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लाडोवाल Toll Plaza पर वाहनों और ट्रांसपोर्टरों पर हमले कर रहे बदमाश

लुधियाना. महानगर के लाडोवाल टोल टैक्स पर इन दिनों कानून का नहीं बल्कि बदमाशों का राज चलता दिखाई दे रहा है। लुधियाना-जालंधर नेशनल हाईवे पर स्थित इस मुख्य टोल प्लाजा पर करीब 15 से 20 अज्ञात दबंगों ने अपनी समानांतर सत्ता चला रखी है। ये बदमाश दिन-रात टोल पर आने-जाने वाले भारी वाहनों और ट्रांसपोर्टरों को अपना शिकार बना रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। थाना लाडोवाल की पुलिस ने अज्ञात बदमाशो के खिलाफ जबरन वसूली की FIR दर्ज की है। जानकारी के मुताबिक ए.एस.आई. मोहम्मद सदीक को सूचना मिली कि लाडोवाल टोल पर गुंडागर्दी चरम पर है। 15-20 अज्ञात युवक टोल प्लाजा के पास जमावड़ा लगाकर बैठते हैं और लुधियाना से जालंधर की ओर जाने वाले ट्रकों और अन्य भारी वाहनों को टोल बूथ से पहले ही रोक लेते हैं। ये आरोपी ड्राइवरों से डरा-धमका कर टोल की रकम अपनी जेब में भर लेते हैं और बदमाशी से फिर वाहन फ्री में निकलवा देते है। हद तो तब हो गई जब यह पता चला कि ये बदमाश टोल बूथ पर तैनात कर्मचारियों को भी गंभीर परिणाम भुगतने की धमकियां देते हैं। डर के मारे कर्मचारी भी इन बदमाशों के आगे बेबस नजर आते हैं और इनके द्वारा रोके गए वाहनों को बिना किसी सरकारी पर्ची या रसीद के ही वहां से जाने देते हैं। इस तरह आरोपी न सिर्फ जनता को लूट रहे हैं बल्कि सरकारी खजाने को भी बड़ा चूना लगा रहे हैं। पुलिस ने फिलहाल इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और इलाके के सीसीटीवी कैमरों की मदद से उनकी पहचान करने में जुट गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी सूरत में हाईवे पर गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

क्या सच में रिलेशन में हैं दिशा पटानी और तलविंदर सिंह सिद्धू? अफवाहों पर पहली बार खुलकर बोले तलविंदर

मुंबई बॉलीवुड एक्ट्रेस दिशा पटानी इस समय सिंगर तलविंदर सिंह सिद्धू के साथ डेटिंग के रूमर्स को लेकर चर्चा में बनी हुई हैं. हाल ही में दोनों को एक्ट्रेस नूपुर सेनन की शादी में साथ देखा गया था, जिसके बाद से लोग उनके रिलेशनशिप में होने के कयास लगा रहे हैं. इसी बीच अब तलविंदर ने अपने अफेयर के रूमर्स पर चुप्पी तोड़ दिया है. दिशा के साथ डेटिंग रूमर्स पर तलविंदर ने तोड़ी चुप्पी बता दें कि तलविंदर सिंह सिद्धू ने हाल ही में अपने एक इंटरव्यू के दौरान दिशा के साथ रिलेशनशिप को लेकर बात करते हुए कहा- “हम शादी से ठीक पहले एक-दूसरे को जानने लगे थे, और यह सारा अटेंशन हमारे लिए अनएक्सपेक्टेड था. हम दबाव या अफवाहों के आगे झुकना नहीं चाहते. हम अभी भी खुद को जान रहे हैं, खुद को समझने की कोशिश कर रहे हैं. मैं बस इतना ही कहना चाहूंगा क्योंकि अगर वे रूमर्स फैलाने की कोशिश करेंगे, तो मैं अफवाहों को अफवाहें ही रहने दूंगा. मुझे हर दिन प्यार होता है, मुझे अभी भी प्यार हो रहा है.” तलविंदर और दिशा पटानी के डेटिंग की अफवाहें दरअसल, एक्ट्रेस नूपुर सेनन और सिंगर स्टेबिन बेन की शादी की रस्मों में दिशा पटानी और तलविंदर सिंह सिद्धू को एक साथ समय बिताते देखा गया था. इसके बाद दोनों को लोलापालूजा इंडिया 2026 में लाइव दर्शकों के सामने हाथ में हाथ डालकर चलते नजर आए थे. इसके बाद से ही दोनों के रिश्ते को लेकर चर्चा होने लगी.

