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बसंत पंचमी विशेष: शाम को तुलसी पूजन के लिए कितने बजे जलाएं दीपक?

आज माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि का दिन है. आज पूरा देश बंसत पंचमी का त्योहार मना रहा है. ये पर्व ज्ञान, बुद्धि और विद्या की देवी माता सरस्वती को समर्पित किया गया है. बसंत पंचमी के दिन माता सरस्वती की पूजा अर्चना विशेष फलदायी मानी गई है. मान्यता है कि इस दिन माता सरस्वती का पूजन करने से ज्ञान, बुद्धि और विद्या का आशीर्वाद प्राप्त होता है. बंसत पंचमी के दिन स्नान-दान भी किया जाता है. इस दिन स्नान-दान और पूजा-पाठ के साथ-साथ तुलसी के पौधे के पास दीपक भी जलाया जाता है. मान्याता है कि इससे घर में खुशहाली आती है. हर घर के आंगन में तुलसी का पौधा हाता है. हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को बहुत विशेष माना जाता है. तुलसी को माता मानकर उनको जल अर्पित किया जाता है. तुलसी के पौधे में माता लक्ष्मी वास करती हैं. तुलसी जगत के पालनहार भगवान विष्णु को भी बहुत प्रिय है, इसलिए तुलसी को हरि प्रिया भी कहा जाता है. ऐसे में आइए जानते हैं आज शाम को तुलसी के पास दीपक जलाने का शुभ समय क्या है? बंसत पंचमी पर तुलसी के पास दीपक जलाने का समय बसंत पंचमी के दिन शाम के समय, विशेष रूप से सूर्यास्त के ठीक पहले या गोधूलि बेला में दीपक जलाना शुभ होता है. आज गोधूलि बेला 5 बजकर 42 मिनट से 6 बजकर 08 मिनट तक रहेगी. इस समय तुलसी के पास दीपक प्रज्वलित करें. तुलसी के पास दीपक जलाने से घर में माता लक्ष्मी का आगमन होता है. साथ ही घर में सकारात्मक उर्जा का प्रवाह बना रहता है. तुलसी पूजन है बहुत लाभदायक माना जाता है कि जिस घर में पूरे विधि-विधान से तुलसी माता की पूजा की जाती है, उस घर में सुख-संपन्नता और धन-धान्य की कभी कमी नहीं होती है. वहीं अगर तुलसी पूजा के नियमों की अनदेखी की जाती है, तो घर में बीमारी और दरिद्रता का वास हो जाता है. लिहाजा आपके घर में तुलसी का पौधा है और उसकी पूजा की जाती है, तो शास्त्रों में बताए सभी नियमों का पालन अवश्य करें.

CS ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मण्डलायुक्तों और CDOs के साथ शासन की योजनाओं की समीक्षा की

