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IAS पुलकित गर्ग का अनोखा कदम: बेटी को आंगनबाड़ी में कराया एडमिशन, फैसले पर हो रही चर्चा

चित्रकूट  चित्रकूट के जिलाधिकारी पुलकित गर्ग इन दिनों एक खास फैसले को लेकर चर्चा में हैं. जहां आमतौर पर सक्षम परिवार अपने बच्चों को महंगे प्राइवेट प्ले स्कूलों में दाखिला दिलाना पसंद करते हैं, वहीं IAS अधिकारी पुलकित गर्ग ने अपनी साढ़े तीन साल की बेटी सिया का एडमिशन सरकारी आंगनबाड़ी केंद्र में कराकर मिसाल पेश की है. उनके इस कदम को सरकारी शिक्षा और आंगनबाड़ी व्यवस्था पर भरोसे के रूप में देखा जा रहा है. पुलकित गर्ग की बतौर जिलाधिकारी पहली तैनाती चित्रकूट में हुई है. पद संभालने के कुछ समय बाद जब उनकी बेटी के प्ले स्कूल में एडमिशन की बारी आई, तो उन्होंने इसे औपचारिकता की तरह नहीं लिया, बल्कि एक जागरूक अभिभावक की तरह विकल्पों की गंभीरता से पड़ताल की. उन्होंने और उनकी पत्नी ने जिले के कई निजी प्ले स्कूलों के साथ-साथ कई आंगनबाड़ी केंद्रों का भी दौरा किया. सुविधाएं, वातावरण, बच्चों की गतिविधियां और शिक्षण व्यवस्था देखने के बाद उन्होंने जिला मुख्यालय में स्थित आंगनबाड़ी केंद्र को सबसे उपयुक्त पाया. जिस आंगनबाड़ी केंद्र में बेटी सिया का दाखिला कराया गया है, वहां करीब 35 बच्चे पंजीकृत हैं. सिया भी अन्य बच्चों की तरह उनके साथ बैठकर एक्टिविटीज में भाग लेती है, पढ़ाई करती है और मध्याह्न भोजन के समय सबके साथ जमीन पर बैठकर खाना खाती है. केंद्र में बच्चों के लिए खेल-खेल में सीखने का माहौल तैयार किया गया है. रंगीन दीवारें, तस्वीरें, खिलौने, एजुकेशन किट, एबीसी और नंबर चार्ट जैसे साधन हैं, जो प्राइमरी एजुकेशन को रोचक बनाते हैं. जिलाधिकारी पुलकित गर्ग का मानना है कि प्रारंभिक शिक्षा की मजबूती बड़ी बिल्डिंग्स या हाई फीस से नहीं, बल्कि सही माहौल, देखभाल और एक्टिविटी से आती है. उन्होंने कहा कि प्ले स्कूल या प्री-स्कूल स्तर की शिक्षा बच्चे के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है.  आंगनबाड़ी केंद्रों में सरकार की ओर से इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रशिक्षण और शिक्षण सामग्री पर लगातार काम किया जा रहा है. कार्यकर्ताओं को यह तय शेड्यूल दिया जाता है कि बच्चों को रोज क्या और कैसे सिखाना है- जैसे कहानियां, भावगीत, खेल गतिविधियां और बुनियादी सीख. आईएएस पुलकित गर्ग ने बताया कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की नियमित ट्रेनिंग भी कराई जा रही है, ताकि बच्चों को बेहतर प्रारंभिक शिक्षा और पोषण मिल सके. छह माह से छह वर्ष तक के बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और मानसिक विकास पर यहां विशेष ध्यान दिया जाता है. उनका कहना है कि अभिभावकों को आंगनबाड़ी केंद्रों पर भरोसा करना चाहिए और छोटे बच्चों को वहां जरूर भेजना चाहिए. आईएएस अधिकारी के इस फैसले का एक प्रशासनिक संदेश भी माना जा रहा है. यदि व्यवस्थाएं मजबूत हों तो अधिकारी खुद भी उन पर भरोसा दिखा सकते हैं. पुलकित गर्ग ने कहा कि उनका लक्ष्य जिले की सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को चरणबद्ध तरीके से अपग्रेड करना है. जहां जरूरत होगी वहां मरम्मत, नवीनीकरण और संसाधन बढ़ाने का काम किया जाएगा. स्थानीय लोगों और शिक्षा से जुड़े लोगों ने इस कदम की सराहना की है. उनका कहना है कि जब जिले के शीर्ष अधिकारी खुद अपने बच्चे को आंगनबाड़ी भेजते हैं तो इससे व्यवस्था पर भरोसा बढ़ता है और समाज में सकारात्मक संदेश जाता है.