मतदाता सूची में तार्किक विसंगति वाले मतदाता 13 फरवरी तक कराएं सत्यापन

दुर्ग. भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार और सर्वोच्च न्यायालय के 29 जनवरी के आदेश के परिपालन में दुर्ग जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण का कार्य युद्ध स्तर पर जारी है. उप जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार जिन मतदाताओं के नाम ‘तार्किक विसंगतियों’ की श्रेणी में आए हैं, वे 13 फरवरी 2026 तक अपना सत्यापन अनिवार्य रूप से पूर्ण करा लें. 10 दिनों के भीतर दर्ज करें आपत्ति: प्रभावित मतदाता सूची प्रदर्शित होने की तिथि से 10 दिनों के भीतर अपनी आपत्तियां या दस्तावेज जमा कर सकते हैं. यह प्रक्रिया व्यक्तिगत रूप से या अधिकृत प्रतिनिधि (बीएलए सहित) के माध्यम से पूर्ण की जा सकती है. इसके लिए निर्वाचक / सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ/ एईआरओ) के कार्यालय में संपर्क करना होगा. सुनवाई का अंतिम अवसर : उप जिला निर्वाचन अधिकारी वीरेन्द्र सिंह ने बताया कि प्रभावित मतदाताओं को न केवल दस्तावेज जमा करने, बल्कि व्यक्तिगत सुनवाई का भी अवसर दिया जा रहा है. अर्हता तिथि 01.01.2026 के आधार पर किए जा रहे इस पुनरीक्षण का उद्देश्य एक शुद्ध और त्रुटिहीन मतदाता सूची तैयार करना है . अंतिम प्रकाशन 21 फरवरी को : कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने जिले के समस्त मतदाताओं से अपील की है कि वे समय सीमा का ध्यान रखें. यदि 13 फरवरी 2026 तक सत्यापन कार्य पूर्ण नहीं कराया जाता है, तो मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन (21 फरवरी 2026 ) में संबंधित नाम शामिल नहीं हो सकेंगे.

सीएम योगी का मिशन विलेज: अब ग्लोबल होगा यूपी का शहद, महिलाएं लॉन्च करेंगी अपना ब्रांड, देश-दुनिया में मिलेगी पहचान

यूपी में एक लाख ग्रामीण महिलाओं के जीवन में मिठास घोलेगा शहद सीएम योगी का मिशन विलेज: अब ग्लोबल होगा यूपी का शहद, महिलाएं लॉन्च करेंगी अपना ब्रांड, देश-दुनिया में मिलेगी पहचान एक लाख ग्रामीण महिलाएं बनेंगी शहद उद्यमी, आय में एक लाख रुपये की सालाना वृद्धि का लक्ष्य 'डबल' मुनाफा : मधुमक्खियां बढ़ाएंगी फसल की पैदावार, बदलेगी खेती किसानी की तस्वीर लखनऊ  उत्तर प्रदेश में ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने और खेती-किसानी को नई ताकत देने के लिए बड़ा कदम उठाया जा रहा है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत मधुमक्खी पालन कार्यक्रम शुरू किया गया है, जिसके माध्यम से प्रदेश के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं शहद उत्पादन के साथ-साथ फसलों की उत्पादकता भी बढ़ाएंगी। योजना के अंतर्गत आगामी तीन वर्षों में एक लाख महिला मधुमक्खी पालक तैयार की जाएंगी। इसके तहत प्रत्येक महिला उद्यमी की आय में प्रति वर्ष एक लाख रुपये तक की वृद्धि का लक्ष्य रखा गया है। मधुमक्खियों द्वारा परागण से गेहूं, सरसों, दलहन-तिलहन और बागवानी फसलों की पैदावार में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी, जिससे किसानों को भी सीधा लाभ मिलेगा। यूपी का शहद वैश्विक पहचान बनाएगा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मिशन विलेज के तहत अब यूपी का शहद वैश्विक पहचान बनाएगा। महिलाएं शहद का अपना ब्रांड विकसित करेंगी और शहद व अन्य उत्पादों के विपणन से प्रदेश के आर्थिक विकास में साझीदार बनेंगी। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और महिलाओं का आत्मनिर्भरता का सपना साकार होगा। इस योजना के जरिए प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग और उद्यमियों को बाजार से जोड़ने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि यूपी का शहद देश-दुनिया में गुणवत्ता और भरोसे की पहचान बने।

राष्‍ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा में PM ने नहीं दिया रिप्‍लाई, लोकसभा से पारित हुआ भाषण, 2004 के बाद पहली बार

