samacharsecretary.com

12 या 13 फरवरी को है विजया एकादशी? व्रत की सही डेट, मुहूर्त और संपूर्ण पूजा विधि

सनातन धर्म में एकादशी तिथि बहुत ही पावन और विशेष मानी जाती है. ये तिथि जगत के पालनहार भगवान विष्णु को समर्पित की गई है. एकादशी के दिन विधि-विधान से भगवान विष्णु का व्रत और पूजन किया जाता है. साल में 24 एकादशी व्रत पड़ते हैं. हर एक एकादशी व्रत का अपना विशेष महत्व है. फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकदशी तिथि पर विजया एकादशी का व्रत रखा जाता है. विजया एकदशी के दिन व्रत के साथ ही पूरे विधि-विधान से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है. उनसे आशीर्वाद की कामना की जाती है. मान्यता है कि विजया एकादशी का व्रत रखने से शत्रुओं पर विजय मिलती है. इस व्रत की महिमा का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि श्रीराम ने भी ये व्रत रखा था. हालांकि, इस साल लोगों के मन में विजया एकादशी के व्रत को लेकर संशय है. ऐसे में आइए जानते हैं कि इस साल 12 या 13 फरवरी किस दिन रखा जाएगा विजया एकादशी का व्रत? साथ ही जानते हैं इसका शुभ मुहूर्त और पूजा विधि. विजया एकादशी कब है? पंचांग के अनुसार, फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 12 फरवरी को दोपहर 12 बजकर 22 मिनट पर शुरू हो रही है. वहीं, इस तिथि का समापन 13 फरवरी को दोपहर 02 बजकर 25 मिनट पर होगा. ऐसे में उदया तिथि को देखते हुए इस साल विजया एकादशी व्रत 13 फरवरी को रखा जाएगा और अगले दिन व्रत का पारण किया जाएगा. विजया एकादशी 2026 शुभ मुहूर्त विजया एकदाशी के दिन ब्रह्म मुहूर्त सुबह 05 बजकर 18 मिनट से 06 बजकर 09 मिनट तक रहेगा. विजय मुहूर्त दोपहर 02 बजकर 27 मिनट से 03 बजकर 12 मिनट तक रहेगा. अभिजित मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक रहेगा. गोधूलि मुहूर्त शाम 06 बजकर 08 मिनट से 06 बजकर 24 मिनट तक रहेगा. विजया एकादशी पूजा विधि विजया एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और हाथ में जल लेकर व्रत का संकल्प लें. एक वेदी बनाकर उस पर सात अनाज रखें और उसके ऊपर कलश स्थापित करें. कलश पर भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर रखें. उन्हें पीले फूल, ऋतु फल, तुलसी दल और पंचामृत चढ़ाएं. धूप-दीप, घी का दीपक जलाएं और ॐ नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें. विजया एकादशी की व्रत कथा पढ़ें या सुनें. अंत में विष्णु जी की आरती करके पूजा का समापन करें.  