कानपुर हादसा: मुंडन संस्कार से लौट रहे परिवार की कार नहर में समाई, तीन की मौत, एक गंभीर

 कानपुर देहात कानपुर देहात में बड़ा हादसा हो गया. जहां मुंडन संस्कार से लौट रहे कार सवार युवकों की कार अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई. जिससे तीन लोगों की मौत हो गई. जबकि एक घायल हो गया. हादसा रसूलाबाद क्षेत्र के हरि निवादा गांव के पास हुआ. जहां कार देखते ही देखते नहर में समा गई और वाहन के अंदर पानी भर गया. घटना के बाद मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने अद्भुत साहस का परिचय दिया. लोगों ने तुरंत कार का शीशा तोड़कर अंदर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी. सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और कार सवार चारों युवकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रसूलाबाद पहुंचाया गया. ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर शैलेन्द्र ने जांच के बाद राजेश श्रीवास्तव, मुम्मू श्रीवास्तव और चालक करिया को मृत घोषित कर दिया. जबकि घायल अभिषेक की हालत गंभीर देखते हुए उसे कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया गया है. घायल अभिषेक ने बताया कि सभी लोग गोंडा जिले के निवासी हैं और अकौड़िया गांव में मुंडन संस्कार में शामिल होने आए थे. कार्यक्रम से लौटते समय अचानक कार अनियंत्रित हुई और नहर में गिर गई. ग्रामीणों की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया. लेकिन उनके पिता, चाचा और चालक की जान नहीं बच सकी. सूचना मिलते ही परिजन भी मौके पर पहुंच गए. फिलहाल पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है.    पुलिस ने बताया कि कानपुर देहात में एक कार अनियंत्रित होकर नहर में गिर गई. जिससे तीन लोगों की मौत हो गई. जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया. मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है. 

टीम इंडिया में बदलाव: बुमराह बाहर, क्या ईशान किशन ओपनिंग करेंगे? अमेरिका के खिलाफ प्लेइंग 11 में होंगे 13 खिलाड़ी

मुंबई IND vs USA T20 WC Match: टी20 वर्ल्ड कप कप 2026 की शुरुआत आज (7 फरवरी) से हो रही है. भारत अपना पहला मैच संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के ख‍िलाफ खेलेगा. लेकिन इस मैच से पहले भारतीय टीम मैनेजमेंट के लिए टेंशन बढ़ गई है. भारतीय तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह के संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) के खिलाफ होने वाले टी20 वर्ल्ड कप 2026 के पहले मुकाबले में खेलने की संभावना बेहद कम है. वायरल फीवर से जूझ रहे बुमराह को टीम मैनेजमेंट आराम देने के पक्ष में है और उन्हें वानखेड़े स्टेडियम में शनिवार को होने वाले ओपनिंग मैच के लिए जल्दबाज़ी में उतारने का कोई इरादा नहीं है. इंडियन एक्सप्रेस को मिली जानकारी के अनुसार, बुमराह को एहतियातन आराम दिया जाएगा. मैच की पूर्व संध्या पर वह मैदान पर जरूर पहुंचे, लेकिन उन्होंने अभ्यास सत्र में हिस्सा नहीं लिया. ऐसे में मोहम्मद सिराज के प्लेइंग इलेवन में शामिल होने की पूरी संभावना है. इस मुकाबले के लिए भारतीय टीम के पास फिलहाल सिर्फ 13 फिट खिलाड़ी उपलब्ध हैं. ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर अभी तक पूरी तरह फिट नहीं हुए हैं और बेंगलुरु स्थित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में अंतिम फिटनेस क्लीयरेंस का इंतज़ार कर रहे हैं. सुंदर की गैरमौजूदगी में टीम चयन की चुनौती और बढ़ गई है. गौरतलब है कि मोहम्मद सिराज को अंतिम समय पर टीम में शामिल किया गया था, जब तेज गेंदबाज हर्षित राणा साउथ अफ्रीका के खिलाफ 4 फरवरी को नवी मुंबई में खेले गए वॉर्म-अप मुकाबले के दौरान घुटने में चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए थे. उस समय बीसीसीआई ने अपने बयान में कहा था कि विशेषज्ञ से सलाह और स्कैन के बाद हर्षित को टूर्नामेंट के लिए अनफिट घोषित किया गया है और सिराज को उनके स्थान पर टीम में शामिल किया गया है. बल्लेबाज़ी क्रम की बात करें तो ईशान किशन और अभिषेक शर्मा के पारी की शुरुआत करने की संभावना है. ईशान किशन ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ वॉर्म-अप मैच में ओपनर के तौर पर 53 रन बनाए थे. इससे पहले, उन्होंने न्यूजीलैंड के खिलाफ त्रिवेंद्रम में खेले गए टी20 मुकाबले में नंबर तीन पर उतरते हुए 103 रन की पारी खेली थी. संजू सैमसन के फॉर्म में न होने के चलते टीम मैनेजमेंट शीर्ष क्रम में ईशान किशन पर भरोसा जता रहा है और उन्हें ओपनिंग की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है.

