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ट्रंप का नया मिशन: ईरान की ओर बढ़ते जंगी जहाज, वेनेजुएला ऑपरेशन से बड़ा प्लान सामने

तेहरान  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है. उन्होंने कहा कि एक 'मैसिव अर्माडा' (बड़ा नौसैनिक बेड़ा) ईरान की ओर जा रहा है, जो वेनेजुएला ऑपरेशन से भी बड़ा है. ट्रंप चाहते हैं कि ईरान न्यूक्लियर डील पर बात करे, वरना हमला हो सकता है. ईरान ने कहा कि वह बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन अपनी शर्तों पर. अगर हमला हुआ तो बचाव करेगा. अरब देशों ने संयम बरतने की अपील की है, क्योंकि इससे बड़ा युद्ध फैल सकता है. ट्रंप ने क्या कहा? 28 जनवरी 2026 को ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया कि 'एक मैसिव अर्माडा ईरान की ओर जा रहा है.' उन्होंने ईरान से कहा कि न्यूक्लियर डील कर लो, वरना समय खत्म हो रहा है. हमला 'स्पीड और वायलेंस' से होगा. ट्रंप ने इसे वेनेजुएला ऑपरेशन से बड़ा बताया. उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु संवर्धन बंद करना होगा. बैलिस्टिक मिसाइलें सीमित करनी होंगी. हमास, हिजबुल्लाह, हूती जैसे ग्रुप्स को सपोर्ट बंद करना होगा. ट्रंप ने पिछले साल जून 2025 में ईरान के न्यूक्लियर साइट्स पर हमले का जिक्र किया और कहा कि अगला हमला और बुरा होगा. क्या है यह 'मैसिव अर्माडा'? यह अमेरिकी नौसेना का बड़ा बेड़ा है, जिसमें USS अब्राहम लिंकन एयरक्राफ्ट कैरियर, कई गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर्स, बॉम्बर्स और फाइटर जेट्स शामिल हैं. यह अरब सागर में तैनात है. ट्रंप ने कहा कि यह 'रेडी, विलिंग और एबल' है. हाल ही में USS Delbert D. Black इजरायल के ईलात बंदरगाह पर पहुंचा है। कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट में 35,000+ अमेरिकी सैनिक और कई जहाज तैनात हैं.  वेनेजुएला ऑपरेशन क्या था? तुलना क्यों? वेनेजुएला ऑपरेशन को 'ऑपरेशन सदर्न स्पियर' कहा जाता है. यह 2025 में शुरू हुआ, जब अमेरिका ने कैरिबियन सागर में बड़ा नौसेना बिल्डअप किया. इसमें USS Gerald R. Ford कैरियर स्ट्राइक ग्रुप, USS Iwo Jima एम्फीबियस रेडी ग्रुप और अन्य जहाज शामिल थे. कुल 15-20 हजार सैनिक और 150+ एयरक्राफ्ट थे. इसका उद्देश्य ड्रग ट्रैफिकिंग रोकना था, लेकिन यह वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हटाने के लिए था. 3 जनवरी 2026 को अमेरिका ने मादुरो को गिरफ्तार कर लिया. ट्रंप ने ईरान के लिए इससे बड़ा आर्मडा भेजा है, जो दिखाता है कि कितना बड़ा खतरा है. ईरान की प्रतिक्रिया क्या है? ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने कहा कि ईरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन धमकी के तहत नहीं. ईरान खुद को बचाएगा अगर हमला हुआ. तेहरान में अमेरिका विरोधी प्रदर्शन हो रहे हैं. ईरान ने अपना ड्रोन कैरियर शहीद बघेरी बंदर अब्बास से 6 किमी दूर रखा है.स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लाइव-फायर एक्सरसाइज कर रहा है. ईरान ने अपने न्यूक्लियर साइट्स को और गहराई में छिपाया है. क्यों बढ़ रहा है तनाव?       न्यूक्लियर प्रोग्राम: 2018 में ट्रंप ने JCPOA डील तोड़ी. जून 2025 में अमेरिका-इजरायल ने फोर्डो, नटांज, इस्फाहान पर हमला किया. IAEA कहता है कि ईरान फिर से संवर्धन बढ़ा रहा है.       प्रदर्शन: जनवरी 2026 में ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन, 100+ मौतें. ट्रंप इसे रेजीम चेंज का मौका मानते हैं.       रीजनल वॉर: ईरान हूती, हिजबुल्लाह को सपोर्ट करता है, जो अमेरिकी सहयोगियों पर हमला करते हैं. अरब और रीजनल देशों की अपील सऊदी अरब, UAE, जॉर्डन जैसे देश युद्ध से डर रहे हैं. तुर्की ने अमेरिका से संयम बरतने को कहा है. वे चाहते हैं कि बातचीत से हल निकले, क्योंकि ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद कर सकता है. इससे तेल की कीमतें बढ़ेंगी और ग्लोबल इकोनॉमी प्रभावित होगी. यूके, फ्रांस और इजरायल अमेरिका के साथ हैं, लेकिन सऊदी, कतर, ओमान, मिस्र ने हमला न करने की अपील की.  अगर हमला हुआ तो रीजनल युद्ध फैल सकता है. ईरान अमेरिकी बेस या इजरायल पर हमला कर सकता है. ट्रंप की 'मैक्सिमम प्रेशर' पॉलिसी जारी है, लेकिन डिप्लोमेसी की उम्मीद भी है. स्थिति नाजुक है – अभी हमला नहीं हुआ, लेकिन धमकियां बढ़ रही हैं.

एपस्टीन फाइल्स अपडेट: न्यूयॉर्क मेयर ममदानी की मां मीरा नायर का नाम सामने आया, वजह क्या?