मिड-डे मील के बाद हड़कंप: 70 से अधिक बच्चे बीमार, एक की हालत गंभीर

मधेपुरा बिहार के मधेपुरा जिले से मिड-डे मील को लेकर एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। सदर प्रखंड के साहूगढ़ क्षेत्र के कारू टोला स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय में शनिवार को स्कूल का भोजन खाने के कुछ ही देर बाद 70 से अधिक बच्चे अचानक बीमार पड़ गए। खाना खाने के बाद बच्चों में उल्टी, पेट में तेज दर्द, चक्कर, घबराहट और बेचैनी जैसे लक्षण दिखने लगे। देखते ही देखते स्कूल परिसर में हड़कंप मच गया और शिक्षकों ने तुरंत बच्चों को इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाना शुरू किया। अस्पताल में भर्ती, एक बच्ची की हालत गंभीर बीमार बच्चों को एम्बुलेंस और निजी गाड़ियों से मधेपुरा सदर अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, अधिकतर बच्चों की स्थिति अब सामान्य है और वे खतरे से बाहर हैं, लेकिन एक छात्रा की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिसका इलाज लगातार चल रहा है। भोजन में गड़बड़ी की आशंका घटना के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि मिड-डे मील की खिचड़ी में मरी हुई छिपकली गिरने की आशंका है, जिसकी वजह से बच्चों की तबीयत बिगड़ी। कुछ लोगों ने भोजन सप्लाई से जुड़े एनजीओ और रसोई प्रबंधन की लापरवाही को इस हादसे का कारण बताया है। हालांकि प्रशासन की ओर से अभी तक किसी वजह की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। खाने के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं, रिपोर्ट आने के बाद ही असली कारण साफ हो पाएगा। अभिभावकों का हंगामा, जांच और कार्रवाई की मांग घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को लेकर नाराजगी जताई और मिड-डे मील की गुणवत्ता,साफ-सफाई और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए। अभिभावकों ने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी की। लापरवाही साबित हुई तो होगी कड़ी कार्रवाई मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) खुद सदर अस्पताल पहुंचे और बच्चों की स्थिति की जानकारी ली। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अगर किसी भी स्तर पर गड़बड़ी या लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित एनजीओ, रसोइया या जिम्मेदार कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी भरोसा दिलाया है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए मिड-डे मील की मॉनिटरिंग और सुरक्षा व्यवस्था को और सख्त किया जाएगा।

न सरकार सुनी, न स्पीकर ने रोका! थरूर का बड़ा आरोप—ओम बिरला और निर्मला सीतारमण पर साधा निशाना