ट्रंप सरकार का बड़ा फैसला: भारत पर 18% टैरिफ लागू होने की तारीख तय

 नई दिल्ली भारत के लिए बड़ी राहत की खबर है. अमेरिका ने भारत से आयात होने वाले उत्पादों पर लगाए गए 25 प्रतिशत अतिरिक्त पेनल्टी टैरिफ को खत्म कर दिया है. व्हाइट हाउस की ओर से जारी कार्यकारी आदेश के मुताबिक संशोधित 18 प्रतिशत टैरिफ व्यवस्था 7 फरवरी 2026 से लागू होगी. यह आदेश भारतीय समयानुसार आज सुबह 10:30 बजे से प्रभावी होगा. इसके बाद भारत से अमेरिका में आयात किए जाने वाले उत्पादों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त एड-वेलोरम ड्यूटी लागू नहीं होगी. व्हाइट हाउस के कार्यकारी आदेश के अनुसार, भारत पर लगाया गया अतिरिक्त 25 प्रतिशत आयात शुल्क अब खत्म कर दिया गया है. इसके साथ ही अमेरिका की आधिकारिक टैरिफ सूची में शामिल भारत से जुड़े विशेष कोड और प्रावधान भी हटा दिए गए हैं, जिनके तहत यह अतिरिक्त शुल्क लगाया जा रहा था. यह आदेश उन सभी वस्तुओं पर लागू होगा, जो 7 फरवरी 2026 को या उसके बाद अमेरिका में खपत के लिए पहुंचेंगी या वेयरहाउस से निकाली जाएंगी. यानी इस तारीख के बाद भारत से आने वाले उत्पादों पर अतिरिक्त 25 प्रतिशत टैक्स नहीं लिया जाएगा. इसका सीधा मतलब यह है कि 7 फरवरी की सुबह 10:30 बजे के बाद जो भी भारतीय सामान अमेरिका में आधिकारिक तौर पर एंट्री करेगा या अमेरिकी वेयरहाउस से बिक्री या इस्तेमाल के लिए बाहर निकाला जाएगा, उस पर सिर्फ सामान्य आयात शुल्क लगेगा, जो करीब 18% है. अतिरिक्त 25% टैक्स अब नहीं लिया जाएगा. इसके लिए बनाए गए खास टैरिफ कोड भी अमेरिकी टैरिफ लिस्ट से हटा दिए गए हैं. सरल शब्दों में कहें तो इस समय के बाद आने वाली या क्लियर होने वाली खेपों पर अब पेनल्टी टैक्स नहीं लगेगा, सिर्फ सामान्य ड्यूटी ही देनी होगी. जो खेपें पहले ही पहुंच चुकी हैं या रास्ते में हैं, या वेयरहाउस में हैं और जिन पर 25% अतिरिक्त टैक्स वसूला जा चुका है, उनके लिए भी राहत दी गई है. आदेश में साफ कहा गया है कि अगर अमेरिकी कस्टम्स ने पहले से 25% अतिरिक्त टैक्स वसूला है तो जरूरत पड़ने पर वह राशि वापस की जाएगी. यह रिफंड अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) की सामान्य प्रक्रिया के तहत होगा. आमतौर पर अमेरिकी आयातक कंपनी या उसका कस्टम्स एजेंट इसके लिए आवेदन करता है. इसके लिए तय प्रक्रिया के तहत दस्तावेज जमा करने होते हैं. अधिकतर मामलों में रिफंड बिना ब्याज के और इलेक्ट्रॉनिक तरीके से किया जाएगा. हालांकि यह रिफंड अपने आप सभी को नहीं मिलेगा. जिन कंपनियों पर इसका असर पड़ा है, उन्हें कस्टम्स के तय नियमों के मुताबिक आवेदन करना होगा. पीएम मोदी ने ट्रेड डील पर क्या कहा… इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क का स्वागत किया और इसे दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के लिए बड़ा बढ़ावा बताया. पीएम मोदी ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम व्यापार समझौते के ढांचे पर सहमति बनी है और इसके लिए उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का धन्यवाद किया. पीएम मोदी ने कहा कि यह फ्रेमवर्क दोनों देशों के बीच बढ़ते भरोसे, साझेदारी और गतिशीलता को दर्शाता है. उन्होंने कहा कि यह समझौता 'मेक इन इंडिया' को मजबूती देगा और भारतीय किसानों, उद्यमियों, एमएसएमई, स्टार्टअप नवोन्मेषकों, मछुआरों समेत कई वर्गों के लिए नए अवसर खोलेगा. पीएम मोदी ने कहा कि इससे महिलाओं और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे, मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन तैयार होंगी और वैश्विक विकास को गति मिलेगी. उन्होंने जोर देकर कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए भारत भविष्य-केंद्रित वैश्विक साझेदारियों पर लगातार ध्यान केंद्रित कर रहा है. भारत-अमेरिका व्यापार को मिलेगा फायदा विशेषज्ञों के मुताबिक इस फैसले से भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को मजबूती मिलेगी. भारतीय निर्यातकों को अमेरिकी बाजार में राहत मिलेगी और कई सेक्टरों में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी. खासतौर पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपोर्ट सेक्टर के लिए यह फैसला अहम माना जा रहा है.