न्यूयॉर्क हाल ही में अमेरिका के न्याय विभाग द्वारा जारी किए गए एपस्टीन फाइल्स के नए दस्तावेजों ने एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक विवाद खड़ा कर दिया है। इन दस्तावेजों में न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी की मां और प्रसिद्ध भारतीय-अमेरिकी फिल्म निर्देशक मीरा नायर का नाम भी सामने आया है। नए दस्तावेजों का खुलासा अमेरिकी न्याय विभाग ने शुक्रवार को दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से संबंधित लगभग 30 लाख पन्नों के दस्तावेज सार्वजनिक किए हैं। इनमें न केवल टेक्स्ट फाइलें शामिल हैं, बल्कि 2000 वीडियो और 1.8 लाख तस्वीरें भी मौजूद हैं। इन फाइल्स ने कई प्रभावशाली हस्तियों के एपस्टीन और उसकी सहयोगी गिलेन मैक्सवेल के साथ संबंधों की परतें खोल दी हैं। मीरा नायर और 'अमेलिया' फिल्म की आफ्टरपार्टी दस्तावेजों में शामिल 21 अक्टूबर 2009 का एक ईमेल विशेष रूप से चर्चा में है। यह ईमेल पब्लिसिस्ट पेगी सीगल द्वारा जेफरी एपस्टीन को भेजा गया था। इसमें बताया गया है कि मीरा नायर की फिल्म 'अमेलिया' की रिलीज के बाद एक आफ्टरपार्टी का आयोजन गिलेन मैक्सवेल के टाउनहाउस पर किया गया था। ईमेल में सीगल ने लिखा- 'अभी-अभी गिलेन के टाउनहाउस से निकली हूं… फिल्म की आफ्टरपार्टी थी। वहां बिल क्लिंटन और जेफ बेजोस भी मौजूद थे… साथ ही निर्देशक मीरा नायर भी थीं।' ईमेल में यह भी जिक्र किया गया कि फिल्म को लेकर मेहमानों की प्रतिक्रिया बहुत उत्साहजनक नहीं थी, हालांकि महिलाओं को यह फिल्म काफी पसंद आई थी। हाई-प्रोफाइल हस्तियों की मौजूदगी इस खुलासे ने फिर से उन कड़ियों को जोड़ दिया है जो दिग्गज राजनेताओं और व्यापारियों को एपस्टीन के दायरे से जोड़ती हैं। पार्टी में शामिल होने वाले प्रमुख नामों में शामिल हैं- बिल क्लिंटन: अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति। जेफ बेजोस: अमेजन के पूर्व सीईओ। हिलेरी स्वैंक: फिल्म की मुख्य अभिनेत्री, जो ब्लूमिगडेल्स में आयोजित एक अन्य 'अजीब' कार्यक्रम में मौजूद थीं। एलन मस्क और एपस्टीन के बीच संवाद दस्तावेजों में टेस्ला के सीईओ एलन मस्क और एपस्टीन के बीच 2012 के ईमेल संवाद का भी जिक्र है। नवंबर 2012 में एपस्टीन ने मस्क से पूछा था कि हेलीकॉप्टर से द्वीप (आइलैंड) पर जाने के लिए उनके साथ कितने लोग होंगे। एलन मस्क ने इसके जवाब में लिखा- शायद सिर्फ टालुला (उनकी तत्कालीन पत्नी) और मैं। तुम्हारे द्वीप पर सबसे 'वाइल्ड' पार्टी किस दिन/रात होगी? 30 लाख से अधिक पन्नों के दस्तावेज Fox News की रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी न्याय विभाग ने कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मामलों में अब तक का सबसे बड़ा खुलासा करने की घोषणा की है. इस संबंध में अमेरिका की उप अटॉर्नी जनरल ब्लैंच ने जानकारी देते हुए कहा कि विभाग 30 लाख से अधिक पन्नों के दस्तावेज़ सार्वजनिक करने जा रहा है. इन फाइलों में बड़ी संख्या में वीडियो और तस्वीरें भी शामिल हैं. ब्लैंच के अनुसार, न्याय विभाग की ओर से पेश किए जा रहे इस रिकॉर्ड में 2,000 से अधिक वीडियो और लगभग 1,80,000 तस्वीरें शामिल होंगी. अमेरिकी न्याय विभाग ने लाखों दस्तावेज किए सार्वजनिक अमेरिकी न्याय विभाग ने जेफ्री एपस्टीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से बड़ी संख्या में रिकॉर्ड सार्वजनिक किए हैं. इनमें 30 लाख से अधिक पन्नों के दस्तावेज़, करीब दो हजार वीडियो और लगभग एक लाख अस्सी हजार तस्वीरें शामिल हैं. इन फाइलों में ईमेल संवाद, गवाहियों के अंश और आंतरिक संचार से जुड़ी जानकारियां शामिल हैं. विभाग का कहना है कि इन दस्तावेजों में दर्ज अधिकांश बातें संदर्भ और आरोपों के रूप में हैं न कि किसी अदालत की तरफ से साबित किया गया फैक्ट. 2009 की आफ्टर पार्टी का खुलासा ईमेल से दस्तावेज़ों में 21 अक्टूबर 2009 का एक ईमेल भी शामिल है, जिसे प्रसिद्ध हॉलीवुड पब्लिसिस्ट पेगी सीगल ने जेफ्री एपस्टीन को भेजा था. यह ईमेल उसी रात भेजा गया था, जब वह गिस्लेन मैक्सवेल के न्यूयॉर्क स्थित टाउनहाउस में आयोजित एक आफ्टर पार्टी से लौटी थीं. ईमेल में पेगी सीगल ने लिखा कि वह अभी-अभी गिस्लेन के घर से निकली हैं, जहां एक फिल्म की आफ्टर पार्टी आयोजित की गई थी. उन्होंने ईमेल में बताया कि उस पार्टी में बिल क्लिंटन, जेफ बेजोस, जीन पिगोनी और निर्देशक मीरा नायर समेत कई जानी-मानी हस्तियां मौजूद थीं. फिल्म Amelia की आफ्टर पार्टी थी आयोजन दस्तावेजों के अनुसार, यह आफ्टर पार्टी मीरा नायर की फिल्म “Amelia” के लिए आयोजित की गई थी, जो वर्ष 2009 में रिलीज़ हुई थी. ईमेल में फिल्म को लेकर मेहमानों की प्रतिक्रिया का भी जिक्र किया गया है. पेगी सीगल ने अपने निजी ईमेल में लिखा कि फिल्म को कुल मिलाकर ठंडी प्रतिक्रिया मिली, हालांकि महिलाओं को यह फिल्म अधिक पसंद आई. ईमेल में कुछ अन्य सामाजिक आयोजनों को भी अजीब बताया गया है. यह पूरा संवाद अनौपचारिक और निजी भाषा में लिखा गया था, जिसे दस्तावेजों में ज्यों का त्यों शामिल किया गया है. पार्टी में शामिल अन्य चर्चित नाम ईमेल के अनुसार, उस आफ्टर पार्टी में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और अमेज़न के संस्थापक जेफ बेजोस भी मौजूद थे. इसके अलावा फैशन, कला और सिनेमा जगत से जुड़े कई अन्य प्रभावशाली लोगों की मौजूदगी का जिक्र है. दस्तावेज यह स्पष्ट करते हैं कि इन नामों का उल्लेख केवल एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने के संदर्भ में है और इन फाइलों के आधार पर किसी पर भी आपराधिक गतिविधियों का आरोप नहीं लगाया गया है. एलन मस्क से जुड़े ईमेल भी फाइलों में शामिल नई एपस्टीन फाइल्स में टेस्ला और स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क से जुड़े ईमेल्स का भी उल्लेख किया गया है. दस्तावेज़ों के अनुसार, नवंबर 2012 में जेफ्री एपस्टीन ने एलन मस्क को एक ईमेल भेजा था, जिसमें उनसे द्वीप पर आने वाले लोगों की संख्या को लेकर सवाल किया गया था. इसके जवाब में मस्क ने लिखा कि शायद वह और उनकी साथी तालुलाह ही होंगे और उन्होंने यह भी पूछा कि द्वीप पर सबसे बड़ी पार्टी किस दिन या रात को होती है. इन ईमेल्स को भी केवल संवाद और संदर्भ के रूप में पेश किया गया है, न कि किसी अपराध के प्रमाण के रूप में. एपस्टीन नेटवर्क को लेकर फिर तेज हुई बहस इन नए दस्तावेजों के सामने आने के बाद अमेरिकी राजनीति, हॉलीवुड और वैश्विक कारोबारी जगत … Read more