 नई दिल्ली  लोकसभा के लिए गुरुवार 5 फरवरी 2026 का दिन अप्रत्‍याशित रहा. प्रधानमंत्री के जवाब के बिना ही राष्‍ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण को लोकसभा से पारित कर दिया गया. साल 2004 के बाद यह पहला मौका है, जब प्रधानमंत्री के भाषण के बिना ही राष्‍ट्रपति के अभिभाषण को लोकसभा से पारित कर दिया गया है. इससे पहले जून 2004 में तत्‍कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह हंगामे की वजह से राष्‍ट्रपति के अभिभाषण पर जारी बहस में हिस्‍सा नहीं ले सके थे. उनको अपनी बात कहने का मौका नहीं मिला था. उनकी स्‍पीच के बिना ही राष्‍ट्रपति के अभिभाषण को लोकसभा से पारित कर दिया गया था. बजट सत्र के दौरान संसद में जारी गतिरोध के बीच गुरुवार 5 फरवरी 2026 को लोकसभा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संयुक्त सत्र में दिए गए अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को प्रधानमंत्री के जवाब के बिना ही पारित कर दिया. यह 2004 के बाद पहली बार हुआ है, जब सदन ने परंपरा से हटकर बिना प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया के प्रस्ताव को मंजूरी दी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बुधवार 4 फरवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देना था, लेकिन विपक्षी सांसदों के लगातार हंगामे और नारेबाजी के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित होती रही. हालात को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी. इसके बाद गुरुवार को स्‍पीकर ने राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पढ़कर सुनाया, जिसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया, हालांकि इस दौरान भी विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी जारी रखी. लोकसभा में भारी हंगामे के चलते आज भी कार्यवाही स्थगित हुई है। इसके साथ ही अब तय हो गया है कि लोकसभा में पीएम नरेंद्र मोदी का भाषण नहीं होगा। वह राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा का जवाब देने वाले थे, लेकिन हंगामे के चलते ऐसा नहीं हो सका। उनके भाषण के लिए बुधवार शाम 5 बजे का समय तय था, लेकिन कांग्रेस समेत विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते कार्यवाही को स्थगित करना पड़ा। अब उनके भाषण के बिना ही राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया है। 2004 के बाद ऐसा पहली बार हुआ है। 2004 में तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह भी अपना भाषण नहीं दे सके थे। इस बार कुल तीन सांसद ही राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई चर्चा में अपनी स्पीच पूरी कर सके। राष्ट्रपति की ओर से संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित किया जाता है और फिर उस पर परिचर्चा होती है। इस चर्चा के अंत में पीएम के जवाब देने की परंपरा रही है, लेकिन 2004 के बाद ऐसा पहली बार हो रहा है, जब प्रधानमंत्री के बिना ही राष्ट्रपति के भाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पारित होगा। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने धन्यवाद प्रस्ताव पर विपक्ष के सुझावों को सदन में रखा, जिन्हें खारिज कर दिया गया। इसके बाद स्पीकर ने धन्यवाद प्रस्ताव को मतदान के लिए रखा और उसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया। हालांकि इस बीच लोकसभा सांसदों की ओर से नारेबाजी जारी रही। हंगामे के बीच ही धन्यवाद प्रस्ताव मंजूर, कार्य़वाही करनी पड़ी स्थगित हंगामे के चलते स्पीकर ने सदन की कार्यवाही को 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया। इस बीच पीएम नरेंद्र मोदी का आज शाम को राज्यसभा में भाषण होने वाला है। जानकारी मिल रही है कि इस दौरान भी विपक्ष की ओर से हंगामा हो सकता है। दरअसल वह लोकसभा में बुधवार को ही बोलने वाले थे, लेकिन विपक्षी सांसदों के हंगामे के चलते ऐसा नहीं हो सका। विपक्षी नेताओं का कहना था कि यदि नेता विपक्ष राहुल गांधी को बोलने का मौका नहीं दिया गया है तो फिर पीएम को भी अवसर नहीं देंगे। राहुल गांधी को लोकसभा में भाषण से क्यों रोका गया था? गौरतलब है कि राहुल गांधी पूर्व आर्मी चीफ एम.एम नरवणे की एक पुस्तक का हवाला देते हुए लोकसभा में बोलना चाह रहे थे। यह पुस्तक प्रकाशित ही नहीं हुई है और इसके चलते रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और होम मिनिस्टर अमित शाह ने इस पर आपत्ति जताई थी। अंत में उन्हें इस पर भाषण देने से रोक दिया गया था। इसी को लेकर कांग्रेस हमलावर है और उसका कहना है कि यह विपक्ष के नेता के अधिकार का हनन है। तब से ही विपक्ष का कहना था कि हम पीएम मोदी को भी भाषण नहीं देने देंगे और अंत में प्रधानमंत्री की स्पीच के बिना ही धन्यवाद प्रस्ताव को मंजूर कर लिया गया। लोकसभा में नहीं थमा हंगामा गुरुवार को लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, लेकिन कुछ ही देर में INDIA गठबंधन के सांसदों ने प्रधानमंत्री और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए, जिसके चलते सदन को फिर स्थगित करना पड़ा. विपक्ष का आरोप है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को बोलने का अवसर नहीं दिया गया, जबकि वह 2020 के चीन गतिरोध पर पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल एमए नरवणे की अप्रकाशित आत्मकथा का हवाला देना चाहते थे. सरकार और विपक्ष के बीच टकराव मंगलवार को उस समय और तेज हो गया, जब कांग्रेस के आठ सांसदों को अनुशासनहीन व्यवहार के चलते बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया गया. इसके बाद से विपक्षी दल लगातार सदन में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं, जिससे विधायी कामकाज प्रभावित हुआ है. 21 साल पुरानी याद ताजा संसदीय परंपरा के अनुसार, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर प्रधानमंत्री का जवाब एक अहम प्रक्रिया मानी जाती है, जिसमें सरकार अपनी प्राथमिकताओं और विपक्ष के सवालों का समग्र उत्तर देती है. ऐसे में प्रधानमंत्री के बिना जवाब दिए प्रस्ताव का पारित होना असाधारण माना जा रहा है. इस घटनाक्रम के बीच 2004 की यादें भी ताजा हो गई हैं, जब तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब देने से रोका गया था. कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर 10 मार्च 2005 का एक वीडियो साझा किया, जिसमें डॉ. सिंह जून 10, 2004 की उस घटना का जिक्र करते हैं, जब उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया गया था.