नई दिल्ली लोकसभा में सदन चलाने के लिए सुलह की बातचीत के बाद भी विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच सोमवार को जमकर नोकझोंक हुई जिसके कारण सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई। इस बीच, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केंद्र सरकार और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पर संसद चलाने में रुचि नहीं लेने का आरोप लगाया और कहा कि लोकसभा में बार-बार व्यवधान के कारण वह केंद्रीय बजट 2026-27 पर बोलने में असमर्थ रहे। सदन के बाहर पत्रकारों से बात करते हुए थरूर ने कहा कि वह बजट चर्चा में भाग लेने के लिए तैयार होकर आए थे लेकिन उन्हें ऐसा करने की बहुत कम गुंजाइश मिली। उन्होंने कहा,''ऐसा लगता है कि सरकार और लोकसभा अध्यक्ष को सदन चलाने में कोई दिलचस्पी नहीं है।''   थरूर ने सदन की कार्यवाही के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए और कहा कि इसका मतलब साफ है कि सदन में स्थगन पहले से ही तय था। उन्होंने कहा, "वित्त मंत्री सदन में बैठी ही नहीं थी।" उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि उन्हें पता था कि सदन स्थगित कर दिया जाएगा।" संसद के दोनों सदनों में सोमवार को केंद्रीय बजट 2026-27 पर चर्चा होने वाली थी क्योंकि सीतारमण ने 1 फरवरी को बजट पेश किया था लेकिन यह चर्चा नहीं हो सकी। 2 बजे से पहले भी दो बार स्थगन लोकसभा में दो बार के स्थगन के बाद दोपहर 2 बजे जैसे ही फिर सदन की कार्यवाही शुरु हुई और पीठासीन अधिकारी संध्या राय ने बजट पर चर्चा की शुरुआत कराने के लिए कांग्रेस के शशि थरूर का नाम लिया। उन्होंने थरूर का नाम लेते हुए उन्हें बजट पर बोलने के लिए कहा लेकिन थरूर ने कहा कि विपक्ष के नेता सदन में बोलना चाहते हैं। यह उनका अधिकार है, लेकिन उन्हें बोलने नहीं दिया जा रहा है। इस पर पीठासीन संध्या राय ने कहा कि सबको बोलने का अधिकार है लेकिन इस समय सिर्फ बजट पर ही बोलना है। सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा: राहुल गांधी इसी बीच सदन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि करीब एक घंटा पहले वह लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिले थे और उन्होंने कहा था कि वह उन्हें सदन में कुछ मुद्दों पर बोलने की अनुमति देंगे लेकिन सदन की कार्यवाही शुरु होते ही सरकार अपनी बात से पीछे हट गई है। राहुल ने आरोप लगाया कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया जा रहा है। इस पर पीठासीन अधिकारी ने व्यवस्था दी कि सदन में सिर्फ बजट पर ही बोलना है। इसके अलावा आपको अन्य किसी विषय पर नहीं बोल सकते क्योंकि किसी अन्य विषय पर बोलने के लिए आपकी तरफ से कोई नोटिस नहीं है इसलिए आप सिर्फ बजट पर अपनी बात कह सकते हैं। उनका कहना था कि बजट के अलावा किसी और विषय पर सदन में बोलना है तो पहले नोटिस देना पड़ेगा। सदन को गुनराह कर रहे राहुल: किरेन रिजिजू इस दौरान संसदीय कार्य मंत्री किरन रिजिजू ने हस्तक्षेप करते हुए कहा "जिस मुलाकात की बात विपक्ष के नेता कर रहे हैं उस दौरान वह भी अध्यक्ष के कमरे में थे। राहुल गांधी के साथ उनकी पार्टी के नेता के सी वेणुगोपाल भी थे लेकिन उस समय अध्यक्ष ने कहा था कि यदि शांतिपूर्ण तरीके से सदन चलाने पर सहमति बनती है तो बोलने दिया जाएगा। आप जो बोलना चाहते हैं उस पर बोलने की बात नहीं हुई थी।" रिजिजू ने कहा, “राहुल गांधी सदन में इस मुलाकात में हुई बात को लेकर जो कुछ कह रहे हैं ऐसी कोई बात अध्यक्ष के कमरे में नहीं हुई थी। अध्यक्ष ने कहा कि यदि सबकी सहमति बनती है और सदन शांति से चलता है तो देखेंगे। यह बात हुई थी।” थरूर ने अपना नाम आने के बाद भी नहीं बोला इतना के बाद राय ने फिर से डॉ थरूर को बजट पर बोलने के लिए कहा लेकिन उन्होंने बजट पर कुछ नहीं बोला। इसी बीच, दोनों तरफ से तकरार तेज हो गयी तो पीठासीन अधिकारी ने सदन की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी। इससे पहले 11 बजे अध्यक्ष ओम बिरला ने जैसे ही प्रश्नकाल शुरु किया तो विपक्षी दलों के सदस्यों ने हंगामा शुरु कर दिया जिसके कारण उन्हें 12 बजे तक सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। फिर 12 बजे सदन शुरु हुआ तो विपक्ष के तेवरों में कोई बदलाव नहीं आया जिसके कारण सदन को दो बजे तक स्थगित किया गया था।

BCCI ने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट का ऐलान किया, विराट कोहली–रोहित शर्मा का डिमोशन; शुभमन गिल समेत कई खिलाड़ियों को फायदा

नई दिल्ली  भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने 2025-26 सीजन (1 अक्टूबर 2025 से 30 सितंबर 2026) के लिए सीनियर पुरुष और महिला खिलाड़ियों के वार्षिक अनुबंधों की घोषणा कर दी है। जसप्रीत बुमराह, शुभमन गिल और रविंद्र जडेजा को ग्रेड ए में जगह मिली है, जबकि विराट कोहली और रोहित शर्मा को ग्रेड ए प्लस से हटाकर ग्रेड बी में रखा गया है। इसका मुख्य कारण उनका केवल एक फॉर्मेट (वनडे) में खेलना बताया जा रहा है। बीसीसीआई ने ए प्लस ग्रेड हटाने के बाद तीस पुरुष खिलाड़ियों को केंद्रीय अनुबंध दिया। कप्तान हरमनप्रीत कौर, जेमिमा रोड्रिग्स, स्मृति मंधाना और दीप्ति शर्मा को महिला केंद्रीय अनुबंध में ए ग्रेड मिला है। शमी-किशन को नहीं मिली जगह अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और विकेटकीपर ईशान किशन को इस बार कॉन्ट्रैक्ट लिस्ट से बाहर कर दिया गया है। इनके अलावा सरफराज खान और रजत पाटीदार को भी जगह नहीं मिली है। युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन को पहली बार बीसीसीआई के केंद्रीय अनुबंध (Grade C) में शामिल किया गया है।