तेज रफ्तार बनी मौत की वजह: यूपी में ट्रक-ऑटो टक्कर में पांच लोगों की जान गई

आगरा यूपी के आगरा में शनिवार को भीषण हादसा हो गया। एक तेज रफ्तार ट्रक ने दो ऑटो में टक्कर मार दी। ट्रक की टक्कर लगने से ऑटो में बैठे पांच लोगों की मौत हो गई। जबकि तीन लोग बुरी तरह से घायल हो गए। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सभी जगन्नाथपुरी से लौटे थे। ट्रक 100 की स्पीड में आ रहा था। हादसे के बाद ट्रक चालक मौके से भागने का प्रयास करने लगा लेकिन आसपास के लोगों ने पकड़कर उसकी पिटाई कर दी। हादसे की सूचना पाकर पुलिस भी मौके पर पहुंची और मृतकों की शिनाख्त करके उनके घर वालों को सूचना दी। हादसा शनिवार को खंदौली थाना क्षेत्र में जलेसर रोड पर हुआ है। पुलिस ने बताया कि हाथरस जिले के थाना धाधयू के भादउ गांव के रहने वाले विजय सिंह उर्फ बीजो गौतम पुत्र राधेश्याम गौतम, लक्ष्मीचंद पुत्र भगवती प्रसाद, रघुवीर पुत्र जगन्नाथ प्रसाद, बिरला मिस्त्री और आगरा के शाहिद पुत्र मुंशी खान निवासी आजम पड़ा थाना शाहगंज समेत आठ दोस्त 20 जनवरी को जगन्नाथपुरी गए थे। दर्शन के बाद सभी शनिवार को जबलपुर होते हुए आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। सभी ने अपने-अपने गांव जाने के लिए दो ऑटो बुक किए थे। रामदत्त दवा लेने के लिए रास्ते में उतर गया। थोड़ी देर बाद नगला चंदन जलेसर रोड पर सामने से एक तेज रफ्तार ट्रक आ रहा था। उसने दोनों ऑटो को टक्कर मार दी, जिससे पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई जबकि धनप्रसाद और विजय गंभीर रूप से घायल हो गए। इन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां एक और व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। 100 की स्पीड से आ रहा था ट्रक हादसे के बाद आसपास के लोगों ने ट्रक चालक को पकड़ लिया और उसकी पिटाई कर दी। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर उनकी शिनाख्त की। पुलिस के अनुसार एक ऑटो शहीद खान चला रहा था। दूसरे चालक का नाम नहीं पता चल पाया है। पुलिस ने बताया कि ट्रक ड्राइवर नशे की हालत में था। वह 100 की रफ्तार से जलेसर रोड की तरफ ट्रक को लहराते हुए चल रहा था। ट्रक चालक ने पहले एक ऑटो को टक्कर मारी, फिर दूसरे को। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों ऑटो उछलकर एक पेड़ से टकराकर गड्ढे में पलट गए। टेंपो पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया।

औद्योगिक कानूनों के डी-क्रिमिनलाइजेशन पर उद्योग जगत ने जताया संतोष, आगे और सुधारों की अपेक्षा