दिल्ली से 15 दिन में 800 बच्चे लापता, क्या हुआ? वसीम और ऋतिक के घर में ग़म का माहौल

नई दिल्ली आधी रात का वक्त था, वसीम चैन से सोया था, पर अगली सुबह जब सूरज की पहली किरण बुराड़ी की गलियों में पहुंची तो वह बिस्तरों से गायब था. दिल्ली की सड़कों पर पहरा देने वाली पुलिस की नाक के नीचे महज 15 दिनों में 800 बच्‍चे गायब हो चुके हैं. कहीं संगीत का जुनून पालने वाला वसीम अपना हारमोनियम लेकर अंधेरे में खो गया, तो कहीं JEE की तैयारी कर रहा होनहार ऋतिक एक डांट के बाद सिस्टम की सुस्ती की भेंट चढ़ गया. यह सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं बल्कि उन बिलखती मांओं की चीख है जिनकी आंखें दरवाजे पर पथरा गई हैं. पुलिस की फाइलें लेटर लिखने में हफ्ता गुजार देती हैं और इधर मेट्रो की फुटेज से लेकर मासूमों के सुराग तक सब कुछ हमेशा के लिए मिट जाता है. क्या दिल्ली अब अपने ही बच्चों के लिए एक डरावना भूलभुलैया बन चुकी है? देश की राजधानी दिल्ली में लापता बच्चों की बढ़ती संख्या ने न केवल पुलिस महकमे को बल्कि आम जनता को भी हिलाकर रख दिया है. आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली में महज 15 दिनों के भीतर 800 से ज्यादा लोगों के लापता होने की खबर ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिया है.  दिल्ली के बुराड़ी पहुंची, तो वहां दो परिवारों का दर्द सामने आया, जिनके बेटे दिसंबर महीने से लापता हैं. केस स्टडी 1: वसीम रजा का संगीत का सपना और अधूरी तलाश बिहार के किशनगंज से आकर बुराड़ी के मौर्य एनक्लेव में रहने वाले तेमुल हक और रूबी का 19 वर्षीय बेटा वसीम रजा 28 दिसंबर की सुबह से गायब है. • विवाद की जड़: वसीम को सिंगिंग का जुनून था लेकिन परिवार चाहता था कि वह AC रिपेयरिंग का काम सीखे. • गायब होने का घटनाक्रम: 27 दिसंबर की रात वसीम घर पर ही सोया था. सुबह 9 बजे वह घर में नहीं था और अपना हारमोनियम साथ ले गया था. • पुलिस पर सवाल: वसीम के पिता का कहना है कि पुलिस ने गली या उसके बाहर की CCTV फुटेज तक नहीं निकाली. • मां का दर्द: “जिसका बच्चा जाता है, उसके दिल पर क्या गुजरती है. वोट मांगने आते हैं तो सब छान मार देते हैं, लेकिन बच्चे के वक्त सुनवाई नहीं होती.” केस स्टडी 2: ऋतिक झा और सिस्टम की लेटलतीफी बुराड़ी के संत नगर का 16 वर्षीय ऋतिक झा JEE मेंस की तैयारी कर रहा था. 17 दिसंबर को मां की डांट के बाद वह घर से निकला और फिर कभी नहीं लौटा. • खोया हुआ मौका: ऋतिक की आखिरी लोकेशन नेताजी सुभाष पैलेस (NSP) मेट्रो स्टेशन पर मिली थी. • फुटेज का संकट: पुलिस को मेट्रो को पत्र लिखने में 7 दिन लग गए. तब तक मेट्रो की पुरानी फुटेज डिलीट हो चुकी थी. • मां का डर: ऋतिक की मां बेबी झा को डर है कि उनके बेटे का अपहरण हो गया है. आंकड़ों का आईना: दिल्ली में गायब होती सुरक्षा वसीम के पिता तेमुल हक का सवाल जायज है कि अगर 15 दिनों में 800 लोग गायब होंगे, तो दिल्ली खाली हो जाएगी. लापता व्यक्ति    उम्र       क्षेत्र                           लापता होने की तिथि वसीम रजा       19 साल    मौर्य एनक्लेव, बुराड़ी    28 दिसंबर ऋतिक झा       16 साल    संत नगर, बुराड़ी          17 दिसंबर सिस्टम की सुस्ती और परिवारों का इंतजार इन दोनों ही मामलों में परिवारों का सीधा आरोप पुलिस की कार्यप्रणाली पर है. कहीं CCTV फुटेज नहीं खंगाली गई तो कहीं लेटर लिखने की कागजी कार्रवाई में अहम सबूत (मेट्रो फुटेज) मिट गए. दिल्ली जैसे महानगर में जहां चप्पे-चप्पे पर कैमरे होने का दावा किया जाता है, वहां बच्चों का इस तरह गायब हो जाना और हफ्तों तक कोई सुराग न मिलना चिंताजनक है. सवाल-जवाब दिल्ली में हाल के दिनों में लापता होने वाले लोगों के आंकड़े क्या कहते हैं? न्यूज 18 इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में महज 15 दिनों के भीतर 800 से ज्यादा लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई है, जिसने आम नागरिकों को हैरत में डाल दिया है. बुराड़ी से लापता वसीम रजा के मामले में पुलिस पर क्या आरोप हैं? वसीम के पिता तेमुल हक का आरोप है कि पुलिस उनके इलाके में घूमती तो है, लेकिन वसीम के लापता होने के बाद न तो उनकी गली की और न ही बाहर की सीसीटीवी फुटेज निकाली गई. ऋतिक झा के मामले में सीसीटीवी फुटेज क्यों नहीं मिल पाई? ऋतिक की मां बेबी झा के अनुसार, पुलिस को मेट्रो को पत्र लिखने में ही 7 दिन लग गए. इस लेटलतीफी के कारण मेट्रो का पुराना फुटेज डेटा डिलीट हो गया और ऋतिक का आगे का सुराग नहीं मिल सका. लापता बच्चों के माता-पिता की मुख्य चिंता और डर क्या है? वसीम की मां को डर है कि इतने दिनों तक कोई संपर्क न होने के कारण उनके बेटे के साथ कोई अनहोनी न हो गई हो. वहीं, ऋतिक की मां को अंदेशा है कि उनके बेटे का किडनैप (अपहरण) कर लिया गया है. बुराड़ी के जनप्रतिनिधियों से इन परिवारों को क्या आश्वासन मिला है? वसीम के पिता ने बताया कि वे बुराड़ी विधायक के दफ्तर में ‘जनता दरबार’ गए थे. वहां से उन्हें आश्वासन दिया गया कि एक-दो दिन में इस बारे में एसडीएम (SDM) या पुलिस कमिश्नर से बात की जाएगी.