छोटे कारोबारियों के लिए खुशखबरी, RBI ने बढ़ाई कोलैटरल-फ्री लोन की सीमा

मुंबई देश में अब सूक्ष्म और लघु उद्यम (एमएसई) को 20 लाख रुपए तक का कोलैटरल फ्री लोन (बिना कुछ गिरवी रखकर लोन लेना) मिलेगा। यह जानकारी आरबीआई की ओर से सोमवार को जारी सर्कुलर में दी गई। आरबीआई द्वारा जारी सर्कुलर में कहा गया कि भारतीय रिजर्व बैंक ने सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को लोन देने संबंधी (संशोधन) निर्देश, 2026 जारी किए हैं। ये संशोधन निर्देश सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र को लोन देने संबंधी मुख्य दिशा-निर्देश (दिनांक 23 जुलाई, 2025 तक अपडेटेड) के कुछ प्रावधानों में बदलाव करते हैं। सर्कुलर में आगे कहा गया कि इस संशोधन के बाद सूक्ष्म और लघु उद्यम (एमएसई) बिना कुछ गिरवी रखकर 20 लाख रुपए तक का लोन ले सकते हैं। इसके अलावा कुछ नियामक बदलावों के अनुरूप कुछ संशोधनों को अलग से अधिसूचित किया जाएगा। केंद्रीय बैंक ने बताया कि यह संशोधित निर्देश एक अप्रैल 2026 से लागू होंगे। आरबीआई ने आगे बताया कि इन निर्देशों का उद्देश्य सीमित परिसंपत्तियों वाले सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए अंतिम छोर तक लोन वितरण को मजबूत करना है, जिससे वह आसानी से लोन ले पाएं। सरकार लगातार एमएसएमई उद्योगों को मदद करने के लिए कदम उठा रही है। बीते महीने सरकार ने डाक चैनल के माध्यम से होने वाले निर्यात को निर्यात लाभों से जोड़ दिया है। इससे उन छोटे उद्योगों को फायदा होगा, जो कि निर्यात करने के लिए डाक चैनलों का इस्तेमाल करते हैं। संचार मंत्रालय ने बयान में कहा, "डाक विभाग (डीओपी) ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) द्वारा जारी अधिसूचनाओं का पालन करते हुए डाक चैनल के माध्यम से किए गए निर्यातों के लिए शुल्क वापसी, निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों में छूट (आरओडीटीईपी) तथा राज्य और केंद्रीय करों एवं शुल्कों पर छूट (आरओएससीटीएल) जैसे निर्यात लाभों को 15 जनवरी, 2025 से लागू कर दिया है।"