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ अपर मुख्य सचिवों और प्रमुख सचिवों की उपस्थिति में हुई उद्योग संगठनों और उद्यमियों के साथ विशेष के दौरान मुख्यमंत्री ने बजट 2026-27 के संदर्भ में उद्योग जगत से सुझाव आमंत्रित किए और ईज़ ऑफ डूइंग बिजनेस को और प्रभावी बनाने के लिए उद्यमियों तथा उद्योग संगठनों से व्यावहारिक सुझाव देने का आह्वान किया।  सीआईआई के वाइस चेयरमैन अभिषेक सराफ ने डिफेंस कॉरिडोर के लखनऊ नोड में औद्योगिक गतिविधियों को गति देने के लिए भूमि आवंटन की आवश्यकता बताई और इस दिशा में शीघ्र निर्णय की अपेक्षा जताई। फिक्की के चेयरमैन मनोज गुप्ता ने औद्योगिक भूमि को फ्रीहोल्ड किए जाने की मांग रखते हुए कहा कि इससे निवेशकों का विश्वास और दीर्घकालिक निवेश दोनों बढ़ेंगे। इंडिया पेस्टीसाइड लिमिटेड  के प्रतिनिधि ने विभिन्न कानूनों के डी-क्रिमिनलाइजेशन के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए इसे उद्योगों के लिए बड़ा और सकारात्मक सुधार बताया। एसोचैम के को-चेयरमैन ने हसन याकूब 'वन कंपनी- वन रजिस्टर-वन लेटर' जैसी व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया, जिससे अनुपालन प्रक्रिया सरल हो सके। उन्होंने कहा उत्तर प्रदेश के ‘एक जनपद-एक उत्पाद’ की तर्ज पर फिलीपींस में भी एक कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है, जो प्रदेश की नीति की वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है। वहीं एसोचैम उत्तर प्रदेश द्वारा युवाओं के प्लेसमेंट के लिए किए जा रहे नियोजित प्रयासों की जानकारी भी साझा की गई। बैठक में औद्योगिक कौशल और वित्तीय बाजार से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई। प्रतिनिधियों ने आईटीआई संस्थानों को और विकसित करने, वहां रिसर्च और इनोवेशन को प्रोत्साहित करने तथा इक्विटी मार्केट के विकास की आवश्यकता पर बल दिया। इसे भविष्य की मजबूत औद्योगिक अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत उपयोगी बताया गया। उद्योग संगठनों द्वारा प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े मामलों में ओटीएस योजना लाए जाने की मांग भी रखी गई। साथ ही यह सुझाव दिया गया कि देश के विभिन्न एक्सपोर्ट काउंसिल्स के साथ उत्तर प्रदेश की एमएसएमई इकाइयों का नियमित संवाद कराया जाए, जिससे निर्यात को बड़े पैमाने पर बढ़ावा मिल सके। नैस्कॉम के लखनऊ चैप्टर के चेयरमैन रमीश जैदी ने छोटी आईटी कंपनियों के लिए प्लग-एंड-प्ले फैसिलिटी की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इससे स्टार्ट-अप्स और उभरती टेक कंपनियों को तेजी से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। क्रेडाई के यूपी के प्रेसीडेंट शोभित मोहन दास ने रियल एस्टेट सेक्टर की समस्याओं के समाधान के लिए उद्योग बंधु की तर्ज पर नियमित अंतराल पर “आवास बंधु” बैठक आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। दलित इंडियन चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के स्टेट प्रेसिडेंट मनीष वर्मा से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक जनपद में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कम से कम 10 युवा उद्यमियों को तैयार करने के लिए ठोस और योजनाबद्ध प्रयास किए जाने चाहिए, ताकि समावेशी औद्योगिक विकास को गति मिल सके।

एमपी ट्रांसको के सैलरी अकाउंट धारकों को बैंक ऑफ महाराष्ट्र से बीमा, लोन सहित कई सुविधाएं

एम.पी. ट्रांसको के सैलरी खाता धारकों के लिये बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र देगा बीमा,लोन सहित अन्य सुविधायें भोपाल  प्रदेश में मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) ने अपने कार्मिकों के लिए अन्य बैंको से वेतन प्राप्त करने के विकल्प में बढ़ोतरी करते हुए बैंक आफ महाराष्ट्र के साथ एक एमओयू में हस्ताक्षर किए हैं। इसके अंतर्गत बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र अब सैलरी वेरियेंट के हिसाब से  सैलरी सेविंग अकाउण्‍ट स्‍कीम बैंकिंग सेवाओं के अंतर्गत मिलने वाली सुविधाएं प्रदान करेगा। बैंक से ये मिलेगी सुविधाएं  मुख्य वित्तीय अधिकारी  मुकुल महरोत्रा ने जानकारी दी कि इस समझौते के तहत बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र, एम.पी. ट्रांसको के खाता धारक कार्मिकों को नई विशेष हितकारी सुविधाएं, जिनमें सामान्य मृत्यु बीमा 10 लाख तक, हवाई दुर्घटना बीमा कवर, दुर्घटना (मृत्यु) बीमा कवर, विकलांगता बीमा कवर, विभिन्‍न लोनों के प्रोसेसिंग फीस में छूट, चिकित्सा बीमा इत्यादि का लाभ प्रदान करेगा।  इसके अलावा बिना शुल्क, डिजिटल उत्पादों से लैस सैलरी सेविंग अकाउण्‍ट स्‍कीम बैंकिंग सुविधा प्रदान करेगा एवं ऋण खातों में प्रोसेसिंग फीस छूट, लॉकर किराए में छूट, बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र रू-पे कार्ड की विभिन्न सुविधाएं डेबिट कार्ड (टॉप वेरियंट), सुपर टॉपअप हेल्थ बीमा आदि सुविधायें बैंक ऑफ महाराष्‍ट्र में एम.पी. ट्रांसको के वेतन खाता धारक कार्मिकों के लिये उपलब्ध रहेंगी।  