मुख्य सचिव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मण्डलायुक्तों एवं मुख्य विकास अधिकारियों के साथ शासन के प्राथमिकता कार्यक्रमों एवं योजनाओं की समीक्षा की सभी मुख्य विकास अधिकारियों से मुख्य सचिव ने किया सीधे संवाद वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी के लक्ष्य को लेकर विकास कार्यों में तेजी के निर्देश एसआरएलएम और लखपति महिला कार्यक्रम की प्रगति पर विशेष जोर प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजनाओं के अधूरे कार्य शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश आकांक्षात्मक जनपदों में फील्ड विजिट और ब्लॉक डेवलपमेंट स्ट्रेटजी पर बल यूपी दिवस के राज्य स्तरीय मुख्य आयोजन में प्रत्येक जनपद से आने वाले 40-40 प्रतिभाशाली व्यक्तियों के ठहरने, खानपान एवं आवागमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित कराने के दिए निर्देश   लखनऊ  मुख्य सचिव श्री एस.पी.गोयल ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं एवं कार्यक्रमों की समीक्षा की। बैठक में शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी भौतिक रूप से तथा सभी मण्डलायुक्त एवं मुख्य विकास अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए।              मुख्य सचिव निर्देश दिए कि सभी विकास अधिकारी जनपद के विकास कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाने के लक्ष्य में प्रत्येक विभाग एवं उसकी योजनाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए प्रत्येक विभाग द्वारा कम से कम माह में एक बार नियमित समीक्षा सुनिश्चित की जाए। समीक्षा के दौरान यह भी देखा जाए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता न हो और जनहित से जुड़े कार्य निर्धारित समय सीमा में पूरे हों। रूरल इकोनॉमी से जुड़ी छोटी-छोटी योजनाओं पर विशेष ध्यान देते हुए अधिक से अधिक लाभार्थियों का चयन कराया जाए।             उन्होंने कहा कि एसआरएलएम के प्रभावी क्रियान्वयन में मुख्य विकास अधिकारी की महत्वपूर्ण भूमिका है। प्रत्येक माह अनिवार्य रूप से कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक आयोजित की जाए। स्वयं सहायता समूहों का लक्ष्य बढ़ाकर तीन करोड़ किया गया है, जिसे ध्यान में रखते हुए प्रगति की नियमित समीक्षा करते हुए परिवार संतृप्तिकरण के लक्ष्य को पूरा किया जाए। लखपति महिला कार्यक्रम के अंतर्गत समूह की महिलाओं की आय का विवरण त्रैमासिक रूप से पोर्टल पर समयबद्ध रूप से फीड कराया जाए तथा डाटा की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। मुख्य विकास अधिकारी द्वारा डाटा की रैंडम जांच भी कराई जाए। समूहों में ऐसी गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाए जिससे अधिक से अधिक आय सृजन हो और अधिक महिलाएं लखपति बन सकें।             उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत प्रदेश में 36.56 लाख परिवारों को आवास उपलब्ध कराने के लक्ष्य के सापेक्ष केवल 0.4 प्रतिशत आवास अधूरे हैं, जिन्हें शीघ्र पूर्ण कराया जाए। इन परिवारों को स्वयं सहायता समूहों से भी आच्छादित किया जाए तथा उन्हें प्राथमिकता के आधार पर नल कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएं। मॉडल आवासों का निर्माण भी तेजी से पूर्ण कराया जाए। योजना के अंतर्गत सर्वे के उपरांत अपात्र लाभार्थियों की डिलीशन की कार्यवाही तत्काल पूरी की जाए, जिससे अग्रेतर कार्यवाही समय से हो सके। मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 1.05 लाख अधूरे आवासों को भी शीघ्र पूर्ण कराया जाए तथा स्वीकृत आवासों की किश्तें समय से जारी की जाएं।            उन्होंने प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक सरोवर के निर्माण के लक्ष्य के सापेक्ष जहां स्थल चयन शेष है या स्थल चयन के बाद कार्य प्रारंभ नहीं हुआ है, वहां प्राथमिकता के आधार पर कार्य पूर्ण कराया जाए। निर्माणाधीन अमृत सरोवरों में भी तेजी लाई जाए। ग्रामों को ओडीएफ प्लस घोषित करने के लिए सत्यापन कार्य में गति लाई जाए। सभी जनपदों में गो-आश्रय स्थलों पर सीसीटीवी कैमरे लगवाए जाएं तथा उनकी मॉनिटरिंग के लिए विकास भवन में कंट्रोल रूम स्थापित किया जाए। जिन अस्थायी गो-आश्रय स्थलों में 50 से कम गोवंश हैं, उन्हें स्थायी गो-आश्रय स्थलों में स्थानांतरित किया जाए। फैमिली आईडी से अधिक से अधिक परिवारों को जोड़ा जाए। आकांक्षात्मक जनपदों में अधिकारी फील्ड में जाकर प्रगति की समीक्षा करें तथा ब्लॉक डेवलपमेंट स्ट्रेटजी तैयार करें।             मुख्य सचिव ने जीरो पावर्टी अभियान, आकांक्षात्मक विकास खण्ड कार्यक्रम, फैमिली आईडी, डिजिटल लाइब्रेरी सहित अन्य प्राथमिकता कार्यक्रमों की भी समीक्षा की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पशुपालन विभाग के अंतर्गत गो-आश्रय स्थल, कुक्कुट विकास नीति-2022, बकरी, सूकर एवं भेड़ पालन योजनाओं, टीकाकरण तथा नंद बाबा दुग्ध मिशन की प्रगति पर भी चर्चा की गई।           यूपी दिवस के राज्य स्तरीय मुख्य आयोजन के संबंध में उन्होंने निर्देश दिए गए कि प्रत्येक जनपद से 40-40 प्रतिभाशाली व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा, जिनमें प्रगतिशील किसान, उद्यमी, वैज्ञानिक, डॉक्टर, खिलाड़ी, महिलाएं तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के लाभार्थी शामिल होंगे। इनके ठहरने, खानपान एवं आवागमन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। दूरस्थ जनपदों से आने वाले प्रतिभागियों के लिए मार्ग में समन्वय कर व्यवस्थाएं की जाएं। प्रत्येक बस के लिए एक जिम्मेदार अधिकारी को बस प्रभारी नामित किया जाए, जो सभी प्रतिभागियों को सुरक्षित एवं समय से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचाने तथा वापसी की जिम्मेदारी सुनिश्चित करेगा। ———————