टोल-फ्री नम्बर 1962 बना लाइफ लाइन, घोड़े के बच्‍चे को मिला नया जीवन

भोपाल. पशुओं को सही समय पर घर पर ही बेहतर इलाज की सुविधा मिले, इसके लिए पशुपालन एवं डेयरी विभाग द्वारा 1962 टोल फ्री नंबर का संचालन किया जा रहा है। चलित पशु एंबुलेंस चलाई जा रही है। खण्डवा जिले के खानशाहवली निवासी सैयद वसीम रजा के घोड़े के बच्‍चे कबीर के लिए प्रदेश सरकार का टोल फ्री नंबर लाइफ लाइन बना। समय पर उपचार मिलने की वजह से उसे नया जीवन मिला। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पशु चिकित्सा हेल्पलाइन 1962 सुविधा के लिए वसीम और उनके परिवारजन ने आभार प्रकट किया है। खण्डवा के खानशाहवली क्षेत्र के निवासी सैयद वसीम रजा लगभग 5 माह पूर्व घोड़े का एक बच्चा लाए और उसका नाम “कबीर” रखा। घर में बच्चे की तरह कबीर का लालन पालन हो रहा था, और घर के सभी सदस्य उसे बच्चे जैसा दुलार करते। कुछ दिन पूर्व कबीर को जुएं पड़ गई। रविवार शाम को वसीम ने मेडिकल स्टोर से जूं नाशक दवा लाकर कबीर के शरीर पर दवा लगा दी। वसीम ने दवा तो लगा दी, लेकिन वह कबीर के मुंह को कवर करना भूल गया। कबीर ने अपने शरीर पर लगी जुंआ नाशक विषैली दवा चाटना शुरू कर दिया। कुछ ही देर में विषैली दवा ने असर दिखाया और कबीर को बैचेनी होने लगी और वह लोटपोट होने लगा और उसके मुंह से झाग आने लगा। घर के सदस्यों ने यह सब देखा, तो घबरा गए। वसीम को इसकी खबर लगी तो वह तुरंत घर आया और टोल-फ्री नम्बर 1962 पर फोन लगाकर पशुओं के उपचार हेतु उपलब्ध शासन की एम्बुलेंस सुविधा के लिए कॉल किया। कुछ ही देर में पशु चिकित्सक डॉ. कौस्तुभ त्रिवेदी एम्बुलेंस सहित अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और उन्होंने अपना इलाज शुरू किया। डॉ. त्रिवेदी ने एम्बुलेंस पैरावेट स्टॉफ सुश्री विधि पटेल, एवं अटेण्डेंट श्री नीलेश विश्वकर्मा के सामूहिक प्रयासों से लगभग आधे घंटे के उपचार के बाद कबीर को आराम मिलना शुरू हो गया और धीरे धीरे वह बिल्कुल स्वस्थ हो गया। वसीम और उसका परिवार कबीर की जान बचाने के लिए पशु चिकित्सक डॉ. त्रिवेदी और उनके सहयोगी स्टॉफ की सराहना करते नहीं थकते हैं।  