अमित शाह का TMC पर हमला: बोले– ममता सरकार का समय खत्म होने वाला

सिलिगुड़ी पश्चिम बंगाल में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाला है. इस चुनाव को लेकर प्रदेश में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. बीजेपी टीएमसी को हटाने के लिए पुरजोर कोशिशों में जुटा है. वहीं, ममता सरकार पर लगातार केंद्रीय एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाते आ रही है. इन आरोप-प्रत्यारोप के दौर के बीच शनिवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सिलिगुड़ी की यात्रा पर हैं.  यहां अमित शाह ने कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए उन्होंने साफ कहा कि ममता बनर्जी सरकार की विदाई का समय अब नजदीक है. पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन निश्चित है और जनता बदलाव की उम्मीद रखती है. अमित शाह ने अपने भाषण में ममता बनर्जी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी ने अलग-अलग समुदायों को आपस में लड़ाने वाली राजनीति की है, जिससे राज्य की एकता खतरे में पड़ गई है. उन्होंने बताया कि लंबे समय से पश्चिम बंगाल में सामाजिक तनाव को बढ़ावा दिया गया है, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों में दूरी बढ़ी है. इस दौरान अमित शाह ने BJP के कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे संगठन को मजबूत करें और जमीनी स्तर पर सक्रिय रहकर लोगों से जुड़ें. उनका कहना था कि केवल कार्यकर्ताओं की मेहनत से ही पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदलाव संभव हो सकेगा. उन्होंने कहा कि जनता अब ममता सरकार की नीतियों से असंतुष्ट है और वह बदलाव चाहती है.     हिंसा, भय और भ्रष्टाचार की प्रतीक TMC की बंगाल में अब फिर वापसी नहीं होने वाली है। सिलीगुड़ी में इस संभाग के कार्यकर्ताओं से संवाद कर रहा हूँ… अमित शाह ने यह भी कहा कि राज्य में सालों से हिंसा, डर और भ्रष्टाचार का माहौल रहा है, जिसे बंगाल की जनता अब सहन नहीं करेगी. उन्होंने टीएमसी पर भी कड़ी बात करते हुए कहा कि यह पार्टी हिंसा और भय का पर्याय बन चुकी है और अब जनता इस राजनीति को स्वीकार नहीं करेगी. अमित शाह ने भरोसा जताया कि आने वाले समय में पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा, और यह बदलाव जनता की इच्छानुसार होगा. 

एमएसएमई नवाचार, पैकेजिंग और एक्सपोर्ट प्रमोशन पर उद्योगों से सीधा संवाद

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि उत्तर प्रदेश में किया गया निवेश केवल एक राज्य में निवेश नहीं, बल्कि राष्ट्रहित में किया गया निवेश है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश जिस आर्थिक मजबूती और स्थिरता की ओर बढ़ रहा है, उसमें उद्योग जगत की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की खुशहाली, रोजगार सृजन और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में उद्योग जगत सबसे बड़ा सहयोगी है और सरकार इस साझेदारी को और मजबूत करना चाहती है। शनिवार को राज्य स्तरीय उद्योग संगठनों और प्रमुख उद्यमियों के साथ आयोजित विशेष बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार उद्योगों को केवल निवेशक नहीं, बल्कि विकास की साझेदारी का अभिन्न हिस्सा मानती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि प्रदेश में निवेश करने वाला हर उद्यमी सरकार को अपने साथ खड़ा पाएगा और नीति, इंफ्रास्ट्रक्चर तथा प्रशासन, तीनों स्तरों पर सहयोग सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने उद्योग समूहों से कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी के माध्यम से उत्तर प्रदेश के विकास और सामाजिक बदलाव का सहभागी बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि विभिन्न उद्योग समूह अपनी रुचि और विशेषज्ञता के अनुसार शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय अधोसंरचना जैसे क्षेत्रों में सीएसआर के तहत योगदान कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उद्योगों के सामाजिक योगदान को प्रदेश के समावेशी विकास का मजबूत आधार मानती है। लघु उद्योग भारती के प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने एमएसएमई सेक्टर में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नीतिगत सुझाव देने की बात कही। उन्होंने पैकेजिंग, डिजाइनिंग और एक्सपोर्ट प्रमोशन को और मजबूत करने में उद्योग समूहों से सहयोग का आह्वान किया। टेक्सटाइल और रेडीमेड गारमेंट्स सेक्टर में महिलाओं की बड़ी भूमिका को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस क्षेत्र में महिलाओं के लिए अधिक अवसर सृजित करने हेतु ठोस और व्यावहारिक प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की औद्योगिक नीतियों के अनुरूप समय पर इंसेंटिव वितरण के लिए उद्यमियों को आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है कि घोषित प्रोत्साहन पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से उद्योगों तक पहुंचे। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने खिलौना उद्योग की संभावनाओं की ओर ध्यान दिलाते हुए प्रदेश में खिलौना पार्क के विकास की आवश्यकता बताई। मुख्यमंत्री ने औद्योगिक भूमि की लागत कम करने पर भी विशेष जोर दिया और कहा कि भूमि, लॉजिस्टिक्स और अनुमोदन से जुड़ी लागत को कम कर निवेश को और आकर्षक बनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि एमएसएमई इकाइयों और नए उद्यमियों के लिए सुगम वातावरण तैयार करना सरकार की प्राथमिकता है। उद्योग बंधु की बैठकों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि जनपद स्तर पर आयोजित उद्योग बंधु बैठकों में जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक की उपस्थिति अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि इन बैठकों में उद्योग जगत द्वारा रखी गई समस्याओं और अपेक्षाओं का समाधान अगली बैठक से पहले हर हाल में होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिए कि उद्योग बंधु की राज्य स्तरीय बैठक केवल लखनऊ तक सीमित न रहे, बल्कि अन्य मंडल मुख्यालयों पर भी आयोजित की जाए। कमिश्नरी स्तर पर मंडलायुक्त और एडीजी/आईजी की उपस्थिति में प्रत्येक दो माह में उद्योग बंधु की बैठक आयोजित की जाए। इसमें संबंधित मंत्रीगणों के साथ सीईओ इन्वेस्ट यूपी और अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास से जुड़े वरिष्ठ अधिकारियों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। राज्य स्तर पर प्रत्येक तिमाही बैठक मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक की उपस्थिति में आयोजित की जाए, ताकि उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित और संतोषजनक समाधान हो सके। मुख्यमंत्री ने प्रमुख सचिव आवास को निर्देश दिए कि आवासीय पार्किंग के लिए उपयोग हो रही भूमि पर अनावश्यक कर न लिए जाने के लिए आवश्यक व्यवस्था लागू की जाए, जिससे नागरिकों और उद्योग से जुड़े लोगों पर अतिरिक्त भार न पड़े। महत्वपूर्ण बैठक मे एक विशेष प्रस्तुतिकरण के माध्यम से उद्यमियों को बीते लगभग नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की परिवर्तनकारी विकास यात्रा से अवगत कराया गया। प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि नीतिगत स्थिरता, व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार और प्रशासनिक सुधारों के चलते उत्तर प्रदेश आज देश के अग्रणी औद्योगिक राज्यों में शामिल हो चुका है। बताया गया कि देश के कुल एक्सप्रेस-वे नेटवर्क का लगभग 55 प्रतिशत हिस्सा उत्तर प्रदेश में है, जिसकी कुल लंबाई करीब 1225 किलोमीटर है। वर्तमान में प्रदेश में 6 एक्सप्रेस-वे संचालित हैं और 7 निर्माणाधीन हैं। ईस्टर्न और वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है और दादरी में दोनों कॉरिडोर का इंटरसेक्शन राज्य को राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करता है। यह भी बताया गया कि प्रदेश में 4 अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे सहित कुल 16 हवाई अड्डे संचालित हैं, जबकि जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा तेजी से आकार ले रहा है। इन सुविधाओं से उद्योगों के लिए कनेक्टिविटी और सप्लाई चेन पहले से कहीं अधिक मजबूत हुई है। प्रस्तुतिकरण में निर्यात क्षेत्र की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया गया कि वर्ष 2023-24 में उत्तर प्रदेश का मर्चेंडाइज निर्यात बढ़कर लगभग ₹1.86 लाख करोड़ तक पहुंच गया है, जो बीते सात-आठ वर्षों में 100 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि को दर्शाता है। इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स, टेक्सटाइल, डिफेंस और एग्रो-प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में निर्यात की क्षमता लगातार बढ़ी है। बैठक में औद्योगिक विस्तार के आंकड़े साझा करते हुए बताया गया कि वर्ष 2003 में प्रदेश में लगभग 8,980 फैक्ट्रियां पंजीकृत थीं, जो वर्तमान में बढ़कर करीब 27,000 तक पहुंच चुकी हैं। औद्योगिक निवेश अब महानगरों के साथ-साथ पूर्वांचल, बुंदेलखंड और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी तेजी से फैल रहा है। बैठक में यह भी बताया गया कि 04 ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी के माध्यम से ₹15 लाख करोड़ से अधिक के निवेश परियोजनाओं का क्रियान्वयन किया जा चुका है। और अब लगभग ₹6 लाख करोड़ की परियोजनाओं के लिए जीबीसी@5 आयोजित की जाने वाली है।  बैठक में नीतिगत सुधारों की जानकारी देते हुए बताया गया कि उत्तर प्रदेश को डिरेगुलेशन 1.0 में देश में पहला स्थान मिला है। भवन निर्माण उपविधि 2025, ऑटो-स्क्रूटनी प्रणाली, थर्ड पार्टी इंस्पेक्शन और 40 से अधिक कानूनों में संशोधन कर लगभग 200 अनुपालनों को समाप्त किए जाने जैसे सुधारों से उद्योगों को बड़ी राहत … Read more