महिंद्रा का ‘सुपर प्लांट’ बनेगा इस राज्य में, 15,000 करोड़ का निवेश और हजारों नौकरियां

मुंबई  महाराष्ट्र के लिए महिंद्रा ने एक बड़ा ऐलान किया है. महिंद्रा एंड महिंद्रा अब महाराष्ट्र में अपने भविष्य की मजबूत नींव रखने जा रही है. कंपनी ने नागपुर में कार और ट्रैक्टर के लिए अपनी अब तक की सबसे बड़ी इंटिग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग प्लांट लगाने का ऐलान किया है. इस प्रोजेक्ट पर अगले दस साल में करीब 15,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जाएगा. महिंद्रा का ये इन्वेस्टमेंट विदर्भ इलाके की तस्वीर बदल देगा. क्षेत्र को नई पहचान मिलने की उम्मीद है. महिंद्रा ने इस तगड़े इन्वेस्टमेंट का ऐलान एडवांटेज विदर्भ (Advantage Vidarbha) कार्यक्रम के दौरान की. यह तीन दिन का आयोजन विदर्भ को एक उभरते औद्योगिक केंद्र के रूप में पेश करने के लिए किया गया था. इस मौके पर कंपनी ने साफ किया कि यह प्लांट न सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश के लिए अहम साबित होगा. 1500 एकड़ में बनेगा मेगा प्लांट नागपुर के पास बनने वाला यह नया प्लांट करीब 1,500 एकड़ में फैला होगा. इसके साथ ही संभाजीनगर में 150 एकड़ का सप्लायर पार्क भी तैयार किया जाएगा. साल 2028 से इस फैक्ट्री में ऑपरेशन शुरू होने की योजना है. यहां हर साल 5 लाख से ज्यादा कारें और करीब 1 लाख ट्रैक्टर बनेंगे. इसके बाद यह महिंद्रा की भारत में सबसे बड़ी इंटिग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी बन जाएगी. इस प्लांट में महिंद्रा के नेक्स्ट जेनरेशन के वाहन प्लेटफॉर्म जैसे NU_IQ आर्किटेक्चर को सपोर्ट किया जाएगा. यहां पेट्रोल, डीजल और इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रोडक्शन किया जाएगा. ये गाड़ियां घरेलू बाजार के साथ साथ दुनिया भर के बाजारों के लिए भी बनाई जाएंगी. इसके लिए फैक्ट्री में आधुनिक ऑटोमेशन और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम लगाए जाएंगे. महाराष्ट्र में और जमीन खरीदेगी कंपनी महिंद्रा यहीं नहीं रुकेगी. कंपनी इगतपुरी नासिक एरिया में भी जमीन खरीदेगी, ताकि मौजूदा प्रोडक्ट और इंजन कैपेसिटी को बढ़ाया जा सके. साथ ही एडवांस टेक्नोलॉजी बिजनेस को भी मजबूत किया जाएगा. कुल मिलाकर महिंद्रा महाराष्ट्र में तीन जगहों पर 2,000 एकड़ से ज्यादा जमीन लेने की योजना बना रही है. महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस फैसले को राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि बताया. उन्होंने कहा कि, "महिंद्रा का यह निवेश राज्य के मजबूत औद्योगिक माहौल और प्रगतिशील नीतियों पर भरोसे का संकेत है. इससे बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा होंगे और विदर्भ व आसपास के इलाकों का तेजी से विकास होगा. साथ ही महाराष्ट्र देश के बड़े मैन्युफैक्चरिंग हब के रूप में और मजबूत होगा." महिंद्रा के ऑटो और फार्म सेक्टर के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर और सीईओ राजेश जेजुरिकर ने कहा कि, "यह प्लांट कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग जर्नी में एक बड़ा कदम है. यह फैसिलिटी मॉडर्न कार और ट्रैक्टर बनाने के लिए तैयार की जा रही है, जहां बड़े पैमाने पर उत्पादन होगा. उन्होंने कहा कि यह निवेश मेक इन इंडिया फॉर द वर्ल्ड के टार्गेट को और मजबूत करेगा.

HAL ने दूर की एयर फोर्स की टेंशन, देसी राफेल धमाल मचाने को तैयार, चीन-पाकिस्तान थर्र-थर्र कांपेंगे