विजया एकादशी 2026: खास संयोग से मिलेगा विशेष फल, जानें पूजा विधि व शुभ समय

सनातन धर्म में एकादशी व्रत का विशेष महत्व माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और व्रत करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और व्यक्ति को हर कार्य में सफलता प्राप्त होती है. साल 2026 में विजया एकादशी 13 फरवरी, शुक्रवार को मनाई जाएगी. इस बार यह एकादशी बेहद खास मानी जा रही है, क्योंकि इस दिन सिद्ध योग और शुक्रवार का दुर्लभ संयोग बन रहा है. आइए जानते हैं इस बार विजय एकादशी पर कौन- कौन से योग बन रहे हैं. विजया एकादशी पर बनेंगे ये शुभ संयोग इस बार एकादशी पर सिद्ध योग और शुक्रवार का अद्भुत संगम हो रहा है. शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी को समर्पित है और एकादशी भगवान विष्णु को. ऐसे में इस दिन व्रत रखने से ‘लक्ष्मी-नारायण’ दोनों की असीम कृपा प्राप्त होगी, जिससे आर्थिक तंगी दूर होती है और अटके हुए कार्यों में सफलता मिलती है. विजया एकादशी का शुभ मुहूर्त     एकादशी तिथि प्रारंभ 12 फरवरी 2026, रात से     एकादशी तिथि समाप्त 13 फरवरी 2026, शाम तक     व्रत का दिन 13 फरवरी 2026 (शुक्रवार)     पारण (व्रत खोलने) का समय 14 फरवरी, सुबह 07:01 से 09:15 के बीच रहेगा. क्यों खास है विजया एकादशी? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान श्रीराम ने लंका पर विजय प्राप्त करने से पहले समुद्र किनारे विजया एकादशी का व्रत किया था. तभी से यह माना जाता है कि जो भी व्यक्ति कठिन परिस्थितियों में फंसा हो या विरोधियों से परेशान हो, उसे यह व्रत जरूर करना चाहिए. यह व्रत आत्मविश्वास बढ़ाता है और जीवन की बाधाओं को दूर करता है. विजया एकादशी की पूजा विधि     संकल्प: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें.     कलश स्थापना: एक वेदी बनाकर उस पर सात अनाज रखें और उसके ऊपर कलश स्थापित करें.     पूजा: कलश पर भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर रखें. उन्हें पीले फूल, ऋतु फल, तुलसी दल और पंचामृत अर्पित करें.     धूप-दीप: घी का दीपक जलाएं और ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ मंत्र का जाप करें.     कथा: विजया एकादशी की व्रत कथा पढ़ें या सुनें.     आरती: आखिर में विष्णु जी की आरती करें और अनजाने में हुई भूल के लिए क्षमा मांगें. इस दिन क्या करें और क्या न करें?     क्या करें: दान-पुण्य करें, सात्विक भोजन लें और दिन भर मन को शांत रखें.     क्या न करें: इस दिन चावल का सेवन वर्जित है. साथ ही क्रोध और वाद-विवाद से बचना चाहिए.  

पुर्तगाल में तूफानों का कहर: 200 KMPH की रफ्तार से बवंडर और 95 KMPH की स्पीड वाला तूफान, 11 की मौत