यमुना एक्सप्रेस-वे क्षेत्र में इंटरनेशनल फिल्म सिटी से बदलेगी उत्तर प्रदेश की आर्थिक व सांस्कृतिक तस्वीर

लखनऊ  यमुना एक्सप्रेस-वे के किनारे सेक्टर-21 में विकसित की जा रही इंटरनेशनल फिल्म सिटी, उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में शामिल है। एक हजार एकड़ में विकसित होने वाली इस परियोजना को जून, 2028 तक पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार इस फिल्म सिटी को प्रदेश की आर्थिक और सांस्कृतिक दिशा बदलने वाली परियोजना के रूप में देख रही है। इस फिल्म सिटी के बन जाने से उत्तर प्रदेश फिल्म निर्माण और मनोरंजन उद्योग के बड़े केंद्र के रूप में उभरेगा। फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों का मानना है कि योगी सरकार की इस परियोजना के पूरा होने के बाद एंटरटेनमेंट की दुनिया में बड़ा बदलाव आएगा।   यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) द्वारा परियोजना की निगरानी के लिए इंजीनियरिंग एजेंसी और चार्टर्ड अकाउंटेंट फर्मों के चयन हेतु निविदाएं आमंत्रित की हैं, जिसे परियोजना के निर्माण चरण में प्रवेश का संकेत माना जा रहा है। इंटरनेशनल फिल्म सिटी को मीडिया और एंटरटेनमेंट सेक्टर के एक समग्र केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां अत्याधुनिक फिल्म स्टूडियो, शूटिंग फ्लोर, पोस्ट प्रोडक्शन यूनिट और फिल्म यूनिवर्सिटी की स्थापना की जाएगी। उद्देश्य यह है कि फिल्म निर्माण से जुड़ी पूरी प्रक्रिया एक ही स्थान पर संपन्न हो और अन्य राज्यों पर निर्भर न रहना पड़े। ख़ास है फिल्म सिटी की लोकेशन  फिल्म सिटी की लोकेशन को इस परियोजना की सबसे बड़ी ताकत माना जा रही है। यमुना एक्सप्रेस-वे से सीधी कनेक्टिविटी और नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट से निकटता की वजह से देश-विदेश के फिल्म निर्माताओं के लिए यहां पहुंचना आसान होगा। बेहतर कनेक्टिविटी के कारण बड़े प्रोडक्शन हाउस उत्तर प्रदेश में शूटिंग के प्रति आकर्षित होंगे। फिल्मों व वेब सीरीज की शूटिंग के लिए यह आदर्श स्थान होगा।  रोजगार सृजन में भी होगी बड़ी भूमिका  योगी सरकार इस परियोजना को रोजगार सृजन से भी जोड़कर देख रही है। फिल्म सिटी के निर्माण और संचालन से हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे। अभिनय, तकनीकी कार्य, कैमरा संचालन, संपादन, सेट डिजाइन और कॉस्ट्यूम डिजाइन जैसे क्षेत्रों में प्रदेश के युवाओं को काम मिलेगा। सरकार का फोकस है कि स्थानीय प्रतिभाओं को प्रदेश में ही बेहतर अवसर उपलब्ध कराये जाएं। पर्यटन क्षेत्र को मिलेगी गति फिल्म सिटी के विकास से पर्यटन क्षेत्र को भी नई गति मिलने की उम्मीद है। सरकार की योजना है कि फिल्म सिटी के आसपास होटल, कन्वेंशन सेंटर और मनोरंजन से जुड़ी गतिविधियों को विकसित किया जाए। इससे फिल्म पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों की संख्या में वृद्धि होगी। इसका सीधा लाभ स्थानीय व्यापार, होटल उद्योग और सेवा क्षेत्र को मिलेगा। मजबूत होगी प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान  इंटरनेशनल फिल्म सिटी उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूत करेगी। प्रदेश की लोक कला, संस्कृति और पारंपरिक विरासत को फिल्मों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से राष्ट्रीय और वैश्विक पहचान मिलेगी। इससे उत्तर प्रदेश एक प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र के रूप में भी स्थापित होगा।