बेंगलुरु  भारत का देसी राफेल अब धमाल मचाने को तैयार है. जिस बात की चिंता भारत के एयर फोर्स चीफ को सता रही थी, अब वह दूर होने जा रही है. खुद एचएएल यानी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने एयरफोर्स की टेंशन दूर कर दी है. अब चीन और पाकिस्तान थर्र-थर्र कांपेंगे. दरअसल, भारत का देसी लड़ाकू विमान तेजस एमके-1ए अब हवा में तूफान मचाने को पूरी तरह तैयार है. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) पहली खेप के पांच तेजस एमके-1ए विमान की डिलीवरी के लिए पूरी तरह तैयार है. एचएल का कहना है कि पांच LCA Mk1A फाइटर जेट की डिलीवरी में कोई देरी नहीं है और न कोई अड़चन है. इंडियन एयरफोर्स यानी IAF को स्वदेशी LCA Mk1A फाइटर जेट के पहले बैच की डिलीवरी होने वाली है. एचएएल ने अब देसी राफेल यानी LCA Mk1A फाइटर जेट की संभावित देरी की अटकलों को खारिज कर दिया है. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) ने गुरुवार को कहा कि पांच LCA Mk1A विमान डिलीवरी के लिए पूरी तरह से तैयार हैं, जिनमें सहमत स्पेसिफिकेशन्स के अनुसार प्रमुख अनुबंधित क्षमताएं शामिल हैं. हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने एक आधिकारिक बयान में कहा, ‘पांच LCA Mk1A विमान पूरी तरह तैयार हैं. उनमें सभी बड़े कॉन्ट्रैक्ट वाले फीचर्स लगाए जा चुके हैं. इसके अलावा नौ और विमान बन चुके हैं और उड़ान भी भर चुके हैं. बस जनरल इलेक्ट्रिक (GE) से इंजन आने का इंतजार है. जनरल इलेक्ट्रिक (अमेरिकी कंपनी) ने अब तक पांच इंजन दे दिए हैं और आने वाले इंजनों का प्लान भी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड की डिलीवरी स्कीम से मैच कर रहा है. यानी इस वित्तीय वर्ष में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड अपना टारगेट पूरा कर लेगा. तेजस एमके-1ए अब हवा में तूफान मचाने को पूरी तरह तैयार है. कंपनी ने क्या कहा? LCA Mk1A विमानों के अलावा हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने कहा कि कंपनी एक साथ कई रणनीतिक कार्यक्रमों को आगे बढ़ा रही है, जिसमें इंडियन मल्टी रोल हेलीकॉप्टर (IMRH), तेजस LCA Mk2 और कॉम्बैट एयर टीमिंग सिस्टम (CATS) शामिल हैं, जिनमें से सभी के 2032 के बाद उत्पादन में आने की उम्मीद है. यह खबर उन खबरों पर पानी फेर देती है, जो कह रही थीं कि डिलीवरी में देरी हो रही है. अब हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी HAL ने साफ कर दिया है कि सब कुछ प्लान के मुताबिक चल रहा है. एचएएल को कितना ऑर्डर मिला दरअसल, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड को फरवरी 2021 में भारतीय वायुसेना से 83 LCA Mk1A जेट (73 फाइटर और 10 ट्रेनर) के लिए पहला कॉन्ट्रैक्ट मिला था. बाद में सितंबर 2025 में 97 अतिरिक्त LCA Mk1A विमानों (68 फाइटर और 29 ट्विन-सीटर) के लिए 62,370 करोड़ रुपये से अधिक की लागत पर एक फॉलो-ऑन कॉन्ट्रैक्ट मिला. इन विमानों की डिलीवरी 2027-28 के दौरान शुरू होगी और छह साल की अवधि में पूरी हो जाएगी. कब तक पूरी फ्लीट मिलेगी इन लड़ाकू विमानों में 64 फीसदी से अधिक स्वदेशी सामग्री होगी, जिसमें 67 अतिरिक्त आइटम शामिल होंगे. कुल मिलाकर वायुसेना ने दो चरणों में इन विमानों के 180 का ऑर्डर दिया था. कुछ विमान पिछले साल डिलीवर किए जाने थे, लेकिन वायुसेना ने जोर दिया कि एचएएल विमानों को पूरी तरह से ऑपरेशनल कॉन्फ़िगरेशन में प्रदान करे. पिछले साल 17 अक्टूबर को कंपनी ने नासिक सुविधा से पहले तेजस Mk1A प्रोटोटाइप की पहली उड़ान का संचालन किया था. अभी, HAL की फाइटर एयरक्राफ्ट बनाने की क्षमता हर साल 24 एयरक्राफ्ट है. इस दर से 180 एयरक्राफ्ट के तेजस Mk1A ऑर्डर को पूरा करने में सात साल से ज़्यादा लगेंगे और वायुसेना को पूरा फ्लीट 2033 से पहले मिलने की उम्मीद नहीं है. एचएएल पांच तेजस फाइटर जेट की डिलीवरी करने को तैयार है. क्या है ये देसी राफेल? तेजस एमके-1ए हल्का लड़ाकू विमान है, लेकिन यह दमदार है. यही कारण है कि इसे भारत का देसी राफेल कहा जाता है. इसमें एडवांस्ड AESA रडार, बेहतरीन इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम, मिसाइलों के लिए नई कैपेबिलिटी, रिफ्यूलिंग की सुविधा…सब कुछ है. इसमें 64 फीसदी से अधिक पार्ट्स भारतीय हैं. यानी 67 नए आइटम्स भारतीय कंपनियों ने बनाए हैं. यह आत्मनिर्भर भारत का सबसे बड़ा उदाहरण है. चीन-पाकिस्तान क्यों कांपेंगे? तेजस एमके-1ए छोटा फाइटर जेट है, लेकिन तेज, दमदार और मॉडर्न हथियारों से लैस है. कहा तो यहां तक जा रहा है कि यह देसी राफेल पाकिस्तान के JF-17 और चीन के J-10, J-16 से मुकाबला करने में सक्षम है. जब 180+ तेजस आसमान में उड़ेंगे तो दुश्मन की सांसें अटक जाएंगी. खासकर बॉर्डर इलाके में. जब भारतीय पायलटों के हाथ में देसी राफेल होगा होगा तो दुश्मनों के होश उड़ने तय हैं.