ईरान को ट्रंप की धमकी, US ने भेजी बड़ी सेना, शिया देश ने किया कड़ा जवाब

तेहरान: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को धमकी दी है. उन्होंने घोषणा की है कि अमेरिका का नौसैनिक ‘आर्माडा’ ईरान की ओर बढ़ रहा है, वहीं ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के कमांडर ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि उनकी उंगली भी ट्रिगर पर है. दोनों तरफ से यह बयान तब आया जब बड़े पैमाने पर ईरान में विरोध प्रदर्शन हुए हैं. ट्रंप ने जोर देते हुए कहा कि वह नहीं चाहते कि बल प्रयोग करना पड़े, लेकिन यह तैनाती ईरान पर दबाव बनाए रखने के लिए है, क्योंकि देश के अंदर की घटनाएं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित कर रही हैं. ट्रंप ने पत्रकारों से कहा, ‘हमारे पास एक विशाल सैन्य बेड़ा है जो ईरान की ओर बढ़ रहा है. देखते हैं आगे क्या होता है. हम उन पर बहुत करीब से नजर रख रहे हैं.’ एक अन्य मौके पर उन्होंने कहा, ‘हमारे पास एक आर्माडा है, जो उस दिशा में जा रहा है, और शायद हमें इसका इस्तेमाल न करना पड़े.’ न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक अमेरिकी अधिकारियों ने नाम न बताने की शर्त पर कहा कि एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन और कई गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर्स आने वाले दिनों में मिडिल ईस्ट पहुंच सकता है. अपने एयरबेस को बचाने के लिए क्या करेगा अमेरिका? एक अधिकारी ने कहा कि मिडिल ईस्ट में अमेरिकी ठिकानों पर संभावित ईरानी हमले से बचाव के लिए अतिरिक्त एयर-डिफेंस सिस्टम पर भी विचार किया जा रहा है. एशिया-प्रशांत क्षेत्र से पिछले हफ्ते शुरू हुई ये गतिविधियां US को अमेरिकी बलों की रक्षा और किसी भी तनाव की स्थिति का जवाब देने के लिए विकल्प देती हैं. ट्रंप ने ईरान को प्रदर्शनकारियों की हत्या या परमाणु कार्यक्रम फिर से शुरू करने के खिलाफ चेतावनी दोहराई, उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने अमेरिकी हमलों के बाद अपने परमाणु क्षमता को फिर से बनाने की कोशिश की तो अमेरिका कार्रवाई करेगा. उन्होंने कहा, ‘अगर वे फिर से ऐसा करने की कोशिश करते हैं, तो हम वहां भी उतनी ही आसानी से हमला करेंगे.’ 'वैध लक्ष्य' वाली चेतावनी बता दें कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स को ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और अमेरिका सहित कई देशों ने एक आतंकवादी संगठन के रूप में चिन्हित किया है और इस पर प्रतिबंधित भी लगाए गए हैं। ईरान में जारी हालिया विरोध प्रदर्शनों के दौरान भी रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स द्वारा क्रूरता की खबरें सामने आई हैं। इस बीच एक अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, जनरल अली अब्दुल्लाही अलीबादी, जो ईरानी संयुक्त कमान मुख्यालय का नेतृत्व करते हैं, ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने हमला किया, तो अमेरिका के सभी ठिकाने ईरान के सशस्त्र बलों के लिए वैध लक्ष्य होंगे। बहुत बड़ी सेना ईरान की ओर इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह कहकर हलचल मचा दी है कि एक बहुत बड़ी सेना ईरान की ओर बढ़ रही है। दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम से लौटते समय, ट्रंप ने एयर फॉर्स वन पर पत्रकारों से कहा कि अमेरिका सिर्फ एहतियात के तौर पर ईरान की ओर एक विशाल बेड़ा भेज रहा है। उन्होंने कहा, "मैं नहीं चाहता कि कुछ भी हो लेकिन हम उन पर बहुत करीब से नजर रख रहे हैं।” धमकियों का दौर जारी इससे पहले दोनों देशों के बीच धमकियों का दौर जारी है। डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की धमकी के बाद बीते मंगलवार को कहा है कि अगर ईरान ने उनकी हत्या कराई तो अमेरिका ईरान का नामोनिशान मिटा देगा। ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा, ‘‘मेरे बहुत सख्त निर्देश हैं कि अगर कुछ होता है तो वे उन्हें नक्शे से मिटा देंगे।’’ इससे पहले ईरान ने ट्रंप को देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ किसी प्रकार की कार्रवाई करने पर चेतावनी दी थी। ईरान के सशस्त्र बलों के प्रवक्ता जनरल अबुलफजल शेकारची ने कहा, ‘‘ट्रंप जानते हैं कि अगर हमारे नेता की ओर हाथ भी बढ़ाया गया तो हम न केवल उस हाथ को काट देंगे बल्कि उनकी दुनिया में आग लगा देंगे।’’ ईरान में प्रदर्शन के बाद सैन्य तैनाती ट्रंप ने यह भी दावा किया कि अमेरिकी धमकियों के चलते ईरान ने प्रदर्शनकारियों की फांसी रोक दी, उन्होंने कहा कि अधिकारियों ने करीब 840 फांसी रद्द कर दीं. रॉयटर्स के मुताबिक ट्रंप ने कहा, ‘मैंने कहा, अगर आप उन लोगों को फांसी देंगे, तो आपको पहले से भी ज्यादा जोरदार झटका लगेगा. यह आपके परमाणु कार्यक्रम पर किए गए हमारे हमले के मुकाबले कुछ भी नहीं होगा.’ अमेरिका की यह सैन्य तैनाती ईरान में उस अशांति के बीच हो रही है, जो दिसंबर के अंत में शुरू हुई थी और देशभर में फैल गई थी, हालांकि सख्त कार्रवाई के बाद यह कम होती दिख रही है. अमेरिका स्थित ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक कम से कम 5,002 लोगों की मौत हुई है, जबकि ईरान सरकार ने 3,117 मौतों की पुष्टि की है.