परीक्षा से डरकर नहीं, डटकर आगे बढ़िए

भोपाल. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि आज के विद्यार्थी ही देश का भविष्य हैं। देश की बागडोर आगे चलकर इन्हें ही संभालनी है। इसलिए सभी विद्यार्थी अपने कौशल, ज्ञान और प्रदर्शन में निरंतर सुधार कर खुद को निखारें। परीक्षा की तैयारी पूरी मेहनत और लगन से करें, तनाव बिलकुल भी न लें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परीक्षा हमारे जीवन का एक पड़ाव मात्र है, अंतिम लक्ष्य नहीं। मेहनत करना आपकी आदत में होना चाहिए, लेकिन तनाव को खुद पर हावी न होने दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि विद्यार्थियों के लिए परीक्षा के वक्त आत्मविश्वास, अनुशासन और संतुलित दिनचर्या ही सफलता की अंतिम कुंजी है। स्वयं पर सदैव विश्वास बनाए रखें, किसी बात से डरकर नहीं, डटकर आगे बढ़िए और अपने सभी सपनों को साकार कीजिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सोमवार को शासकीय सुभाष उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय में बोर्ड परीक्षाओं से पहले "परीक्षा पर संवाद – 2026" कार्यक्रम में विद्यार्थियों को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को बेहतर तैयारी के लिये मार्गदर्शन भी दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी विद्यार्थियों से परीक्षा के समय खुद को तनाव से दूर रखते हुए निरंतर भरपूर मेहनत करने और जितना भी हो सके, अच्छे अंक लाने की अपील की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों को समय प्रबंधन, नियमित अभ्यास और किसी भी हालात में खुद पर विश्वास बनाए रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि असफलता से घबराने की बजाए उससे सीख लेकर आगे बढ़ना ही एक सशक्त व्यक्तित्व की पहचान है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार शिक्षा व्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए हरसंभव कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर उनकी जिज्ञासाओं को ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें सकारात्मक सोच के साथ अपना भविष्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ने की समझाइश दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि परीक्षा के समय सभी विद्यार्थी पर्याप्त नींद लें। पढ़ाई का एक शेड्यूल निर्धारित करें। किसी विषय के अध्ययन के बाद उस पर चिंतन-मनन की आदत डालें। केवल अक्षर ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है। विद्यार्थियों को अपने मित्रों और शिक्षकों के साथ पाठ्यक्रम के विषयों पर चर्चा करनी चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्रा लक्ष्मी तिवारी के प्रश्न पर कहा कि माता-पिता और बच्चों के बीच परस्पर संवाद होते रहना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विद्यार्थियों से पूछा कि परीक्षा से कौन-कौन डरते हैं या किसको डर नहीं लगता है? इस पर छात्र आदित्य ने कहा कि रेगुलर तैयारी करेंगे तो परीक्षा से बिल्कुल भी डर नहीं लगेगा। सिलेबस को डिवाइड कर रिवीजन करना चाहिए। छात्रा सरस्वती ने कहा कि हमें परीक्षा देते समय खुद पर विश्वास रखना चाहिए, क्योंकि प्रधानमंत्री  मोदी ने कहा है कि परीक्षा एक उत्सव की तरह है। छात्रा तान्या दुबे ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव को बताया कि वे हमेशा आत्मविश्वास के साथ परीक्षा हॉल में प्रवेश करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने छात्रों से पूछा कि परीक्षा के समय में पेपर में आए प्रश्नों का उत्तर देने में चयन कैसे करते हैं? इस पर छात्र हिमांशु ने कहा कि वह सबसे पहले अच्छी तरह से आने वाले प्रश्नों को हल करते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को अपने बीच पाकर विद्यार्थियों में भारी उमंग और उत्साह देखने को मिला। मुख्यमंत्री डॉ. यादव से सीधे संवाद का अवसर पाकर विद्यार्थियों ने बेहिचक सवाल किए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भी एक गुरू, एक शिक्षक, एक अभिभावक और एक मनोविज्ञान विशेषज्ञ की भांति पहले विद्यार्थियों के मन का भाव जाना, उनसे खुलकर बात की, फिर पूछे गए सभी सवालों के जवाब दिए। विद्यार्थियों ने अपनी परीक्षा की तैयारियों और इस दौरान आई कठिनाईयां भी शेयर की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के साथ इस आत्मीय संवाद से सभी विद्यार्थियों को परीक्षा से पहले मानसिक संबल और हर परिस्थिति में पॉजीटिव रहने की नई ऊर्जा मिली। स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री  उदय प्रताप सिंह ने कहा कि परीक्षा हर वर्ष एक चुनौती की तरह होती है। विद्यार्थियों को समुचित समय नियोजन करते हुए अपनी तैयारियों पर ध्यान देना चाहिए और तनाव को खुद पर हावी नहीं होने देना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव सतत रूप से विद्यार्थियों के साथ परस्पर संवाद करते हैं एवं उनकी कठिनाईयों को समझकर निराकरण करने का हरसंभव प्रयास करते हैं। वे लीडर विथ लेटेस्ट नॉलेज हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने आरंभ में मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विद्यार्थियों से संवाद की शुरूआत की। कार्यक्रम में सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण मती शिल्पा गुप्ता सहित सुभाष स्कूल के प्राचार्य, सभी शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।

रेस्टोरेंट की पहली मुलाकात से कत्ल तक का सफर: कैसे अंजू ने प्यार के लिए पति को मौत दी?