PAK आर्मी पर भारी दबाव: बलूचिस्तान में 12 शहरों में हमले, कई थानों पर बागियों का कब्जा

क्वेटा पाकिस्तान के बलूचिस्तान में बलोच विद्रोहियों ने कोहराम मचा दिया है. बलोच लिब्रेशन आर्मी ने बलूचिस्तान प्रांत के कई शहरों में एक साथ हमला कर कई थानों और सरकारी भवनों पर कब्जा कर लिया है. शनिवार को को बलूचिस्तान में बलोच विद्रोहियों, विशेष रूप से बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) के जेयंद गुट ने "ऑपरेशन हेरॉफ" के फेज 2 के तहत बड़े पैमाने पर हमले किए हैं. बागी बलोचों ने कई पुलिस स्टेशनों पर कब्जा कर लिया है. बलोच विद्रोहियों के अचानक हमले से बैकफुट पर आई पाकिस्तान फौज को अपने पोस्ट छोड़कर भागना पड़ रहा है. पाकिस्तान के जियो न्यूज के अनुसार इस हमले में अबतक 10 सुरक्षाकर्मियों की मौत हुई है, जबकि पाकिस्तान सरकार का दावा है कि 58 आतंकी मारे गए हैं. यह हमले पाकिस्तानी सुरक्षा बलों, सरकारी सुविधाओं और अन्य टारगेट पर केंद्रित थे. इन हमलों को काफी बड़ा माना जा रहा है क्योंकि 12 से अधिक स्थानों पर एक साथ रिपोर्ट किए गए हैं.  समाचार एजेंसियों के अनुसार विद्रोहियों ने शनिवार सुबह ही राजधानी क्वेटा में हमले सुबह करीब 6 बजे एक जबरदस्त धमाके के साथ अटैक शुरू किया जिसके बाद दो घंटे तक ज़ोरदार गोलीबारी हुई और कई धमाके भी हुए.  सड़क पर निकले बागी, कई शहरों पर कब्जा बलोच बागियों ने क्वेटा के अलावा पसनी, मस्तंग, नुश्की और ग्वादर जिलों में एक साथ हमले किए हैं. बागी बंदूकों से हमले कर रहे हैं और कई स्थानों पर आत्मघाती हमले कर रहे हैं.  सोशल मीडिया पर स्थानीय पत्रकार इस हमले के बारे में कई दावे कर रहे हैं. एक पत्रकार के अनुसार बलूचिस्तान के कई शहरों में हथियारबंद लोगों ने कई शहरों पर कब्ज़ा कर लिया है. मस्तुंग में विद्रोहियों ने पुलिस स्टेशन और शहर पर कब्जा कर लिया है. 30 से ज़्यादा कैदी फरार हैं.  क्वेटा में हथियारबंद लोगों ने कई इलाकों पर कब्ज़ा कर लिया है. ग्वादर में हमले की खबर है. कलात में भी झड़पें जारी हैं.  एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने अपना नाम न बताने की शर्त पर अरब न्यूज़ को बताया कि बागियों ने शहर में घुसने की कोशिश की, लेकिन पुलिस और दूसरी कानून लागू करने वाली एजेंसियों ने उन्हें रोक दिया.  उन्होंने कहा, "बागियों ने सरयाब रोड पर एक पुलिस मोबाइल पर हमला किया, जिसमें दो पुलिसकर्मी मारे गए." "पुलिस और दूसरी  एजेंसियों ने क्वेटा शहर में विद्रोहियों से लड़ाई जारी रखे हुए है, अभी भी एक क्लीयरेंस ऑपरेशन चल रहा है.  पाकिस्तान के अखबार डॉन के एक रिपोर्टर के मुताबिक हमले के बाद क्वेटा, सिबी और चमन में मोबाइल फोन सर्विस तो काम कर रही थीं, लेकिन डेटा सर्विस बंद कर दी गई है.  स्वास्थ्य मंत्री बख्त मुहम्मद काकर और स्वास्थ्य सचिव मुजीबुर रहमान के निर्देशों पर पूरे प्रांत के सभी सरकारी अस्पतालों में इमरजेंसी लगा दी गई. द बलूचिस्तान पोस्ट ने यहां हुए हमलों की विस्तार से जानकारी दी है.  दस शहरों में एक साथ हमले द बलूचिस्तान पोस्ट के अनुसार बलूच लिबरेशन आर्मी ने शनिवार को अपने कमांडर-इन-चीफ बशीर ज़ेब बलूच का एक वीडियो मैसेज जारी किया है. इसमें उन्होंने बलूच लोगों से 'अपने घरों से बाहर निकलने' और पाकिस्तानी सरकार के खिलाफ़ सशस्त्र संघर्ष के उस निर्णायक दौर में शामिल होने की अपील की है. इस हमले को उन्होंने निर्णायक दौर बताया है.  उन्होंने यह घोषणा भी की कि "ऑपरेशन हेरोफ़" के दूसरे चरण के तहत बलूचिस्तान के "दस शहरों में एक साथ हमले" शुरू किए गए हैं. वीडियो में बशीर जेब बलूच हथियारबंद लड़ाकों के साथ दिखाई देते हैं और अपना संदेश ब्राहुई और बलूची दोनों भाषाओं में दे रहे हैं.  BLA चीफ ने चेतावनी दी कि अगर लोग आज बाहर नहीं आए और ऑपरेशन हेरोफ़ में हिस्सा ले रहे भाइयों और बहनों के साथ खड़े नहीं हुए, तो इतिहास उनकी हार दर्ज करेगा. उन्होंने कहा कि जो लोग अपनी जान देते हैं और जो लोग जान लेते हैं, वे ही इतिहास लिखते हैं." उन्होंने कहा, "हम चरमपंथी नहीं हैं. लेकिन जब बात हमारी जमीन और हमारे देश की आती है, तो हम किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं. हमने किसी दूसरे देश पर कब्ज़ा नहीं किया है; बल्कि हम पर कब्ज़ा किया गया है. हमारी लड़ाई न्याय के लिए लड़ाई है." 48 घंटे में 70 विद्रोहियों को मारने का दावा  बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री के राजनीतिक और मीडिया मामलों के विशेष सलाहकार शाहिद रिंद ने एक्स पर कहा कि पिछले दो दिनों में प्रांत भर में सुरक्षा बलों ने अलग-अलग जगहों पर 70 से ज़्यादा विद्रोहियों को मार गिराया है.  रेलवे ट्रैक मिली IED, एंटी टैंक माइन और विस्फोटक बरामद पुलिस ने बताया कि बलूचिस्तान के नसीराबाद ज़िले में एक रेलवे ट्रैक पर संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिली है. नसीराबाद के सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस असदुल्लाह नासिर ने एक बयान में कहा, "रबी पुल के पास रेलवे लाइन पर एक एंटी-टैंक माइन और विस्फोटक सामग्री मिली है." उन्होंने आगे कहा, "पुलिस, FC और स्पेशल ब्रांच ने समय पर कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध IED को निष्क्रिय कर दिया है." SSP नासिर के अनुसार बरामद चीज़ों में आधा किलोग्राम विस्फोटक सामग्री, पेट्रोल और एक लोहे की रॉड शामिल थी.  हालात तनावपूर्ण स्थानीय लोगों और लोकल सोर्स ने क्वेटा, नुश्की, कलात, मस्तंग, दलबांदिन, खारान, ग्वादर, पसनी, टंप, बुलेदा और धदार में सुरक्षा हालात को बहुत तनावपूर्ण बताया है. यहां भारी गोलीबारी, धमाकों और पुलिस और मिलिट्री ठिकानों पर हमलों की खबरें मिलीं हैं. क्वेटा में रहने वालों ने कई इलाकों में गोलीबारी और धमाकों की सूचना दी, जिसमें बहुत संवेदनशील रेड ज़ोन भी शामिल हैं.  द बलूचिस्तान पोस्ट ने बताया है कि सरयाब रोड पर हथियारबंद लोगों ने एक पुलिस मोबाइल पर हमला किया जिसमें दो पुलिसकर्मी मारे गए और गाड़ी में आग लगा दी गई.   