ऑस्ट्रेलिया ओपन में अल्काराज और सबालेंका ने चौथे दौर में बनाई जगह, अल्काराज की टक्कर अब टॉमी से

मेलबर्न  विश्व रैंकिंग में शीर्ष पर काबिज खिलाड़ी कार्लोस अल्काराज ने ऑस्ट्रेलियाई ओपन टेनिस टूर्नामेंट के पुरुष एकल के तीसरे दौर में कोरेंटिन माउटेट पर जीत दर्ज की. स्पेन के 22 वर्षीय अल्काराज यहां करियर ग्रैंडस्लैम की कोशिश में जुटे हैं उन्होंने 32वीं वरीयता प्राप्त खिलाड़ी माउटेट से मिली चुनौती से निपटते हुए 6-2, 6-4, 6-1 से जीत दर्ज की. अल्काराज ने कोर्ट पर टीवी इंटरव्यू में कहा, ‘जब आप कोरेंटिन जैसे किसी खिलाड़ी के साथ खेलते हैं तो आपको नहीं पता होता कि आगे क्या होने वाला है. जैसा कि आप देख सकते हैं, हम दोनों ने शानदार शॉट्स लगाए. शानदार अंक जुटाए.’ अल्काराज अब रविवार को दुनिया के 19वें नंबर के खिलाड़ी टॉमी पॉल से भिड़ेंगे, जिन्होंने एलेजांद्रो डेविडोविच फोकिना के चोट के कारण रिटायर होने के कारण अगले दौर में प्रवेश किया. पॉल ने पहले दो सेट 6-1, 6-1 से अपने नाम कर लिए थे. महिलाओं के एकल में शीर्ष रैंकिंग की खिलाड़ी आर्यना सबालेंका ने अनास्तासिया पोटापोवा को 7-6 (4), 7-6 (7) से हराया. सबालेंका चार साल में अपना तीसरा ऑस्ट्रेलियाई ओपन खिताब जीतने की कोशिश कर रही हैं. सबालेंका ने 2023 और 2024 में ऑस्ट्रेलियाई ओपन का खिताब जीता और एक साल पहले वह मैडिसन कीज से हारकर उपविजेता रही थीं. सबालेंका ने दो बार अमेरिकी ओपन भी जीता है. अब चौथे दौर में सबालेंका का सामना उभरती हुई स्टार विक्टोरिया म्बोको के खिलाफ होगा, जिन्होंने 14वीं वरीयता प्राप्त क्लारा टौसन को 7-6 (5), 5-7, 6-3 से हराया. पुरुषों के अन्य मुकाबलो में दानिल मेदवेदेव ने दो सेट से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए फैबियन मारोजसन पर 6-7 (5), 4-6, 7-5, 6-0, 6-3 से जीत हासिल की. यह पांचवीं बार है, जब मेदवेदेव ने 0-2 से पिछड़ने के बाद ग्रैंड स्लैम मैच जीता है. 2021 के अमेरिकी ओपन चैंपियन और तीन बार के ऑस्ट्रेलियाई ओपन उप विजेता मेदवेदेव अब अमेरिकी खिलाड़ी लर्नर टिएन से भिड़ेंगे, जिन्होंने उन्हें पिछले साल यहां दूसरे दौर के पाच सेट चले मैच में हराया था. 25वीं वरीयता प्राप्त टिएन ने नूनो बोर्गेस को 7-6 (9), 6-4, 6-2 से हराकर चौथे दौर में जगह बनाई.