Google का अलर्ट: 40% स्मार्टफोन में बढ़ा खतरा, अपनी सेफ्टी के लिए ये कदम उठाएं

 नई दिल्ली अमेरिकी कंपनी गूगल ने एक बड़ी वॉर्निंग दी है और बताया है कि करीब आधे एंड्रॉयड स्मार्टफोन यूजर्स पर मैलवेयर और स्पाईवेयर के खतरे में है. ये खतरा पुराने Android OS वर्जन होने की वजह से है.  ये जानकारी फॉर्ब्स ने दी है. रिपोर्ट में बताया है कि इस खतरे की वजह पुराना एंड्रॉयड ओएस वर्जन है. जो एंड्रॉयड 13 या उससे भी पुराने ओएस पर काम करते हैं. पुराने Android OS को अब सिक्योरिटी अपडेट नहीं मिलता है, जिसकी वजह से उनपर सबसे ज्यादा खतरा है. ऐसे स्मार्टफोन यूजर्स की संख्या दुनियाभर में 1 अरब से ज्यादा है.  Android 16 इतने यूजर्स के फोन में  दुनियाभर में Android 16 अभी सिर्फ 7.5% डिवाइस में ही मौजूद है, जो दिसंबर तक का डेटा है. Android 15 पर 19.3 परसेंट फोन काम करते हैं. Android 14 पर 17.9 परसेंट स्मार्टफोन काम करते हैं और Android 13 पर 13.9 परसेंट स्मार्टफोन काम करते हैं. सिर्फ इतने परसेंट लोग सिक्योरिटी अपडेट के तहत आते हैं रिपोर्ट्स में बताया है कि 58 परसेंट स्मार्टफोन ऐसे हैं, जो सिक्योरिटी सपोर्ट के अंदर आते हैं, जबकि 40 परसेंट स्मार्टफोन के लिए सिक्योरिटी अपडेट अवेलेबल नहीं है.  पुराना स्मार्टफोन चलाने वाले यूजर्स को सलाह  स्मार्टफोन यूजर्स को सलाह दी गई है कि जिनके मोबाइल पुराने OS पर काम करते हैं, उनको लेटेस्ट एंड्रॉयड ओएस के साथ अपडेट कर लेना चाहिए. साथ ही सिक्योरिटी सपोर्ट को रेगुलर अपडेट करते रहना चाहिए. iPhone को मिलते हैं सिक्योरिटी अपडेट  पुराने iPhone को समय रहते अपडेट मिल जाते हैं और कई पुराने एंड्रॉयड स्मार्टफोन में जरूरी सिक्योरिटी अपडेट नहीं मिल पाते हैं. अगर कंपनी की तरफ से सपोर्ट बंद किया जा चुका है तो नया स्मार्टफोन खरीद लेना चाहिए.   कंपनियां 4-5 साल के लिए देती हैं सिक्योरिटी अपडेट  स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरर की तरफ से अपने हैंडसेट के लिए एक फिक्स टाइम तक सिक्योरिटी अपडेट दिया जाता है. आमतौर पर कंपनियां इसे 4 साल या 5 साल के लिए देती हैं. अब Samsung और गूगल पिक्सल हैंडसेट में 7 साल से ज्यादा के लिए सिक्योरिटी अपडेट देने का ऐलान किया है.  सिक्योरिटी अपडेट क्या होता है? स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरर की तरफ से हैंडसेट की सुरक्षा के लिए सिक्योरिटी अपडेट जारी किए जाते हैं. यह अपडेट बग्स और उन खामियों को दूर करने का काम करता है, जो कई बार गलती से पुराने OS में आ जाती हैं. इन कमजोरियों और बग्स का फायदा उठाकर हैकर्स डिवाइस तक एक्सेस कर सकते हैं और डेटा चोरी कर सकते हैं. कई बार स्मार्टफोन को हैक तक किया जा सकता है.     एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम पर काम करने वाले स्मार्टफोन की संख्या दुनियाभर में बहुत ज्यादा है. वहीं iPhone के iOS का यूज सिर्फ ऐपल के स्मार्टफोन को ही मिलता है और उनकी संख्या भी बहुत कम है. Android OS के साथ मिलकर सैमसंग, रियलमी, रेडमी, ओप्पो, वनप्लस जैसे स्मार्टफोन तैयार करते हैं और उनको ग्लोबल मार्केट में सेल करते हैं.     