जयपुर संयोग से हुई एक मुलाकात का अंजाम करीब 8 साल बाद बेहद खौफनाक हुआ। राजस्थान में प्रेमी संजू के हाथों पति की हत्या कराने वाली अंजू की कहानी काफी हद तक इंदौर की सोनम रघुवंशी से मिलती-जुलती है। राजा रघुवंशी की तरह ही आशीष को भी उसकी दुल्हन ने ही धोखे से मौत के घाट उतार दिया। अंजू और संजू की इस कहानी की शुरुआत 2018 में हुई थी, लेकिन करीब 7 साल तक दोनों में कोई संपर्क नहीं था। दोबारा हुई मुलाकात के बाद दोनों ने सारी हदें पार कर दीं।   आरोप है कि अंजलि उर्फ अंजू ने 30 जनवरी को संजू और उसके दोस्तों के साथ मिलकर अपने पति आशीष की हत्या कर दी, जिसके साथ 3 महीने पहले ही उसकी शादी हुई थी। अंजू और संजू की पहली मुलाकात 2018 में एक शादी समारोह के दौरान हुई थी। अंजू वहां एक मेहमान बनकर गई थी जबकि संजू वहां एक वेटर के रूप में लोगों को नाश्ता और खाना परोस रहा था। यहां दोनों ने एक दूसरे को देखा और दिल दे बैठे। थोड़ी देर बातचीत के बाद संजू ने अंजू को अपना मोबाइल नंबर दिया। लेकिन अंजू के पास कोई मोबाइल नहीं होने की वजह से दोनों का संपर्क नहीं बन पाया। मोबाइल हाथ आने के बाद जिंदगी में नया मोड़ अंजलि की जिंदगी में एक बड़ा मोड़ तब आया जब उसने 2014 में अपना मोबाइल फोन खरीदा। अब उसने करीब 7 साल पहले उस नंबर को डायल किया जो संजू ने दिया था। सालों पहले मिले और कुछ घंटों के बाद ही बिछड़े अंजू-संजू की फोन पर लंबी बात होने लगी। दोनों की दोस्ती जल्द ही प्यार में बदल गई। दोनों एक दूसरे को बहुत चाहने लगे और एक दूसरे के साथ जिंदगी बिताने की कसमें खाने लगे थे। इधर, बीकॉम कर चुकी अंजू के लिए परिवार के लोग योग्य दूल्हे की तलाश में थे। उनकी तलाश रवाला के आशीष पर जाकर खत्म हुई। एमकॉम करने के बाद बीएड कर रहे संजय से अंजू की शादी तय कर दी गई। परिवार की मर्जी के मुताबिक आशीष से शादी करके वह सादुलशहर से रावला चली गई पर खुश नहीं थी। पति की हत्या के 16 दिन पहले अंजलि मायके गई। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान उसने संजू के साथ मिलकर आशीष की हत्या की साजिश रची। शादी के बाद दोनों की आमने-सामने मुलाकात नहीं हुई, पर वे वॉट्सऐप पर लगातार संपर्क में रहते थे। हत्या के दिन भी दोनों के बीच 5-7 बार बात हुई थी। पति की हत्या और लूट का नाटक 30 जनवरी की रात अंजलि ने डिनर के बाद पति को टहलने के लिए चलने को कहा। वह पति को लेकर गांव के सुनसान रास्ते की ओर चली गई जहां प्लान के मुताबिक संजय अपने दो दोस्तों के साथ झाड़ियों में छिपा था। जैसे ही अंजलि अपने पति के साथ वहां पहुंची, संजू ने अपने दो दोस्तों के साथ आशीष पर हमला कर दिया। रॉड से पीटने के बाद मफलर से उसका गला घोंट दिया। इसके बाद अंजलि ने इसे दुर्घटना और लूट दिखाने के लिए प्रेमी को अपने गहने दे दिए। वह बेहोशी का नाटक करके लेट गई। बाद में एक राहगीर की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आशीष को अस्पताल पहुंचाया जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में जब यह बात सामने आई कि आशीष का गला घोंटा गया था तो पुलिस ने हत्या के एंगल से पड़ताल की और जो सच सामने आया उससे पूरा देश हैरान है।