Playing XI में बड़ा फेरबदल संभव: अक्षर पटेल बाहर, ईशान किशन पर आखिरी दांव खेल सकती है टीम इंडिया

नई दिल्ली इंडिया वर्सेस न्यूजीलैंड 5 मैच की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज रायपुर में खेला जाना है। सीरीज का पहला मैच 48 रनों से जीतकर टीम इंडिया ने 1-0 की बढ़त बना ली है। आज भारत अपनी बढ़त दोगुना करना चाहेगा, वहीं न्यूजीलैंड की नजरें सीरीज में वापसी करने पर होगी। टीम इंडिया के सामने इस मैच से पहले एक बड़ी मुश्किल खड़ी है, अक्षर पटेल चोट के चलते दूसरे टी20 से बाहर हो सकते हैं। न्यूजीलैंड के खिलाफ नागपुर टी20 के दौरान उनके हाथ में चोट लगी थी, जिस वजह से उन्होंने अपने कोटे के पूरे ओवर भी नहीं किए थे।   पहले और दूसरे टी20 के बीच ज्यादा गैप नहीं था, इस वजह से अक्षर पटेल को रिकवर होने के लिए प्रयाप्त समय नहीं मिल पाएगा। ऐसे में अगर वह आज का मैच मिस करते हैं उनकी जगह किसी अन्य खिलाड़ी की एंट्री हो सकती है। कुलदीप यादव अक्षर पटेल को रिप्लेस करने के प्रबल दावेदार हैं, हालांकि उनकी टीम में एंट्री से भारतीय टीम की बैटिंग डेप्थ पर असर पड़ेगा। गौतम गंभीर हरफनमौलाओं को ज्यादा तवज्जों देते हैं। इस सीरीज में अक्षर पटेल के लाइक टू लाइक रिप्लेसमेंट वॉशिंगटन सुंदर हो सकते थे, जो बॉलिंग के साथ बैटिंग में भी गहराई दे सकते थे, मगर वह भी चोट के चलते बाहर हैं। ऐसे में भारत को रिस्क लेना होगा। इसके अलावा एक बार फिर नजर ईशान किशन पर रहेगी। तिलक वर्मा की गैरमौजूदगी में उन्हें पहले टी20 में मौका मिला, मगर वह इसका फायदा नहीं उठा सकते। बता दें, तिलक वर्मा पहले तीन टी20 से ही बाहर हुए हैं। वह आखिरी दो मुकाबलों के लिए वापसी कर सकते हैं। ऐसे में अब ईशान किशन के पास वर्ल्ड कप से पहले ज्यादा मौके नहीं रह गए हैं। भारतीय संभावित XI- अभिषेक शर्मा, संजू सैमसन, ईशान किशन, सूर्यकुमार यादव, हार्दिक पांड्या, रिंकू सिंह, शिवम दुबे, कुलदीप यादव, वरुण चक्रवर्ती, जसप्रीत बुमराह और अर्शदीप सिंह  

दोस्त बनकर डसते हैं! इन 5 आदतों वाले लोगों से रहें सावधान, वरना पछतानी पड़ेगी पूरी जिंदगी