रेल यात्रियों के लिए बड़ी खबर, RAC टिकट पर मिल सकता है रिफंड

नई दिल्ली  भारतीय रेलवे में सफर करने वाले लाखों यात्रियों को आने वाले समय में एक बड़ी राहत मिल सकती है। संसद की एक शक्तिशाली समिति ने रेल मंत्रालय को सुझाव दिया है कि आरएसी (RAC) टिकट पर यात्रा करने वाले वैसे यात्रियों को किराये का कुछ हिस्सा वापस करना चाहिए जिन्हें पूरा किराया देने के बावजूद ट्रेन में पूरी बर्थ नहीं मिल पाती है। संसद में 4 फरवरी को पेश की गई लोक लेखा समिति (PAC) की रिपोर्ट ‘भारतीय रेलवे में ट्रेनों के संचालन की समयबद्धता और यात्रा समय’ में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया है। वर्तमान नियमों के अनुसार, आरएसी श्रेणी के यात्रियों को कंफर्म टिकट के बराबर ही पूरा किराया देना पड़ता है, लेकिन यात्रा के दौरान उन्हें केवल बैठने के लिए आधी सीट (बर्थ) ही मिलती है। समिति ने इस व्यवस्था पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि बिना बर्थ सुविधा के पूरा किराया वसूलना न्यायोचित नहीं है। समिति ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा, "समिति का मानना है कि चार्ट तैयार होने के बाद भी यदि यात्री आरएसी श्रेणी में ही रहता है और उसे पूरी बर्थ नहीं मिलती है तो उससे पूरा किराया लेना गलत है। मंत्रालय को एक ऐसी व्यवस्था विकसित करनी चाहिए जिससे ऐसे यात्रियों को किराये का आंशिक हिस्सा वापस मिल सके।" फिलहाल, आईआरसीटीसी (IRCTC) के नियमों के मुताबिक यदि आरएसी ई-टिकट को ट्रेन छूटने के निर्धारित समय से 30 मिनट पहले तक कैंसिल नहीं किया जाता या ऑनलाइन टीडीआर (TDR) फाइल नहीं की जाती। ऐसे में कोई रिफंड नहीं मिलता है। समिति का तर्क है कि जब यात्री आधी सीट पर सफर करने को मजबूर है तो उसे सर्विस भी आधी ही मिल रही है, इसलिए भुगतान भी उसी अनुपात में होना चाहिए। यह सिफारिश अगर लागू होती है तो यह रेलवे के दशकों पुराने किराये ढांचे में एक बड़ा बदलाव होगा। इन 13 ट्रेनों में RAC पर पाबंदी रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि रेलवे ने इस साल की शुरुआत से आरएसी नियमों में कुछ कड़े बदलाव किए हैं। अब वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी 13 आधुनिक ट्रेनों में आरएसी टिकट धारकों को बोर्डिंग यानी ट्रेन में चढ़ने की अनुमति नहीं दी जा रही है। इन ट्रेनों में केवल कंफर्म टिकट वाले यात्री ही सफर कर सकते हैं। गुवाहाटी (कामाख्या)-रोहतक अमृत भारत एक्सप्रेस डिब्रूगढ़-लखनऊ (गोमती नगर) अमृत भारत एक्सप्रेस न्यू जलपाईगुड़ी-नागरकोइल अमृत भारत एक्सप्रेस न्यू जलपाईगुड़ी-तिरुचिरापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस अलीपुरद्वार – एसएमवीटी बेंगलुरु अमृत भारत एक्सप्रेस अलीपुरद्वार-मुंबई (पनवेल) अमृत भारत एक्सप्रेस कोलकाता (संतरागाछी) – ताम्बरम अमृत भारत एक्सप्रेस कोलकाता (हावड़ा)-आनंद विहार टर्मिनल अमृत भारत एक्सप्रेस कोलकाता (सियालदह)-बनारस अमृत भारत एक्सप्रेस तिरुवनंतपुरम सेंट्रल-तांबरम अमृत भारत एक्सप्रेस तिरुवनंतपुरम उत्तर-चार्लापल्ली अमृत भारत एक्सप्रेस नागरकोइल जंक्शन-मंगलुरु जंक्शन अमृत भारत एक्सप्रेस संसदीय समिति की सिफारिश के बाद अब गेंद रेल मंत्रालय के पाले में है। मंत्रालय को अब यह तय करना है कि वह इस पार्शियल रिफंड की गणना कैसे करेगा और इसे यात्रियों के खातों में डिजिटल रूप से वापस भेजने के लिए अपने सॉफ्टवेयर (CRIS/IRCTC) में क्या बदलाव करेगा।

महिला वोटरों पर तृणमूल कांग्रेस की बड़ी नजर, 2.42 करोड़ वोटर्स को ध्यान में रखते हुए बढ़ाया लक्खी भंडार का अनुदान