लिस्बन पुर्तगाल में लगातार आ रहे तूफानों ने जनवरी के अंत से अब तक 11 लोगों की जान ले ली है। ताजा घटना में 64 साल के एक व्यक्ति की मौत हो गई। यह हादसा दक्षिणी पुर्तगाल के सेरपा क्षेत्र में पियास के पास अमोरेइरा बांध के नजदीक हुआ। व्यक्ति सड़क पार करने की कोशिश कर रहा था, तभी बाढ़ का तेज पानी उसकी कार को बहा ले गया। समाचार एजेंसी लूसा के मुताबिक, जिस सड़क से वह गुजर रहा था वहां पानी तेजी से भर रहा था। अचानक आई बाढ़ अपने चरम पर थी और तेज बहाव में कार बह गई। यह जानकारी राष्ट्रीय रिपब्लिकन गार्ड के एक अधिकारी के हवाले से दी गई। हाल के दिनों में पुर्तगाल लगातार कई तूफानी प्रणालियों की चपेट में रहा है। इससे देशभर में भारी नुकसान हुआ है। अब तक तूफान क्रिस्टिन सबसे ज्यादा विनाशकारी साबित हुआ है। इसके बाद तूफान लियोनार्डो ने बुधवार से देश को प्रभावित करना शुरू किया। इससे पहले पुर्तगाल के प्रधानमंत्री लुईस मोंटेनेग्रो ने तूफान क्रिस्टिन के बाद परिवारों और कारोबारियों की मदद के लिए 2.5 बिलियन यूरो के सहायता पैकेज की घोषणा की थी। इस तूफान में कम से कम आठ लोगों की मौत हुई थी और पूरे देश में भारी तबाही हुई थी। इसके बाद सरकार ने राष्ट्रीय आपदा की स्थिति को और आगे बढ़ाने का फैसला किया। यूरोप के कुछ देशों पर इन दिनों प्रकृति का कहर बरप रहा है. समुद्री तूफान की वजह से व्‍यापक नुकसान हुआ है. एक सप्‍ताह पहले 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली क्रिस्टिन स्‍टॉर्म ने जमक तबाही मचाई थी. अब लियानार्डो स्‍टॉर्म का खतरा मंडरा रहा है. मौसम विभाग ने पुर्तगाल और स्‍पेन के लिए अलर्ट जारी किया है. लियानार्डो तूफान की वजह से बाढ़ जैसे हालात बनने का खतरा है तो दूसरी तरफ ट्रांसपोर्ट सिस्‍टम के चरमराने की आशंका भी जताई गई है. मौसमी हालात को देखते हुए वेदर एक्‍सपर्ट ने लोगों से घरों में रहने और यात्रा से बचने की सलाह दी है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचा जा सके. पिछले कुछ दिनों में आए भयानक तूफान की वजह से पुर्तगाल में 11 लोगों की मौत होने की सूचना है, जबकि व्‍यापक पैमाने पर संपत्ति को भी नुकसान पहुंचा है. पुर्तगाल और स्पेन ने स्टॉर्म लियोनार्डो के चलते यात्रियों और नागरिकों के लिए आपात चेतावनी जारी की है. तूफान के कारण भारी बारिश, तेज हवाएं और तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. पुर्तगाल के मौसम विभाग आईपीएमए के अनुसार, देश के कई हिस्सों में हवा की रफ्तार 95 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि दक्षिणी तटों पर तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है. स्पेन में विशेष रूप से आंदालूसिया क्षेत्र में हालात गंभीर बने हुए हैं, जहां रेड और एंबर अलर्ट जारी किए गए हैं. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि खराब मौसम से ट्रांसपोर्ट सर्विसेज बाधित हो सकती हैं, बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है और संपत्ति को नुकसान पहुंचने का खतरा है. हालांकि, यह तूफान पिछले सप्ताह आए स्टॉर्म क्रिस्टिन जितना शक्तिशाली नहीं है, फिर भी पहले से भरे नदी-नालों के कारण बाढ़ का जोखिम अधिक बना हुआ है. तटीय क्षेत्रों में ऊंची लहरों और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की भी संभावना जताई गई है. प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर रखने और सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है. पुर्तगाल में 11 लोगों की मौत पुर्तगाल में लगातार आ रहे तूफानों ने जनवरी के अंत से अब तक 11 लोगों की जान ले ली है. ताजा घटना में 64 साल के एक व्यक्ति की मौत हो गई. यह हादसा दक्षिणी पुर्तगाल के सेरपा क्षेत्र में पियास के पास अमोरेइरा बांध के नजदीक हुआ. व्यक्ति सड़क पार करने की कोशिश कर रहा था, तभी बाढ़ का तेज पानी उसकी कार को बहा ले गया. न्‍यूज एजेंसी लूसा के मुताबिक, जिस सड़क से वे गुजर रहे थे, वहां पानी तेजी से भर रहा था. अचानक आई बाढ़ अपने चरम पर थी और तेज बहाव में कार बह गई. यह जानकारी राष्ट्रीय रिपब्लिकन गार्ड के एक अधिकारी के हवाले से दी गई. हाल के दिनों में पुर्तगाल लगातार कई तूफानी सिस्‍टम्‍स की चपेट में रहा है. इससे देशभर में भारी नुकसान हुआ है. अब तक तूफान क्रिस्टिन सबसे ज्यादा विनाशकारी साबित हुआ है. इसके बाद तूफान लियोनार्डो ने बुधवार से देश को प्रभावित करना शुरू किया. इससे पहले पुर्तगाल के प्रधानमंत्री लुईस मोंटेनेग्रो ने तूफान क्रिस्टिन के बाद परिवारों और कारोबारियों की मदद के लिए 2.5 बिलियन यूरो के सहायता पैकेज की घोषणा की थी. इस तूफान में कम से कम आठ लोगों की मौत हुई थी और पूरे देश में भारी तबाही हुई थी. इसके बाद सरकार ने राष्ट्रीय आपदा की स्थिति को और आगे बढ़ाने का फैसला किया. सरकारी सहायता मंत्रिपरिषद की आपात बैठक के बाद सरकार ने यह पैकेज घोषित किया और राष्ट्रीय आपदा की स्थिति को 8 फरवरी तक बढ़ा दिया. इस पैकेज में घरों के पुनर्निर्माण के लिए सहायता, परिवारों को आय सहायता, कारोबारियों को नकदी मदद और कर व ऋण भुगतान में राहत शामिल है. बीमा रहित मुख्य घरों, कृषि और वानिकी कार्यों के लिए सीधे अनुदान दिए जाएंगे, जिनकी राशि अधिकतम 10 हजार यूरो तक हो सकती है. जिन परिवारों को आय का नुकसान हुआ है, उन्हें प्रति व्यक्ति 537 यूरो तक की मदद मिलेगी. एक परिवार को अधिकतम 10,075 यूरो तक सहायता दी जा सकेगी. प्रभावित इलाकों के कारोबारियों को छह महीने तक सामाजिक सुरक्षा अंशदान में छूट मिलेगी. इसके अलावा तीन महीने के लिए एक सरल अस्थायी छंटनी योजना तक पहुंच का लाभ मिलेगा. कारोबार और मुख्य घरों के ऋण पर 90 दिनों की मोहलत दी जाएगी, जिसे जरूरत पड़ने पर 12 महीने तक बढ़ाया जा सकता है.