जीवन में एक अच्छा दोस्त मिल जाए तो काफी चीजें आसान हो जाती हैं। कभी खुशी हो तो दोस्त उसे दोगुना कर देते हैं तो वहीं कभी कोई दुख हो, तो अपने कंधे का सहारा दे देते हैं। एक अच्छा और सच्चा दोस्त मिलना वाकई नसीब की बात है क्योंकि ऐसे लोगों की कमी नहीं जो मुंह पर तो आपके दोस्त, आपके शुभचिंतक बनते हैं लेकिन उनसे बुरा शायद ही कोई आपके बारे में सोचता हो। ऐसे दोगले लोगों से दोस्ती करने से लाख गुना बेहतर है कि आप जीवनभर बिना दोस्त के ही गुजार दें। आचार्य चाणक्य ने जीवन के हर महत्वपूर्ण पहलू पर विस्तार से लिखा, जिसमें से एक दोस्ती भी है। उन्होंने अपनी नीति में ऐसे लोगों का जिक्र किया है, जिनसे दोस्ती करना खुद को विष देने के समान है। आचार्य ने इन लोगों की कुछ आदतों के बारे बताया है और इनसे कोसों दूर रहने की भी सलाह दी है। आइए जानते हैं इन लोगों की पहचान कैसे करें। हमेशा मन में जलन और ईर्ष्या की भावना रखने वाले कुछ लोगों का स्वभाव ऐसा होता है कि वो आपके सामने तो आपकी खूब तारीफ करते हैं और ऐसा दिखाते हैं जैसे मानों उनसे बेहतर आपके लिए कोई सोचता ही ना हो। लेकिन पीठ पीछे ये आपके बारे में जहर उगलते हैं। इनके मन में आपको ले कर हमेशा एक जलन और ईर्ष्या की भावना बनी रहती है। जीवन में आपको आगे बढ़ते देखना इन्हें भीतर से जलाकर राख कर देता है तो वहीं आपके दुख में ये मन ही मन बहुत खुश होते हैं। आचार्य चाणक्य के अनुसार ऐसे लोग कभी भी आपके दोस्त नहीं बन सकते। अगर आपको कभी भी लगे कि सामने वाला आपसे ईर्ष्या करता है तो उससे दोस्ती करना अवॉइड करें। हमेशा नेगेटिव सोचने वाले लोग कहते हैं कि आप जैसे लोगों के बीच रहते हैं, खुद भी वैसे ही बन जाते हैं। खासतौर से आपके दोस्तों का नजरिया, जीवन को लेकर उनके विचार, उनके लक्ष्य; ये सभी चीजें कहीं ना कहीं आप पर भी बहुत असर डालती हैं। ऐसे में दोस्तों का चुनाव बहुत ही सोच समझकर करना चाहिए। आचार्य चाणक्य के अनुसार ऐसे लोगों की संगत में भूलकर भी ना रहें जो हमेशा हर चीज को ले कर नकारात्मक सोच रखते हों। ये लोग ना तो खुद जीवन में कुछ कर पाते हैं और ना ही आपको आगे बढ़ने देते हैं। जो बन जाते हों हर किसी के दोस्त एक कहावत तो आपने भी कभी ना कभी सुनी ही होगी कि जो सभी के दोस्त होते हैं, असल में वो किसी के भी दोस्त नहीं होते। ये बात बिल्कुल सच है और आपको अपने जीवन में लागू भी जरूर करनी चाहिए। खासतौर से कभी ऐसे व्यक्ति को तो अपना करीबी मित्र बिल्कुल नहीं बनाना चाहिए जो हर किसी के साथ वैसा ही व्यवहार करता हो, जैसा आपके साथ करता है। असल में ये लोग किसी के सगे नहीं होते। अपनी सहूलियत के हिसाब से इनकी दोस्ती गहरी और हल्की होती रहती है। समय आने पर हो सकता है ये आपकी चुगली करने और आपके राज खोलने में भी परहेज ना करें। ऐसे में बेहतर है कि आप इनसे दोस्ती करें ही ना। मुसीबत में ना दे साथ कहते हैं कि अच्छे दोस्त की पहचान मुसीबत में ही होती है। जो सिर्फ आपके अच्छे पलों में आपका साथ दे और मुसीबत आते ही सबसे दूर खड़ा नजर आए, ऐसे लोगों को दोस्त तो क्या अपने आसपास भी नहीं रखना चाहिए। आचार्य चाणक्य ने भी अपनी नीतियों में ऐसे लोगों से दूरी बनाकर रखने को कहा है। अगर आपको कभी भी लगे कि आपका कोई दोस्त कभी आपकी मदद करने को तैयार नहीं होता, मदद मांगने पर हमेशा आनाकानी करता है और दूर हो जाता है; तो इसे नजरअंदाज ना करें। कल को जब आपको इनकी वाकई सबसे ज्यादा जरूरत होगी ये उस समय भी हाथ खड़े करते हुए ही नजर आएंगे। दुष्ट स्वभाव के व्यक्ति से ना करें दोस्ती आचार्य चाणक्य के अनुसार अगर कभी सांप और दुष्ट व्यक्ति में से किसी एक को चुनना हो तो सांप ही बेहतर है। क्योंकि सांप एक बार ही डसता है, वहीं दुष्ट व्यक्ति बार-बार डसता है। आचार्य कहते हैं कि दुष्ट स्वभाव वाले व्यक्ति से भूलकर भी दोस्ती ना करें। इनके साथ रहने पर आपका पूरा जीवन बर्बाद हो सकता है। अगर आपको लगता है कि भविष्य में ये सुधार जाएंगे या इनके व्यवहार में बदलाव आ जाएगा, तो यह सोचना व्यर्थ है क्योंकि एक दुष्ट मनुष्य कभी भी अपने स्वाभाव को नहीं बदलता है।  

हरियाणा में सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जजों की पेंशन पर HC का बड़ा आदेश