कलकत्ता  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में राज्य की सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस सरकार की निगाहें महिला वोट बैंक पर टिकी हुई हैं. महिला वोटरों को लुभाने के लिए तृणमूल कांग्रेस सरकार ने अंतरिम बजट में लक्खी भंडार (लक्ष्मीर भंडार) योजना की राशि बढ़ाने की घोषणा की है. राज्य सरकार ने लक्खी भंडार के अनुदान की राशि में 500 रुपए की बढ़ोतरी की है. महिलाओं को अब मिलेंगे 1500 रुपए बजट घोषणा के अनुसार, सामान्य श्रेणी की महिलाओं को 1000 रुपए की वित्तीय सहायता दी जाती थी. उन्हें अब 1500 रुपए मिलेंगे. इसके साथ ही अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग की महिलाओं को इस परियोजना के तहत 1700 रुपए मिलेंगे. फरवरी से ही महिलाओं को बढ़ी हुई राशि मिलने लगेगी. इस योजना के लिए ममता बनर्जी की सरकार ने वर्ष 2026-27 में 15 हजार करोड़ रुपए का अतिरिक्त फंड अलॉट किया है. 2021 में ममता बनर्जी ने की थी योजना की शुरुआत वर्ष 2021 के विधानसभा चुनावों के ठीक पहले ममता बनर्जी ने लक्खी भंडार योजना की घोषणा की थी. विधानसभा चुनाव जीतने के बाद ही उन्होंने महिलाओं के खाते में 500 रुपए भेजने शुरू कर दिये थे. फिर 2024 में लोकसभा चुनाव में इस राशि को बढ़ाकर 1000 रुपए कर दिया. 2.21 करोड़ महिलाओं को अभी मिल रहा योजना का लाभ अब 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले इसमें फिर 500 रुपए की वृद्धि की गयी है. फिलहाल राज्य की 2 करोड़ 21 लाख महिलाओं को योजना का लाभ मिल रहा है. 20.62 लाख नये आवेदन स्वीकार किये गये हैं. इसके बाद अब योजना की लाभुकों की संख्या बढ़कर 2.42 करोड़ हो जायेगी.

होली के मौके पर भोपाल-रीवा रूट पर चलेंगी 6 स्पेशल ट्रेनें, कंफर्म टिकट के लिए देखें शेड्यूल

भोपाल   होली त्योहार के दौरान यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेल प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। रेलवे रानी कमलापति और भोपाल से रीवा के लिए कुल चार जोड़ी होली स्पेशल ट्रेनों के संचालन का फैसला किया है। इसके अलावा रानी कमलापति दानापुर के बीच भी द्वि-साप्ताहिक होली स्पेशल ट्रेन चलाई जाएगी। इन ट्रेनों से सतना, कटनी, सागर, बीना सहित मध्यप्रदेश के कई जिलों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने बताया कि इस ट्रेन के स्टापेज की मांग लंबे समय से चल रही थी, जो अब मंजूर हो गई है। भोपाल–रीवा के बीच भी चलेगी स्पेशल ट्रेन गाड़ी संख्या 01704 गुरुवार 5 मार्च को सुबह 10:30 बजे भोपाल से चलकर रात 8:45 बजे रीवा पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 01703 उसी दिन रात 10:20 बजे रीवा से रवाना होकर अगले दिन सुबह 9:05 बजे भोपाल पहुंचेगी। इस ट्रेन का ठहराव भी सतना, मैहर, कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, बीना और विदिशा में रहेगा। चलेंगी ये स्पेशल ट्रेनें रीवा–रानी कमलापति साप्ताहिक स्पेशल (01-01 ट्रिप) गाड़ी संख्या 02192 शनिवार 28 फरवरी को दोपहर 12:30 बजे रीवा से रवाना होकर रात 9:15 बजे रानी कमलापति पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 02191 उसी दिन रात 10:15 बजे रानी कमलापति से चलकर अगले दिन सुबह 7:30 बजे रीवा पहुंचेगी। रीवा–रानी कमलापति द्वि-साप्ताहिक स्पेशल (02-02 ट्रिप) गाड़ी संख्या 02186, 2 और 3 मार्च को दोपहर 12:30 बजे रीवा से प्रस्थान करेगी और रात 9:15 बजे रानी कमलापति पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 02185 रात 10:15 बजे रानी कमलापति से चलकर सुबह 7:30 बजे रीवा पहुंचेगी। इन दोनों ट्रेनों का ठहराव सतना, मैहर, कटनी मुड़वारा, दमोह, सागर, बीना और विदिशा स्टेशनों पर रहेगा। इन स्टेशनों में मिलेगा स्टॉपेज नर्मदापुरम, इटारसी, पिपरिया, गाडरवारा, नरसिंहपुर, जबलपुर, सिहोरा रोड, कटनी, मैहर, सतना, मानिकपुर, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, बक्सर और आरा में रहेगा।