मैक्सीजोन घोटाले में गोविंदा, शक्ति कपूर समेत नौ पर धोखाधड़ी का केस

जमशेदपुर. गाजियाबाद की कंपनी मैक्सीजोन टच इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के 3000 करोड़ रुपये के घोटाले को लेकर जमशेदपुर के साकची थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। फिल्म अभिनेता गोविंदा, शक्ति कपूर, चंकी पांडेय, रजा मुराद, गायक मनोज तिवारी, कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह, उनकी पत्नी प्रियंका सिंह तथा परसुडीह निवासी सूर्य नारायण पात्रो के विरुद्ध धोखाधड़ी की प्राथमिकी दर्ज हुई है। यह प्राथमिकी बर्मामाइंस ईस्ट प्लांट बस्ती निवासी जसपाल सिंह और टेल्को कालोनी निवासी कुलदीप सिंह की शिकायत पर दर्ज की गई है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि उन्होंने अधिक ब्याज के लालच में कंपनी में करीब आठ लाख रुपये का निवेश किया था। कंपनी जमशेदपुर कार्यालय बंद कर फरार हो गई। कार्यालय साकची थाना क्षेत्र काशीडीह में थी। इससे पूर्व वर्ष 2022 में भी उक्त कंपनी तथा इससे जुड़े कलाकारों और अधिकारियों के विरुद्ध साकची थाना में प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है। कंपनी के खिलाफ जमशेदपुर के साकची थाना में एक दर्जन से अधिक मामले दर्ज हैं। कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह और उनकी पत्नी प्रियंका सिंह वर्तमान में रांची जेल में बंद हैं। दोनों को पुलिस ने धनबाद से गिरफ्तार किया था। निदेशक दंपति बिहार के वैशाली जिले के निवासी हैं। मामले की ईडी भी जांच कर रही है। दोनों आरोपित पहले जमशेदपुर की जेल में थे। शिकायत के अनुसार, कंपनी ने प्रति निवेशक न्यूनतम एक लाख रुपये निवेश पर 15 प्रतिशत मासिक ब्याज देने का प्रलोभन दिया था। निवेशकों का विश्वास जीतने के लिए कंपनी अपने कार्यक्रमों में नामी फिल्म कलाकारों को आमंत्रित करती थी। बताया गया कि केवल जमशेदपुर शहर से 10 हजार से अधिक निवेशकों ने कंपनी में 150 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया, जबकि पूरे झारखंड में निवेश की राशि करीब 600 करोड़ रुपये बताई जा रही है। हालांकि जनवरी 2022 के बाद कंपनी ने निवेशकों को ब्याज का भुगतान बंद कर दिया। धोखाधड़ी का यह मामला सितंबर 2021 से फरवरी 2022 के बीच का बताया जा रहा है। साकची थाना प्रभारी आसंद मिश्रा ने बताया कि मामले की जांच हो रही है। न्यायालय में दर्ज परिवाद पर प्राथमिकी दर्ज हुई है।