चंडीगढ़  पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि सेवानिवृत्त हाईकोर्ट जज को मिलने वाली पेंशन एक सांविधानिक रूप से संरक्षित, निहित अधिकार है जिसे समायोजित या न्यूट्रलाइज नहीं किया जा सकता। अदालत ने हरियाणा सरकार के उस फैसले को रद्द कर दिया जिसमें लोकायुक्त के रूप में नियुक्त पूर्व जजों के वेतन से उनकी पेशन काटी जा रही थी। न्यायमूर्ति संदीप मौदगिल ने कहा कि हरियाणा लोकायुक्त अधिनियम, 2002 के तहत लोकायुक्त का वेतन वर्तमान हाईकोर्ट जज के समकक्ष तय है और इसमें पेंशन कटौती का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में राज्य सरकार को अपने स्तर पर पेंशन काटने का कोई अधिकार नहीं था। अदालत ने इस कार्रवाई को असाविधानिक, भेदभावपूर्ण और विधिसम्मत आधार से रहित करार देते हुए सभी बकाया राशि 6 प्रतिशत व्याज सहित चार सप्ताह में जारी करने का निर्देश दिया। यह फैसला न्यायमूर्ति एनके सूद सहित अन्य पूर्व जजों की याचिका पर आया, जिन्होंने हरियाणा के लोकायुक्त के रूप में निर्धारितb पांच वर्ष का कार्यकाल पूरा किया था। याचिकाकर्ताओं ने 18 अगस्त 2022 के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके जरिए राज्य ने उन्हें हाईकोर्ट जज के समकक्ष पूरा वेतन देने से इन्कार करते हुए पेंशन काट ली थी। मामले की मूल कानूनी स्थिति स्पष्ट करते हुए न्यायमूर्ति मौदगिल ने कहा, यह विवाद न तो न्यायसंगत का है और न ही प्रशासनिक विवेक का। यह सांविधानिक आदेश का प्रश्न है। जहां संविधान और संसदीय कानून प्रभावी ही वहां कार्यपालिका की व्याख्या टिक नहीं सकती। अदालत ने राज्य के दोहरे लाभ वाले तर्क को खारिज कर दिया।     

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने भर्ती परीक्षाओं के OMR शीट के लिए की नई व्यवस्था का ऐलान

जयपुर  राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं के OMR शीट को लेकर घमासान मचा हुआ है। भर्ती परीक्षा प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने एक नया फैसला लिया है। नए फैसले के तहत अब राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं की OMR शीट को ऑनलाइन अपलोड किया जाएगा। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज के अनुसार चयन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ओएमआर शीट को ऑनलाइन अपलोड करने का फैसला लिया गया है। चपरासी भर्ती परीक्षा से इस नई व्यवस्था की शुरुआत की जाएगी। ओएमआर शीट में धांधली की मिलीं कई शिकायतें उल्लेखनीय है कि चयन बोर्ड के अफसरों और एक प्राइवेट फर्म के कर्मचारियों पर अभ्यर्थियों से पैसे लेकर ओएमआर शीट में नंबर बढ़ाने का आरोप है। ओएमआर शीट घोटाले के बाद अभ्यर्थियों की ओर से इस धांधली की कई शिकायतें मिलीं। शिकायतों पर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड गंभीर राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया है। जिसके बाद राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड के अध्यक्ष आलोक राज ने चयन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने का नया फैसला लिया।