देवी-देवताओं की तस्वीरें भी ला सकती हैं नकारात्मक ऊर्जा! क्या कहती हैं धार्मिक मान्यताएं

घर में सुख-समृद्धि, शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए लोग देवी-देवताओं की तस्वीरें और मूर्तियां स्थापित करते हैं। मान्यता है कि सही विधि और सही स्वरूप में की गई पूजा से घर का वातावरण सकारात्मक बना रहता है। हालांकि, वास्तु शास्त्र और ज्योतिष के अनुसार हर देवी-देवता की हर तस्वीर या मूर्ति घर में रखना शुभ नहीं माना जाता। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कुछ विशेष देवी-देवताओं के उग्र स्वरूप, खंडित प्रतिमाएं या युद्ध दर्शाती तस्वीरें घर में रखने से मानसिक तनाव, आपसी कलह और आर्थिक तंगी जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं। आइए जानते हैं किन देवी-देवताओं की तस्वीरें घर में रखने से बचना चाहिए और इसके पीछे क्या कारण बताए गए हैं। भगवान भैरव और नटराज की मूर्ति भगवान शिव के उग्र रूप भैरव महाराज की तस्वीर या मूर्ति घर के भीतर रखना शुभ नहीं माना जाता। शास्त्रों के अनुसार, भैरव तंत्र साधना के देवता हैं और उनकी पूजा मुख्य रूप से घर के बाहर या मंदिर में की जानी चाहिए। इसी तरह, नटराज स्वरूप में भगवान शिव तांडव मुद्रा में होते हैं, जो विनाश और प्रलय का प्रतीक मानी जाती है। वास्तु मान्यताओं के अनुसार, इस स्वरूप की मूर्ति घर में रखने से अशांति और मानसिक तनाव बढ़ सकता है। शनि देव की प्रतिमा शनि देव को न्याय और कर्मफल का देवता माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, उनकी दृष्टि अत्यंत प्रभावशाली और उग्र मानी जाती है। यही कारण है कि शनि देव की मूर्ति या तस्वीर घर में लगाना उचित नहीं माना गया है। शनि देव की पूजा के लिए मंदिर या शनि पीठ में जाना शुभ माना जाता है। घर में उनकी प्रतिमा रखने से परिवार के सदस्यों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका बताई जाती है। देवी काली का उग्र स्वरूप मां काली शक्ति और संहार की देवी हैं, लेकिन घर में उनका अत्यंत उग्र या विकराल स्वरूप रखना शुभ नहीं माना जाता। ऐसी तस्वीरें जिनमें मां काली राक्षसों का संहार करती दिखाई दें या अत्यधिक उग्र रूप में हों, घर में नकारात्मक ऊर्जा और क्रोध को बढ़ा सकती हैं। वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घर में मां लक्ष्मी, मां सरस्वती या मां दुर्गा के सौम्य और आशीर्वाद देते हुए स्वरूप की पूजा करना अधिक शुभ माना गया है। खंडित मूर्तियां या टूटी हुई तस्वीरें वास्तु शास्त्र में खंडित मूर्तियों को सबसे बड़ा दोष माना गया है। टूटी हुई मूर्ति, तस्वीर का टूटा या चटका हुआ कांच इन सभी को घर में रखना अशुभ माना जाता है। मान्यता है कि खंडित प्रतिमाएं दुर्भाग्य को आकर्षित करती हैं और घर की बरकत को रोक देती हैं। ऐसी मूर्तियों या तस्वीरों को तुरंत सम्मानपूर्वक हटा देना चाहिए। युद्ध या क्रोध मुद्रा वाली तस्वीरें किसी भी देवी-देवता की ऐसी तस्वीर जिसमें वे युद्ध करते हुए या अत्यधिक क्रोध में दिखाई दें, घर के वातावरण को तनावपूर्ण बना सकती है। उदाहरण के लिए, महाभारत युद्ध या अन्य संघर्ष दर्शाती धार्मिक तस्वीरें घर में शांति भंग कर सकती हैं। ऐसे दृश्य पूजा स्थान के लिए उपयुक्त नहीं माने जाते। इन वास्तु नियमों का भी रखें ध्यान पीठ दिखाई न दे: भगवान की मूर्ति या तस्वीर इस तरह न रखें कि उनकी पीठ दिखाई दे। आमने-सामने न हों: एक ही देवी-देवता की दो मूर्तियां या तस्वीरें आमने-सामने न रखें। मंदिर की सही दिशा: घर का मंदिर हमेशा उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में होना चाहिए। साफ-सफाई: पूजा स्थल को हमेशा स्वच्छ और व्यवस्थित रखें। वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घर में देवी-देवताओं की सही तस्वीरें और मूर्तियां रखने से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है। वहीं, गलत स्वरूप या खंडित प्रतिमाएं घर की शांति और समृद्धि में बाधा बन सकती हैं। इसलिए पूजा स्थल की व्यवस्था करते समय इन नियमों का पालन करना बेहद जरूरी माना गया है।