अप्रकाशित किताब लीक मामला: जनरल नरवणे से जुड़ी FIR, दिल्ली पुलिस की कार्रवाई

 दिल्ली  दिल्ली पुलिस ने विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और समाचार मंचों पर चल रही उन खबरों का संज्ञान लिया है, जिनमें यह दावा किया गया है कि ‘फोर स्टार्स ऑफ डेस्टिनी’ नाम की किताब की एक प्री-प्रिंट कॉपी सार्वजनिक रूप से प्रसारित की जा रही है। जांच में क्या पाया गया? इस किताब के प्रकाशन के लिए संबंधित अधिकारियों से जरूरी मंजूरी मिलना अभी बाकी है। जांच के दौरान यह पाया गया कि 'पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' द्वारा तैयार की गई इसी शीर्षक वाली पुस्तक की एक पीडीएफ कॉपी कुछ वेबसाइटों पर उपलब्ध है। इसके अलावा, कुछ ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म्स ने पुस्तक के कवर को इस तरह प्रदर्शित किया है जैसे कि यह बिक्री के लिए उपलब्ध हो। इस मामले की जांच करने के लिए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक मामला दर्ज किया है। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि बिना आधिकारिक मंजूरी के यह किताब ऑनलाइन कैसे पहुंची और क्या यह किसी सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन है। फिलहाल इस मामले में जांच जारी है ताकि इस ब्रीच के पीछे के कारणों और जिम्मेदार लोगों का पता लगाया जा सके। बता दें, राहुल गांधी को पिछले हफ्ते संसद परिसर में कथित तौर पर इस किताब की एक कॉपी लहराते हुए देखा गया था। इस मामले ने काफी बवाल मचा दिया है, जिसके चलते लोकसभा की कार्यवाही बाधित हुई और मौजूदा बजट सत्र के शेष समय के लिए आठ सांसदों को निलंबित कर दिया गया है।  

एक रात का किराया लाखों में! दिल्ली के 5-स्टार होटलों के रेट क्यों छू रहे आसमान?

नई दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी में 'इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026' से पहले 5 स्टार होटलों के कमरों के किराए में भारी उछाल आया है। सम्मेलन 16 से 20 फरवरी के बीच नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होगा। इसमें बड़ी संख्या में विदेशी प्रतिनिधियों, वक्ताओं और टेक जगत के एक्सपर्ट के शामिल होने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि इस समिट के लिए दुनियाभर से 35,000 से ज्यादा रजिस्ट्रेशन हासिल हुए हैं। यही वजह है कि होटलों के कमरों के किराए में भारी बढ़ोत्तरी देखी जा रही है।   एक रात के लिए जिन कमरों का किराया आमतौर पर 20,000 रुपये से 40,000 रुपये होता था अब उनकी कीमतें अब लाखों में पहुंच गई है। ट्रेवल वेबसाइटों के अनुसार, 19 और 20 फरवरी को कई 5 स्टार होटलों में कमरे की कीमतें एक रात के लिए लाखों रुपये तक पहुंच रही हैं। वहीं लग्जरी कैटेगरी में तो एक कमरे की कीमत एक रात के लिए 4 से 5 लाख रुपये के बीच पहुंच चुकी है। कई होटलों ने ‘मिनिमम-स्टे’ जैसी शर्ते लागू कर दी हैं। कमरों के किराए में भारी बढ़ोत्तरी लीला पैलेस, आईटीसी मौर्या और ताज पैलेस, द इंपीरियल, शांगरी-ला इरोज और द पार्क होटल 18 से 20 फरवरी की पीक तारीखों के लिए लगभग पूरी तरह बुक हो चुके हैं। वहीं जो कमरे बचे हैं उन्हें बेहद ही ऊंचे दामों में बुक किया जा रहा है। कनॉट प्लेस में स्थित द इंपीरियल होटल में 17 फरवरी को एक कमरे की कीमत 2.4 लाख रुपये से ज्यादा है तो वहीं रेडिसन ब्लू होटल करीब 1.1 लाख रुपये चार्ज कर रहा है। आपको बता दें कि समिट के लिए अब तक करीब 50 वैश्विक कंपनियों के प्रमुखों और संस्थापकों ने सम्मेलन में भागीदारी की पुष्टि कर दी है, जबकि 100 से अधिक देशों के प्रतिनिधित्व की उम्मीद जताई गई है। इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट के लिए मध्य दिल्ली को जी20 की तर्ज पर सजाया जाएगा।