि को ईएमआई में बदलने की अनुमति दे सकते हैं, बशर्ते कि अनुरोध भुगतान की नियत तारीख से पहले किया गया हो। इस सुविधा पर अधिकतम ब्याज दर प्रति माह 1.5% तक होगी और इसमें बिना किसी जुर्माने या अतिरिक्त शुल्क के पूर्व भुगतान (प्रीपेमेंट) का विकल्प भी शामिल होगा। अन्य विशेषताएँ: · यह कार्ड एक खुदरा (रिटेल) क्रेडिट कार्ड होगा, व्यापार या बिजनेस कार्ड नहीं। · संबंधित कार्ड जारीकर्ता की नीति के अनुसार इनाम अंक (रिवार्ड पॉइंट) दिए जाएंगे। · बिल जनरेशन और भुगतान की नियत तारीख संबंधित कार्ड जारीकर्ता की नीति के अनुसार होगी। · रुपे क्रेडिट कार्ड – क्लासिक वेरिएंट पर लागू होने वाली सभी अतिरिक्त विशेषताएँ, जैसी कि संबंधित कार्ड जारीकर्ता द्वारा पेश की जाती हैं, कार्डधारकों को उपलब्ध होंगी। कौन है पात्र सभी स्ट्रीट वेंडर जिन्होंने अपना दूसरा किस्त का लोन सफलतापूर्वक चुका दिया है और पीएम स्वनिधि योजना के तहत तीसरे किस्त के लोन के लिए पात्र हैं। वे स्ट्रीट वेंडर जिन्होंने पहले ही तीसरे किस्त का लोन ले रखा है – चाहे वह लोन वर्तमान में चालू हो या पूरी तरह चुका दिया गया हो – वे भी इस क्रेडिट कार्ड सुविधा के लिए पात्र हैं। आवेदक की उम्र आवेदन के समय 21 से 65 वर्ष के बीच होनी चाहिए। यह क्रेडिट कार्ड सुविधा तीसरे किस्त के लोन के अतिरिक्त प्रदान की जाएगी। स्ट्रीट वेंडर अपनी पात्रता और पसंद के अनुसार तीसरा किस्त का लोन, क्रेडिट कार्ड सुविधा, या दोनों ले सकते हैं।