टीवीएस की जनवरी 2026 में रिकॉर्ड बिक्री, EV की डिमांड में 50% से अधिक वृद्धि, ग्राहक झिझक के बिना कर रहे इलेक्ट्रिक वाहनों का चुनाव

मुंबई  टीवीएस मोटर कंपनी का दमदार आगाज़ जनवरी 2026 टीवीएस मोटर कंपनी के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ है। कंपनी ने इस महीने कुल 5.12 लाख से अधिक वाहनों की बिक्री दर्ज की, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में करीब 29 प्रतिशत ज्यादा है। यह प्रदर्शन बताता है कि भारतीय ऑटो बाजार में टीवीएस की पकड़ लगातार मजबूत हो रही है और ग्राहक इसके उत्पादों पर भरोसा जता रहे हैं। घरेलू बाजार के साथ-साथ निर्यात कारोबार ने भी इस ग्रोथ को मजबूती दी है। घरेलू दोपहिया बाजार में मजबूत पकड़ जनवरी 2026 में टीवीएस की कुल दोपहिया बिक्री लगभग 4.94 लाख यूनिट्स रही। सालाना आधार पर इसमें करीब 28 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। खास बात यह रही कि घरेलू बाजार में दोपहिया वाहनों की बिक्री में करीब 30 प्रतिशत का उछाल देखने को मिला। यह आंकड़े साफ संकेत देते हैं कि शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में टीवीएस ब्रांड की स्वीकार्यता तेजी से बढ़ रही है। मोटरसाइकिल और स्कूटर सेगमेंट का अहम योगदान टीवीएस की इस मजबूत ग्रोथ में मोटरसाइकिल और स्कूटर दोनों सेगमेंट की बड़ी भूमिका रही। जनवरी 2026 में मोटरसाइकिल बिक्री में सालाना आधार पर उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई, वहीं स्कूटर सेगमेंट ने भी शानदार प्रदर्शन किया। कम्यूटर से लेकर फैमिली और युवा ग्राहकों तक, टीवीएस के मॉडल्स की डिमांड बनी रही, जिससे कुल बिक्री को मजबूती मिली। इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में 50% से ज्यादा उछाल जनवरी 2026 टीवीएस के लिए इलेक्ट्रिक व्हीकल के लिहाज से भी बेहद खास रहा। कंपनी की EV बिक्री में 50 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह साफ दर्शाता है कि भारतीय ग्राहक अब इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर को लेकर ज्यादा गंभीर और आत्मविश्वास से भरे हुए हैं। टीवीएस का EV पोर्टफोलियो इस बदलाव का सीधा फायदा उठाता नजर आ रहा है। निर्यात बाजार में भी स्थिर ग्रोथ घरेलू बिक्री के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी टीवीएस ने संतुलित प्रदर्शन किया। जनवरी 2026 में कंपनी के कुल निर्यात में सालाना आधार पर अच्छी बढ़ोतरी देखने को मिली। दोपहिया वाहनों की विदेशी मांग बनी रही, जिससे ग्लोबल मार्केट में टीवीएस की मौजूदगी और मजबूत हुई। तीन-पहिया सेगमेंट ने चौंकाया जनवरी 2026 में टीवीएस के तीन-पहिया सेगमेंट ने भी सभी का ध्यान खींचा। इस कैटेगरी में कंपनी की बिक्री में जबरदस्त उछाल देखने को मिला। खासतौर पर कमर्शियल उपयोग और ई-रिक्शा सेगमेंट में बढ़ती मांग ने इस ग्रोथ को गति दी है, जो आने वाले समय में और विस्तार के संकेत देती है। भविष्य के लिए मजबूत संकेत कुल मिलाकर जनवरी 2026 टीवीएस मोटर कंपनी के लिए एक बेहद सफल महीना रहा। मजबूत घरेलू मांग, इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती लोकप्रियता और निर्यात में स्थिर प्रदर्शन ने कंपनी को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया है। मौजूदा रुझान यह संकेत देते हैं कि आने वाले महीनों में भी टीवीएस की ग्रोथ की रफ्तार बनी रह सकती है।