नायब सैनी का बयान: ऐसा बजट तैयार किया जाए जो राज्य के संतुलित विकास को गति दे

कुरुक्षेत्र  मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने  कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के सीनेट हाॅल में बजट के लिए भारतीय किसान संघ, भारतीय मजदूर संघ, स्वदेशी जागरण मंच, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, विद्या भारती, अधिवक्ता परिषद, विश्व हिंदू परिषद, क्रीड़ा भारती सहित अन्य प्रमुख संगठनों के पदाधिकारियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश का ऐसा बजट तैयार करना है जो राज्य के समग्र और संतुलित विकास को गति प्रदान करे। उन्होंने कहा कि जनभागीदारी से ही प्रदेश के आम नागरिक के लिए बजट बनाया जाएगा। इसमें आमजन की राय को शामिल करने के लिए ही समाज के हर समूह से सुझाव लिए जा रहे हैं। इन सुझावों पर सभी अधिकारी व विषय विशेषज्ञ गंभीरता के साथ मंथन करेंगे और आमजन के हित को जहन में रखकर बजट को तैयार किया जाएगा। उन्होंने संगठन प्रतिनिधियों से बजट पर सुझाव लिए और हर संगठन के पदाधिकारियों से बातचीत भी की। एक सरकार या किसी चुनावी एजेंडे का बजट नहीं : सैनी मुख्यमंत्री ने कहा कि यह किसी एक सरकार या किसी चुनावी एजेंडे का बजट नहीं है बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश के नागरिकों का बजट है। सरकार का उद्देश्य हर वर्ग की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए ऐसा बजट तैयार करना है, जो राज्य के समग्र और संतुलित विकास को गति प्रदान करे। मुख्यमंत्री ने बजट-पूर्व परामर्श प्रक्रिया को लोकतंत्र का एक महत्वपूर्ण और सशक्त माध्यम बताते हुए कहा कि किसानों, श्रमिकों, युवाओं, अधिवक्ताओं, शिक्षा, खेल व सामाजिक संगठनों से प्राप्त सुझावों पर सरकार गंभीरता से विचार करेगी। जनभागीदारी से तैयार यह बजट हरियाणा को आत्मनिर्भर, सशक्त और विकसित राज्य बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा दूरदर्शी, संतुलित और जन-अपेक्षाओं पर आधारित बजट प्रस्तुत करना है जिसका प्रभाव केवल कागजों तक सीमित न रहे बल्कि आने वाले वर्षों में धरातल पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे। बजट-पूर्व सुझावों पर हुई ठोस कार्रवाई, एक्शन-टेकन रिपोर्ट प्रस्तुत बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव की ओएसडी हिना बिंदलिश ने बजट-पूर्व परामर्श से संबंधित एक्शन-टेकन रिपोर्ट की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पूर्व में प्राप्त सुझावों को सरकार की ओर से गंभीरता से लेते हुए पिछले बजटों में शामिल किया गया था जिनका सकारात्मक प्रभाव धरातल पर देखने को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि बजट से संबंधित 11 परामर्श बैठकें की गई थीं। इनमें विभिन्न हितधारकों से 73 महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए जिनमें से 32 को शामिल किया गया। इन बैठकों के दौरान महिला वर्ग, उद्योग व स्वास्थ्य क्षेत्र, विभिन्न विभागों, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, शिक्षा, कौशल विकास एवं स्किलिंग, आबकारी विभाग और इनक्यूबेशन सेंटर से जुड़े अहम सुझाव प्राप्त हुए, जिन्हें बजट में सम्मिलित किया गया है। 

सरफराज का बल्ला गरजा, डबल सेंचुरी से मुंबई की पकड़ मजबूत, पंजाब को मिला 320 रन का टारगेट

नई दिल्ली रणजी ट्रॉफी राउंड-6 के दूसरे दिन के लाइव ब्लॉग में आपका स्वागत है। मुंबई ने हैदराबाद के खिलाफ सरफराज खान के दोहरे शतक के दम पर 560 रन बोर्ड पर लगा दिए हैं। वहीं पंजाब के सामने सौराष्ट्र ने 320 रनों का टारगेट रखा है। पिच को देखकर शुभमन गिल की टीम के लिए यह टारगेट काफी मुश्किल नजर आ रहा है। गिल पहली पारी में बिना खाता खोले मात्र 2 गेंदे खेलकर आउट हुए थे। चौथी पारी में पंजाब को अपने कप्तान से बड़ी पारी की उम्मीद रहेगी। वहीं एमपी के खिलाफ कर्नाटक की टीम भी मुश्किल में है। रणजी ट्रॉफी लाइव एक्शन के लिए साथ बने रहें-   बंगाल ने खड़ा किया रनों का अंबार सर्विसेज के खिलाफ बंगाल ने रनों का अंबार खड़ा किया है। सुदीप चटर्जी के दोहरे शतक, अभिमन्यु ईश्वरन और हबीब गांधी के अर्धशतकों की बदौलत बंगाल ने पहली पारी में 519 रन बनाए हैं। पंजाब को मिला 320 का टारगेट सौराष्ट्र की टीम दूसरी पारी में 286 के स्कोर पर आउट हुई। इस तरह उन्होंने शुभमन गिल की अगुवाई वाली पंजाब की टीम के सामने 320 का टारगेट रखा। 560 पर सिमटी मुंबई की टीम मुंबई की पहली पारी 560 रनों पर सिमट गई है। अगर हैदराबाद को पहली पारी में बढ़त के आधार पर जीत दर्ज करनी है तो मुंबई से एक रन ज्यादा बनाना होगा। कर्नाटक मुश्किल में एमपी के 323 रनों के सामने कर्नाटक मुश्किल में है। करुण नायर के रूप में टीम को तीसरा झटका 19 के स्कोर पर लगा है। नायर को रजत पाटीदार ने रनआउट किया। इससे पहले मयंक अग्रवाल और देवदत्त पडिक्कल सस्ते में पवेलियन लौटे। मुंबई का स्कोर 500 के पार दूसरे दिन लंच ब्रेक तक मुंबई का स्कोर 8 विकेट के नुकसान पर 533 रन है। सरफराज खान के दोहरे शतक के अलावा सिद्धेश लाड ने शतक जड़ा। वहीं सुवेद परकर ने 75 रनों की पारी खेली।